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मुख्यमंत्री डा0. रमेश पोखरियाल निशंक ने यूनिवर्सिटी आफ पेट्रोलियम एण्ड एनर्जी स्टडीज के अष्टम दीक्षांत समारोह को सम्बोधित किया

देहरादून : मुख्यमंत्री डा0. रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को यूनिवर्सिटी आफ पेट्रोलियम एण्ड एनर्जी स्टडीज के अष्टम दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृष्य में वैकल्पिक ऊर्जा की दिषा में विष्व स्तरीय शोध को प्रोत्साहित किये जाने की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन पेट्रोलियम पदार्थो की उपलब्धता दुर्लभ हो रही है और पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतें आसमान छू रही है। ऐसे में सस्ती एवं टिकाऊ वैकल्पिक ऊर्जा की तलाष करना बेहद आवष्यक है। मुख्यमंत्री डा0. निषंक ने कहा कि आज विदेषों में पढ़ने वाले छात्रों में सर्वाधिक संख्या भारतीयों की होती है और विदेषों में अध्यापनरत व्यक्तियों में भी भारतीय षिक्षकों की बड़ी संख्या होती है। उन्होंने कहा कि इससे यह ज्ञात होता है, कि हमारे देष में उच्च षिक्षा की अवस्थापना सुविधाओं को और विकसित किये जाने की आवष्यकता है, जिससे हमारे छात्र और षिक्षक विदेष जाने की बजाय अपने देष में ही रहें। 

मुख्यमंत्री डा0. निषंक ने समारोह के विषिष्ट अतिथि और केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एस. जयपाल रेड्डी का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की विषिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां के पर्वतीय क्षेत्रों मे सस्ती घरेलू गैस उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ते औद्योगीकरण और जल विद्युत परियोजनाओं पर लगी रोक को देखते हुए केन्द्र सरकार को गैस आधारित पावर प्लांटो के लिए अधिक से अधिक गैस मुहैया करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को षिक्षा का हब बनाया जा रहा है। 

विषिष्ट अतिथि और केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने कहा कि भारत में पेट्रोलियम और ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर अवसर हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि भारत में बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात किया जाता है, परन्तु इसके बाद भी यहां से गत वर्ष 40 बिलियन डाॅलर मूल्य के 50 मिलियन टन पेट्रोलियम पदार्थो का निर्यात किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दषक में भारत में रिफाइनरी उद्योग में अभूतपूर्व क्रांति आयी है। ऊर्जा अब एक सामरिक महत्व की वस्तु हो गई है। मुख्यमंत्री की मांग पर श्री रेड्डी ने कहा कि वे उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में घरेलू गैस के कनेक्षनों को बढ़ायेंगे। 
 
विष्व विद्यालय के कुलपति डा0. पराग दीवान ने विष्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट से लोगों को अवगत कराया। दीक्षांत समारोह में कुल 980 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई, जिसमें 560 स्नातकोत्तर और 420 स्नातक विद्यार्थी थे। विषाल गोयल, अजीत के. चाण्डी को सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर छात्र और परिधि गुप्ता और ए. दीपिका प्रसाद को सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्र का पुरस्कार प्रदान किया गया। विष्वविद्यालय ने श्री कृष्णामूर्ति वेंकट रमन प्रसिद्ध रसायन विज्ञानी, को मानद उपाधि से अलंकृत किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, विष्वविद्यालय के कुलाधिपति एस.जे. चोपड़ा सहित बड़ी संख्या मंे गणमान्य अतिथि, छात्र-छात्रा एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।
 

शीघ्र मलबा नहीं हटाने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी

पिथौरागढ़। दूनकोट मोटर मार्ग नार्मल तिराहे के पास पिछले दस दिनों से मलबे से पटा है। इसके चलते यातायात संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने शीघ्र मलबा नहीं हटाने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। 
दस दिन पूर्व वर्षा के दौरान मोटर मार्ग में भारी मात्रा में मलबा आ गया था। लोगों ने इसकी सूचना लोक निर्माण विभाग को दी। परंतु दस दिन बीतने के बाद भी विभाग ने मलबा नहीं हटाया है। ऐसे में वाहनों के संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना का भी खतरा बना हुआ है। दीवान सिंह भंडारी ने लोनिवि से शीघ्र मलबा हटाने की मांग की है। उन्होंने तीन दिन के भीतर मलबा नहीं हटाने पर क्षेत्रवासियों को साथ लेकर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। 

स्वास्थ्य विभाग दिलायेगा मलेरिया से निजात

हरिद्वार। मलेरिया से निपटने को स्वास्थ्य महकमे ने पूरी तैयारी और सतकर्ता का दावा किया है। इसके लिए उसने जिले में 213 फीवर ट्रीटमेंट डिपो और 350 ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर बनाए हैं। यहां क्लोरोक्लीन और प्राइमाक्वीन आदि दवाएं भी उपलब्ध करा दी गई है। महामारी की स्थिति से निपटने को जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) के नेतृत्व में भी टीम बनाई गई है। 
 
प्री-मानसून के आते ही स्वास्थ्य विभाग और जिला मलेरिया विभाग आने वाली बीमारियों विशेष कर मलेरिया को लेकर सतकर हो गया। इससे निपटने के लिए विभाग ने व्यापक स्तर पर कार्ययोजना तैयार की है। संवेदनशील लक्सर व खानपुर क्षेत्र में विशेष सतकर्ता बरतने के निदेर्श दिए गए हैं। एएनएम और हेल्थ वकर्रों को ज्यादा ब्लड स्लाइड तैयार करने को कहा गया है। इसके अलावा जिले में 213 फीवर ट्रीटमेंट डिपो और 350 ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर भी बनाए गए हैं। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा ड्रग डिस्टीब्यूशन सेंटरों को क्लोरोक्वीन और प्राइमाक्वीन दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। महामारी से निपटने को सीएमओ ने डीएमओ के नेतृत्व में विशेष टीम भी गठित की है। 
 
जिला मलेरिया अधिकारीमलेरिया डॉ. गुरनाम सिंह का कहना है कि से निपटने को महकमा पूरी तरह तैयार है। संवेदनशील लक्सर व खानपुर क्षेत्र में विशेष सतकर्ता बरतने के निदेर्श दिए गए हैं। संवेदनशील व अति संवेदनशील क्षेत्रों में भारत सरकार के मानकों के अंतर्गत आने वाले गांवों में डीडीटी (50 प्रतिशत) का इंडोर स्प्रे कराया जाएगा। मलेरिया को लेकर जून माह में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पीएचसी व सीएचसी स्तर पर गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। 

सीमा सड़क संगठन से स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग

रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि-जवाहरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर न होने से स्कूली छात्रों को आए दिन दुर्घटना होने का भय बना हुआ है। अभिभावकों ने सीमा सड़क संगठन से स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है। 
 
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य स्थित अगस्त्यमुनि-जवाहरनगर में वाहनों की तेज रफ्तार के कारण बच्चे दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। इससे छात्रों व अभिभावकों को हर समय दुर्घटना होने का भय बना रहता है। चार माह पूर्व राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में अध्ययनरत बीएससी की छात्रा वाहन की चपेट में आकर गंभीर घायल हो गई थी, जिसे इलाज के लिए देहरादून ले जाया गया। गत शनिवार को भी 6 वर्षीय छात्रा मोटरसाइकिल की चपेट में आने से वह भी गंभीर घायल हो गई। उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए महाविद्यालय के मुख्य द्वार से जवाहरनगर के अंतिम छोर तक स्पीड ब्रेकर बनाने जरूरी हो गए हैं। जवाहर नगर निवासी पूर्व प्रधानाचार्य जगमोहन सिंह रावत, वचन सिंह दुमागा, अगस्त्य पिब्लक स्कूल के प्रबन्धक महावीर रमोला, केएस पंवार, एसपी मैठाणी समेत कई लोगों ने शीघ्र सीमा सड़क संगठन से स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है। 

बिछाते ही उखड़ने लगी डामरीकरण की परतें

अल्मोड़ा । अल्मोड़ा-कौसानी राजमार्ग में सोमेश्वर-चनौदा के बीच सड़क मरम्मत के लिए बिछाया गया डामर अगले दिन से ही उखड़ने लगा है। चंद्रशेखर मोड़, गिरजाघर के समीप किए गए डामरीकरण की परतें अगले दिन से ही निकलने लगी हैं। दोपहिया वाहनों के लिए यह खतरे का कारण बन गया है। दैवीय आपदा के तहत इस सड़क की मरम्मत के बाद स्थिति बद से बदतर हो गई है। कई जगह अनावश्यक सड़कों को खोद हॉटमिक्स वाली इस मुख्य पर्यटक मार्ग को टल्लेदार बनाने की शिकायत क्षेत्रवासियों ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान सांसद प्रदीप टम्टा से भी की थी। निर्माणदायी एजेन्सी लोनिवि ने 3 माह तक डामरीकरण तो नहीं किया। जब डामरीकरण किया तो अगले दिन की वर्षा ने कार्य की पोल खोल कर रख दी है। बौरारौ संघर्ष समिति अध्यक्ष सुरेश बोरा, राज्य आंदोलनकारी परिषद सदस्य दिनेश जोशी, सांसद प्रतिनिधि हरीश भाकूनी आदि ने सड़क का डामरीकरण कार्य दुरूस्त करने की मांग की है। 

सडक पार कर रहे युवक को ट्रक ने मारी टक्कर,मौत

ऋषिकेश । सडकों पर दुर्घटनाओं का सिलसिला थमता नजर नही आ रहा है । आये दिन सडकों पर घटनाओं को देखा जा सकता है । ऐसा ही हादसा रविवार की रात उस वक्त हुआ जब सड़क पार कर रहे एक वृद्ध को तेज गति से आ रहे ट्रक ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि वृद्ध की गोद से छिटक कर उसका दो वर्षीय पोता बाल-बाल बच गया। 
 
प्राप्त जानकारी े अनुसार डीजीबीआर से सेवानिवृत्त दयाल सिंह नेगी (70) का प्रगति विहार में घर है। रात्रि करीब आठ बजे वह अपने किसी रिश्तेदार को छोड़ कर घर लौट रहे थे। घर के ठीक सामने ही सड़क पार करते समय बाइपास रोड की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक यूजीए 9988 ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दयाल सिंह नेगी सड़क पर गिर गए और ट्रक उन्हें कुचलता हुआ आगे बढ़ गया। उनकी गोद में दो वर्षीय पोता पि्रंस भी था जो टक्कर लगते ही छिटक कर सड़क की दूसरी ओर जा गिरा। वृद्ध को टक्कर मारने के बाद ट्रक पास ही एक दीवार से जा टकराया। चालक ट्रक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। उधर, ट्रक से बुरी तरह कुचले दयाल सिंह नेगी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को राजकीय चिकित्सालय के शव गृह पहुंचाया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया था। देर रात तक चालक का कुछ भी पता नहीं चल पाया था। 

शिक्षा आचार्यों ने दी आत्मदाह की चेतावनी

देहरादून। शिक्षा मित्रों के रूप में समायोजन करने की मांग को लेकर शिक्षा आचार्य पिछले समय से ननूरखोड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। वहीं भूख हड़ताल पर बैठे दो शिक्षा आचार्यों की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने देर शाम उन्हें कोरोनेशन अस्पताल में भरती कराया था। आज चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत में सुधार आना बताया गया है। शिक्षा आचार्यों ने आज यहां चेतावनी देते हुए कहा कि मांगे पूरी न होने की दशा में वह आत्मदाह कर सकते हैं। 
अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर ननूरखोड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय पर बैठे शिक्षा आचार्यों के आंदोलन को आज 47वां िदन है। शिक्षा आचार्य पूरण सिंह राणा, वीरपाल, हरि सिंह, देवेन्द्र सिंह, सूरत सिंह, जयेन्द्र सिंह, अनु राणा, अरूण वर्मा, श्यामलाल सहित अनेकों शिक्षा आचार्य अनशन पर बैठे थे। शिक्षा आचार्यों की मांग है कि उन्हें शिक्षा मित्रों के रूप में समायोजित किया जाए। निदेशालय में बैठे शिक्षा आचार्यों ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से मांगो को लेकर बैठे काफी समय हो गया है किन्तु सरकारी तंत्र उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। जिससे उनमें रोष बढ़ गया है। 

ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर दो की मौत, एक घायल

हरिद्वार । हरिद्वार के भोगपुर गांव के पास एक ट्रैक्टर ट्राली और मोटरसाइकिल की भिडं़त में दो व्यिक्तयों की मौत हो गयी और एक घायल हो गया । 
 
पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि मोटरसाइकिल से तीन युवक कहीं जा रहे थे। तेज आंधी चल रही थी और सामने से आ रहे ट्रैक्टर ट्राली से उनकी मोटरसाइकिल टकरा गई। हादसे में दो युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि एक अन्य घायल हो गया । 
 
सूत्रों के अनुसार, मृतकों में से एक नाम रवि कुमार और दूसरे का नाम रामपाल है । घायल युवक को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है । 

तीन पशु तस्कर दबोचे

देहरादून। पुलिस ने पशु चोर गिरोह का खुलासा कर दिया है और इस मामले में तीन लोंगों को गिरफतर करने में कामयाबी हासिल की है । गोवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर उन्हे कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज िदया है। 
पुलिस ने जानकारी दी कि पशु तस्करी मंें लिप्त वाहन सीज कर िदया गया है। वाहन में दो गाय लादी गई थी जिन्हें पुलिस ने मुक्त करा लिया है। बताते चलें कि राजधानी के अलग-अलग जगहों से पशु चोरी की बढ़ते मामलों के मद्देनजर पुलिस ने चौकसी बरती हुई है। पिछले समय शहर कोतवाली पुलिस ने सहारनपुर के पशु चोरों को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। तब पता चला था कि यहां से चोरी कर पशुओं को सहारनपुर की जानवरों की मण्डी में औने-पौने दामों में बेचा जाता है। सूत्रों की माने तो एक बार फिर से सहारनपुर का पशु चोर गिराहे राजधानी में इस धंधे को बड़े पैमाने पर अंजाम दे रहा है। 

शराब तस्करी में संलिप्त तीन धरे

विकासनगर। सहसपुर पुलिस ने झाझरा में चेकिंग के दौरान कार से शराब तस्करी करते तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से अंग्रेजी शराब चंडीगढ़ ब्रांड की 300 बोतलें बरामद की गई हैं।
 
थाना सहसपुर पुलिस को लंबे समय से जानकारी मिल रही थी कि चंडीगढ़ से अवैध तरीके से शराब लाकर दून में तस्करी हो रही है। सोमवार सुबह मुखबिर ने थानाध्यक्ष सूर्यभूषण नेगी को सूचना दी कि एक कार से भारी मात्रा में शराब दून जा रही है। इस पर पुलिस ने सुबह करीब पौने आठ बजे झाझरा बालाजी धाम के पास चेकिंग में एक स्विप्ट कार पकड़ी। तलाशी लेने पर कार से तीन सौ बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। गोरखधंधे का खुलासा होने पर तीनों आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान राहुल शिरोही पुत्र देवेंद्र सिरोही निवासी गंगानगर फेस द्वितीय, मकान नंबर 103/2 मवाना रोड मेरठ, चरणजीत पुत्र बलबीर निवासी ओल्ड डालनवाला गुरुरोड देहरादून व रविकुमार पुत्र चंद्रप्रकाश, निवासी मकान नंबर-288 करणपुर डालनवाला देहरादून के रूप में बताई है। पुलिस ने शराब की तस्करी में स्विप्ट संख्या डीएल-6 सीके-5024 को सीज कर दिया और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया है। थानाध्यक्ष के अनुसार, अंग्रेजी शराब चंडीगढ़ से लाकर देहरादून में सप्लाई की जानी थी। 

Nainital forest division has launched ‘operation monkey’

Haldwani: To get rid of the monkey menace that has adversely affected normal life in the lake city, the Nainital forest division has launched ‘operation monkey’ capturing about one thousand monkeys. Of late with increasing encroachment of the monkeys in human habitation, the number of cases of man-animal conflict has also gone up here. The tour operators, hoteliers seems to be the most worried with this monkey menace.

The matter of concern is that the monkeys have become so familiar with the human being here that they not only snatch all the edibles or other belongings from the tourists or visitors, but also bite them which is very concerning, said Dinesh, a hotelier.But whereas last year among other civic agencies, the tourism sector also joined hands with the Forest department to do away with the monkey menace, this year the Forest department is conducting this operation on its own. During the previous year the local civic body, the Nainital municipal council (NMC) greatly supported us in this exercise. But this year it has not come forward. So we had to launch it on our own, said Kailash Suyal, ranger, the Nainital forest division. He is spearheading this drive this year too.More so, the NMC also hired a team of experts who had expertise in handling monkey affairs from Mathura. This year it seems because of high fee of this expert team the NMC did not call the team, the ranger further said.He added, “During the previous year we learnt monkey capturing technique from the team of experts from Mathura as we were leading that operation too so we are not facing much problem in taking on the wild animals. So far, we have captured about 1,000 monkeys from the lake city and its adjacent areas and this drive would continue for the time being.”Now the primary concern before the forest team is where these capture monkeys should be dropped. During the previous year, they the foresters had to face a lot of criticism and opposition from the adjacent villagers as monkeys were being dropped in their villages. The villagers of Pangrut, Bagar, Bajyune, Mangoli, Nalini to name a few are of the opinion that the monkey cause a lot of damage to their crops and other belongings. This year too it seems the same problem has arisen before the Forest department. But the concerned official claimed that this year these monkeys are being dropped in the Corbett Tiger Reserve area in view of locals’ objection. 

 

More than 1,100 students caught cheating

Dehradun: More than 1,100 students caught while copying in ongoing bachelor degree examinations by the administrative officers in various colleges of HNB Garhwal University. This was reveal by the university Examination Controller KD Purohit while talking on Sunday. Purohit said that around 1.5 lakh students of different streams are appearing in the exam organised at 111 various examination centres in the university. More than 1,100 students caught including 500 caught in DAV (PG) College while copying in the exam by the administrative officers. He expressed displeasure over the large number of students caught while copying in the degree examination and said that university is planning to modify its rule for reducing such cases in the examination. In order to conduct free and fair examination, flying squads are being deployed at different examination centres in the university. DAV (PG) College Principal BL Nautiyal said that the examination is being conducted with tight security in the college. Twenty-eight students have been caught for carrying fake admit cards in the college. To ensure smooth conduct of examination examinees were allowed to enter into the premises with mobile phone, calculators, any reference books and others. Strict action was taken against students, who caught coping by during the examination,” he added. The examination will be concluded by May 31 in the college. 

Six 108 emergency ambulances to be introduced on the Char Dham Yatra route

Pauri Garhwal:  Six 108 emergency ambulances will be introduced in the Char Dham Yatra route on couple of days, Theses ambulance will be deployed in Byasi, Harshil, Ranachatti, Gauri Kund, Pandukeshar and Aadibadri in the Yatra route.In addition to this, 15 ambulance services are operating from Rishikesh, Devprayag, Srinagar, Rudraprayag, Karanprayag, Nandprayag, Joshimath, Agustmuni and Guaptkashi, Chamba, Khaldhar, Dharasu, Uttarkashi, Bhotari and Barkot on the way to yatra route.

The inclusion of six ambulances in the Deen Dayal Uppadhaya Dev Bhumi 108 emergency service, the total has increased to 21 in the Char Dham Yatra route.The Operation Executive 108 emergency service Pauri district Arvind Sharma, said that this services has successfully completed three years of operation in the Uttarakhand. At present 108 ambulance were in the emergency service in the State and 24 big and 7 Summo ambulance will be included in fleet, out of these six will be placed in the char Dham Yatra route. The maximum number of ambulance is in the Pauri district and the proposal of ambulance to Kot and Dugadda block has been sent to the authority. Briefing to media, Sharma said that GVK and EMRI signed MOU with the Health department of the Uttarakhand on March 8, 2008 and started the operation of the 108 emergency service from May 15, 2008 with ten 108 emergency ambulance. Nine Operation executive and 800 employees named EMT and pilot working in this project in the whole State. Sharma said that under the Public Private Partnership, State acting as Public and functioning funding for this service and GVK Hyderabad functioning the management including the appointments. 

5 dead and 2 injured in a road mishap

Dehradun: Five persons died and two injured in a road accident at Devprayag on Sunday. In which a Tata Sumo, which was coming from Badrinath, fallen into deep gorge near Devprayag. The vehicle was carrying seven passengers, it turned turtle near Devprayag and fallen into deep gorge leading to death of five persons including driver on the spot while two other received serious injuries, said SP of Tehri district Rajiv Swarup. As the vehicle reached nearby Devprayag, the driver lost control of the vehicle and met an accident.Immediately after the incident, police reached the spot and started rescue operation which took more than an hour. However, injured were taken to base hospital at Srinagar, where their treatment were going on and condition is said to be stable, said doctor. Besides it, four persons injured when a four wheeler fallen into deep gorge near Chamba in Tehri district. The vehicle was coming from Uttarkashi district. Injured were taken to hospital where their condition is under control. 


