Share Your view/ News Content With Us
Name:
Contact Number:
Email ID:
Content:
Upload file:

युवा नेता पर चली गोली में नही मिल रहे कोई खास सुराग

देहरादून : युवा कांग्रेस नेता संग्राम सिंह पुंडीर को दो दिन पूर्व मोहनपुर में एक पार्टी के दौरान दांये पैर में प्रेमनगर के एक सुनार ने अपनी पिस्टल से गोली मारी थी। चर्चा है कि समारोह में सुनार ने हवा में कई गोलियां दागी थी। युवा नेता आखिरकार किससे डर कर गोलीकांड को छुपा रहा है यह तो उसके साथियो को भी समझ में नहीं आ रहा है लेकिन उसके पैर में गोली लगी है यह पूरी तरह से साफ हो चुका है। संग्राम को जानने वाले उसके दोस्तों का कहना है कि आज दोपहर उसके पैर का ऑपरेशन होगा।

सुनार द्वारा पिस्टल से चलाई गई गोलियों की गूंज पे्रमनगर पुलिस को आखिरकार क्यों नहीं सुनाई पड़ी यह काफी हैरान करने वाली बात है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर पुलिस भी ऐसे गोलीकांड को छुपाने में लगी रही तो यह तय है कि आने वाले समय में इसके घातक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इस सम्बन्ध में पुलिस कप्तान केवल खुराना का कहना है कि मामले की सच्चाई के लिए एसपी सिटी नवनीत भुल्लर को लगाया गया है। वहीं प्रेमनगर में यह बात आम है कि संग्राम को टारगेट करके उस पर पिस्टल से गोली चलाई गई थी? चर्चा यहां तक है कि गोली चलाने वाले सुनार के साथ कुछ खतरनाक किस्म के लोग भी रहते हैं जिसके चलते शायद संग्राम सिंह उनका नाम उजागर करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है ऐसे में पुलिस को चाहिए कि वह खुद आगे आकर गोली चलाने वाले को दबोचने की पहल करे

 

कांग्रेस का सत्ता से सफाया होना तय: राजनाथ

देहरादून : मैदान में आयोजित शंखनाद रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अयक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरे देश की जनता कांग्रेस की भ्रष्टाचारी नीतियों से परेशान है। कांग्रेस के शासन में जनता भ्रष्टाचार और मंहगाई की मार से पूरी तरह से त्रस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विाान सभा चुनाव में पांच राज्यों में से चार राज्यों में भाजपा की जीत से यह साबित हो गया है कि अब कांग्रेस का सत्ता से जाने का समय आ गया है। भाजपा अध्यक्ष ने  मिजोरम में कांग्रेस की जीत पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि मिजोरम की जीत कांग्रेस के लिए चार राज्यों में विाानसभा चुनाव हारने का सांत्वना पुरस्कार है। राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस की जनविरोधी नितियों के कारण पूरे देश में त्राही-त्राही मची है। कांग्रेस को जनता के हितों से कोई सरोकार नही है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नही है। जनता  की समझ में भी अब आ गया है कि भाजपा की छत्रछाया में ही देश के हित सुरक्षित रह सकते है।

अपने संबोान में राजनाथ सिंह ने रैली में पहुंचे लोगों को सिर झुकाकर धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मैंने और नरेंद्र मोदी ने अनुमान लगाया था कि केवल 40-42 हजार लोग रैली में पहुंचेगे, लेकिन लाखों की संख्या में लोगों को देखकर हमारा मनोबल और बढ़ गया है। इससे पहले राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड की जनता का स्वागत करते हुए कहा कि वो यहां रैलियां करते रहे हैं लेकिन इस बार जितनी गर्मजोशी से उनका स्वागत हुआ है उसके लिए शीश झुका कर नमन करते हैं।

पहली पर देवभूमि पर देखा ऐसा जन सैलाब देख कर राजनाथ ने बीजेपी को समर्थन देने का ान्यवाद दिया। राजनाथ सिंह जनसभा को संबोाित करते हुए कहा कि सरदार पटेल की जन्मतिथि पर पूरे देश को रन फर यूनिटी का संदेश दिया।

Shankhnaad Rally Detailed News

देहरादून : जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहाड़ का पानी और यहां की जवानी यहां के काम नहीं आ रही है। यदि इसका उपयोग यहीं किया जाए तो यह राज्य देश का सबसे विकसित व अग्रणी राज्य होगा। श्री मोदी देहरादून के परेड ग्राउंड में शंखनाद रैली को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान श्री मोदी कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रामदेव के खिलाफ उपयोग की जा रही शक्ति को आपदा प्रभावितों की मदद के लिए उपयोग किया जाता तो लोगों को काफी मदद मिलती।

उन्होंने कहा कि  शासन में कोई अपना पराया नहीं होता सब अपने होते हैं। सबका हित सोचना चाहिए। उत्तराखंड की जवानी और पानी काम नहीं आते, लेकिन अगर भाजपा को मौका दिया गया तो वह काम आएगी। उत्तराखंड के पहाडों में पानी होने के बाद भी प्रदेश अंधकार में डूबा हुआ है। विज्ञान से उत्तराखंड की सूरत बदली जा सकती है लेकिन यहां की सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। यहां टूरिज्म के लिए काफी संभावना हैं, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरी बैठी है। उत्तराखंड में यात्रा के लिए रेल सुविधाएं बढ़ाए जाने की जरूरत है। इससे राज्य की आय बढ़ेगी। उत्तराखंड सदियों से एसईजेड स्प्रीचुअल एनवायरमेंट जोन है। टूरिज्म के लिए इस पर जोर दिया जाना चाहिए। संभावना होने के बाद भी एडवेंचर टूरिज्म के लिए स्कूल नहीं बनाए गए। संभावना होते हुए भी लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।

श्री मोदी ने कहा कि यह ऐसी भूमि है जो देश को सुरक्षा के लिए तैयार कर सकती है। सेना में कुमाऊं-गढ़वाल के जवान सैनिक से अफसर बन सकते हैं। लेकिन वीरता का स्वभाव रखने वाले लोगों के लिए यहां स्कूल कॉलेज नहीं। पहाडों में युवतियों का घर चलाने में अधिक योगदान देती हैं। उन्हें हैंडी्क्राफ्ट, लघु उद्योग में ट्रेन करना चाहिए। केंद्र सरकार को लोगों की चिंता नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेहद निष्ठुर है। प्रदेश में आपदा से लोग कराह रहे हैं और इन्हें लोकपाल की पड़ी है। मोदी ने खंडूरी की तारीफ करते हुए कहा कि खंडूरी के शासन काल में उत्तराखंड में मील का पत्थर साबित होने वाले लोकपास कानून बनाया गया। पांच राज्यों में हुए विधान सभा चुनाव के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि हवा किस ओर है और कांग्रेस मुक्त भारत से इसकी शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने जनता से कहा कि प्रयोग बहुत किए एक बार भरोसा कर लीजिए।

