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उत्तराखंड में कहर बरपा रही बारिश

देहरादून। उत्तराखंड राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी हो चुका हैं। राज्य में अगले 24 घंटो में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया हैं। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक सावधानी बरतने के निर्देश दिये गये हैं। उम्मीद है कि आज ही की तरह अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई स्थानों में भारी बारिश आ सकती है। सुबह से हो रही वर्षा के कारण राजधानी दून में अनेक स्थानों पर जलभराव की सूचना है। विकासनगर क्षेत्र में अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गयी। जिसके कारण सिनेमा गली सहित कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। जिसके कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। विकासनगर क्षेत्र में जो जलभराव हुआ उसने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। इसी तरह देहरादून शहर में भी अनेक स्थानों में जलभराव हुआ। नगर निगम का ड्रनेज सिस्टम एक बार फिर फेल होता हुआ नजर आया। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया और तो और गलियों तक में जलभराव देखा गया।
 
बंद नालियो का पानी सडक़ों पर बहने लगा जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गयी। वार्ड नम्बर १३ चुक्खुवाला में पुस्ता नाले में समा गया। जिसके कारण कई मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई क्षेत्रों में मार्ग मलबा आने से बंद हो गयें। जोशीमठ से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद है। भारी बारिश के चलते राजमार्ग बंद हुआ है। लामबगड़ में स्लाईड से आये मलबे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने की सूचना मिलते ही एनएच हाईवे खुलवाने में जुट गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह से राजधानी सहित हरिद्वार व आस पास के इलाकों में तेज बौछारे पड़ी हैं। वहीं मंगलवार रात तेज बौछारों के बीच बदरीनाथ हाईवे पर चट्टान टूट गयी जिससे यात्रा को रोक दिया गया। उत्तराख्ंाड के कई इलाकों में सुबह से मूसलाधार बारिश का दौर जारी हैं। वहीं बदरीनाथ हाईवे पर बाजपुर में चट्टान टूटने से हाईवे बाधित हो गया।
 
 
बीती रात करीब १२.०० बजे हाईवे बंद हो गया था। जिसे बीआरओ के मजदूरों ने आज सुबह ८.०० बजे खोल दिया था लेकिन मलबा हटाने के लिये सुबह ९.३० बजे वाहनों की आवाजाही पुन: रोक दी गयी। वहंी निर्माणाधीन पुलिया भी मलबे से क्षतिग्रस्त हो गयी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना हैं कि राज्य में अगले २४ घंटे भारी बारिश की संभावना हैं। देहरादून में भी दो या तीन बार तेज बारिश हो सकती हैं। मौसम केंद्र ने भारी बारिश की चेतावनी जारी पहले ही कर दी थी। मौसम विभाग का कहना हैं कि अगले चार दिन देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, व पिथौरागढ़ में लगातार बारिश होने की संभावना हैं। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की भी चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की हैंं। गैरसैंण में भू स्खलन से खांसरा नदी में झील बन गयी हैं। जिला प्रशासन का कहना हैं कि झील से कोई खतरा नहीं हैं। वहीं भारी बारिश के कारण मलबा आने से देहरादून जिले में त्यूनी-चकराता-मसूरी, मसूरी- धनौल्टी, कालसी-खबऊ सहित नौ सडक़ों पर यातायात बंद हो गया। कुमाऊं में भारी बारिश से पिथौरागढ़ में काली नदी में जलस्तर बढ़ गया। वहीं मनुस्यारी क्षेत्र में वर्षा के नाचनी-भैसकोड और डीडीहाट-दूनकोट मार्ग बंद हो गया। बागेश्वर में भी आधा दर्जन सडक़े बंद होने से पिंडर घाटी के गांवों का संपर्क टूट गया हैं। 

आंदोलनकारियों के हितों को सरकार गंभीर नहीं

देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने अपनी सात सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए अपने आंदोलन को जारी रखते हुए कहा है कि सरकार आंदोलनकारियों के हितों के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जिसके लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। सरकार की जन विरोधी नीतियों व आंदोलनकारियों की उपेक्षा पर संघर्ष को तेज किया जायेगा। आंदोलनकारी कचहरी स्थित शहीद स्थल में इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने अपनी सात सूत्रीय मांगों के समााान के लिए प्रदर्शन कर धरना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समूचे उत्तराखंड को आरक्षित किया जाये और मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहे के दोषियों को फांसी दिये जाने की मांग की गई है। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा आंदोलनकारियों को शीइा्र ही प्रदान किया जाना चाहिए और सेनानियों के आश्रितों को रोजगार में समायोजित किये जाने तथा समीवर्ती जिलों से पलायन पर पूर्ण रूप से रोक लगाये जाने और आंदोलनकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को शीइा्र ही प्रदान किया जाना चाहिए।
 
 
उनका कहना है कि लगातार आंदोलनकारियों के हितों के लिए संघर्ष किया जा रहा है लेकिन प्रदेश सरकार इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है। उनका कहना है कि लगातार आंदोलनकारियों का उत्पीडऩ किया जा रहा है और उनके हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे आंदोलनकारियों में रोष बना हुआ है। शीइा्र ही आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सचिवालय कूच किया जायेगा और इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों को शीइा्र ही चिन्हित किया जाये और छूटे हुए आंदोलनकारियों को शीइा्र ही दर्जा दिये जाने की आवश्यकता है इसके लिए शासन व प्रशासन को शीइा्र ही हल निकालना होगा। उनका कहना है कि शीइा्र ही कार्यवाही न होने पर आंदोलन को तेज किया जायेगा। इस अवसर पर नंदा बल्लभ पांडेय, विनोद असवाल, प्रेम सिंह नेगी, विश्म्बरी रावत, पुष्पा रावत, हिमानंद बहुखंडी, सुनील जुयाल, सत्येन्द्र नौगांई, वीर सिंह, राधा तिवारी, पुष्पा नेगी, बना रावत, कीर्ति रावत, गोदाम्बरी भटट, प्रभात डंडरियाल, जानकी भंडारी, मनोहरी रावत, प्रभा वोरा, कमला थापा, फूला रावत, संध्या रावत, रेखा पंवार, विमला रावत, जगदम्बा नैथानी, आरती ध्यानी, सैमर सिंह नेगी, सुशीला भटट, जयंती पटवाल, सरोज थ्पलियाल, एम एस भंडारी, विरेन्द्र कुकशाल, पुष्पा राणा, सुधा रावत, विमला पंवार, नीमा हरबोला, कांाति काला, तारा पांडेय, राम प्यारी, एमएस रावत सहित अनेक आंदोलनकारी मौजूद थे। 

 

बारिश में भी धरने पर रहे आंदोलनकारी

 देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने आंदोलनकारियों को चिन्हित किये जाने की मांग को लेकर अपना धरना बुधवार को भी जारी रखा और कहा कि सरकार की ओर से शीइा्र ही कार्यवाही न किये जाने पर आंदोलन को तेज किया जायेगा। उनका कहना है कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। वहीं भारी बारिश के बीच भी आंदोलनकारी धरने में जुटे रहे। समिति से जुड़े हुए आंदोलनकारी शहीद स्थल पर इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपने धरने का जारी रखा। इस अवसर पर समिति से जुडे हुए आंदोलनकारियों द्वारा मांग की गयी है कि  सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने मांग की है कि दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ राज्य आंदोलनकारियो व आश्रितों को दिया जाये। सभी राज्य आंदोलनकारियों को ससम्मान एक समान पेंशन के दायरे में लाया जाये।

 

आज तक जारी शासनादेश सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किये जायें। परिवहन निगम की बसों में आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी निशुल्क यात्रा की सुविाा दी जाये। राज्य आंदोलन की गरिमापूर्ण ऐतिहासिक भूमिका को समझते हुए राज्य आंदोलनकारियों की इन मांगों पर शीइा्र नीतिगत निर्णय लिये जायें। उनका कहना है कि जिलाधिकारी कार्यालय में आंदोलनकारियों की पेंशन का ड्राफ्ट आने के बाद भी आज तक आंदोलनकारियों के खाते में नहीं डाला गया है जो चिंता का विषय है, उनका कहना है कि पेंशन राशि को शीइा्र ही खातों में नहीं डाला गया तो इसके लिए भी मोर्चा खोला जायेगा। लगातार आंदोलनकारियों के हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है और जिससे आंदोलनकारियों में रोष बना हुआ है। इस दौरान अशोक कटारिया, जी डी डंगवाल, अनिल वर्मा, जबर सिंह रावत पावेल, गौरा देवी पुण्डीर, धनेश्वरी देवी यान,  विनोद असवाल, लोक बहादुर थापा, प्रभा नैथानी, सुरेश कुमार, अभय कुकरेती, बैपारी भुराठा मौजूद थे।  

रियायती दरों पर किया विशेष जांच शिविर का शुभारंभ: चौहान

 

देहरादून। जन सेवा समिति द्वारा भारी छूट के साथ रियायती दरों पर विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का शुभारम्भ किया गया है। यहां समिति के एमएम चौहान ने बताया कि इस शिविर में सम्पूर्ण शरीर की कई प्रकार की जाँच की गयी, जिसमें लीवर, किडनी, हार्ट, शुगर यूरिक एसिड, थायराइड, गठिया, डेंगू, टायफाइड, विटामिन डी, केल्शियम, हीमोग्लोबिन की जांच की गई।
 
 
 
यह शिविर शिव मंदिर बलबीर रोड पर शिव मंदिर परिसर में लगाया गया। समिति के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि समिति द्वारा समय समय पर जन सहयोग से विभिन्न प्रकार के जागरुकता अभियानों के साथ ही ाार्मिक एवम सामाजिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता रहा है। ऐसे में देहरादून की बस्तियो में जरूरतमंदों के लिए इस प्रकार के आयोजनों को शुरू किये जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उनका कहना है कि कोशिश की जायेगी की प्रत्येक रविवार को अलग अलग स्थानों पर इस प्रकार के शिविर आयोजित किये जायेंगें। इस अवसर पर जन सेवा समिति के एम एस चौहान, बलराज परिहार, मंगेश कुमार, आलोक शर्मा, दिनेश नेगी, भगवान सिंह बिष्ट,राजू, सुरेश नेगी, राजेंद्र खन्ना, सुशील थापा, गंगा उप्रेती, गणेश प्रसाद, अनूप नोडियाल,कैलाश उनियाल,राजेश बहुगुना ,पूनम रावत, दिनेश भंडारी के साथ यश पेथोलजी की टीम ने मौजूद रहकर सहयोग किया।  
 

महिलाओं की गिरफ्तारी के विरोध में दिया धरना

 

देहरादून। रायपुर में काफी दिनों से चल रहे धरने में पहुंचे वरिष्ठ समाजसेवी एवं जिला पंचायत सदस्य सुभाष शर्मा ने रायपुर ठेके को अन्यत्र शिफ्ट किये जाने को जायज बताया और महिलाओं को गिरफ्तार किये जाने के विरोध में धरने पर बैठ गये और इस दौरान उनका कहना है कि महिलाओं को गिरफ्तार किया जाना निन्दनीय है।वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा  है। उन्होंने कहा कि महिलाये काफी समय से संघर्षरत है, लेकिन सरकार का कोई भी मंत्री विधायक इधर नही आया।
 
 
उनका कहना है कि सरकार ने इस ओर आँखे मुंदी हुई है और पुलिस बल का प्रयोग करके इन्हें गिरफ्तार कर आंदोलन को कुचलने का कार्य किया है जो काफी शर्मनाक एवम निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शराब की दुकान अन्यत्र शिफ्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शराब और शमशान कही भी खोले जा सकते है। लेकिन बस्ती के मध्य शराब की दुकान खुलने से प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस संदर्भ में उन्होंने राज्य के आबकारी मंत्री प्रकाश पन्त से भी फोन पर बात की और महिलाओ की भावना से अवगत करा या। आबकारी मंत्री प्रकाश पन्त ने उन्हें आस्वासन दिया कि शीघ्र शराब की दुकान अन्यत्र शिफ्ट की जायेगी। शराब की दुकान के अनुज्ञापि महेश पोखरियाल ने शीइा्र दुकान अन्यत्र शिफ्ट करने पर हामी भरी है। धरना स्थल पर महानगर कांग्रेस महासचिव एवं मीडिया प्रभारी महेश जोशी ने भी धरने को अपना समर्थन दिया। कहा कि यहां पर शराब की दुकान को किसी भी दशा में खोलने नहीं दिया जायेगा। इस अवसर पर रायपुर के ग्राम प्रधान राजेश कुमार, जिला पंचायत सदस्य मंजू डोभाल, बीडीसी$ सदस्य कपिल धर, विनीत डोभाल, अंजली वर्मा, गीता नरूला, अभिषेक शाही आदि धरना स्थल पर मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ले रहे हैं जालसाजों से सलाह: नेगी

 देहरादून। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का एक सलाहकार बैंक जालसाजी का मास्टरमाइंड है और पूर्व में कैनरा बैंक की विभिन्न शाखाओं से लगभग डेढ़ करोड़ की जालसाजी की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे राज्यपाल के पास जाएंगे और उनसे राज्य सरकार को तत्काल बर्खास्त किये जाने की मांग करेंगे। राजधानी के एक होटल में आयोजित की गयी पत्रकार वार्ता में नेगी ने कहा है कि अभी हाल ही में मुख्यमन्त्री द्वारा सलाहकारों की नियुक्ति की है, जिनमें से एक सलाहकार बैंक जालसाजी का मास्टरमाइंड है, जिसको चाल्र्स शोभराज अथवा अन्तर्राष्ट्रीय ठग भी कहा जाए तो कम है। उनका कहना है कि इस सलाहकार ने मात्र 10-15 वर्षों में सैकड़ों-करोड़ रूपये की अकूत सम्पत्ति जालसाजी व ठगी के माध्यम से अर्जित की है तथा इसी सम्पत्ति, दौलत के जरिये टीएसआर सरकार में सलाहकार जैसा पद हथियाने में कामयाब रहा। उक्त सलाहकार व जालसाज, मुख्यमन्त्री का बेहद करीबी व्यक्ति है तथा इसका पार्टी से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है, फिर भी मुख्यमन्त्री ने व्यक्तिगत हित साधने के लिए अपना सलाहकार नियुक्त किया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका कहना है कि वर्ष 2000 में कैनरा बैंक, शाखा विकासनगर से ड्राफ्ट बुक चुराकर व फर्जी तरीके से हथिया कर एवं फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से उक्त जालसाज ने मुम्बई की शाखा से दर्जनों ड्राफ्ट कैश करा लिये थे, तथा वहीं से इस मास्टरमाइंड ने अपने कारोबार की शुरूआत की। आज इस दौलत के माध्यम से भाजपा के कई नेताओं से इस मास्टरमाइंड ने अपने व्यवसायिक एवं पारिवारिक रिश्ते कायम कर लिये हैं।नेगी ने कहा कि एक तरफ तो टीएसआर सरकार भ्रष्टाचार समान्त करने की बात करती है और जीरो टॉलरेंस की भी बात की जा रही है लेकिन वहीं दूसरी ओर ठगों व जालसाजों को अपना सलाहकार बनाकर जनता को लूटने का काम करती है।

इस मास्टरमाइंड के जरिये टीएसआर धन उगाना चाहती है। इसे किसी भी प्रकार से सहन नहीं किया जायेगा। नेगी ने हैरानी जताई है कि एक तरफ तो भाजपा के निष्ठावान व समर्पित कार्यकर्ता दरी बिछाने तक सीमित हैं तथा वहीं दूसरी ओर सरकार ने इस प्रकार के जालसाज को महत्वपूर्ण पद पर बैठा दिया है। जनसंघर्ष मोर्चा सरकार द्वारा की जा रही ठगों की फौज के खिलाफ आन्दोलन छेड़ेगा तथा सरकार से इस मास्टरमाइंड के व्यवसायिक एवं पारिवारिक सम्बन्धों की जांच हेतु आन्दोलन भी करेगा। राज्यपाल से टीएसआर सरकार को बर्खास्त करने की मांग भी मोर्चा शीर्घ करेगा। पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, मौहम्मद असद, ओपी राणा, बागेश पुरोहित, प्रवीण शर्मा पिन्नी मौजूद रहे।

हरिद्वार व अल्मोड़ा में खोले जा रहे एनआईईएलआईटी संस्थान

 

देहरादून। हरिद्वार तथा अल्मोड़ा में एनआईईएलआईटी के दो संस्थान खोले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के समक्ष  सचिवालय में महानिदेशक राष्ट्रीय इलैक्ट्रानकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान अश्विन कुमार शर्मा ने एनआईईएलआईटी द्वारा क्षमता विकास तथा कौशल विकास पर प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में महानिदेशक एनआईईएलआईटी जानकारी दी गई कि राज्य में हरिद्वार तथा अल्मोड़ा में की दो ट्रैनिंग सेन्टर खोले जा रहे है। उन्होंने इस दिशा में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किये जा रहे सहयोग व सक्रिय भागीदारी के लिए मुख्यमंत्री श्री रावत का आभार व्यक्त किया। इस सम्बंध में मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि प्रशिक्षण केन्द्रों पर द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम की टाइमिंग विद्यार्थियों की सुविधा अनुसार निर्धारित की जाय ताकि युवा अपने नियमित अध्ययन के साथ आई0टी0 प्रशिक्षण प्रान्त कर सके।
 
 
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय इलैक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली, इलैक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना तकनीकी मंत्रालय के अन्तर्गत एक स्वायत संस्थान है। छप्म्स्प्ज् का मुख्यालय नई दिल्ली में है तथा सम्पूर्ण देश में इसके 37 प्रशिक्षण केन्द्र है। इसके अतिरिक्त के 9500 फेसिलिएटेशन सेन्टर भी है। एनआईईएलआईटी के सेन्टर के माध्यम से युवाओं की क्षमता विकास व कौशल विकास हेतु आई0टी0 ट्रैनिंग दी जाती है। संस्थान द्वारा छात्रों को निशुल्क आई0टी0 ट्रैनिंग दी जाती है। एनआईईएलआईटी प्लेसमेंट सुविधा भी देता है। शीइा्र ही सरकार व संस्थान के मध्य इस दिशा में एमओयू पर विचार किया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव डा0 उमाकान्त पंवार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ज्ञान गोदड़ी के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएम से की भेंट

 देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘‘ग्यान गोदड़ी‘‘ के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। मुख्यमंत्री  रावत तथा प्रतिनिधिमण्डल के मध्य ‘‘ग्यान गोदड़ी‘‘ पर चर्चा की गई।

 

मुख्यमंत्री श्री रावत ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वासन दिया कि इस विषय को सभी समुदायों की आपसी सहमति से सुलझा लिया जायेगा। 

वित्त मंत्री ने किया सोमानी सिरैमिक्स के शोरूम का उद्घाटन

 देहरादून। सोमानी सिरैमिक्स लिमिटेड, भारतीय सिरैमिक उद्योग की अग्रणी कंपनियों में से एक, ने बुधवार को राय ब्रिज, धरचूला, पिथौरागढ़ में अपने एक्सक्लूसिव शोरूम चांद एंड कंपनी का शुभारंभ किया। प्रकाश पंत, वित्त मंत्री, उत्तराखंड ने इस शोरूम का उद्घाटन किया। उनके साथ अरुप चक्रवर्ती, महाप्रबंधक, सोमनी सिरैमिक्स लिमिटेड भी उपस्थित रहे। 

 
यह शोरूम सोमानी के सिरैमिक वॉल एवं फ्लोर टाइल्स, पॉलिश्ड विट्रिफाइड टाइल्स, डिजिटल टाइल्स, सैनिटरी वेयर और बाथ फिटिंग्स सहित विभिन्न उत्पाद श्रेणियों की समूची श्रृंखला की पेशकश करेगा। इस अवसर पर प्रकाश पंत, वित्त मंत्री, उत्तराखंड ने कहा, ‘‘हम तेजी से विकसित हो रहे देश हैं। देश के विकास के साथ कदमताल करने हेतु उत्तराखंड के लिए, कंपनियों को राज्य द्वारा संसाधनों एवं अवसरों के रूप में पेश किये जाने वाले सामथ्र्य को महसूस करना आवश्यक है। हमें खुशी है कि सोमानी सिरैमिक्स जोकि उद्योग दिग्गज है, ने इस सामथ्र्य को पहचाना और राज्य में अपनी उपस्थिति बढ़ाई। हम इस शोरूम व कंपनी की सफलता की कामना करते हैं तथा उन्हें इसके लिए जरूरी संपूर्ण मदद का आश्वासन देते हैं।‘‘ोमानी सिरैमिक्स को स्टोर की जोरदार सफलता का पूरा भरोसा है क्योंकि उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट में काफी वृद्घि देखने को मिली है।
 
 
राज्य में हालिया औद्योगिक विकास के मद्देनजर आवासीय एवं वाणिज्यिक निर्माण में तेजी ने इस सेक्टर के विकास में उल्लेखनीय योगदान किया है। अरुप चक्रवर्ती, महाप्रबंधक, सोमनी सिरैमिक्स लिमिटेड ने इस अवसर पर कहा, ‘‘उत्तराखंड हमारे लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है क्योंकि हमने यहां रियल एस्टेट वर्ग में काफी विकास देखा है। यह राज्य में सिरैमिक्स एवं सैनिटरीवेयर की बढ़ती बिक्री में नजर आता है। यह लॉन्च रणनीतिक रूप से हमारे कारोबारी योजनाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे हमें उद्योग में हमारी स्थिति और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। हम वित्त मंत्री के अत्यंत शुक्रगुजार हैं जिन्होंने कंपनी और व्यापक पैमाने पर इस उद्योग को अपना समर्थन दिया।‘‘

विकास कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी: अग्रवाल

 देहरादून। ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत क्षेत्रीय विधायक एवं विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने बुधवार को  भरत विहार कालोनी, ऋषिकेश में विधायक निधि से 3 लाख रूपये की लागत से निर्मित  प्रवेश द्वार एवं 1 लाख 18 हजार की लागत से निर्मित आन्तरिक मोटर मार्ग का उद्घाटन किया। इस अवसर पर  अग्रवाल ने कहा है कि ऋषिकेश विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत विकास कार्यो के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जायेगा। भरत विहार कालोनी ऋषिकेश में आयोजित उद्घाटन समारोह में विधान सभा अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा है कि विकास एक सत्त चलने वाली प्रक्रिया है। क्षेत्रवासियों की मांग पर भरत विहार में मोटर मार्ग एवं प्रवेश द्वार का निर्माण किया गया है कुल  4 लाख 18 हजार रूपये की लागत से यह निर्माण कार्य पूरे हुए। अग्रवाल ने कहा कि इन निर्माण कार्यो से भरत विहार के निवासियों को आवागमन के लिए आसानी होगी।

 

अग्रवाल ने कहा है कि ऋषिकेश विधान सभा में अनके स्थानों पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास के कार्य संचालित हो रहे हैं जिसका लाभ सम्पूर्ण विधान सभावासियों को मिलेगा। उन्होंने कहा है कि विगत पांच वर्ष अपेक्षात जो विकास होना चाहिए था वह प्रदेश में दूसरे दल की सरकार होने की वजह से नहीं हो सका। उन्होने कहा है कि हमारा प्रयास होगा कि आगामी इन पांच वर्षो के ऋषिकेश विधान सभा विकास के कार्यो में सबसे अग्रिम विधान सभा साबित होगी। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों ने विधान सभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए सम्मानित भी किया।  उद्घाटन समारोह के अवसर पर नगर पालिका ऋषिकेश के सभासद विकास तिबतिया, शिव कुमार गौतम, डा0 डी0डी0 तिवाड़ी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता बलराज मिश्रा, सहायक अभियन्ता अभिनाश भारद्वाज, कनिष्ठ अभियन्ता सतीश कुमार, नरेन्द्र रावत, विवेक शर्मा, बीना देवी, सुलोचना देवी सहित आदि लाग उपस्थित रहेे।

 

शासन से 75 मीट्रिक टन डीएपी मांगी

 अल्मोड़ा। खरीफ फसल की बुआई में किसानों के सामने डीएपी खाद की कमी बड़ी बाधा बन रही है। मांग के अनुरूप खाद की उपलब्धता नहीं हो पा रही। लेकिन इस समय खाद समाप्ति की ओर है। इसके लिए विभाग ने शासन से 75 मीट्रिक टन डीएपी खाद की खेप मांगी है, ताकि बुआई पर इसका असर न पड़े। कुछ दिन पहले जिले के लिए दी गई तीन मीट्रिक टन डीएपी अब समाप्त होने वाली है।

 
जिले में खरीफ फसलों की बुआई चल रही है। खरीफ की बुआई के लिए कृषि विभाग ने साधन सहकारी समितियों पर तीन मीट्रिक टन खाद भेजी थी। सबसे अधिक डीएपी खाद की मांग होने के कारण इसकी कमी होने लगी है। बीते दिनों तीन मीट्रिक टन डीएपी की खेप मिली थी, जो कि मांग के अनुरूप काफी कम है। जिला कृषि अधिकारी प्रियंका ङ्क्षसह ने बताया कि शासन से 75 मीट्रिक टन डीएपी मांगी गई है।
 
 
पूरी कोशिश की जा रही है कि समय पर खाद की उपलब्धता किसानों को हो सके। अभी विभाग के पास 29 मीट्रिक टन यूरिया व 5.5 मीट्रिक टन एनपीके खाद का स्टॉक मौजूद है। यह मांग के अनुरूप पर्याप्त है। कृषि अधिकारी का कहना था कि खाद की गुणवत्ता सही रखने के लिए सभी समितियों को निर्देश दिए गए हैं। पूरे जिले में 64 साधन सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद का वितरण किया जा रहा है। जहां भी समस्या देखने को मिल रही है उसका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।

चिकित्सकों की कमी से मरीज परेशान

 बागेश्वर। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इलाज के लिए निजी चिकित्सालयों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। एक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल से नौ चिकित्सकों का स्थानांतरण हुआ था। जिनमें से आठ चिकित्सक रिलीव कर दिए गए हैं। यहां आठ नए चिकित्सकों को आना था। जबकि दो चिकित्सकों रेडियोलाजिस्ट और पैथालाजिस्ट ने ही कार्यभार ग्रहण किया है। जिन चिकित्सकों का स्थानांतरण हुआ उनमें सर्जन, फिजीशियन आदि थे। अब ऐसी स्थिति में मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर न मिलने से निराश होना पड़ रहा है। अभी छह डॉक्टरों का आना शेष है। सभी डॉक्टरों के आने के बाद ही स्थिति में सुधार आएगा।

 

विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने से मरीजों को महंगे अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पहले से रेफर सेंटर के नाम से मशहूर जिला चिकित्सालय में दिक्कतें और बढ़ गई हैं। ग्वालदम के एसएसबी कैंप में विशेष प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। जहां एसएसबी के जवान प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान कई जवानों को पैर व घुटने में चोट व मोच आ गई। जवानों को इलाज के लिए जिला अस्पताल बागेश्वर भेजा गया। लेकिन यहां पर पर्चा बनवाने के बाद एक्सरे का नाम सुनकर करीब आधा दर्जन एसएसबी जवानों को बताया गया कि यहां एक्सरे नहीं हो सकता है। अस्पताल बंद होने वाला है। बाहर से करवाइए। जबकि उस समय सिर्फ सवा बारह बज रहे थे। जिला चिकित्सालय  के सदस्य संजय साह जगाती ने कहा कि बिना नए चिकित्सकों के आए यहां काम कर रहे डॉक्टरों को रिलीव नहीं किया जाना चाहिए था। मरीजों की दिक्कत और बढ़ गई है। जल्द चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं होती तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

