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बेरीनाग में धड़ल्ले से हो रहा है अवैध खनन

पिथौरागढ़। बेरीनाग में अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। खनन माफियाओं द्वारा सडक़ों के साथ ही वन विभाग की भूमि से निकालकर पत्थरों को बेचा जा रहा है। इससे पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है।
 
सेराघाट, थल और चौडमुन्या से रेत का कारोबार अवैध तरीके से किया जा रहा है। अवैध खनन पर कोई अंकुश नहीं लगने से माफियाओं ने वन विभाग की दीवारों और सडक़ों के क्षतिग्रस्त स्कबरों के पत्थर भी बेच दिये हैं। राइआगर-चौड़मन्या मोटर मार्ग में अवैध रेता खनन से पहाड़ी कमजोर हो गई है। ऐसे में आये दिन भूस्खलन के कारण मोटर मार्ग बंद हो जाते हैं। यहां तक कि मोटर मार्ग का चौड़ीकरण कर रही एक कंपनी के नाम पर भी खनन किया जा रहा है। प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अवैध खनन पर अंकुश नहीं लगाये जाने पर छात्र संघ ने नाराजगी व्यक्त की है। छात्र संघ अध्यक्ष नीरज सूंठा ने बताया कि अवैध खनन के कारण पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है। यदि शीघ्र खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र संघ आंदोलन छेडऩे को बाध्य होगा। इधर प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए चेकिंग अभियान चलाया जायेगा।

 

तिवारी को मिला अदालत का अवमानना नोटिस

देहरादून। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखण्ड़ के नूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को अवमानना नोटिस जारी कर दिया। अदालत ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा कि एक युवा द्वारा उन्हें अपना पिता बताने के मामले में डीएनए जांच के लिए रक्त का नमूना नहीं देकर अदालती आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने के चलते क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए।
 
न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने तिवारी को अवमानना नोटिस जारी करते हुए कहा कि अदालती आदेश की जानबूझकर और इरादतन अवहेलना करने के चलते प्रतिवादी [तिवारी] के खिलाफ क्यों न अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए।
 
न्यायमूर्ति मित्तल ने 85 वर्षीय नेता की इस दलील को भी अदालत द्वारा रिकॉर्ड में लिए जाने का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें डीएनए जांच के मकसद से रक्त का नमूना देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
 
न्यायधीश ने तिवारी के इनकार के संबंध में 23 सितंबर के अपने आदेश में कहा था कि तिवारी द्वारा रक्त का नमूना देने से इनकार करना इरादतन, बदनीयत भरा, अतर्कसंगत और अनुचित है। उनके इस इनकार को रिकॉर्ड पर लिया जाता है।
 
अदालत ने दिल्ली निवासी युवक रोहित शेखर की याचिका पर तिवारी को अवमानना नोटिस जारी किया है। रोहित का दावा है कि वह तिवारी के पुत्र हैं। उनका दावा है कि वह तिवारी और उज्जवला शर्मा नाम की महिला की संतान हैं।



 

गुलदार का आतंक : महिला को किया घायल

 बागेश्वर। जिले के दोफाड़ क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक छाया हुआ है। गुलदार ने खेत में धान काट रही एक महिला पर हमला कर दिया। महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।

 
दोफाड़ क्षेत्र में गुलदार का आतंक छाया हुआ है। अब तक कई जानवरों को गुलदार ने अपना निवाला बनाया लिया है। गुलदार दिन में भी गांव के बीच घुस आता है। सोमवार को गुलदार ने दिन दहाड़े खेत में काम कर रही गोलू कालाकोटी की दीपा कालाकोटी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई आसपास के लोगों के शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। बता दें कि कुछ समय पूर्व ही गुलदार ने इसी गांव के रमेश राम पर भी हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गुलदार की दहशत से लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। पुंगर घाटी विकास मंच के संयोजक हरीश कालाकोटी व राजेश रौतेला ने वन विभाग से प्रभावित को मुआवजा देने व गुलदार को पकडऩे के लिए गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है।


अवैध तरीके से गर्भपात कराने वाले नर्सिग होम पर स्वास्थ्य विभाग नकेल कसने की तैयारी में

हरिद्वार। अमानवीय तरीके से गर्भपात कराने वाले नर्सिग होम पर स्वास्थ्य विभाग नकेल कसने की तैयारी में जुट गया है । सीएमओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी तय करेगी कि कौन से नर्सिंग होम को गर्भपात कराने की अनुमति दी जाये। इसके अतिरिक्त गर्भपात कराने वाले नर्सिंग होम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

नगर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसे कई नर्सिग होम हैं, जहां चोरी-छिपे गर्भपात कराया जा रहा है। इनमें से कई नर्सिग होम ऐसे भी हैं जिनके पास प्रशिक्षित डॉक्टर भी नहीं हैं। अप्रशिक्षितों से गर्भपात कराने से मरीजों की जान भी जा सकती है । अब ऐसे नर्सिग होम के खिलाफ विभाग ने अपनी नजरें बढ़ानी शुरू कर ली है। विभाग अब केवल ऐसे नर्सिग होम को ही इसकी मान्यता देगा जो उनके मानकों पर खरा उतरेगा। इसके लिये सीएमओ कार्यालय में डीएलसी का गठन किया गया है। सीएमओ को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया। लेडी डॉक्टर डॉ. आरती ढौंडियाल, एनेस्थेटिक डॉ. एएस सेंगर और एक एनजीओ के प्रतिनिधि को इसका सदस्य बनाया गया है। कमेटी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) की मान्यता को आवेदन करने वाले नर्सिग होम की जांच पड़ताल करेगी। मानकों पर खरा उतरने वाले नर्सिग होम को एमटीपी की मान्यता देगी।
 
सीएमओ डॉ. योगेश शर्मा ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि चिह्नित नर्सिग होम में गर्भपात कराने वाले लेडी डॉक्टरों को दून और हल्द्वानी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बगैर प्रमाण पत्र के गर्भपात कराने वाले डॉक्टरों के खिलाफ एमटीपी एक्ट के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 




रामदेव ने केंद्रीय गृहमंत्री चिदंबरम पर राजबाला की मौत का लगाया आरोप

हरिद्वार। योगगुरु बाबा रामदेव ने अपनी समर्थक राजबाला की मौत के मुद्दे पर मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हीं के कहने पर रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई हुई थी।

राजबाला की सोनीपत जिले में मंगलवार को होने वाली अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए रामदेव लखनऊ से दिल्ली पहुंचे हैं। हवाई अड्डे से वह सीधे सोनीपत के लिए रवाना हो गए। गौरतलब है कि चार जून को रामलीला मैदान पर रामदेव के अनशन के दौरान वहा मौजूद योगगुरु के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई में राजबाला गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में 114 दिन के इलाज के बाद सोमवार को राजबाला का निधन हो गया। रामदेव ने दिल्ली पहुंचने पर कहा कि राजबाला की मौत सरकार के माथे पर कलंक है। सरकार सत्ता में बने रहने का नैतिक आधार खो चुकी है। बाबा रामदेव ने कहा कि मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता हूं क्योंकि इससे मुद्दे पीछे छूट जाते हैं, लेकिन चिदंबरम इस कुटिलता के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। कपिल सिब्बल भी कुटिल हैं, सरकार ने ऐसे लोगों को मंत्री क्यों बनाया है?
 
योगगुरु ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में स्वेच्छा से उनका मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा है कि राजबाला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। रामदेव ने रामलीला मैदान पर लाठीचार्ज नहीं होने के दिल्ली पुलिस के दावे पर कहा कि दिल्ली पुलिस को सामने रखकर केंद्र सरकार और खासकर गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में 'झूठ' बोला कि लाठीचार्ज नहीं हुआ था। सरकार ने देश को धोखे में रखा। 


 

सीएम ने की योजना आयोग भारत सरकार के सदस्य से मुलाकात

देहरादून । मुख्यमंत्री मेज़न$ (से$नि$) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी से विधान सभा स्थित उनके कक्ष में योजना आयोग भारत सरकार के सदस्य सौमित्र चौधरी ने मुलाकात की। 

मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है और इसकी सीमाएं अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं से घिरा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां लागू होने वाली योजनाओं की लागत डेढ़ गुना बढ़ जाती है। इसलिए केन्द्र से मिलने वाली सहायता राशि उसी अनुसार राज्य को दी जाय। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी ने कहा कि ग्रीन बोनस के लिए केन्द्र स्तर पर उन्होंने कई बार प्रभावी पहल की गई, किन्तु अभी तक इस सम्बन्ध में कोई अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र पोषित योजना में स्वीकृत 600 करोड़ रुपये धनराशि के सापेक्ष राज्य को मात्र 200 करोड़ रुपये प्रान्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए अवशेष धनराशि 400 करोड़ रुपये एकमुश्त शीइा्र ही उपलब्ध कराई जाय, ताकि विकास योजनाओं का कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा होने के कारण सैन्य दृष्टिकोण से संवेदनशील राज्य है, इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक महत्व की दृष्टि से सडक़ो, यातायात, रेलवे लाइन, हवाई पट्टियों को विकसित करने के लिए राज्य को पर्यान्त धनराशि उपलब्ध कराई जाय। 
 
मुख्यमंत्री डॉ$ निशंक ने कहा कि 65 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र होने के कारण राज्य में विकास कार्य प्रभावित हो रहे है। उत्तराखण्ड प्रदेश विश्व को पर्यावरणीय सेवाएं दे रहा हैंं, लेकिन इसके एवज में उत्तराखण्ड को कोई विशेष सहायता राशि नही मिल रही है, बल्कि वन अधिनियम के कारण विकास योजनाएं प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा प्रान्त है, लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों को मिलने वाली सहायता राशि व सुविधाएं उत्तराखण्ड को नही मिल पा रही है। 
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 30 हजार मेगावाट जल विद्युत उत्पादन की क्षमता संभावित है तथा प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरणीय सुरक्षा अपनाने के बावजूद भी हमारी जल विद्युत परियोजनाएं बाधित हो रही है, जिससे हमारी आय का मुख्य संसाधन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पर्यावरण सुरक्षा के लिए अपने संसाधनों से चार ईको टास्क बटालियन का गठन भी किया, जिनके द्वारा गढ़वाल एवं कुमाऊं क्षेत्र में पौधों का सघन रोपण कर वन क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने पहाड़ की भूमि की ढालनुमा प्रकृति को देखते हुए यहां पर चेक डेम परियोजनाओं के लिए भी योजना आयोग अतिरिक्त सहायता राशि राज्य को उपलब्ध कराये। 
 
मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी ने श्री चौधरी से राज्य की विशेष परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र सरकार से प्रभावी पहल करने की अपेक्षा की। योजना आयोग के सदस्य श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री के विचारों से सहमति जताते हुए अपनी ओर से प्रभावी पहल करने की बात की। उन्होंने कहा कि भविष्य में केन्द्र पोषित योजनाओं व अन्य परियोजनाओं पर विचार करते हुए राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्यों की परिस्थितियों की विभिन्नता को देखते हुए एक जैसे मानक नहीं रखे जायेंगे। 
 
इस अवसर पर मुख्य सचिव सुभाष कुमार, निदेशक राज्य योजना आयोग हर्षपति उनियाल उपस्थित थे। 









श्री राम लीला नाटक मंचन महोत्सव शूरु

रानीखेत । पितृ पक्ष की समान्ती के बाद शरदीय नौरात्र के प्रारम्भ के साथ ही श्री राम लीला नाटक मंचन का भी महोत्सव शूरु हुआ। कई जगह पर दर्शक गण श्री राम लीला का आनन्द उठा पायेगें। 

रानीखेत नगर में भी खड़ी बाजार में होने वाली श्री राम लीला नाटक मंचन की पिछले कुछ दिनों से चल रही जोर दार त्यारियॉ पूरी हुई। खड़ी बाजार में स्टेज बन गया व सज गया है।चौगॉव फल्दाकोट में यंहा पर प्रथम दिवस पर नारदमोह नाटक खेला जायेगा। इसी दिन श्री राम व सीता का जन्म भी दिखाया जायेगा। कमेटी ने बहुत मेहनत के साथ पूरे नाटक की त्यारियॉ की हुई हैं। दर्शको के लिये 7 अक्टूबर को राज्याभिषेक व 8 सितम्बर को लव कुश कान्ड नाटिका भी यंहा होनी है।



गायब अमित के परिजनों ने निकाली पुलिस प्रशासन के खिलाफ रैली

देहरादून। २७ जुलाई को अपहरण हुये अमित शाह के परिजनों तथा क्षेत्रवासियों ने पुलिश प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुये रायपुर से सचिवालय तक रैली निकाली तथा कानून व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया।

रैली का नेतृत्व कर रहे अमित के पिता मुन्नालाल शाह ने क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके पुत्र अमित शाह का २७ जुलाई को अपहरण हुआ था तथा इस अपहरण काण्ड को लेकर पुलिश प्रशासन ने कोई सख्ती नहीं बरती है तथा अभी तक उनके पुत्र का पता नहीं लग पाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड शासन व प्रशासन की लाचार व कमजोर कानून व्यवस्था के चलते यह घटना किसी भी आम नागरिक के साथ हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनके पुत्र की समस्या नहीं बल्कि उत्तराखण्ड के हर व्यक्ति की समस्या बन चुकी है क्योंकि अमित शाह के अपहरण काण्ड के सबूत मिल जाने के बाद भी पुलिस अपहरणकर्ताओं को बचाने में लगी हुई है उन्होंने कहा कि इसमें कुछ सफेद पोश लोगों का दवाब है जो अपहरणकर्ताओं को बचाना चाहते हैं। मुन्नालाल शाह ने कहा कि उत्तराखण्ड की भ्रष्ट व बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ रैली निकाली जा रही है। रैली चूना भटटा से सर्वे चौक, कनक सिनेमा, ऐस्ले हॉल, घंटाघर, धारा चौकी होते हुये सचिवालय पर समाप्त हुई। इस दौरान अमित शाह के परिजन तथा क्षेत्रवासियों ने हाथो में बैनर तथा झण्डे लेकर प्रदर्शन कर रैली निकाली।  


 

सडक़ से लेकर सदन तक बवाल

देहरादून। प्रदेश सरकार को उखाड फैंकने के लिए कांग्रेस ने रैली निकालकर विधानसभा का घेराव किया। रैली में हजारों की संख्या में कांग्रेसी प्रदेश प्रभारी बीरेन्द्र चौधरी एवं प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में परेड ग्राउंड में पहुंचे और वहां से प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए विधानसभा कूच किया। वहीं इस रैली से कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन भी किया और अपनी ताकत दिखाई। रैली को लेकर शासन-प्रशासन की सांसे भी अटकी रही। वहीं सदन से लेकर सडक़ तक कांग्रेसियों ने बवाल मचाया और सदन में कई सनसनी खेज मामलों को लेकर व सीबीआई जांच कराने को कांग्रेसी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। धर्मपुर पंहुचते ही पुलिस ने बैरिकैटिंग लगाकर कांग्रेसियों को वहां रोक दिया जिसके लिए पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। कांग्रेसियों ने बैरिकेटिंग पर जमकर नारेबाजी करते हुये बैरिकेटिंग को फांदने की कोशिश की। लेकिन कुछ ही देर बाद कांग्रेसियों ने धर्मपुर का बैरिकेटिंग तोड़ दिया। जिसके चलते पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। 

आज यहां विभिन्न मार्गोंं से होते हुए जैसे ही रैली विधानसभा के पास पहुंची तो पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर प्रदर्शनकारी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोक लिया और कई कांग्रेसी वहीं बैरीकैडिंग पर चढ़ गये और पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया। इस बीच पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और प्रदर्शनकारियों को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। यशपाल आर्य के नेतृत्व में पंहुचे कांग्रेसियों ने पुरी ताकत के साथ बैरिकेटिंग को पार करने की कोशिश जिसके चलते पुलिस ने चारो तरफ से कांग्रेसियों को घेर लिया। 
 
इससे पूर्व परेड ग्राउंड में आयोजित जन सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी चौधरी बीरेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में आज अराजकता का माहौल पैदा हो गया है और चारों ओर भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार फैला हुआ है, कांग्रेस ने प्रदेश की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन किये और उसके जवाब में भाजपा हाईकमान ने डा. रमेश पोखरियाल निशंक को हटाकर खंडूडी को मुख्यमंत्री बनाया और मुख्यमंत्री खंडूडी ने सत्तासीन होते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अनेक घोषणायें की है लेकिन आज उनके मंत्रीमंडल में ही भ्रष्ट लोग शामिल है उन्हें बाहर करने के लिए मुहिम छेडऩी होगी। प्रदेश सरकार पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त है और विकास कार्य नहीं हो रहे है।
 
पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह ने हा कि भाजपा की प्रदेश में उल्टी गिनती शुरू हो गई है और अब जनता कांग्रेस की ओर से देख रही है। आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस में सत्तासीन होगी। प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि  प्रदेश में कांग्रेस मजबूती से संघर्ष कर रही है और आगामी २०१२ में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से  सरकार बनायेगी और जनता को उनका अधिकार दिलायेगी।
आर्य ने कहा कि भाजपा ने भ्रष्टाचार को बढावा दिया है और वर्ष २००७ से लेकर आज तक किसी भी प्र्रकार का विकास नहीं किया है और कांग्रेस के शासनकाल के दौरान छूटे हुए अधूरे कार्यों को भी आज तक पूरा नहीं किया गया है, जिससे जनता में रोष बना हुआ है। प्रदेश की भाजपा सरकार को जड से उखाड फैंकने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ ही जनता को एकजुटता का परिचय देते हुए आगे आना होगा।  उन्होंने कहा कि भाजपा के हाईकमान से पूछे कि जब खंडूडी ईमानदार व अच्छे मुख्यमंत्री थे तो पूर्व में उन्हेंं क्यों हटाया गया। सरकार के शासनकाल में आज बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त नहीं हो पा रहा है और सरकार  आज विकास कार्य करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। आर्य ने कहा कि पूर्व में निशंक सरकार के दौरान भी जनता का बुरा हाल था और अब भी इस दिशा मेंं कोई प्रयास नहीं किये गये है और आज विकास कार्य धरातल पर नहीं दिखाई दे रहे है। प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई है, और सरकार को अब उखाड फैंकने के लिए सभी को सडकों पर उतरकर संघर्ष आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि अब जरूरी हो गया है कि इस सरकार को जड़ से उखाड़ फैंकने के लिए सभी को आगे आना होगा।
 
रैली में कई कांग्रेसी नेताओं ने अपने विचार रखे। रैली में सह प्रभारी अनीश अहमद, सांसद विजय बहुगुणा, केसी सिंह बाबा, पूर्व मंत्री इन्दिरा हृदयेश, हीरा सिंह बिष्ट, नरेन्द्र सिंह भंडारी, सुबोध उनियाल, एस एस नेगी, अनुसूया प्रसाद मैखुरी, मंत्री प्रसाद नैथानी, सूर्यकांत धस्माना, पी के अग्रवाल, बीरेन्द्र सिंह बिष्ट, राजीव महर्षि, लालचन्द शर्मा, हरीश विरमानी, आनंद सिंह रावत, सुमेर चन्द रवि, सुनीता प्रकाश, सरोजनी कैंतुरा, शांति जुवांठा, उमेश शर्मा काऊ, याकूब सिददीकी, कमलेश रमन, नजमा खान, लक्ष्मी अग्रवाल, राम प्रसाद टम्टा, प्रेमलता नेगी, दीपाली मेहल, टिंअरोडा, प्रमोद कुमार सिंह, बीरेन्द्र पोखरियाल, कुलदीप कुमार कोहली, विलास सिंह रावत,  कुंवर सिंह सहित हजारों कार्यकर्ता शामिल थे। वहीं कांग्रेस की रैली को लेकर पुलिस जगह-जगह मुस्तैद दिखाई दी, जिससे लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, लेकिन कड़े इंतजाम के बाद भी कांग्रेसियों का हुजूम गलियों से निकलते हुए मुख्य रैली में शामिल हो गया।  



सदन का पहला दिन चढ़ा हंगामे की भेंट

देहरादून। विधानसभा का सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ा। घोटालों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस ने सदन के अन्दर हंगामा काटा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद पौने एक बजे तक के लिए स्थगित हो गई। सत्र के प्रथम दिन पर कांग्रेस ने जोरदार नारेबाजी करते हुये भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुये घोटालों की सीबीआई जांच की मांग की। वहीं सदन में लोकायुक्त के पांच वर्षो की रिपोर्ट को भी पटल पर रखा गया।

विधानसभा सत्र के पहले दिन हंगामे के आसार नजर आ रहे थे जिसके लिए कांग्रेस ने पूरी रणनीति के तहत सरकार को घेरने की कोशिश की। ग्यारह बजकर दस मिनट पर सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बसपा तथा कांग्रेसियों ने भ्रष्टाचार तथा घोटालों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। जिसके चलते कांगे्रस तथा बसपा के विधायक बेल में आकर खड़े हो गये तथा नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही साढ़े ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। जिसके चलते समय बढ़ाते हुये साढ़े बारह तथा उसके बाद बारह बजकर बीस मिनट पर सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो सकी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांगे्रस ने फिर से घोटालो की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हंगामा करना शुरू किया तथा नियम ३१० के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर बेल में आकर नारेबाजी करने लगे। नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत तथा अन्य कांग्रेसियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुये भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुये सभी घोटालों की सीबीआई जांच की मांग की तथा अपनी सीट पर खड़े होकर नारेबाजी की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में विपक्ष को शान्त कराने की कोशिश की लेकिन विपक्ष ने सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी तथा बार-बार हंगामा तथा नारेबाजी करने लगे। इस बीच सरकार ने १७ विधेयक को पारित कर दिया। साथ ही लोकायुक्त की पांच वर्ष की रिपोर्ट को भी सदन के पटल पर रखा। पौने एक बजे तक चली सदन की कार्यवाही में हंगामे के चलते कार्यवाही तक के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा सत्र के प्रथम दिन आरम्भ से ही सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ती रही। कांग्रेस तथा बसपा ने शुरू से ही सरकार को घेरते हुये भ्रष्टाचार पर जवाब मांगा तथा चर्चा कराने की मांग की। सदन की कार्यवाही लगभग एक घंटा भी नहीं चल पाई तथा दोपहर तक चली कार्यवाही में हंगाम ही होता रहा। जहां विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को शान्त कराने की कोशिश की वहीं विपक्ष ने बेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुये सिटुर्जिया, कुम्भ तथा अन्य घोटालो को लेकर सीबीआई जांच की मांग करते रहे।  


बेरिकैटिंग से कवर हुआ शहर : दम खम दिखाने के चक्कर में दून को दे दिया जाम

देहरादून। एक ओर विधान सभा सत्र की शुरूआत तो दूसरी ओर प्रदेश भर से कांग्रेसियों द्वारा विस घेराव, जहां देखों वहीं बेरिकैटिंग लगाकर किया गया था ट्रैफिक डायवर्ड परेशानी थी सिर्फ दिन भर अंखों को कष्ट देकर चारो ओर जाम की भयावह स्थिति देखने की। जिसे देखकर बच्चा तो क्या बूढ़ा भी घबरा रहा था और अपना माथा पकडक़र यहीं शब्द कह रहा था कि रहम करों खुदा...जरा शांति दे दो शहर में।

जी हां यह भयावह स्थिति उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून में तब देखने को मिली जब एक ओर तो विधानसभा सत्र अपने शुरूआत दौर में प्रवेश कर रहा था और मुख्यमंत्री से लेकर कैबिनेट के सभी मंत्रिगण उस सत्र में शामिल होने जा रहें थे तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का विस घेराव भी आज ही था। जो जगह जगह से फूट फूट कर विधानसभा घेराव के लिए विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन कर रहें थे। जिसमें कई हजारों की संख्या में  प्रदेश भर से कांग्रेसियों ने प्रतिभाग किया। इस रैली में बच्चा, महिला, जवान और बूढ़ा सभी   हाथों में कांग्रेस का झंडा लेकर कांग्रेस का दामन पकडऩे की ताक में था। रैली परेड ग्राउंड से शुरू होकर विधानसभा तक गयी थी। इसके चलते शहर में पुलिस प्रशासन द्वारा भी जगह जगह बेरिकैंटिग लगाकर ट्रैफिक डायवर्ड किया गया था इस दौरान स्कूली बच्चों से लेकर बूढ़ों को भी इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ा कि वह अपना माथा पकडक़र पकडक़र ऊपर वाले से सिर्फ यहीं दुआं कर रहे थे कि ऐ खुदा कर देना इतना करम, शहर में रखना शांति...लेकिन उनकी यह दुआ शाायद आज उनका भगवान भी नहीं सुन रहा था और उन्हें चारों ओर से किसी न किसी मुसिबत का सामना करना पड़ रहा था।जिसे देखकर तो यहीं साबित हो रहा था कि अब राजनैतिक पार्टियों का मकसद अपना दमखम दिखाना ही मात्र रह गया था उस पर वह कुछ भी कार्यवाही करने या जनता का दर्द देखने के लिए इस कदम को नहीं उठाते हैं उन्हें तो सिर्फ चारों तरफ से वाह वाही ही लूटनी होती हैं और अपना दम खम दिखाकर रौब गालिब करना होता हैं लेकिन इस दमखम दिखाने के चक्कर में जिन लोगो को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हैं उसके लिए भी यह अपने को जिम्मेदार नहीं बल्कि दूसरो को बताते हैं। फिर इस परेशानी को बच्चें झेल रहें हो या फिर दून की जनता झेले इससे तो इन्हें कोई फही नहीं पड़ता हैं। 
 
वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन के भी हाथ पांव फूल रखें थे जो चारों ओर अपनी पैनी नजर गाड़े हुए थे कि कहीं किसी छोर पर कोई घटना न हो जायें।ऐसी हालत में शहर के चारों ओर नजर आ रहें तो सिर्फ बैरिकेंटिग ही बैरिकेटिंग जिन्हें देखकर सभी के माथे से पसीने छूटने शुरू हो गये थे। ऊपर से ट्रैफिक भी डायवर्ड कर दिया गया था जिसे चारों ओर सिर्फ जाम ही जाम की स्थिति बनी हुई थी। जिससे न सिर्फ पूरा शहर बल्कि बाहर से आने वाले लोग भी खासा परेशान हो रहे थे। जिन्हें जाम की स्थिति में ही फंसकर अपने कार्य को जाना पड़ रहा था। किसी को कहीं के लिए देरी हो रही थी तो किसी को कहीं के लिए, लेकिन जुलूस निकालने वालों को तो किसी से कोई मतलब ही नहीं था।वह तो अपने आप से ही मतलब रखते हुए अपने जुलूस को अंजाम दे रहें थे। 


