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दुर्गम पर्वतीय गांवों में भी पहुंचेगा इंटरनेट

हल्द्वानी। शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार की तमाम सेवाओं के बाद बीएसएनएल दूरस्थ ग्रामीणों इलाकों में लोगों को सीधे इंटरनेट से जोडऩे की कवायद में लगा है। हाईस्पीड ब्राडबैंड सेवा वाइमैक्स के जरिए यह मुमकिन होगा।

बीएसएनएल ने ब्राडबैंड की बढ़ती मांग के साथ-साथ हाईस्पीड की इंटरनेट सेवा के मद्देनजर वाइमैक्स (वर्ल्डवाइड इंटर ओपरेटिबिलिटी फॉर माइक्रोवेव एक्सेस) पर फोकस किया है। वाइमैक्स के लिए नैनीताल एसएसए में 17 टॉवर लगाए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में इन टॉवरों का दायरा चार किमी तो ग्रामीण में 15 किमी तक होगा। इसके जरिए इंटरनेट स्पीड 512 केबीपीएस से दो एमबीपीएस तक मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में लैंडलाइन बिछाया जाना काफी मुश्किलों भरा व खर्चीला होने के चलते वाइमैक्स का विस्तार किया जा रहा है। इसे देखते हुए अब देवलीधार, ओखलकांडा, पाटा, ज्योलीकोट तथा पाइंस नैनीताल में भी टॉवर लगाए जाएंगे। इन जगहों के लिए प्रस्ताव मंजूर भी हो गए हैं। इसके अलावा हल्द्वानी, लामाचौड़, हरसों, भवाली, भीमताल, नगला, किच्छा, सितारगंज, सिडकुल (सितारगंज), नानकमत्ता, खटीमा, झनकट, बाजपुर, रामनगर, काशीपुर, जसपुर में संयोजन दिए जाने लगे हैं। करीब 150 उपभोक्ता इस सेवा से जुड़ चुके हैं। हल्दूचौड़ में टॉवर लगाने का कार्य चल रहा है। बीएसएनएल के डीजीएम (ब्राडबैंड) पंकज कुमार के मुताबिक डाटा प्रोसेसिंग की इस हाइस्पीड ब्राडबैंड सेवा के जरिए ग्रामीण इलाकों में भी बिना वायर के उपभोक्ता इंटरनेट का उपयोग बिना रुकावट कर सकेंगे।

रुद्रपुर में सप्ताह भर में संयोजन मिलेंगे
बीएसएनएल के उप मंडल अभियंता एलएम जोशी का कहना है कि रुद्रपुर में बनी आधुनिक आवासीय कालोनियों में लैंडलाइन नहीं हैं। यहां टावर स्थापित कर टेस्टिंग कराई जा रही है। मुख्य शहर, सिडकुल एवं नई बनी आवासीय कालोनियों में बेहतर नेटवर्क मिल रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए वाइमैक्स का हाईस्पीड ब्राडबैंड बेहतर माध्यम साबित होगा। इसके लिए वहां स्पेशल कैंप भी लगाया जाएगा।
 

रुहानी सफर में वादा खिलाफी

देहरादून। हज यात्रा पर उत्तराखंड से गये जायरीन इस बार फिर छले गये। व्यवस्था शुल्क ए श्रेणी का लिया गया लेकिन सुविधा तृतीय श्रेणी की भी नहीं दी गई। एक-एक कमरे में कई लोगों को ठहराया गया। चिकित्सा सेवा भी उचित नहीं मिली। इलाज के अभाव में जायरीनों को परेशानी उठानी पड़ी। यह कहना यात्रा पूरी कर आये हाजियों का है। आठ-नौ लोगों की क्षमता के कमरों में 25 से 30 लोगों को एक साथ रखा गया। एक टायलेट पर कई लोग निर्भर रहे। इसके अलावा कहीं-कहीं महिला और पुरुष एक साथ रखे गये। आमतौर से सुविधा तीन श्रेणी की उपलब्ध होती है। इसमें ग्रीन, व्हाइट, अजीजिया आदि कोड किये गये हैं। पहले से दूसरे और तीसरे स्तर की सुविधा में क्रमश: दस हजार रुपये का फर्क होता है।
 
उल्लेखनीय है कि ग्रीन श्रेणी के लोगों के एक से डेढ़ किलो मीटर, व्हाइट श्रेणी के लोगों को पांच से दस किलोमीटर, अजीजिया यानी थर्ड क्लास की राशि जमा करने वालों को 25 से 50 किलोमीटर दूरी पर ठहराने की व्यवस्था दी जाती है। लेकिन इस बार सभी को थर्ड श्रेणी की सुविधा प्रदान की गई। यही नहीं लाइट, बाथरुम के उचित प्रबंध नहीं रहे। सात मंजिला होटल में 400 जायरीनों के लिए महज एक लिफ्ट थी। इसकी क्षमता महज 8-9 लोगों की रही। बताते चलें कि बुधवार तक शहर के 46 हाजी आ चुके हैं, सभी की यही शिकायत है। लाइन नंबर चार के हाजी अब्दुल हमीद यूके आर 482/3/0/- कवर नंबर से हज यात्रा पर गये थे। उनका कहना है कि वह पूर्व में भी हज यात्रा कर चुके हैं। लेकिन इस बार अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। सभी समस्याओं से केंद्रीय हज समिति को अवगत कराया जाएगा। कवर नंबर यूकेआर 542/-2/-4 से हज यात्रा पर गये हाजी शईद अहमद ने कहा कि अधिक लोगों के आने से व्यवस्था कुछ प्रभावित हो जाती है। लेकिन संपूर्ण व्यवस्था ही प्रभावित हो तो जाहिर है कि कहीं न कहीं खामियां रहीं होंगी। इस मामले में उत्तराखंड हज समिति, केंद्रीय हज समिति और हज मंत्री को हज समिति से उपलब्ध कराये गये शिकायत पत्रांक को भरकर भेजेंगे। उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और हज समिति के सदस्य मजहर नईम नवाब ने कहा कि राज्य स्तर पर कोई कोताही नहीं बरती गई है। केंद्रीय हज समिति स्तर पर बरती गई लापरवाही की वजह से जायरीनों को समस्याओं से जूझना पड़ा।
 

103 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि से सोमवार को 100 करोड़ रुपये मिले

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार को टी एच डी सी बांध परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों के अवस्थापना विकास हेतु मिलने वाली 103 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि के रूप में सोमवार को 100 करोड़ रुपये मिल गये हैं। 100 करोड़ रुपये का चेक मुख्य सचिव सुभाष कुमार को सचिवालय में उनके कक्ष में टी$एच$डी$सी$ के सीएमडी आरएसटी साईं द्वारा दिया गया। तीन करोड़ रुपये की धनराशि उत्तराखण्ड को पूर्व में ही मिल चुकी है। 
 
राज्य सरकार ने इसके लिए केन्द्र स्तर पर प्रभावी पहल की थी। मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से$नि$) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे से कई बार वार्ता की थी और राज्य का पक्ष रखा था। इसके अलावा मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने भी कैबिनेट सचिव और केन्द्रीय ऊर्जा सचिव से भेंट कर इस मुद्दे को रखा था। राज्य सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा टी एच डी सी प्रबंधन को इसके लिए निर्देश दिये गये। 
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि 100 करोड़ रुपये की धनराशि से टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित गांवों के पुनर्वास व अन्य अवस्थापना सुविधाओं पर खर्च किया जायेगा। 41.44 करोड़ रुपये चिन्यालीसौड़ का क्षतिग्रस्त पुल, घूंटी-घनसाली पुल तथा डोबराचांटी पुल पर व्यय किया जायेगा। टिहरी बांध का स्तर 835 मीटर के ऊपर हो जाने से प्रभावित रोलाकोट गांव के पुनर्वास पर 41 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जायेगी। इस धन से रोलाकोट गांव के लोगों के लिए बिजली, पानी, सडक़ आदि बुनियादी सुविधाएं दी जायेंगी। इसके साथ ही शिवालिक नगर, रैनाकोट में जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 8.63 करोड़ रुपये, पुनर्वास निदेशालय के लिए 2.50 करोड़ रूपये और 835 मीटर ऊंचाई पर बेनाप भूमि पर रहने वाले 800 परिवारों के लिए 2.42 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। 
 
टीएचडीसी के सीएमडी आरएसटी साईं द्वारा अवगत कराने पर की, पीपलकोटी में 20 हजार एकड़ भूमि का हस्तांतरण न होने से जल विद्युत परियोजना का कार्य प्रभावित हो रहा है। वन भूमि होने की वजह से यह अड़चन आ रही है। मुख्य सचिव ने तत्काल कमिश्नर गढ़वाल अजय नबियाल और डीएम चमोली रंजीत सिन्हा से फोन पर निर्देश दिये कि इसका हल जल्द किया जाय। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार के हाल में लिये गये निर्णय से वन भूमि प्रतिपूरक धनराशि जमा करने पर अब भूमि के साथ-साथ मालिकाना हक भी मिल जायेगा। इसके बारे में कैबिनेट निर्णय के बाद शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस शासनादेश के अनुसार अब टीएचडीसी को मालिकाना हक मिल जायेगा। इसके लिए वर्ष 2016 तक 444 मेगावाट की बिजली उत्पादन करने का रास्ता साफ हो गया है। सीएमडी ने बताया कि कोटेश्वर बांध के 2 यूनिटों से 200 मेगावाट की बिजली पैदा की जा रही है। जल्द ही 2 और यूनिट लग जाने से विद्युत उत्पादन में वृद्घि होगी। इसके साथ ही अलकनंदा की सहायक नदी धौलीगंगा पर मलारी और झिलम में दो परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार को भेज दी गई है। मंजूर होने के बाद इन परियोजनाओं पर ही कार्य शुरू हो जायेगा। 
 
बैठक में टीएचडीसी के निदेशक तकनीकी डीवी सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
 

 

Kiran Bedi Alleged for cheating: Case Registered

The Delhi Police on Wednesday registered a case against former IPS officer Kiran Bedi, under section 406, 420, 120-B, for allegedly cheating and misappropriating funds meant for her NGOs following a local court order. 

Additional Chief Metropolitan Magistrate Amit Bansal directed the crime branch of Delhi Police to register the case against the key Team Anna member on a complaint by Delhi-based lawyer Devinder Singh Chauhan, who has alleged that she has "looted" various paramilitary forces and state police organisations in the name of imparting free computer training through 'Meri Police' under the banner of her trust 'India Vision Foundation'.

Chauhan in his complaint alleged that Bedi got a donation of more than Rs 50 lakh from Microsoft in the name of free computer training to the kids and families of the personnel of BSF, CISF, ITBP, CRPF and other state police organisations. The complainant alleged that Bedi's trust was to impart free computer training to the kids and families of the cops.

Ms. Bedi, reacting to the court order on Saturday, had said it did not take her by surprise.

“I am informed an FIR is to be registered against me. For me now nothing is a surprise! It only strengthens my resolve to do more,” she said.

 
 

लिंक फिर रद, अभी और बढ़ेंगी मुश्किलें

देहरादून। कोहरे के कारण ट्रेनों का शेड्यूल पटरी पर नहीं आ पा रहा है। तीन दिन के अंदर दूसरी बार लिंक एक्सप्रेस रद कर दी गई। लिंक के साथ शनिवार को फाइव एचआर भी कैंसिल रही। एक दिसंबर से कई ट्रेनें कैंसिल करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
 
पिछले एक पखवाड़े से ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। शनिवार को ट्रेनों का शेड्यूल पूरी तरह गड़बड़ रहा। शताब्दी करीब एक घंटे विलंब से हरिद्वार पहुंची। लिंक एक्सप्रेस अप में करीब छह घंटे से अधिक लेट रही। लिंक को डाउन में रद कर दिया गया। गंगानगर एक्सप्रेस तीन घंटे विलंब से गई। फाइव एचआर (हरिद्वार-ऋषिकेश पैसेंजर) ट्रेन को भी रद कर दिया गया। ट्रेनों के लगातार लेट होने से यात्री परेशान हैं। एक दिसंबर से कई ट्रेनों को रद कर दिया गया है। पहली से 31 दिसंबर तक करीब आधा दर्जन ट्रेनें रद रहेंगी। कोहरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस बारे में सभी संबंधित रेलवे स्टेशन को आदेश मिल चुके हैं। जो ट्रेनें रद हुई हैं उनमें 4310 (उज्जैनी एक्सप्रेस), 4115 (इलाहाबाद-हरिद्वार), 4265 (जनता एक्सप्रेस) आदि शामिल हैं। ट्रेनों के रद होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दिसंबर में ट्रेनों के कैंसिल होने से अब यात्रियों को यातायात के दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।
 

नेपाल के गांव में मिली शिव की आदमकद मूर्ति

पिथौरागढ़। भारत की सीमा से लगे नेपाल के बांकू गांव के जंगल में भगवान शिव की पत्थर की आदमकद मूर्ति मिली है। घने जंगल के बीच मिली मूर्ति को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

भारत नेपाल सीमा पर काली नदी पार नेपाल के बांकू गांव की महिलाएं घास लेने निकट के राड़म जंगल में गई थी। घास काटने के दौरान महिलाओं को वहां पर एक पत्थर की मूर्ति नजर आई। महिलाओं द्वारा मूर्ति को करीब से देखा गया तो मूर्ति भगवान शिव की थी। महिलाओं ने तत्काल गांव लौट कर इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। गांव के बुजुर्ग लोग जंगल गए और मूर्ति को देखा। भगवान शिव की पत्थर की मूर्ति मिलने की सूचना आसपास के गांवों में मिलते ही मूर्ति देखने वालों का तांता लगा हुआ है। दूर-दूर से आकर लोग मूर्ति की पूजा कर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना नेपाली प्रशासन को दे दी गई है।

नेपाल से मिले समाचारों के अनुसार अभी तक नेपाल प्रशासन और पुरातत्व विभाग के अधिकारी नहीं पहुंच पाए हैं। जिस कारण मूर्ति के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है। अलबत्ता शिव की मूर्ति स्थानीय लोगों की आस्था का केन्द्र बनी हुई है। भारत से भी लोग मूर्ति के दर्शनों को नेपाल पहुंच रहे हैं। विदित हो कि इस क्षेत्र के उक्कू गांव में भी इस तरह की काफी अधिक मूर्ति हैं। जिनका विस्तृत इतिहास रहा है। इधर अब जंगल में भी इसी तरह की मूर्ति मिलने को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
 

नागवंशी नागराजा, प्रकटा सेम जाग

नई टिहरी। सेम-मुखेम में वैसे तो वर्ष भर पर्यटकों का तांता लगा रहता है, लेकिन 26 नवंबर (11 गते मंगशीर )से शुरू होने वाले सेममुखेम मेले का महत्व ही कुछ और है। कहा जाता है कि द्वारिका डूबने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन यहां नागराज के रूप प्रकट हुए थे।
 
जिला मुख्यालय से करीब 90 किमी दूर प्रतापनगर प्रखंड के अंतर्गत सेममुखेम में द्वापर युग में यमुना नदी में काले नाग का वास था इस कारण यहां के लोग भयभीत थे और नदी का पानी भी दूषित हो गया था इस कारण आस-पास के क्षेत्र में पानी की समस्या पैदा हो गई। जब भगवान श्रीकृष्ण को इस बात का पता चला तो उन्होंने बालक रूप में गेंद खेलते समय उसे जानबूझकर यमुना नदी में डाल दिया। जब भगवान गेंद को लेने नदी में गए तो वहां उनका सामान काले नाग से हो गया दोनों के बीच युद्ध हुआ और अंत में नाग ने भगवान से क्षमा मांग ली। इसके बाद श्री कृष्ण ने उसे इस स्थान को छोडऩे को कहा इस पर नाग ने भगवान से कहा कि वहीं उन्हें किसी स्थान पर छोड़ दें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण भी डांडानागराजा (पौड़ी) चले गए किंतु वहां उन्हें रास नहीं आया। इसके बाद वह सेममुखेम आ पहुंचे और उस समय यहां का गंगू रमोला गढ़पति था जो काफी वृद्ध हो चुका था, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी, पर उनकी पत्नी की भगवान के प्रति आगाध आस्था थी। वह रोज पुत्र रत्न प्राप्ति की मन्नतें भगवान से मांगती थी किंतु गंगू रमोला के आगे उनकी कुछ नहीं चलती थी। इसी दौरान भगवान श्रीकृष्ण छद्म रूप धारण कर गंगू रमोला से थोड़ा जमीन मांगी पर गंगू एक इंच भूमि देने को तैयार नहीं हुआ। अंत में श्रीकृष्ण ने गंगू रमोला की पत्नी के सपने में दर्शन देकर कहा कि यदि गंगू रमोला उन्हें थोड़ा जमीन दे दे तो उन्हें पुत्र की प्राप्ति होगी। पत्नी के कहने पर गंगू रमोला ने भगवान श्रीकृष्ण को जमीन देने की बात स्वीकारी, लेकिन वह मन ने संतुष्ट नहीं था। वह एक के बाद एक मंदिर दिन में बनाता गया और वह रात को टूटते गए। इसके बाद श्रीकृष्ण फिर गंगू की पत्नी के सपने में आये और कहा कि गंगू रमोला मन से मंदिर नहीं बना रहे हैं। इस लिए तुम्हें पुत्र की प्राप्ति नही हो सकती इसके बाद फिर गंगू रमोला ने मन से मंदिर बनाया इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण प्रकटा सेम के नाम से प्रकट हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया कि तुम्हारे दो पुत्र पैदा होंगे। इसके बाद गंगू रमोला ने सिदवा और विद्धवा दो पुत्रों को जन्म दिया बाद एक भाई रमोल गढ़ का गढ़पति बना और दूसरा कुमायूं चला गया था। इस दौरा की शिलाएं आज भी यहां पर गाय के खुर के रूप में मौजूद है।
 
क्षेपं सदस्य गोविन्द बिष्ट, राकेश राणा, मुरारीलाल खंडवाल आदि लोगों का कहना है कि यह धाम की बड़ी मान्यता है इस प्रसिद्ध धाम के दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां आते हैं लेकिन यहां पर अभी तक सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि मंदिर क्षेत्र में सुविधाएं बहाल की जानी चाहिए ताकि बाहर से आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
 

सीएम ने सुनी लोगों की शिकायतें व समस्यायें

देहरादून। मंगलवार को कैंट रोड स्थित नए मुख्यमंत्री आवास में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से$नि$) भुवनचन्द्र खण्डूडी ने बडी संख्या में आये लोगों की शिकायतों व समस्याओं की सुनवाई करते हुये उनके निस्तारण के लिये संबधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कुछ शिकायतों विशेष रूप से अनियमितता सम्बन्धित शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुये जांच के निर्देश दिये गए। इनमें डालनवाला, देहरादून की गीता नेगी द्वारा जमीन के नाम पर उनसे लाखों की ठगी किये जाने की शिकायत, फिजियोथेरेपिस्ट की नियुक्ति के परिणाम में अनियमितता की शिकायत, हरिद्वार जिले में ग्राम पंचायत भगतनपुर, आबिदपुर पूर्व ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा इंदिरा आवास योजना के अन्तर्गत धनराशि के दुरूपयोग की शिकायत व टिहरी जिले के विकास खण्ड थत्यूड़ के ग्राम अंगेडा में मिनी आंगडबाडी सहायिका की नियुक्ति प्रान्त करने के लिए झूठा बीपीएल प्रमाण पत्र लगाये जाने की शिकायत पर उचित स्तर से जांच कराने के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी ने कहा कि नियमों के अंतर्गत आने वाले सभी काम किए जाएंगे। आर्थिक सहायता व इलाज में सहायता के लिए दिये गये आवेदनों पर मुख्यमंत्री श्री खण्डूडी ने शीइा्र आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मानकों के अंतर्गत आने वाले आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई में विलम्ब न किया जाय। अनेक लोगों द्वारा दिए जा रहे नौकरी व स्थानांतरण के प्रार्थना पत्रों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें प्रक्रियाओं के तहत ही कार्रवाही हो सकती है। स्थानांतरण में निष्पक्षता लाने के लिये ही स्थानांतरण कानून बनाया गया है। विभिन्न स्थानों पर मार्ग निर्माण, विद्यालय उच्चीकरण, पेयजल आपूर्ति आदि मांगों पर संबधित विभागों से रिपोर्ट प्रान्त करने के निर्देश दिये गये। त्यूणी से आए राजेंद्र नामक विकलांग बालक ने मुख्यमंत्री को अपने द्वारा बनाए मुख्यमंत्रीजी का चित्र भी भेंट किया।

जनता मिलन कार्यक्रम के पश्चात् उपस्थित पत्रकारों से वार्ता करते हुये मुख्यमंत्री श्री खण्डूडी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार रोकने के लिये उठाये गये कदमों से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक माहोल बना है। लोगों को यह विश्वास होने लगा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ा भी जा सकता है और जीता भी जा सकता है। जनता मिलन कार्यक्रम में बडी संख्या में लोगों के आने के सम्बन्ध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे जाहिर होता हैं कि लोगो का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। और इनकी अपेक्षांऐ भी अधिक होने लगी हैं। आम जनता को लगता है कि उनके काम हो रहे है।
 
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री खण्डूडी ने कुपवाडा़ (जम्मू कश्मीर) से शेक्षणिक भ्रमण पर आये बच्चों से मुलाकात करते हुये अपनी शुभकामनाये दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों को उच्च शिक्षा प्रान्त कर सुसंस्कृत नागरिक बन देश की उन्नति में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि बच्चों को उाराखण्ड में काफी कुछ सीखने को मिलेगा। बच्चों ने इस अवसर पर देशभक्ति गीत भी प्रस्तुत किया। गौरतलब है कि ऑपरेशन सदभावना के अन्तर्गत हाजीपुर ब्रिगेड द्वारा प्रायोजित इस शैक्षणिक भ्रमण पर आये दल में कुपवाड़ा के 25 बच्चे व 2 अध्यापक सम्मिलित हैं। 
 
मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रान्त सूचना के अनुसार मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी के 23 व 24 नवम्बर को दिल्ली भ्रमण व 25 नवमबर को सोमेश्वर भ्रमण पर रहने के कारण जनता मिलन कार्यक्रम 23 नवम्बर,  से 25 नवम्बर, 2011 तक स्थगित रहेगा।
 

ओवरलोड टेंपो बने सवारियों के जान के दुश्मन

रुद्रपुर । शहर व आसपास के क्षेत्रों में विक्रम समेत अन्य कंपनियों के ओवरलोड टेंपो सवारियों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। मानक से अधिक सवारियां ढोने से कई बार टेंपो अनियंत्रित होकर पलट रहे हैं। पिछले दिनों कुछ टेंपो के पलटने से सवारिया घायल हो चुकी हैं। हालांकि ओवरलोड के खिलाफ पुलिस व परिवहन विभाग ने कई बार अभियान चलाया। लेकिन नतीजा सिफर रहा।

सिडकुल स्थापना के बाद शहर की सडक़ों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ी। इससे अक्सर शहर व आसपास के क्षेत्र में सडक़ दुर्घटनाओं में इजाफा रहा है। इससे कुछ लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं तो कुछ घायल भी हो रहे हैं। दुर्घटनाओं के लिए ओवर स्पीड, ओवरटेक व ओवरलोड जिम्मेदार है। इधर, दो दिनों से ओवरलोड टेंपो अनियंत्रित होकर पलटने से करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं। बावजूद इसके टेंपो व विक्रम चालक अपने वाहनों में मानक से अधिक सवारियां भर रहे हैं। इधर, उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन संदीप सैनी ने बताया कि समय समय पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। टेंपो में व चार व विक्रम में सात सवारियां बैठाने का मानक है। इससे अधिक सवारियां भरते पाए जाने पर प्रति सवारी 250 रुपये का अर्थदंड है। इसके बाद भी चालक मानक से अधिक सवारियां भरता है तो उसका डीएल व परमिट निलंबन की संस्तुति की जाती है। उनके मुताबिक जल्द ही ओवरलोड टेंपो व विक्रम के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।