उत्तराखंड सरकार पर निशान साधते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण यहां के युवा पलायन कर रहे हैं। इस कारण यहां के युवाओं की प्रतिभाओं का फायदा राज्य को नहीं मिल रहा है। मोदी ने कहा कि यहां का खूबसूरत मौसम अगर कोई छोडक़र जाना चाहता है तो जरूर उसकी बड़ी मजबूरी होगी। मोदी ने उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों का भंडार है। इसके अलावा यहां पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। बावजूद इसके अगर यहां के युवाओं को रोजगार नहीं मिलता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मोदी ने कहा कि अगर उत्तराखंड में व्यवस्थाएं बदली जाए तो इस प्रदेश का बेहतर होगा। उत्तराखंड में माताओं और बहनों का महत्वपूर्ण योगदान होता है, इसलिए सरकार को चाहिए कि इनको ध्यान में रखकर योजनाएं बनाए। 

श्री मोदी ने कहा कि क्या यहां की जनता में दम नहीं है, यहां के किसानों में दम नहीं है। अगर दम नहीं है तो लखनऊ और दिल्ली में नहीं है। मैं हेलिकॉप्टर से आ रहा था। इतनी सारी नदियां, इतना पानी, उसके बाद भी उत्तराखण्ड प्यासा क्यों है। यहां की धरती सूखी क्यों है। राज्य अंधेरे में हैँ। मैं दिल्ली की सल्तनत से सीधा सवाल पूछता हूं। जवाब दे क्या कारण है कि जहां जहां उनके पैर पड़े, उनको शासन करने का अवसर मिला है। वो चाहे आंध्र प्रदेश हो, चाहे महाराष्ट्र हो चाहे उत्तराखण्ड । उसमें भी चाहे विदर्भ का सूखा इलाका हो और चाहे कांग्रेस का समर्थन करने वाली यहां की सरकार हो। इन्हीं सब राज्यों में सबसे ज्यादा मेरे किसान भाई बहन आत्महत्या क्यों करते हैं। उत्तराखण्ड से नौजवान पलायन कर रहा है। यहां पानी बरबाद हो रहा है और दिल्ली को यहां से पानी दिया जा रहा है। न इन लोगों को गांव की परवाह है, न गरीब की परवाह है, न किसान की परवाह है। जब चुनाव आते हैं तो हमारे कांग्रेस के मित्र रेवड़ी बांटने लग जाते हैं। और आजकल जहां जाते हैं, वहां पैकेट और पैकेज की बातें करते हैं। आपदा के बाद पैकेट और पैकेज आपके यहां भी आया था। आपको लगा होगा कि भला करने आया था। नहीं मित्रों। वो पैकेज आपका भला करने नहीं, वो तो राज्य के नेताओं का मुंह बंद करने लिए टुकड़ा फेंकने के लिए भेजा गया था। आज भी समझ नहीं पा रहा हूं कि कांग्रेस की कौन सी राजनैतिक सोच है जो लोगों को सांस लेने को कह रहे हैँ और कांग्रेस की सांस जा रही है। आज सरकार दिल्ली की हो या देहरादून की रामदेव के पीछे पड़े हैं। जबकि जब यहां भाजपा की सरकार थी तो हमने किसी कांग्रेसी को परेशान नहीं किया। हम सब अटल बिहारी बाजपेयी जी के ऋणी हैं उन्होंने हमें उत्तराखण्ड दिया। 

प्लानिंग कमीशन, जिसके अध्यक्ष देश के पीएम होते हैं। उसने कहा कि इस पैकेज का उत्तम उपयोग किसी ने किया, तो एमपी की सरकार ने, बीजेपी ने किया और यहां, यहां सब लूट लिया। आपके नाम पर आता है। जाता इनकी जेब में है। अब ये पैकेज की बातें बहुत हो चुकी हैं। अब वक्त आ गया है कि सपा-बसपा-कांग्रेस को पैकिंग कर रवाना करो। आज जरूरत है, कांग्रेस मुक्त, सपा मुक्त और बसपा मुक्त भारत। देश को लूटने वालों को जब तक आप विदाई नहीं देंगे। आपका भला नहीं होगा। भाइयों बहनों, इसी धरती से 1857 में एक नारा गूंजा था। अपने बच्चे को पीठ पर बैठा कर वीरांगना लक्ष्मी बाई ने नारा दिया था। मेरी झांसी नहीं दूंगी। कहां था न। 1857 का संग्राम, रोटी और कमल, एक क्रांति के प्रतीक बने थे।  ये संग्राम रोटी और कमल लेकर आया था। आज हम एक बार फिर लक्ष्मी बाई की धरती पर कमल लेकर आए हैं। मित्रों, और लक्ष्मी कहां विराजित होती है। कमल पर ही विराजित होती है। अगर कमल है, तो लक्ष्मी आएगी। और लक्ष्मी आएगी तो रोटी आना पक्का है दोस्तों, ये क्रांति लेनी है। आखिर में नरेंद्र मोदी ने वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ रैली में आए लोगों को सिर झुकाकर धन्यवाद कहा।

 

मोदी के बोलते ही लोग होने लगे नदारद

नरेन्द्र मोदी को सुनने के लिए लोगों जबरदस्त उत्साह देखा गया। जैसे ही नरेन्द्र मोदी ने अपना भाषण शुरू किया तो उन्हे सुनने के लिए हजारों की संख्या पहुंची भीड़ को वह मोदी नजर नही आए जो केन्द्र सरकार नीतियों पर तीखा प्रहार करते दिखते है। यही कारण है कि मोदी का भाषण शुरू होते ही परेड मैदान जोकि सुबह से ही खचाखच भरा हुआ था खाली होना शुरू हो गया। सिर्फ झण्डे लिए भाजपा कार्यकर्ता ही आगे की पंक्ति में खड़े दिखे पिछे से मैदान खाली होना शुरू हो गया। भाषण खत्म होते-होते भीड आधी ही रह गयी और बाहर जो लोग खड़े हुए थे वे भी धीरे-धीरे खिसक लिए।

 

भाजपा के हर नेता ने पूरी ताकत झोंकी 

रैली में ज्यादा से ज्यादा भीड जुटाने के लिए भाजपा के हर एक नेता ने अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई थी किन्तु भीड मैदान में ले जाने के चक्कर में मसूरी विधायक गणेश जोशी इतने अति उत्साह में भर गए कि सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुए बिना जांच पड़ताल के ही अपने समर्थकों को मैदान तक ले जाने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने जब विधायक को रोका तो वे दबंगई दिखाते हुए उनसे भिडऩे लगे। जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने सीओ सिटी और एसपी देहात को मौके पर बुला लिया। जिन्होंने विधायक को अपनी हद में रहने के लिए कहा। जिसकों लेकर विधायक और पुलिस अधिकारियों में जमकर नोकझोंक हुई। हांलाकि बाद में जांच पड़ताल के बाद विधायक को समर्थकों के साथ जाने दिया गया। दुसरे विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी अपने समर्थकों के साथ लगातार परेड मैदान पहुंच रहे थे।