Implementation of subsidised ration scheme to be delayed

Nainital: The much-talked subsidised ration scheme, in which now the State Government also wants to cover APL card holders, is unlikely to be implemented from June, as it had been decided earlier.

Tedious tendering process to be launched for procuring additional ration under this scheme coupled with administrative hurdles may prolong implementation of this popular scheme. It is worth mention that availability of ration below sanctioned quota in the State still seems to be main worrying factor for the Government. Whereas the State requires over 60,000 metric tonne per month to 68,000 metric tonne per month foodgrains, availability of the same under the Public Distribution System (PDS) remains only around 25,000 metric tonne per month. As a result of this presently there is acute shortage of subsidized ration particularly for APL cardholders even in the Nainital district. While the APL card holders belonging to the hilly part of the district get only 5 kg rice per month and the same card holders belonging to plains of the district always remain deprived of their sanctioned quota of rice.Similarly, though the APL card holders get their due quota of wheat in the hilly part of this district, in plains they get only six kg of wheat. However, there is no shortage of foodgrains for BPL cardholders here.In Nainital district whereas demand for rice from the APL card holders on an average remains around 3,000 metric tonne per month, the supply remains only around 440 metric tonne per month. Similarly, the APL cardholders’ demand for wheat remains around 4,500 mt per month while the supply of the same remains only around 2,279 mt per month. So now the Government’s decision to provide 10 kg each wheat and rice to all APL cardholders may definitely put additional pressure. So as this popular scheme has to follow tendering process so we are of the view that the APL ration card holders may start getting ration only from July or August, said Rahul Sharma, district supply officer (DSO), while talking to the media. However, he maintained that all the basic homework has been done. Data in this regard been submitted to the Government. This scheme was launched from February 1 for APL, BPL card holders.At the same time there are about 2.37 lakh APL cardholders, about 16,000 of BPL cardholders and about 18,000 antodaya card holders on the districts. 

Security arrangements tight for Hemkund Sahib Yatra, starting from June 1

Dehradun: In view of Hemkund Sahib Yatra, which is schedule to begin by June 1, elaborate security arrangement has been made for it, said SP Rural Girish Chandra Dhyani after reviewing the security preparedness ahead of yatra.

Large numbers of visitors from Himachal Pradesh, Punjab, Haryana and Uttar Pradesh to visit the Hemkund Sahib. Police, who are stationed nearby the border areas of UP and Himachal Pradesh, have been asked to intensify their searching drive of the vehicles, whosoever caught carrying hockey sticks, cane and sword, which are strictly banned during yatra, should be penalised on the spot.Visitors especially youths often prefer private vehicle rather than public means of transportation and travel in group. Sometimes they create nuisance and behave rudely with other commuters, shopkeeper and even police part from making lewd comments against the women. To avoid such repetition during this season police has taken all the precautionary measures and if anyone caught doing this will be dealt with iron hand, said SP Dhyani. Police has strictly prohibited the tripling on bike. Visitors also travel in vehicles without roof which would debarred from the yatra, he added.

For the convenience of tourist, police has planned to provide booklet containing guidelines for the yatra and pamphlet among the visitors in Gurumukhi script. Big signboards would also be displayed on yatra route in collaboration with management committee of Hemkund Sahib. Police has also planned to take assistance of Punjabi TV channels to communicate the message related to the yatra among the visitors.  SP Rural Dhyani reviewed the security arrangements ahead of yatra after instruction of DIG Garhwal range Deepam Seth, who has been made in-charge of traffic. Meanwhile, like Char Dham Yatra, SP Pauri Arun Mohan Joshi has been appointed as nodal officer of the Hemkund Sahib Yatra also. Stressing on traffic management, Dhyani said breath analyzers have been given to police constables to debar those people from the yatra who were found drunken. Apart from it, RTO has been asked to check the fitness of the vehicles and debar those vehicles which would be found unfit, said SP Dhyani. 

Anna Hazare to address a public gathering in Dehradun on June 1

Dehradun: Social activist Anna Hazare whose protest fast-unto-death in Delhi had elicited support of Indians from across the nation in support of an empowered Jan Lokpal Bill will address a public gathering in Dehradun on June 1. Various social organisations and public groups are preparing for the anti-corruption campaign which will be launched by Hazare, Arvind Kejriwal and Swami Agnivesh in Dehradun.

The Uttarakhand Mahila Manch coordinator Kamala Pant said that the arrival of Hazare and other noted activists will help in organising public under a single banner to fight against corruption in the State. This initiative against corruption can be developed in to a large movement in the State, she added. Trepan Singh Chauhan of Chetna Andolan said that the anti-corruption movement in Uttarakhand has presently lost momentum and will gain a fillip with the visit of Hazare and other activists. The Uttarakhand Lok Vahini, Uttarakhand Mahila Manch, Chetna Andolan, Unemployed Youth Organisation, Kedar Ghati Bachao Sangharsh Samiti and other those involved in organising this campaign which is also being supported by various other employees associations and public groups. Leaders of the groups organising the campaign have expressed concern at the fact that during the 10 years since formation of Uttarakhand, the State has become a stronghold of corruption. Severe corruption in the functioning of successive State Governments and in the Government machinery has prevented the State from achieving the level of development desired by those who fought for and sacrificed their lives for the creation of the State. The issues which guided the public struggle for Statehood including the establishment of the State capital at Gairsain have been ignored consistently by both the Congress and BJP State Governments. At a time when villagers across the State are protesting against large hydro power projects and women are protesting against the activities of the liquor mafia, the public awareness campaign to be started on June 1 will elicit the attention and action of those citizens who have become apathetic towards corruption. The campaign will be held in all the Districts and conclude in Dehradun. 

14 Tigers died in Uttarakhand this year

Dehradun: The latest death of a tiger in Ramnagar forest division has increased the tally of tiger deaths in Uttarakhand this year to 14 which also includes cubs carried in the womb of a tigress that was found dead. While some wildlife activists are of the opinion that the crores being spent by the Government on the Corbett Platinum Jubilee should be used instead for tiger conservation, forest department officials reason that it is not possible to prevent natural deaths of tigers or other wild animals.  In case the latest death was caused by poisoning, it is the result of human-wildlife conflict which cannot be redressed by the forest department alone, Principal Chief Conservator of Forests (Wildlife) and State Chief Wild Life Warden Shrikant Chandola said.

On Saturday, a tiger was found dead near a water course in Kaladhungi range of Ramnagar forest division. According to the Wildlife Protection Society of India's Uttarakhand head Rajendra Agarwal, there is a strong possibility that the tiger died from eating a poisoned carcass because after consuming poison a feline heads for a water source to quench the thirst caused by the toxic.  Chandola said that considering the fact that at least 14 tigers have died in Uttarakhand this year, the Rs 4.5 crore allocated by the State Government for the Corbett Platinum Jubilee celebrations should have been utilised for wildlife conservation to prevent such deaths. The PCCF (Wildlife) said that in case one has a complaint regarding the funds allocated for the Corbett Platinum Jubilee, the person should approach the State Government.  

Chandola said that it is practically impossible to prevent the natural death of wild animals including tigers in the wild. In the worst case scenario, if the latest tiger death has been caused by villagers poisoning the carcass of cattle killed by the tiger, it is an indirect result of human-wildlife conflict which cannot be resolved by the forest department alone. Responding to the fact that this was the fourth tiger death in Ramnagar forest division this year, he said that, according to the survey conducted by the Wildlife Institute of India, the tiger population of Ramnagar forest division is one of the few places in India where the tiger population is swelling outside protected forest areas. An increase in the population will naturally result in an increase in the number of natural deaths, he said. 

Rudrapur MLA arrested; released later

Dehradun: Rudrapur MLA Tilak Raj Behar was arrested along with two of his supporters to prevent him from protesting and disrupting the public gathering addressed by Chief Minister Ramesh Pokhriyal Nishank at Kashipur on Sunday. Though Behar was later released, his arrest has elicited strong opposition from Congress leaders and workers.T

he Congress MLA had announced his decision to oppose the Kashipur visit of the Chief Minister as soon as the visit was announced. He alleged that due to the apathy of the BJP, no important development work had been executed in Rudrapur during the four years of the present State Government. Behar averred that since the State Government had not facilitated any development in the region there was no point in the CM visiting Kashipur and addressing the public on development works and related issues.  He stressed that he would oppose the public gathering along with his supporters carrying black flags considering which he was put under house arrest on Sunday morning. Policemen posted outside his home kept him restricted to his house for some time but the MLA was able to give the police the slip. Behar reached the venue of the meet to be addressed by the CM along with two of his supporters, causing some anxiety among police officers present at the site. The CM was yet to reach the venue when the MLA was arrested with his two supporters and taken to the police lines from where he was later released. 

यात्रा मार्गो पर दौडेंगी 6 नई एम्बुलेंस

पौड़ी गढ़वाल । चारधाम यात्रा मार्गो पर 6 नई मोबाइल 108 सेवा तैनाती की जाएगी। पांडुकेश्वर, गौरीकुंड, आदीबदरी, व्यासी, हर्षिल व स्यानाचट्टी में ये वाहन तैनात रहेंगे। 
 
पंडित दीन दयाल उपाध्याय मोबाइल सेवा 108 तीन वर्षो से लगातार सड़कों पर दौड़ रही है। मोबाइल 108 की सेवाओं को देखते मुख्यमंत्री ने 108 मुख्यालय के लिए 4.5 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाने के साथ ही 45 नए वाहन देने की घोषणा की है। इसके अलावा 108 को सफल संचालन पर 3 लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया है। मोबाइल 108 प्रभारी अरविंद शर्मा ने बताया कि यात्रा मार्गो पर 6 नई मोबाइल 108 सेवा शुरू की जा रही है। इन एम्बुलेंसों की जल्द ही क्षेत्रों में तैनाती कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में मोबाइल 108 और भी कई अहम जिम्मेदारियां निभाने की तैयारी कर रही है और सरकार भी जिम्मेदारियां सौंपना चाह रही है। उन्होंने कहा कि पौड़ी जनपद में 31 हजार 830 काल एक साल में आई और इन काल के माध्यम से 20 हजार से अधिक लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। 
 

ग्रामीणों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

नई टिहरी। बाल गंगा नदी पर निर्मित गुनसोला लघु जल विद्युत परियोजना से प्रभावित चानी गांव के ग्रामीणों तथा परियोजना प्रबंधक के बीच चल रहा विवाद थम नहीं रहा है। ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधक पर वादा खिलाफ का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है। 
 
बालगंगा नदी पर चानी में निर्मित गुनसोला लघु जल विद्युत परियोजना निर्माण कार्य से ही विवादों से घिरी रही है। परियोजना के निर्माण से प्रभावित चानी के ग्रामीण विगत दो वर्षो से अपने हक हकूक की मांग को लेकर गुनसोला लघु जल विद्युत परियोजना के खिलाफ धरना प्रदर्शन व चक्काजाम करते आ रहे हैं। ग्रामीण उत्तम चंद, सुमेर सिंह, बित्र्कमा सिंह, देवेंद्र प्रसाद, गजेंद्र सिंह, मोर सिंह आदि लोगों का कहना है कि गुनसोला लघु जल विद्युत परियोजना से उन के खेत, घराट तथा गौशालों को भारी क्षति हुई है लेकिन अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। प्रभावितों का कहना है कि पूर्व में जिलाधिकारी के मध्य कंपनी प्रबंधक तथा ग्रामीणों के बीच कुछ बिंदुओं पर वार्ता हुई थी कि ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर उनकी फसलों का फसलाना तथा कटे खेतों का शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन एक वर्ष बाद भी ग्रामीणों को कुछ नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 जून तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो मजबूरन चानी के ग्रामीणों को धरना प्रदर्शन व आमरण अनशन को बाध्य होना पड़ेगा। 

तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे वाहन

पौड़ी गढ़वाल। श्रीनगर, कोटद्वार और देवप्रयाग से पौड़ी पहुंचने वाले वाहनों को दो से तीन घंटे तक जाम का सामना करना पड़ रहा है। शहर की सड़कें अत्यंत व्यस्त हैं। नए पुलिस अधीक्षक ने इसे चुनौती के तौर पर लिया था, लेकिन पुलिस भी इस समस्या से लोगों को निजात नहीं दिला पा रही है। 
 
पौड़ी में पन्द्रह दिन पहले नए पुलिस अधीक्षक अरुण जोशी ने पदभार ग्रहण करने के बाद स्पष्ट कहा कि यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना वे चुनौती के तौर पर ले रहे हैं। इसके लिए पुलिस को सख्त निदेर्श जारी किए जाएंगे, लेकिन पुलिस यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं कर पा रही है। आलम यह है कि श्रीनगर, कोटद्वार व देवप्रयाग से पौड़ी पहुंचने वाले वाहनों को 2 से 3 घंटे जाम में फंसना ही पड़ रहा है। अपर बाजार, माल रोड, एजेंसी, लोनिवि के सामने जाम से स्थिति दिनभर खराब है। हालांकि, हर चौराहे पर पुलिस के इंतजाम हैं, पर तमाम इंतजाम कोई काम नहीं आ रहे। अब पुलिस को भी बस अड्डे के तैयार होने का इंतजार है। जब तक बस अड्डे पर क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण नहीं हो जाता तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग छंगा बाबू का कहना है कि जून के दूसरे हफ्ते तक सड़क दुरुस्त कर ली जाएगी और उसके बाद यातायात व्यवस्था ही सुधार हो जाएगा। 
 
पुलिस अधीक्षक अरुण जोशी का कहना है कि यातायात में सुधार के लिए पुलिस पूरी मेहनत कर रही है और यही वजह भी है कि जाम छंट भी रहा है। बस अड्डा दुरुस्त होने तक स्थितियां ऐसी ही बनी रहेंगी। 

बैराज मार्ग में जल भराव से दिक्कतें बढ़ी

टनकपुर। रविवार को जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। जगह-जगह जल भराव से लोगों को दिक्कतें भी बढ़ गई। मैदानी क्षेत्र में हुई वर्षा से जहां जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली। नगर में जगह-जगह जल भराव से लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। टनकपुर बैराज मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण कई स्थानों पर जल भराव की स्थिति पैदा हो गई। खड्ढों में जल भराव होने से न सिर्फ लोगों को बल्कि नेपाल स्थित सिद्घनाथ मंदिर को जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों से दो चार होना पड़ा। टनकपुर-बैराज क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक किये जाने की मांग काफी समय से उठायी जा रही है। लेकिन इस और एनएचपीसी प्रशासन अनदेखी करता आ रहा है। जिससे इस मार्ग में हर समय दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। हालांकि रविवार को हुई वर्षा से लोगों ने भीषण गर्मी से जरुर राहत की सांस ली। साथ ही यह वर्षा आम व लीची के फलों के अलावा धान की पौध के लिए भी फायदेमंद बतायी जा रही है। 
 

सौंदर्यीकरण की मांग को लेकर अनशन पर डटे रहे

श्रीनगर गढ़वाल। धारी देवी सिद्धपीठ मंदिर के सौंदर्यीकरण की मांग को लेकर सतीश थपलियाल की भूख हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। डॉक्टरों के दल ने मौके पर पहुंचकर आन्दोलनकारी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। डॉक्टरों के अनुसार स्वास्थ्य में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। 
 
धारी देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग को लेकर मंदिर परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे सतीश थपलियाल का आन्दोलन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए मंदिर का सौंदर्यीकरण नहीं होने दे रहे हैं। साथ ही जल विद्युत परियोजना के निर्माण कार्य का भी विरोध किया जा रहा है। जबकि जल विद्युत परियोजना के निर्माण से क्षेत्र में विकास होगा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि धारी देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण से इसकी सुंदरता में भी वृद्धि होगी और क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी मानचित्र में जगह बनाने में कामयाब होगा। इसका लाभ क्षेत्रीय युवाओं को भी मिलेगा। 
 
थपलियाल ने कहा कि मंदिर सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू नहीं होने तक उनका आन्दोलन जारी रहेगा। उससे पूर्व किसी भी कीमत पर वह अपना आन्दोलन वापस नहीं लेंगे। वहीं आन्दोलन स्थल पर पहुंची चिकित्सकों की टीम ने परीक्षण के बाद उनके स्वास्थ्य में आंशिक गिरावट दर्ज किए जाने की जानकारी दी। 
 

विधायक से अभद्रता करने वाला एक और आरोपी गिरफ्तार

पौड़ी गढ़वाल। श्रीनगर विधायक बृजमोहन कोटवाल के घर में जाकर गाली-गलौच करने वाले तीन युवकों में से दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी अभी भी फरार है। 
 
गौरतलब है कि 26 मई को सुबह विधायक बृजमोहन कोटवाल के घर जाकर तीन युवकों ने उनसे अभद्रता की थी। इस मामले में विधायक ने तीन युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने सकिर्ट हाउस निवासी करण सिंह को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था, जबकि 28 मई की शाम एक अन्य आरोपी रॉबिन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, तीसरा आरोपी हर्षवर्धन गौड़ अभी भी फरार है। थानाध्यक्ष विमल टम्टा ने बताया कि सतपुली समेत अन्य जगहों पर दबिश दी जा रही है, जल्द ही तीसरे आरोपी को भी पकड़ लिया जाएगा। 

पूर्व सैनिकों को दी जाएंगी सुविधाएं

रुड़की। बीईजी एंड सेंटर रुड़की के कर्नल संदीप सुधीश ने कहा कि देश की रक्षा को अपना पूरा जीवन न्यौछावर करने वाले पूर्व सैनिकों को हरसंभव सुविधाएं दी जाएंगी। उनकी समस्याओं का जल्दी ही निस्तारण किया जाएगा। वे रविवार को बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर में भूतपूर्व सैनिकों के वार्षिक पुनर्मिलन कार्यत्र्कम को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रहे थे। 
बीईजी एंड सेंटर के कर्नल संदीप सुधीश ने कहा कि जिन सैनिकों ने अपने जीवन का अमूल्य समय देश की सुरक्षा में लगा दिया, उनकी सुविधाओं में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पूर्व सैनिकों के लिए सेंटर में एजुकेशन वैलफेयर, प्लेसमेंट सेल, मेडिकल आदि की सुविधाएं दी गई हैं। 
 
पूर्व सैनिक लीग के हरिद्वार जिले के अध्यक्ष सेवानिवृत कर्नल गजाधर प्रसाद जोशी ने कहा कि पूर्व सैनिकों के लिए तीन विश्रामगृह खोले गए हैं। इनकी सेवा कभी भी पूर्व सैनिक प्राप्त कर सकते है। शमशेर सिंह ने कहा कि सैनिकों के लिए वाहनों की खरीदारी के लिए केवल पंजाब में ही छूट है। उत्तराखंड में भी यह सुविधा दी जानी चाहिए। कर्नल आरएस मनकोटिया ने बताया कि पूर्व सैनिकों को बीमारी का इलाज कराने के लिए ईसीएचएस सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ईसीएचएस के पहले से ही 12 शहरों में सेंटर हैं और सात शहरों में सेंटर खोलने की तैयारी की जा रही है। 
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल थापा ने पूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी की संभावना बताईं। 
पूर्व सैनिक लीग जिला हरिद्वार के अध्यक्ष सेवानिवृत कर्नल गजाधर प्रसाद जोशी ने बीमारी के कारण अध्यक्ष पद छोड़ दिया। वह इस पद पर 15 साल से कार्यरत थे। उनके स्थान पर सेवानिवृत बि्रगेडियर डॉ. आरएल अग्रवाल ने कार्य करने की सहमति दी। 

चोर गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपी गिरफ्तार

किच्छा। पुलिस ने मोबाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनके पास से पुलिस ने तीन बाइक भी बरामद की हैं। एसएसपी ने इस उपलिब्ध पर पुलिस टीम को दो हजार रुपये ईनाम की घोषणा की है। 
 
