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कांवड मेले में बम रखने का झूठा एसएमएस भेजने वाला युवक गिरफ्रतार

हरिद्वार : चार दिन पूर्व खड़खड़ी चैकी प्रभारी सहित अन्य लोगों को कांवड़ मेले में दो स्थानों पर बम रखे होने की झूठा एसएमएस के जरिये दहशहत पफैलाने का प्रयास करने वाले युवक को आज पुलिस ने ध्रदबोचा है। जिसके खिलापफ सम्बंध्ति धराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बात की जानकारी आज नगर पुलिस अध्ीक्षक डाॅ केएल शाह ने सीसीआर स्थित अपने कार्यालय में पत्राकारों को दी। उन्होंने बताया कि कांवड मेले के दौरान गत 26 जुलाई को खड़खड़ी चैकी प्रभारी आशुतोष राणा के मोबाईल पर एसएमएस आया, जिसमें कहा गया था कि हरिद्वार में बम ब्लास्ट करने की योजना है, योजना के तहत एक बम सूखी नदी के पास पल्सर बाईक में रखा है जोकि रात को सात बजें पफट जाएगा और दूसरा बम भीमगोड़ा कुण्ड के पास रिक्शे में रखा है। यदि तुम तीर्थनगरी को बचा सकते हो तो बचा लो। इसी प्रकार को एसएमएम अन्य लोगों को भी आया। जिससे पुलिस विभाग व अन्य लोगों में हड़कम्प मच गया। अनन -पफनन में दोनों स्थानों पर बम निरोध्क दस्ता व डाॅग स्क्वायड से सघन तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई संदिग्ध् वस्तु नही मिली। उन्हांेने बताया कि इस झूठे एसएमएस के नम्बर पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो वह स्विच आॅपफ आने लगा। जब नम्बर की जांच की गयी तो पता चला कि यह नम्बर अनिल कुमार पुत्रा राम शरण वर्मा निवासी मौहल्ला खत्राीयान जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश का निकला। जब पुलिस ने जांच कर पता लगाया तो जानकारी मिली कि अनिल कुमार का मोबाईल 24 जुलाई को सूखी नदी के पास खो गया था। जब नम्बर को सर्विलांस पर लगाया गया तो जानकारी मिली कि यह सीम का प्रयोग अभिमन्यु पुत्रा विजय कपिल निवासी कंुजगली खड़खड़ी हरिद्वार द्वारा अपने पफोन में डालकर किया गया है। पुलिस ने उक्त युवक के खिलापफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। लेकिन इस सूचना को इसलिए दबाये रखा ताकि शहर में दहशत का माहौल पैदा न हो। इसलिए कांवड मेला सम्पन्न होने पर युवक की तलाश की गयी तो पुलिस को आज सूचना मिली की अभिमन्यु दूघाधरी चैक पर देखा गया है। पुलिस ने मौके पर पहंुचकर युवक को ध्रदबोचा। जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस ने युवक के खिलापफ मामला दर्ज कर लिया है। 

एसपी और डीएफओ के आश्वासन पर माने संत

उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में वन और पुलिसकर्मियों के उत्पीडऩ के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे संत निर्मलदास ने डीएफओ व एसपी से वार्ता के बाद अनशन समाप्त कर दिया। दोनों अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में कर्मचारियों के संतों के साथ अमर्यादित व्यवहार न करने का आश्वासन दिया।

गंगोत्री गोमुख पैदल मार्ग पर जंगलात व पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाते संत निर्मलदास ने शुक्रवार को मणिकर्णिका घाट पर आमरण अनशन शुरू किया था। अनशन को चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे, कि वन और पुलिस महकमे हरकत में आ गये। वन विभाग ने कार्रवाई करते कनखू बैरियर में तैनात और संत से अभद्रता करने वाले तीन वनकर्मियों को वहां से हटा दिया। इसके बाद रेंजर आशीष डिमरी मणिकर्णिका घाट पहुंचे और अनशन पर बैठे संत निर्मलदास और अन्य संतों को वार्ता के लिये तैयार किया। एसपी सदानंद दाते और डीएफओ से संतों की करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। डीएफओ ने संतों को विभागीय कार्यवाही के बारे में अवगत कराया। वहीं दोनों अधिकारियों ने संतों को कर्मचारियों के भविष्य में संतों के साथ मर्यादित व्यवहार करने का भरोसा दिलाया। संतों की गोमुख व तपोवन तक स्थायी तौर पर साधना करने की अनुमति को लेकर डीएफओ ने कहा कि गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र का मामला होने के कारण इस बारे में उच्च स्तर से ही निर्णय लिया जा सकता है। इसके लिये संतों को अपनी मांग सीधे शासन को भेजनी होगी। वार्ता के बाद संत ने अपना अनशन तोड़ दिया। इस मौके पर गंगोत्री साधू सभा के सचिव अनिल स्वरूप ब्रह्मचारी व स्वामी बलदेवानंद भी मौजूद रहे।
 

पिथौरागढ़ में पोस्टआफिस ऑन व्हील्स योजना शुरू

पिथौरागढ़। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में समाज कल्याण की पेंशन और मनरेगा की मजदूरी का भुगतान करने के लिए पोस्ट आफिस ऑन व्हील्स योजना शुरू हो गई है। जिलाधिकारी एमसी जोशी ने जिले के दूरस्थ गांव सिल्लाचिंगरी में योजना का उद्घाटन किया।

योजना का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी डा.एमसी जोशी ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विधवा, विकलांग पेंशन लेने के लिए 70 किलोमीटर दूर मुख्यालय आना पड़ता था। इससे समय के साथ ही खासा आर्थिक व्यय भी उन्हें करना पड़ता था। इसको देखते हुए प्रशासन ने अब लाभार्थियों को उनके गांव के पोस्टआफिस से ही भुगतान के लिए पोस्टआफिस ऑन व्हील्स योजना शुरू कर दी है। प्रत्येक माह की 16 और 30 तारीख को लाभार्थियों को पेंशन दी जायेगी। इसी के साथ मनरेगा की मजदूरी का भुगतान भी इस योजना के तहत किया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान ही जिलाधिकारी ने सेलसल्ला, जाजरचिंगरी और हिमतड़ गांवों के 92 मनरेगा लाभार्थियों को 1,37,080 रुपये की नकद धनराशि वितरित की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने गांव में चौपाल लगाकर क्षेत्रवासियों की जनसमस्यायें भी सुनीं। जिलाधिकारी ने चौपाल में आई समस्याओं का समाधान करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि इसी तर्ज पर दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल बैकिंग भी शुरू की जायेगी। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी जेसी पंत, खंड विकास अधिकारी मूनाकोट डीआर लोहिया, डाक अधीक्षक जीसी तिवारी सहित तमाम ग्रामीण मौजूद थे।

 

तहसील की मांग को नारेबाजी

पिथौरागढ़।  तहसील की मांग को लेकर कनालीछीना और देवलथल में क्रमिक अनशन जारी है। देवलथल में आंदोलन को पांच माह पूरे होने पर संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कनालीछीना संघर्ष समिति ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
 
देवलथल में शनिवार को गोविन्द पांडेय, नरेश पांडेय, हरीश जोशी, दिनेश शास्त्री और भाष्कर जोशी अनशन पर बैठे। जबकि तुलसी पांडेय, पुष्पा जोशी, राधिका देवी, दानसिंह, कल्याण सिंह, श्याम सिंह और फकीर राम ने समर्थन में धरना दिया। इस मौके पर प्रदेश सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए संघर्ष समिति ने जोरदार नारेबाजी की और आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी।
कनालीछीना:कनालीछीना को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की मांग को लेकर 67वें दिन सिरोली की ग्राम प्रधान विमला भंडारी के नेतृत्व में सुनील भंडारी और नीरज भंडारी बैठे। जबकि समर्थन में दीपक भंडारी, मदन भंडारी, मनोहर भंडारी और मन्नू बैठे। इस मौके पर आयोजित सभा में संघर्ष समिति के अध्यक्ष कै. गोपाल सिंह भंडारी ने कहा कि आंदोलन को दो माह से अधिक का समय हो गया है। परंतु शासन द्वारा कोई सुध नहीं ली गई है। इसके खिलाफ अब राष्ट्रीय राजमार्ग में चक्काजाम किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पांच अगस्त को प्रस्तावित बैठक में इसका निर्णय लिया जाएगा।

 

नहीं लौटा लापता अमित, लोगों का सब्र टूटा, लगाया जाम

देहरादून। आईआईपीएम के अधिकारी के लापता होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। तीन दिन से युवक के बारे में कोई सुराग न मिलने पाने के बाद अब परिजनों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। परिजनों एवं अन्य लोगों ने आज थाने में ही पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि यदि जल्द से जल्द अमित का पता नहंी चला तो वह सैकड़ों लोगों के साथ ही थाने में ही डेरा डाल देंगे। कल भी स्थानीय लोगों ने थाने मेें बवाल मचाया था और अमित की जल्द से जल्द बरामदगी की मांग उठाई थी। वहीं बाद मेंं लोगों ने थाने के आगे ही जाम लगा दिया जिससे पुलिस के होश फाख्ता हो गए।

तीन दिन से लापता अधोईवाला निवासी अमित शाह का कुछ पता नहीं लग पाया है। मोबाईल से भी पुलिस को ऐसी कोई जानकारी अब तक हाथ नहीं लग पाई है जिससे कि अमित के बारे में जानकारी हाथ लग सके। अमित के संपर्क में आए कुछ लोगों ने पुलिस से पूछताछ जरूर की है लेकिन लंबी पूछताछ के बाद भी अमित का बरामद होना एक लंबी पहेली बन गया है। आज भी उसके परिजन एवं स्थानीय लोगों ने थाने में डेरा जमाए रखा। पुलिस की कार्यशैली से नाराज लोगों ने थाने में ही नारेबाजी शुरू कर दी जिससे पुलिस की मुसीबत बढ गयी। थाना पुलिस ने लोगों को समझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। परिजनों का कहना था कि पुलिस इस मामले केा हल्के में ले रही है और रोज नए-नए बहाने बना कर मामले केा दूसरी तरफ मोडऩे का प्रयास कर रही है। पुलिस के जवाब से असंतुष्ट लोगों ने थाने में ही पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 
 
वहीं अमित के बारे में दून पुलिस ने आसपास के थानों सहित दिल्ली में भी उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार फिलहाल अधिक जानकारी अमित के बारे में हाथ नहीं  लग पाई है लेकिन बावजूद इसके अमित को तलाशने के सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
 

प्लॉट पर कब्जे का प्रयास, दीवार तोड़ी, मारपीट

देहरादून। दीवार के विवाद में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक पक्ष ने प्लॉट की दीवार क्षतिग्रस्त कर दी है एवं गालीगलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस के अनुसार तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही है।

संपत्ति विवाद का यह मामला कैंट क्षेत्र कोल्हूपानी लोवर का है। तेग बहादुर रोड निवासी नीरज सिंह ने शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि कोल्हूपानी लोवर में उनका प्लॉट है जिसमें उन्हेंाने दीवार भी बना रखी है। परसों दिन में कुछ लेाग उनके प्लॉट पर कब्जा करने की नीयत से जबरन घुस आए। उस वक्त वहां पर उनके रिश्तेदार विवेक व नवाब सिंह थे। इन लोगों ने दोनों के साथ मारपीट की एवं प्लॉट से बाहर निकलने को कहा। दोनेंा जब इस प्लॉट को अपना बताते हुए जाने से मना कर दिया तो राकेश त्यागी, रवि कार्की एवं सोनू ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी तथा जान से मारने की धमकी। नीरज सिंह के अनुसार राकेश त्यागी का जिला हॉस्टल के नाम से हास्टल है और उसकी जमीन पर वह लंबे समय से नजर गढाए बैठा है। पुलिस ने तीनों लेागों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई श्ुरू कर दी है।


 

देहरादून-हरिद्वार-दिल्ली राजमार्ग पर यातायात सामान्य

देहरारदून। सावन की कांवड़ यात्रा खत्म होने के साथ ही पिछले दो सप्ताह से बाधित देहरादून-हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य हो गया है।
 
हरिद्वार की गंगा नदी से जल भरकर शिव मंदिरों में चढ़ाने जाने वाले कांवडियों को परेशानी न हो इसके लिए यातायात मार्ग में बदलाव किए गए थे। कांवड़ यात्रा सावन माह के प्रथमा से शुरू होती हे और त्रयोदशी को शिवरात्रि के दिन समाप्त होती है।


 

हिचकोले खाकर सफर करना यात्रियों की मजबूरी

चम्पावत। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ और चम्पावत की लाइफ लाइन कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग टनकपुर पिथौरागढ़ की हालत इन दिनों बेहद खराब है। वर्षा से यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है और हिचकोले खाकर सफर करना यात्रियों की मजबूरी बना है।

मालूम हो कि वर्ष 1948 में लोनिवि द्वारा बनाया गया यह मार्ग वर्ष 62 के चायना युद्ध के बाद सीमा सडक़ संगठन के अधीन आ गया। तब से ग्रिफ ही इसकी देखरेख और मरम्मत का कार्य करता आया है। 10 साल पूर्व नेशनल हाइवे घोषित होने पर इसके चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। रोड कटिंग के कारण कई स्थानों पर जहां आए दिन चट्टानें दरकने के साथ ही मलबा आता रहता है। वहीं इस बरसात से कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं। इसमें यातायात संचालन करने वाले चालकों को तो दिक्कतें आ ही रही है, यात्रियों को भी हिचकोले खाने पड़ रहे हैं।
 
इधर सीमा सडक़ संगठन के अधिकारियों का कहना है कि बरसात के बाद मार्ग पर डामरीकरण का कार्य शुरू कर मरम्मत की जाएगी। फिलहाल गड्ढों को रोड़ों से पाटने का काम होगा।
 
वर्षा के चलते शुक्रवार को राजमार्ग के चल्थी और बेलखेत में मलबा आने से पांच घंटे आवाजाही बंद रही। इससे सैकड़ों वाहनों की कतारें लग गई और यात्रियों को गंतव्यों तक पहुंचने में दिक्कतें झेलनी पड़ी।
 

34 घंटे के बाद खुले चारधाम मार्ग

देहरादून। सूबे में गत बुधवार की रात से निरन्तर हो रही बारीश के थमने से गढ़वाल क्षेत्र में स्थित चारधाम मार्गो को शनिवार को चालू कर दिया गया, जिससे हजारों की संख्या में पहुंचे तीर्थयात्रियों में खुशी की लहर नजर आयी।
 
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार आरएनएस संवाददाता को बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज वर्षा थमी रही, जिससे लोगों ने राहत ली। हालांकि राज्य में अब तक पांच महिलाओं सहित 19 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तरकाशी जिले के नालूपानी के पास सडक़ पर आए मलबे को साफ कर लिया गया है, जिससे ऋ षिकेश-गंगोत्री मार्ग को पिछले 34 घंटे के बाद खोल दिया गया। इस मार्ग पर जगह-जगह पहाड़ों से मलबा आने से अस्थाई रूप से बंद करना पडा था, जिससे मार्ग के दोनों ओर सैंकड़ों वाहन तथा यात्री फंसे हुए थे।
इसी तरह हिंदुओं के सर्वोच्च तीर्थ बद्रीनाथ तथा केदारनाथ मार्ग पर सिरोबगड़ के पास आए मलबे को भी साफ कर यातायात शुरू कर दिया गया है। यात्रियों को एहतियात के साथ वाहन चलाने को कहा गया है। वर्षा के कारण कल उत्तरकाशी जिले के मनियागांव के पास पहाड़ी से आए मलबे को साफ कर ऋ षिकेश-यमुनोत्री मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया था।
 
सूत्रों के अनुसार ऋ षिकेश श्रीनगर मार्ग पर तपोवन के पास बंद पड़े मार्ग को भी शनिवार को खोल दिया गया। राज्य में कपकोट बागेश्वर मार्ग को भी कई स्थानों पर खोल दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि राज्य में मुख्य मार्गो को छोडक़र करीब 100 की संख्या में संपर्क मार्गो पर मलबा आने से इन पर यातायात अभी भी बंद है। विभिन्न जिलों में प्रशासन, चिकित्सा, बिजली, पेयजल, पुलिस, तथा लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को छुट्टियों पर पूर्व से लगी रोक अभी भी जारी है। 

 

बीएसएनएल की पेशकश , शुरू की वायरलैस फोन सेवा

देहरादून। संचार की दुनिया में अग्रणी रहने वाले भारत संचार निगम ने नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को बेहतर संचार सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फिक्सड वायरलैस फोन सेवा शुरू की है। यह सेवा जहां अनेक अत्याधुनिक सुविधायें उपलब्ध हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इन सुविधाओं का आसानी से फायदा उठा सकेंगे।
 
बीएसएनएल की लैंडलाइन सेवा के विकल्प के रूप में पेश की गई इस योजना के संबंध में उपमंडल अभियंता एलएम तिवारी ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि बेसिक फोन की उपलब्धता में आने वाली भौगोलिक समस्याओं के विकल्प के रूप में शुरू इस योजना से नगरीय इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता भी इससे लाभान्वित होंगे। विशेष आफर के तहत शुरू यह योजना प्रीपेड है। इस दूरभाष संयोजन में बड़ी स्क्रीन के साथ एसएमएस भेजने, 200 से अधिक नम्बर स्टोर करने, स्पीकर फोन, घड़ी व कैलकुलेटर सुविधा, थ्री पार्टी काफ्रेंस, फोन के व्यस्त रहने व उत्तर न मिलने पर अग्रसारण की सुविधाओं समेत अनेक अन्य खूबियां हैं।
बीएसएनएल द्वारा शुरू की गयी एफडब्ल्यूपी सेवा को उपभोक्ता काफी पसंद कर रहे हैं। उपमंडलीय अभियंता एलएम तिवारी ने बताया कि चार जनपदों में योजना के शुरू होते ही पांच दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं को यह संयोजन दिया जा चुका है। अब विभाग इसे दूरस्थ इलाकों तक आसानी से उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा है

 

स्पीक एशिया बना चर्चा का विषय, निवेशकों के होश फाख्ता

देहरादून। स्पीक एशिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर तारेक वाजपेयी को मुंबई क्राइम ब्रांच के हिरासत में लेने की बीती शाम को खबर मिलते ही दून में कंपनी के हजारों निवेशकों के होश फाख्ता हो गए। स्पीक एशिया से जुडे लोग लोग खबर की पूरी जानकारी जुटाने को यहां-वहां फोन करते रहे और टीवी न्यूज चैनलों को देखकर खुद को अपडेट करते रहे। निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर थी कि कंपनी का क्या होगा? ये आगे चलेगी भी कि नहीं? सैकड़ों पैनलिस्ट कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नजरें गड़ाए रहे। साथ ही, एक दूसरे पैनलिस्ट को फोन करके जानकारी जुटाते रहे। दून नगरी में आज अधितर लोगों के मुंह पर स्पीक एशिया का नाम उबाला लेता नजर आया । दरअसल, कंपनी ने 11,000 रुपये के निवेश पर हर महीने 4000 रुपये की गारंटी दी थी। मोटी कमाई होने के आसार पर दून नगरी के हजारों लोग कंपनी से जुड़ गए थे। बताते हैं कि राजधानी में भी करीब 20,000 लोग स्पीक एशिया से जुड़े हुए हैं। 

 

टीम अन्ना की सरकार को चुनौती, धारा 144 के बावजूद होगा अनशन

नई दिल्ली. सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का जंतर-मंतर पर प्रस्तावित अनशन टल जाने की उम्मीद है। मजबूत लोकपाल की मांग को लेकर 16 अगस्त से जंतर-मंतर पर अनशन की तैयारियों में जुटे अन्ना को दिल्ली पुलिस ने तगड़ा झटका दिया है। दिल्ली पुलिस ने अन्ना को जंतर-मंतर पर बेमियादी अनशन के लिए हरी झंडी देने से इनकार कर दिया है। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सदन के आसपास धारा 144 लागू करने के आदेश दिए गए हैं। अन्ना ने बीते अप्रैल में इसी जगह से जन लोकपाल की लड़ाई का शंखनाद किया था। उम्मीद है कि हजारे अनशन की इजाजत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

टीम अन्ना ने जंतर-मंतर पर अनशन की इजाजत नहीं मिलने पर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि निषेधाज्ञा के बावजूद अन्ना हजारे का शांतिपूर्वक अनशन होगा। उन्होंने आज पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शांतिपूर्वक अनशन के लिए रोकना संविधान की श्हत्याश् है। संविधान के तहत देश के नागरिकों को हासिल मूल अधिकारों में भी शांतिपूर्वक सभा करने का प्रावधान है।

दिल्ली पुलिस ने अन्ना को जंतर-मंतर पर अनशन से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट के 2009 में दिए गए एक आदेश का हवाला दिया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वो कोर्ट के आदेश के मुताबिक दिल्ली में किसी भी स्थान पर बेमियादी धरना की इजाजत नहीं दे सकती। पुलिस का कहना है कि चूंकि उस वक्त संसद का सत्र चल रहा होगा, ऐसे में किसी को जंतर-मंतर पर पूरा जगह घेरने की इजाजत नहीं दी जा सकती है क्योंकि उस वक्त कई अन्य संगठन भी विरोध प्रदर्शन के लिए वहां जुट सकते हैं।
जंतर-मंतर पर धरने की इजाजत के लिए टीम अन्ना की ओर से लिखे खत के जवाब में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि टीम अन्ना चाहे तो अनशन स्थल दिल्ली के बाहरी इलाकों में शिफ्ट कर सकती है या फिर एक निश्चित समय-सीमा दे जिस दौरान उन्हें धरना-प्रदर्शन की इजाजत दी जा सके।
 
इससे पहले सरकार ने लोकपाल बिल के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट को मंजूरी देकर टीम अन्ना को झटका दिया। सरकार के मसौदे में मौजूदा पीएम और न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा गया है जबकि टीम अन्ना मौजूदा पीएम को भी लोकपाल के दायरे में रखना चाहती थी।
 
केंद्रीय कैबिनेट ने सरकार के प्रतिनिधियों की तरफ से पेश किए गए ड्राफ्ट को कुछ बदलावों के साथ गुरूवार को हरी झंडी दिखा दी, लेकिन गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना के ड्राफ्ट को दरकिनार कर दिया। कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए बिल को संसद की मंजूरी के लिए 1 अगस्त से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र में पेश किया जाएगा। सरकार के एकतरफा फैसले से नाराज अन्ना और उनके समर्थकों ने 9 अगस्त को सरकारी बिल की प्रतियां जलाने का फैसला किया है।
 
 

An injured tusker was sighted limping in the forest

Dehradun: An injured tusker was sighted limping in the forest by personnel of the Forest Department in the Haridwar forest division. Animal rights groups alleged that the divisional staff was trying to drive the elephant to within the boundaries of the Rajaji National Park in order to avoid the trouble of facilitating the treatment of the pachyderm. In a mail sent to the PCCF RBS Rawat and Chief Wildlife Warden Srikant Chandola, the PFA Uttarakhand member secretary Gauri Maulekhi stated that organisation members and local residents saw forest guards and villagers trying to drive a young tusker aged about 17 years with a swollen left hind leg, towards the boundary of the Rajaji National Park across the Pilli river. Two tractors had been employed to hasten the animal towards Rajaji to avoid the hassle of treating its injury. The injured tusker was last seen in Pilli compartment number two while undergoing an ordeal which might even prove fatal for the pachyderm, she added. Meanwhile, the Shivalik Circle Conservator of Forests JS Suhag said that he had been informed about the sighting of a limping tusker in the forests of Haridwar division. However he stressed that the forest guards and the villagers would in no way try to drive the injured elephant towards the national park boundary because the main aim in such a situation is to facilitate the treatment of the pachyderm which will be done irrespective of whether the animal is in the Haridwar forest division or Rajaji. 

