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सडक़ तोड़ एम्बुलेंस का रास्ता किया बंद

देहरादून। अतिक्रमण के नाम पर गुरूद्वारा साहिब के गेट के सामने की सडक़ खुदवाकर एम्बुलेंसों एवं यात्रियों की गाडियों का बाहर निकलना मुश्किल कर दिया, जबकि यह सडक़ चिन्हित भी नहीं की गई है। बिना नोटिस के सडक़ उखाड़ बीच सडक़ में फैला दिया गया, मलवा और जिससे जाम लग गया एवं वाहनों एवं पैदल चलने वालों के लिए भी अड़चन बन गई।
  

आढ़त बाजार स्थित गुरूद्वारा सिंह सभा से जुडे हुए पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने इस प्रकार की कार्यवाही का विरोध किया और कहा कि जहां से सडक तोडी गई वहां बिजली का खम्बा लगा हुआ है जिस कारण यातायात की असुविधा बनी हुई है एडीएम प्रशासन को जब जगह का मुआयना करवाया गया तो उन्होंने इधर-उधर फोन घुमाया लेकिन कोई भी समाधान नहीं हुआ एवं यह कह कर चले गये कि मामले का हल निकालते है जब पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को कहा कि बिना चिन्हित किये स्थान को क्यों तोडा गया तो जवाब मिला हमार तो तोडऩा है, आप बनवा लो, जब पहले खम्बा हटाने को कहा तो बोल इसके टेंडर मांगें गये है बाद में होगा जिससे जाम लगता है वह तो हटाया नहीं।

वहीं एम्बुलैंस एवं यात्रियों की गाडियों का बाहर निकलने का रास्ता बंद कर सडक को बाधित कर गये जिसका संगत, यात्रियों एवं बाजार वालों ने घोर विरोध किया। उनका कहना है कि सडक़ नहीं खुदती तो यातायात बाधित नहीं होता। इस अवसर पर गुरूद्वारा सिंह सभा के उपाध्यक्ष जगमिन्द्र सिंह छाबड़ा, गुरूबक्श सिंह, सेवा सिंह मठारू, विनय गोयल, जगमोहन सिंह, हैड ग्रंथी शमशेर सिंह आदि मौजूद रहे।

जाम से पूरा शहर रहा बेहाल

देहरादून। शहर भर में अतिक्रमण हटाने चलते शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। जगह-जगह जाम से लोगों को परेशानियों का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर यातायात पुलिस यातायात व्यवस्था सम्भाल नहीं पाई और अनावश्यक रूप से रूटों को डायवर्ट कर दिया गया। यातायात पुलिस की प्रर्यान्त संख्या होने के बावजूद शहर में जगह-जगह जाम लगने से यातायात पुलिस के साथ-साथ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
  

  राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के कारण जाम से वाहन चालकों के अलावा पैदल चलने वालों को भी जाम में पेरशानी का सामना करना पडा़। शहर के विभिन्न चौराहों पर यातायात पुलिस होने के बावजूद उन सभी स्थानों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। तहसील चौक से लेकर सहारनपुर चौक तक यूं तो आए दिन जाम की स्थिति रहती है, लेकिन  घंटाघर से लेकर तहसील चौक की स्थिति भी कुछ इसी तरह से है और इन रूटों पर चलने वाले वाहन चालकों के अलावा पैदल चलने वाले राहगीरों को भी सडक़ों पर चलना दुभर हो रहा है। शहर की चरमराती टै्रफिक व्यवस्था के चलते पूरे शहर में घंटो जाम लगा रहता है इसके बावजूद यातायात पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।  जाम से शहरवासी काफी परेशान हैं और उनमें पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ऐसे में यदि जल्द कोई ठोस पहल नहीं की गई तो शहर में यातायात व्यवस्था बद से बदतर होने में अब कोई देर नहीं है।
  

सुबह से देर शाम तक लगने वाले जाम से लोगों का जीना बेहाल हो गया है और लोग अपने घरों से निकलने से भी कतराने लगे हैं। कई ऐसे रूटों पर जहां पर अत्याधिक ट्रैफिक है और वहां पर प्रतिदिन जाम लगी रहती है वहां पर यातायात पुलिस व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।  वहीं शहर में आए दिन निकलने वाली रैलियों के चलते भी व्यापक रूप से जाम की स्थिति बनने के बावजूद प्रशासन की ओर से ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है। टै्रफिक पुलिस की कार्यप्रणाली के लुंज-पूंज होने से शहरवासियों में काफी नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन शहर में टै्रफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है। ऐसे में दिन-प्रतिदिन शहर की यातायात व्यवस्था बद से बदतर बनी हुई रही। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने को मुख्य सचिव से मिला मोर्चां

देहरादून। सेवानिवृत्त सिंचाई व अन्य कर्मचारियों को पेंशन दिलाने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्य सचिव एस रामास्वामी को ज्ञापन सौंपा। मुख्य सचिव ने हैरानी जताई कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की एसएलपी खारिज होने के बाद पुन: हाईकोर्ट में विशेष अपील योजित करना कैसे न्यायसंगत हो सकता है? उन्होंने तत्काल सचिव सिंचाई को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिये एवं उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
   

नेगी ने कहा कि सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 30-35 वर्ष की वर्क चार्ज सेवा, जिसमें 10 वर्ष से कम स्थायी सेवा करने से पूर्व अधिवर्षिता आयु पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को सरकार द्वारा कोई पेंशन इत्यादि का लाभ नहीं दिया जाता है। नेगी ने कहा कि उक्त मामले में कर्मचारियों द्वारा उच्च न्यायालय में योजित वाद जिसमें 28 अगस्त 2010 के द्वारा सरकार को आदेश दिये गये थे कि कर्मचारियों द्वारा 10 वर्ष की स्थायी व अस्थायी सेवा पूर्णकर चुके सभी कर्मचारी पेंशन इत्यादि के पात्र हैं, लेकिन सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष अपील योजित की गयी, जिसको उच्च न्यायालय अपने आदेश 22 अप्रैल 2013 के द्वारा खारिज कर चुका है।

उक्त के उपरान्त सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में 2014 दाखिल की गयी, जिसको सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश तीन नवम्बर 2014 के द्वारा खारिज कर चुका है। उनका कहना है सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी खारिज होने के पश्चात् सरकार द्वारा पुन: उच्च न्यायालय में विशेष अपील योजित की गयी, जिसको उच्च न्यायालय अपने आदेश 17 अक्टूबर 2016 के द्वारा खारिज कर चुका है। उक्त के उपरान्त सरकार द्वारा पुन:  सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गयी जिसको  सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश सात अप्रैल 2017 के द्वारा खारिज कर चुका है, जिसमें सुप्रीम कार्ट ने स्पष्ट निर्देश जारी किये है। सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश उत्तराखण्ड में नहीं चल रहे हैं अब सिर्फ अन्र्तराष्ट्रीय अदालत ही बची है।

ध्वस्तीकरण के विरोध में व्यापार मंडल का बंद आज


देहरादून। जिला प्रशासन द्वारा गुरूवार प्रात: 6 बजे से दून के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर एवं भारी जेसीबी मशीनों के द्वारा बर्बरता पूर्ण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के विरोध में कल 23 जून  को दून उद्योग व्यापार मण्डल के आहवान पर दून का सम्पूर्ण व्यापार बन्द करने का निर्णय लिया गया है।

जानकारी देते हुए दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया एवं महासचिव सरदार अमरजीत सिंह आनंद ने सभी व्यापारियों से अनुरोध किया है कि जिला प्रशासन की असंवैधानिक एवं तानाशाही रवैये के खिलाफ अपने प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बन्द रखने को कहा गया है।

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां जिलाधिकारी कार्यालय पर गरजीं

देहरादून। उत्तरांचल आंगनवाडी कर्मचारी संघ ने अपनी अनेक समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की है।
    

उत्तरांचल आंगनवाडी कर्मचारी संघ से जुडे हुए कार्यकत्र्रियां जिलाधिकारी कार्यालय पर इकटठा हुईं और वहां पर उन्होंने अपनी अनेक समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए शीइा्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आंगनवाडी कार्यकत्रियों सहायिकाओं एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य व केन्द्रीय कर्मचारी घोषित किये जाने और न्यूनतम वेतन अठारह हजार रूपये महंगाई सहित दिये जाने, सेवानिवृत्त किये जाने पर ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगवान किया जाये। मिनी आंगनवाडी कार्यकत्रियों को पूर्ण आंगनवाडी के समकक्ष मानदेय व वेतन दिये जाने की भी मांग की गयी है। उनका कहना है कि आंगनवाडी कार्यकत्री पद हेतु योग्यता रखने वाली सहायिका को कार्यकत्री के पद पर पदोन्नत किया जाये और देश में कार्यरत समस्त आंगनवाडी कार्यकत्रियों सहायिकाओं एवं मिनी आंगनवाडी कार्यकत्रियों को सामाजिक सुरक्षा जैसे बीमा, भविष्य निधि, ईएसआई एवं उपादान सुविधा से आच्छादित किया जाये और उन्हें लाभ प्रदान किये जाये।
  

वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1975 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस पर देश में समेकित बाल विकास विभाग का शुभारंभ देश के बच्चों को कुपोषण से बचाने एवं महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से हुआ था। वक्ताओं का कहना है कि आंगनवाडी कार्यकत्रियों सहायिकाओं और मिनी आंगनवाडी कार्यकत्रियों के अथक प्रयासों से कुपोषण से होने वाली बच्चों की मृत्यु दर 58 प्रति हजार से घटकर 37 प्रति हजार तक आ गई है और अनेकों केन्द्रीय एवं प्रांतीय प्रकल्पों में आंगनवाडी कार्यकत्रियां की भागीदारी रहती है। वक्ताओं का कहना है कि वर्ष 1975 से लेकर अब तक समेकित बाल विकास विभाग एक परियोजना के रूप में ही कार्य कर रहा है और योजना में परिवर्तित नहीं हो पाया है जबकि आज आंगनवाडी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं एवं मिनी आंगनवाडी कार्यकत्रियोंं की संख्या लगभग 25 लाख हो चुकी है व आंगनवाडी कार्यक्रम आज के समाज की आवश्यकता बन गई है।

आज की इस भयावह महंगाई के उस पर उन्हें देशभर में मानदेय के रूप में तीन हजार रूपये से साढे सात हजार रूपये तक मानदेय दिया जा रहा है जिससे इनके परिवार का भरण पोषण नहीं हो पाता है जबकि इन परियोजनाओं में विधवना, परित्यक्ता, दिव्यांग एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं की संख्या अधिक है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए उचित कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। इस अवसर पर संघ की प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री सहित अनेक कार्यकत्रियां एवं सहायिकायें मौजूद रहीं।

सरकार शीघ्र ही करें आंदोलनकारियों को चिन्हित

देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने आंदोलनकारियों को चिन्हित किये जाने की मांग को लेकर अपना धरना गुरूवार को भी जारी रखा और कहा कि सरकार की ओर से शीघ्र ही कार्यवाही न किये जाने पर आंदोलन को तेज किया जायेगा। आंदोलनकारियों ने आज भी शहीद स्थल पर इकटठा होकर सरकार को चेतावनी देते हुए वहां पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपने धरने का जारी रखा।

आंदोलनकारियों द्वारा मांग की गयी है कि  सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने मांग की है कि दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ राज्य आंदोलनकारियो व आश्रितों को दिया जाये। सभी राज्य आंदोलनकारियों को ससम्मान एक समान पेंशन के दायरे में लाया जाये। आज तक जारी शासनादेश सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किये जायें।  परिवहन निगम की बसों में आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी निशुल्क यात्रा की सुविाा दी जाये।

उनका कहना था कि राज्य आंदोलन की गरिमापूर्ण ऐतिहासिक भूमिका को समझते हुए राज्य आंदोलनकारियों की इन मांगों पर शीइा्र नीतिगत निर्णय लिये जायें। आरोप लगाया कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जिसके लिए जनांदोलन किया जायेगा। उनका कहना है कि जिलाधिकारी कार्यालय में आंदोलनकारियों की पेंशन का ड्राफ्ट आने के बाद भी आज तक आंदोलनकारियों के खाते में नहीं डाला गया है जो चिंता का विषय है, उनका कहना है कि पेंशन राशि को शीघ्र ही खातों में नहीं डाला गया तो इसके लिए भी मोर्चा खोला जायेगा। लगातार आंदोलनकारियों के हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है और जिससे आंदोलनकारियों में रोष बना हुआ है।

दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही सरकार की ओर से नहीं की जा रही है यह खेदजनक विषय है। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि शीइा्र ही उनके हितों के लिए और उनकी मांगों पर ठोस कार्यवाही शीइा्र नहीं की गई तो सचिवालय कूच कर घेराव किया जायेगा और इसके लिए जल्द ही रणनीति तैयार की जायेगी। इस दौरान अशोक कटारिया, जी डी डंगवाल, अनिल वर्मा, जबर सिंह रावत पावेल, गौरा देवी पुण्डीर, ानेश्वरी देवी ध्यान, विनोद असवाल, लोक बहादुर थापा, प्रभा नैथानी, सुरेश कुमार, अभय कुकरेती, बैपारी भुराठा आदि मौजूद थे।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

देहरादून। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। शिक्षा मंत्री सर्वप्रथम बजट सत्र में शिक्षा विभाग का कटौति प्रस्ताव सदन में वापस लेने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए अधिकारियों का साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि उन्ही के प्रयासों से सम्भव हुई है। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों से शिक्षा को गुणवत्ता परक बनाने तथा शतप्रतिशत गरीब छात्रों को शिक्षा का अधिकार दिलाने हेतु निरन्तर प्रयास करने का आह्वान किया।

 उन्होंने शिक्षा के स्तर को उठाने के लिए निरन्तर अभिभावकों से भी संवाद बनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रत्येक विकासखण्ड को दो भागों में बांटकर क्षेत्रान्तर्गत विद्यालयों के पठन-पाठन का निरन्तर अनुश्रवण/निरीक्षण करने के निर्देश दिये। शिक्षामंत्री ने कहा कि उप शिक्षा अधिकारी/खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने उप खण्ड के अन्तर्गत आने वाले विद्यालयों का निरन्तर निरीक्षण करेंगे तथा सम्बन्धित रिपोर्ट मुख्यालय में भेजेंगे, जिसकी समीक्षा के लिए प्रत्येक तीन माह में बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सत्रारम्भ से वह स्वयं विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे तथा प्रेषित रिपोर्ट एवं मौके पर पाई जाने वाली स्थिति में अन्तर की दशा में वे सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्घ कार्रवाई करेंगे। उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारी की मांग पर, निरीक्षण के लिए वाहन दिलाने के निर्देश महानिदेशक शिक्षा को दिये तथा वाहन के मूवमेंट का भी रिकार्ड रखने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। उन्होंने सम्बद्घ शिक्षक/कार्मिकों को मूल तैनाती में भेजने के पूर्व आदेशों के अनुपालन में अद्यतन प्रगति उपलब्ध कराने के निर्देश दिये तथा चेतावनी दी, कि जिस जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्बद्घता समान्त करने के आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया, उसके विरूद्घ सख्ती से कार्रवाई की जायेगी। उनका कहना था, कि जहाँ पर कार्मिक की सम्बद्घता आवश्यक है, उसका औचित्य बताते हुए मुख्यालय को तुरन्त अवगत कराया जाय। ज्ञातव्य है कि कतिपय आवासीय विद्यालयों में वार्डन का पद न होने के कारण शिक्षकों को सम्बद्घ किया गया है।

उन्होंने प्राईवेट विद्यालयों की मनमानी यथा कैपिटेशन फीस, रिएडमिशन फीस, काशन मनी आदि के सम्बन्ध में शासन के जारी निर्देशों का पालन न करने वाले पब्लिक स्कूलों की सूची तथा कृत कार्रवाई पर जानकारी प्रान्त की तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों की सूची तथा उनके विरूद्घ प्राथमिकी दर्ज कराने पर भी विस्तार से चर्चा की। श्री पाण्डेय ने देहरादून के नामी गिरामी प्राईवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने में सफलता के लिए जनपद देहरादून के शिक्षाधिकारियों की प्रशंसा की, साथ ही बिना किसी दबाव के कार्य करने के लिए अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट की सराहना की। शिक्षामंत्री श्री पाण्डेय ने ऐसे अधिकारियों/शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कार्मिकों, जो अपने तैनाती स्थल का आवास भत्ता लेते हैं, किन्तु वास्तविक रूप से निवास नहीं करते हैं, के विरूद्घ कार्रवाई करने के निर्देश महानिदेशक शिक्षा को दिये तथा इसकी सूची जनपदीय अधिकारियों से तुरन्त मुख्यालय प्रेषित करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्राईमरी अध्यापकों के स्थानान्तरण से रिक्त पदों का स्थलवार विवरण मागते हुए महानिदेशक शिक्षा से सत्र आरम्भ होने से पूर्व रिक्त पदों पर अध्यापकों की तैनाती के निर्देश दिये।

उन्होंने विद्यालय गणवेश व पुस्तकें एक निश्चित स्थान से क्रय किये जाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने वाले प्राइवेट स्कूलों का विवरण तथा कृत कार्रवाई की भी समीक्षा की। उन्होंने अक्षय पात्र योजना के अन्तर्गत केन्द्रीयकृत कीचन निमार्ण हेतु देहरादून में डांडा लखौंड तथा रूडक़ी में चिन्हित भूमि का संयुक्त मौका मुआयना कर सम्बन्धित संस्था की प्रतिनिधि सोनिया रूचि से योजना पर शीइा्र कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिये। उन्होंने डब्ल्यू0एच0ओ0के सहयोग से संचालित रूबेला/मीजिल्स प्रतिरक्षण अभियान पर भी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में पूर्व सांसद बलराजी पासी, महानिदेशक/अपर सचिव आलोक शेखर तिवारी, निदेशक शिक्षा आर0के0 कुवर तथा निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान सीमा जौनसारी, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, मुख्य शिक्षाधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

किसानों के ऋण माफ करने को पीसीसी अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र


देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड के किसानों के कृषि ऋण मॉफ किये जाने तथा उनकी अन्य समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह को लिखे पत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि जीवन के लिए प्राणवायु और जल के बाद तीसरे स्थान पर अन्न सर्वाेपरि है। चिन्ता का विषय है कि आज सबसे अधिक उपेक्षा देश के अन्नदाता की हो रही है। किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य न मिल पाने, समय पर खाद-बीज न मिल पाने तथा बिजली व सिंचाई सुविधा की परेशानियों के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ से दबता जा रहा है। फसल का उचित मूल्य न मिलने से किसान बैंकों का कर्जा नहीं लौटा पा रहे हैं।

देशभर का किसान अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर आन्दोलनरत है और अपेक्षा कर रहा है कि केन्द्र सरकार उनकी समस्याओं का निदान करेगी, लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अभी तक कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसी स्थिति में देशभर में किसानों की आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, औसतन प्रतिदिन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। प्रीतम सिंह ने कहा कि देश में किसानों की आत्महत्या से अभी तक अछूती देवभूमि उत्तराखण्ड को भी 16 जून को जिला पिथौरागढ़ के बेरीनाग विकासखण्ड के डौल डूंगर गांव के सुरेन्द्र सिंह की आत्महत्या से षर्मसार होना पड़ा है। उत्तराखण्ड की देवभूमि में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला आगे न बढ़े, राज्य का किसान जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है उसके समाधान का रास्ता राज्य सरकार को यथाशीघ्र तलाशना होगा। हमारे राज्य मे मैदानी जनपदों को छोडक़र पर्वतीय जनपदों में अत्यंत न्यूनतम जोत के किसान हैं, जिनकी समस्यायें भी न्यून हैं।

मैदानी जिलों में बड़ी जोत के किसानों की संख्या भी बहुत अधिक नहीं है। इसलिए भौगोलिक परिस्थिति एवं छोटी तथा बड़ी जोत के किसानों की अलग-अलग समस्याओं के यथाशीघ्र अलग-अलग समााान तलाशते हुए किसानों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाने हेतु राज्य सरकार को अविलम्ब ठोस निर्णय लेने चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र के माध्यम से अनुरोध किया है कि भारतीय जनता पार्टी के ²ष्टिपत्र के अनुरूप किसानों के हितों की रक्षा के लिए किसानों को कृषि कार्य के लिए बिजली आधे दामों पर उपलब्ध कराई जाय। फसलों का समर्थन मूल्य घोषित करते हुए लागत से डेढ गुना दाम पर किसानों के उत्पाद को खरीदा जाय। किसानों को कृषि कार्य हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब कराया जाय।  गन्ना किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र किया जाय। मृतक किसान सुरेन्द्र सिंह के परिवार को 1 करोड़ रूपये का मुआबजा दिया जाय।  प्रीतम सिह ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिहं रावत से अपेक्षा की है कि वे किसान हित में उपरोक्त बिन्दुओं पर यथाशीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे।  

रक्षा कर्मचारी उतरे सडक़ों पर, निजीकरण का पुतला फूंका

देहरादून। रक्षा के क्षेत्र$ में निजीकरण की सरकार की साजिश के खिलाफ देहरादून के रक्षा ंसंस्थानों से जुड़े कर्मचारियो ंने आल इण्डिया डिफेन्स ईम्पलाईज फैडरेशन के आह्वान पर जुलूस निकाल कर निजीकरण का पुतला फूंका।  फैडरेशन के आह्वान पर गुरूवार की शाम को दून के रक्षा संस्थानों ओएफडी, ओएलएफ, आई आर डीई और अन्य संबंधित संस्थानों के कर्मचारी आयुध निर्माणी के गेट पर एकत्र हुए वहां से जुलूस के रूप में कर्मचारियों ने विशाल रैली निकाली। रैली आयुध निर्माणी से मुख्य मार्ग होते हुए दुल्हनी चौक पर समान्त हुयी। रैली को सम्बोधित करते हुए वक्ताओ ंने कहा कि रक्षा कर्मचारियों के हक पर सरकार लगातार कुठाराघात कर रही है।

रक्षा क्षेत्र के 139 उत्पादों को सरकार ने नान कोर की श्रेणी में डाल कर रक्षा कारखानों को भारी क्षति पहुंचाई है। यह रक्षा के कारखानों तथा शोध संस्थानों को बंद करने की सरकार की साजिश है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के नान कोर में डालने से आयुध कारखानों का उत्पाद कम होगा और रक्षा कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। आज सरकार ने रक्षा के क्षेत्र मे ंएफडीआई लागू कर 222 निजी कम्पनियों को हथियार और रक्षा उपकरण बनाने का लाईसेंस दिया गया है। इसके साथ ही कई उत्पादों को नान कोर की श्रेणी में डालकर आयुध निर्माणियों को बंद करने की साजिश रची जा रही है। छोटे हथियार बनाने वाली चार निर्माणियों को पीपीपी मोड में देने के बाद सरकार ने रक्षा के क्षेत्र में निजीकरण का दरवाजा खोल दिया है। सभा के पश्चात कर्मचारियों ने निजीकरण का पुतला फूंका। इस अवसर पर अनिल उनियाल, शशि नौटियाल, अशोक शर्मा, जगदीश छिमवाल, बीपी कोठारी, नीरज शर्मा, उमाशंकर, कपिल, संजीव मवाल, चेतन जखमेाला  समेत कई कर्मचारी मौजूद थे।

बदलते मौसम से अस्पताल मे मरीजों की संख्या बढी

नई टिहरी। बदलता मौसम और बरसाती सीजन स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल में हर रोज मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अधिकांश लोग उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें ज्यादा संख्या बच्चों की है। कुछ सावधानियां बरत कर इन बीमारियों से बचा जा सकता है। जिला अस्पताल बौराड़ी में पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां हर रोज ओपीडी 250 से 300 तक पहुंच रही है। दूर-दराज गांवों से भी मरीज पहुंच रहे हैं।

अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त, बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। कुछ बजुर्ग भी आ रहे हैं, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अमित राय का कहना है कि पिछले माह की अपेक्षा इस माह मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उल्टी-दस्त और फीवर से पीडि़त ज्यादा मरीज आ रहे हैं। बताया कि बदलता मौसम इसका प्रमुख कारण है। पानी उबालकर पीने के साथ ही खान-पान पर कुछ सावधानियां बरतकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है। बाहर खाना और बासी खाना न खाएं। खाने को साफ जगह पर ढककर रखे।

डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

नई टिहरी। आशा कार्यकताओं ने विभिन्न मांगों के निराकरण हेतु डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने मांगों के निराकरण की मांग को लेकर डीएम दफ्तर के मुख्य गेट पर नारेबाजी की। गुरुवार को आशा कार्यकर्ताओं ने छह सूत्रीय मांग पत्र प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को प्रेषित किया। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष आशा भट्ट ने कहा कि आशाएं लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग करतीं आ रही हैं, बावजूद सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार से आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 18 हजार रुपये, इसके अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दिए जाने, कार्यकर्ताओं की दुर्घटना में मृत्यु पर पांच लाख का मुआवजा, आशाओं को एएनएम भर्ती में प्राथमिकता देने, प्रदेश की पूर्व सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन राशि सहित कई अन्य मांगों के शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष कुसुम राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय लक्ष्मी भंडारी, आशा सजवाण, सम्पति बेलवाल, मंजू डबराल, रजनी महर, सुनीता नेगी कलावती डबराल, कृष्णा सेमवाल, राकेश राणा आदि उपस्थित थे।

बीमा कंपनी व प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन किया

नई टिहरी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ न मिलने से चंबा-मसूरी फलपट्टी के बागवानों में रोष व्याप्त है। गुरुवार को आक्रोशित बागवानों में बीमा कंपनी और प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन किया। शीघ्र बीमा का भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। राष्ट्रीय किसान पार्टी के नेता परशुराम डबराल, किसान भरतराम डबराल, जितेन्द्र आदि का कहना है कि बागवानों ने वर्ष 2016 में अपनी आलू की फसल का बीमा चोलमंडल कृषि बीमा कंपनी से करवाया था।

इसका प्रीमियम भी 75 रुपये प्रति नाली के हिसाब से जमा करवा रहे थे, लेकिन भारी बारिश के चलते आलू की फसल बर्बाद हो गई थी। किसानों ने कंपनी ने बीमा भुगतान की मांग की। कंपनी 30 रुपये प्रति नाली के हिसाब से बीमा दे रही है, जिससे बागवानों में रोष व्याप्त है। बागवानों ने इसकी शिकायत पूर्व में डीएम से कर 75 रुपये प्रति नाली के हिसाब से बीमा देने की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं, जिस कारण किसानों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में राजदीप डबराल, सुदामाराम डबराल, दिनेश चन्द्र, खुशीराम, मगलानन्द डबराल, चन्द्रमणी, नितिन डबराल आदि शामिल रहे।
 

डाककर्मी काम के साथ आधार कार्ड बनाएंगे

 पौड़ी।  अब डाकघरों में भी आधार कार्ड बनाए जा सकेंगे। प्रधान डाकघरों से लेकर उपडाकघर में डाककर्मी अपने काम के साथ-साथ लोगों के आधार भी बनाएंगे। इसके लिए डाककर्मियों की ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। विभिन्न प्रकार की पेंशनों से लेकर बैंक खातों, राशन कार्ड, गैस कनेक्शन आदि में अब आधार जरूरी हो गया है। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आधार बनाने में परेशानी हो रही है। शहरों में भी आधार बनाने के लिए खासी भीड़ रहती है। स्कूलों से मिलने वाली विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति के लिए भी आधार जरूरी है।