शहर के विभिन्न रूटों पर करीब 500 से अधिक टेंपो व विक्रम संचालित हो रहे हैं। करीब 16 किमी क्षेत्र में आने वाले इन रूटों में किच्छा, बिलासपुर, गदरपुर, लालकुआं, दिनेशपुर क्षेत्र शामिल हैं। रोजाना ही इन क्षेत्रों से रुद्रपुर में हजारों लोगों का आना जाना लगा रहता है।
 

रेलवे फाटक के चौड़ीकरण का कार्य शुरू

काशीपुर । बाजपुर रोड स्थित रेलवे फाटक के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो गया है। यह कार्य सांसद के प्रयास से दैवीय आपदा के तहत प्राप्त 23 लाख रुपये की धनराशि से हो रहा है।

बाजपुर रोड पर रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित रेलवे क्रासिंग पर आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने की मांग पर सांसद केसी सिंह बाबा ने इस रेलवे क्रासिंग के चौड़ीकरण के लिए डीएम कार्यालय से दैवीय आपदा के राहत 23 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कराई। यह धनराशि रेलवे को अवमुक्त हो गई है। रेलवे फाटक के चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। रेलवे के सीनियर सेक्सन इंजीनियर (वर्क) त्रिलोकीनाथ कपूर ने बताया कि यह कार्य एक डेढ़ माह में पूर्ण हो जाएगा। उन्होंने बताया कि चौड़ीकरण के बाद यह रेलवे फाटक डबल फाटक में तब्दील हो जाएगा। जिसकी चौड़ाई 15.5 मीटर होगी। रेलवे फाटक के चौड़ीकरण के बाद जनता को जाम से राहत मिलेगी।

 

गैस किट लगी कार जलकर राख

रूडकी। भगवानपुर-इमलीखेड़ा मार्ग पर गैस किट लगी सेंट्रो कार में आग लग गई। कार सवार तीन लोगों ने गाड़ी से बाहर निकलकर जान बचाई।
 
सोमवार रात भगवानपुर-इमलीखेडा मार्ग पर इमलीखेडा गांव की ओर से आती सेंट्रो कार संख्या पीबी 10 एएम-1190 में अचानक आग लग गई। आग लगते ही कार सवार तीन लोगों ने कार से बाहर निकलकर जान बचाई। देखते ही देखते कार पूरी तरह जल गई। कार में आग लगने का कारण गैस किट में शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
 

जंगली सुअरों के आतंक से किसानों को हो रहा भारी नुकसान

अल्मोड़ा। क्षेत्र के काश्तकार इन दिनों जंगली सुअर व आवारा पशुओं से आजिज आ चुके हैं। खेतों में तैयार फसल को जानवर चट कर जा रहे हैं। ग्रामीणों की गुहार के बावजूद संबंधित अधिकारी कोई कदम उठाने को तैयार नहीं हैं।

चाहे दूरस्थ गांव हों या फिर सडक़ से लगे गांव। सभी जानवरों की चपेट में हैं। जंगली सुअरों ने खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे बना दिये हैं। कई खेतों में तो फसल का नामोनिशान ही नहीं है, जिससे काश्तकार काफी व्यथित हो चले हैं। कई गांवों में तो यह हालत हो गई है कि इनके उत्पात से लोगों ने खेती करना ही छोड़ दिया है। यहां घाटी क्षेत्रों में जंगली जानवर ही नहीं वरन आवारा पशु भी समस्या बढ़ा रहे है, जो खेतों में उगती पौध को चट कर जा रहे हैं।

वर्षो पूर्व जंगली सुअरों व बंदरों का आतंक दूरस्थ गांवों तक ही सीमित था, लेकिन बीते कुछ सालों से सडक़ से लगे गांव भी इनसे अछूते नहीं हैं। सुअर ही नहीं बंदर भी गांव गांव में घुस आये हैं, जो किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दे रहे हैं। सुअरों व बंदरों से निजात दिलाने की मांग करते करते ग्रामीण थक चुके हैं, लेकिन इस समस्या का कोई कारगर हल सामने नहीं आ पाया है।
तहसील के भगतोला, पान, मैहलचौरा, छाना, अखोडिय़ा, नौगांव, गड़स्यारी, महत्तगांव, बसभीड़ा, गनाई, दिगौत, रामपुर, खडक़तया, कलरों, जौरासी, सीरा, कनोली, भगोती, खीड़ा व तड़ागताल सहित तमाम क्षेत्रों में इनका व्यापक प्रभाव है।
 

खत्म नहीं हो रहीं मार्ग निमार्ण की अड़चनें

नैनीताल। भवाली भीमताल मार्ग के डामरीकरण में अड़चन ही अड़चन हैं। पहले विभाग को हॉटमिक्स प्लांट नहीं मिल पाया। बाद में ठंड रोड़ा बन गई। तापमान ठीक हुआ तो संबंधित ठेकेदार ने मार्ग को पूरा करने से हाथ खड़ा कर लिया।
 
149 लाख की लागत से बनने वाले मार्ग को निर्माण लोक निर्माण विभाग करवा रहा था। इस बीच को कई अड़चनों से गुजरना पड़ा। अब मौसम ठीक हुआ तो ठेकेदार कार्य करने से मुकर गया। बताते हैं कि कार्य बंद हो जाने पर विभाग ने ठेकेदार की जमानतराशि जब्त कर ली है। मरम्मत योजना के तहत बनवाई जा रही सडक़ का कार्य रुक जाने से लोगों को परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल बुद्धवार को जिला उपाध्यक्ष प्रदीप पाठक के नेतृत्व में प्रदेश के न्याय व ग्रामीण अभियंत्रणसेवा मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट से मिला। नेताओं ने भवाली-भीमताल, तथा नल दम्यंतिताल से भीमताल तक मार्ग निर्माण पूरा करवाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में मंडल अध्यक्ष रवींद्र कनार्टक, धर्मानंद जोशी, दिनेश सांगुडी, संदीप मेहरा, उत्तम मेहरा, जितेन्द्र चनौतिया शामिल हैं।
 
इस संबंध में अधिशासी अभियंता ने बताया कि कार्य पूरा कराने के लिए दुबारा टेंडर आमंत्रित किया गया है। पहले ठेकेदार ने कार्य कराने से मना कर दिया था।
 

धन, पद व शक्ति का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं : सीएम

सितारगंज। मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने खटीमा के फुलैया कांड की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। धन, पद व शक्ति का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख व घायलों के उपचार का खर्च देने की घोषणा की।

खंडूड़ी औद्योगिक पार्क के बारा राणा स्मारक में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खटीमा में भूमि विवाद में दो लोगों की हत्या कर दी गई। एक घायल की हालत गंभीर है। कुछ शरारती तत्वों ने अव्यवस्था फैलाई। उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। जिन्होंने निजी स्वार्थ के लिए समाज के विरुद्ध कार्य किया है, गैरकानूनी कार्य कर धन, पद व शक्ति का दुरुपयोग किया, उनके खिलाफ कार्रवाई में सरकार ढील नहीं बरतेगी। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को मुख्यमंत्री कोष से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही कहा कि घायलों के उपचार का खर्च भी सरकार देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके परिजनों की मौत हो गई है उसकी भरपाई तो नहीं की जा सकती, लेकिन जो सहायता दी जा रही है, वह सहानुभूतिपूर्वक है। उन्होंने समाज का आह्वान किया कि वह असामाजिक तत्वों के खिलाफ खड़ा हो। यह देवभूमि है। कई लोग यहां निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। सभी को ऐसा ही आचरण करना चाहिए। खंडूड़ी ने तीन-चार वर्ष में ही बारा राणा स्मारक का काफी विकास होने की सराहना की। कहा कि यहां छात्रावास में रहकर क्षेत्र के साथ पूर्वोत्तर राज्यों के बच्चे भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इससे उन्हें रोजगार में मदद मिलेगी। स्मारक निर्माण को सेवा कार्य बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे थारू जनजाति के लोग लाभान्वित होंगे।
 
जनसभा को दूधिया बाबा कल्याण आश्रम के संचालक स्वामी शिवानंद ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता पिपलिया पिस्तौर के प्रधान राधेश्याम राणा ने की। संचालन स्मारक समिति अध्यक्ष श्रीपाल राणा व राकेश राणा ने किया।
 
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बारा राणा स्मारक छात्रावास का लोकार्पण व स्मारक का भूमि पूजन किया। थारू समाज के युवक-युवतियों ने स्वागत गीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य डॉ. दिनेश, सेवा प्रकल्प संस्थान के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनीराम पाल, प्रांतीय अध्यक्ष गोकर्ण सिंह मर्तोलिया, संगठन मंत्री डालचंद, खेलकूद प्रमुख अमरनाथ, डॉ. इंद्रप्रकाश, युद्धवीर सिंह, शरद, हरविंदर सिंह विर्क, भगवान सिंह राणा, रामभरोसे राणा, दिनेश राणा, घनश्याम राणा, हुकुमचंद्र राणा, नवतेजपाल सिंह, हुकुमचंद्र मोरिजावाला, खूब सिंह विकल, राकेश त्यागी, रतनलाल गुप्ता, सुमन राय, जया जोशी, अनिरुद्ध राय, सुरेश पपनेजा, गुरदीप सिंह, महेश मित्तल आदि मौजूद थे।
 

द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट हुए बंद

रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट पौराणिक परम्परानुसार शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। डोली रात्रि विश्राम गौंडार में करेगी। आगामी चौबीस नवंबर को ऊखीमठ मद्दमहेश्वर मेले का आयोजन किया जाएगा।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को द्वितीय केदार मद्दमहेश्वर के प्रधान पुजारी बागेश लिंग ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद डोली को सजाया तथा गर्भ गृह से भगवान की मूर्ति निकालकर डोली रखी गई। इसके बाद प्रात। ठीक आठ बजे पौराणिक परंपरानुसार मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए और डोली रात्रि विश्राम के लिए गौडार को रवाना हुई। 22 नवंबर को डोली रांसी, 23 को गिरिया तथा 24 नवंबर को भक्तों दर्शन देने के बाद दोपहर को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी। इस अवसर ऊखीमठ में हमेशा की भांति भव्य मेले का आयोजन भी किया जाएगा।

कपाट बंद होने के अवसर पर भगत सिंह पंवार, विनोद कुवंर, वीरेश्वर भट्ट, पुष्कर सिंह बत्र्वाल, मृत्युजंय हीरेमठ सहित मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी व श्रद्धालु मौजूद थे।
 

निजी बीएड कॉलेजों को एक माह के लिए कंडीशनल एक्सटेंशन मिलेगा

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय संबद्ध कई निजी बीएड कॉलेजों को एक माह के लिए कंडीशनल एक्सटेंशन देगा। विवि के कुलसचिव डॉ. उदय सिंह रावत ने बताया कि विवि की कमेटी विभिन्न निजी कॉलेजों में मानकों के निरीक्षण के बाद एक्सटेंशन देगा। विशेषकर फैकल्टियों की संख्या और योग्यता के मानक पूरे ना करने वाले कॉलेजों को एक माह का कंडीशनल एक्सटेंशन दिया जाएगा। यदि दिए गए एक माह के समय में कॉलेज फैकल्टी के मानकों को पूरा नहीं कर पाया, तो विवि सख्त कार्रवाई करेगा।
 
बीएड सत्र 2010-11 के लिए गढ़वाल विवि ने कट ऑफ लिस्ट जारी कर दी है। विवि के बिड़ला परिसर, टिहरी और पौड़ी के अतिरिक्त अन्य कॉलेजों के लिए यह कट ऑफ प्रभावी है। लिस्ट जारी होने के साथ ही अधिकांश निजी कॉलेजों ने भी अपने स्तर से विज्ञापन जारी कर प्रवेश के लिए आवेदन मांगे हैं, लेकिन गढ़वाल विवि अधिकारियों के अनुसार लिस्ट का मतलब यह नहीं कि सभी निजी कॉलेजों को एक्सटेंशन दे दिया गया है। वैरीफिकेशन के बाद ही कई कॉलेजों को एक्सटेंशन दिया जाएगा। कमेटी इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी समेत अन्य मानकों की जांच के बाद ही एक्सटेंशन को लेकर निर्णय देगी। कुछ कॉलेजों के वैरीफिकेशन पर कोर्ट से स्टे होने के कारण उन्हें इससे मुक्त रखा जाएगा।
 
अधिकारियों के मुताबिक सामान्यत। इंफ्रास्ट्रक्चर के मानक एक बार पूरे करने के बाद सभी कॉलेजों में समान ही रहते हैं, लेकिन फैकल्टियों की संख्या कम-ज्यादा हो सकती है। इसलिए कम फैकल्टी वाले कॉलेजों को एक माह का समय देकर एक्सटेंशन दिया जाएगा।
 
गढ़वाल विवि के कुलसचिव, डॉ. उदय सिंह रावत, के अनुसार कट आफ लिस्ट छात्रों और कॉलेजों की सुविधा के लिए जारी की गई है। निजी बीएड कॉलेजों में वैरीफिकेशन अभी किया जाना है। उसके बाद ही एक्सटेंशन दिया जाएगा।
 

फ्रिज जो बचाएगा बिजली का खर्च

अल्मोड़ा। कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो मंजिल भी मिल ही जाती है। जीआइसी लमगड़ा के बाल वैज्ञानिक आर्यन रौतेला ने बगैर विद्युत चलने वाला फ्रिज तैयार कर इस सूक्ति को न सिर्फ साकार कर दिखाया, बल्कि यह नया प्रयोग कारगर हुआ तो पहाड़ में फल संरक्षण के लिए मील का पत्थर भी साबित होगा। आर्यन इस मॉडल को अब राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में पेश कर हुनर का लोहा मनवाएगा।
 
महादेवी कन्या इंटर कॉलेज देहरादून में 11 से 14 नवंबर तक स्टेट विज्ञान महोत्सव हुआ था। इसमें जनपद से चयनित जीआइसी लमगड़ा में 8वीं के छात्र आर्यन रौतेला ने पहला स्थान हासिल कर जिले का परचम फहराया। आर्यन ने मौजूदा दौर की ज्वलंत समस्या पर्यावरण से जुड़े ग्लोबल वॉर्मिग, ग्रीन हाउस गैसों के प्रभाव व ओजोन परत के क्षरण विषयों पर आधारित मॉडल पेश कर गहन जानकारी दी और समस्याओं से निपटने को सुझाव भी दिए। इसके अलावा फलों को सडऩे से बचाने के लिए ऐसा फ्रिज बनाकर प्रस्तुत किया जिसमें बिजली की जरूरत ही नहीं। आर्यन ने फ्रिज निर्माण को तीन ओर से दोहरी जाली बनाई और उनमें लकड़ी का बुरादा व अनानास के रेसे भरे।
 
फ्रिज के ऊपर एक टंकी भी है, जिसमें से छोटे व पतले पाइप के जरिए पानी बुरादे या रेसों में जाएगा। इससे भीतर का तापमान विद्युत चालित फ्रिज के समान हो जाएगा। यदि इस फ्रिज को खिडक़ी के पास रखा जाय तो हवा के संपर्क में आने से ठंड और अधिक बढ़ेगी। नतीजतन फ्रिज में फल रखकर उन्हें लंबे समय तक बिना बिजली खर्च के सुरक्षित रखा जा सकता है। इस अहम प्रयोग में मार्गदर्शक रहे शिक्षक विनोद कुमार राठौर कहते हैं, यदि आर्यन के प्रयोग को धरातल पर उतारा गया तो निश्चित तौर पर फल उत्पादक किसान व उत्पादों के संरक्षण में बड़ी मदद मिलेगी।
 

उत्तराखंड की पारंपरिक बुनाई बढ़ायेंगे बाजार की शान

देहरादून। हिमालयी क्षेत्रों की प्रसिद्ध बुनाई अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार की शान बनेगी। इसमें तिब्बती चित्रकारी का भी आकर्षण दिखेगा। इसके लिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने भारत सरकार की मदद से पाठ्यक्रम तैयार किया है।

उत्तराखंड के बार्डर क्षेत्र से लगे इलाकों में जनजातियों की शॉल व दन (कारपेट) की बुनाई आकर्षण का केंद्र हुआ करती थी। यह पूरे राज्य में प्रसिद्ध थी। वैश्वीकरण, शहरीकरण व पलायन के चलते पारंपरिक कला धीरे-धीरे लुप्त होने लगी। इस वैज्ञानिक परंपरा को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने उठाया। विश्वविद्यालय की ओर से एक से तीन महीने का शार्ट टर्म और तीन से छह महीने का लांग टर्म कोर्स शुरू किया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा था। पांच साल तक पाठ्यक्रम चलाने के साथ ही 90 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक का कहना है कि पांच साल में 600 लोगों को प्रोफेशनल फैशन टेक्नोलॉजी की तरह प्रशिक्षण दिया जाएगा। विवि के मॉडल स्टडी सेंटर में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की बारीकियां सिखायी जायेंगी। इसके लिए मशीनरी विकसित होगी। लूम, वारपिंग मशीन, वेजिटेबल डायनिंग, प्रेशिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। कंप्यूटराइज्ड विंग स्थापित होगी, जिससे की अध्ययनकर्ता बेहतर तरीके से सीख सके। नोडल प्रभारी प्रो. गिरिजा पाडे का कहना है कि मार्केट स्किल डवलप कराया जाएगा, जिससे की यह प्रोडक्ट राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार की शान बढ़ाएगा। साथ ही अनुसंधान भी होगा।

शॉल व दन बुनाई के लिए पारंपरिक रंगों का ही इस्तेमाल होगा। इसके लिए किलमोढ़ा, अखरोट, सब्जियों से तैयार रंग ही इस्तेमाल करने का तरीका बताया जाएगा। प्रो. पांडे का कहना है कि कैमिकल रंगों के नुकसान से बचने के लिए यह प्रयास सार्थक होगा।
 

तापमान आने वाले दिनों में तोड़ेगा रिकार्ड!

नैनीताल। सरोवर नगरी में इस बार नवम्बर के महीने में गत वर्षो की तुलना में अधिक ठंड महसूस हो रही है, जिससे कड़ाके की ठंड पडऩे के कयास लगाए जा रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले सात सालों के तापमान में खास अंतर दर्ज नहीं किया गया है।

इस बार नवम्बर में पारे का ग्राफ सामान रूप से नीचे उतरा है, परन्तु मौसम साफ रहने से पाला गिरने की मात्रा में वृद्धि हुई है। जीआईसी मौसम केंद्र के पिछले सात सालों के आंकड़ों में अधिक अंतर नहीं है। इस वर्ष नवम्बर में अभी तक अधिकतम पारा 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है, जबकि न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। पिछले साल नवंबर में औसत अधिकतम 24.5 व न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। वर्ष 2009 में न्यूनतम सात, 2008 में 8, 2007 में 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वर्ष 2006 में न्यूनतम 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सात सालों का सर्वाधिक न्यूनतम पारे का रिकार्ड है। वर्ष 2005 में 7 तथा 04 में 7.50 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान वर्ष 2009 व 10 में 24.5, 2008 में 22, 2007 में 26.5, 2006 में 23.5, 2005 में 20 तथा 2004 में 19 डिग्री सेल्सियस उच्च तापमान रिकार्ड किया गया। इन आंकड़ों से साफ हो जाता है कि तापमान में खास परिवर्तन नहीं आया है, लेकिन इस वर्ष नवम्बर के 15 दिन अभी शेष हैं। संभावना है कि इस बार तापमान पिछले कई सालों का रिकार्ड तोड़ सकता है।
 
पंतनगर कृषि विवि के मौसम विज्ञानी डा. एचएस कुशवाहा के ने बताया कि इस सप्ताह नैनीताल जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों में दिन में आसमान में हल्के बादल छाये रहने से दिन व रात्रि में तापमान लगातार गिरेगा तथा वातावरण में नमी रहेगी। पर्वतीय इलाकों में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा।
 
बीडी पांडे अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एमएस दुग्ताल ने ठंड से बचाव के लिए खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्र के लोगों से ठंड में सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी है। दिनप्रतिदिन बदल रहे इस मौसम में उबला पानी का सेवन करने, नाक-कान को ठंड से बचाने को उन्हें कपड़ो से ढक कर रखने, ठंडा खाना अथवा ठंडी चीजों के सेवन से बचने की सलाह दी है। उन्होंने बताया ठंड से गले में संक्रमण, निमोनिया, अस्थमा, जोड़ों में दर्द की संभावना अधिक रहती है।
 

वकील-व्यापारियों ने कहा खटीमा बनाओ जिला

खटीमा। खटीमा को जिला बनाने की मांग एक बार फिर से उठा दी है। इसके लिए अधिवक्ताओं व व्यापारी लामबंद हो गए। उन्होंने जिले की मांग के लिए बुधवार को तहसील में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
 
खटीमा जिला बनाओ एक्शन कमेटी के महामंत्री भुवनचंद्र पचौली के आह्वान पर अधिवक्ता व व्यापारी बुधवार को तहसील मुख्यालय पर एकत्र हुए। जिला न बनाए जाने से नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया। कहा कि खटीमा को जिला बनाने की आवश्यकता है। क्योंकि यह क्षेत्र जनजाति व सैनिक बाहुल्य है। राज्य के निर्माण में खटीमा की अहम भूमिका है। आंदोलन की चिंगारी यहीं से भडक़ी थी। राज्य आंदोलन में यहां के लोगों ने शहादत दी थी। लेकिन शहीदों को अभी तक सम्मान नहीं मिला है। कहा कि शहीदों की सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब खटीमा को जिला घोषित किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि टनकपुर, बनबसा, नानकमत्ता, सितारगंज तहसील मिलाकर खटीमा को जिला मुख्यालय बनाया जाए। जिससे यहां के लोगों को असुविधा का सामना न करने पड़े। छोटे से काम के लिए लोगों को 70 किलोमीटर दूर रुद्रपुर जाना पड़ता है। उन्होंने सामरिक दृष्टि से खटीमा को जिला बनाने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन की धमकी दी। उन्होंने इस आशय का एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। इस मौके पर कश्मीर सिंह, हरीशचंद्र वर्मा, ललित पाल, एलएस मंगला, किशन लाल, दीपेंद्र कंचल, मो.उमर, नसीर अहमद, संदीप भटनागर, शंकर सिंह भाटिया, टीएस जेठी आदि मौजूद थे।
 

लाखों की ठगी कर फाइनेंस कंपनी दून से फरार

देहरादून। लोन देने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाली एक और फाइनेंस कंपनी दून से लाखों रुपए लेकर रफूचक्कर हो गई है। इस बात का पता चलते ही ठगी के शिकार हुए लोगों ने फाइनेंस कंपनी के दफ्तर पर जमकर हंगामा किया और कोतवाली पुलिस को एक तहरीर भी दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के प्रिंस चौक में स्थित फाइनेंस कंपनी मंगलम ग्रुप ने दून के कई लोगों से लोन देने के नाम पर ३०-३० हजार रुपए गारंटी मनी जमा कराए थे। अभी लोग लोन का इंतजार कर ही रहे थे कि उन्हें पता चला कि यह कंपनी दफ्तर में ताला लगाकर फरार हो गयी है। यह पता चलते ही लोगों के पैरों तले से जमीन खिसक गई और मंगलवार की सुबह जब काफी संख्या में लोग दफ्तर पर पहुंचे तो वहंा ताला लगा देखकर उनका गुस्सा भडक़ उठा और उन्होंने वहां जमकर हंगामा भी किया। उनका आरोप था कि उक्त फाइनेंस कंपनी ने दून के करीब दर्जनों लोगों से ३०-३० हजार रुपए गारंटी मनी के रूप में लिए थे और यह कंपनी लोगों को लाखों रुपए का चूना लगाकर फरार हो गई। इस संबंध में ठगी का शिकार हुए लोगों ने थाना कोतवाली में एक तहरीर भी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। 