 

मोदी को सुनने को पहुंचे करीब एक लाख

प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की शंखनाद रैली के मद्देनजर रविवार सुबह से ही देहरादून मोदीमय दिखाई दिया। सुबह से ही लोगों का रैली के आयोजन स्थल परेड मैदान में पहुंचना शुरू हो गया था।

नरेंद्र को देखने के लिए परेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे से ही भीड़ दिखाई। इसके साथ ही मोदी को सुनने के लिए करीब एक लाख लोगों की भीड़ जमा हुई। इससे पहले 80 हजार लोगों के ग्राउंड में पहुंचने की संभावना जताई गई थी।

इस दौरान लोग मोदी के देखने के लिए मीलों से पैदल चलकर रैली स्थल पहुंचे। परेड मैदान भीतर से तो खचाखच भरा हुआ था ही मैदान के चारों ओर की सडक़ों पर भी लोगों का सैलाब उमड़ा हुआ था। शहर के विभिन्न हिस्सों से पार्टी के नेता अपने समर्थकों के साथ ढोल नगाड़े बचाते जुए परेड़ मैदान की ओर बढ रहे थे। मोदी का स्वागत करने के लिए रैली में लोग पारंपरिक भूषा में भी दिखाई दिए व ढोल नगाड़ों की थाप पर झूमते हुए दिखाई दिए।

इसके साथ ही सुरक्षा को यान में रखते हुए रैली स्थल और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस दौरान यूवाओं की भारी संख्या देखने को मिली।

 

रैली स्थल पर रही चाक-चौबंद सुरक्षा

रैली की सुरक्षा व्यवस्था इतनी जबरदस्त थी कि चैकिंग के लिए स्वयं पुलिस अािकारी लगे हुए थे। जैसे-जैसेलोगों की भीड़ सभा स्थल पर पहुंच रही थी वैसे-वैसे पुलिस के माथे पर लकीरें बढ़ रही थीं। स्वयं एसपी देहात मणिकांत मिश्रा गेट पर खड़े हो कर सुरक्षा व्यवस्था और चैकिंग का जायजा ले रहे थे। गेट से लोगों के मोबाइल स्विच ऑफ करा दिये गये थे। हालांकि सभा स्थल में जैमर के कारण मोबाइल नहीं चल रहे थे,लेकिन फिर भी लोगों को गेट से ही विशेष और सख्त हिदायत दी जा रही थी कि वे भीतर जा कर मोबाइल बंद ही रखें। परेड़ मैदान में भीतर बीड़ी माचिस व अन्य खाने पीने तक का सामना पुलिस ने नही ले जाने दिया। हर व्यक्ति की तलाशी के बाद ही उसे परेड मैदान में प्रवेश करने दिया गया। सुरक्षा की दृष्टि से मैदान के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात था। साथ ही खुफिया विभाग और अन्य सुरक्षा कर्मी भी चप्पे-चप्पे पर अपनी नजरे गढ़ाए हुए थे।

 

रैली संपन्न होने के बाद प्रशासन ने ली राहत की संास

रविवार की दोपहर मोदी की शंखनाद रैली शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद  जिला और पुलिस प्रशासन ने चैन की सांस ली। पिछले कई दिनों से भाजपा के प्रधानमत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की रैली को लेकर पूरा प्रशासन चौकन्ना था।

इस रैली की तैयारियों में पूरा पुलिस और प्रशासन काफी सर्तकता बरत रहा था। पुलिस तथा खुफिया विभाग के कर्मचारी रात-दिन एक किये हुए थे। पुलिस के आलाधिकारी खुद रात-दिन शहर के बाहर से आने जाने वाले वाहनो की जांच कर रहे थे। प्रशासन ने पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया था। रविवार की सुबह जैसे ही मोदी की शंखनाद रेैली शुरू हुई। पुलिस तथा खुफिया विभाग के कर्मचारियों ने लोगों को बैरीकेडिंग में रोककर उनकी तलाशी ली और उसके बाद ही उन्हें सभा स्थल में जाने दिया गया। मैदान चारों ओर से पुलिस के घेरे में रहा। यहां तक आसपास की ऊंचे भवनों और पानी की टंकी पर भी पुलिस और खुफिया विभाग के कर्मचारी मौजूद थे। रैली के शांतिपूर्वक सम्पन्न होने के साथ ही पुलिस व जिला प्रशासन ने भी चैन की सांस ली।

 

 

 

 

आदेश के साथ-साथ बढ़ती गई लाल नीली बत्तियां

देहरादून : 2001 से बत्ती लगाने को लेकर आदेशों का सिलसिला शुरू हुआ, जो 2013 तक चलता ही रहा। आदेश के तहत बत्ती लगाने वालों की संख्या भी बढ़ती गई, जो अफसर बत्ती लगाने को अधिकृत नहीं थे, वह नियम-कानून ताक पर रख 'स्वयंभूÓ बने और खुद बत्ती लगा ली। लेकिन ट्रक, टेंपो में छोटी-छोटी खामी देखने वाला परिवहन विभाग कार्रवाई तो दूर, एक नोटिस भेजने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

फरवरी 2001 में राज्यपाल से लेकर उत्तरांचल के न्यायिक सेवा के जिला जज, उनके समकक्ष अधिकारी गण समेत 9 लोगों को बत्ती लगाने को अधिकृत किया गया। इसी में डीएम और एसएसपी को बोनट पर छोटी नारंगी बत्ती लगाने को निर्देशित किया गया। दो साल बाद ही नारंगी बत्ती खराब होने लगी, तो संशोधन आदेश के तहत 2003 में इसे नीली बत्ती कर दिया गया। पर अधिकारी बोनट की जगह  टॉप पर लगा रहे हैं। 2006 में राजकीय वाहनों में जनप्रतिनिधियों और अफसरों के लिए बत्तियों को लेकर नया आदेश हुआ, इसमें राज्य के पूर्व सीएम, नेता-प्रतिपक्ष को बोनट पर लालबत्ती लगाने का आदेश कर दिया गया। इसी के साथ आला अफसर मुख्य सचिव और डीजीपी को लाल बत्ती मिल गई। 2009 में फिर आदेश हुआ। इस बार सभी सभा सचिवों को बोनट पर लाल बत्ती लगाने को अधिकृत कर दिया गया। 2013 में बत्ती के संबंध में फिर आदेश हुआ। इस बार आरटीओ समेत प्रवर्तन कार्य से जुड़े विभाग मसलन सेल्स टैक्स के अफसरों के लिए नीली-लाल बत्ती एक साथ लगाने की अनुमति प्रदान कर दी गई।