Authorities unable to control piracy

Dehradun: The business of pirated CDs and DVDs has continued to increase as the authorities seem to have surrendered to this illegal trade. The police, concerning departments and members of the business fraternity appear to have lost hope of eradicating this thriving criminal activity. This trade is flourishing in the open at major locations across the city including the Clock Tower, Kanak Chowk, Astley Hall and Darshan Lal Chowk. The sale of pirated CDs and DVDs is a major threat to the entertainment industry which has had a direct impact on the earnings of the city's cinema halls.

The periodic efforts undertaken by the authorities to clamp down on this trade have had little or no impact on this illegal business.  On condition of anonymity, even Government officials acknowledge that authorities aren't taking necessary action because all the efforts made in this direction are proving futile. When this correspondent tried to contact the District Entertainment Officer SS Pokhriyal, his assistant said that Pokhriyal was out of office and didn't have a mobile phone.The State Entertainment Tax Department head Vinay Kumar Rastogi, told the media, "We don't have the authority to take any action against those involved in piracy and sale of pirated discs. However, we inform the police from time to time about these activities so that raids could be conducted but police does not seem to have the time to attend to these matters", he added.The Dehradun SSP GS Martolia said, "We raid at the shops and other vendors who sell pirated CDs and DVDs, but only after receiving complaints from an authorised official of a company like T-Series, Moserbaer and other such. We can't take action without receiving a complaint." Speaking on the effect of piracy on cinema halls, the head of Dehradun Cinema Hall Association, Deepak Nagaliya said, "It has grown in to an uncontrollable illegal trade. We tried to stop this in the past but our efforts proved to be futile. At present there are no drives and campaigns being launched for the same. It's an activity which is not considered worth tackling by the police and entertainment department. This illegal trade negatively affects the earnings of cinema halls as people watch movies on pirated discs at their homes instead of going to the cinema hall. The people prefer pirated CDs and DVDs to cinema halls because the pirated products cost between `20-30 while compromising on the quality of the movies, he added.

The amount of rainfall has broken last years record

Doiwala : Heavy rains this year have broken the record of the last year. Today, thursday, July 28, 174.4 mm of rainfall has been recorded in the area. Last year in July, the record was 538.6 mm whereas this year it has already touched 602.7 mm and we have three more days for the month to end. 

कार्यबहिष्कार का तोड़ निकालने के लिए ईएमआरआइ प्रबंधन तैयारी में जुटा : गुजरात से अधिकारियों को दून भेजा

देहरादून। फील्ड स्टाफ के कार्यबहिष्कार का तोड़ निकालने के लिए ईएमआरआइ प्रबंधन तैयारी में जुट गया है। अचानक आए क्राइसिस को देखते हुए गुजरात से अधिकारियों को दून भेजा गया है। वह भी यहां की स्थितियों की बराबर मॉनीटरिंग कर रहे हैं। फील्ड स्टाफ का बंदोबस्त करने में भी कंपनी प्रबंधन जुटा है। कंपनी अधिकारियों का दावा है कि सरकार से तीन सौ पीआरडी जवान उन्हें शुक्रवार तक मिल जाएंगे। सौ टेक्नीशियन दूसरे राज्यों से बुलाए जा रहे हैं। तकरीबन पन्द्रह पायलेट हिमाचल प्रदेश से दून आने वाले हैं।
 
शासन से वार्ता के बाद ईएमआरआइ के ऑपरेशन इंचार्ज मनीष टिंकू ने अपने कार्यालय में प्रेस कांन्फ्रेंस की। उन्होंने माना कि फील्ड स्टाफ के कार्यबहिष्कार पर जाने के कारण समूचे राज्य में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, लेकिन पूरी कोशिश चल रही है कि शुक्रवार तक हालात पूरी तरह सामान्य कर दिए जाएं। इसके लिए उन्होंने कंपनी की रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार से उन्हें तीन सौ पीआरडी जवान मिले हैं जिनमें से 180 गढ़वाल व 120 कुमांऊ में सेवाएं संभालेंगे। उन्होंने बताया कि गुरूवार शाम तक सत्तर गाडिय़ों का संचालन शुरू हो गया है। बाकी गाडिय़ों के लिए भी बंदोबस्त किए जा रहे हैं। बकौल, मनीष कर्मचारियों की मांग जायज नहीं है और यह सरकार भी मानती है। कर्मचारियों का सरकारीकरण किसी भी स्थिति में संभव नहीं। इसलिए उनकी कर्मचारियों से अपील है कि वह समय रहते काम पर लौट आएं। उन्होंने कहा कि कार्यबहिष्कार को देखते हुए हिमाचल प्रदेश से पन्द्रह पायलेट शुक्रवार तक दून में होंगे, जबकि सौ टेक्नीशियन दूसरे राज्यों से बुलाए जा रहे हैं। इसके अलावा समाचार पत्रों में विज्ञप्ति निकाल रिक्रूटमेंट शुरू किए जा रहे हैं। ताकि भविष्य में कभी ऐसी स्थिति बने तो पहले से बैकअप रहे। उन्होंने बताया कि शासन में हुई वार्ता में सरकारीकरण की मांग को खारिज किया गया है। जहां तक सवाल स्थानान्तरणों, इंश्योरेंस, मेडिक्लेम व अवकाश का है। इन पर कंपनी पुनर्विचार को तैयार है। एस्मा के तहत कार्रवाई पर बोले कि सरकार से खुद आग्रह किया कि फिलहाल कर्मियों पर इसके तहत कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा कि बागी कर्मचारी कंपनी से वार्ता के लिए तैयार नहीं है। गुजरात से आए एचआर हेड बाबू थॉमस ने बताया कि निलंबित कर्मचारियों को अभी सैलरी दी जा रही है। उनके खिलाफ जांच भी चल रही है। बर्खास्त हुए कर्मचारी दूसरों को बरगलाने का काम कर रहे हैं।
 
ऐसा नहीं कि केवल उत्तराखंड में कंपनी के साथ ऐसा हो रहा है बल्कि गुजरात, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी कर्मचारी बागी तेवर दिखा चुके हैं। यही वजह है कि वहां अब कर्मचारियों को संविदा के आधार पर रखा जा रहा है। यहां भी कंपनी की भावी योजना इसी तरह के कदम उठाने की है।
 

Balakrishna has not disappeared: Ramdev

Doiwala: Baba ramdev has been seen tensed and worried about CBI getting closer upon Patanjali Yoga Acharya Balkrishna.
 
Bara Ramdev arrived at the Jolly Grant airport at around 4:30 pm from Delhi and left without answering any questions of the media. He took shade of his supporters and just moved out.
 
Ramdev ignored the questions asked about Balkrishna being underground and also about the notie been given to them from CBI. All he asserted was that Balkrishna has not gone anywhere and is very well here. He further said that he will answer all question in the press conference at Patanjali.
 

कांवडिय़ों ने लूटे दूध के पैकेट

हरिद्वार। दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे जाम में फंसे दूध के ट्रक से कांवडिय़ों ने दूध के पैकेट लूट लिये। विरोध करने पर कांवडिय़ों ने ट्रक चालक को पीट दिया। कुछ देर बाद कांवडिय़े आंखों से ओझल हो गए।

पुलिस के अनुसार दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर दूध से भरा ट्रक जाम में फंसा हुआ था। पावनधाम भूपतवाला के पास लगभग एक दर्जन कांवडिय़े ट्रक के पास पहुंचे। कुछ कांवडिय़ों ने जाम लगे होने का कारण ट्रक चालक से पूछा। इस बीच पीछे से कांवडिय़ों की टोली ने दूध के पैकेट निकालने शुरू कर दिये। एक दर्जन दूध के पैकेट निकालने के दौरान ट्रक चालक की नजर कांवडिय़ों की गतिविधियों पर पड़ गई। यह देखकर ट्रक चालक ने कांवडिय़ों से दूध के पैकेट ट्रक में रखने के लिए कहा। इससे कांवडिय़े गुस्सा गए और ट्रक चालक को पीटना शुरू कर दिया। आधा दर्जन कांवडिय़ों ने दूध के 60-70 पैकेट लूट लिये। चालक के शोर मचाने पर डयूटी पर तैनात पुलिस कर्मी पहुंचे, लेकिन उससे पहले ही कांवडिय़े दूध के पैकेज लेकर फरार हो गए। इस बीच जाम खुल गया। पीछे से आ रहे वाहन स्वामियों ने ट्रक को आगे बढ़ाने के लिए बार-बार हार्न बजाए। हार्न सुनने के बाद भी वाहन न हटाने पर वाहन स्वामियों ने चालक को खरी-खोटी सुनाई। इस पर ट्रक चालक ट्रक लेकर चला गया। उधर, पुलिस ने तहरीर न आने की बात कही है।


 

अफसरों की लापरवाही भुगतेगी तीर्थनगरी

हरिद्वार। मानसून की बरसात ने पिछली बार शहर में व्यापक तबाही मचाई। सफाई न होने से गंदे नाले और चैक डैम हांफ गए। इस बार भी हालात जुदा नहीं दिख रहे। बारिश ज्यादा हुई तो शहर के एक दर्जन मोहल्लों को बरसात में फिर परेशानी झेलनी होगी।

साल 2007 में शहर ने बाढ़ का प्रकोप देखा। भारी बारिश के चलते मंसादेवी की पहाडिय़ों से मलबा आया। शहर में नाले व चैक डैम साफ नहीं थे, जिनसे पानी उफनाया और शहर जलमग्न हो गया। रेलवे से लेकर अन्य सार्वजनिक यातायात ठप हो गया। पिछले साल भी यही हालात रहे। शहर का अधिकांश हिस्सा जलमग्न रहा। इस बार पालिका और प्रशासन ने शहर के 90 से अधिक नालों व चैक डैम की सफाई का दावा किया है। लेकिन दावों के बावजूद सफाई पूरी तरह नहीं हुई है। नाले अब भी गंदगी से भरे पड़े हैं। अगर इस बार भी मानसून में बारिश ज्यादा हुई तो शहर को जलभराव से शायद ही कोई बचा पाए।
 
शहर के कई इलाकों को जलभराव से बचाने के लिए नालों का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन अब तक निर्माण कार्य की चाल बेहद सुस्त है। चंद्रचार्य चौक पर अब तक आरईएस निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाया। आर्यनगर, रामनगर में भी नाला निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।
 
जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने कहा कि शहर में जलभराव न हो इसके लिए समुचित कदम उठाए जाएंगे। संबंधित विभागों को जरुरी कदम उठाने को कहा गया है।

 

मांसा की दस्तक से सहमे राजाजी

हरिद्वार। राजाजी राष्ट्रीय पार्क में मांसा गिरोह की दस्तक के बाद जंगली जानवर सहम गए हैं। अभी तक वन्यजीव तस्करों से जूझ रहे पार्क प्रशासन ने अब इस नए गिरोह की दस्तक के बाद सभी रेंज में अलर्ट घोषित कर दिया है। जंगली जानवरों के मांस खाने के शौकीन लोग इस गिरोह के सदस्य हैं, जो पिछले काफी समय से पार्क के जानवरों के लिए काल साबित हो रहे हैं।

राजाजी राष्ट्रीय पार्क हमेशा से ही वन्यजीव तस्करों के निशाने पर रहता है। भातू गैंग, भीमा गैंग और संसार चंद गैंग पार्क में वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। लेकिन इन दिनों मांसा गिरोह की दस्तक ने पार्क प्रशासन की नींद उड़ा दी है। मांसा गिरोह में शामिल सभी सदस्य जंगली जानवरों के मांस खाने के शौकीन हैं। मांसा गिरोह के सदस्य पार्क सीमा से बाहर आने वाले जानवरों का शिकार कर रहे हैं। कई बार तो यह पार्क के अंदर जाकर सांभर, चीतल, जंगली सुअर, जंगली मुर्गे आदि जानवरों का शिकार करने का दुस्साहस कर रहे हैं।
 
पार्क सूत्रों के मुताबिक पार्क सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों के लोग इस गिरोह को संचालित कर रहे हैं। मानसून के दौरान यह गिरोह खास तौर पर सक्रिय हो गया है। पार्क प्रशासन ने गिरोह की सूचना मिलते ही पार्क की सभी नौ रेंज में अलर्ट जारी कर दिया है। मुखबिरों से भी स्थानीय सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। जिससे कई महत्वपूर्ण जानकारी पार्क अधिकारियों को मिली हैं। पार्क अधिकारियों ने संदिग्ध लोगों के फोन टेप करने की भी योजना बनाई है। उम्मीद है कि जल्द ही मांसा गिरोह के सदस्य दबोच लिए जाएंगे।
 
राजाजी राष्ट्रीय पार्क के निदेशक एसएस रसायली का कहना है कि कुछ लोगों के जानवरों को मार कर खाने की सूचना मिली है। यह लोग संगठित तरीके से वन्यजीवों का शिकार कर रहे हैं। सभी रेंज में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जल्द ही गिरोह के सदस्य गिरफ्तार किए जाएंगे।


 

बिना पुस्तकों के कैसे होगा अक्षर ज्ञान

गोपेश्वर। शिक्षा सत्र शुरू हुए चार माह से अधिक होने को है, पर विद्यालयों में अभी तक कई विषयों की किताबें नहीं पहुंची हैं। खास बात यह है कि चमोली जिले में एक ऐसा विद्यालय भी है जहां इस वर्ष की तो छोड़ो पिछले शिक्षा सत्र की भी किताबें नहीं पहुंच पाई हैं।

गौरतलब है कि यह शिक्षा सत्र अप्रैल माह से शुरू हो जाता है। सरकार ने प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में नि:शुल्क पुस्तकें वितरित करने की योजना भी बनाई है, पर चार माह बीतने के बाद भी चमोली जिले के अधिकांश विद्यालयों में पठन पाठन सामग्री अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। अहम बात यह है कि जिन विद्यालयों में पुस्तकें मिली भी है, तो वहां भी कई अनिवार्य विषयों की पुस्तकों का अभाव बना हुआ है। जबकि अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू होने को महज दो माह रह गए हैं। ऐसे में बिना पुस्तकों के छात्र कैसे परीक्षा देंगे इस पर सवाल उठने लाजमी हैं। हालांकि, शिक्षा विभाग भी मानता है कि कतिपय विद्यालयों में पुस्तकों के न मिलने से छात्रों के साथ ही शिक्षकों को भी काफी परेशानी हो रही है, लेकिन ऐसे विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाई जा रही है। जिले में शिक्षा का यह हाल तब देखने को मिल रहा है जब सरकार प्रदेश को एजुकेशन हब बनाने की वकालत कर रही है।
 
चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिले में एक विद्यालय ऐसा भी जहां इस वर्ष तो छोड़ पिछले वर्ष की किताबें भी अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। देवाल विकासखंड के जूनियर हाईस्कूल सौरी गाड़ के छात्र तब बिना पड़े ही अपनी मेहनत से परीक्षा में शामिल हुये थे।
डीईओ एसपी खाली ने बताया कि किताबें भिजवाई जा रही है। जल्द ही सभी विद्यालयों में किताबें नौनिहालों को मिल जाएंगी।


 

फर्जी एसडीएम बन चार्ज लेने पहुंचे व्यक्ति को दबोचा

कर्णप्रयाग। तहसील थराली में बुधवार एक व्यक्ति ने खुद को उपजिलाधिकारी बताया। साथ ही आवासीय भवन व कार्यालय खोलने के निर्देश दिये। इस पर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मची रही।
 
बुधवार की देर शाम स्वयं को एक व्यक्ति खुद को थराली एसडीएम बताकर तहसील कर्मचारियों को डरा धमका रहा था। इस कर्मचारियों ने इसकी सूचना थाना थराली को दी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने उक्त व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को पूछताछ के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया। तहसीलदार सीएल शाह ने बताया पूछताछ में उसने अपना नाम जगदीश प्रसाद निवासी घाट जाखणी बताया। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
 
वहीं, कर्णप्रयाग नगर क्षेत्र के अंर्तगत शक्तिनगर वार्ड में पुलिस की वर्दी पहनकर विकलांगों के कल्याणार्थ धन उगायी कर रहे दो पुरुष व एक महिला को थाना पुलिस कर्णप्रयाग ने दबोच लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रखी है।

 

 

108 के कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार

पिथौरागढ।  प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाते हुए 108 के कर्मचारियों ने गुरुवार को कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन भी किया। तमाम संगठनों ने 108 कर्मियों की मांगों का समर्थन किया है।

 

ईएमटी एवं पायलट देवभूमि वैलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों से लेबर एक्ट के विरुद्ध 12 से 16 घंटे की ड्यूटी कराई जा रही है। कर्मचारियों को नाम मात्र का मानदेय देने के साथ ही समय-समय पर स्थानान्तरण और निलम्बन की चेतावनी देकर उत्पीडि़त किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी अब इस उत्पीडऩ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पहले चरण में 24 घंटे का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। मांगें नहीं मानी गई तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जायेगा। सभा को जगदीश जोशी, शंकर भण्डारी, हेमंत पुनेठा, पंकज दयाल, अरविंद फत्र्याल, दीपक बिष्ट, गोपाल खत्री, महेश सेमवाल आदि ने सम्बोधित किया।

इधर कांग्रेस के एआईसीसी सदस्य रवीन्द्र सिंह बिष्ट मालदार और उत्तराखण्ड क्रांति दल की केन्द्रीय कमेटी के सदस्य चन्द्रशेखर कापड़ी ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि 108 के क्रियान्वयन का जिम्मा राज्य से बाहर की संस्था को देना उचित नहीं है। इस सेवा के संचालन का जिम्मा सरकार को अपने हाथों में लेकर कर्मचारियों का उत्पीडऩ बंद करना चाहिए। दोनों नेताओं ने कहा है कि जरूरत पडऩे पर उनकी पार्टी 108 कर्मियों के समर्थन में सडक़ों में उतरेगी।
108 सेवा कर्मियों की हड़ताल से निपटने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी एससी पंत ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के पांच और पुलिस के चार चालकों के माध्यम से वाहनों का संचालन कराया। उन्होंने कहा जिले में कहीं भी 108 सेवा ठप नहीं रही।

  
हरिद्वार। इमरजेंसी सेवा 108 के सभी कर्मचारियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार चौबीस घंटे का कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने रुडक़ी जिला अस्पताल में सभी सात 108 एंबुलेंस को खड़ा कर दिया। दोपहर बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद एंबुलेंस को कर्मचारियों के कब्जे से मुक्त कराया गया। लेकिन, कर्मचारियों ने काम करने से मना कर दिया।
 
प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी सेवा 108 कर्मचारियों ने चौबीस घंटों के कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। कर्मचारियों ने इस संबंध में सरकार और शासन को अवगत करा दिया था। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन उनसे12 से 16 घंटे तक कार्य कराता है। साथ ही ओवर टाइम का भुगतान भी नहीं करता। आवाज उठाने पर कर्मचारियों को निलंबन करने की कार्रवाई की जाती है। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने चौबीस घंटे का कार्य बहिष्कार किया। करीब 45 कर्मचारियों ने रुडक़ी जिला अस्पताल में सभी सात एंबुलेंस के साथ कार्य बहिष्कार किया। बाद में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद प्रशासन ने एंबुलेंस को कर्मचारियों के कब्जे से मुक्त करा दिया। कार्य बहिष्कार का असर आम आदमी पर न पड़े इसके लिए एंबुलेंस को पुलिसकर्मियों के सुपुर्द किया गया। हालांकि, कर्मचारियों ने किसी भी स्थिति में काम करने से इनकार कर दिया। जिलाध्यक्ष कपिल ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के प्रति संवेदनहीन रवैया अपना रही है। कार्य बहिष्कार करने वालों में सुनील, प्रदीप, जगजीत, रोहन आदि शामिल थे।

 

मातृत्व काल में एक लाख पर 400 महिलाओं की मौत ; राष्ट्रीय स्तर से भी आगे हैं उत्तराखंड और यूपी

पिथौरागढ।  मातृत्व काल के दौरान महिलाओं की मौत के मामले में उत्तराखण्ड राष्ट्रीय औसत से काफी आगे हैं। राज्य में एक लाख महिलाओं पर 400 महिलाओं की मौत मातृत्व काल के दौरान होती है। सरकार ने अब इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकीय स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण देने की शुरुआत कर दी है।
 
