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सड़के और पुल जनसुविधाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण: रावत

देहरादून : काबीना मत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सड़कें एवं पुल विकास के साथ ही जनसुविधाओं की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं मूलभूत आवश्यकताओं में हैं। विभागों में आपसी समन्वय एवं तालमेल से जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जा सकता है। 
 
उन्होने कहा कि सरकारी तंत्र जन सुविधाऐं मुहैया कराने के लिये तत्परता, सेवाभाव एवं कर्तव्यों के निर्वहन के साथ कार्य करने की संस्कृति अपनायें। धन का समय से सदुपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ करते हुये गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। यहां विधान भवन में आयोजित डोईवाला क्षेत्र की सड़कों एवं पुलों के निर्माण, पुनर्निर्माण, रख-रखाव, मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक में त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषणाओं के अनुरूप सड़कों एवं सेतु के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ करने एवं समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने बनी हुयी सड़कों की हालत ठीक रखने की बात भी कही। सरस्वती विहार में सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश देते हुये उन्होंने कहा कि सुसवा नदी पर पुल, बालावाला क्षेत्र को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ किये जायें। 
 
रायपुर से देहरादून अत्यन्त कम समय में पहुॅचने के लिये पुल संख्या 6 के निर्माण में भी शीघ्रता के निर्देश देते हुये उन्होंने कहा कि इससे समय की बचत, यातायात की समस्या से निजात मिलने के साथ ही जन सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा चैक-रायपुर मार्ग पर चैराहा का चैड़ीकरण हो गया है, परन्तु तिराहा से आगे रायपुर की ओर सड़क पर पानी भर जाता है जिसका तुरन्त उपचार आवश्यक है। स्पोर्टस कालेज-मालदेवता के मध्य टनल निर्माण हेतु शीघ्र ही डीपीआर प्र्रस्तुत करने के निर्देश देते हुये उन्होंने कहा कि भविष्य में चार लेन सड़क के दृष्टिगत यह कार्य किया जाना होगा। इससे पर्यटन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। 
उन्होंने सड़कों के किनारे, मध्य में सौन्दर्यकरण के दृष्टिगत बुश ट्री प्लान्टेशन पर भी ध्यान देने के निर्देश दिये जिससे पर्यावरण पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में शीघ्र तैनात होगी आपदा प्रबंधन बल की बटालियन: सुभाष

देहरादून : उत्तराखण्ड में शीघ्र ही नेशनल डिजास्टर रिसपांस फोर्स (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल) की बटालियन तैनात की जायेगी। इस बावत डी.जी (एनडीआरएफ) का पत्र मुख्य सचिव सुभाष कुमार को प्राप्त हुआ है। भारत सरकार ने एनडीआरएफ की बटालियन रूड़की-हरिद्वार में तैनात करने पर सहमति जताई है। इसके लिए उत्तराखण्ड सरकार ने 70 एकड़ भूमि का चयन कर लिया है।
 
एनडीआरएफ की बटालियन उत्तराखण्ड में तैनात होने से आपदा की स्थिति में बचाव, खोज और राहत कार्यो को गति मिलेगी।
यह जानकारी देते हुए मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि इससे न केवल उत्तराखण्ड बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सीमांत जनपदों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से अनुरोध किया गया था कि उत्तराखण्ड में विषम भौगोलिक परिस्थितियां हैं। यहां प्राकृतिक आपदाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है। भू-स्खलन, आकाशीय बिजली, बाढ़ से भारी धन-जन की हानि होती है। इसके अलावा उत्तराखण्ड में तेजी से हो रहे औद्योगीकरण से मानवजनित त्रासदी की भी आशंका बनी रहती है। इसलिए उत्तराखण्ड में एनडीआरएफ की तत्काल जरूरत है।
 
आपदा के त्वरित प्रबंधन के लिए राज्य में एक व्यवसायिक, दक्ष और सुप्रबंधित बल की आवश्यकता का अनुरोध मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ बार-बार भारत सरकार से करते रहे हैं। उत्तराखण्ड स्थित पवित्र चारधाम, हेमकुण्ड साहिब, पिरान कलियर और हरिद्वार में बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन बना रहता है। इसलिए भी एनडीआरएफ की आवश्यकता भारत सरकार को बताई गई थी। मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तराखण्ड में एनडीआरएफ की बटालियन तैनात होने से आपदा प्रबंधन में तेजी आयेगी और धन-जन हानि को कम किया जा सकेगा। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एनडीआरएफ का संचालन किया जाता है। देश भर में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी की दो-दो बटालियन सहित कुल आठ बटालियन तैनात हैं। दो और बटालियन के गठन का कार्य चल रहा हैं इस तरह से उत्तराखण्ड में तैनात होने वाली बटालियन देश में ग्यारहवीं बटालियन होगी।
 

पांच करोड़ में भी नहीं बना पोर्टल

देहरादून। वर्ष 2005-06 में पांच करोड़ रुपये जारी होने के बाद भी कृषि निदेशालय का पोर्टल नहीं बन पाया है। इसके लिए आए कंप्यूटर अभी तक नहीं खोले गए हैं और साफ्टवेयर आउटडेटेड हो गया है। कृषि विभाग अब नए सिरे से इस पोर्टल को बनाने की कवायद में जुट गया है।
 
प्रदेश के किसानों को कृषि संबंधी जानकारी देने के लिए कृषि निदेशालय का पोर्टल मंजूर किया गया था। पोर्टल के जरिये किसानों को मौसम समेत विभिन्न फसलों की जानकारी दी जाने वाली थी। पोर्टल के जरिये किसानों को आधुनिक तरीके से खेती करने की जानकारी भी दी जानी थी। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए पांच साल पहले पांच करोड़ की राशि भी जारी कर दी गई। एक करोड़ से अधिक के कंप्यूटर खरीद लिए गए तथा इसके लिए करोड़ों का साफ्टवेयर भी तैयार कर लिया गया। इसके बावजूद पोर्टल वजूद में नहीं आ सका। बताया जा रहा है कि पोर्टल के लिए आए कंप्यूटर अभी तक पैकेटों में ही बंद हैं। समय पर उपयोग न हो पाने की वजह से साफ्टवेयर भी अब बेकार हो चुका है।
 
यह मामला कई बार सचिवालय में बैठकों में उठता रहा है। कुछ उच्चाधिकारियों ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी भी की थी। इसके बावजूद अभी तक मामले को लटकाया जाता रहा। खास बात यह है कि इस मामले में निजी कंपनी से कंप्यूटर खरीद के आर्डर सीधे सचिव द्वारा किए गए हैं। जबकि ऐसे मामलों में शासन के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्देश जारी किए जाते हैं।
कृषि निदेशालय के पोर्टल को लेकर पिछले दिनों कृषि मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। उन्होंने कहा कि पहले पोर्टल का सर्वर नोएडा में लगना था। यह सी-डेक के सर्वर से संचालित होना था, जो नोएडा में ही उपलब्ध था। इस वजह से भी पोर्टल बनाने में दिक्कतें आईं। उन्होंने कहा कि अब नए सिरे से की जा रही कवायद में सर्वर कृषि निदेशालय में ही लगेगा। इससे नोएडा से पोर्टल का सर्वर संचालित होने में आने वाली दिक्कत से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पोर्टल के लिए आईटी विभाग 17 लाख रुपये की राशि देने को तैयार हो गया है। श्री रावत ने स्वीकार किया कि पोर्टल के लिए पहले हुए भुगतान का मामला बैठक में भी उठा।



 

अध्यापकों की नियुक्ति किये जाने की मांग मुख्यमंत्री से

ऋषिकेश । उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रबन्धक महासभा द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री को वित्तीय सहायता  प्रान्त अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक विहीन होने से शिक्षा के गिरते स्तर के कारण हो रही दुर्दशा की ओर एक ज्ञापन प्रेषित कर ध्यान आकर्षित किया गया। महासभा के महामंत्री डा0 सुरेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री को दिये गये ज्ञापन में उन्हें प्रदेश के चल रहे तीन सौ से अधिक विद्यालयों की धरातलीय स्थिति से अवगत कराया। जिसमें बताया गया कि राज्य बनने के बाद वर्ष 2007 वित्तीय सहायता प्रान्त अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति पर दो बार रोक लगाई जा चुकी है। पहली बार 27$06$2007 को रोक लगाई जा चुकी थी जो 27$07$2009 में हटा दी गई थी परन्तु दुर्भाग्य से पुन: 19$04$2010 को उक्त रोक अस्थाई रुप से लगाई गई जो कि आज भी यथावत है इतना ही नही बहुत से विद्यालयों में चयन प्रक्रिया भी लागू हो गई थी जिसे बाद में रोक दिया गया जबकि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार चयन प्रक्रिया प्रारम्भ होने के बाद यदि नियमों में कोई परिवर्तन किया जाता है तो उससे यह चयन प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती। जिसके चलते न्यायालय में नियुक्ति प्रक्रिया स्थगन शासनादेश संख्या 291/ग्ग्प्ट/2010 दिनांक 19$04$2010 को निरस्त किया दिया गया किन्तु न्यायालय के निर्णय का पालन करते हुये नियुक्ति प्रक्रिया बहाल नही की है। शर्मा ने बताया कि जबकि इस समय राज्य भर में लगभग प्रधानाचार्यो के 122 पद प्रधानाध्यानपको के 32 पद प्रवक्ताओं के 525 पद, और सहायक अध्यापकों के 1500 पद रिक्त चल रहे है। विद्यालयों में शिक्षकों के न होने के कारण शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। उन्होंने मांग की है कि राज्य में बिगडती शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ की जाये।

 
 

विधायक ने किया विकास कार्यां का निरीक्षण

रुद्रपुर : विधायक तिलक राज बेहड़ नें भदईपुरा वार्ड 04 के अन्र्तगत भदईपुरा, रेशमबाड़ी इन्डस्ट्रीयल एरिया में भ्रमण कर क्षेत्रावासियो से मुलाकात कर उनके साथ मौका मुआयना कर अनेक विकास कार्यो की घोषणा की। आज विाायक तिलक राज बेहड़ प्रात: ही भदईपुरा पंहुचे तथा पूर्व में विाायक निाि से चल रहे विकास कार्यो का जायजा लेते हुये वार्डवासियों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भदईपुरा, रेशमबाड़ी, इन्डस्ट्रीयल एरिया में भ्रमण कर जनता से रूबरू हुये। भदईपुरा क्षेत्रावासियों नें विाायक बेहड़ के समक्ष पुष्कर शर्मा  की दुकान से लेकर शनि मंदिर तक 500 मीटर सी$सी$ सडक़ के निर्माण, भदईपुरा रामलीला मैदान में पानी के नल लगााये जानें, चांदा के घर से दिनेश के घर तक की 200 मीटर सडक़ के निर्माण, भदईपुरा पार्क को अतिक्रमण से मुक्त करानें की पुरजोर मांग की। क्षेत्रावासियों नें भदईपुरा में पूजा अर्चना के लिये एकमात्रा कुआं के सौंदर्यीकरण व रास्ते के निर्माण की मांग भी की। विाायक तिलक राज बेहड़ नें जिला योजना से पुष्कर शर्मा  की दुकान से लेकर शनि मंदिर तक 500 मीटर सी$सी$ सडक़ बनाये जानें तथा चांदा के घर से दिनेश के घर तक की 200 मीटर ाडक़ के निर्माण विाायक निाि से किये जानें की घोषणा की। उन्होंनें कुआं के सोंदर्यीकरण व उसके रास्ते पर सी$सी$ रोड के निर्माण विाायक निाि से कराये जानें की घोषणा भी की। रेशमबाड़ी में भ्रमण के दौरान विाायक बेहड़ नें मेन रोड सहित दो सडक़ो के निर्माण की घोषणा की। इन्डस्ट्रीयल एरिया में भ्रमण के दौरान विाायक बेहड़ नें गुरूद्वारा डेरा भजनगढ़ के कच्चे पहुंच मार्ग को सी$सी$ सडक़ बनाये जानें की घोषणा की। उन्होनें सतनाम सिंह के घर से लेकर नाली निर्माण की भी घोषणा की।  इस दौरान सभासद राजेश सिंह, महिला कांग्रेस नगरायक्ष सुरजीत कौर, हरीश जल्होत्राा, शिशुपाल सिंह, दिलीप बोरा, आंगन लाल, गजेन्द्र सिंह राघव, रेशम सिंह, वंश बहादुर यादव, शंकर सिंह यादव, सुाीर शर्मा,  दर्शन सिंह, राजेन्द्र शर्मा,  उमाशंकर मिश्रा, छत्रापाल मौर्या, नरेश गंगवार, ज्ञान सिंह यादव, नकुल यादव, राजकुमार चन्द्रा, रेहान, नन्द किशोर, हरीश यादव, संदीप यादव, बनवारी लाल, डोरी लाल, ताराचन्द सैनी,  रोहताश, ओमप्रकाश गंगवार, श्यामवीर चौहान, भगवान दास सैनी, बेचेलाल, पंकज मंडल, सुलेमान अली, प्रेम पाल, त्रिालोक सिंह, शिशुपाल, राम पाल, शिव सहाय, राोश्वर, पूरन लाल, शान्ति देवी, बेचे लाल, प्रेमपाल राठौर, देवेन्द्र यादव, बनवारी यादव, झांझन लाल, खूबी राम, जागन लाल, उमर खान, विरमा कोली, कुंवर पाल कोली, प्रेम कोली, हरीबाबू कोली, जगदीश कोली, जीतेन्द्र कोली, कोमिल राम कोली, सोमपाल कोली, अमरजीत कौर, करतार सिंह, सिन्दर सिंह, हरजिदर कौर  व विाायक प्रवक्ता सुशील गाबा मौजूद थै।
 
 

विभागों में आपसी समन्वय एवं तालमेल से जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण संभव: रावत

देहरादून। सडक़ें एवं पुल विकास के साथ ही जनसुविधाओं की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं मूलभूत आवश्यकताओं में हैं। विभागों में आपसी समन्वय एवं तालमेल से जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जा सकता है। सरकारी तंत्र जन सुविधाऐं मुहैया कराने के लिये तत्परता, सेवाभाव एवं कर्तव्यों के निर्वहन के साथ कार्य करने की संस्कृति अपनायें। धन का समय से सदुपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ करते हुये गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। 
यह बातें कैबिनेट मंत्री एवं डोईवाला क्षेत्र के विधायक त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधान भवन में आयोजित डोईवाला क्षेत्र की सडक़ों एवं पुलों के निर्माण, पुनर्निर्माण, रख-रखाव, मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक के अवसर पर उच्चाधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषणाओं के अनुरूप सडक़ों एवं सेतु के निर्माण कार्य शीइार प्रारम्भ किये जायें और समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण भी किये जायें। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता द्वारा मांग भी आवश्यकता के अनुसार ही की जानी उचित होगी। उदाहरण के तौर पर कही ऐसा न हो कि कई हैण्डपम्प लगा दिये जाने पर उनमें से उपयोग नाम मात्र का ही हो। श्री रावत ने कहा कि बनी हुयी सडक़ों की हालत ठीक रहे और पुलों का रख-रखाव होता रहे। उन्होंने सरस्वती विहार में सडक़ निर्माण कार्य शीइा्र प्रारम्भ करने के निर्देश देते हुये कहा कि सुसवा नदी पर पुल, बालावाला क्षेत्र को मुख्य सडक़ से जोडऩे वाली सडक़ के निर्माण कार्य शीइा्र प्रारम्भ किये जायें। रायपुर से देहरादून अत्यन्त कम समय में पहुचने के लिये पुल सं0 6 के निर्माण में भी शीइा्रता के निर्देश देते हुये कहा कि इससे समय की बचत, यातायात की समस्या से निजात मिलने के साथ ही जन सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा चौक-रायपुर मार्ग पर चौराहा का चौड़ीकरण हो गया है, परन्तु तिराहा से आगे रायपुर की ओर सडक़ पर पानी भर जाता है जिसका तुरन्त उपचार आवश्यक है। स्पोर्टस कालेज-मालदेवता के मध्य टनल निर्माण हेतु शीइा्र ही डीपीआर प्र्रस्तुत करने के निर्देश देते हुये उन्होंने कहा कि भविष्य में चार लेन सडक़ के दृष्टिगत यह कार्य किया जाना होगा। इससे पर्यटन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। चंचल स्वीट शाप के पास सडक़ ऊंची है और दोनों ओर नीची सडक़ होने से जल भराव व तेज बहाव की समस्या से निपटने के लिये भी तुरन्त ट्रीटमैन्ट आवश्यक है। जिसे आपदा राहत मद से भी सम्पन्न किया जा सकता है। उन्होंने सडक़ों के किनारे, मध्य में सौन्दर्यकरण के दृष्टिगत बुश ट्री प्लान्टेशन पर भी ध्यान देने के निर्देश दिये जिससे पर्यावरण पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
 
 

चीला बैराज में कचरे के अटकने से सात घंटे विद्युत उत्पादन ठप रहा

ऋषिकेश ।  पिछले कई दिनों से गंगा नदी में बाढ़ के साथ आ रही गाद ने चीला जल विद्युत परियोजना के सामने समस्या उत्पन्न कर दी है । जिसके चलते गाद की मात्रा बढऩे के कारण निगम को पशुलोक बैराज स्थित चीला पावर चेनल के टे्रसरेक की सफाई के लिए करीब सात घंटे फ्लशिंग लेनी पड़ी । इस दौरान चीला में बिजली का उत्पादन ठप रहा। अधिकारियेा के अनुसार सात घंटे में करीब दस लाख यूनिट की क्षति निगम को झेलनी पड़ी । गंगा में आ रहे कचरे के कारण चीला पावर चैनल के मुहाने पर लगे टे्रसरेक पर कचरा अटकना शुरू हो गया था। जिसके चलते शक्तिनहर में जलापूर्ति कम होने लगी। चैनल में पानी कम होने का असर सीधे उत्पादन पर पडऩे लगा। निगम ने प्रात:फ्लशिंग लेते हुए बैराज के सभी गेट उठा दिए। गाद की मात्रा कम होने औेर सफाई के बाद शाम को चैनल में पानी छोडऩा शुरू किया गया केंद्रीय जलायोग के अनुसार गंगा और उसकी सहायक नदियां व चंद्रभागा नदी उफान पर रही। जिससे उसके किनारे बसी झुग्गी झोपड़वासयिो मे हड़क़ंप मचा रहा। 





 

पिथौरागढ़ में एक माह में हो जाएगा स्पोट्र्स कालेज का संचालन शुरू

देहरादून। पिथौरागढ़ में एक माह में स्पोट्र्स कालेज का संचालन शुरू हो जायेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के खाली पड़े भवन का इस्तेमाल किया जायेगा। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में सोमवार को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पिथौरागढ़ में स्पोट्र्स कालेज की स्थापना का कार्य चल रहा है। इसी तरह से अन्य जनपदों में भी खेल और खेल सम्बन्धी अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम और मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिले और वे देश-विदेश में उत्तराखण्ड का नाम रोशन कर सके। 

प्रमुख सचिव खेल राकेश शर्मा ने बताया कि पिथौरागढ़ जनपद से 5 किमी$ दूर लेरू नामक स्थान पर स्पोट्र्स कालेज का निर्माण कार्य चल रहा है। फिलहाल, शिक्षा विभाग का भवन मिल जाने से एक माह के अन्दर स्पोट्र्स कालेज का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। इससे खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। साथ ही खेल सम्बन्धी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। अपर सचिव (स्वतंत्र प्रभार) विद्यालयी शिक्षा सुबद्र्घन ने इस बात पर सहमति जाहिर की, कि आगामी दो वर्षो के लिए भवन स्पोट्र्स कालेज संचालन हेतु खेल विभाग को दे दिया जाय। 

बैठक में सचिव वन एम$एच$ खान, निदेशक विद्यालयी शिक्षा सी$एस$ ग्वाल, अपर निदेश सर्व शिक्षा अभियान आर$के$ कुंवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
 


 

चीमा ने किया ५८.४० लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाली सडक़ों का शिलान्यास

काशीपुर। बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष विधायक हरभजन सिंह चीमा ने ५८.४० लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाली ११ सडक़ों का शिलान्यास किया। पै्रस को जारी विज्ञप्ति में श्री चीमा ने बताया कि काशीपुर में विकास का पहिया गतिमान है। उनका पूरा प्रयास है कि काशीपुर का सर्वांगीण विकास हो और गॉंव एवं मोहल्ले की प्रत्येक गली तक विकास की किरण फैल सके जिसके लिए वह हर प्रकार से प्रयासरत हैं । क्षेत्र में हो रही भारी बरसात के बावजूद भी निर्माण कार्यों को रोका नहीं गया है। उन्होंने नगर के वार्ड नं० ३ एवं ४ की १० सडक़ों का शिलान्यास किया और आज नगर क्षेत्र के वार्ड नं० ६ मौ$ कबिनगर-गौतनगर क्षेत्र की ११ सडक़ों का शिलान्यास किया । जिनमें गौतमनगर में ५० मीटर खडंजा लागत २.२० लाख रूपये, कृृपाल आश्रम रोड पर ५० मीटर खडंजा लागत १.९६ लाख रूपये, सेल्स टैक्स आफिस से आगे ३० मीटर खडंजा लागत १.२० लाख रूपये व १५० मीटर खडंजा लागत ६.०० लाख रूपये, कबिनगर के मौ. आदर्शनगर में २३० मीटर खडंजा लागत ११.८५ लाख रूपये व १३५ मीटर खडंजा लागत ४.७० लाख,  कबिनगर में दुर्गा मंदिर के पास नाले पर पुलिया निर्माण लागत १.५० लाख, डिजाईन सेंटर से कुमायूं सीड पर ३० मीटर खडंजा लागत १.४० लाख व १५० मीटर खडंजा लागत ९.७० लाख रूपये एवं १५० मीटर खडंजा लागत ८.७० लाख रूपये तथा मौ. लक्ष्मीपुर पटटी में १०६ मीटर टायल मार्ग लागत ९.१९ लाख रूपये का शिलान्यास किया। शिलान्यास के मौके पर चीमा द्वारा जनता की आम समस्याओं का भली प्रकार अवलोकन भी किया गया। इस दौरान लोगों को सम्बोधित करते हुए चीमा ने कहा कि उनका प्रयास प्रत्येक परिवार तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुॅंचाना है। उन्होंने क्षेत्र की जनता का आवाहन किया कि वह अपनी जायज समस्याओं के प्रति उनसे कभी भी मिल सकते हैं। उनका प्रयास होगा कि वह उन समस्याओं के निराकरण के प्रति पूरी तत्परता से कार्य करेंगे। क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के प्रति क्षेत्र के लागों को भी सक्रिय रहने पर उन्होंने बल दिया। निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों एवं ठेकेदार द्वारा अगर कोई कोताही बरती जा रही हो तो वह उसकी सूचना लिखित में उन्हें समय पर दें जिससे समय रहते समस्या का समाधान कराया जा सके। इस अवसर पर उनके साथ वार्ड नं. ६ की सभासद लता चौहान, स. महेन्दर सिंह प्रधान कचनालगाजी, ईश्वर गुप्ता, गुरविन्दर सिंह चण्डोक, राजिन्दर सैनी, नरेन्द्र मानस, जेएस नरूला, जसबीर सिंह सैनी आदि शामिल रहे। 


 

अब राजेश जुवांठा बैठे सचिवालय में धरने पर बैठा

देहरादून। जिला मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर अब तक पुरोला में चल रहा हंगामा अब राजधानी तक आ पहुंचा है। क्षेत्रीय विधायक राजेश जुवांठा इस मामले को लेकर आज सचिवालय में धरने पर बैठ गए। विधायक के धरने पर बैठने के साथ ही तुरत-पुुरत में समर्थक भी वहां पहुंचे और उनका साथ दिया। वहीं इस मामले में समर्थकों ने सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। 

मालूम हो कि पिछले कुछ समय से पुरोला को जिला मुख्यालय बनाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। स्थानीय लोगों का कहना था कि यह क्षेत्र लंबे समय से विकास से भटका हुआ है। जिला मुख्यालय की मांग को लेकर पुरोला में भी पिछले दिनों व्यापक आंदोलन हो चुका है जिसमें लोगों ने सरकारी वाहन तक फंूक डाले थे। यही नहीं लोगों ने यहां सरकारी कार्यालयों तक में ताले डाल दिए थे लेकिन आंदोलन के बावजूद इस मामले में सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। वहीं स्थानीय विधायक राजेश जुंवांठा आज एकाएक सचिवालय पहुंचे और यहां सचिवालय के आगे ही धरने पर बैठ गए। विधायक के धरने पर बैठने के साथ ही प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। तत्काल पुलिस बल भी धरना स्थल पहुंचा। वहीं अभी तक सरकार की ओर से समाचार लिखने तक कोई नुमांईंदा विधायक को मनाने के लिए नहीं पहुंचा था। विधायक का कहना है कि जब तक पुरोला के लोगों की यह मांग पूरी नहीं होगी तब तक वह धरने से नहीं उठेंगे। सूचना मिलने के बाद समर्थकों ने भी पहुंचना शुरू कर दिया था।






 

छात्र संघ चुनावों में नहीं थम रही है हिंसा

देहरादून। छात्र संघ चुनावों में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। अभी कुछ दिन पहले ही जहां डीएवी कालेज में दो गुटों के बीच आपसी मारपीट के बाद पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था वहीं छात्र गुटों के बीच मारपीट लगातार जारी है। छात्रों पर लगाम कसने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है लेकिन छात्रों का झगड़ा अब सडक़ों पर आ गया है। 

छात्रों के दो गुट आज सुबह डीबीएस कालेज चौक पर भिड़ गए। पोस्टर एवं प्रचार को लेकर छात्र नेताओं के बीच आपसी नोक-झांेक हुई जो कि कुछ ही देर में मारपीट में बदल गयी। बताया जा रहा है आज सुबह  लगभग बजे चौक में छात्र पोस्टर लगा रहे थे और कालेज आने वाले छात्र-छात्राओं को अपने छात्र नेताओं के समर्थन में प्रचास सामग्री बांट रहे थे। इसी बात को लेकर दो गुटों के बीच मारपीट होने लगी और लाठी-डंडे निकल आए। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंची और छात्रों को वहां से खदेड़ा। डालनवाला पुलिस के अनुसार कुछ स्थानीय छात्रों को चिन्हित किया गया है और इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं मतदान का दिन नजदीक आने के साथ ही कालेज क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस भी तैनात कर दी गयी है तो वहीं डीएवी कालेज के अंदर छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि कालेज प्रशासन के लाख प्रयासों के बाद भी कालेज में लिंगदोह कमेटी का खुलकर उल्लंघन हो रहा है। 