खसरा व रूबेला के लिए चलेगा अभियान

 अल्मोड़ा। सितंबर से खसरा व रूबेला उन्मूलन के लिए अभियान चलेगा। इसकी तैयारी को लेकर बुधवार को यहां सीएचसी सभागार में ब्लाक टास्क फोर्स की संगोष्ठी व कार्यशाला संपन्न हुई। इसमें एएनएम समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई। नौ माह से 15 साल के बच्चों को खसरा व रूबेला नियंत्रण टीका लगाने और टीकाकरण के दौरान पूरी तरह सावधानी बरतने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।एसडीएम फिंचा सिंह चौहान ने शिशुओं व बच्चों को खसरा व रूबेला रोग से बचाव के लिए शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान को लाभकारी बताया। कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए विभागों का आपसी सामन्जस्य जरूरी है।
 
 
इसके लिए सभी को मिलकर जनजागरूकता भी उत्पन्न करनी होगी। चिकित्साधिकारी डा. विवेक पंत ने खसरा व रुबेला के टीके को शिशुओं के लिए वरदान बताया। टीकाकरण के तौर-तरीकों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम ब्लाक प्रभारी अतुल सक्सेना ने खसरा व रूबेला वेक्सीन की महत्ता बताई। लाभार्थी बच्चों के बारे में भी जानकारी दी। संगोष्ठी में खंड विकास अधिकारी बृजमोहन गुरुरानी, उपशिक्षा अधिकारी भारत जोशी, सर्व शिक्षा अभियान के ब्लाक समन्वयक बीएस अधिकारी व योगदत्त फुलारा आदि ने सुझाव रखे। इस अवसर पर बची खत्री, गीता बोरा, गुंजन, यशोदा खत्री, नीमा पंत, भवानी आर्या, दीपा पाठक, दया बेलवाल आदि मौजूद थे।

आबकारी मंत्री के खिलाफ किया प्रदर्शन

पिथौरागढ़। जिले में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार से खिन्न कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट के सम्मुख आबकारी मंत्री और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को कारोबार पर रोक लगाने के लिए 48 घंटे की मोहलत दी है। बुधवार को एनएसयूआई प्रदेश सचिव दीपक तिवारी की अगुवाई में प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले भर में अवैध शराब का कारोबार चरम पर है। चंडीगढ़, हरियाणा से अवैध शराब को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। युवा पीढ़ी तेजी के साथ नशे की गिरफ्त में आ रही है।
 
कार्यकर्ताओं ने जिले में स्मैक का कारोबार भी शुरू होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार मामला उठाने के बाद भी प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश की गलत आबकारी नीति के चलते ही अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है। प्रशासन ने शराब की दुकानें खुलने का समय दोपहर 12 बजे से सायं छह बजे तक निर्धारित किया हुआ है। इसी के चलते अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में दीपक वर्मा, कमल कोटिया, तरू ण जोशी, नीरज मेहता, निखिल कार्की, आशीष सौन, विरेंद्र कन्याल, धीरज थापा, सोहेल हुसैन, गौतम यादव, अजय कुमार, दीपक नाथ, राहुल गोबाड़ी, सुरेंद्र चड्ढा, मयंक, आशीष, राहुल आदि शामिल थे।

कुमाऊं के पर्वतीय जिले काफी संवेदनशील

 अल्मोड़ा। मानसून के दस्तक देने के साथ ही पर्वतीय जिलों के लोगों के जेहन में अब तक आई आपदाओं के जख्म हरे हो जाते हैं, लेकिन प्रकृति के कहर को झेलने के बाद भी इन आपदाओं से बचने के लिए आज तक कोई ठोस उपाय नहीं हो पाए हैं। अवैज्ञानिक सोच और अनियोजित विकास से बेपरवाह अफसर आज भी पर्वतीय जिलों में ड्रेनेज की मुक्कमल व्यवस्था नहीं कर पाए हैं, जो भविष्य के खतरों के लगातार संकेत दे रहे हैं। कुमाऊं के पर्वतीय जिलों की बात करें तो यह भूगर्भीय लिहाज से काफी संवेदनशील हैं।
 
ऊपर से अनियोजित और अवैज्ञानिक विकास ने खतरा और बढ़ा दिया है। साल 2010 के बाद 2011 और 2013 की आपदा के बाद अब तक के सालों में अतिवृष्टि से यहां काफी नुकसान सामने आया। अल्मोड़ा समेत कुमाऊं के अन्य जिलों में बरसात ने जमकर कहर बरसाया, लेकिन इसके बाद भी पर्वतीय क्षेत्रों में बन रहे बेतहाशा भवनों के ड्रेनेज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना परेशानी का कारण ही साबित हो रहा है। अल्मोड़ा जिले की बात करें तो पूरा नगर और इससे सटे गांव डेंजर जोन में हैं। बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने का परिणाम ही है कि यहां पिछले सालों में आपदा में लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। मगर इतने सालों में प्रशासन द्वारा ड्रेनेज की कोई व्यवस्था नहीं करने का ही परिणाम है कि इस मानसून में लोगों के सामने खतरा बरकरार है। इंसेट पैकेज भूगर्भीय सर्वे भी हवाई पालिका क्षेत्र में भवन निर्माण से पूर्व भूगर्भीय सर्वे भी हवाई सावित हो रहा है। सूत्रों की मानें तो जिले में बगैर जांच के आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निर्माण की अनुमति दी जा रही है। जिसमें पानी की निकासी का कोई ख्याल नहीं रखा जा रहा है। जिससे जोखिम बढऩे के साथ साथ पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। --अल्मोड़ा के डेंजर जोन -विवेकानंदपुरी, सिकुड़ा, दुगालखोला, गोलनाकरडिय़ा, कर्नाटकखोला, जोशीखोला, एडम्स, रानीधारा, ढूंगाधारा, खत्याड़ी, खोल्टा और धारानौला। 
 
 
नगर में पानी की निकासी को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। वर्षा होने पर पूरा नगर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। वर्षा होते ही लोगों के घरों में पानी घुसना और सडक़ों में तालाब बन जाना आम बात हो गई है। आने वाले मानसून में नगर पालिका और जिला प्रशासन की लापरवाही नगरवासियों के लिए भारी पड़ सकती है। नगर की एलआरसाह रोड में नंदा देवी के गेट से एनटीडी तक सडक़ों में नालियां मलबे से भरी पड़ी है। इससे वर्षा होने पर पानी सडक़ों में बहता रहता है और लोगों के घरों में घुसता है। सडक़ के किनारे पूर्व से बनी नालियों को न तो ठीक किया गया है और न ही उनमें से मलबा हटाया गया है। प्रशासन की मुहिम रही हवा हवाई विगत दिनों जिला प्रशासन ने नगर के सभी 11 वार्डों में सफाई सहित पानी निकासी,अतिक्रमण के लिए समिति गठित कर चेकिंग अभियान चलाया। तीन दिन चले इस अभियान में मौके पर ही समस्या के निस्तारण की बात कही गई, लेकिन अभियान हवा हवाई रहा।

मुनस्यारी मोटर मार्ग घंटों रहा बंद

पिथौरागढ़। मुनस्यारी मोटर मार्ग पहाड़ी से बोल्डर आने से घंटों रहा बंदपिथौरागढ़। हिटीजनपद में बीती देर रात कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। जिससे काली, गोरी के साथ सभी नदियों के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। बारिश के बाद मुनस्यारी मोटर मार्ग में पहाड़ी से बोल्डर आने पर आवाजाही घंटों ठप रही। धारचूला मोटर मार्ग में भी कई जगह मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा।बुधवार तडक़े मुनस्यारी व धारचूला क्षेत्र में तेज बारिश हुई। जिससे मुनस्यारी मोटर मार्ग बनिक के समीप पहाड़ी से बोल्डर आने से घंटों बाधित रहा। इस दौरान मोटर मार्ग में बड़ी संख्या में वाहन फंसे रहे। धारचूला में 9.40 एमएम से अधिक बारिश हुई। बारिश के कारण धारचूला -तवाघाट मोटर मार्ग गुड़ौली , चर्मा के समीप मलबा आ गया। जिससे इस मार्ग में कुछ देर यातायात प्रभावित रहा। बेरीनाग में 8.10 एमएम से अधिक बारिश हुई है।
 
 
नगर में नालियों का पानी सडक़ों में आने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। गंगोलीहाट में 8 एमएम और मुनस्यारी में 7एमएम बारिश हुई है।जिले पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे नदी किनारे रह रहे लोगों में दशहत का माहौल है। तीन मिनट जल्दी गुजरने से टला बड़ा हादसामुनस्यारी। बनिक के समीप देहरादून जा रही रोडवेज की बस तीन मिनट जल्दी निकलने से बड़े हादसे की चपेट में आने से बच गई। सुबह 7:10 रोडवेज मदकोट-देहरादून मार्ग की बस बनिक से गुजरी, जिसके तीन मिनट बाद 7.13 में बनिक पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर आ गया। बस थोड़ा लेट होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। चार घंटे बाद पहुंची लोनिविमुनस्यारी। थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग के बंद हो जाने के चार घंटे बाद लोनिवि मौके पर पहुंची। जिससे यात्रियों व पर्यटकों में खासा आक्रोश रहा।इसके बाद भी जेसीबी बोल्डर नहीं हटा सकी। बाद में किसी तरह लोनिवि कर्मियों ने विस्फोट कर बोल्डर तोड़ा।जिसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरु हो सकी।

एनएच घोटालामे तीन पीसीएस अधिकारी समेत 21 को नोटिस

 हल्द्वानी। एनएच मुआवजा घोटाला प्रकरण में एक सेवानिवृत्त समेत तीन पीसीएस अधिकारी सहित 21 किसान और राजसव कर्मी को एसआईटी ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के बाद विभागीय अधिकारियों में हडकंप मचा है। एनएच मुआवजा घोटाले की जांच एसआईटी कर रही है। अब तक इस मामले में 56 लोगो से पूछताछ की जा चुकी है।
 
 
बुधवार को बाजपुर का एक किसान भी अपने बयान दर्ज कराने सुबह लगभग 11 बजे पहुच गए थे। एस आई टी टीम ने करीब 12:30 बजे पूछताछ शुरू की। एस एसपी सदानंद दाते ने बताया 21 नोटिस बुधवार को भी जारी किए हैं ।। इसमें सेवानिवृत्त पीसीएस हिमालय सिंह मरतोलिया, पीसीएस भगत सिंह फोनिया और एनएस नगनयाल समेत 21 लोग शामिल हैं ।

प्रदेश भर से आये खिलाडि़यों ने दिखाए हुनर

हल्द्वानी। ओलिंपिक खेलों का उत्साह और रोमांच लगातार दुसरे दिन भी चरम पर रहा। हिमाचल प्रदेश ओलिंपिक संघ अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, सांसद द्वारा श्खेलेगा युवा, जीतेगा हिमाचल के नारे से प्रेरित होकर प्रदेश सभी जिलों से आए खिलाडियों ने अपना-अपना दम विभिन्न खेलों में दिखाया। हि$प्र के खेलों के महौत्सव के लगातार दुसरे दिन कुश्ती, बक्सिंग, हकी और जूडो के धमाकेदार मुकाबले हुए। भारतीय ओलिंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता आज हिमाचल ओलिंपिक में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। इस अवसर पर बोलते हुए राजीव मेहता ने कहा कि इस स्तर का खेलों का महाकुम्भ हिमाचल प्रदेश पहली बार देखा है।
 
हिमाचल ओलिंपिक संघ और उसके अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के इस खेलों और खिलाडि़यों के विकास के लिए इस कदम की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया की श्हिमाचल ओलिंपिकश् के माध्यम से हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे राज्य से भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी पहुंचेंगे। 75 किलोग्राम पुरुष बक्सिंग में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता, मंडी जिले के आशीष कुमार ने किन्नौर जिले के आशीष नेगी को मात दी। 64 किलोग्राम वजन केटेगरी के सेमि फाइनल मुकाबले में शिमला के बक्सर मोहम्मद ऐश ने करीबी मुकाबले में मंडी जिले के पुरन देव को 3-2 से मात दी। हमीरपुर की जनता ने अपनी स्थानीय टीमों का भरपूर उत्साहवर्धन किया जिसके फलस्वरूप उनकी महिला व पुरुष बस्केटबाल और महिला हकी के फाइनल में जगह पक्की की। हमीरपुर और मंडी के बीच महिला फाइनल हकी का मुकाबला होगा। महिला कबड्डी मुकाबले में कांगड़ा जिले ने सिरमौर को 53-17 से मात दी। भारतोलन के 69 किलोग्राम के दोनों पुरुष व महिला मुकाबलों में मंडी जिले ने बाजी मारी। पुरुष वर्ग में निर्मल सिंह और महिला वर्ग में प्रिया देवी ने स्वर्ण पदक जीते।
 

धूमधाम से मनायी राजचन्द्र की 150 वीं जयंती

 हल्द्वानी। महान संत एवंम् अध्यात्मिक गुरू राजचन्द्र की 150 वां जन्म जयंती धर्मपुर में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रीमद् राजचन्द्र मिशन की और से लोगों को राजचंद्र के जीवनी के बारे में जानकारी दी गई। धरमपुर शाखा के प्रमुख अभय जसानी ने कहा की राजचंद्र ने अध्यात्मिक जीवन मूल्यों तथा अहिंसा और सत्य के सिद्घान्तों को दुनिया भर के लोगों को जागरूक करना था। श्रीमद् राजचन्द्र के आध्यात्मिक जीवन मूल्यों तथा अहिंसा और सत्य के सिद्घान्तों को दुनिया भर में लोगों तक पहुंचाना ताकि उनके जीवन में आमूल रूपान्तरण हो, यह श्रीमद् राजचन्द्र मिशन धरमपुर का मुख्य उद्देश्य है। समारोह की शुरूआत भारत के 70 वें स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर ही हो गई थी जब माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले पर भाषण देते हुए कहा, ‘‘देश महात्मा गांधी के गुरू श्रीमद् राजचन्द्र जी की 150 वीं जन्मजयंती मना रहा है।

गांधी जी को लिखे गए एक पत्र में श्रीमद् जी ने कहा था। अहिंसा का अस्तित्व हिंसा के अस्तित्व के साथ ही बना हुआ है। महत्वपूर्ण यह है कि हम मानवमात्र के कल्याण के लिए इनमें से किसका इस्तेमाल करते हैं।’’ श्रीमद् राजचन्द्र जी आध्यात्मिकता की तीळ्र एवं निरंतर खोज का संयोजन हैं। शुद्घ ज्ञान, निष्काम भक्ति और अन्तर्मुखता के प्रतीक श्रीमद्जी ने 23 साल की उम्र में आत्म-ज्ञान प्रान्त किया। श्रीमद् जी की निष्कारण करूणा के फलस्वरूप उनके द्वारा एक उत्कृष्ट आध्यात्मिक कृति श्री आत्मसिद्घि शास्त्र की रचना हुई जिसका दार्शनिक जगत में एक अजोड़ स्थान है। उनकी शिक्षाओं को एक अमूल्य संस्करण और संकलन ‘श्रीमद् राजचन्द्र’ नामक ग्रंथ में प्रकाशित किया गया है, जो अनेक मुमुक्षु तथा सत्य की खोज करने वाले जिज्ञासुओं की पिपासा शांत करती है। दुनिया भर में श्रीमद् जी को समर्पित आश्रमों, मंदिरों और संस्थानों के माध्यम से लाखों श्रृद्घालु उनकी शिक्षाओं से लाभान्वित हो रहें हैं और आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर हैं। आयोजित जयंती समारोह में भी लोगों को इनकें मार्ग दर्शन पर चलने की अपील की गई।

बस अनियंत्रित होकर खाई की ओर लटकी

 सतपुली। पोखड़ा ब्लॉक के अंतर्गत रीठाखाल के समीप उस वक्त बड़ा हादसा टल गया, जब सवारियों से भरी जीएमओयू की एक बस अनियंत्रित होकर खाई की ओर लटक गई। प्रशासन ने ग्रामीणों की मदद से किसी तरह यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाल अन्य वाहनों के जरिए गंतव्य को रवाना किया।

जीएमओयू बस सोमवार को वीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत सैंधार से सवारियां लेकर कोटद्वार की ओर आ रही थी। बस में चालक-परिचालक सहित तीस सवारियां मौजूद थी। रीठाखाल के समीप अचानक बस अनियंत्रित होकर खाई की ओर बढ़ गई। प्रत्यक्षदशियों की माने तो चालक ने बस का स्टेय¨रग मोड़ने के कई प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। सौभाग्य यह रहा कि बस के अगले टायर सड़क से उतर गए, लेकिन पिछला हिस्सा सड़क किनारे पुश्ते पर अटक गया।

बस के खाई की ओर लटकते ही बस में हाहाकार मच गया और यात्रियों में बस से बाहर निकलने की होड़ मच गई। कुछ यात्रियों ने तमाम यात्रियों को धैर्य बंधाते हुए धीरे-धीरे बस से उतरने का आग्रह किया। इस बीच आसपास के गांवों के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए व ग्रामीणों की मदद से तमाम यात्री सुरक्षित बस से बाहर निकल गए। बाद में क्रेन की मदद से बस को सड़क पर लाया गया। चालक ने बताया कि बस का स्टेय¨रग फेल होने के कारण हादसा हुआ।

पेयजल समस्या से जूझ रहे 21 परिवार

विकासनगर। कालसी ब्लॉक के कांडी गांव में 21 परिवार पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। एक दशक पहले बनी पेयजल लाइन की हालत जर्जर होने के चलते लोग बूंद-बूंद पानी को दर-दर भटक रहे हैं। कई बार जल संस्थान व जल निगम के अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी पेयजल संकट का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र देते हुए पेयजल लाइन की हालत सुधारने की मांग की है।
 
 
कांडी गांव निवासी हरि ङ्क्षसह, तुलसीराम, फेतिया, जगतू बताते हैं कि करीब 15 साल पहले बनी पेयजल लाइन रखरखाव नहीं होने के चलते बेहद जर्जर हो चुकी है। कई बार जल संस्थान, जल निगम व क्षेत्रीय विधायक से इसे लेकर गुहार लगाई गई, लेकिन उनकी कोई सुध नहीं ली गई। जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार हर गांव-मजरे को पेयजल सुविधा से लैस दर्शा रही है, लेकिन धरातल पर पेयजल लाइनों की हालत खस्ता है।
 
 
आलम यह है कि जल संस्थान व जल निगम के अधिकारी आनन-फानन में पेयजल लाइन बनाकर चले जाते हैं। इसके बाद रखरखाव की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपते हुए पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की। ऐसा नहीं होने की दशा में लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। रूपौ पंचायत के प्रधान सरदार ङ्क्षसह चौहान ने कहा कि कांडी गांव की पेयजल समस्या को लेकर ब्लॉक मुख्यालय में जाकर प्रमुख कालसी व डीएम से गुहार लगाते हुए लाइन की मरम्मत कराने की मांग की गई है। फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर पर प्लास्टिक की पाइप बिछाकर आपूर्ति सुचारु करने की कोशिश कर रहे हैं।

मूसलाधर बारिश से गयी युवती की जान

देहरादून।  मसूरी में देर रात से हो रही मूसलाधर वर्षा के कारण एक युवती की जान चली गयी। बताया जाता हैं कि तेज वर्षा के चलते मसूरी, ध्रौल्टी मार्ग पर बाटाघाट पर सडक़ का पुस्ता ढह गया जिसकी चपेट में आने से युवती की मौत हो गयी।  मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह बाटाघाट पर सडक़ का पुस्ता अचानक ढह गया। जिससे सडक़ के नीचे बनी एक झुग्गी मलबे में दब गयी। झुग्गी में उस समय एक परिवार रह रहा था। मलबा आने से परिवार में अफरातपफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि जिस वक्त यह घटना घटित हुई उस समय झुग्गी में चार लोग थें। तीन तो बचकर बाहर आ गये लेकिन एक 16 वर्षीय युवती दिपिका मलबे की चपेट में आ गयी और उसकी मौत हो गयी।
 
लगभग पांच घंटे रेस्क्यू के बाद आईटीबीपी, एसडीआरएपफ के जवानों ने युवती के शव को मलबे से बाहर निकाला। पीडि़त परिवार में मां बाप और उनकी दो पुत्रिायां रहती है। बताया जाता हैं कि रेस्क्यू कार्य सुबह 4$00 बजे से आरम्भ हुआ था। वहीं दूसरी ओर राजधनी दून में हरिद्वार बाईपास से सटे कई घरों में पानी भर गया इसके साथ ही करंट लगने से एक व्यक्ति की कर्इ  बकरियां मर गयी। जिससे नाराज लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर हरिद्वार बाईपास मार्ग पर जाम लगाया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझा बुझाकर जाम को खुलवाने में सपफल हुई। वहीं रायपुर क्षेत्रा के सिल्ला मार्ग भी मलबा आने से बंद हो गया। जबकि मसूरी कींक्रेग मार्ग ध्सने के कारण मसूरी देहरादून के बीच आवाजाही कई घंटे तक बंद रही। मौके पर पहुंचे प्रशासन व पुलिस अध्किारियों ने वैकल्पिक मार्ग बनाकर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। इस दौरान कैम्टीफॉल व कोठालगेट की ओर से किसी भी बड़े वाहन को मसूरी की ओर जाने नहीं दिया गया। 

राज्य के सवालों को लेकर उक्रांद मुखर: भट्ट

 

देहरादून। उत्तराखंड क्रांतिदल एकजुट होकर राज्य के सवालों को लेकर मुखर है। राज्य बनाने का संकल्प दल ने पूरा किया। अब राज्य को बचाने का संकल्प लेकर एक नये जनांदोलन की तैयारी की जा रही हैं। इसी प्रपेक्ष में उत्तराख्ंाड क्रांतिदल युवाओं, प्रशिक्षित बेरोजगारों, अतिथि शिक्षकों, उपनल कर्मचारियों एंव राज्य में पूर्ण शराबबंदी को लेकर उनके हकों के लिये संघर्षरत रहेगा।  यह जानकारी सोमवार को उत्तराखंड क्रांतिदल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य के पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट ने गांधी रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट ने कहा कि जिन सपनों को लेकर उत्तराखंड राज्य का निर्माण किया गया था वह सपनें पिफलहाल पूरे होते हुए नजर नहीं आ रहे। राज्य सरकारें दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ कार्य नहंी कर रही। जिसके कारण अभी तक प्रदेश की स्थाई राजधनी का चयन तक नहीं हो पाया है। उक्रांद राज्य आंदोलन के समय से ही गैरसैंण को प्रदेश की स्थाई राजधनी देखना चाहता हैं। भाजपा सरकार को तत्काल गैरसैंण स्थाई राजधनी घोषित करनी चाहिए।
 
 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने 100 दिन पूरे किये हैं यह 100 दिन बेहद निराशाजनक रहें हैं। उन्होंने कहा कि वह सरकार से मांग करते हैं कि अतिथि शिक्षकों की मांग को यान में रखते हुए उन्हें स्थायी नियुक्ति दे तथा उपनल कर्मचारी जो पांच वर्ष से लगातार सेवा प्रदान कर रहें हैं उनको स्थाई नियुक्ति प्रदान की जानी चाहिए। उक्रांद राज्य आंदोलन सन् 1979 से ही राज्य में शराब बंदी के पक्ष में रहा हैं। नशा नहीं रोजगार दो के नारें के साथ सन् 1980 से आंदोलनरत उक्रांद रहा हैं। और लगातार संघर्ष करता रहा हैं। उक्रांद का यह संघर्ष आगे भी जारी रहेाग। श्री भट्ट ने कहा कि उक्रांद राज्य में पूर्ण शराब बंदी के पक्ष में रहते हुए शराब के खिलाफ चल रहे मातृशक्ति के आंदोलनों को पूर्ण समर्थन देता हैं।
 
नये संघर्ष की धर के लिये दल के संगठनात्मक स्वरूप को मजबूत करने के लिये 18 जून को जसपुर उफध्मसिंह नगर में दल के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में तय किया गया हैं कि वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में लोक सभावार प्रभारी बनाकर जनपदों के चुनाव किये जायेगें। लोकसभा प्रभारी के दिशा निर्देशों पर जनपदों के प्रभारी व पर्यवेक्षक नियुक्त किये जाने हैं। जो कि जनपदों में जाकर चुनाव करके जिलायक्षों की नियुक्ति करेगें। इसी कड़ी में दल के वरिष्ठ नेता पूर्व विधयक काशी सिंह ऐरी को अल्मोड़ा लोकसभा प्रभारी, पूर्व विधयक डॉ$ नारायण सिंह जनवाल को नैनीताल लोकसभा प्रभारी, पूर्व अयक्ष त्रिावेंद्र पंवार को टिहरी लोकसभा प्रभारी, पूर्व अयक्ष बी$डी$रतूडी को हरिद्वार लोकसभा प्रभारी व उक्रांद के वरिष्ठ नेता डॉ$ शक्ति शैल कपरूवाण को पौड़ी लोकसभा प्रभारी बनाने का निर्णय लिया गया है। सभी लोकसभा प्रभारी जनपदों के चुनावों को सपंन्न करायेगा। इसके अतिरिक्त उत्तराख्ंाड की संपूर्ण जिला इकाईयों को भंग कर दिया गया हैं। जिलों के संयोजक बनाकर एक माह के भीतर जिला सम्मेलन के मायम से नई कार्यकारिणी का गठन किया जायेगा। 

मुस्लिम समुदाय ने मांगी अमन चैन की दुआ

 देहरादून। ईद का चांद दिखाई देने के उपरांत सोमवार को मुस्लिम समुदाय ने ईद मनाई। इस अवसर पर शहर की विभिन्न मस्जिदों में नमाज अता करने के उपरांत मुस्लिम भाईयों ने एक दूसरे को गले मिलकर ईद की बधई दी। इस अवसर पर मुस्लिम भाईयों ने देश में अमन चैन की दुआ भी मांगी। मुस्लिम समुदाय का त्यौहार ईद-उल-पिफतर रमजान महीने के खत्म होने के बाद मनाया जाता हैं। ईद उल फितर शव्वल इस्लामी कैलेंडर के दसवें महीने के पहले दिन मनाया जाता हैं। इस्लामी कैलेंडर के सभी महीनों की तरह यह भी नये चांद के दिखने पर शुरू होता हैं। ईद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग लजीज पकवान बनाते हैं। इस दिन लोग नये कपड़े पहनकर मस्जिद नमाज पढऩे जाते हैंं नमाज के बाद सभी लोग एक दूसरे के गले लगते है और ईद की बधई देते हैं। ईद 30 दिन के रमजान खत्म होने के बाद मनाई जाती हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे एक महीने रोजे रखते हैं। इस दौरान यह लोग कुछ भी खातें पीते नहीं। सुबह सहरी के पहले जो खाना होता है वह खा लेते है और उसके बाद पिफर शाम को इफ्रतार के बाद खाया जाता हैं। इसके साथ ही यह कहा गया है कि रमजान के दौरान नेकीे के काम ज्यादा से ज्यादा करने होते हैं।