गर्भावस्था और प्रसव के 42 दिनों तक होने वाली महिला की मौत को मातृत्व काल में हुई मौत माना जाता है। देश में इस समय प्रति एक लाख महिलाओं पर 242 महिलाओं की मौत इस अवधि में हो जाती है। यह राष्ट्रीय औसत है, लेकिन उत्तराखंड में यह औसत राष्ट्रीय स्तर से लगभग दोगुना है। उत्तराखंड में 400 महिलाओं की मौत मातृत्व काल के दौरान हो जाती है। सरकार ने अब इस औसत को कम करने के लिए पहल शुरू कर दी है। पूरे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा चिकित्सक, नर्स और आशाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, विशेषज्ञ चिकित्सक बतायेंगे कि मातृत्व काल के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य की क्या जांचे की जायें और महिलाओं को इस मामले में किस तरह जागरूक किया जाये। पहले चरण में जिला मुख्यालय में प्रशिक्षण दिये जा रहे हैं। दूसरे चरण में प्रशिक्षण लेने वाले चिकित्सक विकास खंड स्तर पर चिकित्सा स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे।
 
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.एससी पंत ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि उत्तराखंड के लिए जो गणना की गई है,उसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है। उत्तराखंड के लिए मातृत्व मौतों की अलग से गणना नहीं हुई है। इसके बावजूद मौतों का प्रतिशत घटाने के लिए गंभीरता से प्रयास हो रहे हैं। गुरुवार को सीमांत जिले पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण शुरू हुआ। देहरादून से आये विशेषज्ञ चिकित्सक डा. अनिल साह और डा.बीसी पाठक ने चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया।


 

सीबीआई ने ठुकराया बालकृष्ण का अनुरोध

देहरादून। योग गुरू बाबा रामदेव के निकटतम सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के एक अनुरोध को ठुकराते हुए गुरुवार को केंद्रीय जाच ब्यूरो ने उन्हें कल देहरादून स्थित सीबीआई के कार्यालय में हाजिर होने को कहा है। 
 
केंद्रीय जाच ब्यूरो की प्रवक्ता धारिनी मिश्रा ने आज टेलीफोन पर दिल्ली से बताया कि बालकृष्ण ने एक फैक्स भेजकर अनुरोध किया था कि उनके पास अभी उनका पासपोर्ट नहीं हैं इसलिए उन्हें पासपोर्ट लेकर सीबाीआई कार्यालय पहुंचने के लिए 20 दिन का समय दिया जाए, लेकिन सीबीआई ने उनसे कहा कि वह बिना पासपोर्ट के ही सीबीआई कार्यालय में पहुंचें ताकि उनसे आवश्यक पूछताछ की जा सके। 
 
उत्तराखड पुलिस ने कल हरिद्वार स्थित बालकृष्ण के आवास पर एक नोटिस चस्पा किया था, जिसमें बालकृष्ण को आज देहरादून के सीबीआई कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था लेकिन उन्होने सीबीआई को एक फैक्स भेजकर बीस दिन का समय देने का आग्रह किया। 
 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केवल खुराना ने बताया कि बालकृष्ण के गत सोमवार से लापता होने के बाद से आज तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस उनके लापता होने के मामले की जाच कर रही है। 
 
खुराना ने कहा कि सीबीआई का नोटिस कल हरिद्वार के दिव्ययोग मंदिर आश्रम स्थित आवास के बाहर चिपकाया गया था जिसमें बालकृष्ण को आवश्यक पूछताछ के लिए आज सीबीआई के देहरादून स्थित कार्यालय में पेश होने को कहा गया था। 
बालकृष्ण द्वारा कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में सीबीआई ने उनके खिलाफ गत रविवार को मुकदमा दर्ज किया था। सोमवार से बालकृष्ण का कुछ पता नहीं है। 
 
खुराना ने बताया कि कावड़ मेले के बाद बालकृष्ण की तलाश में तेजी लाई जाएगी। 
 
हरिद्वार के शहर पुलिस अधीक्षक किरन लाल शाह ने भाषा को बताया था कि बालकृष्ण के गनर जएन्द्र सिंह आसवाल ने गत सोमवार की रात कनखल थाने में बालकृष्ण के लापता होने की लिखित सूचना दी थी जिसके आधार पर उनके लापता होने का मामला दर्ज कर जाच की जा रही है। 
 
आसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, गत सोमवार की सुबह वह आचार्य बालकृष्ण के दिव्य योग आश्रम स्थित आवास पर पहुंचा ताकि वह उनको लेकर पतंजलि योगपीठ के कार्यालय जा सके। लेकिन बालकृष्ण ने उससे कार्यालय जाने को कहा। 
 
सूत्रों के अनुसार, बालकृष्ण ने कहा था कि वह बाद में कार्यालय पहुंच जाएंगे लेकिन शाम तक बालकृष्ण अपने कार्यालय नहीं पहंचे। इसके बाद आसवाल ने उनकी पड़ताल की। वह नहीं मिले तब उसने कनखल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। 
 
शाह ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद से ही पुलिस ने बालकृष्ण का पता करने के लिए जाच शुरू कर दी है। हालाकि अभी तक उनका कोई पता नहीं चला है। बालकृष्ण अपने पतंजलि योगपीठ में भी नहीं हैं। 
 
दूसरी ओर कनखल थाना सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद बालकृष्ण के निजी सचिव से जब पूछताछ की गई तो बताया गया कि वह किसी कार्य से कहीं गए हुए हैं और जल्द ही लौट आएंगे। 
 
केंद्रीय जाच ब्यूरो द्वारा योग गुरू बाबा रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण के खिलाफ जाच की प्रक्रिया तेज करने के बाद अब उत्तराखड पुलिस ने भी बाबा रामदेव को अपने घेरे में लेने की तैयारी शुरू कर दी है। 
 
खुराना ने बताया कि कावड़ मेले के बाद जिले में लोगों के गुमशुदगी के मामलों की जाच की जाएगी जिसमें बाबा रामदेव के गुरू शकरदेव भी शामिल हैं। बाबा रामदेव के गुरू पिछले चार वर्षों से लापता हैं। उन्होंने कहा कि जिले में लापता हुए लोगों के मामले की जाच का उन्होंने आदेश दिया है और कावड़ मेले के बाद यह जाच शुरू की जाएगी। 
 
खुराना ने कहा कि जिन लापता हुए लोगों की जाच पहले की गई थी उनके मामले की विवेचना की जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो उन मामलों की जाच पुलिस की विशेष जाच टीम [एसआईएस] द्वारा कराई जाएगी। इसमें बाबा रामदेव के गुरू के लापता होने का मामला भी है। इस बीच, आचार्य बालकृष्ण की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उन्होंने वीजा हासिल करने के लिए ब्रिटेन दूतावास में अपना पासपोर्ट भेजा है और उन्हें सीबीआई के समक्ष पेश होने के लिए 20 दिन का वक्त चाहिए। 
 
बालकृष्ण ने इस बयान के साथ सीबीआई के देहरादून स्थित पुलिस निरीक्षक योगेश सिंह देव को भेजे फैक्स की प्रति भी जारी की। 
इस फैक्स में कहा गया है कि जब मैंने सीबीआई के नोटिस को पढ़ा तो मुझे ज्ञात हुआ कि मुझे अपने मूल पासपोर्ट और पासपोर्ट हासिल करने के लिए लगाए गए अन्य सभी मूल दस्तावेजों के साथ 28 जुलाई को सुबह 11 बजे आपके दफ्तर में उपस्थित होना है। 
उन्होने कहा कि इस संदर्भ में आपको सूचित करना है कि मेरा पासपोर्ट वीजा के लिए दिल्ली स्थित ब्रिटेन दूतावास में लगाया गया है। इंटरनेट पर अपने वीजा से संबंधित जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि दूतावास से वीजा के संबंध में करीब 20 दिन बाद जवाब मिलेगा। इस संदर्भ में मैंने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी से भी सलाह-मशविरा कर रहा हूं। 
 
बालकृष्ण ने सीबीआई अधिकारी से कहा कि लिहाजा, इस आलोक में आपसे अनुरोध है कि मुझे आपके समक्ष हाजिर होने के लिए 20 दिन बाद की कोई तारीख दें। आचार्य बालकृष्ण की ओर से जारी इस बयान में यह नहीं बताया गया कि फिलहाल वह कहा हैं।


 

डोईवाला मे घंटो लगा रहा जाम,रायवाला मं भी फंसे लोग

देहरादून,आजखर। भारी बरसात के चलते रेलवे पुल मे पानी भरने से लच्छीवाला मे सुबह जबरदस्त जाम के हलात थे। रेलवे पुल पर पानी भरने से सुबह से ही जबरदस्त जाम लगा रहा। जाम से निपटने के लिए डोईवाला से वाहनों को दूसरे मार्गों से दून की ओर भेजा गया। बारिश के चलते मोटर से पानी निकालने का कार्य भी काफी धीमी गति से हुआ।जिस वजह से लोग वहीं फंसे रहे।

रात भर हुई भारी बरसात के कारण लच्छी वाला पुल के निचे जल भराव की स्थिति सुबह से हो गई थी। हालात इतने बत्तर थे कि दुपहिए वाहन भी नही निकन पा रहे थे।जिन लोगों ने बाहर निकलने की जी तोड कोशिश भी की वे भी पूल के नीचे फंसकर रह गयें। सुबह से ही डोईवाला चैक तक जाम लगा हुआ था। इधर ऋषिकेश और हरिद्वार से वापस लौटते हुये कांवडियांे की भीड बढते देख पुलिस के होश गुम होने लगे थे।डोईवाला पुलिस ने कुछ वाहनांे को थानो मार्ग एवं अन्य मार्गों से निकालने का प्रयास किया परंतु गांवांे की दयनीय सड़कांे के कारण यहां भी वाहन फंस गए। आज दिन तक इस मार्ग यातायात सुचारू नहीं हो पाया था। बाद में रेलवे एवं डोईवाला पुलिस ने पुल के नीचे जमा पानी को पंप से निकालने का प्रयास किया जो असफल रहा। जिस नाले पर पानी को बहाने का प्रयास किया जा रहा था वह भी उपफन रहा था, इसके अतिरिक्त सड़क से बहता पानी भी पुल के नीचे जमा हो रहा था।

लच्छी वाला पुल की उंचाई कम होने के कारण अक्सर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। बरसात में तो दुपहिए वाहन तक निकलने मुश्किल हो जाते हैं। कल रात से ठीक यही स्थिति पुल पर बनी रही। जाम में बच्चे भी अपने परिजनांे के साथ पफंसे रहे। जाम में फंसे लोगांे को रात सड़कांे पर ही गुजारनी पड़ी। नेपाली फार्म से रायवाला तक भी जाम की स्थिति बनी रही। बताया जा रहा है कि कांवड मेले में बढती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात प्लान भी वापस ले लिया जिस कारण कांवडि़़ए दूसरे मार्गाें से हरिद्वार की ओर पहुंचने लगे। लगातार बढती भीड़ के कारण नेपाली फार्म से लेकर रायवाला तक वाहन टस से मस नहीं हो पाए। वाहनों का जमावड़ा बाद में शांतिकुंज तक जा पहुंचा। जाम के आगे डोईवाला से लेकर शांतिकुंज तक स्थानीय पुलिस असहाय बनी रही। स्थिति को देखते हुए फिलहाल जाम से शाम तक कोई राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
 

फर्जी आंगनवाडी चलाने वाली महिला को न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।

ऋषिकेश  चन्द्रभागा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आंगनवाडी चलाने वाली  महिला को न्यायालय ने दोषी पाते हुए 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। ज्ञात रहे कि बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा कोतवाली में उक्त महिला के विरूद्घ दर्ज कराई गइ रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में वांिछंता को घाट रोड़ से गिरफ्तार कर न्यायायल में पेश किया। यहां यह बताते चले कि बीती छह जुलाई को बाल विकास परियोजना अधिकारी उषा धस्माना ने आंगनवाडी कार्यकत्री के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक गीता पांडेय पत्नी राजकुमार निवासी चन्द्रेश्वर नगर ने वर्ष 2005 में हाईस्कूल के फर्जी प्रमाण पत्र के जरिये आंगनवाडी कार्यकत्री के पर पद नियुक्ति पाकर आंगनवाडी केंन्द्र खोला था। जांच के उपरान्त उक्त तथ्य सामने आने पर उसे तत्काल प्रभाव से आंगनवाडी कार्यकत्री के पद से निलम्बित कर दिया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर गीता पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की थी। मगर उसका कुछ अता-पता नहीं चल पाया। विवेचना अधिकारी डीएस कोहली ने बताया कि मंगलवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर धोखाधडी में वाछिंत पांडेय को गिरफ्तार कर लिया।



 

डाक कांवडि़यों ने पुलिस की चाक चौबन्द व्यवस्था को किया चौपट

ऋषिकेश  पिछले दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा के बावजूद नीलकंठ में जल चढ़ाने की लगी डाक कांवडि़यो में होड़ के चलते हरिद्वार से लक्ष्मणझूला व नीलकंठ तक वाहनों की रेलमपेल ने जगह-जगह चक्काजाम कर पुलिस द्वारा किये गये सभी बन्दोबस्तों को धत्ता दिखा दिया है।

कांवडि़यों के रेलों को देख चेक-पोस्टों पर तैनात पुलिसकर्मी भी हताश होकर अपनी डयूटियां छोड़ झगड़े की सम्भावनाओं के मद्देनजर अपने आप को छुपते छुपाते देखे गये। ज्ञात रहे कि शिव चौदस पर चढऩे वाले अपने नजदीकी शिवालयों में जल को चढ़ाने के लिए वाहनों से पहुंचे लाखों की संख्या में डाक कांवडियों के वाहनो से रायवाला से लेकर लक्ष्मणझूला तक भद्रकाली, वीरभद्र, पशुलोक व बाईपास मार्ग पर पुलिस प्रशासन द्वारा बनायी गयी तमाम पार्किंगें खचाखच भरने के उपरान्त मुख्य सडक़ें भी पार्किंग में तब्दील हो गयी, जिससे रूटीन में चलने वाले वाहन भी चक्का जाम में फंस गये और बुधवार की प्रात: से लगा चक्का जाम बृहस्पतिवार की सांय तक लगा रहा, जिससे ऋषिकेश, दिल्ली, पंजाब, यूपी के विभिन्न स्थानों से आने वाले दुग्ध, सब्जी, ब्रेड व समाचार पत्रों सहित आवश्यक खाद्य सामग्री के वाहन भी नगर में प्रवेश नहीं कर पाये जिससे दुध व ब्रेड वालों द्वारा दुकानो व घरों में उक्त सामग्री की सप्लाई न होने के कारण स्कूली छा़त्र-छात्राओं को व कर्मचारियों को बिना नाश्ता किये स्कूल व दफ्तरों में जाना पड़ा तो वहीं घरों पर रहने वाले दुधमुहें बच्चों को भी दुध से वंचित रहकर अपने आंसूओ से पेट से भरना पड़ा। उधर सब्जियों व आवश्यक वस्तुओं के नगर में न पहुंचने के कारण दुकानदारों ने एक दिन पूर्व आई सामग्री को दुगुने दामों में बेचकर चक्का जाम का भरपूर लाभ उठाया तो वहीं रेलगाड़ी से आने वाले कांवडि़यों के कारण सम्पूर्ण तीर्थनगरी जहां भगवा में रंगी थी वहीं जगह जगह बम भोले व हरहर महादेव के उदघोषों से शिवमय में तब्दील हो गई थी।

सबसे अधिक मुसीबत का सामना कांवडि़यों को रामझूला व लक्ष्मणझूला के दोनों ओर से निकालने के लिए डयूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को करना पड़ा जिसे लेकर कई बार पुलिसकर्मियों को भी काफी तीखी नोकझोंक भी होती देखी गई। इस बीच सैकड़ों की संख्या में कांवडि़यों के अपने साथियों से बिछुड़ जाने के कारण कांवडि़यो को जहां काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं पुलिस विभाग द्वारा ध्वनी विस्तारक यंत्रों से लगातार खोये परिजनों से मिलने के लिए उदघोषणायें की जाती रही। जिन्होंने कईयों को एक दूसरे से मिलवाने में काफी मदद की। कुल मिलाकर लाखों की संख्या में आये कांवडि़यों के कारण जहां यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। वहीं किसी प्रकार की बड़ी अनहोनी न होने से पुलिसकर्मियो सहित नगरवासियों ने राहत की सांस भी ली।


 

विवाहित के साथ बलात्कार का प्रयास

देहरादून। विवाहित महिला के साथ बलात्कार करने के प्रयास का मामला प्रकाश में आया है। पति की शिकायत पर दो युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों  को आज सुबह गिरफ्तार किया एवं जेल भेज दिया है।
 
थाना सहसपुर क्षेत्र में घर में घुसकर दो युवकों ने एक विवाहित महिला से दुराचार करने का प्रयास किया। घर में घुसे इरफान एवं फैजान निवासी शंकरपुर ने चिरागुद्दीन की पत्नी को अपने कब्जे में कर लिया और उसके साथ छीनाझपटी कर दिया। दोनों ने उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास किया तो महिला ने हल्ला मचा दिया। हल्ला सुन कर महिला का पति एवं आसपास के लोग वहां आ पहुंचें लेकिन इससे पहले कि ग्रामीण दोनों को दबोचते दोनों वहां से भाग निकले। महिला के पति की शिकायत पर दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गयी। देर रात तक पुलिस दोनों के ठिकानों पर दबिशें दीं लेकिन दोनों अपने ठिकानों पर नहीं मिले। आज सुबह पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।


 

सीबीआई का बढता शिकंजा पतंजलि पीठ के लिए मुसीबत

देहरादून। सीबीआई का बढता शिकंजा पतंजलि पीठ के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। रामदेव के करीबीर एवं योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का फर्जीवाड़ा एक के बाद एक करते सामने आ रहा है। पासपोर्ट से लेकर शैक्षिक योग्यताएं तक फर्जी पाई गयी हैं तो वहीं अब आचार्य के नाम को लेकर भी सीबीआई ने सनसनीखेज खुलासा किया है। वहीं सीबीआई के कसते शिकंजे से भूमिगत बताए जा रहे बालकृष्ण का अभी तक कुछ पता नहीं चल पा रहा है। वहीं चर्चा है कि बालकृष्ण विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) अनुराधा गर्ग की अदालत में पेश हो सकते हैं। यही कारण रहा है कि सुबह से ही कोर्ट परिसर मे मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। वहीं उस वक्त बालकृष्ण के सीबीआई कोर्ट में आने की संभावनाओं पर भी विराम लग गया जब बालकृष्ण की ओर से किसी कारण वश आज कोर्ट में पेश न होने की पुष्टि का फैक्स आया। बताया जा रहा है कि बालकृष्ण ने पेश होने के लिए समय मांगा है। सीबीआई फैक्स पर आए नंबर की भी जांच कर रही है कि यह फैक्स कहां से आया है। 

केंद्र सरकार के खिलाफ अलख जगाने वाले रामदेव की दिक्कतें बढती ही जा रही हैं। पतंजलि योगपीठ के खिलाफ जांच का दायरा बढाते हुए बालकृष्ण के फर्जीवाड़े की परतें लगातार खुलने लगी हैं। पासपोर्ट, नागरिकता, शैक्षिक दस्तावेज और अब तक नाम तक फर्जी। रामदेव के करीबी आचार्य बालकृष्ण की असली सूरत सीबीआई एक-एक कर सामने ला रही है। सीबीआई ने बालकृष्ण का नाम तक फर्जी घोषित कर दिया है। जांच में पता लगा है खुद को आचार्य बालकृष्ण बताने वाला इस शख्स का नाम असल में नारायण प्रसाद सुवेदी है और इनसे दिल्ली के श्रीमद दयानंद वेदार्ष महाविद्यालय में फर्जी तौर पर ही दाखिला लिया था। प्रवेश रजिस्टर तक में फर्जीवाड़ा पाया गया है। बालकृष्ण की नागरिकता एवं अन्य फर्जीवाड़े के बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ सम्मन जारी किया था और जब वह नहीं मिले तो योगपीठ पर इस सम्मन को चस्पा कर दिए। बावजूद इसके फर्जीवाड़े के ‘गुरू’ तक सीबीआई नहंी पहुंच पाई। अब बालकृष्ण छिपते ही फिर रहे हैं। कभी सत्ता के शीर्ष लोगों के साथ एक मेज पर खाना खाने वाले इस फर्जी आचार्य को अब अपनी ही जमीन तलाशने में पसीने बहाना पड़ रहा है। सीबीआई बालकृष्ण के आचार्य संबंधी उपाधि की भी जांच कर रही है और हैरानी नहीं होनी चाहिए। इधर इस पूरे प्रकरण के पीछे फिलहाल रामदेव ने भी अपने होंठ सिले हुए हैं। बालकृष्ण के खिलाफ चल रही जांच में रामदेव ने चुप्पी साधी हुई है। देश की राजनीति पर बयानबाजी करने वाले रामदेव अपने ही घर में चल रहे फर्जी वाड़े को लेकर शांत हैं जो कि खुद में ही हैरान कर देने वाला है।

 

बारिश से जाम के कारण ठहरी राजधानी

देहरादून। बारिश के कारण राजधानी मानो ठहर सी गयी। पूरे शहर में जगह-जगह जाम की स्थिति रही। लच्छीवाला रेलवे पुल पर पानी भरने से सुबह से ही जबरदस्त जाम लगा रहा। जाम से निपटने के लिए डोईवाला से वाहनों को दूसरे मार्गों से दून की ओर भेजा गया। बाद में मोटर से पानी निकालने का काम शुरू हुआ लेकिन लगातार बारिश के कारण इस कार्य में लगातार बाधा आती रही। घंटों तक वाहन जाम में फंसे रहे। मालूम हो कि इस मार्ग पर फ्लाईओवर का काम तीन साल से चल रहा है। वहीं जाम का कारण कांवडिय़ों के लौटने को भी बताया रहा है। ठीक यही स्थिति नेपाली फार्म से लेकर रायवाला में भी बनी रही। लोगों ने वाहनों को सडक़ पर ही छोड़ कर स्थानीय लोगों के घरों के बरामदे में शरण ली।

दून-डोईवाला मार्ग पर आज जाम की स्थिति बनी रही। कारण रहा लच्छीवाला पुल के नीचे जल भराव। रात भर से हो रही बारिश के कारण रात से ही पुल के नीचे पानी भरना शुरू हो गया जिसमे दुपहिए वाहन तक नहीं निकल पाए। रात से ही यहां वाहनों का जमावड़ा लगा रहा। कुछ बड़े वाहनों ने निकलने का प्रयास किया लेकिन वह पुल के नीचे ही फंस गए। कुछ ही देर मे डोईवाला चौक तक जाम लग गया। इधर कांवडिय़ों की भीड़ भी बढती रही जिससे पुलिस के हाथ पैर फूल गए। डोईवाला पुलिस ने कुछ वाहनों को थानो मार्ग एवं अन्य मार्गों से निकालने का प्रयास किया परंतु गांवों की दयनीय सडक़ों के कारण यहां भी वाहन फंस गए। आज दिन तक इस मार्ग यातायात सुचारू नहीं हो पाया था। बाद में रेलवे एवं डोईवाला पुलिस ने पुल के नीचे जमा पानी को पंप से निकालने का प्रयास किया जो असफल रहा। जिस नाले पर पानी को बहाने का प्रयास किया जा रहा था वह भी उफन रहा था, इसके अतिरिक्त सडक़ से बहता पानी भी पुल के नीचे जमा हो रहा था।
 
 
लच्छी वाला पुल की उंचाई कम होने के कारण अक्सर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। बरसात में तो दुपहिए वाहन तक निकलने मुश्किल हो जाते हैं। कल रात से ठीक यही स्थिति पुल पर बनी रही। जाम में बच्चे भी अपने परिजनों के साथ फंसे रहे। जाम में फंसे लोगों को रात सडक़ों पर ही गुजारनी पड़ी। इधर नेपाली फार्म से रायवाला तक भी जाम की स्थिति बनी रही। बताया जा रहा है कि कांवड मेले में बढती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात प्लान भी वापस ले लिया जिस कारण कांवडि़़ए दूसरे मार्गों से हरिद्वार की ओर पहुंचने लगे। लगातार बढती भीड़ के कारण नेपाली फार्म से लेकर रायवाला तक वाहन टस से मस नहीं हो पाए। वाहनों का जमावड़ा बाद में शांतिकुंज तक जा पहुंचा। जाम के आगे डोईवाला से लेकर शांतिकुंज तक स्थानीय पुलिस असहाय बनी रही। स्थिति को देखते हुए फिलहाल जाम से शाम तक कोई राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
 

 

 

Traffic Police to charge private schools for their services

Dehradun: Considering the deployment of traffic police at several places on demand of schools of the city, Dehradun Traffic Police has decided to charge the schools for services rendered by staff for regulating traffic in and around the schools.

