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सिद्वबली मन्दिर में चोरी करते चोर को रंगे हाथों पकडा

कोटद्वार। सिद्वबली मन्दिर में दिन दहाडे पटेल मार्ग निवासी इसरार अहमद को चॉदी की प्लेट को चोरी करके ले जाते मन्दिर कर्मचारीयो ने उसे रंगे हाथों पकड लिया। दिन के समय सिद्वबली मन्दिर में इसरार अहमद ने मौके देख कर ३५०० हजार रुपये लगभग की चॉदी की प्लेट को लेकर जा रहा था। जब उसे कर्मचारीयें ने रोकने की कोशिश की तो वह भागना लगा । जब से पकडा तो तलासी लेने पर उसके पास से चॉदी प्लेट वा पेचकश प्लास बारमद हुवें। चोर को पुलिस क ेहवाले कर दिया । वही पुलिस ने मन्दिर प्रबन्धक शैलेश जोशी के तहरीर पर मुकदमा कायम कर दिया गया है।

सत्ता के मद में चूर छात्र नेताओं की शहर में गुण्डागर्दी

देहरादून।  देर रात छात्रों ने दल बल के सहारे खाने पीने के बाद ठेली वाले की ही पिटाई कर डाली। दुस्साहस यहां तक बढा कि बीच बचाव करने आए पुलिसवालों को भी छठी का दूध याद दिला दिया। फिलहाल हंगामा करने वाले अधिकांश छात्र सलाखों के पीछे हैं और इनकी गुंडागर्दी पर पर्दा डालने वाले भी इनकी पैरवी करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 
 
कल देर रात फास्ट फूड की ठेली पर खाना खाने के बाद मारपीट करने वाले पांच और छात्र नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन छात्रों ने शंाति बनाने के लिए आए पुलिसकर्मियों की भी जमकर धुनाई कर दी थी जिस पर देर रात तक पुलिस ने इन लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दीं। इनमें एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष को तो रात ही गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अन्य चार आरोपियों को सुबह होने तक पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी। वहीं छात्रों की पैरवी को कई नेताओं के फोन कोतवाली मेंं घनघनाते रहे।
 
दून में काबू से बाहर हो रहे छात्र नेताओं को अब खाने के लिए मुफ्त की सेवा चाहिए। कल एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष संदीप कुमार अपने कुछ साथियों के साथ चकराता रोड स्थित बंगाली फास्ट फूट कार्नर में पहुंचे थे। यहां खाना खाने के बाद पैसों को लेकर छात्रों ने दुकानदार की पिटाई कर दी। शिकायत करने पर दो सिपाही मौके पर पहुंचे तो इन्हें भी छात्र नेताओं ने जमकर पीट डाला। पुलिस अधिकारियों को अपने ही सिपाहियों के पिटने की खबर मिली तो आरोपियो की तलाश में दबिशों का दौर शुरू हो गया। पूरी रात पुलिस एवं छात्रों के बीच लुका छिपी का खेल चलता रहा। दबिश देते हुए पुलिस ने संदीप कुमार को तो रात में ही धर दबोचा जबकि आज सुबह संदीप के अन्य साथियों मोहित रावत, ऋषभ जैन, बिरेंद्र एवं दिनेश को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मारपीट में शामिल आठ अन्य छात्रों की तलाश में दबिशों का दौर जारी है।
 
उधर छात्रों की इस गुंडागर्दी के समर्थन में कई नेताओं की पैरवी भी सामने आई। पूरी रात कोतवाली पुलिस इन नेताओं के फोनों से जूझती रही। हालांकि मौके की नजाकत एवं दून में हो रही पुलिस की फजीहत को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने किसी भी प्रकार की रियायत नहीं बरती और आरोपियों की धर पकड़ जारी रखी। बंगाली फास्ट फूड कार्नर के मालिक की ओर से एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गयी है।
 