15 लाख तक गाड़ी ले सकते हैं कैबिनेट मंत्री

जन प्रतिनिधियों से लेकर अफसरों तक किस वाहन से चलेंगे, उसकी भी कैटेगिरी है। कैबिनेट मंत्री 15 लाख तक की गाड़ी ले सकते हैं, इसमें टोयटा, स्कोडा, होंडा सिटी से लेकर एसयूवी-500 तक है। इसी तरह प्रमुख सचिव स्तर के लिए 12 लाख का वाहन है, जिसमें होंडा सिटी, टोयटा है। अपर सचिव स्तर के लिए आठ लाख और निगम प्रमुखों के लिए छह लाख तक के वाहन से चलने को अधिकृत किया गया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल में जो आदेश दिया है, उसमें तीन महीने का समय राज्य सरकार को भी दिया है, इसमें राज्य सरकारों को नियम बनाना है, जब तक इस संबंध में कोई नया निर्देश शासन से नहीं मिल जाता है, महकमा अनाधिकृत तौर पर बत्ती, हूटर, फ्लैशर आदि लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। 

 

लिखे हुए नोट लेने से मना नहीं करेंगे बैंक

देहरादून : पर कुछ लिखा है तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने क्लीन करेंसी पालिसी में बैंकों के लिए स्पष्ट गाइड लाइन जारी की है। आरबीआई ने कहा कि पहली जनवरी से लिखे हुए नोट स्वीकारने से कोई भी बैंक आनाकानी नहीं कर सकता है। बशर्ते नोट पर किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार संबंधी स्लोगन न हो। आरबीआई ने कहा यदि नोट पर प्रचार स्लोगन या फिर किसी भी पार्टी का चिह्न अंकित होगा तो उसे जब्त कर लिया जाएगा।

क्लीन करेंसी पॉलिसी में नोट पर कुछ भी लिखना, शादी ब्याह की माला बनाना और खुशी इजहार करने के लिए हवा में उड़ाना अपराध है। लिखे हुए नोटों को एक जनवरी से बैंकों में नहीं स्वीकारे जाने की अफवाह से बैंक अधिकारियों और लोगों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी इसे लेकर बैंकों में ग्राहकों की पूछताछ बढ़ गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्राहकों की संतुष्टि के लिए जोनल स्तर पर बैंकों की बैठक ली, जिसमें बैंक अधिकारियों को क्लीन करेंसी पॉलिसी की जानकारी दी गई।

आरबीआई ने अब सभी बैंकों को लिखे हुए नोट स्वीकारने को लेकर नई गाइड लाइन जारी की है। आरबीआई ने कहा है कि कोई भी बैंक अगर एक जनवरी से लिखे हुए नोट लेने से इनकार करेगा और इसकी शिकायत मिलेगी तो संबंधित बैंक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यदि नोट पर राजनीतिक पार्टी के प्रचार स्लोगन या चिह्न बना होगा तो उसे जब्त किया जाए। जब्त किए नोट की धनराशि ग्राहक को वापस नहीं दी जाए। 

 

युवती को अगवा कर चार दिन तक बलात्कार का आरोप,मुकद्मा दर्ज

रुद्रपुर : एक व्यक्ति ने आईसीआईसीआई बैंक कर्मचारी पर पुत्री को अगवा कर ले जाना और बंधक बना चार दिन तक बलात्कार करने का आरोप लगाते हुये पुलिस में उसके खिलाफ मुकद्मा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरु कर दी है। आरोपी पर शिकायत करने पर बनाई क्लीपिंग का बाजार में बेचने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक आवास विकास क्षेत्र निवासी एक व्प्यक्ति ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि उसकी पुत्री को आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत कर्मी आदित्य प्रताप ६ दिसंबर को अगवा कर भगा कर ले गया। आरोप है कि उक्त कर्मी ने पुत्री को बंधक बना लिया और उसके साथ चार दिन तक बलात्कार करता रहा। बताया कि उसकी पुत्री किसी तरह उसकी चंगुल से छूट कर नोएडा स्थित निवासी अपने रिश्तेदार के घर पहुंची और उसने आपबीत सुनाई। बाद में सूचना मिलने पर वह लोग भी वहां पहुंचे। युवती के पिता ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। कोतवाल राकेश चन्द्र थपलियाल ने बताया कि पुलिस की विवेचना आवास विकास पुलिस को सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से वाहर है। उधर बैंक के मैनेजर व उक्त कर्मी से इस मामले में जानकारी को संपर्क किया। मगर संपर्क नहीं हो पाया।
 

विधायक जोशी ने लगाया महिलाओं से बदसलूकी आरोप

देहरादून : मसूरी विधायक गणेश जोशी ने प्रशासन द्वारा शासन के दबाव में सर्वे स्टेट हाथीबडक़ला एवं कई अन्य स्थानों पर गाडि़यों को रोककर उनमें बैठी महिलाओं से बदसुलूकी करने का आरोप लगाया। उन्होनें कहा कि यह प्रकरण मेरे संज्ञान में आते ही मेरे द्वारा एसपी सिटी नवनीत एव एसएसपी केवल खुराना से दूरभाष पर वार्ता कर हो रहे कार्य के प्रति चिन्ता जताई।

विधायक जोशी ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि मसूरी विधानसभा की समस्त जनता लार्ड वैंक्टेश्वर वैंडिग प्वाइंट पर एकत्रित होकर जलपान ग्रहण कर भाजपा के नारे लगाते हुए रैली स्थल की तरफ प्रस्थान किया। उन्होनें कहा कि लगभग 20000 से 25000 की भीड़ एक साथ कभी किसी ने देहरादून में देखी हो जिसके लिए विधायक जोशी ने मसूरी विधानसभा के समस्त कार्यकर्ताओं को आभार प्रकट किया। जिस प्रकार से पुलिस ने 20 हजार की भीड़ के लिए बैरिगेटिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया उससे यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस सरकार को मसूरी विधानसभा की भीड़ का पहले से ही अन्दाजा था।

उन्होनें कहा कि शायद ही ऐसा उत्साह आजादी के बाद कभी नजर आया हो आज पूरा देश नरेन्द्र भाई मोदी की तरफ देख रहा है 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बननी तय है। विधायक जोशी ने कहा आज पुरे देश में नरेंद्र मोदी के प्रति जो उत्साह देखने को मिल रहा है। श्री जोशी ने सभी कार्यकर्ताओ से कहा की 15 दिसंबर की रैली के लिए घर घर जाकर जनता को आमंत्रित करे। साथ ही युवाओं को भी श्री नरेन्द्र भाई मोदी के ओजस्वी विचारों को सुनने के लिए आंमत्रित करने का आग्रह किया। श्री जोशी ने कहा उत्तराखंड के इतिहास में 15 दिसंबर की रैली एक ऐतिहासिक रैली होगी जो देश के सारे रिकर्ड तोड देगी। उन्होनें कहा कि जिस प्रकार से भाजपा ने देश के हुऐ विधानसभा चुनावों में बहुमत से जीत हासिल करते हुए सरकार बनाने जा रहे है उससे यह साफ झलकता है कि आगामी आम चुनावों में भाजपा समस्त देश में बहुमत से जीत कर मोदी को देश को प्रधानमंत्री बनाने में समर्थन करेगी।

 

"There is a need to speed up the process of judicial functioning": CM

Dehradun : The Chief Minister, Vijay Bahuguna, said today that in the case of sensitive issues, it was important to not get affected by media trials, and also improve the judicial system.