 

पागल प्रेमी ने प्रेमिका का गला रेत खुद जहर पिया

देहरादून। अवैध प्रेम संबंधों में जुनून की हदों को पार करते हुए एक व्यक्ति ने अपनी विवाहित प्रेमिका के गले में चाकू घोंप दिया। प्रेम में पागल इस व्यक्ति ने महिला के दरवाजे के आगे ही जहर गटक अपनी जीवन लीला भी समाप्त कर ली। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी है। महिला एवं प्रेमी दोनों ही शादीशुदा हैं और दोनों के ही अपने बच्चे भी हैं। घटना के संबंद्ध में अभी तक महिला या मृतक के परिजनों की ओर से किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण नहीं आया है लेकिन पुलिस पूरे मामले को प्रेम प्रसंग से ही जोड़ कर देख रही है। इधर महिला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जबकि प्रेमी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। मोके से चाकू बरामद कर लिया गया है। मृतक के परिजनों केा सूचित कर दिया गया है।
 
शादीशुदा लोगों की प्रेम कहानी का बेहद विभत्स तरीके से हुआ है। पटेलनगर तुंतोवाला में आज की सुबह सनसनीखेज घटना के साथ शुरू हुई जहां एक व्यक्ति ने बेहद निर्ममता का परिचय देते हुए अपनी जिंदगी तो समाप्त कर ही ली, साथ ही अपनी कथित प्रेमिका को भी बुरी तरह से घायल कर दिया है। भरे-पूरे परिवार के दोनों लोगों के बीच लंबे समय से संपर्क बताए जा रहे हैं जिसका परिणाम आज सबके सामने आ गया। सोमवार की सुबह जब लोग अपनी दिनचर्या को शुरू ही कर रहे थे कि तभी राजधानी दून में आज सुबह एक सनसनीखेज मामले में प्रेमी ने विवाहिता के गले में धारदार हथियार घोंप दिया और खुद भी महिला के घर के आगे ही जहर का सेवन कर आत्महत्या कर ली। महिला को गंभीर हालत में दून में अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां चिकित्सकों ने उसके गले की नस कटने की पुष्टि की है। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है।
 
पटेलनगर क्षेत्र के तुंतोवाला में आज सुबह एक व्यक्ति ने महिला के घर के आगे ही जहर खा लिया। चंद्रबदनी धारावाली निवासी कर्मवीर सिंह पुत्र रतन सिंह आज सवेरे रीता तोमर के घर जा पहुंचा और उसने रीता केा बाहर बुलाया। जैसे ही रीता बाहर आई कर्मवीर ने धारदार हथियार रीता के गले मे घुसेड़ दिया। वार से रीता छटपटा कर नीचे गिर पड़ी। रीता की आवाज सुन कर घर में मौजूद उसका पति विनोद तोमर बाहर आया लेकिन इससे पहले ही कर्मवीर ने रीता के आगे ही जहर का सेवन कर लिया। कुछ ही देर में कर्मवीर भी जमीन पर गिर पड़ा। विनोद ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की छानबीन की और कर्मवीर को अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने कर्मवीर को मृत घोषित कर दिया। 
 
वहीं रीता को भी दून अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने बताया कि रीता के गले की नस बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गयी है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के संदर्भ मेंं बताया जा रहा है कि कर्मवीर का रीता से लंबे समय से मिलना-जुलना था। अक्सर वह रीता के घर भी आता जाता था। दोनों ही शादी शुदा हैं। आज सुबह भी कर्मवीर रीता के घर पहुंचा और रीता के बाहर आते ही उसने रीता के गले में चाकू से वार कर करने के बाद भी खुद भी जहर खाकर जान दे दी। रीता के दो पुत्रियां हैं जबकि कर्मवीर भी बाल बच्चे वाले हैं। कर्मवीर अपना निजी काम ही करता था और कुछ वर्ष पूर्व से ही उसका रीता से संपर्क बना हुआ था। घटना के बाद से ही क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है। पुलिस ने मृतक कर्मवीर के परिजनों को सूचित कर शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


 

जन लोकपाल बिल को लेकर निकाला जुलूस

नैनीतल । जन लोकपाल विधेयक को लेकर अन्ना की मुहिम पर पूरे देश में तीव्र्र प्रति क्रिया हो रही है देश में जगह जगह अन्ना के सर्मथन में धरना जूलूस व प्रर्दशन हो रहे है। जन लोकपाल विधेयक को संसद में पारित करने के लिए अन्ना हजारे के समर्थन में अखिल भारतीय किसान महासभा ने कररोड से होते हुए लालकुआं तक एक विशाल जन समुह के जुलूस निकाला।

भारी संख्या में महिलाएं व पुरूष शक्ति द्वारा जबर्दस्त नारे बाजी की जा रही है। अन्ना तुम संघर्ष करो हम तुमहारें साथ है आवाज दो हम एक है किसान एकता जिन्दाबाद तथा भ्रष्टाचारी विरोधी नारों के साथ उग्र प्रर्दशन किया।
 
 इस दौरान विमला पाल, बहादुर सिंह जग्गी ,मान सिंह पाल, भुवन जोशी, ललित बसनयात, गोविन्द जीना, सुजान सिंह,पप्पु भाई,गोविन्द कोरंगा, पुष्कर दुबडि़या, डिम्पल बहुगुंणा, कई अनेको लोग उपस्थित थे।


ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने ली अधूरे कार्यो पर रिपोर्ट

ररुडक़ी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने शहर में अधूरे पड़े कार्यो के संबंध में सरकारी महकमों की बैठक ली। उन्होंने पश्चिमी अंबर तालाब क्षेत्र का नाला जल्द बनवाने व आजादनगर-पनियाला रोड का अतिक्रमण तुड़वाने के निर्देश दिए हैं।
 
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सवीन कुमार बंसल ने विनियमित क्षेत्र, सिंचाई विभाग व तहसील के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने पश्चिमी अंबर तालाब क्षेत्र में अधूरे पड़े नाला निर्माण का कार्य पूरा कराने व आजाद नगर-पनियाला रोड से अतिक्रमण तुड़वाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुभाष नगर क्षेत्र की जलभराव की समस्या की वजह भी जानी। यहां पर नालों की भूमि गायब हो जाने के बारे में जेएम ने नायब तहसीलदारों से जानकारी चाही। उन्होंने पनियाला रोड का अतिक्रमण अभी तक न टूटने की वजह भी पूछी है। तहसील के अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण चिन्हित कर दिया गया था। लेकिन इस बीच अधिक बारिश हो गई जिस कारण अतिक्रमण टूटने से रह गया। जेएम ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण किसी भी कीमत पर न छोड़ा जाए। जहां पर भी अतिक्रमण है, उसे चिन्हित कर तोड़ा जाए। जेएम ने अन्य कार्यो की प्रगति रिपोर्ट ली। नायब तहसीलदार ज्ञान चंद, ऋषिपाल सिंह, गोपालसिंह, अवर अभियंता एके सिंह आदि उपस्थित थे।




भूख हड़ताल पर बैठे कौशिक का वजन 6 किलो घटा

रुडक़ी। अन्ना हजारे के समर्थन में नौ दिन से भूख हड़ताल पर बैठे भारतीय हिन्दू क्रांति दल के संगठन प्रमुख गोविन्द गोपाल कौशिक का छह किलो वजन घट गया है। उनके शरीर में किटोन की मात्रा भी कम होने लगी है। इसके अलावा चार दिन से अनशन पर बैठे सत्तर वर्षीय रमेश सैनी का ब्लड प्रेशर कम होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। दो अन्य अनशनकारियों के स्वास्थ्य में भी गिरावट दर्ज की गई है।

नगर पालिका चौक पर भारतीय हिन्दू क्रांति दल के संगठन प्रमुख पंडित गोविन्द गोपाल कौशिक ने नौ दिन पहले भूख हड़ताल शुरु की थी। शनिवार को सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंची चिकित्सकों की टीम ने पाया कि कौशिक का नौ दिन में छह किलो वजन कम हो गया है। साथ ही शरीर में अब किटोन की मात्रा कम होना शुरु हो गई है जो कि बेहद खतरनाक है। उन्होंने इस बाबत प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी है। इसके अलावा चार दिन से उनके साथ अनशन पर बैठे 70 वर्षीय रमेश सैनी की हालत भी नाजुक हो चली है। दो अन्य अनशन कारियों सुधीर सैनी व नवीन पुरी के स्वास्थ्य में भी गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन राजेश गर्ग, सूबेदार बलवंत सिंह, कमला बमोला, रामशरण, राजाराम, बलबीर सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए।


हाथियों को घुसने से रोकेगी सुरक्षा दीवार

कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग काश्तकारों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए दीवारें बनाएगा। प्रथम चरण में विभाग भाबर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ग्राम झंडीचौड़ की पूर्वी व पश्चिमी दिशा में सुरक्षा दीवार बनाएगा। दीवार निर्माण को विभाग की ओर से 91.63 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

कार्बेट नेशनल पार्क व राजाजी नेशनल पार्क के मध्य अवस्थित लैंसडौन वन प्रभाग को हाथी बतौर कॉरीडोर प्रयुक्त करते हैं। हाथियों के इस क्षेत्र में लगातार आवागमन के चलते जहां एक ओर काश्तकारों की फसलों को नुकसान पहुंचता है, वहीं जान-माल को खतरा बना रहता है। काश्तकारों की फसलों को हाथियों सहित अन्य जंगली जानवरों से बचाने के लिए कुछ वर्ष पूर्व क्षेत्र में उरेडा की ओर से जंगल से लगे गांवों में सौर ऊर्जा फेसिंग लाइन बिछाई गई, जो कि कुछ समय बाद ग्रामीणों ने ही क्षतिग्रस्त कर दी। फेसिंग लाइन बिछने के बाद कुछ दिन तो जानवर खेतों की ओर नहीं आए, लेकिन जैसे-जैसे लाइन क्षतिग्रस्त होती गई, जंगली जानवर पुन: खेतों में घुसने लगे। देर से ही आखिर वन विभाग ने इस दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। विभाग ने प्रथम चरण में कोटद्वार रेंज की गुलरझाला बीट के अंतर्गत ग्राम झंडीचौड़ के पूर्वी व पश्चिमी क्षेत्रों में आरक्षित वन क्षेत्र में करीब एक किमी. लंबी सुरक्षा दीवार बनाने का निर्णय लिया गया है। विभाग की ओर से इस संबंध में वन संरक्षक (गढ़वाल वृत्त) को भेजे पत्र में राज्य सेक्टर योजना के अंर्तगत सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए 91.63 लाख की धनराशि अवमुक्त करने का अनुरोध किया है।
 
प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्र सिंह चौधरी ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि सुरक्षा दीवार बनाने को शासन में प्रस्ताव भेजा गया है। बजट अवमुक्त होने के बाद सुरक्षा दीवार बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।


भ्रष्टाचार में डूबा उत्तराखंड : टीपीएस

श्रीनगर गढ़वाल। सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल तेजपाल सिंह रावत ने कहा कि देश व प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार से जनता परेशान है। ईमानदारी उत्तराखंड का गहना है, लेकिन राज्य निर्माण के बाद भ्रष्टाचार बढऩे से राज्य की छवि खराब हुई है। प्रदेश के विकास व भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए अन्ना जैसे आन्दोलन की अब उत्तराखंड को भी दरकार है।

शनिवार को श्रीनगर स्थित सर्राफ धर्मशाला में उत्तराखंड रक्षा मोर्चा के दूसरे सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं व देश-प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। राज्य निर्माण के बाद से प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गांवों से लोगों का पलायन हो रहा है इससे हजारों एकड़ भूमि बंजर हो गई है। 11 वर्षो से राजधानी का मुद्दा नहीं सुलझा, सरकार ने करोड़ों रुपयों के काम बाहर की एजेंसियों को बांटे जा रहे हैं। स्टर्डिया भूमि घोटाले में अभी तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। कुंभ और आपदा में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है इससे प्रदेश की छवि धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि वे अपनी जल, जंगल और जमीन को किसी भी कीमत पर नहीं बिकने देंगे। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य में बढ़े भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए अन्ना बनने की जरूरत है। उन्होंने आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। इस अवसर पर नेगी ने उठा जागा उत्तराखंड्यूं सों उठाणों वक्त ऐगे, उत्तराखंड को मान-सम्मान बचोंणों वक्त ऐगे.. गीत गाकर भ्रष्टाचार व व्यवस्था पर तीखे प्रहार किये। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आन्दोलन की दूसरी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ होगी। प्रो. सुरेखा डंगवाल ने राज्य की व्यवस्थाओं पर तीखे प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री के तमाम दावों की खिल्ली उड़ाई। इससे पूर्व जनरल टीपीएस रावत ने रोडवेज बस स्टेशन पर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी रतन सिंह गुनसोला, एसएस पांगती, पूर्ण सिंह बिष्ट, अनिल स्वामी, डा. प्रदीप मोहन सकलानी, प्रो.एमएसएम रावत, डॉ. एसपी सत्ती, एसएस कोठियाल, पीसी थपलियाल, राजेंद्र नेगी, राजेंद्र सगोई, चंद्र सिंह समेत अन्य कई लोगों ने सभा को संबोधित किया।



सरपंच के घर में घुसा गुलदार

पौड़ी गढ़वाल। कालाढूंगी रेंज के अंतिम छोर पर फतेहपुर ग्राम पंचायत के खाणी तोक में वन पंचायत के सरपंच के घर में गुलदार घुस आया। दिन दहाड़े घटना से गांव में दहशत फैल गई। गुलदार को बेहोश करने के लिए वन महकमे की टीम मौके पर पहुंची मगर वह तेजी से जंगल की ओर भाग निकला।

घटना रामनगर वन प्रभाग की है। कोटाबाग के समीप खाणी तोक निवासी सरपंच देवी दत्त कत्यूरा के घर में शुक्रवार को गुलदार घुस आया। सूचना पर उप प्रभागीय वनाधिकारी फतेहपुर रमाकांत तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी कालाढूंगी त्रिलोक सिंह साही, पूरन चंद्र जोशी, वन क्षेत्राधिकारी देचोरी पूरन सिंह खनायत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
 
बाद में रामनगर से ट्रेंकुलाइज गन के साथ चिकित्सक मथुरा दत्त मेवाड़ी को भी बुलवाया गया ताकि गुलदार को बेहोश कर पकड़ा जा सके। मगर वह जंगल की ओर भाग झाडिय़ों में जा छिपा। इस बीच टीम ने उस पर निशाना भी साधा मगर वह दूर भाग निकला। वन विभाग के अधिकारियों ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है।


 

कैसे बच पाएंगें खेत!

नई टिहरी। कई सालों से हेंवलनदी में आ रही बाढ़ नागणी की सिंचित कृषि योग्य भूमि को लील रही है, जिससे अब तक हजारों नाली भूमि बह चुकी है। किसान इसको लेकर चिंतित है कि उनके खेत कैसे बच पाएंगे।

धान की खेती के लिए प्रसिद्ध जनपद की हेंवलघाटी नागणी-खाड़ी में हेंवलनदी में लगातार बाढ़ का आना किसानों के लिए चिंता का विषय है। बाढ़ से हर साल सैकड़ों नाली सिंचित भूमि समाप्त होती जा रही है। अब तक नदी के दोनों ओर की लगभग दो हजार नाली कृषि योग्य भूमि को बाढ़ लील चुकी है।

सबसे पहले वर्ष 1998 में हेंवलनदी में बाढ़ आई थी, जिसमें एक हजार नाली सिंचित कृषि योग्य भूमि बह गई थी। उसके बाद से हर वर्ष बाढ़ आने से सैकड़ों नाली भूमि बहती जा रही है। गत वर्ष की आपदा से भी दर्जनों ग्रामीणों के खेत बहे थे। इस बार भी अब तक अब तक विभिन्न गांवों के चार सौ से अधिक अधिक काश्तकारों के खेत बह चुके है। लगभग 10 किमी के दायरे में नदी के दोनों ओर जो कृषि योग्य भूमि है उस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
 
काश्तकार अरविन्द सिंह, प्यार सिंह, धूम सिंह आदि का कहना है कि बाढ़ से खेत तो बह ही रहे है, साथ ही नदी भी गहराती जा रही है। उन्होंने कहा कि खेतों को तभी बचाया जा सकता है जब नदी के दोनों ओर सुरक्षा दीवार, चेकडाम आदि लगाए जाएं। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में मनरेगा आदि योजनाओं के तहत कार्य कराने की मांग की है।


 

अश्लील क्लीपिंग के नाम पर मांगे दो लाख

रुद्रपुर। एक महिला बैंक कर्मी से अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल पर फोन कर अश्लील क्लीपिंग की बात कहकर दो लाख रुपए की मांग की। महिला के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
 
मोहल्ला आवास विकास, गदरपुर निवासी एक व्यक्ति की बहन गदरपुर स्थित एक बैंक में कार्यरत है। बीती रात्रि अज्ञात व्यक्ति ने दो अलग-अलग नंबरों से महिला बैंक कर्मी के मोबाइल पर फोन कर उसकी अश्लील क्लीपिंग बनी होने की बात कही। साथ ही दो लाख रुपए रुद्रपुर स्थित एक बैंक के सामने न लाने पर क्लीपिंग सार्वजनिक करने की धमकी दी। महिला ने मामले की जानकारी अपने भाई को दी। महिला के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मोबाइल धारक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
 

पटरी से उतरी मुनस्यारी की शिक्षा व्यवस्था : शिक्षकों के अभाव में कई विद्यालयों में लटके ताले

पिथौरागढ़। विकास खंड मुनस्यारी में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गई है। शिक्षक न होने से कई प्राथमिक विद्यालयों में ताले लटक गये हैं। हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट स्तर के विद्यालयों में महत्वपूर्ण शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थी जिला मुख्यालय जाने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान संगठन ने शीघ्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं करने पर सडक़ों में उतरने की चेतावनी दे दी है।

ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह देवा की अगुवाई में जिलाधिकारी से मिले मुनस्यारी तहसील वासियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि शिक्षकों के अभाव में प्राथमिक विद्यालय क्वीरीजिमियां, साईपोलो, बुईपांतो, तिकसेन, गांधीनगर विद्यालयों में ताले लटके हुए हैं। शिक्षक न होने से विद्यार्थी घर बैठे हुए हैं। जूनियर हाईस्कूल धापा, बुई, साईपोलो, दरकोट, जोशा, होकरा, पन्द्रपाला एकल शिक्षकों के सहारे हैं। राइंका मुनस्यारी, जीजीआइसी नमजला, जीआइसी मदकोट, जीआइसी मवानी-दवानी, जीआइसी डोर, तेजम, नाचनी, बांसबगड़ में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं। जिस कारण विद्यार्थी पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय जाने को मजबूर हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि कई बार तहसील क्षेत्र में रिक्त पड़े शिक्षकों के पद भरे जाने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक विभाग ने इसके लिए कोई पहल नहीं की है। जिलाधिकारी ने शिक्षकों के रिक्त पद भरने के लिए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
 
ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष श्री देवा ने कहा है रिक्त पदों को शीघ्र नहीं भरा जाता है तो मुनस्यारी तहसील के लोग सडक़ों पर उतरने को बाध्य होंगे


 

जनलोकपाल बिल को लेेकर वकीलों का जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

देहरादून। देवभूमि टैक्स बार एसोसिएशन ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर केन्द्र सरकार पर जनलोकपाल बिल पारित करने के लिये दबाव बनाने का आग्रह किया है।
 
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बार एसोसिऐशन देहरादून के कार्यकर्ता एंव पदाधिकारी यहां स्थानीय गांधी पार्क मे एकत्र हुये और अन्ना हजारे की शर्ते न मानने पर केन्द्र सरकार की भत्र्सना करते हुये उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। एकत्र भीड जुलूस की शक्ल मे जिलामुख्यालय की ओर निकल पड़ी। जुलूस घंटाघर , दर्शनलाल चौक, गांधी रोड़ होते हुये जिला मुख्यालय पंहुचा और सभा मे तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुये टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार जैन ने कहा कि केन्द्र सरकार सडक़ो ंपर उतरी जनता के मांग की अनदेखी कर लोकतांत्रिक परम्पराओं का हनन कर रही हैै। सरकार के रवैये को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है, कि अब भी भारत में राजशाही है। जो कि सिर्फ जनता पर अपना हुक्म थोपना चाहती है, किन्तु जनता की आवाज को नही सुनना चाहती। 
 
जिला प्रशासन के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया, जिसमें बार एसोसिएशन ने कहा कि देश की आजादी के 64 वर्षो बाद भी देश में वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना नही हो पाई है। यहां की सरकारों का रवैया देश के नागरिकों के हितों के प्रति सदैव ही उदासीन रहता है। जनभावनाओं को दरकिनार कर ऐसे कानून बनाये जाते है, जिससे की सरकार में बैठे जनप्रतिनिधी अपने निजी स्वार्थों की पूर्ती कर सकें। उन्होने कहा कि अन्ना हजारे के संग पूरा देश भ्रष्टाचार के खिलाफ सडकों पर उतरा हुआ है और केंन्द्र सरकार जनभावनाओं का अब भी खुलेआम निरादर करने पर तुली है, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि देश मे लोकतंत्र नही, बल्कि सरकारों की पूर्ण रूप से ताना शाही हैै। एसोसिएशन ने जनलोकपाल बिल पारित कराने के लिये राष्टपति से केन्द्र सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह किया है।




 

प्रांतीय व्यापार मंडल दून बंद सफल

 देहरादून। प्रांतीय व्यापार मंडल के आह्वान पर  दून के अधिकांश बाजार बंद रहे। अधिकांश व्यापारियों ने जनलोकपाल बिल एवं अन्ना समर्थन में अपने प्रतिष्ठानों को स्वत: ही बंद रखा जबकि पैट्रोल पंप, सिनेमा हॉल भी बंद रहे। बैंकों एवं सरकारी प्रतिष्ठानों में नियमित तौर पर कार्य किया। बंद को लेकर कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं मिला है। बंद कराने के लिए व्यापार मंडल की अलग-अलग टीमें जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में दौरा कर रही थीं। वहीं आज भी दून में अन्ना हजार की मुहिम को लेकर प्रदर्शन एवं रैलियों का दौर चलता रहा। प्रशासन ने भी बंद को देखते हुए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे और दून को पांच जोन में बांट कर सुरक्षा का ताना-बाना बुना गया था।

अन्ना हजारे का आज रामलीला मैदान में १२ दिन अनशन का शुरू हो चुका है। अनशन को समाप्त कराने एवं जनलोकपाल बिल पर बहस के लिए संसद में आज भी कार्यवाही जारी रही। वहीं प्रदेश में अन्ना के समर्थन में बंद रखा गया। कल से ही व्यापारियों ने इस बंद को रखने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था। बंद में प्रदेश भर के व्यापारी शामिल हुए। सुबह से ही व्यापारियों ने सडक़ों पर उतर कर अन्ना को अपना समर्थन देने का संकल्प लिया और सरकार की कार्यशैली एवं मंशा पर सवाल उठाए। बंद के दौरान ऑटो, सिनेमा हॉल एवं पैट्रोल पंप बंद रहे जबकि विक्रम एवं सिटी बसें सडक़ों पर दौड़ती दिखाई दीं। बंद को लेकर व्यापारियों में दो गुट कल से ही बन गए थे। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनय गोयल ने जहां बंद रखने की घोषणा की थी वहीं दीवान गुट ने बंद को गलत बताया और कहा कि त्योहारों को देखते हुए बंद रखने का कोई औचित्य नहीं हैं। उन्होंने अन्ना की मुहिम में अपनी प्रतिबद्धता दिखाई और कहा कि आज हर आदमी भ्रष्टाचार से परेशान है लेकिन आम आदमी की सुविधाओं को देखते हुए इस समय बंद रखने का कोई औचित्य नहंी था।
 
वहीं आज सवेरे से ही बंद समर्थकों ने अलग-अलग टोलियां बना कर शहर का जायजा लिया। कुछेक स्थानों पर दुकानें खुली देख कर उन्हे ंबंद करने की विनती की गयी। कहीं भी जबरन दुकानों को बंद कराने का प्रयास नहंी किया गया। बंद समर्थकों के साथ पुलिस टीमें भी मोबाईल कर रहीं थी। पुलिस प्रशासन ने पहले ही पूरे शहर को पांच जोनों में बांट दिया था जिससे कि किसी भी प्रकार के हुडदंग पर अंकुश लगाया जा सके। सुरक्षा के तहत पीएसी, घुडसवार पुलिस दस्ते के साथ आरबीआई को भी लगाया गया था। शहर के किसी भी क्षेत्र से किसी प्रकार के हुड़दंग की सूचना नहीं थी।
 
उधर अन्ना के समर्थन में जुलूसों एवं रैलियों का सिलसिला आज भी जारी रहा। व्यापार मंडल ने जनलोकपाल बिल को आम आदमी का हथियार बताते हुए नगर में रैली निकाली। अलग-अलग संगठनों की रैलियां भी गांधी पार्क एवं घंटाघर के इर्द-गिर्द निकलती रहीं। सभी लोगों की नजरें संसद की कार्यवाही एवं अन्ना के अनशन पर लगी रहीं। मालूम हो कि आज अन्ना हजार के अनशन का १२वां दिन शुरू हो चुका है और उम्मीद की जा रही है कि आज संसद से ऐसा कोई हल जरूर निकल सकेगा जिससे कि अन्ना का अनशन समाप्त हो जाएं हालांकि बिल की बातों को लेकर सरकार एवं अन्ना टीम के बीच गतिरोध जारी था। आज ही डीएवी कालेज में भी छात्र संघ चुनावों को लेकर नामांकन भरे जाने थे। अपने नेताओं के समर्थन में छात्रों ने विशाल जुलूस निकाले एवं यहां भी अन्ना की मुहिम का असर साफ दिखाई दिया। अधिकांश छात्र नेताओं के जुलुस अन्ना जिंदाबाद, वंदेमातरम और भारत माता की जय से गूंजते रहे।
 

 