The traffic police have decided to charge several private schools including St Joseph's Academy, Rajpur Road, Convent of Jesus and Mary High School, EC Road, Bright Land High School, Dalanwala, The Heritage School, MKP Chowk, Riverdale School, Balvir Road and St Thomas School, Drashan Lal Chowk. Traffic of the central part of the city would be chocked out when it is left untouched, said Circle Officer Shweta Chaubey while speaking to the media. After assessing the number of traffic police deployed around each school, the department will fix the amount to be charged.

"The police department is calculating the number of traffic policemen and head constables deployed around each school to evaluate the exact amount to be charged", added Chaubey. Since they are running private institutes and taking money from the guardians, school administration should provide parking facility to the guardians and students as well. Taking a firm stand against traffic congestion caused due to these private schools, Chaubey said that either the school administration should provide parking facility inside school premises or be ready to pay the police personnel deployed for regulating the traffic around the school. Notably, a head constable gets `890 a day whereas a traffic constable gets `860 a day.  School administration will have to pay for each police personnel according to their ranks. The traffic police seems assertive to regulate the traffic congestions caused due to schools. Earlier, police had conducted a week-long traffic drive against school-going students who violate traffic norms. 

 

More than 25 villages declared sensitive of landslides and other natural calamities

Joshimath: More than 25 villages in the border area of Joshimath have been declared sensitive from the viewpoint of landslides and other natural calamities. However, the residents of dozens of villages are still waiting to be relocated to safer locations.

The delay in resettlement of residents of villages at risk has increased feelings of insecurity among them due to consistent rains in the region.Heavy rains and resulting landslides being experienced in the mountainous regions of Uttarakhand since the start of the rainy season have caused sleepless nights to residents of villages at risk from natural disasters. However, the authorities have not taken necessary action for facilitating the relocation of inhabitants. The memories of the damage wreaked by landslides and other natural calamities last year have been refreshed by rough weather since the start of the season. According to information received from Joshimath tehsil office, at least 25 villages in the area have been marked sensitive from the viewpoint of natural disasters. Of these, a dozen villages qualify for relocation but the authorities have remained apathetic towards this fact. The villagers complain that though the authorities seem to pay attention to the risk of natural calamities on rainy days, they seem to turn a blind eye to this problem when it stops raining. However, the authorities claim that they are prepared to take necessary measures in case any village is affected by landslides or other natural calamities. 

 

Protest against the one percent VAT on cloth in Uttarakhand

Dehradun: Cloth merchants in Dehradun kept their shops closed and protested against the State government’s decision to impose one percent VAT on cloth in Uttarakhand. The cloth merchants warned that if the government didn’t revoke this decision, they would intensity their agitation in a phased manner. The Doon cloth merchants committee and Doon Udyog Vyapar Mandal organised a protest against the imposition of one percent VAT on cloth. The merchants gathered at Paltan Bazaar on Wednesday morning after downing the shutters of their shops after which they marched to the Clock Tower where they held a protest gathering. Fraternity leaders pointed out that sales tax on cloth was abolished in 1957 after which the Central government had imposed an excise duty on cloth which was paid by the manufacturer with States receiving a share of this from the Central government. Even this system ended in 2004 and after this VAT has not been imposed on cloth in any State.

रंगे हाथों पकड़ा गया चोर

देहरादून। कैंट क्षेत्र में एक दुकान के ताले तोडऩे के प्रयास में चोर को पुलिस ने रंगे हाथों धर दबोचा। चोर के पास से चोरी करने के औजान बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार पकड़ा गया चोर अपने साथियों के साथ चोरियों की घटनाओं केा अंजाम देता है। हालांकि रात की घटना में केवल एक ही चोर हाथ आया है।

दून में चोरियों की घटनाओं के बीच कैंट पुलिस को एक शातिर चोर को गिरफ्तार करने में सफलता हाथ लगी है। त्यागी मार्केट के पास रात एक युवक दुकान के ताले तोडऩे का प्रयास कर रहा था कि इसी दौरान गश्त पुलिस ने उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी करने के औजार, माचिस व अन्य सामान बरामद किया गया। पूछताछ करने पर चोर ने अपना नाम मौ उमर उर्फ सल्लू निवासी बिजनौर बताया। पुलिस के अनुसार सल्लू अपने साथियों के साथ गिरोह बना कर चोरियों की घटनाओं केा अंजाम देता है और चोरी करने के बाद यह लोग दून से बाहर चले जाते हैं। पुलिस सल्लू के अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है।

 

राष्ट्रीय राजमार्ग पर सात घंटे तक आवाजाही रही बाधित

गोपेश्वर । कुहेड़ में दुर्घटनाग्रस्त हुई सेना की जिप्सी निकालने को लेकर सेना की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्रेन लगवाये जाने से प्रात: 11 बजे से देर शाम 6:15 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा, जिससे दोनों तरफ यात्रियों के वाहनों की लंबी कतार लगी रही।

काबिलेगौर है कि बीते रोज सेना की जिप्सी चमोली के समीप कुहेड़ में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें मेजर सहित वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गये थे। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को निकालने को लेकर सेना की ओर से कुहेड़ में क्रेन लगवाने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह 11 बजे से सात घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। राष्ट्रीय राजमार्ग के बाधित हो जाने से दोनों तरफ सैकड़ों यात्री वाहन फंसे रहे। देर शाम 6:15 बजे मार्ग खुल सका।

 

नहर में एक और लाश मिली, सनसनी

रामनगर। क्षेत्र की सिंचाई नहरों में लाश मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हाथीडंगर के बाद अब सक्खनपुर स्थित नहर में शव मिलने से सनसनी फैल गई। हालांकि सड़-गल जाने से मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

सक्खनपुर के ग्रामीणों ने मंगलवार की रात पास ही नहर में शव फंसा देखा। इत्तला होने पर पीरूमदारा चौकी प्रभारी ललित मोहन जोशी व प्रताप नेगी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। मगर रात अधिक होने से लाश नहर से नहीं निकाली जा सकी। बुधवार की सुबह शव दोबारा पहुंचे पुलिस कर्मियों ने शव निकाला। एसआई नेगी के मुताबिक प्रथम दृष्टया मृतक नेपाली मूल का प्रतीत हो रहा है। माना जा रहा है कि 45 से 50 वर्ष के इस युवक की लाश काफी सडग़ल चुकी है। ऐसे में शिनाख्त मुश्किल हो गई है। फिलहाल शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा, यदि मृतक की शिनाख्त न हुई और परिजन नहीं पहुंचे तो उसकी अंत्येष्टि कर दी जाएगी।
 
मृतक आखिर कौन था? उसका शव यहा कैसे पहुचा? अथवा उसकी हत्या कर लाश नहर में तो नहीं फेंकी गई? ये निरुत्तरित सवाल पुलिस के लिए चुनौती बन गए हैं। याद रहे डेढ़ माह के अंदर सिंचाई नहर में आधा दर्जन शव बरामद हो चुके है। अंदेशा है कि ये सिंचाई नहरें शवों को ठिकाने लगाने का जरिया तो नहीं बन रहीं। अमूमन नहरों में लाश मिलने पर प्रथम दृष्टया बहने की बात सामने आती है। ऐसे में अपराधी भी बच निकलते है।


 

हादसे में कांवडिय़े की मौत, हंगामा

हरिद्वार। पुलिस- प्रशासन की लापरवाही के चलते एक कांवडिय़े की जान चली गई। वाहनों की भिड़ंत में घायल कांवडिय़ा लगभग एक घंटे तक मौके पर पड़ा रहा। बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार केशवपुरी कॉलोनी थाना नई मंडी मुजफ्फरनगर निवासी मिंटू पुत्र चंद्रभान अपने साथियों के साथ नीलकंठ से बाइक पर लौट रहा था। मोतीचूर व रायवाला के बीच मिंटू की बाइक की सामने से आ रहे अन्य कांवडिय़े की बाइक से टक्कर हो गई। इसमें मिंटू को गंभीर चोटें आई, जबकि दूसरा बाइक वाला फरार हो गया। घायल कांवडिय़ा काफी देर तक मौके पर बेसुध पड़ा रहा। पीछे से बाइक पर पहुंचे अन्य कांवडिय़ों ने इस बारे में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को बताया। कांवडिय़ों का आरोप था कि पुलिस ने समय से गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई, जिससे घायल की हालत बिगड़ती गई। लगभग एक घंटे बाद पुलिस एवं प्रशासन ने घायल को अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे आक्रोशित कांवडिय़ों ने जमकर हंगामा किया।

वहीं, बहादराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत दो दिन पहले एक कांवडिय़े को बेहोशी की अवस्था में अस्पताल लाया गया था। वहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उधर, जब कई दिनों तक युवक घर नहीं पहुंचा तो परिजन हरिद्वार पहुंचकर पुलिस से मिले। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराई। मृतक की पहचान पवन पुत्र नीटू निवासी गांव भट्ट सदर सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई।

 

इटावा में उतरे 3 डिब्बे पटरी से

इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में बुधवार को कानपुर-शिकोहाबाद पैसेंजर रेलगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग पर यातायात बाधित हो गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

इटावा से करीब 30 किलोमीटर दूर सरायभूपत रेलवे स्टेशन के पास बुधवार तड़के हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग के अप रूटपर रेलगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। रेलगाड़ी कानपुर से शिकोहाबाद ख्फिरोजाबाद, जा रही थी।

इटावा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक पीके कमल ने संवाददाताओं को बताया कि पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने का काम जारी है। अगले कुछ घंटों में रेलमार्ग की मरम्मत कर यातायात शुरू कर दिया जाएगा।
 
उन्होंने बताया कि फिलहाल रेलमार्ग पर आवागमन ठप्प होने के कारण सारी रेलगाडि़यों को डाउन ट्रैक से भेजा जा रहा है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है। हादसा किन कारणों से हुआ अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है।
 

कश्मीर में महसूस किया गया हल्का भूकंप का झटका

श्रीनगर। बुधवार सुबह कश्मीर के लोगो की सांसे थम सी गयी जब उन्होंने भूकंप का हल्का झटका महसूस किया। लोग काफी देर तक डरे सहमे से रहे की कहीं कोई बड़ा झटका ना आ जाए रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई।
 
प्रदेश के आपदा प्रबंधन इकाई के संयोजक आमिर अली के अनुसार बुधवार  सुबह आठ बजकर 47 मिनट पर एक भूकंप का झटका महसूस किया गया। इसका केंद्र अफगानिस्तान की सीमा पर हिंदुकुश क्षेत्र में था। भूकंप की तीव्रता कम होने से व इसका केंद्र दूर होने के करान किसी भी जानमाल के नुकसान की कोई घटना नहीं हुई
 

बालकृष्ण के कारण रूका पतंजली परिवार का पहिया

हरिद्वार : आचार्य बालकृष्ण के विदेश नहीं जा पाने से पतंजलि परिवार की विकास की गति रुक सकती है। चूंकि तमाम विदेशी टेक्नोलाॅजी आचार्य ही स्वदेश लाते रहे हैं, इसलिए उस पर विराम लगने के आसार हैं। पतंजलि परिवार द्वारा तैयार किए जा रहे आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों की भारत से बड़ी मांग विदेशों में है। आचार्य द्वारा स्वयं जाकर मानीटरिंग न करने से विदेशी खपत पर असर पड़ सकता है। आचार्य बालकृष्ण की शैक्षिक योग्या पर यूं तो प्रश्नचिन्ह लग गए हैं, किंतु तथ्य यह भी है कि पतंजलि का वर्तमान स्वरूप उन्हीं के द्वारा खड़ा किया गया है। इंजीनियरिंग की कोई डिग्री न होते हुए भी जितनी भी इमारतें खड़ी हुई हैं, उन पर सभी के मानचित्रा खुद आचार्य ने तैयार किए हें। आचार्य प्रत्येक माह एक विदेश यात्रा करते थे। बरसात और सर्दियों के महीनों में तो कई बार उनकी दो-दो यात्राएं हो जाती थी। चीन, ताईवान तथा यूरोप से जितनी भी टेक्नोलोजी पतंजलि प्रतिष्ठानों में लाई गई हैं, वह आचार्य की ही देन है। अब निश्चय ही नई टेक्नोलोजी के पतंजलि आने पर विराम लग जाएगा। इसे लेकर पतंजलि परिवार काफी चिंतित है।

 

कावंड के नाम पर हरिद्वार आये जुआरियों पुलिस ने पकड़ा रंगे हाथ

हरिद्वार के होटल से पुलिस ने लाखो रुपये के जुए का पर्दाफाश किया है व 45 जुआरियो को लगभग चार लाख की राशी के साथ गिरफ्तार किया है यह सभी लोग कांवड़ लेकर हरिद्वार आए थे और यहाँ स्थित एक होटल में रूके हुए थे। हरिद्वार में कांवड़ की भीड़ के चलते असामाजिक तत्वों का भी बोलबाला नजर आ रहा हैइसी कड़ी में पुलिस व एस ओ जी की संयुक्त टीम ने एक सूचना के तहत जब होटल मयूर में आज तडके दो बजे के आसपास छापा मारा तो वहां हडकंप मच गया, होटल के दो कमरों में तकरीबन 45 कांवडि़ए जुआ खेल रहे थे इन जुआरियो के पास से पुलिस ने तीन लाख 98 हजार की नगदी बरामद की है। बताया जा रहा है की पुलिस को सुचना भी इन्ही के एक जूआरी साथी कांवडि़ए ने दी थी जो जुए में खेलते हुए हार गया था शहर कोतवाल एम् एस नेगी ने आज खबर को बताया की ये सभी कांवडि़ए मेरठ और आसपास के रहने वाले है जो अक्सर कांवड़ के समय हरिद्वार आ जाते हैं शहर कोतवाल के अनुसार इन सभी पर धारा ३ध्४ गम्ब्लर एक्ट के तहत कारवाही की गयी है।

दून पुलिस ने पकड़ा शातिर वाहन चोर, वाहन खोल कर लगता था ठिकाने

देहरादून। आज दिन में करीब एक बजे वसंत विहार पुलिस ने एक पुराने शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने चोरी के ३ वाहन बरामद कर लिए  वसंत विहार थानाध्यक्ष  ने आजखबर को फोन पर बताया की  इन्द्रानगर क्षेत्र में चैकिंग के दौरान इंद्रानगर चैकी प्रभारी जयप्रकाश कोहली एवं उनकी टीम ने इस शातिर चोर को आज दिन में करीब 1 बजे दबोचा।


इसके पास से चोरी का एक स्कूटर बरामद हुआ था । पूछताछ करने पर कृपाल सिंह निवासी तिलवाड़ा सहसपुर ने कुछ अन्य वाहन चोरियांे का भी खुलासा किया। कृपाल सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने एक पल्सर बाईक एवं एक्टिवा भी बरामद की । पल्सर बाईक शिमला बाईपास रोड से चोरी की गयी थी जबकि एक्टिवा को चकराता रोड प्रेमनगर से चोरी किया गया था। वसन्त विहार थानाध्यक्ष  ने बताया की पकड़े गए वाहन चोर पर कोतवाली, डालनवाला एवं सहसपुर थाने में लगभग एक 10 मुकदमे दर्जहैं और सहसपुर पुलिस ने पहले ही इस पर गुंडा एक्ट लगा रखा है जबकि नगर कोतवाली में इसके विरुद्ध वाहन चोरी के चार केस पहले से ही दर्ज हैं ।पुलिस के अनुसार कृपाल सिंह चंद मिनटो में ही वाहनों पर हाथ साफ कर देता था और बाद मंे इनके पाटर््स खोल कर उन्हंे बेच देता था। ऐसे कुछ वाहनों को वह बेच भी चुका है। थाना वसंतविहार में इस वाहन चोर के खिलाफ धारा 389 व 411 में मुकदमा दर्ज किया गया है
 

फर्जी आंगनबाडी कार्यकत्री गिरफ्तार

ऋषिकेश : फर्जी तरीके से आंगनबाडी चलाने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।बीती छह जुलाई को बाल विकास परियोजना अधिकारी उषा धस्माना ने आंगनवाडी कार्यकत्री के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक गीता पांडेय पत्नी राजकुमार निवासी चन्द्रेश्वरनगर ने वर्ष 2005 में हाईस्कूल के फर्जी प्रमाण पत्र के जरिये आंगनवाडी कार्यकत्री के पर पद नियुक्ति पाकर आंगनवाडी केंन्द्र खोला था। 

जांच के उपरान्त उक्त तथ्य सामने आने पर उसे तत्काल प्रभाव से आंगनवाडी कार्यकत्री के पद से निलम्बित कर दिया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर गीता पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए सीमावित ठिकानों पर दबिश दी। 

मगर उसका कुछ अता-पता नहीं चल पाया। विवेचना अधिकारी डीएस कोहली ने बताया कि मंगलवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर धोखाधडी में वाछिंत पांडेय को गिरफ्तार कर लिया।
 

एबीवीपी ने केन्द्र के खिलाफ निकाली जनजागरण रैली

ऋषिकेश :अभाविप के केन्द्र सरकार के भ्रष्टाचार के विरोध में राष्ट्रव्यापी आह्वान पर, काले धन के विरोध में ‘‘मौन तोड़ों हल्ला बोलो कार्यक्रम‘‘ के तहत भरत मन्दिर इण्टर कालेज प्रागंण से जोरदार प्रर्दशन कर,उपजिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। 
 
उक्त प्रर्दशन में नगर के तमाम विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने एकत्र होकर भ्रष्टाचार के विरोध में जन जागरण रैली निकालते हुये केन्द्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। प्रर्दशनकारियों का नेतृत्व परिषद के प्रदेश अध्यक्ष उमेद सिंह नेगी, जिला संगठन मंत्री गीताराम तोमर व अनिल सिंह, जिला संयोजक रमन रांगड, नगर अध्यक्ष राकेश भंडारी, मंत्री प्रदीप राणा, पवन पांडे, सुनील कुमार, अंकित शर्मा, विनोद चैहान, कौशल बिजल्वाण, अजय जोशी, शंकर अग्रवाल आदि कर रहे थें। 
 
जिसमें धीरेन्द्र कुमार, अश्वनी त्रिपाठी, प्रकान्त कुमार, सिमरन, नीतू, अकिंता शर्मा तपस्या रानी, दिलीप कुमार, प्रभात उनियाल, अकिंत बिजल्वाण, नरेश राणा, दीपक जुयाल,  अमित कुकरेती, अनुज जोशी सोनू गोयल, मुकेश रावत, श्रीराम, जगवीर, धीरज कुमई, सुधीर कश्यप सहित सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। 




 

छाम में कांवडिय़ों ने बस चालक से की मारपीट

नई टिहरी। छाम में कांवडिय़ों के बवाल को अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ कि बुधवार को एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। राजस्व पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कर स्थिति को सामान्य बनाया। छाम कंडीसौड़ बाजार में एक बार फिर कांवडिय़ों ने सवारी बस ड्राईवर के साथ बीच बाजार में सरेआम मारपीट कर हंगामा किया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह ड्राईवर को उनके चंगुल से छुड़ाया।

