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सरकारी भूमि मुक्त करने को भूमाफिया को तीन दिन की मोहलत

सितारगंज। सिडकुल मार्ग स्थित सरकारी भूमि पर बने होटल के मामले को प्रशासन द्वारा सख्त रूख अखितियार कर लिया गया है। एसडीएम पीसी दुमका ने तीन दिन के भीतर होटल स्वामी से निर्माण ध्वस्त करने के संबध में नोटिस दिया। इस दौरान हल्की नौंकझोक भी हुई। लेकिन आलाधिकारियों के सख्त निर्देशों के बाद स्थानीय ने तल्खी बरकारार रखी। जिससे अन्य भूमाफियों के माथे पर बल पडऩे लगे है।
 
जेलकैंप रोड स्थित सरकारी भूमि पर बने होटल को लेकर स्थानीय प्रशासन कई माह से हाथ डालने में कतराता रहा। जिसका लाभ उठाकर भूमाफिया ने राजनीतिक संरक्षण व राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से रातों-रात लिंटर डाल दिया। मीडिया सरकारी भूमि के मामले को लगातार प्रमुखता से उठाता रहा। मामला मीडिया में छाये रहने के बाद प्रशासन के हाथ पांव फूल गये। जिलाधिकारी बीके संत ने तत्काल एसडीएम पीसी दुमका को सरकारी भूमि मुक्त कराने के निर्देश पारित कर दिये। एसडीएम दुमका ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माणकर्ता को तीन दिन के भीतर भवन को ध्वस्त करने का नोटिस दिया। प्रशासन द्वारा आनन-फानन में की गई कार्रवाई से अन्य भूमाफियाओं में हडक़ंप का माहौल है। एसडीएम ने बताया कि तीन दिन के भीतर निर्माण स्वत: नही हटाने पर प्रशासन निर्माण को स्वयं ध्वस्त करायेगा। साथ ही ध्वस्तीकरण में खर्च व्यय की वसूली निर्माणकर्ता से वसूलेगा। 
 

बेहोश मिले हाथी की मौत, पोस्टमार्टम कर शव जंगल में दफनाया

बाजपुर। चनकपुर बीट के पास आबादी में बेहोश मिले हाथी की  मौत हो गयी। वन विभाग के अधिकारियों के अलावा तीन सदस्यीय डाक्टरो की टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम किया। बाद में हाथी के शव को जंगल में जेसीबी से गढ्डा करने के बाद दफना दिया गया। जबकि वन अधिकारियों द्वारा हाथी के उपचार में लापरवाही को हाथी की मौत का कारण माना जा रही है। 
 
शनिवार सुबह चनकपुर बीट के पास आबादी में हाथी बेहोश होकर गढ्डे में गिर गया था। जिसका डाक्टरो ने शाम तक उपचार किया। जिसके बाद हाथी होश में आने के बाद जंगल की ओर चला गया। हाथी में पानी की कमी के चलते बेहोशी होना बताया गया था। देर रात को ही हाथी की मौत हो गयी। जिसकी सूचना पर रविवार को डीएफओ निशांत वर्मा, डीएफओ पीके पात्रो, रेंजर आरसी आर्य, एसडीओ आरके बशिष्ठ, करम सिंह, सुरेश आर्य, जगमोहन सिंह रावत ने मौके का निरीक्षण किया। डा$ सुरेंद्र गब्र्याल, डा$ राजीव, डा$ भारत की संयुक्त टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम किया। बाद में वनाधिकारियों की मौजूद्गी में हाथी को जंगल में दफना दिया गया। इस दौरान हाथी को देखने के लिये ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही। वनाधिकारियों द्वारा हाथी को ग्लूकोज आदि की ड्रिप लगाने के बाद अपने कत्र्तवयों की इतिश्री कर दी गयी। हाथी के बेहोश होने के वास्तविक कारणों का पता न लगाने के कारण हाथी की मौत होना माना जा रहा है।
 

प्राचीन कालीन पैदल मार्ग की दयनीय स्थिति से राहगीरों के समक्ष दिक्कतें

रूद्रप्रयाग। प्रसिद्घ सिद्घपीठ कालीमठ पहुंच प्राचीन कालीन पैदल मार्ग की दयनीय स्थिति के चलते राहगीरों को खाशी दिक्कते उठानी पड रही है। आलम यह है कि जहां 90 के दशक में यह मार्ग भक्तों तथा राहागीरों से गुलजार हुआ करता था। वहीं आज लोनिवि के उदासीनता के चलते जगह-जगह क्षतिग्रस्त बना हुआ है।
 