रमजान के दौरान कोई भी अच्छा काम करता है तो उसका 70 गुना सबाब मिलता है। ईद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग जकात पिफतरा भी देते हैं। यह पैसा गरीबों में बांटा जाता है। दान इंसान की इन्कम के मुताबिक तय होता है। एक साल में दो ईद मनाई जाती है। पहली ईद को ईद-उल-पिफतर कहा जाता है तो वहीं दूसरी ईद को ईद-उल-अजहा ;बकरीदद्घ कहा जाता हैं। राजधनी दून में आज सुबह सबसे पहले 8$30 बजे मुस्लिम कालोनी में ईद-उल-पिफतर की नमाज अता हुई। सुबह 9$00 बजे माजरा, सुभाष नगर स्थित ईद्गाह, धमावाला मस्जिद, अजबपुर मदरसा, जीएमएस रोड स्थिम मदरसे में नमाज अता की गयी। वहीं प्रात: 8$30 बजे मेहूंवाला लाईब्रेरी मदरसे में ईद-उल-पिफतर की नमाज अता हुई। सुबह 9$00 बजे मोरोवाला मस्जिद, चकराता रोड स्थ्ति ईद्गाह, ईसी रोड स्थित मस्जिद, गांधी ग्राम गौसिया जामा मस्जिद में नमाज अता की गयी। प्रात: 9$30 बजे लोईया नगर स्थित जामा मस्जिद में नमाज अता की गयी।

जबकि प्रात: 10$00 बजे पलटन बाजार जामा मस्जिद में ईद की नमाज अता की गयी। इस अवसर पर कई राजनेताओं ने मुस्लिम समुदाय को ईद्गाह पहुंचकर ईद की बधई दी। राजनेताओं का कहना था कि रमजान के पवित्रा महीने के अंत में आने वाला यह पर्व एकता, शांति, प्रेम और करूणा का संदेश देता है हम सबका पफर्ज है कि हम इस पावन पर्व पर समाज के कमजोर वर्गो की मदद करने का संकल्प लेंं। राजनेताओं ने सभी से प्रेम और भाईचारे के साथ ईद का त्यौहार मनाने की अपील की।

बस्तियों में पानी घुसने से हडक़ंप

 देहरादून। देर रात अचानक हुई तेज बरसात के बाद नेमी रोड से पूर्ण बस्ती में को होता हुआ रिस्पना नदी का पानी कई घरों में घुस गया जिससे कई घरों का घरेलु सामान बर्बाद हो गया लोगो का कहना था कि विभागीय लापरवाही के चलते ऐसा हुआ है मोके पर पहुंचे पूर्व विधायक राजकुमार ने तत्काल जिलाधिकारी और तहसीलदार को अवगत कराने के साथ नगर निगम के अधिकारियो से बात की और विभाग की टीम को मोके पर बुलाकर पीडि़त परिवारों का मुआयना करने के साथ छेत्र में सफाई को अभियान चलाया गया कराई गई।

पूरण बस्ती और संजय कॉलोनी के लगभग एक दर्जन से अधिक परिवार इससे प्रभावित हुए हैं।इस मौके पर छेत्रीय पार्षद राजेश चौधरी,अशोक कुमार,मंगेश,डॉ रनेश्वरी,सुशीला,रवि,अमित,राजेंद्र खन्ना, उदयवीर मल्ल,विनोद,अजय ठाकुर, वानीभूषण नोटियाल नगर निगम के किशनपाल,जयप्रकाश जहाँगीर आदि मौजूद थे।

रोपाई के लिए तैयार खेत बर्बाद

 

विकासनगर। लालपुल बिरमऊ मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान मार्ग का मलबा लोनिवि ने डंपिंग जोन में भरने के बजाया बंताड खड्ढ में डाल दिया। भारी बारिश के चलते बंताड खड्ढ का सारा मलबा नदी की बाढ़ से किसानों के कई बीघा खेतों में भर गया। इससे रोपाई के लिए तैयार खेत बर्बाद हो गये हैं। हाल ही में लालपुल-बिरमऊ मोटर मार्ग की कटिंग व निर्माण कार्य हुए। जिसका मलबा डंपिंग जोन में डाला जाना था। लेकिन लोनिवि व ठेकेदार ने मलबे को डंपिंग जोन में नहीं डाला। मलबे को खेतों के पास से बह रहे बंताड खड्ढ में डाल दिया। रात को भारी बारिश के कारण खड्ढ में बाढ का पानी भर जाने के कारण खड्ढ में डंप किया गया मलबा किसानों के बीस बीघा से अधिक खेतों में भर गया।
 
 
खेतों को लोगों ने रोपाई के लिए तैयार किया था। जिनमें सोमवार को रोपाई का काम होना था। लेकिन मलबा भर जाने के कारण लोगों के धान की सिंचित खेती मलबे से भर जाने के कारण बर्बाद हो गयी है। इनमें मेहरसिंह निवासी बिनऊ के दस खेत, टीकम सिंह के तीन खेत, संतराम के चार खेत, हन सिंह के तीन खेत पूरी तरह से मलबे से भर गये हैं और रोपाई के लायक नहीं रहे हैं। इस मामले में बरसात से पूर्व मेहर सिंह ने जिलाधिकारी देहरादून से लोनिवि की शिकायत की थी। बताया था कि लोनिवि ने खड्ढ में सडक़ का मलबा डाल दिया है। जिससे बरसात में लोगों की खड्ढ के किनारे करीब चालीस बीघा से अधिक खेती बाढ़ की भेंट चढ़ सकती है। लेकिन प्रशासन व लोनिवि ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके चलते किसानों की खेती तबाह हो गयी है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता चकरात बीडी भट्ट ने बताया कि जेसीबी से खड्ढ से मलबा हटा दिया जायेगा। जिससे लोगों के खेतों को नुकसान न हो सके। उधर एसडीएम प्रत्युष कुमार का कहना है कि क्षेत्रीय पटवारी को नुकसान का जायजा लेने व रिपोर्ट तहसील को सौंपने के निर्देश दिए गये हैं।

प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पर व्यवस्थाएं बनाने की मांग की

 

विकासनगर। टाइगर फॉल व्यवस्था समिति ने तहसील प्रशासन से क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पर व्यवस्थाएं बनाने की मांग की है। इस सम्बंध में समिति ने एक पत्र उपजिलाधिकारी को प्रेषित किया है। इसमें स्थल तक जाने वाले मार्ग के साथ सीजन के दौरान व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस की व्यवस्था कराने की मांग की है। उपजिलाधिकारी को भेजे पत्र में समिति पदाधिकारियों ने बताया कि सीजन के चलते चकराता क्षेत्र के टाइगर फॉल में पर्यटकों का जन सैलाब उमड़ रहा है। लेकिन, फॉल तक पहुंचने वाले मार्ग की बदतर स्थिति पर्यटकों को खूब परेशान कर रही है।
 
इतना ही नहीं, यहां पार्किंग की व्यवस्था न होने से पर्यटकों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। बताया कि पर्यटक स्थल पर किसी प्रकार की कोई सुरक्षा व्यवस्था तक नहीं है। इससे पर्यटक अपने आप को असुरक्षित भी महसूस करते हैं। इसके साथ ही मार्ग की हालत खस्ता होने के कारण पर्यटकों का स्थल तक पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है। रोड छोटी होने के कारण सामने से गाड़ी आने पर गाडिय़ों को निकाल पाना मुश्किल होता है। इससे पर्यटकों में झगड़े तक हो जाते हैं। बताया कि स्थल के संपर्क मार्ग के सुधारीकरण के साथ यहां व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस दल की तैनाती की जानी चाहिए। पत्र भेजने वालों में मनमोहन सिंह, जयपाल सिंह, चंदन सिंह आदि शामिल रहे।

फिर नलों में गंदा पानी आना शुरू

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर के केदार मोहल्ला क्षेत्र के नलों में गंदा पानी आने से लोग परेशान हैं। मटमैले पानी की आपूर्ति होने से क्षेत्र के लोग हैरान और परेशान भी हैं। बीपी घिल्डियाल ने कहा कि गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर जब जलसंस्थान के अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो कुछ दिनों तक पानी की आपूर्ति ठीक रहती है, लेकिन फिर नलों में वही गंदा पानी आना शुरू हो जाता है।
बीते रोज से ही फिर गंदा पानी नलों से मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि स्वच्छ पानी की आपूर्ति लगातार सुनिश्चित नहीं करायी गयी तो लोगों के बीमार होने का भी खतरा है।

सडक़ हादसे में बाइक सवार की मौत

 देहरादून। सोमवार को दुधली-ज्वालापुर मार्ग पर दो बाइक की भिड़ंत में एक बाइक सवार की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। घायलों को जौली ग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि बलविंदर पुत्र प्रीतम सिंह चांदमारी निवासी की दुर्घटना में मौत हो गई।

हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने बताया कि घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। घटना सुबह की बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि अभी तक मामले में किसी की ओर से कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।

सीएम ने दुर्घटना पर शोक जताया

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद अल्मोड़ा के ग्राम जौली के समीप हुई वाहन दुर्घटना में मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है।
 
उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने के साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है।

मैड ने हरिद्वार रोड पर चलाया सफाई अभियान

देहरादून। देहरादून के शिक्षित छात्र संगठन मेकिंग ए डिफ्फेरेंस बाय बीइंग दी डिफ्फेरेंस (मैड) द्वारा हरिद्वार रोड पर सफाई अभियान चलाया गया। मैड के लगभग 30 स्वयंसेवकों ने  प्रिंस चौक के समीप,  लोगों  एवं आस पास के दुकानदारों द्वारा फेंके हुए कूड़े को साफ किया । स्वयंसेवकों ने सबसे पहले कूडे को कट्टों मे भरा और फिर उसके बाद उस इकट्ठा किए गये कूड़े को पास में रखे एक बड़े कूडेदान में भर दिया। आस्था, मैड की एक स्वयंसेविका ने बताया सफाई अभियान मेरे सबसे ज्यादा पसंदीदा अभियानों में से एक है।
 
किसी गन्दे पड़े स्थान को साफ करना मन को बहुत शांति देता है। यह सब हम अपने शहर, अपने देश के लिए कर रहे हैं। अनुष्का, एक अन्य स्वयंसेविका ने लोगों द्वारा मैड( जो कि पिछले 6 सालों से देहरादून को बेहतर बनाने के लिए कई  तरह के अभियान चला रहा है)  को दिए गए समर्थन को सराहा और ये कामना की कि आगे भी  मैड को  इस तरह का समर्थन मिलता रहेगा और लोगों अपने  आस-पास  साफ-सफाई रखेंगे। इस अभियान मे करन ओबरय, शार्दुल असवाल , सौरभ डंडरियाल , विजय प्रताप ,यशराज आदि स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

किसान आत्महत्या करने को हो रहे मजबूर

खटीमा। कर्ज में डूबे प्रदेश के किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग में कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि खटीमा में कर्ज में डूबे एक और किसान ने अपनी जान दे दी। 
 
दस दिन में आत्महत्या की इन दो घटनाओं ने प्रदेश सरकार की पेशानी पर बल डाल दिया है। वित्त मंत्री प्रकाश पंत की ओर से हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 6,99094 किसानों पर 1096 करोड़ रुपये का कर्जा है। इसके अलावा जमींदारों का अलग। अगर सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो कर्ज का यह फंदा कई किसानों के गले तक पहुंच सकता है। कर्ज में डूबे बेरीनाग तहसील के पुरानाथल गांव के सरतोला तोक निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र राम सिंह ने 15 जून की रात जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। किसान पर साान सहकारी समिति और ग्रामीण बैंक का कर्जा था। इसके ठीक नौ दिन बाद खटीमा के कंचनपुरी गांव निवासी किसान रामअवतार पुत्र रामप्रसाद ने गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। रामअवतार पर बैंक अफ बड़ौदा की शाखा नानकमत्ता का 1$75 लाख और एसबीआइ खटीमा शाखा का 1$97 लाख रुपये का कर्जा था। 
 
रामअवतार के पास केवल ढाई एकड़ जमीन है, जिससे उसके दस सदस्यों के परिवार की आजीविका चलती है। खेतीबाड़ी से इतनी इनकम नहीं होती कि वह परिवार के भरण-पोषण के साथ बैंक का कर्जा चुका पाए। कर्ज में डूबे किसानों को उम्मीद थी कि राज्य में भाजपा सरकार बनते ही उनका कर्ज माफ हो जाएगा। भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। प्रदेश में किसानों की हालत खस्ता होने के बावजूद राज्य सरकार ने षि बजट में कटौती कर दी। वित्तीय 2017-18 के षि बजट में कटौती कर 30971$46 करोड़ का प्रावाान रखा है। जबकि 2016-17 में षि बजट 37476$89 करोड़ रुपये था। पिछले बजट की तुलना में इस बार करीब 17 फीसद कटौती की गई। प्रदेश में षि से मिलने वाले रोजगार में लगातार कमी आ रही है। कषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार कृषि से रोजगार में 2013 के सर्वेक्षण में 34$25 फीसद कमीआई। वहीं राज्य के बनने के बाद से कृषि क्षेत्रफल लगातार घट रहा है।

चौकसी का लाभ जनता देगी

देहरादून। भले ही पक्ष का पलडा आंकडों के हिसाब से भारी माना जाता है ,यदि विपक्ष अपनी जवाबदेही पूरी तरह से निभाये तो वह भी पक्ष से किसी भी दृष्टिकोण से कम नहीं माना जा सकता है। ऐसे में विपक्ष यदि चाहे तो अपना लोहा पक्ष पर इतना डाल सकता है कि पक्ष को भी एकबार उनकी मांगों पर सोचने पर मजबुर होना पड सकता है और इसका सीधा लाभ जनता को मिल सकता है। इतना ही नहीं विपक्ष की ठोस भागीदारी से पक्ष की मनमानी पर भी अंकुश लग सकता है, बशर्ते विपक्ष अपनी मानसिकता विकास के प्रति ठोस रखे और एकसुत्रीय कार्यक्रम राज्य के विकास और भ्रष्टाचार के खिलाफ पुरजोर विरोध ईमानदारी से करे। गौरतलब है कि उत्तराखंड राज्य में भाजपा की प्रंचड बहुमत की सरकार है और कांग्रेस की स्थिति काफी दयनीय है परन्तु इसके बावजुद भी कांग्रेस राज्य में एक प्रमुख विपक्षी दल है और उसके कई दिग्गज नेता विधान सभा के सदस्य हैं, ऐसें में यदि कांग्रेस अपनी भुमिका पुरी इमानदारी से निभाए तो कम से कम भाजपा मंत्रियों के पसीने भी आसानी से छुडा सकती हैं । इसका उदाहरण गत विधान सभा सत्र के दौरान कई मामलों में कांग्रेस द्वारा अपनी मांगों को पुख्ता ढंग से रखे जाने के दौरान दिया भी। कांग्रेस की मांगों पर सत्ता पक्ष को बैक फुट पर भी आना पडा । इसके साथ यदि कांग्रेस एकजुटता के साथ भाजपा की रणनीति पर गहराई से उसके खिलाफ सडकों पर आवाज उठाए तो कम से कम सत्ता पक्ष भाजपा को इसका एक संदेश अवश्य जाएगा कि जन विरोधी और भ्रष्टाचार जैसे मामलों में वह मनमानी करते हुए अवश्य डरेगी।
 
इसके लिए कांग्रेस को जमीनी हकीकत से रूबरू होते हए नए सिरे से पहल करनी होगी और पुरानी नीतियों और कार्यप्रणाली को छोड कर नई कार्यप्रणाली और सोच को लेकर उत्तराखंड में अपना प्रचार-प्रसार करना होगा। इतना ही नहीं कांग्रेस को मात्र भाजपा से बदला लेने की भावना से उपर उठ करके राज्य हित में फैसले लेने होंगे और इसके लिए चाहे भाजपा की घोषणाओं का समर्थन भी यदि कांग्रेस को करना पडे तो उसको करना होगा ताकि इसका संदेश आम जनता तक यह जाए कि कांग्रेस मात्र विरोध करने वाली प्रार्टी ही नहीं है अपितु जो फैंसले सरकार के राज्य के हित में उसका समर्थन और उसमें ज्यादा सुधार के लिए अपना योगदान भी देती है। ऐसी मानसिकता को लेकर यदि कांग्रेस उत्तराखंड राज्य में अपनी भुमिका निभाती है तो आने वाले दौर में जनता कांग्रेस के प्रति अपना सोफटकार्नर का प्रयोग कर सकती है और जो संदेश आम जनता तक पहुंचा है , उसको मिटा कर अपने पक्ष में समर्थन हासिल कर सकती है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है , यह एक समुद्री जहाज के समान है जो इतना विशाल है कि उसको डुबने में भी कई महिने लगते हैं । ऐसे में कांग्रेस को भावी नीतियों को तय करने के लिए काफी बदलाव करने होंगे और जो जनता की नस भाजपा ने पकडी है , उस नस की खोज करके नस पकडनी होगी अन्यथा गिरावट का दौर चलता ही रहेगा और इसका खामियाजा कांग्रेस को पुर्व की भांति भुगतना पड सकता है , क्योंकि आज का दौर काफी बदल गया है और जनता अब बोतल, कम्बल, लुभावने आश्वासनों और खाट पंचायतों से काफी उभर गई है और विकास को लेकर ठोस आश्वासनों पर भरोसा करती है ।
     
 बहरहाल, उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस दो ही ऐसे बडे दल हैं जो बारी-बारी से सत्ता पर काबिज होते हैं और क्षेत्रीय दलों की पकड न के बराबर है। ऐसे में विपक्षी दल को दुबारा सत्ता पाने के लिए नई योजनाओं और इरादों को लेकर जनता के बीच जाना होता है और यदि वह उसमें अपने दावों पर जनता का मन मोड लेता है तो वह सत्ता में आ सकता है। ऐसे में जनता काफी जागरूक हो गई है और अपना भला-बुरा समझती है । जनता की भावनाओं पर खरा उतरने के लिए कांग्रेस को काफी मेहनत के साथ अपने संगठन को एकजुट करना होगा और आपसी तनाव से उपर उठ करके राज्य हित में अपनी भुमिका निभानी होगी ताकि जनता का विश्वास फिर से कायम हो सके। 

टैंट के गोदाम में आग लगने से हजारों का सामान जलकर राख

 

 रुडक़ी। दिल्ली-हरिद्वार रोड स्थित एक टैंट के गोदाम में आग लगने से हजारों रुपये की कीमत का सामान जलकर राख हो गया। घटना अलसुबह की है। दमकल टीम ने मौके पर जाकर आग पर काबू पाया। घटना को लेकर काफी देर तक मौके पर अफरातरफरी का माहौल रहा।सिविललाइंस कोतवाली क्षेत्र के हरिद्वार रोड पर शेरपुर गांव के पास सुरजीत कांप्लेक्स है।
इस कांप्लेक्स की ऊपरी मंजिल पर बब्बू निवासी रामपुर उत्तर प्रदेश हाल निवासी कलियर का टैंट के डेकोरेशन के सामान का गोदाम है। बताया गया है कि सोमवार की सुबह करीब छह बजे कुछ लोगों ने कांप्लेक्स की ऊपरी मंजिल पर बने गोदाम से आग और धुएं की लपटें उठती देखी। इसी बीच गोदाम के पास एक दुकान पर मौजूद कुछ लोगों ने इसकी सूचना दमकल टीम को दी। सूचना मिलने पर फायर स्टेशन अधिकारी ब्रजलाल डबराल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर स्टेशन अधिकारी ब्रजलाल डबराल ने बताया कि शार्ट सर्किट से आग लगी है।

क्षतिग्रस्त दफौट-गुरना मोटर मार्ग खतरे का सबब बना

 

 बागेश्वर। क्षतिग्रस्त दफौट-गुरना मोटर मार्ग खतरे का सबब बन गया है। इस मार्ग पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विभागीय लापरवाही का खामियाजा आम लोग भुगतने को मजबूर हैं।दफौट-गुरना मोटर मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। बज्जी बाल्ला, गांजा, मालता, मोहन नगर के पास सडक़ सबसे अधिक खराब है। बज्जी बल्ला व गांजा के बीच एक जगह तो सडक़ नीचे से पूरी तरह खोखली हो चुकी है। भारी वाहन कभी भी इस मार्ग पर दुर्घटना ग्रस्त हो सकता है। कई दिनों से सडक़ के हाल ऐसे ही हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी सुध लेने को तैयार नहीं हैं। बरसात के दिनों में यह सडक़ जानलेवा है।
हाल यह है कि भारी बरसात के मौसम में जेसीबी द्वारा सडक़ काटने का काम किया जा रहा है। कई बार इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने विभागीय अधिकारियों को बताया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई न हो पाई। अब ग्रामीण क्षतिग्रस्त सडक़ को ठीक करने को लेकर आंदोलन करने का मन बना रहे हैं।
प्रशासन ने बरसात से पहले सभी क्षतिग्रस्त सडक़ें ठीक होने का दावा किया था। लेकिन दफौट-गुरना मोटर मार्ग प्रशासन के दावे की पोल खोलने के लिए बहुत है। यह सडक़ एशियन डेवलपमेंट बैंक के पास है। जब एडीबी के ईई चतुर लाल को फोन किया गया तो वह बंद मिला। ऐसे में विभागीय कार्य प्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष भूपेंद्र जोशी ने बताया कि यह सडक़ जगह जगह क्षतिग्रस्त है। बरसात में इसमें सफर करना खतरनाक हो गया है। अगर जल्द ही सडक़ ठीक न की गई तो कभी भी कोई हादसा हो सकता है।

बाउंड्री वॉल टूटने से प्रेस क्लब में घुसा बरसाती पानी

 देहरादून। उत्तरांचल पे्रस क्लब की परिसर के पीछे की बाउंड्री वॉल बीती रात हुई तेज बारिश से ध्वस्त हो गयी, जिससे पे्रस क्लब शौचालय के शीशे टूट गये। दीवार टूटने से परेड मैदान, दून पुस्तकालय और सपा कार्यालय से बरसाती पानी पे्रस क्लब आफिस, हॉल और मनोरंजन कक्ष समेत सभी कमरों में गंदा पानी भर गया।

सूचना मिलने पर कई पत्रकार मौके पर पहुंचे और फायर सर्विस की मदद से सभी कमरों से गंदे पानी की सफाई की। पे्रस क्लब अध्यक्ष नवीन थलेड़ी ने सफाई अभियान में सहयोग देने पर राजेन्द्र उनियाल, दीपक बड़थ्वाल, प्रवीन बहुगुणा, के0एस0 बिष्ट, राजकिशोर तिवारी, कैलाश जोशी के साथ ही पे्रस क्लब कर्मियों जगदीश, सोहन सिंह, सुरेन्द्र और फायर सर्विस के जवानों का आभार जताया।

ईशान आहुजा और तनवीर रशिद खान ने जीता खिताब

 

देहरादून। राजपुर रोड स्थित डब्ल्यूआईसी इंडिया स्पोट्र्स बार में तीन दिन से चल रहे रेंजर्स पूल ट्रॉफी चौंपियनशिप का खिताब ईशान आहुजा, जबकि प्रो 8 रेंजर्स ट्रॉफी का खिताब तनवीर रशिद खान ने जीता।  रेंजर्स पूल ट्रॉफी चौंपियनशिप २१७ का पहला सेमीफाइनल मैच तजिंदर पाल सिंह व ईशान आहुजा जबकि दूसरा मैच ऋषभ गुन्ता व सुमित जौली के बीच खेला गया। रेंजर्स पूल ट्रॉफी चौंपियनशिप में प्रथम स्थान ईशान आहुजा जबकि दूसरा स्थान ऋषभ गुन्ता ने प्रान्त किया।
 
प्रो 8 रेंजर्स ट्रॉफी के सेमीफाइनल का पहला मैच रोहन वोहरा व विाुर नौटियाल जबकि दूसरा मैच तनवीर रशिद खान व दीपक चोपड़ा के बीच खेला गया। इस चौंपियनशिप में तनवीर रशिद खान ने पहला स्थान जबकि रोहन वोहरा ने दूसरा स्थान प्रान्त किया। इस दौरान पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित हुआ। सभी विजेताओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। डब्ल्यूआईसी इंडिया के स्पोटर््स बार में हर साल रेंजर्स पूल चौंपियनशिप का आयोजन किया जाता है। डब्ल्यूआईसी इंडिया की प्रेजीड़ेंट नाजि़या युसूफ इज़ुइद्दीन ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की।

4481 विद्युत विहीन गांवों का मई 2018 से पूर्व विद्युतीकरण का लक्ष्य

देहरादून। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत भारत सरकार के ऊ र्जा मंत्रालय द्वारा 18,452 विद्युत विहीन गांवों में बिजली पहुंचाई जानी है, जिसमें से 13,000 से भी ज्यादा गांवों का विद्युतीकरण किया जा चुका है। शेष बचे हुए 4481 विद्युत विहीन गांवों का भी 1 मई 2018 से पूर्व विद्युतीकरण किए जाने के लिए सरकार द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत ग्रामीण विद्युतीकरण से संबंधित नवीनतम ग्राम वार आंकड़े मोबाइल ऐप एवं वेबपोर्टल पर भी उपलब्ध है, जहां पर उपयुक्त योजना के अंतर्गत ग्रामवार स्वीकृत किए गए कार्यो एवं उसके लिए राज्यवार निर्गत किए गए धन व कार्य का नक्शा तैयार किया गया है ताकि प्रत्येक गांव में चल रहे कार्यो की प्रगति पर निगरानी रखी जा सके।

रामनाथ कोविंद के दून आगमन पर सीएम ने किया स्वागत

 
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट में राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का उत्तराखण्ड आगमन पर स्वागत किया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री आवास न्यू कैन्ट रोड स्थित जनता मिलन हॉल में मंत्रिमण्डल के सदस्यों की उपस्थिति में राष्ट्रपति प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने श्री कोविंद को अंगवस्त्र, गंगा जल, तथा पुस्तक भेंट कर सम्मानित भी किया।

बोलेरो खाई में गिरने से सात लोगों की मौत

 विकासनगर। जेपीआरआर हाईवे पर गुम्मा के समीप एक जीप के गहरी खाई में गिर जाने से सात लोगों की मौत हो गयी। घटना में पांच लोग घायल हो गये। दुर्घटना की सूचना मिलने पर हिमाचल तहसील व पुलिस प्रशासन की टीमें राहत बचाव के कार्य में जुटी हैं। इसी स्थान पर दो माह पहले बस गिरने से त्यूणी क्षेत्र के पैतालीस लोगों की मौत हो गयी थी। शावड़ी जिला सिरमौर गांव के लोग देव दर्शन के लिए चूड़धार हिमाचल गये थे। चूड़धार के बाद जनोग बौंठा महाराज, हनोल महासू महाराज के दर्शन करने के बाद घर लौट रहे थे।

