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सिडकुल फेज टू में 4०० करोड़ का निवेश

सितारगंज। प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक विजय बहुगुणा के ड्रीम प्रोजेक्ट सिडकुल फेज टू में डीएस ग्रुप द्वारा 4 सौ करोड़ रूपये का निवेश किया जा रहा है। इससे सितारगंज में औद्योगिक विकास को पंख लग गए हैं। यह ग्रुप यहां इकाई स्थापित करने जा रहा है। जिससे एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। फेज टू में चार सौ करोड़ के निवेश की मजंूरी मिलने के बाद क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री अपने वायदों को अमलीजामा पहनाने में लगे है। जिस कारण क्षेत्र में विकास और हर घर खुषहाली की उम्मीद के साथ ही रोजगार की नई आस जगी है। कांग्रेसियों ने मुख्य चौराहे पर आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की।
 
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्राजेक्ट फेज टू में डेयरी, फूड प्रोडक्ट और पैंकिजग को 4०० करोड़ के निवेश पर अतिंम मुहर लगने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। कांग्रेस पंचायती राज संगठन के प्रदेष महामंत्री जिलानी अंसारी का कहना है कि फेज टू में उद्योगों की स्थापना के बाद बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध होगा। क्षेत्र के विकास में उद्योगों की अहम भूमिका होती हे। हसनैन मलिक ने कहा कि सिडकुल फेज वन भी कांग्रेस की देन है। कांग्रेस ने फेस वन की स्थापना कर पिछड़ चुके सितारगंज क्षेत्र को विकास की गति दी और हजारों बेरोजगारोंं में रोजगार की उम्मीद जगी। पूर्व पालिका चेयरमैन अनवार अहमद ने कहा कि फेस वन के स्थान पर फेज टू की स्थापना क्षेत्रवासियों के लिये नये सवेरे से कम नही है। मंडी चेयरमैन अमरजीत सिंह कटवाल ने कहा कि हर घर विकास की किरण पहुंचेगी। मुख्यमंत्री प्रदेश की कमान संभाले हैं और उनके पुत्र सौरभ बहुगुणा के नेतृत्व में सितारगंज विकास के पथ पर अग्रसर है। सीएम ने उपचुनाव में पारीवारिक रिष्ता बनाया था, जो उनका परिवार बखूबी निभा रहा है। कहा कि नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सितारगंज और भी विकास के शिखर को छूएगा।  
 
देहरादून सचिवालय में 4 सौ करोड़ निवेष के एमओयू पर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की मौजूद्गी में हस्ताक्षर होने के बाद कांग्रेसियों व क्षेत्रवासियों में खुषी की लहर दौड़ गई। उन्होंने षहर में राज्य सरकार के पक्ष में जुलूस निकाला और मुख्य चौराहे पर नारेबाजी करते हुए आतिषबाजी की। इस मौके पर वरिश्ठ कांग्रेसी सुरेश गंगवार, सुखदेव सिंह, मोहित जिंदल आदि थे।
 

बॉडर पर बदमाशों ने की फायरिंग से पुलिस में हडक़ंप

रुद्रपुर। देर रात राज्य की सीमा से सटे बिलासपुर क्षेत्र में बदमाशों के बाइक सवार पर फायरिंग करने के बाद रुद्रपुर में घुसने की सूचना से पुलिस महकमें में हडक़ंप मच गया और पुलिस ने सघन चैकिंग अभियान कर बदमाशों की तलाश की। लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। घटना को लेकर क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार की देर रात राज्य की सीमा से सटे बिलासपुर क्षेत्र में बदमाशों ने बाइक सवार पर फायरिंगकर दी। इससे सडक़ पर अफरा-तफरी मचगयी। बाद में बदमाश घटना के बाद रुद्रपुर की ओर भाग खड़े हुए।बदमाशोंके रुद्रपुर में घुसने की सूचना से पुलिस महकमें में हडक़ंप मच गया और बदमाशों की तलाश में पुलिसने सघन चैकिंग अभियान चलाया।

पुलिस सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कई घंटों की सघन चैकिंग अभियान करने के बाद भी बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लगे। चर्चा है कि बदमाशों के शहर में घुसने से लोग भी दहशत में आ गये। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंंह चौहान से जब मामले की जानकारी ली गयी तो उन्होंने बताया कि थाना बिलासपुर क्षेत्र में बाइक व जीप सवार लोगों के बीचकिसी बात को लेकर विवाद होने के बाद फायरिंग हो गयी। जिन बदमाशों ने फायरिंगकी थी वह रुद्रपुर की ओर भागे थे। उन्होंने बताया कि बदमाशों की तलाश की जा रही है।

 

 

जिलाधिकारी ने ली आचार संहिता को लेकर बैठक

देहरादून। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी देहरादून बीवीआरसी पुरूशोत्तम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में नागर निकाय निर्वाचन में राजनैतिक दलों, उम्मीदवारों तथा रिटर्निग अधिकारियों के साथ आदर्ष आचार संहिता के संबंध में बैठक आहूत की गई। 
 
