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हरक सिंह ने मनाया अपना जन्मदिन

 ऋषिकेश। प्रदेश के वन मंत्री हरक सिंह रावत ने मंगलवार को अपना जन्मदिन मनाया। इस दिन को खास बनाते हुए मंत्री ने ऋ षिकेश में गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच अपना दिन बिताया। इसके साथ ही वन मंत्री ने 70 लाख के चेक भी बांटे।
 
ऋ षिकेश स्थित हंस कल्चर सेंटर में गरीब और जरूरतमंद लोगों को वन मंत्री हरक सिंह रावत द्वारा 70 लाख के चेक बांटे गए। समय-समय पर हंस फाउंडेशन जरूरतमंद लोगों को सहायता करती है, इसी कड़ी में मेंगलवार को ऋ षिकेश में भी हंस फाउंडेशन ने हरक सिंह रावत के हाथों ये चेक बंटवाए। उसके बाद वन मंत्री हरक सिंह ने वहां मौजूद आम लोगों के साथ केक काटकर अपना जन्मदिन भी मनाया। इस मौके पर हरक सिंह रावत ने कहा कि भोले बाबा के आशीर्वाद से गरीब और जरूरतमंद लोगों की हमेशा मदद की जाती है। यह उनका सौभाग्य है कि आज उनके जन्मदिन के मौके पर उनके हाथों लोगों की मदद हो पाई है। उन्हें बहुत खुशी है कि आज उन्होंने इन लोगों के साथ अपना जन्मदिन मनाया।

ट्रेन से कटा शव मिला

 देहरादून। माता मंदिर फाटक के पास एक व्यक्ति का शव ट्रेन से बुरी तरीके से कटा मिला है। शव के पास आधार कार्ड मिला है, जिसमें उसका नाम राम सिंह रावत पुत्र उदय सिंह रावत निवासी शांति बिहार बंजारावाला देहरादून जन्म तिथि 1961 अंकित है।

पुलिस मृतक के घर वालों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम करने भेज दिया है।

महिला को चार साल की सजा

विकासनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ढकरानी विकासनगर की अदालत ने नकली नोट रखने के मामले एक महिला को दोषी करार दिया है। महिला को चार वर्ष का कठोर कारावास तथा पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। महिला को तत्काल न्यायिक हिरासत में लेकर कोर्ट ने जेल भेज दिया है। 23 नवंबर 2013 को सहसपुर पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि चानचक लक्ष्मीपुर में एक महिला खड़ी है। उसके पास नकली नोट हैं। मौके पर तत्कालीन एसओ सूर्यभूषण सिंह नेगी के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची।
 
महिला कांस्टेबल ने आरोपी महिला की तलाशी ली। महिला के पास एक एक हजार रुपये के नब्बे नोट पाये गये। जांच पड़ताल करने पर नोट नकली पाये गये। महिला के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न अपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जांच में पता चला कि आरोपी महिला शीला पत्नी सुरेश कुमार उर्फ हुक्मचंद निवासी हनुमान नगरज गजीतपुर, कनखल हरिद्वार नकली नोटों को मुजफ्फरनगर यूपी की किसी पार्टी से लेकर लायी थी। उसे सहसपुर क्षेत्र में किसी व्यक्ति से को इन्हें चालीस हजार रुपये में बेचना था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किये गये।अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता नरेश बहुगुणा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता के साक्ष्यों, पेश किये गये गवाहों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. सुल्तान की अदालत ने अभियुक्त शीला को दोषी करार देते हुए चार वर्ष की कठोर कारावास व पच्चीस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
 

बैठक में विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा

उत्तरकाशी। राजकीय इंटर कालेज कोटधार में अभिभावक संघ की बैठक में विद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। इसके साथ ही राइंका कोटधार का नाम यथावत रखने का प्रस्ताव दिया गया।मंगलवार को राजकीय इंटर कालेज कोटधार अभिभावक संघ तथा ग्रामीणों की बैठक जिला पंचायत सदस्य विमला नौटियाल की अध्यक्षता में अयोजित की गई। बैठक में कहा गया कि विद्यालय के नाम को स्व.महिमानंद राजकीय इंटर कालेज करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। लेकिन बैठक में सर्व सम्मति से विद्यालय को नाम को यथावत रखने का प्रस्ताव दिया गया।
 
इसके साथ ही बैठक में विद्यालय के अपना भवन न होने को लेकर भी चर्चा की गई। जबकि विद्यालय में छात्रों को रही पानी की समस्या के साथ अध्यापकों की कमी के बारे में भी चर्चा की गई। इसके साथ ही बैठक में कोटधार बाजार में जिला सहकारी बैंक की शाखा न खुलने पर रोष व्यक्त किया गया। बैठक में अभिभावक संघ के अध्यक्ष बलबीर सिंह राणा, नत्थी सिंह भंडारी, टीका सिंह चौहान, शिशपाल सिंह बिष्ट, खुशाल सिंह राणा, जयवीर सिंह महर आदि मौजूद रहे।

मौत प्रकरण में दो को जेल भेजा

 उत्तरकाशी। बिणाई गांव में संदिग्ध परिस्थिति में हुई धर्मियालाल की मौत के प्रकरण में राजस्व पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं मामले की जांच की जा रही है। राजस्व उपनिरीक्षक बरफिया लाल ने बताया कि गत 17 अक्तूबर को पाणी गांव निवासी धर्मियालाल बिणाई गांव गया था। जहां अगले दिन सुबह उसका शव खेतों में पड़ा हुआ मिला। सूचना के बाद परिजनों ने शव को पाणी गाँव लाया तथा गिरने के कारण मौत मानते हुए उसके अंतिम संस्कार की तैयारी करने में लग गए।

जहां अंतिम संस्कार के दौरान धर्मियालाल के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए। जिस पर परिजनों ने शव को पीएम के लिए सीएचसी नौगांव ले जाकर उसका पीएम करवाया था। कहा कि धर्मियालाल के बेटे सुनील ने इस संबंध में नायब तहसीलदार के पास अपनी प्राथमिकी दर्ज कराई और हत्या की आंशका जताई थी। राजस्व पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ 302 के तहत मामला दर्ज किया था। कहा कि मामले में बिणाई गाँव निवासी श्याम लाल एवं विजयपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया जाएगा।

गंगा स्नान के साथ दरमोला गांव में पांडव नृत्य शुरू

रुद्रप्रयाग। अलकनंदा-मंदाकिनी नदी के संगम स्थल पर पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों और देवी-देवताओं के नेजा-निशाणों की शुद्घिकरण के साथ पश्चिम भरदार की ग्राम पंचायत दरमोला में पांडव नृत्य शुरू हो गया है। इससे पूर्व देव निशाणों के साथ आए पश्वों और भक्तों ने पूरी रात जागरण कर अपने आराध्य देव का सुमिरन किया। 
 
पश्चिम भरदार के पांच गांवों में प्राचीन काल से पांडवों को नचाने की परंपरा रही है। हर वर्ष छोटी दिपावली की पूर्व संध्या पर देवी-देवताओं के निशान और पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों को संगम स्थल पर स्नान के लिए लाया जाता है। इस वर्ष भी इस परंपरा का निर्वहन किया गया। पूरी रात जागरण के बाद मंगलवार को ब्रह्ममुहुर्त मे देवताओं के निशान और शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन और हवन किया गया। इसके बाद पांडव ध्वज की अगुवाई में निशान और शस्त्रों को दरमोला गांव में स्थापित किया गया। इसके साथ ही औपचारिक रूप से गांव में पांडव लीला की घोषणा कर दी गई। केदारघाटी में पांडव लीला की अनूठी परंपरा है। मान्यता है कि पांडवों ने स्वर्गारोहिणी से पूर्व यहां के लोगों को अपने अस्त्र-शस्त्र दिए थे।
 
ताकि वे चिरकाल तक इनकी पूजा-अर्चना करते रहें। यहां के गांवों में पांडव लीला को खुशहाली और समृद्घि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन भगवान नारायण और तुलसी का विवाह हुआ था और इसी दिन भगवान विष्णु पांच महीने की निन्द्रा से जागते हैं। यही वजह है कि इस दिन से पांडव लीला का शुभारंभ होता है। केदारघाटी के लोग पांडवों को अपना पूर्वज मानते हैं। इसलिए ग्रामीण पूरी शिद्दत के साथ पांडव मंचन का आयोजन करते हैं और इसमें बढ़-चढक़र शरीक होते हैं। इस मौके पर क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य श्रीमती आशा डिमरी, किशन रावत, लक्ष्मी प्रसाद डिमरी, भाजुयमो जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र रावत, अशोक चौधरी, वीर सिंह पंवार, गिरीश डिमरी, जसपाल सिंह, भोपाल सिंह सहित कई श्रद्घालु मौजूद थे। 
 

गढ़वाल सांसद ने किया छह मोटरमार्गों का लोकार्पण एवं शिलान्यास

रुद्रप्रयाग। गढ़वाल सांसद भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने कहा कि जनप्रतिनिधि व अधिकारी आपसी सहयोग से कार्य करें। सरकार की मंशा चहुंमुखी विकास की है और यह तभी संभव हो सकता है, जब अधिकारी पूरी तत्परता के साथ कार्य करेंगे और सरकारी योजनाओं को समय पर आम जनता के बीच पहुंचाएंगे। 
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में गढ़वाल सांसद भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने कहा कि विकास कार्यों में विवाद पैदा ना करें। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद के चलते विकास कार्य प्रभावित होते हंै। उन्होंने कहा कि अधिकारी और जनता आपसी सामंजस्य से कार्य करें। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों के लिये सुझाव भी मांगे। बैठक में मनरेगा, एनआरएलएम$, डीडीयू-जीकेवाई, पीएमजीएसवाई, स्वच्छ भारत मिशन सहित 18 विभागों पर चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि मनरेगा के तहत कुल 11850 कार्यो में से 5580 कार्य पूर्ण कर दिए गए है। पीएमजीएसवाई के तहत कुल स्वीत 82 मोटरमार्गों के सापेक्ष 63 मोटर मार्ग का कार्य पूर्ण कर दिया गया है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत जनपद में विद्युतीकरण से वंचित 149 तोंको में विद्युतीकरण कार्य प्रक्रिया गतिमान, उज्जवला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को अक्टूबर 2017 तक 781 गैर कनैक्शन वितरित किए जा चुके हैं। 
 
बैठक में प्रधान बरसू सुरेन्द्र सिंह बिष्ट ने ग्वाड़-पुनाड़ में पेयजल की किल्लत की शिकायत की। ग्राम प्रधान ईशाला ने बताया कि 2008 में गांव के लिए स्वीति थी, लेकिन अभी तक विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिस पर ईई लोनिवि इन्द्रजीत बोस ने बताया कि 2013 में मोटरमार्ग की स्वीति मिली थी, लेकिन विवाद के कारण कार्य प्रारम्भ नहीं हो पाया, दो माह पूर्व विवाद सुलझने के बाद कार्यवाही गतिमान है। वहीं इसके पश्चात गढवाल सांसद ने पीएमजीएसवाई के तहत स्वीत द्वारपुर से जोला मोटरमार्ग, गुन्तकाशी क्षेत्रांतर्गत ताल-जामन मोटरमार्ग, मूसाढुंगी-पाली मोटरमार्ग का शिलान्यास तथा बुढना-पालाकुराली, तिलवाडा-भरदार-सौंराखाल मोटरमार्ग, गोरपा-सिरवाडी-कुरछोला मोटमार्ग का लोकार्पण किया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ मनोज रावत, नगरपालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल, सीडीओ डीआर जोशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे। 

नगदी उड़ाता किशोर गिरफ्तार

रुद्रपुर। मोबाइल की दुकान से किशोर ने हजारों की नगदी पार कर ली। इसका पता चलते ही दुकान स्वामी ने किशोर को पकडक़र पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के मुताबिक एक किशोर मुख्य बाजार स्थित मोबाइल की दुकान में घुस गया। इस दौरान दुकान के गल्ले से 30 हजार की नकदी पार कर वह भागने का प्रयास करने लगा। दुकान स्वामी को किशोर पर शक हुआ तो उसे पकड़ लिया।
 
तलाशी लेने पर उसके पास से नकदी बरामद हुई। इस पर उन्होंने किशोर को पकडक़र बाजार चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बाजार चौकी प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया कि किशोर लालपुर का रहने वाला है। उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। तहरीर नहीं मिली है।

आरक्षण की मांग को लेकर महिलाएं लामबंद

अल्मोड़ा। कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। जिसमें मांग रखी कि महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। पूर्व में यह प्रस्ताव भी विभिन्न राजनैतिक दलों तरफ से लाया जा चुका है। लेकिन अब तक इस संदर्भ में विधेयक पास नहीं हो सका। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
 
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष लता तिवारी ने कहा कि मार्च 2010 में संसद में महिला आरक्षण विधेयक को रखा गया था। लेकिन राज्य सभा में पास होने के बाद लोकसभा में इसको पारित नहीं किया जा सका। भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा नेताओं ने किया। लेकिन इस मुद्दे को सरकार ने सत्ता में आते ही भुला दिया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि नागरिकों की तरफ से देशव्यापी अभियान आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। ज्ञापन में कहा कि अफसोस की बात है कि लोकसभा चुनाव के बाद मात्र 11 प्रतिशत महिलाएं संसद भवन तक पहुंचने में कामयाब हो सकीं। यह आंकड़ा हम सभी के लिए सोचनीय है। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से राधा बिष्ट, गीता मेहरा, दीपा त्रिपाठी, पुष्पा सती, लीला जोशी, किरन साह, सुमन रौतेला, तारा जोशी, जिया साह आदि मौजूद रहे।

लोक नायक थे स्व. इंदिरा एवम पटेल: चौहान

 देहरादून। महानगर कांग्रेस द्वारा इंदिरा जी के बलिदान दिवस एवम सरदार बल्लभ पटेल के जन्मदिवस पर कनक सिनेमा चौक पर महानगर कांग्रेस के सैकड़ो कार्यकर्ता एकत्र हुए उसके बाद रैली निकाल कर कांग्रेस भवन तक आये। और श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान ने कहा कि इंदिरा जी ने भारत की पहचान विश्व पटल पर ख्याति दिलाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज देश को सांप्रदायिक ताकतों से खतरा पैदा हो गया है जो देश को धर्म जाति के नाम पर राजनीतिक स्वार्थो को लेकर बाँटना चाहते है।आज हम इंदिरा जी की शताब्दी वर्ष मना रहे है इस पर उनके विचारों उनके द्वारा समाज देश के लिये दिए गए योगदान को उनकी स्मृति को आम जन तक पहुचाना है।

भारत के प्रथम गृह मंत्री स्व बल्लभ भाई पटेल ने आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी एवम जवाहर लाल नेहरू के साथ आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वो काफी लोकप्रिय थे उनके द्वारा बनाई गई नीति उनके द्वारा किये गए कार्यो से उन्हें सरदार पटेल के नाम से ख्याति मिली। इस अवसर पर विपुल नोटियाल, व्यापार प्रकोष्ट के अध्यक्ष पंकज मेसोन, महेश जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष दीप चौहान, विजय गुप्ता, मुकेश चौहान, राजेश चमोली, दीप चौहान, संजय शर्मा, मनोज कुमार, संजय उनियाल, चन्दन, सुशील बगासी, प्रदीप कोठियाल, सुरेंद्र सूरी, राम सिंह बिष्ट, सुनील बांगा, आशा राम रतूड़ी, आदर्श, मनमीत सिंह, बिजेंद्र तोमर, आदि उपस्थित थे।

वांछित चल रहे 146 अपराधी किए गए गिरफ्तार

देहरादून। पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में अपराधों पर प्रभावशाली अंकुश लगाये जाने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार द्वारा अपराधियों के विरूद्घ विशेष कार्यवाही करने के लिए 19 सितम्बर से एक माह का विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान की जनपद प्रभारियों द्वारा प्रतिदिन समीक्षा की गई, परिक्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षकों द्वारा साप्ताहिक एवं मुख्यालय स्तर पर पाक्षिक रूप से गहन समीक्षा की गई, जिसके ²ष्टिगत हत्या, लूट, डकैती, गृहभेदन, वाहन लूट-चोरी, बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में वांछित चल रहे 209 वाछित अपराधियों में से 146 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान प्रदेश पुलिस द्वारा इनामी अपराधियों के विरूद्घ कार्यवाही करते हुए 23 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। कई अपराधियों पर पुरस्कार राशि बहुत कम (पांच सौ अथवा हजार रूपये) थी, जिसमें समीक्षा करके जघन्य अपरााों के अनुसार 75 अपराधियों पर पुरस्कार राशि में वृद्घि की गई तथा अन्य फरार चल रहे 32 नये अपराधियों पर पुरस्कार राशि र्निाारित करके इनामी अपराधी घोषित किया गया। फरार इनामी अपराधियों पर पुरस्कार की राशि बढ़ाकर सूची सम्बंधित प्रदेशों (उत्तर प्रदेश-71(मेरठ जोन-27, बरेली जोन-27, अन्य जोन-16) ादल्ली-7, पंजाब-2, पश्चिम बंगाल-1, बिहार-7, मय प्रदेश-5, मुम्बई-01, राजस्थान-03, हरियाणा-09 एवं हिमाचल प्रदेश-01) को भेजी गई है।
 
जनपद की एस0ओ0जी0 एवं एस0टी0एफ0 को भी इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु टास्क दिया गया है। हत्या, लूट, डकैती, गृहभेदन, वाहन लूट/चोरी, बलात्कार जैसे अनावरण हेतु शेष 73 जघन्य अपरााों में से 54 मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी करके  सफल अनावरण किया गया। विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी से बचने अथवा जमानत के उपरान्त मा0 न्यायालयों में उपस्थित न होने वाले 796 वारण्टियों को गिरफ्तार करके न्यायालयों में पेश किया गया। 172 पेशेवर अपराधियों के विरूद्घ गुण्डा एवं गैंगस्टर अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही की गई। गैंग के रूप में साथ रहकर अपराध करने वाले 132 अपराधियों के विरूद्घ गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की गई, जिनमें से 105 गैंगस्टर्स को विभिन्न कारागारों में निरूद्घ किया गया। 307 आदतन अपराधियों के विरूद्घ गुण्डा एक्ट की कार्यवाही की गई। 42 गुण्डा को जिला बदर कराया गया। जिला बदर का उल्लंघन करने पर 9 को गिरफ्तार किया गया। प्रदेश में प्रचलित चल रहे 1357 हिस्ट्रीशीटरों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें वर्तमान में 113 हिस्ट्रीशीटर विभिन्न मामलों में जेल में निरूद्घ हैं, 11 एच0एस0 की मृत्यु होना पाया गया। शान्त चल रहे 73 हिस्ट्रीशीटर की निगरानी बन्द की गई। अपराधों में सक्रिय चल रहे 56 अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीटर खोली गई। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाले लम्बित चल रहे 9165 शिकायती प्रार्थना पत्रों में से 7403 शिकायतों का सफल निस्तारण किया गया। प्रचलित विभिन्न अपरााों में गिरफ्तारी से बचने हेतु अपने घर से फरार चल रहे 82 अपराधियों में से 78 अपराधियों के कुर्की वारण्टों की तामील करके विवेचनाओं का निस्तारण किया गया। अपराधियों द्वारा विभिन्न न्यायालयों से अपनी गिरफ्तारी के प्रति स्टे लिया गया था, जिसमें से 11 अपराधियों का स्टे खारिज करवाकर गिरफ्तारी की गई। अपराधियों द्वारा जमानत पर रहते हुए अपराधों में पुनरू सक्रियता पाये जाने वाले 42 सक्रिय अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण हेतु प्रभावी पैरवी करके जमानत निरस्त कराई गई।  

कांग्रेसजनों ने याद किया इंदिरा गांधी व सरदार पटेल को

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इन्दिरा गांधी के शहादत दिवस एवं भारत रत्न स्व. सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय मे दोनों नेताओं के चित्रों पर मल्यार्पण करते हुये उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये तथा उनके द्वारा देश के लिये किये गये बलिदान को याद करते हुये सम्पूर्ण समाज को उनके उनके बाताये मार्ग पर चलने का आहवान किया। इस अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने किया।
 
इससे पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इन्दिरा मार्केट स्थित स्व इन्दिरा गांधी की मूर्ति एवं घण्टाघर स्थित स्व.सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में बोलते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि आज हम राष्ट्र एवं विश्व की महान जननायिका तथा देश की एकता के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाली त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति, मात्र शक्ति स्व. इन्दिरा गांधी जी एवं भारत के लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए हैं। उनका कहना है कि जहां स्व. इन्दिरा गांधी ने अपनी प्रतिभा कौशल एवं विद्यता से देश को प्रगति के पथ पर लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा गरीबी निवारण के साथ-साथ बैंकों का राष्ट्रीयकरण, बीस सूत्रीय कार्यक्रम जैसे विकासोन्मुखी कार्यक्रम शुरू करने के साथ ही सामाजिक समरसता एवं सद्भाव को मजबूत बनाने की दिशा में अनेकों उल्लेखनीय कार्य किये थे। वहीं सरदार बल्लभ भाई पटेल ने देश के विभिन्न प्रान्तों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मजबूत भारत की नींव रखने का काम किया था। स्व. इन्दिरा ने विश्व ख्याति प्राप्त करते हुए समूचे विश्व का ध्यान भारत की ओर आकर्षित किया और देश के दुश्मनों का सिर झुका कर भारत की सम्प्रभुता मानने को मजबूर किया। उन्होंने शिमला समझौता तरते हुए शांति की दिशा में एक और कदम उठाकर गुट निरपेक्ष आन्दोलन की अध्यक्ष निर्वाचित होकर विश्व में भारत के गौरव को बढ़ाया।
 
प्रीतम सिह ने कहा कि हम सब को मिलकर उनके बताये हुए रास्ते पर चल कर एक शक्तिशाली भारत के निर्माण के उनके सपने को साकार करने के लिए अपनी सहभागिता निभान है यही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. इन्दिरा हृदयेश ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. इन्दिरा गांधी समाज की एकता और अखण्डता को बनाये रखने तथा साम्प्रदायिकता व विघटनकारी कट्टरवादी ताकतों की चुनौती का सामना करने की असीम शक्ति रखती थी। वे बुनियादी तौर पर धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से समाज के सभी वर्गो को समान अधिकार देने में विश्वास रखती थी। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने अपने संबोधन में स्वर्गीय इन्दिरा गांधी का व्यक्तित्व अतुलनीय था। अपनी प्रशासनिक क्षमता और दूर दर्शिता के इरादे से उन्होंने देश को विश्व के मानचित्र पर अलग पहचान दिलवाई। देश का नेतृत्व कर चुकी स्व. इन्दिरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं में नेतृत्व की क्षमता पुरूषों से अधिक होती है। उन्होने कहा कि आज महिलायें समाज में पुरूषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं तथा हर क्षेत्र में पुरूषों से आगे निकल चुकी हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम को पूर्व मंत्री मातवर सिह कण्डारी, दिनेश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, राजेन्द्र भण्डारी, पूर्व विधायक गणेश गोदियाल, विक्रम सिह नेगी, जोत सिहं गुनसोला, मदन सिंह बिष्ट, अनूसूया प्रसाद मैखुरी, बलवीर सिंह नेगी, राजकुमार, शैलेन्द्र रावत, शंकर चन्द रमोला, रविन्द्र जैन, महामंत्री विजय सारस्वत आदि ने संबोधित किया।

खनन माफियाओं के हाथों बिकी सरकार : नेगी

देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में जीरो टोलरेंश का ढोल पीटने वाली सरकार हिमाचल प्रदेश व हरियाणा के खनन माफियाओं के हाथों बिक चुकी है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण आप रोजाना हिमाचल व हरियाणा से आने वाले उपखनिज के ट्रकों से देख सकते हैं। यहां स्थानीय होटल में पत्रकारों से वार्ता करते नेगी ने कहा कि इन माफियाओं के लिए टीएसआर सरकार ने रेड कार्पेट बिछा रखी है, जिसके चलते अधिकांश मामलों में 9 से 15 टन के रवन्ने वाले ट्रकों के 25 से 40 टन उपखनिज लाया जा रहा है। खास बात यह है कि इन ट्रकों को बिलकुल भी हाथ न लगाने की सरकार ने हिदायत दे रखी है। सरकार की खनन माफियाओं से सांठगांठ के चलते प्रदेश को करोड़ों रूपये राजस्व का चूना लग रहा है।
 
आलम यह है कि रोजाना आने वाले इन रेट-बजरी के ट्रकों में दो-तीन गुणा उपखनिज अधिक भरा होता है, लेकिन इनको कोई रोकने वाला नहीं है तथा सूरज ढलते ही रोजाना 500-600 ट्रक उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करते हैं। नेगी ने कहा कि उत्तराखण्ड में खनिज के लिए कोई ठोस नीति न लाना तथा खनिज चुगान के मामले में टाल मटोल करना इसका स्पष्ट प्रमाण है। नेगी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि ये आलम तब है जबकि प्रदेश व केन्द्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है। नेगी ने कहा कि उत्तराखण्ड में खनन व्यवस्था से जुड़े हजारों व्यवसायियों एवं लाखों मजदूरों को सरकार ने घर बैठा दिया है तथा उत्तराखण्ड के लोग कई गुणा मंहगें दामों पर इन माफियाओं से उपखनिज खरीदने को मजबूर हैं। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता म मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, मौहम्मद असद, ओ पी राणा, रवि भट्नागर, प्रवीण शर्मा पिन्नी आदि मौजूद थे।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शहर में निकाली रैली

 देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने केरल राज्य में हो रही घंटनाओं की ओर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किये जाने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने राजधानी में रैली निकालकर जिलाधिकारी के जरिये राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित करते हुए इस मामले पर कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। प्रदेश सह मंत्री संकेत नौटियाल के नेतृत्व में अभाविप कार्यकर्ता आनंद भवन में इकटठा हुए और वहां से केरल सरकार के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा है कि केरल में वामपंथियों द्वारा जन मानस पर हो रही हिंसा के विरोध में 11 नवम्बर को रैली निकाली जायेगी और इस रैली में देशभर से पचास हजार कार्यकर्ता पहुंचेंगे और उत्तराखंड प्रदेश से तीन सौ कार्यकर्ता केरल जायेंगें। वक्ताओं ने कहा है कि केरल जैसे खूबसूरत प्रदेश में कम्युनिस्ट सरकार अपने लाल रंग के अनुरूप खूनी हिंसा को सुनियोजित ढंग से अंजाम दे रही है और यह चिंता का विषय है। उनका कहना है कि लोकतंत्र के खिलाफ कम्युनिस्टों को हिंसा करके आम जनमानस को डराना, राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों की निर्मम हत्या करना, सुवा व छात्र के विकास में अवरोध उत्पन्न करना उसका ध्यान हिंसा की तरफ धकेलना, यह वामपंथी सरकार सत्ता में आने के बाद आतंकवाद को बढावा मिला है और केरल सरकार के मुख्यमंत्री के गृह जनपद में 69 राजनीतिक हत्यायें हुई है और पिछले साल 701 बच्चे लापता हुऔर जिनमें 478 लडकियां थी जिससे साबित होता है कि मानव तस्करी भी केरल में पूरी तरह से हावी हो चुका है।

 
उनका कहना है कि उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों चम्पावत व पिथौरागढ, अल्मोडा में भी माओवादी गतिविधियां देखने को मिली है जिन्हें सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर नाकाम कर दिया है, उनका कहना है कि वहीं दूसरी ओर संविधान का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। उनका कहना है कि वामपंथियों के खिलाफ मोर्चा खोला जायेगा। उनका कहना है कि गृह मंत्रालय का भी दायित्व है और वह भी इस ओर त्वरित गति से कार्यवाही करें और उन्हें भी आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। इस अवसर पर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर उचित कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। इस अवसर पर विभाग संयोजक मनीष रावत, तरूण जैन, शुभम सिमल्टी, योगेश घाघट, अरूण कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता मौजद थे।

तंजीम ए रहनुमा ए मिल्लत के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

 देहरादून। तंजीम ए रहनुमा ए मिल्लत के कार्यकर्ताओं ने राज्य स्थापना दिवस पर नगर सीमा के अंदर महिला इंटर कालेज की स्थापना किये जाने सहित अनेक मांगों के समाधान को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और कहा कि जल्द ही इस ओर विचार नहीं किया गया तो सडक़ों पर उतरकर जनांदोलन किया जायेगा।

यहां तंजीम ए रहनुमा ए मिल्लत के कार्यकर्ता केन्द्रीय अध्यक्ष लताफत हुसैन के नेतृत्व में इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने राज्य स्थापना दिवस वर नगर सीमा के अंदर महिला इंटर कालेज की स्थापना किये जाने सहित अनेक मांगों के समाधान को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और कहा कि जल्द ही इस ओर विचार नहीं किया गया तो सडक़ों पर उतरकर जनांदोलन किया जायेगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मुस्लिम पर्यटन के ठहरने की उचित व्यवस्था हेतु एक मुसाफिरखाने के लिए भूमियां वक्फ बोर्ड की सम्पत्तियों में से तुरंत उपलब्ध कराई जाये।
 
उनका कहना है कि भगत सिंह कालोनी, संजय कालोनी, एमडीडीए में बीसियों हजार की मुस्लिम आवादी और इस क्षेत्र में कोई कब्रिस्तान नहीं है वहां के लोग सालों से कब्रिस्तान की जगह देने की मांग करते आ रहे परन्तु सरकारे मांग अत्यंत आवश्यक होने के बाद भी उसे अनदेखा कर रही है। उनका कहना है कि भगत सिंह कालोनी में एक कब्रिस्तान का भूखण्ड आवंटित किया जाये व इसी बस्ती से जैन प्लाट को होता हुआ रायपुर थाने तक का मार्ग बहुत जीर्ण शीर्ण अवस्था में है और इसका निर्माण कार्य शीघ्र किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह मार्ग खुदा पडा है और आये दिन घटनाये हो रही है। उनका कहना है कि दून की बहुत बड़ी मुस्लिम आबादी है और कई मौहल्ले व नगर की मलिन बस्तियों में अधिकतर बस्तियां मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जिनमें स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनवाडी केन्द्र, पार्कों व मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और सच्चर कमेटी को जो पैसा इन बस्तियों में लगाने के लिए आता है यह सरकारां की लापरवाहियों से समय के भीतर योजनायें न बनने के कारण बीसियों साल से लैप्स हो रहा है और समाज की सरकार को चिंता नहीं है।
 
उनका कहना है कि केन्द्र से आने वाले इस मद के पैसे का उपयोग नगर की सभी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र बस्तियों किया जाये और सभी प्रकार की सुविधायें उपलब्ध कराई जाये। राज्य में लगभग 350 उर्दू टीचरों के पद रिक्त है इसके अलावा लगभग 250 पद नये सृजित हुए है और सरकारे इन भतियों में लापरवाही कर रही है, उनका कहना है कि तुरंत भर्ती प्रक्रिया प्र्रारंभ कर मुस्लिम युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाये और वक्फ बोर्ड की सैकडों बीघा भूमि उपलब्ध है जो या तो लावारिस है या वक्फ बोर्ड की लापरवाही में लोगों ने अतिक्रमण कर घेर रखी है। इस अवसर पर अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।

नरेगा में रिक्त पदों पर लोकपालों की नियुक्ति के दिए निर्देश

 देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने शहरी विकास, सिंचाई, ग्रामीण विकास, पेयजल, ऊर्जा, विद्यालयों शिक्षा, महिला सशक्तिकरण स्वास्थ्य, कृषि और समाज कल्याण विभाग के लैगशिप कार्यक्र मों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव भी अपने स्तर से बैठक कर प्राथमिकता वाले कार्यों को लागू करने की गति तेज करें साथ ही क्रियान्वयन में अड़चन आने की स्थिति में समन्वय बैठक में निराकरण करायें। बैठक में अमृत, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशननगर विकास विभाग, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, नरेगा, प्रधान मंत्री ग्राम सडक़ योजना, सबके लिए आवास, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, एकीकृत ऊर्जा विकास सिस्टम, मिड-डे मील, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, कृषि उन्नति योजना तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्र म की प्रगति समीक्षा की गई। मुख्य सचिव द्वारा व्यावहारिक कठिनाइयों तथा नीतिगत प्रकरणों पर आवश्यक निर्देश दिये गये। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं के सम्बन्ध में पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने में हो रहे विलम्ब पर चर्चा हुई।

मुख्य सचिव द्वारा सामुदायिक सहभागिता/जनजागरूकता को बढ़ाने हेतु समुचित विभागीय प्रयास करने के निर्देश दिये गये। सबके लिए आवास नगरीय परियोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी विकास प्राधिकरणों को समन्वित रूप में आवास योजनायें प्रारम्भ करने के निर्देश दिये गये। अमृत योजना को समय पूरा करने हेतु कार्यदायी संस्थाओं के डेडीकेटेड डिवीजन सृजित करने पर बल दिया गया। इस सम्बन्ध में नगर विकास एवं पेयजल विभाग को एक बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिये गये। नरेगा में रिक्त पदों पर सारे लोकपालों की नियुक्ति करने के निर्देश दिये गये। सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत अवशेष विद्यालयों में यथाशीघ्र शौचालय निर्माण के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अलग से पेयजल, विद्यालयी शिक्षा एवं वित्त विभाग के मध्य शीघ्र ही एक बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिये गये।

गैरसैंण पर तेज होती सियासत

देहरादून। चुनावों के दौरान स्थाई राजधानी के मुद्दे पर बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब टालमटोल करने में लगे हैं। ऐेसे में एक बार फिर गैरसैंण के भविष्य को लेकर राज्य में सियासत शुरू हो गई है। एक तरफ विपक्ष सरकार से राजधानी को लेकर अपना नज़रिया साफ करने के लिए कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार इस मुद्दे पर अभी सस्पेंस रखना चाहती है।

 
उत्तराखंड को बने 17 साल होने जा रहे हैं। इस दौरान प्रदेश को अपनी स्थाई राजधानी तो नहीं मिली, लेकिन गैरसैंण को लेकर सियासत हमेशा गर्म रही। मज़ेदार बात ये कि चुनावों के दौरान जो दिग्गज दल गैरसैंण को लेकर जनता के सामने वादों की बौछार करते हैं, वही सत्ता में आने के बाद गैरसैंण को गैर कर देते हैं। यही वजह है कि बीजेपी सरकार के गठन के महिनों बाद भी गैरसैंण को लेकर कोई स्पष्ट नीति अब तक नहीं बनी है।  ऐसे में अब गैरसैंण मे होने वाले सत्र को करीब आते देख विपक्ष ने गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग उठा दी है। कांग्रेस प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी की मानें तो राज्य बनाने का श्रेय लेने वाली भाजपा ने स्थाई राजधानी के नाम पर प्रदेश को छला है। ऐसे में अब डबल इंजन की सरकार से कांग्रेस की मांग है कि अब स्थाई राजधानी को लेकर नीति और नीयत साफ करे। हालांकि सूबे के मुखिया अभी स्थाई राजधानी के मसले पर आने वाले सस्पेंस को लेकर थोड़ा और इंतज़ार करने की सलाह दे रहे हैं। 
 

जयंती पर देश की एकता-अखंडता की शपथ ली

गोपेश्वर। देश के पहले गृहमंत्री ‘लौहपुरुष‘ सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में पूरे जिले में धूमधाम से मनाया गयी। सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस पर मंगलवार को जिला मुख्यालय सहित तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर भी रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पटेल के चित्र पर माल्यपर्ण करते हुए देश की एकता, अखण्डता व सुरक्षा की शपथ ली गयी। जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी आशीष जोशी एवं पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट स्पोर्टस स्टेडियम गोपेश्वर से गोपीनाथ मंदिर तक आयोजित रन फॉर यूनिटी को झण्डी दिखाकर रवाना किया।
 
रन फॉर यूनिटी में जनप्रतिनिधियों, जनपद स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों, एनसीसी, पीआरडी, खेल प्रेमियों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने हर्षोउल्लास के साथ भाग लिया। रन फॉर यूनिटी में भाग लेने वाले 10 प्रतिभागियों को लक्की ड्रॉ के माध्यम से पुरस्कार भी वितरित किये गये। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने क्लेक्ट्रेट स्थित सभी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्लेक्ट्रेट परिसर में देश की एकता, अखण्डता व सुरक्षा की शपथ दिलायी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद विभिन्न रियासतों में विखरे भारत के भू-राजनीतिक एकीकरण में केन्द्रीय भूमिका निभाने के लिए पटेल को भारत का बिस्मार्क और लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरदार पटेल की स्मृति में उनके जन्म दिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को विकास को लक्ष्य बनाकर ईमानदारी, सत्यनिष्ठा व टीम भावना के साथ कार्य करने को कहा।

धामावाला बाजार में शिमला बूट हाउस में लगी आग

 देहरादून। राजधानी के सबसे भीड़भाड़ वाले बाजार धामावाला में एक जूतों की दुकान में भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते पूरी दुकान को अपने चपेट में ले लिया जिससे दुकान के अंदर रखा हुआ लाखों का सामान चंद मिनटों में ही खाक हो गया।

मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर अग्निशमन विभाग की 3 गाडिय़ां मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका है लेकिन इतनी देर में दुकान के अंदर रखा हुआ लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत ये रही कि भीड़भाड़ वाले धामावाला बाजार में आग की लपटें दूसरी दुकानों तक पहुंचने से पहले ही अग्निशमन वाहन ने आग पर काबू पा लिया और अन्य दुकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया। हालांकि, दुकान में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं लग पाया है जिसकी जांच की जा रही है।

 

शिक्षा मंत्री के चेहरे पर आई चमक

देहरादून। शिक्षकों के ड्रेस कोड को लेकर प्रदेश में कई मोड़ आए। कभी शिक्षकों ने ड्रेस कोड के फैसले का विरोध किया तो कई बार शासन द्वारा शिक्षकों पर इस नियम को मानने का दबाव भी बनाया गया। हालांकि, शासन का ये आदेश शिक्षकों को कतई पसंद नहीं फिर भी काशीपुर से आए शिक्षकों ने जो किया वो कम से कम शिक्षा मंत्री को खुश करने के लिये काफी था। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे द्वारा लागू किया गया ड्रेस कोड का नियम भले ही शिक्षण संस्थानों में नजर न आ रहा हो लेकिन मंत्री जी के यहां हाजिरी लगाने शिक्षक ड्रेस में ही पहुंच रहे हैं।

बीते रोज अपनी एक पुरानी समस्या को लेकर काशीपुर के शिक्षकों का एक ग्रुप निर्धारित ड्रेस पहनकर अरविंद पांडे से मिलने पहुंचा। हालांकि, शिक्षकों को विभाग का ये आदेश फूटी आंख नहीं सुहाता लेकिन मंत्री जी ने ड्रेस कोड को लेकर आदेश दे रखा है कि वह उसी शिक्षक या शिक्षक संघ की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे जो ड्रेस पहनकर उनसे मिलने आएगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सभी शिक्षक नीली शर्ट और ग्रे पैंट पहनकर शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंच गए। शिक्षकों को नियम से काम करता देख मंत्री जी की खुशी भी देखने लायक थी। मंत्री ने आवास पर आये सभी शिक्षकों को ड्रेस कोड का पालन करने के लिए धन्यवाद तक कहा। साथ ही कहा कि वे शिक्षकों का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने दावा किया कि 60 फीसदी शिक्षक उनकी बात पहले ही मान चुके हैं।

सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जा

उधमसिंह नगर। जिले में भू-माफिया बेलगाम दिखाई दे रहे हैं। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वो सरकारी जमीन पर ही नजऱ गड़ाए बैठे हैं। मामला जिले के मुख्यालय रुद्रपुर का है। भू-माफियाओं ने स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर ही अवैध अतिक्रमण करना शुरू कर दिया। रुद्रपुर की किच्छा रोड पर स्थित एनएच 74 चौड़ीकरण को लेकर रोड के दाएं और बाएं जो भी दुकानें व मकान स्थित थे उन सभी को हटाया गया है। दो बार इस अतिक्रमण को हटाने के बावजूद भी भूमाफियाओं ने फिर से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है।
 
आलम ये है कि भू-माफियाओं द्वारा सरकारी जमीन पर अपना टिन सेट तैयार किया जा चुका है लेकिन इतना सब होने के बाद भी ना ही विभाग नींद से जागने को तैयार है और ना ही प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है। अतिक्रमण के बारे में एसडीएम रुद्रपुर रोहित मीणा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ये भूमि स्वास्थ्य विभाग को आवंटित की गई है लिहाजा उसकी पूरी जिम्मेदारी महकमे की है। अगर स्वाथ्य विभाग को पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की जरूरत अतिक्रमण हटाने में होगी तो उसमें स्वास्थ्य विभाग की मदद की जाएगी।  
वही, जब सीएमओ राजेन्द्र पांडेय से इस बाबत पूछा गया तो पहले तो अतिक्रमण की बात को नकारते हुए दिखाई दिए लेकिन बाद में मामले को देखने की बात करते हुए कार्रवाई की बात कही।
 

आयरन लेडी और लौह पुरुष को अर्पित की श्रद्धांजलि

 मसूरी। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के झूलाघर स्थित उनकी प्रतिमा पर फूलमाला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर महिला कांग्रेस कमेटी ने गरीब बुजुर्ग महिलाओं को कंबल वितरित किए। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी अमर रहे और भारत माता की जय हो के नारे भी लगाए। साथ ही उन्होंने इंदिरा के बताए हुए मार्ग पर चलने का प्रण भी लिया। इस मौके पर मसूरी महिला कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर कौर और मसूरी कांग्रेस अध्यक्ष सतीश ढौंडियाल ने कहा कि श्रीमति गांधी को उनकी विदेश नीति उन्हें नेहरू से भी बड़ा राजनेता साबित करती है। इंदिरा गांधी ने दक्षिणपंथियों, अमेरीका की विस्तारवादी और विधटनकारी नीतियों से कभी समझौता नहीं किया। 

 
वहीं, राष्ट्रीय सम्मान को उन्होंने सर्वोपरि माना और हिंदुस्तान को एक बड़ी शक्ति बनाना उनका सबसे बड़ा सपना था। वह तीसरी दुनिया में अविकसित और शोषित देशों की बड़ी नेता थीं। धर्म निरपेक्षता, गरीबों के उत्थान, सार्वजनिक क्षेत्रों के विस्तार, आदिवासियों और हरिजनों के कल्याण के प्रति वह प्रतिबद्ध थीं। उन्होंने कहा कि श्रीमति गांधी की हत्या विश्वास की मौत थी। भारतीय राजनीति का हर पक्ष आज भी इंदिरा जी से सराबोर है। 
 
रन फॉर यूनिटी का किया गया आयोजन
पहाड़ों की रानी मसूरी में लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल 142 जयंती पर जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद के संयुक्त तत्वावधान में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। जिसकी शुरुआत गढ़वाल टैरेस चौक पर स्थानीय विधायक गणेश जोशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसमें मसूरी एसडीएम मीनाक्षी पटवाल, पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल और मसूरी के गई गणमान्यों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विधायक ने कहा कि देश के प्रथम गृहमंत्री और पूर्व प्रधानामंत्री की पुण्यतिथी पर पूरा देश एकता के संदेश को लेकर दौड़ रहा है। जिसको राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रहा है। साथ ही उन्होंने कि देश में किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर देश प्रेम की भावना का महौल आज पूरे देश में है।

शराब की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

 देहरादून। प्रदेश में शराब की दुकानों में बिक रही अवैध शराब को लेकर अब आबकारी विभाग नींद से जागा है। राजधानी में लगभग सभी शराब की दुकानों पर खुलेआम ओवर रेटिंग के खेल चल रहा है। देहरादून में  देर शाम से लगातार छापेमारी जारी है। आबकारी विभाग की लगभग 9 टीमें देहरादून के सभी मार्गों पर ना केवल ओवर रेटिंग की जांच कर रही है बल्कि तमाम खामियों को भी जांचा जा रहा है। देहरादून के जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय का कहना है कि कल देर शाम से शुरू हुई तमाम शराब की दुकानों पर छापेमारी के बाद जाखन, राजपुर रोड, घंटाघर, प्रिंस चौक, आरा घर, बल्लीवाला, बल्लूपुर, रायपुर, सहारनपुर रोड और नजदीकी विधानसभा के पास आबकारी विभाग की टीम ने अभीतक छापेमारी की है, जिसमें ओवर रेटिंग के साथ-साथ रजिस्टर मेंटेन ना करने की खामियां मिली हैं।

मनोज उपाध्याय का कहना है कि देर रात तक देहरादून और आसपास की शराब की दुकानों पर छापेमारी जारी रहेगी। उनका कहना है कि उन्हें लगातार ओवर रेटिंग की शिकायतें मिल रही थीं। आपको बता दें कि हमने कल ही इस खबर को प्रमुखता से दिखाया था और खबर में दिखाया था कि किस तरह से राजधानी की तमाम दुकानें एमआरपी से ज्यादा लोगों से पैसे वसूल रही हैं और यह सब काम शहर के बिल्कुल बीचो-बीच बनी दुकानों पर हो रहा है।

 

चरस व 120 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद

 नई टिहरी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी द्वारा जनपद मे मादक पदार्थो के विरूध चलाये जा रहे अभियान के तहत एसओजी टिहरी ने दो अलग अलग मामलो मे एक किलोग्राम चरस और 120 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद करने मे सफलता हासिल की है। तपोवन और मुनीकी रेती क्षेत्र मे होटलो मे चरस की अवैध खरीद फरोख्त की रोकथाम के लिये एसएसपी टिहरी द्वारा क्षेत्राधिकारी वीके जेठा को निर्देशित किया था। जेठा द्वारा इस सम्बन्ध मे एसओजी प्रभारी आर के सकलानी के नेतृत्व मे टीम का गठन किया था। टीम ने रात करीब साढे ग्यारह बजे नरेन्द्रनगर मे सुन्दर सिंह पुत्र राजेन्द्र निवासी ग्राम अटूटा थाना बाबूगढ छावनी जिला मेरठ व अविनाश पुत्र राजेन्द्र निवासी ग्राम समस्पुर थाना बह्सुम्मा जिला मेरठ को एक किलो चरस के साथ उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वे इस नशीले करोबार की पैठ पॉलिटेक्निक के होस्टल मे रह रहे छात्रो मे बनाने के लिये नरेन्द्र नगर पहुचे थे। इनसे बरामद चरस की कीमत 1लाख रुपये आंकी गयी है।

वहीँ दूसरा मामला लम्बगांव व प्रताप नगर क्षेत्र मे लम्बे समय से एसएसपी टिहरी को उत्तरकाशी के सरकारी ठेको से अवैध रूप से शराब सप्लाई होने की सूचनाये प्राप्त हो रही थी। एसएसपी टिहरी द्वारा इसकी धरपकड हेतु एसओजी प्रभारी आरके सकलानी को निर्देशित किया। एसओजी प्रभारी द्वारा सटीक सूचना संकलित करते हुए अपनी टीम को रविवार की शाम को भल्डियाना पुल पर लगाया जहा से शराब तस्करो को गाडी लेकर गुजरना था। देर रात तक टीम पुल के पास छुपी रही। परन्तु तस्करों को इस दौरान रास्ते मे भनक लग गयी। टीम जब वापस नरेन्द्रनगर लौट रही थी तभी मुखबिर ने सूचना दी कि ये लोग माल को अब प्लान बदल कर ऋ षिकेश ले जा रहे है। इस सूचना पर टीम खाडी मे बताये गये वाहन यू.के.10सी.ए. 0527 और उसके चालक बलवीर सिंह रावत पुत्र मकर सिंह रावत निवासी ग्राम मल्ली चिन्यलीसौड़ उत्तरकाशी और संजय राणा पुत्र जय सिंह राणा निवासी ग्राम ठाकी थाना डुनड़ा उत्तरकाशी को रात 3 बजे पकडते हुए गाडी से 120 पेटी सोलमेट व्हिस्की बरामद कर गिरफ्तार कर लिया। बरमाद शराब की कीमत साढ़े चार लाख रूपये आंकी गयी है।

जिला स्तरीय विज्ञान महोत्सव दो से

अल्मोड़ा। एससीइआरटी व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तत्वावधान में जिला स्तरीय विज्ञान महोत्सव दो व तीन नवंबर को राजकीय बालिका इंटर कालेज अल्मोड़ा में होगा। जिसमें जिले के विभिन्न विकास खंडों के विद्यालयों के बाल वैज्ञानिक अपना हुनर प्रस्तुत करेंगे। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला संदर्भ व्यक्ति विनोद कुमार राठौर ने बताया कि विज्ञान महोत्सव के तहत विज्ञान प्रदर्शनी, विज्ञान मेला तथा विज्ञान ड्रामा का आयोजन किया जाएगा। राठौर ने बताया कि एनसीइआरटी की ओर से इस वर्ष विज्ञान प्रदर्शनी का विषय सतत विकास के लिए नवाचार रखा गया है।
 
जिसके अंतर्गत छह उपविषय स्वास्थ्य तथा स्वस्थ रहना, संसाधन प्रबंध, खाद्य सुरक्षा, अपशिष्ट प्रबंधन, जलाशयों का संरक्षण, परिवहन तथा संचार, डिजिटल एवं तकनीकी समाधान रखा गया है। डिजिटल एवं तकनीकी समाधान तथा गणितीय प्रतिरूपण के तहत ब्लॉक स्तर पर जूनियर तथा सीनियर वर्ग में प्रथम तथा द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागी जिला स्तरीय विज्ञान महोत्सव में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि दो नवंबर को विज्ञान प्रदर्शनी तथा विज्ञान मेला तथा तीन नवंबर को विज्ञान ड्रामा का आयोजन किया जाएगा। इधर मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को निर्देशित किया है कि वह चयनित छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय विज्ञान महोत्सव में प्रतिभाग कराएं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूंका सीएम का पुतला

अल्मोड़ा। प्रदेश सरकार पर झूठी घोषणाएं करने तथा प्रोटोकॉल का उलंघन करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों ने मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया।कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पंचायत के प्रांगण में एकत्र हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए मुख्य चौराहे पर पहुंचे। जहां पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने भाजपा की प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व विधायक के प्रयासों से जो कार्य हरीश रावत सरकार के जमाने में स्वीकृत हुए, मुख्यमंत्री ने उन्ही कार्यों की घोषणा कर द्वाराहाट की जनता के साथ छलावा किया। द्वाराहाट महोत्सव का भाजपायीकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई गई। नगर पंचायत अध्यक्ष को दरकिनार कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से अध्यक्षता करवाई, जो नियम विरुद्ध था।

वक्ताओं ने विकास कार्यों में भी दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।मौके पर पार्टी ब्लॉक अध्यक्ष डिगर बिष्ट, नगर अध्यक्ष कमल साह, नगर पंचायत अध्यक्ष विमला साह, जिपंस बचुली देवी, पूर्व प्रमुख राजेंद्र किरौला, कंचन साह, कैलाश भट्ट, मनोज मठपाल, नवीन बिष्ट, हेम मठपाल, निर्मल मठपाल, गोबिंद साह, पंकज बिष्ट, तारा लाल साह, चंदन नेगी, दिवाकर कार्की, संतोष चौधरी, युगल साह, तारा सिंह आदि मौजूद रहे।