सीएम ने ग्रहण किया पितृ प्रसाद

देहरादून।प्रदेश के मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चन्द्र खंडूरी ने कहा कि राज्य के शहीद आंदोलनकारियों को पितृ श्राद्ध की अंतिम आहूति देकर सच्ची श्रद्धांजलि दी गयी हैं।जो बहुत ही सरहानीय कदम हैं।  
 
आज यहां कचहरी स्थित शहीद स्थल में राज्य निर्माण सेनानी मंच  के तत्वावधान में उत्तराखंड राज्य के शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित श्राद्ध में पितृ प्रसाद ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा कि असल में राज्य के शहीद आंदोलनकारियों को यहीं वास्तविक श्रद्धांजलि होगी। पिछले ११ वर्षो में ऐसा कदम पहली बार ही उठाया गया हैं। जो अपने आप में बहुत ही सरहानीय कदम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पृथक राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रदेश के राज्य आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहूति दी थी। जिन्हे स्मरण करने के लिए भी सरकार से लेकर आंदोलनकारी मंचों द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं लेकिन आज के इस  पितृ श्राद्ध से उनकी आत्माओं को शांति मिली होगी और उन्हें असली श्रद्धांजलि दी गयी हैं।  वहीं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि प्रदेश के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को असली श्रद्धांजलि दी हैं जो बहुत ही सरहानीय कदम है। उन्होंने कहा कि यह कदम तो पूर्व में ही उठा लेना चाहिए ताकि उन र्दीघंत आत्माओं को भी शांति मिल सके। लेकिन आज इस कदम से उन्हें अवश्य ही स्वर्ग की प्राप्ति हुई होगी और उनके लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि हैं। इस दौरान मंच के अध्यक्ष नन्दा बल्लब पांडे ने कहा कि आज के बाद इस श्राद्ध का आयोजन प्रत्येक पितृ पक्ष माह में किया जायेगा और प्रसाद वितरित कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जायेगी। इस अवसर पर बार एसोसिएशन, उत्तराखंड संस्कृति विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित जिलाधिकारी, एडीएम, एसएसपी और शासन व प्रशासन के भी अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।श्राद्ध में रविन्द्र प्रधान, कमला पंत, नवनीत कुमार, संदीप सिंह, संदीप जुयाल, बृजेश नवानी, मीनू कुमारी सहित अन्य आंदोलनकारी भी मौजूद थे। 

 

रेलवे की बुकिंग प्रणाली डेढ़ घंटे ठप

हल्द्वानी। बीएसएनएल की केबिल में खराबी के चलते सोमवार को रेलवे की टिकट बुकिंग प्रणाली करीब डेढ़ घंटे ठप रही। वहीं बीच-बीच में कई बार व्यवधान के चलते भी यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जबकि आईआरसीटीसी का ऑनलाइन एजेंट बुकिंग सिस्टम भी पांच दिन से बंद पड़ा है।
 
सोमवार को बीएसएनएल के सिगनल सिस्टम में आई खराबी के चलते रेलवे को खामियाजा भुगतना पड़ा। हल्द्वानी के रिजर्वेशन काउंटर पर दोपहर बाद करीब दो से तीन बजे तक टिकट बुकिंग नहीं हो सकी। जबकि इससे पूर्व व बाद में भी रुक-रुककर सिस्टम ठप रहा। इससे आरक्षण कराने पहुंचे यात्रियों को सिस्टम सही होने के इंतजार में खड़ा रहना पड़ा। जबकि कई लोग चक्कर लगाते रहे।
दूसरी ओर आईआरसीटीसी की ऑनलाइन एजेंट बुकिंग प्रणाली पांच दिन से बंद पड़ी है। हैकरों द्वारा कंपनी की साइट हैक किए जाने के बाद से यह दिक्कत बनी हुई है। इसके चलते शहर भर के बुकिंग एजेंट हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। ऐसे में यात्रियों को रिजर्वेशन काउंटरों पर लाइन लगाकर टिकट लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।



 

रामदेव समर्थक राजबाला ने लम्बे समय से चल रहे इलाज के दौरान दम तोड़ा

नई दिल्ली। रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के उपवास के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुई राजबाला की सोमवार को मौत हो गई। वह अपनी रीढ़ की हड्डी में आई चोट का अस्पताल में इलाज करा रही थी। गुडग़ाव निवासी 51 साल की महिला का इलाज कर रहे रहे राजधानी के जीबी पंत अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि पूर्वाह्न 10:25 बजे उनकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि राजबाला को रीढ में चोट आई थी। डॉक्टरों ने बताया कि पहले दिन से ही उनकी हालत नाजुक बनी थी और उन्हें दवाइयों के बल पर जीवित रखा जा रहा था। चार जून को मध्यरात्रि में रामदेव के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई में राजबाला घायल हो गईं और उनका आपरेशन किया गया था। इसके बाद से उसे जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा जा रहा था।


राजबाला की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी: रामदेव

हरिद्वार । ऐतिहासिक रामलीला मैदान में योग गुरु बाबा रामदेव के अनशन के दौरान चार जून को देर रात हुई पुलिस कार्रवाई में घायल 51 वर्षीय महिला राजबाला का सोमवार को निधन हो गया। राजबाला की मौत पर पर बाबा रामदेव ने कहा कि उनकी कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी।
 
रामदेव ने एक बयान जारी कर कहा कि यह पूरे संगठन, आंदोलन और देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। रामदेव ने कहा कि राजबाला शहीद हुई हैं और उनकी कुर्बानी बेकार नहीं जाने दी जाएगी। उनके लाखों भाई और बहन इस लड़ाई को लगातार जारी रखने के लिए लड़ते रहेंगे। राजबाला ने 114 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक राजबाला को जून में ही घायलावस्था में अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष [आईसीयू] में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार सुबह 10.25 बजे उनका निधन हो गया।
 
उल्लेखनीय है कि चार जून को देर रात बाबा रामदेव के समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान 100 लोग घायल हुए थे। राजबाला भी उन्हीं में शामिल थीं। राजबाला के एक रिश्तेदार राकेश मलिक ने बताया कि उनकी सास राजबाला की तबियत हाल के दिनों में और खराब हो गई थी। राजबाला की बेटी ने उनकी मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ऐसा सिर्फ पुलिस के लाठीजार्च की वजह से हुआ है। हम सभी जानते हैं कि पुलिस ने किसके कहने पर कार्रवाई की और पूरा देश जानता है कि उस दिन क्या हुआ था, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मुआवजे की भूखी नहीं हैं।
 
उन्होंने कहा कि हमें मुआवजा नहीं चाहिए। हम अपनी मां को वापस चाहते हैं, क्या वे ऐसा कर सकते हैं। राजबाला की बेटी ने सरकार पर कुछ न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार ने क्या किया। हमें सरकार की तरफ से सहानुभूति का एक शब्द भी सुनने को नहीं मिला। राजबाला गुडग़ांव की रहने वाली थीं। बाबा रामदेव के अनशन के दौरान चार जून की रात को हुई पुलिस कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनकी रीढ़ की हड्डी में गहरी चोट लगी थी।


 

सरकार आम आदमी के हितों के लिए वचनबद्घ है:सीएम

देहरादून । मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से$नि$) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने सोमवार को यमुना कालोनी स्थित अपने आवास पर जनता की समस्याओं को सुनते हुए कहा कि सरकार आम आदमी के हितों के लिए वचनबद्घ है। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी से रिवर राफ्टिंग कार्य करने वाले प्रतिनिधियों ने भेंट कर लाइसेंस प्रक्रिया का सरल बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इसका परीक्षण करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पबद्घ है और इस दिशा में ठोस कार्य किये जा रहे है।
 
मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी से अशासकीय सहायता प्रान्त विद्यालयों के प्रतिनिधिमण्डल की मांगों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका परीक्षण कराया जायेगा। जनपद टिहरी के मदन नेगी गांव से आये प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि टिहरी झील के कारण उनका गांव भूधंसाव से प्रभावित हो रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी टिहरी को निर्देश दिये कि इस प्रकरण का निरीक्षण कर यथोचित कार्यवाही की जाय। मेट कर्मचारी संघ, सिंचाई विभाग के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट कर मुख्यमंत्री से तृतीय संवर्ग में पदोन्नति का प्रतिशत बढ़ाने एवं वाहन भत्ता दिलाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसका परीक्षण करा लिया जाय। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी से बी$एड$, बी$पी$एड$ प्रशिक्षितों ने भी भेंट की तथा अपनी मांगे रखी। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे शीइा्र शिक्षा विभाग के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और इस प्रकार अन्य सभी प्रकरणों पर चर्चा करेगे। मुख्यमंत्री ने जनता मिलन में आये जरूरतमंदों को बीमारी के उपचार के प्रकरणों को भी सुना। विधायक गंगोत्री गोपाल सिंह रावत के नेतृत्व में ग्राम बंकोली, सेतु, गजोली,नौगांव, अघोडा, भंकोली, धाचरा, उतरौ के प्रधानों ने भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। 




 

अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन सख्त

हरिद्वार। गंगा समेत अन्य नदियों में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी डीएस पांडियन ने कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में मातहत अधिकारियों को खनन में लिप्त जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर न्यूनतम 25 हजार रुपये जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सिंचाई विभाग, गढ़वाल मंडल विकास निगम, राजस्व विभाग, वन निगम और पुलिस महकमे की संयुक्त टीम तीनों तहसीलों में बनाने को कहा है। ये टीमें प्रतिदिन जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगी।
 
गंगा समेत अन्य बरसाती नदियों में धड़ल्ले से अवैध खनन किया जाता है। अनेक प्रयासों के बाद भी प्रशासन इसे रोकने में सफल नहीं हो पा रहा है। अन्य विभागों का सहयोग न मिलना इसकी बड़ी वजह है। चूंकि अधिकतर खनन रात के समय किया जाता है।
इसलिए जिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देने के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन कर उपखनिजों को ठिकाने तक पहुंचाने वाली ट्रॉलियों पर अधिकतम 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इससे कम का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। जिलाधिकारी ने जीएमवीएन और वन विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने जीएमवीएन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने खनन से संबंधित विभागों को तालमेल से काम करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर एसडीएम के नेतृत्व में टीम बनाई जाएगी। यह टीम प्रतिदिन जिलाधिकारी को कार्रवाई के बारे में अवगत कराएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
 
बैठक में एसडीएम सदर हरवीर सिंह, एडीएम रणवीर सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक केएल शाह आदि उपस्थित रहे



 

जमीन लीज मामले में स्थिति स्पष्ट करे केंद्र व राज्य सरकार

नैनीताल। हाईकोर्ट ने वन विकास निगम के हरिद्वार जिले में नदियों को खनन के लिए जमीन लीज पर देने संबंधी मामले में केंद्र सरकार व राज्य सरकार को 4 नवम्बर तक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि किस प्रकार से वन विभाग द्वारा सरकार को भुगतान किया जा रहा है।
 
देहरादून निवासी अब्दुल वाहिद ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 2002 में सरकार ने खनन कार्य के लिए नदियों के किनारे की 138.03 हेक्टेयर भूमि लीज पर दे दी है। इसमें इन्वायरमेंट इम्पेक्ट एसेसमेंट नोटिफिकेशन बिना अनापत्ति लिए ही दे दी गई है। वन विभाग इसके बदले सरकार को राजस्व के रूप में 9.50 लाख हर छह माह में अदा करता था। लेकिन विभाग द्वारा उक्त पैसा नहीं दिया गया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बारिन घोष व न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद केंद्र सरकार व राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।




 

नोबल पुरस्कार के लिए महाकुंभ का नामांकन

हरिद्वार। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक बदले-बदले नजर आए। बस कुछ सुरक्षा कर्मी ही उनके साथ थे, निशंक बेफिक्र अंदाज में कार्यकर्ताओं से मिले। जाते-जाते मीडिया को बताया कि महाकुंभ का नामांकन नोबल पुरस्कार के लिए हो गया है। इशारों में उन लोगों पर निशाना साधा जो महाकुंभ को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटने के बाद निशंक पहली बार हरिद्वार पहुंचे। रुडक़ी जाने से पहले डामकोठी पहुंचे। कार्यकर्ताओं की कुशलक्षेम पहुंची। सरकारी तामझाम से दूर पूर्व सीएम काफी देर तक कार्यकर्ताओं के बीच रहे। मीडियाकर्मी भी पहुंचे, लेकिन किसी मुद्दे पर बातचीत करने के बजाय सीएम ने कहा कि अभी मौका नहीं है। मीडियाकर्मी सवाल करते रहे, साहित्य से लेकर दूसरे मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने राजनीतिक सवालों से उन्होंने दूरी बनाए रखी। जाते-जाते बताया कि महाकुंभ का नामांकन नार्वे में नोबल पुरस्कार के लिए हो गया है। दक्षिण अफ्रीका से लेकर मलेशिया तक के राष्ट्राध्यक्ष कुंभ के मैनेजमेंट की सराहना कर चुके हैं। कुंभ अपने आप में ऐतिहासिक आयोजन रहा। इशारों-इशारों में उन लोगों को नसीहत दी जो नोबल मिलने की बात पर सवाल उठाते रहे। जब कार्यकर्ताओं ने निशंक तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं, जैसे नारे लगाए तो बस मुस्करा कर रह गए। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुशील चौहान, दायित्वधारी पंकज सहगल, पूर्व जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश जमदग्नि, उपाध्यक्ष मनोज गर्ग, युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा, विकास तिवारी, हरजीत सिंह, उज्जवल पंडित, देवेंद्र प्रधान, राहुल ठाकुर आदि मौजूद थे।

देवप्रयाग में पीने के पानी को हाहाकार

देवप्रयाग। भागीरथी-अलकनंदा संगम स्थल देवप्रयाग में पेयजल संकट इस कदर बढ़ गया है कि यहां जल संस्थान को टैंकरों के जरिए जलापूर्ति करनी पड़ रही है।

पिछले एक सप्ताह से तीर्थनगरी में पेयजल संकट गहराया हुआ है। यहां पेयजल सप्लाई के लिए जिम्मेदार दो पेयजल योजनाओं में फिलहाल दिवानी गाड पेयजल योजना से ही पिछले वर्ष से जलापूर्ति हो रही है। देवप्रयाग-कोठी मार्ग निर्माण के चलते यह योजना कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पिछली 19 सितम्बर को रौड़ गांव के समीप योजना की तीन लाइनें एक साथ टूट गई थी, जिन्हें काफी मुश्किल के बाद जोड़ा जा सका था मगर कुछ घंटों में ही यहां मलबा आ जाने से यह लाइनें फिर से ध्वस्त हो गई थी। लगातार लाइनें टूटने के कारण गंगा तीर्थ देवप्रयाग में जलापूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ गई। इसके लिए नगरवासियों को नदी तटों से व संगम स्थल पर जाकर पानी ढोना पड़ रहा है। नगर के कई क्षेत्रों के लोग दूर हैडपम्पों से पानी लाने को मजबूर हैं। कुछ इलाकों में जल संस्थान ने टैंकरों से जलापूर्ति भी शुरू की है मगर इससे बहुत कम लोगों को ही पानी मिल पा रहा है।
 
देवप्रयाग जल संस्थान डिविजन के अधिशासी अभियंता आरएलएस बिष्ट ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि यहां दिवानी गाड पेयजल योजना पर लगातार काम जारी जबकि रंदी गाड पेयजल योजना पर भी जल्दी ही काम शुरू किया जाएगा। इस योजनाओं की मरम्मत को पिछले वर्ष से आपदा के तहत बजट आवंटित हुआ है मगर योजनाओं पर कछुए की गति से काम चलने से नगर क्षेत्र का जल संकट दूर नहीं हो पा रहा है।




भागीरथी तट बना है कूड़ाघर

उत्तरकाशी।  राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज और बालिका इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स ने रविवार को तिलोथ पुल के समीप गंगा तट पर कूड़ा और प्लास्टिक एकत्र कर गंगा स्वच्छता अभियान चलाया।
 
रविवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज और बालिका इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स ने राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज से रैली निकाल कर गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए लोगों से अपील की। रैली विश्वनाथ मार्ग, भटवाड़ी रोड़, भैरव चौक होते हुए तिलोथ पहुंची। तिलोथ में रैली में शामिल एनसीसी कैडेट्स ने गंगा तट पर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक व अन्य कूड़ा करकट एकत्र कर आग के हवाले किया। सूबेदार सुरेंद्र सिंह ने आएनएससंवाददाता को बताया कि गंगा जलस्तर घटने के साथ ही बरसात में बह कर आए कूड़े से भागीरथी नदी के तटों पर भारी मात्रा में कूड़ा एकत्र हो चुका है, जिसके चलते कैडेट्स ने गंगा तटों से कूड़ा साफ करने के रैली निकाल कर स्वयं भी कूड़ा साफ किया। इस मौके इंटर कालेज एनसीसी प्रभारी डॉ. मृत्युजंय शर्मा, आरपीएस परमार समेत अन्य मौजूद थे।



बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर कांग्रेस घेरेगी सरकार को

देहरादून। नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में तमाम तरह के घोटाले हुयेे हैं तथा भ्रष्टाचार चरम पर पंहुचा है जिसका मामला सदन में उठाया जायेगा। उन्होंने कहा कि कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार आदि मामलो को सदन में आवाज उठायी जायेगी। 

 

विधानभवन में पत्रकारो को सम्बोधित करते हुये नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि निशंक सरकार के कार्यकाल में कई तरह के मामले सामने आये हैं जिन पर सीबीआई जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसे मामलों ने प्रदेश वासियों को काफी व्यथित किया है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में जंगलराज हुआ है तथा कानून की धज्जियां उड़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो तीन सालों में जहां कई मामले सामने आये हैं वहीं भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था पर कमजोर पकड़ के चलते चेन स्नेचिंग, चोरी-डकैती तथा लोगो की असुरक्षा के मामले सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि इन सब मुददों को लेकर कांग्रेस सत्र में जायेगी तथा सरकार को इन सवालों का जवाब देना होगा। नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि जहां भाजपा सरकार प्रदेश के विकास की बात करती रही है वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के कई मुददे उभरकर सामने आये लेकिन किसी भी मामले पर कोई जांच की बात नहीं की गई जबकि कांग्रेस ने लगातार भ्रष्टाचार के मुददों पर सरकार से जबाव मांगा है तथा सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इन सारे मुददों को उठाया जायेगा तथा सरकार से सीबीआई जांच की मांग की जायेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मुददों पर कांग्रेस चुप्प बैठने वाली नहीं है। नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए घोटालो की जांच की जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही खुलासा हो पायेगा कि राज्य में किस हद तक भ्रष्टाचार हुआ है।   




 

 

सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में ढिलाई बरत रहे हैं लापरवाह अधिकारी

देहरादून। एक ओर जहां सरकार द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कुछ लापरवाह अधिकारी सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में ढिलाई बरत रहे हैं जिससे स्वरोजगार योजनायें पूर्ण रूप से धरातल पर नहीं उतर पा रही है। यही नहीं चौंकाने वाली बात यह है कि इस तरह की ढिलाई केन्द्र पोषित योजना में बरती जा रही है। 
 
गौरतलब है कि स्वर्ण जंयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना के जरिये लोगों को स्वरोजगार देने की  योजना चलाई जा रही है जिसके चलते ग्रामीण स्तर पर लोगों को स्वरोजगार से जोडऩे के लिए लाखों रपये सरकार द्वारा खर्च भी किये जा रहे हैं लेकिन देहरादून जनपद में अगस्त माह के आंकड़े बंया कर रहे हैं कि स्वर्ण जंयन्ती ग्राम स्वरोगार योजना में ढिलाई सामने आई है। केन्द्र पोषित येाजना के तहत जनपद देहरादून को ८४.८७ लाख रपये प्रदान किये गये थे लेकिन उसके बावजूद भी इतनी बड़ी धनराशि में से एक पाई भी खर्च नहीं हो पाई है। हैरत की बात तो है कि केन्द्र पोषित योजना के जरिये प्रदान की गई लाखो रपये की धनराशि में से एक पाई भी खर्च नहीें होना दर्शाता है कि सम्बन्धित विभाग द्वारा स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना में ढिलाई सामने आ रही है। यही नहीं स्वर्ण जयंन्ती ग्राम स्वरोजगार के जरिये लोगों को स्वरोजगार देने के दावे भी कम ही साबित हो रहे हैं। चर्चा है कि स्वरोजगार के नाम पर बड़े-बड़े दावे तो किये गये लेकिन उसके बावजूद भी स्वरोजगार देने वालों की संख्या कम नजर आ रही है। यही नहीं दूसरी ओर केन्द्र पोषित योजना के जरिये स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार येाजना के लिए लाखो रपये प्रदान किये गये हैं लेकिन उसके बावजूद भी समय रहते लाखो रपयें को धरातल पर उतारने में लापरवाही बरती गई है। चर्चा है कि केन्द्र  पोषित योजना का ८४ लाख रपये को उतारने के लिए सम्बन्धित विभाग द्वारा कोई विशेष कवायद शुरू नहीं की गई तथा इतनी बड़ी धनराशि को कागजों में ही घुमाया जा रहा है।  चर्चा है कि जनपद में स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना के जरिये आज भी कई लोग स्वरोजगार पाने की उम्मीद बंधाये बैठे हैं लेकिन उसके बावजूद भी इस धनराशि को खर्च करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यही नहीं चर्चा यह भी स्वरोजगार योजना में अक्शर लापरवाही बरती गई है। 

 

चीन से है देश को सबसे बड़ा खतरा

काशीपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि देश की सीमाएं चारों ओर से असुरक्षित हैं। वर्तमान परिदृश्य में चीन देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। देश में व्याप्त निराशा के माहौल को खत्म करने के लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।
 
रविवार को शहर के प्रमुख उद्यमी योगेंद्र जिंदल के आवास पर पत्रकारों से वार्ता में श्री चिन्मयानंद ने कहा कि देश इस समय गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। यूपीए के भ्रष्ट मंत्रियों के आचरण से देश में विश्वसनीयता का संकट पैदा हो गया है। एक के बाद एक मंत्री सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने भ्रष्ट मंत्रियों का बचाव करने वाले संदिग्ध चरित्र के व्यक्ति को देश का नेतृत्व करने का अधिकार नहीं है। यूपीए सरकार यह प्रचारित करती है कि टेलीकॉम पॉलिसी उसे एनडीए से विरासत में मिली है। एनडीए के शासनकाल में यही पालिसी लागू थी, फिर भी कोई घोटाला नहीं हुआ। यदि पॉलिसी में कोई कमी थी तो टाडा व पोटा जैसे कानून खत्म करने वाली यूपीए सरकार को इस पॉलिसी को अपनाने की क्या आवश्यकता थी। पूर्व गृह राज्यमंत्री ने कहा, अन्ना के आंदोलन को मिला अपार जनसमर्थन इस बात को प्रमाणित करता है कि देश का आमजन भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुका है और आमूलचूल परिवर्तन चाहता है। योजना आयोग के गरीबी निर्धारण के नए मानकों को संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे निकृष्टतम उदाहरण मिलना असंभव है। आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में आठ प्रांतों के 55 जिले नक्सल प्रभावित थे। वर्तमान में देश के 29 प्रांतों के 167 जिलों में नक्सली हिंसा का साम्राज्य है। चीन लगातार भारतीय सीमा में अतिक्रमण कर रहा है। ऐसे में केंद्र की चुप्पी संदेह पैदा करती है।


मलेरिया व डेंगू फैलने के आसार

चम्पावत।  बरसात के बाद मलेरिया व डेंगू जैसे संक्रमण रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अब तक क्षेत्र में कीटनाशक दवाइयों का छिडक़ाव तक नहीं किया गया है। व्यापार मंडल महामंत्री ने सीएमओ को पत्र लिखकर शीघ्र दवा के छिडक़ाव की मांग की है।
 
विदित हो कि बरसात के बाद क्षेत्र में दर्जनों स्थानों पर जल भराव होने से संक्रमण रोग फैलने की आशंका बन जाती है। पिछले वर्ष तक विभाग द्वारा कीटनाशक दवाइयों का छिडक़ाव नगर में किया जाता था, लेकिन इस बार विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू, दिमागी बुखार आदि बीमारियों के पनपने की आशंका बनी हुई है। बुखार व मलेरिया से अभी तक दर्जनों लोग चपेट में आ चुके हैं। व्यापार मंडल महामंत्री संजय अग्रवाल ने जिला चिकित्सा अधिकारी को पत्र प्रेषित कर क्षेत्र एवं बाजार में फैल रहे संक्रमण रोगों से बचाव की मांग की है। उन्होंने शीघ्र कीटनाशक दवाइयों के छिडक़ाव का अनुरोध विभाग से किया है। उनका कहना है कि गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों के माध्यम से नाममात्र की कीटनाशक दवाइयां बांटकर खानापूर्ति की गई थी, लेकिन इस वर्ष अब तक विभाग ने संक्रमित स्थानों पर दवा का छिडक़ाव नहीं किया है। इससे लोगों में खासा आक्रोश बना हुआ है।
 
 

पॉलीथिन का विकल्प चाहें तो नैनीताल आएं

नैनीताल। नेशनल जूट बोर्ड के सहयोग से नैनीताल में छह दिवसीय जूट प्रदर्शनी शुरू हो गई है। प्रदर्शनी का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने किया।

इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा जूट उत्पाद पॉलीथिन का मजबूत विकल्प है। पालिका प्रशासन शहर को पालीथिन मुक्त बनाने के लिए जूट निर्मित उत्पादों को प्रोत्साहन देगा। मल्लीताल फ्रीमेंशन हाल में लगी प्रदर्शनी में जूट निर्मित बैग, चटाई, ज्वैलरी, स्लीपर, झूले, कास्टर, वाल हैगिंग आदि के 16 स्टाल लगाए गए है। जिसमें अल्मोड़ा, रानीखेत, कोलकाता, दिल्ली, गाजीपुर के जूट कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री की जा रही है। प्रदर्शनी में 20 रुपए से लेकर 1200 रुपए रेज के जूट उत्पाद उपलब्ध है।

पहले दिन बड़ी संख्या में ग्राहकों ने मनपसंद उत्पाद खरीदे। प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने स्टालों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर सभासद मनोज अधिकारी, जूट बोर्ड के सहायक निदेशक किशन सिंह घुघत्याल, निजी सचिव तुषार भट्टाचार्या, फील्ड आफिसर बालकृष्ण मौजूद थे।


 

टीम अन्ना के सदस्यों की संपत्ति या अन्य किसी भी चीज की जांच करने को स्वतंत्र है केन्द्र सरकार

देहरादून। भ्रष्टाचार के खिलाफ देश को एकसूत्र में पिरोने वाले अन्ना हजारे की टीम के दो प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल एवं प्रशांत भूषण सोमवार को दून पहुंचे। मीडियाकर्मियों से बातचीत में दोनों ने स्पष्ट किया कि टीम अन्ना का केन्द्र से कोई बैर नहीं है। अगर वो टीम के सदस्यों की संपत्ति या अन्य किसी भी चीज की जांच करना चाहती है तो उसके लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।