हिमालयी क्षेत्रों में बर्फवारी शुरू

उत्तरकाशी। पहाडों में पीछले दिनों सेे मंडरा रहे बदलों के बाद अब  उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फवारी शुरू हो गई जबकी मैदानों में झमाझम बारिश शुरू हो गई ।
गंगोत्री व यमुनोत्री मौसम के पहले हिमपात से निचले इलाकों में ठिठुरन  बढने लगी तो निचले इलाकों में जहां कास्तकरों के चेहरों पर मुस्कान लौटने लगी वहीं धूल से भी लोगों को  निजात ेिमलेगी है।
 
 

Gangotri

 
सितम्बर माह के अन्तिम सप्ताह के बाद बुधवार की सुबह को मौसम की पहली वारिश और बर्फवारी से सेब उत्पादकों के चेहरों पर मुस्कान लौटने लगी है, वहीं कोरी ठंड से नाक, कान, गले और सर्दी जुकाम सहित वायरल फीवर से लोगों को राहत मिल सकेगी। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो पश्चिमी विक्षोब के चलते अगले ४८ घंटेों तक संम्पूर्ण उत्तर उत्तराखण्ड मे झमाझम वारिश तो उपरी क्षेत्रों मे हिमपात के आसार बताये गये हैं। इधर जिले के गंगोत्री, हर्षिल, जांगला,मुखवा,डोडीताल, संगम चटटी, दयारा, यमनोत्री जानकी चटटी, हरकी दून, फते पर्वत व सरबडियार जैसे उपरी क्षेत्रों मे हिमपात शुरु हो गया वहीं । गौरतलव हे कि गंगोत्री - यमुनोत्री में कडी ठंठ के कारण इस वर्ष यात्रियों के संख्या में भारी गिरावट आई है यूं तो जिलें ३ अगस्त को आई आपदा के चलते दोनों धामों  श्रद्वालुओं में भारी गिरावट आई लेकिन इस वर्ष समय से पहले कडाके की ठंठ के कारण चार धसम यात्रा में भारी रूकावट आई है। 

एक का तीन करने का इरादा था नकली नोट बनाने वालों का

देहरादून। नकली नोटों की खेप यदि बाजार में पहुुंच जाती तो क्या होता है ना, शायद  यही आप भी सोच रहे होंगे लेकिन यह सोचने वाली तो है ही।  राजधानी पुलिस की गिरफ्त में आए नकली नोट छापने के दो आरोपियों ने पुलिस के सामने खुलासा किया है कि उनका इरादा एक का तीन करने का था। यानि एक लाख रुपये के असली नोटों के बदले मार्केट में तीन लाख रुपये के नकली नोट भेजे जाने थे। इस काम के लिए जालसाजों की कुछ दलालों से भी बातचीत चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही उनका राज खुल गया। सबसे अधिक सोचने वाली बात इसमें यह है कि पुलिस ने इनको कहां से पकड़ा और किस समय पकड़ा। इसके बाद पुलिस ने पूरी कहानी ही क्यो बदल दी।
 
एसपी सिटी दिलीप सिंह कुंवर ने मंगलवार को पटेलनगर थाने में पत्रकार वार्ता में बताया कि आरोपियों की पहचान आशीष दास निवासी कैनाल रोड एवं अंकुर निवासी झंडा बाजार, हनुमान चौक के रूप में हुई है। आशीष प्रापर्टी ब्रोकर का काम करता है जबकि अंकुर की हनुमान चौक पर परचून की दुकान है। पुलिस ने बताया कि दोनों एक दूसरे को लगभग तीन साल पहले से जानते हैं। इस बीच ही दोनों में दोस्ती हो गई। एसपी सिटी के मुताबिक आशीष के कहने पर अंकुर उसके साथ इस काम में शामिल होने के लिए राजी हुआ। दोनों ने आशीष के कैनाल रोड स्थित मकान में स्कैनर व प्रिंटर के जरिये पौने दो लाख के 50 रुपये के नकली नोट छापे। अंकुर ने बताया कि 50 का नोट चूंकि आसानी से स्कैन हो जाता है और इसमें बहुत ज्यादा अंतर पता नहीं चलता इसलिए 50 का नोट इस काम के लिए चुना गया। आरोपियों के मुताबिक उन्होंने लालच में आकर यह काम किया। एसपी सिटी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी कुछ दलालों से बातचीत चल रही थी। कोशिश थी कि एक लाख के असली नोटों के बदले तीन लाख के नकली नोट बाजार में सप्लाई किए जाएं। पुलिस के मुताबिक अंकुर व आशीष दोनों इंटर पास हैं।
 