 

आडवाणी की रैली में चुनावी बिगुल फूंकेगी भाजपा

हरिद्वार। लालकृष्ण आडवाणी की जनचेतना यात्रा के जरिए भाजपा चुनावी बिगुल फूंकेगी। भाजपा के लिए यात्रा के मायने का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) रामलाल ने तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि देशभर में कांग्रेस के खिलाफ माहौल है।

आडवाणी की यात्रा 18 नवंबर को हरिद्वार पहुंचेगी। ऋषिकुल मैदान में पार्टी रैली करेगी। इस रैली के जरिए विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका जाएगा। यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) रामलाल हरिद्वार पहुंचे। डामकोठी में उन्होंने पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल मैदान में होने वाली रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पदाधिकारी जुट जाएं। बूथ स्तर तक से कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल करने को कहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है, पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ माहौल है। जनता परिवर्तन चाहती है। कार्यक्रम संयोजक व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि रैली को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आडवाणी की यात्रा से विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार की शुरुआत की जाएगी।

इस दौरान विधायक रुडक़ी सुरेश चंद जैन, जिलाध्यक्ष सुशील चौहान, महामंत्री कुलदीप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश जमदग्नि, दायित्वधारी पंकज सहगल, भाजयुमो जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा, श्याम सिंह नागयान, संजय सहगल, मनोज गर्ग, प्रेम चंद सैनी आदि मौजूद थे।
 

राजाजी में बाघ ने किया पर्यटकों का स्वागत

हरिद्वार। पार्क में पर्यटकों के स्वागत के लिए पहले दिन बाघ नजर आया। पार्क में सुबह की शिफ्ट में घूमने गए दो पर्यटक दलों को हिलटॉप पर बाघ नजर आया। पहले दिन 40 पर्यटकों ने चीला में जबकि 22 स्कूली बच्चों ने मोतीचूर रेंज की सैर की।

मंगलवार सुबह 7 बजे पार्क के उप निदेशक श्रवण कुमार ने फीता काटकर विधिवत पार्क का मुख्य गेट खुलवाया। पहले दिन चीला में 28 भारतीय, 12 विदेशी घूमने गए। 12 जिप्सियों में पर्यटकों ने सैर की। रेंज में पहले दिन का राजस्व 16 हजार 50 रुपये रहा। मोतीचूर रेंज में वाइल्ड लाइफ वार्डन वीके सिंह ने विधिवत गेट खुलवाया। इसके बाद 22 स्कूली बच्चों को पहले दिन रेंज की सैर कराई गई। चीला रेंज अधिकारी डीपी उनियाल ने बताया कि पहले दिन एक विदेशी दल को हिलटॉप पर बाघ नजर आया। दल के साथ गए गाइड बीर सिंह ने बाघ को सबसे पहले देखा और इसके बाद एक अन्य दल को भी बाघ नजर आया। पार्क के उपनिदेशक श्रवण कुमार ने बताया कि पर्यटक सैर के दौरान पर्यावरण का ख्याल रख कुदरत के नजारों का आनंद लें।

राजाजी राष्ट्रीय पार्क के निदेशक पार्क एसपी सुबुद्धि ने बताया कि पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। पर्यटकों से यह निवेदन है कि वह साफ-सफाई का ध्यान रख वन्यजीवों के बारे में जानें। वन्यजीवों को किसी भी तरह से हानि न पहुंचाएं।
 

 

नही काटने पड़ेंगे मुख्यालय केचक्कर

पौड़ी गढ़वाल। विभिन्न प्रमाण पत्रों समेत क्षेत्रीय समस्याओं के निस्तारण के लिए अब ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। सतपुली तहसील समेत द्वारीखाल व रिखणीखाल प्रखंड में एसडीएम लैंसडौन को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे। नए निर्देशों लागू होने के बाद अब एसडीएम जनता को तहसील मुख्यालय में सप्ताह के तीन दिन ही मिल सकेंगे।

क्षेत्रीय ग्रामीण अपने हर छोटे-बड़े काम के लिए मीलों सफर तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचा करते थे। कई बार जानकारी के अभाव में एसडीएम के अन्यत्र क्षेत्र में होने के कारण ग्रामीणों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। तहसील का क्षेत्र विषम भौगोलिक क्षेत्र में बंटे होने के कारण कई बार ग्रामीणों के हजारों रुपये प्रमाण-पत्र बनवाने में खर्च हो जाते है। ग्रामीणों को इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए रिखणीखाल में पिछले दिनों आयोजित जनसभा कार्यक्रम के दौरान सीएम बीसी खंडूड़ी ने जिलाधिकारी गढ़वाल को निर्देश दिए की तहसील के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में एसडीएम को सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रूप से भेजा जाना सुनिश्चित किया जाए। सीएम के निर्देशों पर एसडीएम लैंसडौन ने सप्ताह के तीन दिन सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जाना का कार्य निश्चित कर लिया है।

डीएम पौड़ी एमसी उप्रेती ने बताया कि सीएम बीसी खंडूड़ी ने एसडीएम को सप्ताह में तीन तहसील के दूरस्थ क्षेत्रों में भेज कर जनसमस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए थे। सीएम को निर्देशों को लैंसडौन समेत जिले की सभी तहसीलों में लागू कर दिया है।
 

चमोली में विशिष्ट पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू

कर्णप्रयाग। सीमांत जनपद चमोली में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अंतर्गत भारत सरकार की आधार योजना के तहत विशिष्ट पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसके तह लोगों के बायोमेटरिक कार्ड बनाए जाने हैं।

मंगलवार को योजना के स्टेट कोआर्डिनेटर एम. त्रिपाठी ने बताया कि देश में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के मद्देनजर भारत सरकार की ओर से नागरिकों को आधार कार्ड व आधार नंबर दिये जाएंगे। इसके लिए डाक विभाग के कंप्यूटरीकृत शाखाओं पर निजी संस्था के सहयोग से कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में उत्तराखंड के 30 स्थानों पर कार्ड निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। जनपद चमोली के कर्णप्रयाग, चमोली, जोशीमठ व गोपेश्वर में लोगों को यूनिक आइडी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए लोगों को वोटर आइडी, राशन कार्ड, पैन कार्ड, लाइसेंस, स्थानीय निवास प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, पानी के बिल व विद्युत बिल में से एक को डाकघर में ले जाकर एक फार्म भरना है। डाकघर कर्णप्रयाग के उप डाकपाल ईश्वर प्रसाद ने बताया कि 11 नवंबर से शुरू विशिष्ट पहचान पत्र के लिए डाकघर में सुबह 9.30 से शाम 6 बजे तक लोग इससे संबधित जानकारी लेकर कार्ड बना सकते हैं।

 

गोपनीय टीम करेगी गायब शिक्षकों की जांच

नैनीताल। जिला शिक्षा अधिकारी ने रामगढ़ इंटर कॉलेज में विद्यालय से नदारद मिले तीन शिक्षकों से संबंधित जांच एक गोपनीय कमेटी को सौंप दी है। बताते चलें कि शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने रामगढ़ के इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान विद्यालय में केवल 12 बच्चे ही मिले थे और तीन शिक्षक भी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थे। तीनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। सोमवार को मामले की जांच एक गोपनीय कमेटी को सौंप दी गई है।
 

सर्द मौसम और बेघरों का दर्द : विस्थापन व पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं

नई टिहरी। जिले में दैवीय आपदा से प्रभावित बेघर ग्रामीणों को अब सर्द मौसम की चिंता सताने लगी है। शासन स्तर पर अभी तक ऐसे लोगों के विस्थापन व पुनर्वास के लिए कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है।

जिले में वर्ष 2010 व इस साल बरसात के समय दैवीय आपदा के चलते दर्जनों ग्रामीण बेघर हो गए थे। सरकारी स्तर पर आंशिक व पूर्ण क्षतिग्रस्त भवनों को दी जाने वाली सहायता राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। ऐसे में अब भला ग्रामीण कुछ करें भी तो कैसे। पहले ही पिछले वर्ष सितंबर माह में दैवीय आपदा की मार से अभी ग्रामीण उबरे भी नहीं थे कि इस साल बरसात ने उनके जख्मों को और भी हरा कर दिया। विडंबना देखें तो सरकार ने पूर्ण क्षतिग्रस्त भवन को पचास व आंशिक क्षतिग्रस्त को ढ़ाई हजार रुपये राहत राशि का प्रावधान रखा है। ऐसे में अब जहां गांवों में लोगों ने अपनी मेहनत से पक्के मकान किसी तरह बनाए हैं वह आपदा से ध्वस्त हो गए हैं। पचास हजार में पक्का मकान कैसे बन पाएगा अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रतापनगर के मदननेगी निवासी मोहन सिंह ने बताया कि दैवीय आपदा से इस साल उनका पक्का मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। करीब आठ लाख की लागत से किसी तरह उन्होंने इसका निर्माण कराया था लेकिन अब उनके पास रहने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। सरकार से जो राहत मिली है उससे कच्चा मकान भी नहीं बन सकता।

इस संबंध में डीएम एसए मुरूगेशन ने संवाददाता को बताया कि शासन से अनुमन्य राहत राशि सभी प्रभावित परिवारों को उपलब्ध करा दी गई है। दैवीय आपदा के मानकों के अनुरूप ही इसका वितरण सुनिश्चित किया गया है।
 

15 लाख का विद्युत बिल

पौड़ी गढ़वाल। रात के अंधेरे में रोशन पौड़ी शहर की रोशनी अब कभी भी अंधेरे में बदल सकती है। इसकी वजह 15 लाख का वह विद्युत बिल है, जिसे देखकर पालिका की हवा उड़ी हुई है। साथ ही ऊर्जा निगम ने पालिका से शहर में स्ट्रीट लाइटों की संख्या की वास्तविक जानकारी भी मांगी है।

बुआखाल से सर्किट हाउस तक करीब 16 किमी के दायरे में फैले पौड़ी शहर में च्वींचा, कांडई, प्रेम नगर, मल्ली रांई, बिचली रांई, चंदोला रांई, बैंजवाड़ी, कांडई गांव भी शामिल है। पालिका ने पूरे शहर में स्ट्रीट लाइटों की संख्या दो हजार बताई है, जबकि ऊर्जा निगम स्ट्रीट लाइटों की संख्या छह हजार पांच सौ बता रहा है। पालिका और ऊर्जा निगम में इसे लेकर लंबे समय से बहस भी चल रही है। ऊर्जा निगम अपनी गिनती में जहां साढ़े छह हजार स्ट्रीट लाइट बताता है तो पालिका इसे सिर्फ दो हजार बता रही है। गत चार महीने पहले तक पालिका को ऊर्जा निगम चार लाख का विद्युत बिल थमता था, लेकिन इस बार ऊर्जा निगम ने पालिका को 15 लाख का विद्युत बिल भेजा है और कनेक्शन विच्छेदन की तिथि 30 नवंबर दर्शा दी है। अधिशासी अधिकारी पालिका बदरी प्रसाद ने ऊर्जा निगम को पत्र भेजा है कि उन्हें करीब 10 लाख अधिक का बिल थमाया गया है और इसमें संशोधन किया जाए। जवाब में ऊर्जा निगम के उप खंड अधिकारी विद्युत वितरण हरीश नौटियाल ने पालिका को पत्र भेजा है कि पालिका वास्तविक स्ट्रीट लाइटों की संख्या दर्ज करवाए। पालिका यदि स्वयं स्ट्रीट लाइटों की संख्या नहीं बताती तो विद्युत विभाग अपनी सर्वे रिपोर्ट के अनुसार साढ़े छह हजार स्ट्रीट लाइटों का बिल पालिका को भेजती रहेगी। बहरहाल पालिका व ऊर्जा निगम में शीत युद्ध शुरू हुआ है और इसमें रातों को दूर से चमकते पौड़ी शहर की बत्ती कभी भी गुल हो सकती है।

पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद टम्टा ने बताया कि ऊर्जा निगम स्ट्रीट लाइटों की संख्या बहुत अधिक बता रहा है। शहर में सिर्फ 2 हजार स्ट्रीट लाइट ही हैं और पालिका उसका ही भुगतान करेगी। बिल में विद्युत विभाग को संशोधन करना ही चाहिए।
 

तस्करों पर पार्क प्रशासन मेहरबान : संदेह के घेरे में

देहरादून।  गोविन्द पशु विहार क्षेत्र में जड़ी बूटियों की तस्करी करने वालों पर पार्क प्रशासन ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रहा है। बूटियों के साथ अभी तक जितने भी तस्कर पकड़े गए हैं वह अन्य क्षेत्र में पकड़े गए हैं। यहां बहुमूल्य वन संपदा होने के कारण प्रतिबंध क्षेत्र घोषित है। बावजूद इसके दुर्लभ जड़ी बूटियों को तस्कर मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। इससे पार्क प्रशासन कार्यशैली हमेशा ही संदेह के घेरे में रही है।
 
पृथक राज्य बनने के बाद से गोविंद पशु विहार क्षेत्र में तस्करों की सेंधमारी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। वे आम तौर पर स्थानीय लोगों की मदद से आलू से लदे ट्रकों में बोरियां भरकर देहरादून, दिल्ली, चंडीगढ़ व सहारनपुर की मंडियों तक पहुंचाते हैं। इस गोरखधंधे में स्थानीय लोग फंस रहे हैं, जबकि बड़े मगरमच्छ पकड़ में नहीं आते हैं। पार्क प्रशासन की बाधाओं को पार कर और पुलिस की नजर से बचकर कौडिय़ों के भाव खरीदी गई जड़ी बूटी लाखों का सामान बन जाती है। अब तक करीब दस कुंतल जड़ी बूटी पुलिस के हाथों पुरोला, नौगांव, डामटा व बर्निगाड आदि स्थानों पर ही पकड़ी जा चुकी है, लेकिन पार्क प्रशासन ने इस अवैध तस्करी को कभी गंभीरता से नहीं लिया। पार्क प्रशासन की लापरवाही व मिली भगत का आलम यह है कि नैटवाड़ में विभागीय बैरियर सहित राजस्व व वन विभाग के मोरी और जरमोला में चार बैरियरों को तस्कर आसानी से पार कर जाते हैं। इससे पार्क प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है।
 
जड़ी बूटियों के अवैध दोहन व तस्करी के मामलों में तस्कर स्थानीय ग्रामीणों व नेपाली मूल के कुछ रसूखदार लोगों की मिली भगत से काम कर रहे हैं। उसे रोकने के लिये पार्क प्रशासन अपनी ओर से पूरे प्रयास कर रहा है। पार्क से जुड़े किसी भी कर्मचारी की तस्करों के साथ मिलीभगत की जांच की जाएगी और ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी- जीएन यादव, उपनिदेशक, गोविंद पशु विहार।
 

गुलदारों की कब्रगाह बना उत्तराखंड

देहरादून। उत्तराखंड में गुलदारों की मौत का सिलसिला आखिर कब थमेगा। वन विभाग समेत तमाम संबंधित महकमे गुलदारों की तरफ बढ़ती मौत को नहीं रोक पा रहे हैं। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दस सालों में 610 गुलदार मारे गए हैं। हर साल गुलदारों की मौत का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है।

उत्तराखंड में हर साल बड़ी संख्या में गुलदार मौत के मुंह में समा रहे हैं और वन महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठा है। वन विभाग का यही आलम रहा तो आने वाले दिनों में गुलदार शायद ही कहीं नजर आएं। राज्य बनने के बाद से अवैध शिकार, दुर्घटनाएं और प्राकृतिक मौत के चलते 610 गुलदार मारे गए हैं। यह तो सिर्फ वह आंकड़े हैं जो सामने आए हैं। न जाने कितने गुलदारों की मौत का सच तो सामने ही नहीं आ पाया। वर्ष 2000 में मात्र पांच गुलदार मारे गए थे, जबकि इस वर्ष अभी तक 54 गुलदार मारे जा चुके हैं।

डब्ल्यूपीएसआइ के उत्तराखंड हेड राजेंद्र अग्रवाल बताते हैं कि इस वर्ष अभी तक 40 खालें बरामद की गई हैं। प्रदेश में गुलदारों का अवैध शिकार किया जा रहा है, लेकिन वन विभाग इस पर रोक नहीं लगा पा रहा है। वर्ष 2008 में प्रदेश में कुल 2335 गुलदारों को चिह्नित किया था, लेकिन आज अगर चिह्नीकरण किया जाए तो गुलदारों की संख्या काफी कम होगी।
 
गढ़वाल मंडल के प्रमुख वन संरक्षक डीबीएस खाती ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि गुलदारों को बचाने के लिए व्यापक प्रयास चल रहे हैं। अवैध शिकार सबसे बड़ी समस्या है, उस पर रोक लगनी जरूरी है।
 

लालजीवाला भगदड़ हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू

हरिद्वार। लालजीवाला भगदड़ हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी गई है। एडीएम (प्रशासन) ने शुक्रवार को घटनास्थल जाकर पड़ताल की। शांतिकुंज से जुड़े एक चिकित्सक का भी बयान दर्ज किया गया। इधर, कोतवाली में दर्ज मुकदमे के लिए पुलिस अभी आईओ तय नहीं कर पाई।
 
आचार्य श्रीराम शर्मा जन्मशताब्दी महोत्सव में महायज्ञ के दौरान यज्ञशाला के बाहर हुई भगदड़ की औपचारिक जांच शुक्रवार को शुरू हो गई। इस हादसे में 20 गायत्री साधक की मौत हो गई थी। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम (प्रशासन) गिरधारी सिंह रावत को सौंपी गई है।
 
शुक्रवार को एडीएम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। शांतिकुंज से जुड़े चिकित्सक घनश्याम शर्मा के बयान दर्ज किए गए। घायलों के बयान लेने एडीएम जिला चिकित्सालय भी पहुंचे, लेकिन वहां कोई घायल नहीं मिला। चिकित्सालय में मौजूद स्टाफ ने उन्हें बताया कि तीन घायलों को लाया गया था, जिन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
 
एडीएम ने बताया कि सभी पहलुओं की जांच कर साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। घटना के संबंध में कोई भी व्यक्ति लिखित या मौखिक जानकारी उनके कार्यालय में उपलब्ध करा सकता है। इधर, यज्ञ आयोजकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस की जांच अब तक शुरू नहीं हुई है। नगर कोतवाली से इस संबंध में पत्रावली एसपी सिटी कार्यालय में गुरुवार को ही मंगा ली गई थी, लेकिन अब तक आईओ (इन्वेस्टिगेशन अफसर) तय नहीं हो पाया। एसएसपी पुष्कर सिंह सैलाल का कहना है कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। मजिस्ट्रेटी जांच में ही स्थिति साफ हो जाएगी। इसके आधार पर पुलिस कार्रवाई शुरू होगी।
 
पूर्व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (क्राइम) केपी शर्मा ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि किसी घटना की मजिस्ट्रेटी जांच हो रही है तो ऐसा नहीं है कि पुलिस इससे संबंधित आपराधिक मामले की जांच नहीं कर सकती। बशर्ते की मजिस्ट्रेट या कोर्ट ने इस पर कोई रोक न लगाई हो।
 

कोसी बैराज पुल अब भारी वाहनों के लायक नहीं

रामनगर। हल्द्वानी को नगर से जोडऩे को कोसी बैराज पर बना एक मात्र पुल गत वर्ष आयी आपदा एवं लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से अब सुरक्षित नहीं रह गया है। इसे दुरुस्त कराने के लिये विभाग ने जो राशि मांगी थी वह भी आधी अधूरी ही मिली है। यदि यहां जल्द ही पुख्ता निर्माण कार्य नहीं कराये गये तो यह पुल कोसी में दुबारा बाढ़ आने पर वाहनों के लिये खतरा साबित हो सकता है।

वर्ष 1972 कोसी बैराज का शिलान्यास उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री रहे पं. नारायण दत्त तिवारी ने किया था। तभी इस बैराज पर नगर को हल्द्वानी के साथ कुमाऊं के बड़े शहरों से जोडऩे के लिये एकल मार्ग पुल का भी निर्माण किया गया। इस पुल पर प्रतिदिन एक हजार से अधिक छोटे एवं भारी वाहनों की आवाजाही होती है। पुल लगभग 40 सालों से भारी वाहनों का बोझ झेल रहा है। बीते वर्ष 18 सितंबर को आयी बाढ़ से पुल की चूल तक हिल गयी। एक समय तो इसके नदी के आवेग में ही बह जाने का खतरा उत्पन्न हो गया था। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता यूएस रौतेला ने बताया कि इस बैराज की क्षति एवं पिचिंग को मजबूत करने के लिये तभी शासन से ढाई करोड़ की राशि दैवीय आपदा निधि से दिलाने के लिये प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव की आधी से भी कम राशि अब तक नहीं मिली है। जिससे इस बैराज की मरम्मत के काम आज भी पूरे नहीं हो पाये हैं। विभाग अब दुबारा 88 लाख का एक नया प्रस्ताव शासन को भेज रहा है। उम्मीद है कि इस बजट से पुल को पुख्ता रूप से दुरुस्त कर लिया जायेगा। पर विभाग की यह मंशा तभी संभव है जब शासन विभाग के प्रस्ताव पर जल्द सुनवायी कर उसे बजट आवंटित करे। जिससे अगली मानसून से पहले ही यहां निर्माण कार्य भी पूर्ण हो सकें ।

मुख्मंत्री भुवन चन्द्र खंडूड़ी ने अपने कार्य काल की पहली पारी में 10 जनवरी 2009 को 19 करोड़ की लागत से कोसी नदी पर हल्द्वानी को जोडऩे के लिये 360 मीटर लम्बे एक नए पुल की आधार शिला रखी थी। वन विभाग से भूमि हस्तान्तरित होने के बाद हैदराबाद की एक फर्म को इसके निर्माण का ठेका भी मिल गया । पर खंड़ूड़ी के कुर्सी से हटते ही इसका निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में चला गया। अब उनके दुबारा कुर्सी संभालने के बाद इस पुल के निर्माण की एक बार हलचल फिर शुरू हो गयी है। क्षेत्र वासियों का कहना है कि यदि उक्त पुल बन जाता है तो उन्हें काफी सहूलियत होगी।
 

भीमताल-हल्द्वानी राजमार्ग बड़े वाहनों के लिये खुला

नैनीताल । लंबे इंतजार के बाद हल्द्वानी-भीमताल मार्ग गुरुवार को बड़े वाहनों के लिये खोल दिया गया। मार्ग के खुल जाने से वाहन चालकों के साथ साथ यात्रियों ने भी राहत की सांस ली है। भीमताल से तीन किमी की दूरी पर 16 अगस्त को हुई अतिवृष्टि से बोहराकून के पास लगभग 30 मीटर मार्ग टूट गया था। तब से लोक निर्माण विभाग और प्रशासन ने इस मार्ग से बड़े वाहनों के गुजरने पर रोक लगाई थी। मार्ग को केवल छोटे वाहनों के लिये खोला गया था। मार्ग के बंद होने के कारण अल्मोड़ा, धानाचूली, पदमपुरी को आने जाने वाले यात्रियों को भवाली च्योलीकोट होकर जाना पड़ रहा था। मार्ग के बंद हो जाने के कारण टैक्सी चालकों के द्वारा भी किराये को लेकर मनमानी की जा रही थी। इस परेशानी पर विकास भवन कर्मचारियों ने भी शिकायत दर्ज की थी। लोक निर्माण विभाग ने गुरुवार को विधिवत खोलने की घोषणा की ।
 