ज्ञात हो कि मस्ता कालीमठ प्राचीन कालीन पैदल मार्ग पर प्राथमिक विद्यालय हयूण,बौवा,विजयनगर,तिमला,घतणा,उलणा सहित कई अन्य छोटे-छोटे तोक स्थित है,लेकिन मस्ता कालीमठ पैदल मार्ग के किनारे कई पुश्ते बरसात तथा भूस्खलन  के कारण क्षतिग्रस्त हो चुके है, साथ ही कई जगह मलवा आ जाने से राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खास बात तो यह कि मस्ता से 2किमी की दूरी पर स्थित मंदाकिनी नदी पर बना ऋणकेाट पुल वर्षो से क्षतिग्रस्त बना है। वर्ष 2002 में इस क्षेत्र में भंयकर भूस्खलन होने से इस पुल के आधार स्तम्भ आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके थे। लोनिवि द्वारा बजाय इस पुल के सुधारीकरण के पुल के एक छोड़ को रस्सी के सहारे बांध कर पेड़ से लटकाया गया है। आलम यह है कि यदि इस पुल पर कई लोग की आवाजाही एक ही साथ होती है तो पुल कभी भी बरबराकर गिर सकता है। उक्त मार्ग तथा क्षतिग्रस्त पुल के मरम्मत के लिए दैवीय आपदामत से वर्ष 2010 में चार लाख चौव्वन हजार की धनराशि आहरित की गयी थी,लेकिन तत्कालीन अधिशांसी अभियंता तथा कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते इस धन का दुरूप्रयोग 4 किमी दूर नाला गांव में एक बंजर रास्ते के सुधारीकरण में किया गया। इस बावत कई बार प्रशासन तथा विभाग को भी अवगत कराया जा चुका है लेकिन प्रशासन की हीलाहवाली के चलते दौषी अभिंयताओं तथा कर्मचारियों के खिलाफ अभी तक कोई भी माकूल कार्यवाही न किये जाने से स्थानीय जनता आक्राशित है। वही जिला अधिकारी नीरज खैरवांल ने आरएनएस को बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और उक्त मामले की जांच से सम्बन्धित रिपोर्ट तहसील प्रशासन को प्राप्त हो चुकी है।  
 

हाथी और बाघ के कॉरीडोर अवैध कब्जों की जद में

देहरादून। हाथी हो या बाघ, दोनों के कॉरीडोर अवैध कब्जों की जद में हैं। कॉरीडोर को बाधा मुक्त करने पर ही नदियों में चुगान का भविष्य अटका हुआ है। साल दर साल तमाम शर्तों के साथ भले ही फारेस्ट एडवाइजरी कमेटी खनन की अनुमति देती रही हो और इस बार भी दे दे, लेकिन भविष्य में संकट बढ़ेगा।
 
कॉरीडोर को विधिक मान्यता न होने से उन्हें कब्जा मुक्त करने के वन विभाग के दावे सिर्फ हवाई हैं। वजह यह कि विभाग खुद ही इसे विधिक रूप से आज तक वजूद में नहीं ला सका है। राज्य में एक भी हाथी व बाघ कॉरीडोर नोटीफाइड नहीं हैं। राज्य में हाथी व बाघों के कॉरीडोर समेत संरक्षित वन भूमि पर बड़े पैमाने पर कब्जे हो चुके हैं। करीब दस हजार हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा चिन्हित किया गया है। इसमें अधिकांश भू-भाग पर बसासत वर्षों पुरानी होने से उसे मुक्त कराया जाना नामुमकिन हो गया है। कार्बेट और आसपास के अधिकांश बाघ व हाथी कॉरीडोर बंद हो चुके हैं तो शिवालिक हाथी कॉरीडोर में भी जगह-जगह अवैध कब्जे हैं। इसमें गौला हाथी कॉरीडोर का मामला तो सर्वाधिक संवेदनशील हो चुका है। रेल लाइन, आइओसी, आइटीबीपी आदि कॉरीडोर में बाधक हैं। कर्नाटक में कॉरीडोर को बाधा मुक्त करने से पहले कॉरीडोर को नोटीफाइड किया गया है, लेकिन उत्तराखंड राज्य में जितने भी कॉरीडोर हैं, वे नोटीफाइड नहीं हैं। ऐसे में विधिक रूप से वन विभाग का दावा कमजोर पड़ता रहा है। उदाहरण के लिए रेलवे व आइओसी के मामले को देखा जा सकता है। एक तो नियम विरुद्ध तरीके से राज्य सरकार(तब उत्तर प्रदेश) ने वन भूमि का बड़ा हिस्सा रेलवे को हस्तगत कर दिया। रेलवे ने भी करीब 28 हेक्टेयर भूमि लीज पर इंडियन ऑयल कारपोरेशन को दे दी। गौला हाथी कॉरीडोर में सबसे बड़ी बाधा आइओसी को हटाने की है,लेकिन वन विभाग की कवायद पत्राचार कर भूमि का रिकार्ड व अनुबंध शर्त मानने से आगे नहीं बढ़ पाई है। गौला नदी में चुगान का भविष्य भी इसी कॉरीडोर के बाधा मुक्त होने पर टिका हुआ है। सूत्रों ने आरएनएस को बताया कि इस साल अगर फिर फारेस्ट एडवाइजरी कमेटी ने कुछ शर्तों के साथ गौला में चुगान की अनुमति दे भी दी तो आगामी वर्षों में कॉरीडोर से कब्जा न हट पाने पर गौला में चुगान पर ग्रहण लगने की संभावना बढ़ जाएगी।
 

