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सिटी पेट्रोल यूनिट रुद्रपुर में आ रही है City Patrol Unit

रुद्रपुर : यदि आपकों को शहर में वाहन चलाते हुए यातायात नियमों को तोडऩा एक आदत से बन गई है तो इसे सुधार लीजिएगा, वरना आने वाले समय में आप परेशानी में फंस सकते है। शहर में नीली वर्दी वाली ( सिटी पेट्रोल यूनिट) सीपीयू पुलिस आ रही है जो किसी की भी सिफारिश को नहीं सुनती है,और कार्रवाई मिनटों में करती है। 

देहरादून व हरिद्वार में हजारों लोगों के ट्रेफिक का पाठ सिखाने के बाद सिटी पेट्रोल यूनिट रुद्रपुर में आ रही है। इस यूनिट के आने से सडक़ पर होने वाले अपराध कम होगें,साथ ही सडक़ पर खड़ी होने वाले वाहनों की खैर नहीं होगी। इस यूनिट के पास हेलमेट में रिकाडिंग कैमरा होता है जो सामने जा रहे हर वाहन की रिकाडिंग करता है। आधुनिक पिस्टल,छोटा डंडा, स्प्रे, व अन्य आधुनिक उपक्रम होते है,जो किसी भी परिस्थिति से निपटने में सहायक होते है। इसके अलावा वायर लैस सैट जो सीधे पुलिस कंट्रोल रुप से संपर्क में रहेगा। यदि कोई भी अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद फरार होता है तो उसकी सूचना तुंरत पुलिस कंट्रोल रुम को दी जाती है,जबकि सीपीयू की एक  यूनिट अपराधी का पीछा करती है। 

सीपीयू के रुद्रपुर में आने से काफी हद तक सडक़ दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसके साथ ही बाजारो में लगने वाले जाम और नौ पार्किंग में खड़े वाहनों से भी लोगों को निजात मिल जाएगी।  

सीपीयू में दबंग होगें पुलिस कर्मचारी 

शहर की सडक़ों पर उतरने वाली सिटी पेट्रोल पुलिस के जवान दबंग होगें। ऐसे पुलिस कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली गई है। इसी माह के अंत से उन्हे सीपीयू की प्रशिक्षण देना शुरु कर दिया जाएगा। ऐसी संभावनाए है कि अगले माह तक सीपीयू सडक़ पर दिखाई देगीं।

पहले रुद्रपुर बाद में पूरे जिले में होगी सीपीयू

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीलेश आनंद भरणे का कहना है कि सीपीयू की यहां काफी जरुरत महसूूस की जा रही थी,रुद्रपुर में सीपीयू का कार्यालय भी बनाया जा रहा है। रुद्रपुर की सफलता के बाद जिले के  अन्य शहरी क्षेत्रों सीपीयू को सडक़ों पर उतारा जाएगा। 

2013 की आपदा में तबाह हुआ खाद्यान्न गोदाम

श्रीनगर गढ़वाल :  वर्ष 2013 की आपदा में खाद्य आपूर्ति विभाग का खाद्यान्न गोदाम पूरी तरह तबाह हो गया। अस्थाई व्यवस्था पर राजकीय पॉलीटेक्निक श्रीनगर के ऑडिटोरियम से ही खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। हैरत की बात है कि डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद अब तक नया गोदाम नहीं बन सका। जिसका खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ रहा है। 