बादल फटने से हुयी भारी तबाही, कई मवेशी मरे

उत्तरकाशी। भारी बारिश के चलते प्रकृति की विनाश लीला अभी भी जारी है। प्रदेश भर में भूस्खलन एवं रास्ते बंद होने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। देहरादून के सहस्त्रधारा बागलीगाड मेंं बादल फटने की घटना से ही अभी लोग उबर नहीं पाए थे कि उत्तरकाशी में भी कल देर रात बादल फटने से भारी तबाही हो गयी है। यहां बादल फटने के बाद कई दर्जन मवेशी मलबे में मारे गए जबकि पैदल पुल एवं पर्यटक सूचना केंद्र भी जमींदोज हो गया। इस प्राकृतिक आपदा के बाद राहत प्रबंधन तंत्र भी हरकत में आया है और टीम को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है। जिला प्रशासन अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं गंगोत्री एवं यमुनोत्री मार्ग भी भारी बरसात के बाद बंद हो गए हैं।

राज्य में प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं थमने का नाम नहंी ले रही हैं। कल देर रात उत्तरकाशी के बौंग्स क्षेत्र में बादल फटने से लोगो में दहशत मच गयी। रात बादल फटने के बाद लोग जब अपने घरों से बाहर निकले तो गांव का नजारा देख कर उनके पैरों तले जमीन खिसक गयी। इस दैवीय आपदा से गांव का अधिकांश भाग नष्ट हो चुका था। ग्रामीणों की गौशालाएं मलबे के साथ बह चुकी थीं जबकि कई दर्जन पशु इस हादसे में मारे गए। जानकारी मिली है कि इस घटना में गांव में बना पर्यटक सूचना केंद्र भी नष्ट होकर बह गया जबकि एक गांव को दूसरे गांव से जोडऩे वाले पैदल पुल भी मलबे के साथ बह कर नष्ट हो गए। सुबह प्रशासन को इस घटना की सूचना मिली जिस पर तुरत-फुरत में आपदा टीमों को मौके पर भेजा गया। स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। अभी तक इस घटना में किसी ग्रामीण के मारे जाने या फिर लापता होने की जानकारी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि बादल फटने के बाद गांव की कई नाली कृषि योग्य भूमि भी गाद एवं कीचड़ में तब्दील हो गयी है।
 
वहीं बादल फटने के बाद जिला प्रशासन ने फुर्ती दिखाते हुए डाक्टरों के एक दल को भी मौके पर भेजा है जो स्थिति सामान्य होने तक गांव में ही कैंप करेगा। प्रशासन ने अभी तक किसी के भी मारे जाने की पुष्टि नहीं की है हालांकि कई मवेशियों के मारे जाने के कारण ग्रामीणा को हानी उठानी पड़ी है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भारी भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग पर आवागमन ठप्प हो गया है। गंगोत्री, यमनुोत्री एवं चंबा मार्ग इस बारिश के कारण सर्वाधिक तौर पर प्रभावित हुआ है। राजधानी दून में भी कल रात से हो रही बारिश के कारण स्थानीय नदियां उफान पर हैं। नदी किनारे बसे कई मकान इस बारिश से प्रभावित हो चुके हैं।


 

चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा

देहरादून। दून में चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही चोरियों से लोगों में भय समाया हुआ है जबकि खासतौर पर बंद मकान चोरों का आसानी से निशाना बन रहे हैं। वहीं एक और चोरी की घटना में नए कप्तान के आने के साथ ही चोरों ने लाखों की रूपए की चोरी के साथ अपने मंसूबों से भी अवगत करा दिया है। चोरों ने मकान के ताले तोड़ कर जेवरात एवं नगदी पर हाथ साफ कर दिया है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। 
 
राजधानी दून में चोरियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर के पॉश इलाके बसंत विहार क्षेत्र घिसपट्टी में चोरों ने एक बंद मकान के ताले चटका डाले। यहां चोरों ने गत १८ अगस्त से बंद पडे मकान को अपना निशाना बनाया है। यह मकान श्रीमती उर्मिला गिल का है जो कि अपने परिवार के साथ घर को बंद कर बाहर गयीं हुई थीं। २४ अगस्त को जब वह लौट कर आई तो उन्होंने अपने घर के ताले टूटे हुए देखे जबकि घर के अंदर का सारा सामान बिखरा हुआ था। पुलिस को दी गयी शिकायत में गृह स्ेह्लामिनी ने बताया कि उनके घर से चोरों ने जेवरात एवं नगदी सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया है। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया एवं साक्ष्य एकत्रित किए। मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों में दून में बंद मकानों में चोरी की घटनाएं अप्रत्याशित तौर पर बढीं हैं। ऐसी पिछली कई चोरियां का खुलासा अब तक रहस्य ही बना हुआ है और चोर गिरोह लगातार पुलिस पर भारी पड़ रहे हैं।



 

ये कतार मजूबरी, अब जन लोकपाल जरूरी : बिजली, गैस, पानी व प्रमाण पत्रों के लिए हर रोज लगती हैं लाइनें

हल्द्वानी। दृश्य एक:आय तथा जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए 20 जुलाई को तहसील के जनाधार केंद्र में प्रपत्र जमा कराए थे। केंद्र के बाहर स्पष्ट अक्षरों में अंकित है- 15 दिन बाद प्रमाण पत्र बनकर मिलेगा। आज 25 अगस्त है, प्रमाण पत्रों का पता नहीं, दो बार पहले भी बच्चों के प्रमाण पत्र के लिए चक्कर लगा चुका हूं। यह कहना है इंदिरा नगर निवासी 55 वर्षीय मो. मुमताज का। बेटी सना एवं बेटे शहजाद के प्रमाण पत्र बनाने को विभाग के चक्कर काट कर थक चुके मुमताज इस कुप्रबंधन को भ्रष्टाचार का ही एक रूप कहते हैं। इसके अलावा वहां राहुल अपनी बहन प्रीति के प्रपत्र जमा करने के लिए 10 बजे से कतार में हैं। जब वे लाइन पर थे तो बाबू नहीं पहुंच पाए और जब बाबूजी आए तो बिजली चल दी।
 
समय करीब एक बजे, इसी लाइन से अब थोड़ी दूर हटकर बैठ गये हैं 13 वर्षीय फईम। चेहरे पर असंतोष का भाव है, कक्षा नौवीं में पढ़ते हैं और छात्रवृत्ति के लिए स्कूल में आय प्रमाण जमा करना है। 20 रुपए लेकर दस्तावेज लेखक ने एक पन्ने के फार्मेट में फईम व उसके पिता का नाम तथा पता लिख दिया। फिर उस लेखक ने जनाधार केंद्र की ओर अंगुली करके कह दिया कि लग जाओ उस लाइन में।
 
दृश्य दो: एसडीएम कोर्ट के सामने चौधरी गैस एजेंसी तथा सरस मार्केट पर इंडेन गैस एजेंसी पर केवल बुकिंग कराने वालों की लंबी लाइन। लोग बाकी कामकाज छोड़ सुबह से लाइन में खड़े हैं। दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे तक लाइन का आकार कुछ घटा तो है, लेकिन यह तो कतार ही ठहरी जो रोज सुबह शुरू होती है और ऑफिस बंद होने तक जारी रहती है। लाइन में खड़े गणेश सिंह, आलोक कुमार, बिशन सिंह आदि कहते हैं कि भैय्या. व्यवस्था करने वाला तंत्र ही अव्यवस्था का शिकार हो गया है। अब जरूरी है जन लोकपाल। इससे भले ही शत-प्रतिशत सुधार भले ही न हो, लेकिन जवाबदेही तो तय होगी ही। वहीं इस लाइन से निकल कर हम बुकिंग बाबू तक पहुंचे तो वह लोगों को समझा रहे थे, फोन पर बुकिंग की सुविधा दी तो है, इस्तेमाल क्यों नहीं करते। किसने कहा यहां आने को। फिर उसी कतार से आवाजें आई, बाबू.. बुकिंग तो चलो फोन से कर लेंगे पर क्या कीमत वसूलने के बाद भी कभी होम डिलीवरी कर पाओगे? जवाब कुछ नहीं मिला, क्योंकि यह कतार का प्रश्न था।
 
दृश्य तीन: इसके अलावा बिजली बिल जमा कराना हो या बैंक में नकदी। हर जगह आलम यही है। पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा व बरेली रोड शाखा में 25 हजार से कम व अधिक रकम जमा करने के लिए एक-एक काउंटर हैं। जबकि बाहरी जमा केवल तीन से चार बजे तक होता है, हालांकि बैंक सीबीएस से जुड़ा है। रोजाना लाइन यहां काउंटर से शुरू होकर मुख्य गेट तक (जब तक कि लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो) लगी रहती है। लाइन में खड़े रहना उपभोक्ताओं की मजबूरी है तो बैंक अधिकारियों के पास स्टाफ की कमी का रोना है।
 
यह तीन दृश्य एक दिन की बात नहीं, यह उस अव्यवस्था से उपजी वह कतारें हैं, जिसके लिए विभाग जवाबदेह तो है, लेकिन उसे जवाबदेह कहने की हिमाकत लोग यदा-कदा ही कर पाते हैं। कहते हैं कि शिकायत करें भी तो किससे? नीचे से लेकर ऊपर तक हाल एक जैसा है। तंत्र भ्रष्ट हो गया है तो इलाज के लिए अब जन लोकपाल बिल जरूरी है।


 

कालेजों में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से बढ़ गयी लोगों की समस्यायें

देहरादून । दून की सडक़ों को अब छात्रसंघ चुनाव जाम करते नजर आ रहे हैं जिसके चलत आम जनता को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है । पुलिस विवाद से बचने के लिए मूक-दर्शक सी बनी दिखाई देती है । 
 
आज प्रात: छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों ने सडक़ों पर खूब हंगामा किया। छात्रों के इस हंगामे से आम जनता को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। दून में स्थित कालेजों में शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है और शुरू हो गया है जनता की परेशानियों का सिलसिला भी, जो चुनाव के समाप्त होने तक जारी रहेगी। पहले से ही कई तरह की समस्याओं से जूझ रही दून की जनता को आज छात्रों द्वारा सडक़ों पर किये गये हुड़दंग से जूझना पड़ा। नामांकन के लिए कालेज की ओर जाते छात्रों ने बीच सडक़ों पर रूक अपने प्रत्याशी के पक्ष में जमकर नारे तो लगाए, लेकिन वह यह भूल गये कि उनकी इस नेतागिरी से आम जनता को कितनी परेशानी हो रही होगी। 
 
शुक्रपार को प्रात: गांधी पार्क के समक्ष बसों व दुपहिया वाहनों में आए छात्रों ने बीच सडक़ पर ही अपने दुपहिया वाहनो को आड़ा-तिरछा लगाकर अपने नेताओं के पक्ष में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान इन छात्रों के वाहनों के पीछे आ रही आम जनता को जाम से दो-चार होने को विवश होना पड़ा। यह सब हुआ पुलिस कर्मियों की नाक के नीचे, जो एस्लेहाल चौक के समक्ष खड़े होकर सब कुछ मूकदर्शक बनकर देख रहे थे। इसके अलावा कांग्रेस मुख्यालय के अंदर व बाहर भी छात्रों की जमा भीड़ से जनता को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। 



 

 

गुलदार के खौफ से पल-पल दहशत में

रुद्रप्रयाग। प्रतिवर्ष गुलदार के हमलों से जनता में दहशत बनी ही रहती है, लेकिन लगातार बढ़ते जा रहे गुलदार के हमलों और वन विभाग की उदासीनता लोगों में दहशत को और भी गहरा कर रही है। गुलदार के खौफ से यहां पल-पल दहशत में लोग जिंदगी काट रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से गुलदार पांच लोगों पर हमला कर चुका है। खौफजदा स्थानीय निवासी वन विभाग को लगातार घटनाओं की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन विभाग ने इस ओर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

ऊखीमठ ब्लॉक के परकंडी क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से गुलदार का आतंक बना हुआ है। गुलदार के बढ़ते खौफ ने स्थानीय निवासियों की दिनचर्या को ही बदल दिया है। लोग समूह में निकलने को मजबूर हैं। लकड़ी लाने, जंगल की ओर जाने में भी ग्रामीण कतरा रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों से दहशत का माहौल व्याप्त है। एक सप्ताह के भीतर बाघ अभी तक पांच लोगों पर प्राणघातक हमला कर चुका है, जिसमें लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे हैं।
 
वहीं, वन विभाग अभी तक सुरक्षा के कोई उपाय नहीं कर पाया है। ग्रामीण गुलदार के आतंक से निजात दिलाने के लिए लगातार पिंजरा लगाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। 

 

बारिश ने की पहाड़ की लाइफ लाईन ध्वस्त

नई टिहरी। पहाड़ पर बारिश से आम जनजीवन जहां बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है, वहीं लिंक मोटर मार्ग के बंद रहने से आवाजाही में परेशानी हो रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पूरे प्रदेश में बदरा भी जमकर बरस रहे हैं ऐसे में पहाड़ों की लाइफ लाइन लिंक मोटर मार्गो की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आए दिन जगह-जगह भूस्खलन से मार्ग बंद हो रहे हैं, जिससे आवागमन के अलावा खाद्यान्न ढुलान में दिक्कतें हो रही है। मोटर मार्गों के बंद होने से जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छूने लगे हैं। ग्रामीण बाजारों में आम जरूरत के सामान में दस से बीस फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। इस बरसात से जहां पहाड़ी सब्जियों, टमाटर, कद्दू, खीरा, गोदड़ी, लौकी, भुट्टा की पैदावार बढ़ी है, वहीं मौसमी फलों आडू, नासपाती, सेब की फसलें भी ठीक ठाक हुई हैं, लेकिन मोटर मार्गो की स्थिति ठीक न होने से इन फलों एवं सब्जियों को निर्यात करने में परेशानी हो रही है।
 
सब्जी उत्पादक भिलंगना के करण सिंह नेगी ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि बरसात से नगदी फसलें सड़ रही हैं। उन्होंने विभाग से मांग की कि बची-खुची फसल को बाजार में ले जाने को मोटर मार्गो को दुरूस्त रखें। प्रतापनगर के उद्यान काश्तकार रामचंद्र भट्ट का कहना है कि इस बार फल एवं सब्जियों ज्यादा मात्रा में हुई, लेकिन मार्गो बंद होने से यह सब खराब हो रही हैं।



 

मुख्यालय से सटे गांवों में गुलदार का आतंक

नई टिहरी । जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांवों में इन दिनों गुलदार का आतंक बना हुआ है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने गुलदार को पकडऩे के लिए पिंजरा लगाए जाने की मांग की है। आलम यह है कि यहां कभी-कभी गुलदार दिन में भी दिखाई दे रहा है।
 
शहर के समीप के गांवों बुडोगी, पांगर, पैन्यूली आदि गांवों में एक माह से गुलदार का आतंक बना हुआ है। कुछ दिन ग्राम पैन्यूला में एक व्यक्ति पर गुलदार ने हमला कर दिया। वहीं, गुलदार ने डाइजर में भी दिनदहाड़े गाय पर हमला कर दिया। बुडोगी निवासी लखवीर चौहान ने बताया कि शाम के समय अक्सर क्षेत्र में गुलदार दिखाई देता है। उन्होंने गुलदार को पकडऩे के लिए वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की है।


 

 

सडक़ बन्द होने से खाद्यान्न का संकट गहराया : एक पखवाड़े से नहीं खुल पाई गल्लागांव-देवलीमाफी सडक़

चम्पावत। अतिवृष्टि के चलते बन्द पड़ी गल्लागांव-देवलीमाफी सडक़ को पिछले एक पखवाड़े से यातायात के लिए नहीं खोला जा सका है। सडक़ बन्द होने से एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों के सामने खाद्यान्न का भीषण संकट पैदा हो गया है। क्षेत्र वासियों ने शीघ्र सडक़ मार्ग न खोलने पर कार्यदायी संस्था व जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आन्दोलन करने की चेतावनी दी है।

बीते 14 अगस्त को भारी बरसात के कारण 15 किमी लम्बी गल्लागांव-देवलीमाफी सडक़ पर जगह-जगह मलबा गिरने से वह यातायात के लिए बन्द हो गयी थी। इस बीच कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग द्वारा की जा रही मशक्कत के बावजूद सडक़ मार्ग यातायात के लिए सुचारू नहीं हो पाया है। वाहनों का आवागमन पूरी तरह बन्द होने से तड़ीगांव, नौमाना, बैड़ाओड़, ढ़टीगांव, इजड़ा, रावलगांव, पाड़ासों सेरा समेत दर्जनों गांवों में खाद्यान्न नहीं पहुंच पा रहा है। इससे लोग भूखे रहने की कगार में पहुंच चुके हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लोनिवि द्वारा सडक़ मार्ग सुचारू करने के प्रयास युद्ध स्तर पर नहीं किये जा रहे हैं।
 
उनका कहना है कि एक मात्र जेसीबी द्वारा कार्य करवाया जा रहा है, वह भी आये दिन खराब हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे के लिए बने पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से स्थिति और भी भयावह हो गयी है। सडक़ मार्ग पर एक दर्जन वाहन भी फंसे हुए हैं। लोगों ने दो दिन के भीतर सडक़ मार्ग सुचारू न करने पर उग्र आन्दोलन करने की चेतावनी दी है।
 
बाराकोट विकास खण्ड के निगाली गाड़ वर्दाखान निवासी प्रकाश चन्द्र जोशी ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा उसे विस्थापन के नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में श्री जोशी ने बताया कि क्षेत्र में पिछले दो वर्षो से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे उसका आवासीय मकान भी खतरे की जद में बना हुआ है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की जद में आये अन्य परिवारों का विस्थापन कर दिया गया है। अनहोनी के डर से वह परिवार के साथ अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिये हुए है। उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र उसे विस्थापित करने की मांग की है।


 

नगर को बिजली देने वाला गांव अंधेरे में

पिथौरागढ़।  इसे विडम्बना ही कहा जायेगा, पूरे नगर को बिजली देने वाला सीमांत तहसील धारचूला का दुग्तू गांव खुद अंधेरे में हैं। कई बार गांव को बिजली से जोडऩे की मांग कर चुके ग्रामीणों ने प्रशासनिक उदासीनता से खिन्न होकर अब यह मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने रखा है।

सीमांत तहसील धारचूला के दुग्तू गांव में माइक्रोहाइडिल की 1500 किलोवाट की जल विद्युत परियोजना है। इस परियोजना से उत्पादित होने वाली बिजली से तहसील मुख्यालय तो जगमग होता है, लेकिन गांव अंधेरे में है। गांव को अब तक बिजली से नहीं जोड़ा गया है। सैकड़ों परिवार अब भी अंधेरे में ही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विद्युतीकरण के लिए कई बार प्रशासन और विद्युत विभाग से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन गांव को बिजली नहीं दी गई। परेशान ग्रामीणों ने भाजपा मण्डल अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बुदियाल के नेतृत्व में प्रदेश की राजधानी पहुंचकर मुख्यमंत्री के सम्मुख यह मामला रखा और गांव में विद्युतीकरण करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने गांव को शीघ्र विद्युतीकृत करने के लिए कार्रवाई का आश्वासन ग्रामीणों को दिया है।



 

नंदादेवी पर्यटन विकास मेला तीन सितंबर से

गोपेश्वर। विकासखंड घाट के रामणी में हर वर्ष होने वाली नंदादेवी लोकजात को लेकर 3 से 5 सितंबर तक नंदादेवी पर्यटन विकास मेले का आयोजन किया जाएगा।
 
श्री नंदादेवी पर्यटन विकास समिति के सचिव विक्रम सिंह पंवार ने बताया कि प्रतिवर्ष भाद्र माह में सिद्धपीठ कुरूड़ से मां नंदादेवी की डोली विभिन्न गांवों से भ्रमण कर लोकजात के अंतिम पड़ाव रामणी पहुंचती है। जिसके बाद भाद्र मास शुक्ल सप्तमी (4 सितंबर) को रामणी से लगभग 10 किलोमीटर दूर लघु हिमालय बालपाटा में लोकजात संपन्न होगी। पांच सितंबर को मां नंदादेवी की डोली कुरूड़ सिद्धपीठ वापस पहुंचेगी। मां नंदादेवी लोकजात बालपाटा के अंतिम पड़ाव रामणी में तीन दिनों तक मां नंदादेवी की पूजा-अर्चना की जायेगी। मेले में खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ ही विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत करेंगे।







 

 

रक्षा कर्मचारियों ने निकाला अन्ना के समर्थन में शांति मार्च

देहरादून। भारत सरकार के विभिन्न रक्षा संस्थानों कर्मचारियों ने शांति मार्च निकाल अन्ना को समर्थन दिया। कर्मचारियों का यह शाति मार्च आयुध निर्माणी के गेट से शुरू होकर दुल्हनी नदी स्थित चौराहे पर समान्त हुआ। 
 
भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना के समर्थन में कर्मचारियों ने शांति मार्च हाथों में स्लोगन लिखे बैनर और तिरंगा लिए शुरू की। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने अन्ना हजारे जिंदाबाद के नारे लगाए तो आसपास के लोगों में भी जोश भर उठा। वे अन्ना की आवाज बुलंद करने लगे। वक्ताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंके बगैर देश का विकास नहीं हो पाएगा। 
 
इस दौरान संगठन के नेताओ ने कहा कि भ्रष्टाचार का सफाया सभी सदस्य अपने-अपने बैंकों से करेंगे। जिला संगठन अध्यक्ष अनिल जैन ने जन लोकपाल के प्रति केंद्र सरकार के रवैये पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार कमजोर लोकपाल को लाने पर तुली है। इस तरह के दंत विहीन कानून पहले ही बहुत हैं। अब यदि कोई कानून आएगा तो वह अन्ना का जन लोकपाल होगा। शांति मार्च आयुध निर्माणी के गेट शुरू होकर मुख्यमार्ग रायपुर रोड से होता हुआ दुल्हनी नदी चौराहे पर समान्त हुआ।
 
इस दौरान अनिल उनियाल, पूरन सिंह, शशि नौटियाल, डी के शर्मा, इन्दर सिंह, वीर सिंह चौहान, ताजवर सिंह रावत, सुनील यादव, एस बी सिंह, एसपीएस रावत, जे पी नौटियाल, चेतन प्रकाश, ललित जोशी, पवन कुमार, एस के मवाल, संजय रावत, मनोज सिंह समेत अन्य कर्मचारी मौजूद थे
 

डाकघर तिराहे का नाम रखा गया अन्ना हजारे तिराहा

रुडक़ी। इस समय चारों तरफा बस अन्ना ही ही अन्ना नजर आ रहा है । अन्ना का जादू क्या शहर क्या देहात, सबके सिर चढक़र बोल रहा है। शहर में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों ने अन्ना हजारे के आंदोलन को यादगार बनाने के लिए मुख्य डाकघर तिराहे का नामकरण अन्ना हजारे के नाम पर कर दिया है। शहर में जगह-जगह होर्डिग्स व साइन बोर्ड भी लगे हुए हैं।

अन्ना हजारे के आंदोलन ने शहर के हर तबके को भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी मुहिम में शामिल कर दिया है। आइआइटी के छात्र, शहर के तमाम चिकित्सक, व्यापारी, सीनियर सिटीजन, युवा, महिलाएं, स्कूली बच्चे, शिक्षक हर कोई अपने-अपने तरीके से आंदोलन कर रहा है। कई सामाजिक संगठन भी अन्ना के समर्थन में स्कूटर, मोटरसाइकिल रैली निकाल रहे हैं, इन सबके बीच कुछ युवाओं ने शहर के एक तिराहे का नाम भी अन्ना हजारे तिराहा रख दिया है। सिविल लाइंस स्थित मुख्य डाकघर तिराहे पर कुछ लोगों ने बकायदा होर्डिंग्स लगा दिया है। इससे थोड़ा आगे अन्ना हजारे का साइनबोर्ड लगा हुआ है। इससे थोड़ा आगे युवाओं की एक टोली ने साइनबोर्ड लगा दिया है, जिस पर लिखा है मैं भी अन्ना, तू भी अन्ना, अब तो सारा देश है अन्ना । चौंकाने वाली बात तो यह है कि शहर में जितने भी होर्डिग्स, साइन बोर्ड लगे हैं, उनका कोई भी प्रायोजक नहीं है। बस सभी के नीचे लिखा है अन्ना हजारे समर्थक।
 

आपदा के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता : कांग्रेस

रुद्रप्रयाग। जिले में दैवीय आपदा से हुई क्षति की भरपाई को लेकर राज्य सरकार की उदासीनता से कांग्रेस कमेटी में रोष व्याप्त है। उन्होंने इस बाबत जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर जरूरी कार्रवाई की मांग की है।

 

जिले भर में दैवीय आपदा के चलते लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, जिसको लेकर कांग्रेस कमेटी ने सीधे राज्य सरकार को जिम्मेदारी ठहराया गया है। कांग्रेसियों ने रोष जताया कि जगह मोटरमार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया है, साथ ही तमाम रोजमर्रा की वस्तुओं की किल्लत बनी हुई है। लगभग दो-दो माह से सडक़ें बंद हैं। लेकिन इस ओर अभी तक सरकारी अमला गंभीर नहीं दिखा है। कहा कि लोक निर्माण विभाग सुस्त गति से मोटरमार्ग खोल रहा है।
कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के लापरवाह रवैये के चलते सिरोबगड़ जैसी गंभीर समस्या का अभी तक ठोस निस्तारण नहीं हो पाया है। इसके चलते चार धाम यात्रा के साथ ही रुद्रप्रयाग व चमोली जिले वासियों को इसका दंश झेलना पड़ रहा है। उन्होंने इस बाबत जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
 
ज्ञापन में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीरेन्द्र बुटोला, भरत सिंह चौधरी, जिला उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह धम्र्वाण, मनोज जग्गी, भीम सिंह नेगी, नागेन्द्र सिंह, पूर्ण सिंह खत्री, कुलदीप सिंह सहित कई कांग्रेसियों के हस्ताक्षर हैं।



 

 

पथराड़ाखाल गेंठीछेड़ा मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त

पौड़ी गढ़वाल। पथराड़ाखाल-गेंठीछेड़ा मोटर मार्ग की हालत इस बरसात के बाद और अधिक खराब हो गई है। पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग से गेठीछेड़ा-पथराड़ा खाल मोटर मार्ग करीब 80 गांवों के 36 हजार से अधिक लोगों के निर्मित किया गया। 25 किमी इस मोटर मार्ग का निर्माण 20 साल पहले हुआ। गत दिनों हुई बारिश के बाद सडक़ कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। पुश्ते टूटने के बाद अब ग्रामीण कई किमी पैदल दूरी तय कर मुख्य सडक़ से जुड़ रहे हैं। गुरुवार को इस संबंध में सांसद प्रतिनिधि तामेश्वर आर्य ने डीएम एमसी उप्रेती को ज्ञापन दिया।