नहीं रूक पा रही है शराब की तस्करी

हल्द्वानी। पुलिस भले ही अवैध शराब की बिक्री रोकने के लाख दावे कर ले, लेकिन परिणाम ठीक इसके उलट देखने को मिल रहे हैं। पुलिस आए दिन किसी न किसी शराब तस्कर को गिरफ्तार तो कर रही है, लेकिन इसके माफिया तक उसके हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिसके चलते नगर में यह कारोबार बदस्तूर जारी है। बीती रात भी पुलिस ने एक तस्कर को 20 पव्वे देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। जिसके खिलाफ पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही कर उसे जेल भेज दिया। 
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेडिकल चौकी पुलिस बीती रात क्षेत्र में गश्त कर रही थी कि इसी बीच उसे एक युवक संदिग्धावस्था में दिखाई दिया। जो पुलिस को देखकर भागने लगा। जिस पर पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया। जब पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें से 20 पव्वे देशी शराब के बरामद हुए। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जगदीश सिंह पुत्र हयात सिंह निवासी डीडीहाट बताया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही कर उसे जेल के लिए रवाना कर दिया है।
 

क्या अब मिला है शहर को सही कप्तान / एसएसपी

देहरादून। नगर की कानून व्यवस्था को लेकर एसएसपी का गुस्सा लगातार जारी है लेकिन फिर भी पुलिस कर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीती रात एक चौकी प्रभारी को हटाने के बाद रविवार को फिर से एसएसपी ने कुछ और फेरबदल किए हैं। एसएसपी ने कल रात एक चौकी प्रभारी को लाईन हाजिर किया जबकि ड्यूटी में मुस्तैदी दिखाने वाले तीन पुलिसकर्मियों केा सम्मानित किया। वहीं आज सुबह आठ बजे ही एसएसपी ने सभी थाना एवं कोतवाली प्रभारियों की क्लास ले डाली। सभी से उनकी लोकेशन पूछी और दिशा निर्देश दिए।

कप्तान ने आराघर चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाईन हाजिर कर दिया है। क्षेत्र में चल रही अव्यवस्थाओं को देखते हुए चौकी प्रभारी ऋषिराम रतूड़ी को लाईन एवं पुलिस लाईन से संबंद्ध उपनिरीक्षक एमएस रावत को चौकी प्रभारी आराघर का दायित्व सौंपा है। इससे पूर्व उन्होंने लक्खीबाग में लग रहे जाम एवं अव्यवस्थाओं के तहत चौकी प्रभारी कुलदीप पंत पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें चार्ज से हटाते हुए नेहरू कॉलोनी भेज दिया। लक्खीबाग पर शिव मोहन को लक्ष्मण चौक से भेजा गया है। उधर रात के समय एसएसपी की गश्त जारी है। अपनी गश्त के दौरान कप्तान केवल खुराना ने कल दिलाराम बाजार में तैनात सिपाही वीर सिंह एवं सुभाष को मुस्तैद पाए जाने पर उनकी सर्विस बुक में गुड एंट्री दर्ज करने के निर्देश दिए जबकि हैड कांस्टेबिल विनोद को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हेिने करनपुर चौकी प्रभारी की एक बार फिर पीठ ठांकी। उधर आज सवेरे एसएसपी केवल खुराना ने सुबह आठ बजे से ही सभी कोतवाली एवं थाना प्रभारियों की लोकेशन को खंगालना शुरू कर दिया। उन्हेंाने सभी को कानून व्यवस्था को लेकर दिशा निर्देश दिए।