 

शताब्दी एक्सप्रेस से दून रेलवे स्टेशन पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने मीडिया के सवालों का सहजता से जवाब देते हुए कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने कुछ दिन पूर्व उन्हें यहां आने का निमंत्रण दिया था। इसी के सिलसिले में वह लोग यहां आए हैं। उन्होंने बताया कि यहां आने के पीछे मकसद सीएम द्वारा जनलोकायुक्त बिल पर चर्चा किया जाना है। अन्य राज्यों से भी ऐसा न्यौता मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने दो माह पूर्व लोकपाल पर चर्चा के लिए टीम के सदस्यों को बुलाया था। कांग्रेस शासित राज्यों से ऐसा कोई न्यौता आया या नहीं। इस पर बोले कि अगर किसी कांग्रेस शासित राज्य से उन्हें बुलाया जाता है तो इसमें उन्हें कोई हर्ज नहीं। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना का आंदोलन कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो जनलोकपाल के खिलाफ हैं और उन्हीं लोगों को उखाड़ फेंकने की बात हमेशा से टीम अन्ना ने की है। पूछे जाने पर कि केन्द्र द्वारा टीम अन्ना के सदस्यों की संपत्ति आदि की जांच की बातें सामने आई हैं तो बोले कि इसमें कोई हर्ज नहीं। जैसा वह चाहते हैं जरूर करें। जेपी व अन्ना दोनों के आंदोलन को अलग-अलग समय की जरूरत बताया। तब जेपी का आंदोलन भी समसामयिक था और यह आंदोलन भी। इस मौके पर टीम अन्ना के एक और सदस्य कुमार विश्वास भी उनके साथ थे। इससे पूर्व रेलवे स्टेशन पहुंचने पर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.कुलदीप दत्ता, सीमा गोयल आदि ने टीम अन्ना का गर्मजोशी से स्वागत किया।


 

रेंजर्स मैदान को लेकर जिला प्रशासन अभी भी अपने रुख पर अडिग

देहरादून।  रेंजर्स मैदान को लेकर जिला प्रशासन अभी भी अपने रुख पर अडिग है। अधिकारियों का साफ कहना है कि लैंड का ट्रांसफर नहीं किया गया है। भूमि महज 90 सालों के लिए एफआरआइ के नियंत्रण में दी गई थी।

जिला प्रशासन के मुताबिक ब्रिटिशकाल में वर्ष 1872 में मिलिट्री बोर्ड ने प्रस्ताव बनाया था कि नजूल भूमि जरूरत के हिसाब से विभिन्न विभागों को लीज पर दे दी जाए। इसी के तहत रेंजर्स मैदान की जमीन एफआरआइ को दी गई थी। इसी क्रम में वर्ष 1906-07 में तय किया गया कि एफआरआइ से हर 30 साल में लीज का रेन्युवल नहीं कराया जाएगा। प्रशासन के अनुसार जमीन का कंट्रोल एक साथ 90 सालों के लिए एफआरआइ को दे दिया गया। ताकि संस्थान को लीज के नवीनीकरण के लिए बार-बार परेशान न होना पड़े। यह बात कभी सामने नहीं आई कि भूमि का हस्तांतरण कर दिया गया है। न ही इस तरह के कोई रेकॉर्ड प्रशासन के पास हैं।
 
जिलाधिकारी सचिन कुर्वे का कहना है कि मैदान पर लिया गया तालाबंदी का फैसला एकदम सही है। 90 साल के नियंत्रण का मतलब यह नहीं होता था कि जमीन एफआरआइ या केंद्र सरकार के नाम पर ट्रांसफर हो गई। प्रशासन के पास एफआरआइ प्रशासन के हर सवाल का जवाब है। जरूरत पडऩे पर यह बात साबित भी कर दी जाएगी। फिलहाल ग्राउंड से ताला नहीं हटाया जाएगा।



मास्टर प्लान की ओर ध्यान दे एमडीडीए

देहरादून। आर्किटेक्ट-ड्राफ्टमैन एसोसिएशन ने सोमवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष आरके सुधांशु से मुलाकात कर उनका ध्यान मास्टर प्लान समेत अन्य समस्याओं की ओर दिलाया।

एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी संगल एवं सचिव डीएस राना के नेतृत्व में वीसी से मिलने पहुंचे सदस्यों ने बताया कि मास्टर प्लान में तमाम खामियों के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही। जबकि सालों पुराने एमडीडीए बायलॉज भी बदले जाने की जरूरत है। सिंगल विंडो पर आवासीय नक्शे एक दिन में पास नहीं हो रहे। यह भी मांग उठाई कि एमडीडीए में जगह-जगह सिटिजन चार्टर लगाए जाएं ताकि बाहर से आने वाले व्यक्तियों को पता चल सके कि किस काम के लिए किसके पास जाना है।




 

दामाद के भाई ने लूटी आबरू

टनकपुर। नगर से लगे मनिहार गोठ की एक महिला ने अपने दामाद के छोटे भाई पर बेटी से दुराचार करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ ही पुलिस ने आरोपी युवक को धारा 376 के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
 
मनिहार गोठ गांव की एक महिला ने कोतवाली में दी तहरीर में कहा कि उनके दामाद का छोटा भाई पिछले लंबे समय से बहला फुसलाकर बेटी से दुराचार करता रहा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से लडक़ी को न्याय दिलाए जाने व दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी उनकी लडक़ी को जान से मारने की धमकी देता आ रहा है। पांच दिन पूर्व उनकी लडक़ी ने एक बच्ची को जन्म दिया है। जबकि आरोपी युवक भी शादीशुदा है। मामले को सुलझाने के लिए सुलह वार्ता के कई दौर चले, लेकिन मामला सुलझने के बजाय आखिर में पुलिस के ही पास पहुंचा। इधर कोतवाल एलएम विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी युवक को धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पीडि़ता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। इधर इस मामले में चर्चा का बाजार गर्म रहा।



 

रेलवे ट्रैक पर युवती का क्षत विक्षत शव मिलने से सनसनी

डोईवाला। लच्छीवाला रेलवे पुल पर एक युवती का संदिग्धावस्था में क्षत विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। रेलवे पटरी पर गश्त कर रहे कर्मचारियों की सूचना पर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव कब्जे में लिया। शव पोस्टमार्टम को भेज गया है।
 
सोमवार तडक़े रेलवे स्टेशन से पुलिस को सूचना मिली कि लच्छीवाला रेलवे पुल के ऊपर ट्रैक पर एक युवती का क्षत विक्षत शव पड़ा हुआ है। जानकारी पाकर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। इस बीच गांव के लोग भी मौके पर जमा हो गए। कोतवाल आनंद सिंह कठैत ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों से तफ्तीश करने पर युवती के घर का पता चला। मृतका की पहचान प्रीति (20) पुत्री सूरतराम निवासी लच्छीवाला के रूप में की गई है। युवती के पिता मजदूरी करते हैं। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का दिखाई पड़ता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। परिजनों की ओर से इस संबंध में कोई भी तहरीर नहीं दी गई है। उधर, युवती की मौत की खबर लगते ही घर में कोहराम मच गया।

 

युवक की सिर कुचलकर हत्या

देहरादून। शहर के पटेलनगर थाना क्षेत्र के बांबेबाग में युवक की लकड़ी फट्टों से सिर कुचलकर हत्या कर शव खेत में फेंक दिया गया। सोमवार सुबह लोगो ने खेत में लहूलुहान शव देख पुलिस को सूचना दी। युवक ट्रांसपोर्टनगर में ट्रक चालक था और रविवार रात से घर से गायब था। पुलिस ने दो लोगों को जांच के लिए हिरासत में लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

घटना सोमवार सुबह पटेलनगर थाना क्षेत्र के पथरीबाग बांबेबाग स्थित नगर निगम के स्लाटर हाउस के पास सामने आई। लोगों ने स्लाटर हाउस के पीछे खेत में किसी को लहूलुहान पड़े देखा। सूचना पर पटेलनगर पुलिस मौके पर पहुंची तो करीब 28 साल का युवक मृत पड़ा था। सिर पर घाव थे। उसका सिर लकड़ी के फट्टों से कुचला हुआ था। पास ही एक फट्टा मिला। जिस पर खून लगा था। आसपास के लोगों को शिनाख्त के लिए बुलाया गया। मृतक की शिनाख्त इंद्रपाल मौर्य (29) पुत्र बिंददिनी मौर्य निवासी पथरीबाग के रूप में हुई।
 
इंद्रपाल के भाई रविशंकर मौर्य ने शव की शिनाख्त की। इंद्रपाल की पत्नी भी वहां पहुंच गई और बेहोश होकर गिर गई। होश आने पर उसने बताया कि इंद्रपाल रविवार रात नौ बजे घर से एक अंजान शख्स के बुलावे पर गया था। वह कहकर गया था कि कुछ देर में लौट आएगा। लेकिन वह नहीं लौटा। वह ट्रांसपोर्टनगर में कुलवंत सिंह सेठी का ट्रक चलाता था। पुलिस को उस व्यक्ति की तलाश है तो इंद्रपाल को बुलाकर ले गया था। एसएसपी गोपालनाथ गोस्वामी ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि अहम सुराग मिले हैं। कॉल डिटेल खंगाली जा रही है व दो लोगों से पूछताछ की जा रही है।
 
पुलिस को इंद्रपाल का स्कूटर घटनास्थल से लगभग दो सौ मीटर दूर कारगी रोड पर मिला। पुलिस को शक है कि दूसरे वाहन से इंद्रपाल को खेत में ले जाया गया। यही नहीं हत्या से पहले इंद्रपाल व हत्यारों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्था भी हुई। इसके निशान पुलिस को खेत में मिले। पुलिस ने घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर खाली झोपड़ी के पास से इंद्रपाल की चप्पल भी बरामद की। माना जा रहा है कि झोपड़ी के पास हत्या कर शव दूर फेंका गया। मृतक की जेब से 3200 रुपये मिले। पुलिस लूट की आशंका से इनकार कर रही है।
 
इंद्रपाल का सात वर्षीय बेटा रात से ही पापा के लौटने का इंतजार कर रहा था। देर रात तक वह नहीं सोया। मम्मी ने उसे जैसे तैसे सुला दिया। बताया गया कि सुबह को उठते ही वह फिर पापा को याद करते हुए रोने लगा। इसी बीच इंद्रपाल की हत्या की सूचना घर पहुंच गई। मासूम को पता नहीं कि अब उसके पापा कभी नहीं आएंगे।




जेसीबी लगाकर तसेड दिया श्मशान घाट , बवाल

विकासनगर। सेलाकुई में रविवार रात जेसीबी लगाकर श्मशान घाट का शेड तोड़ दिया गया। घटना की जानकारी होने पर सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और घटना का विरोध किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। एसडीएम इला गिरी, सीओ सरिता डोभाल ने लोगों को शांत कराया। ग्राम प्रधान ने सेलाकुई पुलिस चौकी में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

जानकारी के अनुसार, सेलाकुई स्थित श्मशान घाट पर बना शेड रविवार रात करीब 12 बजे अज्ञात लोगों ने जेसीबी लगवाकर तोड़ दिया। सुबह जब लोगों ने श्मशान का शेड टूटा देखा तो आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग इक_ा हो गए। घटना के विरोध में लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर थानाध्यक्ष सूर्यभूषण नेगी मय पुलिस बल के मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोग एसडीएम और पटवारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। कई बार सूचना देने के बाद भी एसडीएम के मौके पर न पहुंचने पर लोगों का पारा फिर चढ़ गया और उन्होंने रोड जाम करने का प्रयास किया। कुछ देर बाद एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर पटवारी को श्मशान घाट के आसपास की जमीन की रिपोर्ट तुरंत सौंपने के निर्देश दिए। आक्रोशित लोगों ने एसडीएम से कहा कि अवैध प्लॉटिंग के लिए श्मशान घाट को तोड़ा गया है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सीओ सरिता डोभाल ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने थानाध्यक्ष से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान विजयपाल बत्र्वाल ने सेलाकुई चौकी इंचार्ज को अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है।
 
सेलाकुई में श्मशान घाट तोडऩे का विरोध जताने पर श्री आद्य शक्ति संस्कृत वेद विद्यापीठ एवं संस्कार जागृति केंद्र सेलाकुई के डॉ. पंकज किशोर गौड़, रजनीश, सुशील, विनय, विजयपाल, रामबीर और अनिल आदि ने घटना की निंदा की है।





दून अस्पताल में ऐहतियातन रेपिड रिस्पांस टीम गठित

देहरादून। डेंगू के मद्देनजर दून अस्पताल चौकन्ना हो गया है। दून अस्पताल में ऐहतियातन रेपिड रिस्पांस टीम गठित कर दी गई है। यह टीम अब मरीजों की नियमित रिपोर्टिंग करेगी।
 
सोमवार को सीएमएस डॉ.बीसी पाठक ने दून अस्पताल में फिजिशियन डॉ.एनएस बिष्ट की अगुवाई में एक पेथोलॉजिस्ट व दो सिस्टरों की टीम का गठन किया। यह टीम रोजाना सीएमओ, सीएमएस को रिपोर्ट देगी।


एक अक्टूबर को लगेगी मेगा लोक अदालत

चम्पावत। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक अक्टूबर को दीवानी न्यायालय परिसर में मेगा लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। सुबह दस बजे से लगने वाली इस अदालत की अध्यक्षता जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान करेंगे।
 
प्राधिकरण के सचिव सीजेएम बृजेंद्र सिंह ने बताया कि मेगा लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों के लघु आपराधिक मामले, मोटर दुर्घटना, प्रतिकर वाद, भरण पोंषण वाद, हिंदू विवाह अधिनियम के मामले, बैंक ऋण संबंधी दीवानी वाद और दाखिल खारिज मामले आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए जाएंगे। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, बार संघ के अधिवक्ताओं और सभी पदेन सदस्यों से अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कर मेगा लोक अदालत को सफल बनाने की अपील की है।



 

सांपों की रखवाली भी करेंगे उत्तराखण्ड के जंगलाती

देहरादून : अपनी जैव विविधता के लिये विख्यात पहाड़ी राज्य उत्तराखण्ड में सापों का कुनबा बढ़ाने के लिये राज्य के वन विभाग ने एक और कदम उठाते हुये वानिकी शिक्षा में सर्प प्रशिक्षण भी शामिल करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में सापों को बचाने के लिये पहले ही रेस्क्यू सेण्टर बना दिया गया है और हरिद्वार में एक स्नेक पार्क प्रस्तावित है।

उत्तराखण्ड के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्रीकांत चंदोला के अनुसार वन्यजीव विभाग ने अब सर्प प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत कार्बेट प्रशिक्षण केंद्र कालागढ़ में वन आरक्षियों के प्रशिक्षण में सर्प प्रशिक्षण को अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। यही नहीं, विभागीय कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारियों को भी सर्प प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है। चंदोला के अनुसार इस सिलसिले में आदेश जारी कर दिये गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन साल पहले अपर प्रमुख वन संरक्षक जयराज की पहल पर वन विभाग ने सांप बचाने की मुहिम शुरू की थी। पहले हेल्पलाइन बनी और फिर एनजीओ की मदद से रेसक्यू सेंटर की स्थापना की गयी। इस कड़ी में विभाग के 37 प्रभागों के 94 कर्मचारियों को सर्प प्रशिक्षण दिया गया तो सांपों को बचाने में सफलता मिल रही है।
 
गौरतलब है कि देश में पाई जाने वाली सांपों की 270 प्रजातियों में 70 उत्तराखंड में पाई जाती हैं। तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल में सापों के फार्म स्थापित करने के बाद महाबीपुरम, जिला कांची पुरम तमिलनाडू की इरुला स्नेक कैचर्स इण्डस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसाइटी ने उत्तराखण्ड सरकार से हरिद्वार जिले के खादर इलाके में सर्प फार्म स्थापित करने की अनुमति मांगी है। इस फार्म में भी यह सोसाइटी कोबरा, क्रैट, वाइपर और रस्सैल जैसे खरनाक सांपों से जहर (वेनम) निकालेगी। इस जहर की दुनियांभर में मांग है। इसका प्रयोग सांप के काटने पर जहर को निष्प्रभावी करने के लिये घोड़े या भेड़ से निकले एन्जाइम बनाने में किया जाता है। जानवरों से यह एण्टीबाडी निकालने से पहले उन्हें सांप के जहर का इन्जेक्शन दिया जाता है। यह जहर पदार्थ और दानों रूपों में तैयार किया जाता है।
 

170 मिलियन डालर की परियोजना को भारत सरकार ने दी स्वीकृति : परियोजना की सफलता को लेकर बैठक आयोजित

देहरादून : विश्व बैंक के सहयोग से चलाई जा रही उŸाराखण्ड विकेन्द्रीकृत जलागम विकास परियोजना के अगले चरण के लिए 170 मिलियन डाॅलर की परियोजनाओं को भारत सरकार द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। राज्य के 13 प्रतिशत वर्षा आधारित क्षेत्र को सिंचाई क्षेत्र में बदलने वाला उŸाराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है। 
 
यह सम्भव हो पाया सामुदायिक सहभागिता से चलाई जा रही जलागम विकास परियोजना के माध्यम से। इस बारे में सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्व बैंक टीम ने उŸाराखण्ड सरकार को इस बात के लिए बधाई दी कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार ने राज्य को उच्च श्रेणी प्रदान की है। मुख्य सचिव ने बताया कि परियोजना के तहत दूर-दराज के पिछड़े हुए क्षेत्रांे में खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतों को ही योजना बनाने, लागू करने और देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। इससे 10 प्रतिशत घरेलू आय और बायोमास में वृद्धि, 15 प्रतिशत पेयजल की उपलब्धता और 20 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के संस्थागत क्षमता में वृद्धि हुई है। यह परियोजना पर्वतीय क्षेत्र के 11 जनपदों के 18 ब्लाकों में लगभग 2348 वर्ग किमी. क्षेत्रफल में चलाई जा रही है। इसमें 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। इसके माध्यम से फल उत्पादन क्षेत्र बढ़ा है। खाद्य प्रसंस्करण ईकाइयों के स्थापित होने से एग्री बिजनेस को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि 488 करोड़ रूपये की इस परियोजना में विश्व बैंक 77.9 प्रतिशत, राज्य 18.6 प्रतिशत और लाभार्थी की भागीदारी 3.5 प्रतिशत है।
 
श्री कुमार ने बताया कि देहरादून में कालसी के 52 ग्राम पंचायत, टिहरी गढ़वाल के जौनपुर और थौलधार विकासखण्ड के 31 ग्राम पंचायत, उŸारकाशी के चिन्यालीसौंड़ के 33 ग्राम पंचायत, पौड़ी गढ़वाल के जयहरीखाल और द्वारीखाल के 30 ग्राम पंचायत, रूद्रप्रयाग के अगस्तमुनि के 52 ग्राम पंचायत, चमोली के गैरसैंण के 27 ग्राम पंचायत, अल्मोड़ा में चैखुटिया और द्वाराहाट के 46 ग्राम पंचायत, बागेश्वर में बागेश्वर, गरूड़ और कपकोट के 47 ग्राम पंचायत, चम्पावत मेें लोहाघाट, बाराकोट के 66 ग्राम पंचायत, पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट के 44 ग्राम पंचायत, नैनीताल में ओखलाकांडा और धारी के 40 ग्राम पंचायत सहित कुल 468 ग्राम पंचायतों में परियोजना चलाई जा रही है। विश्व बैंक टीम ने दूर-दराज क्षेत्रों में चलाई जा रही इस सफल परियोजना के लिए उŸाराखण्ड सरकार की सराहना की। उनके अनुसार विश्व बैंक आगे भी राज्य की वित्तीय सहायता करता रहेगा। बैठक में एफआरडीसी राजीव गुप्ता, प्रमुख सचिव नियोजन एस. रामास्वामी, सचिव एम.एच. खान, सचिव विनोद फोनिया, विश्व बैंक की टीम में नारमंेट पिकोनी, रंजन समांत्रे, पाल सिद्धू मौजूद थे।

नवम्बर तक लगभग सभी सुविधायें मिल जायेंगी स्कूलों को

देहरादून। विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, बिजली आदि बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्य सचिव सुभाष कुमार द्वारा मासिक समीक्षा बैठक की जा रही है। इसी का परिणाम है कि नवम्बर तक लगभग सभी विद्यालयों में पानी, शौचालय और बिजली की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। 1028 पेयजल विहीन विद्यालयों में से 167 विद्यालयों में पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य पूरा हो चुका है। 916 विद्यालयों में पेयजल पहुॅचाने का कार्य चल रहा है। इसी तरह से 795 शौचालय विहीन विद्यालयों में से 170 विद्यालयों में शौचालय बना दिये गये हैं। शेष 625 विद्यालयों में शौचालय निर्माण के लिए पहली किस्त स्वजल द्वारा जारी कर दी गई है। विद्युत विहीन विद्यालयों में बिजली उपलब्ध कराने के लिए मुख्य सचिव ने अपर सचिव (स्वतंत्र प्रभार) विद्यालयी शिक्षा सुवद्र्घन को निर्देश दिये कि विद्युतीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए केन्द्रीय स्तर पर यूपीसीएल को 3 हजार रूपये प्रति विद्यालय की दर से धनराशि दे दी जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पेयजल, शौचालय और विद्युतीकरण का कार्य हर हाल में नवम्बर तक पूरे हो जाने चाहिए।

बैठक में अपर सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्यांकी, अपर निदेशक सर्व शिक्षा अभियान आर$के$ कुॅवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



 

मुख्यमंत्री ने की विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधकारियों से मुलाकात

देहरादून । मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी से सोमवार को उनके आवास पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधकारियों ने मुलाकात कर उनका अभिनंदन करते हुए उनके नेतृत्व में प्रदेश के चहुंमुखी विकास की कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देष का आदर्श राज्य बनाने के लिए वचनबद्घ है। इसके लिए भ्रष्टाचारमुक्त और पारदर्शी प्रशासन के लिए ठोस पहल षुरू की गई है। सरकार ने सुराज, भ्रश्टाचार निवारण और जन सेवा विभाग का गठन कर इस दिशा में प्रभावी कदम उठाये है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पबद्घ है। विकास योजनाओं का दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे लोगों को लाभ मिले इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देष दिये गये है कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण करें। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी ने कहा कि जनता की अपेक्षाएं काफी है और उन्हें पूरा करने का सरकार हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी ने कहा कि हर प्रदेषवासी उत्तराखण्ड के विकास में अपना सहयोग दे, तभी हम उत्तराखण्ड को आन्दोलनकारियों के सपनों के अनुरूप एक आदर्ष राज्य बना पायेंगे। 

मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी से रानीपोखरी डोईवाला ज्येष्ठ उप प्रमुख डोईवाला नवीन चौधरी तथा भाजपा नेत्री आशा कोठारी के नेतृत्व में क्षेत्र से आये लोगों ने मुलाकात कर क्षेत्र के शहीद सैनिक कैलाश भट्ट डांडी-बडक़ोट मोटर मार्ग के पुनरूद्र्घार करने की मांगी की। व्यापार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर श्री खंडूड़ी द्वारा भ्रश्टाचार उन्मूलन तथा जनशिकायतो के शीघ्र समाधान के लिए अलग मंत्रालय स्थापित करने की प्रभावी पहल की प्रशंसा करते हुए उनके संकल्प को मूर्त रूप देने में अपना सक्रिय सहयोग देने की बात कही। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष सोहन लाल गुन्ता ने मुख्यमंत्री को उनके पुन: मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए उनके कार्यो को मूर्त रूप देने के लिए अग्रवाल सभा की ओर से हर संभव सहयोग देने का आष्वासन दिया। गोरखा डेमोक्रेटिक फंड के नेता सूर्य विक्रम शाही ने मुलाकात कर उन्हें पुन: मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी और विष्वास व्यक्त किया किया कि उनके नेतृत्व में उत्तराखण्ड आदर्श राज्य बनेगा। मुख्यमंत्री से शिव सेना के नेता गौरव कुमार, देवेन्द्र बिश्ट, विरेन्द्र रावत, राहुल चौहान सहित अनेक पदाधिकारियो ने मुलाकात कर उनके नेतृत्व में प्रदेष के विकास में पूर्ण सहभागिता निभाने का आश्वासन दिया।
 
उत्तरकाशी से आये प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा नेता बिमला नौटियाल के नेतृत्व में जनपद उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के अन्तर्गत बिश्ट पट्टी क्षेत्र को भी अन्य पिछड़ा वर्ग में षामिल करवाने के लिए ग्राम प्रधान श्रीकोट गुरूयाला, मकोली, नागड़ी टिपड़ी कुठाल्डी, बमणती के प्रधान द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा कि पूर्व सरकार द्वारा दषगी एंव भण्डास्यंू पट्टी को पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित किया जा चुका है, जबकी बिष्ट पट्टी भी दशगी एवं भण्डास्यूं पट्टी की भांति ही पिछड़ी है। सदस्य बागवानी बोर्ड उतराखण्ड प्रताप सिंह रावत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रित्व काल में चकराता क्षेत्र के लिए की गई घोशणाओं, जिनमें नया चकराता को विशेष क्षेत्र प्रधिकरण में लाने व समग्र विकास कार्य योजना बनाने, महाशू के पास हैलीपैड बनाने, इच्छाड़ी क्वानॅू सुधारीकरण की ओर ध्यान आकृष्ट किया। साथ ही हरिपुर इछाड़ी कोटी- क्वानू मीनस मोटर मार्ग 75 किमी, मीनस-अटाल मोटर मार्ग 23 किमी, लोखण्डी अटाल लोखण्डीपीपरामीनस मोटर मार्ग 17 किमी, चकराता त्यूनी मोटर मार्ग, डामीकरण व सुधारीकरण की मांग की थी। मुख्यमंत्री से भाजपा नेता उमेष अग्रवाल के नेतृत्व में दशहरा कमेटी बन्नू बिरादरी के प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात कर उन्हें बधाई दी तथा आगामी 06 अक्टूबर, 2011 को सायं 05$00 बजे मुख्य समरोह लंका एवं रावण दहन के कार्यक्रम में आंमत्रित किया। उमेश अग्रवाल के साथ दशहरा कमेटी के संयोजक हरीश डोरा पार्षद, दशहरा कमेटी के उप प्रधान दिनेष कयूरिया, दषहरा कमेटी के प्रबंधक हरीश अरोड़ा, दशहरा कमेटी के महामंत्री योगराजन आदि शामिल थे। मुख्यमंत्री से आशासकीय विद्याालयो के अभिभावक -अध्यापक ऐसोसियेशन के अध्यापकों ने मिलकर उन्हें नियुक्तियों में छूट तथा मानदेय ने वृद्घि का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री श्री खंडूड़ी ने कहा कि शिक्षा विभाग से उनके मामले में परीक्षण करा कर आवश्यक मदद की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी से सीनियर सिटिजन एसोसियेशन, उत्तराखण्ड के श्री आर$पी$मिश्रा, होटल एसोसियेशन के एस$पी$कोचर आदि ने भी भेंट की। 