 
मिली जानकारी में बुधवार को उत्तरकाशी से ऋषिकेश जा रही सवारी बस यूके07सीसी- 0178 बाजार तिराहे में सवारियां उतार रही थी तभी पीछे से आ रही पिकअप गाड़ी एचआर 69-4135 में सवार करीब आठ-दस कांवडिय़ों ने बस के अंदर घुसकर ड्राईवर से मारपीट शुरू कर दी और उनकी कमीज फाड़ दी। किसी तरह सवारियों व स्थानीय लोगों ने ड्राईवर को उनके चंगुल से छुड़ाया। इस बीच कांवडिय़े गाड़ी में बैठकर भाग गए। सूचना मिलने पर राजस्व उपनिरीक्षक सुनील चमोली, पुलिस गश्ती दल प्रभारी एसएस गुसांई मयफोर्स को लेकर मौके पर पहुंचे और स्यांसू के पास से कावंडिय़ों की गाड़ी पकडक़र राजस्व पुलिस चौकी छाम लाए। बस ड्राईवर योगेंद्र कुडिय़ाल ने बताया कि एक तरफ साईट न देने का आरोप लगाकर पिटाई कर दी। राजस्व पुलिस चौकी में कांवडिय़ों के लिखित माफी पत्र देने व बस ड्राईवर को दो हजार दो हजार हर्जाना देने के बाद मामले को निपटा दिया ।
 

मोबाइल टावर लगाने की मांग ने पकड़ा जोर

पिथौरागढ़। जौलजीवी में मोबाइल टावर लगाने की मांग मुखर हो गई है। क्षेत्रवासियों ने एक माह के भीतर टावर लगाकर संचार सेवा शुरू नहीं करने पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।

जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में क्षेत्रवासियों ने कहा है कि जौलजीवी में मोबाइल टावर लगाने की मांग पिछले लंबे समय से उठाई जा रही है। परंतु सीमा सुरक्षा का मामला बताते हुए यहां पर टावर नहीं लगाया जा रहा है। जबकि नेपाल क्षेत्र में मोबाइल सेवाएं शुरू हो गई हैं। इस क्षेत्र की हजारों की आबादी केवल दूर संचार विभाग की ही लैंडलाइन फोन सेवा पर निर्भर है। परंतु आए दिन इन सेवाओं में खराबी आने से उपभोक्ताओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जब भी मोबाइल फोन सेवाओं को लेकर आंदोलन किया जाता है प्रशासन और दूर संचार विभाग के अधिकारी झूठे आश्वासन देते हैं। इस उपेक्षा को लंबे समय तक बर्दास्त नहीं किया जायेगा। जिला हस्तकला हथकरघा संस्था की अध्यक्षा लीला बनग्याल सहित तमाम क्षेत्र की जनता ने कहा है कि यदि 29 अगस्त तक टावर लगाने का काम शुरू नहीं होता है तो 30 अगस्त को गोरी पुल पर चक्काजाम किया जायेगा।
 

एनएसयूआई ने दिया धरना

पिथौरागढ़। विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाते हुए एनएसयूआई ने बुधवार को कॉलेज परिसर में धरना दिया और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की।
 
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा इस वर्ष विश्वविद्यालय में हर संकाय का परीक्षाफल गिरा है। बीकाम में 100 छात्रों को फेल कर दिया गया है, जो मूल्यांकन पर सवाल है। वक्ताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को एनएसयूआई बर्दाश्त नहीं करेगी। पुनर्मूल्यांकन की मांग करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शीघ्र मांग पूरी नहीं हुई तो सीमांत के छात्र नैनीताल कूच करेंगे। सभा को जिलाध्यक्ष ऋषेन्द्र महर, छात्र संघ महासचिव श्याम सुंदर सौन, एनएसयूआई जिला महासचिव दीपक तिवारी, भूपेश पाण्डेय, आशीष हावर्ड, राजेश जोशी, बसंत जोशी, कुनाल जोशी, मनीष साही, नितिन मारकाना, संजय कुमार, दीपक बिष्ट, नरेन्द्र धामी आदि ने सम्बोधित किया। सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की।


 

CM gave directions to keep law and order fully controlled

DehradunThe DIG Police, Garhwal, Deepam Seth called on the Chief Minister of Uttarakhand Dr. Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ at Secretariat on Wednesday and briefed him about various arrangements made for the Kanwad Mela. CM Dr. Nishank directed to keep the law and order at alert for ensuring successful conclusion of Kanwad Mela. He added that Uttarakhand Police had its distinct image as ‘Mitra Police’, which should be upheld. The CM said that nobody should be troubled without valid reasons and added that strict action should be taken against the troublesome Kanwads. The CM also directed the DIG to stay alert and careful in view of the terrorist activities in the country, so that no untoward incident took place in the state.

CM Dr. Nishank said that the form of the Kanwad Mela had become highly sensitive and challenging in terms of law and order because of the increasing number of the Kanwads at the last stage of the Kanwad Mela. He added that the state government had given topmost priority to conclude the Kanwad Mela safely and peacefully in the present security context. He directed that watch should be kept at all the sensitive places through CCTVs; and strict action be taken if any suspicious object is found at any place. He also directed to conduct effective anti-sabotage checking at the temples, ghats, parking-places, crowded-places, market-places, Haridwar railway station, bus stand, and at the langars for the Kanwads. He added that the LIU staff should be kept active for keeping close watch at suspicious people and the objects; and prompt action should be taken on their information.

The CM added that everyone should be clearly briefed for combating and acting at the time of emergency, so that the all the officials posted at duty had the knowledge of alternate arrangements, reserve forces, QRTs, ambulances, Cranes, etc stationed for emergency-situation. Crowd-control and alternate emergency-exit at crowded places should also be ensured. PA system should be effectively used at such places. CM Dr. ‘Nishank’ also said that special arrangements must be made in the temples and women-ghats in view of the increasing number of the women-Kanwads so as to ensure their security. He added that the Mobile Police Force posted at the Kanwad route should find out on-the-spot solution to the problems in case of any accident by promptly reaching there. He added that the supervising officers should motivate the police personnel posted during the Kanwad Mela to do their duties politely but with determination. He said that the Police communication-system should be kept active during the Kanwad Mela. He added that continuous co-ordination should be maintained with the officers of the border districts. He said that continuous and intensive checking should be ensured under the supervision of the gazetted officers at international borders. The CM directed that the senior officers should ensure implementation of the traffic plan for ensuring safe and systematic traffic-system under their personal supervision.

DIG Police Deepam Seth told that about 1 crore & 15 lakh Kanwads reached various pilgrim-places of district-Haridwar, Rishikesh, and Pauri Garhwal, whereas, about1 crore & 15 lakh Kanwads had already reached district Haridwar and about 16 lakh Kanwads had reached Neelkanth Mahadev up to 27th July, 2011 this year. He said about 1.5 crore Kanwads are expected to reach Haridwar this year. He added that the National Highway faced tremendous pressure of two-wheelers and four-wheelers during the Kanwad Mela every year. Besides, Dak Kanwads was also very sensitive in terms of the security-system. He added that an effective security-system had been implemented in the whole Mela region by dividing it into Super Zone, Zone, and Sectors. 

CM directed the officers to dispose-of the public-grievances timely

Dehradun : The Chief Minister of Uttarakhand Dr. Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ directed the officers to dispose-off the public-grievances promptly on time-bound basis while meeting the visitors who called on him at CM Visitors Room at Secretariat on Wednesday. Most of the people meeting the CM sought assistance for treatment and daughters’ marriages from CM discretionary fund. Some of them sought transfer, etc. The CM directed Secretary (In-charge) Ajay Pradyot to dispose-of all the applications on time-bound basis.

 

हर होंगी चौदांस घाटी की समस्याएं

पिथौरागढ़। चौदांस के लोगों के मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद हरकत में आये प्रशासन ने समस्याओं के समाधान के लिए पहल शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी डा. एमसी जोशी ने अधिकारियों की बैठक उन्हे घाटी में स्थित स्कूलों के अध्यापकों की तैनाती करने, डाक्टरों और फार्मेसिस्टों की तैनाती करने, नारायण आश्रम से सिर्दाग-सिर्खा तक निर्माणाधीन मोटर मार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाने, चौदांस घाटी में मोबाइल टावर स्थापित करने, तवाघाट से पांगला तथा पांगला से सिर्खा तक सडक़ को शीघ्र खोलने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक नये शिक्षकों की तैनाती नहीं होती है, तब तक क्षेत्र के अवकाश प्राप्त शिक्षकों को मानदेय पर तैनात कर शिक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करें। बैठक में मौजूद मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि उपकेन्द्र जयकोट में तैनात एएनएम के लम्बे समय से अनुपस्थित रहने के कारण दूसरी एएनएम की तैनाती की जा रही है। जिलाधिकारी ने मोबाईल टॉवर की स्थापना के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये।

 

 

19 पेटी शराब के साथ एक गिरफ्तार

पिथौरागढ़। बनकोट क्षेत्र में एक भोजनालय से 19 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। इस मामले में राजस्व पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

मुखबिर की सूचना पर नायब तहसीलदार ख्याली राम ने बनकोट क्षेत्र के एक भोजनालय में छापा मारकर अवैध रूप से रखी गई अंग्रेजी शराब बरामद की। शराब की पेटियों में 1.60 हजार रुपये की नकदी भी रखी गई थी। नायब तहसीलदार ने शराब के साथ ही नकदी भी जब्त कर ली। इस मामले में पुष्पेश को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गये व्यक्ति ने बताया है कि वह शेराघाट से शराब लाता है। भोजनालय से भारी मात्रा में शराब मिलने से तहसील प्रशासन में हडक़ंप मचा हुआ है। नायब तहसीलदार ने आरएनएस संवाददाता को बातचीत में बताया कि अवैध शराब पर अंकुश लगाने के लिए अब छापामारी अभियान चलाया जायेगा।
 

आखिर क्यों आती है प्रदर्शन की नौबत? : राज्य के 15 कालेज प्राचार्य विहीन

हल्द्वानी। राज्य में उच्च शिक्षा का कोई सुधलेवा नहीं है। न ही उच्च शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी देख रहे मुख्यमंत्री और न सचिव और न ही निदेशालय को इसकी फिक्र है। अगर किसी को वास्तव में चिंता होती तो पिछले एक वर्ष से राज्य के 15 महाविद्यालय प्राचार्य विहीन नहीं रहते। नतीजतन, अब नये सत्र से स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति को धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी तक होने लगे हैं लेकिन राज्य की व्यवस्था तो भगवान भरोसे हो चुकी है।
 
कुमाऊं का सबसे बड़ा एमबी राजकीय महाविद्यालय, जहां लगभग 15 हजार तक छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं। इसके अलावा इस महाविद्यालय में स्ववित्तपोषित बीएड, जैव प्रौद्यागिकी, योगा समेत तमाम पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय व उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का अध्ययन केन्द्र है। इस स्थिति के बावजूद यहां पर स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति नहीं है। शासन की व्यवस्थागत खामियों से अंजान छात्रनेता स्थायी प्राचार्य को लेकर लेकर आंदोलन करने लगे हैं। यही हाल राज्य के अन्य 11 राजकीय डिग्री कालेज और चार राजकीय पीजी कालेजों का भी है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने अपनी औपचारिकता पूरी करते हुए अप्रैल 2011 से ही विभागीय प्रोन्नति के लिए फाइल शासन को प्रेषित कर दी थी। लेकिन यह फाइल कहां गयी? किसके पास गयी? कब तक शासन में अपने अस्तित्व के लिए छटपटाती रहेगी? इसका किसी के पास जवाब नहीं है। उच्च शिक्षा निदेशक डा. एमसी त्रिवेदी कहते हैं कि निदेशालय से फाइल शासन को भेज दी गयी थी। इसके अलावा डा. त्रिवेदी अपने सीमित अधिकारों के बारे में तो बताते हैं, लेकिन शासन की व्यवस्थागत खामियों के बारे में पूछने पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। उनका जवाब होता है कि फाइल शासन में गतिमान है।

 

हरियाणा के दो लोगों को 35 लाख का चूना

हरिद्वार। हरियाणा के दो व्यक्तियों को 35 लाख की चपत लगाकर आधा दर्जन से अधिक लोग फरार हो गए। आरोपियों ने प्रोपर्टी की रजिस्ट्री कराने का झांसा देकर रुपये रजिस्ट्रार कार्यालय में लिये और घंटों बाद भी नहीं लौटे। आरोपी पीडि़तों की कार, बाइक और मोबाइल समेत अन्य सामान भी लेकर गए। सुनवाई न होने पर पीडि़तों ने पुलिस कप्तान से गुहार लगाई है।

पुलिस के अनुसार मानव चौक अंबाला हरियाणा निवासी संत मलिक पुत्र स्व. जयमल सिंह व अमित शर्मा पुत्र गजेंद्र शर्मा निवासी बीसी बाजार अंबाला हरियाणा प्रोपर्टी लेने के लिए फरवरी वर्ष 2011 में हरिद्वार आए थे। आरोप है कि हर की पैड़ी भीमगौड़ा निवासी एक व्यक्ति ने हर की पैड़ी पर अपनी संपत्ति बेचे जाने की जानकारी अमित को दी। दोनों के बीच में तीन मंजिला भवन का सौदा 35 लाख रुपये में तय हुआ। आरोप लगाया कि आरोपियों ने एडवांस के रूप में कुछ रकम भी ली। जून महीने में भवन की रजिस्ट्री पर सहमति बनी थी। 22 जून वर्ष 2011 को पीडि़तों को रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय बुलाया गया। पीडि़त अमित ने बताया कि रजिस्ट्रार कार्यालय में आरोपियों ने 35 लाख रुपये की रकम पूरी ले ली और बैंक में रकम जमा कराने के बाद रजिस्ट्री कराने की बात कही। रकम अधिक होने के चलते वह भी झांसे में आ गए और आरोपियों का इंतजार करते रहे। आरोप है कि आरोपियों ने जाने से पूर्व पीडि़तों की कार, मोबाइल व बाइक भी ली, लेकिन देर सायं तक नहीं लौटे। स्वयं को ठगा महसूस होने पर पीडि़तों ने आरोपियों से संपर्क कर रुपये लौटाए जाने की मांग की। अमित का आरोप है कि आरोपी रुपये न लौटाने एवं मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इससे दहशत में आए पीडि़तों ने नगर कोतवाली पुलिस से मदद मांगी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीडि़त लोग पुलिस कप्तान से मिले और मामले की जानकारी दी। पुलिस कप्तान ने मामले की जांच नगर कोतवाली पुलिस को सौंपी है। कोतवाली निरीक्षक महेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।


 

संस्कृत विवि बीएड प्रवेश परीक्षा 31 जुलाई को

हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में सत्र 2011-12 बीएड के लिए प्रवेश परीक्षा 31 जुलाई को होगी। परीक्षा के लिए हरिद्वार में दो केंद्र बनाए गए हैं।
 
उत्तराखंड संस्कृत विवि में बीएड प्रवेश परीक्षा 31 जुलाई को होगी। परीक्षा के लिए भल्ला इंटर कालेज और ज्वालापुर इंटर कालेज को केंद्र बनाया गया है। परीक्षा में कुल 823 परीक्षार्थी शामिल होंगे। विवि के बीएड विभागाध्यक्ष प्रो. मोहन चंद्र बलोदी ने बताया कि परीक्षा के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। जबकि सत्र 2010-11 की बीएड मुख्य परीक्षाएं 1 अगस्त से 16 अगस्त तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षाएं संस्कृत विवि के मुख्य परिसर में आयोजित की जाएंगी।


 

बाबा के सहयोगी पर सीबीआई ने कसा शिकंजा

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस द्वारा योगगुरु बाबा रामदेव को घेरे में लेने की तैयारी के बीच उनके निकटतम सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के हरिद्वार स्थित आवास पर बुधवार को पुलिस ने एक नोटिस चस्पा किया है जिसमें उनको गुरुवार को देहरादून के सीबीआई कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केवल खुराना ने बुधवार को आएनस संवाददाता से बातचीत में कहा कि बालकृष्ण के गत सोमवार से लापता होने के बाद से अभी तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिली हैं। पुलिस उनके लापता होने के मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की नोटिस को बुधवार को हरिद्वार के दिव्य योग मंदिर आश्रम स्थित आवास के बाहर चिपका दिया गया जिसमें उन्हें आवश्यक पूछताछ के लिए आगामी 28 जुलाई को सीबीआई के देहरादून स्थित कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
 
बालकृष्ण के खिलाफ गत रविवार को सीबीआई द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद सोमवार से ही वह लापता हो गए हैं। बालकृष्ण द्वारा कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में सीबीआई ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
खुराना ने कहा कि कांवड़ मेले के बाद बालकृष्ण की तलाश में तेजी लाई जाएगी। हरिद्वार के शहर पुलिस अधीक्षक किरन लाल शाह ने मंगलवार को बताया था कि बालकृष्ण के गनर जयेंद्र सिंह ने गत सोमवार की रात कनखल थाने में उनके लापता होने की लिखित सूचना दी थी जिसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। 


 

Inspector arrested for rape

 Dehradun, An inspector posted at police lines in Rudraprayag district was arrested in connection with the alleged rape of a woman whom he had given a lift at a petrol pump in his Alto on Monday. With an intention to save face, the police department has suspended the inspector with immediate effect and registered a case against him.

The accused was later sent on 14 days judicial remand after being produced in court on Tuesday.The victim, who hails from Daira village in Rudraprayag district, had asked for a lift from Reserve Inspector Surendra Gopal (58) while he was going to police lines at Ratura. The victim was going to Gauchar from Rudraprayag.The inspector had allegedly gone to the Nagrasu-Dandarwal road instead of Gauchar and he allegedly raped the woman in his car near Gholtir police outpost. Locals of the area had reportedly thrashed him when they found him in an objectionable position with a woman and later taken both to the police outpost. Police personnel of the outpost immediately informed the deputy superintendent of police, RP Dimri, who lodged the FIR against the inspector with the consent of senior cops under Section 376 of IPC following complaint of the victim.Terming the incident as a major blot on the police department Uttarakhand DGP JS Pandey has said that the inspector has been suspended and stern action would be taken after the probe conducted by SP Chamoli. 

Uttarakhand police department will procure Night Vision Devices

Dehradun: Uttarakhand police department will procure Night Vision Devices to enhance the combat efficiency of the police force of the State following the nod of the Ministry of Home Affairs.To enhance the fighting capacity of the police force, especially in a State that is not fully electrified, the police department has sent a proposal to procure NVDs as part of the modernisation process of police force. However, the exact number of the NVDs to be procured would be finalised only after the consent of MHA, the AIG (Provisioning and Modernisation), SK Shukla."A proposal has been sent to the MHA for the procurement of NVDs as per our demand. But the numbers of NVDs to be procured would be finalised only after the nod of the MHA" added Shukla. He stated that the matter had been discussed at the meeting held on July 18 with officials of the MHA in New Delhi. According to police sources, NVDs would be procured especially for Guldar forces, a group of specially trained commandos in line with Central National Security Guard commandos. Guldar forces have been formed to counter terrorist attack. A NVD is an optical instrument that allows images to be produced in levels of light approaching total darkness. They are most often used by the military and law enforcement agencies, but also available for civilians. It is also believed that the police department has sent a proposal to procure sniper rifles as well. But the exact number of rifles to be procured is yet to be decided, sources said. Considering the terrorist and Maoist threat as well as the international border with China and Nepal, sniper rifles are supposed to be useful in enhancing the fighting capacity of the police force. A sniper rifle is rifle used to ensure more accurate placement of bullets at longer ranges than other small arms.