 

Bal Thackeray passes away; last journey begins

Mumbai : Shiv Sena chief Bal Thackeray breathed his last breath around 3.30 p.m. on Saturday at his residence ‘Matoshree’ after days of uncertainty over his health condition. Announcing Mr. Thackeray’s demice to the media at around 5 pm, his physician Jalil Parkar said though doctors tried their best to revive the Sena chief, however, their efforts were not successful and 86 year old thackeray died of a cardiac arrest. 

With the spread of the news, the shops downed shutters and roads emptied out and the city is expected to be totally closed on Sunday. Over 15 lakh people are expected to attend the funeral which is to be held on sunday.

Mr. Thackeray was on a non-invasive ventilator for a while; his health has been suspect since he visited Lilavati Hospital for a check-up in July after complaints of breathlessness.
 
The news of Thackeray's death spread in the country like fire. The Prime Minister cancelled the dinner meet organised on saturday evening. Gujrat Chief Minister Narendra Modi said that 86 year olf Thackeray was a brave man and will always be rememberred. He also prayed for his departed soul. Voice of India, Lata Mangeshkar paying tribute on twitter said that Maharashtra lost its parent. She also said that Balasaheb was the one who kept the name of Chatrapati Shivaji alive in Maharashtra. Kabir Bedi, Arvind Kejrival, Madhur Bhandarkar, Mahesh Bhatt, Shahrukh Khan and an endless list of known names prayed for the departed soul.
 
The Mumbai Police issued an advisory appealing to people to avoid travelling on Sunday. The Railways have cancelled the megablock scheduled on Sunday on the western, central and harbour lines, in anticipation of the crowds expected at Shivaji Park. Mumbai Police Commissioner Satyapal Singh has cancelled his daughter's wedding reception tonight as he shall be busy with security detailing. With lakhs of people joining the funeral procession over 20,000 policemen, 15 companies of State Reserve Police Force and Rapid Action Force have been deployed on the procession route alone. In all over 50,000 people are said to be a part of the security.
 
 
Wrapped in the tricolour, Thackeray's body was brought out of his house a little after 9am. His son, Uddhav, broke down just before the funeral procession started. A glass box carrying the 86-year-old, the tall leader's body was then loaded onto a flower decorated vehicle. The Shiv Sena's executive president and Bal Thackeray's son and successor Uddhav, his wife Rashmi and son Aditya were on truck that was carrying Mr Thackeray. Maharashtra Navnirman Sena (MNS) chief and Bal Thackeray's nephew Raj decided to walk the distance along with the procession. The family is accompanied by several Sena leaders including Manohar Joshi, Diwakar Raote, party spokesperson Sanjay Raut, Neelam Gorhe, Vinayak Raut, Anil Desai, Subhash Desai, senior BJP leader Gopinath Munde, among others. Bharatiya Janata Party (BJP) leaders L.K Advani, Nitin Gadkari and Sushma Swaraj will attend Shiv Sena chief Bal Thackeray's funeral in Mumbai today.
 
The cremation of the Shiv Sena chief is to be held in the evening at 6 pm at the Shivaji Park, for which the Sena has taken special permission. This will be the first public cremation to be vitnessed by Mumbai since independence and also the first to be held at Shivaji Park. Thackeray addressed his first speech at the Shivaji Park ground and used to address the annual Dussehra rally there. The body, however, will be kept at Shiv Sena Bhawan for sometime to allow the party office-bearers to pay their last respects.
 
 
The doctor's team taking care of the medical assemblies of the Hindu Leader included two muslim doctors from Lelawati hospital, Dr. Jalil Parker and Dr. Abdul Samad Ansari. According to Parker, he was like a member of the Thackeray family. Another doctor from lelawati family who was a part of the team was Dr. Prakash Jindani. These doctors were working of the health of Thackeray from past 6-7 days. No medical bulleton was issued and only the people and leaders coming to meet Balaji were informing the media about the health of the great hindu leader.
 

A complete ban on Polythene bags to be imposed in the state

Dehradun : The ban on the use of Polythene bags will be completely imposed in the State for which the State Government will issue amended notification. A decision to this effect was taken on Friday at a meeting chaired by Chief Secretary Alok Kumar Jain who asked officials to issue a revised notification in this regard.