पुलिस के मुताबिक एसआइ डीएस बिष्ट, दिनेश फत्र्याल, कांस्टेबिल शमीम, प्रणय राठी, रविंद्र बिष्ट पुलभट्टा चौकी पर वाहनों की चैकिंग कर रहे थे। उसी बीच दो बाइक पर किच्छा से बहेड़ी की तरफ जा रहे युवकों को रोकने का प्रयास किया गया। ऐसे में बाइक सवार पुलिस को देख भागने लगे। आखिरकार वे पकड़ लिए गए। पकड़े गये युवकों के पास वाहन से संबंधित कोई कागजात नहीं मिले। उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने दोनों मोबाइक चोरी की होने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक और बाइक गोला नदी के पुल के पास से बरामद हुई। पकड़े गये युवकों ने अपनी पहचान रवि कुमार उर्फ लादेन पुत्र घनश्याम निवासी खटीमा, शफाकत पुत्र लल्ला निवासी छिनकी किच्छा बताया। उनके पास से बरामद हीरो होंडा पैशन यूए 06 जी 9266, डिस्कवर यूए 06 एम 3194 रुद्रपुर तथा एलएमएल फ्रीडम यूए 06 ए 7411 खटीमा से चोरी की थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 

शराब की दुकान बंद करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी

उत्तरकाशी। गेंवला में शराब की दुकान बंद करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। अंग्रेजी शराब की दुकान को बंद करवाने की मांग को लेकर गेंवला ब्रह्मखाल के ग्रामीण शुत्र्कवार से शराब की दुकान के आगे धरने पर बैठ गए थे। 
 
अटल आदर्श ग्राम पंचायत गेंवला में हाल ही खुली शराब की दुकान खुलने से लेकर अब तक ग्रामीणों का विरोध झेल रही है। वहीं, ग्रामीणों को आरोप है कि शराब वित्र्केता अंकित मूल्य से भी ज्यादा दाम पर बेच रहे हैं। गेंवला के ग्रामीण अब शराब की दुकान के विरोध में शुत्र्कवार से धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि ब्रह्मखाल जुणगा मोटर मार्ग में खोली गई अंग्रेजी शराब की दुकान को शीघ्र बंद किया जाए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को भी ज्ञापन भेज दुकान को बंद करवाने के लिए शीघ्र कारर्वाई करने की मांग की। ग्रामीणों की ओर से धरने पर सरवीर चंद, मानेंद्र सिंह, सोहन लाल भारती, करण सिंह, प्रकाश, रोशन लाल, गिरीश रावत, मुकेश रावत, प्रीतम रावत समेत अन्य मौजूद थे। 

गणाईगंगोली में पेयजल को लेकर हाहाकार

पिथौरागढ़। गणाई में योजनाओं का सुधार नहीं होने से पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। क्षेत्रवासियों ने शीघ्र जलापूर्ति सुचारु नहीं करने पर जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। गणाई कस्बे को जलापूर्ति करने की योजना पिछले एक पखवाड़े से ठप पड़ी हुई है। कस्बे में स्थापित किए गए हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। ऐसे में लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बें के व्यवसायी सहित अन्य लोग गाड़ गधेरों से जलापूर्ति करने को मजबूर हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों द्वारा इसकी सूचना एक सप्ताह पूर्व जल संस्थान को दी थी। परंतु अभी तक विभाग द्वारा न ही योजना में सुधार किया गया है और नहीं खराब पड़े हैंडपंपों को सुधारा गया है। इससे लोगों में आत्र्कोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने शीघ्र योजना का सुधार और खराब पड़े हैंडपंपों का सुधार नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। 
 

चोरों ने उड़ाई सिनेमा हॉल की तिजोरी

पिथौरागढ़। चोरों ने पिथौरागढ़ नगर के सिनेमा हॉल की तिजोरी उड़ा ली। पुलिस ने सिनेमा हॉल से आधा किलोमीटर दूर तिजोरी बरामद कर ली। 
 
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की देर रात में चोरों ने सिनेमा हॉल का ताला तोड़कर वहां रखी भारी भरकम तिजोरी उड़ा ली। चोरी का पता रविवार की सुबह लगा। संचालकों ने इसकी सूचना पुलिस को को दी। पुलिस ने सिनेमा लाइन से लगभग आधा किलोमीटर दूर डॉट पुल के गधेरे से तिजोरी बरामद कर ली। चोर तिजोरी नहीं खोल पाये थे। समझा जा रहा है कि चोरी में एक से अधिक लोग शामिल थे। 

गेहूं से लदे दो ट्रक लापता, हड़कंप - सात लाख रुपए मूल्य का था गेहूं

 हरिद्वार । उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद से सात लाख रुपए मूल्य का गेहूं लेकर किच्छा के लिए चले दो ट्रक रास्ते से ही गायब हो गये। परेशान व्यापारी व ट्रांसपोर्टर ट्रकों की खोज में लालकुआं समेत यूपी व उत्तराखंड के अनेक शहरों की खाक छान रहे हैं। 

यूपी के बहराइच जिले के महिपुरूवा व मटेरा से दो दस टायर वाले ट्रक यूके 06 सीए/1080 व यूके 06 सीए/ 3840 विगत 23 मई को तीस-तीस टन गेहूं लेकर किच्छा के लालपुर स्थित द्वारकाधीश फ्लोर मिल के लिए चले थे। उक्त गेहूं की कीमत लगभग सात लाख रुपये बताई जा रही है। उक्त दोनों ट्रक अपने नीयत समय पर भी जब किच्छा नहीं पहुंचे तो गेहूं की सप्लाई करने वाली फर्म प्रहलाद राय मुरलीधर ट्रेर्डस महिपुरवा व हर्ष ट्रेर्डस शंकरपुर बहराइच ने ट्रक भेजने वाले नानपारा के ट्रांसपोर्टर देवेन्द्र सिंह उर्फ बब्लू से संपकर किया। जिस पर देवेन्द्र ने चालकों व वाहन स्वामियों के मोबाइल नंबरों पर बात करनी चाही तो सभी नंबर बंद मिले। 
 
परेशान गल्ला सप्लायर फर्मो के स्वामी अजय अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सरताज व ट्रांसपोर्टर देवेन्द्र सिंह उर्फ बब्लू पिछले चार दिन से बरेली, बहेड़ी, किच्छा, रुद्रपुर, बाजपुर व लालकुआं की खाक छान रहे हैं। अभी तक लापता ट्रकों का पता नहीं चला है। व्यापारी संजय अग्रवाल ने बताया उन्होंने आरटीओ कार्यालय में ट्रकों के नंबरों की जानकारी ली तो एक नंबर टाटा 407 का निकला और दूसरा नंबर अभी दिया ही नहीं गया है। उन्होंने बताया की घटना की रिपोर्ट नानपारा कोतवाली में दर्ज कराएंगे। 

आग लगने से लाखों का नुकसान

हरिद्वार। शाट सकिर्ट की वजह से आटो इंजीनियरिंग शाप में रखा सामान जलकर राख हो गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। नुकसान की कीमत लाखों की आंकी जा रही है। पुलिस के अनुसार ज्वालापुर थानाक्षेत्र अंतर्गत ऊंचा पुल के पास नीरज शर्मा की आटो इंजीनियरिंग शाप है। रविवार की सुबह वकर्शाप में शॉट सकिर्ट के कारण आग लग गई। आग की लपटों ने बैटरियां को अपनी चपेट में ले लिया। धुंए को उठता देख लोगों ने शोर मचाया, जिससे मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। आग लगने की जानकारी मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी पीके शाह ने आग लगने का कारण शार्ट सकिर्ट बताया है। 

इस माह वेतन को तरसेंगे कर्मचारी

चम्पावत। जनपद के औद्योगिक संस्थान टनकपुर तथा रजिस्ट्रार महकमे के कर्मचारियों को मई माह के वेतन को तरसना पड़ सकता है। प्रदेश शासन से बजट प्राप्त न होने के कारण उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पडे़गा। 
जिलाधिकारी डा. पंकज पांडेय ने बताया कि जनपद के अन्य विभागों का वेतन व अन्य मदों का बजट शासन से प्राप्त हो चुका है।
 
औद्योगिक संस्थान टनकपुर तथा रजिस्ट्रार महकमे का वेतन आदि का बजट अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। विभिन्न विभागों के वेतन का बजट शासन द्वारा नॉनप्लान के अंतर्गत अवमुक्त किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन दोनों महकमों के सैकड़ों कर्मियों को मई माह का वेतन कोषागार द्वारा निर्गत करने में तकनीकी कठिनाई है। डीएम ने प्रधानाचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान टनकपुर तथा प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट को निदेर्शित किया है कि वह शासन में अपने विभागाध्यक्ष से संपकर कर नॉनप्लान के अंतर्गत वेतन तथा अन्य मदों से बजट अवमुक्त कराना सुनिश्चित करें। वरिष्ठ कोषाधिकारी खजानचंद्र पांडेय का कहना है कि मार्च व अपै्रल माह के वेतन का भुगतान बजट आवंटन की प्रत्याशा में नियमानुसार कोषागार द्वारा किया जा चुका है, परंतु अब मई माह से वेतन का भुगतान संभव नहीं हो पाएगा। विभागीय अधिकारी बजट प्राप्त कर उसका फीडिंग कोषागार में जमा कर दें, जिससे कि दोनों विभागों के कर्मचारियों को समय से वेतन दिया जा सके। 
डीएम की लिखा-पढ़ी के बाद स्वास्थ्य महकमे का बजट शनिवार की देर सायं आवंटित हो गया। जिससे अब इस विभाग के कर्मियों को मई के वेतन के लिए नहीं तरसना पडे़गा। मालूम हो कि मार्च और अपै्रल माह का वेतन टीआर-27 के प्रावधानों के तहत हुआ था। यदि इस माह आवंटन नहीं होता तो स्वास्थ्य कर्मियों को मई की पगार मिलना मुश्किल था। 

देवर-भाभी की संदिग्ध हालात में मौत

कोटद्वार। नैनीडांडा ब्लाक की ग्रामसभा ज्यूंदाल्यूं के में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटनास्थल से कुछ दूर पेड़ पर लटका युवक का शव भी बरामद किया है। दोनों में देवर-भाभी का रिश्ता बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेज दिया है।
 
पुलिस के अनुसार ग्रामसभा ज्यूंदाल्यूं के प्रधान विजयपाल सिंह ने धुमाकोट थाने में सूचना दी कि ग्राम पातल में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हुई है। शनिवार देर रात गांव पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने बताया कि बीना देवी (23 वर्ष) पत्नी गणेश दत्त के मुंह से झाग निकल रहा था व शरीर नीला पड़ चुका था। आशंका जताई जा रही है कि बीना की मौत कीटनाशक के सेवन से हुई होगी। इससे पहले पुलिस कागजी कार्यवाही शुरू करती, घर से कुछ ही दूर बीना के देवर धर्मानंद (25 वर्ष) पुत्र रामानंद का शव भी पेड़ से लटका मिला। 
धुमाकोट थाना प्रभारी होशियार सिंह ने बताया कि परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार घर के तमाम सदस्य शनिवार सुबह गांव में ही आयोजित एक विवाह समारोह में शिरकत करने गए हुए थे व घर पर धर्मानंद व बीना ही थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे जब परिजन से वापिस लौटे तो कमरे में बीना मृत मिली। उन्होंने बताया कि बीना का पति गणेश व धर्मानंद दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। इन दिनों वे विवाह समारोह में शिरकत करने आए हुए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेजा जा रहा है व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कारर्वाई की जाएगी। 

तीन घंटे बंद रहा हाइवे

उत्तरकाशी। रविवार दोपहर बरसे बादलों ने आने वाले मानसून की झलक दिखा दी। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय तथा आस पास के इलाकों में हुई इस बारिश से गंगोत्री राजमार्ग तांबाखाणी में बाधित हो गया तथा जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त रहा। हालांकि सांय पांच बजे बादल छंटने के बाद धूप निकल आई और लोगों ने राहत की सांस ली। 
 
रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुई बूंदाबांदी कुछ ही देर में झमाझम बारिश में तब्दील हो गई। इस बारिश से मुख्य बाजार, बस अड्डा तथा जोशियाड़ा बाजार व कालेश्वर मार्ग जैसे क्षेत्रों में घरों और दुकानों में पानी घुसने लगा। पानी की निकासी न होने के कारण सड़कें तालाब नजर आने लगीं। वहीं तांबाखाणी में मलबा आने से गंगोत्री राजमार्ग बाधित हो गया जिसके चलते लोगों को जर्जर हो चली सुरंग के अंदर से ही आवागमन करना पड़ा। नालूपाणी के समीप भी बारिश से डेढ़ बजे से साढ़े तीन बजे तक गंगोत्री राजमार्ग बाधित रहा। बारिश के चलते चारधाम यात्रा पर आए श्रद्घालुओं व पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 
बीते माह से हो रही बारिश के चलते आलू काश्तकारों के माथे पर शिकन पड़ गई है। आलू की फसल अपने शैशवकाल में ही बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। मई माह में गुड़ाई और निराई के समय हो रही बारिस के चलते आलू की फसल पर खरपतवार हावी होने की नौबत आ गई है। 
 
मुख्य रूप से भटवाड़ी प्रखंड के रैथल, बार्सू, सांलग, बड़कोट, पुरोला, नौगांव में आलू पर आजीविका के रूप में पूरी तरह से निर्भर किसानों के लिए बारिश कमर तोड़ने वाली साबित हो रही है। मई माह में ही आलू की फसल से किसान खतरपतवार निकालने में जुट जाते हैं। पर अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह से लगातार हो रही बारिस के चलते आलू की फसल से निकाला गया खरपतवार वापिस उगने लगा है। बारिश के चलते आलू की फसल के सढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं बीते साल भी भारी बारिस के चलते भी जिले में आलू उत्पादकों को खासा नुकसान उठाना पढ़ा था। 

सरकारी जमीन के खुर्द-बुर्द होने पर सीएम सख्त

रुद्रपुर । मुख्यमंत्री सरकारी संपित्त के खुर्द-बुर्द होने के मामले में काफी सख्त नजर आए। उन्होंने जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कसते हुए कहा कि सरकारी संपित्त बेचने वालों के खिलाफ 15 दिन के भीतर कारर्वाई नहीं हुई तो उनकी जवाबदेही होगी। 
 
मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के सामने मूता देवी ने रोते हुए मसला उठाया कि पिछले दिनों प्रशासन ने उसका मकान तोड़ दिया। उसने यह जमीन दो लाख रुपये में खरीदी थी। अब उसके पास एक पैसा नहीं है और वह सड़क पर है। इस पर निशंक ने एसडीएम वीर सिंह बुदियाल को तलब करते हुए जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि लमरा गांव की नई बस्ती में नजूल की भूमि है। कुछ लोगों ने उसे पांच रुपये के स्टांप पर बेच दिया। पिछले दिनों ऐसी भूमि चिह्नित की गई और अवैध कब्जे हटाए गए। यह कहने पर मुख्यमंत्री ने पूछा कि सरकारी नजूल भूमि बिकती है तो प्रशासन को पता ही नहीं चलता। एसडीएम ने जवाब दिया कि वे लोग चुपचाप खरीद-फरोख्त कर लेते हैं। निशंक ने पूछा कि जिस व्यक्ति ने यह जमीन बेची, उसके खिलाफ क्या कारर्वाई हुई। जवाब मिला कि इसमें प्राथमिकी दर्ज कराई गई। सीएम ने कहा कि केवल प्राथमिकी दर्ज कराने से काम नहीं चलेगा। सरकारी जमीन बेचने वालों की 24 घंटों के भीतर गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम व एसएसपी अजय रौतेला के साथ एसडीएम व तहसीलदार को 15 दिन के भीतर सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को चिह्निंत करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन इधर से उधर हो रही है। अगर अधिकारी व उनका स्टाफ ऐसी जमीनों की रक्षा नहीं करेगा तो कौन करेगा। उन्होंने ईओ नरेंद्र कुमार का भी जवाब तलब किया तो ईओ ने बताया कि शहर में 35 एकड़ भूमि अवैध कब्जों से छुड़ाई गई है। इस पर निशंक ने पूछा कि ऐसी भूमि पर कब्जा कैसे हुआ, जो छुड़ाने की नौबत आई। 

काशीपुर डिपो को मिलेंगी दर्जनभर नई बसें

काशीपुर। रोडवेज डिपो में बसों की कमी शीघ्र दूर होगी। इसी सप्ताह डिपो को एक दर्जन नई बसें मिलने की संभावना है। मुख्यालय से बसों के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। अब निगाहें मंडलीय मुख्यालय पर टिकी हैं कि वह डिपो को कितनी बसें देता है। 
 
काशीपुर डिपो में कई महीने से बसों की किल्लत चल रही है। वर्तमान में डिपो में 25 बसें हैं। इनमें पांच बसें निर्धारित किलोमीटर पूरा कर चुकी हैं। इन पांच बसों की नीलामी के लिए मुख्यालय ने प्रस्ताव मांगे हैं। इधर, रोडवेज प्रबंधन ने मुख्यालय देहरादून को प्रस्ताव भेजकर डिपो को एक दर्जन नई बसें देने की मांग की। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मुख्यालय देहरादून से एक दर्जन बसें देने के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंडलीय मुख्यालय से कितनी बसें डिपो को भेजी जाती हैं। ये बसें एक सप्ताह के भीतर डिपो में आ जाएंगी, जिससे रोडवेज यात्रियों की परेशानी दूर होगी। 

गंगा में डुबकी लगा गंगा रक्षा का लिया संकल्प

हरिद्वार। समग्र गंगा आंदोलन को लेकर अनशन कर रही उमा भारती ने हरकी पैड़ी पर सखियों के साथ गंगा में डुबकी लगा गंगा रक्षा का संकल्प लिया। उन्होंने गंगा के लिए हर बलिदान देने की बात कही। 
 
दस मई से समग्र गंगा को लेकर अनशन कर रही उमा भारती ने शुत्र्कवार को गंगा तट पर पहुंच गई। गंगा संकल्प के तहत उन्होंने समर्थक महिलाओं के साथ हरकी पैड़ी पर गंगा में डुबकी लगाई। उमा ने गंगा रक्षा अभियान आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात दोहराई। गंगा सभा कार्यालय में उन्होंने मां गंगा की पूजा अर्चना की। गंगा सभा अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी, महामंत्री वीरेंद्र श्रीकुंज से मिलकर उन्होंने समग्र गंगा आंदोलन में गंगा सभा का समर्थन मांगा। उमा भारती ने कहा कि देश की मातृ शक्ति गंगा रक्षा के लिए संकल्प ले चुकी है। गंगा रक्षा के लिए वह हर बलिदान देने को तैयार हैं। गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा का मूल तत्व बना रहे इसके लिए आम जनमानस में चेतना जगाने की जरूरत है। हरकी पैड़ी से जनचेतना आंदोलन का सूत्रपात किया जा रहा है। गंगा के प्रति जिस तरह लोगों की आस्था है उससे आम आदमी आंदोलन में जुड़ेंगे। सरकारों को गंगा रक्षा के लिए कदम उठाने होंगे। इस दौरान परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश की साध्वी भगवती आदि मौजूद थे। 

3557 अभ्यर्थियों ने दी पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा

श्रीनगर गढ़8ाल। इंजीनियरिंग व फामेर्सी दो ट्रेडस के लिए रविवार को आयोजित राजकीय पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा में 3557 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इंजीनियरिंग की परीक्षा में 2859, फामेर्सी की परीक्षा में 698 अभ्यर्थियों ने शिरकत की। 

रविवार को प्रातः आठ बजे इंजीनियरिंग ट्रेड के लिए प्रवेश परीक्षा प्रारम्भ हुई। तीन घंटे की इस प्रवेश परीक्षा को सम्पन्न कराने के लिए राजकीय पॉलीटेक्निक, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, गुरुरामराय पिब्लक स्कूल, राजकीय औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान व बिरला केंपस को सेंटर बनाया गया था। इंजीनियरिंग ट्रेड के लिए कुल 2859 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 126 अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपिस्थत रहे। बिरला कैंपस में सर्वाधिक 450 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। 

दोपहर दो बजे से सांय पांच बजे तक आयोजित फामेर्सी ट्रेड की प्रवेश परीक्षा में 698 परीक्षार्थी शामिल हुए। प्रवेश परीक्षा के जोनल ऑफिसर सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि फामेर्सी ट्रेड की परीक्षा में 43 परीक्षार्थी अनुपिस्थत रहे। राजकीय पॉलीटेक्निक में 441 व राजकीय इंटर कॉलेज में 257 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल, गारमेंट टेक्नालॉजी, माडर्न आफिस एंड मैनेजमेंट व एग्रीकलचर ट्रेडो की प्रवेश परीक्षा सोमवार व मंगलवार को आयोजित की जाएगी।  