लोअर भक्तियाना में अलकनंदा नदी तट पर स्थित श्रीनगर का खाद्यान्न गोदाम जून 2013 की बाढ़ के बाद मलबे में दब गया था। जिसके बाद प्रशासन ने राजकीय पॉलीटेक्निक श्रीनगर के प्रेक्षागृह में अस्थाई खाद्यान्न गोदाम की व्यवस्था करवाई। डेढ़ साल बीत जाने पर भी ऑडिटोरियम में ही पॉलीटेक्निक और एनआइटी के कार्यक्रम आयोजन के साथ खाद्यान्न वितरण हो रहा है। ऑडिटोरियम हॉल के एक ओर राशन के गेहूं, चावल, चीनी की बोरियां रखी हैं। इसी हॉल में ही वरिष्ठ पूर्ति निरीक्षक का कार्यालय भी है। गोदाम के कारण संस्थान के छात्रों को इस प्रेक्षागृह का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। संस्थान को कार्यक्रम आयोजनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. एसके गुप्ता का कहना है कि इस प्रेक्षागृह को खाली करवाने को लेकर दो बार जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अनुरोध भी किया जा चुका है। सेमीनार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी दिक्कतें आती हैं। उपजिलाधिकारी रजा अब्बास का कहना है कि खाद्यान्न आवंटन की आवश्यकता व जनसुविधाओं को देखते हुए यहां अस्थायी व्यवस्था की गई है। नए खाद्यान्न गोदाम के लिए खाद्यान्न विभाग को श्रीनगर बुघाणी रोड पर पांच नाली जमीन आवंटित की जा चुकी है।
जिला पूर्ति अधिकारी केएस बिष्ट का कहना है कि श्रीनगर में आवंटित पांच नाली भूमि पर 500 मीट्रिक टन क्षमता का नया खाद्यान्न गोदाम विश्व बैंक की सहायता से बनना है। नए गोदाम की लागत एक करोड़ 70 लाख है। बजट मिलते ही गोदाम का निर्माण कार्य करा दिया जाएगा।
 

पहाड़ के युवाओं के लिए 70 प्रतिशत आरक्षण की मांग

अल्मोड़ा : जनता युवा मोर्चा के बैनर तले मोर्चा के तमाम पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने यहां कलेक्ट्रेट में आज सिडकुल में पहाड़ के युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार देने, समूह में की गई शुल्क वृद्घि वापस लेने सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता आज अपराहन यहां कलेक्ट्रेट में जमा हुए। जहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के चलते पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल कायम हो गया है। हर तरफ लूट, खसोट और भ्रष्टाचार चरम पर है तथा रोजगार में पहाड़ के युवाओं की हर ओर से अनदेखी हो रही है। इस मौके पर उन्होंने डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में उत्तराखंड के सिडकुल आदि उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत आरक्षण देने, निरंतर बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने व आपराधिक तत्वों को कड़ी सजा देने, बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन करने तथा समूह ग के आवेदन में की गई ीूल्य वृद्घि शीइा्र वापस लिये जाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सभी मांगों पर यथाशीइा्र कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा युवा मोर्चा पूरे प्रदेश में जबरदस्त आंदोलन शुरू कर देगा। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में मोर्चा के प्रदेश मंत्री दीपक पाण्डे, भाजपा नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र बिष्ट, जिलाध्यक्ष दर्शन रावत, जिला महामंत्री राहुल गुन्ता, जिला उपाध्यक्ष अमित साह 'सोनू, जिला उपाध्यक्ष संजय कनवाल, जिला मंत्री कुलदीप रजौरिया, विपिन बिष्ट, मोहित, घनश्याम तिवारी, पूरन पालीवाल आदि दर्जनों मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

तांत्रिक ने इलाज करने के बहाने ठगे लाखों रूपये

किच्छा : एक तांत्रिक ने झाड़ फूंक कर बीमारी ठीक करने के बहाने एक व्यक्ति से लगभग तीन लाख रूपये की धनराशि ठग ली। जिसकी शिकायत पीडि़त ने कोतवाली में करते हुए उक्त तांत्रिक के विरूद्घ तहरीर दी है तथा अपनी धनराशि वापिस दिलाने की गुहार लगायी है। 

कोतवाली में दी गयी तहरीर में ग्राम मिर्जापुर थाना बहेड़ी जिला बरेली निवासी लहीकन पत्नि स्व सूखे ने कहा है कि उसकी पुत्रवधु लम्बे समय से बीमार चल रही थी। जिसका डाक्टरों से इलाज चल रहा था परन्तु लाभ न होने के कारण उसका पुत्र रियासत अपनी पत्नी को लेकर झगझोर फार्म पर स्थित मजार पर हाजिरी देने आया था कि वहां उसे अनवार नामक एक तांत्रिक मिला उसने उसके पुत्र से कहा कि उसकी बीमार पत्नी को वह झाड़ फूंक के जरिये ठीक कर देगा तथा वह तांित्रक उसके पुत्र एवं पुत्रवधु को लालपुर स्थित अपने तांित्रक ठिकाने पर ले गया। जहां उसने झाड़ फूंक करते हुए उसके पुत्र से कहा कि उसकी पत्नि को ठीक करने के एवज में वह पांच लाख रूपये लेगा यदि शीघ्र ही तांित्रक प्रक्रिया नही करायी तो उसका पूरा परिवार मर जायेगा। इससे घबराकर उसके पुत्र ने अपना ट्रैक्टर बेचकर एवं दो बाघा जमीन गिरवी रखकर उक्त तांित्रक अनवार को लालपुर में दो लाख साठ हजार रूपये दे दिये साथ उसकी पुत्र को धमकाया कि धनराशि एवं झाड़ फूंक की किसी को जानकारी न दे। कुछ समय बीतने के बाद झाड़ फूंक से जब कोई लाभ नही हुआ तो उसके पुत्र ने उक्त तांित्रक अनवार से अपनी दी गयी धनराशि वापिस की मांग की तो उक्त तात्रिक ने उसे जानसे मारने की धमकी दी है। पीडि़त पक्ष द्वारा कोतवाली के चक्कर लगाने के वावजूद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नही की है।