रोडवेज की बस में बिना टिकट 18 यात्री पकड़े

रुडक़ी। रुडक़ी डिपो की रोडवेज बस में 18 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा कराने वाले परिचालक की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही चालक पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कुमाऊं मंडल के चेकिंग दल ने डासना गाजियाबाद के समीप की गई चेकिंग के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी।
 
कांवड़ मेला शुरू होने की वजह से रोडवेज बसों का संचालन गड़बड़ाया हुआ है। बसों के रूट भी परिवर्तित हो गए हैं। ऐसे में कुछ चालक -परिचालक निगम व यात्रियों को जमकर चूना लगा रहे हैं। मुजफ्फरनगर वाया देवबंद, झबरेड़ा रोड पर इस तरह की शिकायतें परिवहन निगम के अधिकारियों को मिल रही थी। इस बीच रोडवेज के एमडी ने गढ़वाल के चेकिंग स्टाफ को कुमाऊं मंडल की बसों व कुमाऊं मंडल के स्टाफ को गढ़वाल मंडल की बसों को चेक करने के निर्देश दिए। सोमवार को कुमाऊं मंडल के स्टाफ ने गाजियाबाद जिले के डासना कस्बे के समीप रुडक़ी डिपो की बसों को चेक किया। बस में बिना टिकट 18 यात्रियों को दिल्ली की ओर सफर करते हुए पकड़ लिया। यात्रियों का कहना था कि उन्होंने टिकट के लिए परिचालक को पैंसे दे दिए। रुडक़ी डिपो के प्रभारी सहायक महाप्रबंधक एसके चौहान ने बताया कि चेकिंग स्टाफ ने उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। परिचालक सोनू कुमार की सेवाएं तो समाप्त कर दी गई हैं। वह एजेंसी के माध्यम से डिपो में सेवाएं दे रहा था, जबकि चालक के बारे में रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

 

पुलिस की पिटाई से भडक़े कांवडिय़े, लगाया जाम

हरिद्वार। दो कांवडिय़ों पिटाई के विरोध में उनके साथियों ने जमकर हंगामा किया और बहादराबाद थाने के बाहर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम और सीओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने हंगामा करने वाले कांवडिय़ों को शांत किया।
 
मंगलवार की दोपहर गंगाजल लेकर पंजाब का एक समूह डाक कांवड़ लेकर वापस लौट रहा था। सिंहद्वार पर पहुंचने पर पुलिसकर्मी वाहन पर बज रहे डीजे को उतारने लगे तो कांवडिय़े बिफर पड़े। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर कांवडिय़े और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई शुरू हुई तो पुलिस ने कांवडिय़ों को दौड़ा लिया। इस पर कांवडिय़ों में भगदड़ मच गई और वह डाक कांवड़ छोडक़र भाग खड़े हुए। पुलिस की लाठी लगने से दो कांवडिय़े घायल हो गये। घायलों में रजत गोयल व साहिल पुत्रगण धर्मपाल निवासी जैतो मंडी जिला फरीदकोट पंजाब शामिल हैं। दोनों साथियों के घायल होने पर कांवडिय़े वहां से कांवड़ लेकर आगे निकल आये और बहादराबाद थाने पर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम हरवीर सिंह, सीओ पंकज भट्ट व थानाध्यक्ष रितेश शाह मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे। कांवडिय़ों ने उन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। बाद में पुलिस अधिकारी दोनों घायल कांवडिय़ों को वापस लेकर सिंहद्वार पहुंचे और उस सिपाही की पहचान कराई, लेकिन सिपाही के न मिलने पर उन्होंने कांवडिय़ों को समझा-बुझाकर वापस भेजा।

 

विद्यालय को है पांच वर्षो से खुलने का इंतजार

विकासनगर। चकराता विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बेगी शिक्षक के अभाव में पिछले पांच वर्षो से बंद पड़ा है। विद्यालय के बंद होने से बच्चों को तीन किमी दूर स्थित प्रावि बुल्हाड़ में पढऩे के लिए जाना पड़ रहा है। ग्रामीण विभाग से लंबे समय से शिक्षक की नियुक्ति की मांग करते आ रहे हैं।
 
प्रावि बेगी में नियुक्त एकमात्र शिक्षक पांच वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो गया था। इसके बाद विभाग ने यहां शिक्षक नियुक्त करने जरूरत नहीं समझी, जिस कारण विद्यालय बंद पड़ा हुआ है। अभिभावक बच्चों को प्राथमिक शिक्षा दिलाने के लिए तीन किमी दूर बुल्हाड़ भेज रहे हैं। बुल्हाड़ को जाने वाले रास्ते में जंगल और खड्ड पड़ता है, बरसात में खड्ड में पानी बढ़ जाता है जिस कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। ग्रामीण विभाग से विद्यालय में शिक्षक भेजने की लगातार मांग करते आ रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। शिक्षा विभाग के उदासीन रवैये के चलते ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान बेगी मेहर सिंह चौहान का कहना है कि इस मामले को कई बार तहसील दिवस, बीडीसी की बैठक और अटल चौपाल में उठाया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि एक ओर शिक्षा विभाग नए विद्यालय खोलता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पा रहा है। बुल्हाड़ को जाने वाले रास्ते में जंगल होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। ग्राम प्रधान ने विद्यालय में शीघ्र शिक्षक की नियुक्ति किए जाने की मांग की है। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी चकराता बीपी सिंह का कहना है कि प्रावि बेगी में शिक्षक न होने के संबंध में डीईओ को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। उनका कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।

 

लाभार्थियों को चेक वितरित

ऋषिकेश। मुख्यमंत्री की विकास यात्रा के दौरान क्षेत्र में जरूरतमंदों को राहत देने की घोषणा धरातल पर उतरने लगी है। मंगलवार को 12 लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए।
 
उप जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विधायक व संसदीय सचिव प्रेमचंद अग्रवाल ने उर्मिला देवी शास्त्रीनगर, उर्मिला देवी बनखंडी, महादेव प्रसाद शुक्ला सर्वहारानगर, दुर्गा देवी चंद्रेश्वर नगर, तोसी देवी हरिद्वार रोड, चतर सिंह चकजोगीवाला, पुष्पा देवी छिद्दरवाला, रमेश चंद्र माजरीग्रांट, बाल गोविंद छिद्दरवाला, राम रतन सिंह छिद्दरवाला को दस-दस हजार रुपए के चेक वितरित किए गए। अग्निकांड में झुलसे आशुतोष नगर निवासी किशोर कुमार के पुत्र अनुज कुमार को एक लाख रुपये का चेक सौंपा गया। विधायक ने शासन द्वारा स्वीकृत राहत कोष से प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु मंदिर कोटी भानियावाला को दस लाख रुपए का चेक सौंपा। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह, तहसीलदार लक्ष्मीराज चौहान, सभासद शिव कुमार गौतम, चेतन शर्मा व राजपाल ठाकुर आदि उपस्थित थे।

 

Construction of Chauras-Srinagar was to be completed in 2007

Srinagar Garhwal, The construction of the Chauras-Srinagar motor bridge has been progressing at snail's pace since 2006 due to which its completion has been delayed by about four years. This bridge was slated to be completed in the year 2007, but due to some technical hurdles it could not be completed within the stipulated time period.

The Uttarakhand Chief Minister, Ramesh Pokhriyal Nishank instructed the working agency, Public Works Department (PWD), Srinagar, to complete this work as soon as possible during the multipurpose camp held in Paithani few months ago. He directed officials to complete all the construction works by June 201, however, the situation is still the same which raises questions about the efficiency of the department and the level of seriousness with which the directions of the CM are being considered. The department is now claiming that the construction of the bridge will be completed by the month of September this year.The motor bridge on river Alaknanda is significant due to different factors including the fact that it will link Srinagar Garhwal to Chauras Tehri, with Garhwal Central University campuses existing in both the locations. Due to pending construction of the bridge and its link road to Chauras, the Garhwal Central University is facing problems in shifting the graduate science classes to Chauras.The Chauras -Srinagar motor bridge was sanctioned Rs 11.71 crore in the year 2004 for its constructionThe working agency PWD Srinagar started the work in October 2006 and it was to be completed in 2007.The construction cost of the bridge was initially estimated to be Rs 13.81 crore which has now increased up to Rs 16.57 crore. Executive Engineer PWD Srinagar Deepak Gupta informed that 150 meters construction work of bridge towards Chauras has been completed and the cross girders work also has been completed. The 40 meters construction work of bridge towards Srinagar is in progress. The total length of the bridge is 190 meters. Gupta said that construction of the connecting road towards Srinagar is almost complete, but road towards Chauras has not been started, due to objection of the Garhwal Central University administration. Though the university and PWD officials conducted a joint inspection of the bridge last Wednesday, but could not reach to a final decision regarding the construction of the road towards Chauras. Gupta said that the proposal of the university, regarding the connecting road to Chauras was not technically feasible considering which the State chief secretary has directed to constitute a committee for the resolution of the matter as soon as possible.

Admission to DAV could not start

Dehradun: Following the fight between two main groups Akhil Bhartiya Vidyarthi Parishad and National Students Union of India, the admission process of different courses — Science, Arts and Commerce — of the bachelors' degree could not begin in DAV (PG) College on Monday.  A large number of students turned up for getting admission in different courses in DAV (PG) College on Monday, but had to return empty-handed, because of clashes that erupted between two students groups ABVP and NSUI of the College. The admission process has started in the college at 9 am on Monday but the admission's window closed down soon because the supporters of two groups started fighting in the college premises.

In order to maintain peace in the college, the principal had to call up the police. The fight could be stopped only after the lathicharge by the police.DAV (PG) College Principal BL Nautiyal said that the admission process in various bachelors' degree courses including Science, Arts and Commerce has started on Monday, but except few the admission process was not completed. The procession marched by the different students leaders in the college premises will not be allowed. Following the fright between two main students groups NSUI and ABVP in the college, Nautiyal said that we have decided to seek help from the district administration. Peace will be maintained at any cost in the college premises. More than 2000 admission forms were sold within three days in the college. He further said that results of various degrees (Part I, Part II and Part III) have not declared by the HNB Garhwal University so far and admission process will start after receiving mark sheets from the University. Moreover Nautiyal said that the last date for submitting the LLB entrance forms in the college is July 30 and the LLB entrance examination will be conducted on August 14 in the college premises.

More than 100 school principals were absent from training programme

Dehradun: More than 100 school principals were found absent from the ongoing training programme under the Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan organised by the State education department for school principals and block education officers at the district level in the State. This was disclosed by State RMSA Joint Director (Project) RP Dandriyal while speaking  on Monday.Dandriyal said, "Considering effective execution of various programmes under RMSA in the Government high schools, we have been organising five-day long training programme for BEOs and school principals at different places across the State for last two months.”In addition to this, the programme for the principals of different districts including Rudraprayag, Almora, Pauri, Udham Singh Nagar, Pithoragarh, Champawat, Chamoli and Haridwar have been completed at various training centres in the State. The reports submitted by the district project officers (nodal officer of the training programme) revealed that 112 College principals of different districts including nine principals in Haridwar, 25 in Pauri, six in Rudraprayag, 11 principals in Almora, 12 principals in Pithoragarh, 19 in Nainital, seven in Udham Singh Nagar, three in Pithoragarh, three in Tehri and four principals in Chamoli were found absent during the training. "We will organise a meeting with the district project officers and notices will be issued to the principals, who were absent in the training programme," he added. Moreover, Dandriyal said the training programme is very significant because they are being taught about multi-disciplinary roles in their schools. In order to address their difficulties faced by the BEOs and principals while executing their works under RMSA including school-level planning, construction of additional rooms, toilets, kitchen room, Right to Education Act, Right to Information Act, Continuous Comprehensive Evaluation, and many more.The department has decided to organise five-day long training programme for them in the State.

BEd colleges across the State continue to suffer from a severe faculty crisis

Haldwani: Many self-financing BEd colleges across the State continue to suffer from a severe faculty crisis. The new academic session has already begun but the Government is yet to resolve the crisis despite repeated requests. After experiencing shortage of suitable candidates at a recruitment drive that the directorate of higher education conducted in the last week of May, it urged the UGC/NCTE through the State Government to simplify the eligibility criteria for teaching in higher education. But the matter is still pending.The directorate of the higher education held interviews for as many as 120 vacancies to fill the vacant posts in different departments in many self-financing B Ed colleges in May last. But it could recruit only 31 eligible candidates in this recruitment drive on account of tougher eligibility criteria laid down by the UGC or NCTE.According to the UGC/NCTE norms, only a PhD holder or NET qualified candidate can apply for a teaching job in degree colleges. However, keeping in view the paucity of eligible candidates who could meet these existing norms, the concerned higher education department then urged the UGC /NCTE through the State Government to grant some relaxation in the eligibility criteria so that the rest of the vacant seats in these self financing colleges could be filled.But there has been no further development in this regard. "We have already taken up the issue of shortage of staff with the State Government. But the matter is still pending," said MC Trivedi, director, higher education. Now it is up to the State Government to decide upon this issue and it is hoped that the matter would be sorted out in due course of time, the director said.There are over 30 BEd colleges, including private ones, in the Kumaon region with over 3,000 seats, but lack of faculty remains a major concern for both the Government and private BEd colleges here.

 

25-year-old Russian stabbed when resisted theft

Haridwar: A 25-year-old Russian woman was stabbed by some unidentified persons with motive to loot her. The incident took place at Neer Waterfalls near Muni-ki-Reti in Rishikesh on Monday afternoon. The victim, a resident of Moscow, is under medical care.According to police, Alina had come to Neer Falls at Neergadu on Badrinath Highway to see the sights. Finding her alone, an unidentified accused, aged around 25, tried to snatch her bag. When she resisted, the accused attacked her with a knife and stabbed her on the neck. Alina collapsed on the spot. Apparently scared, the accused fled. Muni-ki-Reti police reached the site after being informed by some locals of the incident. Alina was rushed to a Government hospital and was immediately attended to by medics there. Circle Officer Pankaj Bhatt said, "The victim has filed a complaint and investigations into the case are in progress. Alina is now out of danger and will be released from the hospital late on Monday."

कार के शिशे तोडकर म्यूजिक सिस्टम चोरी

देहरादून : चोरों ने एक मारुति कार के सभी शीशे तोड़कर म्यूजिक सिस्टम चोरी करलिया पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरोंकी तलाश शुरू कर दी। यह घटना खुडबुडा क्षेत्र की है।

जानकारी के अनुसार खुड़बुड़ा निवासी सुनील कलसी बीतीरात 11 बजे एक मंदिर से वापस आए थेऔर उन्होंने अपनी मारुति कार नंबरयूपी 07 एपफ 9680 को सड़क पर हीखड़ा कर दिया। आज सुबह जब वहकार के पास पहुंचे तो उसके सभी शीशेईंट मारकर तोड़े हुए थे। कार में सेम्यूजिक सिस्टम और स्पीकर गायब था।घटना की सूचना खुड़बुड़ा चैकी प्रभारीको दी गई। चैकी प्रभारी बहुगुणा नेमौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजालिया और सुनील से घटना की जानकारीली उन्होंने बताया कि रात्रि करीब साढ़े11 बजे कार के पास देखे गए थे उन्होंनेही कार के शीशे तोड़कर म्यूजिक सिस्टमचोरी किया। इन तीनों युवकों की पहचानकर ली गयी हैं पुलिस ने मामला दर्जकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

सोनिया करेगी सितम्बर माह मे उत्तराखण्ड का दौरा

देहरादून : कांग्रेस सुप्रीमों सोनिया गांधी सितम्बर माह मे उत्तराखण्ड का दौरा करेगी।इस दौरे मे उनके संग कांग्रेस महा सचिव राहुल गांधी भी होंगे। सितम्बर माह मे प्रदेश कांग्रेस कमेटी कुमाउ और गढवाल मे दो विशाल रैलियो का भी आयोजन करेगी जिसमे यह दोनों शिर्ष नेता शिरकत करेंगे।
 
उक्त आशय की जानकारी देते हुये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ चुनाव का शंखनाथ फूंकते हुएप्रदेश के अल्मोडा जनपद और राजधानी देहरादून में दो विशाल रैलियों का आयोजन करेगी । उन्होने बताया की इन दोनो रैलियों मे उनकी पार्टी की अध्यक्षा सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी शिरकत करेंगे।आर्य ने बताया कि अभी हाल फिलहाल कांग्रेस के इन दोनो शिर्ष नेताओं के आने की तारीख तय नही है। उन्होने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल मे विकास का पहिया पूरी तरह से रूक गया है।लोग समस्याओं से जुझ रहे हैऔर राज्य सरकार भ्रष्टाचार की चादर ओढे चैन की नींद सो रही है। आर्यं ने कहा कि आगामी विधान सभा चुनाव मे त्रस्त हो चुकी प्रदेश की जनता भाजपाईयों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा कर ही दम लेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार का इससे अधिक निकम्मा पन और क्या हो सकता हैकि केन्द्र जो उत्तराखण्ड के विकास के लिये जो धनराशी दे रहा है उसे भी यह खर्च नही कर पा रहे है।
 

वन गुर्जर ने 120 लीटर दूध नदी में फेंका, एक का चालान

उत्तरकाशी। वन गुर्जरों के दूध में पानी की अत्यधिक मात्रा मिलाने की शिकायत पर शनिवार को खाद्य निरीक्षक बीएस बिष्ट ने जांच कर एक गुर्जर का चालान किया। जबकि दो गुर्जरों ने पकड़े जाने के डर से 120 लीटर दूध नदी में उड़ेल दिया। खाद्य निरीक्षक ने गुर्जरों को दूध में पानी न मिलाने की चेतावनी दी।
 
चकराता के मुनाली खडामा व जाख के जंगल से पुरोला बाजार में दूध ला कर बेचने वाले पांच गुर्जरों के अत्यधिक पानी मिलाने की शिकायत काफी समय से मिल रही थी। शनिवार को उक्त गुर्जरों के दूध की जांच की गयी जिसमें एक गुर्जर शमशाद पुत्र नुरजमाल के दूध में पानी की काफी मात्रा पाई गयी, जबकि तीन अन्य गुर्जरों ने पकड़े जाने से पूर्व ही दूध नदी में उड़ेल दिया। पकड़े गये गुर्जर का चालान किया गया है तथा सभी को भविष्य में मानक के अनुसार दूध लाने की चेतावनी दी गयी है। खाद्य निरीक्षक ने बताया कि लंबे समय से इस बात की शिकायत मिल रही थी जिस पर यह कार्यवाही की गई है।
 

20 लाख से अधिक की टमाटर की फसल बर्बाद

उत्तरकाशी। रवांई घाटी के पुरोला, नौगांव व मोरी क्षेत्र में जारी मूसलाधार बारिश के चलते 20 लाख रुपये से अधिक के टमाटर की फसल बर्बाद हो गई है। इस स्थिति के चलतेकाश्ततकारों के सामने बीज, दवा व खाद के पैसे वसूल करने के भी लाले पड़ गये हैं। हालात इस कदर हैं कि बारिश से सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पर सड़ती फसल को काश्तकार नदी नालों में फेंकने लगें हैं।

मूसलाधार बारिश के कारण अब तक पुरोला, खलाड़ी, नेत्री, चन्देली, आराकोट, महराना, ढकाड़ा, कुफारा, पुजेली, छिबाला, देवदुगं व करड़ा सहित नौगांव के बनाल पटटी व मोरी के दर्जनों गांव में 20 लाख रुपये से भी अधिक की टमाटर की फसल बर्बाद हो गई है। गत वर्ष जहां क्षेत्र के काश्तकारों ने दिल्ली सहारनपुर, देहरादून की मण्डियों सहित मदर डेयरी को लगभग 52 लाख रुपये का टमाटर बेचा गया, लेकिन इस वर्ष अभी तक केवल 8 से 10 लाख रुपये का ही टमाटर मण्डियों में पहुंच पाया। वहीं, विगत पांच दिन से क्षेत्र में जारी बारिश के कारण 60 से 70 प्रतिशत टमाटर की फसल खराब हो गई है। साथ ही किसानों के सामने बीज, खाद व दवा की कीमत के भी लाले पडऩे लगे है। काश्तकारों के सामने उन्हें नदी नालों में फेंकने का अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा है।
क्षेत्र के फल एवं सब्जी उत्पादक संघ खलाडी के अध्यक्ष श्यालिकराम नौटियाल, काश्तकार गोविन्द राम आदि का कहना है कि इस स्थिति के चलते किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है। नगदी फसल पर होने वाली मेहनत जाया हो रही है।

 

आखिर जिम्मेदार कौन? : सब हेड-सरकारी स्कूलों में नहीं पहुंची नि:शुल्क किताबें

हल्द्वानी। गरीब बच्चों को स्कूलों से जोडऩे व बेहतर तालीम मुहैया कराने में शिक्षा महकमा कतई गंभीर नहीं है। कर्णधारों को नि:शुल्क किताबें उपलब्ध कराने के लिए एक वर्ष पूर्व हुए टेंडर निरस्त कर दिए गए। फिर फरवरी में जैसे-तैसे इन्हें हरी झंडी मिली भी तो समय पर किताबें ही नहीं छप सकी। किरकिरी से बचने के लिए अब विभागीय अफसर काहिली की गेंद एक-दूसरे के पाले में सरकाने में जुट गए हैं।

दरअसल, राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली से 8वीं कक्षा तक 10 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। हैरत की बात है, सर्व शिक्षा अभियान के तहत करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद इन्हें समय पर नि:शुल्क पुस्तकें मिल ही नहीं रही हैं। हालांकि राज्य सरकार ने गुणवत्तापरक शिक्षा को पाठ्यक्रम सीबीएसई पैटर्न की तर्ज पर शुरू किया। इसके तहत अप्रैल में नया सत्र शुरू करने का प्रावधान भी बना।
मगर अफसोस, जुलाई तक स्कूलों में महज 60 फीसदी ही नि:शुल्क किताबें पहुंची हैं। जहां तक विभागीय लापरवाही का सवाल है, अपर शिक्षा निदेशक डॉ. कुसुम पंत जिला शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदार मानती हैं। जबकि वास्तविकता इससे परे है। सचिव स्तर से ही पुस्तकों के प्रकाश को टेंडर प्रक्रिया में देरी इसका बड़ा कारण रहा। पहले टेंडर नवंबर 2010 में हुए पर निरस्त कर दिए गए।
इस साल फरवरी में टेंडर हुए और पांच फर्मो को प्रकाशन का जिम्मा भी सौंपा गया। मगर एकाध को छोड़ अन्य फर्मो ने किताबें छापने में ही देरी कर दी। इस मामले में निदेशालय के अधिकारी तो दूर विभागीय मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधि तक आंखें मूंदे बैठे रहे। जब इस बाबत शिक्षा सचिव मनीषा पवार से संपर्क साधा गया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। शिक्षा निदेशक सीएस ग्वाल का तो फोन ही स्विच ऑफ रहा। डीईओ जेएस ह्यांकी कहते हैं, पुस्तकें पहुंच रही हैं। कुछ पुस्तकें नहीं पहुंची तो सोमवार तक पहुंच जायेंगी। जाहिर है, इन हालातों में तो सुशिक्षित समाज का नारा फलीभूत नहीं हो सकता।
 
पाठ्य पुस्तक अधिकारी चेतन नौटियाल का कहना है कि इस बारे में आप सक्षम अधिकारी से ही पूछिये। जो फर्मे देर करती हैं, उन पर पेनाल्टी पड़ती है।


 

16 अगस्त से प्रदर्शन का एलान

चम्पावत। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने एक बार फिर राज्य सरकार के खिलाफ 16 अगस्त से मोर्चा खोलने का एलान किया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार चिन्हीकरण के नाम पर राजनीति कर रही है जिसे अब बर्दास्त नहीं किया जायेगा। शासन स्तर पर लम्बित आंदोलनकारियों की सूची को फाइनल टच न देकर सरकार अपनी करनी व कथनी के अंतर को उजागर कर रही है।