पहाड़ से पलायन रोकने में भी काम करे विद्याभारती

 रुद्रप्रयाग। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के सहयोग से विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बेलनी में पूर्व छात्र सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मौके पर पूर्व छात्रों से 2 घंटे विद्या भारती को देने का आह्वान किया गया। साथ ही पहाड़ से पलायन कर रहे युवाओं को भी रोकने के लिए विद्या भारती को आगे आने की अपील की गई।मुख्य वक्ता के रूप में लोकेंद्र ने विद्या भारती के रूप में व्यापक जानकारी दी। कहा कि पूर्व छात्रों को 24 घंटों में 2 घंटे विद्या भारती को देने चाहिए ताकि यहां से पढ़ाई के लिए पलायन कर रहे युवाओं को रोकने में भी काम करने की दिशा में प्रयास शुरू किया जा सके। पूर्व छात्र गंभीर बिष्ट एवं अजय सेमवाल ने ग्रामीण अंचलों के विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए कार्य पर जोर दिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर पूर्व छात्र अजय सेमवाल, गंभीर बिष्ट, मनीष सकलानी, वीरेंद्र बुटोला, मनीष भट्ट, कालिका प्रसाद शर्मा, प्रदीप कप्रवान, मोहन सिंह चौहान, हिमांशु रावत, दीपक नौटियाल, रोशन झा, आशीष पाल, विपुल नौटियाल, किरन रावत, गौरव, डॉ नितिन पुरोहित, नवीन पोखरियाल, सौरभ नौटियाल, दीवान सिंह रावत, राहुल नौटियाल, प्रियंका पुरोहित आदि उपस्थित थे।

 

बंद घर से नगदी और जेवर उड़ाए

 विकासनगर। कोतवाली क्षेत्र के कल्याणपुर में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाया। चोरों ने घर के कुंडे तोडक़र पूरे घर को खंगाला। चोर घर में रखे पांच हजार रुपये व हजारों रुपये के चांदी के सिक्के व बर्तन चुराकर ले गये। पीडि़त परिवार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरु कर दी है। संदीप नौटियाल पुत्र पीतांबर दत्त नौटियाल निवासी कल्याणपुर शनिवार को अपने परिवार के साथ देहरादून रिश्तेदारी में गये थे।

रविवार शाम को जब घर लौटे तो घर का कुंडा टूटा हुआ था। घर के अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। घर से काफी सामान चोरी हुआ था। संदीप नौटियाल ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस को तहरीर में बताया कि चोर घर में रखे पांच हजार रुपये, ग्यारह चांदी के सिक्के, चांदी के जेवर व बर्तन ले गए। संदीप नौटियाल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। कोतवाल एसएस नेगी ने बताया कि चोरों की तलाश की जा रही है। संदिग्धों की धरपकड़ कर पूछताछ की जा रही है।

आर्य समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से की मुलाकात

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से सोमवार को सचिवालय में आर्य समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।  प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी का प्रथम बिगुल बजाने वाले महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा था वेद भारत के लिए और भारत वेदों के लिए और भारत भारतीयों के लिए। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि विधान सभा के समीप ऋ षिपर्णा नदी (रिस्पना) पर बने पुल का नाम बदलकर स्वामी दयानंद सेतु रखा जाएगा।
इस अवसर पर विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, श्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वामी आर्यवेश सहित प्रदेशभर से आए आर्य समाज के लोग उपस्थित थे।

गढ़ रक्षक महोत्सव का समापन

 ऋषिकेश। पहाड़ी दीपावली बग्वाल के शुभ अवसर पर गढ़ सेवा संस्थान ऋषिकेश के तत्वाधान में दो दिवसीय गढ़ रक्षक महोत्सव का सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने समापन किया। गढ़ रक्षक महोत्सव का सफलता पूर्वक समापन होने पर विधान सभा अध्यक्ष जी ने गढ़ सेवा संस्थान का आभार व्यक्त करते हूए कहा कि इस प्रकार के महोत्सव से हमें अपनी संस्कृति को जानने का मौका मिलता है और विश्व में हमारी पहचान बनती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सवों में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप का एक अद्वितीय और दुर्लभ सामजस्य दिखाई देता है, जो कहीं और नहीं दिख पाता। गढ़ रक्षक महोत्सव समापन अवसर पर जौनसार से अनार की खेती कर देशों में अनार का निर्यात करने वाले प्रेम शर्मा, पौढ़ी से इलायची की खेती करने वाले कृषक बच्ची राम डोंडियाल, वन संरक्षण एवं शराब बन्दी पर कार्य वाली चमोली की कलावती रावत, डालियों के दगडिया मोहन सिंह पंवार, जैविक खेती कृषक हयात सिंह राणा एवं डा0 अतुल शर्मा को विधानसभा अध्यक्ष ने सम्मानित किया।

महोत्सव के सांस्कृतिक पंडाल में हुए आयोजन में गायककार गजेन्द्र राणा, किशन महिपाल, संगीता ढ़ोढिय़ाल ने अपनी आवाज के जादू से श्रोताओं को बांधे रखा। इस अवसर पर सस्कृति विभाग के माध्यम से कलाकारों द्वारा जौनसारी नृृत्य एवं रंगारंग प्रस्तुति दी गयी। कार्यक्रम के शुभ अवसर पर दीप शर्मा(अध्यक्ष,नगर पालिका), प्रताप सिंह रावत, रविंद्र सिंह राणा, देवेंद्र सिंह नेगी, दिनेश पयाल, मनोज ध्यानी, ताजेन्द्र सिंह नेगी, संदीप चैहान, सुमित पंवार, भगवती रतूड़ी, रजनीश शर्मा, अरुण बडोनी, गोपाल सती एवं अन्य लोग मौजूद थे।

सीएम ने पटेल की जयंती की पर बधाई दी

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल ने अविस्मरणीय भूमिका निभाई। देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक देशी रियासतों का भारत में विलय का उनका कार्य ऐतिहासिक रहा है। देश को अपने इस महापुरुष पर सदैव गर्व रहेगा और उनकी जयंती के अवसर पर हमें सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर प्रदेश एवं देश की तरक्की के लिए कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर एकता दौड़, स्वच्छता अभियान और रक्तदान कार्यक्रम में बढ़-चढकर प्रतिभाग करें।
 
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर के अवसर पर राज्यपाल डॉ.कृष्णकान्त पाल व मुख्यमंत्री रावत द्वारा प्रात: 7.45 बजे घंटाघर, देहरादून स्थित सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया जायेगा। सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर प्रदेश भर में स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर एवं ’’राष्ट्रीय एकता दौड़’’ का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल डॉ.कृष्णकान्त पाल व मुख्यमंत्री  31 अक्टूबर को प्रात: 8 बजे विधानसभा, देहरादून से ’’राष्ट्रीय एकता दौड़’’ में प्रतिभाग करेंगे। प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों में प्रात: 7.45 बजे सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया जायेगा। इसके बाद प्रात: 8.00 बजे ’’राष्ट्रीय एकता दौड़’’ प्रारम्भ की जायेगी। सभी जनपद मुख्यालयों में ’’राष्ट्रीय एकता दौड़’’ के बाद राष्ट्रीय एकता शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। प्रदेश मुख्यालय देहरादून में ’’राष्ट्रीय एकता दौड़’’ विधानसभा भवन, पवेलियन ग्राउण्ड, किसान भवन एवं नगर निगम, देहरादून से पुलिस लाईन देहरादून तक आयोजित की गई है। 

सपा ने सूबे में किया संगठन का विस्तार

रुडक़ी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तराखंड के प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए गए हैं। जिसमें युवजन सभा की जिम्मेदारी बलवीर सिंह रावत, लोहिया वाहिनी के के गौतम, छात्र सभा अर्जुन सिंह, यूथ ब्रिगेड अरविंद यादव,व्यापार सभा संजय कपूर, महिला सभा रीना जोशी, अल्पसंख्यक सभा डॉ नसीम, अधिवक्ता सभा अतुल यादव, शिक्षक सभा डॉ आर के पाठक, संस्कृतिक सभा मोहितोश मैठाणी, पिछड़ा वर्ग समीर आलम और अनुसूचित जाति जनजाति की जिम्मेदारी आशीष यादव को दी गई है।

2020 तक खसरा रोग समाप्त करने का लक्ष्य: रावत

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा देहरादून में आयोजित भारत सरकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं यूनिसेफ के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा आयोजित मीजिल्स (खसरा) व  रूबैला टीकाकरण अभियान शुभारम्भ किया।
स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड को टीकाकरण अभियान के सफल संचालन हेतु शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि खसरा व रूबैला के खतरनाक परिणाम देखने को मिलते है। हमारे देश में आज भी तमाम ऐसी बिमारियॉं है जिनके सम्बन्ध में यदि सावधानियॉं बरती जाय या समय से पूर्व उपचार कर दिया जाय तो उनसे बचा जा सकता है। हमने सकंल्प लिया है कि 2020 तक खसरे के रोग को समाप्त करना है तथा रूबैला का नियंत्रित करना है। अच्छा स्वास्थ्य आने वाली पीढ़ी की प्रगति तो सुनिश्चित करता ही है साथ ही आर्थिक-सामाजिक विषमता भी दूर करता है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सभी धार्मिक गुरूओं, सामाजिक संगठनों व वर्गो से खसरा व रूबैला के टीकाकरण अभियान में सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता का संदेश दिया है यह केवल शारीरिक स्वच्छता नही है बल्कि इसके बहुआयामी परिणाम है। स्वच्छता एक व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। अपने साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों को भी स्वच्छता हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए। यह प्रसन्नता की बात है कि उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्र में खुले में शौच से मुक्त देश का चौथा राज्य बन चुका है तथा  मार्च 2018 तक  यह शहरी क्षेत्र में भी खुले में शौच मुक्त राज्य बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खुले में शौच से गंदगी से जल प्रदूषित होता है तथा अशुद्ध जल तमाम बिमारियों का कारण होता है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि खसरा व रूबैला के विरूद्ध टीकाकरण अभियान सफल होगा।  
 
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार ने सकंल्प लिया है कि रिस्पना को पुन: जीवित करना है। रिस्पना से ऋषिपर्णा अभियान के तहत रिस्पना को अपने पुराने रूप में लाया जाएगा। वर्तमान में रिस्पना में जल की मात्रा बहुत कम है। हमें इसका जल स्तर बढ़ाना है। ईको टास्क फोर्स इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। जूनियर टास्क फोर्स का गठन किया गया हैं जिसके अन्तर्गत स्कूली छात्रों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। रिस्पना नदी के मूल स्थान मंसूरी के पास लंढौर से यह अभियान आरम्भ किया जाएगा।  नदी के साफ-सफाई तथा सघन वृक्षारोपण के कार्य किए जाएगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने ‘‘रिस्पना से ऋ षिपर्णा’’ महाअभियान हेतु जनता का आहवाहन करते हुए कहा व्यापक जन सहभागिता द्वारा ही इस अभियान सफल बनाया जा सकता है। हम इसे जनसहयोग से जनता का आन्दोलन बनाएगे।   
 
उल्लेखनीय है कि एक राष्ट्रव्यापी अभियान के अन्तर्गत खसरा तथा रूबैला जैसी जानलेवा बीमारियों से बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए खसरा-रूबैला(एम.आर) टीकारण आरम्भ किया जा रहा है। उत्तराखण्ड में खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान का संचालन भारत सरकार, यूनिसेफ तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से किया जा रहा है। इस अभियान के उपरान्त खसरा-रूबैला के टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में सम्मिलित कर लिया जाएगा। इस अभियान के अन्तर्गत 09 माह से 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। इस अभियान में सभी बच्चे चाहे जिन्हें पूर्व में एम.आर.ध्एम.एम.आर. का टीका दिया जा चुका हो, शामिल होंगे। इस अभियान के द्वारा खसरा रोग को समाप्त करना तथा रूबैला को नियंत्रित करना लक्ष्य है। खसरा-रूबैला टीका पूर्ण रूप  से सुरक्षित है एवं उसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। यह टीका केवल प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी द्वारा ही लगाया जाएगा। खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान अन्तर्गत देश के लगभग 41 करोड़ बच्चों को आच्छादित किया जा रहा है जो अभी तक के किसी भी स्वास्थ्य अभियान की तुलना में सबसे बड़ी गतिविधि है। यह अभियान देश में फरवरी 2017 से शुरू होकर अब तक 12 राज्यों में चल रहा है उत्तराखण्ड इस श्रृंखला में 13वां राज्य है। उत्तराखण्ड में खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान अन्तर्गत लगभग 28 लाख 25 हजार 685 बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। इस अभियान के अन्तर्गत 15468 टीकाकरण सत्र सरकारी एवं निजी विद्यालयों में लगाए जाएंगे तथा 11540 टीकाकरण सत्र दूरस्थ स्थानों पर संचालित होंगे। इस अभियान के अन्तर्गत सरकारी, अर्द्धसरकारी, प्राईवेट एवं मदरसों में शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है। इस अभियान के बाद खसरा वैक्सीन के स्थान पर खसरा और रूबैला प्रारम्भ की जायेगी।
 
इस राज्य व्यापी अभियान को सफल बनाने के लिए बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, रेडक्रास, लायन्स एवं रोटरी क्लब, भारतीय चिकित्सा संघ, बाल रोग विशेषज्ञ संघ, विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं यूनिसेफ के द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
इस अभियान के द्वारा जहां एक ओर खसरा-रूबैला से होने वाली रूग्णता एवं मृत्यु दर में कमी आयेगी, वहीं दूसरी और देश से वर्ष 2020 तक रूबैला से होने वाले जन्मांगत व्याधियों को नियंत्रित करने में सफल सिद्ध होगा।

यात्रियों की बस को सीएम ने दिखई हरी झंडी

 देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में पं0 दीनदयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के अर्न्तगत रीठा साहिब हेतु 36 वरिष्ठ नागरिकों को ले जा रही बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सुखमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों से यात्रा रूट तथा अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। 36 वरिष्ठ यात्रियों के इस दल में 24 महिलायें तथा 12 पुरूष है। श्री रीठा सहिब (श्री नानकमत्ता) की यात्रा का यह चार दिवसीय कार्यक्रम है। यात्रा के दौरान 834 किमी की दूरी तय की जाएगी। यात्री दल प्रथम दिन टनकपुर, दूसरे दिन रीठा-मीठा साहिब, तीसरे दिन रामनगर रूककर चौथे दिन दिनांक 2 नवम्बर 2017 को वापस देहरादून लौटेंगे। प0 दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा आर्थिक रूप से अक्षम अधिक आयु के नागरिकों कों बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री धाम, रीठा-मीठा साहिब (नानकमता साहिब) व निजामुद्दीन औलिया दिल्ली की नि:शुल्क यात्रा मोटर मार्ग से करवाई जा रही है। अभी तक दो जत्थें भेजे जा चुके है।

 

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के वरिष्ठ नागरिको को जिनमें पति-पत्नी में से किसी एक की भी आयु 65 साल या उससे अधिक हो को बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री धाम, रीठा-मीठा साहिब (नानकमत्ता साहिब) व निजामुद्दीन औलिया दिल्ली, कलियर शरीफ, ताडक़ेश्वर महादेव (पौड़ी), कालीमठ (रूद्रप्रयाग) तथा जागेश्वर धाम, गैराठ गोलू (बागेश्वर), बैजनाथ(बागेश्वर) व गंगोली हाट (पिथौरागढ़) में नि:शुल्क यात्रा, परिवहन, भोजन, व आवास की व्यवस्था प्रदान की जाती है। देहरादून से वर्ष 2017 के उक्त यात्रा में अब तक 39 सदस्यीय यात्री दल को बद्रीनाथ धाम व 39 सदस्यीय यात्री दल को गंगोत्री धाम यात्रा पर भेजा जा चुका हैं। साथ ही 39 वरिष्ठ नागरिकों को पुन: इस सप्ताह बद्रीनाथ की यात्रा पर रवाना किया जा रहा है।बद्रीनाथ धाम यात्रा हेतु 70 अन्य वरिष्ठ नागरिकों द्वारा भी पंजीकरण करवाया गया है जिन्हें बद्रीनाथ धाम के कपाट बन्द होने से पूर्व बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर भेजा जाना प्रस्तावित है। रीठा-मीठा साहिब व अन्य स्थानों हेतु भी वरिष्ठ नागरिकों द्वारा क्षेत्रीय पर्यटक कार्यालय देहरादून में निरन्तर पंजीकरण करवाये जा रहे है।
इस अवसर पर यात्रा पर जा रहे सिक्ख श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया तथा उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से सुरक्षित और सुगम उत्तराखण्ड का संदेश देश विदेश तक गया है। इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत तथा केन्द्रीय गुरू सिंह सभा के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कर्मचारियों सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई: मीना

 देहरादून। निदेशक सतर्कता राम सिंह मीना द्वारा प्रथम सतर्कता जन जागरूकता सप्ताह के उद्घाटन के अवसर पर सतर्कता अधिष्ठान उत्तराखण्ड के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को सतर्कता अधिष्ठान कार्यालय मे देश की आर्थिक राजनैतिक तथा सामाजिक प्रगति में भ्रष्टाचार एक बड़ी बाधा एवं भ्रष्टाचार उन्नमूलन हेतु सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गयी, जिसमे जीवन के सभी क्षेत्रों मे ईमानदारी तथा कानून के नियमों का पालन करने के साथ ही रिश्वत न लेने व न देने के साथ ही जनहित मे कार्य करते हुये निजी आचरण में ईमानदारी दिखाकर भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की रिपोर्ट उचित एजेन्सी को देने का प्रण लिया गया।

मीना द्वारा भ्रष्टाचार जन जागरूकता सप्ताह के शुभारम्भ के अवसर पर उपस्थित जनता से अपील की कि वे भ्रष्ट लोकसेवकों के विरूद्ध निर्भीक होकर उनकी शिकायत इस अधिष्ठान के टेलीफोनध्मोबाईल नम्बरों पर कर सकते हैं शिकायतकर्ता का नाम पता गोपनीय रखा जायेगा। उन्होंने मीडिया के साथियों से अपील की कि वे भी भ्रष्टाचार के विरूद्ध सतर्कता अधिष्ठान देहरादून की इस मुहिम मे अपना सहयोग करे। जन जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम की रूप रेखा निम्नवत है। मंगलार को ओएनजीसी सभागार कौलागढ़ रोड़ देहरादून में भ्रष्टाचार विषय पर सेमीनार का आयोजन। एक नवम्बर को उत्तराखण्ड सतर्कता अधिष्ठान, द्वारा पुलिस लाईन से स्कूली बच्चों की रैली। 2 नवम्बर पुलिस लाईन सभागार रेस कोर्स देहरादून में समय 11.00 बजे से स्कूली बच्चो द्वारा डिबेट प्रतियोगिता का आयोजन तथा 3 नवम्बर को डोईवाला व सहसपुर तथा जनपद हरिद्वार (रूडक़ी) ब्लॉक स्तर पर सतर्कता अधिकारियों द्वारा ग्राम प्रधान एवं सभ्रान्त नागरिको के साथ भ्रष्टाचार उन्नमूलन हेतु जन जागरूकता गोष्ठी का आयोजन।

स्व. इन्दिरा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित होंगी गोष्ठिया: प्रीतम

देहरादून। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जायेगा। अध्यक्ष के आदेश पर भारत रत्न स्व0 इन्दिरा गांधी जी की पुण्यतिथि का कार्यक्रम जिला कांग्रेस कमेटी एवं ब्लाक कमेटी मुख्यालयों में भी भव्य रूप से मनाया जाना है। उक्त जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता मथुरा जोशी ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। जोशी ने बताया कि पूरे प्रदेश में भारत रत्न स्व. इन्दिरा जी की शताब्दी वर्ष भी मनाई जा रही है, उस शिलशिले में भी पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है।
 
उसी कड़ी में कांर्ग्रेेस पार्टी ने तय किया है कि पूरे प्रदेश के जनपद व ब्लाक स्तर पर भारत रत्न इन्दिरा गांधी का बलिदान दिवस मनाया जायेगा। जोशी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जिला कंांग्रेस कमेटी, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जनपद व ब्लाक के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों, सांसद, पूर्व सांसद, विधायकगणों, पूर्व विधायकगणों, जिला पंचायत के अध्यक्षगणों, जिला पंचायत के सदस्यगणों एवं कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को उक्त कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु अनुुरोध करें ताकि भारत रत्न स्व. इन्दिरा गांधी द्वारा किये गये विकास कार्यो को जनता तक पहॅुचाया जा सके।  

खेल महाकुम्भ से प्रतिभावान खिलाडियों का होगा चयन: पाण्डेय

 देहरादून। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, खेल, युवा कल्याण एवं पंचायती राज मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने सचिवालय में खेल महाकुम्भ- 2017 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। खेल महाकुम्भ-2017 का आयोजन 09 नवम्बर से 13 दिसम्बर के मध्य होगा। यह आयोजन न्याय पंचायत स्तर, ब्लाक, जनपद एवं राज्य स्तर पर होगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में खेल के प्रति जागरुकता बढ़ाना, खेल के प्रति माहौल तैयार करना, ग्रामीण एवं शहरी बालक-बालिकाओं, युवाओं, प्रोढों, महिलाओं सहित सभी वर्गों में खेल की अभिरुचि जगाकर उन्हें प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना है। खेल महाकुम्भ द्वारा प्रतिभावान खिलाडियों का चयन किया जायेगा तथा उन्हें उच्च स्तरीय विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा ताकि वे राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक हासिल कर राज्य का नाम रोशन करें।

बैठक में यह भी निश्चय किया गया कि खेल महाकुम्भ- 2017 व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इस हेतु प्रतिभागियों का ऑफ लाईन रजिस्ट्रेशन प्रारम्भ हो चुका है तथा ऑन लाईन रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाईल एप भी लांच किया जायेगा। प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया, फेसबुक, वाट्सअप का भी प्रयोग किया जायेगा। प्रत्येक स्तर पर चयनित प्रतिभागियों के लिए नकद एवं शील्ड पुरस्कार की व्यवस्था की जायेगी। खेल महाकुम्भ का शुभारम्भ राज्य स्थापना दिवस पर प्रत्येक जनपद के प्रभारी मंत्रियों द्वारा जनपद मुख्यालय पर किया जायेगा। यहां से मशाल लेकर न्याय पंचायत स्तर पर क्रास कन्ट्री रेस के द्वारा खेल महाकुम्भ का शुभारम्भ होगा। इस आयोजन हेतु शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग एवं युवा कल्याण विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा। इस सम्बन्ध में खेल मंत्री द्वारा वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की सामूहिक बैठक ली जायेगी। बैठक में सचिव खेल हरबंश सिंह चुघ, अपर सचिव न्याय महेश कौशिबा, संयुक्त सचिव अतर सिंह, निदेशक खेल एवं युवा कल्याण प्रशान्त आर्य, उपनिदेशक युवा कल्याण शक्ति सिंह, समीक्षा अधिकारी दिशांत सिंह आदि उपस्थित थे। 

 

सहकारी समितियों के चुने प्रतिनिधियों को हटाने का काम कर रही सरकार

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा है कि सरकार सहकारी समितियों में चुने हुए प्रतिनिधियों को हटाकर अपने लोगों को अटैच करना चाहती है, जिसका पुरजोर विरोध किया जायेगा और इसके लिए सडक़ों पर उतरकर जनांदोलन किया जायेगा। कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार को चेताते हुए कहा है कि वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं का तत्काल प्रभाव से उत्पीडन करना बंद करें, अन्यथा सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगें। उनका कहना है कि राज्य सरकार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का उत्पीडऩ कर रही है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। उनका कहना है कि राज्य सरकार सहकारिता के क्षेत्र में जो कार्य कर रही है वह पूर्ण रूप से गलत है।

 
उनका कहना है कि सरकार सहकारी बैंकों में कब्जा करने के बाद अब सहकारी समितियों पर कब्जा करना चाहती है, सरकार की इस जन विरोधी नीतियों का पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगौ उनका कहना है कि सरकार सत्ता का दुरुपयोग करके समितियों को तहस नहस करने का काम कर रही है। उनका कहना है कि सरकार ने छह माह पहले जांच की, लेकिन सरकार को कुछ नहीं मिला जिससे सरकार बैकफुट पर आ गई। उनका कहना है कि सरकार की नीतियां जन विरोधी तक सीमित रह गई है और सरकार उत्तराखंड सहकारी संघ को सरकार भंग नही कर सकती है क्योंकि सरकार का इसमें कोई शेयर नहीं है। उनका कहना है कि सरकार सत्ता की धौंस में जन विरोधी काम कर रही है जिसे किसी भी दशा में पूरा नहीं होने दिया जायेगा और सरकार के खिलाफ जनता को लामबंद करते हुए आंदोलन किया जायेगा। इसके लिए शीघ्र ही रणनीति तैयार की जायेगी। इस अवसर पर वार्ता में प्रमोद कुमार सिंह आदि मौजूद थे।

सीटू का सचिवालय पर प्रदर्शन आज

देहरादून। सीटू जिला कमेटी के आह्वान पर सीटू कार्यकर्ता आशाओं की समस्याओं को लेकर 31 अक्टूबर को अपराह्न 2$30 बजे धरना स्थल परेड ग्राउन्ड से सचिवालय के लिये कूच करेेंगे। 

 
जिला सचिव लेखराज ने बताया कि पिछले 65 दिन से आशाएं धरने पर बैठी हैं किन्तु राज्य सरकार व शासन, प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा हैं। सरकार का ध्यान आकृर्षित करने के लिये सीटू जुड़ी तमाम यूनियन प्रदर्शन में हिस्सेदारी करेगी और सरकार से मांग करेगी कि उनकी न्यायोचित मांगों पर तत्काल कार्यवाही करें। प्रदर्शन कार्यक्रम को सीटू के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद का0 तपन सेन सम्बोधित करेंगे।