इस बीच प्रशासन की पहल पर ब्लाक मुख्यालयों सहित स्कूलों में भी शिविरों का आयोजन किया गया ताकि आधार बने सके, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में आधार बनने का काम धीमा ही रहा। आज भी लोगों को आधार बनाने में परेशानियां हो रही हैं। शुरूआत में तहसील स्तर पर भी आधार बने। डाक घरों में आधार बनने से यह लाभ होगा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर मौजूद है। हालांकि अभी उपडाकघर स्तर तक ही आधार बन सकेंगे। डाक अधीक्षक पौड़ी जीडी आर्य ने बताया कि कोशिश की जाएगी कि उपडाकघर के अलावा निचले स्तर के डाकघरों में भी आधार बन सकें। इसके लिए विभागीय स्तर पर आधार बनाने को कार्मिकों को सर्किल में ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। जो कर्मी ट्रेनिंग में सफल होंगे वह अन्य कार्मिकों को इसका प्रशिक्षण देंगे। ऐसे में प्रधान और उपडाकघरों तक लोगों के आधार आसानी से बन सकेंगे।

हाथी दांत के साथ दो तसकर गिरफ्तार

नई टिहरी। नरेन्द्रनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने नरेन्द्रनगर के ओणी बैंड के पास दो लोगों को दस किलो हाथी दांत के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दांतों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये है। गुरुवार दोपहर दो बजे नरेन्द्रनगर पुलिस और एसओजी की टीम ने नरेन्द्रनगर के ओणी बैंड के पास खड़े दो संदिग्ध लोगों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनसे पांच-पांच किलो हाथी के दांत बरामद हुए। टीम दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम बुंदू पुत्र शादिक निवासी मोहमद नौमिका कस्बा, थाना बढ़ापुर, जिला बिजनौर और शहीद पुत्र पीरू निवासी पक्का तालाब, थाना बढ़ापुर बिजनौर बताया।

यह भी बताया कि हाथी दांत उन्होंने राशिद पुत्र युसुफ और वाजिद पुत्र ताहिर निवासी बढ़ापुर बिजनौर से खरीदे हैं, जिसे बेचने के लिए यहां आए थे। आरोपियों में शहीद 2015 में भी शेर की हड्डियों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वह हरिद्वार के गैंडीखाता निवासी यूसुफ और अल्ली जान को जानते थे। उन्होंने हाथीदांत के खरीददार को नरेंद्रनगर क्षेत्र में मिलने को कहा था। लेकिन अभी तक खरीददार का नाम पता नहीं चल पा रहा है। टीम में प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी, उप निरीक्षक भानु प्रताप सिंह, सुरेश चौहान, देवराज, एसओजी के योगेंद्र चौहान, प्रशांत राणा आदि शामिल रहे।

बदरीनाथ हाईवे पर बड़े वाहनों की आवाजाही बाधित रही

गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान चट्टी के पास भूस्खलन से सुबह पांच घंटे बड़े वाहनों की आवाजाही बाधित रही। हालांकि छोटे वाहनों की आवाजाही जारी रही।

बुधवार रात बीआरओ द्वारा टंगड़ी में पागल नाला व लामबगड़ स्लाइड जोन पर मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया था। जबकि गुरुवार तडक़े हनुमान चट्टी के पास भूस्खलन से बड़े वाहनों की आवाजाही पांच घंटे तक ठप रही। गुरूवार  सुबह 10 बजे के लगभग बीआरओ ने सडक़ से मलबा हटाकर बडे वाहनों की आवाजाही भी सुचारु की । इस दौरान बड़े वाहनों की कतार लग गई थी।
 

केदारनाथ में पहाड़ के हस्तशिल्प से रूबरू होंगे तीर्थ यात्री

रुद्रप्रयाग। बाबा केदार के दर्शनों को धाम में आने वाले श्रद्घालु अब पहाड़ के हस्तशिल्प से भी रूबरू हो सकें। केदारनाथ में मंदाकिनी और सरस्वती नदी पर बने स्नानघाटों में चेजिंग रूम के बाहर देवदार की लकड़ी की खोली, मोरी और जंगला देखने को मिलेंगे। नेहरू पर्वता रोहण संस्थान के काष्ठ हस्तशिल्पों की मदद से सोनप्रयाग में देवदार की लकड़ी की नक्काशी करा रहे हैं। 16-17 जून 2013 की आपदा से बीते सवा तीन वर्षों से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में जुटे निम ने जहां धाम की सुरक्षा के लिये तकनीकी की मदद से कार्य किये हैं, वहीं यात्रियों की सुविधा के लिये कॉटेज, स्नानघाटों का भी निर्माण किया है। अब, कार्यदायी संस्था पहाड़ के घर गांवों की शान कही जाने वाली तुन, देवदार, जामुन आदि की लकड़ी से बनी खोली, मोरी, जंगला, छज्जा को स्थापित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। धाम में संगम पर बने दो सौ मीटर लंबे स्नानघाट की फर्श पर निर्माणाधीन चेजिंग रूम के बाहर लकड़ी की इन पारंपरिक धरोहरों की कृतियों को स्थापित किया जायेगा।

जिससे बाबा केदार के दर्शनों को धाम पहुंचन वाले श्रद्घालु पहाड़ के काष्ठ हस्तशिल् से रूबरू हो सकेंगे। निम द्वारा चार दिन पूर्व करीब एक टन देवदार की लकड़ी सोनप्रयाग पहुंचाई गई है। यहां टिहरी के तीन व देहरादून के दो कारीगर, जिसमें तीन बजुर्ग दो युवा हैं, इसकी लकड़ी को तैयार कर उस पर अपने हस्तशिल्प के जरिये एक से बडक़र एक बेहतरीन आकृतियां उकेर रहे हैं। निम के पदाधिकारियों के अनुसार एक-डेढ़ माह में कार्य पूरा हो जायेगा। संभवत जुलाई माह के तीसरे सन्ताह में लकड़ी की इन कृतियों को धाम पहुंचाकर चेजिंग रूम की फर्श पर जलग-अलग दूरी पर स्थापित भी कर दिया जायेगा। निम के प्रभारी मनोज सेमवाल का कहना है कि केदारनाथ में स्नानघाट पर चेजिंग रूम में देवदार की लकड़ी से बनी खोली, मोरी, जंगला व छज्जा के ढांचे स्थापित किये जाएंगे। पहाड़ के हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ ही देश-विदेश से पहुंच रहे लोगों को यहां की संस्कृति से अवगत कराना मुख्य उददेश्य है।

घटिया कार्य करने वाले ठेकेदारों को किया जाय ब्लैकलिस्ट

रुद्रप्रयाग। विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में राज्यमंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि अवसंरचना और मानव विकास में सुधार के लिए सरकार अनेक महत्वकांक्षी कार्यक्रम चला रही है। दिशा का उदेश्य केन्द्र, राज्य व स्थानीय सरकारों को सौपीं गई जिम्मेदारी को सवैधानिक व्यवस्था के तहत विकास एवं निगरानी को बढ़ावा देना है। उन्होंने आगामी बैठकों में जनप्रतिनिधियों को एक सन्ताह पूर्व बैठक का एजेण्डा प्रेषित करने को कहा, जिससे जनप्रतिनिधि अध्ययन कर सकेे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत जो धन आवंटित किया जा रहा है, उसकी प्रगति रिर्पोट प्रत्येक तीन माह में मांगी जा रही है। साथ ही सम्बधित सचिव व मंत्री की भी जवाबदेही सुनिश्चित कर दी गई।

बैठक में राज्य मंत्री डॉ रावत ने दूरसंचार विभाग की अनुपस्थिति पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होनें समस्त विभागों को विभाग से सम्बन्धित योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए फोल्डर आदि बनाकर गांव-गांव तक वितरित कराने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं का प्रशिक्षण भी आम जन को देने को कहा, जिससे जनता को जानकारी रहे। मनरेगा के माध्यम से जनपद के तीनों ब्लॉक मेें एक-एक मॉडल गाँव विकसित करने के निर्देश जिला विकास अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माघ्यम से जिले में अभिनव कार्य किये जांय। जनपद के महत्वपूर्ण स्थल तुगंनाथ, गौरीकुण्ड आदि स्थानों पर सामूहिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए।

विद्युत विभाग को जनपद की हाइटेशन तारों को हटाने के लिए सर्वे कर प्राक्कलन तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माणदायी संस्थाएं यदि कार्य ठीक नहीं करते हैं तो, सम्बन्धित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाय। इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक मनोज रावत, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार डॉ$ केएस पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि अशोक खत्री, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चण्डी प्रसाद भट्ट, अपर जिलाधिकारी तीर्थपाल, परियोजना निदेशक एनएस$ रावत, उपजिलाधिकारी सदर मुक्ता मिश्र सहित अन्य मौजूद थे।
 

महिला बेसबाल टीम घोषित

देहरादून। फेडरेशन कप बेसबाल चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने के लिए उत्तराखंड की महिला बेसबाल टीम घोषित हो गई है। चयनित टीम शुक्रवार को पंजाब के लिए रवाना होगी। नकोदर, पंजाब में 24 से 26 जून तक दसवीं फेडरेशन कप बेसबाल चैंपियनशिप का आयोजन होने जा रहा है। यह पहला मौका है जब उत्तराखंड की महिला टीम ने फेडरेशन कप के लिए क्वालिफाई किया है जबकि पुरुष वर्ग में अब तक राज्य को फेडरेशन कप खेलने का मौका नहीं मिला है। उत्तराखंड बेसबाल संघ के सचिव बृजेंद्र पाल सिंह राणा ने बताया कि पिछले साल कर्नाटक में हुई नेशनल बेसबाल चैंपियनशिप में उत्तराखंड की महिला टीम ने टॉप आठ में अपनी जगह बनाई थी जिसके दम पर टीम को फेडरेशन कप खेलने का मौका मिला है।

उन्होंने बताया कि इसी साल उड़ीसा में हुई नेशनल चैंपियनशिप में महिला व पुरुष टीमें क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी और अगले फेडरेशन कप के लिए दोनों ही वर्गों में राज्य की टीम फेडरेशन कप खेलेगी। करीब डेढ़ महीने तक परेड ग्राउंड में चले विशेष प्रशिक्षण के बाद गुरुवार को ट्रायल के आधार पर टीम घोषित कर दी गई है। चयनित टीम आज शुक्रवार को तीन दिवसीय चैंपियनशिप के लिए रवाना होगी। इनका हुआ चयन- आरती कैड़ा, कल्पना तोमर, पूनम रावत, प्रियंका, पूजा नेगी, पूर्णिमा रावत, सोनम, मीनाक्षी पाल, कोमल, नेहा चौहान, शालिनी नेगी, दीपिका रावत और दीप्ति शर्मा को टीम में जगह दी गई है। कोच अनिल सती और सुखविंदर सिंह रंधावा होंगे जबकि ममता नेगी मैनेजर होंगी। चयन समिति में संघ के उपाध्यक्ष सतीश आनंद, पौड़ी बेसबाल संघ के सचिव प्रीतम सिंह तोमर, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी रविंद्र पाल सिंह मेहता शामिल थे।

आईएसबीटी मार्ग से अतिक्रमण अभियान शुरू, व्यापारियों ने किया विरोध

देहरादून। घंटाघर से आईएसबीटी तक चिन्हित अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ गुरूवार सुबह से अभियान शुरू कर दिया है। छह टीमें एक साथ अलग व अलग क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रही है। छिटपुट विरोध बीच अभियान शांतिपूर्वक चल रहा है। लोगों में मिलजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अतिक्रमण हटाओ अभियान की सबसे पहले घंटाघर के पास दर्शन लाल चौक पहुंची। यहां आरके स्टुडियों के बाहर छज्जे, सीढिय़ां व उसके सामने के अवैध निर्माण को गिराना शुरू किया। अतिक्रमण हटाने के लिए जीसीबी के साथ ही मजदूरों को भी साथ रखा गया है। कई जगहों पर बिजली के पोल व तारें जीसीबी के प्रयोग करने में बाधिक बन रहे हैं।

जिला प्रशासन की टीम पूरी तैयारी के साथ अतिक्रमण हटाने निकली है। कई जगहों पर ड्रिल मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए एक ट्रक में जनेरेटर रखा गया है जिससे ड्रिल मशीन को चलाया जा रहा है। प्रशासन की तैयारी को देखते हुए लग रहा है कि जितना चिन्हित निर्माण है उससे ज्यादा किसी को नुकसान पहुंचाने की मंशा नहीं है।अतिक्रमण हटाये जाने पर व्यापारियों का छिटपुट विरोध भी हो रहा है। लेकिन इस ओर अधिका​री कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। घटनास्थलों पर विरोध करने के अलावा तमाशबीन भी खूब जुट रहे हैं। इससे विरोध करने वालों का ज्यादा विरोध करने का साहस नहीं हो पा रहा है। कई लोगों का मानना है कि अतिक्रमण हटाने का फैसला हाईकोर्ट से आया है, लिहाज इसको रोकना किसी के वश में नहीं है। जहां छोटीकृछोटी बातों पर नेता हस्तक्षेप करते हुए नजर आते हैं।

वहीं इस अतिक्रमण हटाओ महाअभियान से नेताओ ने पूरी तरह दूरी बनाई हुई।अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व एडीएम हरबीर सिंह कर रहे हैं। जिलाधिकारी भी लगातार अभियान की जानकारी ले रहे हैं, एसएसपी निवेदिता कुकरेती पुलिस बल से निरन्तर सम्पर्क बनाये हुए है। साढ़े छह किमी लंबे आइएसबीटी से घंटाघर मार्ग तक हर जगह अतिक्रमण पसरा हुआ है। व्यापारियों ने दुकानों को सडक़ तक बढ़ा दिया है। साथ ही, ठेली और फड़ वालों ने सडक़ पर अतिक्रमण कर रखा है। इस रोड पर यातायात को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कमान संभाली है। प्रशासन की तरफ से अतिक्रमणकारियों को लगातार मोहलत दी जाती रही। इससे प्रशासन के साथ शहरी विकास मंत्री की मंशा पर भी सवाल उठने लगे थे।

नवीन जन कल्याणकारी योजनाओं को अवगत करने के निर्देश

देहरादून। विकासखण्ड रायपुर सभागार में ब्लाक प्रमुख बीना बहुगुणा की अध्यक्षता तथा क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ के विशिष्ट अतिथि की उपस्थिति में क्षेत्रीय पंचायत समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा विभागीय अधिकारियों से उनके विभागों से सम्बन्धित समस्याएं उठाई तथा उसके उचित निराकरण की मांग की गयी।  बैठक में ब्लाक प्रमुख बीना बहुगुणा ने सभी विभागीय अधिकारियों को सदन में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाये गये विभिन्न बिन्दुओं पर समय से कार्य करते हुए सम्बन्धित जनप्रतिनिधि तथा अगली बैठक में सदन को अवगत कराने के निर्देश दिये।

उन्होने विभिन्न विभागों के अधीन चलने वाली नवीन जन कल्याणकारी योजनाओं से सदन को अवगत कराने तथा उस योजना का लाभ लेने के लिए अपनाई जाने वाली औपचारिकताओं से सदन को अवगत कराने के भी निर्देश दिये। बैठक में विद्युत विभाग से विद्युत पोल लगाने व उन्हे स्थानान्तरित करने, लो.नि.वि से सडक़ों का निर्माणध्डामरीकरण में गुणवत्ता के अनुपालन तथा बहुत से जगह सडक़ के गड्डो को भरे जाने, समाज कल्याण विभाग से पेंशन प्रकरण, गरीब विवाहितों के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता का समुचित लाभ समाज कल्याण द्वारा न दिये जाने, शिक्षा विभाग से सम्बन्धित बहुत से प्राथमिक विद्यालय के भवनों की जर्जर हालत, सुरक्षा दीवार तथा पेयजल व्यवस्था तथा ग्राम्य विकास विभाग में मनरेगा से सम्बन्धित अधिकतर शिकायतें सामने आई। 

बैठक में क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को ऐसी शिकायतें लिखित रूप से संकलित करने को कहा, जो सदन में उठाये जाने से वंचित रही तथा उन्होने सभी उपस्थित अधिकारियों को उन शिकायतों पर भी संज्ञान लेते हुए कार्य करने के निर्देश दिये। ग्राम प्रधान हरि प्रसाद भट्ट द्वारा ऐसी  ग्राम पंचायतों को जिनका विलय नगर निगम में किया जाना प्रस्तावित है के विरोध में सदन में प्रस्ताव रखा जिस पर मा विधायक तथा सदन द्वारा सहमति व्यक्त करते हुए पारित किया गया। मा विधायक ने इस सम्बन्ध में कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत केन्द्र सरकार से प्रत्यक्ष रूप से धन ग्राम पंचायतों को प्राप्त हो जाता है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आती है जो नगर निगम में मिलने के पश्चात सम्भवत: विकास से वंचित रह सकता है।

उन्होने उपस्थित सदस्यों से आग्रह किया कि, राशन कार्ड तथा अन्य सभी प्रकार की योजनाओं में आधारकार्ड की अनिवार्यताओं को देखते हुए अपना आधार कार्ड राशन कार्ड, डिजिटलीकरण हेतु जिला पूर्ति कार्यालयध्सम्बन्धित डीलरध्ग्राम पंचायत सचिव के पास शीघ्रता से जमा करवाने तथा जिनके आधार कार्ड नही बने वे शीघ्रता से आधार कार्ड बनाते हुए सम्बन्धित कार्यालय में जमा करवाने को लेकर लोगों को संदेश दे। उन्होने खण्ड विकास अधिकारी तथा  डी.पी.ओ रायपुर को मनरेगा के अन्तर्गत किये गये सम्पूर्ण कार्यों तथा उसके अनुसार किये गये सम्पूर्ण भुगतानों का विवरण प्राप्त करने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य राजेश परमार, जिला पंचायतराज अधिकारी एम. जफर खान, खण्ड विकास अधिकारी भगवन्त झिंकवाण, भूमि व जल संरक्षण अधिकारी अभिलाशा भट्ट सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

किसान विरोधी है भाजपा सरकार : प्रीतम सिंह

देहरादून।  डोईवाला सुगर मिल के गेट पर किसान संगठन द्वारा दलजीत सिंह के नेतृत्व में जिला किसान संगठन द्वारा चल रहे धरने को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने केंद्र एवम राज्य में भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियो की निंदा की। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में देश का अन्नदाता किसान बदहाल परेशान हो गया है।उसे अपनी फसल का उचित दाम नही मिल रहा है। हजारो एकड़ फसल खराब हो गई है।किसान भाजपा सरकार की और टकटकी लगाए हुये है।

लेकिन सरकार की ओर से कोई राहत किसानों को नही मिल रही है।देशभर का किसान आंदोलन को मजबूर हो रहा है। भारत एक  कृषि प्रधान देश है, यहाँ की आजीविका कृषि पर आधारित है।इस वजह से किसानों की उपेक्षा चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का बकाया का भुगतान शीघ्र किया जाय जिससे पेराई सत्र से पहले गन्ना का उत्पादन सही ढंग से करके ला सके। इस अवसर पर महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लाल चन्द शर्मा,अजय सिंह,एस पी सिंह,महानगर कांग्रेस महासचिव महेश जोशी,ताहिर अली,गौरव चौधरी,हरपाल सैनी,गुलशन अरोरा,गुरुदीप सिंह,ओम प्रकाश, प्रताप सिंह,रणदीप सिंहआदि उपस्थित थे।

पूर्व सैनिक के आत्महत्या किये जाने पर खेद जताया

देहरादून। कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष कै बलवीर सिंह रावत ने पूर्व सैनिक महेन्द्र सिंह रावत के द्वारा आत्महत्या किये जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या करना किसी व्यक्ति विशेष की समस्या का समाधान नहीं है। यह अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, कि कुछ लोग अपनी समस्या का समाधान तलाशने के बजाय आत्महत्या जैसे कठोर निर्णण को लेकर अपना अमूल्य जीवन गवां देते है जो कतई उचित नही है।
 

रावत ने कहा कि मैंने सैकड़ों बार प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों और सैनिक कल्याण अधिकारियों से पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किये जाने का आग्रह कर चुका हॅू। अत: जनपद स्तर पर राजस्व विभाग के द्वारा यदि म्यूटेशन संबंाी समस्या का समाधान कर दिया होता तो पूर्व सैनिक महेन्द्र सिंह को आत्महत्या करने को विवश न होना पड़ता। कै रावत ने जिला प्रशासन से अपील की है कि महेन्द्र सिंह के भूमि संबंधी म्यूटेशन के विषय को गम्भीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाही कर,ें अन्यथा प्रदेश के पूर्व सैनिक सडक़ों पर उतरकर प्रशासन का पूरजोर विरोध करेंगे।

सीएम ने किया मालसी डियर पार्क में 3 डी थियेटर का लोकापर्ण

देहरादून। मालसी डियर पार्क को होने वाली आय का 50 प्रतिशत यहां रहने वाले प्राणियों के कल्याण के लिए व्यय किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को मालसी डियर पार्क में निर्मित देहरादनू जू एक्वेरियम एवं 3डी थियेटर का लोकापर्ण के अवसर पर कही। पूर्व में यह 20 प्रतिशत था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि आज अत्यन्त शुभ दिन है जहॉं एक ओर खूबसूरत व प्राकृतिक वातावरण में बने, मानसी ंिंडयर पार्क में जू एक्वेरियम एवं 3डी थियेटर का लोकापर्ण किया गया वहीं राज्य के ग्रामीण क्षेत्र को खुले में शौच की प्रथा से भी मुक्त घोषित किया गया है।

हमने संकल्प लिया है कि चालू वितीय वर्ष में राज्य के नगरीय क्षेत्र को भी ओडीएफ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मानसी डियर पार्क में जू विकसित किया गया है वह प्रशंसनीय है। इससे निश्चित रूप से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक गणेश जोशी, उमेश शर्मा काऊ आदि भी उपस्थित रहे।

खुले में शौच मुक्त ओडीएफ देश का चौथा राज्य बना

देहरादून। उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्र में खुले में शौच की प्रथा से मुक्त-ओडीएफ-देश में चौथा राज्य बन चुका है। चालू वितीय वर्ष में उत्तराखण्ड के नगरीय क्षेत्र को भी खुले मे शौच की प्रथा से मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गुरूवार को एएमएन घोष ऑडिटोरियम ओएनजीसी में उत्तराखण्ड राज्य के खुले में शौच की प्रथा से मुक्त हो जाने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की उपस्थिति में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि 22 जून का दिन उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन एवं मील का पत्थर है। आज उत्तराखण्ड का ग्रामीण क्षेत्र ओडीएफ घोषित हुआ है। इस अवसर पर  राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि राज्य के शहरी क्षेत्र को भी चालू वितीय वर्ष में खुले में शौच की प्रथा से मुक्त कर दिया जाएगा। खुले में शौच की प्रथा से मुक्ति अति आवश्यक है। खुले में शौच की आदतों से न केवल अनेक रोग पैदा होते है बल्कि इसका व्यापक दुष्प्रभाव पर्यावरण तथा सभी प्राणियों पर पड़ता है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के अन्र्तगत खुले में शौच की प्रथा से मुक्ति ने महाअभियान का रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री द्वारा आरम्भ की गई हर पहल व प्रयास अभियान से महाअभियान बन रहा है। अन्र्तराष्ट्रीय योग दिवस तथा स्वच्छता मिशन इसके उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने राज्य को ग्रामीण क्षेत्र में ओडीएफ घोषित होने तथा केरल, सिक्कम तथा हिमाचल प्रदेश के बाद चौथा राज्य बनने पर इस मिशन से जुड़े सभी अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों विशेषकर ग्राम प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, मोटिवेटर्स तथा राज्य वासियों को बधाई तथा शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर केन्द्रीय पेयजल तथा स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर कहा कि उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्र का ओडीएफ होना अति प्रसन्नता का अवसर है। इस उपलब्धि हेतु राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत नेतृत्व में इस मिशन से जुड़े सभी अधिकारी व कार्मिक, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनता बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा ओडीएफ घोषित होने के पश्चात् ओडीएफ की निरन्तरता बनी रहे हमें इसके लिए भी प्रयासरत रहना होगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आशा है कि उत्तराखण्ड राज्य ठोस एव तरल अवशिष्ट प्रबन्धन में भी अग्रणी राज्य बनेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छता प्रर्दशनी का अवलोकन किया गया तथा ओडीएफ मिशन को सफल बनाने में योगदान करने वाले पंचायत अध्यक्षो, अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, मोटिवेटरों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, मदन लाल शाह, मुख्य सचिव एस$ रामास्वामी, सचिव पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार परमेश्वर अययर, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार आदि उपस्थित रहे।

महिलाओं की सुरक्षा और खेलों के प्रोत्साहन पर दिया जाएगा ध्यान

 देहरादून। टाटा टी ने इस साल की शुरूआत में अपना प्रतिष्ठित अभियान जागो रे 2$0-‘अलार्म बजने से पहले जागो रे’ का शुभारंभ किया था जिसके माध्यम से लोगों से किसी हादसे से पहले कार्रवाई करने की अपील की गई थी। अब यह अभियान दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें लोगों को उन बदलावों की अगुआई करने की अपील की जा रही है, जिसे वह देखना चाहते हैं। अभियान के पहले चरण में लोगों की ‘प्रतिक्रियाशील’ प्रवृत्ति का प्रदर्शन किया गया था और सक्रियता का एक नया रूप ‘पूर्व-सक्रियतावाद’ की अवधारणा पेश की गई थी, वहीं दूसरे चरण का उद्देश्य मौजूदा समय में देश के पीड़ादायक मसलों - महिला सुरक्षा एवं खेलों को प्रोत्साहन देने संबंधी प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर कर पूर्व-कार्रवाई और व्यवहारिक बदलाव के लिए लोगों को प्रेरित करना है।

 टाटा टी का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा संबंधी गंभीर मसले को तब तक खत्म नहीं किया जा सकता जब तक कि इस समस्या के मूल कारणों को खत्म नहीं किया जाता और यह बदलाव लाने का दायित्व हमारे ऊपर है। महिलाओं के प्रति सम्मान में कमी और उन्हें कमजोर मानना, उनके खिलाफ हिंसा बढऩे की एक अहम वजह है। टाटा टी सभी के साथ सम्मान और समानता का व्यवहार करने के लिए बच्चों को पूर्व-सक्रियता के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर उनके दृष्टिकोण में बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है। यह सकारात्मक दृष्टिकोण भविष्य में महिलाओं के लिए एक ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा जहां उनका सम्मान किया जाता है। इसलिए महिलाओं की सुरक्षा के प्रति टाटा टी के इस अनुग्रह को स्कूल और पाठ्यक्रमों में ‘लिंग संवेदीकरण’ कार्यक्रम के तहत् अनिवार्य बनाना चाहिए, ताकि बच्चों को यह सिखाया जा सके कि पुरुशों और महिलाओं, दोनों का समान रूप से सम्मान करना चाहिए। प्रत्येक प्रार्थना पत्र के बाद माता-पिता से शपथ लिया जाएगा कि वे खुद लैंगिक संवेदनशीलता को अपनाएंगे और अपने बच्चों को उसकी शिक्षा देंगे।