 

हज यात्रा पर जाने के लिए पहली उडान 29 सितंबर को

देहरादून। आजमीने हज के लिए खुशखबरी है। हज यात्रा पर जाने के लिए पहली परवाज 29 सितंबर को होगी। यह सिलसिला अक्टूबर में होने वाली अंतिम उड़ान तक जारी रहेगा। हज कमेटी ने इसके लिए अलग-अलग तारीखें एवं स्थान तय किए हैं।

राजधानी दून से एक हजार से भी ज्यदा लोग हज यात्रा पर जाने की संभावना है। उत्तराखंड के कुछ जिलों के लोग दिल्ली से हज को जाएंगे। जानकारी के अनुसार यूपी के मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद समेत 22 जिलों की रवानगी दिल्ली से होती है। 29 सितंबर के साथ ही 2 अक्टूबर की तारीखें भी लोगों को मिल गयी हैं।
 
हज यात्री अपने साथ सफर में 35 किलो सामान ले जा सकते हैं। वापसी में 55 किलो वजन लाया जा सकता है। जिसमें दस किलो हैंड बैग और दस लीटर आब-ए- जमजम की कैन साथ लाना निर्धारित किया गया है। इससे अधिक वजन लाने की इजाजत नहीं है। सूटकेस या अटैची का साइज 22&18&10 इंच होना चाहिए।
 
प्रशिक्षण और टीकाकरण : हज कमेटी के एक सदस्य ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि हज यात्रियों के प्रशिक्षण एवं टीकाकरण के लिए स्थान मुकर्रर किए हैं। 19 से 21 सितंबर की तारीख टीके लगने के साथ ही पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।



फेसबुक की बदलते दौर में नयी तस्वीर

देहरादून।  क्या आपको सोशल नेटवर्किग साइट्स पर अपनी सुरक्षा को लेकर परेशानी हो रही हैं? आपको लगता है कि कोई और आपकी आइडी लॉगिन कर रहा है? अब इस मुश्किल से निकल जाइए। फेसबुक का नया सिक्योरिटी फीचर यह दिक्कत नहीं होने देगा। इसमें एकाउंट सेटिंग में लॉगिन नोटीफिकेशन की मदद से आप ये जान सकेंगे कि किस इंटरनेट ब्राउजर पर, कितने बजे और किस जगह से आपका अकाउंट लॉग इन किया गया।
 
फेसबुक ने यूजर्स के लिए सिक्योरिटी में नया फीचर जोड़ा है। इसकी मदद से ये पता चल जाएगा कि आखिर कब, किसने, कहां से और कितने देर तक लॉगिन किया।
 
इस सबके लिए आपको फेसबुक के होमपेज पर एकाउंट्स पर क्लिक करना होगा। यहां एकाउंट सेटिंग को क्लिक करें। इसमें सिक्योरिटी सेटिंग ऑप्शन को क्लिक करें तो लॉगिन नोटीफिकेशन नजर आएगा। आप चाहें तो ये नोटीफिकेशन अपने ई-मेल पर मंगवा सकते हैं या फिर मोबाइल पर टेक्स्ट मैसेज के रूप में। इसके अलावा आपको अपने डिवाइस को एक नाम देना होगा। इसके बाद जब भी कभी आपका आइडी लॉगिन किया जाएगा तो आपके मेल या इनबॉक्स में मैसेज आ जाएगा। इसके साथ ही आपके एकाउंट में एक्टिव सेशन में भी आपके लॉगिन की रिपोर्ट नजर आएगी।
 
सिक्योरिटी सेटिंग के एक्टिव सेशन की मदद से आप दूसरे सिस्टम में चल रहे अपने आइडी को लॉग ऑफ भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ एक्टिव सेशन को एंड करना होगा और दूसरी जगह चल रही आपकी आइडी क्लोज हो जाएगी।



कार मलबे में दबी,कोई हताहत नही

नैनीताल। भूस्खलन के लिहाज से अतिसंवेदनशील बोहराकून में एक बार फिर पहाड़ी दरक गई। इस दौरान भरभरा कर गिरे मलबे में आल्टो कार दब गई। वाहन में चालक समेत शिक्षक और उसका परिवार सवार था। संयोग से भीषण हादसे में सभी बाल-बाल बच गए। अलबत्ता शिक्षक घायल हो गया। इधर भूस्खलन से हल्द्वानी-भीमताल मार्ग घंटों ठप रहा। नतीजतन सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रह गए।

बताते हैं कि कानपुर निवासी शिक्षक राजेश शुक्ला को नौकरी के सिलसिले में भीमताल स्थित शिक्षा भवन पहुंचना था। श्री शुक्ला अपनी पत्नी सलोनी तथा तीन व पांच वर्षीय पुत्र सौरभ व कुणाल के साथ गुरुवार को आल्टो कार यूए 04-टीए-2946 बुक कर हल्द्वानी से रवाना हुए।
 
सुबह करीब पौने आठ बजे कार बोहराकून के पास पहुंची। चूंकि तडक़े भूस्खलन से हल्द्वानी मार्ग बंद था लिहाजा लोहाघाट जा रही जेसीबी मलबा साफ करते हुए आगे बढ़ी। उसी के पीछे कार चालक जयदीप जायसवाल निवासी नवाबी रोड हल्द्वानी ने भी वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ाना चाहा। मगर पहाड़ी दरकर कर कार के ऊपर आ गिरी। नतीजतन कार मलबे में दब गई। उसके भीतर बैठे शिक्षक परिवार में चीखपुकार मच गई। संयोग से कार सवार सभी लोग बाल-बाल बच गए पर शिक्षक घायल हो गए। बाद में जैसे-तैसे सभी लोग सुरक्षित कार से बाहर निकल आए। दूसरी ओर दोबारा भूस्खलन व कार मलबे में दब जाने से घंटों यातायात बाधित रहा। शाम तक लोनिवि के गैंग कर्मी मलबा हटाने में जुटे रहे।

 

पांच लाख मिले, फिर भी नहीं सुधरी सडक़ की हालत

पिथौरागढ़। जिले के उद्योग परिसर की जर्जर सडक़ को सुधारने के लिए पांच लाख की धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी सडक़ की हालत नहीं सुधारी गई है। उद्यमी बैठक में यह मामला उठने पर नाराज जिलाधिकारी ने लोनिवि अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
 
गुरुवार को हुई बैठक में उद्यमियों ने उद्योग परिसर को जोडऩे वाली सडक़ का मामला उठाते हुए कहा कि सडक़ सुधारीकरण के लिए पांच लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी विभाग सडक़ नहीं सुधार रहा है। जिस पर जिलाधिकारी एससी जोशी ने लोनिवि अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सडक़ को अविलम्ब ठीक कराने के निर्देश दिये। लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली के ट्रिप होने की शिकायत को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को परिसर में स्थापित ट्रांसफार्मर को अलग लाइन से जोडऩे के साथ ही अन्य किसी को इससे संयोजन न देने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद में स्थापित लीसा फैक्ट्रियों को लीसा टनकपुर की जगह चण्डाक से उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में ऐसे उद्योग स्थापित किये जा सके जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके और पलायन न हो। बैठक में उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक, लीड बैंक, जल संस्थान, विद्युत और वन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

 

शहर से देहात तक डेंगू का कहर

 हरिद्वार। डेंगू के डंक से शहर से लेकर देहात तक दहशत है। अब तक डेंगू के 20 मामले सामने आ चुके हैं और दो लोग जान गवां चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की तैयारियां धरातल पर नहीं दिख रही हैं। केवल जुबानी जमा खर्च कर काम चलाया जा रहा है। जनपद में एक माह में डेंगू के 20 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। नगर क्षेत्र में ज्वालापुर व कनखल में एक महिला व छात्र की मौत हो चुकी है। नगर के साथ ग्रामीण इलाकों में डेंगू की दहशत है। अकेले सुल्तानपुर क्षेत्र में दस लोग डेंगू की चपेट में चुके हैं। आमजन इसे लेकर खौफजदा हैं। लोगों को हर वक्त इस बात की चिंता सता रही कि कहीं एडीज मच्छर उन्हें न डस ले। लोगों की चिंता के बीच डेंगू से निपटने को विभाग की तैयारिया जमीन पर नहीं दिख रही है। अब तक प्रमुख अस्पतालों में न ही आइसोलेशन वार्ड बनाये हैं और न ही नोडल अफसरों नियुक्ति ही की गई है। विभाग प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग व कीटनाशकों के छिडक़ाव का दावा कर रहा है। जुबानी जमाखर्च में विभाग कहीं भी पीछे नहीं है। फॉगिंग व कीटनाशक दवाइयों के छिडक़ाव के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। नगर निगम भी ज्यादा गंभीर नहीं दिख रहा है।

सुल्तानपुर क्षेत्र में डेंगू के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। सरकारी रिकार्ड के अनुसार बीस मरीज डेंगू के मिले। इसके इतर ऐसे लोगों की संख्या भी है जो निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। इनकी जानकारी विभाग के पास नहीं है। बरसाती पानी जमा होने से यहां मच्छर पनप रहे हैं। साफ सफाई नहीं हो पा रही है। 

इस शहर की यात्रा, उस शहर का टिकट

देहरादून । यदि आप देहरादून से भगवानपुर जाना चाह रहे हैं तो रुडक़ी का टिकट लेना होगा। यात्रियों को चालक-परिचालकों की मनमानी का यह खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। यही नहीं, यदि आप भगवानपुर से रुडक़ी या देहरादून की बस में बैठते हैं तो चालक की मर्जी पर निर्भर है कि वह बस को रोकेगा या नहीं। ऐसे में लोगों को मजबूरी में डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

पिछले एक सात-आठ सालों में भगवानपुर क्षेत्र का औद्योगिक विकास तेजी से हुआ है। कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों ने यहां इकाइयां खोली हैं। क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है। काफी कर्मचारी प्रतिदिन देहरादून, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व हरिद्वार से यहां अप-डाउन करते हैं, लेकिन चालक-परिचालक यात्रियों की मजबूरी का जमकर लाभ उठा रहे हैं। भगवानपुर की एक औद्योगिक कंपनी में काम करने वाले नीरज गर्ग ने बताया कि वे देहरादून से भगवानपुर आते हैं। कई बार कंडक्टर भगवानपुर का टिकट ही नहीं देता। उन्हें रुडक़ी का टिकट थमा दिया जाता है और भगवानपुर में कभी इस छोर तो कभी उस छोर उतार दिया जाता है। नीरज गर्ग ज्यादा पैसे देकर भगवानपुर उतर जाते हैं, लेकिन शाम को भगवानपुर से देहरादून जाना बेहद मुश्किल है। शाम को देहरादून जाने वाली बसों के ड्राइवर बसों को नहीं रोकते। आदित्य सैनी, सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि अक्सर शाम को तो उन्हें डग्गामार वाहन पकडक़र छुटमलपुर जाना पड़ता है, तब कहीं जाकर रोडवेज की बस मिलती है। शाम के समय अक्सर डग्गामार ही उनको देहरादून पहुंचवाते हैं। दूसरी ओर, उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में शिक्षिका योगिता शर्मा व विपिन शर्मा ने बताया कि भगवानपुर में कम से कम एक चेकपोस्ट स्थापित की जाए, ताकि बस एक स्थान पर रुके।
 
भगवानपुर से सवारी न बैठानी पड़े, इसलिए देहरादून से आने वाली बसें कई बार थाना गेट से पहले ही रुककर सवारी उतार देती हैं। यात्री जब तक भागकर बस पकडऩे की कोशिश करते हैं तो बस चली जाती है। कस्बे में बसों के ठहराव का कोई नियमित स्थान नहीं है। ज्यादा परेशानी तो उम्रदराज लोगों को उठानी पड़ी है।
 
रुडक़ी डिपो के सहायक महाप्रबंधक नेतराम ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। भगवानपुर में अब आकस्मिक चेकिंग की जाएगी। जो बसें नहीं रुकती हैं, उनके चालक-परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दैनिक यात्री बसों पर लिखे मोबाइल नंबर को नोट कर बस न रुकने की सूचना इन पर दें। चेकपोस्ट बनाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जाएगा। 



बदहाल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से लोग हैं परेशान

हरिद्वार। बदहाल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं ने लोगों का दिल तोड़ दिया है। यह अव्यवस्था दिल के रोगियों की तो जान ले सकती है। किसी को दिल का दौरा पड़ जाए तो डॉक्टर की शरण में बहुत दूर जाना पड़ेगा और ऐसे मरीज को कितनी जल्दी इलाज की जरूरत होती है, यह सभी जानते हैं।
 
जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में फिजीशियन और कार्डियोलाजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ)नहीं है। कमोबेश यही हाल निजी अस्पतालों का भी है। पीएचसी, सीएचसी ही नहीं, जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डिस्ट्रिक्ट एचएमजी हॉस्पिटल और मेला अस्पताल में भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। फिजीशियन और कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में हार्ट पेशेंट परेशान हैं। ऐसे रोगियों को आपात स्थिति में देहरादून या जौलीग्रांट ले जाना पड़ता है। कई बार समय रहते उपचार न मिलने पर गंभीर मरीजों को जान तक गंवानी पड़ जाती है।
 
निजी अस्पतालों की बात करें तो फिलवक्त शहर के किसी भी अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं हैं। यह काम फिजिशियन ही कर रहा है, पर ऐसे अस्पताल भी इक्का-दुक्का ही हैं। इनके चलते दिल के मरीजों को फौरी राहत तो मिल जाती है, लेकिन समुचित जांच और उपचार के लिये उन्हें शहर से बाहर ही जाना पड़ता है।
 
मेला अस्पताल में इंटेसिव कार्डियक केयर यूनिट (आईसीसीयू) तो है, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में यहां लाखों की मशीन धूल फांक रही है। इको मशीन तो यहां है, लेकिन उसे चलाने वाला नहीं होने के कारण दिल के इलाज के लिए बेहद जरूरी समझी जाने वाली यह मशीन यूं ही खाली पड़ी है।
 
डिस्ट्रिक्ट एचएमजी और मेला अस्पताल में हर रोज औसतन आठ से दस दिल के मरीज इलाज को पहुंचते हैं, लेकिन फिजीशियन और कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में ऐसे मरीजों को बगैर इलाज के लौटना पड़ता है। ज्यादा परेशानी गरीब तबके के लोगों को उठानी पड़ रही है।
 
कुंभ-2010 के दौरान मेला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट तैनात किए जाने से मरीजों को खासी राहत मिली थी। मेला खत्म होते ही मरीजों को अब यह सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें अन्यत्र भेज दिया गया। अस्पताल में काफी समय से ये पद खाली चल रहे हैं? रोजाना इनकी मांग की जाती है, लेकिन शासन-प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंगती।
 
 जिला अस्पताल सीएमएस डॉ. रवींद्र थपलियाल ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों खासकर फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में नि:संदेह मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। डॉक्टरों की कमी से समय-समय पर महानिदेशालय को अवगत कराया जाता है। अभी तक इनकी भरपाई करने संबंधी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। फिर भी काम चलाया जा रहा है। गंभीर मरीजों को बाहर के अस्पतालों में रेफर किया जाता है।



सूचना आयोग में अपीलों की सुनवाई फोन पर करने की मांग

काशीपुर। प्रतिष्ठित समाज सेवी संस्था मौलाना अबुल कलाम आजाद अल्पसंख्यक कल्याण समिति (माकाक्स) ने उत्तराखंड सूचना आयोग में सूचना अधिकार सम्बन्धी अपीलों व शिकायतों की सुनवाई वीडियों कांफ्रेसिंग व आडियों कांफ्रेसिंग (फोन) के माध्यम से करने की मांग की है। इस हेतु मुख्य सूचना आयुक्त को संस्था के अध्यक्ष व सूचना अधिकार विशेषज्ञ नदीम उद्दीन एडवोकेट द्वारा हस्ताक्षरित एक ज्ञापन भी भेजा गया है। माकाक्स के केन्द्रीय अध्यक्ष व सूचना अधिकार विशेषज्ञ नदीम उद्दीन एडवोकेट के द्वारा इस हस्तातरित बताया इस ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के दुर्गम रास्तों व दूरस्थ क्षेत्रों को देखते हुये प्रदेश में सूचना अधिकार के विकास व जनहित में आवश्यकता इस बात की है कि अपील व शिकायतों की सुनवाई केन्द्रीय सूचना आयोग के समान वीडियों तथा आडियों कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से की जाये।     अब हो यह रहा है कि कोई भी बड़ा अधिकारी आयोग के सामने स्वयं न जाकर अपने अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारी को कोई न कोई बहाना करके भेज देता है तथा अधिकतर मामलों में अपीलार्थी व शिकायतकर्ता उपस्थित नहीं हो पाते। इस प्रकार दोनों पक्षकारों को सुने बगैर ही विभिन्न आदेश हो जाते है जबकि अगर वीडियों व आडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हो तो स्वयं लोक सूचना अधिकारी तथा अपीलीय अधिकारी को ही जवाब देना पड़ेगा तथा अपीलार्थी व शिकायत कर्ता भी बिना समय तथा धन खर्च किये ही अपना पक्ष रख सकेंगे।
 
सूचना आवेदकों के सामने एक समस्या सूचना आयोग के आदेशों के विरूद्घ अधिकारियों के हाईकोर्ट जाने से भी आ रही है। इसके लिये अधिकारियों के सरकारी खर्च पर हाईकोर्ट जाने पर रोक लगनी चाहिये क्योंकि पैनल्टी उन पर निजि तौर पर लगती है इसलिये सरकारी खर्च पर उन्हें हाईकोर्ट जाने का अधिकार नहीं है। दूसरे उत्तराखंड सूचना आयोग द्वारा हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र लगवाकर अपने से संबंधित रिटो का शीइा्र निपटारा कराना चाहिये साथ ही अपने आदेश करते समय हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का ध्यान रखते हुये अपने फैसलों में उनका उल्लेख भी किया जाना चाहिये ताकि एक ही बिन्दु पर कई कई रिटें सुनवाई हेतु ही स्वीकार न हों। श्री नदीम ने अपीलों तथा शिकायतों का शीइा्र निपटारा करने की व्यवस्था करने की भी उत्तराखंड सूचना आयोग से अपील की है तथा इस हेतु मूलभूत सुविधायें व पर्यान्त स्टाफ सरकार द्वारा आयोग को उपलब्ध कराने की मांग की है।
 

 

विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ाई

ऋषिकेश। दिल्ली में हुए धमाके के बाद लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम व मुनिकीरेती क्षेत्र में रह रहे विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, यहुदियों का पर्व शकोत भी नजदीक है। इसके चलते क्षेत्र में रहे विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सितंबर माह में यहुदियों के कई त्योहार मनाए जाते हैं। इन त्योहारों को मनाने के लिए सैकड़ों की संख्या में विदेशी पर्यटक ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम व मुनिकीरेती क्षेत्रों में पहुंचते हैं। लक्ष्मणझूला में यहुदियों द्वारा बनाए गए अपने पारंपरिक पूजा स्थल खवाद हाउस में इस दौरान काफी चहल पहल रहती है। वर्ष के बाकी समय के मुकाबले सितंबर माह में इजराइली पर्यटकों की तादात यहां सबसे अधिक होती है। यहुदियों का पारंपरिक त्योहार शकोत नजदीक है, जिसमें शिरकत करने के लिए यहां इजराइल, अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई अन्य देशों से यहुदी लोग क्षेत्र में पहुंचने लगे हैं, लेकिन दिल्ली में हुए धमाकों के बाद यहां विदेशी सैलानियों की सुरक्षा पुलिस के लिए प्राथमिकता बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, देश में पूर्व में हुई आतंकी वारदातों में इजराइली पर्यटकों को भी निशाना बनाया जा चुका है इसलिए इजराइली पर्यटकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इजराइली पर्यटकों की अधिक संख्या होने के कारण यहां एलआईयू और पुलिस को विशेष रूप से अलर्ट रखा गया है। इसके लिए क्षेत्र के सभी होटलों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउस संचालकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।


जिला बनाने के लिये धरना जारी

रामनगर। जिला बनाये जाने की मांग को लेकर चल रहा धरना 14वें दिन भी जारी रहा। चौदहवें दिन धरने पर बसपा के किशोरी लाल, विनोद अंजान, इशरत अली, रघु लाल, जगदीश भारती, ओमप्रकाश संजय कुमार गुप्ता, असलम कादरी, जिला पंचायत सदस्य भूपाल राम धरने पर बैठे। भागीदारी निभाई। 14वें दिन धरने पर किशोरी लाल, जगदीश भारती, विनोद अंजान, गोपाल शर्मा के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं का का कहना था कि रामनगर को जिला बनाने के लिये सभी राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों के अलावा छात्र, व्यापारी, समाजिक संगठन अपनी सहमति दे चुके है। ऐसे में प्रदेश सरकार को रामनगर एवं आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों की जन भावनाओं की ओर ध्यान देना चाहिए। सभी ने एक स्वर में कहा कि रामनगर को जिला बनाने के लिए दलगत राजनीति से उपर उठकर आंदोलन किया जायेगा। व्क्ताओं ने कहा कि जरूरत पडी तो रामनगर के वाशिंदे उग्र आंदोलन करने में भी पीछे नहीं रहेंगे।

सभा को भाजपा नेता नरेन्द्र शर्मा, प्रभात ध्यानी, बसपा के प्रदेश सचिव राजीव अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, बार एसोसियेशन के पूरन चंद्र पांडे, डा. निशांत पपनै, संजय नेगी, भावना भट्ट, निर्मला बेलवाल, गोपाल सिंह मनराल, गोपाल सिंह मनराल आदि ने अपने विचार रखे।




इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार टीएचडीसी के नाम

ऋषिकेश। हिंदी दिवस पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन में उचित योगदान के लिए इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार तृतीय प्रदान किया है। संस्था की ओर से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरएसटी शाई ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
 
टीएचडीसी को यह पुरस्कार देश में क क्षेत्र के लिए प्रदान किया गया है। टीएचडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शाई ने इस उपलब्धि पर कहा कि हम सब के लिए यह गर्व की बात है कि संस्था को लगातार दूसरी बार यह पुरस्कार मिला है। टीएचडीसी परिवार को इस सफलता का श्रेय जाता है। निदेशक कार्मिक एएस बिष्ट ने कर्मचारियों के राजभाषा के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम, गृह राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, सचिव राजभाषा विभाग वीणा उपाध्याय, टीएचडीसी के महाप्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन एसके विस्वास उपस्थित थे।
 
 
 
 

जिला बनाने के लिये धरना जारी

रामनगर। जिला बनाये जाने की मांग को लेकर चल रहा धरना 14वें दिन भी जारी रहा। चौदहवें दिन धरने पर बसपा के किशोरी लाल, विनोद अंजान, इशरत अली, रघु लाल, जगदीश भारती, ओमप्रकाश संजय कुमार गुप्ता, असलम कादरी, जिला पंचायत सदस्य भूपाल राम धरने पर बैठे। भागीदारी निभाई। 14वें दिन धरने पर किशोरी लाल, जगदीश भारती, विनोद अंजान, गोपाल शर्मा के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं का का कहना था कि रामनगर को जिला बनाने के लिये सभी राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों के अलावा छात्र, व्यापारी, समाजिक संगठन अपनी सहमति दे चुके है। ऐसे में प्रदेश सरकार को रामनगर एवं आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों की जन भावनाओं की ओर ध्यान देना चाहिए। सभी ने एक स्वर में कहा कि रामनगर को जिला बनाने के लिए दलगत राजनीति से उपर उठकर आंदोलन किया जायेगा। व्क्ताओं ने कहा कि जरूरत पडी तो रामनगर के वाशिंदे उग्र आंदोलन करने में भी पीछे नहीं रहेंगे।
 
सभा को भाजपा नेता नरेन्द्र शर्मा, प्रभात ध्यानी, बसपा के प्रदेश सचिव राजीव अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, बार एसोसियेशन के पूरन चंद्र पांडे, डा. निशांत पपनै, संजय नेगी, भावना भट्ट, निर्मला बेलवाल, गोपाल सिंह मनराल, गोपाल सिंह मनराल आदि ने अपने विचार रखे।
 
 
 

एक दो दिन में तय हो सकती है काउंसलिंग की डेट

देहरादून। एमबीबीएस की तीसरे चरण की काउंसलिंग की तिथि अगले एक दो दिन में तय हो सकती है। इधर, काउंसलिंग की तिथि तय न होने से छात्रों व अभिभावकों में ऊहापोह की स्थिति है।
 
एमबीबीएस की रिक्त सीटों पर अभी काउंसलिंग होनी बाकी है। स्वास्थ्य महानिदेशालय में चिकित्सा शिक्षा का कार्य देख रहे डॉ. आरपी भट्ट ने बताया कि फिलहाल कांउसलिंग की तिथि तय नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि एक दो दिन में इसे तय कर लिया जाएगा।
 
काबिलेगौर है कि द्वितीय चरण की काउंसलिंग के बाद काफी संख्या में अभ्यर्थी डोमोसाइल के मसले पर हाइकोर्ट चले गए थे। अब इस पर स्थिति स्पष्ट होना बताया जा रहा है। ऐसे मे काउंसलिंग की जल्द तिथि भी तय हो सकती है। काउंसलिंग किसी भी सूरत में 30 सितंबर से पहले कराई जानी है।


 
 
 

आरोपी विधायक को गिरफ्तार करने की मांग, प्रदर्शन

बाजपुर। उसहैत के बसपा विधायक मुस्लिम खां के वाहन से घायल हुए बरेली स्थित शाह शराफत मियां दरगाह के सज्जादानशीन सकलैन मियां के पक्ष में उतरे दर्जनों समुदाय के लोगों ने एसडीएम आवास पर प्रदर्शन किया। उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर आरोपी विधायक को तत्काल गिरफ्तार करने की पुरजोर मांग उठायी।

रविवार को हजरते शाह सकलैन एकेडमी से जुड़े दर्जनों मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्रित होकर एसडीएम आवास पर पहुंचे। जहां प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। कहा गया कि धर्मगुरु शाह सकलैन मियां बरेलवी को ककराला (उप्र) के बसपा विधायक मुस्लिम खां द्वारा जानबूझकर जान से मारने की नियत से टक्कर मारी गई। उनके ऊपर हवाई फायर झोंके गये। लेकिन अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ज्ञापन में आरोपी विधायक को जल्द से जल्द गिरफ्तार न करने पर सडक़ों पर उतरकर आंदोलन छेडऩे की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन देने वालों में कामरान खान, अमीर अहमद सकलैनी, शकील अहमद, अफजाल अहमद, वाजिद अली, मो. यासीन, भूरा, गुलाम हुसैन, अकील अहमद, मो. रफी, अहमद उल्लाह, कासिम, शरीफ, मो. रजा, शाह नवाज खान, मसूद, इकबाल, तनवीर, मकसूद अहमद, फिरासत, नजाकत, मालाना तस्खीर सकलैनी आदि शामिल थे।