कोटी गांव में बादल फटा, भारी नुकसान

नई टिहरी। प्रखंड के सीमांत क्षेत्र पट्टी बूढ़ाकेदार के ऊपर कोटी गांव के गुनाली नामे गदेरे में बादल फटने से दो पक्के पैदल पुल, कोटी झाला जल विद्युत परियोजना, गांव की पेयजल लाईन तथा ग्रामीणों की कई नाली कृषि भूमि मलबे में दब गई है। बाढ़ में ग्रामीणों के मवेशियों की बहने की आशंका जताई जा रही है। 
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार के सांय साढ़े चार बजे के करीब पट्टी बूढ़ाकेदार के कोटी के ऊपर गुनालीनामे गदेरे में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। मेड मरवाड़ी तथा कोटी को विद्युत संयोजन से जोड़ने के लिए बनाई जा रही कोटीझाला विद्युत परियोजना को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गांव के ओर जाने वाले पैदल पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गांव की पाइप लाईन, सिंचाई नहरें तथा सैकड़ों नाली भूमि मलबे में दब गई है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मालचंद बिष्ट ने बताया कि ग्रामीणों के दर्जनों पशुओं के बाढ़ में बहने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का मौका मुआयना कर पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, विकास खंड भिलंगना में शनिवार सांय को हुई भारी वर्षा के कारण बौंर गांव के ऊपर भूस्खलन से ग्रामीणों की 6 सौ नाली कृषि भूमि तबाह हो गई। इसके अलावा गांव की पाइप लाइन, 20 चेकडैम व 50 मीटर सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीण टीकाराम गैरोला के आवासीय मकान में भी मलबा व पानी घुस गया। ग्राम प्रधान ब्रह्मानंद नवानी, क्षेपं सदस्य राजेश्वरी गैरोला, डॉ. नरेन्द्र डंगवाल ने कहा कि उक्त गांव के ऊपर पहाड़ी में भारी दरार पड़ी है जिससे वहां पर लगातार भूस्खलन हो रहा है जिससे गांव के दो दर्जन से अधिक परिवारों को खतरा पैदा हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव का विस्थापन करने की मांग की है। इस संबंध में तहसीलदार एचसी जुयाल ने कहा कि गांव में भूस्खलन से हुए नुकसान की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। साथ ही बरसात में सुरक्षा की दृष्टि से कुछ परिवारों को वहां पर न रहने की सलाह दी गई है।

नरेंद्रनगर जिला बनाने को होगा धरना प्रदर्शन

नई टिहरी। नरेन्द्रनगर को जिला बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस मांग को मनवाने के लिए क्षेत्रवासियों ने जगह-जगह धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। 
 
नरेन्द्रनगर जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले 29 मई को खाड़ी में, 5 जून को कैलाश गेट ऋ षिकेश, 13 जून को गजा में धरना प्रदर्शन किया जायेगा। समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार संजय कोठियाल ने बताया कि नरेन्द्रनगर में जिला बनाने के लिए पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं हैं और यहां के लोगों की जरूरत भी है। इस क्षेत्र की अधिकांश आबादी मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। उन्होंने जानकारी दी कि जिला बनाने के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है जिसके लिए गांवों का भ्रमण कर लोगों क राय ली जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक खाड़ी क्षेत्र के दो दर्जन गांवों का भ्रमण किया गया है। 
 

जहां - जहां यात्रा पड़ाव वहीं पर दिख रही है गंदगी

रुद्रप्रयाग। भगवान केदारनाथ की यात्रा शुरू हुए अभी दो सप्ताह का ही समय बीता है, लेकिन यात्रा पड़ावों पर व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। फाटा व सोनप्रयाग जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों में गंदगी की समस्या लगातार गहराती जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर से आंखें मूंदे हैं। 
 
शासन-प्रशासन के यात्रा मार्गो व पड़ाव स्थलों को साफ-सुधरा रखने के साथ ही पालीथिन प्रदूषण से मुक्त करने के दावों की जिले में पोल खुल रही है। स्थिति यह है कि न तो सभी पड़ाव स्थलों पर सफाई की बेहतर व्यवस्था हैं और न ही यहां से पालीथिन प्रदूषण रुक पाया है। इसका अंदाजा फाटा व सोनप्रयाग पड़ाव स्थल को देखकर ही लगाया जा सकता है। यहां रोजाना गंदगी की समस्या गहराती जा रही है और इससे यात्रियों व स्थानीय लोगों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। हालत इस कदर बने हैं कि स्वास्थ्य विभाग ने यहां सफाई नायक तो तैनात किए हैं, लेकिन उनके पास संसाधनों का अकाल है। सफाई करने के लिए न तो झाडू उपलब्ध हैं और न कूड़ा एकत्रित करने के लिए अन्य सामग्री। ऐसे में वह करें भी तो करें क्या। कूड़ा डालने के लिए सफाई नायकों के पास न तो वाहन है और नहीं कूड़ेदान। जिसके चलते रोजाना गंदगी अत्यधिक फैलती जा रही है। जिससे स्थानीय लोगों का जीना भी दूभर हो गया है। 
 

स्वच्छ एवं सुंदर कोटद्वार की तस्वीर आपके सामने होगी जल्द

 

कोटद्वार। जल्द ही स्वच्छ एवं सुंदर कोटद्वार की तस्वीर आपके सामने होगी। नगर पालिका, एक संस्था के सहयोग से क्षेत्र में ठोस अवशिष्ट प्रबंधन को लेकर वृहद परियोजना पर कार्य कर रही है। परियोजना के तहत कूड़ा निस्तारण के लिए प्लेटफार्म का निर्माण कर लिया गया है। उम्मीद जतायी जा रही है कि जून माह के अंत तक योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 
 
बताते चलें कि लखनऊ की मुस्कान ज्योति के सचिव मेवा लाल बाहरी जैविक अपशिष्ट प्रसंस्करण योजना के तहत नगर को कूड़ा मुक्त कराने की मुहिम में जुटे हैं। नगर से प्रतिदिन करीब 12 टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है, जिसके निस्तारण की पालिका के पास कोई व्यवस्था नहीं है। नतीजतन, पालिका को कूड़ा यहां-वहां डालना पड़ता है, जिससे कई मर्तबा पालिका को किरकिरी भी झेलनी पड़ती है। पालिका द्वारा इस संबंध में मुस्कान ज्योति के सहयोग से गाड़ीघाट में अवशिष्ट प्रबंधन करने के लिए करीब 39 लाख की लागत से सुरक्षा दीवार, चारदीवारी, कंपोस्टिंग के लिए जैविक व अजैविक कूड़े के पृथकीकरण के लिए टिन शेड का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इसके अलावा संयत्र व कूड़ा एकत्रीकरण के लिए 30 रिक्शों के त्र्कय को 13 लाख की धनराशि मुस्कान ज्योति संस्थान को दिए जायेंगे। इस माह के अंत तक पालिका को कूड़ा एकत्रीकरण को रिक्शे मिल जाएंगे। वर्तमान में पालिका प्रशासन ने प्लेटफार्म का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। साथ ही मंगलवार से टिन शेड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। पालिका की मानें तो जून माह के अंत तक कूड़ा निस्तारण का कार्य शुरू कर दिया जायेगा। साथ ही अन्य कार्यो को भी जल्द पूरा करा लिया जायेगा। साथ ही साथ ही भविष्य में नगर पालिका की सीमा से सटे गांवों को इसमें शामिल किया जायेगा। 
परियोजना के तहत घर-घर से कूड़ा एकत्र कर उसे प्लांट में ले जाया जाएगा, जहां उसे अलग-अलग ढेरियों में रखा जाएगा। प्रत्येक ढेर में कूड़े का आठ फीट लंबी, साढ़े तीन फीट चौड़ी व एक फीट ऊंची ढ़ेरी बनाई जाएगी व इस पर वैक्टीरिया कल्चर का छिड़काव किया जायेगा। करीब सात सप्ताह बाद यह कूड़ा चायपत्ती की तरह बारीक खाद में तब्दील हो जाता है, जिसकी पैकिंग कर उसे बाजार में बेचा जा सकता है। 
 
मुस्कान ज्योति समिति की यह योजना अगले 20-25 वर्षो में बढ़ने वाली नगर व आसपास के क्षेत्रों की आबादी के दृष्टिगत बनाई जा रही है। परियोजना के माध्यम से एक से डेढ़ लाख की जनसंख्या के कूड़े का निस्तारण आसानी से हो जाएगा। 
 
कोटद्वार े नगर पालिका अध्यक्ष शशि नैनवाल का कहना है कि उत्तराखंड में कोटद्वार ही ऐसी प्रथम नगर पालिका होगी, जहां कूड़े को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कर उससे खाद बनाई जाएगी। इसके अलावा ग्रामसभा ध्रुवपुर में भी ट्रेचिंग ग्राउंड हेतु दो हैक्टयेर भूमि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। . 

 

सुरक्षा की अनदेखीः दुर्घटनाओं से सबक लेने को तैयार नहीं परियोजना प्रबंधन

उत्तरकाशी। बिना पूर्व सूचना के बैराज से पानी छोड़ने से मनेरी भाली प्रथम व द्वितीय चरण परियोजनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। पानी छोड़े जाने के लिये जरूरी बातों तथा परिचालन मैनुअल की अनदेखी के कारण हर साल दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन परियोजना प्रबंधन इन दुर्घटनाओं से सबक लेने को तैयार नहीं है। 
 
मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना में फ्लाशिंग के कारण द्वितीय चरण परियोजना से भी गेट खोलकर भागीरथी में पानी छोड़ना पड़ा। इससे नाकुरी के समीप स्नान कर रहे तीन साधु पानी में बह गए थे। इनमें से एक अब भी लापता है। पानी छोड़ने में बरती गई लापरवाही पर नजर डालें तो लगता है परियोजना प्रबंधन ने लोगों की सुरक्षा के लिये जरूरी बातों की पूरी तरह अनदेखी की है। बीते वर्ष उत्तरकाशी में मणिकर्णिका घाट के समीप टापू पर तीन युवतियां अचानक भागीरथी का जलस्तर बढ़ने के कारण फंस गई थी। उन्हें बाद में पुलिस ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला था। वर्ष 2006 के जुलाई माह में मणिकर्णिका घाट पर ही तीन महिलाएं भागीरथी के जलस्तर में अचानक आए उफान के कारण काल का ग्रास बन गई थी। इन दोनों घटनाओं में मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना के बैराज से पानी छोड़ा गया था। सभी घटनाओं में पानी छोड़ने से पूर्व सूचना प्रसारित नहीं की गई। वहीं बैराज के सायरन से भी चेतावनी ज्यादा दूर तक नहीं पहुंच पाती, हालांकि मनेरी भाली परियोजना के बैराज के साथ ही मातली, डुंडा व धरासू में सायरन लगाए गये हैं, लेकिन आम तौर पर बैराज और धरासू पावर हाउस के समीप लगा सायरन ही काम करता है। इससे अधिकांश लोगों को इसका पता नहीं चल पाता। इस संबंध में जल विद्युत निगम के डीजीएम एके पटेल ने बताया कि पानी छोड़ने के लिये सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है। कई बार लोग गलती से तटों के किनारे चले जाते हैं इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। 
 

दो वर्षो से शोपीस बना है सेटेलाइट फोन

पिथौरागढ़। समकोट गांव में मुहैया कराया गया एक सेटेलाइट फोन पिछले दो वर्षो से शोपीस बना हुआ है। ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों को संचार सुविधा और आपातकाल में किसी भी घटना की समय पर प्रशासन तक जानकारी पहुंचाने के लिए संचार सुविधा विहीन दूरस्थ गांवों में सेटेलाइट फोन दिए गए हैं। इसी के तहत दो वर्ष पूर्व समकोट गांव में भी एक फोन उपलब्ध कराया गया। इस फोन का उपयोग गांव के चार सौ परिवार कर रहे थे। परंतु यह फोन मात्र बारह दिन चलने के बाद ठप हो गया। इसकी शिकायत दूर संचार विभाग को की गई परंतु आज तक खराब पड़े सेट को सुधारा नहीं गया है। जबकि हर माह बिल भेजा रहा है। इसके खिलाफ ग्रामीणों में आत्र्कोश व्याप्त है। 

सात फैक्ट्री प्रबंधनों के खिलाफ नोटिस जारी

नैनीताल। औद्योगिक घाटी में प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे कारखानों के खिलाफ बेशक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आंखें मूंदे हो। मगर नगर पंचायत प्रशासन ने सात फैक्ट्री प्रबंधनों के खिलाफ नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके बावजूद कारखानों ने ट्रीटमेंट प्लांट न लगाए तो सीधे कानूनी कारर्वाई अमल में लाई जाएगी। 
 
दरअसल, प्रदूषण के दोषी फैक्ट्री प्रबंधनों को पूर्व में भी जिला प्रशासन के निदेर्श पर नगर पंचायत नोटिस दे चुका है। मगर चेतावनी के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधनों ने रसायनयुक्त वेस्ट व अन्य अपशिष्ट के निस्तारण को ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की जहमत तक नहीं उठाई। इधर खुले प्लॉटों पर घातक प्लास्टिक, थरमकाल व अन्य कचरा जलाकर नष्ट किए जाने से औद्योगिक घाटी लगातार प्रदूषित हो रही है। 
इधर पंचायत प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आस्थान की सात फैक्ट्री प्रबंधनों को नोटिस जारी कर दिया है। ये नोटिस अंतिम चेतावनी के साथ भेजे गए हैं। पंचायत प्रशासन ने साफ कहा है, इसके बावजूद प्रदूषण खत्म करने को पुख्ता बंदोबस्त न किए गए तो कारखानों प्रबंधकों के खिलाफ कानूनी कारर्वाई कराई जाएगी। 
 
झील में समा रहा रसायनयुक्त पानी कारखानों से निकलने वाला रसायनयुक्त पानी ही नहीं बल्कि थरमाकौल व प्लास्टिक कचरा भी झील में समा रहा है। नगर पंचायत प्रशासन के सूत्रों की मानें तो यह सिलसिला सालों से चल रहा है। ऐसे में झील का पानी पेयजल तो क्या सिंचाई लायक भी नहीं रहेगा। 

Uttarakhand might have a few more districts

Haldwani: Uttarakhand is soon going to have a few more districts. Its political opponents may call it political opportunism, but the BJP-led State Government is serious about restructuring of the State’s administrative set-up. So close on the heels of upgrading Haldwani and Haridwar civic bodies amid a lot of criticism from the Opposition, the BJP-led State Government keeping in view a long pending popular demands and the party’s commitment to have smaller administrative set-up which may come up with some more districts soon. Among others, Didihat, Ranikhet Kotdwar, Purola, Kashipur to name a few are on top priority list of new districts, said State BJP president Bishan Singh Chufal.

“We believe that it is easier to govern under a smaller administrative set-up. It not only helps to strengthen our delivery mechanism but also ensure overall development of the area,” maintained the State BJP president. So such demands may also come from other regions, but all depends upon the Revenues department’s report. The aforementioned department is looking into this whole matter. As soon as the concerned department submits its report to the Government, it would start acting on it, Chufal said. When asked how long it would take the Government to decide on this ambitious issue, Chufal informed that probably within a couple of months we would be able to clear air on this issue. And the fact is that being in the election year, the ruling party which has always been advocating for smaller administrative set up may not afford to linger on this matter much further. It is worth mention here that presently there are two divisions, 13 districts ie seven in the Garhwal division and six in the Kumaon division, 78 tehsils, six sub-tehsils, 95 blocks and 670 nyay panchyats catering to 84,89,349 population as per 2001 census. If the ruling party succeeds in giving a concrete shape to this long pending popular demands fulfilling regional aspirations, the hill State may have about 18/19 districts. It is also to note that the Opposition may call this administrative exercise as an attempt to reap political mileage in the upcoming Assembly elections, it seems given continuous migration from remote as well as border parts of the state restricting of the State’s administrative set up has become a necessity. In view of long international boundaries with China and Nepal, it is strategically important not only for the hill State but also for the country to have these border areas like Didihat occupied, said Bhuwan Upadhya, a resident of Dharchula, Didihat. So stopping migration of people from these areas for want of development is need of the hour, he added. 

CM to face problems while on his Antyodaya Vikas Yatra

Dehradun: Uttarakhand Chief Minister Ramesh Pokhriyal Nishank, who has been busy with the Antyodaya Vikas Yatra, may face problems from party workers, especially those who wish to acquire daayitva (political posts).

 Narendra Singh Rawat, who was roaming in the power corridors allegedly to get one daayitva, alleged that the Chief Minister has nominated 95 daayitvadhari but failed to maintain balance between the Assembly constituencies. For instance, he has chosen 31 daayitvadhari from Dehradun and one daayitvadhari, Surat Ram Nautiyal, from Uttarkashi. It seems he has “discriminated within Assembly constituencies,” Rawat said.Ironically, Uttarkashi has one daayitvadhari from its three Vidhan Sabha constituencies and Dehradun has 31 daayitvadhari against nine Vidhan Sabha seats.

Haridwar has15 daayitvadhari out of nine Vidhan Sabha constituencies, Pauri has nine daayitvadhari against eight Vidhan Sabha constituencies, Nainital has five daayitvadhari against five Vidhan Sabha seats, Tehri has five daayitvadhari out of six Vidhan Sabha constituencies while Rudraprayag has two of two Assembly constituencies. Chamoli has four daayitvadhari and four constituencies; Pithoragarh, having seven daayitvadhari, has five constituencies, Almora has five daayitvadhari against seven Vidhan Sabha constituencies, Udham Singh Nagar has seven daayitvadhari out of seven Vidhan Sabha constituencies, Champawat having two daayitvadhari out of two Assembly constituencies and Bageshwar has two daayitvadhari against three Vidhan Sabha constituencies.

Contractual employees to withdraw their ongoing agitation

Dehradun: Contractual employees of all three power corporation have decided to withdraw their ongoing agitation after having hour long bilateral talks with bureaucrats in Dehradun on Tuesday.
 
However, association office bearers have also threatened to start their massive agitation again if their demands were not fulfilled by the State Government in a given time frame.A delegation of members under the banner of AP Amoli, president, Urja Kamgar Sangathan and six other members had bilateral discussions with secretary power Umakant Panwar over the pending demands. They lamented over the issue that the State Government is not fulfilling their pending demands even though memorandum highlighting their demands was submitted many times to officials. It was decided in a meeting, to hold a committee to make them regularise in the Government service. The other issues were timely release of salary, pay anomaly, dearness allowance, provident fund etc and assurance was given to delegation that concrete steps will be fulfilled by the State Government in the day to come.
 
After meeting, Yogandra Vishal said that members will again start their agitation if their demands were not met by the State Government in a given time frame.Anil Nautiyal, Vinod Kari, Manoj Pant, Salim, Lal Singh Gusain, Madan Mohan Bhatt, Sunil Chauhan, Vijay Singh, Mahesh Rawat, and Deepak Negi were also present. 



People of APL category to get 10 kg wheat @ `four and rice @ `six per kg per month

Dehradun: With an intention to help the people of APL category, who were fed up with burgeoning price rise, Ramesh Pokhriyal Nishank Cabinet has decided to provide 10 kg wheat @ `four and rice @ `six per kg per month to them by June this year.

Along with this Cabinet has also taken a decision on the 17 issues. This was disclosed by State Chief Secretary Subhash Kumar after Cabinet meeting at Secretariat on Tuesday.  After a Cabinet meeting chaired by Nishank, Kumar said with this implementation the State Exchequer will have to bear `252 crore per annum as additional burden. Currently they were getting 10 kg wheat and 1.5 to 2 kg rice per ration card. With this implementation around 18.5 lakh APL card holders will reap its benefit. He further disclosed that for implementation of the decision, the Government will purchase food grains from open market as the quota it gets from the Centre is insufficient. He expressed hope that the Union Government will release the quota as per APL requirement in future.In the meeting, it was also decided to give 100 per cent exemption in Entertainment Tax for five years to promote multiplexes in the State.

Currently multiplex were getting exemption in entertainment tax phase wise now they would get tax incentive for next five years.The Cabinet has also decided to divide school education directorate into four division including officer of director general. Cabinet has also waived-off arrear of `60 crore, which UJVNL was supposed to pay irrigation department. Since inception, the Irrigation department had handed over dam to UJVNL and its due was `986 crore and `123 crore surcharges. In which UJVNL has collected `63 crore from consumers and remaining `60 crore was running as arrear.

Now, the State Government will pay the amount to the Irrigation department.State Cabinet has also decided to divide School Education department into three divisions ie — Primary, Secondary and Academic & Training directorate. All three departments would have separate director and will work under the supervision of Director General. Currently 66,000 teachers and 22 lakh students were being taken cared by one school education directorate.Cabinet has also officially ended the Budget Session-2011; decided the fate of 225 Adhoc faculties, who were working in college and discussed on the recommendation made by Madan Kaushik led committee on departmental promotion.

Meeting convened by CM for achievement of Mission-2012

Dehradun: To achieve Mission-2012, Uttarakhand Chief Minister Ramesh Pokhriyal Nishank has also called a meeting with daayitvadhari in Secretariat on Tuesday. Till filing the report, the meeting was in progress. Political analysts say that both leaders have been busy in creating their own cadre.



