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जंगल कैंप तैयार हुआ नए साल के जश्न को

ऋषिकेश।  2017 की विदाई और नए वर्ष 2018 के स्वागत के लिए गंगा की सहायक नदियों के किनारे कैंप सज चुके हैं। इन कैंपों में नए वर्ष के सेलिब्रेशन की मस्ती और धमाल होगा। पर्यटकों को उत्तराखंडी व्यंजन परोसे जाएंगे। हालांकि एनजीटी के गंगा किनारे बीच कैंपों पर रोक लगने से नए साल की रौनक कम रहेगी। नए साल का जश्न मनाने के लिए काफी संख्या में देश विदेश से पर्यटक तीर्थनगरी का रुख करते हैं।पहले नए साल का जश्न गंगा तट पर बीच कैंपों में मनाया जाता था, लेकिन तीन साल पहले गंगा तट पर हरित राष्ट्रीय प्राधिकरण के प्रतिबंध लगाने से कौडियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन के करीब 100 कैंप बंद हो गए थे। गंगा तट पर प्रतिबंध के बाद हैंवल और शिवपुरी घाटी में जंगल बीच कैंपों का विस्तार हुआ। इन बीच कैंपों में नए साल के जश्न की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। 31 दिसंबर की शाम इन कैंपों में मस्ती और धमाल होगा।
कैंप संचालक अरुण कुमार दास, अंकुर, अनुभव पयाल, जगत सिंह पुंडीर, अरुण सजवाण, भूपेंद्र राणा, अन्नु शर्मा ने बताया कि नए साल के जश्न के लिए कैंप पूरी तरह से पैक हो चुके हैं। विदेशी पर्यटक 10 प्रतिशत और देसी पर्यटक 70 प्रतिशत से अधिक हैं। दिल्ली, गुडग़ांव, मोहाली के पर्यटकों की संख्या ज्यादा है। पर्यटकों को नॉन वेज के अलावा उत्तराखंडी व्यंजन झंगोरे की खीर, कौदे की रोटी, गहत का सूप, फाणू भात परोसा जाएगा। बताया कि सैलानियों को आकर्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगीनए साल में हुड़दंगियों से निपटने और संदिग्धों की निगरानी के लिए तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि नए साल की पूर्व संध्या से ही शहर के प्रत्येक नाके पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी है। ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। यातायात का उल्लंघन करने वालों का चालान किया जाएगा। होटल और आश्रम संचालकों को हिदायत दी है कि बिना आईडी के पर्यटकों को रूम नहीं दें। लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
 
 

Update on: 31-12-2017

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