गुम्मा अंतरोली के मध्य अचानक जीप अनियंत्रित हो जाने से गहरी खाई में जा गिरी। इससे जीप के परखच्चे उड़ गये। मौके पर सात लोगों की मौत हो गयी। मृतकों में गेंदी देवी पत्नी कल्याण सिंह, सुषमा, निशा, रविजा पुत्री कल्याण सिंह, कैलाश पुत्र कल्याण सिंह सभी निवासी शावड़ी जिला सिरमौर, शिवानी पुत्री नरेंद्र निवासी कांटी मशौह, गुलाब सिंह पुत्र मोती राम निवासी शावड़ी सिरमौर शामिल हैं। घायलों में कपिल चालक पुत्र कल्याण सिंह, डिंपल पत्नी कपिल, कल्याण सिंह पुत्र मोतीराम, साक्षी पुत्री रंजीत सभी निवासी शावड़ी सिरमौर और रवीना पुत्री खजानसिंह निवासी पंजार जिला सिरमौर शामिल हैं।

सीएम के नेतृत्व में टपकेश्वर मंदिर में चला सफाई अभियान

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर गढ़ी कैन्ट स्थित टपकेश्वर महादेव मन्दिर प्रांगण तथा टोंस(तमसा) नदी के तट में नगर निगम द्वारा आयोजित स्वच्छता अभियान में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के नेतृत्व में टपकेश्वर महादेव मन्दिर प्रांगण में लगभग आधे घण्टे से अधिक समय तक स्वच्छता अभियान चला। 
 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित लोगो को स्वच्छता के प्रति सजग रहने और इसके लिए समय देने, हर सप्ताह 2 घण्टे श्रमदान करके स्वच्छता करके स्वच्छता में योगदान देने, गंद्गी न करने तथा न ही किसी और को करने देने, स्वच्छता का अभियान सबसे पहले स्वयं से करने तथा फिर मुहल्ले, शहर और विद्यालय आदि से करने, शहर-शहर, गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करने की शपथ दिलवाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यन्त प्रसन्नता का विषय है कि  22 जून  को उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्र में खुले में शौच से प्रथा से मुक्त हो चुका है तथा राज्य सरकार द्वारा सकंल्प लिया गया है कि चालू वितीय वर्ष में 31 मार्च से पूर्व ही राज्य को शहरी क्षेत्र में भी ओडीएफ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासो से स्वच्छ भारत मिशन एक महाअभियान बन चुका है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस अवसर पर स्थानीय लोगो को डस्टबिन वितरित किये।
 
स्वच्छता अभियान से पहले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सरकार के सौ दिन पूरे होने के अवसर पर टपकेश्वर महादेव मन्दिर पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा राज्य की सुख, समृद्घि व खुशहाली की कामना की। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार संतुलित विकास सुनिश्चत करना चाहती है। जनता की अपेक्षाओं और राज्य के विकास के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। सडक़, बिजली, पानी स्वास्थ्य और शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में भ्रष्ट्राचार को किसी भी कीमत पर बर्दाशत नही किया जायेगा। 

सडक़ तोड़ एम्बुलेंस का रास्ता किया बंद

देहरादून। अतिक्रमण के नाम पर गुरूद्वारा साहिब के गेट के सामने की सडक़ खुदवाकर एम्बुलेंसों एवं यात्रियों की गाडियों का बाहर निकलना मुश्किल कर दिया, जबकि यह सडक़ चिन्हित भी नहीं की गई है। बिना नोटिस के सडक़ उखाड़ बीच सडक़ में फैला दिया गया, मलवा और जिससे जाम लग गया एवं वाहनों एवं पैदल चलने वालों के लिए भी अड़चन बन गई।
  

आढ़त बाजार स्थित गुरूद्वारा सिंह सभा से जुडे हुए पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने इस प्रकार की कार्यवाही का विरोध किया और कहा कि जहां से सडक तोडी गई वहां बिजली का खम्बा लगा हुआ है जिस कारण यातायात की असुविधा बनी हुई है एडीएम प्रशासन को जब जगह का मुआयना करवाया गया तो उन्होंने इधर-उधर फोन घुमाया लेकिन कोई भी समाधान नहीं हुआ एवं यह कह कर चले गये कि मामले का हल निकालते है जब पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को कहा कि बिना चिन्हित किये स्थान को क्यों तोडा गया तो जवाब मिला हमार तो तोडऩा है, आप बनवा लो, जब पहले खम्बा हटाने को कहा तो बोल इसके टेंडर मांगें गये है बाद में होगा जिससे जाम लगता है वह तो हटाया नहीं।

वहीं एम्बुलैंस एवं यात्रियों की गाडियों का बाहर निकलने का रास्ता बंद कर सडक को बाधित कर गये जिसका संगत, यात्रियों एवं बाजार वालों ने घोर विरोध किया। उनका कहना है कि सडक़ नहीं खुदती तो यातायात बाधित नहीं होता। इस अवसर पर गुरूद्वारा सिंह सभा के उपाध्यक्ष जगमिन्द्र सिंह छाबड़ा, गुरूबक्श सिंह, सेवा सिंह मठारू, विनय गोयल, जगमोहन सिंह, हैड ग्रंथी शमशेर सिंह आदि मौजूद रहे।

जाम से पूरा शहर रहा बेहाल

देहरादून। शहर भर में अतिक्रमण हटाने चलते शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। जगह-जगह जाम से लोगों को परेशानियों का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर यातायात पुलिस यातायात व्यवस्था सम्भाल नहीं पाई और अनावश्यक रूप से रूटों को डायवर्ट कर दिया गया। यातायात पुलिस की प्रर्यान्त संख्या होने के बावजूद शहर में जगह-जगह जाम लगने से यातायात पुलिस के साथ-साथ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
  

  राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के कारण जाम से वाहन चालकों के अलावा पैदल चलने वालों को भी जाम में पेरशानी का सामना करना पडा़। शहर के विभिन्न चौराहों पर यातायात पुलिस होने के बावजूद उन सभी स्थानों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। तहसील चौक से लेकर सहारनपुर चौक तक यूं तो आए दिन जाम की स्थिति रहती है, लेकिन  घंटाघर से लेकर तहसील चौक की स्थिति भी कुछ इसी तरह से है और इन रूटों पर चलने वाले वाहन चालकों के अलावा पैदल चलने वाले राहगीरों को भी सडक़ों पर चलना दुभर हो रहा है। शहर की चरमराती टै्रफिक व्यवस्था के चलते पूरे शहर में घंटो जाम लगा रहता है इसके बावजूद यातायात पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।  जाम से शहरवासी काफी परेशान हैं और उनमें पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ऐसे में यदि जल्द कोई ठोस पहल नहीं की गई तो शहर में यातायात व्यवस्था बद से बदतर होने में अब कोई देर नहीं है।
  

सुबह से देर शाम तक लगने वाले जाम से लोगों का जीना बेहाल हो गया है और लोग अपने घरों से निकलने से भी कतराने लगे हैं। कई ऐसे रूटों पर जहां पर अत्याधिक ट्रैफिक है और वहां पर प्रतिदिन जाम लगी रहती है वहां पर यातायात पुलिस व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।  वहीं शहर में आए दिन निकलने वाली रैलियों के चलते भी व्यापक रूप से जाम की स्थिति बनने के बावजूद प्रशासन की ओर से ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है। टै्रफिक पुलिस की कार्यप्रणाली के लुंज-पूंज होने से शहरवासियों में काफी नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन शहर में टै्रफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है। ऐसे में दिन-प्रतिदिन शहर की यातायात व्यवस्था बद से बदतर बनी हुई रही। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने को मुख्य सचिव से मिला मोर्चां

देहरादून। सेवानिवृत्त सिंचाई व अन्य कर्मचारियों को पेंशन दिलाने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्य सचिव एस रामास्वामी को ज्ञापन सौंपा। मुख्य सचिव ने हैरानी जताई कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की एसएलपी खारिज होने के बाद पुन: हाईकोर्ट में विशेष अपील योजित करना कैसे न्यायसंगत हो सकता है? उन्होंने तत्काल सचिव सिंचाई को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिये एवं उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
   

नेगी ने कहा कि सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 30-35 वर्ष की वर्क चार्ज सेवा, जिसमें 10 वर्ष से कम स्थायी सेवा करने से पूर्व अधिवर्षिता आयु पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को सरकार द्वारा कोई पेंशन इत्यादि का लाभ नहीं दिया जाता है। नेगी ने कहा कि उक्त मामले में कर्मचारियों द्वारा उच्च न्यायालय में योजित वाद जिसमें 28 अगस्त 2010 के द्वारा सरकार को आदेश दिये गये थे कि कर्मचारियों द्वारा 10 वर्ष की स्थायी व अस्थायी सेवा पूर्णकर चुके सभी कर्मचारी पेंशन इत्यादि के पात्र हैं, लेकिन सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष अपील योजित की गयी, जिसको उच्च न्यायालय अपने आदेश 22 अप्रैल 2013 के द्वारा खारिज कर चुका है।

उक्त के उपरान्त सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में 2014 दाखिल की गयी, जिसको सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश तीन नवम्बर 2014 के द्वारा खारिज कर चुका है। उनका कहना है सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी खारिज होने के पश्चात् सरकार द्वारा पुन: उच्च न्यायालय में विशेष अपील योजित की गयी, जिसको उच्च न्यायालय अपने आदेश 17 अक्टूबर 2016 के द्वारा खारिज कर चुका है। उक्त के उपरान्त सरकार द्वारा पुन:  सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गयी जिसको  सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश सात अप्रैल 2017 के द्वारा खारिज कर चुका है, जिसमें सुप्रीम कार्ट ने स्पष्ट निर्देश जारी किये है। सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश उत्तराखण्ड में नहीं चल रहे हैं अब सिर्फ अन्र्तराष्ट्रीय अदालत ही बची है।

ध्वस्तीकरण के विरोध में व्यापार मंडल का बंद आज


देहरादून। जिला प्रशासन द्वारा गुरूवार प्रात: 6 बजे से दून के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर एवं भारी जेसीबी मशीनों के द्वारा बर्बरता पूर्ण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के विरोध में कल 23 जून  को दून उद्योग व्यापार मण्डल के आहवान पर दून का सम्पूर्ण व्यापार बन्द करने का निर्णय लिया गया है।

जानकारी देते हुए दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया एवं महासचिव सरदार अमरजीत सिंह आनंद ने सभी व्यापारियों से अनुरोध किया है कि जिला प्रशासन की असंवैधानिक एवं तानाशाही रवैये के खिलाफ अपने प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बन्द रखने को कहा गया है।

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां जिलाधिकारी कार्यालय पर गरजीं

देहरादून। उत्तरांचल आंगनवाडी कर्मचारी संघ ने अपनी अनेक समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की है।
    

उत्तरांचल आंगनवाडी कर्मचारी संघ से जुडे हुए कार्यकत्र्रियां जिलाधिकारी कार्यालय पर इकटठा हुईं और वहां पर उन्होंने अपनी अनेक समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए शीइा्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आंगनवाडी कार्यकत्रियों सहायिकाओं एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य व केन्द्रीय कर्मचारी घोषित किये जाने और न्यूनतम वेतन अठारह हजार रूपये महंगाई सहित दिये जाने, सेवानिवृत्त किये जाने पर ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगवान किया जाये। मिनी आंगनवाडी कार्यकत्रियों को पूर्ण आंगनवाडी के समकक्ष मानदेय व वेतन दिये जाने की भी मांग की गयी है। उनका कहना है कि आंगनवाडी कार्यकत्री पद हेतु योग्यता रखने वाली सहायिका को कार्यकत्री के पद पर पदोन्नत किया जाये और देश में कार्यरत समस्त आंगनवाडी कार्यकत्रियों सहायिकाओं एवं मिनी आंगनवाडी कार्यकत्रियों को सामाजिक सुरक्षा जैसे बीमा, भविष्य निधि, ईएसआई एवं उपादान सुविधा से आच्छादित किया जाये और उन्हें लाभ प्रदान किये जाये।
  

वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1975 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस पर देश में समेकित बाल विकास विभाग का शुभारंभ देश के बच्चों को कुपोषण से बचाने एवं महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से हुआ था। वक्ताओं का कहना है कि आंगनवाडी कार्यकत्रियों सहायिकाओं और मिनी आंगनवाडी कार्यकत्रियों के अथक प्रयासों से कुपोषण से होने वाली बच्चों की मृत्यु दर 58 प्रति हजार से घटकर 37 प्रति हजार तक आ गई है और अनेकों केन्द्रीय एवं प्रांतीय प्रकल्पों में आंगनवाडी कार्यकत्रियां की भागीदारी रहती है। वक्ताओं का कहना है कि वर्ष 1975 से लेकर अब तक समेकित बाल विकास विभाग एक परियोजना के रूप में ही कार्य कर रहा है और योजना में परिवर्तित नहीं हो पाया है जबकि आज आंगनवाडी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं एवं मिनी आंगनवाडी कार्यकत्रियोंं की संख्या लगभग 25 लाख हो चुकी है व आंगनवाडी कार्यक्रम आज के समाज की आवश्यकता बन गई है।

आज की इस भयावह महंगाई के उस पर उन्हें देशभर में मानदेय के रूप में तीन हजार रूपये से साढे सात हजार रूपये तक मानदेय दिया जा रहा है जिससे इनके परिवार का भरण पोषण नहीं हो पाता है जबकि इन परियोजनाओं में विधवना, परित्यक्ता, दिव्यांग एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं की संख्या अधिक है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए उचित कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। इस अवसर पर संघ की प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री सहित अनेक कार्यकत्रियां एवं सहायिकायें मौजूद रहीं।

सरकार शीघ्र ही करें आंदोलनकारियों को चिन्हित

देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने आंदोलनकारियों को चिन्हित किये जाने की मांग को लेकर अपना धरना गुरूवार को भी जारी रखा और कहा कि सरकार की ओर से शीघ्र ही कार्यवाही न किये जाने पर आंदोलन को तेज किया जायेगा। आंदोलनकारियों ने आज भी शहीद स्थल पर इकटठा होकर सरकार को चेतावनी देते हुए वहां पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपने धरने का जारी रखा।

आंदोलनकारियों द्वारा मांग की गयी है कि  सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने मांग की है कि दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ राज्य आंदोलनकारियो व आश्रितों को दिया जाये। सभी राज्य आंदोलनकारियों को ससम्मान एक समान पेंशन के दायरे में लाया जाये। आज तक जारी शासनादेश सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किये जायें।  परिवहन निगम की बसों में आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी निशुल्क यात्रा की सुविाा दी जाये।

उनका कहना था कि राज्य आंदोलन की गरिमापूर्ण ऐतिहासिक भूमिका को समझते हुए राज्य आंदोलनकारियों की इन मांगों पर शीइा्र नीतिगत निर्णय लिये जायें। आरोप लगाया कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जिसके लिए जनांदोलन किया जायेगा। उनका कहना है कि जिलाधिकारी कार्यालय में आंदोलनकारियों की पेंशन का ड्राफ्ट आने के बाद भी आज तक आंदोलनकारियों के खाते में नहीं डाला गया है जो चिंता का विषय है, उनका कहना है कि पेंशन राशि को शीघ्र ही खातों में नहीं डाला गया तो इसके लिए भी मोर्चा खोला जायेगा। लगातार आंदोलनकारियों के हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है और जिससे आंदोलनकारियों में रोष बना हुआ है।

दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही सरकार की ओर से नहीं की जा रही है यह खेदजनक विषय है। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि शीइा्र ही उनके हितों के लिए और उनकी मांगों पर ठोस कार्यवाही शीइा्र नहीं की गई तो सचिवालय कूच कर घेराव किया जायेगा और इसके लिए जल्द ही रणनीति तैयार की जायेगी। इस दौरान अशोक कटारिया, जी डी डंगवाल, अनिल वर्मा, जबर सिंह रावत पावेल, गौरा देवी पुण्डीर, ानेश्वरी देवी ध्यान, विनोद असवाल, लोक बहादुर थापा, प्रभा नैथानी, सुरेश कुमार, अभय कुकरेती, बैपारी भुराठा आदि मौजूद थे।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

देहरादून। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। शिक्षा मंत्री सर्वप्रथम बजट सत्र में शिक्षा विभाग का कटौति प्रस्ताव सदन में वापस लेने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए अधिकारियों का साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि उन्ही के प्रयासों से सम्भव हुई है। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों से शिक्षा को गुणवत्ता परक बनाने तथा शतप्रतिशत गरीब छात्रों को शिक्षा का अधिकार दिलाने हेतु निरन्तर प्रयास करने का आह्वान किया।

 उन्होंने शिक्षा के स्तर को उठाने के लिए निरन्तर अभिभावकों से भी संवाद बनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रत्येक विकासखण्ड को दो भागों में बांटकर क्षेत्रान्तर्गत विद्यालयों के पठन-पाठन का निरन्तर अनुश्रवण/निरीक्षण करने के निर्देश दिये। शिक्षामंत्री ने कहा कि उप शिक्षा अधिकारी/खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने उप खण्ड के अन्तर्गत आने वाले विद्यालयों का निरन्तर निरीक्षण करेंगे तथा सम्बन्धित रिपोर्ट मुख्यालय में भेजेंगे, जिसकी समीक्षा के लिए प्रत्येक तीन माह में बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सत्रारम्भ से वह स्वयं विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे तथा प्रेषित रिपोर्ट एवं मौके पर पाई जाने वाली स्थिति में अन्तर की दशा में वे सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्घ कार्रवाई करेंगे। उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारी की मांग पर, निरीक्षण के लिए वाहन दिलाने के निर्देश महानिदेशक शिक्षा को दिये तथा वाहन के मूवमेंट का भी रिकार्ड रखने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। उन्होंने सम्बद्घ शिक्षक/कार्मिकों को मूल तैनाती में भेजने के पूर्व आदेशों के अनुपालन में अद्यतन प्रगति उपलब्ध कराने के निर्देश दिये तथा चेतावनी दी, कि जिस जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्बद्घता समान्त करने के आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया, उसके विरूद्घ सख्ती से कार्रवाई की जायेगी। उनका कहना था, कि जहाँ पर कार्मिक की सम्बद्घता आवश्यक है, उसका औचित्य बताते हुए मुख्यालय को तुरन्त अवगत कराया जाय। ज्ञातव्य है कि कतिपय आवासीय विद्यालयों में वार्डन का पद न होने के कारण शिक्षकों को सम्बद्घ किया गया है।

उन्होंने प्राईवेट विद्यालयों की मनमानी यथा कैपिटेशन फीस, रिएडमिशन फीस, काशन मनी आदि के सम्बन्ध में शासन के जारी निर्देशों का पालन न करने वाले पब्लिक स्कूलों की सूची तथा कृत कार्रवाई पर जानकारी प्रान्त की तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों की सूची तथा उनके विरूद्घ प्राथमिकी दर्ज कराने पर भी विस्तार से चर्चा की। श्री पाण्डेय ने देहरादून के नामी गिरामी प्राईवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने में सफलता के लिए जनपद देहरादून के शिक्षाधिकारियों की प्रशंसा की, साथ ही बिना किसी दबाव के कार्य करने के लिए अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट की सराहना की। शिक्षामंत्री श्री पाण्डेय ने ऐसे अधिकारियों/शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कार्मिकों, जो अपने तैनाती स्थल का आवास भत्ता लेते हैं, किन्तु वास्तविक रूप से निवास नहीं करते हैं, के विरूद्घ कार्रवाई करने के निर्देश महानिदेशक शिक्षा को दिये तथा इसकी सूची जनपदीय अधिकारियों से तुरन्त मुख्यालय प्रेषित करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्राईमरी अध्यापकों के स्थानान्तरण से रिक्त पदों का स्थलवार विवरण मागते हुए महानिदेशक शिक्षा से सत्र आरम्भ होने से पूर्व रिक्त पदों पर अध्यापकों की तैनाती के निर्देश दिये।

उन्होंने विद्यालय गणवेश व पुस्तकें एक निश्चित स्थान से क्रय किये जाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने वाले प्राइवेट स्कूलों का विवरण तथा कृत कार्रवाई की भी समीक्षा की। उन्होंने अक्षय पात्र योजना के अन्तर्गत केन्द्रीयकृत कीचन निमार्ण हेतु देहरादून में डांडा लखौंड तथा रूडक़ी में चिन्हित भूमि का संयुक्त मौका मुआयना कर सम्बन्धित संस्था की प्रतिनिधि सोनिया रूचि से योजना पर शीइा्र कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिये। उन्होंने डब्ल्यू0एच0ओ0के सहयोग से संचालित रूबेला/मीजिल्स प्रतिरक्षण अभियान पर भी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में पूर्व सांसद बलराजी पासी, महानिदेशक/अपर सचिव आलोक शेखर तिवारी, निदेशक शिक्षा आर0के0 कुवर तथा निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान सीमा जौनसारी, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, मुख्य शिक्षाधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

किसानों के ऋण माफ करने को पीसीसी अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र


देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड के किसानों के कृषि ऋण मॉफ किये जाने तथा उनकी अन्य समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह को लिखे पत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि जीवन के लिए प्राणवायु और जल के बाद तीसरे स्थान पर अन्न सर्वाेपरि है। चिन्ता का विषय है कि आज सबसे अधिक उपेक्षा देश के अन्नदाता की हो रही है। किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य न मिल पाने, समय पर खाद-बीज न मिल पाने तथा बिजली व सिंचाई सुविधा की परेशानियों के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ से दबता जा रहा है। फसल का उचित मूल्य न मिलने से किसान बैंकों का कर्जा नहीं लौटा पा रहे हैं।

देशभर का किसान अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर आन्दोलनरत है और अपेक्षा कर रहा है कि केन्द्र सरकार उनकी समस्याओं का निदान करेगी, लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अभी तक कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसी स्थिति में देशभर में किसानों की आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, औसतन प्रतिदिन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। प्रीतम सिंह ने कहा कि देश में किसानों की आत्महत्या से अभी तक अछूती देवभूमि उत्तराखण्ड को भी 16 जून को जिला पिथौरागढ़ के बेरीनाग विकासखण्ड के डौल डूंगर गांव के सुरेन्द्र सिंह की आत्महत्या से षर्मसार होना पड़ा है। उत्तराखण्ड की देवभूमि में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला आगे न बढ़े, राज्य का किसान जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है उसके समाधान का रास्ता राज्य सरकार को यथाशीघ्र तलाशना होगा। हमारे राज्य मे मैदानी जनपदों को छोडक़र पर्वतीय जनपदों में अत्यंत न्यूनतम जोत के किसान हैं, जिनकी समस्यायें भी न्यून हैं।

मैदानी जिलों में बड़ी जोत के किसानों की संख्या भी बहुत अधिक नहीं है। इसलिए भौगोलिक परिस्थिति एवं छोटी तथा बड़ी जोत के किसानों की अलग-अलग समस्याओं के यथाशीघ्र अलग-अलग समााान तलाशते हुए किसानों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाने हेतु राज्य सरकार को अविलम्ब ठोस निर्णय लेने चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र के माध्यम से अनुरोध किया है कि भारतीय जनता पार्टी के ²ष्टिपत्र के अनुरूप किसानों के हितों की रक्षा के लिए किसानों को कृषि कार्य के लिए बिजली आधे दामों पर उपलब्ध कराई जाय। फसलों का समर्थन मूल्य घोषित करते हुए लागत से डेढ गुना दाम पर किसानों के उत्पाद को खरीदा जाय। किसानों को कृषि कार्य हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब कराया जाय।  गन्ना किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र किया जाय। मृतक किसान सुरेन्द्र सिंह के परिवार को 1 करोड़ रूपये का मुआबजा दिया जाय।  प्रीतम सिह ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिहं रावत से अपेक्षा की है कि वे किसान हित में उपरोक्त बिन्दुओं पर यथाशीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे।  

रक्षा कर्मचारी उतरे सडक़ों पर, निजीकरण का पुतला फूंका

देहरादून। रक्षा के क्षेत्र$ में निजीकरण की सरकार की साजिश के खिलाफ देहरादून के रक्षा ंसंस्थानों से जुड़े कर्मचारियो ंने आल इण्डिया डिफेन्स ईम्पलाईज फैडरेशन के आह्वान पर जुलूस निकाल कर निजीकरण का पुतला फूंका।  फैडरेशन के आह्वान पर गुरूवार की शाम को दून के रक्षा संस्थानों ओएफडी, ओएलएफ, आई आर डीई और अन्य संबंधित संस्थानों के कर्मचारी आयुध निर्माणी के गेट पर एकत्र हुए वहां से जुलूस के रूप में कर्मचारियों ने विशाल रैली निकाली। रैली आयुध निर्माणी से मुख्य मार्ग होते हुए दुल्हनी चौक पर समान्त हुयी। रैली को सम्बोधित करते हुए वक्ताओ ंने कहा कि रक्षा कर्मचारियों के हक पर सरकार लगातार कुठाराघात कर रही है।

रक्षा क्षेत्र के 139 उत्पादों को सरकार ने नान कोर की श्रेणी में डाल कर रक्षा कारखानों को भारी क्षति पहुंचाई है। यह रक्षा के कारखानों तथा शोध संस्थानों को बंद करने की सरकार की साजिश है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के नान कोर में डालने से आयुध कारखानों का उत्पाद कम होगा और रक्षा कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। आज सरकार ने रक्षा के क्षेत्र मे ंएफडीआई लागू कर 222 निजी कम्पनियों को हथियार और रक्षा उपकरण बनाने का लाईसेंस दिया गया है। इसके साथ ही कई उत्पादों को नान कोर की श्रेणी में डालकर आयुध निर्माणियों को बंद करने की साजिश रची जा रही है। छोटे हथियार बनाने वाली चार निर्माणियों को पीपीपी मोड में देने के बाद सरकार ने रक्षा के क्षेत्र में निजीकरण का दरवाजा खोल दिया है। सभा के पश्चात कर्मचारियों ने निजीकरण का पुतला फूंका। इस अवसर पर अनिल उनियाल, शशि नौटियाल, अशोक शर्मा, जगदीश छिमवाल, बीपी कोठारी, नीरज शर्मा, उमाशंकर, कपिल, संजीव मवाल, चेतन जखमेाला  समेत कई कर्मचारी मौजूद थे।

बदलते मौसम से अस्पताल मे मरीजों की संख्या बढी

नई टिहरी। बदलता मौसम और बरसाती सीजन स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल में हर रोज मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अधिकांश लोग उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें ज्यादा संख्या बच्चों की है। कुछ सावधानियां बरत कर इन बीमारियों से बचा जा सकता है। जिला अस्पताल बौराड़ी में पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां हर रोज ओपीडी 250 से 300 तक पहुंच रही है। दूर-दराज गांवों से भी मरीज पहुंच रहे हैं।

अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त, बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। कुछ बजुर्ग भी आ रहे हैं, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अमित राय का कहना है कि पिछले माह की अपेक्षा इस माह मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उल्टी-दस्त और फीवर से पीडि़त ज्यादा मरीज आ रहे हैं। बताया कि बदलता मौसम इसका प्रमुख कारण है। पानी उबालकर पीने के साथ ही खान-पान पर कुछ सावधानियां बरतकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है। बाहर खाना और बासी खाना न खाएं। खाने को साफ जगह पर ढककर रखे।

डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

नई टिहरी। आशा कार्यकताओं ने विभिन्न मांगों के निराकरण हेतु डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने मांगों के निराकरण की मांग को लेकर डीएम दफ्तर के मुख्य गेट पर नारेबाजी की। गुरुवार को आशा कार्यकर्ताओं ने छह सूत्रीय मांग पत्र प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को प्रेषित किया। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष आशा भट्ट ने कहा कि आशाएं लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग करतीं आ रही हैं, बावजूद सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार से आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 18 हजार रुपये, इसके अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दिए जाने, कार्यकर्ताओं की दुर्घटना में मृत्यु पर पांच लाख का मुआवजा, आशाओं को एएनएम भर्ती में प्राथमिकता देने, प्रदेश की पूर्व सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन राशि सहित कई अन्य मांगों के शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष कुसुम राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय लक्ष्मी भंडारी, आशा सजवाण, सम्पति बेलवाल, मंजू डबराल, रजनी महर, सुनीता नेगी कलावती डबराल, कृष्णा सेमवाल, राकेश राणा आदि उपस्थित थे।

बीमा कंपनी व प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन किया

नई टिहरी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ न मिलने से चंबा-मसूरी फलपट्टी के बागवानों में रोष व्याप्त है। गुरुवार को आक्रोशित बागवानों में बीमा कंपनी और प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन किया। शीघ्र बीमा का भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। राष्ट्रीय किसान पार्टी के नेता परशुराम डबराल, किसान भरतराम डबराल, जितेन्द्र आदि का कहना है कि बागवानों ने वर्ष 2016 में अपनी आलू की फसल का बीमा चोलमंडल कृषि बीमा कंपनी से करवाया था।

इसका प्रीमियम भी 75 रुपये प्रति नाली के हिसाब से जमा करवा रहे थे, लेकिन भारी बारिश के चलते आलू की फसल बर्बाद हो गई थी। किसानों ने कंपनी ने बीमा भुगतान की मांग की। कंपनी 30 रुपये प्रति नाली के हिसाब से बीमा दे रही है, जिससे बागवानों में रोष व्याप्त है। बागवानों ने इसकी शिकायत पूर्व में डीएम से कर 75 रुपये प्रति नाली के हिसाब से बीमा देने की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं, जिस कारण किसानों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में राजदीप डबराल, सुदामाराम डबराल, दिनेश चन्द्र, खुशीराम, मगलानन्द डबराल, चन्द्रमणी, नितिन डबराल आदि शामिल रहे।
 

डाककर्मी काम के साथ आधार कार्ड बनाएंगे

 पौड़ी।  अब डाकघरों में भी आधार कार्ड बनाए जा सकेंगे। प्रधान डाकघरों से लेकर उपडाकघर में डाककर्मी अपने काम के साथ-साथ लोगों के आधार भी बनाएंगे। इसके लिए डाककर्मियों की ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। विभिन्न प्रकार की पेंशनों से लेकर बैंक खातों, राशन कार्ड, गैस कनेक्शन आदि में अब आधार जरूरी हो गया है। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आधार बनाने में परेशानी हो रही है। शहरों में भी आधार बनाने के लिए खासी भीड़ रहती है। स्कूलों से मिलने वाली विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति के लिए भी आधार जरूरी है।

इस बीच प्रशासन की पहल पर ब्लाक मुख्यालयों सहित स्कूलों में भी शिविरों का आयोजन किया गया ताकि आधार बने सके, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में आधार बनने का काम धीमा ही रहा। आज भी लोगों को आधार बनाने में परेशानियां हो रही हैं। शुरूआत में तहसील स्तर पर भी आधार बने। डाक घरों में आधार बनने से यह लाभ होगा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर मौजूद है। हालांकि अभी उपडाकघर स्तर तक ही आधार बन सकेंगे। डाक अधीक्षक पौड़ी जीडी आर्य ने बताया कि कोशिश की जाएगी कि उपडाकघर के अलावा निचले स्तर के डाकघरों में भी आधार बन सकें। इसके लिए विभागीय स्तर पर आधार बनाने को कार्मिकों को सर्किल में ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। जो कर्मी ट्रेनिंग में सफल होंगे वह अन्य कार्मिकों को इसका प्रशिक्षण देंगे। ऐसे में प्रधान और उपडाकघरों तक लोगों के आधार आसानी से बन सकेंगे।

हाथी दांत के साथ दो तसकर गिरफ्तार

नई टिहरी। नरेन्द्रनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने नरेन्द्रनगर के ओणी बैंड के पास दो लोगों को दस किलो हाथी दांत के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दांतों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये है। गुरुवार दोपहर दो बजे नरेन्द्रनगर पुलिस और एसओजी की टीम ने नरेन्द्रनगर के ओणी बैंड के पास खड़े दो संदिग्ध लोगों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनसे पांच-पांच किलो हाथी के दांत बरामद हुए। टीम दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम बुंदू पुत्र शादिक निवासी मोहमद नौमिका कस्बा, थाना बढ़ापुर, जिला बिजनौर और शहीद पुत्र पीरू निवासी पक्का तालाब, थाना बढ़ापुर बिजनौर बताया।

यह भी बताया कि हाथी दांत उन्होंने राशिद पुत्र युसुफ और वाजिद पुत्र ताहिर निवासी बढ़ापुर बिजनौर से खरीदे हैं, जिसे बेचने के लिए यहां आए थे। आरोपियों में शहीद 2015 में भी शेर की हड्डियों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वह हरिद्वार के गैंडीखाता निवासी यूसुफ और अल्ली जान को जानते थे। उन्होंने हाथीदांत के खरीददार को नरेंद्रनगर क्षेत्र में मिलने को कहा था। लेकिन अभी तक खरीददार का नाम पता नहीं चल पा रहा है। टीम में प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी, उप निरीक्षक भानु प्रताप सिंह, सुरेश चौहान, देवराज, एसओजी के योगेंद्र चौहान, प्रशांत राणा आदि शामिल रहे।

बदरीनाथ हाईवे पर बड़े वाहनों की आवाजाही बाधित रही

गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान चट्टी के पास भूस्खलन से सुबह पांच घंटे बड़े वाहनों की आवाजाही बाधित रही। हालांकि छोटे वाहनों की आवाजाही जारी रही।

बुधवार रात बीआरओ द्वारा टंगड़ी में पागल नाला व लामबगड़ स्लाइड जोन पर मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया था। जबकि गुरुवार तडक़े हनुमान चट्टी के पास भूस्खलन से बड़े वाहनों की आवाजाही पांच घंटे तक ठप रही। गुरूवार  सुबह 10 बजे के लगभग बीआरओ ने सडक़ से मलबा हटाकर बडे वाहनों की आवाजाही भी सुचारु की । इस दौरान बड़े वाहनों की कतार लग गई थी।
 

केदारनाथ में पहाड़ के हस्तशिल्प से रूबरू होंगे तीर्थ यात्री

रुद्रप्रयाग। बाबा केदार के दर्शनों को धाम में आने वाले श्रद्घालु अब पहाड़ के हस्तशिल्प से भी रूबरू हो सकें। केदारनाथ में मंदाकिनी और सरस्वती नदी पर बने स्नानघाटों में चेजिंग रूम के बाहर देवदार की लकड़ी की खोली, मोरी और जंगला देखने को मिलेंगे। नेहरू पर्वता रोहण संस्थान के काष्ठ हस्तशिल्पों की मदद से सोनप्रयाग में देवदार की लकड़ी की नक्काशी करा रहे हैं। 16-17 जून 2013 की आपदा से बीते सवा तीन वर्षों से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में जुटे निम ने जहां धाम की सुरक्षा के लिये तकनीकी की मदद से कार्य किये हैं, वहीं यात्रियों की सुविधा के लिये कॉटेज, स्नानघाटों का भी निर्माण किया है। अब, कार्यदायी संस्था पहाड़ के घर गांवों की शान कही जाने वाली तुन, देवदार, जामुन आदि की लकड़ी से बनी खोली, मोरी, जंगला, छज्जा को स्थापित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। धाम में संगम पर बने दो सौ मीटर लंबे स्नानघाट की फर्श पर निर्माणाधीन चेजिंग रूम के बाहर लकड़ी की इन पारंपरिक धरोहरों की कृतियों को स्थापित किया जायेगा।

जिससे बाबा केदार के दर्शनों को धाम पहुंचन वाले श्रद्घालु पहाड़ के काष्ठ हस्तशिल् से रूबरू हो सकेंगे। निम द्वारा चार दिन पूर्व करीब एक टन देवदार की लकड़ी सोनप्रयाग पहुंचाई गई है। यहां टिहरी के तीन व देहरादून के दो कारीगर, जिसमें तीन बजुर्ग दो युवा हैं, इसकी लकड़ी को तैयार कर उस पर अपने हस्तशिल्प के जरिये एक से बडक़र एक बेहतरीन आकृतियां उकेर रहे हैं। निम के पदाधिकारियों के अनुसार एक-डेढ़ माह में कार्य पूरा हो जायेगा। संभवत जुलाई माह के तीसरे सन्ताह में लकड़ी की इन कृतियों को धाम पहुंचाकर चेजिंग रूम की फर्श पर जलग-अलग दूरी पर स्थापित भी कर दिया जायेगा। निम के प्रभारी मनोज सेमवाल का कहना है कि केदारनाथ में स्नानघाट पर चेजिंग रूम में देवदार की लकड़ी से बनी खोली, मोरी, जंगला व छज्जा के ढांचे स्थापित किये जाएंगे। पहाड़ के हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ ही देश-विदेश से पहुंच रहे लोगों को यहां की संस्कृति से अवगत कराना मुख्य उददेश्य है।

घटिया कार्य करने वाले ठेकेदारों को किया जाय ब्लैकलिस्ट

रुद्रप्रयाग। विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में राज्यमंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि अवसंरचना और मानव विकास में सुधार के लिए सरकार अनेक महत्वकांक्षी कार्यक्रम चला रही है। दिशा का उदेश्य केन्द्र, राज्य व स्थानीय सरकारों को सौपीं गई जिम्मेदारी को सवैधानिक व्यवस्था के तहत विकास एवं निगरानी को बढ़ावा देना है। उन्होंने आगामी बैठकों में जनप्रतिनिधियों को एक सन्ताह पूर्व बैठक का एजेण्डा प्रेषित करने को कहा, जिससे जनप्रतिनिधि अध्ययन कर सकेे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत जो धन आवंटित किया जा रहा है, उसकी प्रगति रिर्पोट प्रत्येक तीन माह में मांगी जा रही है। साथ ही सम्बधित सचिव व मंत्री की भी जवाबदेही सुनिश्चित कर दी गई।

बैठक में राज्य मंत्री डॉ रावत ने दूरसंचार विभाग की अनुपस्थिति पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होनें समस्त विभागों को विभाग से सम्बन्धित योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए फोल्डर आदि बनाकर गांव-गांव तक वितरित कराने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं का प्रशिक्षण भी आम जन को देने को कहा, जिससे जनता को जानकारी रहे। मनरेगा के माध्यम से जनपद के तीनों ब्लॉक मेें एक-एक मॉडल गाँव विकसित करने के निर्देश जिला विकास अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माघ्यम से जिले में अभिनव कार्य किये जांय। जनपद के महत्वपूर्ण स्थल तुगंनाथ, गौरीकुण्ड आदि स्थानों पर सामूहिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए।

विद्युत विभाग को जनपद की हाइटेशन तारों को हटाने के लिए सर्वे कर प्राक्कलन तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माणदायी संस्थाएं यदि कार्य ठीक नहीं करते हैं तो, सम्बन्धित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाय। इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक मनोज रावत, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार डॉ$ केएस पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि अशोक खत्री, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चण्डी प्रसाद भट्ट, अपर जिलाधिकारी तीर्थपाल, परियोजना निदेशक एनएस$ रावत, उपजिलाधिकारी सदर मुक्ता मिश्र सहित अन्य मौजूद थे।
 

महिला बेसबाल टीम घोषित

देहरादून। फेडरेशन कप बेसबाल चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने के लिए उत्तराखंड की महिला बेसबाल टीम घोषित हो गई है। चयनित टीम शुक्रवार को पंजाब के लिए रवाना होगी। नकोदर, पंजाब में 24 से 26 जून तक दसवीं फेडरेशन कप बेसबाल चैंपियनशिप का आयोजन होने जा रहा है। यह पहला मौका है जब उत्तराखंड की महिला टीम ने फेडरेशन कप के लिए क्वालिफाई किया है जबकि पुरुष वर्ग में अब तक राज्य को फेडरेशन कप खेलने का मौका नहीं मिला है। उत्तराखंड बेसबाल संघ के सचिव बृजेंद्र पाल सिंह राणा ने बताया कि पिछले साल कर्नाटक में हुई नेशनल बेसबाल चैंपियनशिप में उत्तराखंड की महिला टीम ने टॉप आठ में अपनी जगह बनाई थी जिसके दम पर टीम को फेडरेशन कप खेलने का मौका मिला है।

उन्होंने बताया कि इसी साल उड़ीसा में हुई नेशनल चैंपियनशिप में महिला व पुरुष टीमें क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी और अगले फेडरेशन कप के लिए दोनों ही वर्गों में राज्य की टीम फेडरेशन कप खेलेगी। करीब डेढ़ महीने तक परेड ग्राउंड में चले विशेष प्रशिक्षण के बाद गुरुवार को ट्रायल के आधार पर टीम घोषित कर दी गई है। चयनित टीम आज शुक्रवार को तीन दिवसीय चैंपियनशिप के लिए रवाना होगी। इनका हुआ चयन- आरती कैड़ा, कल्पना तोमर, पूनम रावत, प्रियंका, पूजा नेगी, पूर्णिमा रावत, सोनम, मीनाक्षी पाल, कोमल, नेहा चौहान, शालिनी नेगी, दीपिका रावत और दीप्ति शर्मा को टीम में जगह दी गई है। कोच अनिल सती और सुखविंदर सिंह रंधावा होंगे जबकि ममता नेगी मैनेजर होंगी। चयन समिति में संघ के उपाध्यक्ष सतीश आनंद, पौड़ी बेसबाल संघ के सचिव प्रीतम सिंह तोमर, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी रविंद्र पाल सिंह मेहता शामिल थे।

आईएसबीटी मार्ग से अतिक्रमण अभियान शुरू, व्यापारियों ने किया विरोध

देहरादून। घंटाघर से आईएसबीटी तक चिन्हित अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ गुरूवार सुबह से अभियान शुरू कर दिया है। छह टीमें एक साथ अलग व अलग क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रही है। छिटपुट विरोध बीच अभियान शांतिपूर्वक चल रहा है। लोगों में मिलजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अतिक्रमण हटाओ अभियान की सबसे पहले घंटाघर के पास दर्शन लाल चौक पहुंची। यहां आरके स्टुडियों के बाहर छज्जे, सीढिय़ां व उसके सामने के अवैध निर्माण को गिराना शुरू किया। अतिक्रमण हटाने के लिए जीसीबी के साथ ही मजदूरों को भी साथ रखा गया है। कई जगहों पर बिजली के पोल व तारें जीसीबी के प्रयोग करने में बाधिक बन रहे हैं।

जिला प्रशासन की टीम पूरी तैयारी के साथ अतिक्रमण हटाने निकली है। कई जगहों पर ड्रिल मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए एक ट्रक में जनेरेटर रखा गया है जिससे ड्रिल मशीन को चलाया जा रहा है। प्रशासन की तैयारी को देखते हुए लग रहा है कि जितना चिन्हित निर्माण है उससे ज्यादा किसी को नुकसान पहुंचाने की मंशा नहीं है।अतिक्रमण हटाये जाने पर व्यापारियों का छिटपुट विरोध भी हो रहा है। लेकिन इस ओर अधिका​री कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। घटनास्थलों पर विरोध करने के अलावा तमाशबीन भी खूब जुट रहे हैं। इससे विरोध करने वालों का ज्यादा विरोध करने का साहस नहीं हो पा रहा है। कई लोगों का मानना है कि अतिक्रमण हटाने का फैसला हाईकोर्ट से आया है, लिहाज इसको रोकना किसी के वश में नहीं है। जहां छोटीकृछोटी बातों पर नेता हस्तक्षेप करते हुए नजर आते हैं।

वहीं इस अतिक्रमण हटाओ महाअभियान से नेताओ ने पूरी तरह दूरी बनाई हुई।अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व एडीएम हरबीर सिंह कर रहे हैं। जिलाधिकारी भी लगातार अभियान की जानकारी ले रहे हैं, एसएसपी निवेदिता कुकरेती पुलिस बल से निरन्तर सम्पर्क बनाये हुए है। साढ़े छह किमी लंबे आइएसबीटी से घंटाघर मार्ग तक हर जगह अतिक्रमण पसरा हुआ है। व्यापारियों ने दुकानों को सडक़ तक बढ़ा दिया है। साथ ही, ठेली और फड़ वालों ने सडक़ पर अतिक्रमण कर रखा है। इस रोड पर यातायात को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कमान संभाली है। प्रशासन की तरफ से अतिक्रमणकारियों को लगातार मोहलत दी जाती रही। इससे प्रशासन के साथ शहरी विकास मंत्री की मंशा पर भी सवाल उठने लगे थे।

नवीन जन कल्याणकारी योजनाओं को अवगत करने के निर्देश

देहरादून। विकासखण्ड रायपुर सभागार में ब्लाक प्रमुख बीना बहुगुणा की अध्यक्षता तथा क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ के विशिष्ट अतिथि की उपस्थिति में क्षेत्रीय पंचायत समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा विभागीय अधिकारियों से उनके विभागों से सम्बन्धित समस्याएं उठाई तथा उसके उचित निराकरण की मांग की गयी।  बैठक में ब्लाक प्रमुख बीना बहुगुणा ने सभी विभागीय अधिकारियों को सदन में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाये गये विभिन्न बिन्दुओं पर समय से कार्य करते हुए सम्बन्धित जनप्रतिनिधि तथा अगली बैठक में सदन को अवगत कराने के निर्देश दिये।

उन्होने विभिन्न विभागों के अधीन चलने वाली नवीन जन कल्याणकारी योजनाओं से सदन को अवगत कराने तथा उस योजना का लाभ लेने के लिए अपनाई जाने वाली औपचारिकताओं से सदन को अवगत कराने के भी निर्देश दिये। बैठक में विद्युत विभाग से विद्युत पोल लगाने व उन्हे स्थानान्तरित करने, लो.नि.वि से सडक़ों का निर्माणध्डामरीकरण में गुणवत्ता के अनुपालन तथा बहुत से जगह सडक़ के गड्डो को भरे जाने, समाज कल्याण विभाग से पेंशन प्रकरण, गरीब विवाहितों के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता का समुचित लाभ समाज कल्याण द्वारा न दिये जाने, शिक्षा विभाग से सम्बन्धित बहुत से प्राथमिक विद्यालय के भवनों की जर्जर हालत, सुरक्षा दीवार तथा पेयजल व्यवस्था तथा ग्राम्य विकास विभाग में मनरेगा से सम्बन्धित अधिकतर शिकायतें सामने आई। 

बैठक में क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को ऐसी शिकायतें लिखित रूप से संकलित करने को कहा, जो सदन में उठाये जाने से वंचित रही तथा उन्होने सभी उपस्थित अधिकारियों को उन शिकायतों पर भी संज्ञान लेते हुए कार्य करने के निर्देश दिये। ग्राम प्रधान हरि प्रसाद भट्ट द्वारा ऐसी  ग्राम पंचायतों को जिनका विलय नगर निगम में किया जाना प्रस्तावित है के विरोध में सदन में प्रस्ताव रखा जिस पर मा विधायक तथा सदन द्वारा सहमति व्यक्त करते हुए पारित किया गया। मा विधायक ने इस सम्बन्ध में कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत केन्द्र सरकार से प्रत्यक्ष रूप से धन ग्राम पंचायतों को प्राप्त हो जाता है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आती है जो नगर निगम में मिलने के पश्चात सम्भवत: विकास से वंचित रह सकता है।

उन्होने उपस्थित सदस्यों से आग्रह किया कि, राशन कार्ड तथा अन्य सभी प्रकार की योजनाओं में आधारकार्ड की अनिवार्यताओं को देखते हुए अपना आधार कार्ड राशन कार्ड, डिजिटलीकरण हेतु जिला पूर्ति कार्यालयध्सम्बन्धित डीलरध्ग्राम पंचायत सचिव के पास शीघ्रता से जमा करवाने तथा जिनके आधार कार्ड नही बने वे शीघ्रता से आधार कार्ड बनाते हुए सम्बन्धित कार्यालय में जमा करवाने को लेकर लोगों को संदेश दे। उन्होने खण्ड विकास अधिकारी तथा  डी.पी.ओ रायपुर को मनरेगा के अन्तर्गत किये गये सम्पूर्ण कार्यों तथा उसके अनुसार किये गये सम्पूर्ण भुगतानों का विवरण प्राप्त करने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य राजेश परमार, जिला पंचायतराज अधिकारी एम. जफर खान, खण्ड विकास अधिकारी भगवन्त झिंकवाण, भूमि व जल संरक्षण अधिकारी अभिलाशा भट्ट सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

किसान विरोधी है भाजपा सरकार : प्रीतम सिंह

देहरादून।  डोईवाला सुगर मिल के गेट पर किसान संगठन द्वारा दलजीत सिंह के नेतृत्व में जिला किसान संगठन द्वारा चल रहे धरने को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने केंद्र एवम राज्य में भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियो की निंदा की। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में देश का अन्नदाता किसान बदहाल परेशान हो गया है।उसे अपनी फसल का उचित दाम नही मिल रहा है। हजारो एकड़ फसल खराब हो गई है।किसान भाजपा सरकार की और टकटकी लगाए हुये है।

लेकिन सरकार की ओर से कोई राहत किसानों को नही मिल रही है।देशभर का किसान आंदोलन को मजबूर हो रहा है। भारत एक  कृषि प्रधान देश है, यहाँ की आजीविका कृषि पर आधारित है।इस वजह से किसानों की उपेक्षा चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का बकाया का भुगतान शीघ्र किया जाय जिससे पेराई सत्र से पहले गन्ना का उत्पादन सही ढंग से करके ला सके। इस अवसर पर महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लाल चन्द शर्मा,अजय सिंह,एस पी सिंह,महानगर कांग्रेस महासचिव महेश जोशी,ताहिर अली,गौरव चौधरी,हरपाल सैनी,गुलशन अरोरा,गुरुदीप सिंह,ओम प्रकाश, प्रताप सिंह,रणदीप सिंहआदि उपस्थित थे।

पूर्व सैनिक के आत्महत्या किये जाने पर खेद जताया

देहरादून। कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष कै बलवीर सिंह रावत ने पूर्व सैनिक महेन्द्र सिंह रावत के द्वारा आत्महत्या किये जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या करना किसी व्यक्ति विशेष की समस्या का समाधान नहीं है। यह अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, कि कुछ लोग अपनी समस्या का समाधान तलाशने के बजाय आत्महत्या जैसे कठोर निर्णण को लेकर अपना अमूल्य जीवन गवां देते है जो कतई उचित नही है।
 

रावत ने कहा कि मैंने सैकड़ों बार प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों और सैनिक कल्याण अधिकारियों से पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किये जाने का आग्रह कर चुका हॅू। अत: जनपद स्तर पर राजस्व विभाग के द्वारा यदि म्यूटेशन संबंाी समस्या का समाधान कर दिया होता तो पूर्व सैनिक महेन्द्र सिंह को आत्महत्या करने को विवश न होना पड़ता। कै रावत ने जिला प्रशासन से अपील की है कि महेन्द्र सिंह के भूमि संबंधी म्यूटेशन के विषय को गम्भीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाही कर,ें अन्यथा प्रदेश के पूर्व सैनिक सडक़ों पर उतरकर प्रशासन का पूरजोर विरोध करेंगे।

सीएम ने किया मालसी डियर पार्क में 3 डी थियेटर का लोकापर्ण

देहरादून। मालसी डियर पार्क को होने वाली आय का 50 प्रतिशत यहां रहने वाले प्राणियों के कल्याण के लिए व्यय किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को मालसी डियर पार्क में निर्मित देहरादनू जू एक्वेरियम एवं 3डी थियेटर का लोकापर्ण के अवसर पर कही। पूर्व में यह 20 प्रतिशत था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि आज अत्यन्त शुभ दिन है जहॉं एक ओर खूबसूरत व प्राकृतिक वातावरण में बने, मानसी ंिंडयर पार्क में जू एक्वेरियम एवं 3डी थियेटर का लोकापर्ण किया गया वहीं राज्य के ग्रामीण क्षेत्र को खुले में शौच की प्रथा से भी मुक्त घोषित किया गया है।

हमने संकल्प लिया है कि चालू वितीय वर्ष में राज्य के नगरीय क्षेत्र को भी ओडीएफ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मानसी डियर पार्क में जू विकसित किया गया है वह प्रशंसनीय है। इससे निश्चित रूप से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक गणेश जोशी, उमेश शर्मा काऊ आदि भी उपस्थित रहे।

खुले में शौच मुक्त ओडीएफ देश का चौथा राज्य बना

देहरादून। उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्र में खुले में शौच की प्रथा से मुक्त-ओडीएफ-देश में चौथा राज्य बन चुका है। चालू वितीय वर्ष में उत्तराखण्ड के नगरीय क्षेत्र को भी खुले मे शौच की प्रथा से मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गुरूवार को एएमएन घोष ऑडिटोरियम ओएनजीसी में उत्तराखण्ड राज्य के खुले में शौच की प्रथा से मुक्त हो जाने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की उपस्थिति में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि 22 जून का दिन उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन एवं मील का पत्थर है। आज उत्तराखण्ड का ग्रामीण क्षेत्र ओडीएफ घोषित हुआ है। इस अवसर पर  राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि राज्य के शहरी क्षेत्र को भी चालू वितीय वर्ष में खुले में शौच की प्रथा से मुक्त कर दिया जाएगा। खुले में शौच की प्रथा से मुक्ति अति आवश्यक है। खुले में शौच की आदतों से न केवल अनेक रोग पैदा होते है बल्कि इसका व्यापक दुष्प्रभाव पर्यावरण तथा सभी प्राणियों पर पड़ता है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के अन्र्तगत खुले में शौच की प्रथा से मुक्ति ने महाअभियान का रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री द्वारा आरम्भ की गई हर पहल व प्रयास अभियान से महाअभियान बन रहा है। अन्र्तराष्ट्रीय योग दिवस तथा स्वच्छता मिशन इसके उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने राज्य को ग्रामीण क्षेत्र में ओडीएफ घोषित होने तथा केरल, सिक्कम तथा हिमाचल प्रदेश के बाद चौथा राज्य बनने पर इस मिशन से जुड़े सभी अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों विशेषकर ग्राम प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, मोटिवेटर्स तथा राज्य वासियों को बधाई तथा शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर केन्द्रीय पेयजल तथा स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर कहा कि उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्र का ओडीएफ होना अति प्रसन्नता का अवसर है। इस उपलब्धि हेतु राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत नेतृत्व में इस मिशन से जुड़े सभी अधिकारी व कार्मिक, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनता बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा ओडीएफ घोषित होने के पश्चात् ओडीएफ की निरन्तरता बनी रहे हमें इसके लिए भी प्रयासरत रहना होगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आशा है कि उत्तराखण्ड राज्य ठोस एव तरल अवशिष्ट प्रबन्धन में भी अग्रणी राज्य बनेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छता प्रर्दशनी का अवलोकन किया गया तथा ओडीएफ मिशन को सफल बनाने में योगदान करने वाले पंचायत अध्यक्षो, अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, मोटिवेटरों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, मदन लाल शाह, मुख्य सचिव एस$ रामास्वामी, सचिव पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार परमेश्वर अययर, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार आदि उपस्थित रहे।