The state government had earlier imposed a ban on use of polythene bags of less than 40 micron but as per the revised notification, yet to be issued, use of all sorts of carry bags made of polythene will be completely banned in the state, an official release said. Along with it, Garbage Disposal Act would also be amended. Even visitors coming from outside the state will not be allowed to use polythene bags.

The meeting was attended by Environment Conservation and Pollution Control Board Secretary Jayraj, Additional Secretary Forest and Environment RC Lohni, Staff Officer to Chief Secretary MC Joshi, District Magistrate BVRC Purushottam, City Magistrate Harak Singh Rawat and other senior officers.

Ponty Chadha and his brother dead after a shoot out

New Delhi : Ponty Chadha and his brother were killed on Saturday in a shooting incident at their farmhouse in New Delhi. Ponty Chadha's real name is Gurpreet Chadha and he is the sole liquor distributor in Uttar Pradesh. He also has business interests in real estate, sugar mills and film production.

 
Chadha's business empire, the Wave Group, is conservatively valued at Rs. 6,000 crore. It encompasses distilleries, multiplexes (Wave Cinemas), sugar and paper mills, real estate, poultry and has also produced a film in 2005, Jo Bole So Nihaal.
 
According to TV news channels, the shooting was a result of family feud. Both brothers shot at each other. The dispute was a result of a recently signed real estate deal.
 
Delhi police officials have reached the shooting spot.
 
On October 5, a case of shooting had taken place inside Ponty Chadha's ancestral home in Moradabad.

राज्य में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की मांग

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओ के विस्तार के लिये जनसंख्या आधारित मानकों को अधिक व्यवहारिक बनाने की मांग की है। केन्द्रीय वित्त मंत्री के 2012-13 के बजट भाषण के अनुसार 1000 से अधिक जनसंख्या वाले ग्रामों में बैंकिंग सेवाएं दी जानी है जबकि उत्तराखण्ड के लगभग 80 प्रतिशत राजस्व ग्रामों में 500 तथा 50 प्रतिशत ग्रामों में जनसंख्या 200 से कम है।

शुक्रवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री पी0 चिदम्बरम और उत्तर क्षेत्र के राज्यों के मुख्यमंत्रियो तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको एवं वित्तीय संस्थानो के प्रमुखो की बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने यह बात उठाई। मुख्यमंत्री बहुगुणा ने कहा कि आबादी के आधार  पर बैंकिंग सुविधाएं देने के कारण उत्तराखण्ड का एक बड़ा ग्रामीण तबका वित्तीय समावेश की अवधारणा से वंचित हो रहा है। राज्य के अधिकांश ग्राम दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रो में स्थित हैं और उनकी जनसंख्या भी बेहद कम है। उन्होने बताया कि वर्तमान में राज्य की 15761 बसावटों (आबादियों) के सापेक्ष केवल 1668 बैंक शाखाएं हैं जिनमे ग्रामीण क्षेत्रो मेें केवल 837 शाखाएं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या आधारित मानक, गावों एवं ग्रामीण बैको को ब्राण्डबैण्ड नेटवर्क से जोडऩे में भी कठिनाई उत्पन्न कर रहे है। उत्तराखण्ड ने हाल ही में ब्राडबैण्ड कनेक्टिविटी के लिये केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से एक समझौता किया है लेकिन  इसके अन्र्तगत भी केवल 500 की जनसंख्या से अधिक वाली आबादियो को जोड़ा जा सकता है। श्री बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड के अधिकांश ग्राम दुर्गम क्षेत्रो में बेहद कम जनसंख्या वाले हैं लेकिन उनके सामरिक महत्व को देखते हुए, वहां  नेटवर्क कनेक्टिविटी जरूर दी जानी चाहिये। उन्होने केन्द्रीय  वित्त मंत्री से इस दिशा में सहयोग  देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक मे अनुसूचित-जाति-जनजाति, अल्पसंख्यको, सफाई कर्मचारियों आदि के लिये स्थापित केन्द्रीय निगमों द्वारा राज्य की संस्थाओ के माध्यम से इन वर्गाे हेतु शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओ को प्रमुखता से उठाया॥ उन्होने कहा कि यदि राज्य की चैनलाइजिंग संस्थाओ के माध्यम से ऋण देने मेे कठिनाई हो तो इस कार्य के लिये बैंको की मदद ली जाय अथवा ऋण प्रदान करने की शर्तो में व्यवहारिक परिवर्तन किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यस्था के लिये को-आपरेटिव ऋण संरचना बहुत सहायक होती है। उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड में को-आपरेटिव क्रेडिट संरचनाओं के रिवाइवल के लिये  30 जून, 2011 की समय सीमा निर्धारित की गई थी परन्तु इस सीमा मे सभी आवश्यक कदम नही उठाये जा सके। उन्होने  केन्द्रीय वित्त मंत्री से राज्य मे  सदृढ करने के लिये निर्धारित समय सीमा 30 जून, 2013 तक बढाने  का अनुरोध किया। उन्होने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से कार्य शुरू भी  किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री बहुगुणा ने उत्तराखण्ड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाए उपलब्ध कराने के लिये क्लस्टर               एप्रोच अपनाने का सुझाव दिया। जिलाधिकारियों के माध्यम से कराई गई मैपिंग मे राज्य सरकार ने 1583 कलस्टर चिन्हित किये है जिन्हें नई शाखाओ, सूक्ष्म शाखाओ अथवा बैंकिंग करेस्पांडेंट के माध्यम से सेवा दी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मे लगभग 8000 राशन की दुकानो  के नेटवर्क का फायदा उठाया जा सकता है और इन्हे बैंकिंग करेस्पांडेंट  की तरह  प्रयोग मे लाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सभी ट्रेजरिया और सब-टे्रजरिया ऑन लाइन जुड़ी  हुई है और एजेन्सी बैंको द्वारा इन्हे 'म्$स्क्रॉलÓ सुविधा दी जानी चाहिए, जिससे इनका कार्य और प्रभावी हो सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के वाणिज्य कर विभाग द्वारा प्रारम्भ किये गये 'म्$पेमेण्टÓ मेे केवल 5 बैंको द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। उन्होने सभी बैंको को उत्तराखण्ड राज्य की  प्रणाली से जुडऩे का आग्रह करते हुए आर0बी0आई  को कर्नाटक की तर्ज पर विशेष आर0बी0आई  गेटवे प्रदान करने का कहा। आर0बी0आई  गेटवे मिलने पर सभी बैंक इसी के माध्यम से भुगतान करेंगे और राज्य के खाते मे पैसा शीइा्रता से क्रेडिट हो जायेगा।