Former Chief Minister convened a meeting with his close confidants

Dehradun: Ahead of the Uttarakhand Assembly election, which is due in February 2012, former Chief Minister Maj Gen Bhuwan Chandra Khanduri has convened a meeting with his close confidants at his residence on Tuesday.
 
By convening this meeting he has given enough scope for speculation in the State. Gen Khanduri, who has recently returned to Dehradun from a Garhwal tour, said, “This was a regular meeting. Party workers were seeking an appointment. So I invited all of them to lunch on Tuesday.” However, all the party MLAs and Ministers were conspicuous by their absence. Only his close confidants attended the lunch meeting because when The Pioneer asked State Media Advisory committee chairman Devendra Bhasin, who was present at the Secretariat after the Cabinet meeting, he said, “I was not invited to the meeting at Gen Khanduriji’s house.”In view of recent rumblings in the State where a section of BJP leaders opposed Chief Minister Ramesh Pokhriyal Nishank before the party high command in Delhi, the meeting assumes significance. The party high command had categorically rejected plan for any change of guard in the State.
 
A party spokesperson denied reports of friction within the party ranks and claimed that all the leaders are united to face the upcoming Assembly election, which is due in February 2012. BJP leaders and workers are ready to face any challenge under the leadership of CM Nishank. 



Four persons booked on charges of torture and violence for dowry

Haridwar: Following the instruction by Superintendent of Police (Rural), four persons, including two women have been booked by Manglore Police on charges of torture and violence for dowry.
 
 According to the police, a resident of village Mannakhedi, Parul had in her application addressed to SP (Rural) Roshan Lal Sharma, alleged that her in-laws used to physically torture and harass her for dowry.  Parul, who was married with a resident of Rawli Mehdood in Ranipur, Nitin about six years ago, had alleged that her in-laws used to ask her to get more dowry from her family and that she was thrown out from her in-laws house about six-months ago.  
 
According to case details, Parul, who had been staying in her parent's house since then, when to her in-laws house in March this year, when her father-in-law expired. Following insistence by her in-law's relatives, Parul decided to stay with her in-laws after this. In her complaint, Parul has alleged that her in-laws continued to harass her for dowry even after this. The complaint further states that on April 4, when Parul was sleeping with her two children, her husband, Nitin, mother-in-law, Sharmila, brother-in-law, Neeraj and his wife, Shalu assaulted Parul.  The quartet is also accused of dousing Parul with kerosene with an intention to set her on fire. On hearing Parul's screams, some neighbours rushed to help her. The next day, Parul was again thrown out of the house with a demand to get cash of Rs 1 lakh and a motorcycle from her parents.
 
Following this, Parul approached SP (Rural), Roshan Lal Sharma and submitted an application against her husband and in-laws. Based on instruction given by Sharma, Manglore police on Monday booked Nitin, Sharmila, Neeraj and Shalu on charges of torture and violence for dowry. "Investigations into the case are on and if found guilty, the accused will be arrested," Sharma said. 

Demonstration staged by the Anganwadi workers union

Pauri Garhwal: Members of the Anganwadi workers union district unit affiliated to CITU demonstrated in support their pending demand in the Collectrate premises on Tuesday. The union submitted a memorandum addressed to the Uttarakhand Chief Minister. The union has decided to hold a large protest rally on May 31 if the demands are not met by then. T
 
he Anganwadi workers union district president Sushila Rawat said that inspite of many memorandums submitted to State Government and ICDS regarding the problems of the Anganwadi workers, no positive action has been taken so far due to which the union was forced to stage demonstration and submit a memorandum once again. The demands stated in the memorandum addressed to the CM Ramesh Pokhriyal Nishank include declaration of all Anganwadi workers as Government employees, appointment of Anganwadi workers to Class III posts and Sevak workers to Class IV posts.
 
In addition to this the other main demands include the provision of social security like provident fund, ESI and life insurance, payment of the remuneration in the first week of every month, appointments to the posts of Anganwadi supervisor which have been lying vacant since 2007, increase in the salary to Rs 10,000.  The union has also demanded that pension facility should be provided to Anganwadi workers and Sevaks in Uttarakhand as is the case in Maharashtra and Pondicherry.


Only 35635.550 metric tonnes wheat produced under the wheat procurement drive

Haldwani: Only about 35635.550 metric tonnes wheat has been procured by different food procurement agencies like Food Corporation of India, the State cooperatives and the regional food supply department under the wheat procurement drive from the Kumaon region against a target of 1.10 lakh tonnes.

Generally, the wheat procurement campaign begins from April 1 and will continue till June 30. It seems that the food grains procurement agencies may hardly reach the target of 1.10 lakh tonnes wheat till June 30. The primary reasons behind slow pace of wheat collection in the region can be attributed to the minimum support price (msp) that the Government offers to the farmers to purchase their produce. The interesting fact is that whereas the msp declared by the Government is Rs 1120 per quintal, while the traders in the open market are offering more attractive prices as compared to the Government's msp. So a majority of the farmers prefer to dispose off their produce in the open market, said Satish, a local farmer. The msp for wheat procurement was fixed as Rs 1100 per quintal last year.

However, P N Pathak, senior marketing inspector, the State food supply department, while talking to The Pioneer, informed that the said agencies have been able to collect about 35635.550 tonnes wheat as on May 23 primarily from three districts of kumaon regions including Nainital, US Nagar and Champawat. Among the three districts, US Nagar has so far emerged as the leading wheat producer disposing off a huge 33151.050 tonnes wheat while Nainital had sold to the procurement agencies a total 2239.450 tonnes wheat, Pathak informed. At the same time the neighbouring Champawat has been able to sell about 245.050 tonnes wheat to these agencies so far.

In the meantime out the total procured grains i.e. 35635.550 tonnes wheat, the State cooperatives have been able to procure a maximum 28570.650 tonnes wheat followed by State food supply department with 2227.850 tonnes and the FCI is with 4837.050tonnes , Pathak informed. It is to note that a total 163 wheat procurement centers have been set up in the said three districts .Out of the total 163 wheat procurement centers, a maximum 142 such centers have been set up in U S Nagar.

Unexpected thunderstorms: inconvinience to the residents

Dehradun: Recently experienced thundershowers have left couple of problems for residents including frequent power cut in the different parts of the city.
 
Majority of the areas went without power on Tuesday with remote areas is among the worst affected areas of the district. Power cut with scorching heat has been creating lots of problems for residents. Those residing in sub-urban areas are among the worst affected residents as power cut ranging from two to four hours in a day. Residents also complained of acute shortage of potable water in the fringe areas of the state.
 
However, government officials claimed power supply was resumed in most of the areas except few localities. According to them, it is mandatory to undertake maintenance work after inclement weather. Well established sources revealed that the supply of government potable water was also affected due to frequent power cut. Officials ruled out that no part of the state is under regular load shedding.
 
One of the department sources who wished anonymity told The Pioneer that circuit automatically breaks down during windstorm. He further informed that stern instructions have been regularly released to officials to remove technical snags and claimed that power supply was resumed in most of the areas.



Three-day long disruption in power supply: inconvenience to the residents and pilgrims

Badkot: Pilgrims visiting Yamunotri and local residents of this region faced severe inconvenience due to three-day long disruption in power supply in Yamunotri and dozens of settlements in this area. According to the sources, the electricity supply to Yamunotri, Jankichatti, Kharsali, Hanumanchatti, Syanachatti and dozens of villages of this area have been disturbed for three days. Apart from the local residents, pilgrims are experiencing inconvenience especially as the lights installed on the pedestrian route to Yamunotri have been out of order for three days posing threat and inconvenience to those using this route during the evening.Local residents informed that the power distribution system was damaged at many places in the Yamuna valley following stormy conditions experienced in the evening of May 20. Due to this, the power supply in Yamunotri and dozens of villages in the valley was disrupted for at least three days as authorities not succeeding in restoring power supply to all the places so far. According to the Electricity Department officials, junior engineers are inspecting the power distribution system in the area to ensure swift repair.


Two persons injured in a scuffle between a group of pilgrims

Haridwar: Two persons, including a woman were injured in a scuffle that broke out between a group of pilgrims from Mumbai and some shopkeepers in Moti Bazaar area here on Tuesday afternoon. No police complaint was, however, lodged in connection to the case and the matter was resolved mutually after the accused shopkeeper apologised for the incident.
 
According to case details, a resident of Mallath area in Mumbai, Mahendra along with his wife Sunita and about 25 other pilgrims from Mumbai had come to Moti Bazaar area on Sunday afternoon.Mahendra and Sunita went to the shop of Amit Chandana to buy some pairs of shoes. There ensued an altercation between the couple and Chandana over the price of shoes.  The altercation soon turned violent and Chandana allegedly roughed up Mahendra and asked them to leave his shop. On seeing this, other pilgrims who were in the same area at the time of incident, rushed to help the couple and started shouting at Chandana.A sudden commotion was caused because of the incident and other shopkeepers in the area also rushed to the site. A scuffle ensued between the pilgrims and shopkeepers and Sunita and Chandana were injured in the incident.
 
Haridwar Kotwali police rushed to the site after being informed about the brawl. Police controlled the situation and both the parties were taken to the police station. "Chandana, however, apologised for the incident and the matter was resolved mutually. No police complaint was lodged by the either side," Police Inspector of Haridwar Kotwali, Preetpal Singh Rautela, said.  While Sunita had sustained an eye injury in the incident, Chandana was hit on his head. Both the injured were sent to district hospital and were released after preliminary medical treatment, police said. 


Action to be taken on the feasibility of routine transplantation of trees: PCCF

Dehradun: Acknowledging the need of transplanting trees instead of axing them for facilitating urban development works, the Vidhan Sabha Speaker Harbans Kapur has directed the State Principal Chief Conservator of Forests to study the feasibility of transplantation in Dehradun.  
 
The Speaker issued this instruction when a delegation of the Citizens For Green Doon (CFGD) called on Kapur to talk on axing of trees in the city and other environmental issues on Tuesday. Citizens For Green Doon (CFGD) member Nitin Pandey informed Kapur about efforts undertaken by the group for saving trees of Dehradun and the necessity of transplanting rather than felling green trees. The Speaker Harbans Kapur concurred with the need of transplanting trees and called the PCCF RBS Rawat, directing him to study the feasibility of transplanting trees as a routine instead of felling them for public utility purposes like road widening. Speaker Harbans Kapur also said that as Dehradun is developing with a fast pace, roads in actually need to be widened to cope up with the increasing traffic but trees should be transplanted wherever feasible.
 
The PCCF said that he was happy to know that Citizens For Green Doon (CFGD) had successfully transplanted two trees in town and he would ask Forest officials to review them. He assured Kapur that he would take a prompt decision on the feasibility of routine transplantation of trees. He also pointed at the need for involving the Public Works Department (PWD) and MDDA in the efforts as most of the trees which are felled for road widening and other public works grow in areas under the jurisdiction of either the Public Works Department (PWD) or the MDDA.
 
Citizens For Green Doon (CFGD) members apprised the Speaker that more than 10,000 trees had been cut in the city since State formation for construction activities and while the group was not opposed to development, it was against the unnecessary felling of trees. He said that in this age of carbon trading, the value of a tree is around $52,000 and wherever possible they should be saved by transplanting. 



Remedial classes: a boon for the students

Dehradun: Remedial classes, which are being conducted after pre-board examination in Government schools, are really a great boon for the students of Class X and Class XII in the State. It also helps the students to increase their marks in the Board Examination, said Dehradun Government Inter College Nalapani, principal Guna Nand Baluni while talking on Tuesday.Baluni said 33 students of Class X and 40 students of Class XII had appeared for examination in the last year. Around 92 per cent students of Class X and 84 per cent students of Class XII had passed their examination in the school. We had provided remedial classes after pre-board examination to the school students for a week, who appeared for Board Examination this year. In addition to this, these students were also attended remedial classes organised by Bal Kalyan Parishad at Bal Bhawan Noorkhedra (Dehradun).  

Though, new academic session had begun on April 7, but students of Class VI-VIII have not received their text books yet. In order to provide books, we have consulted senior students to surrender their last year books and later these books were provided to new session students in the school. One unit test for all the classes have been conducted in the school.Midday Meal Scheme is being executed properly in the school and 105 students of different classes are being provided food including rice, pulse, vegetable or salad under the same scheme.

Moreover, he said recently, we have received Rs 50, 000 under Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan (RMSA) as Rs 10,000 for purchasing books on great personalities, science magazine, competitive books and others in the library, Rs 25000 for establishing science lab and its equipments and Rs 15,000 for office contingency in the school.There are four computers and students of Class X-XII are taught on basics of computer at least three periods in a week. According to the instructions issued from the Education department, students are being charged Rs 10 per month for maintenance of computer in the school.

A demo lecture on basics of computer is being conducted time to time for the students of Class VI-IX in the school. It is necessary to mention that the GIC Nalapani, Dehradun was established in 1984 as Junior High School and the State Government had upgraded this school upto High School in August 8, 2000 and Inter College in 2004.  There are nine class rooms, one library room, one computer room, one science lab, four peons, two clerks, and 19 teachers and principal in the school. There are 300 students studying from Class VI to Class XII in the school.

Plan of farming of industrial hemp, failed even this year

Dehradun: The Uttarakhand Government's plan to facilitate the farming of industrial hemp on about 30,000 hectares of barren land in Uttarakhand has failed to take off even this year due to delay in official procedures and budgetary allocation.
 
This plan was envisioned by the State Agriculture Minister in 2010 for achieving the dual benefit of utilising and improving barren land while also providing financial gain to local residents. However, the plan could not be executed in 2010 because the executing agency had been unable to procure seeds of the cannabis with minimal content of the psychoactive substance tetrahydrocannabinol or THC.
 
The GB Pant Agriculture and Technology University, which is developing a seed of hemp with less than one per cent THC content, had earlier submitted a proposal costing `two crore, which was found to be too expensive. In addition, the Narcotics Control Bureau needs to be convinced that the industrial plantation of hemp will not be misused for illegal purposes like utilisation of the crop for narcotic uses. However, environmentalists aver that there is no dearth of fibre-rich low narcotic content hemp grown and used traditionally in the State and even if the hemp cultivated contains THC, the substance can be sold for use in manufacture of important medicines including those prescribed to patients suffering from terminal ailments like AIDS, cancer and from chronic pain.
 
The State Government has planned this scheme without considering the full potential of hemp as an industrial crop and simply drafted a plan which is not being followed up effectively, the environmentalists said. As per the plan envisioned by the State Agriculture and Horticulture Minister, TS Rawat, 30,000 hectares of barren land in the State were to be used for cultivation of industrial hemp, the fibre and wood pulp from which would be utilised for manufacturing of fabric and paper in the initial stages. The Uttarakhand Bamboo and Fibre Development Board is executing the plan for cultivation of industrial hemp on barren land with the assistance of the State Horticulture Department.
 
According to the Board CEO STS Lepcha, a sum of Rs five lakh from the Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority has been released for tasks including the development of seed for a cannabis strain the THC content of which is less than 0.3 per cent. If the GB Pant University develops this seed, it will be tested in the field as part of efforts aimed at assuring the NCB that the hemp will not be used for its narcotic properties, he said. The Government planned cultivation of industrial hemp on barren land has now been deferred till the next year.
 
Traditionally, the fibre of the cannabis plant has long been used in Uttarakhand for making clothes, shoes, ropes and apparel. The plant is still valued for its seeds which are used as a non-narcotic traditional food item and for making high-protein cannabis seed oil. 



Dehradun Traffic Police's account on Facebook

Dehradun: In order to ensure smooth flow of traffic in the State capital, the Dehradun Traffic Police has opened an account on Facebook. The account is being accessed by police as well as commuters and has sparked enthusiastic response.
 
More than 400 people have been added to the account, Circle Officer (Traffic) Shweta Chaubey said. Taking a cue from its counterparts in the Metros, Dehradun Police opened its account on Facebook in March and around 420 persons have been added to it so far. Over 700 people have commented on this account so far and people are added to the account on a daily basis.
 
As traffic congestion has become a routine affair, wider participation of the common man is essential to make his commutes easy and seamless. Facebook is an attempt by the traffic police to ensure participation of the public, especially the educated and computer-savvy young generation.  Police instruct visitors on safe driving while commuters inform police about locations of traffic jams in the city on the website.
 
Sometimes people tag a photograph of a traffic jam and often police can find out the vehicle which caused the snarl-up.  The Facebook account is being operated by the CO (Traffic) but a permanent operator might be deployed to run the account shortly. As most of the comments and information is shared in the English language police personnel need to be sound in English to effectively use the website.
 
Interestingly, apart from the official account of the traffic police, there is another account on Facebook which also shares traffic information with visitors.


Uttarakhand Board Examination results to be out in June first week

Dehradun: The result of Uttarakhand Board Examination of Class X and Class XII is expected to be declared by June first week. This was said by Uttarakhand Education Board and Examination Council Director Chandra Singh Gwal while talking to The Pioneer on Tuesday.
 
One of the State Education Department officials said all the answer copies have been checked and presently the rechecking work is being given the final touches. This time, step wise marking process had been promulgated and the wrong answer fetched marks even if some of the steps are correct. The final process for the declaration of the State Board results is on. “The State Board had completed its evaluation of answer sheets between April 15 and April 27 at different evaluation centers in the state,” he added. Meanwhile, Gwal said that the department has decided to declare the results in the first week of June. The picture on the exact date would be no delay at any costs as it poses problems for students who wish to give competitive examinations or take up admissions in the college.  It is necessary to mention that Board examination for class X and Class XII was held between March 17 and April 5, 2011 in the state.
 
Around 3, 07, 582 students of Class X and Class XII were appeared in the the examination. As many as 1,192 examination centers have been made in various Government high schools and Inter colleges in the state and adequate police personnel were deployed to conduct peaceful examination at each sensitive and ultra sensitive examination centers in the State. 