सिपाही-चालक भिड़े वर्दी फाड़ी

हरिद्वार। रोडवेज बस स्टैंड पर रविवार दोपहर जमकर हंगामा हुआ। सिपाही ने चालकों से बेतरतीब वाहन न लगाने को कहा तो मुजफ्फरनगर रोडवेज डिपो के चालक से उसकी कहासुनी हो गई। चालक ने सिपाही की वर्दी फाड़ डाली। गुस्साए सिपाही ने चालक के सिर पर डंडा मार दिया। हंगामे के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।

रविवार दोपहर बस स्टैंड पर सिपाही राकेश भट्ट व एक अन्य सिपाही ड्यूटी कर रहे थे, जिस गेट से गाडिय़ां एंट्री करती हैं वहां निर्माण कार्य चल रहा है। सिपाही राकेश भट्ट ने देखा कि मुख्य मार्ग पर जाम लग गया है, लेकिन स्टैंड से चालक गाडिय़ां आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। कई चालकों ने बसों को बेतरतीब लगाया है। सिपाही के कहने पर कुछ बस चालकों ने अपनी गाडिय़ों को सही जगह खड़ी कर दी। इस बीच मुजफ्फरनगर रोडवेज डिपो के चालक दिलशाद खान के साथ सिपाही की कहासुनी हो गई। दोनों के बीच मारपीट होने लगी। मारपीट में सिपाही की वर्दी फट गई। वर्दी फटने से गुस्से में आए सिपाही ने बस चालक के सिर पर डंडा मार कर उसे घायल कर दिया। बस चालक के घायल होने पर अन्य चालकों ने सिपाही के विरुद्ध कार्रवाई को हंगामा किया। सूचना पर कोतवाल महेन्द्र सिंह नेगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। बाद में सभी लोग कोतवाली पहुंच गए। एसपी सिटी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।


रिपोर्ट दर्ज न होने से पत्रकार भडक़े

पिथौरागढ़।मदकोट में अवैध खनन के खिलाफ खबर छपने के बाद पत्रकार पवन बत्रा के साथ हुई उत्पीडऩात्मक घटना के बाद श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने अन्य संगठनों से समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। राजस्व पुलिस में अब तक मामला दर्ज नहीं होने पर पत्रकारों ने आश्चर्य जताया है।
 
इस संबंध में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष जगदीश कलौनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर संदेह जताया गया। बैठक में बताया गया कि घटना की दो रिपोर्ट दर्ज की गयी थी। राजस्व पुलिस में दी गयी तहरीर को अब तक दर्ज नहीं किया गया है। बैठक में बताया गया कि तहसील प्रशासन खनन माफियाओं के दबाव में है। डीएम द्वारा राजस्व पुलिस को आदेश दिया गया था, इसके बाद भी आदेश रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है। वहीं नागरिक पुलिस ने वास्तविक घटना के आधार पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कर खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत जाहिर की है। सीओ डीडीहाट ने आरोपी को बुलाकर समझौते की बात कहकर साबित कर दिया है कि वह खनन माफियाओं के पक्ष में खड़े हैं।
 
बैठक में तय किया गया पुलिस में दर्ज मुकदमे की पुन: जांच करते हुए वास्तविक घटना के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाये। वहीं राजस्व पुलिस में दी गयी तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाये। इस संबंध में यूनियन ने सोमवार को जिला मुख्यालय में विभिन्न संगठनों से सहयोग मांगा है। बैठक में संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष जगत मर्तोलिया, पत्रकार पवन बत्रा, योगेश पाठक, दीपक गुप्ता सहित तमाम पत्रकार उपस्थित थे।




खंडूड़ी के मुख्यमंत्री बनने से प्रशिक्षित बेरोजगारों में रोजगार की उम्मीदें जगी

खटीमा। मेजर भुवनचंद्र खंडूड़ी के मुख्यमंत्री बनने से प्रशिक्षित बेरोजगारों में रोजगार की उम्मीदें जगी गई हैं। उन्होंने कहा कि विशिष्ट बीटीसी की नियुक्ति अब जल्द ही पूरी होंगी।

प्रशिक्षित बेरोजगारों की झनकट के कोचिंग सेंटर में बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि खंडूड़ी के पुन: मुख्यमंत्री बनने पर बेरोजगारों के हितों में कार्य होंगे। उन्हें रोजगार मिल सकेगा। क्योंकि वर्ष 2008 में खंडूड़ी के कार्यकाल में 16 हजार विशिष्ट बीटीसी व एलटी के पदों पर नियुक्ति करने की घोषणा हुई थी। लेकिन वह अभी तक पूरी नहीं हुई है। उन्हें उम्मीद है कि अब यह घोषणा मुख्यमंत्री अपनी जरूर पूरी करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि शीघ्र ही टीईटी परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाए। निर्णय लिया गया कि एक शिष्टमंडल बेरोजगारों से मिलने देहरादून जाएगा। इस मौके पर आलोक गोयल, जोध सिंह मनोल, वीरेंद्र सिंह अधिकारी, रमेश भट्ट, दीवान धामी, रवींद्र सिंह, लक्ष्मीदत्त, गोपाल सिंह, गंगा, कुसुम, रश्मि, भूदयाल सिंह आदि मौजूद थे।


गढ़वाल मंडल के 844 विद्यालयों को अभी भी छत का इंतजार

पौड़ी गढ़वाल। गढ़वाल मंडल में 844 विद्यालय अभी भी ऐसे हैं जो जीर्णर्शीण हालत में हैं। पिछले साल ये स्कूल आपदा में टूट गई थी और अभी तक विद्यालयों का मरम्मत व पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। इन स्कूलों के लिए शासन से 15 करोड़ की धनराशि मांगी गई है।
 
गढ़वाल मंडल के 7 जनपदों में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूलों की टूटी छत के नीचे करीब 12 हजार से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बारिश में इन बच्चों पर हमेशा संकट मंडराता है। पिछले सितंबर माह में करीब 13 सौ स्कूलों को नुकसान पहुंचा था और इनमें करीब 4 स्कूलों की ही मरम्मत अब तक हो पाई है। शेष 844 विद्यालय अभी भी छत का इंतजार कर रहे हैं। अपर निदेशक गढ़वाल मंडल ने इस संबंध में शासन को एक बार फिर रिपोर्ट भेजी है और शासन से 15 करोड़ 18 लाख की धनराशि की मांग की गई है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि भवन की हालत काफी खस्ता है और इनका समय पर निर्माण निहायत जरूरी है।
 
बहरहाल अपर शिक्षा निदेशक शासन को यह रिपोर्ट पांचवी बार भेज रहे हैं और इस बार विभाग को उम्मीद है कि स्कूलों के निर्माण के लिए धनराशि प्राप्त हो जाएगी।
 
गढ़वाल मंडल अपर शिक्षा निदेशक नरेन्द्र सिंह राणा नक आरएनएस संवाददाता को बताया कि स्कूलों की मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए शासन से धनराशि की मांग की गई है धन मिलते ही स्कूलों पर निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।



4 साल में नहीं बनी 2 किमी सडक़

पिथौरागढ़। प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में सडक़ों के निर्माण का कार्य कछुवा गति से चल रहा है। शहीदों के नाम पर प्रस्तावित सडक़ों को भी समय से पूरा करने में विभाग दिलचस्पी नहीं ले रहा है। सीमांत तहसील मुनस्यारी में शहीद पुष्कर सिंह बाछमी के नाम पर प्रस्तावित सडक़ विभागीय उदासीनता की पोल खोल रही है।

मुनस्यारी तहसील के शहीद पुष्कर सिंह बाछमी के गांव गिरगांव तक दो किलोमीटर सडक़ चार वर्ष पूर्व प्रस्तावित की गई थी। शहीद के नाम पर बन रही इस सडक़ के लिए ग्रामीणों ने अपनी नाप भूमि विभाग को दी थी। लेकिन चार वर्ष बीतने के बाद भी विभाग ने सडक़ निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया है। विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर कटिंग कर मोटर मार्ग निर्माण का काम ठप कर दिया है। नाप खेतों का काटने के बावजूद सडक़ का निर्माण पूरा नहीं कराने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीण कई बार शासन-प्रशासन को मोटर मार्ग निर्माण के लिए ज्ञापन दे चुके हैं। उनका कहना है मोटर मार्ग के लिए हुई कटिंग से निकला मलबा गांव के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने सडक़ का निर्माण शीघ्र पूरा नहीं कराये जाने पर सडक़ों पर उतरने की चेतावनी दी है।
 

भू-स्खलन से हुई क्षति का मामला उठा

पिथौरागढ़। न्याय पंचायत देवराड़ी पंत में रविवार को अटल चौपाल का आयोजन हुआ। इसमें खण्ड विकास अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
 
ग्रामीणों ने उडयूरा में भू-स्खलन से हुई क्षति से खण्ड विकास अधिकारी गोपाल गिरी अवगत कराया। खण्ड विकास अधिकारी ने अतिवृष्टि से नष्ट हुई सार्वजनिक सम्पत्तियों के पुनर्निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। चौपाल में बनकोट-देवराड़ी पंत सडक़ क्षतिग्रस्त होने, क्षेत्र की दो पेयजल योजनाओं के अतिवृष्टि के भेंट चढ़ जाने की जानकारी भी खण्ड विकास अधिकारी को देते हुए इनको अविलम्ब ठीक कराने की मांग की। खण्ड विकास अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिये। चौपाल में ग्राम प्रधान रामलाल, गुंसाई राम, धना देवी, ग्राम विकास अधिकारी सुभाष लोहनी सहित तमाम लोग मौजूद थे।

 

राज्य में नेतृत्व परिवर्तन ने प्रदेश की राजनीति को हिलाके रख दिया

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य में नेतृत्व परिवर्तन ने प्रदेश की राजनीति को हिलाके रख दिया हैै। नौकरशाह वर्ग से लेकर विपक्ष की नजर भी अगले सीएम पर टीकी हुई है लेकिन माना जा रहा है कि यदि भुवन चन्द्र खण्डुरी को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो यह ताज उनके लिए कांटो भरा हो सकता है क्योंकि विधान सभा चुनाव नजदीक है और ऐसी स्थिति चुनाव का सारा दायित्व मुख्यमंत्री पर ही होगा लिहाजा डा. निशंक के बाद मुख्यमंत्री के  पद पर बैठने वाले राजनेता को कई संतरज की विसात की तरह पग-पग कदम रखना होगा। 

विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही नेतृत्व परिवर्तन की बात ने जहां सभी को सकते में डाल दिया है वहीं कुछ माह के लिए मुख्यमंत्री बनने वाले नेता को मुख्यमंत्री बनने का सुख तो मिलेगा लेकिन इस सुख को हजम करना आसान नहीं होगा। क्यांकि  जो भी सीएम बनेगा वह केवल कुछ ही समय तक के लिए होगा क्योंकि कुछ माह बाद विधानसभा चुनाव हैं लिहाजा चुनाव के परिणाम पूरी तरह से नये मुख्यमंत्री पर निर्भर होंगे। भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन से विस चुनाव में फायदा होगा या नुकसान यह तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि कांटो भरा ताज होगा। चर्चा है कि यदि भुवन चन्द्र खण्डुरी को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो उनका ताज कांटो भरा होगा। क्योंकि विस चुनाव के दौरान नेतृत्व परितर्वन और चुनाव परिणाम की जिम्मेदारी अगले नेतृत्व पर ही निर्भर होने की संभावना जताई जा रही है। 


 

भाजपा के दो-दो साल के मुख्यमंत्री

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य में भाजपा के  दो साल-दो साल के मुख्यमंत्री का सफर  चल पड़ा है। पहले भुवन चन्द्र खण्डुरी से सीएम का ताज छीनने के बाद अब मुख्यमंत्री डा. निशंक के नेतृत्व परिवर्तन को लेकर गर्माहट है। जो इस बात की ओर इंगति करता है कि राज्य में भाजपा के कई दिग्गजों में मुख्यमंत्री बनने की चाह है जिसको लेकर बार-बार नेतृत्व परिवर्तन  करवाया जा रहा है। 
 
भाजपा के सत्ता में आने के बाद सैन्य अधिकारी रह चुके भुवन चन्द्र खण्डुरी को मुख्यमंत्री का ताज सौंपा गया। लेकिन खण्डुरी के मुख्यमंत्री रहते केवल दो साल ही हुये थे कि राज्य में आपसी मतभेद उत्पन्न होने लगे जिसकी गूंज दिल्ली में हाईकमान तक पंहुची तो नेतृत्व पर विचार किया जाने लगा। कई बार नेतृत्व परिवर्तन को रोकने के बावजूद भी हाईकमान को उत्तराखण्ड में खुण्डुरी से सीएम का ताज छीनकर डा. निशंक को मुख्यमंत्री का ताज पहनाया गया। लिहाजा जहां कुछ वरिष्ठ नेताओं को यह बात हजम नहंी हो पाई वहीं आपसी मतभेद और तेज हो गया। हाईकमान के सामने अनुशासन बनाने की कोशिश के पीछे कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं को खुद अपनी ही पार्टी बेगानी नजर आने लगी। जिसका प्रमुख कारण यह भी सामने आया है कि ईमानदारी से अपना दायित्व निभाने वाले दिग्गजों को यह बात रास नहीं आई कि आखिर हाईकमान का निर्णय उनके विरूद्ध क्यों गया लिहाजा अपने ही घर में बेगाने नजर आने वाले दिग्गजों के मन ही मन इस बात को लेकर भी ठेस पंहुची कि हाईकमान राज्य में उन लोगो को महत्व नहीं दे रहा है जो राज्य के प्रति सर्मपित भाव से कार्य कर रहे हैं। हाल ही में टीपीएस रावत के भाजपा से अलग होने तथा अलग मोर्चा बनाने की गूंज जब भाजपा हाईकमान में गूंजी तो सैन्य नेतृत्व का खतरा भी हाईकमान को सताने लगा। यही नहीं भुवन चन्द्र खण्डुरी के भाजपा के दामन छोडऩे की अटकले तेज होने लगी। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि अगले मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डुरी ही होंगे लेकिन भाजपा हाईकमान की इस ऊहापोह की स्थिति भी समझ से परे नजर आ रही है। क्योंकि पिछले साढ़े चार सालों में दो बार राज्य में नेतृृत्व परिवर्तन हो चुका है पहले खण्डुरी को सीएम की कुर्सी से हटाना और अब डा. निशंक को सीएम की कुर्सी से हटाना इस बात की ओर ईशारा कर रहा है कि भाजपा में दो-दो साल के मुख्यमंत्री का सफर चल पड़ा है। 



उत्तराखंड में खंडूड़ी की ताजपोशी की तैयारियां : निशंक ने संसदीय बोर्ड को सौंपा अपना इस्तीफा

देहरादून। दस साल में उत्तराखंड को छठां सीएम मिलने जा रहा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी में स्थायित्व नेतृत्व देने की क्षमता पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े होने लगे हैं जिसे लेकर अब कांग्रेस इसे मुद्दा बनाने की भी तैयारी कर रही है। उत्तराखंड की राजनीति एक बार पुन: हिलोरें खा रही हैं। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं पर लगभग अंतिम मोहर लग चुकी है। लगभग डेढ वर्ष तक सीएम के पद पर आसीन डा रमेश पोखरियाल निशंक ने दिल्ली में अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी है तो वहीं उत्तराखंड में अब नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी की तैयारी की जा रही है। उधर पूरा प्रदेश इस समय सियासी हलचल पर नजर रखे हुए हैं। अन्य मुद्दे पिछले दो दिनों से हाशिए पर हैं, इंतजार है तो केवल उस क्षण का कि सीएम पद की उठापटक को लेकर नया निर्णय कब और क्या आता है? सबकी नजरें दिल्ली में ही लगी हैं। आगे की रणनीति के लिए भी समर्थक अब अपने भेिह्लष्य को टटोलने में लग गए हैं। खासतौर पर डा निशंक से जुड़े उनके खास लोग आगामी चुनावों में अपनी क्या भूमिका निभाऐंगे इस पर पार्टी को अभी आगे बड़ा विरोध झेलना भी पड़ सकता है।
 
भाजपा के यह दोनों नेता आज शाम तक वापस देहरादून लौट रहे हैं। जहां एक तरफ निशंक खेमे में निराशा घर कर गयी है तो वहीं खंडूड़ी के निवास पर दिवाली जैसा माहौल है। लंबे समय से उनके निवास पर छाई वीरानगी पुन: रौनक मय हो रही है। इससे पूर्व पिछले दो दिनों से दिल्ली में चल रही उठापटक के बाद आज सुबह डा निशंक ने आलाकमान को अपने ईस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है लेकिन संभावना है कि श्राद्ध पर्व शुरू होने से पूर्व प्रदेश में नेतृत्व के सवाल पर विराम लगा दिया जाएगा। अगर सूत्रों की मानें तो डा निशंक पर पद छोडऩे का दबाव बनाया जा चुका है और पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवि) भुवनचंद्र खंडूड़ी पुन: उत्तराखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी बीच में छूटी पारी को आगे बढाऐंगे। असल में डेढ वर्ष डा निशंक के मुख्यमंत्री के बाद से ही नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें कभी थमीं ही नहीं। समय-समय पर डा निशंक की विदाई की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनती रहीं जिस पर कभी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी तो कभी लोकसभा नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज उनके नेतृत्व पर मुहर लगाती रहीं। वहीं विधान सभा चुनावों की तैयारी में लगी भाजपा मिशन २०१० के शुरू होने  से पूर्व ही परिवर्तन की राह पर चल पड़ी है।
 
दिल्ली रवाना होने से पूर्व डा निशंक ने यूं तो मीडिया से कुछ नहीं कहा पर कल रात दून रेलवे स्टेशन पर उनके विचलित अंर्तमन की दशा को प्रदर्शित तो कर ही रही थी। मानो आगे दिल्ली में लिए जाने वाले निर्णय पर महज मोहर लगाने के लिए डा निशंक वहां पहुंच रहे हों। देर रात तक चली बैठक में अनुनय-विनय का दौर भी चलता रहा और बैठक के बाद डा निशंक ने अपने ईस्तीफे की पेशकश कर दी। अब निर्णय भाजपा संसदीय बोर्ड पर है कि वह नेतृत्व परिवर्तन की बागडौर किसे सौंपती है। वहीं इस सियासी हलचल के बीच श्री खंडूड़ी के घर पर समर्थकों का जमावड़ा उमडऩे लगा है। वह आशियाना जो अब तक सुनसान सा दिखता था वहां एकाएक गत दो दिनों से हलचल एवं गहमागहमी है। बीच-बीच में नारेबाजी भी सुनाई पडऩे लगी है। उम्मीद है कि आज ही दोनों नेता दिल्ली से वापस लौट आएं। श्री खंडूड़ी को कल लौटना था लेकिन अब वह आज दून लौटेंगे। उम्मीद है दोनों नेता साथ ही दून पहुंचे जिससे नेतृत्व परिवर्तन की उठापटक के बीच दिखावे के लिए ही सही एकजुटता का परिचय तो दिया ही जा सके।
 
अगले दो दिन उत्तराखंड की सियासत के लिए महत्वपूर्ण है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने फिलहाल इस मसले पर खुल कर कुछ भी बोलने से मना कर दिया है लेकिन एक कांग्रेसी नेता ने साफ कहा कि भाजपा के बस में स्थायी सरकार देना नहीं है और यह हुनर केवल कांग्रेस में ही है। नि:संदेह यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनावों में भी उठेगा। माना जा रहा है कि श्राद्ध पर्व शुरू होने से पूर्व शपथ ग्रहण समारोह की कार्यवाही भी पूरी कर ली जाएगी और २७ से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री के तौर पर बीसी खंडूड़ी नजर आऐंगे। बहरहाल आज का दिन प्रदेश की राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है। आज आगे की तस्वीर साफ हो जाएगी। निर्णय हो चुका है, इंतजार है तो केवल इसकी औपचारिक घोषणा का। खंडूड़ी समर्थक उल्लास की तैयारी में हैं तो निशंक खेमे में निराशा का माहौल पनपने लगा है। निश्चित तौर पर मंत्री एवं दायित्वधारी भी इस हलचल के परिणाम से अछूते नहीं हैं।



 

 

कॉर्बेट पार्क को पर्यटकों से 6 करोड़ 26 लाख रूपए से अधिक का राजस्व मिला

रामनगर। कॉर्बेट नेशनल पार्क को बीते पर्यटन सत्र में देशी-विदेशी पर्यटकों से 6 करोड़ 26 लाख रूपए से अधिक का राजस्व मिला है। पिछले साल की तुलना में इस बार राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही इस बार पर्यटक भी पिछले साल की तुलना में बढ़े है। इसमें से पिछले साल की तुलना में भारतीय पर्यटक बढ़े हैं तो विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है।

कॉर्बेट नेशनल पार्क को पर्यटकों से पर्यटन सत्र अक्टूबर 2010 से जून 2011 तक 62611948 रूपए राजस्व के रूप में मिले। वर्ष 2009-2010 पर्यटन सत्र की तुलना में इस बार 6472749 रूपए अधिक मिले है। पिछले पर्यटन सत्र में 177264 देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। जबकि इस पर्यटन सत्र में 183830 देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। पिछले पर्यटन सत्र की तुलना में इस बार 6566 देशी-विदेशी पर्यटक बढ़े हैं। इनमें से पिछले पर्यटन सत्र की तुलना में इस बार 543 विदेशी पर्यटक घट गये। पिछले बार 7570 व अब 7027 विदेशी पर्यटक कार्बेट पार्क पहुंचे थे। इसी तरह 169694 भारतीय पर्यटक पिछले बार कार्बेट पार्क पहुंचे थे। जबकि इस बार 176803 भारतीय पर्यटक कार्बेट पार्क पहुंचे। इस बार भारतीय पर्यटको की संख्या में लगभग 7109 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है। इनमें से इस बार अकेले रात्रि विश्राम के लिए 26171 व डे विजिट के लिए 149496 पर्यटक पहुंचे हैं। बहरहाल हर साल सरकार के राजकोष में कॉर्बेट नेशनल पार्क से आने वाला राजस्व बढऩे में लगा हुआ है।


 

पटवारी ने बनाया महिला का फर्जी आय प्रमाणपत्र

नई टिहरी। तहसील क्षेत्र के पटवारी पिनस्वाड़ ने दूसरे क्षेत्र थाती की एक महिला को आगनबाड़ी कार्यकत्री के चयन के लिये फर्जी आय प्रमाण पत्र दे दिया। शिकायत गांव की दूसरी आवेदक महिला ने तहसील में दर्ज करायी थी। जांच के बाद तहसीलदार ने उक्त प्रमाण पत्र को निरस्त कर पटवारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
 
तहसील क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम पिनस्वाड़ मे तैनात पटवारी सूरदास ने अपने पटवारी क्षेत्र पिनस्वाड़ के बजाय दूसरे गांव ग्राम थाती की एक महिला आरती देवी को फर्जी तरीके से आंगनबाड़ी मे आवेदन करने के लिये पांच मई को आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। पता चला कि उसी थाती गांव की दूसरी महिला मंजू नगवाण ने भी आवेदन कर रखा था लेकिन उसका आवेदन निरस्त कर कर दिया गया क्योंकि दूसरी महिला की आय उस फर्जी प्रमाणपत्र मे कम दिखाई गयी है। जब उसने इसकी शिकायत तहसील मे की तो जांच मे राजस्व निरीक्षक सत्ये सिंह ने पाया कि उक्त प्रमाणपत्र थाती गांव के बजाय पिनस्वाड़ के पटवारी के द्वारा बनाया गया है।
 
उधर तहसीलदार एचसी जुयाल ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि फर्जी प्रमाण पत्र को निरस्त कर पटवारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिये जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गयी है।

 

आतंकी घटनाएं रोकने को केन्द्र उठाए कठोर कदम : डा निशंक

नई दिल्ली।  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जब तक आतंकवादी दुस्साहस के खिलाफ केन्द्र सरकार कठोर कदम नहीं उठायेगी और इन हमलों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगायेगी, तब तक राष्ट्रीय एकता के हमारे सभी प्रयास सफल नहीं हो सकते।
 
प्र्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने कहा कि वर्ष 2008 से लेकर अब तक मुम्बई और दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में लगातार भयानक आतंकवादी हमले होते रहे हैं, जिन्होंने पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है और आम नागरिकों के मन में भय, असुरक्षा और आतंकवाद के प्रति घृणा की भावना उत्पन्न की है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर प्रमुख शहरों में आतंकवादी हमले हो रहे हैं और दूसरी ओर मृत्युदण्ड प्रान्त आतंकियों की सजा माफ करने की राजनीति की जा रही है, ऐसे में राष्ट्रीय एकता की बात करना बेमानी है। डॉ निशंक ने आतंकवाद के पोषण का मुख्य सम्बन्ध कालेधन से बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार को विदेशों में जमा कालेधन को वापिस लाने में गंभीरता से कार्यवाही करनी चाहिए तथा उस धन को जमा करने वालों की सूची सार्वजनिक कर उनके विरुद्घ कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए। 
 
डॉ निशंक ने कहा कि भारत सरकार की राष्ट्रीय सलाहकार परिषद द्वारा विरचित साम्प्रदायिक और लक्षित हिंसा (न्याय तक पंहुच और हानिपूर्ति), अधिनियम-2011 विधेयक के पीछे मूल ध्येय सराहनीय है, परन्तु साम्प्रदायिक दंगे किसी एक धर्म के लोगों द्वारा प्रेरित नहीं किये जाते हैं क्योंकि दंगाइयों और अपराधी तत्वों का कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह विधेयक अपने आप में राष्ट्रीय एकीकरण की भावना के विरुद्घ है। अत: इस विधेयक को मौजूदा स्वरुप में परित कराने का विचार त्यागते हुए इसमें आवश्यक एवं प्रभावी संशोधन किये जाने चाहिए। 
 
डॉ0 निशंक ने कहा कि आतंकवाद के साथ-साथ माओवाद भी हमारे राष्ट्रीय एकता के मिशन में बहुत बड़ी बाधा के रुप में उभरे हैं। इनकी रोकथाम हेतु भी सार्थक प्रयासों की नितान्त जरूरत है। राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता के सिद्घान्तों पर आम सहमति और एक आवाज में बोलना आज के समय की मांग है और यदि भारत वर्ष का वर्तमान नेतृत्व इन चुनौतियों का एक साथ सामना नहीं करता है तो आने वाली पीढि़यां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने हेतु पुलिस बलों के आधुनिकीकरण एवं उन्हे सुदृढ़ किये जाने की नितान्त आवश्यकता है। इस हेतु केन्द्र सरकार को राज्य पुलिस बलोंं को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जाने चाहिए तथा पुलिस आधुनिकीकरण के मद में अधिक से अधिक वित्तीय और अवस्थापना सम्बन्धी सहायता प्रदान की जानी चाहिए।
 