बोहराकून के पास क्षतिग्रस्त मार्ग को भली भांति ठीक करने की कवायद प्रारंभ कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग के सूत्रों की माने तो लोक निर्माण विभाग उपखंड भवाली ने मार्ग को ठीक से सुचारु रखने के लिये किमी 14 से किमी 12 तक दो किमी नये मार्ग के निर्माण के लिये प्रथम चरण का 92 लाख का प्रस्ताव अभियंता को भेज दिया है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है, तो 132 केवी लाइन के दो पोलों के पीछे से नये मार्ग का निर्माण किया जायेगा।
 

प्रदेश सरकार को भ्रष्टाचार का पर्याय बताया

देहरादून। कांग्रेस ने आज्रधिवक्ताओं के सम्मेलन में राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए उसके द्वारा लाए गए लोकायुक्त बिल को बिना दांत का शेर करार देते हुए प्रदेश सरकार को भ्रष्टाचार का पर्याय बताया। विधान सभा चुनाव के मुद्देनजर कांग्रेस ने आज यहां ईसी रोड स्थित अधिवक्ता सम्मेलन में सत्तारूढ़ भाजपा पर नजला झाड़ते हुए उस पर जोरदार हल्ला बोला। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी चौधरी विरेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार की बात कर रही है लेकिन खुद उसके मंत्री भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। उन्होंने सरकार द्वारा पारित लोकायुक्त बिल पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए उसे दंत विहीन करार दिया। साथ ही कहा कि इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए कांग्रेस के हाथों को मजबूत करना सभी वर्गों के हाथों में है और अधिवक्ता इस काम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं का आभार भी व्यक्त किया। टिहरी सांसद विजय बहुगुणा ने भी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार लोकायुक्त बिल चुनावी लाभ के लिए आनन फानन में लेकर तो आ गई है किन्तु इसमें जनता की कोई राय नहीं ली गई और न ही सभी राजनीतिक दलों से कोई मशविरा किया गया। इस लोकायुक्त बिल में उन्होंने सैकड़ों खामियां गिनाते हुए कहा कि वास्तव में यह लोकायुक्त भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर सिद्ध नहीं होगा। उन्होंने लोकायुक्त के दायरे में जजों को लाने पर भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी।वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वार करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के कई मंत्री और नेता भ्रष्टाचार के मामलों में घिरे हैं। अब सरकार उन्हें बचाने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम छेडक़र ढकोसला कर रही है। नेता प्रतिपक्ष डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार की बात तो कर रही है लेकिन इस सरकार के वर्तमान मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अधिवक्ताओं का आह्वान किया कि वे कांग्रेस के हाथों को मजबूत करें। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के सदस्यों ने ज्यूडिशियरी और कचहरी को एक ही स्थान पर रखे जाने व

हाईकोर्ट की बैंच दून व हरिद्वार में स्थापित करने सहित विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रदेश प्रभारी चौधरी विरेन्द्र को दिया। इस अवसर पर बार काउंसिल के अध्यक्ष महेन्द्र पाल चौहान, दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कण्डवाल, पूर्व सचिव पृथ्वीराज चौहान, पूर्व अध्यक्ष राजपाल सिंह पुण्डीर, संजय शर्मा, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, उमेश शर्मा काऊ, दिनेश अग्रवाल, सूर्यकांत धस्माना, अशोक वर्मा, रजिया बेग आदि बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
 

CM visited Kicha, Udham Singh Nagar - 10/11/11

Kicha Chief Minister Major General (Retd.) Bhuwan Chandra Khanduri dedicated to the people and laid foundation stones of a number of development schemes worth Rs. 32 crores 26 lakhs and 24 thousand, at a programme organised at the Indira Gandhi Sports Ground at Kichha, under the Rudrapur-Kichha Assembly Constituency area, on Thursday. On the occasion, he said that support price for sugarcane would be announced in a day or two, and the pending payment of 10 crore rupees would be made soon for sugarcane cost of the last crushing season.

Addressing a public meeting, Chief Minister Shri Khanduri said that besides promoting various development and public welfare measures, the State Government has waived off its share of tax on petrol to make it cheaper by 45 paise for consumers who are reeling under repeated hike in petrol prices being done by the Centre.

On the occasion, Shri Khanduri explained the various steps initiated by the Government to eradicate corruption, and promote good governance and public service in the State. He said that several decisions have been taken in public interest in the direction of promoting good governance and corruption-free administration through bringing about a citizens charter provision, details of assets, and the Ombudsman, among others. He said that corruption is the main issue and to deal with it, the cooperation of the general public and their participation and cooperation is essential. Only then an overall change can be brought about in the scenario. He said that it is only through ridding the system of corruption that Uttarakhand can move ahead on the path as a cultured and developed state.

During his visit, the Chief Minister dedicated to the people, road reconstruction and strengthening work on 4.50 km motor road, with change from 19.5 km stone to 24 km, in Industrial Estate Phase I of Majhola-Mornaula road under the infrastructure amenities in Eldeco Sidcul Industrial Park Sitarganj constructed at a cost of Rs. 584.71 lakhs, and strengthening of internal link roads in village Bhurarani at a cost of Rs. 32.27 lakhs. In addition, Chief Minister Khanduri dedicated to the people two other development schemes which include the lining of guhls (minor irrigation canals), to make irrigation facilities available to Boksa tribe dominated areas, under the AIBP (TSP) scheme of lining construction of a total of 5 canals, under the Bazpur development block at a cost of Rs. 199.69 lakhs, and the first phase of construction of the Central Jail, Sitarganj at a cost of 1972.06 lakhs.

Besides, the Chief Minister laid foundation stones of development schemes which include repair and reconstruction of Kichha – Nagla Road at a cost of Rs. 50 lakh, improvement of Ring Road in Awas Vikas Rudrapur and construction of a divider as well as 0.7 km of road construction work in Friends Colony, repair on National Highway No. 74 at a cost of Rs. 1.49 crore, rural roads being constructed by the Sugarcane Department in Bazpur region at a cost of Rs. 67.55 lakh and construction work of sports facilities including basketball, volleyball and lawn tennis courts in Rudrapur Stadium to be built at a cost of Rs. 25 lakh.

Those who were present on the occasion include Deputy Chairman of 20-Point Programme Implementation Committee and MLA Harbhajan Singh Cheema, former Chief Minister Bhagat Singh Koshiyari, former Union Minister Bachi Singh Rawat, former Health Minister Ajay Bhatt, Deputy Chairman of Urban Development Monitoring Committee Pushkar Singh Dhami, Municipal Board chief Anju Jaiswal, District Magistrate PS Jangpangi, DIG of Police Abhinav Kumar, acting CDO Bal Krishna, District Development Officer RC Tiwari, BJP leaders, local residents and administrative, police and departmental officials, among others.

 

रक्षामंत्री एके एंटनी ने किया ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग रेल लाईन का शिलान्यास

गौचर। बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग के बीच बनने वाली रेलवे लाइन का आज यहंा एक भव्य कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री एके एंटनी द्वारा शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी तथा रेल राज्यमंत्री भरत सिंह सोलंकी के अलावा राज्य के सभी कांग्रेस सांसद और प्रमुख नेता मौजूद थे। बीमारी के चलते यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकी।

रक्षामंत्री एके एंटनी ने शिलान्यास के बाद अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तराखण्ड में बनने वाली यह रेलवे लाइन सिर्फ इस राज्य के लिए ही नहीं बल्कि देशभर के लिए अत्यन्त महत्वकांक्षी योजना और इसके पूर्ण होने से पूरे देश के लोगों को लाभ होगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाय कि इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूरा कराया जाएगा। इस अवसर पर इस परियोजना के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कांग्रेस सांसद सतपाल महाराज ने कहा कि यह

रेलवे लाइन राज्य के लोगों के लिए जीवन रेखा बनेगी तथा इस परियोजना के पूरे होने पर प्रदेश को पर्यटन, उद्योग और रोजगार तथा सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। इस अवसर पर सांसद विजय बहुगुणा ने कहा कि इस रेलवे लाइन के उद्घाटन के साथ ही प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। पहाड़ के लोगों का एक बहुप्रतीक्षित सपना कि पहाड़ों में भी रेलगाड़ी दौड़े अब पूरा होने जा रहा है। केन्द्रीय राज्यमंत्री मंत्री हरीश रावत ने कहा कि इस रेल परियोजना से प्रदेश के विकास में नई क्रांति आएगी और देश के अन्य भागों से अलग थलग पड़ा यह पर्वतीय राज्य राष्ट्रीय विकास के मुख्यधारा से जुड़ेगा। इस अवसर पर बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि वह इसके लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रदेश के सभी सांसदों को बधाई देते हैं जिनके प्रयासों से यह सपना साकार हो सका है। इस अवसर पर सांसद विजय बहुगुणा ने सोनिया गांधी द्वारा भेजा गया वह पत्र भी पढ़ाया जिसमें उन्होंने इस महत्वाकंाक्षी योजना के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। इस अवसर पर नेताप्रतिपक्ष हरक सिंह रावत तथा अन्य नेताओं ने भी सभा को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों की भीड़ थी।
 
उपस्थित लोगों में प्रदेश प्रभारी चौधरी विरेन्द्र सिंह, सह प्रभारी अनीस अहमद, आरसी खुडिय़ा,सांसद केसी बाबा, प्रदीप टम्टा, विधायक प्रीतम सिंह, इंदिरा हृदयेश, लालचन्द शर्मा, राजीव महर्षि सहित अनेक कांग्रेसी मौजूद थे। 
 

वीवीआइपी फ्लीट वाहन की टक्कर से महिला की मौत

गौचर(चमोली)। गौचर में रेलवे लाइन शिलान्यास कार्यक्रम के बाद वीवीआइपी फ्लीट में चल रहे वाहन की टक्कर से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। फ्लीट में चल रही एम्बुलेंस के डाक्टरों ने महिला को प्राथमिक उपचार देकर श्रीनगर बेस अस्पताल भेजा, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बुधवार को गौचर हेलीपैड पर रेलवे लाइन का शिलान्यास किया गया। जनसभा समाप्त होने के बाद वीवीआइपी फ्लीट में चल रहे वाहन की टक्कर से देवकी देवी पत्नी कुंदन सिंह नेगी निवासी गोपेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गई। इस दौरान फ्लीट में चल रही एम्बुलेंस के डॉक्टरों ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद उसे श्रीनगर बेस अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
 

मुख्यमंत्री गुरूवार 10 नवम्बर, 2011 को जनपद अल्मोड़ा तथा किच्छा, ऊधमसिंहनगर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे

देहरादून। मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से$नि$) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी गुरूवार 10 नवम्बर, 2011 को जनपद अल्मोड़ा तथा किच्छा, ऊधमसिंहनगर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी के गुरूवार को राज्य मुख्यालय से बाहर रहने पर जनता मिलन कार्यक्रम स्थगित रहेगा। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी प्रात: अल्मोड़ा के लिए रवाना होंगे, जहां वे प्रात: 10$30 बजे सर्किट हाउस अल्मोड़ा में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद रैमजे इंटर कालेज अल्मोड़ा में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी अल्मोड़ा के बाद ऊधमसिंहनगर में किच्छा चीनी मिल के गेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी खेल मैदान में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री श्री खण्डूड़ी देर सायं देहरादून वापस लौट आयेंगे। 

पीएनबी में जमा होंगे बिजली के बिल

गोपेश्वर। बिजली के बिलो को जमा करने के लिए ऊर्जा निगम के के काउंटरों पर लगने वाली भीड़ से उपभोक्ताओं को निजात मिलने वाली है। शासन स्तर पर ऊर्जा निगम व पीएनबी के बीच हुए एमओयू के बाद अब उपभोक्ता पीएनबी की शाखा में अपने विद्युत बिल जमा कर सकेंगे।

अब तक जिले के उपभोक्ताओं को अपने विद्युत बिलों को जमा कराने के लिये प्रत्येक दो माह में ऊर्जा निगम के कैश काउंटरों पर लाइन लगानी पड़ती थी। उपभोक्ताओं के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि सौ रुपये के बिल के भुगतान के लिये उनको दौ सौ रुपये वाहन का किराया देकर वहां पहुंचना पड़ता था। इसकी की मार सबसे ज्यादा जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर पड़ती थी।

अब शासन स्तर पर ऊर्जा निगम व पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बीच हुए एमओयू के बाद उपभोक्ता पास की ही पीएनबी शाखा में विद्युत बिल जमा करा सकेंगे। इसके अलावा बैंक विहीन क्षेत्रों में विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए कैंप के माध्यम से भी बिल जमा कराने की व्यवस्था की है।
 
विद्युत वितरणखंड के अधिशासी अभियन्ता बीएस पवांर ने संवाददाता को बताया कि ऊर्जा निगम व पंजाब नेशनल बैंक के बीच ऊपरी स्तर पर एमओयू हो चुका है। इसके तहत जल्दी ही जिले के उपभोक्ता नजदीकी पीएनबी की शाखाओं में विद्युत बिल जमा कर सकेंगे। इसके अलावा जिन क्षेत्रो में बैंक की शाखा नहीं है, वहां कैंप के माध्यम से बिल जमा कराए जाएंगे।
 

भाजपा विधायक समेत कइयों को लिया हिरासत में

गौचर(चमोली)। ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को लेकर चल रही श्रेय की राजनीति बुधवार को भी देखने को मिली। बुधवार को भाजपा विधायक अनिल नौटियाल समेत दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के गौचर आने की सूचना पर कार्यक्रम स्थल पहुंचे और विरोध में प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में कार्यक्रम समाप्ति के बाद उन्हें रिहा किया।

भाजपाईयों का कहना था कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के निर्माण की पहल भाजपा सरकार ने की है, लेकिन श्रेय लेने के लिए कांग्रेस नियम विपरीत शिलान्यास करा रही है। कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल का कहना है कि अभी तक रेलवे लाइन के लिए भूमि चयन किया ही नहीं गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि शिलान्यास का यह पत्थर कहां लगाया जाएगा। विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा उत्तराखंड के साथ विकास के नाम पर छलावा किया है और अब बिना जमीनी कार्यवाही किये ही रेलवे लाइन के निर्माण का प्रचार कर कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक कर उन्हें कालेश्वर ले जाकर दिन भर हिरासत में रखा। सायं चार बजे कार्यक्रम समाप्ति के बाद प्रदर्शनकारियों को छोड़ा। प्रदर्शनकारियों में विधायक के अलावा भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद डिमरी, प्रकाश शैली, अनूप नेगी, प्रेम सिंह राणा, नवीन नवानी, हेमंत, शांति गुसांई कर रहे थे।

 

लोकायुक्त के विरोध में फूंका सीएम का पुतला

नई टिहरी। यूकेडी ने लोकायुक्त बिल के विरोध में उक्रांद ने प्रतापनगर में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री खंडूड़ी ने राजनीतिक पार्टियों, सिविल सोसाइटी एवं जनता की राय लिए बिना राजनीतिक लाभ के लिए अपने मंत्रीमंडल से लोकायुक्त बिल पास कराकर राष्ट्रपति को भेजा है।
 
वरिष्ठ नेता रामचन्द्र बिष्ट ने कहा कि लोकतंत्र में सारे निर्णय बहुमत के आधार पर तय होते है किंतु इस बिल में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक एंव उच्च अधिकारियों का भ्रष्टाचार तभी साबित होगा, जब लोकायुक्त समिति के सभी सदस्यों की एक राय होगी इसलिए इस बिल का कोई औचित्य नहीं है। पुतला फूंकने वालों में ब्लाक अध्यक्ष उमेद सिंह, भगवान सिंह, नारायण सिंह आदि शामिल थे।
 

महिला को बेहोश कर भतीजी को किया अगवा

रुद्रपुर । चालक ने जीप में सवार महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर अपने साथियों की मदद से उसकी भतीजी को अगवा कर लिया है। चार दिन बाद होश में आई महिला ने मामले की तहरीर पुलिस को दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

किच्छा बाईपास रोड स्थित संजय नगर खेड़ा निवासी राजवती पत्नी बाबूराम ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि 30 अक्टूबर को वह बरेली सेंट्रल जेल में अपने सजायाफ्ता भाई राकेश से मिलने जा रही थी। उसके साथ राकेश की पुत्री लीला भी थी। जब वह लीला के साथ किच्छा पहुंची तो बरेली के लिए जीप में बैठ गई। जीप में तीन युवक व एक महिला पहले से सवार थे। रास्ते में जीप चालक ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया और उसकी भतीजी लीला को साथ लेकर उसे किच्छा से पुलभट्टा के बीच फेंक दिया। परिजनों की सूचना मिलने पर वह उसे बेहोशी की हालत में घर ले आए। करीब चार दिन बाद चार नवंबर को उसे होश आया। महिला ने पुलिस से भतीजी की बरामदगी की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है

 

ग्रामीणों के सवालों पर सेना की चुप्पी

गोपेश्वर। भारत-तिब्बत सीमा पर देश के अंतिम गांव माणा में सेना के उच्च अधिकारियों द्वारा 2008 में गुपचुप तरीके से निजी ट्रस्ट को बेची गई 26 नाली भूमि वापस न मिलने से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि 1962 में युद्ध के बाद उन्होंने देश की सुरक्षा की खातिर यह भूमि सहर्ष सेना को दे दी थी। लेकिन यदि अब सेना को भूमि की जरूरत नहीं, तो उसे ग्रामीणों को वापस क्यों नहीं लौटाया जा रहा।

गौरतलब है कि 1962 में युद्ध के बाद रक्षा मंत्रालय ने माणा के ग्रामीणों की 26 नाली भूमि सैन्य प्रयोजन के लिए ली थी। अनुसूचित जनजाति के ग्रामीणों ने भी यह भूमि सहर्ष सेना को दे दी थी। मगर, वर्ष 2008 में सेना ने जमीन ग्लेशियर प्वाइंट पर होने का तर्क देते हुए हरिद्वार निवासी सचिन अग्रवाल को 1.21 लाख रुपये प्रति नाली की दर पर बेच दी। भूमि की रजिस्ट्री सेंट्रल कमांड की ओर से दी गई पावर आफ आटर्नी के आधार पर सेना के कर्नल नीरज चौधरी ने कराई थी।

माणा के ग्रामीण तब से सवाल उठा रहे हैं कि यदि सेना को यह जमीन बेचनी थी, तो उनसे जमीन ली ही क्यों गई। यदि देशहित में जमीन बेचना जरूरी था, तो सरकारी नियमों के अनुसार नीलामी क्यों नहीं कराई गई। फिर सीमा क्षेत्र में अनुसूचित जाति के लोगों की यह जमीन निजी ट्रस्ट को बेचने के पीछे सैन्य अधिकारियों की क्या मंशा थी। यदि सैन्य प्रयोजन के लिए यह जमीन नहीं चाहिए थी, तो गांव के पैतृक संपत्ति धारकों को क्यों वापस नहीं की गई।
 
साथ ही, भूमि की रजिस्ट्री कराने वाले जोशीमठ तहसील के जिम्मेदार अधिकारी क्या सरकारी नियमों से अनविज्ञ थे। ग्रामीणों के ये सवाल सेना व प्रशासन के अफसरों को लगातार कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, लेकिन तीन साल बाद भी इनका जवाब नहीं मिल सका है।
 

स्वीकृति दो की : लाभ एक का भी नहीं

अल्मोड़ा। ताड़ीखेत ब्लाक के दूरस्थ छोर के गांवों का सडक़ के लिए चल रहा इंतजार फिलहाल जल्द खत्म होने की उम्मीद नहीं है। इसका कारण कार्य में लटकाव है। ब्लाक के छोर के पोखरी व अन्य गांवों के लिए दो स्थानों से सडक़ स्वीकृत है, किंतु बात एक तरफ से भी नहीं बनी है। इस स्थिति से छोर के गांवों की करीब डेढ़ हजार की आबादी प्रभावित हुई है।

बताते चलें कि ताड़ीखेत विकासखंड के छोर पर एक पहाड़ी पर पोखरी-डीना तथा इनके आसपास ज्याड़ी, बोहरागांव व सगदीना आदि गांव स्थित हैं। सडक़ असुविधा से यह गांव लंबे समय से परेशान हैं और सडक़ से जुडऩा अभी तक सपना ही बना है। इसी समस्या से खिन्न होकर इन गांवों से साल-दर-साल परिवारों का पलायन भी होता रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार पोखरी, डीना व सगदीना से करीब दो दर्जन से अधिक परिवार अब तक पलायन कर गए हैं। सडक़ के कारण कृषि उत्पादों को बेचने के लिए बाजार तक ले जाना भी मुश्किल भरा काम है। इन गांवों के लिए एक दशक पहले सडक़ खैरना से स्वीकृत हुई। खैरना-ज्याड़ी-पोखरी नामक यह सडक़ 5 किमी बननी है। जिसके लिए करीब 69 लाख रुपये की स्वीकृति है। इसका निर्माण गत वर्ष भुजान से शुरू हुआ। करीब सालभर में यह सडक़ सिर्फ दो किमी कट पाई है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि हाल की आपदा के बाद से इस सडक़ का काम भी बंद है। सबसे ऊपर स्थित पोखरी गांव के लोगों ने बताया कि सडक़ के नाम में पोखरी तो शामिल है, किंतु यह सडक़ पोखरी तक नहीं पहुंच रही है। काकिंतु पोखरी गांव तक नहीं पहुंचेगी, क्योंकि इसका सर्वे बोहरागांव से खुस्यालकोट को हुआ है। पोखरीवासियों को चौबटिया-कुनेलाखेत सडक़ के विस्तारीकरण से उम्मीद जगी थी, लेकिन इस काम में वन अधिनियम के कारण लटकाव है। मालूम हो कि चौबटिया-कुनेलाखेत सडक़ का 8 किमी विस्तार के लिए 112 लाख स्वीकृति हो चुकी है, इसी विस्तारीकरण के तहत पोखरी व उसके आसपास के गांव सडक़ से जुड़ते किंतु लटकाव के कारण फिलहाल यह उम्मीद भी धरी है। इधर लोनिवि के ईई केएस असवाल ने बताया कि भुजान से बन रही सडक़ का रुका काम जल्द शुरू किया जाएगा और वन अधिनियम के तहत स्वीकृति मिलते ही विस्तारीकरण का काम भी शुरू किया जाएगा।

 

गायत्री महाकुंभ में भगदड़, 22 की मौत : दर्जनों घायल, प्रशासन ने की सिर्फ पांच मौतों की पुष्टि

हरिद्वार। हरिद्वार के शांतिकुंज में गायत्री महाकुंभ में मंगलवार को भगदड़ मचने से कम से कम 22 लोगों के मारे जाने की खबर है। जबकि तीन दर्जन से  ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
 
हालांकि उत्तराखण्ड प्रशासन और शांति कुंज प्रबंधन ने मौतों व भगदड़ की किसी भी खबर की पुष्टिï नहीं की है, लेकिन पत्रकारों व मीडिया छायाकारों ने कम से कम 16 शवों को अपनी आखों से देखा जिनमें से कइ्र की तस्वीरें लेने में भी वे कामयाब रहे। सभी घायलों को इस आयोजन के लिए बनाए गए विभिन्न चिकित्सालयों में भर्ती कराया गया है।  प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर बचाव व राहत दल का कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि शांतिकुंज में जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है। लाखों श्रद्धालु महाकुंभ में आरती के लिए जाने के लिए तैयार हो गए। पुल पर से गुजरने के दौरान अचानक भीड़ बढ़ गई। जिसकी वजह से भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि इस हादसे में कई महिलाएं और बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए है। प्रशासन ने बताया कि पंडित श्रीराम शर्मा जन्म शताब्दी समारोह में पिछले तीन दिन से कार्यक्रम चल रहा था। कहा जा रहा है कि शांतिकुज में गायत्री महाकुंभ के समारोह में करीब पांच लाख लोग मौजूद थे। हालांकि उत्तराखंड डीजीपी ने किसी भी श्रद्धालु के मारे जाने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी भगदड़ नहीं मची है। उन्होंने कहा कि दम घुटने से कुछ लोग बेहोश हो गए। दूसरी ओर प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक शांति कुंज में स्ािापित की गई मुख्य यज्ञशाला में दम घुटने की सूचना मिलने से वहां भगदड़ मच गई। इस समय हजारों लोग यज्ञशाला में जाने के लिए बाहर खड़े थे। भगदड़ में बच्चे व महिलाएं व बूढ़े सबसे ज्यादा कुचले गए।  
 
