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उत्तराखंड की उपेक्षा से हूं झुब्ध इसलिए छोड़ रहा हूं कांग्रेस : महाराज

नई दिल्ली : सांसद सतपाल महाराज ने आज एक प्रेस वक्तव्य में बताया कि कांग्रेस द्वारा उत्तराखंड व वहां की जनता की उपेक्षा से झुब्ध हो कर उन्होंने भारी मन से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होने बताया कि उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी को भिजवा कर तत्काल प्रभाव से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।

सांसद महाराज ने बताया कि उनकी प्रारम्भ से ही पर्वतीय जनता के विकास की सोच रही है। इसी के तहत उन्होनें पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए आंदोलन किया और पर्वतीय राज्य उत्तराखंड अस्तित्व में आया। हमारे षहीद आंदोलनकारियों का जो पहाड़ व वहां की जनता के विकास का सपना था, उसे पूरा करने के लिए उन्होंने सभी के सहयोग से हर मुद्दे को उठाया परन्तु कांग्रेस के ढुलमुल रवैये के कारण व उनकी उपेक्षा के कारण सब अधूरा है जो उनका ही नहीं अपितु समस्त उत्तराखंड की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने आगे कहा कि गत वर्श आयी आपदा के प्रभावितों को आज तक रहने के लिए छत भी नहीं मिली है। राज्य सरकार द्वारा प्रभावितों को मकान बनाने के लिए 7 लाख रूपये मुआवजे के तौर पर दिये गये परन्तु उन्हें चिन्हित कर भूमि नहीं दी गई जिससे पहाड़ों से सामूहिक रूप से पलायन हो रहा है। बार बार उनकी विकास की सोच व बातों को अनदेखा व अनसुना किया जाता रहा है इससे वह उपेक्षित, व्यथित व घुटन महसूस कर रहे हैं और उसकी परिणिती त्यागपत्र देकर उन्होंने कर दी है।

 

 

गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की जीवन रेखा व वहां की जनता की स्वप्निल परियोजना ऋशिकेष से कर्णप्रयाग रेल लाईन का निर्माण भी अभी तक राज्य सरकार द्वारा भूमि उपलब्ध न करवाने के कारण अटका हुआ है। चीन के साथ हमारी सीमा लगती है ऐसे में हमारे सैनिकों को रसद पहुंचाने के लिए भी इस रेल लाईन का षीघ्र निर्माण जरूरी है। इसी प्रकार षिलान्यास के बाद भी गैरसेंण में विधान सभा भवन का निर्माण भी षुरू नहीं हुआ। भ्रश्टाचार और मंहगाई के सारे रिकार्ड टूट चुके हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक सड़क मार्ग, संपर्क मार्ग, पुलो, पुलियों का निर्माण नहीं हुआ। चकित्सालय, विद्यालयों के निर्माण भी नहीं हुये, आपदा प्रभावित क्षेत्रों की जनता बदहाल है, ऐसे में वहां का प्रतिनिधि होने के कारण मेरी जिम्मेवारी बनती है कि उनकी हरसंभव मदद करू परन्तु कांग्रेस में हमेषा मेरी बातों के प्रति उदासीन रवैये से झुब्ध हो मैंने भारी मन के साथ कांगे्रस से त्यागपत्र दे दिया है। मेरी भावनाएं, संवेदनाएं व सोच सदैव उत्तराखंड व वहां की जनता के विकास से जुड़ी रही है और ऐसे में जनता का दर्द देख हृदय व्यथित होता है और उपेक्षा के कारण मन मसोस कर रह जाता हूं इसलिए मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया है।

सांसद महाराज ने आगे बताया कि देष के विकास के लिए वह भारतीय जनता पार्टी में बिना षर्त षामिल हुए हैं और मोदी जी के मिषन 272 में वह पूरा सहयोग देंगे तथा इसके लिए देषभर में भाजपा का प्रचार करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके भाजपा में सम्मिलित होते ही सट्टा बाजार में भाजपा की स्थिति में तेजी आई तथा षेयर बाजार में भी उछाल आया है।

 

 

Satpal Maharaj quits Congress and joins BJP

Dehradun : Maharaj, a senior Uttarakhand leader and MP from Congress joined BJP after quitting the former party. Satpal Maharaj's resignation came soon after former Union home minister Buta Singh had quit the party. 

Mr. Rajnath Singh welcomed him to the party and stated that the BJP will be strengthened with his joining.
 
Maharaj was upset with congress on certain decisions that were taken,however, he decided to quit after his choice of candidates in the Garhwal region was not agreed to by the Congress high command.
 
It is being discussed that the Uttarakhand leader has the support of 10 MLAs and if they to decide to cross over, the Congress government in the state could face danger.

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