दक्षता स्ट्राइ योजनाओं को मंजूरी

मसूरी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति द्वारा विश्व बैंक समर्थित दो नई योजनाओं -आजीविका संवद्र्घन के लिए दक्षता हासिल करने और ज्ञान बढ़ाने (संकल्प) तथा औद्योगिक ीूल्य संवद्र्घन हेतु दक्षता सु²ढ़ीकरण (स्ट्राइव) योजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई। 4,455 करोड़ रूपये की केंद्रीय प्रायोजित संकल्प योजना में विश्व बैंक द्वारा 3,300 करोड़ रूपये ऋण की सहायता शामिल है, जबकि 2,200 करोड़ रूपये की केंद्रीय प्रायोजित स्ट्राइव योजना में विश्व बैंक से इस योजना की आधी राशि ऋण सहायता के रूप में दी जाएगी। संकल्प और स्ट्राइव योजनाएं निष्कर्ष आधारित है, जिसमें व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में सरकार की कार्यान्वयन रणनीति को आदानों के साथ परिणामों से जोड़ा गया है। दक्षता प्रशिक्षण के प्रभावी सुशासन और विनियमन शुरू करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा में औद्योगिक प्रयासों को चिन्हित करने के ²ष्टिगत काफी लंबे समय से एक राष्ट्रीय रूपरेखा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
 
 
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय कौशल प्रशिक्षण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कई पहलें शुरू कर चुका है जैसे स्मार्ट पोर्टल के माध्यम से मान्यता, केन्द्रीकृत ीूल्यांकन एवं प्रमाणीकरण प्रणाली, आईटीआई का आईएसओ प्रमाणीकरण, कुछ राज्यों में ऑनलाईन परीक्षणों की ओर संक्रमण आदि। ऐसे में संकल्प और स्ट्राइव जैसी परियोजनाएं जि़ला स्तर तक देश में सुधार लाने में मदद करेंगी।  संकल्प मान्यता और प्रमाणीकरण के लिए राष्ट्रीय निकायों की संस्थापना द्वारा इस आवश्यकता को पूरा करेगी। मान्यता एवं प्रमाणीकरण के लिए निकाय दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक दोनों ही व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (वीईटी) की मान्यता और प्रमाणनन का कार्य करेगा। यह संरचना भारत में व्यवसायिक इतिहास में पहली बार विभिन्न केंद्रीय, राज्य और प्राइवेट क्षेत्र के संस्थानों पर ध्यान देगा। जिसके फलस्वरूप गतिविधियों के दोहराव का परिहार होगा और व्यावसायिक प्रशिक्षण में एकरूपता आएगी और इस प्रकार इसका बेहतर प्रभाव होगा। ये दोनों परियोजनाएं संस्थागत स्तर पर सुधार लाएंगी तथा दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक रूप से कौशल विकास प्रशिक्षण प्रोग्रामों की गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता को बेहतर बनाएगी।

मुख्य सचिव ने दिए काम में तेजी लाने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सिडकुल बोर्ड के बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। लंबित परियोजनाओं के समयबद्घ निस्तारण के लिए टाइमफ्रेम बनायें। सोमवार को सचिवालय में सिडकुल बोर्ड की 43वीं बैठक में बताया गया कि अब तक 30 हजार करोड़ रूपये का पूंजी निवेश राज्य में हुआ है। बैठक में बताया गया कि सिडकुल ने सात औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये हैं। अब तक 8708$9 एकड़ भूमि पर विकसित औद्योगिक क्षेत्र में छोटे-बड़े 2000 उद्योग स्थापित हुए हैं। पंतनगर, हरिद्वार, सेलाकुई, कोटद्वार आईटी पार्क, सितारगंज फेज एक और दो, काशीपुर में सिडकुल द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में 1,60,718 लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं और 22,000 करोड़ रूपये का पूंजी निवेश हुआ है। बताया गया कि 2011-12 में उ0प्र0 के 16 औद्योगिक क्षेत्रों को सिडकुल को सुपुर्द किया गया। इसे सिडकुल द्वारा औद्योगिक इकाइयों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। 1,102$ 72 एकड़ भूमि पर विकसित इन औद्योगिक क्षेत्रों में 1,140 करोड़ रूपये का पूंजी निवेश आकर्षित किया गया है। इससे 15,250 लोगों को रोजगार के अवसर प्रान्त हुए हैं। 
 
बताया गया कि सिडकुल के पास 931 करोड़ रूपये की औद्योगिक, 216 करोड़ रूपये की व्यावसायिक, 94 करोड़ रूपये की आवासीय और 202 करोड़ रूपये की संस्थागत भूमि उपलब्ध है। इसके अलावा 1002 एकड़ भूमि खुरपिया फार्म और 803 एकड़ भूमि नेपा लि$ की मिली है। सिडकुुल के पास 913 करोड़ की 944 एकड़ भूमि पंतनगर, कोटद्वार, काशीपुर टेक्सटाइल पार्क, जसपुर टेक्सटाइल पार्क और भीमताल में उपलब्ध है। बताया गया कि उपलब्ध भूमि पर सिडकुल द्वारा औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। थाईलैंड, बेल्जियम, इटली, चीन का प्रतिनिधिमंडल पूंजी निवेश की संभावना की तलाश करने औद्योगिक क्षेत्रों का भ्रमण किया। दक्षिण कोरिया की कम्पनियों ने भी पूंजी निवेश की रूचि दिखाई है। वर्ष 2016-17 में सिडकुल ने 70 करोड़ रूपये की 40 इकाइयों को आकर्षित किया है। बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, एमडी सिडकुल आर$राजेश कुमार, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के$ पंकज गुन्ता, अपर सचिव वित्त एल$एन$ पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

बीजेपी मुख्यालय में लगा मुखिया का जनता दरबार

देहरादून। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में जनता से भेंट की। मुख्यमंत्री कई समस्याओं का मौके पर संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए। जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान लगभग 160 जन समस्याएं दर्ज की गई। इसमें मोटर मार्ग निमार्ण, भुगतान, भूमि विवाद, नौकरियों, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष सहित सभी प्रकार की समस्याएं शामिल थी।  नैनीताल के ग्राम दोहनिया, कोटाबाग से आए  रघुवीर सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया उनके पुत्र धर्मेन्द्र सिंह का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित का परिचय पत्र जारी होने में कुछ तकनीकी समस्या आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने मौके पर ही जिलाधिकारी नैनीताल को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। उत्तरांचल ऑगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जिस पर मुख्यमंत्री ने उचित कार्यवाही करने को कहा। शिक्षा आर्चाय संघ ने शिक्षा आचार्य /अनुदेशकों हेतु डी0एल0एड0 (प्रशिक्षण) प्रारम्भ करवाये जाने सम्बन्ध में मांग रखी।  
 
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि जनता मिलन कार्यक्रम द्वारा सरकार में जनता की सीधी सहभागिता सुनिश्चित होती है। सरकार द्वारा देहरादून केे अलावा जिलों में भी तहसील दिवस का सफल संचालन किया जा रहा है। जिला स्तर पर सरकार जनता से सीधा संवाद कायम कर रही है। सरकार जनसंवाद और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की पक्षधर है। लोगो से निरंतर संवाद कायम करके ही लोकतंत्र की भावना के अनुरूप का किया जा सकता है।  राज्य स्थापना के बाद विकास पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद विकास की गति बड़ी है तथा आम आदमी की पहुंच भी बढ़ी है। सामाजिक विकास के सकेंतक में उत्तराखण्ड को उच्च स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी लोगो, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व संगठनों को इसमें योगदान के लिए बधाई दी है तथा उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में राज्य को और भी अधिक अच्छे सकेंतक मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की मुख्य अवधारणा हर गांव तक बिजली, पानी और सडक़े पहुंचाना हैं। 2019 तक हर घर तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी। राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं में सुधार हेतु विशेषरूप से प्रयासरत है। 

छात्रों को स्वच्छता अभियान की शपथ दिलाई

ऋषिकेश। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल ने सोमवार को गुरु नानक स्कूल, ऋ षिकेश में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती की पूर्व संध्या पर स्कूल के छात्र-छात्राओं को स्वच्छता अभियान की शपथ दिलाई। स्वच्छता सप्ताह का उद्घाटन करते हूए अग्रवाल ने कहा है कि स्वच्छता मात्र शहर की नहीं होनी चाहिए बल्कि तन मन धन की भी स्वच्छता होनी चाहिए।
 
उन्होंने कहा है कि स्वच्छता को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है।इस अवसर पर  अग्रवाल ने भारत के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के स्वछता अभियान को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि स्वच्छता हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। प्राय: देखने में आता है कि जब हम स्वच्छ नहीं रहते हैं तो अनेक प्रकार की बीमारियां जन्म लेती है अंत में  अग्रवाल ने स्वच्छता पर आयोजित गुरु नानक स्कूल के छात्र छात्राओं की रैली को हरी झंडी दिखाकर स्वच्छता के लिए रवाना किया। इस अवसर पर गुरु नानक स्कूल के प्रधानाचार्य  दीपक भारद्वाज,  राकेश भण्डारी, सुशील सेमवाल, श्रीमान सिंह चौहान, राजपाल रावत, अशोक पासवान, विकास तेवतिया आदि लोग मौजूद थे। 

महिला कांग्रेस ने किया जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव

देहरादून। महानगर कांग्रेस कमेटी की कार्यकर्ताओं ने केन्द्र की मोदी सरकार से अपने घोषणा पत्र के अनुरूप लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किये जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को जिलाधिकारी के जरिये ज्ञापन प्रेषित किया।
यहां महानगर महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कमलेश रमन के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की कार्यकर्तायें जिलाधिकारी कार्यालय में इकटठा हुई और वहां पर उन्होंने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं का कहना है कि केन्द्र की मोदी सरकार से अपने घोषणा पत्र के ेअनुरूप लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किये जाने की आवश्यकता है और आज तीन साल बाद भी लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण के लिए इस बिल को पेश करने के लिए किसी भी प्रकार की कोई पहल नहीं की है जिससे महिलाओं में रोष बना हुआ है।
 
वक्ताओं का कहना है कि पूर्व में भी कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में भी लोकसभा में इस बिल को पेश करने हेतु जनता का समर्थन लेने के लिए एक हस्ताक्षर अभिया शुरू किया। उनका कहना है कि हमें इस बात पर गर्व है कि हमारे नागरिकों ने इस देशव्यापी अभियान को वूमैन फॉर 33 प्रतिशत नाम दिया है और आज तक 31,06,257 पुरूष व महिलाओं के द्वारा हस्ताक्षर किये गये है और प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखे गये लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही इस ओर नहीं की गई है। वक्ताओं का कहना है कि शीतकालीन सत्र के दौरान इस विधेयक की शुरूआत अगले आम चुनावों के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है क्योंकि बिल द्वारा इसी बात की परिकल्पना की गई है और राष्ट्रपति को बिल की शुरूआत में तेजी लाने के अनुरोध के साथ प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना है कि महिलाओं की समानता के प्रति हमारे राष्ट्र की प्रतिबद्धता का निर्णय इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सरकार की कार्यवाही के आधार पर किया जायेगा न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया आज के फैसले को देखेगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस अवसर पर महिला कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।

8 नवम्बर को राजय आंदोलनकारी करेगे आंदोलन

देहरादून। कट ऑफ डेट 30 अप्रैल से पूर्व चिन्हित हो चुके राज्य आंदोलनकारियों की सूची जारी न करने पर आक्रोशित राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति (रजि.) के केन्ीय अध्यक्ष जेपी पान्डे के नेतृत्व में पुतला फूंका।
 
पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार भारी संख्या में राज्य आंदोलनकारी भगत सिंह चौक में समिति की अचिन्हित प्रकोष्ठ की पदाधिकारी कमला पुरोहित, लता पंत, सरोज ममगांई, मधु नौटियाल, रश्मिी जोशी, मुशी चौहान, मंजू लोहनी, सुभदी राणा आदि के नेतृत्व में भारी संख्या में एकत्र हुए और वहां से समिति के केन्ीय अध्यक्ष जेपी पान्डे के नेतृत्व में राज्य सरकार के पुतले की शव यात्रा लेकर नारेबाजी करते हुए चंद्राचार्य चौक पर जोरदार प्रदर्शन कर पुतले को आग के हवाले कर दिया। इस अवसर पर समिति के केन्ीय महामंत्री डॉ. अमर सिंह अहितान की अध्यक्षता व जिला महामंत्री डॉ. ईलम चन्द चौहान के संचालन की सभा में जेपी पान्डे ने कहा कि कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि जिन्होंने अनेकों कुर्बानियां देकर इस राज्य का निर्माण किया। राज्य एवं जिला प्रशासन उनके प्रति गंभीर नहीं है। सभा में सर्व सम्मत निर्णय लिया गया कि 7 नवम्बर को चंद्राचार्य चौक में क्र मिक अनशन किया जायेगा तथा 8 नवम्बर को  गांधी पार्क में धरना होगा। 

अभाविप ने किया समाज कल्याण का घेराव

 देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप )ने छात्रवृत्ति की मांग को लेकर समाज कल्याण विभाग का घेराव कर अधिकारी को ज्ञापन सौपा। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि डीएवी पीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं की वर्ष 2015-16 तथा वर्ष 2016-17 छात्रवृत्ती अभी तक नहीं आयी है। जिस कारण विद्यार्थियों को आर्थिक तथा मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उनहोंने कहा कि विभाग का उदासीन एंव टाल मटौल वाला रवैया रहता है। जो विद्यार्थी आर्थिक रूप से अधिक कमजोर है तथा सदुर जिलों ग्राम से आकर यहां पढ़ रहे है उनके समक्ष फीस खाने पीने तथा करे के किराये तक का संकट आया हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्र संघ अपील करता है कि जल्द से जल्द छात्रवृत्ति प्रदान करें। इस दौरान मनबीर सिंह, योगेश घाघट, जितेन्द्र सिंह, हर्षित ढौढियाल, सुजीत थापा समेत कई छात्र मौजूद थे।  

घर आवा अपणा गौं का वास्ता कुछ करा: त्रिवेन्द्र

 देहरादून। गढ़वाली में ‘‘घर आवा अपणा गौं का वास्ता कुछ करा’’ के आह्वान के साथ मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य में निवेश हेतु आमंत्रित किया। रविवार को मेरठ के बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर इं0 कालेज शास्त्रीनगर में उत्तराचंल उत्थान परिषद् द्वारा ‘‘मेरा गॉंव मेरा तीर्थ’’ व ‘‘चलो गॉव की ओर’’ की थीम पर आयोजित प्रवासी पंचायत 2017 में देशविदेश में रहने वाले प्रवासी उत्तराखण्डियों से मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में निवेश की असीम संभावनाएं है। राज्य में पलायन रोकने हेतु राज्य सरकार के प्रयासों के अलावा देश व विदेश में रहने वाले प्रवासी उत्तराखण्डी राज्य में निवेश कर महत्वपूर्ण सहयोग कर सकते है। राज्य में पर्यटन अपार संभावनाओं का ऐसा क्षेत्र है जिसमें कम से कम निवेश में स्थानीय युवाओं हेतु अधिकाधिक रोजगार के अवसर सृजित किये जा सकते है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रवासी लोगों को अपने गांवों, संस्कृति, स्थानीय परम्पराओं, बोलीभाषा से निरन्तर सम्पर्क व संवाद बनाये रखना होगा। राज्य विकास में प्रवासी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। उन्होंने राज्य सरकार की ‘‘सेल्फी फ्रॉम माई विलेज’’ पहल के बारे में बताया जिसमें सभी प्रवासियों से अपने परिवार के साथ कुछ दिन अपने गांवो में जाकर रहने तथा सेल्फी खिचवा कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की अपील की गई। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र की ‘‘सेल्फी फ्रॉम माई विलेज’’ पहल सोशल मीडिया में बहुत लोकप्रिय रही। मुख्यमंत्री ने राज्य के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं द्वारा दिल्ली व मुम्बई जैसे बड़े शहरों की बड़ीबड़ी नौकरियां छोड़ अपने गांवों में नए उद्योगों की स्थापना की प्रंशसा की। मुख्यमंत्री ने विशेषकर गोट विलेज, सुश्री रंजना रावत, मशरूम लेडी सुश्री दिव्या रावत आदि का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पलायन रोकने व स्थानीय आर्थिकी को मजबूत करने हेतु सेना सीमान्त क्षेत्रों में अखरोट व चिलगोजे के पेड़ लगाये जा रहे। हमारे सीमान्त गांवों का सामारिक महत्व भी है। उन्होंने स्थानीय अन्न उत्पादों से बनेे मंडुवे की बर्फी, बिस्कुट, स्थानीय उत्पादों के समुचित उपयोग व प्रचारप्रसार पर बल दिया। स्थानीय उत्पादों का प्रयोग स्वास्थ्य हेतु गुणवता व पौष्टिकता से भरपूर होने के साथ ही स्थानीय आर्थिकी को भी मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पलायन की समस्या को गम्भीरता से लेते हुए राज्य सरकार द्वारा पलायन आयोग का गठन कर दिया गया है। राज्य सरकार, स्थानीय लोगों, प्रवासी उत्तराखण्डियों विशेषकर युवाओं को मिलजुल कर पलायन को चुनौती देनी होगी। उन्होंने उत्तरांचल उत्थान परिषद् द्वारा सामाजिक सहयोग पर आधारित ग्राम विकास की अभिनव पहल ‘‘प्रवासी पंचायत’’ की प्रंशसा करते हुए बधाई व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर केबिनैट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में उत्तराखण्डी प्रवासी उपस्थित थे।

डीपी सिंह सहित पीसीएस अफसरों की कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

 देहरादून। एनएच घोटाले में एसआईटी कानून का शिकंजा पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह पर कसने की तैयारी कर रही है। हाईकोर्ट से उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के बाद एसआईटी अब कभी भी डीपी सिंह की गिरफ्तारी कर सकती है। इसके अलावा भी कई पीसीएस अफसरों की गिरफ्तारी की संभावना है। हालांकि तत्कालीन कमिश्नर की जांच में ही यह बात साफ हो गई थी कि एनएच घोटाले में एक सिंडीकेट का हाथ रहा है। खुलासा इस बात का भी होना चाहिए कि इस सिंडीकेट में कौन कौन लोग शामिल थे।

 
गौरतलब है कि पीसीएस अफसर डीपी सिंह ने गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगनादेश ले रखा था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा ली है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने कुछ लोगों के कलमबंद बयान करा रखे हैं, जिनके आधार पर डीपी सिंह की गिरफ्तारी की जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि दीपावली से पहले ही एसआईटी डीपी सिंह की गिरफ्तारी करना चाहती थी, लेकिन ऐन वक्त पर डीपी सिंह हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेकर अपने बयान दर्ज कराने आए। बाद में एसआईटी के विवेचक स्वतंत्र कुमार सिंह ने स्टे खारिज कराने की कार्यवाही की।
 
अब चूंकि कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी है तो यह माना जा रहा है कि एसआईटी कभी भी डीपी सिंह की गिरफ्तारी कर सकती है। सूत्र बता रहे हैं कि इस मामले में एक नहीं, बल्कि कई लोगों की गिरफ्तारी होने की उम्मीद है। तत्कालीन कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन ने अपनी जांच के दौरान कहा था कि इस घोटाले में पूरे सिंडकेट का हाथ रहा है, क्योंकि घोटाले में एक नहीं अनेक विभाग शामिल हैं। एसआईटी की जांच अभी सिर्फ जसपुर व काशीपुर तहसीलों तक ही सिमटी रही है। बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर व किच्छा की जांच होना अभी बाकी है। इस घोटाले को लेकर सरकार की खासी किरकिरी भी हुई है, लिहाजा उन सभी लोगों के नाम सामने आने चाहिए जो इस सिंडीकेट में शामिल थे।

कोश्यारी ने जन औषधि केंद्र का किया शुभारंभ

 हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री और नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने रविवार को नैनीताल के बीडी पांडेय अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार बहुत ही अच्छा काम कर रही है।

इस दौरान उन्होंने सरकार मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण का समग्र विकास होने के साथ ही उसे ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा।
 
कोश्यारी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में बन रहे पंचेश्वर बांध के पक्ष में 99 फीसदी लोग हैं। सिर्फ पहाड़ की जवानी और पानी पहाड़ के काम आए यह कहकर नेतागिरी करने वाले एक फीसदी लोग नहीं चाहते हैं कि देश और प्रदेश की जनता का विकास हो।उन्होंने कहा कि कि बांध से प्रभावितों को उनका हक सरकार जरूर देगी। बांध के बन जाने से प्रदेश का विकास ही होगा। जिसके लिए बीजेपी सरकार लगातार कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि केन्द्र सराकर भी विस्थापन के लिये सही कार्ययोजना तैयार कर रही है।

योगी आदित्यनाथ पहुंचे जॉलीग्रांट एयरपोर्ट,अधिकारियों ने किया स्वागत

  देहरादून। क्या आप जानते हैं कि आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और पौड़ी गढ़वाल के बेटे योगी आदित्यनाथ दून आए थे। अब आप सोच रहे होंगे कि भला योगी राजधानी दून आए और किसी को खबर भी नहीं लगी तो हम आपको बता दें कि यूपी के मुख्यमंत्री जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर आए थे। दरअसल, हिमाचल प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने के बाद तमाम कांग्रेस और भाजपा के नेताओं का वहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

इसी सिलसिले में आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हिमाचल के लिए लखनऊ से निकले थे। इससे पहले वह दून एयरपोर्ट अपने राजकीय प्लेन से पहुंचे और उसके बाद चॉपर के द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गए। सीएम योगी की ड्यूटी में एसडीएम श्रीमती कुसुम के साथ जॉलीग्रांट चौकी इंचार्ज मंजुल रावत और एसओ डोईवाला ओमवीर सिंह मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, वे जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर सुबह पहुंचे। इसके बाद वे वहां दस मिनट तक रुके। जिसके बाद वह हिमाचल में चुनाव प्रचार के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के बारे में भी अधिकारियों से बातचीत की।

'पहले दिखाए अच्छे दिनों के सपने, अब जबरन सुना रहे मन की बात'

  नाहन। पांवटा साहिब के कांग्रेस चुनाव कार्यालय पहुंचे उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने देश की जनता को अच्छे दिनों के सपने दिखाए और अब सत्ता में आने के बाद मन की बात जबरन सुना रहे हैं। उत्तराखंड के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि आज देश की जनता भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व मंहगाई से त्रस्त है। लेकिन जनता के मन की बात कोई नहीं सुन रहा है। नोटबंदी के बाद जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से हिला कर रख दी है। जिसका जवाब गुजरात और हिमाचल की जनता चुनाव में देगी। प्रीतम सिंह ने कहा कि गुजरात में बीजेपी हाशिये पर है। हिमाचल में सीएम वीरभद्र सिंह 7वीं बार सीएम बनकर इतिहास रचेंगे।

उन्होंने कहा कि उतराखंड की जनता आज बीजेपी को जीता कर पछता रही है। हिमाचल की जनता फिर से कांग्रेस को जीत दिलाकर जवाब देगी। बीजेपी हर वर्ष 2 करोड़ को रोजगार, हर एक के खाते में 15 लाख राशि का झूठा वायदा कर सत्ता में आई है और अब जनता को महंगाई, बेरोजगारी दे रही है। प्रीतम सिंह ने कहा कि पांवटा की जनता इस बार भी किरनेश जंग को जीत दिलाकर विधानसभा में भेजे, जिससे क्षेत्र विकास हो सके। वहीं पांवटा विधायक किरनेश जंग ने कहा कि धार्मिक स्थलों की जो कदर नही करते, वो जनता की क्या कद्र करेंगे। बीजेपी प्रत्याशी को अपनी बिरादरी से ही, आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। जनता ऐसे नेता को खुद सबक सिखाने को बेताब है। केंद्र सरकार की नाकाम नीतियां आज जनता की दिक्कतों का कारण बनी हैं।

 

मुख्यमंत्री ने किया 45 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास

 अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को द्वाराहाट में द्वाराहाट महोत्सव में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य में संस्थागत भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की शुरूआत कर दी गयी है, इसमें आम जन सहभागिता भी जरूरी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से जहाॅ एक ओर विलुप्त हो रही सांस्कृतिक परम्पराओं को बढ़ावा मिलता वहीं दूसरी ओर अन्य जगह की भी संस्कृति का भी आदान-प्रदान होता है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने द्वाराहाट महोत्सव के लिए 05 लाख रूपये देने की घोषणा करने के साथ ही विकास खण्ड द्वाराहाट के क्षेत्र पंचायत कार्यालय (बी.डी.सी.हाॅल) के लिए फर्नीचर की स्वीकृति, द्वाराहाट नगर पंचायत क्षेत्र के अन्तर्गत टैक्सी स्टैण्ड का निर्माण किये जाने की घोषणा की। इसके साथ ही द्वाराहाट में छाना भेंट मिनी स्टेडियम का निर्माण, बिन्ता में मिनी स्टेडियम का निर्माण, चैखुटिया को नगर पंचायत बनाये जाने, मनसा देवी मंदिर का सौन्दर्यीकरण, ग्राम चितैली चैखुटिया में पेयजल योजना का निर्माण, विकास खण्ड द्वाराहाट मे कपड़ा ग्राम समूह पेयजल पम्पिंग योजना का निर्माण, द्वाराहाट के कामा गांव में स्थित गगास नदी पर 42 मीटर स्पान स्टील गर्डर पैदल सेतु की पुनस्र्थापना एवं सुरक्षात्मक कार्य की स्वीकृति प्रदान किये जाने की घोषणा की।