महिलाओं की सुरक्षा और खेलों के प्रोत्साहन पर दिया जाएगा ध्यान

 देहरादून। टाटा टी ने इस साल की शुरूआत में अपना प्रतिष्ठित अभियान जागो रे 2$0-‘अलार्म बजने से पहले जागो रे’ का शुभारंभ किया था जिसके माध्यम से लोगों से किसी हादसे से पहले कार्रवाई करने की अपील की गई थी। अब यह अभियान दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें लोगों को उन बदलावों की अगुआई करने की अपील की जा रही है, जिसे वह देखना चाहते हैं। अभियान के पहले चरण में लोगों की ‘प्रतिक्रियाशील’ प्रवृत्ति का प्रदर्शन किया गया था और सक्रियता का एक नया रूप ‘पूर्व-सक्रियतावाद’ की अवधारणा पेश की गई थी, वहीं दूसरे चरण का उद्देश्य मौजूदा समय में देश के पीड़ादायक मसलों - महिला सुरक्षा एवं खेलों को प्रोत्साहन देने संबंधी प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर कर पूर्व-कार्रवाई और व्यवहारिक बदलाव के लिए लोगों को प्रेरित करना है।

 टाटा टी का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा संबंधी गंभीर मसले को तब तक खत्म नहीं किया जा सकता जब तक कि इस समस्या के मूल कारणों को खत्म नहीं किया जाता और यह बदलाव लाने का दायित्व हमारे ऊपर है। महिलाओं के प्रति सम्मान में कमी और उन्हें कमजोर मानना, उनके खिलाफ हिंसा बढऩे की एक अहम वजह है। टाटा टी सभी के साथ सम्मान और समानता का व्यवहार करने के लिए बच्चों को पूर्व-सक्रियता के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर उनके दृष्टिकोण में बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है। यह सकारात्मक दृष्टिकोण भविष्य में महिलाओं के लिए एक ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा जहां उनका सम्मान किया जाता है। इसलिए महिलाओं की सुरक्षा के प्रति टाटा टी के इस अनुग्रह को स्कूल और पाठ्यक्रमों में ‘लिंग संवेदीकरण’ कार्यक्रम के तहत् अनिवार्य बनाना चाहिए, ताकि बच्चों को यह सिखाया जा सके कि पुरुशों और महिलाओं, दोनों का समान रूप से सम्मान करना चाहिए। प्रत्येक प्रार्थना पत्र के बाद माता-पिता से शपथ लिया जाएगा कि वे खुद लैंगिक संवेदनशीलता को अपनाएंगे और अपने बच्चों को उसकी शिक्षा देंगे।

धनराशि का भुगतान एक माह के भीतर करने के निर्देश

अल्मोड़ा। जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने एक फैसले में बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंश कंपनी को बीमित धनराशि 11 लाख 30 हजार रुपये का भुगतान करने के साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय की धनराशि का भुगतान एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। फोरम ने अपने निर्णय में कहा कि परिवादी को दावा प्रस्तुत करने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक बीमित राशि पर 8 प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। परिवादी पार्वती देवी पत्नी प्रेमबल्लभ चुबडाल निवासी चैपड़ा सुयालबाड़ी ने सडक़ दुर्घटना में मृत अपने पुत्र कमलेश चुबडाल की बीमित धनराशि के भुगतान के लिए उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। वाद में बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड की अल्मोड़ा शाखा, कंपनी की क्लेम रिव्यू कमेटी और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत करते हुए 1 मार्च 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले के अनुसार परिवादिनी के पुत्र कमलेश चुबडाल ने बीमा कंपनी से 11 लाख 30 हजार रुपये का बीमा कराया था। बीमा की वैध अवधि में 23 जनवरी 2014 को उसके पुत्र कमलेश की सडक़ दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी। बीमा की नामिनी होने के कारण मृतक की माता पार्वती देवी ने बीमा की धनराशि के लिए दावा किया, लेकिन बीमा कंपनी ने मृतक द्वारा तथ्यों को छुपाने और पालिसी में पुरानी चोट का उल्लेख नहीं करने की बात कह भुगतान करने से इनकार कर दिया। कंपनी की रिव्यू कमेटी ने भी भुगतान के प्रत्यावेदन को निरस्त कर दिया इसके बाद परिवादी पार्वती देवी ने उपभोक्ता फोरम में दावा ठोक दिया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता रोहित कार्की ने पैरवी की।परिशीलन के दौरान यह पाया गया कि बीमा कंपनी ने मृतक के अन्य बीमाओं का भुगतान किया, जबकि इस धनराशि का भुगतान नहीं कर सेवाओं में कमी की है। फोरम के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार शर्मा, सदस्य लीला जोशी और प्रभात कुमार चौधरी ने 20 जून 2017 को दिये अपने फैसले में परिवाद को स्वीकार करते हुए विपक्षी बीमा कंपनी को परिवादिनी को उसके पुत्र की बीमित धनराशि 11 लाख 30 हजार रुपये का भुगतान करने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति के एवज में 10 हजार तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये का भुगतान एक माह के भीतर करने के आदेश दिए।

शराब पीकर वाहन चलाने वालो पर पुलिस का शिकंजा

पिथौरागढ़। शराब पीकर वाहन चलाने वाले लोगों पर कनालीछीना पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ब्रीथेलाइजर से वाहन चालकों की चेकिंग कर पुलिस शराब पीकर वाहन चालने वालों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रयास में जुट गई है। गुरुवार को थाना प्रभारी महेश कांडपाल के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने क्षेत्र में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया।

इस दौरान उन्होंने व्रिथेनालिजर मशीन से दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों की जांच की। कांडपाल के अनुसार हफ्ते में दो बार सभी वाहन चालकों की औचक चेकिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए पुलिस संभव प्रयास कर रही है।
 

एसआईटी ने डायरेक्टर समेत दो अधिकारियों से पूछताछ की

हल्द्वानी। एनएच-74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर समेत दो अधिकारियों से पूछताछ की। करीब सात घंटे तक चली पूछताछ के दौरान उनसे उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर क्रास सवाल भी पूछे गए। साथ ही साथ में लाए दस्तावेज की भी जांच की। एनएच-74 फोरलेन प्रोजेक्ट में कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर अधिक मुआवजा लेकर सरकार को करोड़ों के राजस्व की चपत लगाई गई है।

मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक पूर्व एसएलओ डीपी सिंह समेत 50 अधिकारी, कर्मचारी और किसानों से पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार को एसआईटी ने मामले से जुड़े एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर अजय विष्णोई और अनुज कुमार सिंह को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। इस पर दोनों ही एनएचएआई के अधिकारी सुबह 11 बजे एसएसपी कार्यालय स्थित एसआईटी कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान एसएसपी डा.सदानंद दाते, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, एएसपी देवेंद्र पिंचा, सीओ सिटी और एसआईटी प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने उनसे पूछताछ की। साथ ही उनके बयान दर्ज किए। सुबह 11 बजे से शुरू हुई पूछताछ शाम छह बजे तक चली। एसआईटी ने पूछताछ के दौरान दोनों अधिकारियों द्वारा लाए गए दस्तावेज की भी जांच की। साथ ही उनसे कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर दिए गए कई गुना मुआवजे के संबंध में भी पूछताछ की।

एसआईटी प्रभारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को भी कुछ अधिकारी, कर्मचारी और काश्तकारों से पूछताछ की जाएगी। दस्तावेज में हुए हस्ताक्षर से कर रहे इंकार रुद्रपुर। एनएच-74 मुआवजा घोटाले में बरामद दस्तावेज में अधिकारियों के हस्ताक्षर है। एसआईटी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वह कुछ फाइलों में अपने हस्ताक्षर की बात तो कर रहे हैं, लेकिन कुछ दस्तावेज में अपने हस्ताक्षर होने से इंकार कर रहे हैं। जांच में खुल सकते हैं कई बड़े नाम रुद्रपुर। एसआईटी एनएच मुआवजा घोटाले की जांच में जुट गई है। जब तक जांच सीबीआई को जाएगी, तब तक एसआईटी काफी साक्ष्य जुटा लेगी। सूत्रों की मानें तो एसआईटी की जांच में अब तक हुई पूछताछ में कई साक्ष्य मिले हैं। आगे जांच में कई बड़े नाम सामने आने की संभावनाएं बनी हुई है।

नशीले पदार्थों के साथ युवक गिरफ्तार

बाजपुर। कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान नेशनल हाईवे स्थित राधस्वामी सत्संग घर के पास स्कार्पियो गाड़ी से बड़ी मात्रा में ले जा रहे नशीले पदार्थ को पकड़ा है। एसएसपी के निर्देश पर चलाए गए बाजपुर पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान गाड़ी से 1 किलो 900 ग्राम डोडा चूर्ण, 192 पव्वे इंग्लिश शराब, 190 पव्वे देशी शराब व एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद किया है।

पूछताछ में हिरासत में लिए व्यक्ति ने अपना नाम सुलखान सिंह पुत्र जोगेंद्र सिंह निवासी तालिफार्म बाजपुर बताया। कोतवाल बीड़ी उनियाल ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत कार्यवाही की गई थी। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस

नैनीताल। भारतीय मजदूर संघ के कानपुर में हुए 18 वें अखिल भारतीय अधिवेशन में नीति आयोग के पुनर्गठन व विभिन्न उद्योगों की समस्याओं पर पारित प्रस्तावों पर कार्यवाही को संघ पदाधिकारियों ने जुलूस निकाला। गुरुवार को भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता तल्लीताल बस स्टैंड के पास जमा हुए। जहां से जिलाध्यक्ष मदन सिंह जिला के नेतृत्व में तल्लीताल बस स्टैंड से एक जुलूस निकाला गया।

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा । इस मौके पर आंगनबाड़ी, विद्यालय कर्मचारी संघ ,होटल कर्मचारी संघ व रोड़वेज कर्मचारी संघ के कार्यकर्ता शामिल रहे।

जिलाधिकारी ने किया दूषित पेयजल लाइनों का निरीक्षण

हल्द्वानी। जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार ने सुभाष नगर क्षेत्र का निरीक्षण कर जल संस्थान के अधिकारियों को दूषित पेजयल लाइनों को बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों से कहा कि शहर के हर क्षेत्र में लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाए। गुरुवार को सुभाष नगर क्षेत्र के लोगों की शिकायत पर जिलाधिकारी सुभाष नगर पहुंचे। जहां लोगों ने बताया कि क्षेत्र में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है।

घरों के नलों में दूषित व गंदा पानी आ रहा है। क्षेत्र में ऐसे पानी की सप्लाई हो रही है जो पीने लायक तक नहीं है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय को निर्देश दिए कि क्षेत्र में बिछाई गई पेजयल लाइन का सर्वे कराया जाए। साथ ही नालियों में टूटी हुई पेयजल लाइन को जल्द बदला जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी की सप्लाई हो सके। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संतोष उपाध्याय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
 

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बाल मजदूरी पर जताई चिंता

पिथौरागढ़। तहसील कार्यालय परिसर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की ओर से विधिक साक्षरता एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति व बाल मजदूरी को लेकर चर्चा की गई। शिविर में बोलते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट मुहम्मद अकरम अली ने कहा कि जहां पर्यावरण दिन प्रतिदिन दूषित होता जा रहा है। वहीं नशे के कारण युवा पीड़ी सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश युवा गुटखा, शराब, चरस और ड्रग्स के दूष्परिणामों से जूझ रहे हैं और असमय ही काल का ग्रास बन रहे हैं। अली ने कहा कि भारत में बाल मजदूरी अभिशाप बन गई है। जिसकी रोकथाम के लिए सभी एकजुट होकर आगे आना होगा।

अधिवक्ता जितेंद्र सिंह देउपा ने नशे के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व सहायक अभियोजन अधिकारी अनिल चंदोला ने शिविर का संचालन किया। इस मौके पर अधिवक्ता डीआर आर्या, मनोज रावल, केशर सिंह कार्की, जगत सिंह मेहरा, देव सिंह रावल, संजय पाठक, प्रकाश बोरा, कैलाश गिरी, प्रशानिक अधिकारी माया मेहरा, रजिस्टार कानूनगो चंदन लाल वर्मा, केडी बचखेती, कविता देवी, नवीन चंद्र, पुष्कर सिंह धानिक, और पवन कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।

अधिकारियों को सजगता से विकास कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए

 हल्द्वानी। केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने जिला विकास एवं निगरानी समिति  दिशा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यो की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सजगता से विकास कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए।   गुरुवार को विकास भवन सभागार में जनपद में किए जा रहे विकास कार्यो की समीक्षा करते हुए केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री टम्टा ने कहा कि विकास कार्यो को निर्धारित समय में पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा विकास कार्यो की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टम्टा ने कहा विकास कार्यो के लिए किसी भी तरह से धन की कमी आड़े नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्याओं की गंभीरता के आधार पर विकास योजनाओं के प्रस्ताव बनाएं जाएं। टम्टा ने अधिकारियों को कहा कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ आम जन तक पहुंचाने के लिए तत्परता से काम करें।

इस दौरान ग्राम्य विकास विभाग के कार्यो की व्यापक समीक्षा की। केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री ने जनपद में केन्द्र पोषित योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को समय पर धन खर्च करने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीएम सी रविशंकर, सीडीओ आशीष कुमार चौहान, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, परियोजना प्रबंधक डीआरडीए सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
 

गैस एजेंसी संचालक विशाल अग्रवाल की मौत

नैनीताल।  समय पर वेतन न देने के आरोप में गैस एजेंसी संचालक पर हुए चाकू से हमले के बाद उनकी मौत हो गई है। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में काशीपुर ले जाते वक्त उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक समय पर वेतन नहीं देने से गुस्साए एक युवक ने गैस एजेंसी संचालक को चाकुओं से हमला कर दिया। पीडि़त ने काशीपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। गुरुवार को भारत गैस एजेंसी संचालक विशाल अग्रवाल को शहर निवासी नरेंद्र कुमार ने आफिस में घुस कर चाकुओं से हमला बोल दिया।

भीड़ को देखकर आरोपी फरार ही गया। वहीं सरकारी अस्पताल से रेफर विशाल अग्रवाल ने काशीपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।भारत गैस एजेंसी के संचालक लोहारा लाइन निवासी विशाल अग्रवाल पुत्र अशोक अग्रवाल पर युवक ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के वक्त विशाल एजेंसी में बैठा था। मामले के आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हमलावर युवक विशाल अग्रवाल की गैस एजेंसी में ही कार्य करता था। युवक का आरोपी है कि गैस एजेंसी मालिक विशाल उसे समय पर वेतन नहीं देता था। जरूरत के बावजूद वेतन नहीं मिलने से आक्रोशित युवक ने उसपर चाकू से जानलेवा हमाल कर दिया। जिससे विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। उससे मामले में पूछताछ की जा रही है।

पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए बैठक आयोजित

देहरादून। जिलाधिकारी-अध्यक्ष जिला टास्क फोर्स एस.ए. मुरूगेशन की अध्यक्षता में विकासभवन सभागार में आगामी 2 जुलाई से जनपद में चलाये जाने वाले पल्स पोलियो अभियान तथा सितम्बर माह से जनपद में खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन अभियान की तैयारियों तथा विभिन्न विभागों में अभियान को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय व निभाये जाने वाले दायित्वों को लेकर बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा, पंचायतराज, परिवहन, सूचना, आई.सी.डी.एस, मनोरंजनकर अधिकारी एवं स्वयं सेवी संस्थाओं को अपने-2 तरीके से पल्स पोलियो कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार तथा दिये गये दायित्वों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होने पूर्व के अभियान के दौरान महसूस की गयी कठिनाईयों को साझा करते हुए उनका समय रहते हुए निराकरण करने तथा विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी, मदरसा तथा अन्य प्रकार की सभी शिक्षण तथा अन्य संस्थाओं का सहयोग प्राप्त करते हुए कार्यक्रम को व्यापक रूप से सफल बनाने के निर्देश दिये।

बैठक के दौरान खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन कार्यक्रम को आगामी सितम्बर माह से जनपद में शुरू करने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, जिला स्तरीय विभिन्न विभागों, मदरसा बोर्ड, अल्प संख्यक समाज के प्रतिनिधियों तथा सम्बन्धित सरकारी/गैर सरकारी संस्थाओं के साथ अभियान का पब्लिक डोमेन में  व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सभी प्रकार के मानवीय तथा तकनीकि संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग से कम से कम 95 प्रतिशत् वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की गयी। इस दौरान डब्लू. एच.ओ, यूनिसेफ तथा जिला टीकाकरण कार्यालय के अधिकारियों ने प्रजैंटेशन के माध्यम से खसरा रूबेला वैक्सीनेशन के विभिन्न विबन्दुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बैठक में अल्पसंख्यक वर्ग, मदरसा बोर्ड के सदस्यों ने पल्स पोलियो अभियान तथ खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन अभियान में हर प्रकार की भागीदारी तथा पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कुछ महत्वपूर्ण विभागों के अनुपस्थिति के चलते पल्स पोलियो अभियान तथा खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन अभियान को सुचारू रूप से चलाने तथा सभी विभागों का समन्वय प्राप्त करने के लिए 27 अथवा 28 जून को पुन: जिला टास्कफोर्स की बैठक जिला टीकाकरण डॉ उत्तम सिंह चैहान को आयोजित करने के निर्देश दिये, साथ ही उन्होने अनुपस्थित रहे विभागों को चेतावनी जारी करते हुए आगामी बैठक में अनिवार्य रूप से पूरी तैयारी से प्रतिभाग करने के भी निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार पाण्डेय, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ विकास शर्मा, यूनिसेफ के डॉ फरदीन खान सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

घर में घुसा पांच फुट लंबा जहरीला सांप

देहरादून। वन विभाग ने बुधवार को सहस्त्रधारा रोड स्थित राजेश्वर कालोनी से पांच फुट लंबा जहरीला सांप पकड़ा। वन विभाग ने सांप को पकडक़र राजाजी के जंगल में छोड़ दिया है। इसके साथ ही लोगों से अपील की है कि सांप दिखने पर उसके साथ छेड़छाड़ ना करें। बुधवार सुबह एमआर चतुर्वेदी के घर में जहरीला रूसेल वाइपर नाम का सांप घुस गया। सांप देखकर घर के सभी सदस्य बाहर आ गए।

जबकि एमआर चतुर्वेदी ने इसकी सूचना 108 को दी। 108 ने सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद वन विभाग की टीम रवि जोशी के नेतृत्व में सांप पकडऩे के लिए मौके पर गई। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सांप को पकड़ा। टीम प्रभारी रवि जोशी ने बताया कि सांप रुसेल वाइपर है। जो बहुत जहरीला होता है। उन्होंने बताया कि सांप को पकडक़र राजाजी के जंगल में छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि उनके साथ नितिन क्षेत्री, आनंद मधवाल भी शामिल थे।

गोर्खा मोर्चा पार्टी ने गोखालेंड का किया समर्थन

देहरादून। अखिल भारतीय राष्ट्रीय गोर्खा मोर्चा पार्टी उत्तराखंड ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नसीहत देते हुए कहा है कि वह अपने राज्य में गोर्खा समाज पर जबरन बंगाली भाषा को न थोपे। अन्यथा इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। गोर्खा मोर्चा पार्टी ने इस बाबत बुधवार को कौलागढ़ के केनाल रोड़ स्थित स्थानीय कार्यालय में बैठक का आयोजन किया। जिसमें गोर्खालेंड को लेकर भी चर्चा की गई।

 

साथ ही बंगाल में गोर्खालेंड को अपना समर्थन दिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन जेबी कार्की ने कहा कि बंगाल सरकार गोर्खा समाज का उत्पीडऩ कर रही है। इससे पूर्व बैठक में मोर्चा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तम क्षेत्री, बीके बराल, ऊमा उपाध्याय,कैप्टन बीएस थापा, कैप्टन बीएस कारगी, शक्ति गुरुंग, भगवान सिंह थापा, केके राय, मंजू कार्की आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री के प्रयासों से विश्वभर में पुनस्र्थापित हुआ योग: राज्यपाल

देहरादून। तृतीय ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर राजभवन में प्रात: साढ़े छ: बजे से योग क्रियाओं/आसनों का अभ्यास शुरू हुआ। राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल तथा सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन सहित राजभवन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग प्रशिक्षकों के सानिध्य में विभिन्न यौगिक क्रियायें और आसन किये। योगाभ्यास के बाद राज्यपाल ने राज्य के सभी नागरिकों को योग दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें गर्व है कि ‘देवभूमि उत्तराखण्ड’ से शुरू हुई योग की मुहिम आज अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गयी जिसका श्रेय हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है। सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग और स्वस्थ जीवन जीने की  कला योग आज प्रधानमंत्री के प्रयासों से फिर से विश्व में पुर्नस्थापित हो रही है। ‘योग’ पूरे विश्व को भारत द्वारा दिया गया ‘अमूल्य उपहार है।

हमें संकल्प लेना है कि अपनी इस विशिष्टता को अक्षुण्ण रखने के लिए योग को स्वयं अपनाकर योग में निहित विश्व शान्ति, स्वास्थ्य और प्रेम की भावना का संचार योग का प्रसार कर करेंगे। उन्होंने कहा कि योग आसन व्यक्ति की दिनचर्या को संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिसे व्यक्ति मानसिक और शाररिक रूप से स्वस्थ और एकाग्र बनाता है। उल्लेखनीय है कि राजभवन में विगत 12 जून से ही सभी कर्मियों को देव संस्कृति विश्वविद्यालय,ऋषिकेश-हरिद्वार के प्रशिक्षकों द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं/आसनों का अभ्यास कराया जा रहा था। आज योग दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राजभवन कर्मियों को योग क्रिया कराने के बाद योग विद्या में निपुण इन प्रशिक्षार्थियों द्वारा योग के विभिन्न आसनों का अद्भुत प्रदर्शन भी किया गया। प्रस्तुतियों से अभिभूत होकर राज्यपाल ने इन सभी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये।

राज्यपाल को भेंट की आत्मदीप बने पुस्तक

देहरादून। ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर, सहायक निदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव ने स्व लिखित पुस्तक ‘आत्मदीप बने’ (बी योर ऑन लाइट) राज्यपाल डॉ0 कृष्ण कांत पाल को भेंट की। पुस्तक के बारे में बताते हुए मनोज ने बताया कि प्रभात प्रकाशन नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक आधुनिक जीवन में आने वाली समस्याओं के समाधान में बहुपयोगी है।

इस पुस्तक में बौद्घिक संतुलन के आयाम, विचारों के आकर्षण सिद्घांत, कार्मिक अकांउट, क्रोध, माफी, पूर्वाग्रह, विश्वास की मान्यता, बच्चों की परवरिश, खुशी-शान्ति, सफलता-कम्प्टीशन, स्ट्रेस , वैल्यू-मूल्य, इनर ब्यूटी, अध्यात्म के विभिन्न आयाम के अनुक्रम में विषय वस्तु को प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक इन सभी समस्याओं के समाधान एवं तनाव प्रबन्धन के क्षेत्र में कारगर साबित होगी। यह मुख्यत: योग-मेडिटेशन के रूप में सकारात्मक विचार पर आधारित प्रेरक(मोटिवेशनल) पुस्तक है। इससे पूर्व भी मनोज श्रीवास्तव ने अपनी पहली पुस्तक ‘मेडिटेशन के नवीन आयाम’ पिछले वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्यपाल डॉ0 कृष्ण कांत पाल को भेंट की थी।

मैदान से लेकर पहाड़ तक योगमयी हुई उत्तराखंड की भूमि

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुबह-सुबह पड़ी बारिश की बौछारें भी उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर योगासन करने जुटे लोगों के उत्साह को ठंडा नहीं कर पाईं। बुधवार सुबह देवभूमि का नजारा देखने लायक था। समूचे पहाड़ से लेकर मैदान तक उत्तराखंड की धरती योगमयी हो गई। शहरों, कस्बों और गांव तक योग शिविर आयोजित किए गए। इनमें हजारों लोगों ने भाग लिया। योग दिवस के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चारों धामों, गंगोत्री, यमुनोत्री, बदीरनाथ और केदारनाथ में भी लोगों ने योगाभ्यास किया। वहीं नैनीताल स्थित नैनीझील में भी छात्र योग करते देखे गए। नेता, मंत्री, जनप्रतिनिधि, आम व्यक्ति, छात्र, बच्चे, बुजुर्ग, महिला आदि ने योग शिविरों में शिरकत की।  देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विश्वभर में जब आज लोग योग कर रहे होंगे, लेकिन भारत की उस भूमि का ख्याल भी उनके जहन में होगा जहां से योग की उत्पत्ति हुई।  उन्होंने कहा कि योग शारीरिक ही नहीं व्यक्ति को मन से भी स्वस्थ रखता है।

ये ईश्वर तक पहुंचने का भी मार्ग है। आयुष मंत्री डा हरक सिंह रावत हजारों वर्ष पहले हमारे श्रषि मुनियों ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया को स्वस्थ जीवन का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक विश्वव्यापी अभियान का रूप दिया।उन्होंने स्वस्थ व स्वच्छ उत्तराखंड का संकल्प दोहराया। रुडक़ी में विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के नेहरू स्टेडियम में भारत स्वाभिमान न्यास और पतंजलि योग समिति की ओर से योग कार्यक्रम में काफी संख्या में शहरवासी योगाभ्यास को पहुंचे। बीइजी के पवेलियन ग्राउंड में सैनिकों में भी योग के प्रति उत्साह देखने को मिला।  उत्तरकाशी में जिला प्रशासन की ओर से योग शिविर लगाया गया। जिसमें विधायक गोपाल रावत, पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण , जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव, एसपी ददन पाल सहित अधिकारियों ने भाग लिया। भाजपा की ओर जीजीआईसी उत्तरकाशी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर पालिका की ओर से पालिका सभागार में योग शिविर लगाया। जिसमें विदेशी साधको के साथ स्थानीय लोगों ने भाग लिया। आदर्श सांसद गांव बौन में योग शिविर लगाया गया। हरिद्वार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा योग भारत की प्राचीन परंपरा है। आज पूरी दुनिया योगमय हो चुकी है। यह गौरव की बात है। वहीं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा विश्व को योग भारत की देन है।