कोताही पर सीडीओ ने अफसरों केकसे पेंच

नैनीताल। बीडीसी बैठक में रामगढ़-नथुवाखान मार्ग के पुनर्निर्माण में हीलाहवाली का मुद्दा जोरशोर से उठा। इस पर सीडीओ ने संबंधित विभागीय अफसरों के पेंच कसते हुए पखवाड़े भर के भीतर कार्य पूर्ण करने के निदेर्श दिए। साथ ही गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखने की हिदायत भी दी। 
 
मंगलवार को ब्लॉक प्रमुख दान सिंह भडारी की अध्यक्षता में रामगढ़ क्षेत्र पंचायत की बैठक हुई। ग्राम प्रधान व सदस्यों ने पूर्व में लंबित समस्याओं का निदान न होने पर संबंधित विभागीय अफसरों के प्रति रोष जताया। उन्होंने कहा, अब तक हुई कार्यवाही से जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जाय। सदस्यों ने स्कूलों की शिक्षकों की कमी व लगातार तबादलों से बिगड़ रही शिक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। साथ ही विद्यालयों में मानकों के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती को ठोस पहल पर जोर दिया गया। 
 
ज्येष्ठ प्रमुख संजय बोहरा ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत रामगढ़- नथुवाखान मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण में हीलाहवाली पर आत्र्कोश जताते हुए कार्य जल्द पूरा कराने की मांग उठाई। इस पर सीडीओ दीपक रावत ने संबंधित विभाग व ठेकेदार को पखवाड़े भर की मोहलत देते हुए काम पूरा कराने का निदेर्श दिया। चेतावनी दी कि यदि तय समयावधि में कार्य पूरा न हुआ तो कड़ी कारर्वाई की जाएगी। इस दौरान सीडीओ व ब्लॉक प्रमुख ने पात्रों को कन्याधन योजना के चेक भी बांटे। संचालन बीडीओ हिमाशु जोशी ने किया।
 
बैठक में प्रधान राजेंद्र सिंह, दीपू आर्या, दीपा नेगी, वीरेंद्र रैकवाल, गोविंदी, कुंदन जीना, हरीश नेगी, बीडीसी सदस्य सुरेश आर्या, भवान सिंह आदि मौजूद थे। 

डाकपत्थर क्षेत्र का कूड़ा शक्तिनहर में डाले जाने का विरोध

विकासनगर। आर्यन ग्रुप के कार्यकर्ताओं ने डाकपत्थर क्षेत्र का कूड़ा शक्तिनहर में डाले जाने का विरोध किया है। कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा है। 
 
कार्यकर्ताओं का कहना है कि नई यमुना कॉलोनी डाकपत्थर की गंदगी शक्तिनहर के किनारे डाली जा रही है, जो नहर में गिर रही है। शक्तिनहर से यह गंदगी यमुना नदी में जा रही है, जिस कारण नदी प्रदूषित हो रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि शक्तिनहर के किनारे स्थित विभिन्न कॉलोनियों में कूड़ादानों की व्यवस्था की जाए, ताकि कूड़ा नहर में न फेंका जा सके। परियोजना क्षेत्र में साफ-सफाई की जिम्मेदारी जल विद्युत निगम की है, इसलिए निगम कूड़ेदानों से नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि निगम की लापरवाही के चलते कूड़ा शक्तिनहर में फेंका जा रहा है।
 
ज्ञापन देने वालों में सुमित नेगी, रन्नू प्रसाद, उत्तम नेगी, अकरम अली, प्रशांत अंगीरा, अब्बास अली व दिलीप सिंह आदि शामिल थे। 


प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत

विकासनगर। जीआईसी हरबर्टपुर में छात्र-छात्राओं के लिए सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता के विजेताओं को विद्यालय के प्रधानाचार्य आरएस राणा ने पुरस्कृत किया। 
 
प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में कपिल वर्मा व अंकित तोमर 20 में से 17 अंक प्राप्त कर प्रथम, हिमांशु कटारिया, वैशाली राठौर, सुधीर कुमार, रेशिफ उमर सलमानी व मोहित पाल 20 में से 16 अंक प्राप्त कर द्वितीय और राहुल वर्मा, मोहम्मद उस्मान व हिमांशु वर्मा 20 में से 15 अंक प्राप्त कर तृतीय रहे। सीनियर वर्ग में अनिल चौहान, मोहम्मद आसिफ व पवन कुमार प्रथम, अजीत डिमरी द्वितीय और श्वेता शर्मा, दीपक, विनोद कुमार व अजय प्रजापति तृतीय स्थान पर रहे।
 
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वाईपीएस मलिक, संजय गर्ग व एसके सिंह शामिल थे। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य आरएस राणा ने कहा कि छात्र-छात्राओं को समसामयिक घटनाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के सर्वागीण विकास के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताएं जरूरी हैं। विद्यालय में खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए त्र्कीड़ा प्रभारी मनोज रतूड़ी ने खिलाड़ियों का चयन भी किया।


करंट लगने से गाय की मौत

विकासनगर। ऊर्जा निगम की लापरवाही के चलते गेट बाजार त्यूणी के पास स्थित विद्युत पोल में करंट आने से गाय की मौत हो गई। पशुपालक ने तहसील-प्रशासन से शिकायत कर लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कारर्वाई किए जाने की मांग की है। 
 
मंगलवार को गेट बाजार त्यूणी स्थित पशु चिकित्सालय के पास महेंद्र नाथ की गाय चर रही थी। इस दौरान पशु चिकित्सालय से कुछ दूर स्थित विद्युत पोल से सटे तार में करंट आने के कारण गाय उसकी चपेट में आ गई। जिससे उसकी मौत हो गई। पशुपालक की सूचना पर नायब तहसीलदार केडी जोशी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार से कहा कि पशु चिकित्सालय के स्थित विद्युत पोल की सपोर्ट तार पर कई बार छोटे बच्चे झूलते रहते हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने उर्जा निगम से विद्युत लाइन को तुरंत ठीक कराने की मांग की।


पाकिंर्ग से एक और कार गयी गंगा में

ऋ षिकेश। त्रिवेणी घाट कार पाकिंर्ग में खड़ी कार एक बार फिर फिसलते हुए गंगा में जा पहुंची। कार में महिलाओं और बच्चों समेत सात लोग सवार थे। कार के गंगा में जाते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। 

घटनात्र्कम के मुताबिक, प्रातः करीब पांच बजे त्रिवेणी घाट पाकिंर्ग में खड़ी एक टाटा स्पैसियो एचआर-01 एन 1425 अचानक फिसलती हुई सीढ़ियों से होते हुए गंगा में जा पहुंची। कार में महिलाओं और बच्चों समेत सात लोग सवार थे। कार चालक रिवानी हरियाणा निवासी विनोद पुत्र रोहतास उस समय नहाने गया था। कार में सवार लोगों की नींद टूटी तो बिना चालक के फिसल रहीं इस कार को देख कर उनके होश उड़ गए। इस बीच कार गंगा की धारा में जा पहुंची। सूचना पाकर त्रिवेणी घाट चौकी से पुलिस व जल पुलिस के कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार के भीतर बैठे हरियाणा निवासी सूरज, मीनू, पूजा, खुशी, गगन, जितेंद्र सिंह और नरेश को बाहर निकाला। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद कार को गंगा से बाहर निकाला। शुत्र्क रहा कि इस समय घाट पर कोई व्यक्ति कार की चपेट में नहीं आया। 
 
त्रिवेणी घाट कार पाकिंर्ग पर वाहनों के फिसलने की यह एक माह में लगातार तीसरी घटना है। पाकिंर्ग में गंगा की ओर कोई पैराफिट न होने के कारण अक्सर इस तरह के हादसे हो रहे हैं। इससे पहले 24 अप्रैल को पाकिंर्ग में खड़ी एक कार सायं के समय अचानक गंगा में जा पहुंची थी। ऐसा ही एक और हादसा 14 मई को हुआ, जब तड़के एक कार गंगा में जा पहुंची। कार में दो मासूम बच्चे भी सवार थे। ऋ षिकेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने नगरपालिका व प्रशासन पर इस दिशा में लापरवाही बरतने का अरोप लगाया। उन्होंने पाकिंर्ग पर घाट की ओर सीमेंट के बेंच बनाने की मांग करते हुए पाकिंर्ग में ठेका व्यवस्था भी बंद करने की मांग की।


भौतिकता से आध्यात्म की ओर ले जाता है योग

ऋ षिकेश। अहं ब्रह्मास्मि योग मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित नि:शुल्क योग साधना एवं योग चिकित्सा शिविर के चौथे दिन योग व आध्यात्म के संबंध के बारे जानकारी दी। 
 
त्रिवेणी घाट में चल रहे योग शिविर के दौरान योगाचार्य करणपाल महाराज ने कहा कि जब व्यक्ति नियमित रूप से योग का अभ्यास करता है तो उसके शरीर के सारे विकार दूर हो जाते हैं और मन साफ हो जाता है। उन्होंने कहा कि योग भौतिकता से आध्यात्म की ओर ले जाता है। शिविर के दौरान उन्होंने धनुरासन, स्पर्शासन, उत्वान पादासन व नाड़ी शोधन प्राणायाम के बारे में जानकारी देते हुए उनका अभ्यास भी कराया। इस अवसर पर संदीप मल्होत्रा, सुरेंद्र गुप्ता, ललिता मिश्रा व स्वामी गोस्वामी आदि उपिस्थत थे। 


तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यत्र्कम शुरू

ऋ षिकेश। अध्यापकों को शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रित्र्कया के तहत सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यत्र्कम शुरू हुआ। पहले दिन बीएड विभाग के विभिन्न प्रवक्ताओं ने छोटी कक्षाओं में पढ़ाते समय निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों पर बारीकी से प्रकाश डाला। 
 
दून ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए डिप्स की समन्वयक और दून इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रिसर्च की निदेशक संगीता अधिकारी ने कहा कि शिविर का आयोजन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत किया गया है। उन्होंने डिप्स की शिक्षिकाओं से अपेक्षा जताई कि वह इस कार्यत्र्कम से बेहतर अनुभव प्राप्त करेंगी। शिविर के प्रथम सत्र में शिक्षा संकाय की असिस्टेंट प्रोफेसर संगीता बिजल्वाण ने बाल मनोविज्ञान के तहत बच्चों के मानसिक, शारीरिक एवं संवेगात्मक विकास के बारे में बारीकियां बताते हुए शिक्षिकाओं से आह्वान किया कि वह किताबी शिक्षा पर जोर देने के बजाय व्यवहारिक शिक्षा पर ध्यान दें। विभागीय प्रवक्ता विनय कुमार चौधरी ने संप्रेषण को विचारों के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम बताते हुए कहा कि एक शिक्षक के लिए संप्रषण कौशल बहुत मायने रखता है।
 
कार्यत्र्कम को डीआईईटी के निदेशक डॉ. एसके गुप्ता, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट आफिसर मेजर रवि रणदेव ने भी संबोधित किया। इस दौरान रजिस्ट्रार डॉ. सुनीता शर्मा, दून इंटरनेशनल पिब्लक स्कूल की पि्रंसिपल स्वाति पाण्डेय, मीरा कोठारी, शिखा भंडारी, ममता नौटियाल, अमिता रतूड़ी व सविता सेमवाल आदि मौजूद थे।

संघर्षपूर्ण मैच में पीछे रह गयी उत्तराखंड इलेवन

देहरादून। आल इंडिया गोल्ड कप में उत्तराखंड इलेवन के सलामी बल्लेबाजी हर्षवर्द्धन नेगी का शानदार शतक (125 रन) भी टीम को जीत नहीं दिला पाया। एनइआर गोरखपुर के 260 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी उत्तराखंड 255 रन पर सिमट गई। वहीं, एक अन्य मैच में एयर इंडिया ने रिजवी बिल्डर्स मुंबई को आठ विकेट से हराया। मुंबई के 120 रन के लक्ष्य को एयर इंडिया ने आठ विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। 
 
रेंजर्स मैदान में खेले गए मैच में एनइआर गोरखपुर ने टॉस जीत कर बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम ने ताहिर अब्बास (51), दीपक यादव (50) की बदौलत चालीस ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाए। उत्तराखंड की ओर से अरविंद ने पांच विकेट झटके। लक्ष्य का पीछा करने उतरी उत्तराखंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज कमल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद खेलने आए नीरज सैनी (67) ने हर्षवद्धर्न नेगी (125 रन) के साथ शतकीय साझेदारी की। पर नीरज के आउट होते मैच पलट गया। स्थिति यह रही की टीम के अंतिम पांच बल्लेबाज मात्र 15 रन ही बना पाए। इसके चलते पूरी टीम 255 रन पर ही सिमट गई। 

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ने किया कोर्ट का निरीक्षण

ऋ षिकेश। न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय तरुण अग्रवाल ने सोमवार को ऋ षिकेश पहुंच न्यायालय का जायजा लिया। उन्होंने यहां निर्माणाधीन व प्रस्तावित भवन का निरीक्षण भी किया। 
 
सोमवार को उच्च न्यायालय नैनीताल के न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल ऋ षिकेश न्यायालय पहुंचे। उन्होंने यहां अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज जूनियर डिविजन, अपर सिविल जज जूनियर डिविजन व अपर पारिवारिक न्यायालय का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्टाफ की स्थिति व लंबित मामलों के संबंध में भी जानकारी हासिल की। न्यायमूर्ति श्री अग्रवाल ने न्यायालय के प्रथम तल पर निर्माणधीन भवन का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निदेर्श दिए। उन्होने यहां प्रस्तावित नए भवनों का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। साथ ही आवासीय परिसरों का निरीक्षण कर अधिकारियों से पूछताछ की। उन्होंने तृतीय श्रेणी कर्मचारी आवास में कर्मचारियों के न रहने की स्थिति पर भी पूछताछ की। इसके बाद न्यायमूर्ति ने बार एसोसिएशन में अधिवक्ताओं से मुलाकात की। अधिवक्ताओं ने पक्के चेंबर बनवाने व रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति की मांग की। उन्होंने जल्द ही अधिवक्ताओं के लिए पक्के चेंबर बनाने का आश्वासन दिया।
 
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सजवाण, महासचिव मुकेश शर्मा, खुशहाल सिंह कलूड़ा, शीशराम कंसवाल, अतुल यादव व अजय ठाकुर आदि उपिस्थत थे।

गैस एजेंसी के लिए चयनित भूमि पर दावा ठोकने से मामला मझधार में

ऋ षिकेश। रानीपोखरी ग्राम सभा में प्रस्तावित गैस एजेंसी के लिए चयनित भूमि खसरा नंबर एक का मामला तूल पकड़ने लगा है। वन विभाग द्वारा गैस एजेंसी के लिए चयनित भूमि पर दावा ठोकने से मामला मझधार में पड़ गया है। बुधवार को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी देहरादून से मिलने का निर्णय लिया है। 
 
रानीपोखरी में प्रस्तावित गैस एजेंसी के निर्माण कार्य में आई रुकावट के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला किया। मंगलवार को ग्राम प्रधान पंकज यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता विजय भट्ट ने कहा कि जनहित से जुड़े मामले में इस तरह रुकावट पैदा करना सही नहीं है। जिस जगह पर निर्माण कार्य हो रहा है, वह जगह भी सरकारी गैस एजेंसी के लिए दी गई है, ऐसे में कोई बाहरी अतित्र्कमण नहीं हो रहा है। ज्येष्ठ उप प्रमुख नवीन चौधरी, जिला पंचायत सदस्य मालती चौहान व रैनापुर के प्रधान संसार सिंह ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा। बैठक में राजस्व विभाग व ग्राम सभा के रिकार्ड को भी आधार बताते हुए जिलाधिकारी को तथ्य से अवगत कराया जाएगा।
 
बैठक में पुष्पराज बहुगुणा, बलवंत रावत, आदित्य बडोनी, लक्ष्मण बिष्ट, महेंद्र भट्ट, विनीत कोठारी, अनूप चौहान व चांद खां आदि उपिस्थत थे। 

जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन

देहरादून। भनियावाला क्षेत्र में हाइवे चौड़ीकरण की जद में आ रहे प्रभावितों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि चौड़ीकरण की जद में आ रही भूमि का मुआवजा सकिर्ल रेट से भी कम तय किया गया है। ग्रामीणों ने मुआवजा माकेर्ट रेट पर देने की मांग की। इस संबंध में सचिन कुवेर को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। 
 
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया भनियावाला क्षेत्र में नूनावाला गुरुद्वारा से प्रेसीडेंसी स्कूल तक एनएच-72 को चौड़ा करने जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अफसरों ने चौड़ीकरण की जद में आ रही भूमि प्रति वर्गमीटर 1749 रुपये मुआवजा तय किया है। जबकि इलाके का सकिर्ल रेट ही पांच हजार रुपये है। ग्रामीणों ने माकेर्ट रेट सात हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की। 
 
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण राजमार्ग को एक ओर से ही चौड़ा कर रहा है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के तहत रोड को बीच से दोनों छोरों पर बराबर चौड़ा किया जाता है। प्रदर्शन करने वालों में गुरमोल सिंह, चंदन सिंह, गोविंद सिंह, अवतार सिंह, रणजीत सिंह, रतन, गुरमेश सिंह, दिनेश ममगाईं, रामलाल, सुनील आदि शामिल थे। 

बच्चों को पाठ्य सामग्री बांटी

ऋ षिकेश। सेवा टीएचडीसी एवं जागृति सेवा समिति की ओर से जरूरतमंद स्कूली बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित की गई।
 
राजीवग्राम ढालवाला प्राथमिक विद्यालय व राजकीय जूनियर हाईस्कूल पशुलोक के बच्चों को किताबें व अन्य पाठ्य सामग्री वितरित की गई। इस मौके पर सेवा समिति के सचिव एसक्यू अहमद ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है और इन्हें सही शिक्षा देना सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र के सपने को यदि शिक्षित करना है तो बेहतर शिक्षा ही इस लक्ष्य को पाने का सबसे सफल माध्यम है। इस दौरान विद्यालय में पढ़ने वाले जरूरतमंद बच्चों को पुस्तकें, कापियां व अन्य जरूरी सामान प्रदान किए गए।
 
इस अवसर पर प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह बिष्ट, मधुसूदन रयाल, भगवान सिंह राणा, अशोक देशवाल, दिनेश कोटियाल, राजपाल सिंह राणा व साहब सिंह गुलियाल आदि उपिस्थत थे।


राहुल गांधी आज ऋ षिकेश में - पुलिस प्रशासन लगा सुरक्षा में

ऋ षिकेश। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी के बुधवार को ऋ षिकेश आगमन कार्यत्र्कम को देखते हुए एसपीजी व स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को बारीकी से परखा। 
 
यहां आयोजित युवा काग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों के सम्मेलन में राहुल गांधी के शामिल होने की पुष्टि पुलिस प्रशासन कर रहा है, मगर आने के समय को लेकर स्थिति साफ नहीं है। माना जा रहा था कि राहुल विशेष विमान से जौलीग्रांट और फिर वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज स्टेडियम में अस्थायी हेलीपैड पर उतरेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से आइडीपीएल व एक अन्य स्थान पर भी हेलीपैड बनाया गया है। बताया यह भी जा रहा है कि राहुल गांधी जौलीग्रांट से सड़क मार्ग के जरिए भी यहां पहुंच सकते हैं।
 
पुलिस उपाधीक्षक टीडी बैला के मुताबिक अब तक जो कार्यत्र्कम आया है उसके अनुसार राहुल गांधी दोपहर सवा बारह बजे तक आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे। उधर, एसपीजी सहित देहरादून से आए बम निरोधक दस्ते ने आयोजन स्थल का डॉग स्क्वॉड के साथ मुआयना किया।

नेता के घर से नकदी व जेवरात चोरी

देहरादून। दून में चोरी की घटनाओं का सिलसिला दिनदिन बढता जा रहा है। इसी कडी में मंगलवार को गोरखा डेमोत्र्केटिक फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष के मकान में घुसे चोरों ने हजारों की नगदी समेत जेवरात व लैपटॉप चोरी कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है। 
 
पटेलनगर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सेवलांकलां चंद्रबनी में जीडीएफ अध्यक्ष सूर्यप्रकाश शाही का मकान है। पुलिस के मुताबिक श्री शाही इन दिनों गैरसैंण गए हुए हैं। बीती रात घर पर उनकी पत्नी व बच्चा था। श्री शाही की पत्नी ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात में उन्हें घर की दूसरी मंजिल पर कुछ लोगों के होने का अंदेशा हुआ था, लेकिन अकेले होने के कारण वह बाहर नहीं आई। मंगलवार सुबह जब दूसरी मंजिल पर गई तो देखा कि मुख्य द्वार पर लगा हुआ ताला टूटा पड़ा था और अंदर रखा सारा सामान बिखरा पड़ा था। आलमारियां खुली हुई थी। इस पर उन्होंने श्री शाही को फोन पर चोरी की सूचना दी। दोपहर में घर पहुंचे जीडीएफ अध्यक्ष ने थाने पहुंचकर पुलिस को घटनात्र्कम की जानकारी दी। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड के साथ मौका-मुआयना किया।
 
पुलिस को श्री शाही ने बताया कि चोर मकान से लगभग बीस हजार की नगदी के अलावा काफी जेवरात एवं एक लैपटॉप चोरी कर ले गए। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व भी चोरों शाही के घर से हजारों का माल उड़ा दिया था।

भर्तियों में अनियमितता को लेकर उक्रांद का प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखण्ड क्रांति दल महानगर ने समूह ’ग’ की भर्तियों में अनियमितताओं े विरोध में सचिवालय में प्रदर्शन किया।
 
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लम्बी प्रतीक्षा े बाद समूह ’ग’ की भर्तियों का शासनादेश और प्रिक्रया शुरू हुई है। राज्य े युवाओं को रोजगार े अवसर मिल रहे हैं लेकिन जो विज्ञप्ति स्थानीय समाचार पत्रों व विभिन्न विभागों में आवेदन करने े लिए प्रिक्रया लिखी है उससे प्रतीत हो रहा है कि सरकार की मंशा स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की नहीं है। सरकार एक षड़यंत्र े तहत अन्य लोगों को भी घोषित नौकरियों में लाभ पहुंचाना चाहती है जो स्थानीय युवाओं े साथ छलावा है। उन्होंने मांग की है कि लम्बे समय बाद खुली समूह ’ग’ की भर्तियों में युवाओं की आयु सीमा बाधित हो रही है। जबकि पूर्व में घोषणा की गयी थी कि समूह ’ग’ व ’घ’ की भर्तियों में आयु सीमा 40 वर्ष रखी जायेगी। जबकि इसमें आयु सीमा 35 वर्ष रखी गयी है इसे बढ़ा कर 40 वर्ष किया जाये। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने ग्राम्य विकास अधिकारी े लिए रखे गये मानकों को हास्यास्पद बताया है जिसमें एक मील व दो मील की दौड़ 15 मिनट, चार किमी साइकिल से 15 मिनट, 15 फुट लम्बी कूद व घुड़सवारी े मानक रखे गये हैं। ये मानक आधारहीन व औचित्यहीन हैं। बेरोजगार युवाओं े लिए 500 पये प्रत्येक आवेदन शुल्क देना संभव नहीं है इस दर को घटाया जाये। उन्होंने अण्डमान निवासी व तिब्बती समुदाय े लोगों को आवेदन करने की छूट देना अनुचित है। इने विरूद्ध आंदोलन किया जायेगा।
 