 

मेगा लोक अदालत में कई वाद निपटे

उत्तरकाशी। जिले में आयोजित लोक अदालत में बड़े पैमाने पर वादों का निस्तारण कर लोगों को लाभान्वित किया गया।

बुधवार को जिला जज आरसी खुल्बे की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय में आयोजित मेगा लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के दस वाद लिए गए जिसमें से एक वाद का ही निस्तारण किया गया जिसमें चार व्यक्ति लाभान्वित हुए। जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम की अदालत में उपभोक्ता के आठ वाद लिए गए जिनमें से तीन वादों का निस्तारण हुआ। इसमें 60,000 रुपए का अर्थदंड वसूला गया तथा 58 व्यक्तियों को लाभ मिला। अजय चौधरी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में फौजदारी के लिए गए 75 वाद में से 58 वाद का निस्तारण कर 54,700 रुपए का अर्थदंड वसूला गया जिससे 12 व्यक्तियों को लाभ मिला। धमेंद्र कुमार सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में फौजदारी के 30 वाद लिए गए थे जिनमें से 12 वादों का निस्तारण कर 6800 रुपए का अर्थदंड वसूला गया, जिससे 12 व्यक्तियों को लाभ हुआ। लक्ष्मण सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट पुरोला की अदालत में फौजदारी के 11 वादों का निस्तारण किया गया। परगना मजिस्ट्रेट भटवाड़ी की अदालत में फौजदारी के 4 वाद लिए गए जिनमें से 3 वादों का निस्तारण कर 5 व्यक्तियों को लाभ हुआ।



 

चुनाव तिथि घोषित करने से भडक़े छात्र

पिथौरागढ़। छात्र संगठन को विश्वास में लिये बगैर छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित करने से गुस्साए संगठनों ने संयुक्त रूप से महाविद्यालय में प्रदर्शन किया। महाविद्यालय में चुनाव की तिथि को लेकर शीघ्र बैठक करने के आश्वासन पर छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन शांत हुआ।

गुरुवार की सुबह छात्र संघ चुनाव तिथि नौ सितम्बर घोषित होने की सूचना मिलते ही छात्र संगठनों में आक्रोश फैल गया। छात्र संघ, एनएसयूआई, एबीवीपी और आइसा के कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय में प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने प्राचार्य कक्ष के बाहर धरना दिया और परीक्षा की तिथि वापस लेने की मांग की। छात्र संगठनों ने कहा कि महाविद्यालय की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। छात्रों के विरोध को देखते हुए प्राचार्य ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता में तय हुआ कि छात्र संघ चुनाव की तिथि को लेकर शीघ्र बैठक की जायेगी। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन थमा। वार्ता में छात्र संघ अध्यक्ष कमलेश वल्दिया, महासचिव श्याम सुंदर, एनएसयूआई के ऋ षेन्द्र महर, सुमित चंद, दीपक वर्मा, आशीष हावर्ड, संदीप कुमार, विरेन्द्र धामी, सहित तमाम छात्र थे। इधर छात्र संगठनों ने बगैर छात्र संगठनों को विश्वास में लिये चुनाव तिथि घोषित करने पर सडक़ों पर उतरने की चेतावनी दी है।



 

व्यापारियों ने की अन्ना के समर्थन मे शनिवार को प्रदेश बन्द की घोषणा

देहरादून : प्रांतीय प्रतिनिधि व्यापार मण्डल ने अन्ना के समर्थन में शनिवार को  उतराखण्ड बन्द करने का फैसला लिया हैै। व्यापारियों ने साफ कहा कि बंद के दौरान वह सांसदों व विधायकों का घेराव भी करेंगे। 
 
अन्ना के समर्थन मे व्यापारी पूरी तरह से उतर आये है। यदि केन्द्र सरकार शनिवार तक अन्ना की मांग को पूरा नहीं करती, तो व्यापारी पूरे प्रदेश में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। प्रांतीय प्रतिनिधि व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रहे अन्ना हजारे आज कठिन दौर से गुजर रहे हैं। व्यापारियों ने यह तय किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले का वह समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से सबसे ज्यादा प्रभावित व्यापारी होता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी ठोस पहल नहीं कर रही है। जिससे केन्द्र सरकार का चेहरा भी जनता के सामने आ चुका है। 
 
उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में अन्ना के समर्थन में जन सैलाब उतर रहा है उससे यह तय है कि भ्रष्टाचार से आम जनता कितनी त्रस्त है। कोई भी नेता ईमानदारी से भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए आगे नहीं आ रहा है जो कि दुखद है। उन्हांेने कहा कि केन्द्र सरकार शनिवार तक अन्ना की मांग पूरी नहीं करती, तो पूरे प्रदेश में सभी दुकानें बंद रहेंगी। व्यापारी अपने-अपने क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों का घेराव भी करेंगे। इस मौके पर प्रांतीय उद्योग प्रतिनिधि व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष विपिन नागलिया, महामंत्री अमरजीत सिंह आनन्द सहित कई व्यापारी नेता मौजूद थे।

अभी तक अगस्त में 742 एमएम बरसात दर्ज

रुद्रपुर। उत्तर-पूरब-उत्तर दिशा में हवा चलने से अगले 24 घंटों में हल्के बादल छाए रहने व बरसात से राहत की संभावना जताई गई है। अभी तक अगस्त में 742 एमएम बरसात दर्ज की गई है।
 
पंतनगर कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी डॉ. एचएस कुशवाहा ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.5 व न्यूनतम 25.3 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता सुबह 90 व दोपहर में 67 प्रतिशत रही। हवा की गति पूरब-उत्तर-पूरब दिशा में 2.4 किलोमीटर प्रति घंटा रही। अगले 24 घंटों में आसमान पर हल्के बादल के साथ बरसात से राहत मिलने की संभावना है।
 

दुगड्डा में स्थापित हो जिला मुख्यालय

कोटद्वार। दुगड्डा नगर पालिका से जुड़े वाशिंदों ने प्रदेश सरकार से नवसृजित जनपद कोटद्वार का मुख्यालय दुगड्डा व आसपास के क्षेत्र में खोलने की मांग की है।
 
गुरुवार को नगर पालिका के वाशिंदें बड़ी तादाद में यहां तहसील परिसर में पहुंचे व उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि नवसृजित जिले का मुख्यालय कोटद्वार के बजाए पर्वतीय क्षेत्र के केंद्र स्थल व सुविधाजनक स्थान पर बनाया जाए। कोटद्वार क्षेत्र जनपद बिजनौर की सीमा से सटा है व सुरक्षा के लिहाज से अति संवेदनशील है। कहा गया कि दुगड्डा के निकटवर्ती डाडामंडी, फतेहपुर, सेंधीखाल, लैंसडौन में क्षेत्रों में काफी सरकारी भूमि उपलब्ध है व निजी भूमि भी उपलब्ध है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि पर्वतीय क्षेत्र में जिला मुख्यालय बनता है तो रोजगार के साथ पलायन भी रुकेगा और विकास को गति मिलेगी। ज्ञापन देने वालों में पालिकाध्यक्ष सुश्री विमला, पालिका सभासद दीपक बडोला, रेखा देवी, रामेश्वरी देवी, विपिन गर्ग, राधेश्याम अग्रवाल, रामअवतार गर्ग, ग्राम प्रधान जयपाल सिंह, प्रमोद अग्रवाल, भगतराम, अर्जुन सिंह, जसवंत सिंह सहित कई अन्य शामिल रहे।
 
कांग्रेस कमेटी की यहां आयोजित बैठक में लैंसडौन को जिला मुख्यालय बनाए जाने संबंधी मांग को पूरी तरह निराधार करार दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि लैंसडौन कैंट एरिया में है व वहां एक इंच भूमि उपलब्ध नहीं है, ऐसे में लैंसडौन में जिला मुख्यालय की मांग करना गलत है। जिला महामंत्री प्रवेश रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अमित बडोला, अमित देवरानी, सुशील रघुवंशी, आशीष अग्रवाल, उमेश बिष्ट, दीपक राजपूत, संदीप सिंह शामिल रहे। संचालन शोभा भंडारी ने किया।


 

पुलिस पर दबाब डालकर उत्पीडऩ करने का आरोप

काशीपुर। जादूगर फन्ने खां ने कुछ लोगों पर पुलिस पर दबाब डालकर उत्पीडऩ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर कहा है कि प्रेमी युगल के फरार होने के मामले में युवती के परिजन उन पर अनर्गल आरोप लगा रहे है, और धन की मांग कर रहे है। एसएसपी को पत्र भेजकर जादूगर फन्ने खां ने कहा है कि वह अपनी कला का प्रदर्शन कर बामुश्किल अपना जीवन यापन करता है। बीती एक जनवरी को केलाखेड़ा के गांधीनगर निवासी सुरेश की पुत्री प्रेेम प्रसंग के चलते उसके दूर के रिश्तेदार अबरार के साथ चली गई थी। दवाब पडऩे पर उसने अपना कामकाज छोड़ कर करीब एक माह की ढूंढ खोज के बाद उक्त युवती को पंजाब से लाकर 2 फरवरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परन्तु पखवाड़े बाद ये प्रेमी युगल पुन: घर से फरार हो गया। जबकि वह पूर्व में ही अबरार के साथ अपने सारे संबंध तोड़ चुका है। फन्ने खां का आरोप है। कि युवती के परिजन उसे बदनाम करने के लिए उस पर झूठे आरोप लगा रहे है। इतना ही नही वे लोग पुलिस पर दबाव बनाकर उसे नाजायज तंग कर रहे है। उसका आरोप है कि युवती के परिजनों द्वारा उससे 70 हजार रूपये की मांग की जा रही है। उसने इस मामले में जांच करा कर उचित कार्यवाही की मांग की है।  



 

पुलिस ने शराब की तस्करी में तीन को रंगे हाथ पकड़ा

ऋषिकेश । कोतवाली पुलिस ने शराब तस्करी में लिन्त तीन लोगों को दबोच लिया। पुलिस ने तस्करों के खिलाफ सम्बन्धित धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। गश्त के दौरारन हरिद्वार बाईपास मार्ग पर मनसा देवी फाटक के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो लोगों को पकडा। उनके पास से पांच-पांच लीटर के प्लास्टिक के कैन में कच्ची शराब बरामद हुई। पुलिस ने उनकी पहचान बलजीत सिंह और कुन्दन सिंह निवासी मनसा देवी के रुप में कराई। उधर आईडीपीएल कैनाल गेट के पास पुलिस ने कृष्णानगर कालोनी निवासी नन्द किशोर को अवैध शराब के साथ धर दबोचा।



 

सौंग नदी में मिली लाश की शिनाख्त को लेकर रायवाला पुलिस परेशान

ऋषिकेश । पिछले बुधवार को रायवाला थानान्तर्गत  बोक्सा बस्ती प्रतीतनगर स्थित  सौंग नदी में मिली सिरकटी लाश को लेकर पुलिस प्रशासन में हडकंप मचा है। जिसकी शिनाख्त को लेकर पुलिस ने हरियाणा और राजस्थान की बसों में भी पम्फलेट चस्पा कर दी है लेकिन देहरादून और हरिद्वार जनपद के सभी थानों और चौकियोंं की खाक छानने के बाद भी रायवाला पुलिस  कोई सुराग लगाने में असफल रही है ज्ञात रहे कि बीते दिवस रायवाला थानान्तर्गत सौंग नदी से एक युवक की सिरकटी लाश पुलिस ने बरामद की थी। सन्ताह भर बाद भी लाश को लेकर रहस्य बना हुआ है। पुलिस ने दून और सीमावर्ती क्षेत्रों के थानों और चौकियों के रिकार्ड खंगाले मगर कोई सुराग नहीं मिल पाया। जिसे लेकर अब पुलिस टीम हरियाणा और दिल्ली भी भेजी गई थी। लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। थानाध्यक्ष नवीन चन्द्र समेवाल का कहना है कि लाश कद काठी से राजस्थान और हरियाणा की प्रतीत होती है। लिहाजा उत्तराखण्ड में आने वाली इन बसों में सिरकटी लाश के बाबत पम्फलेट चिपकाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि लाश का डीएनए सुरक्षित रखवा दिया है। ताकि शिनाख्त के लिए आने वाले सम्बन्धित व्यक्ति से डीएनए का मिलान किया जा सके।


 

विदेशी महिला से किये गये बलात्कार की पुष्टि डाक्टरी परीक्षण में भी हुई।

ऋषिकेश । मैक्सिको से भारत में योग सीखने आई 30 वर्षीय विदेशी महिला के साथ बलात्कार किये जाने के बाद महिला की तहरीर पर कराई गई डाक्टरी परीक्षण में महिला से बलात्कार करने किये जाने की पुष्टि होने पर अरोपी के विरुद्घ 14 विदेशी अधिनियम के तहत एक गाइड के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रान्त समाचार के अनुसार मैक्सिकों से तीन दिन पूर्व योग सीखने आई महिला से आश्रम में ठहरें एक गाइड द्वारा बलात्कार किया गया था। बलात्कार किये जाने से पूर्व गुमानीवाला श्यामपुर निवासी हिमांशु थपलियाल जो कि गाइड का काम करता था एक्त महिला को अपनी बाइक से नरेन्द्रनगर व फकोट घुमाने भी ले गया था और वापस आश्रम में पहुंचने से पूर्व बैराज लक्ष्मधझूला मार्ग पर बलात्कार किया था। बलात्कार की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में भी हुई है जिन्होनें पहले शराब भी पी थी। 

 

250 गांवों को तीन वर्षो से नहीं मिला एससीपी का धन

पिथौरागढ़।  सीमांत जिले पिथौरागढ़ के 250 अनुसूचित बाहुल्य गांवों को पिछले तीन वर्षो से स्पेशल कम्पोनेंट प्लान की धनराशि नहीं मिली है। इससे इन गांवों का विकास ठप हो गया है। खिन्न गांवों के लोगों ने अब सडक़ों पर उतरने का निर्णय लिया है।
 
सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कुमार की अगुवाई में अनुसूचित बाहुल्य गांवों के युवाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के लिए स्पेशल कम्पोनेंट प्लान के तहत मिलने वाली धनराशि पिछले तीन वर्षो से जिले में नहीं दी गई है। इससे जिले के 250 गांवों में पैदल मार्ग, पानी, बिजली जैसी समस्याओं का अम्बार लग गया है। इससे अनुसूचित जाति के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि इससे साबित हो गया है कि सरकार की मंशा अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के विकास की नहीं है। ज्ञापन में स्पेशल कम्पोनेंट प्लान का पैसा शीघ्र नहीं दिये जाने पर युवाओं ने सडक़ों पर उतरने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में अर्जुन प्रसाद धौनी, मनोज कुमार, अजय कुमार, संदीप कुमार, सुनील कुमार, आरएन कुमार, आनंद प्रसाद, हयात प्रसाद, प्रकाश टम्टा, रोशन कुमार आदि शामिल थे।


कांग्रेसी गरजे, पिथौरागढ़ में प्रदर्शन

पिथौरागढ़।  जिले की बंद पड़ी सडक़ों को खोलने में हो रहे विलम्ब से खिन्न कांग्रेसियों ने गुरुवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने कहा कि शासन-प्रशासन को आम जनता की कोई चिंता नहीं रह गई है। कांग्रेस इस उदासीनता को बर्दाश्त नहीं करेगी।
 
कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेन्द्र सिंह लुंठी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में एआईसीसी सदस्य रवीन्द्र सिंह बिष्ट मालदार ने कहा कि सीमांत जिले में अब भी 20 से अधिक सडक़ें बंद पड़ी हैं। इन क्षेत्रों में खाद्यान्न, रसोई गैस, केरोसिन नहीं पहुंच पा रहा है। इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। लम्बे समय बाद भी सडक़ें नहीं खुलने से साबित हो गया है कि जिले का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह फेल हो गया है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सडक़ें बंद होने से जिले की आम जनता त्रस्त है, लेकिन प्रशासन को जनता के हितों से कुछ लेना देना नहीं है। सडक़ें शीघ्र नहीं खोलने पर कांग्रेस ने उग्र आंदोलन छेडऩे की चेतावनी दी है। सभा को पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, नगर अध्यक्ष पवन पाटनी, भीम सिंह सौन, मो.आसिफ सलमानी, मुस्तकीम, रमेश चंद, डीडी उपाध्याय, सुधीर चौहान, धीरेन्द्र चौहान, मदन सन्याल, रमेश बिष्ट, दर्शन फुलेरिया, भुवन जोशी, अनिल माहरा, रमेश पुनेड़ा, लक्ष्मण सिंह बसेड़ा आदि ने सम्बोधित किया।



सडक़ योजना में लाखों का गोलमाल!

गोपेश्वर। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत बनने वाली सडक़ें इंजीनियरों व ठेकेदारों के लिए दुधारू गाय बनी हैं। जिले के घाट ब्लॉक में प्रकाश में आये मामले से तो यही लगता है। करीब पौने ग्यारह किमी लंबी सडक़ बनाने को अभियंताओं ने प्रारंभिक आगणन से भी अधिक खर्चा कर दिया, लेकिन धरातल पर अभी तक पचास प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। अब अभियंता 1 करोड़ 19 लाख रुपये फिर शासन से झटकने की फिराक में है। हालांकि शासन स्तर पर इसकी मुख्य अभियंता स्तर की जांच बैठा दी है।
 
चमोली जिले में विकास से पिछड़े क्षेत्र घाट के मटई, खलतरा, ग्वाड़, भीमलतला, मल्ला मटई, हितमोली, किरतोली, क्वीराली, बैरासकुंड को सडक़ सुविधा से जोडऩे के लिए वर्ष 2004 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के तहत मोलागाढ़-मटई मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली थी। तब अभियंताओं ने 10.84 किमी इस प्रस्तावित सडक़ का सर्वे कर इस सडक़ के निर्माण सहित पक्कीकरण- डामरीकरण के लिए 1 करोड़ 79 लाख का आगणन प्रस्तुत किया था। सरकार ने भी आगणन के अनुरूप धनराशि स्वीकृत कर निर्माण शुरू कराया। तब सरकार व जनता को जरा भी गुमान नहीं था कि यह राशि बेकार ही जाया होगी। वर्ष 2006 में पीएमजीएसवाइ पोखरी के अभियंताओं ने ठेकेदार से मिलकर यह राशि ठिकाने लगाने जैसा ही काम किया और जेसीबी से बैरासकुंड तक खोदकर कच्ची सडक़ निर्माण कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर दी। अभियंताओं ने यह राशि सडक़ निर्माण के लिए कम बताते हुये 48 लाख शासन से फिर झटक लिये। सडक़ मात्र तीन किलोमीटर से आगे नहीं बढ़ी। बाद में जब ग्रामीण निर्माण एजेंसी के खिलाफ आंदोलन के लिए सडक़ों पर उतरे तो तब अभियंताओं ने मोलागाढ़ से तीन किलोमीटर की दूरी पर हार्ड रॉक निकलने का तर्क देकर खुलासा किया कि 1.19 लाख रुपये की मांग शासन से और की गई है। इस सडक़ निर्माण पर पीएमजीएसवाइ ने 1 करोड़ 90 लाख का भुगतान भी कर दिया है।
 
सडक़ निर्माण की जमीनी हकीकत सामने आने पर शासन ने भी पीएमजीएसवाइ के अभियंताओं के खिलाफ जांच बैठा दी है। शासन ने मामले की जांच लोक निर्माण विभाग कुमाऊं मंडल के चीफ इंजीनियर स्तर 2 को सौंपते हुये जानना चाहा है कि आखिर जब सडक़ को 1 करोड़ 79 लाख में बनना था तो पहले 48 लाख रुपये और अब 1 करोड़ 19 लाख रुपये की मांग अभियंताओं ने क्यों की है। साफ है कि आगणन से दोगुने तक की राशि सरकार से मांगने के इस गोरखधंधे में खाली पीएमजीएसवाइ के अभियंता ही शामिल नहीं है। अब मामले में जनता के आंदोलन व जांच से निर्माण एजेंसी में हडक़ंप मचा है।
 
क्षेत्र पंचायत सदस्य भाष्कर पुरोहित का कहना है कि इस ग्रामीणों का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि दूरस्थ क्षेत्रों में यातायात सुविधा प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना भी नहीं दिला पाई है। सडक़ निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। और जनता अपने को ठगा सा महसूस कर रही है। निर्माण व जांच के बीच जनता को सडक़ सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है।'
 
पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता यतेन्द्र सिंह ने आरएनएस संवाददाता से कहा कि सडक़ स्वीकृति के समय हार्ड रॉक 20 क्यूसेक मीटर ही दर्शाया गया था। लेकिन सडक़ निर्माण के दौरान हजारों क्यूसेक मीटर पक्की चट्टान होने के चलते सडक़ निर्माण आगणन के अनुसार नहीं हो पाया। अब शासन से अतिरिक्त धन की मांग की गई है। शासन ने मुख्य अभियंता स्तर की जांच बैठाई गई है। जांच के बाद ही यह कह पायेंगे कि सडक़ निर्माण का कार्य कैसे होगा।'



अमित गुमशुदगी प्रकरण: पुलिस से उठा भरोसा, टूटने लगी आस

देहरादून। २७ जुलाई से लापता अमित शाह को तलाश करने में अब डालनवाला पुलिस ने भी अपने हाथ पीछे कर लिए हैंं। अमित के परिजनों को एक आस पुलिस से ही थी जो कि धीरे-धीरे मंद पडऩे लगी हैं। वहीं अपने स्तर पर भी हर संभव प्रयास करने के बावजूद अमित का कुछ सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने अमित से मिलने वाले हर उस शख्स से अनुनय-विनय कर लिया है जो कि अमित के करीब रहा है। इधर पुलिस अधिकारी अभी भी यह कहने से पीछे नहीं हट रहे हैं कि अमित की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
 
आईआईपीएम का एडमिशन हैड अमित शाह निवासी अधोईवाला एक ऐसा रहस्य बना गया है जिसकी तलाश में पुलिस भी धूल फांक चुकी है। शुरूआती दौर से ही डालनवाला पुलिस इस मामले को बेहद लापरवाही से लेती रही और गुमशुदगी की सूचना मिलने के बावजूद कछुवा गति चलती रही। यहां तक कि अमित की कार भी उसके साथियों ने आईएसबीटी से बरामद करा कर पुलिस को दी। अमित के संपर्क में आए कुछ संदिग्ध लोगों से भी पुलिस बेहद ‘याराना’ स्टाईल में पूछताछ करती रही जिसका परिणाम कुछ नहीं निकला। लगभग एक माह होने को है और इस मामले में डालनवाला पुलिस अंधेरे में ही तीर मार रही है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पुलिस ने इस पूरे प्रकरण से अपने ही हाथ ही पीछे खींच लिए हैं। अपने सारे हथकंडे डालनवाला पुलिस अपना चुकी है लेकिन अमित के बारे में अभी तक पुलिस की जांच अधर में ही लटकी है।
 
परिजनों की आस भी पुलिस की जांच से अब उठ चुकी है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस भी इस मामले में अब अधिक रूचि नहीं ले रही है और केवल टालमटोल ही की जा रही है। हर बार थाने में जाने पर पूछताछ करने पर केवल टालू रवैया ही अपनाया जा रहा है। वहीं डालनवाला पुलिस का कहना है कि इस मामले में हर परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और प्रकरण पूरी तरह से ‘रनिंग’ में ही है। अमित के बारे में जानकारी लेने के लिए सीमांत जिलों, राज्यों एवं दिल्ली पुलिस से भी संपर्क रखा गया है जिससे कि किसी भी प्रकार की कोई जानकारी आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। बहरहाल यह गुमशुदगी का यह हाई प्रोफाईल मामला पुलिस की अधकचरी जांच एवं परिजनों की आस के बीच ही झूल रहा है।
 

दहेज की खातिर दो महिलाओं से मारपीट

देहरादून। दो अलग-अलग मामलों में दहेज न लाने पर एक विवाहिता की जमकर पिटाई की गयी एवं उसे जान से मारने की धमकी दी गयी। महिला की शिकायत पर उसके पति एवं अन्य ससुरालियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गयी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है जबकि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

पुलिस को दी गयी शिकायत में तेग बहादुर रोड निवासी श्रीमती सोमिया प्रियदर्शिनी ने बताया कि उसका विवाह वर्ष ०९ में सुमित ओबराय के साथ हुआ था और शादी में उसके पिता ने अपनी सामथ्र्य के अनुसार दान-दहेज दिया था लेकिन शादी के बाद से ही उसे दहेज लाने के लिए परेशान किया जाने लगा। दहेज देने में असमर्थता जाहिर करने पर उसके साथ मारपीट की जाने लगी एवं उसके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया जाने लगा। रोज-रोज की मारपीट से परेशान होकर सोमिया अपने पिता के घर आ गयी। सोमिया की शिकायत पर उसके पति सुमित ओबराय, सास वीणा, ससुर वेदप्रकाश एवं ननद के खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी है। वहीं एक अन्य मामले में इंदर रोड निवासी भूरा ने अपने दामाद पर उसकी पुत्री को दहेज के लिए परेशान करने एवं मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। भूरा के अनुसार उसकी पुत्री पराह की शादी दिलशाद के साथ हुई थी और शादी के बाद से ही यह लोग उसे परेशान करने लगे थे।




 

दून में चोरों का आतंक जारी, सर्राफ की दुकान पर हाथ साफ

देहरादून। एक दिन पूर्व ही जहां चोरों ने घर में सो रहे लोगों का बेहशी की दवा सुंघा कर लाखों के माल पर हाथ साफ कर दिया था वहीं इस बार ताले तोड़ कर चोर गिरोह ने सर्राफ की दुकान पर हाथ साफ कर दिया। चोर अपने साथ हजारों के जेवरात व नगदी ले गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

 