बैठक में उन्होंने कहा कि सभी राजनैतिक दल एवं स्थानीय निकाय के चुनाव में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी आदर्श आचार संहिता का पालन करें किसी भी उम्मीदवार को ऐसा कोई कार्य नही करना चाहिए जिससे की किसी धर्म, मजहब, सम्प्रदायिक, जाति या सामाजिक वर्ग के लोगों की भावना आहत हो। मत प्रान्ति हेतु जाति, सम्प्रदायिक और धर्मिक भावना का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहारा न ले पूजा स्थलों मदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, गुरूदारा का उपयोग निर्वाचन में प्रचार हेतुं न करे। मतदाताओं को रिश्वत या डरा धमकाकर अपने पक्ष मे ंमतदान करने को किसी व्यक्ति को प्रोत्साहित या मदद करना, मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने तथा जाने के लिए वाहनों का प्रयोग करना मतकेन्द्र के सौ मीटर के अन्दर किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार करना या मत संयाचना करना मतदान केन्द्रो में कब्जा करना या फिर मतदाता को मतदेय स्थल पर बाधा उत्पन्न करना। 
 
बैठक में उन्होंने अवगत कराया कि मतदाता को दी जाने वाली पहचान पर्ची सादा कागज पर हो जिसमें मतदाता का नाम पिता का नाम, मतदान केन्द्र का नाम तथा मतदाता सूची में उसे अनुक्रमांक के अलावा और कुछ नही लिखा होना चाहिए। किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन के ऐसे पहलू की आलोचना न हो जिनका उसके सार्वजनिक जीवन या क्रिया कलापों से कोई्रसंबंध न हो और न ही ऐसे आरोप न लगाये जिनकी सत्यता न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार हेतु किसी अन्य व्यक्ति की भूमि भवन आदि दीवार का प्रयोग झंडे टांगने पोस्टर चिपकाने नारे लगवानें तथा संदेश या नारे लिखने जैसे काम उस व्यक्ति की अनुमति के बिना न किये जाय। अपने चुनाव कार्य कताओं को ऐसा न करने दे। उन्होंने उम्मीदवारों से अपेक्षा की कि पब्लिक की सम्पत्ति का उपयोग चुनाव प्रचार, पोस्टर चिपकाना, झंडा लगाना आदि के लिए न किया जाय। ऐसा कृत्य करनें पर उस व्यक्ति/उम्मीदवार के खिलाफ सार्वजनिक विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही अमल में लाई जायेगी, जिसके लिए अधिनियम में 6 वर्ष का कारावास प्राविधानित है।
 
बैठक में उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवार सार्वजनिक सभा या रैली के आयोजनार्थ प्रस्तावित स्थान तथा समय की सूचना की अनुमति सम्बन्धित रिटर्निग अधिकारी से उसकी अनुमति प्रान्त कर लें। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस अधिकारी को इसकी सूचना दी जाय। उन्होंने स्पश्ट किया कि उम्मीदवार को यह स्पश्ट कर लेना चाहिए कि उसके जुलुसों और सभाओं या रैलियों मे ंलोग ऐसी चीज न लेकर चले जिनके लेकर चलने में प्रतिबन्धित हो या फिर उत्तेजना हो। उन्होंने कहा कि किसी प्रस्तावित सभा या रैली के संबंध में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए या अन्य किसी सुविधा के लिए अनुमति प्रान्त करनी हों तो रिटर्निग अधिकारी से प्रान्त की जा सकती है। लाउडस्पीकर का उपयोग प्रात: 9$00 बजे से रात्रि 9$00 बजे तक ही किया जायेगा। उन्होंने उम्मीदवारो ंसे अपेक्षा की कि चुनाव प्रचार में प्लास्टिक के झण्डे तथा प्लास्टिक के स्टिकर के प्रयोग न किया जाय। 
बैठक में प्रभारी अधिकारी आचार संहिता बंशीधर तिवारी ने कहा कि चुनाव प्रचार प्रसार हेतु निर्मित साम्रगी में प्लास्टिक तथा पालिथीन पूरी तरह से  प्रतिबंधित है। चुनाव प्रचार प्रसार की सामग्री जैसे हैन्ड बिल पम्पलेट आदि पर प्रिेर्टिग प्रेस का नाम पता आवष्य अंकित होना चाहिए। बैठक में एसडीएम सदर रंजना वर्मा अपर जिलाधिकारी प्रषासन हरक सिह रावत, अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व/उपजिला निर्वाचन अधिकारी झरना कमठान विभिन्न राजनैतिक दलों कांग्रेस, भाजपा, बसपा, यूकेडी, सपा, पीस पार्टी के प्रत्याशी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे।

 

UP awarded as 'Most Improved State'

Lucknow : For the health sector in Uttar Pradesh, the last few years have been mired  in controversies and graft during the previous BSP government where a multi crore scam in the National Rural Health Mission (NRHM) caught national headlines. Last week when the state was awarded the 'Most Improved State' award by the union government, not only was the infamous past washed away but a new beginning was ushered in. 

 
With Smart Cards made for 48 lakh families under the National Health Insurance Scheme, many feel this was a 360 degree turnaround in the health sector of Uttar Pradesh. Officials say, the success run was largely reached due to the leadership of the Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav and the clear cut message of deliverance given from the State's Health Minister Mr. Ahmad Hasan. 
 
The reward is a huge recognition to the efforts of thousands of workers in the state government who let this milestone happen. Under the scheme, the UPRIMSR in Saifai, Etawah has been rewarded for its good and laudable work as an independent hospital. Compared to the first phase of the scheme, more than 25% of the below poverty line (BPL) population has been assimilated and smart cards for 48, 65,692 families have been made. 
 