लगभग एक माह पहले पुलिस के हाथ पचास रुपये का नकली नोट आया था। पुलिस तभी से आरोपियों के पीछे लग गई। बताया गया कि पुलिस ने कई बार इन लोगों से संपर्क की कोशिश की, लेकिन यह हर बार गच्चा दे गए। इस बार इनमें से एक को पुलिस ने लक्ष्मण चौक से दबोच लिया। वहीं से दूसरा भी गिरफ्त में आया। पुलिस के मुताबिक अंकुर अपनी दुकान से ही नकली नोट बाजार में भी भेज रहा था। चूंकि दुकान में कई ग्राहक आते हैं ऐसे में पैसा लौटाते वक्त वह नकली नोट भी दे देता था।
 
नकली नोटों का मामला सामने आने के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो भी सक्रिय हो गया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के बारे में आइबी जानकारी जुटा रही है। पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के तार कहीं देश के दुश्मनों से तो नहीं जुड़े हैं।
 
बरामद नोटों में सिक्योरिटी धागा नहीं था। इसके अलावा बायीं तरफ सफेद भाग में गांधीजी का छायाचित्र भी नहीं है। नोटों की कटिंग भी एक साइज की नहीं है। आरोपी आशीष के कैनाल रोड स्थित निर्माणाधीन मकान से पुलिस ने तीन स्कैनर व अन्य सामान भी बरामद किया है।
 

एक दर्जन पक्षी झील में समाएं

नैनीताल।  ठंडी सडक़ में शनिवार को शनि मंदिर के समीप समूह में उड़ान भर रहे एक दर्जन पक्षी दिशा भ्रम के कारण झील में समा गए। पक्षियों की सामूहिक मौत के बाद वहां पहुंचे वर्ड वाचर व वन विभाग के कर्मियों ने शवों को झील से निकाल कर चिडिय़ाघर पहुंचाया। वहां उनका पोस्टमार्टम कर उन्हें दफनाया गया। इन पक्षियों को स्थानीय भाषा में श्वेतकंठ चिलचिल पक्षी बोला जाता है।
 
वन विभाग अधिकारियों व पक्षी विशेषज्ञों के मुताबिक दिशा भ्रम के कारण पक्षियों की मौत पानी में डूबने से हुई। शनिवार तडक़े मल्लीताल से उडक़र आ रहे ह्वाइट थ्रोटेट लाफिंग थ्रस (श्वेतकंठ चिलचिल) पक्षियों का एक झुंड ठंडी सडक़ के पास से गुजर रहा था। झुंड का एक समूह झील को मैदान समझकर नीचे उड़ान भर गया और करीब एक दर्जन पक्षियों की जल समाधि बन गई। सुबह घूमने वाले लोगों ने जब झील में मरे पक्षियों को देखा तो इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों व वर्ड वाचरों को दी। देखते-देखते वहां लोगों की भीड़ लग गई। इन पक्षियों को झील से निकालकर चिडिय़ाघर ले जाया गया। वहां वर्ड वाचर अनूप साह व वन क्षेत्राधिकारी केसी सुयाल ने पक्षियों का परीक्षण किया। इस दौरान डीएफओ डॉ. पराग मधुकर धकाते भी मौजूद थे। बाद में जू के चिकित्सक डॉ. एलके सनवाल ने पक्षियों का पोस्टमार्टम कर उन्हें दफना दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पक्षियों की मौत की पुष्टि पानी में डूबने से हुई।
 