स्थानीय भाषा व बोली जानने वाले अभ्यर्थियों को समूह ’ग’ की भर्तियों में वरीयता दी जाये। प्रदर्शन करने वालों में धमेन्द्र कठैत, बहादुर सिंह रावत, खलीक अहमद तथा चन्द्रा आिद शामिल थे। 

एपीएल काडर्धारकों को मिलेगा दस-दस किलो गेहूं व चावल

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने यह तय किया है कि अगले महीने से सभी को उनके राशन काडर पर 10 किलोग्राम गेहूं और इतना ही चावल मिलेगा । सरकार ने मुद्रस्फीति की मार से जूझ रहे आम लोगों को सहायता पहुंचाने के मद्देनजर यह कदम उठाया है। 
मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में सचिवालय में हुयी कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि राशन काडर पर मिलने वाले चावल का दाम 6 रुपए प्रति किलोग्राम और गेहूं का दाम 4 रुपए प्रति किलोग्राम होगा। ्र
 
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि एपीएल राशनकाडर धारकों को अगर ेंद्र से अतिरिक्त कोटा नहीं िदया जाता तो उत्तराखंड सरकार इसमें बढ़ोत्तरी करते हुए दस किग्रा. चावल और दस किग्रा गेहूं क्रमशः छह व चार रूपए की दर से मुहैया कराएगी। इस पर सरकार अपनी ओर से इक्कीस करोड़ रूपए प्रतिमाह और वर्ष में 252 करोड़ रूपए का व्ययभार पड़ेगा। राज्य में एपीएल काडोर की संख्या 18 लाख है। यह व्यवस्था आगामी माह जून से लागू हो जाएगी। कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि पूर्व में जो शिक्षा महानिदेशालय कार्यरत था, उसे अधीन अब प्राथमिक, माध्यमिक और शोध एवं अकादमिक प्रशिक्षण निदेशालय पृथक-पृथक जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 21000 विद्यालयों में छियासठ हजार प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक व शिक्षक कार्यरत हैं, जिने अधीन बाइस लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसलिए यह व्यवस्था करना नितांत आवश्यक समझा गया। उन्होंने बताया कि पिछले विधानसभा सत्र जो 14-29 मार्च तक चला, में पिछले दस सालों की समयावधि में पहली बार 19 विधेयक पारित हुए। कैबिनेट ने मीटिंग में विधायी एवं संसदीय सेवा नियमावलि को मंजूरी देते हुए उसे पदों में बढ़ोत्तरी े निर्णय को भी मंजूरी दे दी। उन्होंने बताया कि मनेरी भाली द्वितीय चरण में बनने वाले सिंचाई विभाग जो कि निर्माण एजेंसी े रूप में भी कार्य करता है, उस पर 12 प्रतिशत ेंद्रीय कर लगने े कारण विभाग को होने वाली 123 करोड़ में से 63 करोड़ विद्युत मूल्य में शामिल नहीं हो पाए, उसको स्वयं वहन करने का निर्णय लिया गया। उक्त परियोजना 986 करोड़ रूपए की है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने पीडब्ल्यूडी े भूवैज्ञानिक सेवानियमावलि को मंजूरी दे दी है। इसी प्रकार ग्राम विकास सेवा नियमावलि को संशोधित करते हुए नए ढांचे को मंजूरी दे दी। अब बीडीओ े अलावा सहायक निदेशक, संयुक्त निदेशक आिद पद होंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में उमादेवी प्रकरण में 225 में से शेष बचे 64 का नियमितिकरण करने को मंजूरी दे दी गई जबकि आठ का समायोजन शीघ्र कर िदया जाएगा।
 
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि हल्द्वानी स्थित कोसी नदी पर प्रस्तावित पुल का निर्माण निजी ंपनी े द्वारा कराया जाएगा जबकि इस पर टोल टैक्स से होने वाली आय राजकीय कोष में जमा होगी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों में लिपिक संवर्ग में पदोन्नति े मानक निर्धारित कर िदए गए हैं, प्रवर सहायक े लिए छह साल, मुख्य सहायक े लिए पांच साल, प्रशासनिक सहायक े लिए तीन साल, वरिष्ठ सहायक े लिए 20 साल की कार्यसेवा होना आवश्यक होगा। मुख्य सचिव ने बताया कि कैबिनेट द्वारा लोक सेवा अभिकरण े वेतनमान संशोधन को भी मंजूरी दे दी। आयोग े अध्यक्ष का वेतन 90 व उपाध्यक्ष तथा सदस्यों का वेतन मान 80 हजार निर्धारित कर िदया गया है।पहले यह वेतनमान 30 हजार व 26 हजार रूपए था।
 
कैबिनेट द्वारा मल्टीप्लेक्स को प्रोत्साहित करने े लिए सरकार ने 5 वर्ष तक मनोरंजन कर में शत प्रतिशत छूट का निर्णय किया है। अभी तक यह पहले वर्ष शत प्रतिशत तथा दूसरे वर्ष 75 प्रतिशत छूट दी जा रही थी लेकिन यह नीति सफल नहीं हो पाई थी। वार्ता में प्रमुख सचिव कार्मिक उत्पल कुमार सिंह, सचिव ओम प्रकाश तथा महानिदेशक सूचना सुबर्द्धन भी थे।

 

बेजुबानों की मौत का कारण बन रही दो विभाग की लडाई

हरिद्वार। वन्य जीवों पर भारी पड़ रही है, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और वन विभाग की आपसी खींचतान। दो सरकारी विभागों की लड़ाई का खमियाजा वन्य जीवों विशेष कर गुलदारों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। 
 
मामला बेहद छोटा और राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर के निर्माण से जुड़ा है पर, आड़े आ रहे नियमों का हवाला देकर मासूम बेजुबानों की जान पर तेरी चिट्टी-मेरी चिट्टी का खेल, खेल जा रहा है। एक तरफ वन विभाग प्राधिकरण को स्पीड ब्रेकर बनाने के पत्र लिखता है तो दूसरी तरफ प्राधिकरण राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर न बनाए जाने के नियम का हवाला देकर उन्हें खारिज कर देता है। सिलसिला जारी है, दोनों विभागों का एक-दूसरे को पत्र लिखने और वन्य जीवों के मरने का। 
 
जंगलों से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण के वक्त वन्य जीवों को होने वाले नुकसान का कोई ध्यान नहीं रखा गया। यहां तक कि उस वक्त वन विभाग के लोगों ने इस पर रिसर्च वकर कर वन्य जीवों को इससे होने वाले खतरों और उनसे उन्हें बचाने के लिए समय रहते प्राधिकरण से कोई चर्चा नहीं की। 
 
नतीजा, राजमार्ग पर आवागमन शुरू होते ही वन्य जीवों की मौत के रूप में सामने आ गया। एक के बाद एक होती वन्य जीवों की मौत ने साफ कर दिया है कि उनमें सरकारी नियमों में मानवीय संवेदना का कोई स्थान नहीं। खासकर बेजुबानों के लिए। 
 
यही वजह है कि अभी तक संवेदनशील स्थानों पर वाहनों की स्पीड कम करने के लिए स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए। हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे और हरिद्वार-ऋ षिकेश हाईवे पर इस वर्ष अभी तक तीन गुलदार समेत आधा दर्जन से अधिक वन्यजीव तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। फरवरी माह में जब सात दिनों के अंदर दो गुलदार श्यामपुर रेंज में वाहनों की चपेट में आकर मरे तब जाकर वन विभाग की नींद टूटी। 
 
संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां पर स्पीड ब्रेकर बनाने की योजना बनाकर नेशनल हाइवे आथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज कर्तव्य की इतिश्री कर ली। तीन महीने बीत गए पर कुछ न हुआ। प्राधिकरण के कान पर जूं तक न रेंगी और वन विभाग भी चुप ही रहा। अप्रैल-मई में घटना फिर घटी और वाहन की टक्कर से फिर एक गुलदार मारा गया, फिर से इस मामले ने जोर पकड़ लिया है। देखना है कि ये सिलसिला कब तक जारी रहता है। 
 
हरिद्वार वन प्रभाग े डीएफओ गोपाल सिंह राणा का कहना है कि हाइवे अथॉरिटी को स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए पत्र लिखकर कहा गया था। उन्होंने नियमों का हवाला देकर अभी तक ब्रेकर का निर्माण नहीं कराया है। उन्हें फिर से पत्र लिखा जाएगा। 

 

बेजुबानों की मौत का कारण बन रही दो विभाग की लडाई

हरिद्वार। वन्य जीवों पर भारी पड़ रही है, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और वन विभाग की आपसी खींचतान। दो सरकारी विभागों की लड़ाई का खमियाजा वन्य जीवों विशेष कर गुलदारों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। 
 
मामला बेहद छोटा और राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर के निर्माण से जुड़ा है पर, आड़े आ रहे नियमों का हवाला देकर मासूम बेजुबानों की जान पर तेरी चिट्टी-मेरी चिट्टी का खेल, खेल जा रहा है। एक तरफ वन विभाग प्राधिकरण को स्पीड ब्रेकर बनाने के पत्र लिखता है तो दूसरी तरफ प्राधिकरण राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर न बनाए जाने के नियम का हवाला देकर उन्हें खारिज कर देता है। सिलसिला जारी है, दोनों विभागों का एक-दूसरे को पत्र लिखने और वन्य जीवों के मरने का। 
जंगलों से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण के वक्त वन्य जीवों को होने वाले नुकसान का कोई ध्यान नहीं रखा गया। यहां तक कि उस वक्त वन विभाग के लोगों ने इस पर रिसर्च वकर कर वन्य जीवों को इससे होने वाले खतरों और उनसे उन्हें बचाने के लिए समय रहते प्राधिकरण से कोई चर्चा नहीं की। 
 
नतीजा, राजमार्ग पर आवागमन शुरू होते ही वन्य जीवों की मौत के रूप में सामने आ गया। एक के बाद एक होती वन्य जीवों की मौत ने साफ कर दिया है कि उनमें सरकारी नियमों में मानवीय संवेदना का कोई स्थान नहीं। खासकर बेजुबानों के लिए। 
 
यही वजह है कि अभी तक संवेदनशील स्थानों पर वाहनों की स्पीड कम करने के लिए स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए। हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे और हरिद्वार-ऋ षिकेश हाईवे पर इस वर्ष अभी तक तीन गुलदार समेत आधा दर्जन से अधिक वन्यजीव तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। फरवरी माह में जब सात दिनों के अंदर दो गुलदार श्यामपुर रेंज में वाहनों की चपेट में आकर मरे तब जाकर वन विभाग की नींद टूटी। 
 
संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां पर स्पीड ब्रेकर बनाने की योजना बनाकर नेशनल हाइवे आथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज कर्तव्य की इतिश्री कर ली। तीन महीने बीत गए पर कुछ न हुआ। प्राधिकरण के कान पर जूं तक न रेंगी और वन विभाग भी चुप ही रहा। अप्रैल-मई में घटना फिर घटी और वाहन की टक्कर से फिर एक गुलदार मारा गया, फिर से इस मामले ने जोर पकड़ लिया है। देखना है कि ये सिलसिला कब तक जारी रहता है। 
 
हरिद्वार वन प्रभाग े डीएफओ गोपाल सिंह राणा का कहना है कि हाइवे अथॉरिटी को स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए पत्र लिखकर कहा गया था। उन्होंने नियमों का हवाला देकर अभी तक ब्रेकर का निर्माण नहीं कराया है। उन्हें फिर से पत्र लिखा जाएगा। 

 

कार खाई में गिरने से एक ही परिवार के चार घायल

ऋ षिकेश। ऋ षिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर व्यासी के पास श्रीनगर से ऋ षिकेश की ओर आ रही एक आल्टो कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, जिसमें चार लोग घायल हो गए। 
 
जानकारी के मुताबिक, अपराह्न करीब दो बजे ऋ षिकेश की ओर जा रही एक आल्टो कार यूए-07 एए-5789 कौडियाला से ढाई किलोमीटर पहले अनियंत्रित होकर करीब पंद्रह मीटर गहरी खाई में जा गिरी। गनीमत रही कि कार कुछ पलटियां खाने के बाद एक पेड़ से जा टकराई। कार में देहरादून के एक ही परिवार के लोग सवार थे। वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने जब कार को गिरते देखा तो उन्होंने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल केदारपुरम देहरादून निवासी जगमोहन सिंह नेगी (57) पुत्र ध्यान सिंह उनकी पत्नी दीना नेगी (50) व पुत्र मनमोहन सिंह (25) व एक अन्य संबंधी पंकज देवाली (26) पुत्र जेपी देवाली निवासी माजरा देहरादून को बाहर निकाल कर 108 आपात सेवा की मदद से राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। 
 
उधर, नगर क्षेत्र में हुई एक अन्य सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया। बदरीनाथ मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर सिंगठाली टिहरी गढ़वाल निवासी वित्र्कम सिंह (37) पुत्र सुंदर सिंह घायल हो गया। उन्हें 108 सेवा से राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। 

आम आदमी नर भारी पडने लगी लेखपालों की हड़ताल

देहरादून। लेखपालों की हड़ताल अब आमजन पर भारी पड़ने लगी है। स्थिति यह है कि जनाधार में प्रमाणपत्र के आवेदनों का अंबार बढ़ने लगा है। हड़ताल की अवधि में तकरीबन तीन हजार आवेदन जमा हो चुके हैं, लेकिन इन पर कारर्वाई नहीं हो पा रही है। वहीं भूमि के सीमांकन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। 
 
मैदानी क्षेत्रों के लेखपाल विभिन्न मांगों को लेकर पांच अप्रैल से हड़ताल पर हैं। इनके हड़ताल पर जाने से कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें प्रमुख कार्य प्रमाणपत्रों से संबंधित है। मूल निवास प्रमाण पत्र से लेकर जाति प्रमाण पत्र आदि के कार्य इन्हीं के माध्यम से किए जाते हैं। लेखपाल ही इन आवेदनों का वेरीफिकेशन करते हैं। इनके हड़ताल पर जाने के चलते वेरीफिकेशन नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा भूमि के सीमांकन का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इससे नई भूमि खरीद कर रजिस्ट्री कराने वालों को खासी परेशानी हो रही है। अमूमन भूमि संबंधी वादों में लेखपाल ही प्रशासनिक दस्तावेजों के आधार पर भूमि का सीमांकन करते हैं। चूंकि इन्हें क्षेत्र का खासा ज्ञान होता है ऐसे में इन कार्यो में गलती की गुंजाइश कम ही रहती है। वहीं इनके हड़ताल पर जाने से भूमि की खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी की संभावना भी बढ़ रही हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली सहायता को वितरित करने का कार्य भी लेखपालों के जिम्मे हैं।
 
लेखपालों के हड़ताल पर जाने से यह सभी कार्य प्रभावित हैं। इन दिनों स्कूल में एडमिशन और नौकरी के लिए आने वाले आवेदनों के लिए युवाओं को प्रमाण पत्रों की जरूरत महसूस हो रही है, लेकिन इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने के चलते स्थिति चरमराई हुई है। प्रशासन का दावा है कि प्रमाण पत्रों को छोड़ शेष कार्यो के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है। 
 
भूमि के सीमांकन के लिए नायब तहसीलदारों से सवेर्यर लेखपाल की मदद से कार्य करने को कहा गया है। जबकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की सहायता वितरित करने का जिम्मा नायब तहसीलदारों को सौंपा गया है। प्रमाण पत्र बनाने में जरूर परेशानी आ रही है।

पानी में बह गया हजारों का कंत्र्कीट

देहरादून। गढ़ी कैंट बोर्ड में निर्माणाधीन पुलिया स्थल पर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन का पानी आ जाने से पचास हजार रुपये का कंत्र्कीट बह गया। निर्माण का कुछ हिस्सा भी पानी से ध्वस्त हो गया। पिछले कई दिनों से पानी की लीकेज काम में बाधा डाल रहा है। लोनिवि ने कैंट बोर्ड से सहयोग की अपील की। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड को क्षतिग्रस्त पाइप लाइन वाले हिस्से में पानी नहीं खोलना चाहिए। 
 
पुलिया निर्माण स्थल के पास ट्यूबवेल से जुड़ी पाइप लाइन पिछले काफी समय से क्षतिग्रस्त हो रखी है। यहां से अकसर भारी मात्रा में पानी निर्माण स्थल पर पहुंचता है। पानी के चलते साइट पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लोनिवि के सहायक अभियंता विपुल सैनी ने बताया कि पाइप लाइन से आए पानी से निर्माण के लिए लाया गया करीब पचास हजार रुपये का कंत्र्कीट बह गया। पुलिया के एक छोर के हिस्से पर पानी से भूस्खलन भी हुआ। सैनी ने बताया कि पानी की समस्या लंबे समय से चली आ रही है।
 
इस बारे में बोर्ड अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि पानी काम में बाधा डाल रहा है। गढ़ी कैंट बोर्ड अभियंता बालेश भटनागर ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को जल्द दुरुस्त करने की बात कही। 


28 में 26 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में हुए उत्तीर्ण

पिथौरागढ़। डॉन बास्को पिब्लक स्कूल के विद्यार्थियों ने इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। परीक्षा में शामिल हुए 28 विद्यार्थियों में से 26 ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उर्त्तीण की। मैनेजर फादर जॉन किंग भारत ने बताया कि विद्यालय की छात्रा मेनका सामंत 92.6 प्रतिशत अंक हासिल कर अव्वल रही। शशांक भट्ट 90.8 प्रतिशत अंक हासिल कर दूसरा और आरिफा अहमद ने 90.4 प्रतिशत अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर तारा ने विद्यालय के परीक्षा परिणाम पर खुशी जताई है।

सेटेलाइट सिस्टम से रूबरू हुए समन्वयक

पिथौरागढ़। ग्लोबल प्रोसेसिंग सिस्टम प्रशिक्षण कार्यत्र्कम के तहत बीआरसी डीडीहाट में कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में ब्लाक व संकुल समन्वयकों को विभिन्न जानकारियां दी गई। 
 
बताया गया कि विद्यालयों को सेटेलाइट से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद विद्यालय की प्रत्येक गतिविधि की जानकारी शिक्षा निदेशालय को मिलेगी। अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र देहरादून के वैज्ञानिक डा.केएस रावत ने बताया कि इस समय विद्यालयों के मानचित्र का काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद स्कूलों को विशेष तकनीक से बने प्रोग्राम के जरिए सेटेलाइट से जोड़ा जाएगा। इसके बाद सेटेलाइट के जरिए त्रि्कयाकलापों पर नजर रखी जा सकेगी। इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने वाले समन्वयकों को अपने विद्यालयों में इस प्रोग्राम की जानकारी देनी होगी।
 
कार्यत्र्कम में संतोष रावत, सुरेश ओझा, टीबी पंत, भूपाल चुफाल, सरोजनी हयांकी, विनोद कुमार, केएन पंत आदि समन्वयक मौजूद थे

अनुरोध पर होंगें तबादले

देहरादून। प्रदेश का शिक्षा महकमा दूरस्थ अंचलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने को तो कोई रुचि दर्शाता नजर नहीं आ रहा है अलबत्ता नित नये-नये प्रयोगों के तहत अब अनुरोध के आधार पर शिक्षकों के तबादले का ताना बाना बुन रहा है। जिसके लिए शिक्षकों में अनुरोध आवेदन प्राप्त करने की होड़ लगी हुई है। 
 
शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षाधिकारी सहित सभी खंड शिक्षाधिकारियों के यहां अनुरोध आवेदन पत्र उपलब्ध करा दिये गये हैं। इन अनुरोध आवेदन पत्रों में जो मानक तय किये गये हैं उसमें परित्यक्ता, विधवा, पारस्परिक स्थानान्तरण, गंभीर बीमारी, विकलांगता, मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्रों के आधार पर तबादले की बात की गई है। अनुरोध पत्र में वर्षो से दुर्गम स्थानों पर सेवा कर रहे शिक्षकों के लिए कोई कालम नहीं है। । 
 
अनुरोध आवेदन पत्र में उपरोक्त के अलावा अन्य मानक तय नहीं किये जाने को लेकर दूरस्थ अंचलों में कार्यरत शिक्षकों में आत्र्कोश भी है। वर्षो से अति दुर्गम विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का कहना है कि विभाग द्वारा घर से दूर रहकर ईमानदारी से कार्य करने वाले शिक्षकों की कोई अहमियत नहीं है। तबादले के नियम तो बनते रहते हैं परन्तु उनके मानक सुगम स्थानों के लिये ही होते हैं।


हिमनगरी में पर्यटन पुलिस तैनात करने की मांग

पिथौरागढ़। हिमनगरी मुनस्यारी में पर्यटन पुलिस तैनात नहीं होने से पर्यटक वाहनों से टायरों की चोरी हो रही है। सोमवार की रात को तीन वाहनों के टायर चुरा दिये गये। जिसे देखते हुए जनता ने अविलंब पर्यटन पुलिस तैनात करने की मांग की है। 
 