 

अपराधियों पर बरस रही पुलिस की महरबानी

हल्द्वानी : अपराधियों पर पुलिस इन दिनों कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो रही है। जिसका नतीजा अपराध का ग्राफ बढऩे के रूप में देखने को मिल रहा है। चाकू मारने के आरोपी पार्षद पुत्र को जहां पुलिस गिरफ्तार करने से डर रही है। वहीं युवक पर चाकू से हमला करने वाले भाईयों को गिरफ्तार करने से भी कतरा रही है। 
बता दें कि बीती रोज हीरानगर की पार्षद के पुत्र वीरू ने मुखानी में केजीएम इलेक्ट्रानिक्स नामक से दुकान चलाने वाले इन्द्रानगर निवासी राशिद को चाकू मार दिया था। जिससे राशिद बुरी तरह घायल हो गया। उसे उपचार डॉ सुशीला तिवारी चिकित्सालय भर्ती कराया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन पुलिस आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पार्षद पुत्र को गिरफ्तार न करने से नगर में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। जहां एक ओर लोगों यह कहते दिख रहे हैं कि आरोपी को पुलिस राजनीतिक दबाव में गिरफ्तार नहीं कर रही है। वहीं कुछ लोग इसे पुलिस की नाकामी भी बता रहे हैं।
 
वहीं पुलिस गफूर बस्ती में चल रहे शादी समारोह में बीती तीन दिसम्बर की रात दो पक्षों के विवाद में बीच बचाव करने गए मोहसिन पुत्र शमीम अहमद पर नदीम व वसीम ने चाकू से वार कर दिया। जिससे मोहसिन बुरी तरह घायल हो गया। इस मामले में भी पुलिस को तहरीर सौंपी गई। लेकिन आरोपी भाईयों को गिरफ्तार करने की भी पुलिस ने जहमत नहीं उठाई है।
 

सडक़ हादसे में दोनों घायल युवकों की उपचार के दौरान मौत

हल्द्वानी : बीती रात अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हुए बाइक सवार युवकों की डॉ सुशीला तिवारी चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार हल्दूचौड़ परमा निवासी 25 वर्षीय गोकुल प्रसाद आर्या पुत्र तुलसी प्रसाद आर्या बीती रात अपने साथी चकलुवा रामपुर निवासी 17 वर्षीय नीरज बिष्ट पुत्र हरक सिंह बिष्ट के साथ बाइक पर सवार होकर कालाढूंगी से चकुलवा की तरफ जा रहे थे कि तभी बाइक में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिससे दोनों बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए 108 आपातकालीन सेवा की मदद से डॉ सुशीला तिवारी चिकित्सालय भर्ती कराया गया। जहां आज दोनों ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। 
 

नही थम रहा चोरों का तांडव

हल्द्वानी : नगर में चोरों का तांडव थम नहीं रहा है। बनभूलपुरा क्षेत्र में चोरों ने एक और घर को अपना निशाना बना लिया। चोर घर से हजारों की नगदी, मोबाइल फोन समेत अन्य सामान ले उड़े। प्रात: जागने पर गृहस्वामी को घटना का पता लगा। मामले की तहरीर पुलिस को सौंप दी गई है।
 