इससे पूर्व बैठक का उद्घाटन केन्द्रीय वित्त मंत्री पी0 चिदम्बरम द्वारा किया गया। बैठक मे दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हिमाचल के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सहित अन्य लोग उपस्थित थे। 

 

Corbet National park now open for tourists

Ramnagar : Corbet National Tiger Reserve which is one of the most known tiger reserves in the world has been opened for tourist after a five month closure today on Novemeber 15th. All the guest houses and hotel were full of tourists after a long time and the same is expected to continue for the next 15 days.
 
The Corbet National Park was closed for tourist on june 15th for night stay and all the forest guest houses including Dhikala, Bijrani and Jhirna have been opened for night stay. Names of 130 tourists have been registered on the first day and all 45 rooms are being used. The entire next week in pre booked for tourists. 
 
The night stay booking is being administered manually however the administration is soon about to put this online to as the day visit booking. Since October 15th the park was open for day visit only but now it can be said that the park is completely open. The park, however, has not received bookings of any foreign tourist.

व्यापारियों के फायदे के लिए आरटीओ कार्यालय होगा शिफ्ट

देहरादून। राजपुर रोड से परिवहन संभागीय कार्यालय (आरटीओ) हटाने के लिए की कई कवायद पर भले ही परिवहन मंत्री ने रोक लगा दी हो, लेकिन आनन-फानन जिस तरीके से कार्यालय को हटाने की कवायद हुई उसने कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
 
सूत्रों की मानें तो कार्यालय के आसपास तेजी से विकसित हो रहे नए बाजार के लिए पार्किंग बनाने को यह सारा खेल रचा जा रहा है। हालांकि, विभागीय अधिकारी इस बात से इन्कार करते हुए इसे आमजन की सुविधा के लिए उठाया जाने वाला कदम बता रहे हैं। हाल ही में परिवहन विभाग ने राजपुर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय को सहस्रधारा, कुलहाल स्थित परिवहन विभाग मुख्यालय में शिफ्ट करने का फरमान जारी कर डाला। यह सब कुछ एक पखवाड़े के भीतर ही हो गया। इसके पीछे तर्क दिया गया कि आरटीओ कार्यालय में होने वाले कार्यो के लिए यह जगह कम पड़ रही है। हालांकि, सूत्र इसके पीछे कुछ ओर ही इशारा करते हैं।
 