Chief Minister Vijay Bahuguna said this while inaugurating the two day Administrative Conference 2013 organised by the High Court of Nainital at the ONGC’s Nehru Auditorium, here, today. He said that there was a need to speed up the process of judicial functioning.

He added that the common man had placed faith in the judiciary and it was important to maintain that trust. He said that to ensure a qualitative judicial system, it was important to be aware of constitutional and administrative laws. It was also important to ensure knowledge of national and international affairs. This required good libraries that contained publications on these subjects.
 
The CM also hoped for better understanding of cases by the lawyers for which they needed to keep educating themselves. He stated that, like Uttarakhand, its judiciary was also free of any pollution. The CM said that the Judiciary played an important role in Democracy, and all steps needed to be taken to strengthen it. He mentioned that all must walk on the path of truth and with the trust of the people.
 
The CM announced that the officials working in the judicial service and using their personal vehicles to commute would be provided 100 liters of diesel/ petrol every month.  He also announced amendment in the robe allowance from Rs 6000 once every three years to Rs 10,000 once every two years. They will also be provided laundry allowance of Rs 1000 instead of Rs 250 per month. An outdoor court allowance of Rs 1500 per month would now be provided. Rs 75,000 would be given every sixth year to each judicial officer to do up the drawing room. The Chief Judicial Magistrate and Upper Judicial Service officials who had administrative responsibilities would be given Rs 1000 per month and Rs 250 instead of Rs 50 per month to purchase newspapers. They would also be provided necessary security.
He said that the state’s courts must create new standards for the judiciary in the country and improve the services of the law department.
 
He also released a souvenir on the occasion.
 
The Chief Justice, Barin Ghosh, said that the Judiciary must maintain people’s trust in the judicial system. It was also important to ensure that justice was made available cheap to the common masses. It was important to understand people’s difficulties!
District Judge Ram Singh proposed the vote of thanks. Justice VS Verma, Principal Secretary, Law, Jaidev Singh and Registrar DP Gairola also expressed their views.
 

संदिग्ध हालातों में दो युवकों की कट कर मौत

देहरादून : डोईवाला-देहरादून रेलवे मार्ग पर दो शव मिलने से हडक़ंप मच गया। दोनों शव नेपाली मजदूरों के बताए जा रहे हैं जो कि टे्रन की चपेट में आकर मारे गए। कई प्रयासों के बाद भी दोनों की शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस मामले को दुर्घटना बता रही है लेकिन फिलहाल यह बात गले नहीं उतर रही है कि एक साथ कैसे दो लोग गाड़ी की चपेट में आ गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, शिनाख्ती के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अजबपुर मातावाला रोड रेलवे फाटक के निकट आज तडक़े दो युवकों की टे्रन की चपेट में आने से मौत हो गयी। आज सुबह कुछ लोगों ने फाटकमैन को सूचना दी कि रेलवे लाईन पर दो शव पड़े हुए हैं जो कि बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो रखे हैं। सूचना मिलने पर रेलवे गेट मैन ने नेहरू कॉलोनी पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया तो पता लगा कि दोनों युवकों को टे्रन लगभग साठ मीटर तक अपने साथ घसीट कर ले गयी थी। इस दौरान दोनों के शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गए। मृतकों के कपड़ों की तलाशी लेने के बावजूद भी पुलिस को ऐसा कोई कागज या सुराग नहीं मिला जिससे कि इनकी शिनाख्त हो सके। पुलिस के अनुसार मृतक कद-काठी से नेपाली मजदूर लग रहे थे और इनकी उम्र लगभग २५ से २८ वर्ष की रही होगी। दोनों युवक कैसे टे्रन की चपेट में आ गए इसे लेकर भी अलग-अलग थ्योरी बनाई जा रही है। पुलिस का मानना है कि रेलवे टे्रक पार करते समय यह दोनों देहरादून आ रही किसी गाड़ी की चपेट में आ गए, जबकि दूसरी थ्योरी इस बात पर भी काम कर रही है कि दोनों युवक टे्रन से गिरने के कारण पहिए की चपेट में आ गए या फिर दोनों ने एक साथ आत्महत्या कर ली और दूर तक घिसटते हुए चले गए।

बहरहाल आत्महत्या की बात पर यकीन कम और दुर्घटना की ही अधिक संभावना जताई जा रही है। थाना प्रभारी नेहरू कॉलोनी ने बताया कि युवकों की शिनाख्त करने के लिए आसपास के लोगों से भी पूछताछ की लेकिन कोई भी इन दोनों युवकों के बारे मेंं जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाया। वहीं पुलिस के सूचना देने से पूर्व रेलवे अधिकारियेंा के पास भी इस दुर्घटना की जानकारी नहीं थी। शवों को मोर्चरी में रखाया गया है जहां ७२ घंटों तक उनकी शिनाख्त की प्रतीक्षा की जाएगी एवं उसके पश्चात दाह संस्कार कर दिया जाएगा। 

 

 

दैवीय आपदा के बाद अब पर्यटन विभाग की नींद खुली

रुद्रप्रयाग : दैवीय आपदा के बाद प्रशासन एवं पर्यटन विभाग की नींद खुल गई है। अब कोई भी लॉज व होटल खोलने के लिए पहले सराय एक्ट के नियमों का पालन करते हुए अपना पंजीकरण करना होगा, जिससे भविष्य में कोई दुर्घटना घटे तो उसकी जानकारी शीघ्र उपलब्ध हो सके।

जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के कई स्थानों पर लोगों ने अपने रोजगार के लिए व्यवसाय तो खोल दिए है, लेकिन सराय एक्ट के तहत पंजीकरण नहीं करवाया। इसका खामियाजा व्यवसाय मालिकों को विगत जून में आई भयंकर आपदा के दौरान झेलना पड़ा। केदारघाटी में अपने रोजगार के लिए व्यवसाय खोले थे, उनके पास इसका कोई प्रमाण पत्र नहीं है। पंजीकरण न होने से प्रशासन एवं पर्यटन विभाग को मुआवजा वितरित करने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सराय एक्ट के तहत दुकानों, होटल एवं लॉजों का पंजीकरण हुआ होता था, तो इस समस्या से नहीं गुजरना पड़ता। आखिरकार दैवीय आपदा के बाद प्रशासन एवं पर्यटन विभाग जाग गया तथा डीएम राघव लंगर ने पर्यटन विभाग को सराय एक्ट के तहत जिले के सभी व्यवसायियों के पंजीकरण कराने के निर्देश भी दे दिए हैं। जिससे भविष्य में आने वाली किसी भी समस्या से निपटने में कोई पेंच न फंस सके।

 

Disaster hit roads to be repaired by PWD: CM obtained approval

The Chief Minister Vijay Bahuguna met the Union Transport and National Highways Minister Oscar Fernandes in his office. 