धनराशि का भुगतान एक माह के भीतर करने के निर्देश

अल्मोड़ा। जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने एक फैसले में बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंश कंपनी को बीमित धनराशि 11 लाख 30 हजार रुपये का भुगतान करने के साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय की धनराशि का भुगतान एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। फोरम ने अपने निर्णय में कहा कि परिवादी को दावा प्रस्तुत करने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक बीमित राशि पर 8 प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। परिवादी पार्वती देवी पत्नी प्रेमबल्लभ चुबडाल निवासी चैपड़ा सुयालबाड़ी ने सडक़ दुर्घटना में मृत अपने पुत्र कमलेश चुबडाल की बीमित धनराशि के भुगतान के लिए उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। वाद में बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड की अल्मोड़ा शाखा, कंपनी की क्लेम रिव्यू कमेटी और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत करते हुए 1 मार्च 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले के अनुसार परिवादिनी के पुत्र कमलेश चुबडाल ने बीमा कंपनी से 11 लाख 30 हजार रुपये का बीमा कराया था। बीमा की वैध अवधि में 23 जनवरी 2014 को उसके पुत्र कमलेश की सडक़ दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी। बीमा की नामिनी होने के कारण मृतक की माता पार्वती देवी ने बीमा की धनराशि के लिए दावा किया, लेकिन बीमा कंपनी ने मृतक द्वारा तथ्यों को छुपाने और पालिसी में पुरानी चोट का उल्लेख नहीं करने की बात कह भुगतान करने से इनकार कर दिया। कंपनी की रिव्यू कमेटी ने भी भुगतान के प्रत्यावेदन को निरस्त कर दिया इसके बाद परिवादी पार्वती देवी ने उपभोक्ता फोरम में दावा ठोक दिया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता रोहित कार्की ने पैरवी की।परिशीलन के दौरान यह पाया गया कि बीमा कंपनी ने मृतक के अन्य बीमाओं का भुगतान किया, जबकि इस धनराशि का भुगतान नहीं कर सेवाओं में कमी की है। फोरम के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार शर्मा, सदस्य लीला जोशी और प्रभात कुमार चौधरी ने 20 जून 2017 को दिये अपने फैसले में परिवाद को स्वीकार करते हुए विपक्षी बीमा कंपनी को परिवादिनी को उसके पुत्र की बीमित धनराशि 11 लाख 30 हजार रुपये का भुगतान करने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति के एवज में 10 हजार तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये का भुगतान एक माह के भीतर करने के आदेश दिए।

शराब पीकर वाहन चलाने वालो पर पुलिस का शिकंजा

पिथौरागढ़। शराब पीकर वाहन चलाने वाले लोगों पर कनालीछीना पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ब्रीथेलाइजर से वाहन चालकों की चेकिंग कर पुलिस शराब पीकर वाहन चालने वालों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रयास में जुट गई है। गुरुवार को थाना प्रभारी महेश कांडपाल के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने क्षेत्र में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया।

इस दौरान उन्होंने व्रिथेनालिजर मशीन से दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों की जांच की। कांडपाल के अनुसार हफ्ते में दो बार सभी वाहन चालकों की औचक चेकिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए पुलिस संभव प्रयास कर रही है।
 

एसआईटी ने डायरेक्टर समेत दो अधिकारियों से पूछताछ की

हल्द्वानी। एनएच-74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर समेत दो अधिकारियों से पूछताछ की। करीब सात घंटे तक चली पूछताछ के दौरान उनसे उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर क्रास सवाल भी पूछे गए। साथ ही साथ में लाए दस्तावेज की भी जांच की। एनएच-74 फोरलेन प्रोजेक्ट में कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर अधिक मुआवजा लेकर सरकार को करोड़ों के राजस्व की चपत लगाई गई है।

मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक पूर्व एसएलओ डीपी सिंह समेत 50 अधिकारी, कर्मचारी और किसानों से पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार को एसआईटी ने मामले से जुड़े एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर अजय विष्णोई और अनुज कुमार सिंह को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। इस पर दोनों ही एनएचएआई के अधिकारी सुबह 11 बजे एसएसपी कार्यालय स्थित एसआईटी कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान एसएसपी डा.सदानंद दाते, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, एएसपी देवेंद्र पिंचा, सीओ सिटी और एसआईटी प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने उनसे पूछताछ की। साथ ही उनके बयान दर्ज किए। सुबह 11 बजे से शुरू हुई पूछताछ शाम छह बजे तक चली। एसआईटी ने पूछताछ के दौरान दोनों अधिकारियों द्वारा लाए गए दस्तावेज की भी जांच की। साथ ही उनसे कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर दिए गए कई गुना मुआवजे के संबंध में भी पूछताछ की।

एसआईटी प्रभारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को भी कुछ अधिकारी, कर्मचारी और काश्तकारों से पूछताछ की जाएगी। दस्तावेज में हुए हस्ताक्षर से कर रहे इंकार रुद्रपुर। एनएच-74 मुआवजा घोटाले में बरामद दस्तावेज में अधिकारियों के हस्ताक्षर है। एसआईटी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वह कुछ फाइलों में अपने हस्ताक्षर की बात तो कर रहे हैं, लेकिन कुछ दस्तावेज में अपने हस्ताक्षर होने से इंकार कर रहे हैं। जांच में खुल सकते हैं कई बड़े नाम रुद्रपुर। एसआईटी एनएच मुआवजा घोटाले की जांच में जुट गई है। जब तक जांच सीबीआई को जाएगी, तब तक एसआईटी काफी साक्ष्य जुटा लेगी। सूत्रों की मानें तो एसआईटी की जांच में अब तक हुई पूछताछ में कई साक्ष्य मिले हैं। आगे जांच में कई बड़े नाम सामने आने की संभावनाएं बनी हुई है।

नशीले पदार्थों के साथ युवक गिरफ्तार

बाजपुर। कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान नेशनल हाईवे स्थित राधस्वामी सत्संग घर के पास स्कार्पियो गाड़ी से बड़ी मात्रा में ले जा रहे नशीले पदार्थ को पकड़ा है। एसएसपी के निर्देश पर चलाए गए बाजपुर पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान गाड़ी से 1 किलो 900 ग्राम डोडा चूर्ण, 192 पव्वे इंग्लिश शराब, 190 पव्वे देशी शराब व एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद किया है।

पूछताछ में हिरासत में लिए व्यक्ति ने अपना नाम सुलखान सिंह पुत्र जोगेंद्र सिंह निवासी तालिफार्म बाजपुर बताया। कोतवाल बीड़ी उनियाल ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत कार्यवाही की गई थी। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस

नैनीताल। भारतीय मजदूर संघ के कानपुर में हुए 18 वें अखिल भारतीय अधिवेशन में नीति आयोग के पुनर्गठन व विभिन्न उद्योगों की समस्याओं पर पारित प्रस्तावों पर कार्यवाही को संघ पदाधिकारियों ने जुलूस निकाला। गुरुवार को भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता तल्लीताल बस स्टैंड के पास जमा हुए। जहां से जिलाध्यक्ष मदन सिंह जिला के नेतृत्व में तल्लीताल बस स्टैंड से एक जुलूस निकाला गया।

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा । इस मौके पर आंगनबाड़ी, विद्यालय कर्मचारी संघ ,होटल कर्मचारी संघ व रोड़वेज कर्मचारी संघ के कार्यकर्ता शामिल रहे।

जिलाधिकारी ने किया दूषित पेयजल लाइनों का निरीक्षण

हल्द्वानी। जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार ने सुभाष नगर क्षेत्र का निरीक्षण कर जल संस्थान के अधिकारियों को दूषित पेजयल लाइनों को बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों से कहा कि शहर के हर क्षेत्र में लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाए। गुरुवार को सुभाष नगर क्षेत्र के लोगों की शिकायत पर जिलाधिकारी सुभाष नगर पहुंचे। जहां लोगों ने बताया कि क्षेत्र में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है।

घरों के नलों में दूषित व गंदा पानी आ रहा है। क्षेत्र में ऐसे पानी की सप्लाई हो रही है जो पीने लायक तक नहीं है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय को निर्देश दिए कि क्षेत्र में बिछाई गई पेजयल लाइन का सर्वे कराया जाए। साथ ही नालियों में टूटी हुई पेयजल लाइन को जल्द बदला जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी की सप्लाई हो सके। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संतोष उपाध्याय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
 

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बाल मजदूरी पर जताई चिंता

पिथौरागढ़। तहसील कार्यालय परिसर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की ओर से विधिक साक्षरता एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति व बाल मजदूरी को लेकर चर्चा की गई। शिविर में बोलते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट मुहम्मद अकरम अली ने कहा कि जहां पर्यावरण दिन प्रतिदिन दूषित होता जा रहा है। वहीं नशे के कारण युवा पीड़ी सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश युवा गुटखा, शराब, चरस और ड्रग्स के दूष्परिणामों से जूझ रहे हैं और असमय ही काल का ग्रास बन रहे हैं। अली ने कहा कि भारत में बाल मजदूरी अभिशाप बन गई है। जिसकी रोकथाम के लिए सभी एकजुट होकर आगे आना होगा।

अधिवक्ता जितेंद्र सिंह देउपा ने नशे के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व सहायक अभियोजन अधिकारी अनिल चंदोला ने शिविर का संचालन किया। इस मौके पर अधिवक्ता डीआर आर्या, मनोज रावल, केशर सिंह कार्की, जगत सिंह मेहरा, देव सिंह रावल, संजय पाठक, प्रकाश बोरा, कैलाश गिरी, प्रशानिक अधिकारी माया मेहरा, रजिस्टार कानूनगो चंदन लाल वर्मा, केडी बचखेती, कविता देवी, नवीन चंद्र, पुष्कर सिंह धानिक, और पवन कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।

अधिकारियों को सजगता से विकास कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए

 हल्द्वानी। केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने जिला विकास एवं निगरानी समिति  दिशा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यो की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सजगता से विकास कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए।   गुरुवार को विकास भवन सभागार में जनपद में किए जा रहे विकास कार्यो की समीक्षा करते हुए केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री टम्टा ने कहा कि विकास कार्यो को निर्धारित समय में पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा विकास कार्यो की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टम्टा ने कहा विकास कार्यो के लिए किसी भी तरह से धन की कमी आड़े नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्याओं की गंभीरता के आधार पर विकास योजनाओं के प्रस्ताव बनाएं जाएं। टम्टा ने अधिकारियों को कहा कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ आम जन तक पहुंचाने के लिए तत्परता से काम करें।

इस दौरान ग्राम्य विकास विभाग के कार्यो की व्यापक समीक्षा की। केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री ने जनपद में केन्द्र पोषित योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को समय पर धन खर्च करने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीएम सी रविशंकर, सीडीओ आशीष कुमार चौहान, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, परियोजना प्रबंधक डीआरडीए सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
 

गैस एजेंसी संचालक विशाल अग्रवाल की मौत

नैनीताल।  समय पर वेतन न देने के आरोप में गैस एजेंसी संचालक पर हुए चाकू से हमले के बाद उनकी मौत हो गई है। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में काशीपुर ले जाते वक्त उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक समय पर वेतन नहीं देने से गुस्साए एक युवक ने गैस एजेंसी संचालक को चाकुओं से हमला कर दिया। पीडि़त ने काशीपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। गुरुवार को भारत गैस एजेंसी संचालक विशाल अग्रवाल को शहर निवासी नरेंद्र कुमार ने आफिस में घुस कर चाकुओं से हमला बोल दिया।

भीड़ को देखकर आरोपी फरार ही गया। वहीं सरकारी अस्पताल से रेफर विशाल अग्रवाल ने काशीपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।भारत गैस एजेंसी के संचालक लोहारा लाइन निवासी विशाल अग्रवाल पुत्र अशोक अग्रवाल पर युवक ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के वक्त विशाल एजेंसी में बैठा था। मामले के आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हमलावर युवक विशाल अग्रवाल की गैस एजेंसी में ही कार्य करता था। युवक का आरोपी है कि गैस एजेंसी मालिक विशाल उसे समय पर वेतन नहीं देता था। जरूरत के बावजूद वेतन नहीं मिलने से आक्रोशित युवक ने उसपर चाकू से जानलेवा हमाल कर दिया। जिससे विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। उससे मामले में पूछताछ की जा रही है।

पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए बैठक आयोजित

देहरादून। जिलाधिकारी-अध्यक्ष जिला टास्क फोर्स एस.ए. मुरूगेशन की अध्यक्षता में विकासभवन सभागार में आगामी 2 जुलाई से जनपद में चलाये जाने वाले पल्स पोलियो अभियान तथा सितम्बर माह से जनपद में खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन अभियान की तैयारियों तथा विभिन्न विभागों में अभियान को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय व निभाये जाने वाले दायित्वों को लेकर बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा, पंचायतराज, परिवहन, सूचना, आई.सी.डी.एस, मनोरंजनकर अधिकारी एवं स्वयं सेवी संस्थाओं को अपने-2 तरीके से पल्स पोलियो कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार तथा दिये गये दायित्वों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होने पूर्व के अभियान के दौरान महसूस की गयी कठिनाईयों को साझा करते हुए उनका समय रहते हुए निराकरण करने तथा विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी, मदरसा तथा अन्य प्रकार की सभी शिक्षण तथा अन्य संस्थाओं का सहयोग प्राप्त करते हुए कार्यक्रम को व्यापक रूप से सफल बनाने के निर्देश दिये।

बैठक के दौरान खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन कार्यक्रम को आगामी सितम्बर माह से जनपद में शुरू करने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, जिला स्तरीय विभिन्न विभागों, मदरसा बोर्ड, अल्प संख्यक समाज के प्रतिनिधियों तथा सम्बन्धित सरकारी/गैर सरकारी संस्थाओं के साथ अभियान का पब्लिक डोमेन में  व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सभी प्रकार के मानवीय तथा तकनीकि संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग से कम से कम 95 प्रतिशत् वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की गयी। इस दौरान डब्लू. एच.ओ, यूनिसेफ तथा जिला टीकाकरण कार्यालय के अधिकारियों ने प्रजैंटेशन के माध्यम से खसरा रूबेला वैक्सीनेशन के विभिन्न विबन्दुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बैठक में अल्पसंख्यक वर्ग, मदरसा बोर्ड के सदस्यों ने पल्स पोलियो अभियान तथ खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन अभियान में हर प्रकार की भागीदारी तथा पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कुछ महत्वपूर्ण विभागों के अनुपस्थिति के चलते पल्स पोलियो अभियान तथा खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन अभियान को सुचारू रूप से चलाने तथा सभी विभागों का समन्वय प्राप्त करने के लिए 27 अथवा 28 जून को पुन: जिला टास्कफोर्स की बैठक जिला टीकाकरण डॉ उत्तम सिंह चैहान को आयोजित करने के निर्देश दिये, साथ ही उन्होने अनुपस्थित रहे विभागों को चेतावनी जारी करते हुए आगामी बैठक में अनिवार्य रूप से पूरी तैयारी से प्रतिभाग करने के भी निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार पाण्डेय, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ विकास शर्मा, यूनिसेफ के डॉ फरदीन खान सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

घर में घुसा पांच फुट लंबा जहरीला सांप

देहरादून। वन विभाग ने बुधवार को सहस्त्रधारा रोड स्थित राजेश्वर कालोनी से पांच फुट लंबा जहरीला सांप पकड़ा। वन विभाग ने सांप को पकडक़र राजाजी के जंगल में छोड़ दिया है। इसके साथ ही लोगों से अपील की है कि सांप दिखने पर उसके साथ छेड़छाड़ ना करें। बुधवार सुबह एमआर चतुर्वेदी के घर में जहरीला रूसेल वाइपर नाम का सांप घुस गया। सांप देखकर घर के सभी सदस्य बाहर आ गए।

जबकि एमआर चतुर्वेदी ने इसकी सूचना 108 को दी। 108 ने सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद वन विभाग की टीम रवि जोशी के नेतृत्व में सांप पकडऩे के लिए मौके पर गई। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सांप को पकड़ा। टीम प्रभारी रवि जोशी ने बताया कि सांप रुसेल वाइपर है। जो बहुत जहरीला होता है। उन्होंने बताया कि सांप को पकडक़र राजाजी के जंगल में छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि उनके साथ नितिन क्षेत्री, आनंद मधवाल भी शामिल थे।

गोर्खा मोर्चा पार्टी ने गोखालेंड का किया समर्थन

देहरादून। अखिल भारतीय राष्ट्रीय गोर्खा मोर्चा पार्टी उत्तराखंड ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नसीहत देते हुए कहा है कि वह अपने राज्य में गोर्खा समाज पर जबरन बंगाली भाषा को न थोपे। अन्यथा इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। गोर्खा मोर्चा पार्टी ने इस बाबत बुधवार को कौलागढ़ के केनाल रोड़ स्थित स्थानीय कार्यालय में बैठक का आयोजन किया। जिसमें गोर्खालेंड को लेकर भी चर्चा की गई।

 

साथ ही बंगाल में गोर्खालेंड को अपना समर्थन दिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन जेबी कार्की ने कहा कि बंगाल सरकार गोर्खा समाज का उत्पीडऩ कर रही है। इससे पूर्व बैठक में मोर्चा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तम क्षेत्री, बीके बराल, ऊमा उपाध्याय,कैप्टन बीएस थापा, कैप्टन बीएस कारगी, शक्ति गुरुंग, भगवान सिंह थापा, केके राय, मंजू कार्की आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री के प्रयासों से विश्वभर में पुनस्र्थापित हुआ योग: राज्यपाल

देहरादून। तृतीय ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर राजभवन में प्रात: साढ़े छ: बजे से योग क्रियाओं/आसनों का अभ्यास शुरू हुआ। राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल तथा सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन सहित राजभवन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग प्रशिक्षकों के सानिध्य में विभिन्न यौगिक क्रियायें और आसन किये। योगाभ्यास के बाद राज्यपाल ने राज्य के सभी नागरिकों को योग दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें गर्व है कि ‘देवभूमि उत्तराखण्ड’ से शुरू हुई योग की मुहिम आज अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गयी जिसका श्रेय हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है। सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग और स्वस्थ जीवन जीने की  कला योग आज प्रधानमंत्री के प्रयासों से फिर से विश्व में पुर्नस्थापित हो रही है। ‘योग’ पूरे विश्व को भारत द्वारा दिया गया ‘अमूल्य उपहार है।

हमें संकल्प लेना है कि अपनी इस विशिष्टता को अक्षुण्ण रखने के लिए योग को स्वयं अपनाकर योग में निहित विश्व शान्ति, स्वास्थ्य और प्रेम की भावना का संचार योग का प्रसार कर करेंगे। उन्होंने कहा कि योग आसन व्यक्ति की दिनचर्या को संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिसे व्यक्ति मानसिक और शाररिक रूप से स्वस्थ और एकाग्र बनाता है। उल्लेखनीय है कि राजभवन में विगत 12 जून से ही सभी कर्मियों को देव संस्कृति विश्वविद्यालय,ऋषिकेश-हरिद्वार के प्रशिक्षकों द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं/आसनों का अभ्यास कराया जा रहा था। आज योग दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राजभवन कर्मियों को योग क्रिया कराने के बाद योग विद्या में निपुण इन प्रशिक्षार्थियों द्वारा योग के विभिन्न आसनों का अद्भुत प्रदर्शन भी किया गया। प्रस्तुतियों से अभिभूत होकर राज्यपाल ने इन सभी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये।

राज्यपाल को भेंट की आत्मदीप बने पुस्तक

देहरादून। ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर, सहायक निदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव ने स्व लिखित पुस्तक ‘आत्मदीप बने’ (बी योर ऑन लाइट) राज्यपाल डॉ0 कृष्ण कांत पाल को भेंट की। पुस्तक के बारे में बताते हुए मनोज ने बताया कि प्रभात प्रकाशन नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक आधुनिक जीवन में आने वाली समस्याओं के समाधान में बहुपयोगी है।

इस पुस्तक में बौद्घिक संतुलन के आयाम, विचारों के आकर्षण सिद्घांत, कार्मिक अकांउट, क्रोध, माफी, पूर्वाग्रह, विश्वास की मान्यता, बच्चों की परवरिश, खुशी-शान्ति, सफलता-कम्प्टीशन, स्ट्रेस , वैल्यू-मूल्य, इनर ब्यूटी, अध्यात्म के विभिन्न आयाम के अनुक्रम में विषय वस्तु को प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक इन सभी समस्याओं के समाधान एवं तनाव प्रबन्धन के क्षेत्र में कारगर साबित होगी। यह मुख्यत: योग-मेडिटेशन के रूप में सकारात्मक विचार पर आधारित प्रेरक(मोटिवेशनल) पुस्तक है। इससे पूर्व भी मनोज श्रीवास्तव ने अपनी पहली पुस्तक ‘मेडिटेशन के नवीन आयाम’ पिछले वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्यपाल डॉ0 कृष्ण कांत पाल को भेंट की थी।

मैदान से लेकर पहाड़ तक योगमयी हुई उत्तराखंड की भूमि

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुबह-सुबह पड़ी बारिश की बौछारें भी उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर योगासन करने जुटे लोगों के उत्साह को ठंडा नहीं कर पाईं। बुधवार सुबह देवभूमि का नजारा देखने लायक था। समूचे पहाड़ से लेकर मैदान तक उत्तराखंड की धरती योगमयी हो गई। शहरों, कस्बों और गांव तक योग शिविर आयोजित किए गए। इनमें हजारों लोगों ने भाग लिया। योग दिवस के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चारों धामों, गंगोत्री, यमुनोत्री, बदीरनाथ और केदारनाथ में भी लोगों ने योगाभ्यास किया। वहीं नैनीताल स्थित नैनीझील में भी छात्र योग करते देखे गए। नेता, मंत्री, जनप्रतिनिधि, आम व्यक्ति, छात्र, बच्चे, बुजुर्ग, महिला आदि ने योग शिविरों में शिरकत की।  देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विश्वभर में जब आज लोग योग कर रहे होंगे, लेकिन भारत की उस भूमि का ख्याल भी उनके जहन में होगा जहां से योग की उत्पत्ति हुई।  उन्होंने कहा कि योग शारीरिक ही नहीं व्यक्ति को मन से भी स्वस्थ रखता है।

ये ईश्वर तक पहुंचने का भी मार्ग है। आयुष मंत्री डा हरक सिंह रावत हजारों वर्ष पहले हमारे श्रषि मुनियों ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया को स्वस्थ जीवन का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक विश्वव्यापी अभियान का रूप दिया।उन्होंने स्वस्थ व स्वच्छ उत्तराखंड का संकल्प दोहराया। रुडक़ी में विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के नेहरू स्टेडियम में भारत स्वाभिमान न्यास और पतंजलि योग समिति की ओर से योग कार्यक्रम में काफी संख्या में शहरवासी योगाभ्यास को पहुंचे। बीइजी के पवेलियन ग्राउंड में सैनिकों में भी योग के प्रति उत्साह देखने को मिला।  उत्तरकाशी में जिला प्रशासन की ओर से योग शिविर लगाया गया। जिसमें विधायक गोपाल रावत, पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण , जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव, एसपी ददन पाल सहित अधिकारियों ने भाग लिया। भाजपा की ओर जीजीआईसी उत्तरकाशी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर पालिका की ओर से पालिका सभागार में योग शिविर लगाया। जिसमें विदेशी साधको के साथ स्थानीय लोगों ने भाग लिया। आदर्श सांसद गांव बौन में योग शिविर लगाया गया। हरिद्वार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा योग भारत की प्राचीन परंपरा है। आज पूरी दुनिया योगमय हो चुकी है। यह गौरव की बात है। वहीं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा विश्व को योग भारत की देन है।

कुमाऊं के चंपावत में क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी ने दीप प्रज्ज्वलित समारोह का उद्घाटन किया। गोरल मैदान में योग शिक्षकों ने साधकों को योग क्रियाओं की जानकारी दी। योग करने  के लिए जनप्रतिनिधि, जिलास्तरीय अधिकारी, स्कूली बच्चे और तमाम  लोग सुबह से ही मैदान में जुटे रहे।  रामनगर उज्जवला योग समिति और महाविद्यालय योग विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पैठपड़ाव में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया । योग प्रशिक्षक नितिन धोमने ने योग का अभ्यास कराया। विद्यायक दीवान सिंह बिष्ट ने योग कार्यक्रम का दीप जलाकर शुभारंभ किया। अल्मोड़ा में कुमाऊं विवि के एसएसजे परिसर के सिमकनी मैदान में योग समारोह आयोजित हुआ। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने किया। उन्होंने योग दिवस की बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से आज भारत के साथ 130 देश योग दिवस मना रहे है। तन और मन को तंदरुस्त रखने के लिए योग को नियमित दिनचर्या में शामिल करना होगा।

इस मौके पर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान विशिष्ट अतिथि रहे। सुबह साढ़े छह बजे तमाम अधिकारी, कर्मचारी, वरिठ नागरिक, महिला-पुरुष, स्कूली बच्चे सैकड़ो की संख्या में सिमकनी मैदान में जुटे। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि ऋषिकेश योग की जननी है। यह समूचा क्षेत्र विश्व में योग की राजधानी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश का प्रत्येक नागरिक योग का ब्रांड एंबेसडर बने इसके लिए जरूरी है वह इस क्षेत्र की पावनता को बनाए रखने के लिए भारत स्वछता अभियान को पूर्ण रुप से सफल बनाएं। पौड़ी में  मुख्यालय के इंडोर स्टेडियम में आयोजित योग दिवस का जिला पंचायत अधयक्ष दीप्ति रावत. प्रभारी जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने दीप प्रजवलित कर शुभारंभ किया। योग प्रशिक्षक ललित कुकरेती ने योग कराया।

उत्तराखंड में खुलेगा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय

देहरादून। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय उत्तराखण्ड में खोला जायेगा। यह पहला अवसर होगा जब मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली से बाहर देश के किसी राज्य में खोला जायेगा। यह जानकारी भारत सरकार के सचिव डॉ$ के$ पी$ कृष्णन ने बुधवार को सचिवालय में भारत सरकार, राज्य सरकार एवं टाटा ट्रस्ट के अधिकारियों की कौशल विकास पर आयोजित एक बैठक में दी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने भारत सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय के लिए स्थान उपलब्ध करायेगी। इस क्षेत्रीय कार्यालय से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना सहित केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की सभी संबंधित योजनाओं को मजबूती से लागू करने में आसानी होगी।

इस बैठक में भारत सरकार के अधिकारियों के साथ ही टाटा ट्रस्ट के श्री एस$रामदुरई और स्वामी संतात्मा नंद जी, मुख्य सचिव श्री एस$रामास्वामी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में टाटा ट्रस्ट, भारत सरकार और उत्तराखण्ड के अधिकारियों के बीच में युवाओं को रोजागार पर प्रशिक्षण देकर उनको रोजगार प्रदान करने और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के विषय पर व्यापक विचार विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टाटा ट्रस्ट और उत्तराखण्ड सरकार के अधिकारियों का एक ज्वाइंट वर्किंग गु्रप बनाने के निर्देश दिए, जो कौशल विकास, रोजगार सृजन, बायोइकॉनोमी, ई-गर्वनेंस, पर्यटन आदि क्षेत्रों में राज्य के लिए एक रोड मैप तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के लिए राज्य स्तर और जिले स्तर पर स्किल डेवलपमेंट प्लान बनाये जाए।