 
धर्मनाथ की 65 वर्षीय पत्नी ब्रजकुमारी  व मुंगेर निवासी 50 वर्षीय अरुण कुमार लोगों के पैरों के नीचे कुचल कर मारे गए। दुर्घटनास्थल पर मौजूद नारायण सिंह ने बताया कि उनकी बहू पचास वर्षीय उर्मिला भी इस घटना में मौत का शिकार हो गई। बेगुसराय के अजय कुमार ने आरएनएस संवाददाता से बातचीत में बताया कि उनके साठ वर्षीय पिता राम चंद्र गुप्ता भी भगदड़ में लोगों के पैरों तले कुचल कर मारे गए। जब मीडिया कर्मी घटना की जानकारी पाकर वहां पहुंचे और जानकारी लेने व फोटो खींचने का प्रयास किया तो गायत्री परिवार के स्वयं सेवकों ने उन्हें राकने का प्रयास किया इस जगह पर मीडियाकर्मियों व स्वयंसेवियों में धक्का मुक्की भी हुई। बाद में शांतिकुंज प्रबंधन ने आनन फानन में प्रेसवार्ता करके बताना चाहा कि घटना मामूली थी। बताया जा रहा है कि गायत्री महाकुंभ में व्यवस्थाओं का सारा जिम्मा स्वयंसेवकों ने ही संभाल रखा है। पुलिस व स्थानीय प्रशासन को आयोजन से दूर ही रखा गया है। इस आयोजन में लगभग पांच लाख लोगों के हिस्सा लेने की खबर है।
 

चार माह से बंद पड़ा मोटरमार्ग : परेशानी

नई टिहरी। भिलंगना प्रखंड में क्षेत्र की दो पट्टियों के लोगों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने वाला मूलगढ़-धमातोली मोटर मार्ग चार माह से बन्द पड़ा है जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र ही मार्ग यातायात के लिए सुचारू न करने पर लोकनिर्माण विभाग के खिलाफ आन्दोलन की चेतावनी दी है।

विकासखंड भिलंगना के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्र पट्टी ग्यारह गाव व हिंदाव के लोगों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने वाली सडक़ जो कि प्रखंड की रिंग रोड के नाम से भी जानी जाती है, लेकिन लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण चार माह बाद भी नहीं खोला गया है जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता वीरेन्द्र घणाता, दीपक, अमनदीप, राकेश आदि लोगों का कहना है कि प्रखंड में सडक़ जगदीगाड़ के पास बंद होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र ही सडक़ को खोलने की मांग की है ऐसा न करने पर आन्दोलन की चेतावनी दी है।

इधर, लोनिवि के ईई जयवीर रावत ने बताया कि टेंडर कर दिए गए हैं। जल्द ही मार्ग आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
 

पुलिस की वर्दी पहन लगाया ज्वैलर को चूना

कोटद्वार। पुलिस की वर्दी का रौब दिखा एक ठग ने सिनेमा रोड स्थित एक ज्वैलरी शॉप से हजारों की लागत का सोने का हार उड़ा लिया। दुकान स्वामी की ओर से घटना के संबंध में कोतवाली में तहरीर दी गई है।

सोमवार दोपहर पुलिस अधिकारी की वर्दी पहन कर एक व्यक्ति सिनेमा रोड स्थित श्री ज्वैलर्स में पहुंचा व दुकान स्वामी अभिषेक से गहने दिखाने को कहा। अभिषेक की माने तो तमाम गहने देखने के बाद उक्त पुलिस अधिकारी को सोने का एक हार का डिजाइन पसंद आया व हार पत्नी को दिखाने की बात कह कर दुकान से हार अपने साथ ले जाने की बात दुकान स्वामी से कही। अभिषेक ने बताया कि पुलिस अधिकारी का लिहाज करते उन्होंने अपनी दुकान में कार्यरत एक कर्मचारी को हार लेकर उसके साथ भेज दिया। उन्होंने बताया कि उक्त व्यक्ति उनके कर्मचारी को अपनी मोटर साइकिल पर नजीबाबाद रोड की ओर ले गया व एक गली के पास उसे यह कहकर उतार दिया कि वह हार अपनी पत्नी को दिखा कर आता है।

काफी देर इंतजार करने के बाद जब उक्त व्यक्ति वापस नहीं लौटा तो कर्मचारी ने उसे ढूंढना शुरू कर दिया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया। कर्मचारी ने दुकान पर आने के बाद घटना के संबंध में दुकान स्वामी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दुकान स्वामी अभिषेक ने कोतवाली में घटना की तहरीर दी है।
 

जड़ी बूटियों के साथ दो तस्कर दबोचे : जेल

उत्तरकाशी। थाना पुरोला पुलिस ने बहुमूल्य जड़ी-बूटी की पांच बोरियों के साथ दो लोगों को उस वक्त धर दबोचा, जब वह बर्नीगाड़ के पास गाड़ी की प्रतीक्षा कर रहे थे। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बर्नीगाड के लाखामंडल बैंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग नौगांव डामटा के बीच पांच बोरी जड़ी-बूटी के साथ महीपाल सिंह पुत्र हुकम सिंह तथा कंवर सिंह पुत्र इन्द्र सिंह निवासी लिवाड़ी मोरी को गिरफ्तार कर लिया। तस्करों के पास 128 किलो मिठा, 30 किलो सालम पंजा व साढ़े पांच किलो अतीस बोरियों से बरामद हुआ। तस्कर इन जड़ी-बूटियों को गोविन्द पशु विहार पार्क क्षेत्र से दिल्ली बेचने ले जा रहे थे। थानाध्यक्ष प्रवीन्द्र रावत ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने एक किलो चरस के साथ भानियावाला देहरादून निवासी रूप कुमार को उस समय गिरफ्तार किया जब वह थैले में चरस लेकर देहरादून जा रहा था। आरोपी के खिलाफ थाना पुरोला में मुकदमा दर्ज किया गया है। पकडऩे वाले दल में एसआई विजय भारती, कांतिराम जोशी व भूपाल सिंह चौहान आदि सम्मिलित थे।

 

महिला ने लगाया पति पर बिना तलाक के ही दूसरा विवाह रचाने का आरोप

देहरादून। एक महिला ने पति पर बिना तलाक के ही दूसरा विवाह रचाने का आरोप लगाते हुए पुलिस पर भी कोई कार्रवाई न किए जाने की बात की है।
 
आज यहां परेड ग्राउंड स्थित एक रेस्टोरेंट में सीमा डाबर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पांच साल पूर्व उसका बल्लूपुर रोड निवासी एक युवक से प्रेम प्रसंग था जिसके चलते दोनों ने १६ जून २००६ को कोर्ट मैरिज कर ली थी। इसके पश्चात उसके ससुरालियों ने भी उसे स्वीकार कर लिया और वह अपने ससुराल में ही रहने लगी थी। किन्तु दो साल के भीतर ही उसके पति जो कि विदेश में नौकरी करता था उससे मारपीट व गाली गलौज शुरू कर दी। इसी बीच उसे पता चला कि उसके पति का किसी और महिला से प्रेम प्रसंग है। इस मामले को लेकर उसने कई बार विरोध भी जताया। उसने
 
यह भी आरोप लगाया कि इस बीच उसके ससुरालियों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था। जबकि उसका बच्चा भी उस दौरान छोटा था। कई बार उसके पिता ने भी उसके पति व ससुराल वालों को समझाने की कोशिश लेकिन उन्होंने उनकी भी एक नहीं सुनी जिसके बाद उसने महिला संरक्षण अधिकारी रमिन्द्री मन्द्रवाल से इस मामले की शिकायत की। जिसके बाद उन्होंने दोनों के बीच सुलह भी कराई। जिसके बाद उसके पति विशाल ने उसे अपने साथ रखने की सहमति भी दी थी लेकिन उसके बावजूद भी उसका पति उसे साथ नहीं रख रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से प्रेम प्रसंग है जिससे उनके एक लडक़ी भी हो चुकी है। ऐसे में उसे न्याय मिलना चाहिए।
 

दून में बदमाशों के हौसले बुलंद : पुलिस क्या सिर्फ नाम के लिए है

देहरादून । दून में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि पुलिस उनके सामने बौनी नजर आ रही है। आए दिन चेन स्नैचिंग, सहसपुर विधायक के घर हुई लूट का पुलिस अभी खुलासा भी नहीं कर पाई थी कि चोरों ने अब पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है।

कैंट क्षेत्र में एक ही रात में तीन मकानों के ताले तोडक़र नगदी, जेवरात सहित लाखों का माल उड़ा लिया। वहीं रायपुर थाना क्षेत्र में चोरों ने भगवान के घर को भी नहीं बख्शा और वहां से हजारों रुपयों से भरा दानपात्र भी उड़ा ले गए। एक के बाद एक चोरी की इन घटनाओं से पुलिस में हडक़म्प मच गया। 

मिली जानकारी के मुताबिक कैंट थाना क्षेत्रांतर्गत प्रेमनगर के पौंधा में सिलवर हाइट में रहने वाले राणा विक्रम सिंह पुत्र सरदार जगजीत सिंह जो कि मूल रूप से गोविन्दपुरम गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। कुछ दिन पूर्व घर गए हुए थे। जब वह वापस यहां आए तो देखा कि उनके कमरे का ताला टूटा हुआ है तथा घर का सामान इधर उधर बिखरा पड़ा था। उसने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अभी पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर रही थी कि पता चला कि आसपास के दो कमरों का ताला तोडक़र चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है।
 
कमरा नं. १०३ में रहने वाले दीपक सिंह तथा १३२ में रहने वाले डा. प्रशांत रावत ने भी अपने यहंा चोरी होनी की सूचना पुलिस को दी। एक ही रात में तीन मकानों के ताले तोडक़र चोरों ने वहां से जेवरात, नगदी व डिजीटल कैमरे सहित लाखों के माल पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। अभी पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही थी कि उसे एक मंदिर में चोरी की सूचना मिली। बीती देर रात चोरों ने रायपुर क्षेत्र के  सहस्त्रधारा रोड में स्थित एक मंदिर से हजारों रुपयों से भरा दानपात्र उड़ा लिया। मंदिर के पुजारी पंडित केशवानन्द भट्ट जब सुबह पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचे तो देखा कि वहां सामान अस्त व्यस्त पड़ा है तथा वहां से दान पात्र गायब था। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रायपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रवि कुमार मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण करने के पश्चात मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
 
उल्लेखनीय है कि दून में इन दिनों चेन स्नैचिंग, चोरी व लूट की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। लेनिक पुलिस फिर भी दावा कर रही है कि अपराधिक घटनाएं कम हो रही हैं। 

डॉक्टर नि:स्वार्थ सेवा भाव से करें अपने कर्तव्य का पालन:सीएम

देहरादून। ‘डॉक्टर नि:स्वार्थ सेवक के साथ ही जिम्मेदार नागरिक भी है, जिस पर समाज और देश की सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है। चिकित्सक अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से निर्वहन करें।’ यह बात मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से$नि$) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने रविवार को माजरी ग्रान्ट, हरिद्वार रोड़ स्थित उत्तरांचल डेन्टल एवं मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के वार्षिक अधिवेशन का शुभारम्भ करते हुए बतौर मुख्य अतिथि कही। 

मुख्यमंत्री  खण्डूड़ी ने पास आउट हुए दन्त चिकित्सकों से अपील की, कि वे डॉक्टरी को व्यवसाय न समझ कर नि:स्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तरखण्ड की संस्कृति मानव कल्याण एवं सेवा की रही है। उन्होंने आशा जताई कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप युवा डॉक्टर अपने दायित्वों को बखूबी से निभायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा चिकित्सकों से समाज को काफी उम्मीदें है। चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीक आ गई है, जिससे हम मानव कल्याण के लिए उपयोग कर सकते है। उन्होंने कहा कि दन्त सेवा में हमारे देश में अच्छा भविष्य है। आज तम्बाकू के सेवन से 80 प्रतिशत मुंह के रोग पाये जाते हैं, जिनसे लडऩे के लिए युवा डाक्टरों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तम्बाकू सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति से मुंह तथा दांत के रोग ज्यादा हो रहे हैं। उन्होंने युवा डाक्टरों से अपील की, कि मरीजों को अपने आचरण से उनका मनोबल बढ़ाने में सहयोग करें तथा प्रदेश में चिकित्सा की कमी को पूरा करने में अपना योगदान दें। उन्होंने युवा डाक्टरों से देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति के अनुरूप अपना कर्तव्य और दायित्व निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं नागरिकों को सेवा का अधिकार दिलाने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाये गये हैं, जिससे आम आदमी को लाभ मिलेगा। 

इस अवसर पर उत्तरांचल डेन्टल एवं मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रधानाचार्य डॉ$ अश्वनी डोभाल ने कालेज की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में फास्ट फूड के सेवन, तम्बाकु चबाने जैसी बढ़ती प्रवृत्ति के कारण दन्त सेवाओं की आवश्यकता बढ़ी है। डॉ$ डोभाल ने प्रदेश में दूरस्थ स्थित प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इन नये पास आउट डॉक्टरों को सेवा का अवसर देकर दन्त सेवाओं की बेहतरी के लिए इनकी तैनाती का सुझाव दिया। कालेज के प्रबन्ध निदेशक वी$एस$ पाण्डे ने प्रत्येक वर्ष पांच बीपीएल कार्ड धारक परिवारों के बच्चों को कालेज में प्रवेश देने की घोषणा की तथा मुख्यमंत्री के सशक्त लोकायुक्त विधेयक को प्रदेश में लागू कराकर देश के मुकुट उत्तराखण्ड के स्वरूप को कायम रखने में अहम योगदान की प्रशंसा की। 
 
इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने वाले चिकित्सकों तथा मेधावी छात्रों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सम्मानित होने वाले डाक्टरों में प्रधानाचार्य डॉ$ अश्वनी डोभाल, दून चिकित्सालय के डॉ$ एस$डी$ जोशी, डॉ$ जे$डी$एस राना, आईएमए के डॉ$ राजेश तिवारी, डॉ$ मुकेश ढाढा, डॉ$ के$पी$ शर्मा, डॉ$ हिमांशु अरोड़ा सहित कालेज के विभिन्न क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र शामिल थे। 
 
इस अवसर पर ऋषिकेश विधायक प्रेम चन्द्र अग्रवाल भी उपस्थित थे। 
 

सिविल सोसाइटी को अस्पताल में मिलीं खामियां

पिथौरागढ़। सिविल सोसाइटी ने रविवार को जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में तमाम खामियां पाई गई। समिति ने व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर अग्रिम कदम उठाने का निर्णय लिया है।

निरीक्षण के बाद समिति ने एक बैठक की जिसमें वक्ताओं ने कहा जिला चिकित्सालय में सफाई व्यवस्था बेहद दयनीय हालत में हैं। शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। बीपीएल कार्डधारकों तक को समय पर खाना नहीं मिल पा रहा है। दवाई इत्यादि की समस्या भी बनी हुई है। चिकित्सालय में कूड़े के निस्तारण के लिए कूड़े की व्यवस्था तक नहीं है। बैठक में संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कोर कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया। कोर कमेटी के लिए पुष्पा उपाध्याय, किशन कापड़ी, रविकांत पुनेड़ा, गोविन्द बिष्ट, मनोज चंद को जिम्मेदारी सौंपी गई साथ ही एडवोकेट रविकांत और रतन दयाल को कानूनी सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपी गई।

 

अल्मोड़ा व बागेश्वर में खाद्यान्न संकट

देहरादून। अल्मोड़ा व बागेश्वर में पिछले दो माह से खाद्यान्न नहीं पहुंच पाया है। इससे राशन का संकट गहरा गया है। संभागीय खाद्य नियंत्रक ने इस लापरवाही के लिए संबंधित जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाब तलब किया है।

खाद्य विभाग के सूत्रों के अनुसार दोनों जिलों को अगस्त, सितम्बर व अक्टूबर माह के लिए एपीएल, बीपीएल व अंत्योदय उपभोक्ताओं को मिलने वाले राशन का आवंटन हल्द्वानी के कमलुआगांजा स्टेट पूल गोदाम से किया गया था। दोनों जिलों के जिला पूर्ति अधिकारियों को खाद्यान्न उठान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अगस्त माह में आवंटित राशन के सापेक्ष कुछ ही राशन की उठान हो पाई थी, इस बीच ओवरलोडिंग को लेकर विभाग के ट्रांसपोर्टर राशन उठाने को तैयार नहीं हुए। तब दोनों जिलों को वैकल्पिक व्यवस्था से राशन उठाने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद भी दोनों जिलों ने 2707 एमटी राशन नहीं उठाया। इस बीच धान खरीद व मिलर्स से लेवी की आवक शुरू हो गई है। ऐसे में पीएसएस के आवंटित खाद्यान्न के गोदाम में डंप होने से खाद्य विभाग के सामने भंडारण की समस्या भी आ गई है। इस पर संभागीय खाद्य नियंत्रक पीके मुलासी ने दोनों जिलों के पूर्ति अधिकारियों से जवाब तो तलब ही किया है साथ ही मामला शासन को भी संदर्भित कर दिया है।

 

Government would take care of the interests of the doctors and medical employees : CM

Dehradun : Chief Minister Major General (Retd.) Bhuwan Chandra Khanduri dedicated to the people a set of new medical facilities at the District civil hospitals here, on Sunday, which includes the third floor, ICU and EIC at the Doon Hospital and the newly constructed SSCU Unit, a PNC Ward and other facilities at the District Women’s Hospital. Speaking on the occasion, he said that the State Government is committed for the outreach of medical facilities to a maximum number of people in the State.

On the occasion, CM Khanduri exhorted the physicians and medical professionals to fulfill their obligation with a selfless attitude and in right earnestness. He said that the Government would take care of the interests of the doctors and medical employees. He said that keeping in view the rising number of patients in the Doon Hospital, it is now being upgraded and improved.

CM Khanduri said that the task of doctors is a challenging one. The doctors must deal with the patients in a courteous manner. Medical service is an altruistic service and the obligation should be fulfilled accordingly. Besides, sometimes somewhere some circumstances do arise when patients resort to unruly behaviour out of their own helplessness, but the doctors should continue to behave with such patients in a guardian–like manner. He assured all those associated with the medical services that the Government would fully keep their interests in mind. The Chief Minister said that the addition of new facilities in the Doon Hospital and the District Women’s Hospital would make these centres more capable in providing improved medical services to the people. These facilities would benefit the patients, he said.

CM Khanduri said that there is additional work load on the Doon hospital. He said that the available resources and facilities would have to be put to their fullest utilization for better medical treatment. He appealed to the doctors and people associated with hospital management to fully utilise the various available resources and facilities in the Doon Hospital and obtain higher capacities and qualifications in order to serve the patients.

Speaking on the occasion, Medical Health Minister Banshidhar Bhagat said that the Government has initiated several steps for the betterment of the medical health sector in the State.

In his address, Agriculture Minister Trivendra Singh Rawat said that with two thousand new patients and 1200 existing ones coming for treatment daily to the OPD, there is extra load on the Doon Hospital. He also appreciated the services provided to the people by the doctors and medical employees at the Doon Hospital.

Speaking at the programme conducted by Dr. SD Joshi, the Chief Medical Superintendent Dr. VC Pathak said that after the formation of Uttarakhand, the State Government has helped provide and equip the hospital with numerous facilities such as CT Scan, MRI, Mammography, ECHO, ECG, EEG, ICU, ICCU, EIC, and physiotherapy, among others. Besides, super–specialists have also been posted in neurology, neuro–surgery, urology and the plastic surgery departments. In addition, management of medical waste is also being efficiently carried out, he said.

Those who were present on the occasion were former Chief Minister Narayan Datt Tiwari, BJP Mahanagar President Punit Mittal, Secretary Medical Health SS Sandhu, Director–General Dr. Asha Mathur, NRHM Project Director Piyush Singh, Chief Medical Officer Dr. RK Pant, Dr. Aditya Kumar, and others.