उन्होंने द्वाराहाट के अन्तर्गत ग्राम सभा ईडा में अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र जमीनीपार से सेल्टा बाखली चैधार तक मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किये जाने, विकास खण्ड चैखुटिया के अन्तर्गत तड़ागताल नदनाड झूला पुल का निर्माण, चैखुटिया में उडलीखान से आगर मनराल तक मोटर मार्ग का नव निर्माण, चैखुटिया भटाकोट से झला को रामगंगा नदी पर झूला पुल के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चैखुटिया में हवाई पट्टी के निमार्ण हेतु प्रारम्भिक कार्यवाही को गति दी जा रही है।

मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र ने इस अवसर पर 4520.06 लाख रूपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। जिनमें 4434.52 लाख रू0 की योजनाओं का शिलान्यास एवं 85.54 लाख रू0 लागत की योजनाओं का लोकार्पण किया गया। जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उसमें विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट के राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अन्तर्गत राजकीय कन्या इन्टर कालेज द्वाराहाट के मुख्य भवन का निर्माण जिसकी लागत 49.49 लाख रू0, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अन्तर्गत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुमाल्टा के प्रयोगशाला कक्ष एवं शौचालय का निर्माण लागत 14.05 लाख रू0, राजकीय इण्टर बटुलिया में 02 कक्षा कक्ष का निर्माण लागत 22.00 लाख रू0 है। इसी तरह जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें स्किना पुल तिपौला-खल्ला मोटर मार्ग निर्माण लागत 306.30 लाख रू0, छतगुल्ला बैण्ड से तल्ली कहाली मोटर मार्ग निर्माण लागत 131.98 लाख रू0, दुधोलिया बिष्ट से सुनगड़ी मोटर मार्ग का निर्माण 436.32 लाख रू0, गजार से क्वारली तल्ली मोटर मार्ग का निर्माण 480.26 लाख रू0, जालली से मासी मोटर मार्ग का निर्माण लागत 404.14 लाख रू0, मन्याचैना से भन्टी मोटर मार्ग का निर्माण 627.33 लाख रू0, जालली से सनणें मोटर मार्ग का निर्माण 621.09 लाख रू0, बग्वालीपोखर से मिल्टा मोटर मार्ग का निर्माण 355.28 लाख रू0, ओडियार 31 के किमी0 30 से जमीनीवार मोटर मार्ग का निर्माण 173.78 लाख रू0, रामपुर से टटलगाॅव मोटर मार्ग का निर्माण लागत 152.26 लाख रू0, मासी जालली से ऊॅचा वाहन मोटर मार्ग निर्माण स्टैज 02 लागत 218.59 लाख रू0, उदालीखान से मिल्टा गाॅव मोटर मार्ग निर्माण स्टैज 02 लागत 333.24 लाख रू0 यह कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वाराहाट के द्वारा किये जायेंगे। रामपुर कुनीगाड़ मोटर मार्ग में बिजरानी से अनुसूचित जाति बस्ती सिमलखेत तक ग्रामीण मोटर मार्ग का निर्माण लागत 193.95 लाख रू0 है, यह कार्य ग्रामीण सड़कें एवं ड्रेनेज निर्माण विभाग/ग्रामीण निर्माण विभाग भिकियासैंण द्वारा किया जायेगा।

किसानों की उम्मीदों पर सीएम ने फेरा पानी

 रुड़की। भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में किसानों की उम्मीदों पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पानी फेर दिया। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था का हवाला देकर किसानों का कर्ज माफ करने से साफ इनकार कर दिया। सीएम ने कहा कि किसानों को सरकार सुविधा और बेहतर वातावरण देगी। सस्ती दर पर ऋण के साथ ही मोरल सपोर्ट भी दिया जाएगा, लेकिन ऋण माफ नहीं करेंगे।

 
भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति में पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि किसान स्वाभिमान के साथ जीना चाहता है। कर्ज वापस करना चाहता है। यदि सरकार कर्ज माफ करती तो लगभग 50 करोड़ का भार पड़ता। सरकार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। राज्य पर 11,000 करोड़ का कर्जा है। जबकि आय 17,000 करोड़ रुपये है। कर्जा माफ किया तो अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों ने अपनी सरकार में यह मांग नहीं की। अब कर्जा माफी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों को बरगला रही है।
 
किसानों को जागरूक करने का काम भाजपा किसान मोर्चा कार्यकर्ताओं को करना होगा। मोर्चा के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को किसानों की आवाज बनना होगा। उन्हें किसानों के बीच जाकर सरकार की योजनाएं और खेती की उन्नत तकनीक की जानकारी देनी होगी। इस मौके पर राज्यमंत्री रेखा आर्य, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, महामंत्री संगठन संजय कुमार, महामंत्री नरेश बंसल, प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा खिलेंद्र चौधरी, सुबोध राकेश, जिलाध्यक्ष डॉ. कल्पना सैनी, योगेंद्र पुंडीर, प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषिपाल बालियान मंच पर मौजूद रहे। 

हमारी संस्कृति की प्राण है गौ माता: अग्रवाल

 देहरादून। कृष्णायन देसी गौरक्षाशाला द्वारा हरिद्वार में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव का शुभारम्भ उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा विधिवत रूप से किया गया। गोपाष्टमी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल ने कहा है दिव्य गुणों की स्वामिनी गौ माता या गाय हमारी संस्कृति की प्राण है। यह गंगा, गायत्री, गीता, गोवर्द्धन और गोविंद की तरह पूज्य है। शास्त्रों में कहा गया है-मातररू सर्वभूतानांगावरू, यानी गाय समस्त प्राणियों की माता है। इसी कारण आर्य-संस्कृति में पनपे शैव, शाक्त, वैष्णव, गाणपत्य, जैन, बौद्ध, सिख आदि सभी धर्म-संप्रदायों में उपासना एवं कर्मकांड की पद्धतियों में भिन्नता होने पर भी वे सब गौ के प्रति आदर भाव रखते हैं। गोपाष्टमी पर्व पर श्री अग्रवाल जी ने कहा कि सर्व प्रथम गौ हत्या बंद होनी चाहिए और गौशालाये स्थान-स्थान पर होनी चाहिए, गौ माता का महत्व सभी को बताना चाहिए के किस प्रकार गौ का महत्व हमारे जीवन में है।

गौ संरक्षण होना चाहिये एवं गायो के लिए शोध संस्थान बनाने चाहिए। इस अवसर पर पकंज मोदी जी मा0 प्रधानमंत्री जी के छोटे भाई, पूण्य स्वामी ईश्वर दास जी, स्वामी आत्मानन्द जी महाराज, सांसद भगत सिंह कोश्यारी जी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट, स्वामी अचुतानन्द जी महाराज, जगत गुरू हंस देव आचार्य, स्वामी ईश्वरानन्द महाराज, रेख आर्य कैबिनेट मंत्री, प्रीतम सिंह पंवार पूर्व मंत्री, विधायक सुरेश राठौर, विधायक आदेश चैहान एवं अन्य लोग मौजूद थे।

आगामी यात्रा सीजन से पहले होंगे सभी कार्य : मुख्य सचिव

रुद्रप्रयाग। मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने केदारनाथ में होने वाले पुनर्निर्माण कार्यों को शीइा्र शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि केदारनाथ धाम में जो भी पुनर्निर्माण कार्य होने हैं, उनका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाय। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इस दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ मिलकर केदारनाथ से भीमबली तक पैदल मार्ग का निक्षण भी किया।
 
शनिवार सुबह मुख्य सचिव उत्पल कुमार केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिये केदारनाथ पहुंचे। केदारनाथ मंदिर के साथ ही मुख्य सचिव ने केदारनाथ मंदिर के पीछे बनी सुरक्षा दीवार, घाट आदि का निक्षण किया। निक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। सभी कार्य समय पर पूर्ण होने चाहिये। उन्होंने कहा कि केदारनाथ मंदिर के आगे के रास्ते का चौड़ीकरण, मंदाकिनी नदी किनारे सुरक्षा दीवारों का कार्य, केदारनाथ मंदिर के पीछे का सौंदर्यीकरण किया जाना है। जिसका कार्य शीइा्र शुरू किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी कार्य पूरे होंगे, उससे आगामी यात्रा सीजन में केदारनाथ आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
 
जिलाधिका मंगेश घिल्डियाल ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार को केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानका दी। जिलाधिका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि केदारनाथ मंदिर के आगे का जो चबूतरा है, उसे जितना बड़ा हो सके, उसकी चौड़ाई बढ़ाई जाय। लोनिवि को निर्देश दिये गये हैं कि अगले यात्रा सीजन से पहले चबूतरे का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाय। साथ ही मंदिर के पीछे का मलबा हटाकर वहां पार्क बनाया जाना है, जिसकी जिम्मेदा निम को सौंपी गई है। मंदिर के पीछे वाले हिस्से में पार्क बनने से यात्री वहां रूकेंगे और मंदिर की सुंदरता को निहार सकेंगे। उन्होंने कहा कि लोनिवि को मंदिर और संगम तक के रास्ते को चौड़ा करने के निर्देश भी दिये गये हैं, जिससे संगम पर पहुंचते ही यात्रियों को केदारनाथ मंदिर के दर्शन हो सके। निम और सिंचाई विभाग को मंदाकिनी नदी पर सुरक्षा दीवार का निर्माण शीइा्र करने के निर्देश दिये गये हैं। इस दौरान मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने घोड़े-खच्चरों के लिये रामबाड़ा-जंगलचटटी से केदारनाथ अलग रास्ते का सर्वे करने के निर्देश दिये। यदि यहां रास्ता बनाया जाता है तो तीर्थ यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी। पैदल चलने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही मुख्य सचिव ने रामबाड़ा से केदारनाथ तक पैदल मार्ग का सुधाकरण करने को कहा, जिसके निर्देश लोनिवि को दिये गये। जिलाधिका ने बताया कि केदारनाथ में होने वाले पुनर्निर्माण कार्यों की देख-रेख करने के लिये सभी जगह सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएंगे।
 

केदारनाथ में मौसम की पहली बर्फबारी

 रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में शीतकाल की पहली बर्फबारी हुई है। शनिवार दोपहर बाद केदारनाथ में झमाझम बर्फबारी होने के बाद कड़ाके की ठंड पडऩा शुरू हो गई। केदारनाथ में अचानक मौसम खराब होने के बाद बर्फबारी शुरू हो गई। काफी देर तक केदारनाथ धाम में बर्फबारी होती रही। बर्फबारी के कारण कुछ देर तक केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य भी रूके रहे। हालांकि बाद में बर्फबारी थम गई थी।

शीतकाल की पहली बर्फबारी केदारनाथ में इस बार जल्दी पड़ी है। बर्फबारी के बाद केदारनाथ में ठंड भी बढ़ गई है। इस बार भगवान केदारनाथ के कपाट बंद होने के एक सन्ताह बाद ही अक्टूबर माह में केदारनाथ में बर्फबारी हुई है। हवलदार देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि केदारनाथ में इस साल की पहली बर्फबारी हुई। लगभग आधा घंटे तक केदारनाथ में बर्फबा होती रही, जिस कारण केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हुये। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के कारण केदारनाथ का पारा काफी लुढक़ गया है, जिससे ठंड बढ गई है।

पटेल के जन्मदिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाएगी भाजपा

देहरादून। देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र के जीएमएस मंडल एवं प्रेमनगर मंडल की संयुक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए नवनियुक्त महानगर अध्यक्ष विनय गोयल ने कहा कि 31 अक्टूबर लौहपुरुष सरदार पटेल की जयन्ती को भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाएगी। 
 
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में पार्टी बढ़-चढक़र शिरकत करेगी तथा समाज के हभी वर्गों को सहभागिता के लिए प्रकार प्रेरित भी करेगी। अनेकों संस्थान पहले ही इस हेतू अफनी स्वीति प्रदान कर चुके हैं। गोयल ने रविवार को प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम तथा 9 नवम्बर राज्य स्थापना दिवस को भी जोर-शोर से प्रत्येक बूथ पर युवाओं की विभिन्न खेल प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आजकल नये मतदाता बनाने का कार्य चल रहा है, जो छूट गये तथा पहली जनवरी को 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले सभी युवाओं के भी वोट बनवाएं।
 

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने फूंका केन्द्र सरकार का पुतला

देहरादून। आंगनवाडी कार्यकत्री सेविका मिनी कर्मचारी संगठन ने उत्तर प्रदेश में आंगनवाडी कार्यकर्ति्रयों के साथ सरकार व शासन द्वारा किये गये अभद्रता एवं बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किये जाने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए केन्द्र सरकार का पुतला दहन किया।धरनास्थल पर संगठन से जुडी हुई कार्यकर्ति्रयां एवं सेविका प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में इकटठा हुई और वहां पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में आंगनवाडी कार्यकर्ति्रयों के साथ सरकार व शासन द्वारा किये गये अभद्रता एवं बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किये जाने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए केन्द्र सरकार के खिलाफ जुलूस के रूप में लैंसडाउन चौक पहुंचे और वहां पर पुतला दहन किया। इस अवसर पर वक्ताओं का कहना है कि एक ओर बेटी बचाओ बेटी पढाओ का नारा दिया जा रहा है और दूसरी ओर विधवा, तलाकशुदा, परितक्ता, दिव्यांग, बीपीएल महिलाओं पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार को अपने उस अन्याय का जवाब देना पडेगा।
 
उनका कहना है कि आंगनवाडी कार्यकर्ति्रयों व सेविकाओं की मांगों पर शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है लेकिन अभी तक इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उनका कहना है कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को जारी रखा जायेगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मानदेय को 18 हजार रूपये की लंबे समय से मांग की जा रही है लेकिन आज तक सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोई सुध नहीं ली जा रही है। उनका कहना है कि जल्द ही उनकी मांगों का समाधान न होने पर पूरे प्रदेश में आंगनवाडी कार्यकत्री व सहायिका हक के लिए सडकों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। मिनी कार्यकर्ताओं को समान कार्य के लिए समान वेतन, सुपरवाईजर के पदों पर शत प्रतिशत आंगनवाडी से पदोन्नत किये जाने और आयु सीमा हटा दी जाये, महिला कल्याण कोष में केन्द्रांश का अंश भी डाला जाये और दीपावली बोनस दिया जाये। उनका कहना है कि 11 नवम्बर को पूरे प्रदेश की कार्यकर्ति्रयां जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करेगी। उनका कहना है कि अभी तक मानदेय एवं भवन किराये का भुगतान नहीं हो पाया है जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाद में इस दोरान जिलाधिकारी के जरिये मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए शीघ्र ही कार्यवाही करने की मांग की गई। इस अवसर पर अनेक आंगनवाडी कार्यकर्ति्रयां व सेविका मौजूद थी।

धरने पर डटी आशा कार्यकत्री

 देहरादून। आशा कार्यकत्रियों ने परेड ग्राउंड में धरना जारी रखते हुए सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए शिवा दूबे ने कहा कि एक और तो सरकार बडे-बडे दावे कर रही है तो वहीं दूसरी ओर मातृशक्ति की अनदेखी करते हुए उनकी मांगों के विषय में कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कई बार वे इस विषय में सरकार को चेता चुके है इसके बाद भी सरकार इनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि आशा कार्यकत्रियों को अन्य स्कीम वर्करो आंगनबाड़ी , भोजन माताओं की भांति बोनस दिया जाये।  

आशा कार्यकत्रियों को राज्य में मात्र इंसेंटिव दिया जाता है जबकि अन्य प्रान्तों में इंसेंटिव के  साथ -साथ मानदेय भी दिया जाता है जैसे हरियाणा राज्य में 2000 रु मानदेय व इंसेंटिव,  पश्चिमी बंगाल में 2000  मानदेय व इंसेंटिव , राजस्थान में 1800 रु$ मानदेय और केंद्र सरकार के बराबर इंसेंटिव दिया जाता है। केरल सरकार ने कुल 7500 रु$ मानदेय , तेलंगाना राज्य दुवारा 3500 रु$ मानदेय और राज्य का इंसेंटिव 3500 रु$ कुल 7000 रु$ प्रति माह दिया जाता है त्रिपुरा राज्य में जितना केंद्र सरकार इंसेंटिव देती है उतना ही राज्य सरकार मानदेय दे रही है जबकि केंद्र सरकार दुवारा जनवरी 2014 के आदेश में आशाओं का इंसेंटिव बढ़ाया गया है जो कम से कम 1000 रु$ प्रति माह बनता है इस लिये उत्तराखण्ड राज्य में  कार्यरत आशाओं को उपरोक्त राज्यों की भाँति मानदेय के साथ - साथ  इंसेंटिव भी दिया जाये। आशाओं का स्वास्थ्य बीमा किया जाये ताकि आशाओं को स्वास्थ्य लाभ और कार्य के दौरान मृत्यु होने पर बीमे की राशि आश्रितों को मिल सकें।  

बास्केटबाल प्रतियोगिता में द इण्डियन एकेडमी रहा विजेता

 देहरादून। द इण्डियन एकेडी में अन्र्तविद्यालयी बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न विद्यालयों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। टूर्नामेंट का आरम्भ प्रधानाचार्य नीलम शर्मा द्वारा किया गया। विभिन्न मैचों के पश्चात फिलफॉट स्कूल व द इण्डियन एकेडमी फाइनल में पंहुचे। फाइनल के रोमांचकारी मैच में द इण्डियन एकेडमी ने बड़त लेते हुए फाइनल जीत लिया। रेफरी सी$एस$ भट्ट, प्रशान्त भट्ट व ऋषि बंगवाल द्वारा उत्कृष्ट रूप से मैचों का आयोजन करवाया।

प्रधानाचार्या सुचि ममगाईं द्वारा रनर-अप फिलफॉट स्कूल को ट्राफी व मेडल प्रदान किए गए। प्रधानाचार्या द्वारा विजेता टीम द इण्डियन एकेडमी को ट्रॉफी व मेडल प्रदान किए गए। अन्त में प्रधानाचार्य नीलम शर्मा द्वारा सभी टीमों का उत्साहवर्धन किया व आगे ओर अच्छा खेलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन शशीकान्त भद्री व आनन्द भण्डारी द्वारा किया गया।

डीपी सिंह की गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाया

 हल्द्वानी। नैनीतल हार्इ कोर्ट ने एनएच-74 के भूमि घोटाला मामले में सुनवार्इ करते हुए आरोपी डीपी सिंह की याचिका को खारिज कर दिया है। वहीं घोटाले के मुख्य आरोपी सिंह की गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी हटा दिया गया है।जानकारी के मुताबिक, उधम सिंह नगर के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रताप साह ने 10 मार्च 2017 को विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए अधिकृत कास्तकारों की कृषि भूमि को बेकार दिखाकर आठ से दस गुना अधिक मुआवजा दिया।

जिसकी वजह से राजस्व विभाग को भारी क्षति हुई है।इस मामले में रुद्रपुर थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। जिसके बाद डीपी सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट से गुहार लगार्इ थी। वहीं 13 अक्टूबर 2017 को हाई कोर्ट ने अंतिम आदेश देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। आज राज्य सरकार ने डीपी सिंह की गिरफ्तारी से रोक हटाने के लिए प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। जिसपर सुनवाई करते हुए नैनीताल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर से रोक हटा दी है। बताया जा रहा है कि एसआइटी कभी भी डीपी सिंह को गिरफ्तार कर सकती है।

धस्माना ने जाना घायलों का हाल

 देहरादून। संजय कॉलोनी, पटेलनगर स्थित घर में सिलेंडर से रसोई गैस लीक होने के चलते आग लग गई। आग की चपेट में गैस जला रही महिला समेत तीन लोग आए गए। जिन्हें फायर ब्रिगेड की टीम से घर से बाहर निकाला और करीब एक घंटे मशक्कत कर आग पर काबू पाया। इंस्पेक्टर पटेलनगर रितेश साह ने बताया कि संजय कॉलोनी स्थित घर में सुरजीत सिंह और उनका परिवार रहता है।
 
शुक्रवार को उनकी पुत्रवुध ने रसाई में जाकर गैस चलाई तो इस दौरान ही सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण पहले रसोई और फिर घर में आग लग गई। आग की चपेट में आई महिला गुरदर्शन को बचने के चक्कर में उनका बेटा हरप्रीत और ससुर सुरजीत भी झुलस गए। कंट्रोल रूम में सूचना के बाद पटेलनगर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायर टीम ने कड़ी मशक्कत कर आग की चपेट में आए सुरजीत सिंह (85), उनके पोते हरप्रीत सिंह (22) और पुत्रवधु गुरदर्शन सिंह (42) को झुलसी हालत में घर से बाहर निकाला। इसके बाद दो फायर टेंडर से पानी की बौछार कर घर में लगी आग बुझाई गई। आग बुझाने में फायर टीम को करीब एक घंटे का वक्त लग गया। उधर, आग से झुलसे तीनों घायलों को उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना से अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर उपचार का निर्देश दिया।
 

केदारनाथ पुनर्निर्माण हेतु हाई पावर कमेटी का गठन

 देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष शुक्रवार को जौलीग्रांट हवाई अड्डे के सेफ हाउस में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों से संबंधित एक प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस अवसर पर राज्यपाल डॉ.कृष्णकांत पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह तथा सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह नेगी उपस्थित थे। प्रस्तुतिकरण के दौरान अवगत कराया गया कि केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों हेतु उत्तराखण्ड सरकार द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति(हाई पावर कमेटी) का गठन कर दिया गया है।

सचिव पर्यटन, सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, सचिव सिंचाई, सचिव आपदा प्रबंधन आदि वरिष्ठ अधिकारी इस उच्च स्तरीय समिति के सदस्य होंगे। सचिव पर्यटन शासन स्तर पर पुनर्निर्माण कार्यों के नियमित अनुश्रवण के लिये नोडल अधिकारी होंगे तथा जनपद स्तर पर उप जिलाधिकारी ऊखीमठ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। तत्पश्चात् जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्यपाल डॉ.कृष्ण कान्त पाल एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विदाई दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार रतूड़ी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

परिवहन निगम कर्मियों को मिला तोहफा

देहरादून। रोडवेज में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को विधिवत रूप से लागू कर दिया गया। शुक्रवार को रोडवेज के वित्त नियंत्रक पंकज तिवारी ने सभी मंडलीय प्रबंधक, डीजीएम, एजीएम को आदेश जारी किए। 28 सितंबर को कैबिनेट में लिए गए निर्णय के अनुसार 11 अक्टूबर को परिवहन सचिव डी. सेंथिल पांडियन ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के आदेश दिया था। रोडवेज प्रबंधन की ओर इस बाबत कार्यवाही होना बाकी रह गई थी।
 
इस फैसले का लाभ रोडवेज के करीब चार हजार स्थायी कर्मचारी-अधिकारियों को मिलेगा। सभी के वेतन में चार से पंद्रह हजार रुपये तक का इजाफा होने की उम्मीद है। वित्त नियंत्रक ने अधिकारियों को शासनादेश के प्रावधानों के अनुसार वेतनमान पुनरीक्षित करने के निर्देश दिए हैँ। रोडवेज प्रबंधन के फैसले से कर्मचारी संगठनों में खुशी की लहर है। रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री रवि पचौरी ने सरकार और प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नए वेतनमान के अनुसार देय एरियर का भुगतान भी जल्द देने का प्रयास किया जाए।

आंदोलनकारियों का सरकार के खिलाफ धरना

देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने अपनी सात सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए अपने आंदोलन को जारी रखते हुए कहा है कि सरकार आंदोलनकारियों के हितों के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जिसके लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। वहीं वह सरकार की जन विरोधी नीतियों से नाराज दिखाई दे रहे है। उनका कहना है कि अभी तक 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण नहीं मिल पाया है जो चिंता का विषय है।  
 
 मंच से जुडे हुए आंदोलनकारी कचहरी स्थित शहीद स्थल में इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने अपनी सात सूत्रीय मांगों के समााान के लिए प्रदर्शन कर धरना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समूचे उत्तराखंड को आरक्षित किया जाये और मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहे के दोषियों को फांसी दिये जाने की मांग की गई है लेकिन अभी तक इस ओर किसी भी प्रकार की कोई नीति तैयार नहीं की गई है। उनका कहना है कि आज आंदोलन को 126दिन हो गये है लेकिन किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है जो चिंता का विषय है। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा आंदोलनकारियों को शीघ्र ही प्रदान किया जाना चाहिए और सेनानियों के आश्रितों को रोजगार में समायोजित किये जाने तथा समीवर्ती जिलों से पलायन पर पूर्ण रूप से रोक लगाये जाने और आंदोलनकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को शीघ्र ही प्रदान किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि लगातार आंदोलनकारियों के हितों के लिए संघर्ष किया जा रहा है लेकिन प्रदेश सरकार इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है। 
 