चोरी की यह घटना २३ अगस्त की रात अंजाम दी गयी। डाकरा बाजार में कौशल ज्वेलर्स की दुकान है जिसकी स्वामी श्रीमती रंजीत कौर हैं। रोज की ही तरह रात को वह दुकान बंद कर अपने घर गयीं थीं। कल सुबह जब दुकान खोलने के लिए आईं तो दुकान के ताले टूटे हुए पाए गए। सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का मुआयना किया। दुकान स्वामी ने पुलिस को बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से वह सोने के जेवरात एवं नगदी को अपने साथ घर ले जाती थीं लेकिन चांदी के एवं कृत्रिम जेवरात दुकान में रहते थे। यह सभी जेवरात दुकान से चोरी हो चुके हैं जिनकी कीमत लगभग तीस हजार बताई जा रही है। वहीं सर्राफ की दुकान में चोरी के बाद स्थानीय लोगों में भय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पुलिस यहां क्षेत्र में गश्त नहीं करती है जिस कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं।
 
वहीं कैंट पुलिस को कल रात एक चोर को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। केहरी गांव माजरा में रात्रि गश्त के दौरान एक संदिग्ध युवक को देख कर पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से चोरी करने के औजार बरामद किए गए। पूछताछ में इस युवक ने अपना नाम इम्तियाज निवासी बिजनौर बताया। पुलिस के अनुसार इम्तियाज रात के समय चोरी करने की नीयत से एक दुकान के पीछे छिपा हुआ था। 



 

महिला शराब तस्करों ने पुलिस के किए होश फाख्ता

देहरादून। ऋषिकेश में महिला शराब तस्करों से कल फिर पुलिस का लुकाछिपी का खेल चलता रहा। रायवाला, रानीपोखरी और डोईवाला से देशी शराब के खेप लाने वाली ऐसी दो महिलाएं पुलिस के हाथ लगीं जबकि महिलाएं अपने काम में सफल रहीं। पुलिस के अनुसार दोनों महिलाओं के पास से लगभग पचास पव्वे देशी शराब के बरामद किए गए हैं।

अवैध शराब के खेल में महिलाओं का पूरा वर्चस्व चल रहा है। लगभग एक दर्जन से अधिक महिलाएं इन दिनों शराब के खेल में लाखों कमा रही हैं। पुलिस के लाख  प्रयासों के बाद भी इन महिला तस्करों पर लगाम नहीं कस पा रही है। शराब तस्करी में लिप्त दो और महिलाएं कल पुलिस की गिरफ्त में चढीं। आशुतोष नगर तिराहे के पास चैकिंग के दौरान इन दोनों महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। दोनों महिलाओं की तलाश्ीा ली गयी तो इनके पास से पचास पव्वे देशी शराब के बरामद किए। बताया जा रहा है कि इन्हीं के साथ कुछ और महिलाएं भी थीं जो कि पुलिस को चकमा देने मे कामयाब रहीं और सैकड़ों पव्वे ले ठिकाने लगा गयीं। वहीं पुरानी चुंगी के पास से कमलनाथ निवासी काली की ढाल को भी १५ पव्वे देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है।

मालूम हो कि ऋषिकेश क्षेत्र में पुलिस के बढते दबाव के बाद शराब तस्करी में महिलाओं ने अपने हाथ आजमाना शुरू किया। इस कड़ी में महिलाओं ने ऋषिकेश के कई क्षेत्रों को अवैध शराब से पाट दिया है। एक ही दिन में हजारों की शराब ठिकाने लगाने वाली इन महिलाओं के खिलाफ ऋषिकेश पुलिस गैंगस्टर तक की कार्रवाई कर चुकी है लेकिन अभी तक पूरी तरह से इन शातिर महिलाओं पर रोक नहीं लग पाई है। असल में अवैध शराब की तस्करी का यह धंधा इन महिलाओं के पति करते थे लेकिन पुलिस की नजर में आने के बाद इनकी पत्नियां इस धंधे में उतर गयीं। शुरूआत तक बिना किसी पकड़ के धंधा चलता रहा, पुलिस की सख्ती के बावजूद खुल कर शराब बिकती रही और पुलिस परेशान रही। लेकिन धीरे-धीरे राज खुला तो पता लगा कि इस धंधे को अब पुरूष नहीं बल्कि महिलाएं चला रही हैं।
इन महिला तस्करों की हरकतें इस प्रकार से बढ चुकी थीं कि आखिर पुलिस को एक दर्जन से अधिक महिलाओं के खिलाफ गैंगस्टर तक लगानी पड़ी जबकि कुछ महिलाओंं पर तो आबकारी अधिनियम के सौ से अधिक मामले दर्ज हो चुके थे। ऋषिकेश में अवैध शराब की तस्करी का धंधा अभी भी जारी है। महिला शराब तस्करों के मंसूबों के आगे ऋषिकेश पुलिस के प्रयास बेकार ही साबित हो रहे हैं।

 

अब अन्ना की आंधी में शामिल हुए बैंक कर्मी

देहरादून। भ्रष्टाचार के खिलाफ दून के बैंक कर्मी भी कमर कसकर अन्ना के पक्ष में खड़े हो गए हैं। शहरभर में रैली निकालकर उन्होंने अपने मजबूत इरादों को जाहिर भी किया। इसकी शुरुआत वे अपने प्रतिष्ठानों से करेंगे।
 
बुधवार को उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के नेतृत्व में सैकड़ों बैंक कर्मचारी जन लोकपाल बिल की मांग को लेकर सडक़ों पर उतर पड़े। भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना के समर्थन में संगठन ने गांधी पार्क से घंटाघर तक रैली निकाली। हाथों में स्लोगन लिखे बैनर और तिरंगा लिए जब सैकड़ों की संख्या में बैंक कर्मचारियों ने अन्ना हजारे जिंदाबाद के नारे लगाए तो आसपास के लोगों में भी जोश भर उठा। वे अन्ना की आवाज बुलंद करने लगे।
 
इस दौरान संगठन के सचिव जगमोहन मेंदीरत्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार का सफाया सभी सदस्य अपने-अपने बैंकों से करेंगे। जिला संगठन अध्यक्ष अनिल जैन ने जन लोकपाल के प्रति केंद्र सरकार के रवैये पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार कमजोर लोकपाल को लाने पर तुली है। इस तरह के दंत विहीन कानून पहले ही बहुत हैं। अब यदि कोई कानून आएगा तो वह अन्ना का जन लोकपाल होगा। रैली में एमएस रजवाड़, सह सचिव बीपी सुन्दरियाल, भगवंत सिंह, आरके गैरोला, राजन पुंडीर, केएल भट्ट, अनिल डंगवाल, बीडी नौटियाल, विनय कुमार शर्मा, डीएन उनियाल आदि थे।


 

मारपीट करने वाले होटल मैनेजमेंट व बीटेक के चार छात्र निलंबित

देहरादून। सोमवार देर रात  ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के छात्र गुटों में हुई मारपीट के मामले में प्रशासन ने होटल मैनेजमेंट व बीटेक के चार छात्रों को निलंबित कर दिया है। अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किए गए इन छात्रों के परिजनों को भी सूचना भेज दी गई है। साथ ही विवि प्रशासन का दावा है कि इस घटना को छात्रों ने आपसी विवाद में रैगिंग की अफवाह फैला विवि को बदनाम करने की कोशिश की।

क्लेमनटाउन थाना क्षेत्र स्थित ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के होटल मैनेजमेंट व बीटेक के दो छात्र गुटों में सोमवार देर रात सोसायटी एरिया व आइएसबीटी के समीप रेस्टोरेंट में जमकर मारपीट हो गई थी। इसमें एक गुट के आधा दर्जन छात्र जख्मी हो गए थे। मंगलवार को दून अस्पताल में भर्ती छात्रों का आरोप था कि होटल मैनेजमेंट सेकंड इयर के छात्र फ्रेशर की रैगिंग ले रहे थे। बीच-बचाव के दौरान उन्होंने थर्ड इयर के छात्रों पर हमला कर दिया। हालांकि, विवि प्रशासन ने इसे आपसी विवाद बताया था।
 
बुधवार को मीडिया को जारी बयान में विवि के ओएसडी सुभाष गुप्ता ने बताया कि विवि प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोप में चार छात्रों को निलंबित कर दिया है। श्री गुप्ता ने बताया कि होटल मैनेजमेंट के दो सीनियर छात्रों को आधी रात सडक़ पर घूमने, झगड़ा करने, विवि प्रशासन को सूचना न देने और रैगिंग की झूठी कहानी बनाकर माहौल बिगाडऩे की कोशिश करने के आरोप में निलंबित किया गया है। साथ ही दो अन्य छात्रों को मारपीट और माहौल बिगाडऩे के आरोप में निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि विवि में रैगिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। रैगिंग रोकने के लिए दो सौ शिक्षकों का एंटी रैगिंग स्क्वॉड है, जो सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक विवि, छात्रावास व आसपास के इलाकों में गश्त करता है।



 

325 मतदाता विकासनगर में नहीं डाल पाएंगे वोट

विकासनगर। जौनसार-बावर के तीन सौ पचीस मतदाता अब विकासनगर में वोट नहीं डाल पाएंगे। एसडीएम के निर्देश पर इन मतदाताओं के नाम डाटा एंट्री से हटा दिए गए हैं। वहीं, विकासनगर और चकराता विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों का सत्यापन कार्य भी शुरू हो गया है।

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इन दिनों मतदाता सूचियों का सत्यापन किया जा रहा है। इस के तहत एसडीएम इला गिरी ने शुरुआती दौर में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के तहत 625 जौनसारी मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने ने इन मतदाताओं से विकासनगर या चकराता में से किसी एक विधानसभा क्षेत्र में नाम दर्ज कराने को कहा। एसडीएम के निर्देश पर रजिस्ट्रार कानूनगो देवराज पुंडीर ने 325 जौनसारी मतदाताओं के नाम डाटा एंट्री से डिलीट कर दिए हैं। यह मतदाता अब चकराता विधान सभा क्षेत्र में ही वोट डाल सकेंगे। इसके अलावा विकासनगर और चकराता विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों का सत्यापन किया जा रहा है। एसडीएम के अनुसार निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची का सत्यापन कार्य जारी है। जिन मतदाताओं के नाम विकासनगर और चकराता दोनों विधानसभा क्षेत्र में दर्ज हैं, वे अब एक स्थान पर ही मतदान कर सकेंगे। एसडीएम ने बताया कि अधिकांश जौनसारी मतदाताओं ने चकराता में मतदान करने की इच्छा जताई है।


 

डक्टर की हत्या की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को सफलता

विकासनगर। एक सप्ताह पूर्व धर्मावाला में हुए डक्टर की हत्या की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस ने सफलता हासिल कर ली है। इस मामले में तीन को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार व खून से सने कपडे बरामद कर लिए हैं। प्रारम्भिक पूछताछ में हत्या का मकसद व्यावसायिक रंजिश बताया गया हैं। 
 
गौरतलब है की धर्मावाला निवासी डॉक्टर प्रशांत बख्शी पुत्र अधीर बख्शी की 15 अगस्त की रात को चाकू से प्रहार कर उनके क्लीनिक में ही हत्या कर दी गयी थी, जिसकी जानकारी सुबह मिली। डक्टर के घर से कोई भी कीमती सामान गायब नहीं हुआ था और तो और डक्टर के गले में पडी सोने की चैन को भी छुआ तक नहीं गया था, इसीलिये पुलिस एक अलग थ्योरी पर काम कर रही थी। बुधवार को पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी, जब डक्टर की हत्या के मास्टर माइंड के साथ साथ हत्या में शामिल उसके दो साथियों को भी सहसपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
 
मिली जानकारी के अनुसार मेहरबान पुत्र वहीद निवासी सनेटी बेहट सहारनपुर उत्तर प्रदेश, जो की पिछले कुछ समय से धर्मावाले में ही रहकर अपनी डक्टरी की दुकान चला रहा था, इस बात को लेकर बड़ा परेशान था कि मृत डक्टर प्रशांत बख्शी के आने के बाद उसकी दुकान ठप्प हो गयी थी। मरीज इस इलाके के पुराने डक्टर मेहरबान को छोडक़र प्रशांत बख्शी के ही गुण गाते थे। बस इसी बात से मेहरबान इस हद तक चला गया की उसने प्रशांत को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। इसके लिए उसने जीशान पुत्र इन्द्रीश निवासी धर्मावाला व याकूब पुत्र इरशाद निवासी ढकरानी दोनों थाना सहसपुर को अपने साथ लेकर प्रशांत की हत्या की साजिश रच डाली। 
 
15 अगस्त की रात को जब तेज बारिश हो रही थी, तो तीनो मिलकर प्रशांत के धर्मावाला निवास स्थान स्थित क्लिनिक पर पहुंचे, जहाँ उनमे से एक आदमी ने मरीज बनकर प्रशांत के क्लिनिक में दाखिला लिया व डक्टर से अपने लिए दवाई भी बनवा ली। तभी उसके बाकी दो साथियों ने भी क्लिनिक में प्रवेश कर लिया उनमे से दो लोगों ने प्रशांत को दबोचकर उसका मुह बंद कर दिया, जबकि तीसरे ने छूरे से हत्या कर दी। तीनो आरोपी 20 से 25 साल की उम्र की बीच बताये जा रहे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छूरा व खून से सने कपड़ों को धर्मावाले से बरामद कर लिया है। 




 

अन्ना का बिल कांग्रेस को धराशायी करने में सफल होगा-चन्द्रशेखर

ऋषिकेश । भ्रष्टाचार व जनलोकपाल बिल को लेकर केन्द्र सरकार के विरुद्घ अन्ना हजारे के आन्दोलन के समर्थन में तीर्थनगरी ऋषिकेश के बुद्घिजीवियों सहित विभिन्न सामाजिक व व्यवसायिक संगठनों द्वारा एकमंच पर आकर संयुक्त रुप से नगर में विशाल रैली निकाली गई। रैली का प्रारम्भ नगरपालिका प्रागंण से किया गया। नगर के विभिन्न मार्गाे से होते हुये प्रदर्शनकारी त्रिवेणी घाट के आस्थापथ पर पहुंचकर मोमबत्ती जलाकर व हस्ताक्षर कर रैली का समापन किया गया। जिसका नेतृत्व सीए चन्द्रशेखर शर्मा, दिनेश कोठारी,, प्रदीप गुन्ता, रोहित गुन्ता, अजय भटनागर, हरपाल सिंह, अनिल द्विवेदी, अशोक अग्रवाल, विशन खन्ना, संजय व्यास, रवि जैन, प्रमोद कुमार शर्मा अमित कौशल, ओमप्रकाश पांडे आदि कर रहे थे। जिनके द्वारा लगाये गये भारतमाता की जय व वन्दे मातरम् के नारों से नगर की सडक़े गुंजायमान हो रही थी। रैली के समापन होने से पूर्व उपस्थिति को सम्बोधित करते हुये चन्द्रशेखर शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार की तानाशाही के दम पर गांधीवादी आन्दोलनों को कुचलना चाहती है जो कि भारत के लोकतन्त्र में निंदनीय ही नही अपितु अपराध भी माना गया है। अन्ना के जनलोकपाल बिल को केन्द्र सरकार कागज के टुकड़े मात्र समझकर उसका अपमान करने पर तुली है लेकिन यह कागज के टुकड़े ही एक दिन कांग्रेस को जलाकर राख कर देगें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार शीइा्र ही अन्ना के बिल को संसद के पटल पर रखकर उसे पारित कराकर देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराये। 


 

अन्ना का अनशन देश में बदलाव की स्थिति की ओर इशारा कर रहा है-तेजपाल

ऋषिकेश । गाय, गंगा हिमालय बचाओं राष्ट्रीय अभियान समिति के मुख्य महासचिव बाबा तेजपाल ने कहा है कि अन्ना हजारे का अनशन देश में बदलाव की स्थिति पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार तानाशाही रवैया छोडक़र तुरन्त अन्ना की मांगों पर न्यायोचित हल निकालने की पहल करें। बाबा तेजपाल ने कहा कि 64 साल आजादी के बाद आज आम आदमी ये सोचने को मजबूर है कि देश में सिर्फ भ्रष्टाचार के लिए आजादी मिली और इसको सरकारी संरक्षण मिलता रहा है। भ्रष्टाचार के खात्में के लिए जन लोकपाल को कानूनी रुप दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में आम जनता के पैसे की लूट के लिए जिम्मेदार सरकारों को राज करने का कोई अधिकार नहीं है। राजनीतिज्ञों को सलाह देते हुये बाबा ने कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन में शुचिता लाए और पारदर्शी बने। बाबा तेजपाल ने यह भी कहा कि अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के अभियानों को पर्यान्त सहयोग दिया जाये। लोकतन्त्र को डंडातन्त्र बनाने के लिए बाबा ने केन्द्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि देश के ईमानदार प्रधानमंत्री के राज में सबसे अधिक बेईमान हो रही है। इससे यही साबित होता है कि इसके लिए व्यक्ति दोषी नहीं है बल्कि व्यवस्था दोषी है। अत: व्यवस्था परिवर्तन होना जरुरी है। अन्ना और रामदेव का आन्दोलन इसी व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में सार्थक कदम हो सकता है।




 

वाहन चोर पुलिस के लिए सिरदर्द बने

रुद्रपुर। वाहन चोर पुलिस के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। इस बार चोरों ने जन्माष्टमी की शोभायात्रा देखने आए युवक की मुख्य बाजार से मोबाइक उड़ा ली। इस मामले की तहरीर पुलिस को सौंप दी गई है। जानकारी के अनुसार भूरारानी निवासी इंद्रमोहन पुत्र प्रवेश कुमार निवासी भूरारानी रविवार की शाम जन्माष्टमी की झांकियां देखने मुख्य बाजार पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी मोबाइक यूए०६-एन-४७३१ अग्रवाल धर्मशाला वाली गली में खड़ी कर दी। थोड़ी देर बाद लौटे तो मोबाइक गायब थी। मामले की तहरीर पुलिस को सौंप दी गई है। कुल मिलाकर शहर में बढ़ती वाहन चोरियां पुलिस के लिए सिरदर्द बनती जा रही हैं। 



 

बिजली कटौती से गुस्साये लोगों ने अवर अभियंता का घेराव किया

रुद्रपुर। अघोषित बिजली कटौती से गुस्साये ट्रांजिट कैंप के लोगों ने विभाग के अवर अभियंता का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने लाइनमैन पर भी अनदेखी का आरोप लगाते हुए व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। ट्रांजिट कैंप के लोग सोमवार को सभासद दिलीप अधिकारी के नेतृत्व में विद्युत विभाग पहुंचे और जेई आशीष काला का घेराव किया। इस दौरान उनका कहना था कि लाइनमैन के सुविधा शुल्क लेकर लाइन जोडऩे के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा है। इसके चलते रोजाना विद्युतापूर्ति बाधित हो रही है। उमस भरी गर्मी में विद्युत व्यवस्था बाधित रहने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समस्या से निजात दिलाने की मांग करते हुए क्षेत्र में दो और ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने पर जोर दिया। इस पर जेई श्री काला ने शीघ्र ही समाधान का भरोसा दिलाया। घेराव करने वालों में सीता राम, सुरेश तिवारी, शुभम अधिकारी, राहुल वर्मन, मदन डे, किरन डे, सुरजीत शर्मा, मनोज दास, शंकर, कृष्ण पद, रमन वर्मन, सुजय, विकास बाछाड़, रतन मंडल, सुकुमार अधिकारी, सुकुमार दास, अनाल सरकार, सुब्रत राय आदि शामिल थे। 

 

विभिन्न सडक़ दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत

काशीपुर। विभिन्न सडक़ दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत के मामले में दुर्घटना के आरोपी रोडवेज बस चालक व ट्रैक्टर-ट्राली चालक के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराये जाने पर पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेते हुए रोडवेज बस चालक को गिरफ्तार कर लिया है। बतादें कि वैशाली कालोनी निवासी छोटी देवी (६५) पत्नी तेजराम सोमवार को प्रात: अपने पौते रवि के साथ तीर्थ द्रोणासागर में पूजा अर्चना कर रवि  के साथ घर वापिस जा रही थी कि गौराया पेपर मिल के निकट रवि की साईकिल एक खड्ड में गिर जाने से छोटी देवी छिटककर सडक़ पर जा गिरी। इसी दौरान उधर से गुजर रही ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से छोटी देवी की मौत हो गयी थी। इस मामले में रवि के चाचा  उमरपाल पुत्र तेजराम ने ट्रैक्टर संख्या यूए०६एच-०९६४ के चालक के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, ग्राम गढ़ीगंज निवासी दयाराम सिंह (५०) पुत्र गोपाल अपने साढू रामकिशन (६०) के साथ साईकिल से रामनगर रोड की ओर से अपने गांव वापिस लौट रहे थे कि गौशाला मोड के पास अनियंत्रित गति से जा रही एक रोडवेज बस संख्या यूके०६पीए-०९३१ ने उनकी साईकिल को रौंदते हुए दोनों को घायल कर दिया था। इस दुर्घटना में दयाराम सिंह की मौके पर ही मौत हो गयी थी। जबकि रामकिशन की उपचार के दौरान मौत हो गयी। इस मामले में मृतक दयाराम सिंह के पुत्र कमल कुमार द्वारा दुर्घटना के आरोपी बस चालक ग्राम रम्पुरा निवासी सुरजीत सिंह के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा स्थानीय एक पेपर मिल में कार्यरत शाहजहांपुर निवासी अनूप कुमार (२५) पुत्र राजकुमार महुआखेड़ागंज की ओर मोटरसाईकिल से जा रहा था कि अचानक उसकी मोटरसाईकिल असंतुलित होने पर वह सडक़ पर गिर पड़ा। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। 

 

विदेश में बसे युवक का दोस्त बन कर लाखों हड़पे

देहरादून। दोस्ती का वास्ता देकर एक व्यक्ति ने ढाई लाख का चूना लगा दिया तो वहीं खुद को पुत्र का दोस्त बता कर एक युवक ने वृद्धा से जेवरात व नगदी हड़प ली। दोनों की मामलों  के सामने आने के बाद अब पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। दो अलग-अलग घटनाओं में धोखाधड़ी कर कुछ लोगों ने हजारों के जेवरात व नगदी हड़प ली है। डालनवाला में अलग-अलग मुकदमे कायम किए गए हैं। 

पुलिस को दी गयी शिकायत में कर्जन रोड निवासी डीएस मान ने बताया कि उनके परिचित एडवोकेट भारतभूषण अक्सर आया जाया करते थे। आरोप है कि भारत भूषण ने उनसे अपनी मां को बीमार बता कर सहायता मांगी जिस पर उन्होंने भारतभूषण को ढाई लाख रूपए सहायता हेतु दे दिए। वहंी जब पैसे वापस मांगने का समय आया तो आनाकानी की जाने लगी। श्री मान ने अपने स्तर पर पता लगाया कि उन्हें धोखे में रखकर यह पैसा लिया गया था जो कि अब वापस नहीं किया जा रहा है। वहीं एक अन्य मामले में केन्मेंट निवासी इंदू झा ने भी अपने साथ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि सरदार गुरूमिंदर सिंह अपनी कार में आए थे और उनके ३५ हजार रूपए एवं सोने के जेवर किसी काम के लिए मांग कर ले गए और फिर वापस नहीं आए। इंदू के अनुसार वह उनके पुत्र का दोस्त है और आप अकेली रहती है और अकेले रहने के कारण उन्हें घर पर खतरा हो सकता है। इंदू ने भी उस पर विश्वास करते हुए ३५ हजार एवं सोने के जेवरात उसे यह सोच कर दे दिए कि वह इन पैसों को उसके पुत्र को दे देगा। इंदू का पुत्र विदेश में नौकरी करता है।
 
पैसे ले जाने के दौरान ही इंदू ने कार का नंबर नोट कर लिया और बाद में अपने पुत्र से पूछताछ की तो उसने ऐसे किसी भी अपने दोस्त को घर पर भेजने से मना कर दिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में जांच श्ुारू कर दी गयी है और अब आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

कुदरत का कहर, सात जिन्दा दफन

देहरादून। बीती रात से सुहब तक हो रही लगातार बारिश से पूरे प्रदेश में जनजीवन ठहर गया है। इसी के चलते राजधानी े कई इलाकों में पानी भर गया। कई मकानों में पानी घुस गया जबकि एक बड़े हादसे में बादल फटने से सात श्रमिक मलबे में दब गए हैं। इनमें से तीन के शव आज सुबह राहत दल ने निकाल लिए जबकि चार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद आपदा राहत मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डा रमेश पोखरियाल निशंक ने भी मृतकों के परिजनों केा एक-एक लाख रूपए मुआवजा देने की घोषणा की है। पुलिस के अनुसार मारे गए सभी मजदूर बिहार एवं मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री खुद भी घटना स्थल का दौरा कर रहे हैं। जानकारों के अनुसार यह सभी लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। वहीं ऋषिकेश में भी भारी बारिश से नुकसान की सूचनाएं मिली हैं। यात्रा मार्ग पर भी लोग फंसे हुए हैं जबकि यमुनोत्री मंदिर में गत दो हफ्तों से एक भी श्रद्धालु नहीं पहुंचा है जिस कारण मंदिर के पुजारी एवं अन्य लोग भी उत्तरकाशी लौट आए हैं।

दून में सहस्त्रधारा से लगभग तीन किलोमीटर दूर काल्जीगढ गांव में यह हादसा कल देर रात हुआ। यहां पंचायत भवन में कुछ श्रमिक गहरी नींद में सोए हुए थे। इसी दौरान तेज धमाका हुआ और गाद भरा मलबा पंचायत भवन को अपने साथ बहा ले गया। बताया जा रहा है कि वहां मध्यप्रदेश एवं बिहार के कुछ मजदूर सोए हुए थे जो कि इस मलबे के नीचे दब गए। हालात का जायजा लेने के लिए जब कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां नजारा बेहद खौफनाक था। तत्काल इस बात की सूचना पुलिस को दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बचे लोगों से पूछताछ की तो पता लगा कि पंचायत भवन में रूके हुए यह सभी लोग श्रमिक थे। इनकी संख्या लगभग दस से उपर थी जिसमें से सात लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं इस दैवीय आपदा की सूचना मिलने के बाद आपदा राहत तंत्र भी हरकत में आया और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ। समाचार लिखे जाने तक मलबे में दबे तीन लोगों को निकाला जा चुका था जबकि जानकारों के अनुसार मलबे में अभी भी चार मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही थी। बादल फटने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री डा रमेश पोखरियाल निशंक ने तत्काल मृतकों के परिजनों को राहत राशि देने की घोषणा की एवं घटना स्थल का दौरान करने के लिए निकल पड़े।