फिर मिला धमकी भरा पत्र ; सीएम व विधायकों को उड़ाने की धमकी

देहरादून। रेलवे स्टेशन हरिद्वार पर एक बार फिर से धमकी भरा पत्र आया है। एक अनाम संगठन की ओर से भेजे गए इस पत्र में राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री व कई विधायकों को उड़ाने की धमकी दी गई है। मामले की जांच एसओजी को सौंपी गई है।

जानकरी के अनुसार हरिद्वार रेलवे स्टेशन अधीक्षक समरेंद्र गोस्वामी को डाक से एक पत्र मिला है। एक अनाम संगठन की ओर से भेजे गए इस पत्र में राज्य स्थापना दिवस (नौ नवंबर) को मुख्यमंत्री और कई विधायकों को उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र में जाति प्रमाण पत्र न बनने पर रोष जताया गया है। विधानसभा में यूकेडी विधायक ओम गोपाल रावत व कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन में हुई झड़प के लिए यूकेडी विधायक को दोषी बताया गया। पत्र में हरिद्वार, रुडक़ी, काठगोदाम स्थित सरकारी भवनों को उड़ाने की धमकी भी दी गई। हरिद्वार के एसएसपी पुष्कर सिंह सैलाल ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि मामले की जांच एसओजी को सौंपी गई है। इससे पहले लश्कर-ए-तयैबा के कथित एरिया कमांडर करीम अंसारी के नाम से स्टेशन को पत्र मिलते रहे हैं।

 

आरोपी को छुड़ाने को लेकर ग्राम प्रधान व पुलिस में झड़प

बाजपुर। पुलिस द्वारा अवैध शराब सहित एक युवक को पकड़े जाने को लेकर ग्राम प्रधान व पुलिस में झड़प हो गई। बन्नाखेड़ा चौकी पुलिस ने मंगल सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी वनगढ़ गोबरा को दस लीटर अवैध शराब समेत पकडक़र कोतवाली ले आयी। इसी बीच ग्राम प्रधान मलकीत सिंह आदि भी कोतवाली पहुंच गये। आरोप लगाया कि पुलिस को पैसा न देने के कारण उनके लोगों को पकड़ा जा रहा है, जबकि अन्य लोग भी इस कार्य में लिप्त हैं। जिन्हें पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। इस बीच दोनों की बीच झड़प हुई। कोतवाल हरीश मेहरा ने उपरोक्त आरोपों को नकारते हुए कहा कि पुलिस ने सूचना पर अपराधी के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने आरोपी को छोडऩे से इंकार किया है।

 

चाय के बागानों से गुलजार होंगी बड़ाबे की वादियां

पिथौरागढ़। वह दिन दूर नहीं जब जिले की वदियां चाय के बागानों से गुलजार होंगे। इसकी शुरुआत बड़ाबे क्षेत्र से की गई है। चाय विकास योजना के तहत हुई इस पहल के जरिए चाय की खेती को व्यावसायिक रूप दिया जाएगा। जिले में चारा विकास योजना की सफलता से उत्साहित जिलाधिकारी डॉ.आर.राजेश कुमार ने यह कदम उठाया है। खास बात यह है कि इस योजना का क्रियान्वयन मनरेगा योजना के माध्यम से किया जा रहा है।

जिलाधिकारी डॉ.कुमार ने बड़ाबे गांव से योजना की शुरुआत की। इसके तहत चाय के पौधे लगाए गए। उन्होंने बताया कि चाय उत्पादन की सीमांत जिले में अच्छी संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को देखते हुए इसे मनरेगा योजना से जोड़ा गया है। जिससे चाय उत्पादन के साथ ही रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने कहा इस योजना के लिए उत्तराखंड टी बोर्ड का सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा चारा विकास योजना के लिए नाप भूमि दिये जाने की सराहना भी की।

योजना की शुरुआत के बाद उन्होंने गांव में चौपाल लगाकर जनता की समस्याएं सुनीं। क्षेत्रवासियों ने सेना के फायर रेंज को अन्यत्र स्थापित करने, स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक की तैनाती करने, वर्षा से क्षतिग्रस्त हुई सार्वजनिक सम्पत्तियों की मरम्मत कराने, क्षेत्र के लिए लिफ्ट पेयजल योजना बनाने की मांग जिलाधिकारी के सामने रखी। जिलाधिकारी ने इन मांगों पर समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान तारा जोशी, कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, विपिन जोशी, कैलाश जोशी, जिला विकास अधिकारी जेसी पंत सहित तमाम लोग मौजूद थे।
 
डीएम ने संवाददाता को बताया कि बड़ाबे क्षेत्र में चाय उत्पादन से 200 परिवारों को रोजगार मिलेगा। शुरुआत में 2 हेक्टेयर भूमि में 30 हजार पौधे लगाये जा रहे हैं। दूसरे चरण में 6 हेक्टेयर भूमि में इसका उत्पादन किया जाएगा। सफल उत्पादन होने की स्थिति में बड़ाबे क्षेत्र में चाय फैक्ट्री स्थापित करने पर विचार किया जायेगा।
 

660 छात्र-छात्राओं ने किया रक्तदान

रुडक़ी। आइआइटी रुडक़ी की एनएसएस इकाई की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया। 660 स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं ने रक्तदान किया। शिविर में करीब तीन सौ छात्र-छात्राएं हीमोग्लोबिन की कमी एवं अन्य कारणों के चलते रक्तदान नहीं कर सकें।

रविवार को आइआइटी रुडक़ी के सिविल अस्पताल में आइएमए एवं हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जौलीग्रांट की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर का उद्घाटन आइआइटी के निदेशक प्रो. प्रदीप्त बनर्जी ने किया। उन्होंने शिविर का निरीक्षण कर छात्रों की पहल की सराहना की और सामाजिक कार्यो को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन किया। अस्पताल के चेयरमैन प्रो. डीके नोडियाल ने निदेशक को अस्पताल में सभी वार्डो एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। इसके बाद छात्र-छात्राओंने रक्तदान शिविर में बढ़-चढक़र भाग लिया। एनएसएस के संयुक्त सचिव छात्र अर्पित कुमार ने बताया कि पूरे दिन चले शिविर में 660 यूनिट रक्तदान किया गया। उन्होंने बताया कि पिछले शिविर में कुल 553 यूनिट रक्तदान हो सका था। इस मौके पर प्रो. दीपक खरे, डॉ. स्मिता झा, अस्पताल के सीएमएस डॉ. वंदना आदि उपस्थित रहे।

 

बकरीद के लिए 5 से 22 हजार कीमत का खरीदा बकरा

अल्मोड़ा। बकरीद में अल्मोड़ा में भी एक से एक बकरे खरीदने का चलन पहले से रहा है। इस बार 5 हजार से लेकर 22 हजार तक के बकरे कुर्बानी के लिए खरीदे गए हैं। मुस्लिम समुदाय के जानकार लोगों का कहना है कि कुर्बानी के लिए खरीदे गए बकरे का भाव मोल नहीं किया जाता। हालांकि कई लोग इस परंपरा को न मानते हुए मोल-भाव भी करते हैं।
 

धुंध के कारण ट्रेनों की स्पीड पर लगेगी ब्रेक

देहरादून। सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही रेलवे प्रशासन को धुंध की चिंता सताने लगी है। रेलवे ने इसको लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इस दौरान कोई दुर्घटना न हो इसके लिए गाडिय़ों की अधिकतम गति सीमा निर्धारित कर दी गई है। डीआरएम कार्यालय से इस बाबत स्टेशन अधीक्षक को निर्देश भी जारी किया गया है।

मुरादाबाद सेक्शन सभी सिग्नल एलईडी सिस्टम के हैं। धुंध में भी यह सिग्नल दूर से दिखाई पड़ता है। इसके बावजूद कई बार दुर्घटना हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीआरएम कार्यालय ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसके मुताबिक स्टेशन एरिया क्षेत्र में धुंध के दौरान गाड़ी की अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जबकि आउटर से बाहर फ्री सिग्नल होने पर रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होगी। सुबह और शाम के समय धुंध का असर ट्रेनों के परिचालन पर दिखने लगा है। दूरदराज से आने वाली ट्रेनें विलंब से  पहुंच रही हैं।

 

Happy Id-ul-Zuha : Uttarakhand Governor, Smt. Margaret Alva

Dehradun: Uttarakhand Governor, Smt. Margaret Alva, has greeted the people of the state on the occasion of Id-ul-Zuha which is celebrated throughout the country with great enthusiasm and devotion.

In her message, the governor said: that the festival celebrated the spirit of sacrifice and promoted the feeling of compassion and love.

She called upon the people to celebrate the auspicious occasion with joy of sharing and charity and by serving the cause of humanity.
 
“This is the time to remember and be humble, and work for the greater spirit of supreme sacrifice of Hazrat Ibrahim and to good of humankind,” the governor said.

छह नवंबर को देवोत्थान एकादशी : शादियां ही शादियां

देहरादूनं। छह नवंबर को देवोत्थान एकादशी पर सहालग पर छाया सन्नाटा टूट गया। इस दिन सर्वाधिक शुभ मुहूर्त माना जाता है। इसे अबूझा मुहूर्त भी कहते हैं।

एक अनुमान के मुताबिक इस दिन एक हजार से लेकर 1200 शादियां होने की उम्मीद है। इसके चलते जहां सभी बारात घर हाउस फुल हैं वहीं अधिकांश बैंड भी दो से तीन पाली तक व्यस्त हैं। लिहाजा रविवार को बारातों के चलते शहर के प्रमुख मार्गो के अलावा अंदरूनी मार्गो पर भी चक्का जाम के हालात रहेंगे।

अनसूझा सहालग
पूरे साल में चार अनसूझे सहालग होते हैं। पं.किशन वाजपेई के अनुसार फुलैरा दूज, अक्षय तृतीया, बढ़रिया नवमी और देव उत्थान एकादशी पर बिना किसी पंडित को दिखाए विवाह तय किए जा सकते हैं। सामूहिक विवाहों की इस दिन भरमार रहेगी। नवंबर में विवाह की खास तिथियां 6, 18, 21, 26, 27, 28 हैं।
 
बैंडों ने की तैयारियां
शहर में करीब 250 बैंड वाले हैं। वे इस नए सहालग की तैयारियों में जुटे हैं। इसकी तैयारी वे एक महीने पहले से कर रहे थे। इस बार मेरे ब्रदर की दुल्हन के गीत ज्यादा गाये जाएंगे। भांगड़ा और पुराने गीत हमेशा से पसंद किए जा रहे हैं।
होगा तुलसी-सालिगराम का विवाह
11 जुलाई से देव सोये हुए थे, जो अब 6 नवंबर को देवोत्थान एकादशी पर जागेंगे। सायंकाल महिलाएं घरों में देवों को जगाने के लिए पूजन करेंगी। मंदिरों में तुलसी और सालिगराम के विवाह भी कराए जाएंगे।
 
भीष्म पंचक
प्रबोधिनी एकादशी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक के पांच दिन भीष्म पंचक कहलाते हैं। यह पांच दिन काफी पुण्यदायक माने जाते हैं। पं.राधेश्याम शर्मा के अनुसार इन दिनों व्रत, उपवास करना पुण्य दायक होता है।
11-11-11 को होगा शादियों का धमाल
सहालग में इस साल की दो सबसे खास तारीखों पर विवाह को लेकर युवाओं में खासा उत्साह है। 11-11-11 और 12-12 के दिन शहर के सभी बैंकट और मैरिज हॉल फुल हैं।
वाटर वर्क्स स्थित अग्रवन में भी 11 नवंबर और 12 दिसंबर की तारीखें महीनों पहले बुक हो चुकी हैं। शादी की प्लानिंग कर रहे विवेक और प्रिया बताते हैं कि हमें कहीं भी ऐसी जगह नहीं मिली जहां हम विवाह समारोह कर सकें। तो हमें पुराने ट्रेंड से कॉलोनी में ही टेंट लगवाकर शादी करनी पड़ रही है, लेकिन हमने तारीख से समझौता नहीं किया।
 

मनेरी भाली फेज-टू की चार में से दो टरबाइन डेढ़ माह से बंद

उत्तरकाशी। सर्दियों में होने वाली बिजली किल्लत से निपटने को लेकर प्रदेश का जलविद्युत निगम कितना गंभीर है। मनेरी भाली फेज-टू की बंद पड़ी दो टरबाइनों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पावर हाउस की चार में से दो मशीनें मरम्मत के इंतजार में करीब डेढ़ माह से बंद पड़ी हैं। जिसके चलते महज दो टरबाइनों से ही विद्युत उत्पादन हो रहा है। अधिकारी भागीरथी का जलस्तर घटने का तर्क दे रहे हैं, लेकिन हकीकत यह शाम छह बजे के बाद पीक आवर्स में अक्सर तीन टरबाइन चलाने लायक पानी उपलब्ध हो रहा है।
 
गंगा भागीरथी का जलस्तर कम होने की वजह से 304 मेगावाट क्षमता की मनेरी भाली फेज-टू परियोजना में बिजली उत्पादन गिर गया है। परियोजना परिचालन केंद्र के मुताबिक भागीरथी में इन दिनों वाटर डिस्चार्ज 50 से 60 क्यूमेक्स ही रह गया है, जो मात्र दो टरबाइनों के ही लायक है। यही वजह है कि मात्र 110 मेगावाट क्षमता से ही उत्पादन हो रहा है। हालांकि सच्चाई यह भी है कि शाम छह बजे के बाद पीक आवर्स में वाटर डिस्चार्ज तीन मशीनें चलाने लायक भी हो जाता है।
 
मगर, ऐसी स्थिति में भी सिर्फ टरबाइन नंबर दो व चार से ही उत्पादन लिया जा रहा है। कारण यह कि टरबाइन नंबर एक व तीन पिछले डेढ़ माह से मरम्मत के इंतजार में बंद पड़ी हैं। अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े तक अधिकांश समय तीन मशीनें चलाने लायक वाटर डिस्चार्ज उपलब्ध रहा, लेकिन टरबाइनों की मरम्मत में हुई लेटलतीफी से निगम को एक मशीन की क्षमता की उत्पादन हानि उठानी पड़ी। जबकि अब नवंबर के दूसरे पखवाड़े में भी पीक आवर्स में मिल रहे वाटर डिस्चार्ज का पूरा लाभ नहीं उठाया जा सकेगा।
निगम हर साल एक कंपनी से अनुबंद के तहत बरसात के बाद टरबाइनों की मरम्मत करवाता है। मगर, डेढ़ साल से बंद पड़ी दो टरबाइनों की मरम्मत में लेटलतीफी क्यों हो रही है, निगम के पास इसका कोई जवाब नहीं।
 
304 मेगावाट क्षमता की मनेरी भाली फेज-टू परियोजना में 76-76 मेगावाट की चार टरबाइनें स्थापित हैं। लेकिन आज तक इस परियोजना से उसकी पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन नहीं लिया जा सका। अभी तक यहां अधिकतम उत्पादन 290 मेगावाट के आसपास ही रहा है। इसके पीछे जलाशय को पूरी तरह भरे जाने में आ रही अड़चनों को कारण बताया जाता है।
प्रोडक्शन डीजीएम हिमांशु अवस्थी ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि इन दिनों वाटर डिस्चार्ज कम होने से उत्पादन घटना स्वाभाविक है। अधिकांश समय दो टरबाइनों से ही उत्पादन हो रहा है। बंद पड़ी दो टरबाइनों की मरम्मत नवंबर के अंत तक करा दी जाएगी।
 

स्कूल बस व मिनी बस की आमने-सामने की टक्कर में चार लोग घायल

मसूरी। मसूरी-देहरादून मार्ग पर स्कूल बस और पर्यटकों से भरी मिनी बस की आमने-सामने की टक्कर में चार लोग घायल हो गए। घायलों को 108 की मदद से उपचार के लिए लंढौर कम्युनिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
 
शनिवार सुबह लगभग आठ बजे चेन्नई के पर्यटकों को मसूरी से हरिद्वार ले जा रही मिनी बस संख्या (डीएल-1वीए-8262) भट्टा गाव से बच्चों को लेकर आ रही एसजीआरआर स्कूल की बस संख्या (यूपी-07ई-7129) से जा भिड़ी। घटना में चेन्नई निवासी परमाशिवम पुत्र अनुमुगम, विजयलक्ष्मी पत्नी रंगनाथन, रंगनाथन पुत्र चोकलिंगम और देहरादून निवासी सान्या(7) पुत्री खेमराज घायल हो गए। चालक परमाशिवम को सबसे ज्यादा चोट आई है। घायलों को 108 की मदद से लंढौर के कम्युनिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
 

मंहगाई के खिलाफ केंद्र सरकार का पुतला फूंका

ऋषकेश। भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका।

व्यापार सभा भवन के समक्ष एकत्रित भाजपा ने पेट्रोल के दामों में हुई वृद्धि पर केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, संदीप गुप्ता, ऊषा रावत, जिलाध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष अनीता मंमगाई आदि ने कहा कि केंद्र की जनविरोधी नीतियों व महंगाई ने पहले ही आम आदमी की कमर तोड़ दी है, उस पर पेट्रोल मूल्य वृद्धि ने कटे पर नमक डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार में आपसी तालमेल की कमी व बिचौलियों का अधिक बोलबाला होना ही महंगाई का कारण बन रहा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र विरोधी नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला फूंका। पुतला फूंकने वालों में मंडल महामंत्री दिनेश सती, सरोज डिमरी, सरला अग्रवाल, इंद्रकुमार गोदवानी, राजकुमारी जुगरान और अनिल खैरवाल आदि उपस्थित थे।

 

चौबीस घंटे में और बढ़ेगी ठंड

देहरादून। सप्ताह भर पहले ही सर्दी ने रफ्तार पकडऩा शुरू कर दिया है। देर रात से सुबह तक धुंध बन रही, जबकि दिन में हल्के बादल छाये थे। शनिवार को न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम का यह मिजाज दो दिनों तक बरकरार रहेगा। मौसम विभाग ने 48 घंटे में ठंड में वृद्धि की चेतावनी दी है।

विगत तीन दिनों की तरह शनिवार को भी सुबह कोहरे की वजह से सूर्य के दर्शन विलंब से हुए। आठ बजे थोड़ी धूप निकली। इसके बाद हल्के बादल बने रहे। इससे अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट रही। रात में हवाओं की गति में हुई तेजी की वजह से ठंड में और इजाफा हो गया। गोविन्द वल्लभ पंत विश्वविद्यालय के डा. एचएस कुशवाहा ने बताया कि आगामी दो दिनों तक ठंड में और इजाफा होगा। उसके बाद से तापमान में सामान्य होगा। शनिवार को अधिकतम तापमान 26.2 और न्यूनतम 16.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दो दिनों में और भी गिरावट की संभावना है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27.2 व न्यूनतम 14.3 रहा।

 

तेजी से सिमट रही आधी दुनिया

रुद्रपुर। जिले में प्रति एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 896 महिलाएं हैं। बीते वर्ष यह लिंगानुपात 913 महिलाओं का था। यह चिंताजनक तथ्य सीएमओ ने पीएनडीटी एक्ट कमेटी की बैठक में उजागर किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने एक्ट को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट में कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी पीएस जंगपांगी ने जिले में लिंगानुपात का अंतर बढऩे पर चिंता प्रकट की। डीएम ने जंगपांगी ने सीएमओ डॉ.आरएस असवाल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर पर एक्ट के उल्लंघन के संबंध में गोपनीय सूचना लेने के लिए नोडल अधिकारी नामित करने को कहा। उन्होंने समिति के गैर सरकारी सदस्यों को परिचय पत्र देने को भी कहा, ताकि वे भी ऐसे नर्सिग होम का निरीक्षण कर सकें। बैठक में गैर सरकारी सदस्य राजकुमारी गिरि, नसरीन कुरैशी, हीरा जंगपांगी, कैलाश अग्रवाल, सीएमएस डॉ.अमिता उप्रेती, एसीएमओ डॉ.एचएस पांगती, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.बसंत व डॉ.यूएस अधिकारी तथा एनएचआरएम के डीएस भंडारी समेत स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी मौजूद थे।

पीएनडीटी एक्ट कमेटी की बैठक में शनिवार को तय हुआ कि लिंग परीक्षण की गोपनीय के साथ ही सही सूचना देने वाले को दो हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही सफल बनावटी केस पर पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
 
जिलाधिकारी पीएस जंगपांगी ने कहा है कि लिंगानुपात का अंतर कम करने के लिए अल्ट्रासाउंड धारक प्राइवेट नर्सिग होम का औचक निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही संदेह वाले नर्सिग होम में बनावटी केस भेजकर परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
 

शिकायत को नहीं काटने पड़ेंगे मुख्यालय के चक्कर

गोपेश्वर। आपके गांव में बिजली गुल है, पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है या फिर सडक़ अवरुद्ध है। आप संबंधित विभाग से शिकायत करके थक चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का हल नहीं हो रहा है, तो आप सीधे जिले स्तर में बैठे अधिकारियों के मोबाइल पर शिकायत कर सकेंगे। जी हां जिला प्रशासन जल्द ही इस अनूठी पहल को शुरू करने जा रहा है।

जिला प्रशासन ने लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने को अनूठी पहल की है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने मोबाइल नंबर समाचार पत्रो में प्रकाशित कराएं। इसके अलावा जिला प्रशासन भी सभी अधिकारियों के नंबरों का संग्रह कर चमोली सूचना निर्देशिनी में प्रकाशित करा रहा है। इस सबके पीछे प्रशासन की मंशा यह है कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए विभागों या जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। लोग समस्याओं का निदान न होने की दिशा में सीधे विभागीय अधिकारियों के मोबाइल पर संपर्क कर सकेंगे। इसके साथ ही जिला प्रशासन समस्याओं की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा। प्रशासन की इस पहल से आराम फरमाने वाले अधिकारियों में हडक़ंप मचा है। जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। फिलहाल प्रथम चरण में प्रशासन ने शिक्षा, चिकित्सा, बिजली के साथ ही सडक़ व कुछ अन्य विभागों से लोगों को होने वाली समस्याओं को फोकस करते हुए इस योजना को बनाया है।

जिलाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि हमने एक नई पहल की है। आम जन से भी सहयोग की अपील की है। गौचर मेले के बाद जिले के सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबरों की सूची तैयार की जाएगी। इसको चमोली सूचना निर्देशिनी के नाम से प्रकाशित किया जाएगा। इसके पीछे प्रशासन की मंशा है कि लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण में कोई दिक्कत न हो और न ही उन्हें समस्याओं के समाधान के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ें।
 

कंजाबाग मार्ग अब उच्चीकरण के साथ हॉट मिक्स बनेगा

खटीमा। कंजाबाग मार्ग में अब वाहनों को जगह-जगह ब्रेक नहीं लगाने पड़ेंगे। चाहे वह दोपहिया हो या चौपहिया। उन्हें अब सिर्फ गंतव्य स्थान पर ही रुकने के लिए ब्रेक दबाने होंगे। वजह, यह मार्ग अब उच्चीकरण के साथ हॉट मिक्स बनेगा। मार्ग में पानी न ठहरे, इसके लिए नाली का निर्माण भी होगा। इस कार्य के लिए शासन ने धनराशि अवमुक्त कर दी है। लोनिवि के अधिकारियों ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया।

बरसात के बाद कंजाबाग तिराह से श्रीपुर बिछवा तक मार्ग बदहाल हो गया है। जगह-जगह सडक़ें टूट गई हैं। रोजना बाइक सवार मार्ग दुर्घटनाओं में घायल हो रहे थे। नजदीक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है। इसको देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने मार्ग के उच्चीकरण, सडक़ किनारे नाली व खड़ंजा बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा। शासन ने विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके लिए शासन ने कंजाबाग तिराहे से तीन किलोमीटर (नहर पार तक) 28 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी।

लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता पीके जोशी ने बताया कि शासन ने खटीमा-छिनकी-झनकट तक मार्ग की मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये अवमुक्त किए हैं। इसमें कंजाबाग सिद्धेश्वर मंदिर से कंजाबाग तिराहे तक सडक़ किनारे नाली व खड़ंजा बनाया जाएगा, जिससे मार्ग में पानी न रुक सके और नाली से बरसाती पानी की निकासी हो जाए। उन्होंने बताया कि अत्यधिक पानी भरने वाली जगहों पर मार्ग को ऊंचा भी किया जाएगा। इसके लिए सर्वे कर लिया गया है। कार्य सप्ताहभर के भीतर शुरू करा दिया जाएगा।
 

एफआरआइ की हर छोटी-बड़ी तकनीक जल्द होगी बाजार में

देहरादून। वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) फॉरेस्ट रिचर्स व वुड साइंस की हर छोटी-बड़ी तकनीक को बाजार तक पहुंचाने के लिए इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ मैनेजमेंट स्कॉलर्स (आइएएमएस) के साथ हाथ मिलाएगा। बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी के इंटरनेशनल सम्मेलन में तकनीक को आम आदमी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने विभिन्न अध्ययनों के माध्यम से तकनीक के साथ बदलती लाइफ स्टाइल पर चर्चा की।
 
शुक्रवार को एफआरआइ सभागार में आइएएमएस के तत्वावधान में आयोजित बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. एसएस नेगी ने किया। डॉ. नेगी ने कहा कि फॉरेस्ट रिसर्च व वुड साइंस के क्षेत्र में एफआरआइ ने कई कीर्तिमान हासिल किए हैं। कई तकनीक का इस्तेमाल इंडस्ट्री सेक्टर में हो रहा है। इसमें और बढ़ोतरी के लिए एफआरआइ इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ मैनेजमेंट स्कॉलर्स के साथ मिलकर काम करेगा। इस दिशा में जल्द रोड मैप तैयार किया जाएगा।
 
एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी के प्रो. एससी बागड़ी ने कहा कि राज्य में पारंपरिक पर्यटन के अलावा तकनीक के बल पर हैल्थ टूरिज्म, एग्रीकल्चर आदि आधारित पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार को इस दिशा में पहल करे तो राज्य की आर्थिकी का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ सकता है।
 
शोभित यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रो. अभय कुमार ने तकनीक व बिजनेस को एक दूसरे का पूरक बताया। कहा कि जब तकनीक होगी तो उसे बिजनेस मिलेगा और बिजनेस फलेगा-फूलेगा तो बाजार में नई तकनीक की जरूरत हमेशा पड़ती रहेगी। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट संस्थानों के दर्जनों छात्रों ने बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी के बीच सामंजस्य के गुर सीखे। इस अवसर पर डीएस चौहान, डॉ. गजेंद्र सिंह व जितेंद्र चौधरी आदि उपस्थित थे।
 

Uttarakhand's Mining Policy will be released soon

Dehradun : Final touches have been given to the State’s mining policy and the same would soon be released. Action has been initiated to identify mining areas in the districts. This was stated by Principal Secretary Industry and Mining Rakesh Sharma at a meeting with all District Magistrates for identifying mining areas, organised through video conferencing, at the Secretariat here.