The Chief Minister Vijay Bahuguna said that the important roads which were damaged during the disaster and given to BRO for maintenance had still not been repaired. He said that state of the Rudraprayag–Gaurikund route was very bad but the BRO had not done anything about it. Thus the state government’s PWD had made a proposal of Rs 46 crore for its reconstruction after inspection. During the meeting, approval was obtained to hand over the work to PWD.

After the meeting, the CM said that the state government was not keen on taking the entire task of the BRO, just that a few important roads for the benefit of society.

During the meeting the issue of repair and maintenance of stretches of the National Highways such as the Narsan–Nepali Farm (NH 58), Nepali Farm–Dehradun (NH-72), Bazpur–Sitarganj (NH-74) and Rudrapur–Kathgodam (NH-87) was discussed. He also asked for the NOC for the 4 flyovers to be constructed in Doon from the Union Government immediately.

Mr Fernandes said that the Defence Ministry, Union Government, BRO and National Highways Authority were committed to improvement of roads in Uttarakhand and work for this in coordinated fashion.

He added that he would tour the state next week and review the conditions. He added that all the issues relating to the better maintenance of roads would soon be resolved.

Present on the occasion were Uttarakhand Cabinet Minister Harak Singh Rawat, Additional Chief Secretary, Rakesh Sharma, Principal Secretary SS Sandhu and important officers of the Union Ministry.

नए साल में पालीथिन होगी बंद

कोटद्वार : नए साल में कोटद्वार के बाशिंदे पालीथिन को बाय बाय करने  पर एकराय है। नगर पालिका सभागार में व्यापारियों पालिका बोर्ड और नागरिकों की बैठक में पालीथिन पर प्रतिबंध का सभी ने स्वागत किया और इसे लागू कराने के लिए जागरूकता के साथ साथ सख्ती की बात कही। पालिका ने 27 नवंबर को हुई बोर्ड बैठक में एक जनवरी से शहर में पालीथिन के कैरीबैग को प्रतिबंधित करने की योजना बनाई थी। व्यापरियों पालिका बोर्ड नागरिकयों की बैठक में तय हुआ कि बाजार से सामान लाने के लिए थैला ले जाने की शुरूआत खुद से करेंगे। तय किया गया कि एक जनवरी तक लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए घरा घर और प्रत्येक दुकान पर जाकर बात की जाएगी। एक जनवरी के बाद  किसी भी व्यक्ति या दुकानदार के पास पालीथिन पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा। शहर मे ंपालीथिन के प्रति लोगो को जागरूक करने और पालीथिन प्रतिबंधित करने की सूचना के लिए जगह जगह पर पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे इसके लिए बैठक में रोटरी क्लब से आए अनिल चावला विजय माहेश्वरी गोपल बंसल आदि ने कहा कि क्लाब इसका खर्च वहन करेगा। बैठक की अध्यक्षता पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा ने की । बैठक में पूर्व डीआईजी बीएस नेगी व्यापार मंडल के संरक्षक लक्ष्मी नारायण चावला पूर्व नगर पलिका अध्यक्ष शशि नैनवाल अशोक अग्रवाल गीता बुडाकोटी जबकि सभासदों में माया ध्यानी रमेश चौधरी इमरान विवेक अग्रवाल विनय भाटिया रेश्मा परवीन ईओ विजय पीएस चौहान आदि मौजूद थे।

 

मोदी 15 को दून में: सुरक्षा का कड़ा पहरा

देहरादून : आगामी 15 दिसंबर को दून के परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नेता नरेंद्र मोदी का उत्तरांखड की धरती में आगमन है। इसको लेकर प्रदेश में कडी चौकसी बरती जा रही है। वही पुलिस के लिए इस रैली को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना किसी चुनौती से कम नही है। इसके लिए पुलिस ने शहर में संदिग्धों की धरपकड़ उन पर नजर रखने के लिए पुलिस व खुफिया एजेंसिया जुटी हुई है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बुधवार को परेड ग्राउंड व उसकी पार्किंग को खंगालने के  लिए आईबी, गुजरात व दून पुलिस ने कई घंटों तक मिशन चलाया। वहीं गढ़वाल रेंज के डीआईजी अमित सिन्हा का कहना है कि मोदी की सुरक्षा पूरी तरह से अभेद रहेगी और जहां से भी मंच दिखाई पड़ेगा वहीं तक सुरक्षाकर्मी तैनात किये जांएगे। 

उल्लेखनीय है कि चार राज्यों में भाजपा की जीत के बाद उत्तराखंड में भी भाजपाईयों द्वारा चौतरफा नमों का जाप हो रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के दून आगमन को लेकर पुलिस ने भी सुरक्षा का घेराबंद बनाया हुआ है।  वही पुलिस प्रशासन को आभास हो रहा है कि मोदी  को सुनने के लिए परेड़ ग्राउंड में अपार भीड का हजूम उमड सकता है। इसलिए रैली में आने वाली अपार भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बुधवार को आईबी, गुजरात पुलिस व दून पुलिस ने परेड ग्राउंड व पार्किंग ग्राउंड को परखने के लिए घंटो अभियान चलाकर इस बात की पुष्टि की कि ग्राउंड व पार्किंग पूरी तरह से सुरक्षित है कि नहीं। मोदी की रैली को देखते हुए डीआईजी गढ़वाल अमित सिन्हा काफी सतर्क नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोदी की रैली को देखते हुए आईबी, गुजरात पुलिस व दून पुलिस रियलसल करेगी और सभी अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को आदेश दिये गये हैं कि उनकी जिस प्वाइंट पर डूयूटी लगाई जाए वह वहां से एक कदम भी इधर-उधर न हो, क्योंकि मोदी की सुरक्षा पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि मोदी की रैली के लिए बनाये गया मंच जहां तक दिखाई देगा। वहां तक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि परेड़ ग्राउंड के चारों ओर पुलिस व खुफियां एजेंसियों की पैनी नजर रहेगी। परेड मैदान के आसपास क्विक एक्शन फोर्स के कमांडो तैनात रहेंगे जोकि संदिग्धो पर कड़ी नजर रखेंगे और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वह तैयार रहेंगे। उन्होंने बताया कि परेड ग्राउंड के आसपास मौजूद दुकानों पर भी पुलिस की पैनी निगाह होगी और वहां कौन-कौन लोग दुकान चला रहे हैं और कितने वहां कर्मचारी हैं इसका सारा लेखाजोखा तैयार कर लिया गया है। डीआईजी अमित सिन्हा ने बताया कि मोदी की अभेद सुरक्षा रखने के लिए पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