रोजगार परक प्रशिक्षण देने के लिए टाटा गु्रप की सहयोगी संस्था टाटा स्ट्राईव द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से कुमाऊ और गढ़वाल में दो आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र खोले जायेंगे। गन्ने से कई उन्नत किस्म के बॉयो उत्पाद बनाने के लिये डोईवाला चीनी मिल को पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जायेगा। इस प्रोजेक्ट को टाटा ट्रस्ट के द्वारा दिये जाने वाले तकनीकि सहयोग से संचालित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एप्रेन्टिस प्रमोशन योजना में अधिक से अधिक लोगों को लाभ देने के लिए जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाते हुए उनका लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। इस योजना में एप्रेंटिस (प्रशिक्षु) को एप्रेंटिसशिप के रूप में प्राप्त होने वाली स्टाईपेंड का 25 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड में 146 आई$टी$आई$ में 1352 इंस्ट्रक्टर्स/फोरमैन के पद है, जिनमें कुल तैनात 581 में 261 अप्रशिक्षित है। भारत सरकार द्वारा इन अप्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स की क्षमता को बढाने के लिए तीन अथवा छ: महीने का क्रैश कोर्स चलाया जा सकता है। प्रदेश की सभी आई$टी$आई$ में 50 प्रतिशत से अधिक छात्र सिर्फ इलैक्ट्रिशियन या फिटर के कोर्सेस में रूचि लेते है। जबकि ऑटोमोबाइल और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में स्कोप बढ़ रहा है। डॉ$कृष्णन द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड के प्रत्येक आई$टी$आई$ का अध्ययन कर उसकी क्षमता वृद्घि, लैब, उपकरण और भवन जैसी अवस्थापना सुविधाओं में विकास हेतु केन्द्र सरकार 100 करोड़ खर्च करेगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा शीइा्र प्रस्ताव उपलब्ध कराया जायेगा। आईटीआई के लिए आई$आई$टी$रूडकी और पंतनगर विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों से क्षमता वृद्घि कार्यक्रम चलाया जायेगा। टाटा, आईटीसी, इण्डिया ग्लाईकोल जैसी कई बड़ी कम्पनिया उत्तराखण्ड के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ काम करने को इच्छुक है। 10 हजार लोगों के प्रशिक्षण के लिए भारत सरकार शत प्रतिशत खर्च उठा सकती है। उत्तराखण्ड के योग प्रशिक्षितों को विदेशों में रोजगार मिले इसके लिए उन्हें विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षित करने के लिए भी भारत सरकार के सहयोग से कार्यक्रम चलाए जायेंगे।

टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य की कृषि, पर्यटन, ई-गर्वनेंस आदि पर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। उनके द्वारा बताया गया कि राज्य में गन्ने से कई ’’हाई वैल्यू मॉलिक्यूल’’ तैयार किये जा सकते है, जिनसे गन्ना कृषकों की आमदनी में वृद्घि होगी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बॉयो-इकोनामी का है। इसी प्रकार उन्होंने 2022 तक उत्तराखण्ड में आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने, विद्यालयों और कॉलेजों साईबर सिक्यूरिटी की शिक्षा देने आदि पर भी प्रस्तुतीकरण दिया। अपर मुख्य सचिव रणवीर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निर्धारित करते समय मांग का आंकलन भी किया जाना चाहिए, जिससे सभी प्रशिक्षित लोगों को रोजगार मिले।

अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक कौशल(स्किल) हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य में टेलीमेडिसिन और कैंसर संस्थानों को स्थापित करने के विषय में रूचि दिखाई गई। प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सर्टिफिकेट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य होने चाहिए, जिससे प्रशिक्षित व्यक्ति की मांग बढ़ें। बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने टाटा गु्रप द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में विकसित आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन करने वाले सिमुलेटर्स का अवलोकन भी किया।

नशे के साथ दबोचे छात्र

पौड़ी। पौडी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नशा तस्करों व अपराधियों के खिलाफ जनपद में ऑपरेशन छेड रखा है और एएसपी पौडी को नशा तस्करों पर नकेल लगाने के लिए मैदान में उतारा हुआ है जिनके निर्देशन पर लक्ष्मण झूला पुलिस ने दो छात्रों को दबोच कर उनके कब्जे से चरस व गांजा बरामद किया।
एसएसपी जगत राम जोशी ने एएसपी मंजूनाथ को अपरााियों व नशा तस्करों के खिलाफ ऑपरेशन छेडने के लिए मैदान में उतारा है।

बताया जा रहा है कि एएसपी के नेतृत्व में लक्ष्मण झूला थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ जब दोबाटा तिराह नीलकंठ रोड पर चैकिंग कर रहे थे तो शक के आधार पर दो युवकों को रोक कर उनकी तलाशी ली तो बागपत निवासी जयदीप सिंह के पास से 72 ग्राम चरस व कुक्कु कुमार के पास से एक किलो 454 ग्राम गांझा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार जयदीप सिंह बीएससी का छात्र है और कुक्कु बीए कर रहा है। पुलिस इनके अपराधिक इतिहास का पता लगा रही है। एएसपी मंजूनाथ ने बताया कि छात्र अंग्रेजों व कावंडियों को यह मादक पदार्थ बेचने के लिए लक्ष्मण झूला आये हुए थे और वह इस नशे को बेचने के लिए जा ही रहे थे कि पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

छात्रों ने ऑटोनॉमस कॉलेज के प्राचार्य को घेरा

 ऋषिकेश। ऑटोनॉमस कॉलेज के छात्रों ने ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर प्राचार्य का घेराव किया। छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से उन्हें परेशानी आ रही है। प्राचार्य ने छात्रों की सुविधा को हेल्पलाइन खोलने का भरोसा दिया, लेकिन ऑनलाइन से ही प्रवेश किए जाने की बात कही।बुधवार को छात्र ऑटोनॉमस कॉलेज पहुंचे और प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी का घेराव किया। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों को परेशानी आ रही है। कहा ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क की बड़ी समस्या है।

इस लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन प्रवेश भी किए जाएं। प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने छात्रों की सुविधा को हेल्प लाइन सुविधा खोलने की बात कही, ताकि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में आर रही परेशानी दूर की जा सके। प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज हित में जो होगा वह उसे करेंगे।इस मौके पर नितिन सक्सेना, विवेक शर्मा, गौरव राणा, सौरव वर्मा, अमित पंवार, अमन शर्मा, विजय जुगरान, संजय प्रजापति, रुचि, हर्ष कुमार, विजेन्द्र कुमार, शिवम भंडारी, विपिन कुमार, शुभम शर्मा आदि उपस्थित थे।

अस्पताल को पीपीपी मोड में देने का विरोध

ऋषिकेश।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर क्षेत्रवासियों को धरना बुधवार को नौवे दिन भी जारी रहा। धरने को समर्थन देने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष कापड़ी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र के सरकारी अस्पताल को निजी संस्थान को सौंपा गया तो प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र के अस्पतालों का क्या हाल होगा। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता से इस स्वास्थय केन्द्र को उच्चीकरण किए जाने का वादा किया था, जो क्षेत्रवासियों की पुरानी मांग हैं।

लेकिन इसके विपरीत मुख्यमंत्री ने इस अस्पताल को निजी संस्थान के हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली है। इस अवसर पर मनमोहन नौटियाल, कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष मनोज नौटियाल, मोहम्मद अकरम, प्रियेश वर्मा, राहुल सैनी, मनिन्दर सिंह, अनीष अहमद, राहुल सैनी, अनीष अहमद, शाहरूख, संजय सिंह, सुमित, दीपक भंडारी, राजू कैन्तुरा, महिपाल सिंह रावत, सतपाल आनन्द, भगवान सिंह सैनी, जय किशोर, विशाल जिंदल, स्वतंत्र बिष्ट, विकास आदि मौजूद थे।

यातायात व्यवस्था को लेकर गोष्ठी आयोजित

देहरादून। राजधानी देहरादून की यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस कार्यालय देहरादून में वरिष्ठ नागरिकों, दून रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों तथा स्वयंसेवकों के साथ एक गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठि के दौरान जनपद की यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस व दून रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी के द्वारा संयुक्त रुप से यातायात के नियमो के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाने की बात रखी गई। जिसके तहत प्रयोग के तौर पर सर्वप्रथम जनपद देहरादून की व्यस्ततम सडक़ों में से एक राजपुर रोड से इस अभियान की शुरुआत की बात कही गयी। गोष्ठि के दौरान सतनाम सिंह ने बताया कि यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा सर्वप्रथम यातायात साइनो व फ्लेक्स बोर्ड की सहायता से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरुक किया जाएगा, तत्पश्चात यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

अभियान के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया तथा सोशल मीडिया के जरिए लोगों को यातायात नियमों व अपने कर्तव्यों के प्रति जागरुक किया जाएगा। इसके लिए जनपद के समस्त स्कूलों, मॉलों, सिनेमाघरों में यातायात नियमों के संबंध में बनाई गई डॉक्यूमेंटरी फिल्मों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाएगा। गोष्ठि के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा बताया गया कि जनपद देहरादून में पूर्व में प्रचलित सर्वोदय अभियान के तहत जनपद पुलिस द्वारा समय समय पर स्कूल कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं को यातायात के नियमों के प्रति जागरुक किया जाता है।

इसके अलावा स्कूल प्रबंधन के साथ समय समय पर गोष्ठी आयोजित कर उन्हें यातायात व्यवस्था बनाये रखने हेतु जनपद पुलिस का सहयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है। उनके द्वारा बताया गया कि यातायात व्यवस्था जनपद देहरादून का एक चिंतनीय विषय है, क्योंकि प्रतिवर्ष शहर में वाहनों की संख्या में इजाफा हो रहा है परंतु सडक़ों पर स्थान सीमित है। जिसके लिए यह और भी जरूरी है की यातायात व्यवस्था में सुधार हेतु योजनाबद्ध तरीके से चरणबद्ध रूप में अभियान चलाया जाए। उक्त गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक यातायात श्री धीरेंद्र गुंज्याल, क्षेत्राधिकारी यातायात श्रीमती जया बलूनी, श्री सतनाम सिंह (पूर्व आइ0एफ0एस0 ), डॉक्टर महेश भंडारी  (अध्यक्ष, दून रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी), श्रीमती ज्योति धवन व अन्य गणमान्य व्यक्तिगण उपस्थित रहे।

सडक़ हादसे में स्कूटर सवार युवक की मौत

देहरादून। हरिद्वार बाईपास रोड पर राधास्वामी सत्संग भवन के पास  ट्रक की चपेट में आने से एक स्कूटर सवार युवक की मृत्यु हो गई । सूचना पर पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचे तथा ट्रक को कब्जे में लेकर उसके चालक चिरोंजी लाल को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में ट्रक चालक द्वारा बताया गया कि उसके ट्रक का टायर फट गया था जिस कारण ट्रक अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे स्कूटी से टकरा गया।

स्कूटी सवार युवक के संबंध में आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई। उक्त स्कूटी से महेश कुमार पुत्र राम विशेष निवासी 5 शाह नगर देहरादून के नाम की आर0सी0 बरामद हुई है। युवक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम हेतु दून अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया है।

एफआरआई में भी मनाया गया योग दिवस

देहरादून। वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में ऑफीसर क्लब, वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में योग विशेषज्ञ$ योगाचार्य प्रेम प्रभू व डा0 मीना के पर्यवेक्षण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद्, डा0 सुरेश चंद गैरोला, निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान, डा0 सविता एवं  समस्त अधिकारियों, वैज्ञानिकों, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद्/वन अनुसंधान संस्थान के कर्मचारियों व उनके परिवार के सदस्यों ने इस योग कार्यक्रम में भाग लिया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विश्व योग दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 11 दिसम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। भारत में योग लगभग 5000 वर्ष पूर्व से शारिरिक, मानसिक व आध्यात्मिक कार्यों हेतु महत्वपूर्ण समझा जाता है। भारत में प्राचाीन समय में योग की उत्पत्ति हुई थी, तब लोग अपनी शरीर एवं मष्तिष्क का रूपांतरण करने के लिए ध्यान करते थे। सभी मानव जाति के लिए योग बहुत आवश्यक व लाभप्रद है, यदि इसे सभी नियमित रूप से  प्रात:काल अभ्यास करते हैं।

इस दिवस का राजकीय नाम यू0एन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है और इसेयोग दिवस भी कहते हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समस्त विश्व में आम लोगों के मध्य योग के फायदों के बारे में जागरूकता बढाने के कार्यकलापों जैसे योग प्रशिक्षण कैम्पस, योग प्रतियोगिताओं एवं अनेकों क्रियाकलापों के आयोजन कर मनाया जाता है। यह लोगों को यह जानकारी देने के लिए मनाया जाता है कि नियमित योगाभ्यास से उत्तम शारीरिक, मानसिक व बौद्विक लाभ मिलता है। यह लोगों की जीवन शैली को सकारात्मक परिवर्तन लाती है और अच्छे स्वास्थय के स्तर में वृद्वि करती है।

विश्व योग दिवस का उदे्श्य लोगों को योग के आश्चर्य व प्राकृतिक फायदों की जानकारी देना, योगाभ्यास के द्वारा लोगों  की प्रकृति से जोडना, योग के द्वारा लोगों को ध्यान की आदत डलवाना, योग के पवित्र फायदों की ओर समस्त विष्व के लोगों का ध्यान खींचना, समस्त विश्व में स्वास्थ्य विरोधी बीमारियों की दर में कमी लाना, व्यस्त जीवन से स्वास्थय के लिए एक दिन साथ-साथ बिताने हेतु समुदायों को अधिक समीप लाना, बुद्वि विकास बढाना और समस्त विश्व में शांति फैलाना, अस्वास्थयकर कृत्यों से बचाव और उत्तम स्वास्थय हेतु अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन व आदर देना, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थय के  उच्चतम स्तर पर पूर्ण आनंद उठाने के लिए लोगों को उनके अच्छे स्वास्थय व स्वस्थ जीवनशैली के अधिकारी के बारे में बताना, नियमित योगाभ्यास से स्वास्थय की समस्त चुनौतियों पर विजय पाना, योगाभ्यास से लोगों के उत्तम मानसिक व शारिरिक स्वास्थय को प्रोत्साहन देना है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से लोगों में आई जागरूकता

देहरादून। मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा सितम्बर 2013 से चलाये जा रहे बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान से लोगों में जागरूकता आई है। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष मधु जैन ने बताया कि इस अभियान ने उत्तराखंड में ही नहीं अपितु हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश में भी यह अभियान चलाया गया और कन्या भ्रूण हत्या और बेटी बचाओ अभियान पर संगठन ने बढचढकर काम किया जिसके अंतर्गत लगभग चार वर्षों में तीन हजार बालिकाओं को लेखन सामग्री, ड्रेस, जूते, जुराब, स्कूल बेग आदि वितरित किये गये और इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया गया।

उनका कहना है कि संस्था द्वारा लगभग पांच सौ से ऊपर इस विषय पर कार्यक्रम किये जा चुके है और संस्था द्वारा लगभग पांच हजार परिवारों को संकल्प पत्र के माध्यम से भी जागरूक किया गया है जिसमें बेटा बेटी में कोई भी  फर्क न करने की भेदभाव न करने की बेटी के जनम पर अपने परिवार को भी प्रसन्न एवं स्वस्थ मानसिकता के साथ बेटी को सुश्क्षिित करने का संकल्प दिलाया गया। उनका कहना है कि कन्या भ्रूण हत्या करने वाले व्यक्ति व उसके परिवार का सामजिक बहिष्कार करेगा, यह संस्था महिला सशक्तिकरण के लिए सर्वदा कार्य करती रहेगी। उनका कहना है क भविष्य में भी इस मुहिम को जारी रखा जायेगा, जिसका परिणाम हिमाचल लिंगानुपात के सुधार को लेकर प्रथम स्थान पर और उत्तराखंड चौथे स्थान पर रहा है।

 संगठन ने भारत के प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने संगठन द्वारा इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया। बेटी बचाओ बेटी पढाओ जागरूकता अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्या को काफी हद तक दूर करने की कोशिश की है और सभी 21 राज्यों को पछाडा, जिसमें 2011 की जनगणना के बाद पांच साल में लिंगानुपात पांच प्रशित बढा परन्तु शहरों में अब भी सुधार की बहुत आवश्यकता है। उत्तराखंड में लिंगानुपात के सुधार के हिसाब से शहरों में और अधिक जागरूकता की जरूरत है। शहरों में अब भी एक हजार पुरूषों पर महज 921 महिलायें है, अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकडा 1070 है। सरकारी अस्पतालों में केवल तीस प्रतिशत महिलायें ही गर्भावस्था के दौरान जरूरी जांच करवा पाती है। लिंगानुपात बढने में व बेटियों को बचाने, उनकको पढाने में हर स्तर पर प्रयास करने चाहिए। संस्था इस अभियान के माध्यम से अन्य प्रदेशों में भी बेटी बचाओ बेटी पढाओ जागरूकता अभियान चलायेगी।

एससी-एसटी उपयोजना के बजट में 27 फीसद कटौती

देहरादून। केंद्र की भाजपा नीत सरकार बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना कर खुद को दलितों का पैरोकार साबित करने में जुटी है, वहीं उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) और अनुसूचित जनजाति उपयोजना (टीएसपी) के बजट में पिछली  हरीश रावत सरकार के बजट प्रावधान के मुकाबले करीब 27 फीसद की कटौती कर दी है।

समाज कल्याण विभाग के एससी-एसटी नियोजन प्रकोष्ठ के बजट आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ है कि एससीएसपी के तहत 2016-17 में 1566$34 करोड़ का प्रावधान था जो कि अब घटाकर 1120$51 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी तरह टीएसपी के तहत 2016-17 में 462$43 करोड़ का प्रावधान था जो कि 2017-18 के लिए घटाकर 367$06 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हालांकि इस बार सरकार बजट का आकार घटाने के पीछे पिछली सरकार के कम खर्च को भी एक वजह बता रही है लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष की बात करें तो एससीएसपी और टीएसपी के तहत बजट प्राविधान के विपरीत कुल 1143$60 करोड़ रुपये यानी बजट प्रावधान की कुल 56$4 प्रतिशत धनराशि ही जारी हुई और खर्च हुए 873$40 करोड़ रुपये जो कि जारी धनराशि का करीब 76$4 फीसदी है।

 अलग-अलग देखें तो नई सरकार की ओर से अनुसूचित जाति उपयोजना में 28$46 फीसद तो अनुसूचित जनजाति उपयोजना के बजट में 20$62 फीसद की कटौती की गई है। बता दें कि प्रदेश में एससीएसपी और टीएसपी का काम 2004-05 से नियोजन विभाग से समाज कल्याण विभाग को दे दिया गया था। इसके पहले एससीएसपी और टीएसपी के तहत मात्राकरण की धारणा प्रचलित थी, जिससे जनसंख्या के अनुपात में अधिकांश विभाग अधिकांश मात्रात धनराशि को एससीएसपी और टीएसपी केतहत उपलब्धि के रूप में दिखा देते थे जबकि बहुत सी योजनाओं का लाभ एससी व एसटी को नहीं मिल पाता था। प्रदेश सरकार ने इन उपयोजनाओं के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति बहुल इलाकों में उनके उत्थान के लिए विभिन्न विभागों द्वारा विकास योजनाएं चलाई जाती हैं। एससीएसपी और टीएसपी के तहत पिछली सरकार ने 2016-17 के लिए 2028$77 करोड़ रुपये का प्राविधान किया था, मगर नई सरकार ने 2017-18 के लिए महज 1487$57 करोड़ रुपये का ही प्राविधान किया है। यह राशि पिछले बजट प्राविधान के मुकाबले 26$68 फीसद के करीब कम है।

राज्य के 35 विभाग एससी व एसटी जातियों के लिए विभागीय स्तर पर पेयजल, विद्युतीकरण, पुष्टाहार, स्वास्य, शिक्षा, संपर्क मार्ग के साथ साथ आय बढ़ाने वाली षि बागवानी, मत्स्य व डेयरी योजनाएं भी चलाते हैं। इसी तरह ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, नगरीय विकास विभाग भी एससी एसटी और टीएसपी के तहत विभिन्न योजनाएं चलाते हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के वक्त अनुसूचित जाति उपयोजना के मुकाबले अनुसूचित जनजाति उपयोजना में बेहतर खर्च हुआ है।

पिछले वित्तीय वर्ष में तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने एससीएसपी के बजट प्राविधान का 54$9 प्रतिशत  859$89 करोड़ रुपये जारी किए जबकि इसके मुकाबले 646$10 करोड़ रुपये यानी 75$14 फीसद खर्च किया। वहीं टीएसपी के तहत 2016-17 में बजट प्रावधान के मुकाबले 61$35 प्रतिशत यानी 283$71 करोड़ रुपये जारी किए गए, वहीं 82$12 फीसद  227$30 करोड़ रुपये खर्च हुए है। प्रदेश सरकार आखिर किस प्रकार से एस सी, एसटी व पिछडे वर्ग के छात्र छात्राओं व लोगों को लाभ पहुंचायेगी यह भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है।

भारत विकास परिषद ने आयोजित की योग कार्यशाला

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारत विकास परिषद क्लेमेनटाउन शाखा ने क्षेत्रीय संस्था लोकहित सेवा समिति के सहयोग से दो घंटे तक एक योग कार्यशाला आयोजन किया गया।

आर्य समाज मंदिर सुभाषनगर के प्रांगण में आयोजित इस कार्यशाला में परिषद की किरन दीप कौर, मोना ने उपस्थित लोगों को योग के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की और विभिन्न आसन एवं प्राणायाम सिखाये और करवाये। इस अवसर पर किरन दीप कौर एवं मोना दोनों ने योग सिखाये और इस कार्यशाला में क्षेत्र के सवा सौ लोगों ने प्रतिभाग किया और योग के गुर सीखे।

आठ सौ साधकों ने गाँधी पार्क में किया सामूहिक योग

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योग साधना हुई जिसमें लगभग 800 साधकों ने भाग लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राजपुर विधायक खजान दास ने की और विशिष्ट अतिथि के रूप म धर्म वीर सिंह सैनी प्रधान उत्तराखंड मंचासीन रहे।

यहां गांधी पार्क में इस अवसर पर प्रांतीय सचिव उत्तराखंड राोश्याम जोशी ने  मुख्य और विशिष्ट अतिथि को  पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और अंत में संस्थान का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। जोशी द्वारा योग से स्वस्थ रहने की सभी प्रेरणा दी गयी। अन्य गणमान्य पदाधिकारियों में हरप्रीत कालरा, अशोक कालरा, ओम प्रकाश, मोहन लाल विरमानी, सुधीर वर्मा, विजय शर्मा, अनिल वर्मा इत्यादि मौजूद रहे। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी शशि कान्त दूबे द्वारा लगभग 200 डील ईंप्लाईज को और मोहन लाल और अशोक कालरा  द्वारा किड्डी लैंड स्कूल में योगाभ्यास करवाया गया।

साहित्यकार सांसद डा. निशंक 23 जून को जापान में होंगे सम्मानित

देहरादून। सुप्रसिद्घ साहित्यकार, उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को हिन्दी साहित्य में अद्वितीय योगदान एवं मानवता की उत्कृष्ट सेवा हेतु जापान में सम्मानित किया जायेगा। डॉ0 निशंक को जापान के दायतो बांका विश्वविद्यालय के हिगाशीमातसुयामा परिसर में आगामी 23 जून को सम्मानित किया जायेगा। वहीं विश्वविद्यालय में ‘‘भारतीय संस्कृति’ पर डॉ0 निशंक का व्याख्यान भी होगा। अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध विभाग के डॉ0 हिदाकी ईशीदा ने अपने आमंत्रण पत्र में कहा कि विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति पर आपके बहुमूल्य विचारों से लाभान्वित होगा।

दूसरी ओर जापान के औद्योगिक घरानों द्वारा सुशासन राजनीति, समाज सेवा, सार्वजनिक जीवन और जनकल्याण और उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिये टोक्यो ओसाका में उन्हें सम्मानित किया जायेगा। दायशिन समूह के प्रमुख श्री यामाशीता ने अपने आमंत्रण पत्र में कहा है कि आपके वृहद अनुभव के दृष्टिगत हिमालय, पर्यावरण और जीविका उपार्जन सम्बंधी मसलों पर सम्मानोपरान्त हम आपसे चर्चा भी करना चाहेंगे।

ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व डॉ0 निशंक को उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए मॉरीशस के तत्कालीन राष्ट्रपति सर अनिरूद्घ जगन्नाथ द्वारा मॉरीशस राष्ट्र के सर्वोच्च सम्मान ‘मॉरीशस सम्मान’ एवं अप्रवासी भारतीय उद्योपतियों के संगठन ग्लोबल आर्गेनाइजेशन ऑफ इण्डियन ऑरिजन (गोपियो) द्वारा ‘अन्तर्राष्ट्रीय असाधारण उपलब्धि सम्मान’ प्रदान किया जा चुका है। युगाण्डा के प्रधानमंत्री रूहुकाना रूगांडा द्वारा ‘मानवीय शिखर’ सम्मान एवं नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड द्वारा नेपाल राष्ट्र के सम्मान ‘हिमाल सम्मान’ से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ0 निशंक द्वारा कविता, कहानी, उपन्यास, पर्यटन, बाल साहित्य सहित हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं पर लगभग 05 दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

परिवार नियोजन के मोर्चे पर सामने आई ढील

देहरादून। हिमाचल प्रदेश की ही तरह उत्तराखंड में भी परिवार नियोजन के मोर्चे पर ढिलाई की खबर है। ताजा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 ,जो केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन से अधिकृत इंटरनेशनल इंस्टीटयूट फॉर पोपुलेशन साईंस,मुंबई से कराया गया था, के अनुसार 15 से 49 वर्ष की विवाहित महिलाओंं मेंंं गर्भ निरोधक उपायोंं के उपयोग मेंंं 2005 से 2016 के बीच छह प्रतिशत की कमी आई है । पुरूष व महिलाओंं मेंंं इस अवधि मेंं नसबंदी आपरेशनों में भी भारी कमी आई है।

अवधि से पहले पुरूष नसबंदी जहां एक दशमलव आठ थी वह गिरकर दशमलव सात रह गई है जबकि महिलाओं में भी यह प्रतिशत 32 दशमलव 2 से गिरकर 27 दशमलव 4 ही रह गया है। अलबत्ता इस बीच कंडोम का उपयोग एक प्रतिशत जरूर बढा है। प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक डाक्टर डी एस रावत स्वीकार करते हैं कि राष्ट्रीय योजनाओं के अन्य अंगोंं की तरह विभाग की प्राथमिकताओं में वास्तव में अब परिवार नियोजन के आपरेशन नही रह पाये हैं और अब से हम परिवार नियोजन के उपलब्ध विभिन्न साधनों व उपायों के प्रचार-प्रसार तथा जागरूकता को अपनी प्राथमिकताओं में लायेंगेंं।

उच्च न्यायालय ने सचिव शिक्षा से मांगी सफाई

देहरादून। उच्च न्यायालय नैनीताल की खंडपीठ ने सचिव शिक्षा से कल 22 जून को अपने पूर्व के प्राथमिक स्कूलोंं मेंंंं आवश्यक अवस्थापना संबंधी निर्देशोंं का परिपालन न होने पर सफाई मांगी है। देहरादून के दीपक राणा की जनहित याचिका पर 26 नवंबर 2016 को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति द्वय राजीव शर्मा तथा आलोक सिंह ने 10 सूत्रीय निर्देश सरकार को जारी किये थे जिनमेंं सभी पात्र विद्यार्थियों का वर्दी,कंप्यूटर,पुस्तकेंं,शौचालय सुविधा,मध्यान्ह भोजन,पेयजल आदि उपलब्ध कराने को निश्चित दिशा निर्देश तक दिये थे ।

याची के वकील ने शिकायत की थी कि सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्देशों का अभी तक पालन नही किया है और अभी बडी संख्या मेंं स्कूलोंं को फर्नीचर, पुस्तकेंं, मध्यान्ह भोजन, खंडित स्कूल भवन, शिक्षकोंं के अभाव जैसी समस्याओं से दो-चार होना पड रहा है। इस पर अप्रसन्न उच्च न्यायालय खंड पीठ ने सचिव शिक्षा को कल 22 जून को स्वयं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है।

