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डीएम ने ली एकीकृत कार्य योजना की क्रियान्वयन की बैठक

देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार द्वारा ग्राम्य विकास योजनाओं को कृषकों व आम व्यक्ति की आजीविका को सुदृढ एवं लोकोपयोगी बनाये जाने के लिए एकीकृत कार्य योजना बनाने के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेसन द्वारा विकासभवन सभागार में जनपदीय अधिकारियों के साथ एकीकृत कार्य योजना कि क्रियान्वयन की बैठक आयोजित की गई।
 
 बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये है कि जनपद में लगभग 8-10 विभागों की एक जैसी योजनायें संचालित हो रही है इन योजनाअें का लाभ आम जनता तक पंहुचाने कें लिए एकीकृत योजना तैयार करने के शासन द्वारा निर्देश दिये गये है, जिसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित करते हुए अपने-अपने विभागों की कार्य योजना को दो दिन के भीतर मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगें ताकि उसी अनुसार कार्य योजना तैयार की जायेगी। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये है कि शासन द्वारा वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दोगुनी करने के दृष्टिगत जनपदवार कम से कम 10 कलस्टर आधारित कृषि विकास अवधाराणा को अपनाते हुए कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध, मतस्य, सिंचाई, लघु सिचांई एवं सहकारिता (सस्ते ऋण ) की एकीकृत कार्ययोजना पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कृषि से सम्बन्धित प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें एवं होमवर्क पहले करने के निर्देश दिये। 
 
 जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीण सडके, ड्रेनेज ठोस एवं तरल कूडा प्रबन्धन ग्रामीण स्ट्रीट लाईट, पंचायत घर, आंगनवाडी केन्द्र प्रथमिक स्कूल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ग्रामीण हाट ग्रामीण कम्प्यूटरीकरण आदि योजनाओं के अन्तर्गत केन्द्र पोषित, बाह्य सहायतित, राज्य सेक्टर, जिला सेक्टर, राज्य वित्त, 14वें वित्त के अन्तर्गत प्राप्त होने वाली धनराशि के लिए सही कार्य योजना बनानें के निर्देश दिये। जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देश दिये गये है कि वर्ष 2022 तक शत-प्रतिशत भूमिहीनध्आवासहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए राजस्व विभाग, शहरी विकास विभाग एवं वन विभाग के अधिकारियों को  आपस मे समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 2022 तक 5 लाख बेरोजगार युवाओंध्किसानोंध्महिलाओं को कुशलध्दक्ष बनाने के लिए कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, व्यावसायिक एवं प्रशिक्षण, पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र से सम्बन्धित विभागों द्वारा जो भी बेरोजगार युवाओं, किसानों, महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है,ै उसके लिए सभी सम्बन्धित विभागों को आपस में समन्वय करते हुए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये।
 
 
जिलाधिकारी द्वारा जल संचय एवं जल संवर्द्वन मिशन के अन्तर्गत जनपद में समस्त पारम्परिक स्रोत को रिचार्ज करने के लिए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये तथा जो पारम्परिक स्रोत सूख गये है उनकी सूची तैयार करने के भी निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी द्वारा जनपद में संचालित आंगवाडी केन्द्रों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये गये, जिसमें वर्तमान में कुल कितने आंगनवाडी केन्द्र संचालित है तथा कितने विभागीय भवन में है कितने पा्रथमिक विद्यालय भवन में है कितने पंचायत भवन में व कितने अन्य सरकारी भवनों तथा कितने निजी किराये भवनों में सचालित हो रहे है। इसी तरह प्राथमिक, जूनियर विद्यालय भवनों के सम्बन्ध में भी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. रावत, प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून पी.के. पात्रों, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. आर.एस. रावत, जिला विकास अधिकारी प्रदीप पाण्डेय सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 

Update on: 10-08-2017

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