As part of course correction, taken as part of the inferences drawn from the first phase of the scheme where the claims were not attended to by listed hospitals due to tardy payment schedules, for the first time the anomalies were weeded out by the help of technique and weekly reviews and a server was established at the state level. The intervention and initiative saw miraculous results and of the claims made by listed hospitals, as many as 74% were settled within 30 days. 
 
To ensure and enhance transparency in listing of hospitals, a district insurance committee was formed under the chairmanship of the district magistrate at district levels. This committee comprised of the district magistrate, the chief medical officer/DKMA and the representatives of the selected insurance company and after due deliberations, the recommendations to list hospitals was sent for approval to SACHI. 
 
Owing to the prompt process and quick decision making, 1486 hospitals have been listed so far, of which 823 are private hospitals while 663 are government hospitals. Aware of road blocks for the first time a two tier complaint redressal system was set rolling in which claimants dissatisfied with decisions could appeal to district and then to the state level committee. 
 
The scheme, kick started to benefit the BPL families, as per the 2002 census provides a smart card at a basic fee of Rs 30 which is used to meet all administrative expenses incurred in the scheme. The field key officer (FKO) is named for the completion of the nomination process in which a family, with considered unit of five, is listed on the smart card. The hitherto used 32 kb card has been replaced by a 64 kb card so that the beneficiaries can avail the benefits of both the state and central schemes. 
 
To smart card holding families a sum of Rs 30,000 is entitled on floater basis for one year and a total of 1090 pre decided diseases/packages is available through indoor patient facilities. The scheme also entails giving of food and Rs 100 per day for transport on discharge from hospital but a maximum of Rs 1,000 in a year. 75% of the annual premium on the scheme is borne by the central government and the remaining 25% by the state government. The cost of a smart card (Rs 60) is separately borne by the union government. Till March 31, 2013 48 lakh smart cards have been made in Uttar Pradesh and nomination process is underway in 21 districts, by the end of which 58 lakh beneficiary families are likely to be assimilated in the scheme. The scheme is an added benefit for residents of the state who are already availing the 108 ambulance service for emergency services. 
 
The scheme, officials point out has achieved the state where it is in at present largely due to establishing of state level servers, appointment of technical assistants at districts, establishment of DKMA mobile servers (laptops) at district level. The scheme has also been expedited due to the involvement of trained workforce through the Aanganwadi's. A free call centre at the state level (SACHI) at the state level has also been established and a toll free number 1800 1800 4444 has been created and a helpline 9198004444 also made.

CM lays foundation stone of parking lot at Sankat Mochan Temple

Shimla : Chief Minister Shri Virbhadra Singh today laid foundation stones of parking lot, kirtan bhawan, meditation centres and entry gates at Sankat Mochan Temple at Shimla. 

 
Speaking on the occasion, Chief Minister said that a large number of people visit different religious places of the State every year and government was endeavouring to provide them best facilities. He said that apart from being a prominent tourist town, Shimla was also famous as religious destination and effective steps were being taken for beautification and creation of more amenities at various temples. 
 
Shri Virbhadra Singh said that parking lot to be constructed at a cost of Rs 80 lakh at Sankat Moachan temple would provide parking facility for about 150 vehicles. This would help in providing ample parking facility to the people visiting the temple. He said that a Kirtan Bahwan with a capacity to accommodate about 250 people would be constructed by spending Rs.75 lakh. 
 
He also laid foundation stones of five meditation huts in the temple complex to be constructed at a cost of Rs 35 lakh. Two entry gates one at main entry and another at temple entry would also be constructed which would be barrier free. He appreciated the efforts of Temple Trust for creating various amenities in the temple complex. 
 
Chief Minister also paid obeisance at Sankat Mochan temple. 
 
Deputy Commissioner-cum-Commissioner Sankat Mochan Temple Trust, Shri Dinseh Malhotra honoured the Chief Minister, Shri Harsh Mahajan, Vice Chairman, HP Cooperative Bank and Shri Sanjay Chauhan, Mayor, MC Shimla and other dignitaries with mementoes. 
 
Shri Sohan Lal and Shri Shonkia Ram, Ex MLA's, Shri Chandershekhar Sharma, President, Shimla Rural Congress Committee were also present on the occasion. 