घटना बनभूलपुरा चौकी क्षेत्र में आने वाले इन्द्रानगर की है। यहां रहने वाले शकील का परिवार जब रात को खाना खाने के बाद सो गया। इस बीच चोरों ने उनके घर धावा बोल दिया और वहां से चार हजार रूपये की नगदी, दो मोबाइल फोन समेत अन्य सामान ले उड़े। जब शुक्रवार प्रात: शकील जागा तो सामान इधर-उधर बिखरा देख वह हक्का-बक्का रह गया। मोबाइल फोन समेत नगदी गायब थी। इस पर उसे चोरी का एहसास हुआ। उसने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। घटना की तहरीर पुलिस को सौंप दी गई है। शकील का कहना है कि चोरों ने घटना को इतने शातिराना अंदाज में अंजाम दिया कि उन्हें रात के समय किसी आहट का भी पता नहीं लगा। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।कोतवाली इन दिनों रामभरोसे है। कोतवाल व एसएसआई छुट्टी पर चल रहे हैं तो कोतवाली का प्रभार ऐसे दरोगा को सौंपा गया है, जो अस्वस्थ्य चल रहे हैं। ऐसे में अधीनस्थों को निर्देशित करने वाला भी कोतवाली में कोई नहीं है। जिसके चलते चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।
 

बिजली का करंट फैलने से मचा हडक़ंप

रुद्रपुर : शाम मोहल्ला दरियानगर क्षेत्र में विद्युत लाईन बिछाने के दौरान अचानक पोल गिरने से कर्मचारी काम बंद कर चले। बाद में कालोनी में करंट फैल गया। जिससे कालोनी में हडक़ंप मच गया। इसी बीच मामले की सूचना वार्ड के पूर्व सभासद द्वारा विभाग को दे विद्युत सप्लाई कटवाई। तब जाकर बड़ा हादसा होते होते बच गया। बताया जा रहा है कि दरियानगर में विभाीय कर्मी बिजली की सिंगल केविल डाल रहे थे। तभी वहां स्थित पार्क के पास एक विद्युत पोल गिर गये।

प्रत्यक्षदशयों के मुताबिक पोल गिरने के बाद कर्मी वहां से केविल को एकत्र कर चले गये। केविल पार्क के पास ही पूर्व सभासद फुदेना साहनी के घर के समीप रख गये। बाद में एकत्र की गई केविल से स्पार्किग शुरु हो गई और केविल से धुआं निकलते देख कालोनी में लोग एकत्र हो गये। इसी बीच पूर्व सभासद भी आ गये। उन्होंने केविल से धुआं निकलते देख विभाग को सूचना दी। तब तक करंट फैलने की अफवाह हो गई। जिससे वहां पर हडकंप मच गया। विद्युत सप्लाई बंद होने पर लोगो ने राहत की सांस ली। लोगो का कहना था कि थोड़ी लापरवाही होती तो बड़ा हादसा हो जाता है। जो होते होते बच गया। फिलहाल कालोनी की विद्युत आपूर्ति ठप थी। लोग रात भर अंधेरे में रहे। उधर इस सबंध में विभागीय अधिकारियों से जानकारी चाही तो बात नहीं होपाई। विभागीय सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कालोनियों में अब सिंगल केविल तार डाली रही है। ताकि बिजली की चेारी को रोका जा सके।

 

सात माह बाद भी नहीं खुला कुनाल हत्याकांड का मामला

देहरादून :  माह पूर्व राजपुर थाना क्षेत्रांतर्गत कुनाल हत्याकाड में पुलिस अब तक खाली हाथ ही बैठी है। हर मामले की तरह ही पुलिस इस बार भी फोन सर्विलांस के सहारे बैठी है। अप्रैल माह में एक प्रोपर्टी डीलर की पत्थरों से कुचल कर हत्या कर दी गयी। पुलिस फिलहाल इस मामले केा लूट से जोड़ कर देख रही है लेकिन मृतक के बारे में कई रहस्यमय बातें सामने आने के बाद अन्य कारणों पर भी जांच की जा रही है। समय बीतने के साथ ही पुलिस ने इस हत्याकांड पर भी पर्दा डाल दिया है।