सीएम ने किया हस्तशिल्प विकास प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हल में एकीत हस्तशिल्प विकास एवं प्रोत्साहन योजना का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के शिल्पियों को प्रोत्साहन हेतु इस योजनांतर्गत राज्य के 15 विकासखंडो के 15000 शिल्पियों को विभिन्न शिल्पों को तैयार किए जाने हेतु टूल किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, हरिद्वार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग एवं टिहरी गढ़वाल के 70 शिल्पियों को प्रतीक स्वरुप के विभिन्न शिल्पों के टूल किट उपलब्ध कराकर योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज का युवा स्वरोजगार की ओर बढ़ रहा है। स्वरोजगार के क्षेत्र में समाज को आगे बढऩा है । स्वरोजगार से हमें स्वयं को संपन्न बनाना है। आज लोग खादी को बहुत पहनते हैं। खादी को अब नया लुक दिया जा रहा है। यह अच्छा पहनावा है, साथ ही स्वास्थ्य की ²ष्टि से उत्तम पहनावा है। उन्होंने कहा कि हमें डिमांड के अनुरूप उत्पादन करना चाहिए तभी मार्केट में जगह मिलेगी। हमारी कला समाप्त होने का मुख्य कारण पढ़े लिखे लोगों का इसमें ना जुडऩा है।

हमारी खोजी प्रवृत्ति ही हमें सीखने को प्रेरित करती है। उत्पादन में नई तकनीक को जोडऩे की जरूरत है। आज दिशा देने वाले बहुत हैं। हमें रेशा उत्पादन के क्षेत्र में भी काम करना है। विभाग द्वारा विकासखंडों को शिल्पों को प्रोत्साहित किए जाने हेतु दी जाने वाली 1 लाख रुपये की राशि और बढ़ायी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिल्पियों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के स्टाल्स का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी, मदन लाल शाह, सुरेंद्र सिंह नेगी एवं प्रमुख सचिव मनीषा पंवार भी उपस्थित रहीं।

डीएवी कालेज में छात्रसंघ व एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

देहरादून। मुस्लिम कश्मीरी छात्रों को डीएवी पीजी कालेज में प्रवेश न दिये जाने की मांग को लेकर डीएवी कालेज छात्र संघ एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया और इस ममाले पर शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की। m डीएवी कालेज छात्र संघ के अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में छात्र एवं परिषद के कार्यकर्ता कालेज परिसर में इकटठा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कक्ष में पहुंचे जहां पर उन्होंने मुस्लिम कश्मीरी छात्रों को डीएवी पीजी कालेज में प्रवेश न दिये जाने की मांग को लेकर  प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया और इस ममाले पर शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की।  उनका कहना है कि महाविद्यालय में पूर्व से कश्मीरी छात्र अध्ययनरत है और यह छात्र देश विरोधी है तथा देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहते है।

दून कालेज का एक छात्र दानिश आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पकडा गया है और डीएवी महाविद्यालय के कश्मीरी छात्र भी देश विरोधी है और यह छात्र कश्मीर में किसी भी सैनिक के मारे जाने पर खुले आम खुशी का इजहार करते है और इस तरह के छात्र जो कि इस देश में रहते है, इस देश की सारी सुख सुविधायें भोग रहे है, शिक्षा इस देश में ग्रहण कर रहे है, परन्तु यह लोग खुले तौर पर पाकिस्तानी समर्थक है। इस तरह की हरकतें करना सरासर देशद्रोह की श्रेणी में आता है। कुछ समय पूर्व भी डीएवी कालेज एवं अन्य संस्थानों के छात्रों ने घंटाघर पर खुले आम देश विरोधी नारे लगाये थे।  इस तरह के छात्रों के कारण महाविद्यालय का माहौल खराब न हो इसलिए उचित कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। यदि इन सब बातों के बावजूद भी कश्मीरी छात्रों को नये सत्र में कालेज में प्रवेश दिया जाता हो छात्र संघ जिस भी हद तक जाकर इसका विरोध करेगा तथा इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी पतहर की स्थिति के लिए कालेज प्रशासन इसका पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। इस अवसर पर प्राचार्य डा$ देवेन्द्र भसीन ने उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिया। इस अवसर पर छात्र संध अध्यक्ष राहुल कुमार, अंशुल चावला, आशीष रावत, सिद्घार्थ राणा, देवेन्द्र सिंह बिष्ट, शुभम सिमल्टी सहित अनेक छात्र मौजूद थे।

महाघोटाले की सीबीआई जॉंच को लेकर मुख्य सचिव से मिला मोर्चा

देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा प्रतिनिधिमण्डल ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जी0एम0वी0एन0 ने पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में मुख्य सचिव एस0 रामास्वामी से मिलकर पन्तनगर, उद्यमसिंहनगर में टाटा मोटर्स लि0 एवं सिडकुल की सांठगांठ से हुए भूमि आबंटन में 280 करोड से अधिक के महाघोटाले की सी0बी0आई0 व उच्च स्तरीय जॉंच को लेकर ज्ञापन सौंपा। मुख्य सचिव ने प्रकरण पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिये।
नेगी ने कहा कि कि वर्ष 2006 में शासन ने टाटा मोटर्स को पन्तनगर, उद्यमसिंह नगर में 975$44 एकड भूमि मोटर वाहन, कार इत्यादि के निर्माण के लिए आबंटित की थी, जिसका मूल्य 125/- वर्गमीटर तय किया गया था, जबकि उस वक्त भूमि का मूल्य 700/-रू0 प्रति वर्गमीटर था। उस वक्त टाटा मोटर्स को विशेष रियायत प्रदान की गयी थी।

उल्लेखनीय एवं महत्वपूर्ण तत्य यह है कि टाटा मोटर्स ने 08$ 03$2006 को सिडकुल को पत्र प्रेषित किया था कि उक्त कम्पनी को 45 लाख वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता है तथा इसमें टाटा मोटर्स ने मात्र इच्छा जाहिर की थी कि टाटा मोटर्स की सहायक कम्पनी (।दबपससंतपमे ² टमदकवते) को भी भूमि टाटा मोटर्स की सहमति पर सिडकुल आबंटित करें, जिस हेतु सहमति/शासनादेश (थ्वतउंस ब्वदपितउंजपवद वद जीपे नदकमतेजंदकपदह) की मांग टाटा मोटर्स ने की थी, जिसकी शासन द्वारा कोई अनुमति प्रदान नहीं की गयी थी। हैरानी की बात यह है कि शासन-सिडकुल ने टाटा मोटर्स के साथ मिलकर लगभग 14,03,208 वर्ग मीटर भूमि सहायक कम्पनियों को मात्र 125/- रू0 वर्गमीटर के हिसाब से आबंटित करा दी, जबकि उस भूमि का औद्योगिक मूल्य 17$09$2006 तक 700/-रू0 प्रति वर्गमीटर था तथा इस दौरान 8,38,626 वर्गमीटर भूमि का आबंटन किया गया। इसी प्रकार 18$09$2006 से 12$09$2007 तक 1500/-रू0 प्रति वर्गमीटर था, इस दौरान 96,498 वर्गमीटर भूमि आबंटित की गयी, इसी प्रकार 13$09$2007 से 02$07$2008 तक भूमि का मूल्य 2500/- रू0 प्रति वर्गमीटर था तथा उस दौरान 62,166 वर्गमीटर भूमि आबंटित की गयी, इसी प्रकार 03$07$2008 से आज तक उक्त भूमि का मूल्य 4501$25/- वर्गमीटर है तथा इस दौरान 4,05,918 वर्गमीटर भूमि आबंटित की गयी। इस पूरे खेल में सबने मिलकर करोडों रूपये की काली कमाई की, जिसकी वसूली टाटा मोटर्स एवं सिडकुल के अधिकारियों से होनी चाहिए, जिससे सरकार को लगभग 280 करोड का चूना लगा। उक्त के अतिरिक्त टाटा मोटर्स-सिडकुल द्वारा आबंटित भूमि के उद्योगपतियों (सहायक कम्पनियों) को बडी चालाकी से स्टाम्प शुल्क में भी छूट प्रदान की गयी, जबकि सहायक कम्पनियों को रू0 125/- प्रति वर्गमीटर का कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ था।

उक्त मामले की जॉंच हेतु कई बार आग्रह किया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। प्रतिनिधिमण्डल में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, ओ0पी0 राणा, रवि भटनागर, बागेश पुरोहित, प्रभाकर जोशी आदि शामिल रहे।

विस स्पीकर ने विधानसभा कर्मियों के साथ किया योग

 देहरादून। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड विधानसभा में विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने एक घण्टे तक योग किया। इस अवसर पर अग्रवाल ने कहा है कि योग से जह तन-मन स्वस्थ रहता है वहीं हम एक निरोग व स्वस्थ राष्ट्र निर्माण का सन्देश भी दे रहे हैं।

उत्तराखण्ड विधानसभा के सम्मेलन हल में हुए योग के कार्यक्रम के अवसर पर अग्रवाल ने कहा है कि जब तन स्वस्थ होता है तभी हमारे मन में स्वच्छ विचार भी जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा है कि विधानसभा एक परिवार है और इस परिवार के मुखिया होने के नाते मेरा कतव्र्य है कि यहां का प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी स्वस्थ रहकर सकारात्मक सोच के साथ राज्य के विकास के लिए कार्य करे। 

अग्रवाल ने कहा है कि स्वस्थ भारत निर्माण के लिए योग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक दिन योग करने से कुछ नहीं होगा परन्तु आज अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के दिन संकल्प लें कि हम नियमित रूप से स्वस्थ समाज निर्माण के लिए हम स्वयं भी स्वस्थ रहेंगे। अग्रवाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड वैसे भी संस्कृत एवं आध्यात्म की धरती रही है इसलिए योग की गंगा सम्पूर्ण भारत वर्ष में उत्तराखण्ड से होकर ही गुजर रही है। इस अवसर पर सचिव विधान सभा जगदीश चन्द्र, एलएमएस पीजी कलेज, ऋषिकेश के योग विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक सुरेन्द्र रयाल आदि सहित विधानसभा के अध्ािकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सचिवालय में अफसरों के बंपर तबादले

देहरादून।  लंबे इंतजार के बाद सरकार ने सचिवालय में बड़ा फेरबदल कर दिया। बड़ी संख्या में संयुक्त सचिव, उप सचिव, अनुसचिव, अनुभाग अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। 97 समीक्षा अधिकारी और 16 सहायक समीक्षा अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि तबादला लिस्ट जारी होने के साथ ही विरेाध भी शुरू हो गया है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि कई तबादले नियम विरुद्ध किए गए हैं। सालों से मलाईदार विभागों में जमे लोगों को एक साल बाद दोबारा वहीं वापसी कर दी गई। जबकि तय हुआ था पांच साल तक किसी की भी पुराने विभाग में वापसी नहीं होगी। इसके बाद भी मनमाफिक तबादले हुए। इसका विरोध होगा। संयुक्त सचिव रमेश कुमार को नियोजन, गृह विभाग के साथ उद्यान की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। उनसे आपदा प्रबंधन विभाग व कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग हटा लिया गया है।

राजेंद्र सिंह कृषि के साथ ही आवास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनसे आयुष, आयुष शिक्षा हटाया गया। अतर सिंह से कार्मिक, सतर्कता, स्वास्थ्य हटाते हुए सचिवालय प्रशासन दिया गया। गरिमा रौंकली को पर्यटन के साथ स्वास्थ्य व खनन देते हुए वित्त हटा दिया गया। मायावती ढकरियाल पशुपालन के साथ समाज कल्याण की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। उनसे महिला सशक्तिकरण, भेड़ बकरी पालन, चारागाह विकास हटाया गया। मदनमोहन सेमवाल से राज्य संपत्ति व वित्त हटाते हुए आयुष, आयुष शिक्षा, उच्च शिक्षा दिया गया। राजेंद्र सिंह तोमर को खाद्य नागरिक आपूर्ति, वन एवं पर्यावरण के साथ अल्पसंख्यक विभाग दिया गया। वेदीराम को तकनीकी शिक्षा के साथ वित्त, लक्ष्मण सिंह से खेल, युवा कल्याण, उच्च शिक्षा, समाज कल्याण हटाते हुए महिला सशक्तिकरण, राज्य संपत्ति दिया गया। ओमकार सिंह को गोपन के साथ सिंचाई, लघु सिंचाई की अतिरिक्त जिम्मेदार देते हुए शहरी विकास, जलागम प्रबंधन हटाया गया। वीरेंद्र पाल सिंह को पंचायतीराज, आईटी के साथ वित्त दिया गया। कविंद्र सिंह को ऊर्जा, सामान्य प्रशासन के साथ माध्यमिक शिक्षा दिया गया। महावीर सिंह चौहान को सचिवालय प्रशासन के साथ पेयजल देते हुए राजस्व विभाग हटाया गया। उप सचिव सुनील सिंह को सचिवालय प्रशासन, पुनर्गठन देते हुए सहकारिता, गन्ना विकास, चीनी, तकनीकी शिक्षा हटाया गया। महिमा को माध्यमिक शिक्षा के साथ ग्राम्य विकास की अतिरिक्त जिम्मेदारी देते हएु स्वास्थ्य का जिम्मा हटाया गया।

सुरेंद्र सिंह रावत को पेयजल, चिकित्सा विभाग देते हुए सचिवालय प्रशासन, आबकारी, आवास हटाया गया। जयलाल शर्मा को राज्य संपत्ति, महिला सशक्तिकरण देते हुए ग्राम्य विकास, पंचायतीराज विभाग हटाए गए। सोमपाल को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के साथ आवास देते हुए ग्राम्य तालाब विकास, पिछड़ा क्षेत्र विकास हटाया गया। महावीर सिंह से पेयजल वापस लेते हुए अब उनके पास सिर्फ पेयजल की जिम्मेदारी है। प्रेम सिंह बिष्ट को वित्त देते हुए सिंचाई, पुनर्गठन हटाया गया। अरविंद सिंह पांगती से लोनिवि हटाते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य, राजेंद्र सिंह पतियाल को औद्योगिक विकास के साथ आपदा प्रबंधन, डीएमएस राणा को शहरी विकास के साथ आबकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी, देव सिंह को जलागम के साथ सामान्य प्रशासन, गोकुलानंद पंत को श्रम सेवायोजन के साथ पंचायतीराज, प्रकाश चंद्र जोशी को गोपन के साथ ऊर्जा देते हुए महिला सशक्तिकरण, परिवहन वापस लिया गया। रणजीत सिंह को गृह के साथ सिंचाई का अतिरिक्त जिम्मा देते हुए पेयजल हटाया गया। भूपेंद्र सिंह बोरा को कृषि के साथ सहकारिता का अतिरिक्त जिम्मा, केवलानंद उपाध्याय को सचिवालय प्रशासन के साथ पर्यटन का अतिरिक्त जिम्मा दिया गया। परिवहन, नागरिक उड्डयन का हटाया गया। गोविंद सिंह बिष्ट को तकनीकी शिक्षा के साथ नियोजन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। अनुसचिव बिजेंद्र सिंह को माध्यमिक शिक्षा से सीएम कार्यालय, देवेंद्र सिंह नगरकोटी न्याय विभाग से भाषा, पुनर्गठन, शिवस्वरूप त्रिपाठी स्वास्थ्य से उच्च शिक्षा, मुकेश कुमार राय गृह से स्वास्थ्य, गजेंद्र कफलिया न्याय, शहरी विकास से वित्त, धीरेंद्र कुमार सिंह एमएसएमई से कृषि, अर्पण कुमार राजू को लघु सिचांई के साथ खनन की अतिरिक्त जिम्मेदारी, अनिल जोशी स्वास्थ्य से शहरी विकास, आलोक कुमार सिंह राजस्व से वन एवं पर्यावरण, अनिल कुमार पांडे से उच्च शिक्षा हटा लिया गया है। अब सिर्फ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति का जिम्मा रहेगा।

अजीत सिंह से सुराज भ्रष्टाचार हटाया गया। अब सिर्फ सतर्कता व गोपन का ही जिम्मा शेष है। विवेक कुमार जैन को वन एवं पर्यावरण से सचिवालय प्रशासन, श्रीप्रकाश तिवारी को माध्यमिक शिक्षा से वित्त, अखिलेश मिश्रा को वन पर्यावरण से गृह, रीता क्वीरा वित्त से आपदा प्रबंधन, दीप्ति मिश्रा को सैनिक कल्याण के अतिरिक्त युवा कल्याण का जिम्मा, कृष्ण कुमार शुक्ला वित्त से माध्यमिक शिक्षा, प्रदीप कुमार शुक्ला आपदा प्रबंधन से आबकारी, शिव शंकर मिश्रा से सूचना हटाया गया। उन पर अब सिर्फ स्वास्थ्य का जिम्मा रहेगा। रजनीश जैन को नियोजन से सूचना, शिव विभूति रंजन युवा कल्याण से वित्त, हनुमान प्रसाद तिवारी से सचिवालय प्रशासन हटाते हुए सिर्फ कार्मिक का जिम्मा, महावीर सिंह परमार को कृषि से औद्योगिक विकास सिडकुल व एमएसएमई, चंद्र बहादुर को सामान्य प्रशासन के साथ मत्स्य की अतिरिक्त जिम्मेदारी, बाध्य प्रतिक्षा मिनी जोशी सुराज भ्रष्टाचार,जगजीवन प्रकाश बेरी से औद्योगिक विकास हटाते हुए समाज कल्याण, सुभाष चंद्र को पेयजल, चिकित्सा शिक्षा से राजस्व, बाध्य प्रतिक्षा शुची अग्रवाल नियोजन, दीपक कुमार से सचिवालय प्रशासन व वित्त से सचिवालय प्रशासन की जिम्मेदारी वापस, मंजुला खर्कवाल वित्त से गन्ना, चीनी उद्योग, अल्पसंख्यक विभाग, दिनेश यादव स्वास्थ्य से वन एवं पर्यावरण, माध्यमिकशिक्षा, ओबेदुल्लाह अंसारी से अल्प संख्यक कल्याण, माध्यमिक शिक्षा में से अल्पसंख्यक का जिम्मा हटाया गया। अनुभाग अधिकारी हरीश चंद्र सीएम कार्यालय अनुभाग दो से भाषा, मदन सिंह सीएम ऑफिस एक से युवा कल्याण, पूरन राणा आरईएस से माध्यमिकशिक्षा चार, त्रिलोक सिंह सीएम ऑफिस तीन से परिवहन अनुभाग दो, नरेंद्र रावत आवास अनुभाग दो से बेसिक शिक्षा अनुभाग एक, सोनिया मनराल न्याय एक से आबकारी, विमला धपवाल ऊर्जा दो से आरईएस, राजेंद्र बोनाल कार्मिक दो से वित्त दस, वीरेंद्र कंडारी नियमावली से आवास दो, जेपी मैखुरी शहरी विकास दो से उच्च शिक्षा सात, पदवंती धर्मशक्तू संस्कृति, धर्मस्व से समाज कल्याण एक, आरके पांडे आबकारी से कार्मिक दो, सुधीर नेगी युवा कल्याण से सीएम ऑफिस एक, राजेश दीक्षित भाषा एक से सीएम ऑफिस पांच, अर्जुन सिंह नपलच्याल चिकित्सा शिक्षा से पंचायती राज एक, मदनमोहन जुगरान वित्त दस से आईटी, कमलेश जोशी माध्यमिक शिक्षा चार से वित्त नौ, मीना पंत पुनर्गठन आयुक्त कार्यालय लखनऊ से सुराज व भ्रष्टाचार, देवेंद्र प्रसाद राजस्व दो से माध्यमिक शिक्षा अनुभाग पांच, श्रीधर नैथानी वित्त नौ से ग्राम्य विकास, शशि प्रसाद भट्ट विधायी से गोपन, विजय नैथानी नागरिक उड्डयन से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति दो, महेंद्र सिंह नेगी तकनीकी शिक्षा से समाज कल्याण चार, बाध्य प्रतिक्षा प्रयाग सिंह आपदा प्रबंधन दो, बाध्य प्रतिक्षा मुनेंद्र दत्त सेमवाल पशुपालन एक, चिरंजीलाल सिंचाई एक से राजस्व एक,

राजेंद्र प्रसाद जोशी माध्यमिक शिक्षा से राजस्व दो, सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा बेसिक शिक्षा एक से शहरी विकास दो, बाध्य प्रतिक्षा बिरेंद्र सिंह सीएम ऑफिस तीन, विपिन चंद्र जोशी पुशपालन एक से माध्यमिक शिक्षा, विपिन चंद्र पंत श्रम सेवायोजन से सिंचाई एक, दलीप सिंह फर्स्वाण वित्त तीन से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एक, ज्योतिबाला वित्त चार से तकनीकी शिक्षा, रमेश सिंह रावत स्वास्थ्य पांच से नियमावली प्रकोष्ठ, चंदनराम माध्यमिक शिक्षा पांच से न्याय एक, विक्रम सिंह चौहान पंचायतीराज एक से ऊर्जा दो, प्रीतम सिंह उच्च शिक्षा सात से समाज कल्याण दो, राजेश कुमार यादव पुनर्गठन आयुक्त कार्यालय लखनऊ से आवास एक, विजय कुमार ममगाईं औद्योगिक विकास एक से कार्मिक एक, संदीप शर्मा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एक से श्रम सेवायोजन, बाध्य प्रतीक्षा हरीश सिंह रावत वित्त तीन, बिशन सिंह कुंवर व्यवस्थाधिकारी विधानसभा से स्वास्थ्य तीन, बिलासचंद्र गोदियाल आईटी से स्वास्थ्य पांच, गिरीश चंद्र जोशी सीएम ऑफिस पांच से वित्त चार, बाध्य प्रतीक्षा सुनील कुमार बोहा सीएम ऑफिस चार, सुरेंद्र सिंह नेगी गोपन का दायित्व हटा लिया गया। अब उनके पास सिर्फ वित्त सात रहेगा। हरी सिंह खाद्य एवं नागरिकआपूर्ति से सिंचाई दो, नागेश नेगी मत्स्य पालन से लोनिवि एक, सुधीर कुमार चौधरी को लोनिवि एक से बाध्य प्रतीक्षा में डाल दिया गया है।

धीमी पड़ी चारधाम यात्रा की रफ्तार


ऋषिकेश। बारिश के चलते चारधाम यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अब हर दिन चार से पांच सौ तीर्थयात्री ही चारधाम जा रहे है। जबकि हेमकुंड यात्रा धीरे-धीरे गति पकड़ रही है। सोमवार को सात सौ यात्री हेमकुंड साहिब गए। प्री-मानसून की दस्तक का असर चारधाम यात्रा पर पडऩे लगा है। इससे चारधाम यात्रियों की संख्या में तेजी से कमी आई है। सोमवार को आधा दर्जन बसें ही चारधाम के लिए रवाना की गई। सुबह के समय ही चारधाम यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया। यात्रियों के यात्रा अड्डे पर पहुंचते ही परिवहन व्यवसायियों में सवारियों को लेकर मारामारी मच रही है।

उधर हेमकुंड यात्रा गति पकडऩे लगी है। दुपहिया और ट्रकों में सवार जत्थों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को दुपहिया वाहन सवार हेमकुंड गए। करीब आठ सौ यात्रियों ने हेमकुंड यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया। रोटेशन अध्यक्ष सुधीर राय का कहना है कि चारधाम यात्रियों की संख्या तेजी से घट रही है। जबकि हेमकुंट यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रतिदिन पांच सौ से एक हजार यात्री हेमकुंड जा रहे हैं।

औसत समय से पीछे चल रहा है मानसून

 देहरादून। मौसम विभाग ने देहरादून समेत छह जिलों में मंगलवार, बुधवार को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान प्रदेश के दूसरे स्थानों पर भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक प्रदेश में प्री मानसून सीजन में ही औसत से अधिक बारिश हो रही है। एक जून से अब तक औसत से तीन प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। सिंह के मुताबिक देहरादून, हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में मंगलवार और बुधवार को फिर भारी बारिश हो सकती है। इसलिए इन स्थानों पर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इस दौरान प्रदेश के शेष स्थानों पर भी बारिश हो सकती है।

इसके आगे बारिश का दौर कुछ फीका पड़ेगा। लेकिन फिर 26 जून से बारिश का एक और दौर शुरू होने के आसार बन रहे हैं। चार दिन पिछड़ा मानसून शुरुआत में अपने तय समय से पहले चल रही मानसूनी हवाएं अब कुछ सुस्त पड़ रही है। सोमवार तक मानसून बिहार में ही पहुंच पाया है, जबकि बिहार में मानूसन पहुंचने का औसत समय 15 जून है। इस तरह बिहार में ही मानसून चार दिन पीछे हो गया है। इस लिहाज से उत्तराखंड में मानसून अपने औसत समय 21 जून तक पहुंचने के आसार कम नजर आ रहे हैं। छह सेंटीमीटर बारिश सोमवार को दून में आधे घंटे के दौरान ही छह सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज हुई। इससे देहरादून में गरमी से काफी हद तक राहत मिल गई है। सोमवार को दून का अधिकतम तापमान 33.8 दर्ज किया गया, जो औसत के बराबर है।

एमडीडीए कैम्प में 27 मामलों की हुई कंपाउंडिंग


देहरादून। एमडीडीए की ओर से सोमवार को आयोजित कंपाउंडिंग कैम्प में 27 मामलों में कंपाउंडिंग की गई। सचिव पीसी दुम्का ने बताया कि प्राधिकरण आपके द्वार कार्यक्रम के तहत अलग अलग क्षेत्रों में जाकर कंपाउंडिंग कैम्प आयेाजित किए जा रहे हैं। इसमें ऐसे मामलों को रखा जा रहा है, जो नियमानुसार अतिरिक्त शुल्क देकर कंपांउड हो सकती है। इसी क्रम में सोमवार को किशननगर चौक स्थित आत्माराम धर्मशाला में कंपाउंडिंग कैम्प का आयोजन किया गया। जिसमें 27 मामलों में कंपाउंडिंग की गई, इससे प्राधिकरण को भी करीब 32 लाख रुपए का शुल्क प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि इसी क्रम में अंतिम कैम्प 22 जून को लायब्ररी चौक स्थित एमडीडीए गेस्ट हाउस में आयोजित किया जाएगा। सोमवार को आयोजित कैम्प में सचिव पीसी दुम्का के साथ ही संयुक्त सचिव मीनाक्षी पटवाल, अधीक्षण अभियंता अनिल त्यागी, अधिशासी अभियंता बीएस नेगी, अनुसचिव अनुजा सिंह, ओएसडी एकता अरोड़ा सहित एमडीडीए के दूसरे कर्मचारी शामिल हुए।

अतिथि शिक्षकों का जारी रहा धरना व क्रमिक अनशन

देहरादून। पुन: नियुक्ति की मांग को लेकर माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन धरने में परिजनों के साथ धरने पर रहे  और वहीं उन्होंने चौथे दिन भी क्रमिक अनशन को जारी रखा और कहा कि अब सरकार के खिलाफ आर पार का आंदोलन चलाया जायेगा। 
    अतिथि शिक्षक अध्यक्ष विवेक यादव के नेतृत्व में धरना स्थल में इकटठा हुए और वहां पर पुन: नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। वहीं क्रमिक अनशन पर अतिथि शिक्षक बैठे रहे। वक्ताओं ने कहा कि अभी तक सरकार इस ओर किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दे रही है, जिसके लिए शीइा्र ही जनांदोलन तेज किया जायेगा।