भाजपा मुख्यालय मेंजमकर बवाल और आत्मदाह का प्रयास

देहरादून। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होनेके बाद भी भाजपा और कांगे्रेस में भडक़ा अंसतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले टिकट दिये जाने और फिर टिकट काटे जाने से नाराज एक भाजपा पार्षद प्रत्याशी ने आज भाजपा मुख्यालय मेंजमकर बवाल किया और आत्मदाह का प्रयास किया।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा ने ब्रहमपुरी के वार्ड ४४ से जसवीर सिंह पुत्र स्वर्गीय न्यादराम सिंह को अपना पार्षद प्रत्याशी घोषित किया था। पार्टी ने १२ अप्रैल को इन्हें विधिवत इसकी लिखित जानकारी भी दी गयी थी। लेकिन बाद मेंभाजपा द्वारा इस सीट के लिए सतीश कश्यप को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया गया अपना टिकट कटने से नाराज टिकट कटने से नाराज भाजपा नेता ने समर्थकोंके साथ किया हंगामा जसवीर सिंह आज अपनेसमर्थकों केसाथ भाजपा मुख्यालय पंहुचे जहां उसनेजमकर बवाल काटा जसवीर ने भाजपा के शीर्ष नेताओं पर पैसा लेकर टिकट बांटने का आरोप भी लगाया। जसवीर और उसके सैंकड़ों समर्थक यहां पूरी तैयारी के साथ पंहुचे थे। उनके पास भारी मात्रा में कैरोसिन तेल भी था और वह बार-बार आत्मदाह करने की चेतावनी दे रहे थे कि वह पार्टी की इन नीतियों के  खिलाफ यहीं पार्टी मुख्यालय में आत्मदाह कर लेंगे। मुख्यालय में मौजूद पार्टी केकार्यकर्ताओं ने इन्हें बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन जसवीर और उसकेसमर्थक उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे पार्टी के नेताओं से वह बार-बार यहीं सवाल करते दिखे कि पहले उन्हेंटिकट क्यों दिया गया और बाद में उनका टिकट क्यों काटा गया ? यहां यह उल्लेखनीय है कि यह सीट एससी, एसटी के लिए रिजर्व है।
 
जसवीर और उसकेसमर्थक पार्टी मुख्यालय के अंदर घंटोहंगामा काटते रहे लेकिन पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने बाहर आकर उनसे बात करने की जरूरत नहीं समझी भाजपा मुख्यालय मेंहंगामा जारी था और पार्टी के कार्यकर्तासहमे हुए थे कि कहीं न कोई अनहोनी न हो जाए। मामला बिगड़ता देख इसकी सूचना पुलिस को भी दे दी गयी। टिकटोंके बंटवार को लेकर पहले भी भाजपा मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं के धरने और प्रदर्शन देखे जाते रहे है जो पार्टी केअनुशासित होने पर सवालिया निशान खड़े करते है निगम चुनावों में भाजपा को जहां एक ओर शीर्ष नेताओं की गुटबंदी से जूझना पड़ रहा है वहीं पार्टीेके आम कार्यकर्ताओं में टिकटों के बंटवारेको लेकर भारी अंसतोष बना हुआ हैहालांकि अब नामांकन की समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है लेकिन यह अंसतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं पार्टीको कई अन्य संवैधानिक बांधाओं से भी जूझना पड रहा है मसूरी के पूर्व चैयरमैन ओपी उनियाल के खिलाफ बीते कल अपनेनामांकन के समय अपनी शिक्षा एंव संपति तथा परिवारिक स्थितियों की गलत जानकारी दिये जाने और सत्य को छिपाए जाने को लेकर कराई गयी एक निर्दलीय प्रत्याशी की शिकायत के बाद मुकदम दर्ज हो चुका हैं। भाजपा के अंदर भडक़ी विद्रोह की यह आग भाजपा मुख्यालय तक पंहुच चुकी है वहीं कई स्थानों पर  संवैधानिक अड़चनों के कारण भाजपा की  मुसीबतें समाप्त होने का नाम नहींले रही है पार्टी भले ही एक जुटहोकर चुनाव लडऩे की बात कर रही हो या फिर सबसे बड़ी अनुशासित पार्टी होनेकी बात कह रही हो लेकिन इस तरह की घटनाएं भाजपा की हकीकत की कलई खोलने के लिए काफी है।

कांग्रेस व भाजपा समर्थकों में विवाद,पथराव

रुद्रपुर। बीती रात आवास विकास क्षेत्र जगतपुरा वार्ड बीस में कांगे्रस औ।र भाजपा पार्षद प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच पोस्टर लगाने को लेकर विवाद होने के बाद पथराव हो गया। पथराव में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गये। हालांकि घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को बमुश्किल शांति कराया। बाद में घायलों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण हूुआ है।
 
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक वार्ड बीस से कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशी पार्षद चुनाव लड़ रहे हैं।  शनिवार की रात दोनो प्रत्याशियोंके समर्थक अटरिया रोड पर पोस्टर लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक इसी बीच दोनो के प्रत्याशियों के समर्थकों में पोस्टर लगाने को लेकर विवाद हो गया। प्रत्यक्षदशियों के मुताबिक  विवाद इतनाबढ़ गया था कि दोनो पक्षोंके समर्थकभी एकत्र हो गयेऔर पथराव शुरु हो गया। बताया जाता है कि पथराव के दौरान मौके पर अफरा तफरी मच गई। पथराव में भाजपा की ओर से राकेश शर्मा और कांगे्रस की ओर कंचन समेत कई अन्य घायल हो गये। बताया जाता है कि पथराव की जानकारी मिलने पर आवास विकास चौकी से दो कर्मी पहुंचे और उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन इस दौरान दोनों पक्ष मानने को तैयार दनहीं थे। बाद मेंकिसी तरह मामला शांति हुआ और घायलों को जिला अस्पताल पंहुचाया। समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराईगई है। सीओ सिटी रेनू लोहनी ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाये जाने पर कार्रवाई होंगी।उधर मामला कालोनी में चर्चाका विसय बना हुआ है।

पटरी से उतर रही है चकराता की शिक्षा व्यवस्था

विकासनगर। विकास खड चकराता की शिक्षा व्यवस्था दिनों दिन पटरी से उतरती नजर आ रही है। खंड स्तरीय अधिकारियों के मुख्यालय से नदारद रहने के जहां दर्जनों प्राथमिक विद्यालयों में ताले लटके पड़े है। वहीं लाखों रुपये की लागत से पुरोड़ी में बना बीआरसी कार्यलय भवन भी विरान हालत में है।
 