मुख्यमंत्री डॉ0 निशंक ने कहा कि परिषद के समक्ष साम्प्रदायिक भेदभाव की समस्या भी एक प्रमुख विचारणीय बिन्दु है, उत्तराखण्ड में काफी बड़ी आबादी अल्पसंख्यक समुदाय और अनुसूचित जाति एवं जनजाति की है और उत्तराखण्ड प्रदेश साम्प्रदायिक और जातीय सौहार्द के मामले में देश के अग्रणी प्रान्तों में है। उन्होंने केन्द्र सरकार से ‘महाकुम्भ-2010’ जैसे विशाल एवं सफल आयोजन में केन्द्रीय सुरक्षा बलों पर आये लगभग 100 करोड़ रुपये का व्यय वहन किये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य भौगोलिक दृष्टि से हमारे देश का सीमान्त प्रदेश है, जहां के कई दूरस्थ और दुर्गम भाग देश की मुख्य आर्थिक और सामाजिक विचारधारा से अलग-थलग पड़े हैं। भारत सरकार का ‘‘बार्डर एरिया डेवलपमेन्ट प्रोग्राम’’ इस दिशामें एक सराहनीय प्रयास है, परन्तु इस कार्र्यक्रम के अन्तर्गत जो धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है, वह पर्यान्त नहीं है और इसके मानकों पर पुनर्विचार किया जाना परम् आवश्यक है।
 
डॉ0 निशंक ने कहा कि भारत सरकार को देश के युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण, समाजसेवा और खेलकूद के माध्यम से देश की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए सार्थक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने इस दिशा में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रारम्भ की जा रही ‘पायलेट प्रोजेक्ट’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से हम 1000 प्रतिभाशाली युवाओं को एक सुनियोजित कार्यक्रम में माध्यम से देश की मुख्यधारा से जोडऩे और उनसे नेतृत्व क्षमता के विकास का प्रयास कर रहे हैं। उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में केन्द्र सरकार की पक्षपात नीतियों के सम्बन्ध में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  इस प्रकार की नीतियां न केवल देश के संघीय ढांचे पर प्रहार कर रही हैं अपितु उत्तराखण्ड की जनता के मन में पक्षपात और तिरस्कार की भावना उत्पन्न कर रही है। उन्होंने केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड को भी पूर्वोत्तर राज्यों की भांति 90:10 अंशदान की सहायता प्रदान करने तथा औद्योगिक पैकेज की अवधि को बढ़ाये जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिकीकरण की गति बाधित हो जाने के कारण प्रदेश के लगभग दो लाख युवा रोजगार पाने से वंचित हो चुके हैं। 
 
उन्होंने कहा कि देश के पर्यावरण के संरक्षण हेतु उत्तराखण्ड की जनता द्वारा कई बलिदान किये जा रहें हैं किन्तु राज्य के विकास और सम्पन्नता की राह में आ रही कठिनाईयों को दूर करने पर समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह किया उत्तराखण्ड के प्रति इस प्रकार के सौतेले व्यवहार को त्यागकर उत्तराखण्ड राज्य की भौगोलिक एवं आर्थिक कठिनाईयों के प्रति सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाकर उत्तराखण्ड की देशभक्त जनता को सहायता प्रदान की जाए। बैठक में नेता प्रतिपक्ष सुश्री सुषमा स्वराज, केन्द्रीय रक्षा मंत्री पी$चिदम्बरम, केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी, केन्द्रीय वैकल्पिक ऊर्जा डॉ0 फारुख अब्दुल्ला, नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा अरुण जेटली, अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री आदि उपस्थित थे।    



 

राज्य के शहरी गरीबों को भी मिलेगा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ

देहरादून । राज्य में अब शहरी गरीबों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। अभी तक 03 लाख 33 हजार परिवारों को यह लाभ मिल रहा है। अब 12 लाख 60 हजार परिवारों का स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा। यह निर्णय मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की बैठक में लिया गया। इस योजना में 75 प्रतिशत अंशदान भारत सरकार और 25 प्रतिशत राज्य सरकार का है।
 
मुख्य सचिव ने बताया कि पहले चरण में यह योजना पौड़ी, रूद्रप्रयाग, टिहरी, हरिद्वार और नैनीताल जनपदों में लागू होगी। गांवों में रहने वाले 3 लाख 33 हजार बी$पी$एल$ परिवारों को अभी तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलता था। ग्राम्य विकास विभाग की सूची के अलावा अब शहरी विकास और समाज कल्याण विभाग द्वारा चिन्हित गरीबों को भी इसमें शामिल किया जायेगा। शहरी विकास द्वारा मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को गरीब माना गया है। उनके सर्वे के अनुसार निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की संख्या 1 लाख 53 हजार है। इसी तरह से समाज कल्याण विभाग द्वारा विकलांग, विधवा और वृद्घ लोगों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। इन्हें राज्य बीपीएल मानते हुए स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा पंजीकृत उच्च जोखिम समूहों का भी स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा।
 
श्री कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत मात्र 30 रुपये के पंजीकरण में 30 हजार रुपये का सालाना स्वास्थ्य बीमा होता है। लगभग 500 रुपये राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम जमा कराया जाता है। बीमारी की अवस्था में अस्पताल में भर्ती होने पर बीमा कंपनी द्वारा इलाज का भुगतान किया जाता है। भवन निर्माण कार्य में लगे मिस्त्रियों, घरेलू नौकरों, स्ट्रीट वेण्डरों, मनरेगा में काम करने वाले लोगों आदि का बीमा भी कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सक्रिय आशा, आंगनबाड़ी, सेविका, सुदूरवर्ती स्वास्थ्य सहायक, पीआरडी, होमगार्ड आदि का स्वास्थ्य बीमा उनके व्यय पर किया जायेगा। पहले चरण में पांच जनपदों में यह योजना एक फरवरी से लागू हो जायेगी। दूसरे चरण में 30 अप्रैल, 2012 से देहरादून और ऊधमसिंह नगर जनपदों को शामिल किया जायेगा। तीसरे चरण में 31 मई, 2012 से पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चम्पावत तथा चौथे चरण में 31 जुलाई, 2012 से बागेश्वर, उत्तरकाशी और चमोली जनपदों को शामिल किया जायेगा। 
 
बैठक में सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मनीषा पंवार, प्रभारी सचिव वित्त हेमलता ढ़ौडियाल, अपर सचिव वित्त कुवंर सिंह, एनआरएचएम के निदेशक पीयूष सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 




 

रिफिलिंग कंपनी ने हजारों सिलेंडर हड़पे

देहरादून।  एलपीजी रिफिलिंग कंपनी ने सिलेंडरों की आपूर्ति मेंं धोखाधड़ी करने की शिकायत दर्ज कराई जिसमें हजारों सिलेंडरों को हड़पने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस को दी गयी शिकायत में एमएस तिरूपति के निदेशक अरूण गोयल ने बताया कि सिलेंडर की आपूर्ति के लिए उन्होंने ७२०० सिलेंडर इंफाल के लिए भेजे थे लेकिन कंपनी की ओर से उनके ४२३६ सिलेंडर हड़प कर लिए गए हैं। अपनी शिकायत में अरूण गोयल ने बताया कि यह सिलेंडर वाई के शुक्ला ब्रांच हेड, हरमिंद्र पुनिया निवासी आरा रोड दिल्ली के मार्फत भेजे गए थे लेकिन अब यह लोग बचे हुए सिलेंडरों को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। उल्टे सवाल जवाब करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। 

कंपनी के निदेश अरूण गोयल ने बचे हुए सिलेंडर वापस दिलाने एवं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने अमानत में खयानत का मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।


 

जमीनों को लेकर हायतौबा, असली भू स्वामी के फोटो हटा कर जमीन हड़पी

देहरादून। दून में जमीनों को लेकर होने वाली धोखाधड़ी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जमीनों को लेकर खूनी रंजिशें कई बार सामने आ चुकी है जिसमें कई लोग अब तक मारे जा चुके हैं। साथ ही जमीनों को हडपवने के लिए हर संभव हथकंडे आजमाने के भी प्रयास चल रहे हैं। पिछले दिनों कुछ मामलों में जहां मरे हुए लोगों को ही जिंदा बता कर जमीनें हड़पने के मामले प्रकाश में आए तो वहीं कुछ मामलों में तो असली भूस्वामी के स्थान पर दूसरे लोगों के फोटो लगा जमीनों के मुख्तार नामे करा लिए गए। जमीन संबंधी मामलोंं की लंबी फेहरिस्त पुलिस रिकार्डस मेंं दम तोड़ रही हैं जबकि नित नए मामले सामने आ रहे हैं।
 
फर्जी दस्तावेज बना कर करोड़ों रूपयों की जमीन को हडपने का मामला प्रकाश में आया है जिसमें असली भू स्वामियों के स्थान के पर दूसरे फोटो लगा कर जमीन का मुख्तारनामा तैयार कर लिया गया है। पुलिस ने आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जमीनों को लेकर की जाने वाली धोखाधड़ी थमने का नाम नहीं ले रही है। नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र हरिद्वार रोड अजबपुर डांडा में रमेश बत्ता निवासी सहारनपुर की जमीन है। पुलिस को दी गयी शिकायत में रमेश बत्ता ने बताया कि संजीव कुमार, एसके दुआ, विकास चंद्रा, छोटन पासवान, इंद्रेश कुमार एवं जोगेश्वर दास ने मिलकर उनके फूफा की जमीन हड़प ली है। आरोप है कि इन लोगों ने भू स्वामी ब्रजलाल डांडा एवं उनके पुत्र विजय डांडा की फोटो को जमीन के दस्तावेजों से निकाल दिया और इनके स्थान पर दूसरे लोगों के फोटो लगा कर इन्हें उक्त दोनों लोगों के रूप में पेश करते हुए जमीन का फर्जी मुख्तारनामा बना लिया। रमेश के अनुसार उक्त लोगों ने इस जमीन को दस्तावेजों में छल कपट करते हुए हड़प लिया है।
 
पुलिस ने रमेश बत्ता की शिकायत पर धोखाधडी का मुकदमा दर्ज कर लिया है एवं जीमन संबंधी सारे दस्तावेज तलब किए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।



 

 

घोषणा के बाद भी खेल मैदान को मंजूरी नहीं

रुद्रप्रयाग। तिलवाड़ा के क्षेत्र में खेल मैदान निर्माण का मसला ढाई वर्ष बाद भी ठंडे बस्ते में है। खेल मंत्री की घोषणा के बाद भी अभी तक मंजूरी न मिलने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों में खासा रोष व्याप्त है।

रुद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे तिलवाड़ा क्षेत्र के प्रति सरकारी उपेक्षा साफ देखी जा सकती है। अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी व ऊखीमठ के साथ ही जिला मुख्यालय में खेल मैदान मौजूद हैं, लेकिन अभी तक तिलवाड़ा में एक भी खेल मैदान नहीं बन पाया है। हालांकि वर्ष 2008 मार्च माह में क्षेत्र भ्रमण पर आए सूबे के खेल मंत्री राजेन्द्र भंडारी के सम्मुख स्थानीय जनता द्वारा तिलवाड़ा के समीप सौड़ में खेल मैदान निर्माण का प्रस्ताव रखा था, जिस पर मंत्री महोदय की ओर से तत्काल कार्यवाही का आश्वासन भी दिया गया। ढाई वर्ष बाद भी अभी तक न तो खेल मंत्रालय से मैदान की मंजूरी मिल पाई है और नहीं कोई कार्यवाही होती दिख रही है।
 
स्थानीय जनप्रतिनिधियों में सरकार की उदासीनता को लेकर खासा रोष है। प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष विक्रम कण्डारी, प्रधान तिलवाड़ा बुद्धिलाल व प्रधान रेखा कंडारी का कहना है कि मंत्री की घोषणा के बावजूद भी खेल मैदान को मंजूरी न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे युवाओं में खासी मायूसी व्याप्त है। उन्होंने इस बाबत खेल मंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए तत्काल उचित कदम उठाने की मांग की है।


 

 

32 साल की सेवा, नहीं मिली पदोन्नति

नई टिहरी। जिले में कारागार कर्मियों का कोई सुध लेने वाला नहीं है। एक दशक से भी अधिक समय से जहां कर्मचारी एक ही स्थान पर बने हैं, वहीं वर्षो से पदोन्नति व भर्ती की भी अब तक कोई व्यवस्था नहीं हुई। आलम यह है कि अकेले टिहरी जिले में दर्जनों पद खाली होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया का कहीं कोई हिसाब ही नहीं है। राज्य गठन से पहले और अब में कोई बदलाव नहीं आया है। ऐसे में कारागार में कैदियों की सुरक्षा पर सवाल उठने भी लाजमी हैं।
 
यहां जिला मुख्यालय पर टिहरी व उत्तरकाशी दो जिलों के कैदियों के लिए कारागार बनाई गई है। इसमें 150 कैदियों को रखने की क्षमता है। कभी किसी कैदी के जेल से फरार होने पर शासन के स्तर से कार्रवाई तो हो जाती है, लेकिन कारागार में स्टाफ व अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति क्या है, इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। मजेदार बात देखें तो टिहरी कारागार में ऐसे कर्मी भी हैं जिन्हें 32 वर्ष के सेवाकाल में अब तक एक भी पदोन्नति नहीं मिली और जल्द ही वह सेवानिवृत्ति पर चले जाएंगे। जहां वह भर्ती हुए थे उसी पद से 30-35 साल की सेवा करने के बाद वह रिटायर्ड हो जाएंगे। ऐसा नहीं कि यह सिर्फ बंदी रक्षक व अन्य पदों पर हो रहा है, बल्कि जेलर, डिप्टी जेलर समेत सभी पदों की कमोवेश यही स्थिति है।
 
जिला कारागार में यहां कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी सेवानिवृत्ति की तिथि अब नजदीक ही है, पर पदोन्नति की फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। टिहरी जेल में वर्ष 1979 के बंदी रक्षक पद पर भर्ती साजिद हुसैन की सेवा 32 साल की हो गई, पर उन्हें अब तक कोई पदोन्नति नहीं मिली। जबकि वर्ष 2013 में बगैर पदोन्नति के वह इसी पद से रिटायर्ड हो जाएंगे। ऐसे ही वर्ष 1986 में बंदी रक्षक के ही पद पर भर्ती राजेश खन्ना को भी इस पद पर 25 साल बने हो गए, पर अब तक एक भी बार पदोन्नति नहीं मिली। इसके अलावा दर्जनों और भी कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें भर्ती के बाद 10 से 25 साल की सेवा के बीच कोई प्रमोशन नहीं मिला।
नई टिहरी के जिला जेल अधीक्षक एडीएम जीएस रावत ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि भर्ती व पदोन्नति का मामला शासन स्तर का है। शासन स्तर से ही इस पर कार्रवाई होनी है। समय-समय पर विभाग के आला अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया जाता रहा है।



 

खोए चैक से ब्लेकमेलिंग हो रही

देहरादून। ढकरानी गांव में रहने वाले अमित कुमार ने विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के हाईडिल कालोनी में रहने वाले एक शख्स के खिलाफ ब्लेकमेलिंग के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया।  
 
पीडि़त की शिकायत के अनुसार बीती मई माह में उसकी चैकबुक से उसके स्वंय के हस्ताक्षरित चैकों में से एक चैक कहीं गुम गई थी। पुलिस को दर्ज कराई शिकायत में अमित ने कहा कि खोए चैक संख्या-३७१९७७ हाईडिल कालोनी में रहने वाले सूर्यवंश को कहीं मिल गया होगा। आरोप हैं कि अब सूर्यवंश सिंह उसे ब्लेकमेलिंग कर रहा है। पुलिस को लिखी तहरीर में बताया गया कि सूर्यवंश ने पीडि़त के चैक में साढ़े नौ लाख की रकम भरकर उसे बैंक में लगाने की धमकी देते हुए ब्लेकमेलिंग शुरू की हुई है। अपने प्रयासों के बाद भी जब आरोपी चैक नहीं लौटा रहा तो उसने पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई। 



 

एम्स का संचालन फरवरी, 2012 से शुरू हो जायेगा

देहरादून । ऋशिकेश में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेस (एम्स) का संचालन फरवरी, 2012 से शुरू हो जायेगा। पहले साल इसमें 100 छात्रों को एमबीबीएस कोर्स करने की सहुलियत मिलेगी। इसके साथ ही बीएससी, एमएससी नर्सिंग के पाठ्यक्रम भी चालाये जायेंगे। एम्स में 960 बिस्तर वाले अस्पताल की सुविधा भी उत्तराखण्ड के लोगों को मिलेगी। प्रदेश सरकार बिजली, पानी और सडक़ की सुविधा उपलब्ध करा रही है। कोशिश की जा रही है कि इसका निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा हो। इस सम्बन्ध में गठित समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव सुभाश कुमार ने 20 करोड़ रुपये लागत के सडक़ निर्माण, पेयजल के लिए दो ट्यूबबेल की स्थापना और बिजली की समुचित व्यवस्था के निर्देश सम्बन्धित विभागों को दिये। 
 
प्रदेश सरकार एम्स के निर्माण को शीइर से शीइर पूरा कराने के लिए हर सम्भव सहयोग कर रही है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि एम्स के आवासीय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अस्पताल और इंस्टीट्यूट का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसमें नर्सिंग कालेज, ट्रामा सेंटर, मेडिकल कालेज, अस्पताल और अन्य अवस्थापना कार्य किये जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने बताया कि 101 एकड़ भूमि एम्स के लिए पहले ही हस्तांतरित की जा चुकी है। 76 एकड़ में अस्पताल परिसर और 25 एकड़ आवासीय परिसर बन रहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि एम्स के लिए उपलब्ध भूमि के एक तिहाई भाग में वृक्षारोपण का कार्य किया जाय। साथ ही 4 लेन की अप्रोच रोड भी बनाई जाय। सडक़ विस्तार के लिए पशुलोक की भूमि का अधिग्रहण किया जायेगा। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिये कि बिजली का कार्य शीइा्र पूरा किया जाय। 
 
बैठक में एफआरडीसी राजीव गुन्ता, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विनीता कुमार, प्रमुख सचिव लोनिवि उत्पल कुमार सिंह, सचिव चिकित्सा मनीशा पंवार, अपर सचिव पेयजल अरविंद सिंह ह्यांकि, डीजी स्वास्थ्य डॉ$ आशा माथुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 
 

6 माह का कंप्यूटर कोर्स 1 अक्टूबर 2011 से

देहरादून। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी देहरादून अनिल वाधवा ने अवगत कराया है कि जिला सैनिक कल्याण द्वारा भूतपूर्व सैनिक, सैनिक विधवाओं एवं उनके आश्रितों हेतु 6 माह का कंप्यूटर कोर्स 1 अक्टूबर 2011 से देहरादून व ऋषिकेश में संचालित किया जाएगा।
 
उन्होंने बताया कि कंप्यूटर कोर्स में डिप्लोमा इन कंप्यूटर अप्लिकेशन (डीसीए), डिप्लोमा इन कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग, डिप्लोमा इन टैली फाईनैनसियल अकाउन्टिंग सभी कोर्स 6 माह के हैं। कोर्स 1 अक्टूबर 2011 से 31 मार्च 2012 तक संचालित होगा। इच्छुक उम्मीदवार अपना नाम जिला सैनिक कल्याण कार्यालय देहरादून में 25 सितम्बर 2011 तक पंजीकृत करवा सकते हैं।

 

दिल्ली में बलास्ट के बाद दून में हाई अलर्ट : एसपी सिटी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण बिल्डिंगों की चेकिंग, भीड़ भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा भी बढ़ाई

देहरादून। बुधवार सुबह दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए हाई इंटैन्सिटी ब्लॉस्ट के बाद दून में भी हाई अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस ने महत्वपूर्ण बिल्डिंगों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
 
दिल्ली में आतंकी बलास्ट की खबर मिलने के बाद एसएसपी जीएन गोस्वामी ने जनपद पुलिस एवं खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया। उन्होंने राजधानी की प्रमुख बिल्डिंगों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के सघन चेकिंग के निर्देश दिए। एसपी सिटी जसवंत सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने जीपीओ,रेलवे स्टेशन,कोर्ट परिसर,पीएचक्यू,बस अड्डे,कनॉट प्लेस पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।बम और डॉग स्क्वॉयड ने भी इन इलाकों में चेकिंग की। पलटन बाजार,घंटाघर,गांधी रोड आदि भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में भी चेकिंग अभियान चलाया गया। इसके अलावा सचिवालय,विधानसभा,रक्षा संस्थान तथा सभी केंद्रीय संस्थानों की सुरक्षा भी बढ़ाई जा  रही है।बाहर से आने वाले सभी वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही है। शहर भर में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से चप्पे चप्पे पर नजर रखी जा रही है। कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखने पर तुरंत उसे चेक किया जा रहा है। जोगीवाला,आशारोडी,बल्लूपुर चौक तथा कुठाल गेट सहित तमाम एंट्री एवं एक्जिट प्वाइंटों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसके अलावा खुफियां एजेंसियां तमाम जानकारियां जुटाने में लग गई हैं। अस्पतालों,फायर ब्रिगेड आदि को किसी भी स्थिति से निपटने के तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।
 

आइटीबीपी जवानों का पानी में उतरने से इंकार

गोपेश्वर। आपदा के लिहाज से अति संवेदनशील चमोली जिले में आपदा प्रबंधन मात्र कागजों में ही सिमट कर रह गया है। बालखिला नदी में गिरी मारुति कार को ढूंढने में पहले ही आपदा प्रबंधन की टीम विफल हो चुकी थी। प्रशासन के अनुरोध पर आई आइटीबीपी की रेसक्यू टीम ने तो पानी में उतरने से ही मना कर दिया। श्रीनगर से आई जल पुलिस के जवानों ने भी डूबे युवकों को खोजना तो दूर मारूति कार का भी पता नहीं कर पाई है जिससे लोगों में आक्रोश है।
 
गौरतलब है कि रविवार की प्रात: मारुति कार गैर पुल के समीप अनियंत्रित होकर बालखिला नदी में जा गिरी थी। इसमें सवार दो छात्र अभी भी लापता है। रविवार दिन भर आपदा प्रबंधन के नाम पर नदी के किनारे पुलिस प्रशासन व आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों ने खोज खबर की, लेकिन हासिल कुछ भी नहीं हुआ। फिर प्रशासन ने श्रीनगर से जल पुलिस के गोताखोर तथा आइटीबीपी के जवानों को बुलाकर कार ढूंढने का प्रयास किया लेकिन आइटीबीपी ने तो बालखिला नदी के वेग को देखते हुये इसमें उतरने से ही इंकार कर वापस जाने में ही भलाई समझी। वहीं जल पुलिस के गोताखोरों ने सोमवार को दिन भर की मशक्कत के बाद हाथ खड़े कर दिये हैं। जिलाधिकारी बृजेश कुमार संत ने मौके का मुआयना कर आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने गुस्साये लोगों को भरोसा दिलाया कि वे रेसक्यू लगातार जारी रखेंगे। अगर जल्द ही नतीजे सामने नहीं आये तो सेना की मदद ली जायेगी।
 
जिलाधिकारी बृजेश कुमार संत ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि रेसक्यू जारी है, अगर जल्द परिणाम नहीं मिला तो प्रशासन सेना की मदद लेगा। संभावना वाहन व डूबे छात्रों के शवों के बहने की है। 



 

हाथी ने पिकनिक स्थल पर बनी कैंटीन का शटर तोडा़

डोईवाला। लच्छीवाला वन रेंज के पिकनिक स्थल पर बीती रात एक हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने पिकनिक स्थल पर बनी कैंटीन का शटर तोड़ दिया और वहां रखी खाद्य सामग्री चट कर दी। इसके अलावा हाथी ने फर्नीचर को भी तोड़ दिया। चौकीदार ने किसी तरह पटाखे फोड़ हाथी को जंगल में खदेड़ा। लच्छीवाला वन विभाग के वनरक्षक सुखपाल सिंह नेगी ने बताया कि हाथी ने रविवार रात करीब 10:30 बजे दस्तक दी थी। वहीं दूसरी ओर थानो रेंज के कालूवाला गांव में भी हाथियों की आमद जारी है। शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह कृषाली और नरेंद्र कृषाली ने वन रेंज अधिकारी से क्षेत्र में गश्त बढ़ाए जाने की मांग की है।


डॉ अनिल चन्दोला ने अपर निदेशक सूचना का पदभार ग्रहण किया

देहरादून। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ अनिल चन्दोला ने सोमवार को अपर निदेशक सूचना का पदभार ग्रहण कर लिया है। उत्तराखण्ड शासन द्वारा सोमवार को जारी एक प्रोन्नति अधिसूचना के अनुसार सूचना विभाग में संयुक्त निदेशक पद पर कार्यरत डॉ$ अनिल चन्दोला को नियमित चयनोपरांत अपर निदेशक वेतनमान रुपये 37400-67000 ग्रेड पे 8700 के पद पर पदोन्नत किया गया है। सूचना विभाग में आयोजित सादे कार्यक्रम में महानिदेशक विनोद शर्मा ने डॉ$ चन्दोला को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डॉ$ चन्दोला अनुभव, कर्मठ व ईमानदार अधिकारी है और उनके अपर निदेशक बनने से विभाग और तेजी से प्रगति करेगा। 

इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी डॉ चन्दोला को बधाई दी। डॉ चन्दोला ने कहा कि वे इस नई जिम्मेदारी का पूरी क्षमता के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग को और अधिक सुदृढ़ और मजबूत बनाना ही उनकी प्राथमिकता होगी। 

उल्लेखनीय है कि डॉ चन्दोला ने सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, में 1987 में जिला सूचना अधिकारी के पद पर योगदान देते हुए विभिन्न पदों पर सेवाएं दी है। जनवरी 1987 से जून 1992 तक जिला सूचना अधिकारी, चमोली, जुलाई 1992 से सितम्बर, 1992 तक जिला सूचना अधिकारी, टिहरी, सितम्बर, 1992 से जून 1996 तक सहायक निदेाक, सूचना, टिहरी, जुलाई, 1996 से नवम्बर, 1997 तक सहायक निदेशक, नवम्बर, 1997 से 08 नवम्बर, 2000 तक सहायक निदेशक, देहरादून, 9 नवम्बर, 2000 से 26 फरवरी, 2001 तक सहायक निदेशक, मुख्यालय, 27 फरवरी, 2001 से 12 जून, 2001 तक सहायक निदेशक, हरिद्वार, 13 जून, 2001 से अप्रैल 2010 तक उप निदेशक तथा अप्रैल 2010 से अब तक संयुक्त निदेशक मुख्यालय के पद पर कार्यरत रहे। इससे पूर्व डॉ$ चन्दोला ने 1984 से 1986 तक राजकीय महाविद्यालय, चौबटाखाल पौड़ी गढ़वाल में राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में कार्य किया है। उनके द्वारा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में लेखों का प्रकाशन किया। पर्वतीय युवा पत्रकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 1990 में जन सम्पर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए स्वर्गीय रामप्रसाद बहुगुणा सम्मान से सम्मानित किया गया। 