उनका कहना है कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। शीइा्र ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो चरणबद्घ तरीके से आंदोलन किया जायेगा। प्रदेश में नई सरकार का गठन होने के बाद भी अतिथि शिक्षकों की ओर अभी तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है और यह चिंता का विषय है। उनका कहना है कि लगातार अतिथि शिक्षकों को बेवकूफ बनाने का काम किया जा रहा है और इसे अब सहन नहीं किया जायेगा। इस अवसर पर अनेक अतिथि शिक्षकों ने संबोधित किया। इस अवसर पर कविन्द्र कैन्तुरा, महावीर, राजपाल, हरीश आर्य, लकी राणा, राजू धामी, कृष्णा, दिनेश टम्टा, बलवीर तोमर, दौलत जगूडी, दुर्गा गुनसोला, चांदनी, रूपाली, भूपेन्द्र भंडारी, रविन्द्र सिंह, विनोद सेमवाल, मनीष आदि मौजूद रहे।

डीजीपी ने ली बैठक, कावंड यात्रा को लेकर दिए दिशा-निर्देश

देहरादून। नौ जुलाई से शुरू होने जा रही कावंड यात्रा को देखते हुए पुलिस मुख्यालय में अन्तर्राज्यीय बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें यात्रा रूट से लेकर कावंडियों के आगमन को लेकर मंथन हुआ और कावंड यात्रा के दौरान कावंडियों को पटरी पर चलाने व पीक दिनों में हाई-वे बंद करने पर मंथन हुआ तथा खाका बनाया गया कि कावंड में डीज़े$, लाठी-डंडे, बेस बॉल बैट, त्रिशुल पर बैन रहेगा।
 

सोमवार को  पुलिस मुख्यालय में अगले माह 9 जुलाई से शुरू होने जा रही कावंड यात्रा को लेकर अन्तर्राज्जीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शामिल हुए अफसरों को राज्य के डीजीपी एमए गणपति ने कहा कि सभी प्रदेशों के अफसर अपने यहां सुनिश्चित कर लें कि कोई भी कावंडिया डीज़े लेकर न चले और कावंड के दौरान कोई भी कावंडिया अपने साथ लाठी-डंडे, बेस बॉल बेट व छह इंच से बडा त्रिशुल लेकर नहीं चलेगा। उन्होंने अफसरों से कहा कि सभी इस बात को सुनिश्चित करें कि कावंडियों को पटरी मार्ग से चलाया जाये और शुरूआती दिनों में हाई-वे को जाम न रखा जाये तथा जब कावंड पीक समय पर आये तभी हाई-वे को बंद किया जाये। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड से लगते सभी बॉडरों पर उत्तराखण्ड व दूसरे प्रदेश की पुलिस चैक पोस्टों पर संयुक्त चैकिंग करेगी। डीजीपी ने कहा कि कावंड यात्रा के दौरान जो मार्ग अतिसंवेदनशील व संवेदनशील हों वहां पहले से ही पुलिस बल तैनात रखा जाये जिससे कि वहां का माहौल न बिगड सके।
  

उन्होंने कहा कि अगर किसी इलाके में दुर्घटना हो जाये तो पुलिस तुरंत कार्यवाही करे जिससे कि असमाजिक तत्वों पर तुरंत रोक लग सके। डीजीपी ने दिल्ली व उत्तर प्रदेश के पुलिस अफसरों से कहा कि कावंड यात्रा के दौरान वे अपने प्रदेश के अपराधियों की सूचना उत्तराखण्ड से आदान-प्रदान करें जिससे कि ऐसे अपराधियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि गौमुख जाने वाले कावंडियों को पहले डीएफओ से अनुमति लेनी होगी और सभी कावंडियों को कावंड क्षेत्र में ही अनुमति रहेगी तथा वे मसूरी व आस-पास के पर्यटक स्थलों पर नहीं जा पायेंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश के आईजी इंट, डीआईजी सहारनपुर, करनाल रेंज के आईजी, हिमाचल के पुलिस अफसर तथा आरपीएफ, एसएसबी व आईटीबीपी के अधिकारी भी शामिल थे।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मनाया राहुल का जन्मदिन

देहरादून। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का 47वां जन्म दिन राजपुर रोड स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के आवासीय बच्चों के बीच मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने केक काटा और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बच्चों को फल भी वितरित किये।
    एनएसयूआई डीएवी कालेज इकाई के कार्यकर्ता विकास नेगी के नेतृत्व में राजपुर रोड स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक आवासीय विद्यालय में इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का जन्म दिन राजपुर रोड स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के आवासीय बच्चों के बीच मनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की लंबी उम्र की कामना की।

इस अवसर पर विकास नेगी ने कहा है  देश की राजनीति में राहुल गांधी कांग्रेस के युवराज है और आज उनका जन्मदिन मनाया जा रहा है हर कोई कांग्रेसी उनके जन्मदिन पर अपनी शुभकामनाये दे रहा है तो उनके राजनैतिक विरोधी भी उनको 47 वें जन्मदिवस पर याद कर रहे है। राहुल गाँधी जो वर्तमान समय में कांग्रेस के उपाध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे है। इस अवसर पर विकास नेगी, गौरव धीमान, कृष्णा, अंजलि चमोली, अनंत सैनी, अजय, सुमित अजीत सहित स्कूल की शिक्षिकायें व छात्र छात्रायें भी मौजूद थे। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कांग्रेस भवन में किसानो की समस्या को लेकर और उसके निवारण को लेकर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया और राहुल गांधी के जन्म दिन पर शुभकामनायें देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।

पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ गोर्खाली समाज ने दिया धरना

देहरादून। उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति से जुडे हुए कार्यकर्ताओं ने पिछले कई दिनों से पश्चिम बंगाल राज्य सरकार द्वारा गोर्खा समाज के संविधान के अनुसूचि में सम्मिलित नेपाली भाषा के ऊ पर अतिक्रमण करते हुए बंगाली भाषा को अनिवार्य किये जाने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे निर्दोश जनता पर हिंसात्मक कार्यवाही किये जाने का विरोध दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग केन्द्र सरकार से की है। जिला प्रशासन के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी इसी संबंध में भेजा गया।
    

समिति से जुडे हुए कार्यकर्ता गांधी पार्क में इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने पिछले कई दिनों से पश्चिम बंगाल राज्य सरकार द्वारा गोर्खा समाज के संविधान के अनुसूचि में सम्मिलित नेपाली भाषा के ऊ पर अतिक्रमण करते हुए बंगाली भाषा को अनिवार्य किये जाने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे निर्दोष जनता पर हिंसात्मक कार्यवाही किये जाने का विरोध दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग केन्द्र सरकार से की है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार नेपाली भाषा पर अतिक्रमण कर रही है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। यह भी कहा कि हमारा देश विविधता में एकता का परिचायक है जहां पर पचास मीटर पर बाली भाषा अलग है और नेपाली भाषा गोर्खा समुदाय का संविधानिक अधिकार है परन्तु पश्चिम बंगाल सरकार इस पर अपना हिंसात्मक रवैया करते हुए अपनी दमनकारी नीति को अपना रही है और हमारे संबपूर्ण गोर्खा समाज पश्चित बंगाल सरकार की दमनकारी नीति का पुरजोर विरोध एवं ं कड़ी निंदा करते हैं।
    

वक्ताओं का कहना था कि अनेकता में एकता भारत के पश्चित बंगाल राज्य के अंतर्गत दार्जिलिंग व कालेबुड, शिमला के पहाडी व सिलगढी तराई, जलपाईगढी जिला के अंतर्गत डुवर्स के भौगोलिक जन जीवन की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए देश के अन्य समुदाय व राज्यों की तुलना व आधार में विशेषत: युगो से भारत की सेवा में समर्पित गोखा समुदाये को न्याय प्रदान करते हुए सैकडों वर्षों से मांग करते हुए आये है लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि गोर्खालैण्ड राज्य यथा शीघ्र गठन करने हेतु काफी समय से मांग की जा रही है जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया है और जल्द ही इस ओर कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिए भी जनांदोलन किया जायेगा।

इस अवसर पर मधुसूदन शर्मा, पूजा सुब्बा, प्रभा शाह, सुषमा प्रधान, बाल कृष्ण बराल, कमला थापा, सुनीता क्षेत्री, कमल राई, सीमा शाही, मंजू कार्की, रमा राई, जशोदा लिम्बू, पुष्पा क्षेत्री, पंडित जगदीश, बसन्तराज गुरूंग, उमा उपाध्याय, रतन लिम्बू, सेनि बिग्रेडियर पी एल गुरूंग, सेनि जनरल शक्ति सिंह, डीएस खडका, जीवन सिंह क्षेत्री, भगवान सिंह क्षेत्री, आराधना थापा, एके भाटिया, एलबी खत्री, डीबी क्षेत्री, अनिल भंडारी, केबी गुरूंग सहित अनेक सदस्य मौजूद थे।

सपा ने फूंका केन्द्र व प्रदेश सरकार का पुतला

देहरादून। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर केन्द्र व प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया और कहा कि केन्द्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जनांदोलन किया जायेगा। समाजवादी पार्टी महानगर कार्यकर्ता महानगर अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत के नेतृत्व में परेड ग्राउंड स्थित कार्यालय में इकटठा हुए और वहां से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जुलूस निकालकर लैंसडाउन चौक पहुंचे, जहां पर उन्होंने केन्द्र व प्रदेश सरकार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज किया।

वक्ताओं ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार की कार्य प्रणाली शून्य ही दिखाई दे रही है और केन्द्र सरकार के तीन वर्ष का कार्यकाल निराशाजनक रहा है, प्रदेश की सरकार को तीन माह होने वाले है लेकिन अभी तक धरातल पर किसी भी प्रकार की कार्ययोजना तैयार नहीं की गई है और प्रदेश के मुख्यमंत्री मंदिर भ्रमण में लगे है, प्रधानमंत्री विदेशी दौरों में लगे हैं और उन्हें जनता व प्रदेश की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। आज प्रदेश को बने हुए सोलह वर्ष हो गये है लेकिन राज्य का समुचित विकास नहीं हो पाया है। दुख की बात है कि आज भी उत्तराखंड राज्य में विकास में जस का तस दिख रहा है और पहाडों से पलायन, बेरोजगारी आज भी युवाओं को कमजोर कर चुकी है और भाजपा व कांग्रेस दोनों की मिलीजुली एक जुमलेबाजों की तरह कार्य कर रही है।
   

उन्होंने कहा कि ढैंचा बीज जैसा घोटाला प्रकरण जो वर्ष 2010 में संज्ञान में आया था और उस समय तत्कालीन कृषि मंत्री का नाम इस प्रकरण में सामने आया था और वर्ष 2010 में त्रिपाठी आयोग का गठन किया गया और आयोग ने अपनी रिपोर्ट तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री को सौंपी गई थी, यह फाइल कार्यालय में धूल फांकती रही परन्तु कांग्रेस सरकार ने भी इस भ्रष्टाचार को उजागर करने की कोई कोशिश नहीं की और भाजपा सरकार ने त्रिपाठी आयोग की रिपोर्ट को नकराते हुए ढैचा बीच प्रकरण के मुख्य दोषी रहे सभी को क्लीन चिट दे दी, जिसका पार्टी व्यापक स्तर पर विरोध करेगी।

सपा ने मांग की है कि प्रदेश में रोजाना हो रहे घोटाले व भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत लोकायुक्त का गठन किया जाये और अब दून महानगर में पानी, बिजली, आवारा कुत्तों, सडक़ों की बुरी हालत है और  वीबर लाईन और गंद्गी की परेशानियों से गुजर रही है। उनका कहना है कि शीइा्र ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो नगर निगम का घेराव कया जायेगा। इस अवसर पर गोपाल रावत, मौहम्मद नासिर मंसूरी, सुरेन्द्र शर्मा, अर्जुन शर्मा, मौहम्मद आजम, अब्दुला खान, मुकेश जादोन सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पांडवाज के जरिए संजो रहे उत्तराखंड की संस्कृति

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग शहर के ईशान, सलिल और कुणाल तीनों भाई भले ही एक दूसरे के गहरे मित्र बनकर एक साथ काम करते हुए किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। लेकिन पांडवाज क्रिएशन के जरिए जहां वह उत्तराखंड की संस्कृति और परम्परा को संजो रहे हैं वहीं कई पहाड़ के युवाओं को म्यूजिक और गायन में नई पहचान दिलाने का काम कर रहे हैं। उत्तराखंड के फूलदेई पर्व पर बनाया गीत यूट्यूब पर लोगों को खूब पंसद आ रहा है। अब तक साढ़े चार लाख से अधिक लोग इसे लाइक कर चुके हैं।रंगकर्मी प्रेममोहन डोभाल के पुत्र ईशान, सलिल और कुणाल अपने पिता के पद चिन्हों पर चलकर म्यूजिक, गायन और फिल्मांकन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। संगीत के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के मकसद से जब श्रीनगर में इन तीनों भाईयों ने पांडवाज क्रिएशन का आधारशिला रखी।

म्यूजिक, गायन और फिल्मांकन की एक से बढक़र एक विधाओं को सजीव तैयार कर इंटरनेट के जरिए लोगों तक पहुंचाने में पांडवाज पूरी तरह कामयाब हुआ। हालांकि उन्होंने गढ़वाली, हिन्दी, कुमाऊनी कई गीतों को म्यूजिक और फिल्मांकन से नया रूप दिया है। विशेष रूप से रंचणा, घुघुती बसूती और फुलारी गीत ने पांडवाज की सफलता पर चार चांद लगा दिए। पांडवाज ने घुघुती बसूती को टाइम मशीन पार्ट फस्ट, फुलारी को पार्ट सैकेंड नाम दिया है जबकि उनका टाइम मशीन पार्ट थर्ड पर काम चल रहा है। पांडवाज के डारेक्टर ईशान डोभाल ने बताया कि उनका प्रयास है कि म्यूजिक और वीडियोग्राफी के जरिए उत्तराखंड की संस्कृति और परम्परा को बचाने का प्रयास किया जाए। इधर गायक अंजली खरे, कविन्द्र नेगी, सुनिधि वशिष्ट, अनामिका वशिष्ट आदि ने बताया कि पांडवाज उत्तराखंड में युवाओं को गायन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का बेहतर अवसर दे रहा है।

डॉक्टरों की कमी ने बढ़ाई लोगों की दिक्कतें

पौड़ी। जिला अस्पताल में एक बार फिर डॉक्टरों की कमी हो गई है। यहां सर्जन से लेकर अन्य विशेषज्ञ पदों पर चिकित्सकों के नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कतें हो रही है। अब यहां तैनात बाल रोग विशेषज्ञ का भी तबादला लिस्ट में नाम बताया गया है। जबकि यहां तैनात फिजिशियन भी मेडिकल पर चल रहे हैं। चिकित्सालय में तैनात वरिष्ठ सर्जन का वीआरएस मंजूर हो जाने के बाद अब सर्जन का पद भी रिक्त हो गया। पौड़ी में डॉक्टरों की तैनाती को लेकर वर्ष 2014-15 में जन चेतना मंच के बैनर तले करीब दो महीने आंदोलन चला था। इस आंदोलन के बाद पौड़ी में सर्जन, फिजिशियन आदि पदों पर डॉक्टरों की तैनाती हुई थी।

लेकिन एक बार फिर हालात डॉक्टरों के मामले में वैसे ही होने जा रहे हैं। यहां डॉक्टर नहीं होने के कारण लोगों को यहां से अन्य चिकित्सालयों की शरण लेनी पड़ रही है। पौड़ी में डॉक्टरों की कमी पर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। पालिका सभाषद अरविंद रावत का कहना है कि इस बाबत डीएम को भी अवगत कराया गया है। बिना डॉक्टर के अस्पताल महज रेफर सेंटर ही बन कर रह गया है। जबकि पूर्व सैनिक कल्याण संगठन ने भी व्यवस्था पर नाराजगी जताई। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल सिंह ने बाल रोग विशेषज्ञ के तबादले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस ट्रांसफर को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां एक सर्जन और एक निश्चेतक विशेषज्ञ की भी तैनाती हो रही है और फिजिशियन मेडिकल पर है। इधर, डीएम पौड़ी सुशील कुमार ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती को लेकर शासन से भी पत्राचार किया जाएगा।

पेयजल निगम दफ्तर के देहरादून जाने का विरोध

पौड़ी। उत्तराखंड पेयजल निगम के दफ्तर को पौड़ी से देहरादून शिफ्ट किए जाने का विरोध तेज हो गया। शासन ने पौड़ी स्थित द्वितीय निर्माण शाखा कार्यालय देहरादून में प्रस्तावित विश्व बैंक परियोजना इकाई के नाम से खोलने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही इस कार्यालय के सभी कामों को पौड़ी स्थित निर्माण शाखा को देने को कहा है। सोमवार को बिजाल संस्था अध्यक्ष सरिता नेगी की अगुवाई में लोगों ने पेयजल निगम द्वितीय शाखा कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर विरोध जताया। मांग की कि अविलंब इस दफ्तर को देहरादून शिफ्ट करने संबंधी आदेशों को वापस लिया जाए यदि ऐसा नहीं होता तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

उत्तराखंड पेयजल निगम की द्वितीय शाखा को विश्व बैंक परियोजना इकाई देहरादून के नाम से प्रतिस्थापित करने के आदेश हुए है। इसका पौड़ी में विरोध शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि यह निर्णय मंडल मुख्यालय के हित में नहीं है। जिले से कार्यालयों को साजिश के तहत हटाया जा रहा है। जबकि इस कार्यालय के पास कोट, कल्जीखाल, एकेश्वर की योजनाओं के निर्माण की जिम्मेदारी है। सरिता नेगी ने कहा कि ऐसे में इन ग्रामीण इलाकों की योजनाओं पर इसका असर पड़ेगा। इससे पूर्व नागरिक कल्याण मंच ने भी इस फैसले का विरोध करते हुए विधायक पौड़ी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी। प्रदर्शन करने वालों में गिरीश कठैत, नीमा कुकरेती, अशोक बिष्ट, विमला देवी आदि शामिल रहे।

भिलंगना बीडीसी बैठक में हंगामा, स्थगित

नई टिहरी।  भिलंगना ब्लॉक की त्रैमासिक बीडीसी बैठक हंगामे के कारण स्थगित हो गई। सदस्यों ने जिला स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति एवं पूर्व बैठक में पारित प्रस्तावों पर कार्यवाही न होने को लेकर हंगामा काटा और बैठक का बहिष्कार कर दिया। ब्लाक प्रमुख ने सदस्यों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन सदस्य नारेबाजी करते हुये सदन से बाहर चले गए। सोमवार को ब्लॉक प्रमुख विजय गुनसोला की अध्यक्षता में ब्लॉक सभागार में सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो क्षेपंस रामकुमार कठैत , प्रधान किशन सिंह रावत, दर्मियान सिंह रावत ,सुरेंद्र सिंह ने जिला स्तरीय अधिकारियों के नदारद रहने और पिछले प्रस्तावों पर कार्यवाही न होने पर रोष जताते हुए हंगामा किया।

सदस्यों ने राज्य वित्त की धनराशि में कटौती व विभागों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ भाजपा सदस्यों ने क्षेत्रीय विधायक को बैठक का एजेंडा न भेजने पर नाराजगी व्यक्त की और इसके विरोध में बैठक का बहिष्कार कर दिया।ब्लाक प्रमुख ने सदस्यों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन सदस्य नहीं माने और सदन का बहिष्कार कर दिया। इस बीच सीडीओ आशीष भटगांई व डीडीओ संजीव कुमार भी सदन मे पहुंचे, हालांकि अन्य कई सदस्यों ने नाराज़ सदस्यों को मनाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।

अधिकांश महिला सदस्य बैठक शुरू होने के इंतजार में काफी देर तक सदन मे बैठी रही, लेकिन बैठक शुरू नहीं हो पाई। इस पर ब्लॉक प्रमुख विजय गुनसोला ने बैठक स्थगित करने की घोषणा की। प्रमुख ने अगली बैठक में डीएम व अन्य अधिकारियों के न आने पर बैठक के बहिष्कार की भी चेतावनी दी। इस मौके पर ज्येष्ठ उप प्रमुख पूरब सिंह पंवार,कनिष्ठ उप प्रमुख निर्मला बिष्ट ,जिपंस केदार बर्त्वाल, रघुवीर रावत ,चंद्रमोहन बिष्ट, विमला नौटियाल, कंचन मिंया, संतोष रावत, सुनील बिष्ट, शीशपाल गुसाईं, देवेंद्र जोशी, बचन सिंह रावत, समाज कल्याण अधिकारी अविनाश भदौरिया, डीएल वर्मा, बीडीओ बीपी रिंगोड़ी आदि मौजूद थे ।

कांग्रेसियों ने मनाया राहुल गांधी का जन्म दिन

नई टिहरी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का जन्म दिन धूमधाम से मनाया। इस मौके पर कांग्रेसियों ने मिष्ठान वितरण कर उनकी लंबी उम्र की कामना की। सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का 47 वां जन्म दिन टिहरी जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में धूमधाम से मनाया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज राणा ने कहा राहुल गांधी को जब-जब मौका मिला उन्होंने आम आदमी की समस्याओं को सांसद में उठाया। उन्होंने समाज के सबसे निचले तबके के लोगों के विकास का खुला समर्थन किया।

कहा कि उन्होंने भूमि अधिग्रहण बिल व देश भर में चल रहा किसानों के कर्ज माफी आंदोलन का खुलकर समर्थन किया। कांग्रेस उपाध्यक्ष खुले विचार के नेता है और देश के सबसे गरीब तबके का विकास चाहते है। कार्यकर्ताओं ने उनकी लंबी उम्र की कामना भी की। इस मौके पर दर्शनी रावत, शांति प्रसाद भट्ट, नरेन्द्र चंद रमोला, जगदंबा रतूड़ी, पदम सिंह कुमाई, पंकज रतूड़ी, विक्रम तोपवाल, संपतलाल शाह, शकुंतला नेगी, ममता उनियाल, सरिता रावत, सीमा कृषाली, गीता चौहान, लक्ष्मी रावत, अनीता शाह, मोहनी रावत, सौरभ तडियाल, कर्ण सिंह रणवीर नेगी, कौशल्या पांडे, शंभू भंडारी आदि मौजूद थे।
 

आरक्षण को लेकर आंदोलनकारी समिति ने जारी रखा प्रदर्शन

देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण की मांग को लेकर चिंहित राज्य आंदोलनकारियों समिति ने सातवें दिन भी अपना आंदोलन जारी रखा। कचहरी स्थित शहीद स्मारक स्थल पर आंदोलनकारियों ने सोमवार को भी प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। समिति के जिला अध्यक्ष जबर सिंह रावत की अध्यक्षता में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपना रोष व्यक्त किया। साथ ही प्रदेश सरकार को कोसा कि वर्तमान विधानसभा सत्र में सरकार आंदोलनकारियों के आरक्षण का विधेयक सदन में नहीं ला सकी।

प्रदर्शन के दौरान संरक्षक अशोक कटारिया, जीडी डगवाल, सुरेश कुमार महासचिव, भुवनेश्वर नेगी, उपाध्यक्ष विनोद असवाल, वैपारी भुराटा, अभय कुकरेती, कर्मचंद्र गुसाई, प्रभात डडलिया, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे। राजपुर विधायक ने दिया आश्वासन आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं को सोमवार को राजपुर विधायक खजानदास ने अपनी और से एक पत्र सौंपा। जिसमें विधायक ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि उनके विधेयक बारे मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है। सरकार ने इस पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। पत्र प्राप्ति के बाद शहीदी स्थल पर आंदोलनकारियों ने बैठक कर आंदोलन को जारी रखने अथवा समाप्त करने पर विचार विमर्श किया।

प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश

देहरादून। मौसम के करवट बदलने के साथ ही उत्तराखंड में वर्षा का क्रम शुरू हो गया। देहरादून में जोरदार बारिश हुई। वहीं पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है। पिथौरागढ़ के डीडीहाट में दीवार ढहने से मलबा एक घर की छत पर आ गिरा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, घर को मामूली नुकसान पहुंचा। वहीं, चंपावत, चमोली और देहरादून जनपदों में कहीं दोपहर बाद तो कहीं शाम को झमाझम बौछारें पड़ीं।

उधर, मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अधिकांश स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है। राज्यभर में कहीं आंशिक तो कहीं आमतौर पर बादलों की मौजूद्गी बनी रही। दोपहर से देहरादून में बारिश का दौर फिर से जारी हो गया। वहीं, हरिद्वार में धूल के साथ तेज हवाएं चली। बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। इससे लोगों ने राहत महसूस की।

नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

   देहरादून। नेहरू कलोनी थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने नाबालिग को लीची खिलाने के बहाने घर पर बुलाया था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक एक महिला अपनी 11 वर्षीय बेटी को घर पर अकेला छोडक़र किसी काम से बाजार गई हुई थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले मोनू (27) पुत्र दुलीचंद ने नाबालिग को लीची खिलाने के बहाने अपने घर बुलाया। बालिका मोनू के घर पहुंची तो वह उसे एक कमरे में ले गया। आरोपी ने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। बालिका ने किसी तरह खुद को उसके चंगुल से छुड़ाया और घर आकर रोने लगी। थोड़ी देर बाद मां बाजार से लौटी तो उसने पूरी बात बताई।

इसके बाद महिला बेटी को लेकर नेहरू कलोनी थाने पहुंची और पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया।  थाने से गई टीम ने आरोपी मोनू को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष राजेश शाह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। डालनवाला कोतवाली क्षेत्र में सौतेली बेटी से दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। पीडि़ता की मां ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि कुछ दिनों पहले उसने पहले पति को छोडक़र दूसरे व्यक्ति से शादी कर ली। पहले पति से हुई 14 साल की बेटी उसी के साथ रहती है। महिला का आरोप है कि उसका दूसरा पति बेटी के साथ पिछले दो माह से दुष्कर्म कर रहा है। पुलिस ने आरोपी पर दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है।

प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल: प्रीतम

देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने प्रदेश में बदहाल हो रहे चिकित्सा सेवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार विकास की बात कर रही है और दूसरी तरफ अस्पतालों में डॉक्टर न होने एवं प्रसव की समूचित व्यवस्था न होने के कारण महिलाओं को प्रसव में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ अस्पतालों में पर्याप्त बेडों की व्यवस्था नही है और मरीज पर्वतीय क्षेत्रों के अस्पतालों के बरामदे में सोने के लिए मजबूर है। प्रीतम सिंह ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के अधिकांश अस्पतालों में प्रसव कराने तक के लिए भी डॉक्टर उपलब्ध नही है। वहीं राज्य सरकार विकास की बात कह कर अपनी पीठ खुद थपथपा कर मातृ शक्ति का अपमान कर रही है।

उन्होंने कहा कि जनपद देहरादून के सीमान्त क्षेत्र त्यूनी अस्पताल में विगत एक हफ्ते से डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग को लेकर जनता आन्दोलनरत है। परन्तु सरकार के कानों पर जॅू नही रेंक रही है। प्रीतम सिह ने त्यूनी भम्रण के दौरान अस्पताल की खस्ता हालत को देखकर कहा कि अगर सरकार चिकित्सा के क्षेत्र में संवेदनशील होती तो निश्चित रूप से अभी तक चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी होती। प्रीतम सिह ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी ही स्थिति चारधाम यात्रा मार्ग पर भी है जहां आये दिन कोई न कोई तीर्थयात्री काल का ग्रास बनता जा रहा है।