 

बैंक कैशियर की लापरवाही : शातिर ले उड़ा लाखों (PNB)

देहरादून : ऋषिकेश में पंजाब नैशनल बैंक के अंदर कैशियर की लापरवाही के कारण एक शातिर चोर काउंटर में रखी लाखों की नगदी लेकर चंपत हो गया। पैसे गायब होने के बाद बैंक कर्मचारियों में हडक़ंप मचा हुआ है। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी में एक युवक को पैसे निकालते हुए देखा गया है और इस फुटेज के आधार पर अब इस युवक की तलाश करने का प्रयास किया जा रहा है।

ऋषिकेश स्थित पंजाब नैशनल बैंक में बैंक कर्मचारी किस लापरहवाही से काम करते हैं इसकी एक जीती-जागती बानगी सामने आई। बैंक में जमा होने वाले नोटों को काउंटिंग करने के बाद कैशियर ने काउंटर पर ही रख दिया। इसी दौरान बैंक में आए किसी अन्य व्यक्ति ने मौका लगते ही नोटों का यह बंडल गायब कर दिया। जब तक कैशियर को इस चोरी का पता लगता तब तक पैसे उठाने वाला व्यक्ति बैंक से चंपत हो चुका था। कैशियर ने हल्ला मचाया और और इस बात की सूचना मैनेजर को दी। तत्काल बैंक के दरवाजे बंद कर चैकिंग शुरू की गयी लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पूछताछ की गयी तो पता लगा कि काउंटर पर कुल एक लाख सत्तावन हजार चार सौ दस  रूपए रखे हुए थे। दिनदहाड़े बैंक कर्मचारियों और खाताधारकों की मौजूदगी के बीच ही लाखों की रकम गायब होने से बैंक में हडक़ंप मच गया।

ऋषिकेश पुलिस ने कैशियर से भी पूछताछ की लेकिन युवक के बारे में वह उसका हुलिया नहीं बता सका। इधर पुलिस ने बैंक की सीसीटीवी फुटेज की जांच पड़ताल की तो कैशियर के काउंटर से एक युवक को पैसे निकालते हुए देखा गया जो कि तत्काल पैसा निकालने के बाद बैंक से बाहर भी निकल गया। हैरानी की बात तो यह रही कि पैसा गायब हो जाने के बावजूद भी कुछ देर तक तो बैंक कैशियर राजेश को भी इस बात का पता नहीं लग पाया। कैशियर राजेश की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश कोतवाली आरएस असवाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवक की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

 

अपराधों का खुलासा करने में दून पुलिस को नही मिली कोई खास सफलता

देहरादून : राजधानी में अब तक हुई अधिकांश हत्याओं में दून पुलिस का रिकार्ड बेहद निराशाजनक रहा है। आनन फानन में गठित की जानी वाली टीमों की जांच केवल मोबाईल कॉल्स से उपर कभी उठती ही नहीं है। पहले से ही कई मामले इन टीमों के पास लंबित पड़ी हैं और वही सैन्य क्षेत्र में मिली सिर कटी लाश की गुत्थी भी बुरी तरह से उलझती जा रहा है। पुलिस को फिलहाल हत्या की इस घटना में कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस की सारी जांच अब महिला की शिनाख्त पर ही टिकी हुई थी और इसके लिए महिला के कटे सिर के कहीं मिलने की प्रतीक्षा भी अब धुमिल पड़ गयी है। उधर उस घटना के आसपास के दिनों में यहां सक्रिय फोन सर्विलांस से भी पुलिस के हाथ कुछ अधिक नहीं लग पाया है।

हत्याओं की वारदातों से दून घाटी उबर नहीं पा रही है। बदमाशों के लिए हत्या कर शवों को ठिकाने लगाना आसान होता जा रहा है पुलिस केवल खानापूर्ति तक ही सिमट कर रह गयी है। हत्याओं की वारदातों को सुलझाने में दून पुलिस के हाथ पैर फूलते जा रहे हैं। पहले से ही पुलिस के खाते में कई हत्याओं के मामले लंबित हैं जिनमें हालिया मामले पटेलनगर में राजेश शर्मा एवं डालनवाला में नीरू सैनी नाम की महिलाओं की हत्या के हैं। इन दोनों मामलों में पुलिस की जांच अधर में लटकी हुई है और हत्याओं के लिए गठित की गयी टीमें भी जांच की दिशा से भटक गयी हैं। इस बार हत्यारे ने पुलिस के लिए एक और चुनौती पेश कर दी है। कैंट थाना क्षेत्र सब एरिया कैंटीन के पास बोरे में बंधा महिला का सिर कटा शव बरामद किया गया था। कूढा बीनने वाली दो महिलाओं ने इस कट्टे की सूचना फौजियों को दी थी जिसके बाद पुलिस ने कट्टे के अंदर से महिला का निर्वस्त्र शव बरामद किया। पूरे मामले में पुलिस सिवाए प्राथमिकी दर्ज करने से अधिक कुछ नहीं कर पाई है।  फिलहाल पुलिस अधिकारियों के पास भी इस हत्या की घटना से संबंधित जानकारी जानकारी के लिए कुछ नहीं है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं इस मामले में हर दिशा में काम कर रही पुलिस अब पिछले पांच दिन की मोबाईल कॉल्स एवं लोकेशंस भी तलाश रही है। पुलिस की सारी उम्मीदें अब मोबाईल कॉल्स पर टिकी हुई हैं, हालंाकि इससे पूर्व के हत्या के मामलों में भी पुलिस मोबाईल कॉल्स को आधार बना कर जांच कर चुकी है, जिनमें सफलता हाथ नहीं  लगी है। एक महिने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी इस प्रकरण में पुलिस के हाथ अब तक कुछ नहीं लग पाया है।

 

Ultratech Cement to establish plants in Tioni and Almora in Uttarakhand

New Delhi / Dehradun : Renound cement manufacturing company Ultratech Cement Limited has finalised to invest rupees 5000 crores in uttarakhand. The information was given by Additional Chief Secretary Mr. Rakesh Sharma during a program. The state department of industrial Development has already issued related letters to the company for establishing plants in Tioni and Almora. The plant in Tioni will be set up with a capacity of 3.5 million tons per year and the one on Someshwar Almora will be capable of manufacturing 2 million tons a year.

