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टाइगर लाने का मामला फिर पड़ सकता है खटाई में

नाहन। श्रीरेणुकाजी मिनी जू में टाइगर के जोड़े लाए जाने का मामला फिर से खटाई में पड़ सकता है। इस जू में टाइगर का जोड़ा देने के लिए सीजेडए की एक टीम 21 मार्च को श्रीरेणुकाजी जू में साइट इंस्पेक्शन के लिए आनी थी, जो मंगलवार को यहा नहीं पहुंची। इसके चलते प्रदेश वन्य प्राणी विभाग को श्रीरेणुकाजी मिनी जू में सफेद रंग की मादा व ब्राउन कलर का नर टाइगर को लाने के लिए अभी और इंतजार करना पडे़गा। मार्च 2015 के बाद अब तक टाइगर को यहा लाए जाने के लिए केंद्रीय जू अथोरिटी ने लगभग चार बार ले आउट प्लान को हिमाचल वन्य प्राणी विंग को वापस भेजा।

इसके चलते लगभग डेढ़ वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी टाइगर का एनक्लोजर तक भी तैयार नहीं हो सका। उम्मीद जताई जा रही है कि टाइगर के जोड़े के लिए एनक्लोजर बनाने के डिजाइन को सीजेडए मंजूरी दे देगा। विदित रहे प्रदेश के वन मंत्री के हाल ही के सिरमौर दौरे के दौरान उन्होंने यहा टाइगर का जोड़ा लाने की बात कही थी। खास यह है कि अब श्रीरेणुकाजी जू को दिल्ली जू से टाइगर का जोड़ा स्वीकृत हो गया है, जोकि सीजेडए के नियमों के अनुरूप एक्सचेंज बेस पर मिलेगा। इसके लिए जल्दी ही फाइनल अप्रूवल लेआउट प्लान की होते ही टाइगर एनक्लोजर का कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा। आरओ अश्वनी कुमार ने बताया कि 21 मार्च को सीजेडए के डॉ. बीके गुप्ता इस जू का निरीक्षण करने आने वाले थे, लेकिन किसी कारणवश नहीं आ पाए। इससे मामला फिर लटक सकता है। उम्मीद है कि टाइगर के एनक्लोजर के लिए बनाए गए डिजाइन को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। इस प्रक्रिया में श्रीरेणुकाजी जू में अब विद्युतीकरण कर दिया गया है।

News Source: Agency 21-Mar-2017

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