चकराता ब्लॉक अंतर्गत छावनी बाजार से छह किलोमीटर दूर पुरोड़ी नामक स्थल पर लाखों की लागत से बीआरसी भवन तो बना दिया, लेकिन यहां पर किसी अधिकारी का मन नहीं लग रहा है। फलस्वरूप यह विरान रहता है। आलम यह है कि हर रोज शिक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर लोग बीआरसी कार्यलय पुरोड़ी पहुंचते हैं, लेकिन यहा किसी अधिकारी के न मिलने से ग्रामीण निराश होकर लौट जाते हैं।
 
स्थानीय ग्रामीण गुड्डू रावत, सालकराम, दिनेश चौहान, सुरपाल सिंह, राजेंद्र सिंह के अनुसार पुरोडी में बना बीआरसी भवन पूरी तरह शोपीस बना हुआ है। विभागीय लापरवाही के चलते लाखों रुपये की लागत से बना यह भवन धीरे धीरे खडहर होने लगा है। कई बार उच्चधिकारियों से इसकी शिकायत करने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। शिक्षा विभाग के खंड स्तरीय अधिकारियों के मुख्यालय पर न रहने से क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। उन्होंने मुख्य शिक्षाधिकारी से गुहार लगाते हुए चकराता बीआरसी कार्यलय में फैली अव्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की।
 
्रखंड शिक्षाधिकारी चकराता जीएस दोहरे का कहना है कि सज्ञांन में यह मामला नहीं है, क्योंकि मैने हाल ही में कार्यभार संभाला है, पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
 
मुख्य शिक्षाधिकारी देहरादून एसपी खाली, का कहना है कि बीआरसी कार्यालय चकराता से नदारद रहने वाले बीआरसी, एबीआरसी की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी स्टाफ को नियमित उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए गए है।
 

गैरसैण में प्रस्तावित विस भवन डिजाइन को किया गया प्रदर्शित

देहरादून। गैरसैंण में बनने जा रहे विधान सभा भवन, सचिवालय, मंत्री, विधायक आवास तथा सचिवालय ब्लॉक, सचिवालय से सम्बन्धित अधिकारियों/कर्मचारियों के आवास का डिजाईन आज एन०बी०सी०सी० के अधिकारियों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल के आवास में प्रदर्शित किया गया। इस डिजाईन प्रदर्शन के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव भी सम्बिन्धित अधिकारियों द्वारा दिये गये।
 
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष श्री कुंजवाल ने कार्यदायी संस्था एन०बी०सी०सी० के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे फाइनल डिजाईन तैयार कर विधान सभा भवन सहित अन्य भवनों का आगणन तैयार कर एक सन्ताह के भीतर प्रस्तुत करें, ताकि 13वें वित्त में स्वीकृत बजट के अतिरिक्त विधान भवन हेतु अतिरिक्त आने वाले खर्च की मांॅग 14वें वित्त के लिये की जा सके। श्री कुंजवाल ने पेयजल, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से व्यापक चर्चा कर विधान भवन निर्माण हेतु अति शीइा्र अपनी कार्ययोजना बनाते हुए सभी मूलभूत व्यवस्थाएं तत्काल दुरस्त करने के निर्देश दिये ताकि विधान भवन सहित अन्य भवनों का निर्माण कार्य शीइा्र प्रारम्भ हो सके। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव विधान सभा डी०पी० गैरोला, अपर सचिव विष्णु चक्र थपलियाल, जगदीश चन्द्रा एन०बी०सी०सी० के महाप्रबन्धक राजेश अरोड़ा, नारायण सिंह, एम०के० चावला एवं पेयजल, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
 

पब्लिक स्कूलों के खिलाफ अभियान चलायेगी परिषद

देहरादून। एबीवीपी ने अब पब्लिक स्कूलों के खिलाफ में शिक्षण शुल्क बढ़ोत्तरी करने व अवैध रूप से किताबें वितरित किये जाने तथा स्कूलों में शिक्षा का बाजारीकरण किसी भी दशा में स्वीकार न किये जाने के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया है, इसके लिए रणनीति तैयार कर ली गई है।
 
यहां परिषद के प्रदेश सह मंत्री आशीष बहुगुणा ने पत्रकारों से बातचीत  करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंध तंत्र अनावश्यक रूप से अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ लाद रहा है, जिसका विरोध किया जायेगा। उनका कहना है कि शुल्क बढोत्तरी को वापस लिये जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। स्कूल में अनावश्यक प से छात्रों को किताबें बांटी जा रही है और जबकि दुकानों से किताबे खरीदी जानी चाहिए, लेकिन प्रबंध तंत्र की मनमानी के चलते यह कार्य किया जा रहा है और अभिभावकों को परेशानी हो रही है।
 
उनका कहना है कि स्कूल द्वारा प्रत्येक सत्र के आरंभ में अभिभावकों का मकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है और पब्लिक स्कूलों द्वारा मनमानी तरीके से फीस में बढ़ोत्तरी की जाती है और इस फीस बढोत्तरी के ऊपर शासन व प्रशासन की तरफ से कोई अंकुश आज तक नहीं लगाया गया है। बच्चों के नये प्रवेश के समय मनमाना शुल्क वसूला जाता है जिसमें कई में ऐसी है जिनका कोई औचित्य नहीं है। इस प्रकार कोई अधिकार स्कूलों को नहीं है और अन्य स्कूलों में भी यह मनमानी की जाती है और इस पर अंकुश लगाये जाने की जरूरत है और इसके लिए परिषद अब आंदोलन करेगा।
 