विदित हो कि हिमनगरी मुनस्यारी जिले का प्रमुख पर्यटन केन्द्र है। पर्यटन सीजन में यहां प्रतिदिन भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। दूरी अधिक होने के कारण यहां देर रात तक पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहता है। रात को पाकिंर्ग की व्यवस्था नहीं होने से पर्यटक वाहनों को होटलों, या पर्यटक आवास गृहों के बाहर खड़ा किया जाता है। रात को पुलिस गश्त की व्यवस्था नहीं होने से टायर चोर सित्र्कय रहते हैं। जिसे देखते हुए मुनस्यारी की जनता विगत कई वर्षो से पुलिस प्रशासन से मुनस्यारी में पर्यटन सीजन में पर्यटन पुलिस तैनात करने की मांग करती आ रही है। जिसे अभी तक सुना नहीं गया है। 
 
रात को पुलिस गश्त नहीं लगने तथा पर्यटन पुलिस तैनात नहीं होने से सोमवार की रात को पर्यटकों को पहुंचाने वाले वाहनों से तीन टायर चोरी हो गये। रात को टायर चोरी होने से जहां वाहन चालकों को फजीहत झेलनी पड़ी वहीं इस तरह की गतिविधियों से पर्यटन व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। मुनस्यारी के गणमान्य लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मुनस्यारी में शीघ्र पर्यटन पुलिस तैनात करने की मांग की है।

अतित्र्कमण के विरोध में सीएम को ज्ञापन प्रेषित

देहरादून। राजपुर रोड स्थित साई मंदिर के पीछे दरला नांगला बस्ती में प्रशासन की ओर से चलाए गए अतित्र्कमण अभियान के विरोध में बस्ती के सैकड़ों लोगों ने मूल निवासी समाज पार्टी के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एडीएम प्रशासन के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेज कर झोपड़ियों के एवज में मुआवजा देने व बस्ती को नियमित करने की मांग की है। 
 
मंगलवार को प्रदर्शनकारी बुद्घा चौक पर एकत्र हुए और डीएम कार्यालय कूच किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में उक्त बस्ती को नियमित करने और वहां हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल व प्रशासन पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने सभी दोषियों पर कारर्वाई करने की मांग की। उन्होंने चेताया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे देहरादून -मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर देंगे।
 
प्रदर्शनकारियों में मूल निवासी समाज पार्टी के युवा मोचेर के प्रदेश अध्यक्ष संजय क्षेत्री, रमा चौहान, दिनेश जुयाल, जौहरी लाल सुमन, रामेश्वरी सिंह व राधा मृच्छवान आदि शामिल रहे। 


जिसऊ घराना में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी

विकासनगर। खत सिलगांव के 11 गांवों के ग्रामीणों की 55 वर्षो बाद आखिर मुराद पूरी हो गई। करीब साढ़े छह वर्ष लखवाड़ मंदिर में प्रवास के बाद जब चालदा महाराज की पालकी जिसऊ घराना पहुंची तो हर तरफ खुशी की लहर दौड़ गई। जिसऊ घराना में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी रही। 
 
जौनसार-बावर के ईष्ट देव चालदा महाराज जिसऊ घराना गांव में इससे पहले 13 मई 1956 को दो वर्ष के लिए प्रवास पर आए थे। तब से अब तक ग्रामीणों ने देवता के आगमन के लिए इंतजार किया। जिसऊ में देवता के आने से 11 गांवों के 465 परिवारों की मुराद पूरी हुई है। हर परिवार देवता को अपने बीच पाकर खुश था। चालदा महासू देवता थैना से 22 नवबंर 2004 में लखवाड़ मंदिर गए थे। चालदा महासू मंदिर जिसऊ घराना के वजीर व स्याणा तुलसी राम के अनुसार चालदा महाराज दो वर्ष यहां प्रवास करेंगे। जिसके बाद चंदेऊ गांव में एक वर्ष के लिए प्रस्थान करेंगे।
 
चालदा महासू मंदिर के खत सिलगांव उपाध्यक्ष बहादुर सिंह पंवार के अनुसार देवता का प्रवास वाकई खुशी की बात है। पालकी के जिसऊ घराना में पहुंचने पर दूसरे दिन भी श्रद्घालुओं ने बड़ी संख्या में देवदर्शन किए। 

कृषक महोत्सव में मिली किसानों को एहम जानकारियां

डोईवाला। सरकार किसान के द्वार के तहत सारंधरवाला में आयोजित कृषि महोत्सव में किसानों को खरीब फसलों, पशु टीकाकरण, मत्स्य पालन व जड़ीबूटी उत्पादन आदि विषयों की जानकारी दी गई। महोत्सव में किसानों व जन प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याएं भी सुनी गई।
 
सारंधरवाला में कृषि महोत्सव का बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन करते हुए ज्येष्ठ उप प्रमुख नवीन चौधरी ने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यत्र्कमों की सार्थकता तभी है, जब किसानों की समस्याओं का समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि यह प्रयास अच्छा है कि एक ही जगह पर किसानों को संपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो रही है। अपर कृषि निदेशक गढ़वाल के. लाल ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं व देय सुविधाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग कृषि उपकरण, बीज व ट्रैक्टर आदि पर सिब्सडी उपलब्ध करा रहा है। सिंचाई विभाग के एसडीओ संजय राज, तराई बीज निगम के डॉ. सीएस नेगी, उद्यान विशेषज्ञ डॉ. एसएन मिश्रा व अर्चना मिश्रा ने विभागीय जानकारियां दी। जिला पंचायत सदस्य मालती चौहान की अध्यक्षता एवं सहायक कृषि अधिकारी मातबर सिंह पुंडीर के संचालन में आयोजित महोत्सव में गडूल के प्रधान योगेंद्र बिष्ट, सुनील कुमार, डॉ. मनीष पटेल व मंगल सिंह आदि उपिस्थत थे।
 
महोत्सव में विजय भट्ट, नंदकिशोर शर्मा व चांदू आदि ने कृषि उपकरण व बीजों में सिब्सडी की मांग की। 


समूह-ग की विज्ञिप्त में खामियों को दूर करने की मांग

देहरादून। समूह-ग की नियुक्तियों के लिए जारी विज्ञिप्त की खामियां दूर करने की मांग को लेकर उत्र्कांद कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य सचिव को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। 
 
महानगर अध्यक्ष बहादुर सिंह रावत के नेतृत्व में उत्र्कांद कार्यकर्ता पूर्वाह्न सचिवालय के समक्ष एकत्र हुए और जुलूस की शक्ल में सचिवालय की तरफ बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग से आगे नहीं जाने दिया, लिहाजा कार्यकर्ता वहीं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि समूह-ग की विज्ञिप्त में भारी त्रुटियां हैं, जिसका खामियाजा आवेदकों को भुगतना पड़ रहा है। 
 
इस मौके पर एसडीएम के माध्यम से मुख्य सचिव को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। प्रदर्शनकारियों में केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एपी जुयाल, लताफत हुसैन, यशपाल रावत, शांति भट्ट, आशा शर्मा, चंद्रकांता केसी, हरीश चौहान, अमन बिष्ट, योगेंद्र बाजपेयी आदि शामिल थे।

शिक्षकों का प्रशिक्षण जुलाई में कराने का निर्णय

रुड़की। गर्मी की छुट्टियों में इस बार शिक्षकों को बच्चों के ताने नहीं सुनने पड़ेंगे। पिछले कई साल से शिक्षा विभाग हर साल ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शिक्षकों को प्रशिक्षण देता था। इससे शिक्षक चाहकर भी बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश में घुमाने नहीं ले जा पाते थे। इस पर शिक्षक हर साल विरोध भी जताते थे, लेकिन इस साल विभाग ने शिक्षकों का प्रशिक्षण जुलाई में कराने का निर्णय लिया है। 
 
जिले में हर साल ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ही प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण को लेकर शिक्षक संगठन लंबे समय से रोष जता रहे थे। शिक्षक संगठन इसे लेकर हर साल सीएम से लेकर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी भेजते रहे हैं। पिछले साल भी शिक्षकों ने रोष जताते हुए यूनियन के माध्यम से शिक्षा सचिव व शिक्षा मंत्री को इस बारे में अवगत कराया था। मूल रूप से गोपेश्वर निवासी शिक्षिका साधना नेगी ने कहा कि पूरे साल से बच्चे इस इंतजार में रहते हैं कि गर्मियों की छुट्टियों में वह पहाड़ में जाकर कुछ दिन दादा-दादी व नाना-नानी से मिलेंगे, लेकिन छुट्टियों के दौरान प्रशिक्षण होने से वह बच्चों को नहीं ले जा पाती थी। इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश में प्रशिक्षण न होने से बच्चों को पहाड़ में घूमने का मौका मिलेगा। 
 
शिक्षक अशोक सैनी ने बताया कि बच्चों को शिकायत रहती है कि वह गर्मी की छुट्टियों में मसूरी समेत अन्य पिकनिक स्पॉट में घुमाने नहीं ले जाते हैं। इस बार बच्चों को यह शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा। कुछ अन्य शिक्षकों का कहना था कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में उनके बच्चों की भी छुट्टियां रहती हैं। ऐसे में वह बच्चों के साथ अपने पैतृक निवास स्थान, रिश्तेदार व मित्रों के अलावा सैर-सपाटे के लिए जाने का कार्यत्र्कम रहता है, लेकिन छुट्टी में ट्रेनिंग से उनका पूरे वर्षभर का शेड्यूल बिगड़ जाता है। 
शिक्षकों के चौतरफा दबाव को देखते हुए एससीईआरटी ने भी संकेत दिए थे कि इस बार ट्रेनिंग ग्रीष्मकालीन अवकाश में नहीं होगी। अब शासन ने भी ट्रेनिंग छुट्टियों में कराने से मना कर दिया है। 
 
जिला समन्वयक प्रशिक्षण नरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि शासन ने ट्रेनिंग का प्रोग्राम आ गया है। मुख्य संदर्भदाता का प्रशिक्षण 11 जून से लेकर 20 जून तक देहरादून में होगा। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर 21 जून से लेकर 30 जून तक मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। चार जुलाई से शिक्षकों का विधिवत दस दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। करीब चार बैचों में जिले के करीब आठ हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। एक बैच का प्रशिक्षण दस दिन चलेगा। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में जानकारी मिलने के साथ ही शिक्षकों ने बड़ी राहत ली है। ट्रेनिंग की आशंका से जिन शिक्षकों ने अभी तक रिजवेर्शन नहीं कराया था, वह भी ट्रेनों में रिजवेर्शन कराने की तैयारियों में जुट गए हैं। 

कार खाई में गिरी, चार लोग घायल

देवप्रयाग। ऋ षिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग पर कौड़ियाला के समीप आल्टो कार के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने से उसमें सवार एक ही परिवार के तीन लोगों सहित चालक घायल हो गए। घायलों को 108 सेवा के माध्यम से ऋषिकेश भेजा गया है। 
 
मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे श्रीनगर से देहरादून जा रही आल्टो कार संख्या यूके 07एए- 5789 कौड़ियाला से ढाई किमी पहले खाई में पलट गई। दुर्घटना में एमडीडीए कालोनी देहरादून निवासी 58 वर्षीय जगमोहन सिंह नेगी, उनकी पत्नी बीना नेगी व पुत्र मनमोहन सहित चालक पंकज निवासी माजरा देहरादून घायल हो गए। सूचना पर थाना प्रभारी देवप्रयाग हेमेंद्र सिंह नेगी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। 108 सेवा के माध्यम से घायलों को ऋषिकेश उपचार के ले जाया गया है। 

घटना की जांच में जुटी सीबीसीआइडी टीम

नई टिहरी। थाना क्षेत्र घनसाली के अंतर्गत चमियाला बाजार में तीन दिन पूर्व पुलिस हिरासत में युवक की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीसीआइडी की पांच सदस्यीय टीम घनसाली पहुंच गई है। टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 
 
विदित हो कि शनिवार शाम को चमियाला में केपार्स गांव निवासी सरोप सिंह पुत्र संसार सिंह की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी, जिसके बाद क्षेत्र में बबाल मच गया। लोगों ने चौकी में आगजनी व तोड़फोड़ के साथ पुलिस पर पथराव भी किया। इस दौरान पुलिस लाठीचार्ज में आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। इससे प्रखंड चमियाला व घनसाली बाजार रविवार को बंद रहे। क्षेत्र के लोग मामले की निष्पक्ष जांच के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कारर्वाई की मांग कर रहे हैं। जन आत्र्कोश को देखते हुए प्रशासन ने एलकेसी मार्ग पर बाहर से आने वाले यात्रियों पर भी रोक लगा दी है, ताकि चमियाला बाजार में जाम की स्थिति न बन सके। मामले को सुलझाने के लिए मंगलवार को सीबीसीआइडी की पांच सदस्य टीम ने जांच शुरू कर दी है। 
 
टीम प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि उक्त मामले की निष्पक्ष जांच होगी और सभी पहलुओं पर गहनता से विचार होगा। टीम तब तक यहां जमी रहेगी, जब तक मामले का खुलासा नहीं हो जाता है। 
 
उधर, सीओ टिहरी आरसी जोशी ने बताया कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक चमियाला पुलिस चौकी को निलिम्बत रखा जाएगा। सीबीसीआइडी जांच टीम में विनोद कुमार, निरीक्षक भुवनेश कुमार शर्मा, बहादुर सिंह चौहान, उप निरीक्षक शिव कुमार डिमरी, हरदयाल सिंह शामिल हैं। 

हत्यारोपी पत्नी की जमानत याचिका खारिज

हरिद्वार। लक्सर कोतवाली क्षेत्र में देवर से अवैध संबंधों के चलते पति की हत्या कराने की आरोपी पत्नी की जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश राम सिंह ने खारिज कर दी है। 
 
शासकीय अधिवक्ता वीरेन्द्र तिवारी ने बताया कि ग्राम फतवा निवासी तरसेम सिंह ने लक्सर थाने में 16 अप्रैल 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें उसने कहा था कि रात को उसका पुत्र अवतार सिंह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ छत पर सो रहा था। तभी रात करीब साढ़े 12 बजे गोली चलने की आवाज सुनने पर छत पर जाकर देखा तो अवतार सिंह के माथे पर गोली लगी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि मृतक की पत्नी बलजीत कौर के अपने देवर कुलवंत सिंह से अवैध संबंध थे जिसके चलते बलजीत कौर ने षडयंत्र रच अपने पति अवतार सिंह की हत्या करा दी थी।
 
आरोपी पत्नी बलजीत कौर की जमानत याचिका मंगलवार दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद खारिज कर दी गई। 

हम बनेंगे कामयाब फलक के सितारे

गदरपुर। सीबीएसई के 12 वीं की परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर गदगद मेधावी विद्यार्थियों की चाहत कामयाबी का आसमान छूने की है। वे सीए, आइएएस व इंजीनियर बन कर देश सेवा की तमन्ना रखते हैं। उनका मानना है कि लक्ष्य हासिल कर ही वे अपने और परिजनों तथा गुरुजनों का सपना साकार कर सकते हैं। 
 
एमेनिटी पिब्लक स्कूल में अध्ययनरत अनाज मंडी स्थित उद्योगपति रमेश ढींगरा के सुपुत्र चिराग ढींगरा ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। वह इंजीनियर बनना चाहता है। वहीं मोनार्ड पिब्लक स्कूल के छात्र और चीनी मिल में कार्यरत मथुरेश बाजपेयी के सुपुत्र अनमोल बाजपेयी ने 87 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया है। उसने इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहता है। दूसरी ओर राइस मिलर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष राजेश डाबर के होनहार पुत्र वंश डाबर ने 86 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने विद्यालय मोनाड स्कूल का नाम रोशन किया है। उसने आइएएस बनने की इच्छा जताई है। जेसीज पिब्लक स्कूल रुद्रपुर के छात्र स्पर्श डोडा ने 84 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। स्पर्श सीए बनना चाहता है।

अतित्र्कमणकारियों पर कसा शिकंजा

काशीपुर। अतित्र्कमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में मंगलवार को अभियान चलाकर नगर के मुख्य मार्गो पर व्यापारियों को हिदायत देते हुए सामान हटवाया गया। साथ ही चेतावनी दी कि बुधवार से सड़कों पर फैला सामान जब्त कर लिया जाएगा। 
 
मंगलवार को एसडीएम सुरेंद्र सिंह जंगपांगी, व सीओ डा. हरीश वर्मा के नेतृत्व में अतित्र्कमण हटाओ अभियान मोहल्ला टांडा उज्जैन से शुरु किया। टीम ने अतित्र्कमण की जद में आ रहे दुकानदारों के सामान को हटवा दिया। टीम ने बिना किसी विरोध के टांडा तिराहा, स्टेशन रोड पर अभियान चलाया। अभियान के दौरान दुकानदारों में हड़कंप मच गया। सीओ डा. वर्मा ने दुकानदारों को निर्धारित सीमा में ही सामान रखने के निदेर्श दिए। साथ ही चेताया कि बुधवार से अतित्र्कमणकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। सामान जब्त करने के साथ ही चालान काटने की कारर्वाई अमल में लायी जाएगी। इस दौरान टांडा चौकी पर भूसे से लदे ट्रक संख्या यूपी21एन-5572 का चालान किया गया। इस मौके पर एसएसआई सुरेश चंद्र जोशी, टांडा चौकी प्रभारी सलाहउद्दीन, कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी खीम सिंह अधिकारी, पैगा चौकी इंचार्ज मदनपाल सैनी, जसवीर सिंह चौहान, भूपाल सिंह खाती, जीसी मठपाल, वीरेंद्र चंद रमोला आदि मौजूद थे। 
 
अतित्र्कमण हटाओ अभियान के दौरान स्टेशन रोड स्थित एक बैंक के आगे सड़क पर खड़ी मोबाइक को हटाने पर एक युवक ने हंगामा काटा। साथ ही पुलिस कर्मियों को खरी-खोटी सुनाते हुए तमाम आरोप लगाए। शिकायत पर एक भाजपा नेता ने सीओ डा. हरीश वर्मा से फोन पर इसकी शिकायत की। सीओ डा. वर्मा ने भाजपा नेता को मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। सीओ ने मामले से एएसपी जओर जोशी को अवगत करा दिया है।

उधारी के पैसों को लेकर मारपीट

बाजपुर। उधारी के पैसों को लेकर दो पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गयी। मामले को लेकर कांग्रेसी नेता के साथ कोतवाली पहुंचे एक पक्ष के लोगों ने तहरीर सौंपकर आरोपियों पर कारर्वाई की मांग की है। 
 
मंगलवार को कांग्रेस अनु.जाति जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजकुमार के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचे ग्राम जोगीपुरा निवासी लाभचंद्र पुत्र करम चंद ने तहरीर सौंपकर आरोप लगाया कि उसने गांव में ही परचून की दुकान खोल रखी है। गांव के ही हरभजन सिंह पुत्र वस्सन सिंह पर उधारी के छह हजार रुपए बकाया चल रहे हैं, जो मांगने पर टाल मटोल करता रहा। मंगलवार को जब वह रुपए लेने उसके घर गया तो हरभजन उसके साथ गाली गलौच करने लगा। विरोध करने पर तीन चार अन्य लोगों के साथ मिलकर उसने लोहे की राड से मारपीट की। जिसमें वह घायल हो गया। 


नवीनतम तकनीकों से रूबरू हुए किसान

चम्पावत। विकास खण्ड के न्याय पंचायत बसकुनी में आयोजित कृषक महोत्सव में कृषि विशेषज्ञों ने कास्तकारों को खेती बाड़ी की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी।
 
ब्लाक प्रभारी डीपी सिंह व सहायक कृषि अधिकारी शिवदत्त जोशी ने विभागीय योजनाओं से अवगत कराया। जिला उद्यान अधिकारी डीआर आर्या, पशुचिकित्साधिकारी डा. डीके चन्द, केबीके के केएस मेहता, उद्यान सचल दल प्रभारी भूपेन्द्र प्रकाश जोशी ने भी विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए जैविक व बेमौसमी सब्जी उत्पादन के तौर तरीके तथा पशुओं में लगने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी दी। इस मौके पर भूप सिंह, वीके पाण्डेय, बीडी पाठक, शंकर लाल, शेखर चन्द्र भट्ट, उरेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपिस्थत थे। महोत्सव की अध्यक्षता कनिष्ठ प्रमुख दिनेश चन्द्र कलौनी ने की।
 
इस मौके पर 181 कास्तकार, 9 जनप्रतिनिधि तथा 19 कर्मचारी उपिस्थत थे।

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