वहीं आपदा राहत मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सुबह ही सूचना मिलने के बाद काल्जीगढ गांव में पहुंच चुके थे। यहां पहुंच कर श्री रावत ने बताया कि अब तक पांच लोगों लापता होने की जानकारी उन्हें मिली है जिनमें से तीन को निकाला जा चुका था। श्री रावत के अनुसार यह सभी लोग श्रमिक हैं और शेष लोगों की तलाश के लिए पूरी तत्परता से काम किया जा रहा है। उन्हंोने बताया कि यह घटना रात लगभग एक बजे के आसपास हुई है। और प्रभावित लोग एक ही परिवार के हैं। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य दल को भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों का गांव में ही कैंप करने के निर्देश दिए हैं। उधर कल रात हुई घनघोर बारिश के कारण रिस्पना एवं अन्य नदियों के किनारे बसे लोगों के आगे भी संकट आ खड़ा हुआ है। क्लेमेंटाउन के मोरोवाला में पुन: स्थिति विकट हो चुकी है।


राज्य आपात परिचालन केन्द्र से प्राप्त सूचना के अनुसार सायं 5 बजे तक प्रदेश में दैवीय आपदा से संबंधित घटनाओं का विवरण निम्नाुनसार है:

राज्य आपात परिचालन केन्द्र से प्राप्त सूचना के अनुसार सायं 5 बजे तक प्रदेश में दैवीय आपदा से संबंधित घटनाओं का विवरण निम्नाुनसार है: 


क्र. सं.  जनपद           जनपदों से प्राप्त आपदा सम्बन्धित सूचनाओं का विवरण निम्नवतः है-
 
1 अल्मोड़ाः       अल्मोड़ा -पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग ध्याड़ी व मकड़ाऊ के पास मलवा व पत्थर आने से अवरूद्ध है। 
                          अल्मोड़ा-हल्द्धानी राष्ट्रीय राजमार्ग कुलागाढ़ तथा छड़ा में अवरूद्ध है। 
                            अल्मोडा-पनार-घाट मोटर मार्ग मलवा आने से अवरूद्व है, यातायात सुचारू होने की सम्भावित तिथि                                         24.08.2011 तक है।
 
2 बागेश्वर           सामान्य
 
3      चम्पावत           देवीधूरा-चम्पावत मोटर मार्ग मलवा आने से अवरूद्ध है। 
                           घाट -पनार मोटर मार्ग मलवा आने से अवरूद्ध है।
 
4      पिथौरागढ़       पिथौरागढ़-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग ध्याड़ी व मकड़ाऊ के पास मलवा व पत्थर आने से अवरूद्ध है।                                           धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग कुलागाड़ के पास मलवा व पत्थर आने से अवरूद्ध है।
                          अल्मोडा-सेराघाट-बेरीनाग मोटर मार्ग मलवा व पत्थर आने से अवरूद्ध है। 
                            पिथौरागढ़-झूलाघाट, झूलाघाट-तालेश्वर, मोटर मार्ग मलवा आने से अवरूद्व है।
 
5      नैनीताल           ज्योलीकोट-भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग भुमियाधार के समीप लगभग 200 मी0 धंसने से मार्ग अवरूद्व है।  
                          रातीघाट-बेतालघाट मोटर मार्ग मलवा आने से अवरूद्व है।
 
6 ऊधमसिंहनगर   सामान्य
 
7 हरिद्वार   गंगा नदी का जल स्तर दोपहरः 12ः00 बजे- 292.50 मी0 (खतरे का निशान-    294.00 मी0 ) के                                         निशान पर है।
 
8 चमोली   बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सिरोंबगड़ में मलवा आने से अवरूद्व है। 
 
9 पौड़ी गढ़वाल   सामान्य
 
10    रूद्रप्रयाग           ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सिरोंबगड में मलवा आने से अवरूद्व है।
 
11 देहरादून           सामान्य
 
12 उत्तरकाशी           गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग गगनानी, सुनगर, भुक्की, भटवाड़ी, सूखीटाॅप, एवं थिरांग में मलवा/पत्थर आने                                   से अवरूद्ध है। 
                          यमनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग खुला हुआ है।
 
13 टिहरी           दिनांक 21.08.2011 की देर सायं को श्री उत्तम सिंह पुत्र श्री छोटा सिंह उम्र 45 वर्ष ग्राम ओणी पट्टी                                         धमान्सू नरेन्द्रनगर, रानीपोखरी से नरेन्द्रनगर आते समय चन्द्रभागा नदी के तेज बहाव में बहने से                                         मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई है। 
                                  टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग टिपरी के समीप मलवा आने से अवरूद्व है।
                                 

 

शीघ्र जिला न बना तो आंदोलन में कूदेंगे चीमा

काशीपुर। बीसूका उपाध्यक्ष व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि यदि निकट भविष्य में काशीपुर जिले की घोषणा नहीं होती तो वे क्षेत्रवासियों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। सोमवार को कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि १५ अगस्त को काशीपुर जिले की घोषणा न होने से क्षेत्रवासियों को भारी निराशा हुई है। मई माह में जसपुर में मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने राज्य में नए जिलों के गठन की स्थिति में काशीपुर को पहली प्राथमिकता देने की घोषणा की थी। लेकिन ऐन वक्त पर काशीपुर को जिला घोषित नहीं किया गया। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री ने जिले के मुद्दे पर वार्ता के लिए उन्हें २४ अगस्त को देहरादून बुलाया है। उन्होंने आगामी माह में काशीपुर जिले की घोषणा होने की उम्मीद जताई। साथ ही ऐसा न होने पर काशीपुर की जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिले की लड़ाई को लडऩे का एलान किया।


 

मतदाता सूची में दर्ज कराएं नाम

चम्पावत। जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी डा. पंकज कुमार पांडेय ने संवाददाता से बातचीत में कहा कि बताया है कि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या जो एक जनवरी २०१२ को १८ वर्ष की आयु पूर्ण कर रहा हो, वह अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा ले।

उन्होंने ऐसे एक से अधिक सूची में दर्ज मतदाताओं से कहा कि वह अपना नाम अन्य सूचियों से निरस्त करवाएं। मतदाता फोटो पहचान पत्र से वंचित लोगों से कहा गया है कि वह बीएलओ से संपर्क कर पहचान पत्र बनवा सकते हैं। उन्होंने भौतिक सत्यापन के दौरान घर-घर जांच के लिए आने वाले बीएलओ को सही जानकारी देने की अपील भी की है।



भूस्खलन के चलते गंगोत्री राजमार्ग १६ वें दिन भी बंद : ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग तीसरे दिन भी रहा बंद

ऋषिकेश। आपदा के चलते यात्रा मार्गो पर यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। गंगोत्री राजमार्ग बंद रहने के कारण हर्षिल में सेना सहित पूरे उपला टकनौर क्षेत्र में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया है। तीर्थ पुरोहितों व व्यापारियों के उत्तरकाशी लौटने से गंगोत्री धाम में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। रुद्रप्रयाग में भी सिरोबगड़ के पास भूस्खलन से ऋ षिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद होने से बदरी-केदार के यात्रियों का सफर लंबा हो गया है।

विभिन्न स्थानों पर लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते गंगोत्री राजमार्ग १६ वें दिन भी बंद रहा। भटवाड़ी व मनेरी के निकट अभी भी मार्ग से मलबा नहीं हटाया जा सका। वाहनों की आवाजाही न होने से सीमावर्ती क्षेत्र हर्षिल में सेना के डीपो में भी जरूरी वस्तुओं की कमी महसूस की जाने लगी है। यही स्थिति पूरे उपला टकनौर क्षेत्र में बनी हुई। दर्जनों गांवों में खाद्यान्न व जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बंद हो गई है। इसके चलते ग्रामीण पैदल ही मीलों चलकर भटवाड़ी, मनेरी व उत्तरकाशी तक पहुंच रहे हैं। वहां से कई लोग खच्चरों से भी खाद्यान्न, गैस सिलेंडर व अन्य वस्तुओं का ढुलान कर रहे हैं। दुकानों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति न होने से गंगोत्री धाम में सन्नाटा पसरा हुआ है। अनेक व्यापारी व तीर्थ पुरोहित धाम से उत्तरकाशी की ओर लौट आए हैं।

रुद्रप्रयाग में श्रीनगर- रुद्रप्रयाग के बीच सिरोबगड़ में पहाड़ी से लगातार गिर रहे बड़े पत्थरों के चलते ऋ षिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग तीसरे दिन भी नहीं खुल पाया। इससे रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश को जाने वाले यात्रियों को पौड़ी-खिर्सू-कोटद्वार या पौड़ी- देवप्रयाग से होते हुए करीब ढाई से तीन घंटे का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
 
श्रीनगर से करीब दस किलोमीटर आगे चमधार में चट्टान खिसकने से अवरुद्ध ऋ षिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग को सोमवार सुबह बड़े वाहनों के लिए खोल दिया गया। मार्ग खुलने से श्रीनगर और चमधार के बीच में फंसे करीब ढाई हजार यात्रियों ने राहत की सांस ली।


 

 

सातवें दिन भी बंद रहा पिथौरागढ़-अल्मोड़ा मार्ग

पिथौरागढ़। भारी वर्षा से क्षतिग्रस्त पिथौरागढ़-अल्मोड़ा मोटर मार्ग सातवें दिन भी नहीं खोला जा सका है। मार्ग बंद होने से यात्रियों को वाया टनकपुर होकर यात्रा करनी पड़ रही है। इधर जिलाधिकारी डा. एमसी जोशी ने सोमवार का जिले के मोटर मार्गो की समीक्षा की और 36 घंटे के भीतर मोटर मार्ग खोलने के निर्देश लोनिवि को दिए।

समीक्षा के बाद जिलाधिकारी श्री जोशी ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि पिथौरागढ़-अल्मोड़ा मोटर मार्ग जल्द से जल्द खोलना उपकी प्राथमिकता है। इस मार्ग को खोलने के लिए लोनिवि के साथ ही सीमा सडक़ संगठन से भी मदद ली जा रही है। जिलाधिकारी ने सोमवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण भी किया। बजेटी गांव में आपदा से बेघर हुए हंसराम को मौके पर ही 35 हजार रुपये सहायता दी गयी। जाजरदेवल में किशन राम को 37 हजार रुपये गृह अनुदान के रूप में देने के निर्देश उन्होंने तहसीलदार को दिये। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने सलोड़ा में जल निगम द्वारा भूमि के ऊपरी सतह पर पेयजल लाइन बिछाने को गंभीरता से लेते हुए इसी जांच के निर्देश दिये। साथ ही पेयजल लाइन को तत्काल भूमिगत कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम विनोद गिरी गोस्वामी ने भी बंद पड़े घाट-पनार-अल्मोड़ा और पिथौरागढ़-झूलाघाट मोटर मार्गो का निरीक्षण किया और इन मार्गो को शीघ्र खोलने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

 

छठे दिन भी ठप रही पिथौरागढ़ की विद्युत आपूर्ति : गुस्साए कांग्रेसियों ने फूंका सरकार का पुतला

पिथौरागढ़। नगर की विद्युत व्यवस्था छठे दिन भी पटरी पर नहीं आ सकी है। सोमवार को पूरे दिन बिजली के दर्शन नहीं हुए। बिजली गुल रहने से पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। इधर बिजली-पानी की अव्यवस्था से गुस्साए कांग्रेसियों ने सोमवार को प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।
 
सोमवार को सुबह सात बजे से ही बिजली गुल हो गयी। देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली कटौती का यह क्रम पिछले छह दिन से चल रहा है। पूरे दिन बिजली कटौती से जिले भर में व्यवसायिक गतिविधियां ठप रही। इधर बिजली न होने से कई मोहल्लों में सोमवार को भी पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
 
विद्युत विभाग के अफसरों ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ विद्युत लाइन में आए फाल्ट को दूर करने के लिए यह कटौती की गयी है। इधर छह दिन से हो रही ताबड़तोड़ विद्युत कटौती व जलसंकट से गुस्साए कांग्रेसियों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के पेयजल मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का गृह जनपद होने के बावजूद सीमांत जिले के लोगों को बिजली-पानी के गंभीर संकट से दो-चार होना पड़ रहा है। कांग्रेसियों ने मंगलवार को बिजली-पानी आपूर्ति सामान्य न होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी है।
 
पुतला दहन कार्यक्रम में कांग्रेस के नगर अध्यक्ष मो. असलम, पवन पाटनी, डीडी उपाध्याय, गिरीश पाटनी, कमल सूढा, राजेश भट्ट, शाकीर सलमानी, तरूण आदि शामिल थे।


 

 

सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ ने अन्ना हजारे के समर्थन में दिया धरना

देहरादून। भ्रष्टाचार के विरूद्ध सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ ने अन्ना हजारे के समर्थन में एक दिवसीय धरना दिया। तथा केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुये अन्ना के आन्दोलन में शामिल होने का आह्वान किया। 
 
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष जे.एस. चौहान के नेतृत्व में कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरने के रूप में भ्रष्टाचार के विरूद्ध आन्दोलन छेड़ा तथा गांधी पार्क में धरना दिया। धरना में सीक्यूएआई, ओएलएफ, ओएफडी, डील, आईआरडीई तथा पीएनजे के कर्मचारी एक जुट होकर धरना स्थल पर पंहुचे जहां पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुये कर्मचारी संघ ने अन्ना को अपना समर्थन दिया। अन्ना के समर्थन में बोलते हुये जे.एस. चौहान ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार चरम पर पंहुच गया है तथा इसको मिटाने के लिए अन्ना जैसे गांधीवादी नेता को आगे आना ही था। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे के देश के दूसरे गांधी हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना लम्बा आन्दोलन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे ने देश हित में तथा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कानून बनाने की बात की थी लेकिन केन्द्र सरकार ने इस पर अपनी दबंग नीति चलाकर आन्दोलन को कुचलने की पूरी कोशिश की है जिसका जवाब आज देश की जनता दे रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र में बैठी कांग्रेस का रूख जिस तरह से   दिख रहा है उससे साफ हो रहा है कि केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध बनने वाले जनलोकपाल बिल के पक्ष में नहीं है तथा केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार का खात्मा करने के नाम पर एक ऐसा बिल लाने जा रही है जिसमें भ्रष्ट लोग साफ तौर पर बच जायेंगी। वहीं सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के अध्यक्ष आर.एस. चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय कर्मचारी परिसंघ का अन्ना को पूरा समर्थन है तथा वह तब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ लडऩे वाले समाजसेवी अन्ना का समर्थन करेंगे जब तक कि केन्द्र सरकार जनलोकपाल बिल को बनाने पर अपनी गंभीरता नहीं दिखाती है। इस दौरान जे.एस. राना ने कहा कि उन्होंने उत्तराखण्ड के आन्दोलन में भाग लिया तथा अब देश हित के एक और आन्दोलन में कूदने का समय आ गया है जिसको देखते हुये कर्मचारी परिसंघ अन्ना के समर्थन में धरना दे रहा है तथा भ्रष्टाचारियो को देश से मिटाने के लिए लोगो को जागरूक करने का प्रयास कर हैं। धरना देने वालो में अविनीस कांत, देवदत्त आर्य, आर.एस. चौहान आदि मौजूद थे।



 

दूरस्थ क्षेत्रों में अन्ना की मुहिम की गूंज

अल्मोड़ा। समाजसेवी अन्ना हजारे के आन्दोलन की गूंज अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी बढऩे लगी है। उनके समर्थन में लोगों का सडक़ों पर उतरने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में सोमवार को भाजपा सल्ट मंडल के आह्वान पर क्षेत्र में रैली निकाली गई। जबकि स्याल्दे के देघाट में भी शाम को कैंडिल मार्च निकाला गया तथा जसपुर में जन प्रतिनिधियों व महिला समूह सदस्यों ने बैठक की।

सल्ट भाजपा के आह्वान पर अन्ना के समर्थन में रैली जालीखान से शुरू होकर मौलेखाल व शशिखाल होते हुए तहसील परिसर तक पहुंची। रैली का नेतृत्व जिपं उपाध्यक्षा शांति मेहरा ने किया तथा इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। सभा में वक्ताओं ने अन्ना के आन्दोलन के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया तथा केन्द्र सरकार को खूब कोसा। रैली व सभा में मदन भंडारी, महेश्वर सिंह मेहरा, मनवर रावत, दिलीप मेहरा, जसवंत सिंह कडाकोटी, विनोद ध्यानी, जितेन्द्र, मीना देवी, सुनिता, मीरा, मंजू व कौशल्या आदि ने सहभागिता की।

मानिला:सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मानिला के रतखाल बाजार में भी अन्ना के समर्थन में जुलूस निकाला। इसमें देवी दत्त शर्मा भैरब लखचौरा, भुवन लखचौरा, बृजेश गहतोड़ी व मोहन चंद्र सती आदि ने भाग लिया।
भिकियासैंण: अन्ना के समर्थन में स्याल्दे विकास खंड के देघाट बाजार से कोटस्यारी तक व्यापारियों ने गत सायं कैंडिल मार्च निकाला। इस दौरान सभी ने केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यक्रम में गिरीश चतुर्वेदी, आरके जोशी, पूरन गिरी, शंकर बहुगुणा, अशोक अग्रवाल, यूएस पटवाल, अशोक तिवारी, पूरन रजवार, हरीश शर्मा, जगदीश उप्रेती, बीडी शर्मा, विकास अग्रवाल, महेश वर्मा, जगदीश व चंदन जोशी आदि भागीदारी की।
 
स्याल्दे: यहां जसपुर में पूर्व प्रमुख गंगा पंचोली की अध्यक्षता में महिला समूह से जुड़ी महिलाओं की एक बैठक हुई। इसमें अन्ना के आन्दोलन का समर्थन किया गया एवं सांसद प्रदीप टम्टा से जन लोकपाल बिल पर संसद में पुरजोर चर्चा करने की मांग की गई। इस दौरान खेम सिंह रजवार, तुलसी, रुकमा देवी, पुष्पा, मनीषा जोशी, हरीश व चंदन पंचोली आदि ने विचार रखे।



भूस्खलन से उपराड़ी गांव को बना खतरा

उत्तरकाशी। बारिश का कहर पहाड़ी अंचलों में रह रहे लोगों पर लगातार टूट रहा है। भूस्खलन व भूधसांव को दौर जारी है। भूस्खलन से उपराड़ी गांव को खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों के बीच बारिश से दहशत बढ़ती जा रही है।

बडक़ोट तहसील से लगे उपराड़ी व चक्रगांव के निचले हिस्से सहित नगर पंचायत बडक़ोट के वार्ड नंबर सात में भूस्खलन का कहर जारी है। उपराड़ी गांव के ग्रामीण सर्वे कराने व विस्थापन की मांग कर रहे हैं। आवासीय भवनों में दरारें आने से खतरा बना हुआ है, वहीं उपराड़ी गांव के छात्रों को स्कूल जाने के रास्ते पूरी तरह भूस्खलन की चपेट में आने से परेशानी उठानी पड़ रही है। उपराड़ी खड्ड से राजकीय प्राथमिक विद्यालय एवं न्यू होली लाईफ पब्लिक स्कूल के भवनों को भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है।

तहसील मुख्यालय से लगा उपराड़ी गांव भूस्खलन की चपेट होने से कई बार स्थानीय प्रशासन ने मौका मुआयना किया, लेकिन सुरक्षा के कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। गांव के कैलाश बंधानी का कहना है कि उपराड़ी गांव का प्राथमिक विद्यालय भूस्खलन की जद में है और स्कूल व तहसील मुख्यालय आने-जाने का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से स्कूल जाने ले बच्चों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने गांव के भूगर्भीय सर्वे की मांग की है। क्षेत्र पंचायत सदस्या कस्तुरी जगूड़ी का कहना है कि भूस्खलन से हो रहे नुकसान से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया है।



 

चोरगलिया-हल्द्वानी मार्ग में आड़े नहीं आयेगा सूर्यानाला

हल्द्वानी। बारिश के दौरान सूर्यानाला उफनाने से बाधित होने वाला चोरगलिया-हल्द्वानी मार्ग पर अब यह समस्या नहीं रहेगी। ग्रामीणों के काफी हो-हल्ला मचाने के बाद सूर्यानाला में आने वाले पानी को सूखीनदी में डायवर्ट करने का काम शुरू हो गया है।

चोरगलिया-हल्द्वानी मार्ग पर सूर्यानाला, सूखीनदी से लेकर गौलानदी पड़ती है। बारिश के दौरान सूर्यानाला में बरसाती पानी काफी उफान पर होता है। यह नाला मुख्य मार्ग के बीच से होकर बहता है। जिस कारण अक्सर आवागमन ठप हो जाता है। कई बार तो वाहन भी तेज बहाव के चलते इसमें बह चुके हैं। इन दिक्कतों को देखते हुए बरसात पूर्व से ही सूर्यानाला को सूखी नदी में डायवर्ट करने के लिए ग्रामीण आंदोलन कर रहे थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य कमला पोखरिया का कहना था कि सूखीनदी पर पुल बन चुका है, जबकि सूर्यानाला पर अभी पुल नहीं बना है। अगर सूर्यानाला का पानी सूखीनदी में डायवर्ट कर दिया जाएगा तो बरसात के मौसम में आवागमन प्रभावित नहीं होगा। समस्या को जायज मानते हुए एसडीएम अशोक जोशी ने बीते दिनों लोनिवि, वन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया और सूर्यानाला के पानी को सूखीनदी में डायवर्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए साढ़े चार लाख रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं। सिंचाई विभाग ने शनिवार से बरसाती पानी को डायवर्ट करने का काम शुरू कर दिया है।


 

पीडब्ल्यूडी और पीएमआरवाई के कार्यो की जांच हो

नैनीताल। बसपा प्रभारी मोहन पाल ने विकासखंड धारी, ओखलकांडा, रामगढ़ एवं भीमताल में लोनिवि एवं प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ परियोजनाओं के तहत हुए मार्गो के निर्माण की जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री से की है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में श्री पाल ने पिछले वर्ष दैवीय आपदा में खस्ताहाल हुईं सडक़ों में मुख्य रूप से रानीबाग पुल से आगे क्षतिग्रस्त हुए मार्ग को पत्थर की पेचिंग एवं तार के ब्लाक बना कर रोकने को गलत बताया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ परियोजना के तहत बनाई गई कालाआगर से टीमर, चौनलेख से तल्ली मल्ली दीनी, नदमपुरी से अक्सोड़ा, पतलोट से अधौड़ा आमजड़, ओखलकांडा से सुरंग , भीड़ापानी देवली पतलिया, डालकन्या से ल्वालडोबा, जंगलियागांव से पिनरौ मार्ग के गुणवत्ता की जांच की मांग की है।



भूस्खलन से सहमे हैं लोग

अल्मोड़ा । तीन दिन पूर्व हुई अतिवृष्टि से जगह-जगह हुए नुकसान के समाचार निरंतर आ रहे हैं। हालात यह है कि कई लोग घरों से बेघर हो गए हैं। ग्राम पंचायत कुरचौन में हुए नुकसान का जायजा लेने क्षेत्र के विधायक अजय टम्टा पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यथासंभव सहायता शीघ्र पहुंचाने को कहा है।

विकासखंड भैंसियाछाना के अंतर्गत ग्राम पंचायत बोड़ा के थाला गांव के लोग भूस्खलन से सहमे हुए है। ग्रामीणों ने डीएम को अपना दुखड़ा सुनाया। ग्राम पंचायत बोड़ा की प्रधान नंदी देवी ने गांव में हुए नुकसान की भरपाई के लिए जिलाधिकारी से आग्रह किया है। इधर, नगर के विवेकानंदपुरी वार्ड में सडक़ के किनारे की दीवार के धंस जाने से वेदभूषण चतुर्वेदी का पूरा परिवार प्रभावित है। उन्होंने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में सुरक्षा का आग्रह किया है। जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा है कि भारी वर्षा से उनके मकान के ऊपर लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई दीवार का मलबा आ गया है, जिससे वह पूरी तरह संकट में घिरे हुए हैं। पत्र में कहा है कि लोनिवि को कई बार कहा जा चुका है, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।



एनएच के अधिकारियों का घेराव आज

अल्मोड़ा। पिछले वर्ष दैवीय आपदा में क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के अभी तक दुरुस्त न होने पर नगर कांग्रेस कमेटी ने तल्ख रवैया अपनाया है। नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने कहा है कि लगातार लिखित व मौखिक शिकायतों के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग अब तक ठीक नहीं हो सका है। जिससे आम आदमी जान-जोखिम में डालकर यात्रा कर रहा है। ऐसे में इस दशा के लिए जिम्मेदार विभाग को सबक सिखाना जरूरी है। श्री कर्नाटक ने कहा है कि मंगलवार को साढ़े 11 बजे थपलिया में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय में उच्च अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। ताकि जनता की आवाज को करीब से सुन सकें। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों पर अल्मोड़ा जनपद की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपदा मद में केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि की बंदरबांट की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिट्टू कर्नाटक ने पार्टी कार्यकर्ताओं को साढ़े 11 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय में उपस्थित होने का आग्रह किया है।



घाटियों में लगेंगे 20 हजार से अधिक आम के पौध

रुद्रपुर। मानसूनी बरसात के साथ ही पर्वतीय क्षेत्र की घाटियों में बागवानी के लिए तराई के राजकीय पौधालयों से आम, लीची, अंगूर आदि के पौधों का वितरण तेज हो गया है। अब तक करीब 20 हजार आम के पौधों की आपूर्ति कर दी गयी है।

राज्य गठन के बाद पर्वतीय क्षेत्र की घाटियों में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा काश्तकारों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की गयी थी। इसके लिए तराई के ऊधमसिंहनगर जिले में काशीपुर, रुद्रपुर, सितारगंज, नैनीताल के रामनगर के राजकीय पौधालयों में विभिन्न प्रजाति के फलदार पौधों का उत्पादन किया गया।

इधर, वर्तमान बरसात के मौसम में पर्वतीय क्षेत्र की घाटियों के साथ ही मैदानी क्षेत्र में लोगों ने फलदार पौधों का रोपण तेज कर दिया है। जिला उद्यान अधिकारी बीएस खेतवाल ने बताया कि इस बार पर्वतीय क्षेत्र से अधिक डिमांड आ रही है। अब तक काशीपुर पौधालय से बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चमोली, गोपेश्वर के लिए आम के आम्रपाली, दशहरी, बनारसी, चौसा आदि के 10 हजार पौधे, पिथौरागढ़ के लिए लीची के एक हजार, रुद्रपुर से पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर, हरिद्वार के लिए आम्रपाली, दशहरी आदि के आठ हजार पौधों की आपूर्ति कर दी है। इधर, रामनगर पौधालय से नैनीताल के लिए लीची 3500, अंगूर 300, कागजी नींबू 700, बागेश्वर के लिए 2500 आम, 390 लीची के पौधे, सितारगंज से चंपावत के लिए आम के 3500 पौधों का वितरण कर दिया है।