पिछले कुछ दिनों से प्रोपर्टी डीलिंग के धंधे से जुड़े लोगों पर आपराधिक मामले कम होते नजर नहीं आ रहे हैं। हाल ही में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें गोलियां बरसांई गयीं और कुछ लोगों केा अपनी जान गंवानी पड़ी। संपत्ति विवाद में ही राजपुर थाना क्षेत्र में भी एक प्रोपर्टी डीलर के पुत्र की ईंटों से सिर कुचलकर कर हत्या कर दी गयी थी। २१ अप्रैल को सुबह राजपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि आईटी पार्क के पास एक निर्माणाधीन मकान पर उसकी लाश पड़ी हुई है। मकान के बाहर ही आनंद विहार जाखन निवासी संजय गुप्ता के पुत्र कुनाल गुप्ता की बाईक भी बरामद की गयी। हत्या का शिकार बने कुनाल की शादी गत वर्ष नवंबर में हुई थी लेकिन नशे की अति लत के कारण उसकी पत्नी उससे अलग रहने लगी थी। कुनाल ने भी परिजनों से अलग रहते हुए कैनाल रोड पर किराए का मकान लिया हुआ था और इसी में रहता था। कुनाल को बड़ी बेदर्दी से मौत के घाट उतारा गया था। घटना स्थल ही ईंटे भी मिली हें जिन पर खून लगा हुआ पाया गया था। हत्या किन कारणों से की गयी इस पर जांच टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर काम कर रही हैं लेकिन जिस प्रकार से कुनाल की अंगूठियां एवं सोने की चेन गायब हैं उससे लूट की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं। अन्य मामलों की तरह ही इस मामले में भी पुलिस के पास सबसे बड़ा हथियार मोबाईल सर्विलांस का ही बना हुआ है। इस बात से इंकार नहंी किया जा रहा है कि कुनाल के साथ जो लोग इस भवन में आए थे उनसे पहले मोबाईल पर बात हुई ही होगी। पुलिस के लिए यहां की फोन लोकेशन एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साबित हो सकती थी और पुलिस ने इस दिशा में काम भी बहुत किया।  हालंाकि हत्या के कारणों को लेकर पुलिस अब तक किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे लूट का मामला मान रही है लेकिन नशे की आदत एवं नशे के कारण भी विवाद होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा रहा है। उधर पुलिस का कहना है कि घर से निकाले जाने एवं आय का कोई साधन न होने के बावजूद भी कुनाल का लाईफ स्टाईल बेहद महंगा एवं आलीशान था। अपने खर्चे वह किस तरह से मेंटेन करता था इसे लेकर भी पुलिस टीम जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को कुनाल का मोबाईल राजपुर थाना क्षेत्र इंदर बाबा मार्ग से बरामद हुआ था जिसे एक मजदूर प्रयोग कर रहा था। मजदूर का कहना था कि उसे यह मोबाईल रास्ते में पड़ा मिला था। वहीं पिछले छ: माह से पुलिस इस प्रकरण में अपनी पूरी ताकत लगा चुकी है। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे कई कई सुराग हाथ लगे हैं जिसके आधार पर घर के लोगों को पूछताछ के दायरे में रखा गया है, लेकिन परिचितों की खामोशी ही अब तक पुलिस के लिए एक दिक्कत बनी हुई है। राजपुर पुलिस का दावा है कि जांच अभी चल रही है लेकिन फिलहाल कोई भी ठोस साक्ष्य पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है। 

 

बुरी तहर चरमरागई है दून घाटी की यातायात व्यवस्था

देहरादून : घाटी की यातायात दिनों दिन बुरी तरह से चरमरा रही है। तमाम प्रयासों के बावजूद भी न तो सडक़ों पर स्थिति सुधर रही है और न ही दून की जनता को जाम से ही मुक्ति मिल पा रही है। दिन खुलने के साथ ही दून वासियों के लिए सडक़ों पर अपने वाहनों के साथ तिल-तिल सरकना पड़ता है जिससे समय एवं धन दोनों ही हानी हो रही है। इसके ठीक विपरीत यातायात पुलिस और सीपीयू का कोई योगदान इस बदहाल यातायात को सुधारने की दिशा में नजर नहंी आता है। कहने को सीपीयू और यातायात पुलिस सडक़ों दिख जाऐंगे लेकिन यातयात को सुचारू रूप से चलाने की बजाए चालान काटना ही एकमात्र प्राथमिकता नजर आती है।