दक्षिणी वृत्त वन संरक्षक कपिल जोशी ने बताया कि लाफिंग थ्रस पक्षी दिशा भ्रम के कारण ही झील में डूब गए। वन अधिकारियों को मौके पर भेज कर उनका पोस्टमार्टम कराया गया। मौत की पुष्टि भय व डूबने से हुई। पक्षी विशेषज्ञों से भी जांच कराई जाएगी।
 
वर्ड वाचर व प्रसिद्ध चित्रकार अनूप साह ने आरएनएस को बताया कि श्वेतकंठ चिलचिल पक्षी का वैज्ञानिक नाम ह्वाइट थ्रोटेट लाफिंग थ्रस है। नैनीताल में यह बहुतायत पाई जाती है। हिमालय क्षेत्र के छह हजार फुट से दस हजार फुट की ऊंचाई में इनके आवास होते हैं। निचली उड़ान व चहचहाने में हंसी की आवाज आना इस पक्षी की खास विशेषता है। इसके गले पर सफेद रंग होता है और गहरे भूरे रंग के पंख होते हैं।
 

कार्बेट पार्क खुले: देशी विदेशी पर्यटकों का लगा मेला

रामनगर।  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्बेट पार्क में पहले दिन ही देसी-विदेशी पर्यटकों ने बड़ी तादाद में उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान बिजरानी में सायं की सफारी का कोटा पैक रहा तो झिरना में खासी तादाद में पर्यटक पहुंचे।
 
सुप्रीम कोर्ट के देश के सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने के बाद वन्यजीवों को स्वच्छंद रूप से विचरण करता देखने आने वाले पर्यटक काफी मायूस थे। कोर्ट के पाबंदी हटाने पर शुक्रवार को कार्बेट के बिजरानी व झिरना क्षेत्र को पार्क प्रशासन के पर्यटन के लिए खोलने के निर्णय के बाद शनिवार सुबह वहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पार्क प्रशासन के अनुसार सुबह की पाली में बिजरानी के लिए निर्धारित 30 सफारी में 18 और झिरना में सिर्फ दो जिप्सियां पार्क में गई। सायं की सफारी में बिजरानी में कोटा पूरी तरह पैक हो गया। वहां सायं को 30 व झिरना में सात जिप्सियां पर्यटकों को लेकर पार्क में पहुंचीं। इन पर्यटकों में दिल्ली, मुंबई व बंगलूरू के साथ फ्रांस, आस्ट्रेलिया, अमेरिका, इटली, डेनमार्क, चेकोस्लोवाकिया व ब्रिटेन से भी पर्यटक पहुंचे। प्रवेश द्वारों पर जांच के बाद ही उन्हें पार्क में प्रवेश करने दिया गया। पार्क के खुलने के पहले दिन वेबसाइट दुरुस्त न होने से फिलहाल यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को रिसेप्शन से सीधे परमिट जारी किए गए।
 
पहले दिन पर्यटकों के लिए पार्क में घूमने का मौका मिलना किसी सरप्राइज से कम नहीं था। पर्यटकों ने बताया कि उनमें अधिकांश तो नैनीताल व आसपास के क्षेत्रों में घूमने के इरादे से आए थे, मगर मीडिया से उन्हें पार्क के खुलने की जानकारी मिलते ही वे तय कार्यक्रमों को छोड़ कर पार्क की ओर रुख कर बैठे। कार्बेट पहुंचे सचिन, अविनेश, मिहिर मेहता, मोनिका, भुवन, सुमित व गौरव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की रोक से वे निराश हो गए थे, मगर अब प्रतिबंध हटने से वे काफी रोमांचित हैं। फ्रांस के विगनास जीन, डैनियल, अमेरिका के रोनांड, हैरी ने बताया कि वे भारत में लंबे समय से पर्यटन क्षेत्रों में घूम रहे हैं। वे टाइगर देखने की लालसा से राजस्थान के रणथम्बौर भी गए, मगर वहां भी पर्यटन बंद होने से वे काफी निराश हुए। शुक्रवार को रामनगर पहुंचते ही उनको पार्क में प्रवेश करने का मौका मिलना उनके लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है।
 