उनका कहना है कि लगातार आंदोलनकारियों का उत्पीडऩ किया जा रहा है और उनके हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे आंदोलनकारियों में रोष बना हुआ है। उनका कहना है कि शीइा्र ही आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सचिवालय कूच किया जायेगा और इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों को शीइा्र ही चिन्हित किया जाये और छूटे हुए आंदोलनकारियों को शीइा्र ही दर्जा दिये जाने की आवश्यकता है इसके लिए शासन व प्रशासन को शीघ्र ही हल निकालना होगा। उनका कहना है कि शीघ्र ही कार्यवाही न होने पर आंदोलन को तेज किया जायेगा। उनका कहना है कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को तेज किया जायेगा।  उनका कहना है कि अब सरकार के खिलाफ आर पार का आंदोलन किया जायेगा। उन्होंने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि 126दिन आंदोलन करते हुए हो गये है लेकिन अभी तक शासन प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की कोई सुध नहीं ली गई है। इस अवसर पर धरने व प्रदर्शन में अध्यक्ष नंदा बल्लभ पांडेय, विनोद असवाल, प्रेम सिंह नेगी, विश्म्बरी रावत, पुष्पा रावत, हिमानंद बहुखंडी, सुनील जुयाल, सत्येन्द्र नौगांई, वीर सिंह, एम एस रावत, जानकी भंडारी, मनोहरी रावत, प्रभा वोरा, कमला थापा, फूला रावत, संध्या रावत, रेखा पंवार, विमला रावत, जगदम्बा नैथानी, विमला पंवार, नीमा हरबोला, काला, तारा पांडेय, राम प्यारी, आरती ध्यानी, सैमर सिंह नेगी, सुशीला भटट, जयंती पटवाल, राधा तिवारी, पुष्पा नेगी, बना रावत, कीर्ति रावत, गोदाम्बरी भटट, प्रभात डंडरियाल, सरोज थपलियाल, एम एस भंडारी, विरेन्द्र कुकशाल, पुष्पा राणा, सुधा रावत सहित अनेक आंदोलन कारी मौजूद थे।    

एसएसबी स्वयंसेवकों का सरकार के खिलाफ धरना

 देहरादून। एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति ने अपनी नियुक्ति व पेंशन सहित समस्याओं के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रखा। उन्होंने प्रदेश व केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि शीइा्र ही मुख्यमंत्री आवास व सचिवालय कूच किया जायेगा। इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी। उनका कहना है कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि अब आंदोलन को तेज किया जायेगा।
उनका कहना है कि उनके हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है जिससे रोष बना हुआ है। उनका कहना है कि लगातार संार्ष करने के बाद भी आज तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है। वह सरकार की जन विरोधी नीतियों से नाराज है। यहां समिति के अध्यक्ष ब्रहमानंद डालाकोटी के नेतृत्व में एसएसबी स्वयंसेवक धरना स्थल पर इकट्ठा हुए और वहां पर उन्होंने अपनी मांगों के समाधान के लिए प्रदर्शन कर धरना दिया। 

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि एक शासनादेश के आधार पर स्वयं सेवकों को कुछ जनपदों में लोक निर्माण विभाग के मेट एवं बेलदार पदों पर नियुक्ति दी गई थी। एसएसबी स्वयं सेवक सभी जनपदों में नियुक्ति की मांग कर रहे थे किन्तु इस बीच लोक निर्माण विभाग ने कई जनपदों में कार्य में लगे गुरिल्लों को हटा दिया तथा जो कार्य पर लगे हैं उन्हें न तो पूरा मानदेय दिया जा रहा हे और न ही समय से भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रमुख अभियंता ने कार्यवाही करने का भरोसा दिया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि जल्द ही कार्यवाही न होने पर फिर से विभागवार आंदोलन शुरू किया जायेगा। उनका कहना है कि सभी जनपदों में विभाग द्वारा नियमित नियुक्तियां दी जाये और एक राज्य में दो शासनादेश किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किये जायेंगे। उनका कहना है कि जब तक शासन प्रशासन से स्पष्ट दिशा निर्देश तथा नियुक्तियां प्रारंभ नहीं की जाती है तब तक आंदोलन को जारी रखा जायेगा और अन्य विभाग के कार्यालयों पर भी आंदोलन किया जायेगा। उनका कहना है कि अब संघर्ष करने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि लगातार आंदोलन किये जा रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिये सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोई नीति तैयार नहीं की गई है। इस अवसर पर प्रदेश भर से आये हुए एसएसबी स्वयंसेवक मौजूद थे।

आशा कार्यकत्र्रियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

 देहरादून। वेतन भुगतान सहित अनेक मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उनका कहना है कि सरकार की जन विरोधी नीतियों का पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा। उनका कहना है कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि अब आर पार की लड़ाई लडी जायेगी। उनका कहना है कि अब शीघ्र ही सचिवालय कूच किया जायेगा। वह सरकार की जन विरोधी नीतियों से खफा है। उनका कहना है कि सरकार उनकी सुध तक नहीं ले रही है।

धरना स्थल पर उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की अध्यक्ष शिवा दूबे के नेतृत्व में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते कर धरना दिया और कार्यकत्रियों ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार भेदभाव पूर्ण व्यवहार अपना रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि सरकार के रवैये से वह नाराज है और राजधानी में शीघ्र ही भूख हड़ताल शुरू कर दी जायेगी। उनका कहना है कि अब सरकार के खिलाफ आर पार की लडाई लडी जायेगी। उनका कहना है कि इसके लिए जल्द ही रणनीति तैयार की जायेगी। उनका कहना है कि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जायेगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अन्य स्कीम वर्करों की भांति आशाओं को भी न्यूनतम वेतन व मानदेय दिया जाना चाहिए, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है। वक्ताओं का कहना है कि सन 2012-13, 2013-14, 2015-16, 2016-17 चार वर्षों की पांच हजार रूपये प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि का एक मुश्त भुगतान अविलंब किया जाये। उनका कहना है कि सरकार अभी तक इस दिशा में गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि आशा कार्यकत्रियों को बोनस का भुगतान तत्काल प्रभाव से किया जाये और 45वें श्रम सम्मेलन के फैसले के अनुसार आशा कार्यकत्रियों को कर्मकार घोषित किया जाये और वर्तमान समय में बढती हुई महंगाई को देखते उनके भत्तों में महंगाई के अनुरूप बढोत्तरी की जाये। उनका कहना है कि पूर्व में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य महानिदेशक को अवगत कराये जाने के बाद भी आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है जिससे उनमें रोष बना हुआ है। उनके हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि लगातार उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि लगातार उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उनके हितों की अनदेखी की जा रही है जिसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उनका कहना है कि जल्द ही समस्याओं का हल नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जायेगा और इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी। 

उनका कहना है कि एक ओर आरएसएस से संबंधित संगठन बीएमएस से वार्ता कर रहे है और दूसरी ओर हमें किसी भी प्रकार का न्याय नहीं दे रहे है यह दुखद है। इस अवसर पर शिवा दूबे, बीरेन्द्र सिंह भंडारी, लेखराज, सुनीता चौहान, बीरा भंडारी, मंजु ठाकुर, शीतल, राधा देवी, माु शर्मा, मधुबाला, सीमा देवी, प्रमिला, हेमलता, शिवदेई नैथानी, हेमलता, कलावती, नीरू जैन, हन्सी देवी, बीना, कलावती चंदोला, अनिता अग्रवाल आदि मौजूद थे।

8 नवंबर को काला दिवस मनाएगी कांग्रेस

देहरादून। उत्तराखंड में राज्य स्थापना दिवस से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस काला दिन मनाएगी। इतना ही नहीं प्रदेश के सभी जिलों के मुख्यालयों पर कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता सडक़ों पर उतरकर आन्दोलन का आहवान भी करेंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इस बात का ऐलान करते हुए सभी जिलाध्यक्षों को इसके लिये निर्देशित भी कर दिया है। पिछले एक महीने में यह तीसरा मौका है जब  कांग्रेस बतौर विपक्ष सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी कर रही है। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नोटबंदी पर सियासत कर रहे हैं।
 
उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के पिछले साल नोटबंदी को लेकर लिए गए ऐतिहासिक फैसले के साइड इफेक्ट अब देखने को मिल रहा है। पिछले साल 8 नवंबर की रात नोटबंदी के फैसले वाले दिन को कांग्रेस उत्तराखंड में काले दिन के रुप में मनाने जा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र में मोदी सरकार एक के बाद एक गलत फैसले ले रही है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नहीं जीएसटी लगने के बाद कई महत्वपूर्ण सामग्री के मंहगे होने से भी आम जनता की जेब पर असर पड़ा है। प्रीतम सिंह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से इस बात का जबाब मांगेंगे कि आखिर सरकार के फैसलों का क्या सकारात्मक परिणाम रहा है।
 

राज्य कर्मचारियों ने किया सचिवालय कूच

देहरादून। 23 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गर्जना रैली निकालकर सचिवालय कूच किया। पुलिस ने सभी को सुभाष रोड पर बैरीकैडिंग लगाकर रोक लिया, इस बीच पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और बाद में सभी वहीं बैरीकैडिंग से पहले धरने पर बैठ गये।
 
यहां राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के कर्मचारी परेड ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां पर सभा करने के बाद प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गर्जना रैली निकालकर सचिवालय कूच किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जैसे ही वह सुभाष रोड पर पहुंचे तो पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया। इस बीच कुछ कर्मचारियों ने आगे बढने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। इस बीच पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और बाद में सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि एसीपी वेतन वृद्घि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलित है लेकिन सरकार से वार्ता के बावजूद भी आज तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो पाई है और पिछले काफी समय से आंदोलन किया जा रहा है लेकिन सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि शासन से कई दौर की बैठक विफल हो चुकी है।
 
उनका कहना है कि आज तक उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है जिसे अब सहन नहीं किया जायेगा। उनका कहना है कि 23 सूत्रीय मांगों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही न होने पर कर्मचारियों में रोष बना हुआ है। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के जरिये मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए उचित कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रदेश भर से आये हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे।

यूकेडी कार्यकर्ताओं का स्कूल के बाहर धरना

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने कैंब्रियन हल स्कूल द्वारा 9 छात्रों के भविष्य से मन माने नियम लागू करते हुए खिलवाड़ करने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और कहा कि इस धरने को अनवरत रूप से जारी रखा जायेगा। दल के कार्यकर्ता और अभिभावक दोपहर महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के नेतृत्व में कैम्ब्रियन हाल स्कूल के प्रवेश द्वार पर पहुंचे और स्कूल पर नौ छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्कूल प्रशासन मनमाने तरीके से अपने नियम लागू कर रहा है और नौ छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है क्योंकि मध्य सत्र में उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया है जो चिंता का विषय है।
 
वक्ताओं का कहना है कि यदि शीघ्र ही स्कूल प्रशासन ने इन नौ छात्रों को पुन: प्रवेश नहीं किया तो सडक़ों पर उतरकर इसके लिए जनांदोलन किया जायेगा। उनका कहना है कि किसी भी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड नहीं होने दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि छात्रों के साथ न्याय न होने पर दोपहर 12$ 00 बजे स्कूल के मुख्य द्वार पर पीडि़त छात्रों के अभिभावकों के साथ स्कूल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर संजय क्षेत्री, जय प्रकाश उपाध्याय, महेन्द्र सिंह, मोहन सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।   
 

1 नवम्बर से उग्र आंदोलन करेगी संघर्ष समिति

 देहरादून। संघर्ष समिति व 16 ग्रामप्रधनों व समस्त जनप्रतिनिधियों व व्यापार मण्डल काण्डाखाल समस्त अभिभावकों द्वारा इण्टरमीडिएट काण्डाखाल बचाओ संघर्ष समिति ने विद्यालय की बदहाल शिाक्षा व्यवस्था के अस्थाई निदान हेतु प्रान्तीयकरण की एकसुत्रीय मांग को लेकर  29 दिसम्बर 2016 तक जनान्दोलन चलाया था।  मुख्यमंत्री ने को अपर मुख्य सचिव शिक्षा विद्यालयी शिक्षा को दिये गये टीपादेश प्रान्तीयकरण किया जाये और तदोपरान्त 28 दिसम्बर 2016 को डाडामण्डी की जनसभा में प्रान्तीयकरण की घोषणा के आलोक में समिति ने आन्दोलन को इस आशय से स्थगित कर दिया था कि विद्यालय का शीघ्र प्रान्तीयकरण किया जायेगा और विद्यालय की शिक्षा पटरी पर आ जायेगी।
 
बड़े खेद की बात है कि चुनाव के समय भा0ज0पा0 ने भी क्षेत्रीय जनता को सत्ता में आते ही प्रान्तीयकरण का पूरा भरोसा दिलाया था। गरीब जनता की इससे बड़ी उपेक्षा सरकार क्या कर सकती है। संघर्ष समिति निरन्तर सरकार से प्रान्तीयकरण की गुहार लगा रही है लेकिन सत्ता के मद में डूबी हुई सरकार को जनता की सुध लेने की कोई आवश्यकता अनुभव नही हो है। संघर्ष समिति अब हताश, निराश होकर अपनी स्थगित आन्दोलन को उग्र रूप से पुन: प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। 01 नवम्बर   से उग्र आन्दोलन शुरू किया जायेगा जिसका उत्तरदायित्व पूर्ण रूप से सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये पर है। संघर्ष समिति के संयोजक पूर्व सैनिक समाजसेवी सत्यप्रसाद कण्डवाल ने कहा कि प्रान्तीयकरण के सन्दर्भ में सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत और उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने तुरन्त प्रान्तीयकरण का आश्वासन दिया लेकिन अभी तक खाली नेताओं द्वारा आश्वासन ही दिया जा रहा है जबकि इलैक्टानिक मीडिया, ईटीवी व एचएनएन द्वारा विद्यालय की समस्त समस्याओं को प्रमुखता से प्रसारित किया जा चुका है लेकिन शासन-प्रशाासन के कान पर जुॅं तक नही रेंगी है। अब क्षेत्रीय जनता आर पार की लड़ाई के मुढ़ में है। स्मस्त प्रधानों व अभिभावकों द्वारा कांग्रेस व भाजपा को धोखेबाज करार दिया है। 

मोदी ने किया ट्रेनी आईएएस व छात्रों के साथ योग

मसूरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिवसीय मसूरी दौरे को पूरा कर दून एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। पहाड़ों की रानी के दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय विद्यालय पहुंच बच्चों के साथ योग और ट्रेनी आइएएस अधिकारियों को संबोधित किया। शुक्रवार सुबह बच्चों व अधिकारियों के साथ योग करने के बाद प्रधानमंत्री ने हैप्पीवैली स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पहुंच घुड़सवारी का लुफ्त उठाया और साथ ही बच्चों से भी मुलाकात की। इसके बाद पीएम ने संपूर्णानंद सभागार में नए हॉस्टल भवन और 200 मीटर के सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक की आधारशिला रखी।
 
सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक की आधारशिला रखने के बाद प्रधानमंत्री एलबीएसए के लिए रवाना हो गए। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेादी सुबह आइएएस अकादमी परिसर में टहलते हुए कावेरी गेस्ट हाउस से होते हुए वहां के जिम पहुंचे थे। जहां उन्होंने बालवाड़ी स्कूल पहुंच बच्चों के साथ वार्ता की और उनके साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बच्चों से मिलने के बाद उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी पहुंच ट्रेनी आइएएस अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नए नौकरशाहों को असरदार प्रशासन के गुर सिखाए। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के तौर-तरीकों का बारीकी से जायजा भी लिया।जिसके बाद पोलो ग्राउंड में राष्ट्रगान गाया गया। इस कार्यक्रम के समापन के बाद वह हेलीपैड के लिए रवाना हुए। यहां से वह विशेष विमान से दून एयरपोर्ट के लिये रवाना हुए और फिर दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ छठ पर्व का समापन

 देहरादून। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही आज छठ महापर्व का समापन हो गया। बिना पुरोहित और बिना मंत्र के पूर्वांचल में मनाए जाने वाला यह पर्व शिक्षा नगरी में भी धूमधाम व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया।24 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ शुरू हुए इस महापर्व में गुरुवार शाम श्रद्धालूओं ने डूबते सूरज का अर्घ्य दिया था। आज सुबह चार बजे से ही श्रद्धालूओं की भीड़ घाटों पर जमा हो गयी। व्रतियों ने उगते सूरज को अर्घ्य दिया और परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। पूर्वांचल में मनाया जाने वाला यह पर्व रूडक़ी और धर्मनगरी हरिद्वार का भी मुख्य पर्व बन गया है।

रूडक़ी व आस-पास के इलाकों में रहने वाले पूर्वांचल के प्रवासी इसे धूमधाम से मनाते है और स्थानीय लोग भी श्रद्धा पूर्वक इसमें सम्मिलित होते हैं। रूडक़ी और आस-पास के कस्बों शहरों-हरिद्वार, ऋषिकेश, रानीपुर भेल, बहादराबाद, भगवानपुर आदि कोई इलाका ऐसा नहीं है जहां छठ का आयोजन नहीं हुआ हो। हरिद्वार से लेकर लक्सर तक गंगा नदी के किनारे का कोई इलाका ऐसा नहीं था जहां लोगों ने पूजा नहीं की। यही दृश्य गंगनहर के घाटों भी दिखाई दिया।

सीएम से मिले शारदा स्वर संगम मंच के प्रतिनिधि

 देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में शारदा स्वर संगम मंच के प्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। शारदा स्वर संगम के संयोजक  नरेन्द्र रौथाण ने मुख्यमंत्री को बताया कि मंच द्वारा 29 अक्टूबर से प्रत्येक रविवार प्रात: 9:00 बजे से आवाज सुनो पहाड़ो की नाम से एक टेलेंट शो दूरदर्शन के डीडी इंडिया टीवी चौनल पर प्रसारित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति, परम्परा, पर्यटन व पलायन समेत पर्वतीय क्षेत्र की अनेक समस्याओं पर चर्चा के साथ राज्य के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ नगर व महानगरों से भी मूल प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय तथा अर्न्तराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने हेतु प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शारदा स्वर संगम मंच को उनके प्रयासों हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर केसी पाण्डेय, संगीत निर्देशक वीरेन्द्र नेगी राही उपस्थित थे। 

 

वन दरोगा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

 देहरादून। वन दरोगा के पद पर कार्यरत गब्बर सिंह रावत ने आज फांसी लगाकर हत्या कर ली। जिसकी सूचना पुलिस ने तुरंत उनके परिजानों को दी। बताया जा रहा है कि दरोगा ने लच्छीवाला रेंज के जंगल में करीब दो किलोमीटर अंदर जाकर पेड़ से नायलॉन की रस्सी का फंदा लगाकर सुसाइड कर ली। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना मृतक के परिजनों को दी। बताया जा रहा है घटना का पता तब चला जब स्थानीय पुलिस जंगल के अंदर पहुंची तब देखा तो दरोगा ने नायलॉन की रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस अभी तो इसे आत्महत्या मान रही है।

हालांकि मृतक के पास से किसी भी प्रकार का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मृतक का पंचायत नामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि वन दरोगा कल दोपहर में दवा लाने के लिए अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकला था परंतु जब वह घर नहीं पहुंचा तो उसके परिजनों और स्टॉफ वालों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। तलाश के बाद गब्बर सिंह का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। पुलिस ने कहा है कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरोगा ने क्यों आत्महत्या की यह भी अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

आप कार्यकर्ताओं ने नगर निगम में बोला हल्ला

 देहरादून। आम आदमी पार्टी, देहरादून द्वारा वार्ड-14 की जन-समस्याओं पर वार्डवासियों के साथ नगर निगम देहरादून पर हल्ला-बोल व प्रदर्शन-घेराव कार्यक्रम राजपुर विधानसभा प्रभारी सरिता गिरी व वार्ड-14 अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर नगर निगम की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान भी लगाये गये और जमकर प्रदर्शन किया गया। वार्ड 14 के निवासी व आप कार्यकर्ता राजपुर विधानसभा प्रभारी सरिता गिरी व वार्ड-14 अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में नगर निगम में इकटठा हुए और वहां पर वार्डों में सडक़ों, नालियों व सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति को निश्चित समय सीमा के अंदर सुधारने हेतु मेयर विनोद चमोली को ञापन दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी, देहरादून द्वारा विगत 11 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक विभिन्न वार्डों में क्लीन-ड्राईव अभियान चलाया गया था, जिसमें वार्डवासियों से वार्ड की सडक़ों, नालियों व सफाई व्यवस्था संबंधी समस्याओं से रूबरू हुआ गया।

इस अवसर पर राजपुर विधानसभा प्रभारी सरिता गिरी व वार्ड-14 अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि पृथक राज्य के रूप मे उत्तराखण्ड राज्य का गठन हुऐ 17 वर्ष पूर्ण हो चुके है, लेकिन आज भी उत्तराखण्ड की आम जनता मूलभूत सुविधाओ के अभाव मे अपना जीवनयापन करने को मजबूर है, महोदय आपको बताना चाहते है कि वार्ड 14 इन्द्रकालोनी राजधानी देहरादून के घण्टाघर से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है लेकिन यह अजीब विडम्बना है कि पिछले सात वर्षो से इस क्षेत्र की जनता टूटी सडक व जीर्ण क्षीण पडी नालियों की कुव्यवस्थाओं के साथ अपने क्षेत्र मे जीवनयापन करने को मजबूर है, जिस कारण प्रतिदिन स्थानीय जनता को अपने निजी वाहन चलाने व बच्चों को सामान्य आवाजाही करने मे निरंतर दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ रहा है, जबकि यदि नालियों की बात की जाये तो पिछले लम्बे समय से क्षेत्र की नालियों में मलबा भरा पडा है जिस कारण प्रतिदिन नाली का पानी स्थानीय लोगों के घरों में घुस जाता है, जिससे क्षेत्र में गंभीर बीमारियाँ फैलने की भी आशंका बनी रहती है, जिसका नगर निगम प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नही लिया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि जिस सोच व उद्देश्यों के साथ हमारे राज्य आंदोलनकारियों ने पृथक विकासोन्मुख पर्वतीय राज्य की कल्पना कर अपनी शहादत दी थी आज उनके त्याग व बलिदान पर नगर निगम द्वारा एक बडा प्रश्नचिन्ह खडा किया जा रहा है, यदि तार्किक बात कि जाये तो सात वर्षो में इन्द्रा कालोनी क्षेत्र में न ही कोई पार्षद निधि और न ही कोई विधायक निधि से विकास कार्य हुये हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों के साथ सरकार व नगर निगम द्वारा ऐसा सौतेलापन क्यों किया जा रहा है। इस अवसर पर तत्काल विशेष परिस्थितियों में नगर निगम प्रशासन द्वारा क्षेत्र की टूटी सडकों व नाली का निर्माण किया जा। नियमित रूप से निगम प्रशासन द्वारा क्षेत्र की समस्याओं का संज्ञान ले स्थानीय जनता के साथ समन्वय बनाकर समाधान किया जाए।

इस अवसर पर मेयर विनोद चमोली ने उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव राजेश बहुगुणा, जिलाध्यक्षा उमा सिसौदिया, महानगर अध्यक्ष विशाल चौधरी, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्षा पुष्पा रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी कुलदीप सहदेव, अशोक सेमवाल, सुदेश चौरसिया, जीतेन्द्र पन्त, सुधीर पन्त, शैलेश तिवारी, मनोज बिजणवान, विपिन खन्ना, विनय राना, गायत्री टम्टा, एस.के.राजपूत, कमल राणा, जे.सी.मिश्रा, मंजू, सरोज कुमार, रवीन्द्र सिंह, कुंदन मेहता सहित अनेक कार्यकर्ता व वार्डवासी उपस्थित थे।

 

फिर बिगड़ी एनडी तिवारी की तबीयत

 देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी को 20 सितंबर को ब्रेन हेमरेज का अटैक पड़ा था। जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत को नाजुक देखते हुए उन्हें आइसीयू में भेजा गया। जिसके बाद 12 अक्टूबर को उन्हें जनरल वॉर्ड में शिफ्ट किया गया था लेकिन फिर से तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें आइसीयू में शिफ्ट किया गया है।

बताया जा रहा है कि एनडी तिवारी को निमोनिया व तेज बुखार के चलते आइसीयू में शिफ्ट किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, ये निर्णय उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए लिया गया है। वहीं 12 अक्टूबर को उन्हें जनरल वॉर्ड में शिफ्ट किया गया था क्योंकि डॉक्टरों ने कहा था कि आइसीयू में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है और दूसरा ये कि लगातार आइसीयू में रहने से मरीज हताश हो जाता है।

वहीं, फिर से आज उनकी तबीयत बिगड़ गई है जिसकी वजह से उनका इलाज कर रही डॉक्टरों की टीम ने उन्हें आइसीयू में शिफ्ट कर दिया है। अस्पताल में उनकी पत्नी और बेटा रोहित शेखर मौजूद है। फिलहाल अभीतक उनकी स्वास्थ्य में कोई खास सुधार नहीं है। 

शोधार्थियों को बेस्ट रिसर्च के लिए सम्मानित किया

 देहरादून। राज्यपाल डॉ$ कृष्णकांत पाल ने राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के राज्य विश्वविद्यालयों के छ: शोधार्थियों को गवर्नर अवार्ड फॉर बेस्ट रिसर्च पब्लिकेशन इन साइंस एंड टेक््रोलॉजी से सम्मानित किया। चयनित शोधार्थियों को सम्मानित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में ज्ञान का सृजन होता है। कुलपति अपने छात्र-छात्राओं व रिसर्च स्कॉलर्स को मौलिक व उच्च स्तरीय शोध करने के लिए प्रोत्साहित करें। शोध कार्य ऐसा होना चाहिए जिसे दूसरे लोगों द्वारा अपने शोध कार्य या पुस्तकों में उद्घरण के रूप में लिया जाए। वर्ष में एक या दो उच्च स्तरीय शोध कार्य विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में काफी सुधार ला देते हैं। 

बताया गया कि पुरस्कार के लिए कुल 17 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वीके जैन की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति ने आवेदनों का मूल्यांकन किया। समिति के अन्य सदस्यों में उाराखण्ड आवासीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एचएस धामी व श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ$ यूएस रावत शामिल थे। समिति द्वारा डॉ$ रीटा गोयल व डॉ$ एनज़ी साहू को प्रथम, डॉ$ वीणा पाण्डे व डॉ$ विपिन कुमार सैनी को द्वितीय जबकि अनूप कुमार सिंह व डॉ$ हिरदेश कुमार को तृतीय स्थान के लिए चयनित किया। राज्यपाल द्वारा सम्मानित शोधार्थियों को प्रमाणपत्र के साथ ही प्रथम पुरस्कार के लिए 20-20 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार के लिए 15-15 हजार रूपए व तृतीय पुरस्कार के लिए 10-10 हजार रूपए की धनराशि प्रदान की गई। इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन, विधि परामर्शी आरसी खुल्बे, विश्वविद्यालयों के कुलपति आदि उपस्थित थे।

दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का शुभारंभ

 देहरादून। विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल डॉ$ कृष्ण कांत पाल ने प्रबोधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि संसदीय समितियों के कार्य को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन्हें गम्भीरता से लिया जाना चाहिए। संसदीय लोकतंत्र में संसदीय समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विधायकगण सदन के सत्र के समय विभिन्न विभागों से प्राप्त लिखित सामग्री व सूचनाओं का गहन अध्ययन करें। 

 
गुरूवार को एक स्थानीय होटल में आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का राज्यपाल डॉ$ कृष्ण कांत पाल, विधानसभा अध्यक्ष  प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत, नेता प्रतिपक्ष डॉ$ इंदिरा हृद्येश ने दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। राज्यपाल ने कहा कि भारत में लिखित संविधान है। संसदीय परम्पराओं का भी महत्व है। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विभिन्न संस्थाओं व नियमों में सकारात्मक सुधार लाने के लिए संविधान संशोधन की व्यवस्था है। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम में नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय नियमों व परम्पराओं की जानकारी मिलेगी। वरिष्ठ व अनुभवी विधायकगण अपने अनुभव साझा करेंगे जिससे नए विधायक लाभान्वित होंगे और उनकी विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान होगा। राज्यपाल ने प्रबोधन कार्यक्रम में व्याख्यान हेतु आमंत्रित वरिष्ठ राजनीतिज्ञ डॉ$ लक्ष्मीकांत वाजपेयी व लोकसभा सचिवालय के पूर्व महासचिव जीसी मल्होत्रा को सम्मानित भी किया। 

नहीं रहे उत्तराखंड के मशहूर चित्रकार बी मोहन नेगी

 देहरादून। उत्तराखंड के मशहूर चित्रकार बी मोहन नेगी का 65 वर्ष की उम्र में देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल में निधन हो गया है। वो काफी समय से बीमार चल रहे थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने उनके निधन पर शोक जताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की है और कहा है कि उनके जाने से उत्तराखंड के कला जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है। गौर हो कि पहाड़ की समस्याओं को उनकी चित्रकारी में उकेरने वाले बी मोहन नेगी का जन्म देहरादून में हुआ था।

 

वो मूलरूप से पुण्डोरी गांव पट्टी मनियारस्यूं निवासी थे। बचपन से ही उनका रुझान चित्रकला में था। बता दें, उन्होंने 70 के दशक से ही कविता पोस्टर में रंग भरना शुरू कर दिया था। जिसको उन्होंने अंतिम समय तक थमने नहीं दिया। कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल की कविताओं पर उन्होंने सबसे ज्यादा करीब 100 कविता पोस्टर रचे। उनके चित्र दिल्ली, मुंबई सहित कई स्थानों पर प्रदर्शित भी किए गए। कहीं न कहीं राज्य को एक विशेष पहचान देने में उनका काफी सहयोग रहा। जिसको कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा।

राज्य में पहली बार इंटर यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स मीट का आगाज

 देहरादून। राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने दून विश्वविद्यालय में आयोजित प्रथम इंटर यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स मीट का शुभारम्भ किया। 26 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक आयोजित स्पोर्ट्स मीट के लिए आयोजक दून विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों को क्वालिटी एजुकेशन, उच्च स्तरीय व मौलिक शोध व स्पोर्ट्स का सेंटर बनाने के लिए अनेक पहल की गई हैं। प्रयास किया जा रहा है कि विश्वविद्यालयों के छात्र छात्राओं के बहुंमुखी व्यक्तित्व का विकास हो।  

 
राज्यपाल ने कहा कि अभी पहला आयोजन होने के कारण इस प्रतियोगिता में कम इवेंट्स शामिल की गई हैं। अगले वर्षों में इसमें और भी खेलों को शामिल
किया जाएगा। राज्य में पहली बार इंटर यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स मीट आयोजित की गई है। शुरूआत छोटी जरूर है परंतु मजबूत शुरूआत है।  प्रतिभागी खिलाडियों के जोश में कोई कमी नहीं दिख रही है। राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री को प्रदेश में अंतर महाविद्यालय 20- 20 क्रिकेट प्रतियोगिता कराए जाने का सुझाव दिया।  उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में राज्य की प्रतिभाएं उभर कर सामने आएंगी।   
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा व खेल एक दूसरे के पूरक हैं। चरित्र निर्माण में जितना महत्व शिक्षा का है उतना ही महत्व खेलों का भी है। राज्यपाल ने ओलम्पियन मनीष रावत का उदाहरण देते हुए कहा कि खिलाड़ी भी युवाओ के लिए रोल मॉडल हैं। उत्तराखण्ड की भौगोलिक स्थितियां खिलाडियों के स्टेमिना केा बढ़ाने में सहायक है। राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इन्हें समुचित प्लेटफार्म उपलब्ध करवाए जाने की जरूरत है। इसके लिए सरकार प्रयासरत भी है। 
 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रथम अंतर विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता के आयोजन के लिए राज्यपाल डा. केकेस पाल की पहल पर आभार व्यक्त करते हुए प्रतियोगिता के लिए 11 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि  खेलों से शारीरिक और मानसिक विकास ही नहीं बल्कि टीम भावना और सामूहिकता की भावना का विकास भी होता है। यह खेल प्रतियोगिताए युवा छात्र छात्राओं के लिए एक बढिया अवसर है। खिलाडियों द्वारा किए गए मार्च पास्ट की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च पास्ट में खिलाडियों के जज्बे और रुचि की झलक दिखाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युवा खिलाड़ी आज विश्वविद्यालय एकल प्रदेश और फिर देश के लिए खेलेंगे ।
 
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है । उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि सभी विश्वविद्यालय अखिल भारतीय स्वच्छता रैंकिंग में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें। इसी प्रकार सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय एनएसी रैंकिंग हेतु भी अनिवार्य रूप से आवेदन करें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा पहला स्टेट हो गया है जहां सभी डिग्री कॉलेज में शतप्रतिशत प्राचार्यों की तैनाती है। अब  सरकार ने प्राचार्यों को असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी की स्थिति में गेस्ट फैकल्टी की सेवाएं लेने का अधिकार भी दे दिया है। सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दे रही है । 
इससे पूर्व राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागी टीमों के खिलाडियों के मार्च पास्ट की सलामी ली । उन्होंने रंग बिरंगे गुब्बारे हवा में छोडक़र प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के पहले उद्घाटन मैच के खिलाडियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दी। प्रतियोगिता में प्रदेश के 10  विश्वविद्यालयों के लगभग 800 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर मेयर व विधायक विनोद चमोली, सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति आदि उपस्थित थे। 

रायपुर में धूमधाम से मनाया गया छठी का पर्व

 देहरादून। भोजपुरी समाज आयुध निर्माणी की ओर से आयुध निर्माणी इस्टेट रायपुर में भी धूधाम से छठ पूजा का आयोजन किया गया। यहां निर्माणी इस्टेट स्थ्ति शिव मंदिर में अस्ताचलगामी सूर्यदेव को महिलाओं ने अघ्र्य दिया। ळ्रती सिर पर फलों का टोकर लेकर घर से नंगे पांव छठ पूजन स्थल पर पहुंचे। शाम पांच बजे के बाद अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अघ्र्य देने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान यहां पर सेवा और भक्ति भाव का विराट स्वरूप देखने को मिला। 

शुक्रवार सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ ही छठ व्रत का पारण होगा।
 
दोपहर से ही घरों में ळ्रती महिलाएं गन्ने के रस, दूध, गुड़ व साठी चावल से बनी खीर और घी चुपड़ी रोटी तैयार करने में जुट गई थीं। शाम को ळ्रतियों ने खीर व रोटी के प्रसाद के साथ मौसमी फल छठी मैया को अर्पित किए और परिवार की सुख-समृद्घि की कामना की। फिर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। इसी के साथ परिवार की श्रेष्ठ महिलाओं के साथ अन्य महिला और पुरुषों ने निर्जला ळ्रत धारण किया। इस दौरान हम करेली छठ बरतिया से उनखे लागी,  चार कोना के पोखरवा  जैसे गीत गूंजते रहे। रातभर ळ्रती अघ्र्य  की तैयारियों में जुटे रहे। भोजपुरी समाज के अध्यक्ष मदन ठाकुर  ने बताया कि रायपुर इस्टेट में इस बार तो रिकार्ड लोगों ने छठी पूजन किया। उन्होंने बतााया कि इसकी तैयारी तीन चार दिन पहले से ही की जाती है। इस दौरान खरना में पहले छठी मैया की और फिर व्रत रखने वाली महिलाओं की पूजा होती है। खरना के बाद महिलाएं देर रात तक ठेकुआ का प्रसाद तैयार करने में जुटी रहीं। इसे मिट्टी के नए चूल्हे में आम की लकडि़यों पर पकाया जाता है। इस अवसर पर सुनील कुमार सुमन, अशोक कुमार, आकाश आदित्य समेत सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। 

सीएम ने दिया सूर्य को अघ्र्य

देहरादून। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत गुरूवार को सूर्योपासना के पर्व छठ के अवसर पर सूर्य को अघ्र्य देने टोंस (तमसा) नदी के तट पर स्थित टपकेश्वर महादेव पहुंचे। सूर्य को अघ्र्य देकर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने श्रद्धालुओं को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी।
 
उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में समृद्धि एवं खुशहाली लाए। उन्होंने कहा कि प्रकृति पूजन के इस महापर्व से पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी मिलता है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रकाश पंत, विधायक गणेश जोशी एवं भा.ज.पा. प्रदेश अध्यक्षअजय भट्ट भी उपस्थित थे।

पीएम ने प्रशिक्षु अधिकारियों को किया संबोधित

 मसूरी। अपने दो दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार दोपहर मसूरी पहुंचे। मसूरी पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। वह यहां पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया । इसके अलावा वह शुक्रवार को बच्चों के साथ योग भी करेंगे। पीएम मोदी ने अकादमी के कालिंदी गेस्ट हाउस से हिमालय का दीदार भी किया। यहां से 12 महीने हिमालय की बर्फ से ढकी पर्वतमालाओं का दीदार होता है। कालिंदी गेस्ट हाउस के लॉन से हिमालय का नजारा देखने के लिए काफी प्रसिद्ध है।

 
गुरूवार दोपहर दो बजे पीएम मोदी वायुसेना के विशेष चॉपर से पोलो ग्राउंड पहुंचे। पोलो ग्राउंड में प्रोटोकॉल मंत्री धन सिंह रावत, एलबीएस अकादमी की निदेशक उपमा चौधरी, कमिश्नर दिलीप जावलकर ने फूल देकर उनका स्वागत किया। क्षेत्रीय विधायक गणेश जोशी, टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल, मंडलाध्यक्ष मोहन पेटवाल ने भी पीएम का स्वागत किया।पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने गणेश शैली की लिखी मसूरी मेडले पुस्तक पीएम मोदी को भेंट की। पोलो ग्राउंड हेलीपैड पर तिब्बती बैंड की धुन से प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया। इसके बाद वह कार से 2:20 बजे एलबीएस अकादमी पहुंचे। उन्होंने करीब 2:50 बजे कालिंदी गेस्ट हाउस और सरदार पटेल सभागार में एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों से वार्ता की। शाम को प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम इंद्रधनुष में भी शिरकत की।
 
तीन घंटे थमा रहा ट्रैफिक 
प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान मसूरी में एलबीएस अकादमी मार्ग को तीन घंटे के लिए डायवर्ट किया गया। इस दौरान हैप्पीवैली क्षेत्र जीरो जोन रहा। पीएम का काफिला जैसे ही पोलो ग्राउंड से एलबीएस अकादमी की ओर निकला, पूरे मार्ग पर वाहनों को रोक दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उसके बाद वह अकादमी के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों से मिले। उन्होंने 92वें फाउंडेशन कोर्स के प्रशिक्षु अफसरों के साथ फोटो भी खिंचवाया। 
 
शुक्रवार सुबह छात्रों के साथ करेंगे योग 
शुक्रवार सुबह छह बजे प्रधानमंत्री अकादमी के प्रशिक्षु अधिकारियों और केंद्रीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ योग करेंगे। साथ ही इसके बाद उनका घुड़सवारी करने का भी कार्यक्रम है। सुबह नौ बजे ऑडिटोरियम का शिलान्यास करेंगे। वहीं 12:15 बजे से एक बजे तक पीएम संपूर्णानंद हॉल में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को संबोधित करने के बाद एक बजकर 6 मिनट पर पोलो ग्राउंड हेलीपैड से जौलीग्रांट होते हुए दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
 
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा
प्रधानमंत्री के मसूरी दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एलबीएस अकादमी और हैप्पी वैली पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवान और पीएसी को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।
 

अभाविप कार्यकर्ता का प्रदर्शन, प्राचार्य का किया घेराव

देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने डीबीएस कालेज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया। उन्होंने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा।

डीबीएस पीजी कालेज छात्र संघ अध्यक्ष योगेश घाघट योगी के नेतृत्व में परिषद के कार्यकर्ता एवं छात्र कालेज परिसर में इकटटा हुए और वहां पर कालेज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कालेज जो प्रदेश में कॉलेज आफ साइंस के नाम से भी प्रतिष्ठित है और कहा कि पूर्व में भी कालेज में मूलभूत सुविधाओं पंखों, वाटर फिल्टर, लाईट, ग्राउंड में बैठने के लिए बैंच, रीडिंग रूम में टीवी का संचालन तथा छात्र संघ भवन के लिए कुछ आवश्यक सामान की मांग की गई थी लेकिन आज तक इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है और केवल प्रबंध तंत्र को डेढ लाख रूपये खर्च आने का पत्र भेजा गया है लेकिन किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
 
उनका कहना है कि महाविद्यालय में वनस्पति विज्ञान, बायो टैक््रोलॉजी, माइक्रो बायलोजी तथा अंग्रेी विषयों को स्ववित्त पोषित की कक्षायें वर्षों से संचालित हो रही है, इनके लिए जो कक्षायें एवंप्रयोगशालायें प्रयोग में लाई जा रही है वह यूजीसी की ग्रांट से संस्थागत छात्रों के प्रयोग के लिए निर्माण की गई है जिस कारण बीएससी वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, भौतिक विज्ञान की प्रयोगशालाओं की कमी हो रही है तथा इसी प्रकार से एमएससी की कक्षाओं की भी कमी हो रही है, कॉलेज व दयानंद शिक्षण संस्थान इन दोनों से जो मोटी रकम शुल्क के रूप में लंबे समय से ले रहा है वह करोड़ों रूपये जमा हो चुका है। उनका कहना है कि अत: छात्र संघ ने पहले भी छह नये कक्ष व प्रयोगशालाओं की मांग करता आया है और फिर से कालेज में छह नये कक्ष व प्रयोगशालायें बनाये जाने की आवश्यकता है और इस पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही किये जाने की जरूरत है।
 
उनका कहना है कि प्रबंध तंत्र द्वारा मेंटनेंस ग्रांट के नाम पर भी लाखों रूपये कालेज फंड में जमा है जिसका उपयोग कक्षाओं के निर्माण, आधुनिकरण, प्रयोगशालाओं में नये उपकरण लगाने तथा पुस्तकालय में नई पुस्तकें खरीदने में शीघ्रतापूर्वक किया जाये और जिससे छात्र निधियों में जमा धनराशि का उपयोग भी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में शीइा्र कमेटी बनाकर किया जाये और इस कमेटी में छात्र संघ को भी शामिल किया जाये। उनका कहना है कि महाविद्यालय में सुदूर उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों से विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते है और उन्हें हास्टल की सुविधा प्राप्त नहीं हो रही है जबकि कालेज पास हॉस्टल उपलब्ध है, और ऐसे छात्रों को हॉस्टल उपलब्ध कराया जाये और इतना ही नहीं की स्टाफ क्वार्टर भी खाली पडे हुए है इनका उपयोग भी ब्वॉयज हास्टल के रूप में किया जा सकता है और दूसरी ओर गल्र्स हॉस्टल की भी आवश्यकता है। उनका कहना है कि महाविद्यालय में 25-30 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद रिक्त है और शासन द्वारा संविदा के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है और इस पर तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि बीस से पच्चीस दिनों के भीतर इस पर कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन को तेज किया जायेगा। इस अवसर पर योगेश घाघट, हर्षित ढौडियाल, अजय पंवार, सुधांशु डोबरियाल, अरूण कुमार, सत्यम कन्नौजिया, सुजीत थापा, अविजित पाल सहित अन्य कार्यकर्ता एवं छात्र मौजूद थे।

सदभावना रैली के साथ गढ़ कौथिग महोत्सव का शुभारंभ

देहरादून। अखिल गढ़वाल सभा के तत्वावधान सात दिवसीय गढ़ कौथिग उत्तराखंड महोत्सव का शुभारंभ सांस्कृतिक सदभावना रैली के साथ हुआ। रैली में जौनसारी, गढवाली, जम्मू कश्मीर के कलाकार पारम्परिक वेशभूषा में नृत्य करते हुए चल रहे थे।
रैली गांधी पार्क से घंटाघर, पल्टन बाजार, धामावाला, आढत बाजार, प्रिंस चौक, गांधी रोड, लैंसडाउन चौक होते हुए परेड ग्राउंड में पहुंचकर संपन्न हुई। वहां पर डीजीपी अनिल के रतूडी ने वहां पर होने वाले कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सभा के सांस्कृतिक सचिव पंडित उदय शंकर भट्ट ने कहा कि 26 अक्टूबर को प्रात: 10 बजे से विज्ञान मेले का उदघाटन और साथ साथ थडया, चौफला और मांगल गीतों की प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा और शाम को पुन: उत्तराखंड के लोकनृत्यों का प्रदर्शन होगा। 27 अक्टूबर को छात्र छात्राओं की समूह गान प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा और शाम को लोकगीत प्रतियोगिता का फाइनल होगा जिसमें गढवाल के विभिन्न जिलों से प्रथम एवं सेमीफाइनल राउंड में उत्तीर्ण हुए प्रतिभागियों का फाइनल होगा।
 
 
28 अक्टूबर को प्रात: स्कूली बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता होगी और शाम को गढवाली कवि सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। 29 अक्टूबर को पूर्वाहन 11 बजे से कमल व्यूह नाटक का मंचन होगा और जोशीमठ से आये हुए कलाकारों द्वारा शाम के समय लोकगीत संध्या का आयोजन किया जायेगा। जिसमें गायक गलाकार बसंती बिष्ट, प्रीतम भरतवाण, संगीता ढौढियाल, किशन महिपाल, कल्पना चौहान, हीरा सिंह राणा, महेन्द्र चौहान, अनिल बिष्ट अपना प्रदर्शन करेंगें। उनका कहना है कि 30 अक्टूबर को प्रात: पुरूषों व महिलाओं की वेशभूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा और रात्रि बेटी बचाओ बेटी पढाओ की ध्यैय पर आधारित नाटक कमली एवं लोकनाटय रम्माण की प्रस्तुति भी दी जायेगी और 31 अक्टूबर को समापन समारोह के दिन प्रात: 11 बजे से विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिता और शाम को सम्मान कार्यक्रम के साथ डिग्री कालेजों के छात्र छात्रााअें की लोकनृत्य प्रतियोगिता और लोकवाद्यों की प्रस्तुति होगी और समापन पर भैलो का प्रदर्शन होगा। इस मौके पर अध्यक्ष रोशन धस्माना, महासचिव रमेन्द्र कोटनाला, पंडित उदयशंकर भटट, अजय जोशी, मदन मोहन डुकलान, संगीता ढौढियाल, गजेन्द्र भंडारी, सुलोचना भटट, संतोष गैरोला, वीरेन्द्र असवाल, खुशहाल सिंह बिष्ट, चन्द्र दत्त सुयाल, सूर्यप्रकाश भटट, पुष्पा नेगी, द्वारिका बिष्ट, कुलानंद घनशाला आदि मौजूद रहे।   

सौर ऊर्जा संयत्र लोकापर्ण समारोह का उद्धाटन

देहरादून। दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा हरिद्वार में आयोजित सौर ऊर्जा संयत्र लोकापर्ण समारोह का उद्धाटन उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल  एवं मुख्य अतिथि केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री मा0 शिव प्रताप शुक्ल जी द्वारा किया गया। 25 किलोवाट सौर ऊर्जा संयत्र डा0 आर0पी0एन सिंह जी जो कि दिल्ली निवासी हैं द्वारा अपनी माता स्व0 सुशीला सिंह  की स्मृति में दिव्य प्रेम सेवा मिशन को दान किया गया है। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने डा0 आर0पी0एन सिंह को बधाई देते हुए कहा  कि इस प्रकार के सामाजिक कार्यों से निश्चित ही प्रदेश का विकास होगा। अग्रवाल ने लोगों से सौर ऊर्जा को ज्यादा से ज्यादा अपनाने और घरों में एलईडी बल्ब का इस्तेमाल करने की अपील की।
 
उन्होंने कहा कि पर्यावरण को लेकर पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है और हमें चाहिए कि हम अपने जंगल और संसाधनों को बचाने की दिशा में काम करें। अग्रवाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि हरिद्वार के पावन तट पर दिव्य प्रेम सेवा मिशन के प्रयास से सौर ऊर्जा संयत्र लगाया गया है जो एक सराहनीय कदम है। इस व्यवस्था से सभी प्रकार के सिस्टम चलाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा की हमारी सरकार राज्यवासियों को बुनियादी सुविधा के साथ-साथ शुद्ध हवा, शुद्ध पेयजल एवं स्वच्छ पर्यावरण देने हेतु कृत संकल्पित है। लोकापर्ण समारोह पर डा0 आर0पी0एन सिंह, आशीष जी, प्रेम शुक्ला, श्री महामण्डलेश्वर स्वामी, सतपाल सिंह नेगी, प्रशान्त खरे, बालकृष्ण शास्त्री, विश्वास शर्मा, ज्ञान सिंह नेगी, कृष्ण कुमार सिंघल आदि लोग मौजूद थे। 

भाजपा के खिलाफ गरजे कांग्रेसी

देहरादून। उत्तराखण्ड की जन विरोधी भाजपा सरकार द्वारा राज्यभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लगातार किये जा रहे उत्पीडऩ के विरोध में कांग्रेस विधानमण्डल दल द्वारा आज गांधी पार्क में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस विधानमण्डल दल के सभी विधायकगणों, पूर्व विधायकों, विधानसभा चुनाव 2017 के प्रत्याशियों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने किया।
 
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि जब से राज्य में भारतीय जनता पार्टी सरकार सत्तारूढ़ हुई है तब से विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं का अकारण लगातार उत्पीडऩ किया जा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई संस्थाओं के प्रतिनिधियों को लगातार षडय़ंत्र के तहत पदच्युत करने की साजिश की जा रही है। कांग्रेस के बहुमत वाली सहकारी संस्थाओं, जिला पंचायतों, विकासखण्ड प्रमुखों के खिलाफ साजिश के तहत डरा धमका कर अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार द्वारा सत्ता के मद में चूर होकर धारचूला से लेकर मोरी तक के कांग्रेस कार्यकर्ताओ ंके खिलाफ फर्जी मुकदमें दर्ज कर राजनैतिक बदले की भावना से कार्य किया जा रहा है। प्रीतम सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का न तो लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास है और न ही लोकतंत्र में। उन्होने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की बजाय अलोकतांत्रिक एवं अमर्यादित रवैया अपना कर लोकतंत्र को शर्मशार करने का काम कर रही है। उत्तराखण्ड में त्रिस्तरीय पंचायतों में निर्वाचित सदस्यों के अधिकारों पर प्रहार कर लोकतंत्र की पहली सीढ़ी को कमजोर करने का प्रयास कर रही है जिसकी कड़े शब्दों में निन्दा की जानी चाहिए।
 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 राजीव गांधी जी ने संविधान के 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायतों को जो शक्ति दी थी वर्तमान सरकार पंचायतों के इन अधिकारों को समाप्त करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तराखण्ड में धन बल एवं बाहुबल का प्रयोग कर लोकतंत्र की हत्या करने तथा देवभूमि की गरिमा को कलंकित करने का काम लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विपक्षी दल के नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से राजनितिक षडय़न्त्र के तहत फर्जी मुकदमें दर्ज कर उनका उत्पीडऩ किया जा रहा है। राज्य सरकार के इशारे पर कंाग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं पर अलोकतांत्रिक तरीके से मुकदमें दर्ज किये जा रहे हैं, जो निन्दनीय है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाय कम है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार के इशारे पर लोकतंत्र के सभी मानकों एवं मापदण्डों पर कुठाराघात करते हुए अलोकतांत्रिकता का अपना घिनौना चेहरा सबके सामने लाते हुए कांग्रेस पार्टी शासित पंचायतों को जनता की आवाज उठाने से रोकने के लिए उनके विरूद्ध झूठे मुकदमें दर्ज कर उन्हें प्रताडि़त एवं अपमानित किया जा रहा है परन्तु कांग्रेस पार्टी भारतीय लोकतंत्र एवं न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास रखती है तथा उसका सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में भारतीय जनता पार्टी की प्रचण्ड बहुमत वाली सरकार ने उत्तराखण्ड की जनता के विश्वास पर चोट करते हुए विगत 6 महीनों में अनेक जन विरोधी निर्णय लिये हैं। कांग्रेस पार्टी भाजपा के इन जन विरोधी निर्णयों एवं विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के उत्पीडऩ की निन्दा करते हुए सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सडक़ से सदन तक लड़ाई लड़ती रहेगी।
 