प्रीतम सिंह ने कहा कि लगातार आये दिन अखबारों के सुखिर्याे में प्रदेश के अस्पतालों की बदहाली के सामचार आ रहे है। फिर भी राज्य सरकार सबक नही ले रही है और बजट का रोना रोकर अपने जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार द्वारा बदहाल चिकित्सा सेवाओं को दुरस्त करने का काम नही किया गया तो कांग्रेस पार्टी सदन से लेकर सडक़ तक आन्दोनल करने का काम करेगी। प्रीतम सिह ने कहा कि चूंकि स्वास्थ्य जैसा महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री सभाल रहे है इसलिए उनकी और ज्यादा नैतिक जिम्मेदारी बनती है।  प्रीतम सिंह ने कहा कि जिस प्रदेश में किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहा हो, अस्पतालों में मरीजों के ईलाज के लिए डॉक्टर और दवाईयां न हो ऐसे डबल इन्जन सरकार को आने वाले निकाय एवं लोकसभा चुनाव में जनता सबक सिखाने का काम करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पाटीज़् ने भाजपा सरकार को रचनात्मक कार्यों के लिए हर संभव सहयोग करने का वादा किया था। परन्तु भाजपा सरकार विकास कार्याे को आगे बढ़ाने के बजाय भ्रम फैलाकर अपने हितों का सााने का काम कर रही है। प्रीतम ंिसह ने कहा कि देश की जनता के सामने बड़े-बड़े वादे करने वाले मोदी जी को देश की जनता को जवाब देना चाहिए कि वह देश को किस दिशा की ओर ले जाना चाहते है। उन्होंने कहा कि भाजपा साम्प्रदायिकता फैलाकर देश को जाति, ार्म और वर्ग के नाम पर बॉटने का काम कर अपना स्वार्थ सिद्व करना चाहती है। उन्होंने प्रदेश की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे साम्प्रदायिक ताकतों से देश को बचाने की आवश्यकता है। प्रीतम सिंह ने कहा कि कांगे्रस ही एक ऐसी पार्टीं है जिसने देश को एक सूत्र में बांाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यूपीए द्वारा किये गये विकास कार्याे को अपना बताकर मोदी सरकार देश की जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।  

राठ भवन के लिए सभा ने मांगी भूमि

देहरादून। राठ जन विकास समिति की आम सभा मनोरंजन सदन द्वितीय यमुना कलोनी देहरादून में आयोजित की गई। आम सभा में विगत वर्षों में समिति द्वारा किए गए कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया गया जिसमें मुख्यता उत्तराखंड सरकार द्वारा राठ भवन को देहरादून में भूमि दिए जाने के बाबत अवगत कराया गया कि शासन स्तर पर इस संबंा में पत्राचार जारी है।

डक्टर सुंदरलाल पोखरियाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस आम सभा में बताया गया कि समिति ने प्रयास किया कि यदि शासन स्तर से भूमि उपलब्ध कराई गई तो राठ भवन निर्माण हेतु धन राशि एकत्रित की जा रही है जिसमें अभी तक एक लाख रुपये की राशि जमा हो चुकी है। इसके अतिरिक्त राठ क्षेत्र के गरीब बच्चों को जो आठवीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर सकते हैं उन्हें समिति के सदस्यों द्वारा रुपए 5000/- प्रति छात्र प्रतिवर्ष वहन करने हेतु अपनी सहमति दी गई है जिसमें 20 सदस्यों द्वारा अपनी सहमति व्यक्त की  है। कोषाध्यक्ष मेहरबान सिंह गोसाई द्वारा अब तक का आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया जो सराहनीय रहा। समिति ने राठ भवन निर्माण हेतु आह्वान किया कि अािक से अधिक सदस्य आगे भी सहयोग देंगे तथा सदस्यता अभियान के तहत राठ क्षेत्र के अधिक से अधिक सदस्यों को सम्मिलित किया जाए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेखरानंद रतूड़ी ने अपने संबोान में बताया कि समिति द्वारा अभी तक राठ क्षेत्र हेतु जो चिकित्सा शिविर लगाए गए, उनमें लगभग 400 विकलांग व्यक्तियों को सरकार की ओर से विकलांगता पेंशन की पात्रता प्रदान की गई है।

सलाहकार पद्मश्री कन्हैयालाल पोखरियाल ने बताया कि राठ क्षेत्र से जो भी छात्र-छात्राएं एडवेंचर में रुचि रखते हैं उन्हें प्रशिक्षण दिए जाने पर विचार किया जाएगा। आम सभा का संचालन कुलानंद घनशाला महासचिव द्वारा किया गया। आमसभा में हरि प्रसाद गोदियाल, आर एस रावत, एम एन वनख्वाल, हीरामणि भट्ट, पुरुषोत्तम महंगाई, दिनेश रतूड़ी, कमलेश्वर रतूड़ी, प्रेम सिंह कंडारी, गायत्री देवी, गोविंद सिंह रावत , महेश खंकरियाल, गोविंद सिंह रावत, मदन सिंह गुसाईं, राजेंद्र रावत, बी आर चमोली, आनंद सिंह रावत, रतन सिंह रावत, पाल सिंह चौहान अंत में सुंदरलाल पोखरियाल अयक्ष एवं श्री कुलानंद घनशाला द्वारा सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।

राज्यपाल ने मेधावियों को गवर्नर्स अवार्ड से सम्मानित किया

देहरादून। राज्यपाल डा$ कृष्ण कान्त पाल ने सोमवार को 10 वी और 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को ’गर्वनर्स अवार्ड’ 2017 से राजभवन में सम्मानित किया। राज्यपाल ने विद्यालयी शिक्षा तथा संस्कृत शिक्षा में हाईस्कूल तथा इण्टरमीडिएट तथा संस्कृत शिक्षा में पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों को पुरस्कार स्वरूप सात हजार, पांच हजार तथा तीन हजार रूपये की धनराशि क्रमश: प्रदान की। पूरे प्रदेश में परीक्षा परिणामों में सबसे अधिक सफलता, प्रतिशत अर्जित करने वाले श्रेष्ठ तीन राजकीय विद्यालयों को भी राज्यपाल ने नकद धनराशि प्रदान कर पुरस्कृत किया।

हाईस्कूल में श्रेष्ठ तीन छात्रों में गौरी एमपीआईसी रूद्रप्रयाग की आइशा ने प्रथम, आरएलएस चौहान उधमसिंह नगर के हर्षवर्धन वर्मा ने द्वितीय तथा एचएस बडक़ोट उत्तरकाशी के अजय विक्रम सिंह बिष्ट ने तृतीय स्थान प्रान्त किया। बारहवी कक्षा में बालक वर्ग में एसएमएम गिरि इण्टर कालेज हरिपुर देहरादून के शगुन शुक्ला तथा बालिका वर्ग में राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज चमोली की सोनली ने मानविकी संकाय में प्रथम स्थान, विज्ञान संकाय में एसवीएम इण्टर कॉलेज श्रीकोट गंगनाली पौड़ी गढ़वाल के आदित्य घिडिल्याल तथा बालिका वर्ग में सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर-2  भेल रानीपुर हरिद्वार की मेघा प्रथम, वाणिजय वर्ग में तनमय अग्रवाल पंडित पूर्णानंद तिवारी इण्टर कॉलेज जसपुर उधमसिंहनगर तथा बालिका वर्ग में एसवीएमआईसी बाबूगढ़ विकासनगर देहरादून की कु$ प्रज्ञा चौरसिया ने प्रथम स्थान प्रान्त किया। उत्तरखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष (हाईस्कूल) में प्रथम स्थान प्रान्त बृजेश जोशी, शुभम नैनवाल, भूपेश तिवारी, तथा उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष (इण्टरमीडिएट) में केवल जोशी, आशीष कंसवाल, किशन चंद्र सुयाल क्रमश: प्रथम, द्वितीय तथा स्थान प्रान्त छात्रों को भी राज्यपाल ने नकद धनराशि सात हजार, पांच हजार, तीन हजार से पुरस्कृत किया। (अन्य संकायों में द्वितीय तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों की सूची संलग्र)
2017 बोर्ड परीक्षा परिणामों में सवार्धिक सफलता प्रतिशत में प्रथम स्थान पाने वाले राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज पौखरी पौड़ी गढ़वाल को 50 हजार रूपये की धनराशि तथा द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाले राजकीय इण्टर कॉलेज रातिरकेटी बागेश्वर तथा राजकीय इण्टर कॉलेज अदरीयखाल पौड़ी गढ़वाल को क्रमश: तीस हजार, बीस हजार रूपये की धनराशि राज्यपाल ने पुरस्कार स्वरूप प्रदान की। राज्यपाल ने श्रेष्ठ प्रर्दशन करने वाले छात्रों एवं उनके गुरूजनों तथा अभिभावकों बधाई दी। अवार्ड कार्यक्रम में आये छात्रों व शिक्षकों से राज्यपाल ने कहा कि इस सम्मान की शुरूआत 2015 में किये जाने का उद्देश्य राज्य के छात्रों तथा विद्यालयों में बेहतर प्रदर्शन की भावना तथा सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को शुरू करना था। उन्होंने परीक्षा परिणामों में विद्यालयों तथा छात्रों के प्रदर्शन में आये परिर्वतन को निर्धारित करने के लिए समीक्षा किये जाने की बात कही। उन्होने शिक्षा विभाग से कहा कि समीक्षा की जाये कि अवार्ड से पूर्व तथा बाद में छात्रों और विद्यालयों के प्रदर्शन में क्या परिवर्तन हुआ है।             

राज्यपाल ने कहा कि छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे माता-पिता अभिभावकों की भी मेहनत होती है इसलिए वह भी बधाई और प्रशंसा के पात्र हैं। शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि छात्र ही हमारे देश का भविष्य हैं। सभी अपने बच्चों को शिक्षकों के सानिध्य में इसलिए भेजते हैं कि उनका बच्चा शिक्षित और संस्कारित बने इसलिए देश का भविष्य निर्धारित करने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यालयों में शिक्षकों को पूरा ध्यान केंद्रित कर छात्रों को पढ़ाना चाहिए पुरस्कृत छात्रों को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि परीक्षा के बाद पडऩे वाले छुट्टियों में मौज-मस्ती करने के साथ ही छात्रों को अपने इस समय का सदुपयोग भी करना चाहिए। राज्यपाल ने शिक्षा विभाग को उत्तराखण्ड जीनियस प्रतियागिता की शुरूआत किये जाने का सुझाव दिया। जिसमें प्रदेश के छात्रों में टेलेंट इवेंट और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता को शामिल किया जाने का सुझाव राज्यपाल ने दिया। अपनी कम्प्यूटर और भाषायी कौशल को बढ़ायें जो भविष्य में आपके करियर में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम आते हैं। सभी छात्र बारहवीं के बाद अपने करियर का चुनाव करने में सतर्कता बरतें। दूसरे से प्रभावित होकर करियर का चुनाव न करें अपनी योग्यता व क्षमताओं के हिसाब से करियर का चुनाव करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी टॉपर छात्रों उनके गुरूजनों तथा अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि छात्रों को दिया जाने वाला यह अवार्ड हमारी नई पीढ़ी के लिए उत्साहवर्धन और प्रेरित करने वाला सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युग तकीनीकी का युग है। उन्होंने घोषण कि सभी टॉपर्स छात्रों को लैपटॉप प्रदान किये जायेंगे। गवर्नर्स अवार्ड की तर्ज पर इस वर्ष से बोर्ड परीक्षाओं में श्रेष्ठता सूची में आने वाले छात्रों को राज्य सरकार प्रति वर्ष लैपटॉप देने की शुरूआत कर रही है। उन्होंने राज्यपाल द्वारा संस्कृत शिक्षा के छात्रों को गवर्नर्स अवार्ड से सम्मानित किये जाने को सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृति का जन्म संस्कृत से ही होता है। संस्कृत ऐसी भाषा है जो विचारो को शुद्घ बनाती है और अंिहंसा की भावना को प्रबल करती है। मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को हर सम्भव सहायता प्रदान किये जाने की भी बात कही। इस अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा चंद्रशेखर भट्ट, सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन, सचिव  संस्कृत शिक्षा उषा शुक्ला सहित समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण व अभिभावक उपस्थित रहे।

शराब के लिए हटेगी गौशाला

देहरादून। 2013 में आई आपदा के बाद श्रीनगर में बेसहारा, बीमार गायों के लिए नगर निगम ने गौशाला का निर्माण किया।  जिसमें इस समय लगभग 80 गाय को आश्रय मिला हुआ है। गौतीर्थाश्रम के सदस्य नवीन प्रकाश नौटियाल ने कि श्रीनगर प्रशासन ने शराब की दुकान के लिए गौतीर्थाश्रम को नियम विरुद्ध बताते हुए अन्यत्र शिफ्ट करने का आदेश दिया है।

देहरादून में प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातची करते हुए गौतीर्थाश्रम के सदस्य नवीन प्रकाश नौटियाल ने कहा कि 12 महिलाओं सहित 23 लोगों पर झूठे मुकदमे दायर करने के बाद श्री नगर प्रशासन द्वारा शराब की दुकान को खोलने के लिए 80 से अधिक बेसहारा, बीमार गायों सहित गौतीर्थाश्रम को नियम विरुद्ध बताते हुए अन्यत्र शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं।  नौटियाल ने कहा की मार्च माह से श्रीनगर की स्थानीय महिलाओं के नेतृत्व में गौशाला के पास से ठेका हटाए जाने को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है।

अप्रैल माह में स्वयं उपजिलाधिकारी श्रीनगर तथा आबकारी निरीक्षक द्वारा शराब की दुकान को नियम विरुद्ध बताते हुए सील कर दिया गया था। किंतु नए आवंटन होते ही यह दुकान कैसे नियम के अनुकूल हो गई, जबकि उत्तराखंड में 1968 में उल्लिखित नियम यह है कि सार्वजनिक स्थल, स्कूल, पूजा स्थलों, फैक्ट्री, बाजार के प्रवेश दुआर या आवासीय कालोनी आदि से 100 मीटर की दूरी पर कोई शराब की दुकान नहीं होगी। श्रीनगर में जिस नए बस अड्डे में यह दुकान खुल रही है। वहां पर गंगा की सहायक नदी अलकनंदा का तट है।  पास में ही भारत सरकार का महत्वकांछी योजना नमामि गंगे का कार्य चल रहा है।  बस अड्डे पर ब्याह-शादी होने के कारण यह सार्वजनिक स्थल है, जहां महिलाओं का आना-जाना लगा रहता है। शनि मंदिर तथा तीन प्रतिष्ठित स्कूलों को जाने वाला आम रास्ता है। नजदीक ही महिला थाना तथा आवासीय बस्ती भी है।

सीएम ने लोगों की समस्याएं सुन मौके पर किया निवारण

देहरादून। सोमवार को सीएम आवास में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बड़ी संख्या में आए लोगों की शिकायतों व समस्याओं को सुना। बहुत सी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जनता मिलन कार्यक्रम में 200 के करीब लोगों की शिकायतों को दर्ज किया गया और मुख्यमंत्री रावत के समक्ष रखी गईं। मुख्यमंत्री ने एकएक फरियादियों से उनकी बात को गम्भीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब नहीं होना चाहिए। समस्या के निस्तारित होने की सूचना संबंधित व्यक्ति को दी जानी चाहिए। सीएम कैम्प कार्यालय के जनता दर्शन हॉल में आम जन की शिकायतों व समस्याओं के निस्तारण के लिए आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में तय समय के अनुसार मुख्यमंत्री रावत ने निर्धारित समय पर पहुंचे और पूरे समय लोगों की समस्याओं को सुना। फरियादियों की अधिक संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री रावत राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बाद दुबारा जनता मिलन कार्यक्रम में आए और लोगों से मिले।

उल्लेखनीय है कि जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान लगभग 40 आर्थिक सहायता के प्रकरण रखे गए। इस संबंध में मुख्यमंत्री रावत ने गुण दोष के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। ऐसे आर्थिक सहायता के प्रकरण जो चिकित्सा उपचार से संबंधित है, उनके साथ मेडिकल बिल तथा चिकित्सा उपचार संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से लगाने होंगे। कार्यक्रम में अनुरोध किया गया कि चिकित्सा प्रकरण जो मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत निपटाए जा सकते हैं, उन्हें संबंधित विभाग में प्रेषित किया जाए। कार्यक्रम में रोशनी देवी तथा राकेश सिंह द्वारा पुलिस विभाग से संबंधित, सौरभ सिंह राणा तथा सुशील देवी द्वारा लोक निर्माण विभाग से संबंधित प्रकरण रखे गए। जनता दर्शन में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, डा. उमाकांत पंवार, सचिव अमित नेगी, श्रीमती राधिका झा, आयुक्त गढ़वाल विनोद शर्मा सहित शासन व पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री  रावत ने अधिकारियों को लोगों की शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि लोगों की वाजिब शिकायतों के हल में किसी तरह की लापरवाही को बरदाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रत्येक माह के पहले व तीसरे सोमवार को मुख्यमंत्री का जनता दर्शन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज लोगों की शिकायतों व समस्याओं को न केवल सुना बल्कि अधिकांश के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को टाईम बाउंड तरीके से आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सुबह से ही लोग अपनी शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कार्यालय पहुंचना शुरू हो गए। सभी की शिकायतों को बाकायदा विभागवार रजिस्टर्ड किया गया। फिर एकएक कर शिकायताकर्ताओं का नाम पुकारा गया। बारीबारी से लोगों ने मुख्यमंत्री के रूबरू होकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने भी लोगों की बातों को पूरे गौर से सुना और आवश्यक निर्देश दिए।

राजधानी में चोरों के हौंसले बुलंद

देहरादून। दून में चोरों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने एक ही रात में कोतवाली से महज सौ मीटर की दूरी पर पांच दुकानों के ताले तोड़ डाले। इन दुकानों से नकदी उड़ा ले गए।  इस घटना से व्यापारियों में पुलिस की निष्क्रियता पर रोष है। सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि गत रात एक स्वीफ्ट कार से वहां पहुंचे। उन्होंने दुकानों के आगे कार खड़ी की और पीछे से ताले तोड़ डाले।

बाला जी ट्रेडिंग कंपनी मालिक सुशील कुमार की दुकान से लगभग 30 हजार रुपए नकद, महावर ट्रेडर्स मालिक महेंद्र कुमार की दुकान से 15 हजार रूपये नकद, लक्ष्मी शुगर ट्रेडिंग कंपनी मालिक अमरीश कुमार की दुकान से पांच हजार कैश व नकदी का गल्ला, मदन मोहन एन्ड संस मालिक जगमोहन की दूकान से सात हजार रूपये नकद व मुकेश गर्ग की कंफेक्सनरी की दूकान से दो लाख कैश ले जाने में चोर कामयाब रहे।  हनुमान मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे चोर स्विफ्ट कार से आए थे। इसी कार को दुकानो के सामने खड़ी कर चोरो ने ताले चटकाए। कोतवाल बीडी जुयाल ने बताया कि फुटेज के माध्यम से चोरो की तलाश की जा रही है।

कांग्रेसियों का कलेक्ट्रेट में अनशन शुरू

चम्पावत। कलक्ट्रेट में किसानों की कर्ज माफी के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अनशन शुरू हो गया है। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों का कर्जमाफ नहीं किया गया तो वह प्रदेश‌व्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों की कर्ज माफी को लेकर कलेक्ट्रेट में अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कर्ज माफी की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राज्य और केंद्र सरकारें किसान और मजदूर विरोधी कार्य कर रही हैं। ऐसे में देशभर के किसान सडक़ों पर उतरने को मजबूर हैं। भाजपा की सरकार वाले राज्यों में ही किसान बड़े आंदोलन कर रहे हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ओंकार धोनी, विकास साह, पूरन कठायत, सूरज प्रहरी, हरगोविंद बोहरा, शुशीला बोहरा, नंदन तड़ागी, राम महर, उत्तम देव आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

किसान की आत्महत्या के विरोध मे धरने पर बैठे कांग्रेसी

पिथौरागढ। बेरीनाग के सरतोला गांव में कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या से गुस्साए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के किसानों का कृषि ऋण माफ नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बेरीनाग में किसान सुरेंद्र सिंह की आत्महत्या से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। यहां उन्होंने धरना देते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया । सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि सीमांत जनपद में पहले सूखे और फिर बारिश व ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई हैं। जिस कारण किसान बैंक का कर्ज चुकाने में असमर्थ हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से कृषि ऋण की मांग कर रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार किसानों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिस कारण कर्ज चुकाने में असमर्थ किसानों को आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ रहा है। पूर्व विधायक मयूख महर ने कहा कि सत्ता मिलने के बाद भाजपा सरकार किसानों को पूरी तरह भूल गई। जिससे किसान खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र किसानों का ऋण माफ नहीं किया गया तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन को बाध्य होगी। इस मौके पर पूर्व विधायक नारायण राम आर्य, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, क्षेत्र प्रमुख मंजू लुंठी, नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती, खीमराज जोशी, दीपक लुंठी, भुवन पांडे समेत कई लोग शामिल रहे।

डेढ़ किलो चरस के साथ एक गिरफ्तार

अल्मोड़ा। एसओजी ने एक व्यक्ति को दबोचकर उसके कब्जे से एक किलो 600 ग्राम चरस बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई जा रही है। एसएसपी पी रेणुका देवी ने बताया कि एसओजी प्रभारी हरेंद्र चौधरी व उनकी टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति बाइक नंबर यूए 03ए 2081 से घौलकडिय़ा चौराहे की तरफ आ रहा है। उसके पास अवैध मादक पदार्थ मौजूद है।

इसके बाद सक्रिय हुई टीम ने चौराहे के आस-पास नाकेबंदी कर दी। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे बाइक सवार व्यक्ति को एसओजी टीम ने रोका। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रहलाद सिह और चंपावत जिले के भैसर्ख निवासी बताया। एसओजी टीम ने उसकी व बाइक की तलाशी ली तो उसके पास से एक किलो 600 ग्राम चरस बरामद हुई। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई जा रही है।

गुरिल्लों ने तहसील परिसर में किया प्रदर्शन

बागेश्वर। बीते आठ साल से धरना दे रहे गुरिल्लों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। गुरिल्लों का कहना है कि इतने सालों तक शांतिपूर्वक आंदोलन करने के बाद भी सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है। यदि सरकार का रवैया नहीं बदला तो गुरिल्ले सडक़ पर उतरने को बाध्य होंगे। इस संबंध दस जुलाई एक महासभा भी आयोजित करेंगे। तहसील परिसर में सोमवार को गुरिल्लों ने अपना आंदोलन तेज करते हुए नारेबाजी की। एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति के नेता रामप्रसाद आर्या का कहना है कि गुरिल्ले बीते आठ सालों से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है।

कहा यदि हमारी मांगे न मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस संबंध में गुरिल्लों ने बैठक भी की और आगे की रणनीति बनाई। सोमवार को आंदोलन में हंसी देवी, लछिमा देवी, लीला देवी, तारा देवी, बहादुर राम आर्या, भुवन चंद्र जोशी, फकीर ङ्क्षसह, रूद्र ङ्क्षसह, हीरा ङ्क्षसह, सोवन ङ्क्षसह, मोहन ङ्क्षसह, खीमा नंद, विशन दत्त व दिनेश चंद्र लोहनी आदि रहे।

किसानों की समस्याओं को लेकर धरना व प्रदर्शन किया

देहरादून। भारत में किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए अखिल भारतीय किसान सभा के सदस्यों ने केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इस अवसर पर जिला प्रशासनिक अािकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया।
सभा से जुड़े हुए सदस्य जिला महामंत्री लेखराज के नेतृत्व में गांधी रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में इकटठा हुए और वहां पर केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि  भारत में किसानों की अनेक समस्यायें है जिनका समाधान किया जाना है, इसके लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार को त्वरित गति से कार्य करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भारत के सभी किसानों के ऋण माफ किया जाये और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिया जाये और पचास प्रतिशत अग्रिम न्यूनतम मूल्य दिया जाये। सरकार द्वारा लाभकारी मूल्य तथा किया गया है और उसे सरकार द्वारा खरीदा जाये और मध्य प्रदेश गोली काण्ड में मारे गये किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया। उनका कहना है कि पशु व्यापार पर लगे प्रतिबंध को तुरंत समान्त किया जाये और मनरेगा में बजट कटौती समान्त की जाये एवं त्रिपुरा की भांति कार्य दिवस किये जाये। इस अवसर पर धरने व प्रदर्शन में कमरूददीन, लेखराज, माला गुरूंग, राजेन्द्र पुरोहित, सुाा देवली, शेर सिंह राणा, महेन्द्र सिंह, जानकी चौहान, चित्रकला, सुनीता देवी, अनंत आकाश, मामचन्द पाल, सुरेन्द्र सिंह सजवाण आदि मौजूद रहे।

राज्य आंदोलनकारी रहे क्रमिक अनशन पर


देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने सरकार द्वारा मांगों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं किये जाने पर शहीद स्मारक पर  क्रमिक अनशन आज भी जारी रहा। इस अवसर पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों द्वारा मांग की गयी है कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने मांग की है कि दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ राज्य आंदोलनकारियो व आश्रितों को दिया जाये। सभी राज्य आंदोलनकारियों को ससम्मान एक समान पेंशन के दायरे में लाया जाये।

आज तक जारी शासनादेश सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किये जायें। परिवहन निगम की बसों में आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी निशुल्क यात्रा की सुविाा दी जाये। उनका कहना था कि राज्य आंदोलन की गरिमापूर्ण ऐतिहासिक भूमिका को समझते हुए राज्य आंदोलनकारियों की इन मांगों पर शीइा्र नीतिगत निर्णय लिये जायें। सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जिसके लिए जनांदोलन किया जायेगा। इस दौरान अशोक कटारिया, अनिल वर्मा, जबर सिंह पावेल, गौरा देवी पुण्डीर, ानेश्वरी देवी यानी तथा विनोद असवाल आदि मौजूद रहे।

पंचायत प्रतिनिधियों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

देहरादून। नगर निगम द्वारा 65 ग्राम पंचायतों  के गांवों को अधिग्रहित कर सीमा विस्तार के विरोध में पंचायत प्रतिनिधियों ने त्रिस्तरीय पंचायत गांव बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेश सरकार व नगर निगम को चेताने के लिए व इस प्रस्ताव को रदद किये जाने की मांग को लेकर शहीद स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी और कहा कि अभी तक सरकार इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर पाई है जो चिंता का विषय है।
       समिति की संरक्षक व रायपुर ब्लॉक प्रमुख बीना बहुगुणा के नेतृत्व में सभी ग्राम पंचायतों के जन प्रतिनिधि शहीद स्थल पर इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने नगर निगम की सीमा का विस्तार किये जाने वाले प्रस्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन धरने को जारी रखा।  इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार व निगम ने शीघ्र ही ठोस कार्यवाही नहीं की गई तो सडक़ों पर उतरकर आंदोलन को तेज किया जायेगा।  उनका कहना है कि अब आर पार का आंदोलन किया जायेगा।

इस प्रस्ताव को रदद किये जाने की मांग को लेकर विधानसभा कूच भी किया जायेगा, इसके लिए शीइा्र ही तिथि घोषित की जायेगी। इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री से वार्ता होने के बाद भी समस्याओं का अभी तक समाधान नहीं हो पाया है जिससे जन प्रतिनिधियों में रोष बना हुआ है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की कल्याणकारी योजना का लाभ पात्र अभ्यर्थी की खुली बैठक के माध्यम से दिलाने का हक ग्राम पंचायतों के पास सुरक्षित है जिनमें वृद्घा पेंशन, विधवा, दिव्यांग पेंशन, गरीबों के लिए अटल आवास जैसी योजनाओं का लाभ सुपात्र लोगों को दिलाया जाता है। शौचालय का निर्माण, उज्जवला योजना के सुपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ, ग्रामीण प्राानमंत्री आवास योजना, गोबर गैस प्लांट, पशुधन विकास, फल उत्पाद आदि कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता है।
    