कुमाऊं के चंपावत में क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी ने दीप प्रज्ज्वलित समारोह का उद्घाटन किया। गोरल मैदान में योग शिक्षकों ने साधकों को योग क्रियाओं की जानकारी दी। योग करने  के लिए जनप्रतिनिधि, जिलास्तरीय अधिकारी, स्कूली बच्चे और तमाम  लोग सुबह से ही मैदान में जुटे रहे।  रामनगर उज्जवला योग समिति और महाविद्यालय योग विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पैठपड़ाव में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया । योग प्रशिक्षक नितिन धोमने ने योग का अभ्यास कराया। विद्यायक दीवान सिंह बिष्ट ने योग कार्यक्रम का दीप जलाकर शुभारंभ किया। अल्मोड़ा में कुमाऊं विवि के एसएसजे परिसर के सिमकनी मैदान में योग समारोह आयोजित हुआ। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने किया। उन्होंने योग दिवस की बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से आज भारत के साथ 130 देश योग दिवस मना रहे है। तन और मन को तंदरुस्त रखने के लिए योग को नियमित दिनचर्या में शामिल करना होगा।

इस मौके पर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान विशिष्ट अतिथि रहे। सुबह साढ़े छह बजे तमाम अधिकारी, कर्मचारी, वरिठ नागरिक, महिला-पुरुष, स्कूली बच्चे सैकड़ो की संख्या में सिमकनी मैदान में जुटे। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि ऋषिकेश योग की जननी है। यह समूचा क्षेत्र विश्व में योग की राजधानी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश का प्रत्येक नागरिक योग का ब्रांड एंबेसडर बने इसके लिए जरूरी है वह इस क्षेत्र की पावनता को बनाए रखने के लिए भारत स्वछता अभियान को पूर्ण रुप से सफल बनाएं। पौड़ी में  मुख्यालय के इंडोर स्टेडियम में आयोजित योग दिवस का जिला पंचायत अधयक्ष दीप्ति रावत. प्रभारी जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने दीप प्रजवलित कर शुभारंभ किया। योग प्रशिक्षक ललित कुकरेती ने योग कराया।

उत्तराखंड में खुलेगा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय

देहरादून। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय उत्तराखण्ड में खोला जायेगा। यह पहला अवसर होगा जब मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली से बाहर देश के किसी राज्य में खोला जायेगा। यह जानकारी भारत सरकार के सचिव डॉ$ के$ पी$ कृष्णन ने बुधवार को सचिवालय में भारत सरकार, राज्य सरकार एवं टाटा ट्रस्ट के अधिकारियों की कौशल विकास पर आयोजित एक बैठक में दी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने भारत सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय के लिए स्थान उपलब्ध करायेगी। इस क्षेत्रीय कार्यालय से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना सहित केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की सभी संबंधित योजनाओं को मजबूती से लागू करने में आसानी होगी।

इस बैठक में भारत सरकार के अधिकारियों के साथ ही टाटा ट्रस्ट के श्री एस$रामदुरई और स्वामी संतात्मा नंद जी, मुख्य सचिव श्री एस$रामास्वामी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में टाटा ट्रस्ट, भारत सरकार और उत्तराखण्ड के अधिकारियों के बीच में युवाओं को रोजागार पर प्रशिक्षण देकर उनको रोजगार प्रदान करने और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के विषय पर व्यापक विचार विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टाटा ट्रस्ट और उत्तराखण्ड सरकार के अधिकारियों का एक ज्वाइंट वर्किंग गु्रप बनाने के निर्देश दिए, जो कौशल विकास, रोजगार सृजन, बायोइकॉनोमी, ई-गर्वनेंस, पर्यटन आदि क्षेत्रों में राज्य के लिए एक रोड मैप तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के लिए राज्य स्तर और जिले स्तर पर स्किल डेवलपमेंट प्लान बनाये जाए।

रोजगार परक प्रशिक्षण देने के लिए टाटा गु्रप की सहयोगी संस्था टाटा स्ट्राईव द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से कुमाऊ और गढ़वाल में दो आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र खोले जायेंगे। गन्ने से कई उन्नत किस्म के बॉयो उत्पाद बनाने के लिये डोईवाला चीनी मिल को पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जायेगा। इस प्रोजेक्ट को टाटा ट्रस्ट के द्वारा दिये जाने वाले तकनीकि सहयोग से संचालित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एप्रेन्टिस प्रमोशन योजना में अधिक से अधिक लोगों को लाभ देने के लिए जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाते हुए उनका लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। इस योजना में एप्रेंटिस (प्रशिक्षु) को एप्रेंटिसशिप के रूप में प्राप्त होने वाली स्टाईपेंड का 25 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड में 146 आई$टी$आई$ में 1352 इंस्ट्रक्टर्स/फोरमैन के पद है, जिनमें कुल तैनात 581 में 261 अप्रशिक्षित है। भारत सरकार द्वारा इन अप्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स की क्षमता को बढाने के लिए तीन अथवा छ: महीने का क्रैश कोर्स चलाया जा सकता है। प्रदेश की सभी आई$टी$आई$ में 50 प्रतिशत से अधिक छात्र सिर्फ इलैक्ट्रिशियन या फिटर के कोर्सेस में रूचि लेते है। जबकि ऑटोमोबाइल और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में स्कोप बढ़ रहा है। डॉ$कृष्णन द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड के प्रत्येक आई$टी$आई$ का अध्ययन कर उसकी क्षमता वृद्घि, लैब, उपकरण और भवन जैसी अवस्थापना सुविधाओं में विकास हेतु केन्द्र सरकार 100 करोड़ खर्च करेगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा शीइा्र प्रस्ताव उपलब्ध कराया जायेगा। आईटीआई के लिए आई$आई$टी$रूडकी और पंतनगर विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों से क्षमता वृद्घि कार्यक्रम चलाया जायेगा। टाटा, आईटीसी, इण्डिया ग्लाईकोल जैसी कई बड़ी कम्पनिया उत्तराखण्ड के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ काम करने को इच्छुक है। 10 हजार लोगों के प्रशिक्षण के लिए भारत सरकार शत प्रतिशत खर्च उठा सकती है। उत्तराखण्ड के योग प्रशिक्षितों को विदेशों में रोजगार मिले इसके लिए उन्हें विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षित करने के लिए भी भारत सरकार के सहयोग से कार्यक्रम चलाए जायेंगे।

टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य की कृषि, पर्यटन, ई-गर्वनेंस आदि पर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। उनके द्वारा बताया गया कि राज्य में गन्ने से कई ’’हाई वैल्यू मॉलिक्यूल’’ तैयार किये जा सकते है, जिनसे गन्ना कृषकों की आमदनी में वृद्घि होगी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बॉयो-इकोनामी का है। इसी प्रकार उन्होंने 2022 तक उत्तराखण्ड में आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने, विद्यालयों और कॉलेजों साईबर सिक्यूरिटी की शिक्षा देने आदि पर भी प्रस्तुतीकरण दिया। अपर मुख्य सचिव रणवीर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निर्धारित करते समय मांग का आंकलन भी किया जाना चाहिए, जिससे सभी प्रशिक्षित लोगों को रोजगार मिले।

अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक कौशल(स्किल) हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य में टेलीमेडिसिन और कैंसर संस्थानों को स्थापित करने के विषय में रूचि दिखाई गई। प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सर्टिफिकेट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य होने चाहिए, जिससे प्रशिक्षित व्यक्ति की मांग बढ़ें। बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने टाटा गु्रप द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में विकसित आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन करने वाले सिमुलेटर्स का अवलोकन भी किया।

नशे के साथ दबोचे छात्र

पौड़ी। पौडी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नशा तस्करों व अपराधियों के खिलाफ जनपद में ऑपरेशन छेड रखा है और एएसपी पौडी को नशा तस्करों पर नकेल लगाने के लिए मैदान में उतारा हुआ है जिनके निर्देशन पर लक्ष्मण झूला पुलिस ने दो छात्रों को दबोच कर उनके कब्जे से चरस व गांजा बरामद किया।
एसएसपी जगत राम जोशी ने एएसपी मंजूनाथ को अपरााियों व नशा तस्करों के खिलाफ ऑपरेशन छेडने के लिए मैदान में उतारा है।

बताया जा रहा है कि एएसपी के नेतृत्व में लक्ष्मण झूला थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ जब दोबाटा तिराह नीलकंठ रोड पर चैकिंग कर रहे थे तो शक के आधार पर दो युवकों को रोक कर उनकी तलाशी ली तो बागपत निवासी जयदीप सिंह के पास से 72 ग्राम चरस व कुक्कु कुमार के पास से एक किलो 454 ग्राम गांझा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार जयदीप सिंह बीएससी का छात्र है और कुक्कु बीए कर रहा है। पुलिस इनके अपराधिक इतिहास का पता लगा रही है। एएसपी मंजूनाथ ने बताया कि छात्र अंग्रेजों व कावंडियों को यह मादक पदार्थ बेचने के लिए लक्ष्मण झूला आये हुए थे और वह इस नशे को बेचने के लिए जा ही रहे थे कि पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

छात्रों ने ऑटोनॉमस कॉलेज के प्राचार्य को घेरा

 ऋषिकेश। ऑटोनॉमस कॉलेज के छात्रों ने ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर प्राचार्य का घेराव किया। छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से उन्हें परेशानी आ रही है। प्राचार्य ने छात्रों की सुविधा को हेल्पलाइन खोलने का भरोसा दिया, लेकिन ऑनलाइन से ही प्रवेश किए जाने की बात कही।बुधवार को छात्र ऑटोनॉमस कॉलेज पहुंचे और प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी का घेराव किया। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों को परेशानी आ रही है। कहा ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क की बड़ी समस्या है।

इस लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन प्रवेश भी किए जाएं। प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने छात्रों की सुविधा को हेल्प लाइन सुविधा खोलने की बात कही, ताकि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में आर रही परेशानी दूर की जा सके। प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज हित में जो होगा वह उसे करेंगे।इस मौके पर नितिन सक्सेना, विवेक शर्मा, गौरव राणा, सौरव वर्मा, अमित पंवार, अमन शर्मा, विजय जुगरान, संजय प्रजापति, रुचि, हर्ष कुमार, विजेन्द्र कुमार, शिवम भंडारी, विपिन कुमार, शुभम शर्मा आदि उपस्थित थे।

अस्पताल को पीपीपी मोड में देने का विरोध

ऋषिकेश।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर क्षेत्रवासियों को धरना बुधवार को नौवे दिन भी जारी रहा। धरने को समर्थन देने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष कापड़ी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र के सरकारी अस्पताल को निजी संस्थान को सौंपा गया तो प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र के अस्पतालों का क्या हाल होगा। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता से इस स्वास्थय केन्द्र को उच्चीकरण किए जाने का वादा किया था, जो क्षेत्रवासियों की पुरानी मांग हैं।

लेकिन इसके विपरीत मुख्यमंत्री ने इस अस्पताल को निजी संस्थान के हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली है। इस अवसर पर मनमोहन नौटियाल, कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष मनोज नौटियाल, मोहम्मद अकरम, प्रियेश वर्मा, राहुल सैनी, मनिन्दर सिंह, अनीष अहमद, राहुल सैनी, अनीष अहमद, शाहरूख, संजय सिंह, सुमित, दीपक भंडारी, राजू कैन्तुरा, महिपाल सिंह रावत, सतपाल आनन्द, भगवान सिंह सैनी, जय किशोर, विशाल जिंदल, स्वतंत्र बिष्ट, विकास आदि मौजूद थे।

यातायात व्यवस्था को लेकर गोष्ठी आयोजित

देहरादून। राजधानी देहरादून की यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस कार्यालय देहरादून में वरिष्ठ नागरिकों, दून रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों तथा स्वयंसेवकों के साथ एक गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठि के दौरान जनपद की यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस व दून रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी के द्वारा संयुक्त रुप से यातायात के नियमो के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाने की बात रखी गई। जिसके तहत प्रयोग के तौर पर सर्वप्रथम जनपद देहरादून की व्यस्ततम सडक़ों में से एक राजपुर रोड से इस अभियान की शुरुआत की बात कही गयी। गोष्ठि के दौरान सतनाम सिंह ने बताया कि यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा सर्वप्रथम यातायात साइनो व फ्लेक्स बोर्ड की सहायता से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरुक किया जाएगा, तत्पश्चात यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

अभियान के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया तथा सोशल मीडिया के जरिए लोगों को यातायात नियमों व अपने कर्तव्यों के प्रति जागरुक किया जाएगा। इसके लिए जनपद के समस्त स्कूलों, मॉलों, सिनेमाघरों में यातायात नियमों के संबंध में बनाई गई डॉक्यूमेंटरी फिल्मों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाएगा। गोष्ठि के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा बताया गया कि जनपद देहरादून में पूर्व में प्रचलित सर्वोदय अभियान के तहत जनपद पुलिस द्वारा समय समय पर स्कूल कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं को यातायात के नियमों के प्रति जागरुक किया जाता है।

इसके अलावा स्कूल प्रबंधन के साथ समय समय पर गोष्ठी आयोजित कर उन्हें यातायात व्यवस्था बनाये रखने हेतु जनपद पुलिस का सहयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है। उनके द्वारा बताया गया कि यातायात व्यवस्था जनपद देहरादून का एक चिंतनीय विषय है, क्योंकि प्रतिवर्ष शहर में वाहनों की संख्या में इजाफा हो रहा है परंतु सडक़ों पर स्थान सीमित है। जिसके लिए यह और भी जरूरी है की यातायात व्यवस्था में सुधार हेतु योजनाबद्ध तरीके से चरणबद्ध रूप में अभियान चलाया जाए। उक्त गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक यातायात श्री धीरेंद्र गुंज्याल, क्षेत्राधिकारी यातायात श्रीमती जया बलूनी, श्री सतनाम सिंह (पूर्व आइ0एफ0एस0 ), डॉक्टर महेश भंडारी  (अध्यक्ष, दून रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी), श्रीमती ज्योति धवन व अन्य गणमान्य व्यक्तिगण उपस्थित रहे।

सडक़ हादसे में स्कूटर सवार युवक की मौत

देहरादून। हरिद्वार बाईपास रोड पर राधास्वामी सत्संग भवन के पास  ट्रक की चपेट में आने से एक स्कूटर सवार युवक की मृत्यु हो गई । सूचना पर पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचे तथा ट्रक को कब्जे में लेकर उसके चालक चिरोंजी लाल को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में ट्रक चालक द्वारा बताया गया कि उसके ट्रक का टायर फट गया था जिस कारण ट्रक अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे स्कूटी से टकरा गया।

स्कूटी सवार युवक के संबंध में आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई। उक्त स्कूटी से महेश कुमार पुत्र राम विशेष निवासी 5 शाह नगर देहरादून के नाम की आर0सी0 बरामद हुई है। युवक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम हेतु दून अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया है।

एफआरआई में भी मनाया गया योग दिवस

देहरादून। वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में ऑफीसर क्लब, वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में योग विशेषज्ञ$ योगाचार्य प्रेम प्रभू व डा0 मीना के पर्यवेक्षण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद्, डा0 सुरेश चंद गैरोला, निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान, डा0 सविता एवं  समस्त अधिकारियों, वैज्ञानिकों, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद्/वन अनुसंधान संस्थान के कर्मचारियों व उनके परिवार के सदस्यों ने इस योग कार्यक्रम में भाग लिया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विश्व योग दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 11 दिसम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। भारत में योग लगभग 5000 वर्ष पूर्व से शारिरिक, मानसिक व आध्यात्मिक कार्यों हेतु महत्वपूर्ण समझा जाता है। भारत में प्राचाीन समय में योग की उत्पत्ति हुई थी, तब लोग अपनी शरीर एवं मष्तिष्क का रूपांतरण करने के लिए ध्यान करते थे। सभी मानव जाति के लिए योग बहुत आवश्यक व लाभप्रद है, यदि इसे सभी नियमित रूप से  प्रात:काल अभ्यास करते हैं।

इस दिवस का राजकीय नाम यू0एन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है और इसेयोग दिवस भी कहते हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समस्त विश्व में आम लोगों के मध्य योग के फायदों के बारे में जागरूकता बढाने के कार्यकलापों जैसे योग प्रशिक्षण कैम्पस, योग प्रतियोगिताओं एवं अनेकों क्रियाकलापों के आयोजन कर मनाया जाता है। यह लोगों को यह जानकारी देने के लिए मनाया जाता है कि नियमित योगाभ्यास से उत्तम शारीरिक, मानसिक व बौद्विक लाभ मिलता है। यह लोगों की जीवन शैली को सकारात्मक परिवर्तन लाती है और अच्छे स्वास्थय के स्तर में वृद्वि करती है।

विश्व योग दिवस का उदे्श्य लोगों को योग के आश्चर्य व प्राकृतिक फायदों की जानकारी देना, योगाभ्यास के द्वारा लोगों  की प्रकृति से जोडना, योग के द्वारा लोगों को ध्यान की आदत डलवाना, योग के पवित्र फायदों की ओर समस्त विष्व के लोगों का ध्यान खींचना, समस्त विश्व में स्वास्थ्य विरोधी बीमारियों की दर में कमी लाना, व्यस्त जीवन से स्वास्थय के लिए एक दिन साथ-साथ बिताने हेतु समुदायों को अधिक समीप लाना, बुद्वि विकास बढाना और समस्त विश्व में शांति फैलाना, अस्वास्थयकर कृत्यों से बचाव और उत्तम स्वास्थय हेतु अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन व आदर देना, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थय के  उच्चतम स्तर पर पूर्ण आनंद उठाने के लिए लोगों को उनके अच्छे स्वास्थय व स्वस्थ जीवनशैली के अधिकारी के बारे में बताना, नियमित योगाभ्यास से स्वास्थय की समस्त चुनौतियों पर विजय पाना, योगाभ्यास से लोगों के उत्तम मानसिक व शारिरिक स्वास्थय को प्रोत्साहन देना है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से लोगों में आई जागरूकता

देहरादून। मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा सितम्बर 2013 से चलाये जा रहे बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान से लोगों में जागरूकता आई है। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष मधु जैन ने बताया कि इस अभियान ने उत्तराखंड में ही नहीं अपितु हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश में भी यह अभियान चलाया गया और कन्या भ्रूण हत्या और बेटी बचाओ अभियान पर संगठन ने बढचढकर काम किया जिसके अंतर्गत लगभग चार वर्षों में तीन हजार बालिकाओं को लेखन सामग्री, ड्रेस, जूते, जुराब, स्कूल बेग आदि वितरित किये गये और इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया गया।

उनका कहना है कि संस्था द्वारा लगभग पांच सौ से ऊपर इस विषय पर कार्यक्रम किये जा चुके है और संस्था द्वारा लगभग पांच हजार परिवारों को संकल्प पत्र के माध्यम से भी जागरूक किया गया है जिसमें बेटा बेटी में कोई भी  फर्क न करने की भेदभाव न करने की बेटी के जनम पर अपने परिवार को भी प्रसन्न एवं स्वस्थ मानसिकता के साथ बेटी को सुश्क्षिित करने का संकल्प दिलाया गया। उनका कहना है कि कन्या भ्रूण हत्या करने वाले व्यक्ति व उसके परिवार का सामजिक बहिष्कार करेगा, यह संस्था महिला सशक्तिकरण के लिए सर्वदा कार्य करती रहेगी। उनका कहना है क भविष्य में भी इस मुहिम को जारी रखा जायेगा, जिसका परिणाम हिमाचल लिंगानुपात के सुधार को लेकर प्रथम स्थान पर और उत्तराखंड चौथे स्थान पर रहा है।

 संगठन ने भारत के प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने संगठन द्वारा इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया। बेटी बचाओ बेटी पढाओ जागरूकता अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्या को काफी हद तक दूर करने की कोशिश की है और सभी 21 राज्यों को पछाडा, जिसमें 2011 की जनगणना के बाद पांच साल में लिंगानुपात पांच प्रशित बढा परन्तु शहरों में अब भी सुधार की बहुत आवश्यकता है। उत्तराखंड में लिंगानुपात के सुधार के हिसाब से शहरों में और अधिक जागरूकता की जरूरत है। शहरों में अब भी एक हजार पुरूषों पर महज 921 महिलायें है, अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकडा 1070 है। सरकारी अस्पतालों में केवल तीस प्रतिशत महिलायें ही गर्भावस्था के दौरान जरूरी जांच करवा पाती है। लिंगानुपात बढने में व बेटियों को बचाने, उनकको पढाने में हर स्तर पर प्रयास करने चाहिए। संस्था इस अभियान के माध्यम से अन्य प्रदेशों में भी बेटी बचाओ बेटी पढाओ जागरूकता अभियान चलायेगी।

एससी-एसटी उपयोजना के बजट में 27 फीसद कटौती

देहरादून। केंद्र की भाजपा नीत सरकार बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना कर खुद को दलितों का पैरोकार साबित करने में जुटी है, वहीं उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) और अनुसूचित जनजाति उपयोजना (टीएसपी) के बजट में पिछली  हरीश रावत सरकार के बजट प्रावधान के मुकाबले करीब 27 फीसद की कटौती कर दी है।

समाज कल्याण विभाग के एससी-एसटी नियोजन प्रकोष्ठ के बजट आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ है कि एससीएसपी के तहत 2016-17 में 1566$34 करोड़ का प्रावधान था जो कि अब घटाकर 1120$51 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी तरह टीएसपी के तहत 2016-17 में 462$43 करोड़ का प्रावधान था जो कि 2017-18 के लिए घटाकर 367$06 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हालांकि इस बार सरकार बजट का आकार घटाने के पीछे पिछली सरकार के कम खर्च को भी एक वजह बता रही है लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष की बात करें तो एससीएसपी और टीएसपी के तहत बजट प्राविधान के विपरीत कुल 1143$60 करोड़ रुपये यानी बजट प्रावधान की कुल 56$4 प्रतिशत धनराशि ही जारी हुई और खर्च हुए 873$40 करोड़ रुपये जो कि जारी धनराशि का करीब 76$4 फीसदी है।

 अलग-अलग देखें तो नई सरकार की ओर से अनुसूचित जाति उपयोजना में 28$46 फीसद तो अनुसूचित जनजाति उपयोजना के बजट में 20$62 फीसद की कटौती की गई है। बता दें कि प्रदेश में एससीएसपी और टीएसपी का काम 2004-05 से नियोजन विभाग से समाज कल्याण विभाग को दे दिया गया था। इसके पहले एससीएसपी और टीएसपी के तहत मात्राकरण की धारणा प्रचलित थी, जिससे जनसंख्या के अनुपात में अधिकांश विभाग अधिकांश मात्रात धनराशि को एससीएसपी और टीएसपी केतहत उपलब्धि के रूप में दिखा देते थे जबकि बहुत सी योजनाओं का लाभ एससी व एसटी को नहीं मिल पाता था। प्रदेश सरकार ने इन उपयोजनाओं के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति बहुल इलाकों में उनके उत्थान के लिए विभिन्न विभागों द्वारा विकास योजनाएं चलाई जाती हैं। एससीएसपी और टीएसपी के तहत पिछली सरकार ने 2016-17 के लिए 2028$77 करोड़ रुपये का प्राविधान किया था, मगर नई सरकार ने 2017-18 के लिए महज 1487$57 करोड़ रुपये का ही प्राविधान किया है। यह राशि पिछले बजट प्राविधान के मुकाबले 26$68 फीसद के करीब कम है।

राज्य के 35 विभाग एससी व एसटी जातियों के लिए विभागीय स्तर पर पेयजल, विद्युतीकरण, पुष्टाहार, स्वास्य, शिक्षा, संपर्क मार्ग के साथ साथ आय बढ़ाने वाली षि बागवानी, मत्स्य व डेयरी योजनाएं भी चलाते हैं। इसी तरह ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, नगरीय विकास विभाग भी एससी एसटी और टीएसपी के तहत विभिन्न योजनाएं चलाते हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के वक्त अनुसूचित जाति उपयोजना के मुकाबले अनुसूचित जनजाति उपयोजना में बेहतर खर्च हुआ है।

पिछले वित्तीय वर्ष में तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने एससीएसपी के बजट प्राविधान का 54$9 प्रतिशत  859$89 करोड़ रुपये जारी किए जबकि इसके मुकाबले 646$10 करोड़ रुपये यानी 75$14 फीसद खर्च किया। वहीं टीएसपी के तहत 2016-17 में बजट प्रावधान के मुकाबले 61$35 प्रतिशत यानी 283$71 करोड़ रुपये जारी किए गए, वहीं 82$12 फीसद  227$30 करोड़ रुपये खर्च हुए है। प्रदेश सरकार आखिर किस प्रकार से एस सी, एसटी व पिछडे वर्ग के छात्र छात्राओं व लोगों को लाभ पहुंचायेगी यह भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है।

भारत विकास परिषद ने आयोजित की योग कार्यशाला

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारत विकास परिषद क्लेमेनटाउन शाखा ने क्षेत्रीय संस्था लोकहित सेवा समिति के सहयोग से दो घंटे तक एक योग कार्यशाला आयोजन किया गया।

आर्य समाज मंदिर सुभाषनगर के प्रांगण में आयोजित इस कार्यशाला में परिषद की किरन दीप कौर, मोना ने उपस्थित लोगों को योग के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की और विभिन्न आसन एवं प्राणायाम सिखाये और करवाये। इस अवसर पर किरन दीप कौर एवं मोना दोनों ने योग सिखाये और इस कार्यशाला में क्षेत्र के सवा सौ लोगों ने प्रतिभाग किया और योग के गुर सीखे।

आठ सौ साधकों ने गाँधी पार्क में किया सामूहिक योग

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योग साधना हुई जिसमें लगभग 800 साधकों ने भाग लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राजपुर विधायक खजान दास ने की और विशिष्ट अतिथि के रूप म धर्म वीर सिंह सैनी प्रधान उत्तराखंड मंचासीन रहे।

यहां गांधी पार्क में इस अवसर पर प्रांतीय सचिव उत्तराखंड राोश्याम जोशी ने  मुख्य और विशिष्ट अतिथि को  पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और अंत में संस्थान का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। जोशी द्वारा योग से स्वस्थ रहने की सभी प्रेरणा दी गयी। अन्य गणमान्य पदाधिकारियों में हरप्रीत कालरा, अशोक कालरा, ओम प्रकाश, मोहन लाल विरमानी, सुधीर वर्मा, विजय शर्मा, अनिल वर्मा इत्यादि मौजूद रहे। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी शशि कान्त दूबे द्वारा लगभग 200 डील ईंप्लाईज को और मोहन लाल और अशोक कालरा  द्वारा किड्डी लैंड स्कूल में योगाभ्यास करवाया गया।