दरअसल कार्यालय आसपास तेजी से नया बाजार विकसित हुआ है। सामान्य दिनों में इस बाजार में आने वाले ग्राहकों को पार्किंग कि समस्या से जूझना पड़ता है, जिसका असर भी इस बाजार पर पड़ता है। वहीं अवकाश वाले दिनों में यहां आने वाले ग्राहक आरटीओ कार्यालय की भूमि को पार्किंग के रूप में इस्तेमाल करते हैं, जिससे यह समस्या स्वत: ही हल हो जाती है। ऐसे में पहुंच रखने वाले उद्यमियों ने आरटीओ कार्यालय को शिफ्ट करने का फार्मूला सुझाया, जिस पर काफी हद तक सफलता भी मिली। हालांकि, परिवहन मंत्री ने कार्यालय को शिफ्ट करने के आदेश देकर उनके मंसूबों पर रोक लगा दी। हालांकि विभागीय अधिकारी इससे इत्तेफाक नहीं रखते।
 
आरटीओ सुधांशु गर्ग ने बताया कि आरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन व नंबर प्लेट लगाने का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कार्यालय को शिफ्ट करने का प्रस्ताव भेजा गया था। कार्यालय को शिफ्ट करने के बाद आरटीओ की भूमि को पिलर लगाकर कवर किया जाएगा।
 

आमदखोर तेंदूए का आतंक बरकरार

अल्मोड़ा। लमगड़ा विकासख्ंड  में आमदखोर तेंदूए का आतंक बरकरार है। बीते दो दिनों में वन विभाग की टीम व शिकारियों को  तेंदूआ हाथ नहीं लगा। गांवों में दहशत बरकरार है। जंगलों में लोमड़ी तक दिखने में भी लोग दहशत में हा रहे है। गुरूवार को तेंदूआ हुना गांव में एक कुत्ते पर झपटा, गले में पटटा होने के कारण व बच गया। जाने माने शिकारी लखपत सिंह, जॉय हूकल भी यहां मौके पर है। फॉरेस्टर मनोज सनवाल ने बताया कि क्षेत्र में तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए गये है। दिन रात कॉम्बिंग जारी है। किसी भी स्थिति में इस आमदखोर पर काबू पाना वन विभाग की टीम का पहला लक्ष्य है। क्षेत्र में तेंदूए के हमले की ७ घटनाओं व चार महिलाओं की दर्दनाक मौत से क्षेत्र में दहशत बरकरार है। लोगों का घर से निकलना व दैनिक काम निपटाना प्रभावित हुआ है।

गैरसैण को राजधानी बनाना न्यायोचित नही : चीमा

काशीपुर। विधायक हर भजन सिंह चीमा ने कहा है कि प्रदेश की लगभग ७० प्रतिशत जनता गैरसैंण को राजधानी बनायेे जाने के पक्ष में नहीं है। प्रेस को जारी बयान में श्री चीमा ने कहा है कि पर्वतीय श्रंखला मे गैरसैंण एक छोटा सा भू भाग है जहां न कोई रेलवे स्टेशन है, न हवाई पट्टी और न ही यातायात का कोई साधन। शिक्षा केन्द्र व स्वास्थ्य सेवायें भी वहां पर उपलब्ध नहीं हैं। चारों ओर ऊंची-ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं हैं और आबादी भी यहां न के बराबर ही है। यह स्थान मैदानी क्षेत्र से जोडऩे वाले पर्वतीय नगरों रामनगर व ऋषिकेश से लगभग सवा दौ सौ किलोमीटर दूर पर स्थित है जिसका सम्पूर्ण मार्ग पर्वतीय एवं सिगल लेने होने के कारण मैदानी भू भाग में रहने वाली जनता के लिए संकटयुक्त है। ऐसी परिस्थिति में गैरसैंण को राजधानी बनाया जाना अनुपयुक्त एवं प्रदेश के लिए वित्तीय बोझ होगा। उन्होंने कहा कि सन् २०११ की जनगणना साबत करती है कि पर्वतीय जनपदों पौड़ी, अल्मोड़ा एवं चमोली की आबादी बड़ी संख्या में कम हुई है जो वहां से हुए पलायन का सबूत है। पलायन रोके जाने की आवश्यकता सम्पूर्ण उत्तराखण्ड की जनता महसूस करती है। उत्तराखण्ड की मौजूदा सरकार पलायन रोकने की बात तो करती है परंतु इसके प्रति उसका क्रियावन्यन शून्य है। श्री चीमा ने कहा कि प्रदेश के मुुख्यमंत्री के द्वारा जनता को दिये गये आश्वासनों को पूरा न किये जाने से जनता का विश्वास समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा का आश्वासन देकर रोल बैंक हो जाना स्वभाव बन चुका है, जिससे जनता में रोष व्याप्त है।
 