उनका कहना है कि जिला प्रशासन को इस दिशा में कार्यवाही करने के लिए कार्य करना होगा। अभिभावकों का जमकर आर्थिक शोषण किया जाता है। अभिभावकों का साक्षात्कर लिया जाता है जबकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत इस पर रोक लगी हुई है और इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। उनका कहना है कि शीघ्र ही इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई तो उग्र आंदोलन चलाया जायेगा। स्कूल की फीस प्रतिदिन जमा करने की बात की जा रही है जो गलत है और यहां तक की छात्रों पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
 
उनका कहना है कि शिक्षा का बाजारीकरण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और जबकि शुल्क निर्धारित समय पर जमा कर दिया जाता है और इस परम्परा का विरोध किया जायेगा। उनका कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भी इसका पालन नहीं किया जा रहा है। कक्षा आठ तक किसी भी बच्चें को किसी भी दशा में फेल नहीं किया जा सकता है और स्कूलों के अंदर कापी किताबे, ड्रेस, स्टेशनरी बेचने पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए, २५ प्रतिशत गरीब बच्चों को पब्लिक स्कूलों में आरक्षण दिया गया है। उनका कहना है कि साठ हजार रूपये वार्षिक आय है तो वे इस आरक्षण के दायरे में आये और अभिभावक अपने बच्चे का प्रवेश बिना किसी शुल्क के पब्लिक स्कलों में करा सकते है लेकिन आज इस नियम का पालन पब्लिक स्कूल नहीं कर रहे है, इसके लिए जनांदोलन चलाया जायेगा और शीघ्र ही इसकी शुरूआत की जायेगी। वार्ता में आशीष रावत, अंशुल चावला आदि मौजूद थे।
 

दून पुलिस के लिए कम नहीं हैं चुनौतियां

देहरादून। दून पुलिस चुनौतियों से निपटना बखूबी जानती है, लेकिन ऐसा भी नहीं कि हर चुनौती से पार पा लिया गया हो। मार्च माह की बात करें तो शुरूआत से ही पुलिस के सामने बदमाशों ने खूब चुनौतियां पेश की हैं। हत्या, लूट, आदि के मामलों को तो पुलिस ने बड़ी जल्दी मुकाम तक पहुंचा दिया। लेकिन कुछ ऐसे मामले भी बने हुए हैं जिन पर कि कोशिशों पर कोशिशों के बाद भी सुलझने का नाम नहीं ले रही। इन दिनों दून पुलिस के सामने होटल मालिक गुरूचरण अरोड़ा के बेटे राजा अरोड़ा के अपहरणकर्ताओं को पकडऩे की सबसे बड़ी चुनौती है और जिस अंदाज में काम किया जा रहा, उससे तय है कि अगले कुछ दिनों में बदमाशों की गिरफ्तारी हो जाए। मार्च माह की बात करें तो चुनौतियां कम नहीं रहीं। 
 
१- ३१ जनवरी को हुई रायपुर की डकैती न सुलझ सकी 
३१ जनवरी की दोपहर रायपुर के खुदानेवाला में प्रापर्टी डीलर जेके सरीन के घर पड़ी डकैती अब तक दून पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है। शुरूआत में ताबड़तोड़ दबिश देने के बाद भी कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिल सकी। हालांकि अब भी पुलिस के लिए यह मामला किसी चुनौती से कम नहीं। लेकिन नए मामलों की जांच को जुटी पुलिस लगता है कि सरीन के मकान में हुई डकैती को बिसरा चुकी है। 
 
मीरा देवी हत्या से पर्दा हटना बाकि 
४ मार्च को मसूरी क्षेत्र में मकान में चौकीदारी करने वाले दंपत्ति पर जानलेवा हमला बोला गया। पति राम सिंह व पत्नी मीरा देवी को अधमरा कर बदमाश भाग निकले। बाद में मीरा देवी की मौत हो गई। तमाम पहलुओं पर जांच की जा चुकी है। लेकिन अपराधियों तक पहुंचने का कोई सिरा पुलिस के हाथ नहीं लग सका। लगता है कि मीरा देवी हत्याकाण्ड पर उसी तरह पर्दा पड़ा रहेगा, जिस तरह बीते साल आईटीबीपी केंपस में केंटीन चलाने वाली पुष्पा देवी की हत्या पर पड़ा हुआ है। 
 
१७ मार्च को नशा कारोबारियों में गैंगवार ने छुड़ाए पसीने 
राजधानी के युवाओं में नशा घर कर चुका है। इसके लिए गैंगवार की शुरूआत तक की जा चुकी है। १७ मार्च को जोगीवाला क्षेत्र में नशा कारोबारियों के एक गुट ने दूसरे गुट के कारोबारियों पर धारदार हथियार से हमला बोल नगदी व स्मैक लूट की थी। सौरभ को जान देकर इस धंधे में हाथ आजमाने की कीमत चुनानी पड़ी। हालांकि जोगीवाला पुलिस ने बड़ी जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। 
 