साहित्यकार सांसद डा. निशंक 23 जून को जापान में होंगे सम्मानित

देहरादून। सुप्रसिद्घ साहित्यकार, उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को हिन्दी साहित्य में अद्वितीय योगदान एवं मानवता की उत्कृष्ट सेवा हेतु जापान में सम्मानित किया जायेगा। डॉ0 निशंक को जापान के दायतो बांका विश्वविद्यालय के हिगाशीमातसुयामा परिसर में आगामी 23 जून को सम्मानित किया जायेगा। वहीं विश्वविद्यालय में ‘‘भारतीय संस्कृति’ पर डॉ0 निशंक का व्याख्यान भी होगा। अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध विभाग के डॉ0 हिदाकी ईशीदा ने अपने आमंत्रण पत्र में कहा कि विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति पर आपके बहुमूल्य विचारों से लाभान्वित होगा।

दूसरी ओर जापान के औद्योगिक घरानों द्वारा सुशासन राजनीति, समाज सेवा, सार्वजनिक जीवन और जनकल्याण और उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिये टोक्यो ओसाका में उन्हें सम्मानित किया जायेगा। दायशिन समूह के प्रमुख श्री यामाशीता ने अपने आमंत्रण पत्र में कहा है कि आपके वृहद अनुभव के दृष्टिगत हिमालय, पर्यावरण और जीविका उपार्जन सम्बंधी मसलों पर सम्मानोपरान्त हम आपसे चर्चा भी करना चाहेंगे।

ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व डॉ0 निशंक को उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए मॉरीशस के तत्कालीन राष्ट्रपति सर अनिरूद्घ जगन्नाथ द्वारा मॉरीशस राष्ट्र के सर्वोच्च सम्मान ‘मॉरीशस सम्मान’ एवं अप्रवासी भारतीय उद्योपतियों के संगठन ग्लोबल आर्गेनाइजेशन ऑफ इण्डियन ऑरिजन (गोपियो) द्वारा ‘अन्तर्राष्ट्रीय असाधारण उपलब्धि सम्मान’ प्रदान किया जा चुका है। युगाण्डा के प्रधानमंत्री रूहुकाना रूगांडा द्वारा ‘मानवीय शिखर’ सम्मान एवं नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड द्वारा नेपाल राष्ट्र के सम्मान ‘हिमाल सम्मान’ से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ0 निशंक द्वारा कविता, कहानी, उपन्यास, पर्यटन, बाल साहित्य सहित हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं पर लगभग 05 दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

परिवार नियोजन के मोर्चे पर सामने आई ढील

देहरादून। हिमाचल प्रदेश की ही तरह उत्तराखंड में भी परिवार नियोजन के मोर्चे पर ढिलाई की खबर है। ताजा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 ,जो केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन से अधिकृत इंटरनेशनल इंस्टीटयूट फॉर पोपुलेशन साईंस,मुंबई से कराया गया था, के अनुसार 15 से 49 वर्ष की विवाहित महिलाओंं मेंंं गर्भ निरोधक उपायोंं के उपयोग मेंंं 2005 से 2016 के बीच छह प्रतिशत की कमी आई है । पुरूष व महिलाओंं मेंंं इस अवधि मेंं नसबंदी आपरेशनों में भी भारी कमी आई है।

अवधि से पहले पुरूष नसबंदी जहां एक दशमलव आठ थी वह गिरकर दशमलव सात रह गई है जबकि महिलाओं में भी यह प्रतिशत 32 दशमलव 2 से गिरकर 27 दशमलव 4 ही रह गया है। अलबत्ता इस बीच कंडोम का उपयोग एक प्रतिशत जरूर बढा है। प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक डाक्टर डी एस रावत स्वीकार करते हैं कि राष्ट्रीय योजनाओं के अन्य अंगोंं की तरह विभाग की प्राथमिकताओं में वास्तव में अब परिवार नियोजन के आपरेशन नही रह पाये हैं और अब से हम परिवार नियोजन के उपलब्ध विभिन्न साधनों व उपायों के प्रचार-प्रसार तथा जागरूकता को अपनी प्राथमिकताओं में लायेंगेंं।

उच्च न्यायालय ने सचिव शिक्षा से मांगी सफाई

देहरादून। उच्च न्यायालय नैनीताल की खंडपीठ ने सचिव शिक्षा से कल 22 जून को अपने पूर्व के प्राथमिक स्कूलोंं मेंंंं आवश्यक अवस्थापना संबंधी निर्देशोंं का परिपालन न होने पर सफाई मांगी है। देहरादून के दीपक राणा की जनहित याचिका पर 26 नवंबर 2016 को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति द्वय राजीव शर्मा तथा आलोक सिंह ने 10 सूत्रीय निर्देश सरकार को जारी किये थे जिनमेंं सभी पात्र विद्यार्थियों का वर्दी,कंप्यूटर,पुस्तकेंं,शौचालय सुविधा,मध्यान्ह भोजन,पेयजल आदि उपलब्ध कराने को निश्चित दिशा निर्देश तक दिये थे ।

याची के वकील ने शिकायत की थी कि सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्देशों का अभी तक पालन नही किया है और अभी बडी संख्या मेंं स्कूलोंं को फर्नीचर, पुस्तकेंं, मध्यान्ह भोजन, खंडित स्कूल भवन, शिक्षकोंं के अभाव जैसी समस्याओं से दो-चार होना पड रहा है। इस पर अप्रसन्न उच्च न्यायालय खंड पीठ ने सचिव शिक्षा को कल 22 जून को स्वयं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है।

सीएम ने किया हस्तशिल्प विकास प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हल में एकीत हस्तशिल्प विकास एवं प्रोत्साहन योजना का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के शिल्पियों को प्रोत्साहन हेतु इस योजनांतर्गत राज्य के 15 विकासखंडो के 15000 शिल्पियों को विभिन्न शिल्पों को तैयार किए जाने हेतु टूल किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, हरिद्वार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग एवं टिहरी गढ़वाल के 70 शिल्पियों को प्रतीक स्वरुप के विभिन्न शिल्पों के टूल किट उपलब्ध कराकर योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज का युवा स्वरोजगार की ओर बढ़ रहा है। स्वरोजगार के क्षेत्र में समाज को आगे बढऩा है । स्वरोजगार से हमें स्वयं को संपन्न बनाना है। आज लोग खादी को बहुत पहनते हैं। खादी को अब नया लुक दिया जा रहा है। यह अच्छा पहनावा है, साथ ही स्वास्थ्य की ²ष्टि से उत्तम पहनावा है। उन्होंने कहा कि हमें डिमांड के अनुरूप उत्पादन करना चाहिए तभी मार्केट में जगह मिलेगी। हमारी कला समाप्त होने का मुख्य कारण पढ़े लिखे लोगों का इसमें ना जुडऩा है।

हमारी खोजी प्रवृत्ति ही हमें सीखने को प्रेरित करती है। उत्पादन में नई तकनीक को जोडऩे की जरूरत है। आज दिशा देने वाले बहुत हैं। हमें रेशा उत्पादन के क्षेत्र में भी काम करना है। विभाग द्वारा विकासखंडों को शिल्पों को प्रोत्साहित किए जाने हेतु दी जाने वाली 1 लाख रुपये की राशि और बढ़ायी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिल्पियों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के स्टाल्स का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी, मदन लाल शाह, सुरेंद्र सिंह नेगी एवं प्रमुख सचिव मनीषा पंवार भी उपस्थित रहीं।

डीएवी कालेज में छात्रसंघ व एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

देहरादून। मुस्लिम कश्मीरी छात्रों को डीएवी पीजी कालेज में प्रवेश न दिये जाने की मांग को लेकर डीएवी कालेज छात्र संघ एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया और इस ममाले पर शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की। m डीएवी कालेज छात्र संघ के अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में छात्र एवं परिषद के कार्यकर्ता कालेज परिसर में इकटठा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कक्ष में पहुंचे जहां पर उन्होंने मुस्लिम कश्मीरी छात्रों को डीएवी पीजी कालेज में प्रवेश न दिये जाने की मांग को लेकर  प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया और इस ममाले पर शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने की मांग की।  उनका कहना है कि महाविद्यालय में पूर्व से कश्मीरी छात्र अध्ययनरत है और यह छात्र देश विरोधी है तथा देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहते है।

दून कालेज का एक छात्र दानिश आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पकडा गया है और डीएवी महाविद्यालय के कश्मीरी छात्र भी देश विरोधी है और यह छात्र कश्मीर में किसी भी सैनिक के मारे जाने पर खुले आम खुशी का इजहार करते है और इस तरह के छात्र जो कि इस देश में रहते है, इस देश की सारी सुख सुविधायें भोग रहे है, शिक्षा इस देश में ग्रहण कर रहे है, परन्तु यह लोग खुले तौर पर पाकिस्तानी समर्थक है। इस तरह की हरकतें करना सरासर देशद्रोह की श्रेणी में आता है। कुछ समय पूर्व भी डीएवी कालेज एवं अन्य संस्थानों के छात्रों ने घंटाघर पर खुले आम देश विरोधी नारे लगाये थे।  इस तरह के छात्रों के कारण महाविद्यालय का माहौल खराब न हो इसलिए उचित कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। यदि इन सब बातों के बावजूद भी कश्मीरी छात्रों को नये सत्र में कालेज में प्रवेश दिया जाता हो छात्र संघ जिस भी हद तक जाकर इसका विरोध करेगा तथा इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी पतहर की स्थिति के लिए कालेज प्रशासन इसका पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। इस अवसर पर प्राचार्य डा$ देवेन्द्र भसीन ने उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिया। इस अवसर पर छात्र संध अध्यक्ष राहुल कुमार, अंशुल चावला, आशीष रावत, सिद्घार्थ राणा, देवेन्द्र सिंह बिष्ट, शुभम सिमल्टी सहित अनेक छात्र मौजूद थे।

महाघोटाले की सीबीआई जॉंच को लेकर मुख्य सचिव से मिला मोर्चा

देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा प्रतिनिधिमण्डल ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जी0एम0वी0एन0 ने पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में मुख्य सचिव एस0 रामास्वामी से मिलकर पन्तनगर, उद्यमसिंहनगर में टाटा मोटर्स लि0 एवं सिडकुल की सांठगांठ से हुए भूमि आबंटन में 280 करोड से अधिक के महाघोटाले की सी0बी0आई0 व उच्च स्तरीय जॉंच को लेकर ज्ञापन सौंपा। मुख्य सचिव ने प्रकरण पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिये।
नेगी ने कहा कि कि वर्ष 2006 में शासन ने टाटा मोटर्स को पन्तनगर, उद्यमसिंह नगर में 975$44 एकड भूमि मोटर वाहन, कार इत्यादि के निर्माण के लिए आबंटित की थी, जिसका मूल्य 125/- वर्गमीटर तय किया गया था, जबकि उस वक्त भूमि का मूल्य 700/-रू0 प्रति वर्गमीटर था। उस वक्त टाटा मोटर्स को विशेष रियायत प्रदान की गयी थी।

उल्लेखनीय एवं महत्वपूर्ण तत्य यह है कि टाटा मोटर्स ने 08$ 03$2006 को सिडकुल को पत्र प्रेषित किया था कि उक्त कम्पनी को 45 लाख वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता है तथा इसमें टाटा मोटर्स ने मात्र इच्छा जाहिर की थी कि टाटा मोटर्स की सहायक कम्पनी (।दबपससंतपमे ² टमदकवते) को भी भूमि टाटा मोटर्स की सहमति पर सिडकुल आबंटित करें, जिस हेतु सहमति/शासनादेश (थ्वतउंस ब्वदपितउंजपवद वद जीपे नदकमतेजंदकपदह) की मांग टाटा मोटर्स ने की थी, जिसकी शासन द्वारा कोई अनुमति प्रदान नहीं की गयी थी। हैरानी की बात यह है कि शासन-सिडकुल ने टाटा मोटर्स के साथ मिलकर लगभग 14,03,208 वर्ग मीटर भूमि सहायक कम्पनियों को मात्र 125/- रू0 वर्गमीटर के हिसाब से आबंटित करा दी, जबकि उस भूमि का औद्योगिक मूल्य 17$09$2006 तक 700/-रू0 प्रति वर्गमीटर था तथा इस दौरान 8,38,626 वर्गमीटर भूमि का आबंटन किया गया। इसी प्रकार 18$09$2006 से 12$09$2007 तक 1500/-रू0 प्रति वर्गमीटर था, इस दौरान 96,498 वर्गमीटर भूमि आबंटित की गयी, इसी प्रकार 13$09$2007 से 02$07$2008 तक भूमि का मूल्य 2500/- रू0 प्रति वर्गमीटर था तथा उस दौरान 62,166 वर्गमीटर भूमि आबंटित की गयी, इसी प्रकार 03$07$2008 से आज तक उक्त भूमि का मूल्य 4501$25/- वर्गमीटर है तथा इस दौरान 4,05,918 वर्गमीटर भूमि आबंटित की गयी। इस पूरे खेल में सबने मिलकर करोडों रूपये की काली कमाई की, जिसकी वसूली टाटा मोटर्स एवं सिडकुल के अधिकारियों से होनी चाहिए, जिससे सरकार को लगभग 280 करोड का चूना लगा। उक्त के अतिरिक्त टाटा मोटर्स-सिडकुल द्वारा आबंटित भूमि के उद्योगपतियों (सहायक कम्पनियों) को बडी चालाकी से स्टाम्प शुल्क में भी छूट प्रदान की गयी, जबकि सहायक कम्पनियों को रू0 125/- प्रति वर्गमीटर का कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ था।

उक्त मामले की जॉंच हेतु कई बार आग्रह किया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। प्रतिनिधिमण्डल में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, ओ0पी0 राणा, रवि भटनागर, बागेश पुरोहित, प्रभाकर जोशी आदि शामिल रहे।

विस स्पीकर ने विधानसभा कर्मियों के साथ किया योग

 देहरादून। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड विधानसभा में विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने एक घण्टे तक योग किया। इस अवसर पर अग्रवाल ने कहा है कि योग से जह तन-मन स्वस्थ रहता है वहीं हम एक निरोग व स्वस्थ राष्ट्र निर्माण का सन्देश भी दे रहे हैं।

उत्तराखण्ड विधानसभा के सम्मेलन हल में हुए योग के कार्यक्रम के अवसर पर अग्रवाल ने कहा है कि जब तन स्वस्थ होता है तभी हमारे मन में स्वच्छ विचार भी जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा है कि विधानसभा एक परिवार है और इस परिवार के मुखिया होने के नाते मेरा कतव्र्य है कि यहां का प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी स्वस्थ रहकर सकारात्मक सोच के साथ राज्य के विकास के लिए कार्य करे। 

अग्रवाल ने कहा है कि स्वस्थ भारत निर्माण के लिए योग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक दिन योग करने से कुछ नहीं होगा परन्तु आज अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के दिन संकल्प लें कि हम नियमित रूप से स्वस्थ समाज निर्माण के लिए हम स्वयं भी स्वस्थ रहेंगे। अग्रवाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड वैसे भी संस्कृत एवं आध्यात्म की धरती रही है इसलिए योग की गंगा सम्पूर्ण भारत वर्ष में उत्तराखण्ड से होकर ही गुजर रही है। इस अवसर पर सचिव विधान सभा जगदीश चन्द्र, एलएमएस पीजी कलेज, ऋषिकेश के योग विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक सुरेन्द्र रयाल आदि सहित विधानसभा के अध्ािकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सचिवालय में अफसरों के बंपर तबादले

देहरादून।  लंबे इंतजार के बाद सरकार ने सचिवालय में बड़ा फेरबदल कर दिया। बड़ी संख्या में संयुक्त सचिव, उप सचिव, अनुसचिव, अनुभाग अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। 97 समीक्षा अधिकारी और 16 सहायक समीक्षा अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि तबादला लिस्ट जारी होने के साथ ही विरेाध भी शुरू हो गया है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि कई तबादले नियम विरुद्ध किए गए हैं। सालों से मलाईदार विभागों में जमे लोगों को एक साल बाद दोबारा वहीं वापसी कर दी गई। जबकि तय हुआ था पांच साल तक किसी की भी पुराने विभाग में वापसी नहीं होगी। इसके बाद भी मनमाफिक तबादले हुए। इसका विरोध होगा। संयुक्त सचिव रमेश कुमार को नियोजन, गृह विभाग के साथ उद्यान की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। उनसे आपदा प्रबंधन विभाग व कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग हटा लिया गया है।

राजेंद्र सिंह कृषि के साथ ही आवास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनसे आयुष, आयुष शिक्षा हटाया गया। अतर सिंह से कार्मिक, सतर्कता, स्वास्थ्य हटाते हुए सचिवालय प्रशासन दिया गया। गरिमा रौंकली को पर्यटन के साथ स्वास्थ्य व खनन देते हुए वित्त हटा दिया गया। मायावती ढकरियाल पशुपालन के साथ समाज कल्याण की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। उनसे महिला सशक्तिकरण, भेड़ बकरी पालन, चारागाह विकास हटाया गया। मदनमोहन सेमवाल से राज्य संपत्ति व वित्त हटाते हुए आयुष, आयुष शिक्षा, उच्च शिक्षा दिया गया। राजेंद्र सिंह तोमर को खाद्य नागरिक आपूर्ति, वन एवं पर्यावरण के साथ अल्पसंख्यक विभाग दिया गया। वेदीराम को तकनीकी शिक्षा के साथ वित्त, लक्ष्मण सिंह से खेल, युवा कल्याण, उच्च शिक्षा, समाज कल्याण हटाते हुए महिला सशक्तिकरण, राज्य संपत्ति दिया गया। ओमकार सिंह को गोपन के साथ सिंचाई, लघु सिंचाई की अतिरिक्त जिम्मेदार देते हुए शहरी विकास, जलागम प्रबंधन हटाया गया। वीरेंद्र पाल सिंह को पंचायतीराज, आईटी के साथ वित्त दिया गया। कविंद्र सिंह को ऊर्जा, सामान्य प्रशासन के साथ माध्यमिक शिक्षा दिया गया। महावीर सिंह चौहान को सचिवालय प्रशासन के साथ पेयजल देते हुए राजस्व विभाग हटाया गया। उप सचिव सुनील सिंह को सचिवालय प्रशासन, पुनर्गठन देते हुए सहकारिता, गन्ना विकास, चीनी, तकनीकी शिक्षा हटाया गया। महिमा को माध्यमिक शिक्षा के साथ ग्राम्य विकास की अतिरिक्त जिम्मेदारी देते हएु स्वास्थ्य का जिम्मा हटाया गया।

सुरेंद्र सिंह रावत को पेयजल, चिकित्सा विभाग देते हुए सचिवालय प्रशासन, आबकारी, आवास हटाया गया। जयलाल शर्मा को राज्य संपत्ति, महिला सशक्तिकरण देते हुए ग्राम्य विकास, पंचायतीराज विभाग हटाए गए। सोमपाल को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के साथ आवास देते हुए ग्राम्य तालाब विकास, पिछड़ा क्षेत्र विकास हटाया गया। महावीर सिंह से पेयजल वापस लेते हुए अब उनके पास सिर्फ पेयजल की जिम्मेदारी है। प्रेम सिंह बिष्ट को वित्त देते हुए सिंचाई, पुनर्गठन हटाया गया। अरविंद सिंह पांगती से लोनिवि हटाते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य, राजेंद्र सिंह पतियाल को औद्योगिक विकास के साथ आपदा प्रबंधन, डीएमएस राणा को शहरी विकास के साथ आबकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी, देव सिंह को जलागम के साथ सामान्य प्रशासन, गोकुलानंद पंत को श्रम सेवायोजन के साथ पंचायतीराज, प्रकाश चंद्र जोशी को गोपन के साथ ऊर्जा देते हुए महिला सशक्तिकरण, परिवहन वापस लिया गया। रणजीत सिंह को गृह के साथ सिंचाई का अतिरिक्त जिम्मा देते हुए पेयजल हटाया गया। भूपेंद्र सिंह बोरा को कृषि के साथ सहकारिता का अतिरिक्त जिम्मा, केवलानंद उपाध्याय को सचिवालय प्रशासन के साथ पर्यटन का अतिरिक्त जिम्मा दिया गया। परिवहन, नागरिक उड्डयन का हटाया गया। गोविंद सिंह बिष्ट को तकनीकी शिक्षा के साथ नियोजन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। अनुसचिव बिजेंद्र सिंह को माध्यमिक शिक्षा से सीएम कार्यालय, देवेंद्र सिंह नगरकोटी न्याय विभाग से भाषा, पुनर्गठन, शिवस्वरूप त्रिपाठी स्वास्थ्य से उच्च शिक्षा, मुकेश कुमार राय गृह से स्वास्थ्य, गजेंद्र कफलिया न्याय, शहरी विकास से वित्त, धीरेंद्र कुमार सिंह एमएसएमई से कृषि, अर्पण कुमार राजू को लघु सिचांई के साथ खनन की अतिरिक्त जिम्मेदारी, अनिल जोशी स्वास्थ्य से शहरी विकास, आलोक कुमार सिंह राजस्व से वन एवं पर्यावरण, अनिल कुमार पांडे से उच्च शिक्षा हटा लिया गया है। अब सिर्फ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति का जिम्मा रहेगा।

अजीत सिंह से सुराज भ्रष्टाचार हटाया गया। अब सिर्फ सतर्कता व गोपन का ही जिम्मा शेष है। विवेक कुमार जैन को वन एवं पर्यावरण से सचिवालय प्रशासन, श्रीप्रकाश तिवारी को माध्यमिक शिक्षा से वित्त, अखिलेश मिश्रा को वन पर्यावरण से गृह, रीता क्वीरा वित्त से आपदा प्रबंधन, दीप्ति मिश्रा को सैनिक कल्याण के अतिरिक्त युवा कल्याण का जिम्मा, कृष्ण कुमार शुक्ला वित्त से माध्यमिक शिक्षा, प्रदीप कुमार शुक्ला आपदा प्रबंधन से आबकारी, शिव शंकर मिश्रा से सूचना हटाया गया। उन पर अब सिर्फ स्वास्थ्य का जिम्मा रहेगा। रजनीश जैन को नियोजन से सूचना, शिव विभूति रंजन युवा कल्याण से वित्त, हनुमान प्रसाद तिवारी से सचिवालय प्रशासन हटाते हुए सिर्फ कार्मिक का जिम्मा, महावीर सिंह परमार को कृषि से औद्योगिक विकास सिडकुल व एमएसएमई, चंद्र बहादुर को सामान्य प्रशासन के साथ मत्स्य की अतिरिक्त जिम्मेदारी, बाध्य प्रतिक्षा मिनी जोशी सुराज भ्रष्टाचार,जगजीवन प्रकाश बेरी से औद्योगिक विकास हटाते हुए समाज कल्याण, सुभाष चंद्र को पेयजल, चिकित्सा शिक्षा से राजस्व, बाध्य प्रतिक्षा शुची अग्रवाल नियोजन, दीपक कुमार से सचिवालय प्रशासन व वित्त से सचिवालय प्रशासन की जिम्मेदारी वापस, मंजुला खर्कवाल वित्त से गन्ना, चीनी उद्योग, अल्पसंख्यक विभाग, दिनेश यादव स्वास्थ्य से वन एवं पर्यावरण, माध्यमिकशिक्षा, ओबेदुल्लाह अंसारी से अल्प संख्यक कल्याण, माध्यमिक शिक्षा में से अल्पसंख्यक का जिम्मा हटाया गया। अनुभाग अधिकारी हरीश चंद्र सीएम कार्यालय अनुभाग दो से भाषा, मदन सिंह सीएम ऑफिस एक से युवा कल्याण, पूरन राणा आरईएस से माध्यमिकशिक्षा चार, त्रिलोक सिंह सीएम ऑफिस तीन से परिवहन अनुभाग दो, नरेंद्र रावत आवास अनुभाग दो से बेसिक शिक्षा अनुभाग एक, सोनिया मनराल न्याय एक से आबकारी, विमला धपवाल ऊर्जा दो से आरईएस, राजेंद्र बोनाल कार्मिक दो से वित्त दस, वीरेंद्र कंडारी नियमावली से आवास दो, जेपी मैखुरी शहरी विकास दो से उच्च शिक्षा सात, पदवंती धर्मशक्तू संस्कृति, धर्मस्व से समाज कल्याण एक, आरके पांडे आबकारी से कार्मिक दो, सुधीर नेगी युवा कल्याण से सीएम ऑफिस एक, राजेश दीक्षित भाषा एक से सीएम ऑफिस पांच, अर्जुन सिंह नपलच्याल चिकित्सा शिक्षा से पंचायती राज एक, मदनमोहन जुगरान वित्त दस से आईटी, कमलेश जोशी माध्यमिक शिक्षा चार से वित्त नौ, मीना पंत पुनर्गठन आयुक्त कार्यालय लखनऊ से सुराज व भ्रष्टाचार, देवेंद्र प्रसाद राजस्व दो से माध्यमिक शिक्षा अनुभाग पांच, श्रीधर नैथानी वित्त नौ से ग्राम्य विकास, शशि प्रसाद भट्ट विधायी से गोपन, विजय नैथानी नागरिक उड्डयन से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति दो, महेंद्र सिंह नेगी तकनीकी शिक्षा से समाज कल्याण चार, बाध्य प्रतिक्षा प्रयाग सिंह आपदा प्रबंधन दो, बाध्य प्रतिक्षा मुनेंद्र दत्त सेमवाल पशुपालन एक, चिरंजीलाल सिंचाई एक से राजस्व एक,

राजेंद्र प्रसाद जोशी माध्यमिक शिक्षा से राजस्व दो, सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा बेसिक शिक्षा एक से शहरी विकास दो, बाध्य प्रतिक्षा बिरेंद्र सिंह सीएम ऑफिस तीन, विपिन चंद्र जोशी पुशपालन एक से माध्यमिक शिक्षा, विपिन चंद्र पंत श्रम सेवायोजन से सिंचाई एक, दलीप सिंह फर्स्वाण वित्त तीन से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एक, ज्योतिबाला वित्त चार से तकनीकी शिक्षा, रमेश सिंह रावत स्वास्थ्य पांच से नियमावली प्रकोष्ठ, चंदनराम माध्यमिक शिक्षा पांच से न्याय एक, विक्रम सिंह चौहान पंचायतीराज एक से ऊर्जा दो, प्रीतम सिंह उच्च शिक्षा सात से समाज कल्याण दो, राजेश कुमार यादव पुनर्गठन आयुक्त कार्यालय लखनऊ से आवास एक, विजय कुमार ममगाईं औद्योगिक विकास एक से कार्मिक एक, संदीप शर्मा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एक से श्रम सेवायोजन, बाध्य प्रतीक्षा हरीश सिंह रावत वित्त तीन, बिशन सिंह कुंवर व्यवस्थाधिकारी विधानसभा से स्वास्थ्य तीन, बिलासचंद्र गोदियाल आईटी से स्वास्थ्य पांच, गिरीश चंद्र जोशी सीएम ऑफिस पांच से वित्त चार, बाध्य प्रतीक्षा सुनील कुमार बोहा सीएम ऑफिस चार, सुरेंद्र सिंह नेगी गोपन का दायित्व हटा लिया गया। अब उनके पास सिर्फ वित्त सात रहेगा। हरी सिंह खाद्य एवं नागरिकआपूर्ति से सिंचाई दो, नागेश नेगी मत्स्य पालन से लोनिवि एक, सुधीर कुमार चौधरी को लोनिवि एक से बाध्य प्रतीक्षा में डाल दिया गया है।

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