Uttarakhand News Portal

Uttar Pradesh

National

सीमाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की

देहरादून। भारत को पडोसी देश चीन से निरन्तर मिल रही जंग की धमकियों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े पूर्व सैनिक विभाग ने सीमाओं की सुरक्षा के प्रति गहरी चिन्ता व्यक्त की है, साथ ही केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड की जनता को भरोसा दिलाने की मांग की है कि हमारी रक्षा तैयारियॉ कितनी मजबूत है, ताकि भारतीय सेना नागरिकों के सुरक्षा के साथ चीनी सेना को मुहॅतोड़ जबाब दे सके।

 
कैप्टन बलबीर सिंह रावत ने कहा कि देश की आजादी के 15 वर्षो के अन्तराल में हम अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत स्थिति में नही ला सके थे, जिसके कारण चीनी सेना धोखे से अन्तर्राष्ट्रीय सीमा को पार कर -त्वांग ब्रिज सीलापास, 84, किमी. सलारी, बौमडीला, रूपा तॉगावैली से फुटहिल होते हुए मिसामारी (तेजपुर) असम तक पहुॅच गई थीे यदपि चीनी सेना को फिर औेधे मुहॅ लौटना पड़ा था। चीन के इस घोखे के बाद ही भारत ने अपने रक्षा तैयारियों को मजबूती प्रदान की है। जिसका लाभ भारतीय सेना को पाकिस्तान के साथ हुई 1965, 1971 और 1999 में जंग की जीत के रूप में मिला है और भारतीय सेना की बेमिसाल बाहदुरी का लोहा दुनिया ने माना है।
 
 
कैप्टन बलबीर सिंह रावत ने कहा कि दुनिया के सभी छोटे बड़े देशों ने हालात के अनुसार अपनी सैनिक शक्ति को बढ़ाया है। यह बात सही है कि भारत ने अपने पडोसी देशों से मिलने वाले चुनौतियों को दृष्टिगत रखकर अपनी सैनिक शाक्ति को तीब्रता से मजबूती की ओर बढ़ाया है इसलिए भारतीय सेना हर तरह से दुश्मन का मुहतोड़ जबाब देने में सक्षम है। किन्तु जंग की स्थिति में किसी को भी चुनौती देना और कम आंकना कतई उचित नही है। कैप्टन बलबीर सिंह रावत ने कहा है कि सीमा पर चीनी सेना की गतिविधियों से लोगों के पलायन को रोकना जरूरी है इसलिए प्रदेश का पूर्व सैनिक चीन के साथ जंग को लडऩे के लिए पूरी तरह देश की सेना के साथ खड़ा तैयार है। केन्द्र सरकार से यह भी मांग की गई है कि चीन के द्वारा जंग की धमकी के चलते गढ़वाल और कुमाऊॅ के तीन-तीन इन्फैन्टी बटालियनों को उत्तराखण्ड में तैनात किया जाय साथ ही सीमा के आखरी किनारे तक रेल व सडक़ मार्गो का निर्माण युद्व स्तर पर राष्ट्रीय प्राथमिकता के आधार पर किया जाय ताकि जंगी साजो सामान व रिइन्फोर्समैंट की आवश्यकता पढऩे पर शीघ्र से शीघ्र अग्रिम मोर्चो तक पहुॅचा जा सके।

Update on: 10-08-2017

Himachal Pradesh

Current Articles