छह मार्च को हुई थी हृदय विदारक घटना
छह मार्च को मोहमपुर रेलवे पाटक के समीप हृदय विदारक हादसा घटित हुआ था। सहारनपुर के प्रेमी युगल ने रेल से कटकर आत्महत्या कर ली थी। प्रदेश गठन के बाद से ही दून की शांत फिजाओं को मानो ग्रहण सा लगा हुआ है। रेल से कटकर मौतों के मामले यदा-कदा सामने आते ही रहते हैं। जिन परिजनों को उनके परिवार वाले सहारनपुर के रेल पटरियों पर खोज रहे थे, वे मौत को गले लगाने के लिए एक रात पहले ही दून पहुंच चुके थे। और आखिरकार पुलिस चौकी जोगीवाला द्वारा परिजनों को जो सूचना दी गई, वह प्रेमी युगल के परिवार का दिल दहला गई। 
 
सर्राफ लूट प्रकरण से भी जुझी पुलिस 
अपराधों से जुझ रही द्रोण नगरी में बाहरी बदमाशों का किस तरह साया बना हुआ है, १३ मार्च की दिन दहाड़े प्रेमनगर के सर्राफा के यहां हुई लूट की घटना में झलका। सर्राफा गोपाल के यहां पहुंचे दो बदमाशों ने बीस ग्राम सोना लूट लिया। हालांकि प्रेमनगर चौकी प्रभारी विकास रावत के नेतृत्व में पुलिस ने मास्टरमाइंड शाकिर, परवेज व दो अन्य को दौड़धूप के बाद गिरफ्तार कर दर्शा दिया कि दून पुलिस किसी भी चुनौती से निपटने की क्षमता रखती है। 
 
अशद की हत्या ने दहला दिया दिल
२२ मार्च को रायपुर के शिवपुरी कालोनी में आठ वर्षीय बालक के अपहरण से सनसनी मच गई। रायपुर थाना प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में दून की रायपुर पुलिस ने तमाम सुरागकसी के बाद रिश्ते के चाचा ताजिम को गिरफ्तार किया तो 'खून के रिश्तोंÓ में दाग लगने का पता चला। ताजिम ने अशद को गंगनहर में डूबोकर मार देना कबूल किया। हालांकि बाद में अशद की हत्या करने से मुकरते हुए ताजिम ने अशद के अभी जिंदा होने की संभावना कायम रखी हुई है। 
 
३० मार्च को वीआईपी सुरक्षा में सेंध लगी
मार्च माह जाने को ही था कि एक पार्टी के समर्थकों ने उत्तराखण्ड पुलिस की अति संवेदनशील सुरक्षा बंदोबस्तों को धता बता दिया। छात्रनेता से मारपीट के बाद कार सवार होकर बसपा समर्थक पूर्व मुख्यमंत्री निशंक के आवास में हथियार लहराते हुए घुस गए। हद तो तब हुई जबकि पुलिस ने असली बदमाशों की जगह उनके गुर्गों को हिरासत में लेकर मामले का पटाक्षेप करना बताया। मोनी द्वारा असली गुनाहगारों का नाम दिए जाने के बाद भी अभी तक दून पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पर अगर-मगर कर रही है। 
 

निजी कंपनी पर धोखाधड़ी कर लाखों रूपये ऐंठने का आरोप

हल्द्वानी। भाजपा के प्रदेश सह संयोजक सुशील भट्ट ने एक कंपनी पर धोखाधड़ी कर लाखों रूपये ऐंठने का आरोप लगाया है। उन्होंने एसएसपी को शिकायती पत्र सौंप आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
 
एसएसपी को भेजे शिकायती पत्र में भाजपा के प्रदेश सह संयोजक सुशील भट्ट ने कहा है कि डहरिया स्थित डायनेमेटिक इम्पोटैक कंपनी के चेयर मैन मुख्त्यार सिंह व एमडी हिमांश वर्मा ने उनसे तीन लाख रूपये में फेंंचाइजी लेने की बात कही। जिस पर उन्होंने अपने एक मित्र तल्ली बमोरी निवासी सतीश पांडे के साथ फ्रेंचाइजी लेने की हामी भर दी। जिसके तहत उन्होंने अलग-अलग किश्तों 31 जनवरी 2०13 को पहली किश्त में चैक के माध्यम से 5० हजार व दूसरी किश्त में 1० फरवरी को ढाई लाख रूपये उन्हें सौंप दिए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी के चेयरमैन व एमडी ने उन्हें न तो फ्रेंचाइजी ही दी और न ही उनकी रकम ही उन्हें वापस लौटाई। उनका कहना है कि दबाव बनाने पर कंपनी के चेयरमैन व एमडी ने उनकी रकम 3० हजार रूपये मासिक के हिसाब से देने की बात कही। जिसके तहत उन्होंने पहला चैक 3 अप्रैल को उन्हें दिया, जो बैंक एकाउंट में लगाने पर बाउंस हो गया। भट्ट ने एसएसपी को भेजे शिकायती पत्र में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही केे साथ ही रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
 