Principal Secretary Shri Sharma said that the mining policy of the State would soon be released. On the basis of the mining policy, action will have to be initiated for identifying areas for mining in the districts. He said that all District Magistrates have been directed to identify mining areas and inform about the same to the Government. He said that the commencement of mining activity in all the districts would not only help in checking of illegal mining but also generate revenue and ensure availability of mined material at reasonable prices to the consumers. He said that agencies have also been identified to conduct mining operations in their respective areas, which include the Forest Development Corporation in the Reserved Forest areas, and the Garhwal Mandal Vikas Nigam (GMVN) and the Kumaun Mandal Vikas Nigam (KMVN) in the revenue land areas.

He said that all District Magistrates have also been directed to prepare a check list of mining and initiate action accordingly. Mining officials have been posted in the districts for the purpose. Therefore, the District Magistrates should send proposals for as many pattas as possible on the basis of land area available in their district. He said that relevant guidelines would also soon be issued in this regard. He said that a policy to install stone crushers in the districts is also being formulated, for which he told the District Magistrates to send proposals.

 

Principal Secretary Shri Sharma said that provisions for additional funds for the District Magistrates to make arrangements etc. for mining operations will also be done. He told the District Magistrates of Nainital and Udham Singh Nagar to work in close coordination to ensure viable mining operations. He also told them to effectively curb the tendency of illegal mining. He also directed the GMVN and the KMVN to develop their operations systems for carrying out mining activities. He said that mining operations would be given to other agencies only if the two corporations express their inability to do the needful.

 

Speaking on the occasion, District Magistrate Dehradun Dileep Jawalkar informed that a total of 900 hectares of land area in the district has been identified for mining purposes. He said that major formalities have been completed for carrying out mining in 500 hectares area in the Song River. He said that effectual steps have been taken to check illegal mining operations in the district. On the occasion, giving suggestions on making the proposed mining policy more effective, he said that the conditionality regarding prohibiting of machines in mining of secondary minerals in river beds areas should also be mentioned in the patta documents. Besides, he said that from environmental point of view, additional conditions be mentioned in the patta documents to make the patta holder accountable for disposing off mined waste material and to carry out afforestation in the area.

 

Those who were present in the meeting include Secretary in–charge PS Gusain, Managing Directors of GMVN and KMVN, and senior officials, among others.

दुराचार के आरोपी को सात वर्ष की सजा

पौड़ी गढ़वाल। नौ वर्ष की बालिका से दुराचार करने के आरोपी को न्यायालय ने सात वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक चार नवंबर 2011 को एक बालिका अपनी मां के साथ विवाह समारोह में गई थी। इस दौरान बालिका शौच के लिए खेत में गई थी। इसी दौरान विक्रम सिंह ने उससे दुराचार किया। घटना के बारे में बालिका ने अपनी मां को बताया। बालिका के दादा की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दुराचार के मामले में विक्रम सिंह को दोषी करार देते हुए उसे सात साल का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

 

ताक पर राजधानी की कानून व्यवस्था : विधायक के घर डकैती

देहरादून। दून में कानून व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। अब तक चोर गिरोह आम आदमी को ही निशाना बना रहे थे लेकिन इस बार बदमाशों ने सारी हदों को पार करते हुए विधायक के घर पर ही धावा बोल दिया और तमंचों एवं धारदार हथियारों की नोंक पर ४५ हजार रूपए लूट लिए।  लगभग आधे घंटे तक घर के अंदर तांडव मचाने वाले बदमाशों ने विधायक की पत्नी की विनती पर किसी से मारपीट नहीं की। बाद में बदमाश घर के लोगों को एक कमरे में बंद करके फरार हो गए। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों की तलाश में जंगलों में कांम्बिंग की लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं मिल पाया।
 
काबू से बाहर हो चुकी कानून व्यवस्था के बीच कल रात बदमाशों ने सहसपुर विधायक राजकुमार सिंह के घर ही धावा बोल दिया। रात लगभग १२ बजे कुछ सशस्त्र बदमाश उनके घर के अंदर घुस आए। उस वक्त घर में विधायक राजकुमार की पत्नी मीना सिंह, पुत्रियां स्वेता, नेहा एवं आठ वर्षीय पुत्र अंश ही थे। बताया जा रहा है कि बदमाशों की संख्या चार से अधिक थी जिनमें से दो पीछे के दरवाजे से अंदर घुसे जबकि बदमाश बाहर ही पहरेदारी करने लगे। अंदर घुसे बदमाशों ने मीना एवं बच्चों को एक कमरे में बंद किया और लोहा काटने वाली आरी मीना सिंह के अड़ा दी। मीना सिंह ने बदमाशों से विनती की कि वे किसी से मारपीट न करें और घर में जो कुछ भी होगा उसे वह खुद ही दे देंगी। बदमाशों ने घर की आलमारी में रखे लगभग ४५ हजार रूपए लूट लिए। घर के ही एक कमरे में रखी सैफ को बदमाशों ने खोलने की कोशिश की, लेकिन सफल नही ंहो पाई। बताया जा रहा है कि इस सेफ की चाबी विधायक के पास ही रहती है। जाने से पूर्व बदमाशों ने मीना सिंह सहित तीनों बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया। जाते हुए भी बदमाश हल्ला मचाने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते रहे।
 
वहीं बदमाश जिस कमरे में चारों को बंद कर गए थे उसी में एक दरवाजा बाहर की ओर निकलता था। चारों लोग उसी दरवाजे से बाहर आए और पुलिस के इस घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में एसपी देहात गिरीश चंद्र ध्यानी सहित एसओ सहसपुर मौके पर पहुंचे और बदमाशों की तलाश में काम्बिंग शुरू की गयी। मीना सिंह ने बताया कि इनमें से एक बदमाश के पास तमंचा भी था जबकि यह बदमाश घर के अंदर घुसते ही जान से मारने की धमकी देकर डरा रहे थे। विधायक राजकुमार इस समय राजनैतिक दौरे में पुरोला जा रखे थे। रात ही उनको भी इस घटना की जानकारी दी गयी। 
 
वहीं पुलिस को दी गयी जानकारी में मीना सिंह ने बताया कि सभी बदमाश पीछे के दरवाजे से अंदर घुसे। इनमें से दो बदमाशों ने बाहर ही पहरा दिया जबकि दो पहले से ही खुले दरवाजों से अंदर घुसे। मीना के अनुसार इन बदमाशों की उम्र १८ से २२ वर्ष की ही थी और इन लोगों ने तहमत पहनी हुई थी। वहीं पुलिस ने इस लूट में कच्छा-बनियान धारियों का हाथ होने से इंकार किया है। बताया जा रहा है कि विधायक के साथ रहने वाले गार्ड भी उन्ही के साथ पुरोला गया हुआ था।वहीं इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी है। विधायक के घर ही डकैती पडऩे की घटना के बाद कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
 

बस-डम्पर भिड़त में आधा दर्जन यात्री घायल

नैनीताल। हल्द्वानी की ओर से आ रही बरेली डिपो की बस ने वन विकास निगम की निकासी चौकी में खड़े अज्ञात डम्पर के पीछे से टक्कर मार दी। जिससे बस में सवार आधा दर्जन यात्रियों को मामूली चोटें आ गयी। दुर्घटना के बाद डम्पर चालक मय वाहन के फरार हो गया।

शुक्रवार को हल्द्वानी से तेज गति से आ रही रोडवेज की बस संख्या यूपी 25 टी- 6934 ने नगर के निकट वन विकास निगम की निकासी चौकी पर ट्रान्जिट पास कराने के लिए खड़े डम्पर के पीछे से टक्कर मार दी। जिससे बस के अन्दर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी व चीख पुकार फैल गयी। दुर्घटना में बस में सवार हरिशंकर, अफसर, आमीन खां, रेशमा सहित आधा दर्जन लोगों को मामूली चोटें आ गयी। इसी बीच डम्पर चालक डम्पर लेकर फरार हो गया। बता दें कि इससे पूर्व भी निकासी चौकी में खड़े वाहनों पर टकरा कर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें दर्जनों लोग मौत के शिकार हो चुके हैं।

 

डीएवी कालेज में गुंडागर्दी के विरोध में एनएसयूआई ने फूंका एबीवीपी का पुतला

देहरादून। डीएवी पीजी कालेज में हुई गुंडागर्दी के विरोध में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी एवं पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्र्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका और आंदोलन करने की चेतावनी दी।
 
एनएसयूआई के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए घंटाघर पहुंचे और वहां पर उन्होंने एबीवीपी एवं पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका और कहा कि पुलिस प्रशासन का इस दिशा में नकारात्मक रवैया रहा है। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि कल डीएवी कालेज में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से गुंडागर्दी व मारपीट की वह अत्यन्त निदंनीय है और एबीवीपी ने कालेज में आम छात्रों के लिए भय का माहौल बना रखा है और वैसे तो कॉलेज में झगड़े एवं मारपीट आम बात है परन्तु किसी धर्म विशेष की भावनाओं को आहत करना भाजपा व एबीवीपी की पुरानी आदत सी बन गई है और जिस प्रकार महाविद्यालय में छात्र संघ अध्यक्ष द्वारा एक सिख छात्र के सम्मान की सूचक पगड़ी को खोलकर उनके केशों से उन्हें घसीटा गया, उससे सिख समुदाय की भावनायें आहत हुई है।
 
वक्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार व पुलिस प्रशासनइतने बडे प्रकरण के बावजूद मौन धारणकिये हुए है और जो कि उनकी तानाशाही का प्रतीक है। इस अमानवीय व्यवहार को कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और भाजपा व एबीवीपी यह जान ले कि सिख धर्म व उसकी भावनाओं से जुड़े लगभग ४० प्रतिशत लोग होने के कारण ये लोग सडक़ों पर उतरे तो राज्य सरकार की चूलें हिल जायेंगी। वक्ताओं का कहना है कि इस मामले में यदि शीघ्र ही कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन किया जायेगा। पुतला फूंकने वालों में कुंवर जपेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह, यशस्वी शर्मा, श्याम सिंह चौहान, मोहन कुमार काला, दीप वोहरा, अरूण कुमार, दीपक सिंह, देवेन्द्र सिंह आदि शामिल थे। वहीं उत्तराखंड पंजाबी क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर पर सिख छात्र के साथ की गई बदसलूकी के विरोध में सरकार का पुतला फूंका और उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
 

४३०० हजार करोड़ रूपये की लागत से बनेगा ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेलवे मार्ग

देहरादून। गढ़वाल सांसद एवं रक्षा संबंधी स्थायी समिति के सभापति सतपाल महाराज ने कहा कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक बनने वाली १२५ किमी लंबी रेलवे लाइन का शिलान्यास यूपीए चेयरपर्सन एवं राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की अध्यक्ष सोनिया गांधी नौ नवम्बर को गौचर में पूर्वाहन ११ बजे करेंगी और इस परियोजना में ४३०० हजार करोड़ रूपये की लागत आयेगी और पहले चरण में २०० करोड़ रूपये का खर्चा आयेगा।
 
कांग्रेस भवन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन के निर्माण से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का सफल ४ घंटे में पूरा हो जायेगा और इस दूरी में ८१ गुफाएं, १२ रेलवे स्टेशन बनाये जायेंगे और साथ ही ६५ मीटर ऊंचा पुल भी होगा। पांच साल के समयबद्ध प्रक्रिया में इसका निर्माण किया जायेगा। इस परियोजना के निर्माण में पैसे की कोई कमी आड़े नहीं आयेगी और रेलवे युद्ध स्तर पर इस परियोजना को पूरा करने के लिए प्रयासरत है। उनका कहना है कि इस काम का जिम्मा रेल विकास निगम को सौंपा गया है।
 
उनका कहना है कि इस रेल लाईन के निर्माण से सैकड़ों गांव तो लाभान्वित होंगे ही अपितु दुर्गम सडक़ मार्ग से यात्रा में भी कुछ हद तक निजात मिलेगी, इससे यात्रियों के समय व पैसे की बचत होगी, साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रूकेगा।
 
उनका कहना है कि साकनीधार से देवप्रयाग के बीच सबसे लंबा पुल बनाया जायेगा और यहां पर एक लंबी सुरंग भी बनाई जायेगी। उनका कहना है कि स्थानीय नागरिकों को रोजगार के अवसर अधिक संख्या में उपलब्ध होंगे। महाराज ने कहा कि सोनिया गांधी नेशनल एडवाइजरी कौसिंल की चेयरपर्सन भी है एवं उनके साथ भारत सरकार व प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में रेल मंत्री व रेल राज्य मंत्री शिलान्यास के समय साथ होंगे। उनका कहना है कि कुछ स्वार्थी लोगों द्वारा बौखहाहट में अनर्गल बयानबाजी की जा रही है जो कि उचित नहीं है, यह वह लोग जो कहा किरते थे कि पहाड़ में रेल कैसे जायेगी, आज जब पहाड़ की जनता का सपना साकार रूप लेने जा रहा हे तो हड़बड़ाहट में इन लोगों द्वारा ऐसी बयानबाजी की जा रही है, जबकि उत्तराखंड की जनता शुरू से ही अपने विवेक के लिए जानी जाती है और उन्हें सब पता है कि इस रेलवे लाईन के निर्माण के लिए किसने क्या किया है। 
 
महाराज ने यह भी बताया कि पूर्व भी उनके द्वारा तीनों सेनाओं की भर्ती रैलियां आयोजित करवाई गई। उन्होंने यह भी बताया कि उनके इसी प्रयास के तहत गढ़वाल मंडल के लिए  ६ नवम्बर तक श्रीनगर पौडी गढ़वाल में सेना की भर्ती होने जा रही है, इसमें अधिक से अधिक बेरोजगार युवा शामिल हों और अपने सेवायोजन का प्रयास करें, कुमायूं मंडल के लिए भी फरवरी २०१२ में थल सेना की भर्ती रैली की जानी प्रस्तावित है और जिससे वहां के युवाओं को भी सेवायोजन का अवसर मिलेगा।  वार्ता में पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह भंडारी, गुलाब सिंह, धीरेन्द्र प्रताप, अनूप कपूर आदि मौजूद थे। 
 

India to be protected by 1 Lakh soldiers at China Border

Delhi : With a rapid increase in the movement of the Chinese Military Forces along the border, the Indian Government has decided to increase the Indian Army deploment along the Indo China border by great numbers. The decision is just a precautionary measure and no alarming activity has been reported so far.

According to sources within the Defence Ministry, Rs 64,000-crore has been approved for a military modernization in the area with plans to raise 4 new divisions along the India-China border. Of these, one would be a Mountain Strike Corps dedicated to offensive operations and another two independent brigades, one in Ladakh and the other in Uttarakhand.

The proposal of the same will, however have to be first cleared by the Cabinet Committee on Security for approval and financial sanction. Once cleared, this would be the highest ever expansion of the Indian Army along with the highest deployment along the Indo - Cina border after 1962 war.

CM visited Dhumakot

Dhumakot : Chief Minister Major General (Retd.) Bhuwan Chandra Khanduri addressed a massive public meeting in Dhumakot on Wednesday, in which he emphasised upon the importance of uprooting the scourge of corruption and working unitedly to make Uttarakhand well cultured and developed in consonance with the dreams and wishes of the statehood agitationists.

Reminiscing his old association with Dhumakot, Chief Minister Shri Khanduri said that he began his political journey from here itself. He said he commenced his political career from Dhumakot in 1991 and that he learnt of political morals and values from the people here. On the occasion, he expressed his gratefulness at the unbridled love and respect accorded to him by the local residents, for which said he would remain thankful throughout his life. Addressing the public meeting, Chief Minister Shri Khanduri he said that corruption is eating into the vitals of the society by impeding development process. He said that funds allocated for development are siphoned off through corrupt practices.

The Chief Minister proudly announced that following the agitation by Anna Hazare, Uttarakhand has become the first state in the country to have a strong Lokayukta in place. He said that Lokayukta Bill has been passed by the Vidhan Sabha. The Lokayukta will soon come into existence. He said that the Government has initiated several steps to eradicate corruption, and promote good governance and effective public service delivery. Under its commitment to provide good governance and transparent administration, the Government has formulated the Right to Public Service Act, which will help in service delivery to the people in a time bound manner.   The Chief Minister said that he knows the various problems being faced by the people and that the government is making all round efforts to solve these. For the development of Uttarakhand it is necessary that the available resources are utilised to the fullest. Therefore it is essential that every single paisa should be constructively utilised and it is also the responsibility and duty of all to keep a rightful account of the same. On the occasion, the Chief Minister appealed to the residents to come forward to free Uttarakhand from the bane of corruption and emphasised upon the need for cooperation and assistance of all in this endeavour. During his visit, Chief Minister Shri Khanduri dedicated to the people and laid foundation stones of a number of development schemes worth Rs. 5 crores 39 lakh. These include dedicating to the people a motor road from Tandyu Bend to Tandyu village in Dhumakot, built at a cost of Rs. 87.5 lakh under the State Plan. In addition, the Chief Minister laid the foundation stones of a number of drinking water schemes under the Swap programme in the Naini Danda Development Block. These include the Rs. 184.85 lakh village group reorganisation drinking water scheme in Digolikhal (Rudiyali Part 1), the Rs. 138.30 lakh village group reorganisation drinking water scheme in Bangadkhet Malla (Rudiyali Part 2), and the Rudiyali village group reorganisation drinking water scheme to be built at a cost of Rs. 129.29 lakh. Those who were present on the occasion include former legislator Bharat Singh Rawat, deputy chairman of Watershed Monitoring Committee Mohan Lal Baunthiyal, State Vice president of Anusuchit Jati Morcha Jogeshwar Prasad Shah, BJP District president Kotdwar Harendra Pal Singh Negi, BJP District General Secretary Virendra Singh Rawat, former pramukh Madhu Bisht, MD Rawat, Vipin Kaintura, Rakesh Nailwal, and public representatives, among others. 

सिक्कों (Coins) की नई श्रृंखलाएं जारी करेगा आरबीआइ (RBI)

देहरादून। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) 50 पैसे, एक, दो, पांच व 10 रुपये के सिक्कों की नई श्रृंखलाएं जारी करेगा। इन सिक्कों का वृत्ताकार क्रमश: 19, 22, 25, 23 और 27 मिलीमीटर होगा। इनमें से 50 पैसे तथा एक व दो रुपये के सिक्के फेरेटिक स्टेनलैस स्टील के होंगे जिनमें 83 प्रतिशत लोहा और 17 प्रतिशत क्रोमियम होगा। पांच रुपये का सिक्का निकल पीतल का होगा जिसमें तांबा 25 प्रतिशत, जस्ता 20 प्रतिशत और निकल पांच प्रतिशत होगा। वहीं दस रुपये के तांबा निकल के सिक्के में तांबा 75 प्रतिशत और निकल 25 प्रतिशत होगा।

आरबीआइ के क्षेत्रीय कार्यालय की सहायक महाप्रबंधक शालिनी सचान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी सिक्कों के मुख भाग पर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष होगा जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा होगा। सिक्कों की बायीं परिधि पर हिंदी में भारत और अंग्रेजी में इंडिया शब्द अंकित होगा। इसके अलावा सिर्फ 10 रुपये के सिक्के के मुखभाग पर निचले हिस्से में अंतरराष्ट्रीय अंकों में वर्ष अंकित होगा। सभी सिक्कों के पृष्ठ भाग पर अंतरराष्ट्रीय अंकों में उनका मूल्य अंकित होगा और बायीं व दायीं परिधि पर पुष्प की डिजाइन होगी। 50 पैसे के सिक्के के पृष्ठ भाग पर अंकित मूल्य के नीचे ऊपरी परिधि पर हिंदी और अंग्रेजी में पैसे लिखा होगा जबकि अन्य सिक्कों में पृष्ठ भाग पर ऊपरी परिधि में रुपये का प्रतीक चिंह अंकित होगा। सभी सिक्कों के पृष्ठ भाग की निचली परिधि पर अंतरराष्ट्रीय अंकों में सिक्का बनाने का वर्ष भी दर्शाया जाएगा। इन मूल्य वर्गों के मौजूदा सिक्के वैध मुद्रा बने रहेंगे।

आरबीआइ के सहायक महाप्रबंधक अजीत प्रसाद ने बताया कि बैंक शीघ्र ही अपने गवर्नर डी.सुब्बाराव के हस्ताक्षर से महात्मा गांधी श्रृंखला 2005 में दोनों संख्या पटलों में इनसेट लेटर एफ के साथ 20 रुपये मूल्यवर्ग के नोट जारी करेगा। इनसेट लेटर में परिवर्तन के अलावा अब जारी किये जाने वाले इन बैंक नोटों की डिजाइन महात्मा गांधी श्रृंखला 2005 के बैंक नोटों के समान होगी।
 

५० हजार की रिश्वत (Bribe) लेते डिप्टी ड्रग कंट्रोलर (Deputy Drug Controller) को पकड़ा

देहरादून। एक दवा कंपनी के मालिक से कंपनी का लाइसेंस रिन्यूवल करने की एवज मे ५० हजार की रिश्वत लेते एक डिप्टी ड्रग कंट्रोलर को विजीलेंस टीम ने उसी के घर में रंगे हाथों दबोच लिया। उसके घर से एक लाख अस्सी हजार रूपये,सोने चांदी के गहने और महंगी शराब की बोतले भी बरामद की गई हैं।
 
विजीलेंस से मिली जानकारी के अनुसार रूडक़ी के एक दवा फैक्ट्री के मालिक ने विजीलेंस से शिकायत की थी कि डिप्टी ड्रग कंट्रोलर धर्मवीर उनकी फैक्ट्री का लाइसेंस रिन्यूवल करने की एवज में एक लाख की रिश्वत मांग रहे हैं। इस पर विजीलेंस ने धर्मवीर को ट्रैप करने की योजना बनाई। योजना के अनुसार कंपनी मालिक ने पहले ५० हजार रूपये देने की बात कही। जिस पर धर्मवीर मान गया। बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे कंपनी मालिक रूपये लेकर किशनपुर स्थित धर्मवीर के घर पहुंचा। वहां जैसे ही उसने रूपये दिए तो विजीलेंस टीम ने धर्मवीर को दबोच लिया। उसके घर से तलाशी के बाद एक लाख अस्सी हजार रूपये,सोने चांदी के जेवर तथा महंगी शराब की बोतलें बरामद  की गई हैं। शाम तक विजीलेंस उसके बैंक खातों तथा संपत्ति का ब्यौरा खंगाल रही थी।
 

उत्तराखंड (Uttarakhand) विधानसभा (Vidhan Sabha) का सदन बना अखाड़ा

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का दूसरा व अन्तिम दिन में तो हद ही हो गयी उक्रांद के के विधायक ओम गोपाल रावत व काजी निजामुददीन में सदन के भतर ही उलझ बैठे और उनमें हाथापाई हो गई। सदन के अन्दर हुई हाथापाई तथा जाति प्रमाण पत्र सरलीकरण को लेकर काजी तथा करन महरा सदन के बाहर धरने पर बैठ गये।

 मंगलवार का दिन उत्तराखण्ड विधानसभा के विशेष सत्र के अन्तिम दिन ने इतिहास रच गया। प्रश्नकाल खत्म होने पर जैसे ही विस अध्यक्ष सदन की कार्यवाही एक बजे तक के लिए स्थगित कर बाहर चले गये। विधायक काजी निजामुद्दीन पोस्टर में जाति प्रमाण पत्र सरलीकरण की रिपोर्ट को लागू करने के लिए वेल में आकर ख़ेडे हुये वहीं यूकेडी विधायक ओमगोपाल रावत ने काजी निजामुददीन के हाथों से पोस्टर छीन कर उसे फाड़ दिया जिससे दोनों के बीच हाथापाई शुरू होने लगी। वहीं काजी के पक्ष में बसपा विधायक सुरेन्द्र राकेश भी मैदान में कूद पड़े तथा ओमगोपाल की ओर झपट पड़े। देखते ही देखते दोनों ओर से बहसबाजी के साथ हाथापाई तेज हो गई। ओमगोपाल व काजी तथा सुरेन्द्र राकेश एक दूसरे को ललकारते हुये लडऩे को तैयार थे।  दोनों विधायक एक-दूसरे को चुनौती देते हुये मैदान में उतरने के लिए ललकारने लगे। झगड़ा बढ़ता देख कांग्रेस तथा भाजपा के वरिष्ठ विधानसभा सदस्य दोनों के बीच बचाव के लिए आये। बीच बचाव के चलते ही दोनो विधयकों के एक दूसरे पर हाथापाई के लिए उठ रहे हाथ शांत हो पाये। जिससे सदन के अन्दर काफी गर्माहट का माहौल पैदा हो गया। बाद विधायक काजी निजामुददीन तथा विधायक करन महर ने सदन के बाहर धरना दिया।  उत्तराखण्ड सदन के अन्दर हुआ यह मामला काफी देर बाद शान्त हो पाया।

