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मुख्यमंत्री दी प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की दृष्टि से उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो इसके लिये राज्यहित में अनेक नीतिगत निर्णय लिये गये हैं। हमारा प्रयास योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन का है। समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो, इसके लिये समेकित प्रयास किये जा रहे है। गैरसैण हमारे लिये राज्य की अस्मिता से जुड़ा प्रश्न है। गैरसैण में पहली बार विधानसभा का शीतकालीन सत्र का आयोजन कर राज्य के समग्र विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाये है। 
केदारनाथ के पुननिर्माण के लिये केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट का गठन किया गया है। इससे इस क्षेत्र के विकास में और तेजी आयेगी, पर्वतीय क्षेत्रों से होने वाला पलायन हमारे लिये चिन्ता का विषय है, इसके लिये पलायन आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि लोक सेवकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता लाने और सरकारी मशीनरी को सुदृढ़ करने के लिये ट्रान्सफर एक्ट बनाया गया है। पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरों टालरेंस नीति अपनाई गई। मानचित्र स्वीकृत कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने में एम$डी$डी$ए$ देहरादून में ऑनलाईन भवन मानचित्र स्वीकृत प्रणाली आरम्भ की गई है। सरकारी कार्यो में गतिशीलता व पारदर्शिता लाये जाने तथा आम जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिये सी0एम0 डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसमें जनसेवाओं को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी, इसमें सभी विभागों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। 
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में कृषि एवं ग्राम्य विकास के लिये किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषकों को 02 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रूपये तक का ऋण उपलब्ध कराने हेतु दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना शुरू की गई है। अब तक लगभग एक लाख किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये भी प्रभावी प्रयास किये जा रहे है। 13 जिलों में 13 नये पर्यटन गंतव्य बनाये जा रहे है। वर्ष 2017 में लगभग 22 लाख से अधिक पर्यटक चारधाम यात्रा में आये। प्रदेश में अधिक से अधिक पर्यटक आये इसके लिये केदारनाथ व बदरीनाथ के सौन्दर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोटद्वार में, कोटद्वार इको टूरिज्म सर्किट विकास एवं सफारी वाहनों का संचालन शुरू किया गया है। ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड की लंबित 33 जल विद्युत परियोजनाओं के संचालन में केन्द्रीय ऊर्जा और जल संसाधन मंत्री द्वारा सकारात्मक सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में 25000 मेगावाट विद्युत उत्सर्जन क्षमता है, किन्तु अभी हम 4000 मेगावाट का ही उत्पादन कर पा रहे है। उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिये हमारे प्रयास जारी है। एलईडी बल्बों का सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में उपयोग अनिवार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी पहल करते हुए राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में ई-हैल्थ सेंटर की शुरूआत के लिये राज्य सरकार द्वारा देश की प्रमुख आई0टी0 कम्पनी के साथ एमओयू किया गया। राज्य के 35 अस्पतालों में टेली रेडियोलॉजी एवं टेली मेडिसिन योजना प्रारम्भ की गई है। सभी जिला चिकित्सालयों मे न्यूनतम 2 बैड के आई0सी0यू0 की स्थापना का निर्णय लिया गया है। बड़ी संख्या में डाक्टरों व नर्सो की तैनाती पर्वतीय क्षेत्रों में की जा रही है। जल संरक्षण के लिये देहरादून में रिस्पना नदी व अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु अभियान प्रारंभ किया गया है। आगामी 5 वर्षों हमने 5 हजार प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा है। रिस्पना के पुनर्जीवीकरण के लिए एक दिन में उद्गम से संगम तक वृक्षारोपण और साफ-सफाई अभियान का भी हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में आगामी तीन वर्षो में एक लाख से अधिक युवाओं को स्किल्ड बनाने की दिशा में हमने कदम बढ़ाये हैं। इसके लिये 02 आवासीय कौशल विकास केन्द्र स्थापित किये जा रहे है। उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार आई0टी0आई0 और पॉलिटेक््िरक में नये ट्रेड का प्रशिक्षण एवं राज्य कौशल योजना को पुर्नगठित कर, पण्डित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कौशन योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया है। राज्य में सॉफ्टवेयर पार्क ऑफ इण्डिया की स्थापना के साथ ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत स्टेट कम्पोनेंट में देश का प्रथम प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड में शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौचमुक्त करने में उत्तराखण्ड देश का चौथा राज्य बन गया है। 2018 तक 92 शहरी निकायों को ओ0डी0एफ0 का हमारा लक्ष्य है। मार्च 2018 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख लक्ष्य के अनुपात में आवास निर्माण योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को प्रगतिशील बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है। उन्होने इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए प्रदेशवासियों से सहयोग की भी अपील की है। 
 

Update on: 01-01-2018

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