ज्वेलरी शॉप में चोरी

देहरादून। एसएसपी केवल खुराना के निर्देशों के बाद थाना पुलिस ने रात्रि गश्त में तेजी तो दिखाई हुई है। लेकिन समय का अंतर रह गया, जो कि पटेलनगर क्षेत्र की एक ज्वेलरी शॉप में चोरी का पता गश्ती बल को चोरों के निकल जाने के बाद पता चला। पुलिस की सूचना पर दुकान स्वामी रात ही वहां पहुंचे। दोपहर तक उनकी ओर तहरीर नहीं दी गई थी। पुलिस ने चोरों की तलाश शुरू में दबिशें शुरू की हुई है। 
 
गौरखपुर चौक पर 'वाणी ज्वेलर्स के नाम से दुकान चलाने वाले नंद किशोर की सर्राफे की दुकान में चोर रात किसी समय कारनामा अंजाम देकर निकल गए। पुलिस के अनुसार रात २ बजे गश्ती कर्मचारियों ने दुकान का शटर खुला देखा तो थाने को सूचना दी। नन्द किशोर रात ही चोरी की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार नन्द किशोर ने पांच सौ ग्राम चांदी के आभूषण और कुछ सिक्के चोरी होने की बात कही है। कोतवाल ने बताया कि सोने के आभूषण व अन्य कीमती सामान वे अपने साथ घर लेकर चले जाते थे। इधर रायपुर के एकता विहार में भी बंद पड़े मकान का ताला टूटा है। मकान मालिक शशी साहिल बीती सोमवार को परिवार के साथ दिल्ली गए थे। आज सुबह लौटे तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। हर कमरा खंगाला गया था। बैडरूम के कमरे की आलमारी तोडक़र लाखों के जेवर व कुछ नकदी चोरी होने की बात कही जा रही है। एसओ शंकर सिंह बिष्ट हमराहोंं को साथ लेकर मौका मुआयना को पहुंचे। एसओ ने कहा कि चोरी करने वालों की सुरागकसी की जा रही है। 
 

Parents being forced to shed money

Dehradun : For the past few years the education business has found a new way of making more money. Somewhere it is an increase in the school fee or somewhere it is a compulsion of buying new books from a specified shop. The books are being changed every year so that for every student the parents have to buy new books. April is the month when the parents have to spend almost more than the average savings of a family.
 
The schools have lost interest in providing education and have become completely money minded. The schools have tie ups with stationary shops, book stores, school dress stores and even publication houses. By putting up a compulsion of purchase from specified shops the school management is making a handsome commission and it is a kind of once a year additional business for them. Even the publication houses have joined hands by changing the cover of the books with a little change in design for the next year; the content however remains the same. By doing this they ensure that no parent saves money by arranging second hand books for their children.
 
With such a diversified population in the capital, the number of students in the government schools is reducing. The parents want their children to study in private schools and prepare for a better future. Such parents are working hard to make money that can have their dreams come true and all that money goes into the banks of such educational establishments. The District Magistrate has set up a helpline to register such complaints.

न्यायालय के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही

चंबा ।  जिला में न्यायालय के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिला प्रशासन, वन, खनन व पुलिस विभाग की नजरों के सामने रावी नदी के किनारों को छलनी किया जा रहा है। रावी नदी के किनारों पर खनन माफिया का कारोबार बड़े पैमाने पर चला हुआ है।
 
जिला की निकटवर्ती पंचायत उदयपुर में तो खनन माफिया गिरोह इस कद्र सक्रिय है कि दिन-रात खनन करने में जुटे टैक्ट्ररों के शोरगुल के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं उक्त क्षेत्र में खनन माफिया करने वाले बाल मजदूरी को भी बढ़ावा दे रहे हैं। क्षेत्र में पर्यावरण के नियमों को दरकिनार कर नियमों का उल्लघंन किया जा रहा है। यहीं नहीं रावी नदी के किनारे बसी उदयपुर पंचायत लोगों के पास ट्रैक्टरों की संख्या 5० तक पहुंच गई है। ट्रैक्टर रावी नदी के समीप रेत व बजरी के लिए सरेआम देखे जा सकते हैं। बेशक न्यायालय, सरकार व पर्यावरण प्रेमी खनन को कम कर भविष्य को सुरक्षित करने की बात करते हों, किंतु पहाड़ों में भूस्खलन का मुख्य कारण खनन दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है।
 
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि खनन में जुटे ट्रैक्टरों के शोरगुल के कारण करीब 2०० परिवारों को ध्वनि प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर कार्यवाई की जाती है, किंतु अवैध खनन घटने की बजाय निरंतर बढ़ता जा रहा है। रावी नदी के किनारों को छलनी कर रहे लोग बेशक चांदी कूट रहे हों, किंतु भविष्य में खनन के दूरगामी परिणाम पूरे जिला को भुगतने पडेंगे। प्रशासन व पुलिस विभाग का डर किए बगैर चंबा-पठानकोट मुख्य मार्ग पर रावी नदी से रेत निकालकर ढेर लगाना आम बात हो गई है। उक्त घटनाक्रम से प्रशासन व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठना लाजिमी है। रावी नदी सहित जिला के अन्य नालों पर हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण प्रेमी काफी चिंतित हैं। खनन के विरुद्ध लोगों द्वारा प्रशासन से कई बार मांग की जा चुकी है, किंतु अभी तक कोई सकारात्मक पहल देखने को नहीं मिली है। पुलिस अधीक्षक बृज मोहन शर्मा ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ जल्द अभियान छेड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी अवैध खनन के सिलसिले में वाहन जब्त किए गए थे। नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जाएगा।
 

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