पार्क वार्डन एससी उपाध्याय ने आरएनएस को बताया कि बिजरानी में अभी तमाम क्षेत्रों में मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। इससे पर्यटक पहले दिन मुख्य सडक़ तक ही सीमित रहे। बजट आवंटित होते ही वह सडक़ों की मरम्मत का काम शुरू कर देंगे।
 
लगभग तीन माह से बेरोजगार घूम रहे टैक्सी चालक व टूरिस्ट गाइड पार्क में पर्यटन खुलने व पहले दिन ही बड़ी तादाद में पर्यटकों के पहुंचने से काफी खुश नजर आए। उनका कहना था कि पर्यटन शुरू होने से वह अब कम से कम त्योहार तो ढंग से मना सकेंगे।
पहले दिन बिजरानी व झिरना में पहुंचे पर्यटकों को हिरन व हाथियों समेत तमाम वन्यजीव तो स्वच्छंद रूप से विचरण करते दिखे, मगर जंगल के राजा बाघ के उन्हें कहीं भी दर्शन नहीं हुए। इससे बाघ देखने का मन बना कर पार्क में पहुंचे पर्यटक मायूस हुए।
 

गढ़वाल विवि से संबद्ध 12 निजी बीएड कॉलेजों की मान्यता खत्म

श्रीनगर गढ़वाल । गढ़वाल विवि से संबद्ध 12 निजी बीएड कॉलेजों की मान्यता का रिन्यूवल विवि ने नहीं किया है। अब इनकी मान्यता विवि से खत्म हो गई है, लेकिन यह कॉलेज एनसीटीई से संबद्धता और मान्यता प्राप्त हैं।
 
विवि के कुलसचिव डॉ. उदय सिंह रावत ने आरएनएस को बताया कि जिन कॉलेजों को रिन्यूवल नहीं मिला है, उनकी जांच के लिए 18 अक्टूबर 2011 को निरीक्षण कमेटियां गठित की थीं, लेकिन इन कॉलेजों ने निरीक्षण नहीं करवाया। इन 12 कॉलेजों में बीएड की कुल 1300 सीटें हैं। इन कॉलेजों के नाम हैं इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोग्रेसिव स्टडीज, शिकारपुर रुडक़ी, मजिरा देवी शिक्षण संस्थान हिटाणु धनारी उत्तरकाशी, डॉ. सुशीला तिवारी कॉलेज भगवानपुर, द्रोणाज कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, देहरादून, नवचेतना कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन देहरादून, अरिहंत कॉलेज रुडक़ी, हिमालय दून एकेडमी भगवानपुर, कुकरेजा इंस्टीट्यूट देहरादून, दून वैली कॉलेज देहरादून, ट्रीनिटी कॉलेज देहरादून, संस्कृति इंस्टीट्यूट रुडक़ी, सृष्टि इंस्टीट्यूट रुडक़ी।
 
गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध 47 निजी बीएड और स्ववित्त पोषित बीएड महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम के लिए मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। विवि की कट ऑफ मेरिट में सामान्य और पिछड़े वर्ग के अभ्यार्थियों के प्रत्येक प्रश्नपत्र में पृथक-पृथक 80-80 अंक होने चाहिए। जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यार्थियों के लिए यह सीमा 54-54 अंक है। कुलसचिव डॉ. उदय रावत ने कहा कि सभी निजी बीएड संस्थानों को 20 नवंबर तक प्रवेश कार्य पूर्ण कर लेने हैं। अभ्यर्थियों की सूची 30 नवंबर तक विवि से अनुमोदित करवानी होगी। 
 

मठाई के साथ डिब्बा तौलने पर पहली बार दस हजार जुर्माना और दूसरी बार एक साल की सजा

देहरादून। त्यौहारी सीजन के चलते जहां मिठाईयों की मांग बढ़ी है तो वही सूचना आयुक्त ने मिठाई विक्रेेताओं द्वारा की जा रही धांधली पर सख्त रवैया अपनाना भी शुरू कर दिया है। हाल ही में एक अपील की सुनवाई में सूचना आयुक्त विनोद नौटियाल ने खाद्य सचिव सचिव से  जिला पूर्ति अधिकारियों को अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देने की अपील की है। उनके मुताबिक सुनवाई में पाया गया कि जानकारी के अभाव में दुकानदार मिठाई के साथ डिब्बा भी तौल रहे हैं। जो विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 30 के अनुसार कानूनन अपराध है । 
 