अन्त्योदय यात्रा के तीसरे चरण की शुरूआत : सीएम ने लक्सर की शुगर फैक्ट्री में जन समस्याओं को सुना

हरिद्वार। मुख्यमंत्री डॉ$ रमेश पोखरियाल निशंक ने अन्त्योदय यात्रा के तीसरे चरण की शुरूआत करते हुए सोमवार को लक्सर की शुगर फैक्ट्री में जन समस्याओं को सुना और अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने मण्डलायुक्त को निर्देश दिये कि वे समाज कल्याण विभाग द्वारा चलायी जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं की ब्लॉकवार समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि अटल आदर्श ग्रामों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी ग्रामों में रात्रि प्रवास करें और जनता से संवाद स्थापित करें। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये कि वे रोस्टर के अनुसार प्रत्येक थाने में दो-दो घंटे बैठना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों और चौकियों में जनसमस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाय। वहां शिकायत लेकर आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाय। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि वे जनपद के दूरस्थ स्थानों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। स्थानीय जनता द्वारा भीकमपुर के पटवारी हुकुम सिंह की शिकायत किये जाने पर उन्हें अन्यंत्र स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिये गये।

मुख्यमंत्री डॉ$ निशंक ने जनता से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। मुबारकपुर के इरफान अली और मोहम्मद परवेज आलम ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके कई दिनों से प्रयास करने के बाद भी उन्हें विकलांग पेंशन नही मिल पा रही है। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने मौके पर ही उनकी विकलांग पेंशन स्वीकृत की और अधिकारियों को निर्देश दिये कि 10 दिन के भीतर आवेदकों के घर पर पेंशन पहुंचा दी जाय। अघोड़ाग्राम के सुरेश कुमार ने बताया कि ट्रक दुर्घटना में घायल होने के बाद उनके पास उपचार के लिए पैसे नही है, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल विवेकाधीन कोष से 50 हजार रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने तीन अन्य व्यक्तियों को भी उपचार के लिए 50-50 हजार रुपये देेने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ$ निशंक ने कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने कहा कि लोगों के कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए सरकार द्वारा बहुत सी कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी कारणवश शासन द्वारा धन आवंटन में विलम्ब होता है, तो जनता को स्पष्ट स्थिति अवश्य बता दी जाय। यदि किसी कारणवश किसी का कार्य नियम कानूनों में संभव नही है, तो भी लोगों को स्पष्ट बता दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम में बताया गया कि हरिद्वार जनपद में मार्च 2007 तक 20 हजार 494 लोगों को पेंशन दी जा रही थी, जो वर्तमान में बढक़र लगभग 63 हजार हो गई है। इसी प्रकार जनपद में 3 हजार से अधिक बालिकाओं को लगभग 8 करोड़ रुपये गौरा देवी कन्या धन योजना के अंतर्गत प्रदान किये गये है।
 
कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष यतीश्वरानंद, मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी, राज्य आवास विकास परिषद के अध्यक्ष नरेश बंसल, मण्डलायुक्त अजय सिंह नबियाल, जिलाधिकारी आर$मीनाक्षीसुन्दरम, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केवल खुराना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

राशन कार्ड न बनने से क्षेत्रवासियों ने डीएसओ कार्यालय पर किया प्रदर्शन

देहरादून। गांधी ग्राम में पिछले काफी समय से बीपीएल के राशन कार्ड न बनने से क्षेत्रवासियों ने डीएसओ कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया और डीएसओ को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की है, और यदि शीघ्र ही कार्यवाही नहीं की गई तो सडक़ों पर उतरकर आंदोलन किया जायेगा।
 
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के कार्यकर्ता डीएसओ कार्यालय पहुंचे और वहां पर उन्होंने बीपीएल धारकों के राशन कार्ड न बनाये जाने पर प्रदर्शन किया तथा आंदोलन की चेतावनी दी।
 
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पिछले काफी समय से गांधी ग्राम वासियों के बीपीएल कार्ड नहीं बन पा रहे है और कई बार संबंधित अधिकारियों के अवगत कराये जाने के बाद आज तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो पाई है और आज इसके लिए प्रदर्शन किया जा रहा है और यह अंतिम चेतावनी है और इसके बाद विभागीय स्तर पर तालाबंदी कर दी जायेगी।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग की तरफ से कोई कार्यवाही न होने पर उग्र आंदोलन किया जायेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गरीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों के बीपीएल कार्ड नहीं बने है, जिससे गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गांधी ग्राम के काफी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और यहां के निवासी जिला पूर्ति कार्यालय के चक्कर काटकर कर परेशान हो रहे है और फिर भी अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है और गांधी ग्राम के सरकारी सस्ते गल्ले व अनाज की दुकानें समय पर नहीं खुली है तथा वहां लोगों को राशन से महरूम रखा जाता है जिसके कारण भी यहां के निवासी परेशान है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शीघ्र ही उनकी राशनकार्ड की समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। प्रदर्शनकारियों ने डीएसओ को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र ही कार्यवाही करने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में नसीम नददाफ, नंदन रावत, विनय शर्मा, अनिल यादव, सावित्री देवी, पूजा देवी, गीता देवी, विपिन जायसवाल सहित अनेक क्षेत्रवासी मौजूद थे।

मुफलिसी के आगे हारी जिंदगी

हरिद्वार। एक बार फिर मुफलिसी के आगे जिंदगी ने घुटने टेक दिये। सुल्तानपुर में रहस्यमय बीमारी से जूझ रहे पांच वर्षीय मासूम तौहीद ने उपचार के अभाव में बृहस्पतिवार की रात को दम तोड़ दिया।

सुल्तानपुर निवासी हनीफ का पांच वर्षीय पुत्र तौहीद एक माह से रहस्यमय बीमारी से पीडि़त था। उसके शरीर में पहले खुजली की शिकायत हुई। परिजनों ने पहले इसे गंभीरता से नहीं लिया तथा एक स्थानीय डॉक्टर को दिखाया। प्राथमिक उपचार से क्षणिक राहत तो मिली, लेकिन बीमारी जड़ से खत्म नहीं हो सकी। धीरे-धीरे तौहीद की बीमारी गंभीर होती चली गई। पहले उसकी आंखों में सूजन आई फिर मासूम की दोनों आंखें बाहर निकल आई। परिजन उसे लेकर हरिद्वार गये, जहां से डाक्टरों ने उसे दून अस्पताल के लिये रेफर कर दिया। रोग बेकाबू होते देख उसे एम्स दिल्ली भेजना पड़ा लेकिन तब तक स्थिति वश से बाहर हो चुकी थी। हनीफ की मुफलिसी तौहीद के उपचार के आड़े आ रही थी। मीडिया के जरिये स्वास्थ्य महकमे को जानकारी मिलने पर अधिकारी हरकत में आये पर तब तक देर हो चुकी थी। गुरुवार की रात्रि तौहीद ने मौत से हार मान ली। लक्सर सीएचसी के डॉ. केके गर्ग के नेतृत्व में मेडिकल टीम गांव में पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। लक्सर सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार तौहिद 'रैबोर्डो सारकोमा' बीमारी से ग्रस्त था। सामान्य बोलचाल की भाषा में इस बीमारी को आंखों का कैंसर कहा जाता है। बालक को हरिद्वार से दून अस्पताल तथा वहां से दिल्ली एम्स रेफर किया था, लेकिन तब तक रोग अंतिम चरण में पहुंच चुका था। इस पर डॉक्टरों ने परिजनों को जवाब दे दिया था।

 

गैस एजेंसी की मनमानी, उपभोक्ता परेशान

हरिद्वार। शहर की तमाम गैस एजेंसिया मनमानी पर उतारू हैं। गैस सिलेंडर देने के 21 दिन बाद दूसरी रिफिल की बुकिंग और बुकिंग के 20 से 25 दिन बाद सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। इतना ही नहीं गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा लेने की शर्ते भी थोपी जा रही है।

हैरत की बात यह है कि इस तरह की शर्ते ऑयल कंपनियों ने नहीं बल्कि गैस एजेंसियों की खुद की बनाई हुई है। आरटीआइ के तहत ऑयल कंपनी से मांगी गई जानकारी में इस बात खुलासा हुआ है। आम तौर पर उपभोक्ताओं को सिलेंडर देने के 21 दिन के बाद दूसरी रिफिल की बुकिंग और बुकिंग के बीस से पच्चीस दिन के बाद सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। इतना ही नहीं नये कनेक्शन और डबल कनेक्शन के साथ चूल्हा, चावल आदि लेने की शर्ते भी उपभोक्ताओं पर थोपी जा रही हैं।
 
आश्चर्य की बात यह है कि गैस एजेंसियां इस बात का उल्लेख गैस बुक पर भी कर रही हैं। समुचित जानकारी के अभाव में भोली भाली जनता बेवकूफ बन रही है। कुछ जागरूक उपभोक्ताओं ने जब इस तरह की शिकायतें पूर्ति विभाग के अधिकारियों से की जाती है तो अफसर जांच पड़ताल के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति करते हैं।
 
एडवोकेट ऋषिपाल सिंह चौहान ने जब आरटीआइ के तहत इस संबंध में जानकारी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के उप महाप्रबंधक यशवीर गुप्ता से मांगी तो गैस एजेंसियों की मनमानी का खुलासा हुआ। प्रार्थी को जानकारी दी गई कि गैस कनेक्शन के साथ संबंधित गैस एजेंसी से चूल्हा खरीदने की अनिवार्यता नहीं है। गैस सिलेंडर प्राप्त होने के 21 दिन बाद गैस रिफिल की बुकिंग का भी कोई प्रावधान नहीं है। ग्राहक अपनी वास्तविक घरेलू जरूरत के अनुरूप गैस प्राप्त कर सकता है।



डीजे चलाने पर पथराव, कई घायल

 रुडक़ी। ईद के जश्न पर डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद में एक ही समुदाय के दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई और छतों से पथराव किया गया। इसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये, जिनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकार कर झगड़ा कर रहे लोगों को तितर बितर किया। मामला इतना बढ़ा कि एसपी देहात व सीओ को भी मौके पर जाकर हालात का जायजा लेना पड़ा। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर पूरी रात भारी पुलिस बल तैनात रहा।

गुरुवार की रात कस्बे के मोहल्ला मलकपुरा में कुछ युवक डीजे बजाकर ईद का जश्न मना रहे थे। इस पर पड़ोस के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामले ने इतना तूल पकड़ा कि दोनों ओर से दर्जनों लोग लाठी डंडे लेकर आमने-सामने आ गये और छतों से पथराव शुरू हो गया। इसमें सरकार मेंहदी उर्फ मिर्ची पुत्र अमजद, यामीन पुत्र बुंदू, अब्दुल हमीद उर्फ मोटा पुत्र बशीर तथा आजम पुत्र खलील सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गये। इनमें से सरकार मेंहदी उर्फ मिर्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकार कर झगड़ा कर रहे लोगों को दौड़ाया तो पुलिस के ऊपर भी पथराव किया गया, जिससे दो पुलिस कर्मियों को भी मामूली चोट आना बताया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आला अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। इस पर एसपी देहात रोशन लाल शर्मा और सीओ अरूण कुमार पांडे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बिगड़ते हालात को काबू करने के लिए पुलिस को माइक से एनाउंस करके लोगों को मौके से हट जाने और अपने घरों से बाहर न आने की सख्त हिदायत देकर मोहल्ले में अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। तब कहीं जाकर स्थिति नियंत्रण में आ सकी। जिन मकानों की छतों से पथराव किया गया था, पुलिस ने उनमें घुस कर एक ही पक्ष के यामीन पुत्र बुंदू, राशिद पुत्र यामीन, मेहरबान पुत्र यासीन तथा बेंचा पुत्र अल्लादिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चारों आरोपियों का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया है। दूसरे पक्ष का कोई आरोपी पुलिस के हाथ न लग सका तो गुड्डू पुत्र नूर इलाही व आबाद पुत्र सलीम का भी इन्हीं के साथ शांति भंग की आशंका में ही चालान कर दिया है, जबकि पुलिस उन्हें झगड़े से पहले ही एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर चुकी थी।


लक्सर के विधायक की गिरफ्तारी पर रोक

नैनीताल। रुडक़ी के एक होटल में 28 अगस्त को हुई मारपीट व फायरिंग का मामला हाईकोर्ट आ पहुंचा है। इस घटना में नामजद लक्सर के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन ने इस मामले में उन्हें झूठा फंसाए जाने तथा उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आग्रह करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने विधायक की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए सरकार से तीन सप्ताह में जवाब दायर करने को कहा है।

ज्ञातव्य हो रुडक़ी के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन के खिलाफ रुडक़ी स्थित होटल पोलरिस के स्वामी धु्रव सिंह द्वारा 29 अगस्त को थाना रुडक़ी में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधायक कुंवर प्रणव सिंह पर आरोप लगाया कि वह 28 अगस्त को होटल में आए और कमरा किराया पर लिया। होटल स्वामी द्वारा रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनके द्वारा होटल में शराब पीकर होटल कर्मियों से अभद्रता और मारपीट की गई। होटल स्वामी द्वारा बताया गया कि बीच बचाव करने पर विधायक उन्हें खींचकर कमरे में ले गए और जान से मारने की नियत से गोली चला दी, जिसमें वह बाल बाल बच गए। प्राथमिकी रिपोर्ट के विरुद्ध विधायक कुंवर प्रणव सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याची ने अदालत को बताया कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्हें किसी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। न्यायमूर्ति एसके गुप्ता की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने इस मामले में सरकार से तीन सप्ताह में जबाव मांगा है।


यात्रियों की काट रहे जेब

हल्द्वानी। भीमताल व भवाली मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही बाधित होने से टैक्सी संचालक चांदी काट रहे हैं। यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया जा रहा। इससे आपदा से जूझती पर्वतीय जनता की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
 
उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी-भीमताल मार्ग पर बोहराकून के पास मार्ग क्षतिग्रस्त होने से छोटे वाहन तो निकल जा रहे हैं, लेकिन परिवहन निगम व केमू की बसों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसका फायदा टैक्सी चालक उठा रहे हैं। वे यात्रियों की मनमाने किराए की वसूली कर जेब काट रहे हैं। खास बात यह भी है कि पुलिस के जिन जवानों की बोहराकून में ड्यूटी लगाई जा रही है वे भी मनमाने ढंग से वाहनों को निकलने की छूट दे रहे हैं। कई निजी वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है। ऐसे में मजबूर होकर यात्रियों को टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है। मार्ग बाधित होने से बसें वाया नैनीताल चल रही है। समय व दूरी बढऩे से यात्री वाया नैनीताल सफर करने के बजाए टैक्सी संचालकों से होने वाले शोषण को बर्दाश्त कर रहे हैं। इससे यात्रियों में खासा रोष है। पर्वतीय अंचल के लोगों का आक्रोश कभी भी फूट सकता है। बड़ी मुखानी निवासी सीसी पंतोला ने प्रशासन से इस ओर ध्यान देने की अपील की है।
 
यात्रियों ने प्रशासन को सुझाव दिया है कि पार्ट में परिवहन निगम व केमू की बस सेवाएं लगा कर यात्रियों को राहत दी जा सकती है। इसके लिए हल्द्वानी से बोहराकून तथा बोहराकून से भीमताल व भवाली को बस सेवाएं चलाने का सुझाव दिया गया है।



एमडीडीए इंजीनियरों ने फीता डाल चकराता रोड चौड़ीकरण अभियान छेडा

देहरादून। आखिरकार चकराता रोड चौड़ीकरण का अभियान शुरू हो ही गया। शुक्रवार को  एमडीडीए इंजीनियरों ने फीता डालकर दांये साइड की दुकानों की पैमाइश करके दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है।  इससे पूर्व भी एमडीडीए अभियन्ताओं ने पैमाइश की थी। उस समय उन्होंने प्रभात सिनेमा वाले छोर की सभी दुकानों को नापा था, जबकि आज कृष्णा पैलेस वाले छोर की नपाई की गई। 

इस अभियान दल में शामिल अभियन्ताओं ने मौके पर निर्माण का क्षेत्रफल और मालिकाना हक की स्थिति की जांच की। एमडीडीए ने इस मुहिम के लिए 12 सदस्यीय समिति बनाई है, जिसने पूर्व में चकराता रोड का कंसलटेंट कंपनी द्वारा किए गए सर्वे व तैयार मैप को बारीकी से जांचा था। टीम ने दुकानों का फं्रट, गहराई व चौड़ाई की नपाई की। साथ ही चकराता रोड चौडीकरण की मुहिम शुरू होने के दौरान दुकानों में लगाए गए लाल निशानों की भी जांच की गई।

व्यापारियों से अभियन्ताओं ने काफी कुछ पूछताछ की, जिससे कई दुकानदार असमंजस की स्थिति में दिखाई दिए। इस सम्बंा में एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि पैमाइश इसलिए कराई जा रही है, ताकि आगे की कार्यवाही को शुरू किया जा सके। 
 
बताते चलें कि चकराता रोड चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित दुकानदारों के लिए राजपुर रोड स्थित धारा चौकी के सामने एमडीडीए पार्किंग में काम्पलैक्स का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका शिलान्यास प्रदेश के मुख्यमंत्री ने फरवरी माह में किया था और इसके लिए समय सीमा अगस्त निर्धारित की गई थी किन्तु निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण अब सरकार ने अक्टूबर तक की समय सीमा निर्धारित की हुई है। 

 

छह वर्षीय बच्ची से बलात्कार का प्रयास करते युवक को दबोचा

 देहरादून। घर के बाहर खेल रही एक छह वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर बगीचे में ले जाकर एक युवक ने बलात्कार का प्रयास किया, परंतु शोर मच जाने पर गांववासियों ने युवक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। आज अवोध बालिका का पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया है। निकटवर्ती ग्राम धनौरी में रहने वाले राजेन्द्र की छह वर्षीय पुत्री घर के बाहर खेल रही थी कि इसी दौरान गांव के ही वीरू पुत्र भगवानदास ने उसे खाने-पीने का सामान दिलाने का लालच देकर अपने साथ निकट के ही आम के बगीचे में ले गया और उसके साथ बलात्कार का प्रयास करने लगा। इसी दौरान बच्ची की आवाज सुनकर वहां मौजूद गांववासियों की नजर उन पर पड़ गयी और उन्होंने युवक को रंगे हाथ दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने धारा ३७६/५११ आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। आज बालिका को मेडिकल परीक्षण हेतु भेजा गया।



 

निगम ने किए होटल के बाहर लगे काउंटर जब्त

देहरादून। दून की सडक़ किनारे स्थित होटल के बाहर काउंटर लगाकर व्यापार करने वाले होटल स्वामियों पर आज निगम ने अचनाक ही छापे मारी कर ३० से ३५ काउंटरों  को जब्त किया और सडक़ किनारे मौजूद कुछ दुकानदारों को वहां से भगा दिया।

गौरतलब हैं कि राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए निगम को शासन से आदेश प्राप्त हुए हैं कि वह दून की सडक़ों के किनारे ठेली लगाकर व्यापार करने वाले ठेली धारकों पर अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाया जाएं और उन्हें वहां से हटाया जाएं ताकि यातायात व्यवस्था में किसी भी प्रकार का व्यवधान न पड़ सके। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह से सडक़ों के किनारे होकर व्यापार करने वाले ठेले वालों के कारण रोजाना कई प्रमुख मार्गो पर यातायात व्यवस्था पर व्यवधान पड़ रहा हैं। जिसे रोकने के लिए इस अभियान को चलाना बहुत ही जरूरी हो गया हैं। इसी आदेश की पालना करते हुए निगम द्वारा कल से इस अभियान को शुरू किया गया हैं जो आगामी ९ सितम्बर तक चलेगा। इस दौरान आज भी इस अभियान को शुरू करते हुए किशन नगर चौक से घंटाघर तक चलाया गया। जिसमें ठेली वालों के साथ ही होटलों के बाहर काउंटर बनाकर व्यापार करने वाले होटल स्वामियों  पर छापे मारे गये। इस दौरान ३० से ३५ काउंटरों को जब्त किया गया जबकि कुछ होटल स्वामियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। वहीं निगम द्वारा सडक़ किनारे हैलमेट का व्यापार करने वालों पर भी अभियान छेड़ा गया और ३५ हैलमटों को भी जब्त किया गया। जिन्हें उठाकर निगम परिसर में लाया गया लेकिन उन्हें  छोड़ा नहीं गया।वहीं दूसरी ओर बिंदाल के पास गमले बनाने का बेचने वालों पर भी निगम ने अभियान चलाते हुए एक झोपड़ी को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया और अन्य को एक घंटे की चेतावनी देकर छोड़ दिया। आज के अभियान में अपर मुख्य नगर अधिकारी हरक सिंह रावत, ओमप्रकाश पचपोरा, मदन गोपाल, दिनेश डबराल और राजेश नैथानी सहित अन्य निगम के अधिकारी भी मौजूद थे। 


 

अब नये रूप में दिखेगी चाट वाली गली

देहरादून। यदि आप चाट या गोल गप्पे खाने के शौकीन हैं तो आप के लिए एक नयी खुशखबरी हैं क्योंकि अब चाट वाली गली नये रूप में विकसित होती हुई जल्द ही दिखेगी। 

घंटाघर के पास स्थित चाट वाली गली को अब नये रूप में विकसित करने की कवायद नगर निगम द्वारा शुरू की जा रही हैं और इस गली को नये रूप में विकसित किया जाएगा। उक्त घोषणा आज मेयर विनोद चमोली ने पत्रकार वार्ता के दौरान करते हुए कहा कि जिस प्रकार से देहरादून के कुछ क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक धरोहरों को यूं ही छोड़ दिया गया हैं जिनमें चाट वाली गली भी बहुत ही मशहूर हैं और इस गली में कई सारे चाट वाले ठेलियां लगाकर खड़े रहते हैं। जिनकी बिक्री भी खूब होती हैं और उनके द्वारा बनाई जाने वाली चाट व गोल गप्पों को दून वासी ही नहीं बल्कि बाहर से आने वाले लोग भी पसंद करते हैं। इसीलिए अब इस गली को शानदार व नये रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस गली को नया रूप देने के लिए सर्वप्रथम यहां के चाट वालों को नयी ठेलियां दी जाएगी जो पूर्णता फाईबर की बनी होगी और वह चयन में नहीं होगी बल्कि वह लेनी जरूरी होगी।  साथ ही उन्होंने बताया कि इस गली में नया फ्लोर डाला जाएगा जिसमें ब्लैक स्टोन बिछाया जाएगा। जिसके लिए उनके द्वारा जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।वहीं उन्होंने बताया कि इसी तरह हनुमान चौक स्थित आनन्द पुरी वाले की दुकान को भी नये रूप में बनाया जाएगा क्योंकि वह देहरादून की प्रमुख पुरी शॉप हैं। 


पौराणिक स्थलों को हैरिटेज घोषित करे सरकार: चमोली

देहरादून। राजधानी में विभिन्न पौराणिक स्थलों को हैरीटेज घेाषित होना चाहिए जिसके लिए प्रदेश सरकार को एक पॉलिसी बनाने की आवश्यकता है। यह बात मेयर विनोद चमोली ने कही। साथ ही उन्होंने कहा कि १३ सितम्बर से नगर निगम द्वार हैरीटेज वॉक किया जायेगा। अपने कार्यालय में पत्रकारो को सम्बोधित करते हुये मेयर विनोद चमोली ने कहा कि दून में एतिहासिक तथा पर्यटन से जुड़ी स्थलो तथा बिल्डिंगो को हैरीटेज की श्रेणी में लाने के लिए प्रदेश सरकार को एक पॉलिसी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए नगर निगम का पहला बैच १३ सितम्बर से हैरीटेज वॉक करेगा तथा कुछ जगहो को हैरीटेज की श्रेणी में चिन्हित करेगा। मेयर विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की राजधानी अपने आप में प्रसिद्ध है तथा यहां पर अधिकांश एतिहासिक स्थान, मन्दिर, पार्कस, पिकनिक स्पॉट हैरीटेज की श्रेणी में रखने लायक हैं ताकि इनको सहेज व संवारा जा सके। इसके अलावा प्रसिद्ध टपकेश्वर मन्दिर, मालसी डियर पार्क, कालंगा मोनूमेन्ट, चन्द्रबनी, गुच्छुपानी, तपोवन, सन्तला देवी जैसे आकर्षक स्थानो के लिए हैरीेटेज पॉलिसी बनाने की आवश्यकता है जिसके लिए प्रदेश सरकार को इस पर अपनी गंभीरता दिखाते हुये कार्य करना चाहिए। मेयर विनोद चमोली ने कहा कि विरासत की श्रेणी में रखने के लिए देहरादून में अनेक चीजें है जिनको समेटने की आवश्यकता है ताकि इनको सहेजा सके। उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्रयास है कि राजधानी में मौजूद इन सुन्दर पर्यटन स्थलो तथा एतिहासिक स्थलो तथा बिल्डिंगो को समेटने का पूरा प्रयास किया जा सके। मेयर विनोद चमोली ने कहा कि नगर निगम ने इस पर होमवर्क करके इस योजना को आगे बढाने का मन बनाया है तथा यदि सरकार द्वारा हैरीटेज पॉलिसी बनायी जाती है तो जल्द ही इस पर नगर निगम द्वारा कार्य किया जायेगा। सरकार द्वारा हैरीटेज पॉलिसी बनाने के बाद ही इस योजना को धरातल पर उतारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजधानी में घंटाघर एक एतिहासिक ढांचा है जिसका निर्माण १९४८ में शुरू हुआ था तथा १९५३ में पूरा हुआ, तथा यह टॉवर गांधी रोड़, पल्टन बाजार, राजपुर रोड़ और चकराता रोड़ को जोड़ता जिसको सहेजने की आवश्यकता है लेकिन इसके ढांचे को तभी व्यस्थित किया जा सकता है जब प्रदेश सरकार द्वारा हैरीटेज पॉलिसी बनाई जाती है। 