रविवार को लोनिवि के विश्राम गृह परिसर में राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष एडवोकेट नवीन चन्द्र मुरारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि राज्य सरकार ने 15 अगस्त तक सलाहकार समिति की संस्तुति व प्रशासन द्वारा साक्ष्यों के आधार पर शासन को प्रेषित 465 वास्तविक आदोलनकारियों की सूची को अन्तिम रूप देकर राज्य आंदोलनकारियों घोषित नहीं किया गया तो 16 अगस्त से आदोलनकारी धरना प्रदर्शन करेगें। इस दौरान श्री मुरारी ने राज्य सरकार पर आंदोलनकारियों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब आंदोलन कारियों की उपेक्षा बर्दास्त नही की जायेगी। राज्य आंदोलनकारी जीवन गहतोडी के संचालन में आयोजित बैठक में बुजुर्ग व वरिष्ठ आंदोलनकारी नाथलाल साह ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान दिलाने के लिए वह सहर्ष अपने प्राणों की आहूति देने को तैयार है। बैठक में नरेन्द्र गहताड़ी, मनोहर लाल साह, दीपक राय, ललित मोहन गहताड़ी, सुमन माहरा, गोपाल कन्नौजिया, संजय फत्र्याल, लक्ष्मण बिष्ट, आलोक जोशी, मनीष ढ़ेक, दीपकजोशी, रवीन्द्र मुरारी, विनोद सार्की, महेश खर्कवाल, आदि राज्य आंदोलनकारियों ने अपने विचार रखे। इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही जनपद के सभी राज्य आंदोलनकारियों की एक बैठक आयोजित कर आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया जायेगा।




 

जल भराव से दिक्कतें बढ़ी

टनकपुर। क्षेत्र व पहाड़ में हो रही वर्षा से कई जगह जल भराव की समस्या पैदा हो गई है। जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतों से दो चार होना पड़ रहा है। साथ ही शारदा व हुडडी नदी से भू कटाव जारी है।
 
वर्षा से शारदा घाट क्षेत्र, बैराज मार्ग, बिष्णुपुरी कालौनी, अंबेडकर नगर, पीलीभीत चुंगी आदि स्थानों में जगह जगह जल भराव हो गया है। जल भराव से संक्रमित बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है एवं लोगों को आवाजाही में दिक्कतों से दो चार होना पड़ रहा है। इधर, शारदा नदी से गांव उचौलीगोठ, थ्वालखेडा व बनबसा में हुडडी नदी से गांव चंदनी, आंनदपुर, पचपकरिया आदि में हो रहे भू कटाव से ग्रामीणों की कृ षि योग्य जमीन पानी की भेंट चढ़ रही है।

 

देश दुनियां से कट रहा जिले का पहाड़ी इलाका

चम्पावत।  जिले का पहाड़ी इलाका बीएसएनएल सेवाओं में आई खराबी के चलते देश दुनियां के संचार संपर्क से कटा रहा। जिससे जहां उपभोक्ताओं को दिक्कतें उठानी पड़ी, वहीं निगम को लाखों रुपये का चूना लगा।

जेटीओ मनीष पंत के मुताबिक बाड़ेछीना के आसपास ओएफसी लाइन क्षतिग्रस्त होने से इस तरह की दिक्कत आई। दिन में ग्यारह बजे गायब हुए बीएसएनएल के सिग्नल सायं छह बजे सुचारू हो पाए। हालांकि रविवार का अवकाश होने के चलते अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियां बंद थी, बावजूद इसके लेंडलाइन, मोबाइल और ब्राडबैंड सेवा डैड होने से लोगों को तमाम दुश्वारियों से रूबरू होना पड़ा। लगभग सात घंटे चम्पावत जनपद का पहाड़ी इलाका देश दुनियां के संचार संपर्क से कटा रहा। जिससे बीएसएनएल के दो लाख से ज्यादा के कारोबार में असर पड़ा। जनपद में केबिल कटने से चम्पावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट विकास खंडों से जुड़े तकरीबन 18 दूरभाष केंद्र पूरी तरह ठप रहे।

 

सीसी मार्ग धंसा, आवागमन ठप

खटीमा। चकरपुर नई बस्ती सीसी मार्ग धंस जाने से ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया है। लोगों का चकरपुर से संपर्क कट गया है। इस कारण विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने मार्ग शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की। साथ ही ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

चकरपुर के वन चेतना केंद्र मैदान से प्राइमरी पाठशाला नई बस्ती दो को जोडऩे वाले ढाई सौ मीटर सीसी मार्ग का निर्माण 13.50 लाख की लागत से आरइएस विभाग द्वारा किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि बार्डर एरिया के तहत यह कार्य हुआ था। इसमें सौ मीटर सीसी पूर्व में पड़ी हुई थी। उस पर ऊपर से निर्माण कर दिया गया और बनने के कुछ समय बाद ही यह संपर्क मार्ग जगह-जगह टूटने लगा। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने अधिकारियों से की, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब पहली बरसात में ही यह संपर्क मार्ग कई स्थानों पर धंस गया और उस पर बड़े-बड़े गढ्डे बन गए। इस कारण लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। ग्रामीण प्रेमराम व कृष्ण कुमार का कहना है कि मार्ग इतनी बुरी तरीके से धंस गया कि उसकी आठ फिट गहराई बन गई। इससे विद्यार्थियों का उसमें गिरने का खतरा बना हुआ है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने रविवार को खटीमा आए मुख्य विकास अधिकारी वाइके पंत से की। उन्होंने शीघ्र जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

 

9 साल की बच्ची को ले गई नवविवाहिता

काशीपुर। एक नवविवाहिता मकान मालिक की नौ वर्षीय पुत्री को लेकर फरार हो गई। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

मोहल्ला खत्रियान निवासी नौ वर्षीय वंशिका के पिता बाबूराम ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उसके मकान में रहने वाली सोनी पत्नी अंकित उसकी पुत्री को रविवार शाम बाजार घुमाने ले गई। उसके बाद उसकी पुत्री घर नहीं लौटी। सोनी की शादी बीते जुलाई माह में ही हुई है। उसने सभी परिचितों व रिश्तेदारों के घर पर बच्ची की तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा। बाबूराम का आरोप है कि सोनी ही उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गई है। उसने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस सोनी के पति अंकित व उसकी मां सुमन को पूछताछ के लिए कोतवाली ले आई।

 

जिलाधिकारी से राशन का कोटा बढ़ाने की मांग

डोईवाला। उत्तराखंड उचित दर राशन विक्रेता एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से राशन का कोटा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणा के अनुरूप उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल पा रहा है। इससे दुकानदार परेशान हैं।
 
उत्तराखंड उचित दर राशन विक्रेता संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि डोईवाला ब्लॉक के सहकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को शासन द्वारा गेहूं, चावल व मिट्टी का तेल कम मात्रा में उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को प्रति कार्ड 10 किलो गेहूं, पांच लीटर मिट्टी तेल व दो किलो चावल देने के आदेश हैं। जून माह में छह किलो 400 ग्राम चावल, छह किलो 900 गेहूं दिया गया, जबकि आदेश 10 किलो देने का था। इससे उपभोक्ताओं व राशन विक्रेताओं में टकराव की घटनाएं हो रही है। उन्होंने राशन दिए जाने वाले मानकों को घटाने या पर्याप्त मात्रा में गेहूं, चावल व तेल का कोटा बढ़ाने की मांग की है। ज्ञापन में त्रिलोक चंद, मुकेश अग्रवाल, सुरेश, ललित बाली, बिजेंद्र इष्टवाल व वीरेंद्र सिंह व पप्पू आदि के हस्ताक्षर थे।
 

Jim Corbett's 136th Birth Day today

Nainital: More than a century has passed since the famous hunter turned conservationist Jim Corbett was born in the lake city of Nainital, people of the region never forget to celebrate his birth anniversary with great enthusiasm and joy. This year, the occasion of Corbett’s birth anniversary is more special as it is the platinum jubilee year of the famous national park named after Jim Corbett.On the occasion of Corbett’s 136th birth anniversary today (July 25), the Corbett Gram Vikas Samiti has organised, as it does every year, festivities involving villagers and schoolchildren. Dancing, singing and little skits based on the life of Corbett are part of the celebrations. Tourists who are in town come to know of the great respect Corbett commands in Kumaon. People love him and love to talk about him. Corbett Country is an exciting and fascinating part of Uttarakhand and has always attracted large numbers of tourists the year round.Edward James Corbett, affectionately called Jim by the family, was born in Nainital to Mary Jane Corbett and Christopher William Corbett who was the postmaster at Nainital. The family spent summers in Nainital and winters in Kaladhungi near Chhoti Haldwani. Jim shot his first leopard at the age of eight. From the mid-1920s, he put down his gun and took up the camera and pen. As a tribute to his undying love for India the national park he helped set up at the foot of Kumaon hills was renamed after him in 1957.

Founded on August 8, 1936 as Hailey National Park, Corbett National Park in the Uttarakhand Himalayas, India’s first national park, will turn 75 on August 8, 2011.Near the foothills of the Kumaon Himalayas lies a quaint little village, once the personal property of Jim Corbett. Called “Chhoti Haldwani”, this village is Corbett country in the truest sense. Stories about Corbett, known as “Carbet Sahib” or “Carpet Sahib” among the villagers do the rounds in this picturesque village in Nainital district.The village was named by Corbett himself when he bought this sal forest estate and developed it into a model village, first settling 40 families in it. His own house in the village is called “Arundel”.“Jim Corbett Heritage Trail” is managed by the villagers of Chhoti Haldwani and provides a unique experience of the work done by Jim Corbett to develop a model Kumaoni village. Covering a distance of about 3 km, the trail takes visitors a couple of hours to complete.The Community Based Tourism Project members guide visitors along this heritage trail, run a souvenir shop, have home stays in village families and maintain an information kiosk .

Kaladhungi, the winter home of Corbett, is now a museum which is looked after by the Corbett National Park and is at a distance of about 35 km from the park. .It is one of the very few such monuments dedicated to a European anywhere in India. It is a single storey bungalow set in a beautiful garden. Corbett was a friend of every villager and sat on the Panchayat, giving his advice and suggestions. Between 1907 and 1938 he killed ten large man eaters of Kumaon.. When he left India for Kenya along with his sister Maggie, his constant companion, he gifted his lands away. He gave for a small sum, his Kaladhungi home to an Indian friend. Jim left India when he was 72 years and spent only eight years in Kenya .Before he died, he was planning to return to Kumaon, where his heart was.He wrote about his intention to friends in Kumaon .But ill health prevented him from doing so. In his will, he bequeathed Rs.10,000 to the temples in Almora and Rudraprayag and the mosque at Kaldhungi .Each villager of Chhoti Haldwani received a sum of money. As he confesses in his book “My India” , Corbett’s love for India was confined to Kumaon and its people and it is fitting that Kumaon is best known worldwide through his first book ”Man- Eaters of Kumaon” published first in 1944. He lives on in the hearts of the people of Kumaon whom he loved and looked after like a father all his life. Tales of his valour and wisdom echo in these hills. Carpet Sahib is immortal here. 

Dehradun District Food and Civil Supply Department forfeited security deposit of Rs 63,500

Dehradun: The Dehradun District Food and Civil Supply Department forfeited security deposit of Rs 63,500 of Public Distribution System dealers for their malpractices in Dehradun since April this year. Dehradun Area Rationing Officer Shilpi Shukla, while talking to the media on Sunday disclosed that 20 PDS shops of Doiwala and Rishikesh were closed during the surprise visit. Shukla said that recently a surprise inspection was made with other department officials at different PDS shops in rural and urban areas of Doiwala and Rishikesh block. In Doiwala, Shukla inspected around 22 PDS shops wherein 15 shops were closed. In most of the shops, there was a board outside saying that the shopkeepers had gone out for procuring rations from godown. On an enquiry by Shukla, it was found that the shopkeepers were not present at the godown. In addition to this, Shukla also visited 17 PDS shops in Rishikesh wherein seven shops were closed and had a similar board. As in Doiwala. Shukla further said that a report has been submitted to the district food and civil supply officer MS Bisan and imposition of penalty on PDS dealers soon in the district is expected.Other department officials said that the department had conducted inspections on 5532 PDS shops since April, 2010 and 682 PDS shops since April this year.The department had lodged 14 FIRs against the PDS dealers for their malpractices including black marketing of food grains, cylinders, kerosene oil and other things. Rs 4.34 lakh has been forfeited security deposit, Rs 75, 000 was imposed penalty on PDS dealers for the same reasons including Rs 3, 000 from April this year. A total of 21 PDS shops were cancelled in the district. Moreover, Bisan said that the department officials are being deployed for conducting inspections after receiving complaints from people in the district. The department is committed to provide rations fixed by the State Government to the beneficiaries. 

Uttarakhand Government to grant 31 hectares of land to Pantnagar airport

Haldwani: The Uttarakhand Government will grant 31 hectares of land to Pantnagar airport to meet its long-pending modernisation and expansion needs. This piece of land along the airport currently belongs to the State forest department. The State Government would grant the forest department the piece of land, located in Tanakpur area, in lieu of transferring it to the airport. "Since the proposed 31 hectares now belongs to the forest department, instead of taking this land for airport expansion purposes, we are planning to give the same land near the dam area in Tanakpur to the forest department," Udham Singh Nagar district magistrate BVRC Purshotam said.

The district magistrate hoped there would not be much difficulty in sorting out the issue. Though modernisation of the airport is a long overdue, lack of regular flights from the airport until recently coupled with the land acquisition problem ensured that the process could not take off. The need to upgrade the airport has assumed larger proportions following surge in demand for flying bigger (at least 100-seater) aircraft from this part of Kumaon to other Metros, including the national capital. The demand for having more flights or bigger-sized planes is particularly from entrepreneurs. The concerned authorities here are of the opinion that in order to allow service of bigger planes, expansion of the airport is mandatory.Under the expansion plan, the length of the runway has to be increased by 100 metres. The width of the airport should be about 40 feet. At the same time there is also demand for shifting of the Haldi railway road that passes along the airport from the security point of view. "The expansion and modernisation of the airport can be possible only when the land is granted to us by the State Government," the authorities maintained. At present, a private airlines is flying a 48-seater aircraft from Pantnagr to New Delhi on a regular basis. But there is a demand for starting 100-seater flights between Pantnagar and Delhi on a regular basis. 

Poaching has become a serious concern

Dehradun:The seizures of leopard pelts since the start of this year substantiate the fear that the poaching of leopards in Uttarakhand has reached alarming proportions. According to the Wildlife Protection Society of India's Uttarakhand head Rajendra Agarwal, who was part of the joint team which seized three leopard pelts from Bageshwar during the weekend, at least 25 leopard pelts have been seized in operations involving NGO, the Uttarakhand Forest Department and police since the start of this year. Even forest department officials acknowledge the need for specific measures for both protecting the leopard from poaching and for decreasing human-leopard conflicts. But so far nothing concrete has been done to achieve either of these developments.

According to official data, the present population of leopards in Uttarakhand is above 2,000. The healthy population of leopards along with factors like increasing human population and resulting increase in encroachment in forest areas and habitat destruction are causing an increase in conflicts between humans and leopards. The vice-president of Endangered Flora and Fauna on Earth Conservation Team (EFFECT), which was also involved in a couple of leopard pelt seizures, Abhishek Singh, said that the increasing conflict is causing an increase in the number of leopards being killed by cattle owners in retribution.One of the persons nabbed with a leopard pelt recently has confessed that he ended up killing two leopards by poisoning the carcass of his cattle killed by a big cat. According to the WPSI State head Rajendra Agarwal, seven leopard pelts have been seized from different areas of Uttarakhand this week, including two from Uttarakhand, two from Mussoorie and three from Bageshwar. 

Body of a new born found in a canal

Dehradun: Body of a new-born baby was found floating in a canal at Premnagar under Cantonment police station limits on Sunday.A passerby of the area found an infant floating in a canal near Mithi Beri, Premnagar. He informed the residents of Mithi Beri who took the child’s body out of the canal. When nobody came forward to claim the child, he was taken to Doon Hospital by a local Congress leader Krishna Khatri. However, the baby was declared ‘brought dead’ by the doctors. It is being believed that someone had thrown the body in the canal.

A Congress leader alleged that he had arrived at Doon Hospital in the morning but the postmortem was not conducted till the evening. He alleged that doctors and police personnel posted at Doon Hospital were indifferent towards the postmortem of the child. It seems that a woman left her illegitimate son after his birth, he said.According to sources, similar kinds of incidents were also observed in the area earlier where persons, especially women had left their illegitimate infants after birth. Such incidents are on the rise in the city. Acase has been registered against unidentified persons. 

 

 

कांवडिय़ों के आगे झुका पुलिस प्रशासन

हरिद्वार। ऊंचे एवं बड़े कांवड़ को हाइवे से ले जाने की कांवडिय़ों की मांग पर अडऩे से पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। नहर पटरी से न निकलने वाले कांवड़ को पुलिस प्रशासन ने हाइवे से निकालने का निर्णय लिया है। इसके लिए पुलिस कप्तान ने आदेश जारी कर दिये हैं। हालांकि पुलिस कप्तान ने हिदायत दी है कि अधिक से अधिक कांवडिय़ों को नहर पटरी से भी निकाला जाए।
 
कांवड़ यात्रा के चलते कांवडिय़ों का सैलाब उमड़ता जा रहा है। रोजाना लाखों में संख्या बढ़ती जा रही है। गंगाजल लेकर लौटते समय कांवडिय़े छोटे कांवड़ के साथ लोगों को आकर्षित करने वाले बड़े एवं ऊंचे कावड़ को भी अधिक पसंद कर रहे हैं। इससे जहां कांवडिय़े खुश नजर आ रहे हैं, वहीं पुलिस प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कारण ऊंचे व बड़े कांवड़ नहर पटरी से निकाले जाने काफी मुश्किल हैं। ऐसे में कांवडिय़े ऊंचे कांवड़ को हाइवे से ले जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस को यातायात व्यवस्था चरमराने का डर सता रहा है। कुछ दिन तक पुलिस ने कांवडिय़ों को बांधे रखा था, लेकिन पिछले दो दिनों में कांवडिय़ों का पुलिस से उलझना और मनपसंद रास्ते से निकलना पुलिस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी कोई रिस्क नहीं लेना चाह रहा है। कांवडिय़ों की संख्या एवं गुस्से को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नहर पटरी के साथ हाइवे पर भी बड़ी कांवड़ को निकालने का निर्णय लिया है। इसके लिए जोनल व सेक्टर प्रभारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। आरएनएस को प्राप्त जानकरी में एसएसपी ने निर्देशित किया कि अधिक ऊंचाई वाले कांवड़ को हाइवे से ही जाने दिया जाए। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि इसके अतिरिक्त छोटे कांवड़ लेकर आने वाले कांवडिय़ों को नहर पटरी से ही भेजा जाए। सीओ यातायात पंकज भट्ट ने बताया कि बड़े एवं ऊंचे कांवड़ को हाइवे से निकाला जा रहा है।

 

बैंक कर्मचारी ने चैक चुरा कर हड़पे तीन लाख : किसपे करें भरोसा ?

देहरादून। महिला की चैक बुक चुरा कर उसमें से तीन लाख रूपए अन्य खाते में जमा करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस के अनुसार बैंक के ही कर्मचारी ने बैंक की एक महिला ग्राहक की चैक चुरा कर उसे अपने खाते में जमा कर दिया था। दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

श्रीमती कालदेन चौनेई का मसूरी के एक्सेस बैंक में खाता है। अपने खातों के संचालन के लिए वे नियमित तौर पर बैंक में जाती थीं। बैंक से ही उन्हें एक चैक बुक जारी की गयी। अपने किसी काम के लिए श्रीमती कालदेन ने एक चैक साईन करके दिया गया जिसे अविनाश ने अपने पास रख लिया। इधर बैंक कर्मचारी अविनाश राठी निवासी बिजनौर ने इस चैक को अपने एक परिचित वरूण कुमार के खाते में जमा कर दिया। इधर कालदेन ने अपने खाते की जांच की तो तीन लाख के इस गडबड़झाले का पता लगा। इस मामले के सामने आने के बाद बैंक ने अविनाश को नौकरी से भी निकाल दिया। दोनों लोगों के खिलाफ मसूरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

घर के सामने घूम रही महिला की चेन व कुडल लूटे

देहरादून। देर शाम घर के आगे घूम रही महिला की चेन बदमाशों ने लूट ली। लूट की सूचना के बावजूद पुुलिस ने बदमाशों को तलाश करने में कोई अधिक दिलचस्पी नहंी दिखाई और महज खानापूर्ति कर लौट गयी। वहीं दहशत में आई महिला चेन लुटेरों के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दे पाई। महिला के अनुसार बदमाशों की संख्या दो थी और यह लोग बाईक में सवार थे।
 
दून घाटी में चेन लूट की घटनाओं को रोक पाने में पुलिस को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। हाल ही में कुछ चेन लुटेरों को दबोचे जाने के बावजूद भी चेन लूट की वारदातें थमने का नाम नहीं ले पा रही हैं। रायपुर के लोअर नेहरूग्राम गढवाली कॉलोनी में चेन लुटेरो ने एक बुजुर्ग महिला को अपना शिकार बनाया और चेन लूट कर चंपत हो गए। ६८ वर्षीय सुदेश्वरी देवी शाम को अपने घर के आगे टहल रही थी कि तभी एक बाईक उनके पास आकर रूकी। बाईक में पीछे बैठे युवक ने उनकी गर्दन पर हाथ मारा और चेन छीन ली। एकाएक हुई इस घटना से महिला घबरा गयी और चिल्लाने लगी लेकिन तब लुटेरे वहां से फरार हो गए। इधर रायपुर पुलिस को सूचना दी गयी। दो सिपाही मौके पर पहुंचे और महिला से पूछताछ करने लगे लेकिन बुजुर्ग महिला इन बदमाशों के बारे में जानकारी नहीं दे पाई। खानापूर्ति के लिए पुलिस ने कुछ बाईक सवारों को रोक कर तलाशी ली लेकिन लुटेरों का पता नहीं चल पाया।
 
वहीं परिजनों में इस बात को लेकर रोष है कि पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया। चेन लूट की शिकायत कराने के लिए थाने भी गए लेकिन रात तक इस लूट का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।


 

 

Results of Common Entrance Test (CET) 2011-12 can be seen on www.hnbgu.ac.in.