नेता प्रतिपक्ष डॉ0 इन्दिरा हृदयेश ने राज्य सरकार के कार्यों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का सदैव लोकतंत्र एवं लोकशाही में गहरा विश्वास रहा है। कंाग्रेस पार्टी एवं उसके नेता न्यायपालिका का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार बढ़ती मंहगाई, भ्रष्टाचार तथा केन्द्र सरकार की विफलताओं को छिपाने तथा अपने मुख्यमंत्रियों तथा मंत्रियों के भ्रष्टाचार को दबाने के लिए विपक्षी दल के नेताओं के साथ जिस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है वह राज्य सरकार के तानाशाही रवैये को उजागर करती है। भारतीय जनता पार्टी विशेषकर मुख्यमंत्री को अपने इस कृत्य के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से माफी मांगनी चाहिए तथा उनके विरूद्ध लगाये गये झूठे मुकदमों को वापस लिया जाना चाहिए। भाजपा के इस षडय़ंत्र का कंाग्रेस के कार्यकर्ता एकजुट होकर डटकर मुकाबला करेंगे तथा भारतीय जनता पार्टी की जन विरोधी नीतियों केा जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे। धरने को प्रदेश सहप्रभारी संजय कपूर, उप नेता विधानमण्डल दल करण महरा, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, पूर्व मंत्री नवप्रभात, विधायक मनोज रावत, राजकुमार, फुरकान अहमद, ममता राकेश, आदेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, सरिता आर्या, विक्रम नेगी, हरीश दुर्गापाल, पूर्व सांसद महेन्द्र सिहं पाल, पूर्व विधायक शैलेन्द्र रावत, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना आदि ने भी संबोधित किया।

नवनियुक्त मुख्य सचिव ने राज्यपाल से की भेंट

 देहरादून। बुधवार को नवनियुक्त मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने राज्यपाल डॉ$ कृष्ण कंात पाल से शिष्टाचार भेंट की।  

सिंह ने  राज्यपाल को अपनी प्राथमिकताओं के बारे में अवगत कराया।  राज्यपाल ने  उत्पल कुमार को मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण करने पर बधाई व शुभकामनाएं दीं।  

उत्पल कुमार ने मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण किया

 देहरादून। मुख्य सचिव पद का कार्यभार ग्रहण करने के बाद उत्पल कुमार सिंह ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने एसडीएम रानीखेत से डीएम नैनीताल तक और शासन में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में अपने उत्तराखंड राज्य में 12 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वह राज्य की बुनियादी समस्याओं से परिचित हैं। खुले दिमाग से इन समस्याओं को चिन्हित कर उन्हें दूर करना है।
 
नवनियुक्त मुख्य सचिव ने कहा कि अगले तीन साल में राज्य अपनी स्थापना के बीस वर्ष पूरा कर लेगा। हमें 2020 तक का लक्ष्य तय करना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि लोगों के जीवन की बेहत के लिए मिलजुल कर कार्य करना है। इसके साथ ही फ्लैगशिप कार्यक्रमों की गति में और तेजी लानी है। संकल्प से सिद्घि के तहत तय किये गये लक्ष्यों को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल इंडिया सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे। अधिका विचार करें कि वे अपने विभाग में कौन-कौन नवाचा (इनोवेटिव) कार्य कर सकते हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ$रणवीर सिंह,  ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव मती राधा रतूड़ी, मती मनीषा पंवार,  आनंद वर्धन, सचिव  अमित नेगी,  हरवंश सिंह चुघ,  डी सैंथिल पांडियन,  आर$मीनाक्षी सुंदरम,  अरविंद सिंह ह्यांकी सहित सभी सचिव, अपर सचिव उपस्थित थे।
 

जीएसटी लोगों को कर रही बेरोजगार : कुंवर

देहरादून। ग्रामीण विकास समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में पूरे देश में लागू किया गया जीएसटी लोगों को और बेरोजगार कर रहा है युवाओं को मिलने वाले ऋण पर जीएसटी की व्यवस्था पूर्ण रूप से बंद होनी चाहिए ताकि युवा रोजगार के माध्यम से अपने व अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। यह बात उन्होंने हिन्दी भवन में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने कहा कि एक ओर केन्द्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार देने के लिए बडे बडे दावे कर रही है वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षित बेरोजगारों को मिलने वाले ऋण के कोटेशन पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू कर रही है यदि दो लाख ऋण के कोटेशन पर 24000 रूपए जीएसटी देना होगा तो इस प्रकार की बेरोजगारी पर मार कहा तक संभव है।
 
उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती हुई बेरोजगारी सभी के लिए चिन्ता का विषय है। यदि युवाओं के हाथ में काम नहीं होगा तो वह भटकाव के रास्ते पर आ जाएगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बेरोजगारी के कारण तेजी से पलायन हो रहा है और युवा अन्य राज्यों में जा रहा है। युवाओं को पलायन से रोकने के लिए सरकार को चाहिए कि कम से कम टैक्स लगा कर युवाओं को रियायत दे। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय में कार्यवाही नहीं करती है तो वे सडक़ों पर उतरकर आंदोलन करने पर बाध्य होगे। इस दौरान मंजीत सिंह, तारा चन्द्र, वाजिद समेत कई लोग मौजूद थे। 
 

मुख्य सचिव ने किया स्वार्थ सिद्घ होते ही दरकिनार : नेगी

 देहरादून। जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि ढैंचा बीज घोटाले के मुख्य आरोपी सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इतने महीने तक सुस्त एवं जनसरोकार के मुद्दे पर दिलचस्पी न लेने वाले मुख्य सचिव को लगभग 6 महीना इसलिए झेला कि इन्होंने ही पर बड़ी कृपा दृष्टि की थी। मुख्य सचिव ने ढैंचा बीज घोटाले के मामले में सदन के निर्देश पर ।

कार्यवाही ज्ञापन में मुख्यमंत्री को बिल्कुल पाक-साफ बताकर क्लीन चिट दी थी, जबकि त्रिपाठी जॉच आयोग की रिपोर्ट में त्रिवेन्द्र सिंह रावत को भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया था, लेकिन क्लीन चिट मिलने के कुछ माह बाद ही एस रामास्वामी (मुख्य सचिव) की भेंट चढ़ा दी गयी। एक होटल में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि जिस अधिकारी को 5-6 महीने पहले ही पद से हटा देना चाहिए था उस अधिकारी को इतने लम्बे समय तक मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर बनाये रखने का सीधा-सीधा मतलब अपना उल्लू सीधा करना था। उक्त सुस्त एवं जनसरोकार के मुद्दे पर संवेदनहीन अधिकारी की वजह से प्रदेश को गति नहीं मिल पायी, जिसका मुख्य कारण त्रिवेन्द्र सिंह रावत को अपना स्वार्थ सिद्व करना था।

स्टार्टअप की स्थापना से विकास दर में आयेगी तेजी : रावत

 देहरादून । मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में इन्वेस्ट इण्डिया और उद्योग विभाग के मध्य एक एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। एमओयू के अनुसार इन्वेस्ट इण्डिया से राज्य को स्टार्टअप नीति के क्रियान्वयन हेतु समुचित तकनीकि एवं विशेषज्ञ सहायता प्राप्त होगी। यह एमओयू, इन्वेस्ट इण्डिया के वाइस प्रेजिड़ेंट दुष्यंत ठाकुर तथा प्रमुख सचिव एमएसएमई मनीषा पंवार द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एमओयू का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राज्य के उभरते हुए युवा उद्यमियों को सहायता मिलेगी। राज्य की स्टार्टअप नीति 2017 के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी। नये उद्योगों, स्टार्टअप की स्थापना से राज्य की विकास दर में तेजी आयेगी। इंडस्ट्री एशोसियेशन के पंकज गुप्ता ने भी एमओयू हस्ताक्षरित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि इन्वेस्ट इण्डिया भारत सरकार की आधिकारिक निवेश प्रोत्साहन एवं फैसिलिटेशन एजेन्सी है। भारत सरकार के ‘‘मेक इन इण्डिया’’ कार्यक्रम के अन्तर्गत निवेशकों को ‘‘हैण्डहोल्डिंग’’ सहयोग प्रदान करने के लिये इसे प्रथम सम्पर्क बिन्दु के रूप में स्थापित किया गया है। इन्वेस्ट इण्डिया राज्यों को निवेश प्रोत्साहन के साथ-साथ स्टार्टअप नीति निर्माण एवं क्रियान्वयन में भी एक विशेषज्ञ संस्था के रूप में सहयोग कर रही है। राज्य की स्टार्टअप नीति के सफल क्रियान्वयन, ‘इक्यूवेशन सेंटर’ की स्थापना, मेंटर्स का चयन आदि कार्यों के सम्पादन हेतु राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग को सहयोग देने तथा अन्य राज्यों द्वारा स्टार्ट-अप के क्षेत्रों में अपनायी जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेस् केा अपनाने के उद्देश्य से इन्वेस्ट इण्डिया के साथ एमओयू सम्पादित किया गया है।

एसएसबी स्वयंसेवकों ने दिया धरना

देहरादून। एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि लंबे आंदोलन के बाद भी सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रही है, जिस कारण गुरिल्लाओं में रोष व्याप्त है। 
 
समिति के अध्यक्ष ब्रहमानंद डालाकोटी के नेतृत्व में एसएसबी स्वयंसेवक धरना स्थल पर इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने अपनी मांगों के समाधान के लिए प्रदर्शन कर धरना दिया। उनका कहना है कि एक शासनादेश के आधार पर स्वयं सेवकों को कुछ जनपदों में लोक निर्माण विभाग के मेट एवं बेलदार पदों पर नियुक्ति दी गई थी एसएसबी स्वयं सेवक सभी जनपदों में नियुक्ति की मांग कर रहे थे किन्तु इस बीच लोक निर्माण विभाग ने कई जनपदों में कार्य में लगे गुरिल्लों को हटा दिया तथा जो कार्य पर लगे है उन्हें न तो पूरा मानदेय दिया जा रहा है। प्रमुख अभियंता ने कार्यवाही करने का भरोसा दिया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। 

जंगली जानवरों को शहर में घुसने से रोकेगी फौलादी दीवार

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार जंगली जानवरों और मानव के बीच बढ़ रहे संघर्षों पर अब सरकार 2 बड़े रेस्क्यू सेंटर बनाने जा रही है। राज्य सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय कोटद्वार और हल्द्वानी में यह रेस्क्यू सेंटर बनाएगा। यहां घायल हो चुके जंगली जानवरों का इलाज होगा। वहीं, राज्य में तेजी से बढ़ रहे बंदरों पर अंकुश लगाने के लिए भी कई तरह के प्रयास इस रेस्क्यू सेंटर में किए जाएंगे। उत्तराखंड सरकार में वन मंत्री हरक सिंह रावत का कहना है कि पहाड़ी राज्य होने के कारण प्रदेश में लगातार जंगली जानवर और मानव के बीच संघर्ष की घटनाएं होती हैं जिसके बाद अब सरकार यह फैसला लेने जा रही है।

उन्होंने कहा कि देश में किसी भी राज्य में इतना मुआवजा नहीं दिया जाता होगा जितना मुआवजा अब राज्य सरकार घायल मृतक और नुकसान खेती का देगी। हरक सिंह रावत की मानें तो राज्य सरकार जंगली जानवरों को आबादी में घुसने से रोकने के लिए अब राजाजी नेशनल पार्क, कॉर्बेट नेशनल पार्क और दूसरे जंगलों की सीमाओं पर ऐसी दीवार बनाने जा रही है जिससे ना तो हाथी गांव के अंदर दाखिल हो पाएंगे और ना ही दूसरे जंगली जानवर। मंत्री हरक सिंह रावत की मानें तो इस ओर जल्दी ही राज्य सरकार कदम बढ़ाने जा रही है। इतना ही नहीं राज्य सरकार लोगों की हिफाजत के लिए भी कई तरह के प्रयास कर रही है। बता दें कि साल में सैकड़ों लोग जंगली जानवरों का निवाला बन जाते हैं तो वहीं किसानों की खेती को भी बंदर और जंगली सूअर भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाते हैं जिसके बाद लगातार किसानों और ग्रामीण लोगों के निशाने पर वन विभाग के लोग रहते हैं।

सीपीयू ने कार चालक को लात-घूसों से पीटा

देहरादून। उत्तराखण्ड के चंद जनपदों में सीपीयू के चंद जवान आवाम के साथ बार-बार गुण्डागर्दी करते हुए नजर आ रहे हैं जिससे पुलिस का मित्रता, सेवा, सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड रही हैं। गजब बात तो यह है कि चार बडे जनपदों में तो पुलिस मुख्यालय ने सीपीयू तैनात की हुई है लेकिन पिथौरागढ़ जैसे जनपद में भी पुलिस कप्तान ने सीपीयू का गठन करने के लिए अपने कदम क्यों आगे बढाये यह काफी हैरान करने वाली बात है। बहस छिडी हुई है कि पुलिस मुख्यालय बडा है या फिर पिथौरागढ़ जनपद का पुलिस महकमा? पुलिस मुख्यालय से जब पिथौरागढ़ में सीपीयू को तैनात करने का कोई आदेश ही नहीं है तो फिर वहां पुलिस को काली वर्दी पहनाकर क्यों तैनात कर दिया गया। सीपीयू का एक जवान पिथौरागढ़ जैसे जनपद में सडक पर खुलेआम कार चालक के साथ गुण्डों की तरह गुण्डागर्दी करता हुआ दिखाई दिया और उसे लात-घूसों से वह फिल्मी अंदाज में इस कदर मार रहा था मानो पुलिस अफसरों ने इन सीपीयू कर्मियों को खुली छूट दे दी हो कि जो भी नियमों का उल्लंधन करेगा उसे बीच सडक में ही लात-घूसों से पिटें? पुलिस कप्तान को जब ‘क्राईम-स्टोरी’ ने गुण्डागर्दी की यह वीडियो दिखाई तो कप्तान ने तत्काल गुण्डागर्दी करने वाले सीपीयू कर्मी को निलम्बित कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार पुलिसकर्मियों को किसने यह हक दे दिया कि वह वाहन चालकों के साथ मारपीट कर उन्हें सडक पर अपमानित करें? गजब बात तो यह भी है कि प्रदेश की पुलिस मुखिया ऐसी घटनाओं पर क्यों खामोशी साधे हुए हैं यह एक बडा सवाल अब राज्य में खडा हो गया है।

 
उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय ने देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व उधमसिंहनगर में सीपीयू का गठन कर रखा है। देखने में आ रहा है कि चंद जनपदों में अकसर कुछ सीपीयू कर्मी वाहन चालकों के साथ अभद्रता और मारपीट करने के लिए आगे आ जाते हैं जिससे सीपीयू के खिलाफ आवाम के मन में एक बडी नाराजगी देखने को मिलती रही है। सीपीयू कर्मियों के पूर्व में हुए किस्से अभी शांत भी नहीं हुए थे कि कुमांऊ के पिथौरागढ़ जैसे शांत जनपद में भी सीपीयू कर्मी की सडक पर खुलेआम गुण्डागर्दी देखने को मिली। हुआ यूं कि एक कार चालक ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया तो सीपीयू कर्मियों ने पीछा कर कार को घेर लिया और उसके बाद एक सीपीयू कर्मी ने उस कार चालक को बाहर निकाला और उस पर लात-घूसे गुण्डों की तरह मारने शुरू कर दिये। खुलेआम सडक पर सीपीयू की इस गुण्डागर्दी को देखकर बाजार के व्यापारी व लोग भी हैरत में पड गये कि आखिरकार पुलिस को किसने अधिकार दे दिया कि वह खुद सडकों पर अपने आपको जज समझकर किसी को भी सजा सुनाने के लिए आगे आ जायें। इस सीपीयू की गुण्डागर्दी की गूंज पुलिस कप्तान अजय जोशी के पास पहुंची तो उन्होंने सीपीयू कर्मी को लाइन हाजिर कर दिया लेकिन आज जब ‘क्राईम-स्टोरी’ ने पुलिस कप्तान को यह वीडियो दिखाया तो वह भी हैरान रह गये कि किस तरह से पुलिसकर्मी वाहन चालक को सरेआम सडक पर पीट रहा है। कप्तान ने तत्काल गुण्डागर्दी करने वाले सीपीयू कर्मी सोनू कार्की को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया। सवाल यह है कि आखिरकार पिथौरागढ़ जैसे जनपद में जहां यातायात का कोई दबाव ही नहीं है तो वहां सीपीयू को तैनात करने का औचित्य क्या है? बहस इस बात को लेकर भी छिडी हुई है कि अगर यातायात पुलिसकर्मी यातायात सुधारने के लायक ही नहीं है तो फिर यातायात महकमें को ही खत्म कर सीपीयू फोर्स को शासन से हरी झण्डी दिला देनी चाहिए जिससे कि हर जिले में सीपीयू के जवान ही यातायात सुधारने के लिए काली वर्दी में तैनात दिखें।
 

छोटी दीपावली में भी सरकार पर गरजी आशाये

देहराूदन। वेतन भुगतान सहित अनेक मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उनका कहना है कि सरकार की जन विरोधी नीतियों का पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा। उनका कहना है कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि अब आर पार की लड़ाई लडी जायेगी। उनका कहना है कि दिल्ली में भी आंदोलन की शुरूआत की जायेगी और इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी। वहीं आशाओं ने छोटी दीपावली पर गरजते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।

 
यहां धरना स्थल पर उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की अध्यक्ष शिवा दूबे के नेतृत्व में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते कर धरना दिया और कार्यकर्ति्रयों ने कहा कि सरकार उनके हितों के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि सरकार के रवैये से वह नाराज है और राजधानी में शीघ्र ही भूख हड़ताल शुरू कर दी जायेगी। उनका कहना है कि अब सरकार के खिलाफ आर पार की लडाई लडी जायेगी। उनका कहना है कि इसके लिए जल्द ही रणनीति तैयार की जायेगी। उनका कहना है कि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जायेगा।
 
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जायेगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अन्य स्कीम वर्करों की भांति आशाओं को भी न्यूनतम वेतन व मानदेय दिया जाना चाहिए, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है। वक्ताओं का कहना है कि सन 2012-13, 2013-14, 2015-16, 2016-17 चारों की पांच हजार रूपये प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि को एक मुश्त भुगतान अविलंब किया जाये। उनका कहना है कि सरकार अभी तक इस दिशा में गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि आशा कार्यकर्ति्रयों को बोनस का भुगतान तत्काल प्रभाव से किया जाये और 45वें श्रम सम्मेलन के फैसले के अनुसा आशा कार्यकर्ति्रयों को कर्मकार घोषित किया और वर्तमान समय में बढती हुई महंगाई को देखते उनके भत्तों में महंगाई के अनुरूप बढोत्तरी की जाये। उनका कहना है कि पूर्व में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य महानिदेशक को अवगत कराये जाने के बाद भी आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है जिससे उनमें रोष बना हुआ है।
उनका कहना है कि उनके हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि लगातार उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि लगातार उनके हितों की अनदेखी की जा रही है जिसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इस अवसर पर अनेक आशाये मौजूद थी।

आपातकालीन सेवा 108 के फील्ड कर्मचारियों की दीवाली काली्

देहरादून। उत्तराखंड राज्य में चल रही आपातकालीन सेवा 108 के फील्ड कर्मचारियों को विगत दो माह से वेतन न मिलने के कारण इन कर्मियो के परिवार वाले मायूस है उल्लेखनीय है कि 108 कर्मी दिन रात 24 घंटे जनपद के दूरस्थ इलाको के लोगो को समय पर अस्पताल में उचित उपचार देते हुए पहुचा ने का काम करते है परंतु 108 चलाने वाली भ्रस्ट कंपनी जीवीके विगत नौ वर्षो से इन कर्मियो का शोषण करती आ रही है।
 
यहां मिली जानकारी के अनुसार विगत 5 महीने से ये कर्मियो के वेतन के लिए बजट का रोना रो रही थी परंतु विगत माह सरकार द्वारा 6 करोड़ का बजट दिया गया परंतु कम्पनी द्वारा कर्मियो को 3 माह का वेतन देकर इतिश्री कर दी गयी जबकि वर्तमान में इन कर्मियो का 2 माह का वेतन बकाया हो गया है यही नहीं गत वर्ष नवम्बर माह से इनके बिलो का भी भुगतान नहीं हुआ है और मार्च माह के बाद इनका ई पी एफ व ईएसआईसी काटा तो जा रहा है पर वह जमा नहीं किया जा रहा और अप्रैल माह से सालाना वेतन वृद्धि का एरिअर भी नहीं दिया गया है।
 
मिली जानकारी के अनुसार पूरे राज्य में 108 सेवा के 138 वाहन एक बोट व 90 खुशियो की सवारी के वाहन है जिनमे 750 लोग कार्यरत है विकट भौगोलिक परिस्थितियों में न्यूनतम वेतन पर कार्य कर रहे यह कर्मी कम्पनी के इस रवैये से काफी आक्रोशित है परंतु लोगो की परेशानियो को ध्यान में रखते हुए यह चुपचाप अपने कार्य में लगे है। वहीं दूसरी ओर एक तरफ जहा हर सरकारी, अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों को दीवाली पर 7वे वेतनमान तथा बोनस दिया जा रहा है वही ये कर्मी 10 से 12 हजार में आज भी दिन रात लगे है और वह न्यूनतम राशि भी कंपनी द्वारा विगत 2 माह से रोकी हुई है। इन कर्मियो की स्थिति देखकर यह लगता है की हमारे उत्तराखंड आंदोलन में शहीद होने वाले आंदोलनकारियो ने क्या ऐसे उत्तराखंड की परिकल्पना की थी जिस राज्य में उसी के नौजवान दिन रात मेहनत करके भी शोषित हो रहे हो जबकि अन्य सरकारी कर्मचारी बात बात पर हड़तालों की चेतावनी देकर अपनी मांगे मनवाते हो परंतु ये कर्मी जनता को असुविधा न हो सिर्फ इसलिए चुपचाप काली दीवाली मनाने को मजबूर है।
 

दीपावली पर मुस्तैद रहेगी फायर सर्विस

देहरादून। हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार दीपावली का पर्व आज मनाया जायेगा । यह त्यौहार हर्षोंल्लास के साथ-साथ अग्नि की दृष्टि से संवेदनशील है। इस वर्ष फायर सर्विस के साथ सिविल डिफेंस के कार्यकर्ता कंधे से कधा मिलाकर खड़े हैं। अग्निशमन विभाग ने भी दीपावली पर पूरी तरह से मुस्तैद होने का निर्णय लिया और इसके लिए सभी की तैनाती कर दी गई है।
यहां जानकारी देते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी एस के राणा ने बताया कि देहरादून नगर क्षेत्र के आठ स्थानों पर दिलाराम बाजार , घण्टाघर, प्रेमनगर धर्मपुर, कोतवाली , सहस्त्रधारा कासिंग , सहारनपुर चौक एवं पीपल मण्डी पर अग्निशमन वाहन मय यूनिट के नियुक्त रहेगे । त्यौहारों पर अधिक भीड़-भाड़ होने के कारण शहर में जाम लग जाता है अत: समय की महत्ता देखते हुए अग्नि दुर्घटना की सूचना पर निकटतम स्थान पर तैनात फायर यूनिट त्वरित रिस्पाण्ड करेगी । उनका कहना है कि 1160 आतिशबाजी के लाईसेसों की संस्तुति अग्निशमन विभाग द्वारा की गई है , जिसमें केवल देहरादून नगर क्षेत्र के ही 734 आतिशबाजी लाईसेंसों की संस्तुति की गई है ।
उनका कहना है कि पूर्व में ही जल संस्थान के साथ मिलकर नगर क्षेत्र के पानी प्राप्त करने हेतु बने आउटलेट वाल्वों का निरीक्षण कर लिया गया है , एवं उनकी कमियों को दूर कर लिया गया है । अग्नि शमन विभाग के वाहन इन आउटलेट वाल्यों से किसी भी समय पानी प्राप्त कर सकता है ।
उनका कहना है कि इसी प्रकार फायर स्टेशन मसूरी के अन्तर्गत अग्निशमन वाहन मय यूनिट लण्डौर चौक एवं लाईब्रेरी चौक , फायर स्टेशन विकासनगर के अन्तर्गत हरबर्टपुर चौक , विकासनगर बाजार फायर स्टेशन सेलाकुई से सहसपुर बाजार , सेलाकुई बाजार तथा फायर स्टेशन ऋषिकेश से क्षेत्र रोड , ढाल चौक तथा एक डोईवाला में नियुक्त रहेगा ।
राणा ने बताया कि दीपावली पर आग का मुख्य कारण लापरवाही से आतिशबाजी का प्रयोग होना है । इसके अतिरिक्त जब दीपक या मोमबत्ती की जलता हुया छोडा जाता है तो उससे भी आग की सम्भावना बनी रहती है । इस अवसर पर इन सावधानियों का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक हैं। वर्तमान में अधिक से अधिक जनशक्ति फायर स्टेशनों पर रखी गई है।

राज्यपाल से मुलाकात कर दी दीपावली की शुभकामनाएं

देहरादून। वित्त मंत्री प्रकाश पन्त ने राजभवन पहुंच कर राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल से श्ष्टिाचार भेंट की।  पंत ने मुलाकात कर राज्यपाल को दीपावली की शुभकामनाएं दी। 
उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के सदस्य जयदेव सिंह, यू-कोस्ट के निदेशक डा$ राजेंद्र डोभाल सहित पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्यपाल को दीपावली की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने भी दीपावली पर समस्त प्रदेश वासियों को अपने संदेश के माध्यम से शुभकामनायें दी। 
 

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