सोचिए वह कैसा नजारा होगा जहां एक तरफ बुरी तरह से जाम लगा हुआ होगा और कालीवर्द वाले व यातायात पुलिस की जिप्सी केवल चालान काटने में ही व्यस्त नजर आऐंगे। यहां तक की अपने अधिकारियों को जाम से आंखे मूंदकर बैठे देख रही-सही ड्यूटी करने वाले सिपाही भी ठंडे पड़ जाते हैं। यह नजारा दून के हर उस चौराहे और मुख्य सडक़ों का है जहां यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। सुबह खुलने के साथ ही सर्वे चौक, धर्मपुर, रेसकोर्स, दर्शनलाल चौक, आढ़त बाजार, सहारनपुर चौक, घंटाघर, कनक चौक, राजपुर रोड़, दिलाराम बाजार सहित अन्य सभी प्रमुख क्षेत्रों में जबरदस्त जाम देखने को मिल रहा है। जाम की हालत इस प्रकार से भयावह हो चुकी है कि दुपहिया वाहनों तक को निकलने में दिक्कतें आ रही हैं। यह सब हो रहा है यातायात पुलिस की आंखों के सामने। कुछ क्षेत्रों में टीएसआई तैनात नजर तो आते हैं लेकिन इन्हेें देख कर लगता ही नहंी कि यह लोग ड्यूटी पर हैं या अपने दूसरे साथियों से गिले-शिकवे दूर कर रहे हैं। आंखो के सामने जाम का नजारा चलता रहता है लेकिन इन खाकीधारियों को कुछ नजर नहंी आता। यही हाल सीपीयू का भी है। सिटी पैट्रोलिंग यूनिट का गठन पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू के प्रयासों से हुआ था, बढ-चढक़र सीपीयू की उपलब्धियों को खुद डीजीपी ने बयां करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। अपनी इस खास फोर्स को पुरस्कृत करने का कोई भी मौका डीजीपी छोडऩा नहंी भूलते लेकिन यातायात सुधार में सीपीयू की कोई महत्ती भूमिका अब तक उजागर नहीं हो पाई है। रही बात यातायात पुलिस की, तो यहां सब कुछ राम भरोसे ही चल रहा है। यातायात पुलिस का लंबा-चौड़ा कुनबा सिवाए शोपीस से अधिक कुछ नहंी है। यातायात पुलिस और सीपीयू के बीच वर्चस्ह्ल की जंग छिड़ी हुई नजर आती है। दोनों ने ही अपना पूरा ध्यान केवल और केवल चालानों की वसूली में केन्द्रित किया हुआ है। यातायात पुलिस के कुछ अधिकारी तो कभी कभार सडक़ों पर यातायात निकालते दिख भी जाऐंगे लेकिन सीपीयू तो सब कुछ आंखों के सामने देख कर भी कुछ करने को तैयार नही। जाम भले ही लगे, लेकिन सीपीयू को नजर आते हैं तो केवल ऐसे वाहन चालक जो हैल्मेट न पहने हुए हों। इन परिस्थितियों में खुद ही कल्पना कीजिए कि आखिर कैसे प्रदेश की राजधानी की यातायात व्यवस्था सुधर सकती है। जहां एक ही काम करने वाली दो ईकाईयां हों और दोनों ही अपने कर्तव्यों से आंखे मूंदे बैठी हों। यही कारण है कि जाम के बीच पिसती दून के वाहन स्वामी किसी तरह से सरक रहे हैं।

 

Bomb Blast in Roorkee: School boy looses life

रूडक़ी : उत्तराखंड में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। रूडक़ी में बम ब्लास्ट होने से एक छठी कक्षा के स्कूली बच्चे की मौत हो गई। पुलिस मौके पर जांच पड़ताल कर रही है। 

मिली जानकारी के अनुसार रूडक़ी में विश्व हिंदू परिषद के नेहरूनगर में बम ब्लास्ट हो गया। जिसमें एक स्कूली बच्चे की मौत हो गई। घटना में मृत कृष्णानगर निवासी स्कूला बच्चा तूषार धीमान स्कूल से घर वापस लौट रहा था। लेकिन तभी विश्व हिंदू परिषद के पास एक कूड़े ढेर के पास बम फट गया। हालांकि बम फटने की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाया है। लेकिन बताया जा रहा है कि छठी कक्षा में पढऩे वाला तुषार धीमान अपने दो दोस्तों के साथ इससे खेल रहा था। तभी यह बम फट गया। जिससे तूषार की मौत हो गई। जबकि इसे पुराना सुतलीनुमा बम होना बताया जा रहा है। लेकिन अचानक बम फटने से बच्चे की मौत हो गई। वहीं बताया जा रहा है कि जहां बम फटा है उसके पास विश्व हिंदू परिषद का भी कार्यक्रम चल रहा है। पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। बम ब्लास्ट की घटना के बाद पुलिस ने घटना स्थल को चारो ओर से सील कर दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस इस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। वहीं रूडक़ी में बम फटने से दहशत का माहोल पैदा हो गया है। बम फटने की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी और टीम मौके पर पंहुचकर छानबीन कर रहे हैं।