Mr. Rakesh Sharma informed that now the company will have to provide basic necessary formailities and the MOU would follow. he also said that this is for the first time that such a big industry is being set up in the hilly regions which are generally left out. He also said that the company yet has to meet the environmental norms. He is sure that because of this there will be major developments in these areas and a lot of local job opportunities will be available.

The director of the company Mr. RM Gupta said that the company is known for its manufacturing establishments and they will be focusing on giving job opportunities to the locals.

सिद्वबली बाबा के जागर में झूमे श्रद्वालु

कोटद्वार : बाबा जयंती मेले में मेले के तीसरे दिन आज सुबाह से ही श्रद्वालु की भीड़ रही। जिसके चलते बाबा के जागर मे जगरी मदन लाल के द्वारा बाबा के जागर लगाये गये। वह श्रद्वालु भी बाबा के जागर में झुमने पर मजबूर हो गये। आज मेले मे मुख्या अतिथि भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्य मित्रानंद गिरी महाराज ने कहा कि हमें अपनी प्राचीन भारतीय संस्कृति को अपनाने के साथ ही संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार भी करना होगा, तभी समृद्व व विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि 2014 में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिसमें देश की बागडोर युवाओं के हाथ में होगी।यहां सिद्वबली बाबा मंदिर समिति के तत्वावधान में चल रहे तीन दिवसीय सिद्वबली बाबा जयंती मेले के तीसरे दिन मेले का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्य मित्रानंद गिरी महाराज व ललितानंद गिरी महाराज महन्त भारत माता मन्दिर हरिद्वार के तथा स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जो श्रेष्ठ है उसे सहर्ष स्वीकार करना चाहिए, जबकि जो अश्रेष्ठ है उसे दरकिनार किया जना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही हरिद्वार में संस्कृत विद्यालयों के आचार्यो का सम्मेलन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार पर भी जोर दिया। 

 

रेलवे विभाग द्वारा दिया जा रहा पैसा कहां हो रहा खर्च?

रूडक़ी : रेलवे मे यात्रियो को स्टेशन बिलकुल सा व स्वच्छ मिले इस के लिए रेलवे विभाग मे रेलवे सफाई कर्मचारी होते है जो प्रतिदिन रेलवे स्टेशन के साथ ही रेलवे लाइनो को भी साफ करते है इन रेलवे कार्मचारियो के अलावा रेलवे सफाई व्यावस्था के लिए ठेके पर भी सफाई करती है जिस से के यात्रियो को कही पर भी गदगी ना मिले रेलवे विभाग अपनी तरफ से कोई कसर नही छोड रहा है फिर भी रेलवे स्टेशनो पर गंदगी रहती है। इस गंदगी से पिछा छुटाने के लिए रेलवे विभाग द्वारा रेलवे स्टेशनो को आग्ररेय राशि दी जाती है जिन मे ए ग्रेड और प्रथम श्रेणी को दास हजार रूपये बी श्रेणी को सात हजार रूपये और ई श्रेणी को पाच हजार रूपये प्रतिमाह दिये जाते है लेकिन इतना सब करने के बाद भी सफाई का नामोनिशान नही है।

लकसर से बलियाखेडी तक साई का कही नमोनिशान नही है अब प्रश्न यह उठता है की रेलवे विभाग द्वारा दिया जा रहा पैसा अखिर खर्च कहा हो रहा वही जब इस सम्बधा मे रेलवे अधिकारी बी एस रावत से पुछा गया तो उन्होने कहा की पैसे खर्च करने की जिम्मेदारी रेलवे स्टेशन अधीक्षक की होती है की वह किसा प्रकार से पैसे का प्रयोग करता है।

सेंड ब्रेक का इस्तेमाल कर ट्रेनों को आगे बढ़ाया जा रहा है : पहिए फिसलने का खतरा

हल्द्वानी : काठगोदाम आने वाली ट्रेनों के पहिए फिसलने का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं। दरअसल लालकुआं से काठगोदाम के बीच चढ़ाई पर ट्रैक होने के चलते यह दिक्कत आने लगी है। इसके चलते रेलवे सेंड ब्रेक का इस्तेमाल कर ट्रेनों को आगे बढ़ा रहा है।

बरसात और जाड़े में काठगोदाम आने वाली ट्रेनों के पहिए फिसलने (व्हील स्लिपिंग) का क्रम शुरू हो जाता है। इन दिनों रात में पड़ रही ओस के कारण सुबह पहुंचने वाली रानीखेत एक्सप्रेस एवं दून एक्सप्रेस ट्रेनों में यह दिक्कत आने लगी है। इससे ट्रेन के पहिए एक ही स्थान पर घूमने लगते हैं और पटरी से बाहर निकलने का भी खतरा रहता है। बावजूद रेलवे के पास इस समस्या के निस्तारण का कोई ठोस विकल्प नहीं है। दरअसल टै्रक ही चढ़ाई पर होने के चलते यह स्थिति हर बार रहती है। इसका खामियाजा यह भी है कि काठगोदाम तक 17 से अधिक कोच की ट्रेन नहीं लाई जा सकती। रानीखेत एक्सप्रेस को सेंड ब्रेक का प्रयोग कर काठगोदाम तक लाया गया।

यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा की बात करने वाला रेलवे इन्हीं मामलों में पिछड़ता जा रहा है। रेलवे का सिस्टम इतना लडख़ड़ा गया है कि ट्रेन का रूट परिवर्तन होने की सूचना तक दो दिन बाद दी जा रही है। पूर्वोत्तर रेलवे ने 26 नवंबर से बाराबंकी स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य शुरू किया है। इसमें काठगोदाम आने-जाने वाली 13019/13020 बाघ एक्सप्रेस का रूट भी डायवर्ट हुआ था। इस ट्रेन को लखनऊ की बजाय अब सीतापुर कैंट से रवाना किया जा रहा है। जबकि यहां से लखनऊ जाने के लिए यही एकमात्र डेली ट्रेन सबसे मुफीद रहती है। ऐसे में 26 नवंबर को यात्रियों को स्टेशन पहुंचने पर पता चला कि रूट डायवर्ट हुआ है। जबकि रेलवे का जनसंपर्क अनुभाग दो दिन बाद इसकी सूचना जारी कर रहा है। यहां कि स्थानीय स्टेशनों के जरिए भी पूर्व में इसकी जानकारी नहीं दी गई। काठगोदाम से भगत की कोठी तक आने-जाने वाली 15013/15014 रानीखेत एक्सप्रेस में एक दिसंबर तक रेलवे ने एक्सट्रा कोच की व्यवस्था की है। अत्यधिक भीड़ के चलते जुलाई से ही रेलवे इस ट्रेन में एक्सट्रा कोच जोड़ रहा है, लेकिन इसे स्थायी नहीं कर सका है। 
 

.