जेल के दो अधिकारियों पर गाज गिरना तय, शासन को मिली रिपोर्ट

देहरादून। आखिर जेल के दो बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरना तय हो ही गया है। शासन को कैदियों के भागने में जिम्मेदार माने गए अधिकारियों की रिपोर्ट तैयार हो गयी है जिसके तहत जेल अधीक्षक बीपी पांडे एवं जेलर का अब हटना लगभग तय है। इस पूरे मामले में जेल प्रशासन ने शासन-प्रशासन को अंधेरे में रखा एवं चार घंटे तक पुलिस को कैदियों के भागने की सूचना नहीं दी। इधर बाद में दो सिपाहियो पर कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया लेकिन कार्रवाई को लेकर भी असंतोष पनपने लगा तो अब दो अधिकारियों पर भी गाज गिरने वाली है। वहीं जिला कारागार देहरादून से फरार हुए हत्यारोपियों का तीन दिन बाद भी कुछ पता नहीं लग पाया है। कैदियों के फरार होने के बाद से ही दोनों की तलाश में पुलिस के सारे प्रयार अब तक बेकार ही साबित हुए हैं। इस मामले के बाद अब जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं में भी व्यापक परिवर्तन की बातें सामने आ रही हैं। वृहद स्तर पर यहां से अधिकारियों एवं अन्य कर्मचारियों के तबादले भी तय हैं। 
 
करोड़ों रूपयों की लागत से बनी सुद्धोवाला जेल एक मजाक बन कर रह गयी हैं। जेल के अंदर से चल रहे अपराधियों के नेटवर्क एवं रंगदारी की सूनचाएं तो बाहर आती ही रहती हैं, साथ ही जेल के अंदर से मोबाईल प्रयोग किए जाने की बातें भी हो रही हैं। कैदियों के बीच मारपीट की घटनाएं आम हैं जबकि कैदियों को पेशी पर लाने के दौरान बरती जाने वाली दोस्ती तो किसी से भी छिपी नहीं हैं। सुद्धोवाला जिला कारागार से दो हत्यारोपियों के भागने की घटना के साथ ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था एवं कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैंं। बुधवार के रोज हत्या की सजा काट रहे रवि बंगाली निवासी बंगाली कॉलोनी नैनीताल एवं सलीम निवासी बरेली को हत्या के आरोप में सजा सुनाई गयी थी। दोनों सुद्धोवाला जेल में थे। लगभग एक साल पहले ही दोनों को यहां लाया गया था। बीते मंगलवार दिन में लगभग तीन बजे यह दोनेां आरोपी जेल की दीवार फांद कर फरार हो गए तो जेल प्रशासन अपनी कमियों एवं लापरवाही को चार घंटे तक दबाए रहा। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सीमाओं पर वाहनों की चैकिंग एवं जंगलों में कांम्बिंग शुरू की लेकिन इन दोनों का कुछ पता नहीं चल पाया। इधर कैदियों के भागने के मामले की जांच शुरू हुई तो एक के एक खामियां बाहर आने लगी। जेल प्रबंधन का पूरा तंत्र ही बिगडा हुआ मिला। कैदियों के रिकार्ड से लेकर मोबाईल जैमर, सीसीटीवी के रखरखाव की व्यवस्था में खामियां सामने आने लगीं। जेल प्रशासन अंत तक पूरे मामले की लीपापोती करने में लगा रहा, लेकिन अब दो बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई का डंडा चलने वाला है।
 
तमाम जांच के बीच अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर यह दोनों कैदी किन परिस्थितियों में फरार हुए। उधर कैदियों का जेल के सुरक्षा तंत्र के बीच से २२ फीट की दीवार फंाद कर भागने की बात किसी के भी गले नहीं उतर रही है। कैदियों को तलाश करने की संभावनाएं तो समय के साथ-साथ धूमिल ही पड़ती जा रही हैं जबकि इस घटना से सकते में आया शासन अब जेल की व्यवस्थाओं को सुधारने की कवायद में लग गया है।



 

नसबंदी के बाद भी विवाहिता गर्भवती

रुडक़ी। नसबंदी के बाद भी एक विवाहिता गर्भवती हो गई। विवाहिता प्रसव व उससे पूर्व होने वाले उपचार को लेकर अस्पताल के चक्कर लगा रही है, लेकिन चिकित्सक उसके उपचार पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मामले में ग्राम प्रधान ने सीएमएस से शिकायत की है।
 
ब्लॉक नारसन के कुमराड़ी गांव निवासी बबीता पत्नी नरेश ने 11 दिसंबर 2010 को नसबंदी कैंप में अपना ऑपरेशन कराया था। इसके बाद भी वह गर्भवती हो गई। महिला के तीन बच्चे हैं। उसके परिजनों ने बताया कि डिलीवरी के समय महिला की हालत ज्यादा खराब हो जाती थी। इसी वजह से उसकी नसबंदी कराई गई थी। महिला की डिलीवरी अब नजदीक आ रही है। वह उपचार के लिए पहले तो नारसन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गई, लेकिन वहां के चिकित्सकों ने उसे सिविल अस्पताल रुडक़ी भेज दिया। यहां के चिकित्सक उसे उपचार देने के बजाय नारसन जाने को कह रहे हैं। महिला इस हालत में कभी नारसन तो कभी रुडक़ी सिविल अस्पताल के चक्कर लगा रही है। चिकित्सकों ने अभी तक उसका उपचार शुरू नहीं किया। महिला के परिजनों व ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश है। ग्राम प्रधान डॉ. शराफत अली ने इस बात की लिखित शिकायत सीएमएस उर्मिला बोहरा से की है। सीएमएस उर्मिला बोहरा ने आश्वासन दिया है कि महिला का ठीक ढंग से इलाज किया जाएगा। उसके इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी।


 

27 करोड़ की योजना स्वीकृत

रूद्रपुर। समेकित जलागम प्रबन्ध परियोजना के अन्तर्गत बाजपुर विकासखण्ड के लिये 27 करोड़ की योजना स्वीकृत । जिलाधिकारी डा0 बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने मुख्य विकास अधिकारी वाईके पन्त को डीआरडीए से योजना की डीपीआर तैयार कराने के निर्देष दिये। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी पीके सिंह को योजना के ठोस क्रियान्वयन के लिये अधिकारियों/कर्मचारियों की टीम गठित कर प्रत्येक के दायित्व निर्धारित करने के निर्देष दिये है।

विकास भवन में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में नदिया का जाल बिछा होने के कारण बरसात में हर साल काफी बड़ी मात्रा में खेती योग्य भूमि नदियों में समा जाती है। इससे लोगों की व्यक्तिगत नुक्सान के साथ ही देष का कृषि उत्पादन भी प्रभावित होता है। ऐसी स्थित में यह योजना क्षेत्र के लिये काफी लाभकारी होगी उन्होंने अधिकारियों को निर्देष दिये कि योजना को उसकी भावना के अनुरूप क्रियान्वित किया जाय। किसी भी स्तर पर कोताही तथा अनियमितता कदापि बर्दाष्त नहीं होगी।
 
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि बाजपुर विकास खण्ड में घोघा नाला,बौर,दाबका एवं लेवड़ा नदियों के जलसमेट क्षेत्रों के लिये पांच वर्षीय योजना स्वीकृत हयी है। उन्होंने वताया कि योजना से इन नदियों के जलसमेट क्षेत्रों के 141 गांव लाभान्वित होंगे। उन्होंने वताया कि प्रभावित ग्रामों की 2250 हैक्टेयर भूकटाव से बचाने के कार्यों के्र अलावा क्षेत्र में लघु सिंचाई,बृक्ष/घास रोपण,कृषि सुधार, पषुपालन, कम्पोस्ट खाद तथा निर्वल वर्ग के लिये लघु उद्योगों की स्थापना सम्बन्धी कार्य किये जायेंगे। श्री सिंह ने वताया कि प्रभावित ग्रामों में  घर-घर विस्तृत सर्वे किये जाने वाले कार्यों का चयन किया जायेगा तथा प्रत्येक ग्राम में जलागम समिति का गठन किया जायेगा। 
बैठक में परियोजना निदेषक बालकृष्ण,कृषि रक्षा अधिकारी बीपी मौर्य,उद्यान अधिकारी बीएस खेतवाल,सीवीओ डा0 एमएस नयाल,जलागम प्रबन्ध अधिकारी आरके खुल्बे आदि उपस्थित थे।


प्रदेश के सभी जनपदों के लिए लोकपाल का चयन हुआ

देहरादून। मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रदेश के सभी जनपदों के लिए लोकपाल का चयन कर लिया गया है। जल्द ही लोकपालों की नियुक्ति पुलिस सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद किया जायेगा। लोकपाल ग्राम्य विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना (मनरेगा) के कार्यो की निगरानी करेंगे। मनरेगा में किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर लोकपाल उसकी जांच कर रिपोर्ट देंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। 

मुख्य सचिव ने बताया कि लोकपाल जांच के आदेश जारी कर सकता है। दोषी पार्टियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकता है। शिकायत की संभावना को देखते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में स्वत: कार्यवाही कर सकता है। शिकायत के निपटान को सुविधाजनक बनाने के लिए विशेषज्ञों को शामिल कर सकता है। उन्होंने बताया कि अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान लोकपाल उसके पास आने वाली सभी जानकारी या दस्तावेज को गोपनीय बनाये रखेगा। लोकपाल पिछले वित्तीय वर्ष दौरान अपने दफ्तर की गतिविधियों की रिपोर्ट हर साल मुख्य सचिव, सचिव और राज्य नोडल विभाग को प्रस्तुत करेगा। 

चयन समिति द्वारा जनपद अल्मोड़ा के लिए कौस्तुबानन्द पाण्डेय एडवोकेट, चम्पावत के लिए कृष्ण चन्द्र पुनेठा, हरिद्वार के लिए अजय कुमार गुन्ता और अनूप प्रकाश भारद्वाज, नैनीताल के लिए एन$के$ काण्डपाल, रूद्रप्रयाग के लिए नरेन्द्र सिंह कण्डारी, पौड़ी गढ़वाल के लिए विमला कोठियाल, का चयन लोकपाल के रूप में किया गया है। देहादून के लिए जे$आर$ लापड़, टिहरी के लिए पदम सिंह नेगी, बागेश्वर के लिए वंशीधर जोशी तथा ऊधमसिंह नगर के लिए अमरनाथ सागर का अंतिम चयन कर लिया गया है। चयन करने से पूर्व सभी जनपदों से सार्वजनिक रूप से आवेदन आमंत्रित किये गये थे। शुक्रवार को आयोजित बैठक में प्रान्त शिकायतों पर विचार किया गया। शिकायतें बलहीन पाये जाने पर उनका निराकरण करते हुए लोकपालों का चयन किया गया। उत्तरकाशी के लिए हर्षमणी चमोली और पिथौरागढ़ के लिए प्रफुल्ल कुमार पंत के चयन के बाद 30 दिन के अन्दर आपत्तियां आमंत्रित की जायेगी। आपत्तियां प्रान्त होने पर चयन समिति द्वारा इनका अंतिम चयन किया जायेगा। 
 
इस अवसर पर सचिव ग्राम्य विकस ओम प्रकाश, अपर सचिव ग्राम्य विकास रविनाथ रामन, भारत सरकार मनरेगा के संयुक्त निदेशक डॉ$ के$के$ त्रिपाठी और समिति के नामित सदस्य राजकिशोर मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 




डाकघर का कंप्यूटर पिछले दो माह से ठप,खाताधारक परेशान

देहरादून। साहिया का स्थानीय डाकघर का कंप्यूटर पिछले दो माह से ठप होने के कारण खाताधारक परेशान हैं। खाताधारकों ने मुख्य अधीक्षक डाकविभाग देहरादून को भेजे शिकायती पत्र में कंप्यूटर को तुरंत ठीक कराने की मांग की है।
 
खाताधारकों का कहना है कि कंप्यूटर खराब होने के कारण वृद्धा, विकलांग व विधवा पेंशन नहीं मिल पा रही है। हालांकि पेंशनधारकों को आगे से पेंशन मिनी बैंकों से मिलनी है, लेकिन डाकघर से पास बुक में एंट्री के बाद ही अगली पेंशन मिनी बैंक से निकल पाएगी। डीपीसी सदस्य अमर सिंह चौहान, मदन सिंह, शेरसिंह, सूरत सिंह व पूर्व प्रधान समाल्टा राजेंद्र अग्रवाल आदि ने मुख्य अधीक्षक डाक विभाग को भेजे शिकायती पत्र में कंप्यूटर को तुरंत ठीक कराने की मांग की है।


 

निशंक की महत्वकांक्षी आशीर्वाद योजना अपने लक्ष्यों के अनुरूप कार्य कर रही है:नैथानी

देहरादून । मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश नैथानी ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ$ रमेश पोखरियाल निशंक की महत्वकांक्षी ‘आशीर्वाद योजना’ अपने लक्ष्यों के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना में देश एवं प्रदेश के अनेक प्रसिद्घ उद्योग घराने जुड़ रहे है, जिससे यहों के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे है। अभी तक लगभग 3500 बेरोजगार युवा विभिन्न औद्योगिक घरानों में प्रशिक्षण प्रान्त कर रहे है। आशीर्वाद योजना के तहत युवाओं को नई तकनीकों की बारे में भी जानकारी दी जाती है, ताकि वे वर्तमान समय में उद्योगों के अनुरूप दक्ष बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आई$टी$एफ$टी$ एजुकेशन ग्रुप चंडीगढ़ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ$ निशंक से मिल कर राज्य में अपनी सेवाएं देने का अनुरोध किया है। संस्थान द्वारा बताया गया है कि उनके द्वारा क्षमता विकास के क्षेत्र में कार्य किया जाता है और युवाओं को उद्योगों के अनुरूप तैयार किया जाता है।
 
श्री नैथानी ने बताया कि आई$टी$एफ$टी$ संस्था आशीर्वाद योजना के तहत उत्तराखण्ड में बेरोजगार युवाओं के क्षमता विकास का कार्य करेगी। विशेषकर पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले युवाओं के लिए यह मदद्गार साबित होगा, इसमें उन्हें पर्यटन परियोजनाएं तैयार करने के गुण सिखाएं जायेंगे। उन्होंने कहा कि आई$टी$एफ$टी$ संस्था प्रदेश के युवाओं में क्षमता विकास करेगा, जिसके अन्तर्गत वे युवाओं में व्यक्तित्व विकास, उद्योग सेवा क्षेत्र में रोजगार चाहने वाले युवाओं को उद्योगों के अनुरूप तैयार करना, सामान्य बातचीत के तौर-तरीके बताना, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना आदि शामिल है। साथ ही भारत और भारत से बाहर रोजगार के अवसर तलाशने वाले युवाओं की भी मदद की जायेगी। संस्था द्वारा स्थानीय युवाओं का चयन किया जायेगा और उसके बाद चयनित युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में 2 से 6 महीने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। संस्था युवाओं को मास्टर और बैचलर्स की डिगी्र भी उपलब्ध करायेगी, जोकि पंजाब टैक््िरकल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्रान्त है। संस्था प्रदेश के औद्योगिक घरानों से भी सम्पर्क कर उनकी जरूरत के अनुसार स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करेगी। 



पहाड़ से पलायन रोकने को सरकार गंभीर

नैनीताल। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विशन सिंह चुफाल का कहना है केंद्र पोषित योजनाओं के बजट में कटौती से राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा सरकार की उपलब्धियां और केंद्र सरकार के कार्यकाल में बढ़ी महंगाई व भ्रष्टाचार आगामी विस चुनाव में मुख्य मुद्दे होंगे। उन्होंने कहा पार्टी भ्रष्टाचार व महंगाई के खिलाफ चार बड़ी रैलियां आयोजित करेगी। इसी माह प्रत्येक विस क्षेत्र में अनुसूचित मोर्चे व सैनिक प्रकोष्ठ के सम्मेलन होंगे।
 
गुरुवार को नैनीताल क्लब में प्रेस कांफ्रेंस में श्री चुफाल ने कहा राज्य सामाजिक व आर्थिक क्षेत्र में काफी तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा पहाड़ से पलायन रोकने को सरकार गंभीर है और पहाड़ों में बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछाया जा रहा है। बोले वन अधिनियम के चलते कई सडक़ें लटकी है। राज्य सरकार ने केंद्र को वन पंचायतों की भूमि पर क्षतिपूरक वृक्षारोपण कर योजनाओं को वन अधिनियम से मुक्त करने का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अभी तक केंद्र ने इसे मंजूरी न देकर राज्य के विकास में रोड़ा अटकाया है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा चिह्नीकरण के मानकों के दायरे में आने के बाद ही सीएम को राज्य आंदोलनकारी घोषित किया गया है, इस मामले में विपक्ष बेवजह राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा पूर्व मंत्री टीपीएस रावत के पार्टी छोडऩे का चुनावों में कोई असर नहीं पड़ेगा।




 

जेल से फरार हुए हत्यारोपियों का दूसरे दिन भी कुछ पता नहीं लगा

देहरादून। दो हत्यारोपियों के जेल से भागने के बाद निचले स्तर के दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की गयी है जबकि उच्च स्तर पर अधिकारियों को बख्श दिया गया है। इस कार्रवाई को लेकर जेल कर्मियों में असंतोष पनप रहा है। जिला कारागार देहरादून से फरार हुए हत्यारोपियों का दूसरे दिन भी कुछ पता नहीं लग पाया है। वहीं अब इस मामले में शासन अब सख्त रवैया अपनाने जा रहा है। इसके तहत जेल के कुछ और कर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है जबकि दो को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। वहीं कल कैदियों के फरार होने के बाद से ही दोनों की तलाश में पुलिस के सारे प्रयार अब तक बेकार ही साबित हुए हैं। संभावना यह भी जताई जा रही है दोनों जेल से फरार होने के बाद हिमाचल की सीमाओं में प्रवेश कर चुके हैं। चार घंटे बाद मिली सूचना के कारण पुलिस महज औपचारिकताओं तक ही सीमित रह गयी है। वहीं हाईटैक जेल की जांच करने के बाद कई खामियां सामने आ रही हैं जबकि यहां पहले से कई कुख्यात कैदियों को रखा गया है।
 
प्रदेश की सबसे हाईटैक जेल की खामियां अब खुल कर सामने आने लगी हैं। करोड़ों की लागत के बाद भी यहां की व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। कभी जेल से रंगदारी मांगने और कभी जेल में ही आपसी भिड़ंत के मामले सामने आते रहे हैं। इधर सुद्धोवाला जिला कारागार से दो हत्यारोपियों के भागने की घटना के साथ ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था एवं कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैंं। हत्या की सजा काट रहे रवि बंगाली निवासी बंगाली कॉलोनी नैनीताल एवं सलीम निवासी बरेली को हत्या के आरोप में सजा सुनाई गयी थी। दोनों सुद्धोवाला जेल में थे। लगभग एक साल पहले ही दोनों को यहां लाया गया था। बीते मंगलवार दिन में लगभग तीन बजे यह दोनेां आरोपी जेल की दीवार फांद कर फरार हो गए तो जेल प्रशासन अपनी कमियों एवं लापरवाही को चार घंटे तक दबाए रहा। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सीमाओं पर वाहनों की चैकिंग एवं जंगलों में कांम्बिंग शुरू की लेकिन इन दोनों का कुछ पता नहीं चल पाया। चार घंटे बाद मिली सूचना के कारण पुलिस की चैकिंग महज औपचारिकता ही बन कर रह गयी। पुलिस अधिकारी खुद इस बात को लेकर हैरान हैं कि जेल प्रशासन चार घंटे तक इस बात को क्यों छिपाते रहे। 
 
जेल से कैदियों के भागने के बाद जांच का सिलसिला आज भी जारी रहा। कारागार मंत्री राजेंद्र भंडारी कल ही जेल का दौरा कर चुके थे, लेकिन अभी तक यह पूरी तरह से स्पष्ट नहंी हो पाया है कि आखिर यह दोनों कैदी किन परिस्थितियों में फरार हुए। उधर कैदियों का जेल के सुरक्षा तंत्र के बीच से २२ फीट की दीवार फंाद कर भागने की बात किसी के भी गले नहीं उतर रही है। इस सब कहानी के पीछे जेलकर्मियों की मिली भगत भी कैदियों के भागने के पीछे की कहानी में कहीं न कहीं सामने आ रही है, जिसके बाद दो जेल कर्मियों केा निलंबित कर दिया गया। हरिद्वार, नैनीताल, पांवटा साहिब सहित अन्य ऐसे सभी स्थानों पर पुलिस नजर रखे हुए है जहां इन लोगों के जाने की संभावना हो सकती है। वहीं दो दिन से इन हत्यारोपियों की तलाश का काम जारी है।ै












 

मुख्यालय ने 3000 नाली का प्रस्ताव शासन को भेजा

उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय पुरोला बनाने को लेकर गुरुवार को मोरी और पुरोला के 152 क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्यों तथा ग्राम प्रधानों समेत संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को संयुक्त हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन भेजकर एक किलो मीटर के दायरे उपलब्ध विभिन्न विभागों के खाली पड़े भवनों, खाली सरकारी भूमि सहित 1998 में जिला स्थापना को प्रस्तावित मखना मोलकट 15 सौ नाली व बीआरसी, रेशम विभाग की 128 व काश्तकारों की एक हजार नाली भूमि का प्रस्ताव नक्शा- खसरा शासन को भेजा तथा पुरोला को जिला मुख्यालय बनाने क मांग की। दूसरी ओर आंदोलन के 18 वें दिन भी ग्रामीण क्षेत्रों से जुलूस प्रदर्शनों व तहसील परिसर में धरने का सिलसिला जारी रहा । गुरुवार को व्यापार मंडल सहित गांव-गांव से आये सैकड़ों लोग ने ढ़ोल नगाड़ों के साथ प्रदर्शन कर नारेबाजी की तथा संघर्ष समिति के ने तहसीलदार के जरिये सीएम को ज्ञापन भेजकर जिला मुख्यालय बनाने की मांग की है।


 

कभी भी हादसा हो सकता है इन हाइटेंशन लाइनों से

कर्णप्रयाग। नगर क्षेत्र के आवासीय भवनों सहित विभिन्न मोटर मार्गो पर ऊर्जा निगम की हाइटेंशन लाइनें हादसों को न्योता दे रही हैं। अब बारिश में इन तारों पर पेडों की टहनियां व बेलें चढ़ गई हैं। इससे खतरा और बढ़ गया है। अपर बाजार मार्ग के बंद पड़े वन विभाग कार्यालय, लाटूगैर, सुभाषनगर, तहसील कालोनी व बस स्टेशन सहित कपीरी पट्टी को जोडने वाले कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर भी हाइटेंशन लाइन मार्ग के समीप से गुजर रही है। कई बार इन स्थानों पर आवासीय भवनों पर निर्माण के दौरान मजदूर इनकी चपेट में आ चुके हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों हरीश चौहान, अरविंद चौहान, दिनेश चंद्र, हरीश सती, महेश खंडूड़ी, प्रेमबल्लभ देवली ने आबादी के समीप गुजर रही विद्युत लाइनों को हटाने व पैदल व मोटर मार्गो के समीप लाइन को छू रहे पेडों के लॉपिंग की मांग की है।


 

 

मार्ग अवरुद्ध, ग्रामीण परेशान

श्रीनगर गढ़वाल। चमधार-देवलगढ़-बुघांणी व रामपुर-गवांणा मोटर मार्ग के अवरुद्ध होने से क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति के लिए ग्रामीण 15 दिन से पैदल सफर करने को बाध्य हैं। मार्ग दुरुस्त करने को लेकर ग्रामीण कई बार लोनिवि अधिकारियों से वार्ता कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

चमधार-देवलगढ़-बुघांणी मोटर मार्ग के बंद होने से क्षेत्र के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों का श्रीनगर से संपर्क कट गया है। बारिश से 15 अगस्त को करीब 14 किमी लंबे इस मार्ग पर कई जगहों पर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था। इससे ग्रामीणों को खासी परेशानी हो रही है। मार्ग अवरुद्ध होने से क्षेत्र में राशन व अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो रही है।
ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के लिए पैदल चलकर किसी तरह इन वस्तुओं की पूर्ति कर रहे हैं। ग्राम सभा रामपुर के प्रधान अनूप कप्रवाण व ग्रामीण अरविंद रावत, कैलाश व राजेश रावत ने बताया कि 15 दिन से मार्ग बंद है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कई बार वार्ता करने के बाद भी मार्ग नहीं खुला। उनका कहना है कि मार्ग बंद होने से बीमार लोगों को चिकित्सालय पहुंचने में खासी दिक्कत हो रही है।
 
ग्राम प्रधान कप्रवाण का कहना है कि 15 दिनों से अधिक समय बीतने के बाद भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी चमधार-देवलगढ़-बुघांणी व रामपुर-गवांणा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही नहीं करा सके हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद 29 अगस्त को विभाग ने मार्ग पर अपना जेसीबी भेजा है। उन्होंने कहा कि यदि मार्ग को शीघ्र वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खोला गया तो क्षेत्र के ग्रामीण आन्दोलन करने को बाध्य होंगे।
 
लोनिवि श्रीनगर के अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि मार्ग के क्षतिग्रस्त स्थानों व बारिश से सडक़ पर आये मलबे को हटाने का कार्य कराया जा रहा है। जल्द ही दोनों मार्गो को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जायेगा।


 

बाबा पर फेमा के तहत मुकदमे से हडक़ंप

हरिद्वार। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से बाबा रामदेव के खिलाफ फेमा में मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद बाबा के प्रतिष्ठानों में हडक़ंप की स्थिति है। पदार्था स्थित पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क में ज्यादा गहमागहमी है। कर्मचारियों को वेतन की चिंता सताने लगी है।

बाबा रामदेव पर कसते शिकंजे के चलते पहले से ही उनका आर्थिक साम्राज्य कमजोर पडऩे लगा है। यहां काम करने वाले बाबा के कई विश्वस्त उनसे किनारा कर चुके हैं। इस झटके से बाबा अभी संभल भी नहीं पाए थे कि उन्हें ईडी ने फिर झटका दे दिया। बाबा के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में महत्वपूर्ण माने जाने वाले पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क में पहले से ही उत्पादन प्रभावित हो रखा है। हालांकि, पतंजलि इस बारे में चुप्पी साधे हुए है और किसी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। लेकिन पदार्था से जुड़े लोग बताते हैं कि उत्पादन पहले के मुकाबले कम हो रहा है। पदार्था स्थित फूड पार्क में करीब पांच हजार कर्मचारी काम करते हैं। गुरुवार को ईडी की ओर से बाबा रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद से पदार्था में सबसे अधिक हडक़ंप मचा है। यहां फूड पार्क में आसपास गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में कार्य करते हैं। बाबा के खिलाफ फेमा में मुकदमा दर्ज होने के बाद से कर्मचारी दिनभर चर्चाओं में मशगूल रहे। हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र स्थित दिव्य योग फार्मेसी के कर्मचारियों में भी बेचैनी है। कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर आशंकित है। चूंकि, एक सितंबर को बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, कर्मचारियों में इस बात की आशंका है कि कहीं ईडी ट्रस्ट के खाते सीज करने की कार्रवाई न कर दें। इसे लेकर दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। कर्मचारी खासे परेशान हैं।



 

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