Dehradun: The result of Common Entrance Test (CET) 2011-12 held from June 24-29, 2011 for admission to different subjects in Post Graduation, Under Graduation (Professional) and Post Graduation Diploma courses was declared on Wednesday. This information was provided by Dr DS Negi, Coordinator (Entrance Test), HNB Garhwal University in Srinagar. Negi said that the counseling for admission in Science and Commerce stream will be held on August 5, 2011 and the counseling for other streams will be held on August 8, 2011. The result can be seen in the University website- www.hnbgu.ac.in.

Acharya Balkrishna's birth certificate have gone missing from the municipality's records room

Haridwar: Even as the CBI probe in connection to Acharya Balkrishna allegedly possessing an Indian passport based on forged documents is in progress, the documents related to his birth certificate have gone missing mysteriously from the record room of Haridwar municipality.

Authorities of Haridwar municipality, on Tuesday lodged a police complaint in connection to the case. In his complaint, executive officer of Haridwar municipality, B L Arya has stated that a total of 16 files, including that of Balkrishna's birth certificate have gone missing from the municipality's records room. Based on the documents that he had submitted, Acharya Balkrishna was issued a birth certificate on December 5, 1997. It was on the basis of this birth certificate that the Acharya applied for an Indian passport and arms license.The complaint states that 16 files from between file number 42 and 62 have gone missing from the municipality's records room. The Haridwar Kotwali police have registered Arya's complaint and further investigations into the case are on. Incidentally, Acharya Balkrishna was recently embroiled in a controversy for having two birth certificates with contradictory information. Both the birth certificates, according to sources, have major differences that raise serious doubts about the nationality claim of Balakrishna. The first certificate was issued in 1997 and shows Balkrishna's parents to be Indian. The second was issued in 2006 showing his parents' nationality as Nepalese. Interestingly, both the certificates show the permanent address of Balakrishna to be Dadu Bagh in Kankhal area in Haridwar.

Authorities have no control over the City Bus Service

Dehradun: While the police and RTO have continued their periodic drives to address anomalies in city traffic, the authorities have failed to take any effective action against the operators of city buses in Dehradun who have been flouting all the traffic rules and regulations. These bus operators are not providing ticket to the people and are rashly driving their overloaded buses on the roads causing a lot of danger to the lives of commuters. Additionally, the drivers and conductors do not wear uniforms as stipulated. The periodic drives undertaken by the authorities have failed to have a lasting effect on the city bus operators who continue to violate the regulations.

The focus of the authorities is comes to the anomalies in the operation of city buses only when any accidents of these buses take place. However, with a lull in accidents, the authorities once again turn a blind eye towards these major anomalies. As a matter of fact these rashly driven city buses are frequently involved in road accidents which routinely cause death and injury to the other road users. Though it is mandatory for the city bus operators to provide tickets to commuters, most bus conductors don't give tickets to passengers Thousands of bus commuters use nearly 300 city buses moving on the different roads of the city. However, it is rare to find a commuter who is satisfied with the services provided by these public transport vehicles. The bus conductors are free to charge fares arbitrarily because they don't provide tickets to passengers.

The vehicles are rashly driven in many cases by drivers who don't even carry a valid driving license, which has been ascertained in the periodic drives undertaken by the RTO. Though the city bus operators seem to follow regulations for a few days after the periodic drives undertaken by the RTO, they revert back to blatantly violating most regulations within a week of such drives. RTO officials aver that drives will be undertaken in the future and action will be taken against bus operators not providing tickets to commuters. However, on condition of anonymity, even the officials acknowledge that considering the level of political interference, it is unlikely that these periodic drives will have a lasting effect.

Sex racket was busted in a posh colony of the city

Haldwani: In a major development, a sex racket was busted in a posh colony of the city by the local police here on Wednesday. Eight persons including five girls, a woman pimp, and two youth were arrested in this connection.

The local police could bust the sex racket only after acting on specific information on Wednesday afternoon. Polie came to know that a lady namely Pushpa Rawat has been running this business in the Bhatt colony, who earlier had alos been arrested on the imsilar charges. But the fact is that despite all this the lady had been running this racket. The other girls who have been arrested in this connection included Divya Rawat, daughter of pimp Pushpa Rawat, Hansi Rajpura , Suman Saini and Poonam , all from local areas and Salini from west Bengal.Besides, two youths have also been arrested from the house. They have been identified as Rohit and Anil, belonging to the same area.

Further investigation is on in this case to identify those who are involved in this sex racket. The residents of the colony are in shock. Busting a sex racket from such a posh area has come as a shock to us, said the residentsThey are of the opinion that such type of activity in the middle of a residential colony has raised the concerns. We urge the local police to take all the possible steps to prevent such activity, said the residents angry over the incident.

Moderate to heavy rainfall is expected in the next 24 hours in southeastern parts of the State

Dehradun: Moderate to heavy rainfall is expected to occur in the next 24 hours in southeastern parts of the State. Dr Anand Sharma, director, Uttarakhand Meteorological Centre said this while talking on Wednesday. Sharma said that the western disturbance in Jammu and Kashmir along with circulation over Haryana adjacent areas and east Uttar Pradesh advanced into parts of Uttarakhand may bring moderate to heavy rainfalls in southeastern parts of Uttarakhand including Champawat, Pithoragarh and Udham Singh Nagar districts.

In general, the forecast for the next 24 hours says that rain and thunder showers are likely to occur at many places in Kumaon with isolated moderate to rather heavy rainfall. Moderate to heavy rainfalls may occur at isolated places in Garhwal of Uttarakhand.  Sharma further said that the showers in the Dehradun brought down the minimum temperature to 23.5 degree Celsius, six degrees below normal. The showers in Tehri, Pantnagar and Muketshwar brought down the minimum temperature upto 21.0, 26.2 and 25.2 degree Celsius respectively. Dehradun had received 31.1 mm rainfalls followed by Pantnagar-28.9 mm, Muketshwar- 22.5 mm and Tehri 22.2 mm rainfalls, providing the much-needed relief to the people from sultry weather conditions. The meteorological department had issued a high alert considering the possibility of heavy rain in some parts of the State. Sharma warned the people who are living in low lying areas of the state to prepare themselves in view of moderate to heavy rainfall in the region. The pilgrims of Char Dham Yatra should avoid traveling though landslide prone areas. The rainfall will prove beneficial to farmers sowing paddy.

 

Medical and Health services completely haulted

Dehradun: The medical and health services were completely paralysed after Government doctors decided to boycott the medical services after a Government doctor was brutally assaulted in Dehradun on Wednesday. Government doctors under the banner of Provincial Medical and Health Services Association have decided to boycott the medical services on Thursday also in support of their pending demands. Meanwhile, Para-medical associations have also supported doctors' agitation. PMHSA members have decided to hit the road if the State Government fails to enact security act in the State. 

A meeting of Government doctors was held at Doon Hospital, Dehradun, based auditorium immediately after the incident. Members have also expressed their resentment over the issue and said that it is a matter of concern that government doctors have been regularly assaulted by patients and their relatives across the State.  While addressing the meeting, Dr SD Joshi, state president, PMHSA said that medical services will be boycotted across the state in support of our pending demands. He said that memorandum highlighting our demands has been given to the Chief Minister and bureaucrats umpteen times but the State Government has not taken any initiative in this regard. Expressing his views, Dr DP Joshi, state general secretary, PMHSA said that Government doctors will withdraw their agitation only after State Government orders to implement security act in the State. He said that security act was already implemented in most of the States but the State Government is not taking any steps to implement security act in Uttarakhand. "If this kind of incident happens in Government hospital then doctors will not prefer to join the State Medical Care despite the fact the State is reeling under the acute shortage of doctors," he maintained. Adding that delegation of doctors will not meet any Ministers or bureaucrats this time. However, sources revealed that bureaucrats had tried to convince association members to call off their proposed agitation but members have decided to go with their decision till their pending demands were met by the State Government. Meanwhile, SSP Dehradun GS Martolia and SP (City) Ajay Joshi also visited Doon Hospital after the incident. It is to be noted that another Government doctor was assaulted in Doon Hospital few days back after the death of a patient in the hospital while he was undergoing treatment. Dr Veeraj Shah, Dr Alok Teotia, Dr KP Joshi and Dr Manoj Kumar were also present.

We can avoid road mishaps and help in improving traffic conditions

Dehradun: Though the authorities are providing footpaths on different city roads, pedestrians are not utilising them because of anomalies which results in road mishaps and traffic snarls. Most of the people seem to be unaware of basics traffic regulation and don’t use footpaths. Officials of the Public Works Department,  who are in-charge of the footpaths in the city, stated that they can’t take necessary action to improve the condition of footpaths on important roads like Rajpur Road and East Canal road due to the absence of funds.

General public is largely unaware of the fact that footpaths are basically constructed for their welfare and safety. As a result, pedestrians continue to walk on the main road instead of the footpaths which increases the risk of accidents. School children who walk to their homes should use footpaths. Highlighting this aspect, Traffic Circle Officer Shewta Chaubey said, “Though footpaths have been developed for the pedestrians, the lack of awareness among people about using footpaths has become one of the major reasons for road accidents. Everyone including vehicle users and pedestrians should abide by the laws and spread the word to their friends through social networking sites like Facebook. For those aged below 18 years, we undertake periodic campaigns and drives for increasing the level of awareness among school students who should use footpaths. Penalising those who break regulations is the most effective way to make the people follow the pedestrian rules,” she stressed.

On the condition of footpaths, PWD executive engineer Mulayam Singh said, “The department doesn’t have the funds needed to improve the condition of existing footpaths and to increase the network of footpaths.” School student Kashish Gupta said, “Footpaths are the safest option for school children who don’t use public transport. Though people generally avoid using the footpaths, the awareness level is slowly increasing”.College student Bhawna Kothari opined, “Most of the footpaths are in dilapidated condition due to which people prefer to walk on the roads. Even I prefer footpaths but their state at Rajpur road on the Secretariat office side is such that one can’t walk on it”. The authorities should also work on planting trees for providing shelter from sun and rain to the pedestrians, she added.

 

219 roads have been closed due to landslides and mudslides

Pauri Garhwal: A total of 219 roads under the purview of the Public Works Department in seven districts of the Garhwal division have been closed due to landslides and mudslides caused by incessant rains. According to official sources, it will take between a week and a fortnight to reopen these roads to regular traffic depending on the weather.

Routine life in Garhwal has been hit by the landslides and incessant rains since the past fortnight. Char Dham routes have also been damaged by landslides with pilgrims travelling to Kedarnath, Badarinath, Gangotri, Yamunotri and Hemkund facing problems due to recurring closure of the roads to traffic. The travellers continue to face inconvenience though BRO and NHAI are working to reopen the roads. According to information from the Chief Engineer Office, Pauri, 219 roads are still closed for traffic in Garhwal. These roads include 18 in Uttarkashi, 35 in Rudraprayag, 35 in Chamoli, 45 in Tehri, 31 in Dehradun and 55 in Pauri Districts. No roads are closed to traffic in Haridwar district.  The departments concerned have claimed that necessary efforts have been undertaken to clear the roads with stern instructions being issued to officials concerned to ensure timely repair of roads and reopening of the same for traffic. It should be noted that hundreds of roads damaged by natural calamities in 2010 have not been repaired so far. Out of the 1906 roads damaged in Garhwal in 2010, 1,403 roads have been repaired, while work on 478 roads is in progress. According to official data, 66 out of 150 roads damaged in Chamoli last year have not been repaired. Similarly, 50 out of 156 damaged roads in Rudraprayag, nine out of 249 in Tehri, 47 out of 377 in Dehradun and 11 out of 168 roads damaged last year are yet to be repaired. The maximum number of roads yet to be repaired is 182 out of 513 damaged roads in Pauri. 

 

5,515 out of 25,837 children enrolled under Right to Education (RTE) Act

Dehradun: A total of 5,515 out of 25,837 children belonging to economically weaker sections of the society have been enrolled under Right to Education (RTE) Act in different public schools of the State. State project Sarva Shiksha Abhiyan (SSA) Director Sowjanya informed, while talking to the media on Monday.Sowjanya said that overall there are 3,839 public and unaided schools including the 772 schools in Dehradun, 585 in Haridwar, and 506 in Udham Singh Nagar in the State.

The total number of seats allocated in the 3839 public schools of the State under section 12 (1) (c) of RTE Act is 25,837 in which children of weaker section of society are to be enrolled in the State.  “ But the report submitted by the different district education officers of state revealed that just 5,515 out of 25,837 children of the age group, 6 to 14 years have been enrolled in different public schools under the said scheme in the state so far,” she added. Udham Singh Nagar District Education Officials informed that 3716 children have been enrolled on the 4,799 seats in public schools and rest of the seats will also be filled soon. The reports sent by the DEO of Dehradun revealed that just 190 children out of 4,709 allocated seats in Dehradun have been enrolled here. Some of the public schools have alleged that the State Government is trying to implement the RTE act without the formulation of any procedures and rules in the State. The school administrations are not clear yet about the admission procedure, fee structure, school uniforms, midday meal scheme, transport facility, residential facility and other such.Observer said that the figure itself show the apathy of the officials towards the implementation of RTE Act in the State. 

Uttarakhand Tourism Development Board (UTDB) awarded with first prize in India’s largest Travel and Tourism Fair-2011

Dehradun: Uttarakhand Tourism Development Board (UTDB) awarded with first prize in India’s largest Travel and Tourism Fair-2011 which concluded at Kolkata based Netaji Indoor stadium on Monday. Minister of State for Tourism, Sultan Ahmed gave away prize to Poonam Chand, Regional Tourism Officer, UTDB. It is to be noted that representatives from 25 States across the country and 11 countries participated in the three-day long fair.Addressing the gathering, Ahmed said that TTF would prove to be extremely beneficial in boosting tourism in the country. He said that increased tourism avenues will also help to generate employment opportunities for locals. Hundreds of spectators paid visit at Uttarakhand stall jointly installed by UTDB and German International Corporation. A booking was also done by private and Government agencies. Chand informed that on-spot booking worth lakhs of rupees was done by GMVN and other private operators. Tulsi Singh Bisht, manager, Rishikesh told that limited received tremendous response from visitors whereas KMVN official spokesman, SP Juyal said that dozens of places attract hundreds of tourist to Kumaon from across the State.  State Tourism Minister of Gujrat, Kamlesh Patel and State Tourism Minister of West Bengal Rajpal Singh.

The People for Animals, Uttarakhand stand against illegal slaughter

Dehradun: The judges of lower courts in Uttarakhand have continued to pass orders which blatantly violate the directives of the Supreme Court of India regarding the release of animals confiscated from persons suspected of taking them for illegal slaughter.

The People for Animals, Uttarakhand has submitted a letter to the Chief Justice of Uttarakhand High Court with copies to the Supreme Court Chief Justice and the District judges of Uttarakhand eliciting their attention to this glaring anomaly. In State of UP vs Mustakeem and others case, the order issued by Supreme Court judges Justices GB Pattanaik and Brijesh Kumar in February 2002 expressed shock at the fact that a High Court judge had passed an order in favour of the accused and ordered the return of confiscated animals to the very person accused of taking them for illegal slaughter. “We therefore set aside the impugned order and direct that these animals be kept in the Gaushala and the State Government should undertake to take the entire responsibility of the preservation of these animals as long as the matter is under trial.”  In the letter sent to the Uttarakhand High Court Chief Justice, PFA Uttarakhand member secretary Gauri Maulekhi has pointed out that this order has been brought to the notice of the subordinate courts under the control of the Uttarakhand High Court repeatedly but in many cases the lower court judges have continued to pass orders which enable the accused to obtain custody of the confiscated animals in the first few hearings of the case much before the trial has ended. Under Section 35 (4) of the Prevention of Cruelty to Animals Act 1960, the District Magistrate has the power to decide the minimum amount payable for maintenance of case property animals. However, this aspect of the PCA Act is being overruled in many cases by judges of lower courts with hefty concessions being given to the accused so that he ends paying a sum substantially less than the amount charged as per the Act. By passing such orders, the judges are not only challenging the order of the Supreme Court but also compromising the safety of animals saved from illegal slaughter. The fact that provisions of the PCA Act are being bypassed also raises questions on the integrity and caliber of the lower court judges, said Maulekhi.  

The letter contains 20 examples in which the Supreme Court order and PCA Act have been ignored like the case State of Uttarakhand Vs Imran in which the Additional Judicial Magistrate Abdul Kayyum passed an order for releasing 14 cows in favour of the accused and ordered him to pay Rs8,000 in stead of Rs 1,63,212 for 58 days of maintenancethe bovines. 

गौला का जल स्तर बढ़ा, आपूर्ति डेढ़ घंटा रुकी

हल्द्वानी।  तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से गौला का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे पानी में सिल्ट की मात्रा भी बढ़ गया। वहीं बैराज से निकलने वाली पेयजल नहर भी चोक हो गई। जिससे फिल्टरेशन प्लांटों को करीब डेढ़ घंटे आपूर्ति ठप रही।
 
पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से गौला उफान पर है। रविवार सुबह नदी का जल स्तर करीब 42 सौ क्यूसेक तक पहुंच गया जो सायं 39 सौ क्यूसेक तक उतरा। वहीं लगातार बारिश के चलते गौला में काफी सिल्ट व लकड़ी तथा कूड़ा आदि भी बहकर आ रहा है। जो गौला बैराज से पेयजल के लिए निकलने वाली नहर के गेट में आकर फंस रही है। रविवार को गेटों की सफाई के लिए सिंचाई विभाग ने करीब डेढ़ घंटे तक आपूर्ति ठप रखी। इसके चलते फिल्टरेशन पंपों को कच्चा पानी नहीं मिल सका। इससे शहर के तमाम हिस्सों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही।
 
वहीं मरम्मत एवं रखरखाव कार्यो में जल संस्थान के अधिकारियों की हीलाहवाली जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ वाली साबित हो रही है। कई स्थानों में लीकेज की मरम्मत न होने से नालियों से पानी रिसकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। वहीं मुखानी के मित्रविहार कालोनी में चार दिन से पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय जेई लाइनों के रखरखाव की बजाय आश्वासन से काम चला रहे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

 

पॉलीथिन प्रतिबंध की निकल रही हवा

रुद्रप्रयाग। नगर में प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से पॉलीथिन का प्रयोग हो रहा है। वहीं इस पर प्रतिबंध का दावा करने वाले नगर पालिका व प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं।
 
रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र चारधाम यात्रा का मुख्य केन्द्र है, लेकिन पॉलीथिन का बहुतायत मात्रा में प्रयोग होने से यहां का पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, वहीं नगर के सौंदर्य को भी बट्टा लग रहा है। इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव अलकनंदा व मंदाकिनी नदियों पर पड़ रहा है। ऐसे में पॉलीथीन के बढ़ते प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए नगर पालिका, व्यापार संघ व प्रशासन कई बार प्रतिबंध की घोषणा कर चुका है, लेकिन यह घोषणा परवान नहीं चढ़ पाई है। इस पर कठोर निर्णय लेते हुए पालिका व प्रशासन द्वारा पालिथीन के प्रयोग करने वालों से जुर्माना वसूलने की हिदायत दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी शहर में कोई असर नहीं दिखा है। पॉलीथीन का प्रयोग सब्जी विक्रेता सबसे ज्यादा करते हैं। ऐसे में अभी तक न तो किसी के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है और ना ही कोई जुर्माना लिया जा रहा है।
 
नगर पालिका अध्यक्ष रेखा सेमवाल का कहना है कि पालीथिन प्रदूषण को रोकने के लिए आम जनता का सहयोग जरूरी है। इसके नगर पालिका लगातार प्रयासरत है।
 

बढ़ी बांध प्रभावितों की धडक़न

नई टिहरी। बारिश शुरू होते ही टिहरी बांध झील से सटे गांवों में ग्रामीणों चिंतित हैं। झील के जल स्तर बढऩे से ग्रामीणों के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है वहीं उनके सम्पर्क मार्ग, खेत खलिहान जल मग्न होने से उनकी दुश्ववारियां बढ़ जाती हैं।
टिहरी बांध झील से करीब दो दर्जन गांव सटे हैं। बरसात के इस मौसम में झील के जल स्तर बढऩे से पानी इन गांवों तक पहुंच जाता है, इससे प्रभावित ग्रामीणों को जहां जिंदगी मौत के बीच जूझते देखा जा सकता है वहीं 24 घंटे उनके माथे पर चिंता की लकीरें पड़ी रहती हैं। बीते साल सितंबर में झील का जल स्तर आरएल 831 पहुंचने के बाद इन गांवों में भारी तबाही मच गई थी, बावजूद इसके एक साल बीतने पर भी टीएचडीसी ने अभी तक इन गांवों की सुध नहीं ली। बांध प्रभावित क्षेत्र पंचायत सदस्य खोला प्रेमदत्त जुयाल ने बताया कि जनता पिछले कई समय से विस्थापन की मांग करती आ रही है, लेकिन कई दौर की सर्वे के बाद भी टीएचडीसी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
 
टिहरी बांध झील से सटे भागीरथी घाटी के गांव भल्डियाना, स्यांसू, धरवालगांव, जसपुर, खांड, रमोलगांव, सरोट, डोबन, उप्पू तल्ला, उप्पू सौड़, तिवाड़ गांव, रौलाकोट व भिलंगना घाटी के घोंटी, पिलखी, भ्यूडांर, म्यूड़ा, पटागली, पिपोला, बौंर, कंगसाली आदि गांवों में झील के पानी पहुंचने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
 
आरपी तिवारी ईई सिंचाई बांध खंड 22 वां डिवीजन ने बताया कि पूर्ण डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों का विस्थापन कर दिया गया है, जबकि आंशिक डूब क्षेत्र के गांवों के प्रभावित ग्रामीणों को सर्वे के बाद आने वाली रिपोर्ट के आधार पर विस्थापित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हुई जीएसआई की सर्वे रिपोर्ट में झील से सटे कई गांवों को असुरक्षित बताया गया है जिस पर कार्रवाई गतिमान है।

 

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