 

कोर्ट से बचने को इंटरनेट का सहारा

हरिद्वार। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग जल्द ही पीसीएस-जे परीक्षा के उत्तर इंटरनेट पर जारी करेगा। आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आयोग ने इंटरनेट पर सही जवाब डाउनलोड करने का फैसला किया है। आयोग अब हर परीक्षा के दौरान सही जवाबों की सूची इंटरनेट पर डाउनलोड करेगा।

 

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग परीक्षाओं में काफी सावधानी अपनाता है लेकिन उसके बाद भी परीक्षा देने वाले कई अभ्यर्थी असंतुष्ट होकर न्यायालय में अपील कर देते हैं। पिछले कुछ सालों के दौरान कई अभ्यर्थी अपने परेशानियों को लेकर न्यायालय में गए हैं। इसके चलते आयोग को भी लगातार न्यायालय में चक्कर काटने पड़ते हैं। अब आयोग ने परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए इंटरनेट का रास्ता अपनाया है। बीते रविवार को पीसीएस-जे परीक्षा संपन्न हुई है। आने वाले दो सप्ताह के भीतर आयोग अपनी वेबसाइट पर परीक्षा में पूछे गए सभी प्रश्नों के सही जवाब डाउनलोड कर देगा। इससे सभी परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका देखकर अपने जवाबों का मिलान कर लें। इससे किसी अभ्यर्थी को अपने जवाबों को लेकर संशय भी नहीं रहेगा। इसके बाद अगर कोई परीक्षार्थी असफल रहता है तो वह दोबारा से अपनी कॉपी जांचने के लिए भी अपील नहीं करेगा। क्योंकि वेबसाइट पर सही जवाब परीक्षार्थी की सारी शंका को दूर कर देंगे।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सचिव चंद्रशेखर भट्ट ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि जल्द ही पीसीएस- जे परीक्षा में पूछे गए सभी प्रश्नों के जवाब आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे। इससे परीक्षार्थी अपने जवाबों का मिलान कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना आयोग की प्राथमिकता है।



 

शासन ने सीमांकन की कार्रवाई शुरू की

कोटद्वार। उत्तराखंड शासन ने मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की कोटद्वार जिला निर्माण संबंधी घोषणा को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। शासन ने डीएम से कोटद्वार जिले में पडऩे वाली प्रस्तावित तहसीलों के संबंध में विवरण तलब किया है।

बताते चलें कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कोटद्वार को जिला बनाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही कोटद्वार क्षेत्र की जनता की करीब 40 वर्ष पुरानी मांग भी पूर्ण हो गई। अब शासन ने भी इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य राजस्व आयुक्त की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र संख्या 2936/मुराआ/2011 दिनांक 6/8/11 के मुताबिक नए जिले के संबंध में तमाम पत्रावलियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य राजस्व आयुक्त की ओर से मिले पत्र के आधार पर अपर जिलाधिकारी ने लैंसडौन/कोटद्वार/यमकेश्वर तहसीलों के उपजिलाधिकारियों से अपनी तहसीलों/विकासखंडों की सीमाओं को दर्शाते हुए नवसृजित जनपद कोटद्वार के लिए नजरी नक्शा, सीमाओं का औचित्य, ग्रामवार जनसंख्या, आर-57 के अनुसार ग्रामों के नाम व क्षेत्रफल, वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या, कुल न्याय पंचायतों की संख्या, कुल पटवारी क्षेत्र, चौकियों/थानों की संख्या का विवरण मांगा है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि सतपुली तहसील का कार्यभार उपजिलाधिकारी लैंसडौन के पास है, जबकि यमकेश्वर तहसील का कार्यभार कोटद्वार तहसील के उपजिलाधिकारी देख रहे हैं। शासन की ओर से जिस तरह लैंसडौन, कोटद्वार, धुमाकोट, यमकेश्वर व सतपुली के संबंध में जानकारियां मांगी गई हैं, उससे स्पष्ट है कि शासन की मंशा भी नब्बे के दशक में तैयार किए गए ब्लू प्रिंट के आधार पर ही जिला निर्माण की है।



 

बैंक ऋण के बोझ तले दबे दुग्ध उत्पादक

नैनीताल। भारी बरसात में मार्ग बंद क्या हुए बैंक के ऋण बोझ तले दुग्ध उत्पादकों के सामने लोन की अदायगी चुनौती के रूप में खड़ी हो गई है। जनपद के अन्य ब्लॉकों का जिक्र छोड़ भी दें तो अकेले ओखलकांडा ब्लॉक से ही रोजाना 3500 लीटर दूध की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।

दरअसल, विकासखंड में 34 उप दुग्ध समितियां संचालित हैं। इसमें पलड़ा, च्यूरीगाढ़, धुधली, पुटगांव, देवनगर, गुनियालेख, मकड़वार आदि समितियां प्रतिदिन लगभग 300 से ज्यादा दूध डिपो को भेजती हैं। पिछले दिनों हुई बरसात से विकासखंड के अधिकांश मागरें के बंद होने से दुग्ध उत्पादकों के सामने बिग डेरी योजना के तहत बैंकों से लिया गया ऋण चुकाना चुनौती बन गया है। दुग्ध संघ संचालक मुकेश बोरा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज पशुपालकों को ऋ ण में छूट दिए जाने की मांग उठाई है।



 

 

दो युवाओं ने अपनी जीवन लीला समाप्त की

देहरादून। महज १२ घंटों के अंदर ही दून के दो युवाओं ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। दून के दो युवाओं ने मानसिक रूप से परेशान होने के कार जीवन के आगे हार मान ली और मौत को गले लगा दिया। एक युवक फांसी पर झूला तो दूसरे ने जहर का सेवन कर लिया। दोनों के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पहली घटना कल रात प्रकाश में आई। रायपुर थाना क्षेत्र अधोईवाला निवासी मोहन के पुत्र प्रेम प्रकाश को कल देर रात परिजन दून अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि प्रेम प्रकाश मानसिक रूप से अक्सर परेशान रहता था और कल रात उसने नुआन का सेवन कर लिया। हालत बिगडऩे पर परिजन उसे दून अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन हालत बिगड़ जाने के कारण कुछ ही देर में उसकी मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि प्रेम का चार साल से ईलाज भी चल रहा है जिसमें उसे कुछ फायदा नहंी हो रहा था। अपनी बिमारी के कारण वह अक्सर परेशान रहता था। इसी कारण कल रात उसने घर में रखे कीटनाशक नुआन का सेवन कर लिया।

वहंी एक अन्य घटना में आज सुबह रायपुर क्षेत्र में ही एक युवक ने भी फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। २७ वर्षीय अश्विनी डोभाल पुत्र मोहन डोभाल बेरोजगारी से परेशान था। आज सुबह जब काफी देर तक अश्विनी अपने कमरे से बाहर नहंी आया तो परिजन उसकी खोज खबर लेने के लिए उसके कमरे में गए जहां वह फांसी पर झूलता हुआ पाया गया। परिजनों ने शव को नीचे उतार कर पुलिस को सूचना दी। मौके से पुलिस को कोई सुसाईड नोट नहीं मिला। वहीं जानकारी लेने पर पता लगा कि अश्विनी ने दो माह पूर्व भी अपने भाई से किसी बात पर विवाद होने पर अपने हाथों की नस काट ली थ्ीा जिस कारण उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। कल रात भी अश्विनी देर से घर लौटा था। उसकी बाईक भी टूटी हुई थी। परिजनों ने पूछा तो उसने बताया कि दुर्घटना हो गयी थी। इसी बात पर परिजनों ने उसे डांटा। बाद में अश्विनी अपने कमरे में चला गया और आज सुबह वह फांसी पर झूलता हुआ पाया गया।


 

ट्राली की चपेट में आकर महिला की मौत

काशीपुर। ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आकर एक वृद्ध महिला की मौत हो गयी। जबकि उसका पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के मुताबिक वैशाली कालोनी निवासी छोटी देवी (६५) पत्नी तेजराम आज प्रात: अपने पौते रवि के साथ साईकिल से तीर्थ द्रोणासागर परिसर स्थित एक मंदिर में पूजा अर्चना व प्रसाद चढ़ाने आयी थी, वापसी में रवि की साईकिल गौराया पेपर मिल के निकट एक खड्ड में गिर जाने से छोटी देवी छिटककर सडक़ पर जा गिरी। इसी दौरान सडक़ पर जा री टैै्रक्टर-ट्रैाली छोटी देवी के स्पर चढ़ गयी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। इस घटना से घबराकर टै्रैक्टर-टैाली चालक वाहन को मौके पर छोड़ फरार हो गया। पुलिस ने टैैक्टर-टैाली को कब्जे में लेकर घायल रवि को अस्पताल में भर्ती कराया है। 

 

काशीपुर को जिला बनाये जाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी

काशीपुर। जिला निर्माण संघर्ष समिति द्वारा काशीपुर को जिला बनाये जाने की मांग को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन आज सातवें दिन भी जारी रहा। समिति के सभी सदस्यों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर सरकार द्वारा काशीपुर को जिला न घोषित करने पर अपना आक्रोश जाहिर किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि काशीपुर को जिला बनाने की मांग ५२ वर्षो से भी अधिक पुरानी है। सरकार ने काशीपुर को जिला न बनाकर क्षेत्र की जनता का अपमान किया है। जिसे वर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के लोगों की चुप्पी अब इस बात का एहसास दिलाती है कि उन्होंने कभी भी काशीपुर क्षेत्र के विकास की पहल नहीं की और न ही काशीपुर को जिला बनाये जाने के संबंध में कोई रूचि नहीं दिलायी। जबकि सत्ताधारी सरकार के पूर्व मुखिया राजनाथ सिंह ने विधानसभा चुनाव-प्रचार के दौरान काशीपुर आगमन पर प्रदेश में भाजपा की सरकार आने पर काशीपुर को जिला घोषित किए जाने की बात कही थी। वक्ताओं ने कहा कि जिला निर्माण संघर्ष समिति क्षेत्र के सभी राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों को साथ लेकर वर्षो से काशीपुर जिले की मांग करती चली आ रही है। जिसे जसपुर-बाजपुर व अन्य शहरों समेत भारी जनसमर्थन मिल रहा है। समिति ने कहा कि काशीपुर को जिला न घोषित करने पर समिति अनशन करने को भी वाध्य होगी। समिति ने विधायक हरभजन सिंह चीमा द्वारा जनता की मांग के प्रति उदासीन रवैये के प्रति कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक को संजय चतुर्वेदी, इंदूमान, साबिर हुसैन, अब्दुल अजीज कुरैशी, आसिफ अली, उमेश जोशी, संजय चौधरी, संदीप सहगल, शैलेन्द्र कुमार मिश्रा, नरेश कश्यप, जितेन्द्र सरस्वती, अमित जायसवाल, वाजिद अली, अतीक अहमद सलमानी, कश्मीर सिंह, शफीक अंसारी आदि तमाम वक्ताओं ने संबांधित किया। 






 

अन्ना हजारे के समर्थन में छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन

काशीपुर। जनलोकपाल विधेयक लाने की मांग को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे के समर्थन में दढिय़ाल रोड स्थित मारिया एसम्टा स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशाल रैली निकाली गयी। जिसमें वच्चों ने वंदेमातरम, लोकपाल-लोकपाल और अन्ना तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है के नारों के साथ लोगों को अन्ना हजारे के समर्थन में आगे आने का आह्वान किया। छात्र-छात्राओं ने अपने हाथों में अन्ना के समर्थन में स्लोगन लिखी तख्तियां व बैनर भी ले रखे थे। लोगों ने जगह-जगह इस रैली को रोककर अन्ना के समर्थन में इस रैली का स्वागत किया तथा बच्चों की इस रैली को लोगों ने जमकर सराहा। रैली का नेतृत्व विद्यालय के ही सीनिसर छात्रों द्वारा किया गया। जिसमें मुख्य रूप से चक्षु सेतिया, शुभव, विषय अग्रवाल, सुखप्रीत सिंह चढ्डा, नवजोत सिंह, रवि कुमार, रक्षिता, एश्वर्या, आकांशा गोले, प्रीत, नितिका, तेहरान, आदित्य आदि विद्यालय के तमाम छात्र-छात्राएं व अध्यापक-अध्यापिकाएं शामिल रही। 


 

आयुर्वेद चिकित्सा भारत के लिए अनुपम भेंट है : श्रीवास्तवा

ऋषिकेश । चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में आयुर्वेद चिकित्सा पद्घति विश्व को हमारे देश की एक अनुपम भेंट है और इसलिए भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह विचार डा0 श्रीवास्तव ने यहा आयेाजित एक कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक ढंग से और जीवन उर्जा के मूलभूत नियमों के अनुकूल शरीर में वृद्घि करने के सिद्घान्त पर आधारित इस अनुपम चिकित्सा पद्घति की गुणवत्ता के कारण विश्व का ध्यान आयाुर्वेद के प्रति आकृष्ट हुआ है आयुर्वेद सीखना समझना एवं अपनाना चाहती है।
 
डा0 डी0के श्रीवास्तवा ने बताया कि वह प्रत्येक वर्षो की भंति इस वर्ष 24 अगस्त से 1 महा हेतु यूरोप में आयुर्वेद कार्यशाला का संचालन करेंगे जहां वे स्विटजरलैंड में आयुर्वेद पाठयक्रम का संचालन पिछले तीन वर्षों से सफलता पूर्व कर रहे है वहीं इसके अलावा वहां के रोगियों का नाड़ी परीक्षण द्वारा जटिल एवं असाध्य रोगो से आयुर्वेद चिकित्सा पद्घति द्वारा निजात दिलाकर सफलतम उपचार भी कई वर्षों से डा0 श्रीवासतवा द्वारा किया जा रहा है। अपने इस कार्यक्रम में डाक्टर श्रीवास्तव फ्रांस एवं टर्की में आयुर्वेद के प्रचार प्रसााद कार्यक्रम में भाग करेंगे आयुर्वेद विशेषज्ञ डा0 श्रीवास्तवा को वर्ष 2009 से ही ज्यूरिक के स्कूल आफ कारपर थिरेपी में बतौर विजिंिटंग प्रवक्ता नियुक्त किया गया है यह उपलब्धि डा0 श्रीवास्तवा एवं उतरांखण्ड के लिये गौरव की बात है। पूर्व में डा0 श्रीवास्तवा यूरोप के कई देशों में अपना व्याख्यान एवं आयुर्वेद कार्यशाला का सफलता पूर्वक आयेाजन कर चुके है। पाश्चात्य संस्कृति और ाान के विकास में अग्रणीय प्रगति का सकेंत है। डा0 श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर ऋषिकेश आयुर्वेदिक चिकित्सक संघ एवं नगर के गणमान्य व्यक्तियों ने हार्दिक शुभकामनाएं ही है।


 

अन्ना के समर्थन में गूंजते रहे नारे

विकासनगर। अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन में पछवादून क्षेत्र में लोगों ने रैलियां निकाली। वहीं, आर्य उपप्रतिनिधि सभा ने डाकपत्थर में अन्ना के आंदोलन की सफलता के लिए यज्ञ किया।

भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की ओर भाऊवाला में रैली निकाली गई। रैली पंचायत घर से शुरू होकर भाऊवाला चौक पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। रैली में शामिल लोग हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर अन्ना हजारे के समर्थन में नारे लगाते हुए चल रहे थे। इस मौके पर आयोजित सभा में रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. तुमन सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंके बगैर देश का विकास नहीं हो पाएगा। रैली में दयानंद तिवारी, ग्राम प्रधान मधु रावत, कैप्टन हयात सिंह चौहान, युसूफ अली, यशपाल नेगी और सुशील कुकरेती समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। वहीं, आर्य उपप्रतिनिधि सभा द्वारा डाकपत्थर व हरिपुर में यज्ञ किया गया। यज्ञ गुरुकुल पौंधा के ब्रह्मचारियों द्वारा संपन्न कराया गया। यज्ञ में अनेक लोगों ने आहुति दी। इस मौके पर आर्य उपप्रतिनिधि सभा के प्रधान सुरेंद्र पाल सिह, निर्मला देवी, मालती देवी, उमा देवी, आरएस गंगवार, धर्मपाल व योगेंद्र रावत आदि मौजूद थे। वहीं, क्यूएच टालब्रोस फैक्ट्री के कर्मचारियों ने अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन में लांघा रोड क्षेत्र में रैली निकाली। रैली में किशन सिंह गोविंद सिंह नेगी, नवीन, नत्थीराम, चीकू, प्रवीण कुमार, नरेंद्र राणा, मनोज कुमार, संदीप कुमार, राजकुमार यादव, सत्या सिंह आदि शामिल थे। उधर, त्यूणी में अन्ना के समर्थन में दुपहिया वाहन रैली निकाली गई। रैली नया बाजार स्थित ग्रीन वैली होटल से शुरू होकर अस्पताल रोड, गेट बाजार होते हुए तहसील कार्यालय परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में रमेश चौहान, मदन लाल, मनीष चौहान, रतन सिंह, मनोज, रोशन शर्मा, विजयपाल, डा. बलराज थापा, हितेंद्र देसाई व विशाल आदि शामिल हुए। चकराता में अन्ना हजारे के समर्थन में जुलूस निकाला गया। जुलूस में अनिल, आरएस राठौर, दिनेश चौहान, दौलत सिंह, राहुल, गीताराम, कमल रावत आदि मौजूद रहे। वहीं देर सायं छावनी बाजार चकराता में महिला, पुरुषों व बच्चों ने कैंडल मार्च निकाला।
 

छात्र नेताओं के पास से सैंकड़ों ब्लैंक आइकार्ड मिले

देहरादून। डीएवी पीजी कॉलेज में रविवार को फर्जीवाडा सामने आया। छात्र नेताओं के पास से सैंकड़ों ब्लैंक आइकार्ड मिले हैं। कॉलेज प्रशासन को लगभग 200 कार्ड एक ही छात्र नेता से मिले, हालांकि माना जा रहा है कि ऐसे कार्ड्स की संख्या हजार से ज्यादा हो सकती है। मामले में कॉलेज प्रशासन कर्मचारियों की मिलीभगत स्वीकार कर रहा है। मामला सामने आने के बाद आइकार्ड जारी करने पर रोक लगाकर कर्मचारियों से ब्यौरा तलब किया गया है।

छात्रसंघ चुनाव में जीत के लिए डीएवी पीजी कॉलेज में हर तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। फर्जी प्रवेश कराकर मतदान कराने का मामला हो या फिर बीते वर्ष की तर्ज पर आइकार्ड चोरी किए जाने का प्रकरण। इस साल तो छात्र नेताओं ने फर्जी आइकार्ड ही जारी करा दिए। माना जा रहा है कि छात्र नेताओं ने फर्जी मतदान कराने के उद्देश्य से फर्जी आइकार्ड जारी कराए। कॉलेज प्रशासन के सामने समस्या यह है कि हजारों छात्रों में ऐसे छात्रों की पहचान कैसे करें। रविवार को एक छात्र नेता ने कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन को लगभग 200 ब्लैंक आइकार्ड दिए। उनका आरोप है कि छात्रसंघ चुनाव में महासचिव पद पर चुनाव लड़ रहे एक संगठन के पास से यह कार्ड मिले हैं। साथ ही आशंका जताई की कॉलेज कर्मचारियों की मिलीभगत से सैकड़ों कार्ड उक्त संगठन के पास पहुंचे। इन कार्ड्स से फर्जी मतदान की कोशिश की जा सकती है। मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने तत्काल कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी। डॉ. देवेंद्र भसीन ने अब तक जारी कुल कार्ड्स, छापे गए कार्ड्स की संख्या व नए और पुराने छात्रों का ब्यौरा तलब किया है।
 
छात्रनेता प्रभाव का इस्तेमाल कर या धनबल पर ब्लैंक आइकार्ड्स कर्मचारियों की मदद से प्राप्त करते हैं। मतदान के दिन फर्जी छात्रों के फोटो कार्ड्स पर चस्पा कर सबसे पहले मतदान कराया जाता है। ब्लैंक कार्ड्स उन छात्रों के होते हैं, जिनका प्रवेश प्रथम वर्ष में हुआ है और वे कार्ड्स नहीं ले पाए हैं। ऐसे में उन छात्रों को पहचान पत्र के लिए चक्कर कटाए जाते हैं।
 
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बीते वर्ष प्रकाश में आए ऐसे मामले के बाद डायरेक्ट्री कार्ड्स के माध्यम से चुनाव की मांग की थी। एबीवीपी से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी आशीष रावत का कहना है कि मंगलवार को कॉलेज खुलने के बाद इस मामले में प्राचार्य से मांग की जाएगी की फर्जी मतदान रोकने के लिए आइकार्ड्स के बजाय कॉलेज रिकॉर्ड में मौजूद फोटो आइडी से मतदान हो।
 
डीएवी पीजी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य,  डॉ. देवेंद्र भसीन, का कहना है कि मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके बाद फैसला लिया जाएगा कि मतदान के लिए किस माध्यम का प्रयोग किया जाए। छात्रसंघ चुनाव में फर्जी मतदान नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही इस प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।




 

परियोजना अधिकारी ने नोडल अधिकारी को हटाया

देहरादून। प्राथमिक शिक्षक संघ के विरोध को देखते हुए परियोजना अधिकारी ने प्रशिक्षण शिविर के नोडल अधिकारी को हटा दिया है।
डोईवाला स्थित बीआरसी कार्यालय में इन दिनों शिक्षकों को कोर्स रिप्रेसमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण सर्व शिक्षा अभियान के तहत दिया जा रहा है। इस दस दिवसीय प्रशिक्षण के लिए धर्म सिंह रावत को नोडल अधिकारी बनाया गया है। रविवार को नोडल अधिकारी पर उत्पीडऩ का आरोप लगा हुए संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह शिक्षकों ने बीआरसी कार्यालय में धरना शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि नोडल अधिकारी को हटाया जाए और हर शिविर के लिए नोडल अधिकारी बदला जाए। शिक्षकों के धरने की जानकारी मिलते ही परियोजना अधिकारी सर्व शिक्षा राजेंद्र सिंह रावत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन गतिरोध बना रहा। शिक्षकों के आक्रोश को देखते हुए उन्होंने नोडल अधिकारी धर्म सिंह रावत को हटा दिया। जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि धर्म सिंह रावत ने नोडल अधिकारी पद से खुद भी हटने की इच्छा जताई गई थी। प्रदर्शनकारियों में शिक्षक नेता अखिलेश शर्मा, चंद्रप्रकाश पाल, पार्वती जोशी, मनीष काम्बोज, यशवंत सिंह रावत, संदीप सोलंकी, गोविंद सिंह रावत, प्रवीन पाल और रविंद्र पुंडीर आदि शामिल थे।

 

पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर नगर में रैली निकाली

ऋषिकेश । राजकीय बालिका इण्टर कालेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा राजीव गांधी के अक्ष्य उर्जा दिवस पर नगर में रैली निकालकर पर्यावरण के प्रति नगरवासियों को सन्देश दिया। रैली का प्रारम्भ कालेज की प्रधानाचार्य श्रीमती मंजु भारती ने हरी झण्डी दिखाकर किया। रैली के दौरान छात्राएं हाथों में तम्बाकू के सेवन से होन वाले हानिकारक सन्देशों के साथ पर्यावरण सम्बन्धी नारों की तख्तियां लिये हुये चल रही थी तथा पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए नारे भी लगा रही थी। रैली देहरादून रोड़ से लक्ष्मणझूला रोड़, क्षेत्र बाजार, त्रिवेणी घाट, हरिद्वार रोड़, रेलवे रोड़ होती हुयी कालेज में समान्त हुई। रैली में कुमारी पूनम टण्डन, एनएस प्रभारी, अरुणा बलुनी, हेमलता पोखरियाल, सुधा रानी, एआर धीमान, प्रकाश स्वरुप तिवाड़ी सहित सभी विद्यालयी प्रशासन मौजूद थें।
राज्य के आपदा मंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
 
ऋषिकेश । पिछले दिनों ऋषिकेश डोईवाला क्षेत्र में वर्षा के कारण हुई क्षति को लेकर प्रदेश के आपदा प्रबन्धन एवं कृषि मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व संसदीय सचिव प्रेमचन्द्र अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति पर चिन्ता जताई। उन्होंने क्षेत्र में आपदा से हुये नुकसान की तत्काल रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये। रावत ने माजरी ग्रान्ट के शेरगढ़, चाण्डी प्लान्टेशन, लालतप्पड़, जीवन वाला, में बाढ़ से हुये नुकसान का जायजा लिया और ग्रामीणों का हालचाल पूछा। ग्राम प्रधान राजकुमार और गुरुद्वारे के पूर्व प्रधान गुरदीप सिंह ने मंत्री को बताया कि सौंग नदी के बहाव का रुख आबादी की ओर होने से खतरा पैदा हो गया है। नदी का पानी गांव में घुसकर कहर बरपा गया है। भाजपा किसान मोर्ख के प्रदेश मंत्री करन बोरा ने बताया कि बाढ़ ने आपदा क्षेत्र की दो हजार बीघा धान, मक्का एवं की फसल को क्षति पहुंची है। कुडक़ावाला में सुसवा नदी से हो रहे भू-कटाव, बुल्लावाला में सम्पर्क मार्गों के बदहाल स्थिति और राजाजी राष्ट्रीय पार्क से आ रहे बरसाती नाले के पानी से फसलों के नुकसान का भी उन्होंने जायजा लिया। ससदीय सचिव अग्राल ने चन्द्रभागा, श्यामपुर गुमानी वाला, शीशमझाड़ी आदि क्षेत्रों का दौरा कर वन विभाग के अधिकारियों से तत्काल बैठक कर बाढ़ से उपजी समस्या के उचित समाधान निकाल रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला प्रशासन से प्रभावितों का मुआवजा देने को कहा।  


 

