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योगी तक पहुंची पहली रिपोर्ट, बड़े पैमाने पर नप सकते हैं अफसर

 लखनऊ। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच दिन के अंदर एक के बाद एक हुई 63 बच्‍चों की मौत से मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ का पारा सातवें आसमान पर है। अपने संसदीय क्षेत्र में इतनी बड़ी तादात में हुई बच्‍चों की मौत के बाद मुख्‍यमंत्री अब जिम्‍मेदार अफसरों की लिस्‍ट तैयार करा रहे हैं। सुबह गोरखपुर रवाना किये गये सरकार के दोनों मंत्रियों के साथ योगी आदित्‍यनाथ ने बैठक की है।

गोरखपुर का दौरा करके लौटने के बाद स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और प्राविधिक एवं चिकित्‍सा शिक्षा राज्‍यमंत्री ने अपनी रिपोर्ट मुख्‍यमंत्री को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि अगले कुछ घंटों में कई अफसरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
 
यह भी कहा जा रहा है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ राजीव मिश्रा के बाद गोरखपुर के डीएम राजीव रौतेला को भी सस्‍पेंड किया जा सकता है। इतना ही नहीं ऑक्‍सीजन सप्‍लाई करने वाली कम्‍पनी के खिलाफ भी सरकार अब एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। बता दें शुक्रवार शाम को जैसे ही ये पूरा मामला मीडिया में आया तो गोरखपुर से लेकर लखनऊ और दिल्‍ली तक सियासी भूचाल खड़ा हो गया। आनन-फानन में योगी सरकार ने मेडिकल एजुकेशन के डीजी को रातों-रात गोरखपुर के लिए रवाना कर दिया। 
 
 
वहीं सुबह होते-होते कांग्रेस पार्टी के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद अपनी टीम के साथ दिल्‍ली से गोरखपुर के लिए कूच कर गये। 
इसके बाद मेडिकल कॉलेज में राजनीतिक पार्टियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। बसपा, सपा सहित अन्‍य दलों के नेताओं ने भी अपनी-अपनी टीम को मेडिकल कॉलेज भेजकर सरकार को घेरने के लिए रिपोर्ट तैयार कराना शुरू कर दिया। 
इसी बीच शनिवार सुबह होते होते मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अपने आवास पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन को तलब कर लिया। सीएम ने अपने दोनों मंत्रियों के साथ तकरीबन 45 मिनट तक बैठक की। 
बताया गया कि नाराज मुख्‍यमंत्री ने लापरवाह अफसरों की सूची बनाने के निर्देश दिये हैं। इसके अलावा स्‍पेशल विमान से दोनों मंत्रियों को गोरखपुर जाने का हुक्‍म सुनाया गया। सरकार के दोनों मंत्री बीआरडी अस्‍पताल जाकर खुद पूरे मामले की पड़ताल की और घटना की पहली रिपोर्ट योगी सरकार तक पहुंच चुकी है। अब इंतजार है कई और बड़ों पर कार्रवाई का, फिलहाल सबसे मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ राजीव मिश्रा को सस्‍पेंड करके इसकी शुरुआत कर दी गई है। 

Update on: 13-08-2017

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