 

मुख्यमन्त्री स्वास्थ्य बीमा योजना 26 जनवरी 2015 से प्रस्तावित

Dehradun : प्रदेश में मुख्यमन्त्री स्वास्थ्य बीमा योजना 26 जनवरी 2015 से लागू किया जाना प्रस्तावित है। इस योजना से राज्य के लगभग 85 लाख लोग लाभान्वित होगें। यह योजना पूर्णतः कैशलेस होगी।

प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ओम प्रकाश ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना केवल गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए है। इस योजना के तहत प्रति व्यक्ति रूण् Rs. 1,70,000/- .मात्र ;रूपया एक लाख सत्तर हजार मात्रद्ध की सीमा तक का इलाज करा सकता है। इसके लिए उसे कोई धनराशि अदा नही करनी होगी।

प्रमुख सचिव ने बताया कि इस योजना के तहत लाभान्वित होने वाले लोगों को एक स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जायेगा। कार्ड दिखाकर बीमार व्यक्ति प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों व चिन्हित अस्पतालों के साथ ही प्रदेश के बाहर चिन्हित बडे़ अस्पतालो यथा पीण्जीण्आईण् चण्डीगढ़ में बिना कोई फीस दिये अपना इलाज करा सकता है। इतना ही नहीं इस योजना के तहत प्रदेश के बाहर इलाज कराने वालों को आने.जाने के लिए नियमानुसार किराया देने की भी व्यवस्था की गयी है। इस योजना के तहत् 600 बीमारियाॅं चिन्हित की गयी हैंए इन बीमारियों से पीडि़त व्यक्ति इस योजना का पूर्णतः कैशलेस लाभ ले सकेगा।

डाक्टरों की तैनाती के बारे में प्रमुख सचिव ने बताया कि चिकित्सा विभाग में अभी 108 लोगों का प्रमोशन किया गया था जिनमें से 90 चिकित्सकों की पर्वतीय क्षेत्रों में तैनाती कर दी गयी हैए इससे पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सक पहुॅच गये हैं। प्रमुख सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के 1500 पद रिक्त हैं। विभाग द्वारा 747 पदों पर नियुक्ति हेतु लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेज दिया गया हैए शेष पदो के लिए मेडिकल चयन आयोग के तहत नियुक्ति प्रक्रिया की जायेगीए जो अनवरत रूप से चलती रहेगी। 

 

Duty allowances of home guards would be increased to Rs 350 from Rs 250 pd

Dehradun : Duty allowances of home guards would be increased to Rs 350 from Rs 250 per day. Dress washing allowance would also be increased 50 percent. Chief Minister Harish Rawat declared this as a chief guest in Nagrik Surksha and home guards day programme organized in Municipal Corporation. He said that these schemes would be implemented on PRD also. Chief Minister said that concept of Nagrik Surksha should be expanded with the changing time. Nagrik Surksha and home guards can play important role in natural disaster and crime including spreading awareness in other social issues along with their routine work.

 
Chief Minister directed to principal secretary draft action plan for establishing one unit each in the  Chinyalisaur, Didihat, and Haridwar. Among these unit Haridwar unit would dedicated to  curb the crime in the City. This would be assist to police and intelligence. Volunteer of Nagrik Surksha  sat an example by fulfilling the social responsibilities. We all should have sense of responsibility to work beyond our duty. Nagrik Surksha should be understood in a broad perspective beyond call on duty.  Volunteer and home guards linked to Nagrik Surksha should inform the government about the places where work can be expanded. State government is very eager to extend its work field. Chief Minister directed the official to make more effective to the Nagrik Surksha and home guards. Chief warden Chander Vikram has been facilitated at the event.
 
Principal Secretary Home M H Khan, Mayor of Municipal Corporation of Dehradun Vinod Chamoli, Director General Nagrik Surksha and Comandant Genral home guards Ram singh Ram singh Meena, District Magistrate of Dehradun Chandresh Yadav including others respected people were presents on the occasion.
 

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