वहीं सदन के बाहर मीडिया से वार्ता करते हुये सुरेन्द्र राकेश ने कहा कि सदन के अन्दर हर किसी को बोलने व बात रखने का हक है तथा यह उत्तराखण्ड किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र सरलीकरण की जो रिपोर्ट आई है उसको सरकार को सदन में रखा, उसको लागू करना चाहिए लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र पर सरकार अपना उपेक्षित रवैया अपना रही है जो कि उन्हें मंजूर नहीं है। प्रश्नकाल खत्म होते ही विस अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी। ओमगोपाल के हावभाव को देख काजी ओमगोपाल की ओर कूद पड़े इतने मे भाजपा तथा कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक व मंत्री दोनों के बीच बचाव में आ खड़े हुये तथा दोनों को शान्त कराने लगे। काफी देर तक ओमगोपाल रावत, काजी निजामुद्दीन तथा सुरेन्द्र राकेश गुस्सैले अंदाज में वेल में एक दूसरे पर झपटने के लिए तैयार दिख रहे थे। वहीं दूसरी ओर ओमगोपाल ने काजी की ओर ईशारा करते हुये कहा कि जाति प्रमाण पत्र सरलीकरण की मांग करने वाले राज्य की मांग के दौरान इसका विरोध कर रहे थे जिससे काजी का गुस्से का पारा बढ़ गया तथा ओमगोपाल की ओर हाथापाई के लिए आगे बढ़ा गये। वहीं पीछे से सुरेन्द्र राकेश ने भी ओमगोपाल को ललकारते हुये मैदान में आने का न्यौता दिया। इसी के चलते काजी निजामुद्दीन तथा करन महर सदन के बाहर धरने पर बैठ गये। 

 

राजधानी के आसिफ ने जीता आइडिया का दिवाली धमाका

देहरादून । आगामी त्योहारों के अवसर और पावन दिवाली के मौके पर आइडिया सेल्युलर ने अपने उपभोक्ताओं की खुशियों को और बढ़ा दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आइडिया के सभी नए और मौजूदा उपभोक्ताओं ने सोने के सिक्के, आईपॉड तथा और भी कई शानदार उपहार जीते।
 
 
देहरादून में रहने वाले आइडिया उपभोक्ता मुहम्मद आसिफ ने कॉन्टैस्ट के प्रथम विजेता के तौर पर 1,25,000 रुपए का सोना जीता। अन्य दो आइडिया उपभोक्ताओं आदेश और मनमोहन ने 75,000 और 50,000 के सोने के सिक्के जीते। आइडिया के कई उपभोक्ताओं ने नए आईपॉड तथा अन्य आकर्षक ईनाम जीते।
 
1,25,000 रुपए का सोना जीत कर बेहद खुश नजर आ रहे मुहम्मद आसिफ ने कहा कि ’’इस उपलब्धि से मैं बहुत ही खुश हूं और इस आश्चर्यजनक उपहार के लिए मैं आइडिया का शुक्रगुजार हूं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सारे ग्राहकों में से चुना जाना वाकई एक सपना सच होने की तरह है। अपने उपभोक्ताओं को बेहतरीन सेवा, ऑफर और पुरस्कारों से नवाजऩा$$$ वाकई आइडिया इस सर्कल में सबसे अच्छा टेलीकॉम ऑपरेटर है।’’
 
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आइडिया सेल्युलर के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री एन$एफ$ ऐबारा ने कहा, ’’मैं विजेताओं को बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि उनके त्योहार को कुछ और विशेष बनाने में हमारा यह छोटा सा प्रयास सफल रहा होगा। आइडिया पर भरोसा रखने और इस सर्कल का नंबर एक टेलीकॉम ऑपरेटर बनाने के लिए कंपनी ने हमेशा अपने उपभोक्ताओं को पुरस्कृत किया है। मुझे यकीन है कि इस ऑफर से हमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मोबाइल उपभोक्ताओं से जुडऩे में मदद मिलेगी तथा उन्हें सर्वश्रेष्ठ टैरिफ और सर्वोत्तम नैटवर्क प्रदान करने हमें मदद मिलेगी।’’
 
दिवाली धमाका ऑफर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सभी नए और मौजूदा प्रिपेड ग्राहकों के लिए खुला था। सबस्क्रिप्शन आधारित इस कॉन्टैस्ट में आइडिया उपभोक्ताओं को रोज़ाना कॉल करके कुछ सवालों के जवाब देने थे। सबसे ज्यादा अंक एकत्रित करने वाले उपभोक्ताओं में से विजेताओं का चयन किया गया।
 

जांच आयोग ने 68 में से 60 मामालों की जांचपूरी की

देहरादून। वर्ष 2002 से 2007 तक राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए गठित जांच आयोग ने 17 मामलों में लोक सेवक या विभाग के स्तर पर अनियमितता पाई है। राज्य सरकार ने इन सभी 17 मामलों को सतर्कता अधिष्ठान को इस निर्देश के साथ भेज दिया है कि जिन मामलों में में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवकों द्वारा अनियमितता करनी पायी जाए उन मामलों में उपयुक्त वैधानिक कार्यवाही की जाए। 

शासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ऐसे मामले जिनमें अनियमितता पाई गई है उनमें सरकारी उद्यानों को लीज पर दिए जाने, शीतगृह(मटेला) से संबंधित परिवाद, आईटीआई में उपकरण क्रय में अनियमितता, आवंटित बजट में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रूपए की धनराशि बिना नहर बनाए हड़प जाने, चिकित्सा विभाग में दवाओं की खरीद, फार्मासिस्टों की भर्ती व वाहन चालकों की भर्ती में भ्रष्टाचार, उत्तरकाशी में वरूणावत पर्वत में हो रहे भूस्खलन के लिए तैयार की गई आपदा प्रबंधन कार्य योजना में भारी विाीय अनियमितता, उत्तराखण्ड के शिक्षा परिषद, देहरादून द्वारा नैनीताल जिले में अनियमित रूप से खोले गये शिक्षा गारंटी केन्द्रों व मकतब मदरसों को सहायता देने, पूर्व प्रभागीय वनाधिकारी लक्ष्मण सिंह रावत, टौंस वन प्रभाग के भ्रष्टाचार कारनामों, नगर पंचायत दिनेशपुर द्वारा शासकीय अनुदानों का दुरुपयोग करके राज्य को आर्थिक क्षति पहुंचाने, खेल विभाग व उवके अन्तर्गत महाराणा प्रताप स्पोट्र्स कालेज सोसायटी रायपुर, देहरादून में घोर अनियमितता, लघु सिंचाई विभाग में फर्जी गुलों का निर्माण, वर्ष 2002 के बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रदेश में कम्प्यूटर की खरीद में भ्रष्टाचार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 15 करोड़ के कम्प्यूटर खरीद कर विभागों पर थोपने, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में ही कम्प्यूटर खरीदने अनियमितता से सम्बन्धित एक अन्य परिवाद, जीबी पन्त इंजीनियरिंग कालेज, घुड़दौड़ी (पौड़ी) में अनियमित नियुक्तियों व सरकारी धन का दुरुपयोग, दैवीय आपदा प्रबन्धन के बजट को मनमाने तरीके से आवंटित कर लाभ अर्जित करने तथा वर्ष 2002 से वर्ष 2007 में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग से सम्बन्घित अन्य परिवाद शामिल हैं। गौरतलब है कि शासन ने सितम्बर, 2007 में वर्ष 2002 से 2007 तक राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में हुई अनियमितताओं के सम्बन्ध में जांच के लिए जांच आयोग गठित किया था। जांच आयोग को 68 मामले सौंपे गये थे, जिनमें से 60 मामलों में जांच पूर्ण कर ली गई है।  

 

विष्णु (Vishnu) व तुलसी (Tulsi) के विवाह के साथ शुरू होगा पांडव नृत्य (Pandav Nritya)

रुद्रप्रयाग। केदारघाटी में दरमोला एक ऐसा गांव है, जहां प्रत्येक वर्ष एकादशी पर्व पर भगवान विष्णु एवं तुलसी विवाह के साथ पांडव नृत्य का आयोजन का शुभारंभ होता है। स्कन्द पुराण एवं केदारखंड में विस्तार से वर्णन मिलता है।

गढ़वाल क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष नवंबर से लेकर फरवरी तक पांडव नृत्य का आयोजन होता है। एकादशी पर्व व इसके बाद से इसके आयोजन की पौराणिक परंपरा है। जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत दरमोला एकमात्र ऐसा गांव है, जहां प्रत्येक वर्ष एकादशी पर्व पर ग्रामीण देव निशाणों के साथ मंदाकिनी व अलकनंदा के तट पर स्नान के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु एवं तुलसी का विवाह हुआ था। क्योंकि यहां भगवान बद्रीविशाल, लक्ष्मीनारायण, शंकरनाथ, नागराजा, देवी, हित, ब्रहमडुंगी, भैरवनाथ समेत कई नेजा-निशाण एकादशी की पूर्व संध्या पर संगम तट पर स्नान के लिए लाए जाते हैं और पूरी रात जागरण भी किया जाता है। एकादशी पर्व पर सुबह सभी देवताओं की पूजा-अर्चना एवं हवन के बाद ही देवताओं के निशाणों को गांव में ले जाया जाता है। इसी दिन से ही पांडव नृत्य का भव्य आयोजन शुरू हो जाता है।

इस दौरान मुख्य रूप से पांडवों के बाणों एवं अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की अनूठी परंपरा है, जो नृत्य करने से पूर्व हमेशा की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वर्ग जाने से पहले भगवान कृष्ण के आदेश पर पाण्डवों ने अपने अस्त्र-शस्त्र यहीं छोड़ कर मोक्ष के लिए स्वर्गारोहणी की ओर चल दिए थे, इसी लिए यहां के लोग पांडवों के अस्त्रों के साथ नृत्य करते हैं।
 
नृत्य समिति दरमोला के पुजारी पांडव गिरीश डिमरी ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि गढ़वाल क्षेत्र का दरमोला गांव ऐसा गांव है, जहां प्रतिवर्ष पांडव नृत्य का आगाज बड़ी आस्था के साथ किया जाता है। यह परम्परा सदियों से चली आ रही है, जिसका सजीव रूप में वर्णन किया जाता है। ऐसे पौराणिक इतिहास को बचाना हम सभी का धर्म होना चाहिए, जिससे हमारी संस्कृति बची रहे।
 

होटलों में शराब पीने व पिलाने वालों पर प्रशासन सख्त

बागेश्वर। जनपद में होटलों में शराब पीने व पिलाने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है। इस बार इसकी कमान पुलिस ने नहीं बल्कि उपजिलाधिकारी श्रीष कुमार ने स्वयं संभाली है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी व्यक्ति होटल में शराब पीता पाया गया तो होटल मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने शराब पीकर वाहन चलाने वालों व नगर में घूमने वाले शराबियों को भी सुधरने की चेतावनी दी है।

उपजिलाधिकारी ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि होटलों व रेस्टोरेंटों में शराब पीकर उधम मचाने की शिकायतें मिल रही हैं जिससे नगर का माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने सभी रेस्टोरेंट, होटल स्वामियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत में अपने होटलों में शराबियों को जगह न दें। कहा कि वे स्वयं समय-समय पर होटलों व रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण करेंगे व अगर कोई शराब पीता या पिलाता पाया गया तो कार्रवाई करेंगे। उन्होंने नगर में शराब पीकर घूमने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

उपजिलाधिकारी श्रीष कुमार ने एक व्यक्ति को शराब पीकर वाहन चलाने पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि किशन सिंह नेगी कपकोट मार्ग में शराब पीकर वाहन चला रहा था तथा उसने सडक़ में खड़े दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी। जिस पर उपजिलाधिकारी ने उसे गिरफ्तार कर पुलिस को सौंप दिया जिसे पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसका स्पार्क वाहन संख्या यूए-02- 3177 को सीज कर दिया है।
 

बिना टेंडर कार्य करने वाले अफसरों पर दर्ज हो मुकदमा : सतपाल महाराज (Satpal Maharaj)

पौड़ी गढ़वाल। गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज ने निर्देश दिए कि बगैर टेंडर के कार्यो को टुकड़ों में विभाजित कर आवंटित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करवाएं। इसके अलावा सांसद ने बैठक में गैर हाजिर अफसरों के खिलाफ कार्यवाही के भी निर्देश दिए।

रक्षा संबंधी स्थायी समिति के सभापति व गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज ने मंगलवार को जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में अधूरी जानकारी देने तथा गैर हाजिर अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग व लघु सिंचाई विभाग पर चर्चा के दौरान सांसद ने कहा कि एकल कार्य का टेंडर निकाला जाए यदि बगैर टेंडर के कार्यो को टुकड़ों में विभाजित कर कार्य बांड के आधार पर वितरित किए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करें। लोक निर्माण विभाग पर चर्चा के दौरान सडक़ों के किनारे नाली निर्माण का कार्य न किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की गई। सांसद ने कहा कि विभाग सडक़ों के किनारे नालियों का निर्माण करें।

देवप्रयाग-व्यासचट्टी मोटर मार्ग की हालत पर संभागीय परिवहन अधिकारी ने चिंता जाहिर की। एशियन डवलपमेंट बैंक के इस कार्य पर सांसद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मार्ग के संयुक्त निरीक्षण के आदेश दिए। पौड़ी शहर की पार्किंग व्यवस्था पर भी सांसद ने निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी एमसी उप्रेती, सीडीओ विनय शंकर पांडे, पालिका अध्यक्ष पौड़ी राजेन्द्र टम्टा, ब्लाक प्रमुख दुगड्डा गीता नेगी समेत अन्य मौजूद रहे।
 

पार्क में झूलों के नाम पर केवल रह गये उनके निशान

रुडक़ी। बच्चों के लिए बनाया गया संगम पार्क में झूलों के नाम पर केवल उनके निशान रह गए हैं। सभी झूलों को उखाडक़र उन्हें चोरी कर लिया गया है। यहां तक की सेफ्टी के लिए लगाई गई रेलिंग को भी उखाडक़र चोर अपने साथ ले गए हैं। इससे बच्चों के गंगनहर में गिरने का खतरा पैदा हो गया है।

गंगनहर संगम पर पर्यटन विभाग की ओर से लगभग पांच साल पहले यह पार्क बनाया गया था। पार्क में पांच लाख रुपए की कीमत के तरह-तरह के झूले लगाए गए थे। मिक्की माऊस का राउंट झूला, एलीफेंट स्लीप आदि सहित कई झूले थे, लेकिन पार्क से एक-एक कर सभी झूलों का उखाड़ लिया गया। झूलों के स्थान पर उनके निशान या फिर पाइप आदि खड़े हैं। पार्क पुरानी व नई गंगनहर के संगम पर बना है। पार्क में घूमने आने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए चारों लोहे की रेलिंग लगाई गई है। अब चोरों की नजर रेलिंग पर है। पार्क की एक साइड से रेलिंग को उखाड़ भी लिया गया है।

एक-एक कर पार्क सभी झूले चोरी हो चुके हैं। अब रेलिंग तोड़ी जा रही हैं। इस संबंध में पुलिस को तहरीर तक नहीं दी गई है। पार्क पूरी तरह से लावारिस बन गया है।
उत्तरी खंड गंगनहर रुडक़ी के एसडीओ शिवराज सिंह ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि पार्क काफी समय से नगर पालिका के अधीन है। पार्क में यदि कोई उपकरण टूटा या चोरी हुआ है तो इस संबंध में कार्रवाई भी नगर पालिका प्रशासन को ही करनी चाहिए। समय-समय पर नगर पालिका प्रशासन को इस संबंध में एनडीजीसी की ओर से सूचित किया भी जाता है।
 
रुडक़ी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पीएस रावत ने कहा कि गंगनहर संगम के पार्क नगर पालिका के अधीन नहीं है। पूर्व में कुछ समय के लिए नगर पालिका ने पार्क का रखरखाव जरूर किया था। लेकिन बाद में दोनों पार्क सिंचाई विभाग को हस्तांतरित कर दिए गए थे। सिंचाई विभाग को ही पार्क का रखरखाव करना चाहिए। नगर पालिका का इन पार्को से कोई वास्ता नहीं है।
 

ओवर लोअडिंग, सड़क पर एक खतरा : पुलिस ने पकड़े 18 वाहन

बाजपुर। पुलिस ने ओवर लोडिंग वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर खनन सामग्री से लदे ओवर लोडेड 18 वाहनों को पकड़ लिया। इनमें छह वाहनों का नगद व नौ का कोर्ट चालान किया गया। तीन को सीज कर दिया गया।

सीओ प्रदीप कुमार राय के निर्देशन व एसएसआइ भीम भास्कर आर्य, बन्नाखेड़ा चौकी प्रभारी लाखन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने अवैध खनन व ओवर लोडेड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें अलग-अलग जगहों से 18 खनन वाहनों को पकड़ा गया। इनमें से छह वाहनों का नगद व नौ का कोर्ट चालान किया गया। तीन वाहनों को सीज कर दिया गया। सीओ ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 

15 को पर्यटकों के लिए खुलेगा राजाजी (Rajaji National Park)

हरिद्वार। राजाजी राष्ट्रीय पार्क (Rajaji National Park) पर्यटकों के लिए सजने लगा है। पार्क के साइन बोर्ड से लेकर रिसेप्शन और पर्यटकों के बैठने के लिए हट सजाए जा रहे हैं। 15 नवंबर को पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
 
राजाजी राष्ट्रीय पार्क में इन दिनों जोरशोर से साज सज्जा का काम चल रहा है। राजाजी पार्क की चीला रेंज में सडक़ों की मरम्मत का काम तो चल ही रहा है लेकिन बाहर भी सजावट के इंतजाम हो रहे हैं। पार्क के साइन बोर्ड को नए रंगों के जरिए और आकर्षक बना दिया गया है जबकि रिसेप्शन में रंगाई चल रही है। वहीं चीला रेंज के प्रवेश द्वार के बाहर पर्यटकों के बैठने के लिए बने हट भी नए सिरे से तैयार किए जा रहे हैं। हट पर लगी घासफूस को बदला जा रहा है। उसके बाद नई फूस हट की छत पर लगाई जाएगी। चीला रेंज अधिकारी डीपी उनियाल ने आरएनएस संवाददाता को बताया कि 15 नवंबर को पार्क खुलेगा। अब समय कम है ऐसे में तैयारियां तेजी से हो रही हैं। पर्यटकों की सुविधा प्राथमिकता पर है। कुछ दिनों में सडक़ों की मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा।
 

बस में बदतमीजी करने पर दो युवक को धुना

रामनगर । हल्द्वानी से आ रही रोडवेज बस में महिलाओं से बदतमीजी करना दो युवकों को महंगा पड़ा। रामनगर पहुंचने पर पहले से मौजूद महिलाओं के परिजनों ने युवकों की जमकर पिटाई लगाई। मारपीट में युवकों के कपड़े तक फट गए। पुलिस दोनों युवकों को पकडक़र कोतवाली ले आई। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने पर कोई कार्रवाही नहीं की गई।

बताया जाता है कि रामनगर गूलरघट्टी निवासी एक ही परिवार की कुछ महिलाएं सोमवार की रात रोडवेज बस में हल्द्वानी से रामनगर आ रही थीं। बस में राजस्थान के जिला नागोर निवासी सरवन व सूखा राम भी बैठे थे। आरोप है कि दोनों युवकों ने गूलरघट्टी की महिलाओं से बदतमीजी शुरू कर दी। महिलाओं के साथ आ रहे इश्तकार हुसैन के विरोध के बावजूद युवक नहीं माने। इस पर इश्तकार ने फोन से गूलरघट्टी में अपने परिजनों को मामले की जानकारी दी। इस पर गुस्साए परिजन रोडवेज स्टेशन में पहुंचकर बस के आने का इंतजार करने लगे। बस के पहुंचने पर परिजनों ने दोनों युवकों की जमकर पिटाई लगाई। अन्य लोगों ने भी हाथ साफ किया। इस मारपीट में दोनों युवकों के कपड़े तक फट गए। पुलिस मौके पर पहुंचकर युवकों को कोतवाली ले आई। कोतवाल बीबीडी जुयाल ने बताया कि देर रात दोनों पक्षों के बीच समझौता होने पर किसी की ओर से कोई कार्रवाही नहीं की गई।

 

राजधानी (Dehradun) की सडक़ों पर किरण बेदी (Kiran Bedi) हुई नाराज

देहरादून। अब तो शायद राज्य की प्रदेश सरकार को भी शर्म आ जायें क्योंकि देश की पहली महिला आईपीएस और अन्ना समर्थक डा. किरण बेदी भी राजधानी की खस्ता हाल सडक़ों पर नाराज नजर आई। जिन्होंने ये कहने से भी परहेज नहीं किया कि यहां की सडक़े कायदे की नहीं हैं क्योंकि उनको बनाने के लिए जारी किया गया बजट भी भ्रष्ट अधिकारियों की जेब में चला गया हैं। 
 
इस बात से कोई चूका नहीं हैं कि दून की सडक़े कमर तोड़ और अस्तर पंजर हिला देने वाली बन गयी हैं। जो इंसान को घर की बजाय अस्पताल के बैड पर पहुंचा देती हैं। इन खस्ता हाल सडक़ों से आज डा. किरण बेदी भी रूबरू हुई। जिनकी गाड़ी पूरे रास्ते भर में हिलती डुलती हुई दिखी तो किरण बेदी की कमर में भी झटका लगा होगा। जिससे नाराज होकर उन्होंने सडक़ों पर एक पक्ति अवश्य ही कह डाली कि भ्रष्टाचार तो कहीं भी हो सकता हैं जो एक छोटे से शहर से शुरू होकर बड़े बड़े महानगरों तक पहुंचता है। जिसका ताजा उदाहरण उन्हें अभी दून की खस्ताहाल सडक़ों के रूप में देखा जा सकता हैं। उक्त सडक़ें कायदे की नहीं हैंं क्योंकि इन पर पैसा खर्च ही नहीं हुआ हैं। जिसका कारण सरकार द्वारा जारी बजट भ्रष्ट अधिकारियों की जेब में जाना माना जा सकता हैं। तो ये भ्रष्टाचार नहीं तो क्या हैं? जिसके लिए अब स्वयं आवाज उठाकर यहां के लोगो को उठना होगा। किरण बेदी के इस कमैंट से शायद अब प्रदेश सरकार को भी शर्म आ जायें। इससे बड़ी शर्मनाक बात राजधानी के लिए क्या हो सकती हैं कि स्वयं देश की प्रथम महिला आईपीएस शहर की सडक़ों पर कमैंट दे गयी।
 
अब यहां एक सवाल यह उठता हैं कि यदि इसी तरह राजधानी की सडक़ों का विनिर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो यहां इसी तरह से आने जाने वाले देश के माने जाने वाले लोगो द्वारा कमैंट पास किया जाता रहेगा। जिस पर प्रदेश की जनता भी शर्म से शर्मसार हो जायेगी। 
 

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