Char Dham Shrines closed for winters

Dehradun : The Char Dham Yatra has come to an end for the year 2012. The portals of sacred Gangotri shrine in Garhwal Himalayas in Uttarakhand were closed on Wednesday, Nov 14th on the onset of the winter season. The sacred portals of the Himalayan shrines of Kedarnath and Yamunotri in Garhwal region of Uttarakhand were also closed on Thursday, Nov 15. 

 
The head priest of Kedarnath offered prayers to Lord Shiva's Jyotirlinga in the presence of religious heads and administrative officials at 8:30 am this morning and locked the shrine to mark its closure for the winter season when the area is completely snowbound, Badrinath-Kedarnath temple committee sources said. 
 
 
Amidst cold winds in the upper Himalayas, devotees thronged the shrine to witness its ceremonial closure as the temple precincts reverberated with chants of 'Bam Bhole' and 'Jai Bhole'. 

Unauthorised colonies to be regularised : CM Uttarakhand

Dehradun : With so many rivers, seasonal water lanes and tributaries in Uttarakhand there are also a lot of slumps and some of which are so big that they can be termed as unautorised colonies. Though these people don't own these lands, they are living here in large numbers as they have no other place to stay. Such areas are mostly flood prone areas and such unauthorised colonies have become a matter of concern for the Government. The Uttarakhand government has decided to regularise all unauthorised colonies.

 
Utarakhand Chief Minister Vijay Bahuguna has said that unauthorised colonies in the state would be regularised so that residents get ownership rights of their property. In this regard, he said the government is also preparing policies for housing and township development.
 
The CM also discussed the traffic and parking problems in the main cities and also advocated the construction of a multi parking facility in major cities. He also asked for better coordination between various undertaking agencies involved in construction works. He also laid emphasis on improving financial condition of local civic bodies and said taxes would be imposed on local buses entering the city area and responsibility of operating buses would also be given to local civic bodies. He said measures would be taken to increase greenery in the cities.

रायवाला में शुरू हुई 6 घायलों की 108 सेवा

ऋषिकेश । ऋषिकेश हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग  पर स्थित रायवाला थाना क्षेत्र मे दो घायलो की जगह छह घायलो को सरकारी अस्पताल ले जाने की क्षमता वाले 108 सेवा के जिला प्रभारी अरविंद शर्मा ने बताया कि रायवाला मे एक महीने मे 30 से 35 सडक़ दुर्घटनाएं होती है और दो तीन विक्रम अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। ऐसे मे दो घायलो को ले जाने की क्षमता वाले 108 सेवा वाहन से अन्य घायलों को एक साथ सरकारी अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो रहा था। इसी परेशनी के दृष्टिगत रायवाला थाना क्षेत्र मे एक नवबंर से  छह घायलो को ले जाने वाले वाहन की तैनाती की गई है। नई व्यवस्था से दुर्घटना के समय घायलो को तत्काल उपचार मिल सकेगा।
 

Vidhan Sabha bhawan to be built at Gairsain

Gairsain: Chief minister Vijay Bahuguna made the announcement while briefing reporters about the decisions taken at a meeting of the state Cabinet held at Gairsain. The foundation stone for the Vidhan Sabha Bhawan at Gairsain will be laid on the occasion of Makar Sankranti and work on the project will be carried out on a war footing to ensure that it is completed at the earliest, he said.

Bahuguna said the cabinet has cleared an amount of Rs 88 crore immediately to start work on construction of the Vidhan Sabha at Gairsain. 

Talking to reporters soon after the cabinet meeting, Bahuguna said several decisions aimed at giving a fillip to development activities in the remote hill regions of both Kumaon and Garhwal were also taken. \There will be no dearth of funds to encourage development activities in hill areas, he said adding the cabinet also cleared a proposal for putting in place a single window clearance system to give a boost to medium and small industries. The Cabinet also decided to step up measures to expand education and health facilities in the region, Bahuguna said. The government has also decided to set up new schools, colleges, a university campus and a polytechnic institute at Gairsain.

 

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