ग्राम के बुनियादी ढांचे का विकास, सडक़ निर्माण, खेल मैदान, पुलिया, पेयजल आपूर्ति, भूमि जल संरक्षण, नाली, खडंजा, सीसी निर्माण, स्ट्रीट लाइट लगाई जाती है। उनका कहना है कि केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा के तहत ग्रामीणों को सौ दिन का रोजगार प्रतिवर्ष दिलाया जाता है और स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों का स्तर पर कूडा उठाने का कार्य स्वयं ग्राम पंचायतों के द्वारा किया जाता है। ग्राम के सचिवालय में प्रतिदिन आम लोगों के लिए जन्म एवं मृत्यु प्रमाण प्रमाण पत्र आसानी से अपनी ही गांव में उपलब्ध कराया जाता है। उनका कहना है कि राशन कार्ड भी पंचायत घर में उपलब्ध कराया जाता है। ग्राम सभा में आंगनवाडी केन्द्र, पंचायतघर, आशा केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पशु चिकित्सालय, सस्ता गल्ले की दुकान पर ग्राम पंचायत का नियंत्रण होता है, प्राइमरी व जूनियर हाई स्कूलों में समुचित रख रखा एवं मध्याहन भोजन पर निगरानी रखना मुख्य वजह है। ग्रामों में प्रदेश की सत्तर प्रतिशत आबादी गांव में निवास कर रही है जिससे किसानों का विकासखंड के माध्यम से बीज, खाद, कीटनाशक दवाई, कृषि उपकरण, फल व पौधों, दुग्ध डेरी की योजना का लाभ ग्रामीणों को दिलाया जाता है।

पंचायतों की भूमि का सीधा अधिकार ग्राम पंचायत के पास निहित है जिससे लेखपाल के माध्यम से  से पंचायत घर से जमीन संबंधी खसरा, खतौनी भी उपलब्ध कराई जाती है। पिछले वर्षो से सोलह पंचायतें नगर निगम में शामिल की गई और उनका कोई लाभ भी नहीं मिल पाया है जिस कारण से यह ग्राम पंचायतें न तो शहरी बन पाई और न ही गांव रहे। अपने ही नगर निगम में मूलभूत सुविधा प्रदान नहीं कर पा रहा है और अब फिर से 65 ग्राम पंचायतों को नगर निगम में मिलाने का प्रस्ताव लाया जा रहा है जिसका व्यापक स्तर पर विरोध किया जायेगा। इस अवसर पर धरने में बीना बहुगुणा, धनश्याम पाल, हेमा पुरोहित, मूलचन्द शीर्षवाल, प्रवीण पुरोहित, सुलेमान अंसारी, हरी प्रसाद भटट, शबनम थापा, राजेश परमार, शबनम थापा, पूजा नेगी, रश्मि पयाल,  विमलेश देवी, बलराज मित्तल, वीरेन्द्र कुमार, धनीमाला ठकुरी, अभिषेक पंत, राजेश कुमार आदि बैठे।
 

सूबे के कई प्राइमरी स्कूल राम भरोसे

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य में सरकारी सिस्टम कई जगह राम भरोसे चल रहा है, तो वहीं बच्चों की प्राईमरी शिक्षा पर सरकार द्वारा ध्यान न दिये जाने से जहां बच्चों की संख्या घटने के मामले प्रकाश में आये हैं तो वहीं पर बहुत कम बच्चों अथवा छात्रों की संख्या पर दो से ज्यादा अध्यापक होने के कारण स्थिति बड़ी सोचनीय एवं विकट रूपी लगती है। प्रदेश के अन्दर पिछले करीब डेढ़ दशक में प्राईमरी स्कूलों पर जिस प्रकार से अन्याय का साया रहा है और मासूमों को शिक्षा देने में लापरवाहियां हुई हैं, वह किसी से भी छिपा हुआ नहीं हैं। पहाड़ में कई प्राईमरी पाठशालाएं ऐसी हैं जिनमें काफी कम बच्चों पर दो या दो से अधिक अध्यापकों को तैनात किया गया तथा वहां की किसी भी दृष्टि से सरकार व शासन-प्रशासन ने सुध लेना गवारा ही नहीं समझा।

मिली जानकारी के अनुसार, आरटीई 2009 के मानक पर नजर डाली जाए तो प्राईमरी स्कूलों में 60 तक छात्र संख्या वाले स्कूलों में दो शिक्षक रखे जाते हैं, 61 से 90 तक की संख्या पर तीन शिक्षक, 91 से 120 तक पर चार शिक्षक, 121 से 150 पर 5 शिक्षक के साथ ही इससे अधिक की छात्र संख्या पर अधिक शिक्षक तैनात करने के मानक है। सरकार ने यह मान लिया है कि इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति, स्थानान्तरण, सेवानिवृत्ति आदि के कारण विद्यालयवार प्रतिवर्ष छात्र-शिक्षक का अनुपात प्रभावित होता रहता है।

उत्तराखण्ड में इन पाठशालाओं की स्थिति ऐसी कही जा सकती है कि मौजूदा व्यवस्था से राज्य सरकार जहां सुधारात्मक कदम उठाने का समय नहीं निकाल पा रही है तो वहीं सरकारी खजाने पर बोझ पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि राज्य के अन्दर 77 विद्यालय ऐसे हैं जहां पर 20 से कम छात्र संख्या पर दो से अधिक शिक्षक तैनात हैं। हालांकि सूबे की नई सरकार ने इस दिशा में ठोस सकारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिये हैं। इस दिशा में सरकार की गंभीरता दिखाई भी दे रही हैं। सरकार कई प्राईमरी स्कूलों को बंद कराकर शेष स्कूलों में ही आवश्यकता के अनुसार गुरूजनों की तैनाती कराने की दिशा में अपने कदम उठा रही है, ताकि मासूमों की शिक्षा एवं उनके भविष्य पर बेहतर ध्यान दिया जा सके।

जनता का विश्वास जीतना सरकार की सबसे बड़ी पूंजी: मदन कौशिक

देहरादून। जनता का विश्वास जीतना सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है। उत्तरांचल प्रेस क्लब में ‘‘प्रेस से मिलिए’’ कार्यक्रम के तहत शनिवार को कैबिनेट मंत्री और उत्तराखण्ड सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने यह बात कही।  कौशिक ने कहा कि सरकार ने अपने तीन माह के शुरूआती कार्यक्रम में  जनता का विश्वास जीता है। जो हमारी सबसे बड़ी जमा पूॅजी है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले दिन से ही जीरो टालरेंस की नीति अपना रही है। एन एच मामले की सीबीआई जॉच इसका प्रमाण है साथ ही यूपी निर्माण निगम के ठेकों पर रोक भी इस दिशा में उठाया गया कदम है।

कहा कि सरकार 2021 तक आवास हीनो को छत प्रदान करने का काम कर रही है। साथ ही बीते तीन महीनो मे नमामि गंगे के तहत एक हजार करोड़ रूपये के टैंटर किये जा चुके है। सरकार के काम काज में ईमानदारी और पारदर्शिता कायम करने के लिए स्थानान्तरण और लोकयुक्त विधेयक विधान सभा के पटल पर रखे जा चुके हैं। साथ ही त्रिपाठी जांच आयोग की रिपोर्ट भी सदन पटल पर रखी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार,ऋषिकेश के बीच मेट्रो प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। तीन माह का कार्यकाल पूरा होने पर सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने प्रस्तुत करेगी।

उन्होंने कहा कि गैरसैंण के मामले पर पूर्ववर्ती सरकार ने जनता को धोखे में रखा इस विषय पर प्रदेश सरकार स्पष्ट निर्णय लेगी। प्रदेश में लोकायुक्त कानून को कमजोर किए जाने के सवाल को खारिज करते हुए कहा कि ये कानून अभी विभिन्न प्रक्रिया से गुजर रहा हैं। इसलिए अभी से पूर्वाग्रह बनाना ठीक नहीं है। सरकार हर हाल में मजबूत लोकायुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्घ है। प्रदेश में किसान आत्म हत्या के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है किसान की मौत पर राजनीति करना दुर्भाग्य पूर्ण है। कर्जमाफी के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर राज्य अपनी-अपनी आर्थिक परिस्थतियां हैं। उत्तराखण्ड सरकार किसानो को बुनियादी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास कर रही हैं।

पहाड़ो से पलायन राकने को लेकर सरकार ने तीन सदस्यीय कमेठी बनाई है जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपी हैं। श्री कौशिक ने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही सदन में सभी कार्य हुए हैं। उन्होंने विपक्ष के कार्यमत्रणा समिति बैठको के बहिष्कार को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य पूर्ण बताया। उन्होंने देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने में जल्द सफलता मिलने की उम्मीद जताई। इस मौक पर  प्रेस क्लब अध्यक्ष नवीन थलेड़ी ने मदन कौशिक कापुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त मंत्री संजीव कंडवाल ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष एल$एमज़खवाल, कार्यकारिणी सदस्य अनूप गैरोला, चेतन गुरूंग, मंगेश कुमार, देवेन्द्र सिंह नेगी, प्रवीण डंडरियाल, विरेन्द्र दत्त गैरोला, क्लब के वरिष्ठ सदस्य दर्शन सिंह रावत , विकास धूलिया, जितेन्द्र अथंवाल, राजेन्द्र उनियाल, गिरीधर शर्मा, राजकिशोर तिवारी, संतोष चमोली, पृथ्वीराज सिंह सहित अनेक पत्रकार मौजूद थे।
 

दून में साह म्यूजिक कंपनी के पहले गीत की लॉचिंग

देहरादून। प्रदेश की राजधानी दून में साह जी म्यूजिक कंपनी के पहले गीत की लॉचिंग की गई। युवा गायक व संगीतकार उत्तराखंड निवासी विशाल साह ने इस मौके पर शानदार तरीके से गीत की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। शनिवार को दून के एक होटल में साह म्यूजिक कम्पनी के पहले गीत की लॉचिंग की गई। इस मौके पर कर्णप्रयाग के विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी ने गायक विशाल साह को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साह जी म्यूजिक कंपनी की प्रदेश में युवाओं को मंच उपलब्ध करवाये जाने की सोच स्वागत योग्य है। देहरादून की राजपुर सीट से पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। विशाल साह की गायिकी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वह प्रदेश के युवाओं के लिए वह निश्चित ही एक मिसाल बनेंगे।

मीडिया से वार्ता के दौरान विशाल साह ने कहा कि आने वाले समय में साह जी म्यूजिक कंपनी प्रदेश की संस्कृति पर आधारित एलबम का निर्माण भी करेगी। जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस एलबम के माध्यम से प्रदेश के उभरते हुए गायकों, संगीतकारों एवं कलाकारों को भी कुछ सीखने का अवसर मिलेगा। साह ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नही हैं, लेकिन उभरती हुई प्रतिभाओं को एक मंच की तलाश है, जिसके लिए साह जी म्यूजिक कंपनी हर संभव प्रयास करेगी। उत्तराखण्ड में बनने वाली एलबम को शीघ्र ही तैयार किया जायेगा और इसमें स्थानीय कलाकारों को ही अवसर प्रदान किया जायेगा। प्रदेश के खुबसूरत स्थानों पर इस एलबम का फिल्मांकन किया जायेगा। नैनीताल में अगले माह एक गीत का फिल्मांकन प्रस्तावित है।

गौरतलब है कि मूल रूप से उत्तराखंड निवासी युवा गायक व संगीतकार विशाल साह ने कम उम्र में इस एलबम का निर्माण कर एक प्रसिद्घि हासिल की हैं। साह जी म्यूजिक कंपनी के पहले गीत को देशभर में खूब पसंद किया जा रहा है। यू-ट्यूब पर करीब 1 लाख से भी अधिक लोग इस गीत को लाइक कर चुके हैं। युवाओं के बीच यह गीत खासा प्रचलित हो रहा है। कार्यक्रम में पूर्व एडी स्पोट्र्स आरएस रावत, नेशनल क्रिकेटर स्नेह राणा, नरेन्द्र शाह, किरन शाह, हिमांशु पुंडीर आदि मौजूद रहे। सिंगर विशाल साह ने बताया कि उत्तराखंड में गायिकी की प्रतिभाओं को तलाशने के लिए शीइा्र ही साह जी म्यूजिक कम्पनी की ओर से प्रदेश में एक टैलेंट शो का आयोजन भी किया जाएगा। शो के माध्यम से गायिकी के क्षेत्र में 12 प्रतिभावान बच्चों को चुनकर उन्हें नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कैडेटों को दी राष्ट्रीय एकता एवं स्वच्छता की जानकारी

उत्तरकाशी । उत्तराखंड स्वाधीन कंपनी की ओर से एनसीसी के जवानों के लिए चलाए जा रहे दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कर्नल डीएस शेखावत ने कैडेटों को अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं कैडेटों को राष्ट्रीय एकता एवं स्वच्छता की जानकारी दी गई।राजकीय इंटर कालेज मनेरी में शुक्रवार से शुरू हुए संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के 488 एनसीसी जवानों ने प्रतिभाग किया। शिविर के दूसरे दिन जवानों को संबोधित करते कर्नल डीएस शेखावत ने कहा कि एनसीसी जवानों को एकता, अनुशासन राष्ट्र सेवा एवं अच्छे नगारिक बनने के साथ ही चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कहा कि दस दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर में जवानों को मॉक ड्रिल, फायरिंग, मैप रीडिंग, वैपन ट्रेनिंग, सामाजिक कार्य, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, योग पर्यावरण, आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। इस मौके पर एनसीसी अधिकारी लोकेन्द्र पाल परमार, गीतांजलि, उत्तम सिंह भंडारी, राजेन्द्र प्रसाद, अजय प्रसाद, हवलदार पंचम सिंह, मनमोहन कोटनाला, सुरेश कुमार आदि थे।

प्रधानों ने भटवाड़ी ब्लॉक कार्यालय पर जड़े ताले

उत्तरकाशी । राज्य सरकार की ओर से राज्य वित्त की धनराशि में कटौती किए जाने पर ग्राम प्रधानों ने कड़ा विरोध जताया है। प्रधानों ने इसके विरोध में ब्लॉक कार्यालय भटवाड़ी में तालाबंदी की और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान 26 जून को प्रधान जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। शनिवार को भटवाड़ी क्षेत्र के ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनिल रावत के नेतृत्व में विकासखंड सभागार में एकत्रित हुए। यहां प्रधानों ने राज्य वित्त की धनराशि में 50 प्रतिशत की कटौती करने पर कड़ी नाराजगी जताई और सरकार के इस फैसले का विरोध में ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया।

प्रधानों ने आरोप लगाया कि राज्य वित्त की धनराशि में कटौती कर सरकार गांव के विकास को रोकने का काम कर रही है। इससे गांव के विकास पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने संगठन के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा और राज्य वित्त की धनराशि पूर्व की भांति आवंटित किए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से शीघ्र कटौती के निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो समस्त प्रधान अपने पदों से इस्तीफा देंगे। इस मौके पर प्रधान संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष संजीता रावत, बसन्ती नेगी, सरोजनी देवी, पूनम, कमला, भागेश्वरी, नीता, भागीरथी, रेशमा, विपिन राणा, संजीव नौटियाल, नौबर चन्द, रामचन्द्र सिंह, भरत सिंह आदि उपस्थित रहे।

बंजर खेतों को फिर से आबाद करने का आह्वान

 श्रीनगर गढ़वाल। विकासखंड खिर्सू के सुमाड़ी गांव में कृषि गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में कृषि, पशुपालन एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस मौके कृषकों ने गांवों में बंजर पड़े खेतों को पुन: आबाद कराए जाने का आह्वान किया। इसके लिए उन्होंने कृषकों को सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाए जाने की मांग की। प्रधान विनीता देवी की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में सहायक कृषि अधिकारी खिर्स बिहारी लाल शाह ने कृषकों से सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि योजनाओं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसली ऋण, आत्मा योजना, कृषियंत्रीकरण, जैविक कृषि, बीज गा्रम योजना, कृषि सिंचाई योजना आदि की जानकारी दी।

उन्होंने कृषकों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। पशुपालन विभाग के डा. अजीत प्रताप सिंह ने पशु टीकाकरण, कृत्रित गर्भाधान, पशु बीमा से सबंधित जानकारी पशुपालकों को दी। उद्यान विभाग के ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक डीपी भट्ट ने बागवानी, बेमौसमी सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती के सबंध में जानकारी दी। गोष्ठी में कृषक दिनेश चंद्र रूडोला ने खाली एवं बंजर पड़े खेतों में फूलों की खेती प्रारंभ करने, राकेश मोहन काला ने शहतूत के पौधों का रोपण कराए जाने पर जोर दिया। मौके पर कृषक विमल काला, मनोज काला, केपी चमोली, डा. शैलबाला, उर्मिला देवी, शीला देवी आदि मौजूद रहे।

केंद्र की योजनाओं का मिल रहा लाभ : आर्य

पौड़ी। केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पौड़ी में शनिवार को टीएचडीसी के सहयोग से कार्यक्रम सबका साथ, सबका विकास का आयोजन हुआ। प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए परिवहन एवं पौड़ी के प्रभारी मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामरिक दृष्टि से देश को दुनिया से जोडऩे के लिए सार्थक कदम उठाए हैं। इन तीन सालों में हर वर्ग के लिए योजनाएं संचालित हुईं। आर्य ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की प्रचंड बहुमत से जीत यह दर्शाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों पर लोगों ने विश्वास किया। देश को एक नई दिशा मिली है और केंद्र की योजनाओं से लाभ लोगों को मिल रहा है।

स्वच्छ भारत अभियान से लेकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, गैस कनेक्शन, मेक इन इंडिया आदि का जिक्र करते हुए आर्य ने कहा कि देश को ऐसे कदमों की जरूरत थी। देश को आगे बढ़ाने में सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी सरकार को 100 दिन पूरे होने वाले हैं। इस दौरान जो काम हुए उनका भी ब्यौरा जनता के समाने रखा जाएगा। बतौर विशिष्ट अतिथि विधायक पौड़ी मुकेश कोली ने केंद्र सरकार के तीन साल में हुए कामों की जानकारी दी। इस मौके पर केंद्र सरकार की योजनाओं और उठाए गए कदमों को लेकर एक फिल्म के जरिए जानकारी दी, जिसमें इसमें नोटबंदी, मुद्रा, स्वच्छ भारत, कन्या धन आदि शामिल थे। कार्यक्रम में परम संस्था के कलाकारों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दीं।

इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। इस दौरान कृषि, उद्यान, पशुपालन व समूह सहायता समूह आदि ने प्रदर्शनी भी लगाई। कार्यक्रम में डीएचडीसी के अधिशासी निदेशक एचएल अरोडा, वरिष्ठ प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी डा. एएन त्रिपाठी, बीजेपी जिलाध्यक्ष मुकेश रावत, डीएम सुशील कुमार, एसएसपी जगतराम जोशी, सीडीओ विजय जोगदंडे, बीजेपी नगराध्यक्ष राजेंद्र सिंह, भारत सिंह रावत, विकास कुकरेती, दिगम्बर नेगी, राज रावत आदि मौजूद रहे। संचालन जिलामंत्री नीरज पांथरी ने किया।

ग्रामीणों का पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन

 जोशीमठ। लाता गांव के युवक को कीड़ाजड़ी रखने के आरोप में पुलिस के गिरफ्तार करने से ग्रामीण भडक़ उठे। उन्होंने जुलूस निकालकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीण एसडीएम से भी मिले। बताया कि स्थानीय लोगों के पास कीड़ाजड़ी टिपान की अनुमति है। इसलिए पुलिस कार्रवाई गलत है।
शुक्रवार को जोशीमठ विकासखंड के लाता गांव निवासी महेंद्र ङ्क्षसह राणा को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 370 ग्राम कीड़ाजड़ी के साथ गिरफ्तार किया था। शनिवार को पुलिस ने आरोपी युवक को न्यायालय में पेश किया।

जहां से उसे जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया। युवक की गिरफ्तारी पर शनिवार को ग्रामीण भडक़ उठे। नीती घाटी के ग्रामीणों ने जोशीमठ में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। तहसील परिसर में भी नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने उन्हें कीड़ाजड़ी टिपान की अनुमति दी है। बताया कि युवक टिपान कर गांव जा रहा था। पुलिस ने उसे गांव जाने वाले रास्ते में गिरफ्तार कर लिया, लेकिन गिरफ्तारी जोशीमठ में दिखाई। इसलिए पुलिस कार्रवाई गलत है।

उन्होंने कीड़ाजड़ी विपणन के लिए ठोस नीति बनाने की भी मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि दोबारा पुलिस इस प्रकार की कार्रवाई करेगी तो ग्रामीण आत्मदाह जैसे कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। मौके पर राजेंद्र ङ्क्षसह रावत, रमेश चंद्र सती, कीरत भंडारी, ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत, रामेश्वर प्रसाद थपलियाल, ठाकुर ङ्क्षसह राणा आदि मौजूद थे।

मुआवजे की मांग की

जोशीमठ।  खीरों घाटी में अज्ञात बीमारी से सैकड़ों बकरियों की मौत हो गई। पशुपालकों ने स्थानीय प्रशासन को पत्र देकर मुआवजे की मांग की है। थैंग के पशुपालक शंकर ङ्क्षसह नेगी, कृपाल ङ्क्षसह, फकीर ङ्क्षसह नेगी, बसंत ङ्क्षसह ने स्थानीय प्रशासन को जोशीमठ में पत्र सौंपा।

बताया कि खीरों घाटी के बुग्यालों में बकरियों को पेचिस व खून की उल्टी हो रही है। इसके बाद धीरे- धीरे उनकी मौत हो रही है। बीते एक सप्ताह में 200 से अधिक बकरियों की मौत हो चुकी है।

समिति कर रही योग शिविर का आयोजन

नई टिहरी।  पतंजलि योग समिति द्वारा 21 जून को आयोजित योग दिवस को सफल बनाए जाने को लेकर बैठक आयोजित किया गया। योग के प्रति लोगों को जागरूक करने को लेकर समिति द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर योग शिविर लगाए जा रहे हैं।बौराड़ी स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में कहा गया कि 21 जून को पतंजलि योग समिति व भारत स्वाभिमान नई टिहरी के बौराड़ी स्टेडियम में सुबह छह से आठ बजे तक लोगों को योगाभ्यास करवाया जाएगा।

जिला प्रभारी महावीर प्रसाद उनियाल ने बताया कि समिति की ओर से नई टिहरी के मोलधार, नव दुर्गा मंदिर व गुरुद्वारा में योग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें लोगों को योग व प्राणायाम कराया जा रहा। बैठक में कमल ङ्क्षसह महर, दर्मियान ङ्क्षसह नेगी, इंद्रदत्त डंगवाल, सोना नेगी, बसंती नेगी आदि शामिल थे।

कामयबी के लिए ऊंची सोच जरूरी: राज्यपाल

नई टिहरी। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कुलाधिपति एवं प्रदेश के राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने कहा कि कामयाबी के लिए ऊंची सोच रखने की जरूरत है। पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन और ईमानदारी भी जरूरी है। तभी जीवन में सफलता मिलती है। समारोह में अतिथियों और छात्र-छात्राओं ने गाउन के साथ पहाड़ी टोपी और मफलर भी पहना। शनिवार को वानिकी एवं औद्यानिकी विवि के रानीचौरी परिसर में आयोजित समारोह का शुभारंभ राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सत्र 2013-14 से 2015-16 तक के 6469 छात्र-छात्राओं को उपाधि तथा पांच मेधावी छात्र-छात्राओं को चांसलर ट्रॉपी, 25 को गोल्ड तथा 27 को सिल्वर मेडल दिया गया। राज्यपाल ने कहा कि इस विवि की स्थापना का उद्देश्य उत्तराखंड के दूर-दराज क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा मुहैया करवाना है।

यहां ऐसे कोर्स शुरू करवाए जाएंगे जो स्वरोजगारपरक हो। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने एचएनबी केंद्रीय विवि श्रीनगर से संबद्ध सभी कॉलेजों को श्रीदेव सुमन विवि से सम्बद्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने टिहरी में श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस खोलने की मांग पर नियमानुसार कार्यवाही का आश्वासन दिया। कहा कि सरकार उच्च शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रयासरत है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग मिले इसके लिए बजट में 80 लाख का प्राविधान रखा गया है। 100 छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पीएचडी करवाई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक से एक छात्र का चयन किया जाएगा। निजी विश्वविविद्यालयों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए अधिनियम बनाया जा रहा है। प्रत्येक विवि एक सरकारी डिग्री कॉलेज को गोद लेगा।

एनसीसी और एनएसएस को नमामि गंग योजना के तहत पांच करोड़ रुपये दिए जाएंगे, ताकि गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा सके। राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह से पहले श्रीदेव सुमन विवि के मुख्य भवन का लोकापर्ण किया। इस मौके पर विवि परिसर में पौधरोपण भी किया गया। इसके बाद कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया। ये लोग रहे मौजूद टिहरी विधायक धन सिंह नेगी, कुलपति डॉ. यूएस रावत, रजिस्ट्रार दिनेश चंद्रा, सचिव रविनाथ रमन, डीएम सोनिका, एसएसपी विमला गुंज्याल, एडीएम डॉ.एसके बरनवाल, वानिकी विवि के डीन प्रो. सीएम शर्मा, एसडीएम चतर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नेगी, खेम सिंह चौहान, रागनी भट्ट, विक्रम कठैत, मनोज नकोटी, बेबी असवाल, रतन सिंह पंवार, सतवीर पुंडीर, उदय रावत, अमरेश रणाकोटी, अरविंद मखलोगा, रामलाल नौटियाल, ठाकुर भवानी प्रताप, जयेंद्र सेमवाल, यशपाल रमोला सहित विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

ज्वैलर्स के लिए जारी होगा एकाउंटिंग साफ्टवेयर

देहरादून। ज्वैलरी कारोबारियों के लिए अलग से एकाउंटिंग साफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसे देहरादून में रविवार को लांच किया जाएगा। इस मौके पर ज्वैलरी कारोबार को लेकर भी विशेषज्ञ जानकारी देंगे। प्रेस क्लब में शनिवार को पत्रकार वार्ता में उत्तरांचल ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विपिन बेरी ने कहा कि अखिल भारतीय रत्न आभूषण व्यापार संघ की ओर से रविवार 18 जून को देहरादून के होटल वाइसरॉय इन में सेमीनार आयोजित किया जा रहा है।

जिसमें राज्यभर के दो सौ से ज्यादा ज्वैलर्स हिस्सा लेंगे। सेमीनार में रत्न आभूषण उद्योग, स्वामित्व ढांचा, बजट, वित्त, बैंकिंग और एकाउंट संचालन, जीएसटी, कारोबार प्रबंधन के टिप्स दिए जाएंगे। साथ ही एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर भी लांच किया जाएगा, जो ज्वैलर्स कारोबारियों के लिए जीएसटी में बड़ी मदद करेगा। सेमीनार का उद्घाटन वित्त सचिव अमित नेगी करेंगे। पत्रकार वार्ता में ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव गुरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष रमेश मैसोन, प्रवीन जैन समेत अन्य मौजूद रहे।
 

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