शंखनाद के साथ घण्टे-घडि़याल बजाकर केन्द्र सरकार को जगाया

ऋषिकेश । वंदेमातरम् संस्था के बैनर तले देशभर में भ्रष्टाचार के विरुद्घ सामाजिक नेता अन्ना हजारे के आन्दोलन की श्रृंखला व उन्हें समर्थन देते हुये तीर्थनगरी ऋषिकेश के दून तिराहे पर तमाम संस्थाओं ने एकजुट होकर केन्द्र सरकार की तानाशाही नीति के विरुद्घ जोरदार नारेबाजी के साथ शंखनाद व घण्टे घडि़याल बजाकर अपना विरोध प्रकट किया। तो वहीं टैक्स बार एसोसिएशन ने तहसील पर प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया। इस अवसर पर संस्था के संयोजक राजेन्द्र सेठी ने चेतन शर्मा के संचालन में चले प्रदर्शन कार्यक्रम में उपस्थ्तिि को सम्बोधित करते हुये कहा कि अन्ना हजारे द्वारा उठाई गई मांग पर जो आज पूरा देश उसके पीछे व्यान्त भ्रष्टाचार व विदेशों में जमा काला धन यह आन्दोलन आज जनता की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता में बैठें लोग अभी भी नही चेते तो विश्व में हो रहे आन्दोलन की तरह लोग सडक़ो पर उतरकर नेताओं से उनकी कुर्सी छीन लेंगे। उन्होंने कहा कि अन्ना के साथ केन्द्र सरकार द्वारा किये गये घृणित कार्य की जितनी भी निन्दा की जाये वह निन्दनीय ही नही अशोभनीय भी है। वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के संयोजक सीएस शर्मा ने बताया कि केन्द्र सरकार ने देश में भ्रष्टाचार के विरुद्घ आन्दोलन करने वाले लोगों को जेल में भेजकर इमरजेंसी की याद ताजा की दी है जिसका जवाब जनता आगामी होने वासले चुनाव में देगी। वन्देमातरम संस्था द्वारा किये गये कार्यक्रम को समर्थन देते हुये संस्कृत जगत से जुडे अनिल शुक्ला ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम सोई हुई जनता कों जागरुक करने में सहायक सिद्घ होते है। सम्पूर्ण भारतवर्ष में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के चलते अन्ना हजारे के अनशन के समर्थन में नगर की सामाजिक संस्थायें, व्यापारी, मार्डन स्कूल व संस्कृत साधु महाविद्यालय तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी इस मुहिम मेंं अपनी सहभागिता प्रदान की। प्रदर्शन के दौरान इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति, पूर्वांचल विकास समिति, हिन्दू युवा वाहिनी, व्यापार सभा, टैक्स बार एसोसिएशन, लायन्स क्लब देवभूमि, राहुल मनमीत, अनिल द्विवेदी, हरपाल सिंह, विक्रम ंिसह, कृष्ण सिंघल, पं0 वेद प्रकाश, विनोद शर्मा, मनोज गुंसाई, पूर्व विधायक महेन्द्र भट्ट, कौशल बिजल्वाण, सुरेश कण्डवाल, नवल कपूर, जितेन्द्र अग्रवाल, सरोज डिमरी, आरके शर्मा, रुक्मणी रौतेला, डा हेमन्त शर्मा, गोपाल नांरग, सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं से जुड़े सैकडो की संख्या में प्रतिनिधि मौजूद थे।


 

पुलिस के लिए चुनौती बना सिर कटी लाश का रहस्य

देहरादून। रायवाला क्षेत्र में पिछले दिनों सुषवा नदी में मिले अज्ञात शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस की तरफ से अज्ञात पर ही हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। 
 
बीती दो दिन पहले रायवाला के स्थानीय लोगों ने सुषवा नदी में एक व्यक्ति का क्षत विक्षत शव देख पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शिनाख्त का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। शव की पहचान मिटाने की नियत से उसे बुरी तरह से बिगाडऩे का प्रयास किया गया था। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति की शिनाख्त कराने के लिए सीमांत जिलों से भी संपर्क किया है लेकिन अभी तक इस व्यक्ति के बारे कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। वहीं शव के बारे में कोई जानकारी न मिलने के बाद यह भी तय हो गया है कि इस व्यक्ति को बाहर से लाकर यहां मौत के घाट उतारा गया है। शव को लेकर पुलिस भी परेशान थी क्योंकि अधोईवाला निवासी अमित शाह भी २७ जुलाई से लापता है और अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परसों रायवाला में सिर कटी लाश मिलने के पुलिस ने अमित के परिजनों को भी शव दिखाया था लेकिन परिजनों उसकी शिनाख्त अमित के रूप में करने से मना कर दिया था।
 
कल रायवाला पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या एवं साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मृतक की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

सडक़ दुर्घटना में प्रापर्टी डीलर की मौत

देहरादून। आफिस बंद करने के बाद घर लौट रहे एक प्रापर्टी डीलर की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि युवक का शव घंटों तक सडक़ पर ही पड़ा रहा। गुजरते राहगीर ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी जिसके बाद घायल युवक को १०८ से दून अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को आज पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
 
थाना गढ़ी कैंट क्षेत्र में बाईक के पेड़ से टकरा जाने के कारण कल रात एक युवक की मौत हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार ३० वर्षीय पवन कुमार उर्फ बिल्लू अपने सुभाष रोड स्थित कार्यालय से घर की ओर जा रहा था। थाना गढी कैंट क्षेत्रांतर्गत सब एरिया कैंटीन के पास उनकी बाईक स्लिप होकर पेड़ से जा टकराई। हैल्मेट पहने होने के बावजूद पवन के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश होकर गिर पड़े जबकि उनकी बाईक भी उन्हीं के उपर गिर गयी। तेज बरसात के कारण आते-जाते लोगों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं लग पाई। वहीं से गुजरते एक बाईक सवार ने बाईक को गिरे हुए देखा और पुलिस को इस दुर्घटना के बारे में जानकारी दी। सूचना मिलने पर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और पवन कुमार को दून अस्पताल पहुंचाया। वहंी चिकित्सकों का कहना था कि पवन कुमार की काफी देर पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। 
 
बताया जा रहा है कि पवन कुमार प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे, सुभाष रोड पर उनका कार्यालय था और रोज की ही तरह अपने कार्यालय से घर की ओर जा रहे थे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर आज उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पवन की असमय मृत्यु हो जाने से क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
 
उधर सडक़ दुर्घटना में ही सहसपुर क्षेत्र में सडक़ हादसे में घायल हुए दो युवकों को वहां के सरकारी अस्पताल में भरती कराया गया। लक्ष्मीपुर निवासी मोहम्मद आजम अपने साथी मनोज कुमार के साथ बाईक संख्या यूके०७एई-७०५० में सवार होकर क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप थे। इसी समय ट्रक संख्या यूए०७एम-४६६२ के चालक ने बाईक को चपेट में लिया। टक्कर के बाद आरोपी चालक ट्रक तेजी से भगा ले गया। राहगीरों की मदद से पुलिस ने घायलों को सहसपुर के सामुदायिक अस्पताल में भरती कराया। लक्ष्मीपुर निवासी इजहार की तरफ से सहसपुर थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने बताया कि वाहन संख्या के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। 


   

कसाण गांव के लोग खेत खलिहान छोड़ पलायन के लिए मजबूर

ऋषिकेश। जनपद पौड़ी गढ़वाल के अन्तर्गत  लगातार प्राकृतिक आपदा के साए में जी रहे यमकेश्वर प्रखंड के कसाण गांव के लोग धीरे-धीरे पलायन करने को मजबूर हैं। शासन और प्रशासन की अनदेखी के चलते आधा गांव घर खेत खलिहान छोड़ चुके हैं 50 में से अब 15-20 परिवार ही मजबूरीवश निवास कर रहे हैं बताते चलें कि गत वर्ष अतिवृष्टि के चलते गांव के उपर पड़ी दरार इस साल और चौड़ी हो गई है। गांव में दहशत व्यान्त है। कसाण गांव में वर्ष 2007 में जबरदस्त भूस्खलन के चलते कई घर जमींदोज हो गए थे तब यहा एक ही परिवार के चार लोगो की जान इस त्रासदी के चली गई थी। प्रशासन ने गांव के विस्थापन की फाइल बनाकर शासन को भेज आखें मूंद ली। गत वर्ष अतिवृष्टि के चलते कसाण के भूमियासार तोक के उपरी धंसाव के चलते जबरदस्त दरार पड़ गई थी। तब प्रशासन के अधिकारी भी गांव तक पहुंचे । लेकिन ग्रामीणो को आश्वासन के सिवाय कुछ और नहीं मिला। कसाण पुनर्वास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बलदेव प्रसाद कुकरेती ने बताया कि इस साल गांव में पड़ी दरार ओर चौड़ी हो गई। पिछले सालों तक प्रशासन द्वारा गांव में किए जाने वाले अस्थाई इंतजामों से भी इस बार मुंह मोड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि भूमियासार गांव तीन और नदी नालों से घिरा है जबकि उपर की पहाड़ी धंस रही है। पिछले तीन दिन गांव में कई जगह भूस्खलन हुआ जिससे दो भवन क्षतिग्रस्त हो गए। बताते हैं कि उस समय भवनों में कोई मौजूद नहीं था। भूस्खलन से प्रसन्नलाल और मेहरबान सिंह के भवनों के नुकसान होने से रहने लायक नहीं रहे हैं। पटटी पटवारी आरपी भटट ने गांव का मुआयना कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है।उधर लगातार जारी बारिश से नरेंद्रनगर तहसील के शिवपुरी बडल में हेंवल नदी में आई बाढ़ से दो लोगो के भवन क्षतिग्रस्त हो गए और डेढ़ दर्जन से अधिक खेत बह गए। जबकि यमकेश्वर क्षेत्र में दो लोगों की गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि कई लोगो के खेत बह गए। राजस्व पुलिस के मुताबिक शिवपुरी के बडल गांव में प्यार सिंह नारायण सिंह भंडारी कुंदन सिंह के डेढ़ दर्जन से अधिक खेत बह गए। रामसिंह भंडारी ने बताया कि बीते दिन तडक़े तेज बरसात में हेंवल में उफान आने से उक्त दोनेा मकानो के बेस के भरभराकर नदी में बह जाने से भवन धंस गए। पलक झपकते ही मकानों के निचले हिस्से को भी हेंवल नदी का बहाव अपने साथ बहा ले गया। इसके साथ ही उक्त परिवारो के 21 से ज्यादा खेत नदी में बहे उन्होने बताया कि उक्त मकानों के क्षतिग्रस्त होने से इनके उपर की ओर सटकर बनाए गए अन्य भवनो को भी खतरा पैदा हो गयां है । पटटी पटवारी दयानाथ ने मौके मुआयना कर क्षति का सर्वेक्षण किया उन्होने कहा कि उक्त परिवारो को जल्द सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया जाएगा। उधर यमकेश्वर प्रखंड के कई गांवो में बरसात से गोशालाओ ओर खेतो को नुकसान हुआ हैं तेज बारिश से कंडवालगांव में दर्शनलाल पातली में बलवंत सिंह बीरकाटल में देवचंद आदि की गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई। पूर्व बीडीसी मेंबर केके कंडवाल ने बताया कि बारिश से उनके दो खेत दर्शनलाल के एक खेत क्ष्ाितगस्त हो गयां इसके अलावा क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी बारिश से नुकसान का अनुमान है। तहसीलदार राजकुमार पांडे ने बताया कि क्षति का आंकलन कराया जा रहा है।  
 

जिलों को लेकर प्रदेश में राजनीति गर्माई, विरोध जारी

देहरादून/पुरोला/ काशीपुर। स्वतंत्रता दिवस पर चार नए जिलों केा बनाने की घोषणा को लेकर अब सरकार पर चौतरफा हमले हो रहे हैं। पुरोला में जिला मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर आज भी हंगामा होता रहा। क्षेत्र के बाजार आज भी बंद रहे जबकि यहां लोगों ने मुख्यालय न बनाने की दशा में उग्र आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है जबकि काशीपुर को जिला न बनाने से यहां लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। काशीपुर के लोग लंबे समय से जिला बनाने को लेकर आंदोलनरत थे और मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से ही लोगो में निराशा घर कर गयी है। 
 
मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही आरोपों एवं प्रत्यारोपों का दौर भी शुरू हो चुका है। बसपा प्रत्याशी हसीन खान ने दकाकों पुरानी मांग के बाबजूद काशीपुर जिले की गठन न हो पाने के लिए भाजपा व कांगे्रस को दोषी ठहराया है। जिले की मांग पर विधायक हरभजन सिंह चीमा की चुप्पी पर हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा कि जिले की पैरवी करने पर चीमा को अपना टिकट कटने का भय सता रहा है। उन्हें जनता के हितों से अपने राजनैतिक भविष्य की चिन्ता है। वहीं पुरोला केा जिला मुख्यालय बनाने की घोषणा को लेकर भी यहां हंगामा जबरदस्त हो रहा है। कल यहां उग्र आंदोलन हुआ था जिसमें गुस्साए लोगों ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया था जबकि अधिकारियों को भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी थी। आज भी पुरोला के बाजार बंद रहे। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। वहीं लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पुरोला को जिला मुख्यालय घोषित नहीं किया गया तो अधिकारियों को यहां से खदेड़ दिया जाएगा एवं सभी सरकारी कार्यालयों पर ताले ठोंक दिए जाऐंगे। 
 
वहीं जिला न बनने से काशीपुर में भी क्षेत्रीय विधायक हरभजन सिंह चीमा लोगों के निशाने पर हैं। लोगों ने उन्हें सरकार का असहाय विधायक बताते हुए चुनावों में सबक सिखाने की चेतावनी दी हैै। यहां जारी एक बयान में बसपा प्रत्याशी श्री खान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने काशीपुर को जिला घोषित न कर जहां क्षेत्र की जनता से विकावासघात किया है। वही जनता इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्र्ी एनडी तिवारी को भी दोष्ठाी मान रही है। जिले को लेकर शुरू हुए आंदोलन में क्षेत्र्ीय विधायक हरभजन सिंह चीमा व सांसद केसी सिंह बाबा द्वारा घोष्ठिात रूप से भागीदारी न करना यह साबित करता है। कि कांगेस, भाजपा व इन दलों से चुने गये जनप्रतिनिधिा कभी इस मांग के प्रति गंभीर नही रहे। जिसके चलते प्रदेका सरकार ने बगैर जरूरत के भी जिले बना दिये। जबकि काशीपुर को इस श्रेणी में नही समझा। टिकट कटने के भय से जिले की मांग पर चुप्पी साधो विघायक श्री चीमा से उन्होंने सवाल किया है कि जब जनता का ही उन पर से विश्वास उठ गया है। तो भाजपा का टिकट क्या वह शहद लगाकर चाटेगे?। श्री खान ने कहा कि काशीपुर जिले का दावा प्रदेश में बनाये गये नये जिलों की तुलना में कही अधिक सशक्त है। इस वास्तविकता से हर कोई वाकिफ है। परन्तु जनप्रतिनिधियों की काहिली ने आम जनमानस को उद्वेलित व आंदोलित कर दिया है। इन्ही की वजह से काश्ीपुर क्षेत्र विकास की दौड़ में लगातार पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने विधायक श्री चीमा से अपील की है कि वह पार्टी के टिकट का मोह त्याग कर काशीपुर जिले की मांग पर हो रहे जनआंदोलन का समर्थन करें। अन्यथा काशीपुर की जनता उन्हें कभी माफ नही करेंगी। श्री खान ने कहा कि बसपा नेत्ृत्व ने राज्य गठन से पूर्व ही उत्तराखण्ड को नये जिलों की सौगात दी थी। उन्होने कहा कि वह काशीपुर जिले की मांग के कट््टर समर्थक है। इसके लिए वह अपने व पार्टी स्तर पर भरसक प्रयास करते रहेंगे। 
 

शराब की तस्करी में लिप्त दो महिलाएं गिरफ्तार

देहरादून। अवैध शराब के साथ पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के पास से सैकड़ों पव्वे देशी शराब के बरामद किए गए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ऋषिकेश पुलिस ने चंद्रभागा पुल के पास चैकिंग के दौरान रामचंद्र निवासी लोहराडी बनारस के पास से बीस पव्वे देशी शराब के एवं कैनाल गेट आईडीपीएल के पास से कैलादेवी पत्नी सुशील को गिरफ्तार करते हुए इसके पास से दस पव्वे देशी शराब के बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार कैलादेवी महिला होने का लाभ उठाते हुए अवैध शराब की तस्करी करती आ रही थी और कल शाम चैकिंग के दौरान पकड़ी गयी। 
 
वहीं बसंत विहार पुलिस ने भी अवैध शराब की तस्करी में लिप्त एक और महिला को श्यामपुर के पास से गिरफ्तार किया और इसके पास से ९६ पव्वे देशी शराब के बरामद किए। पकड़ी गयी महिला का नाम अनिता पत्नी जय सिंह निवासी श्यामपुर बताया। अनिता भी देशी शराब की तस्करी में लिप्त है और लंबे समय से देशी शराब की बिक्री करती आ रही है। तीनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है।

 

पुलिस ने पकड़ा हजारों का जुआ

देहरादून। कोतवाली पुलिस ने राजपुर रोड दिलाराम बाजार के निकट एक बड़ा हुआ पकडा। जुए में हालांकि दस हजार रूपए बरामद होने की बात सामने आ रही है लेकिन क्षेत्र में इस पैसे की बरामदगी को लेकर अलग ही चर्चा है। चर्चा है कि बरामद राशि से कहीं अधिक की रकम पुलिस के हाथ्ज्ञ लगी जो रातों-रात हजम कर ली गयी। हालांकि कोतवाली पुलिस ने बरामद रकम को सही बताने का दावा किया है। सभी जुआरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

कोतवाली क्षेत्र दिलाराम बाजार में जुआ खेल रहे गिरोह पर पुलिस ने कल रात छापा मारा और आधा दर्जन जुआरियों को धर दबोचा। इन लोगों के पास से दस हजार रूपए बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार मोटा जुआ लगने की सूचना मिली थी लेकिन जब पुलिस ने छापा मारा तो इन लोगों के पास से दस हजार दो सौ रूपए बरामद हुए। पुलिस ने सभी जुआरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली क्षेत्र में कल रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दिलाराम बाजार के पास कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं जिनमें कुछ स्थानीय व्यापारी भी शामिल हैं। पुलिस को बताया गया था कि जुए में मोटी रकम लगाई जा रही है। सूचना के बाद पुलिस ने जुआरियों को दबोचने के लिए तत्काल टीम बनाई और बताए गए स्थान पर छापा मारा। पुलिस को देख कर जुआरियों में हडक़ंप मच गया और सभी लोग भागने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान पुलिस ने सभी को घेराबंदी करते हुए दबोच लिया। मौके पर तलाशी लेने पर पुलिस को यहां जुए में लगाई गयी दस हजार दो सौ रूपए की धनराशि बरामद हुई। पकड़े गए लोगों के नाम हरिओम निवासी पीपलमंडी, सोबत सिंह निवासी खुडबुड़ा, मौहम्मद अली निवासी मोतीबाजार, हेमंत कुमार निवासी अखाड़ा मौहल्ला, राकेश कुमार निवासी मोतीबाजार एवं बाबू निवासी मुस्लिम कॉलोनी हैं। 

 

देश भर की निगाहों रामलीला मैदान पर टिकी

देहरादून। अन्ना को समर्थन का दौर दून में लगातार जारी है। दून से हजारों की तादाद में लोग आज सवेरे दिल्ली के लिए रवाना हुए जो इस देश व्यापी मुहिम के प्रत्यक्ष भागीदार बनेंगें। वहंी अभी भी दून में लोकपाल बिल के समर्थन में लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने में आ रहा है। अन्ना हजारे मुहिम को समर्थन देने के लिए आज भी दून में लोकपाल बिल के समर्थन में दून वासियों का समर्थन जारी रहा। छात्र संगठनों के साथ ही कई गैर सामाजिक संगठन भी अन्ना की मुहिम में सडक़ों पर उतर गए हैं। 

अन्ना हजार के आज जेल से रिहा होने के बाद इस आंदोलन में और तेजी आ गयी है। लोकपाल बिल एवं अन्ना के समर्थन में आज भी दून में केंद्र सरकार की दमनात्मक नीति का विरोध किया गया। समर्थकों ने घंटाघर पर एकत्रित होना शुरू कर दिया था। लोगों ने अन्ना के समर्थन में नारे लगाए और कहा कि आखिरकार सरकार को अनशन करने की अनुमति देनी ही पड़ी। वहीं अब दिल्ली प्रशासन रामलीला को ठीक करने में जुट गया है। दून में प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि यह अन्ना एवं उनसे जुड़े लोगों की जीत है जिन्होंने बिना रक्त बहाए केंद्र सरकार को झुकने पर तैयार कर दिया और साबित कर दिया कि अहिंसा आज भी एक बड़ा हथियार है।

वहीं हरिद्वार, ऋषिकेश, कोटद्वार, पौड़ी, विकासनगर, मसूरी, अल्मोड़ा, नैनीताल सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में भी अन्ना की लहर अपने पूरे शबाब पर है। यहां भी लोगों ने खुलकर अन्ना को समर्थन देने में कोई कसर बाकी नहंी छोड़ी। 
उधर दिल्ली में अन्ना आज दिन में लगभग बारह बजे तिहाड़ जेल से बाहर आ गए और उन्होंने खुले वाहन में रामलीला मैदान की ओर कूच किया। वहीं भारी बारिश के कारण दो दिन से रामलीला मैदान में चल रही तैयारियोंं पर पानी फिर गया है हालांकि समर्थकों का हुजुम सुबह से ही इस मैदान में उमडऩे लगा था। दून से भी कई लोग अन्ना की इस मुहिम में शामिल हेाने के लिए आज सुबह दिल्ली रवाना हो गए हैं।


 

अन्ना व जन लोकपाल बिल के समर्थन में बंद रहा पिथौरागढ़ : जन लोकपाल बिल को शीघ्र पारित किये जाने की मांग

पिथौरागढ़। जन लोकपाल बिल को लेकर अन्ना हजारे की मुहिम के समर्थन में गुरुवार को पिथौरागढ़ में बाजार बंद रहा। विभिन्न संगठनों ने मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जन लोकपाल बिल को शीघ्र पारित किये जाने की मांग की।
 
उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर गुरुवार को व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। नगर के गांधी चौक पर एकत्र हुए व्यापारियों ने एक सभा की। सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार का सबसे अधिक खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जन लोकपाल बिल से इस समस्या से निजात मिल सकती है, इसलिए जन लोकपाल बिल को शीघ्र पारित किया जाना जरूरी है। सभा के माध्यम से जन लोकपाल बिल को शीघ्र पारित करने की मांग की गई। सभा को उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर, जिलाध्यक्ष पवन जोशी, उपाध्यक्ष राजेश पंगरिया, नगर महामंत्री जनक जोशी, संतोष बिष्ट, सीबी गुप्ता आदि ने सम्बोधित किया। सभा के बाद व्यापारियों और अन्य संगठनों के लोगों ने जुलूस निकाला। आरएनएस संवाददाता की जानकारी के अनुसार नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए जुलूस जिला कार्यालय पहुंचा, जहां जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर जन लोकपाल बिल को शीघ्र पारित कराने की मांग की गई। नगर का बाजार पूरे दिन बंद रहा। दूरदराज के क्षेत्रों से खरीददारी के लिए आये लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
 
जिला अधिवक्ता संस्था ने एक बैठक कर जन लोकपाल बिल को पारित करने के लिए अन्ना हजारे द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। एसोसिएशन की ओर से देश के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। इसमें मांग की गई कि जनलोकपाल बिल को बगैर किसी परिवर्तन के संसद के समक्ष रखने हेतु आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
 
गंगोलीहाट : अन्ना हजारे के समर्थन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय में तालाबंदी की। जुलूस के बाद हुई सभा में जन लोकपाल बिल को शीघ्र पारित करने की मांग की गई। सभा को अभाविप के खंड अध्यक्ष चंदन बिष्ट, कोषाध्यक्ष नारायण बिष्ट, पप्पू सिंह, भगवान बिष्ट, बसंत, नंदा सिंह, राजू आर्या, अशोक सिंह आदि शामिल थे।



 

प्राईवेट क्लीनिकों पर स्वास्थ विभाग की छापेमारी : एक दर्जन से अधिक झोलाछाप डाक्टर धरे

ऋषिकेश,आजखबर। डोईवाला और ऋषिकेश के कई क्लीनिकों पर स्वास्थ विभाग की छापामारी से झोला छाप डाक्टरों मे हडकंप मच गया। उतरांखण्ड में गैर मान्यता प्राप्त झोला छाप डाक्टरों द्वारा की जा रही प्रेैक्टिस के विरूद्ध उपजिलाधिकारी ने निर्देशन दिये थे। जिसके बाद स्वास्थ विभाग की टीम ने रानीपोखरी, ऋषिकेश, श्यामपुर, रायवाला, आदि क्षेत्रों में 35 चिकित्सालयों पर छापामारी की। 
छापेमारी को देखते हुए कुछ डाक्टर अपनी दुकानो को बंद कर भाग खड़े हुए तो कुछ  गिरफ्त में आ गये। इस कार्रवाही मे  एक दर्जन से अधिक दुकानो को सील कर दिया गया तथा कुछ को अपनी पत्रावली दिखाने के आदेश देकर छोड़ दिया गया । 
 
उपजिलाधिकारी पीएस शाह के निर्देशन में जिले के डिप्टी सीएमओ बीएस रावत व आयुर्वेदिक चिकित्साधीक्षक पीपी उनियाल के नेतृत्व में सर्वोच्च न्यायालय की सीविल अपील सं0 20.06.1996 व 24.04.2000 के आदेश लोकायुक्त उत्राखण्ड के आदेश सं 1158/लोकेा ए 1056 2009 के तहत उक्त चिकित्सकों के यहां छापामारी की गई जिसमें कुछ डाक्टरों द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के बाहर की डिग्रीयों पर राज्य में प्रैक्टिस किये जाने पर कार्यवाई की गई। छापामारी में पाया गया कि आयुर्वेद के लाईसेंसधारी चिकित्सकों द्वारा गली मोहल्लों में एलौपेथिक दवाईंयां देकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं जो कि नियम विरूद्ध है। उक्त छापामारी में ऋषिकेश रेलवे स्टेशन मायाकुण्ड श्यामपुर कुम्हारबाड़ा रायवाला आदि क्षेत्रों में गैर तरीके से पेरक्टिस कर रहे चिकित्सकों की दुकानो को सील कर दिया गया है तथा कुछ को अपनी पत्रावली उपलब्ध कराने की चेतावनी के साथ छोड़ दिया गया ।
 

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