दरअसल राजधानी में जिस तरह से मिठाइयों की मांग बढ़ी है उसके मुताबिक मिष्ठान विक्रेताओं ने अपनी मनमानी भी शुरू कर दी है। इसके तहत वह मिठाईयों के साथ डिब्बा भी तोल देते है। यानि कि ग्राहको को खुलेआम लूटा जा रहा है। ऐसे में एक सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त ने इस बात की पुष्टि की है कि मिष्ठान विक्रेताओं द्वारा खुलेआम विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 30 के नियमों का उल्लघंन किया जा रहा है और उन्होने खाद्य सचिव सचिव से  जिला पूर्ति अधिकारियों को अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देने की अपील की है। 
 
उनका मानना है कि जिस तरह से दुकानदार मिठाई के साथ डिब्बे का वजन  जोड़ रहे है। ऐसे करना विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 30 के अनुसार कानूनन अपराध है और संबंधित दुकानदार को दस हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। आरएनएस को मिली जानकारी के अनुसार यह सुनवाई सूचना आयोग ने बाजपुर, ऊधमसिंह नगर निवासी बल्देव कृष्ण गोयल की अपील पर की। जिसमें उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से मिठाई के साथ डिब्बा तौलने के संबंध में जानकारी मांगी थी। सही सूचना न मिलने पर मामला सूचना आयोग पहुंचा था। प्रकरण में सूचना आयुक्त विनोद नौटियाल ने खाद्य सचिव को पार्टी बनाते हुए उनसे यह जानकारी मांगी। खाद्य सचिव के उत्तर के बाद स्पष्ट हो गया कि मिठाई के साथ डिब्बा तौलने पर पहली बार दस हजार रुपये का जुर्माना और दोबारा पकड़े जाने पर एक साल की सजा व जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
 

देश के ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हमें न्यूक्लियर ऊर्जा पर भरोसा करना होगा : डा. अंसारी

देहरादून : देश के उप राष्ट्रपति डा. हामिद अंसारी ने कहा कि देश के ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हमें न्यूक्लियर ऊर्जा पर भरोसा करना होगा। देश की बढ़ती जनसंख्या के लिए ऊर्जा की मांग को देखते हुए वैकल्पिेक ऊर्जा के रूप में नाभिकीय ऊर्जा का उत्पादन को प्राथमिकता दी जानी होगी। 

दून स्कूल के 77 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्कूल के छात्रों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिये मजबूत विपक्ष व मजबूत सरकार होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में आर्थिक सुधारों की उपेक्षा नहीं की जा सकती। विश्वव्यापी मंदी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ना स्वाभाविक है। शिक्षा के अधिकार को बुनियादी मानवाधिकार बताते हुए उप राष्ट्रपति ने इसके बेहतर क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा को भी राष्ट्रीय सुरक्षा व पर्यावरण सुरक्षा के समान ही महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति को भोजन का अधिकार मिलना ही चाहिए। 

राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने कहा कि दून स्कूल ने सदैव मूल्य आधारित शिक्षा दी है। इस स्कूल ने सदैव सामाजिक व सामुदायिक सेवा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। दून स्कूल को राष्ट्रीय नेताओं की नर्सरी बताते हुए कहा कि इस संस्थान ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले असाधारण व्यक्तित्व दिये हैं। 
 
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि देहरादून की शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान है। यहां विद्यालयी शिक्षा प्रदान करने वाली अनेक विश्वस्तरीय संस्थाएं हैं। उन्होंने उŸाराखण्ड में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों की आवश्यकता पर भी बल देते हुए कहा कि उŸाराखण्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सामाजिक क्षेत्र में आगे आने वाली संस्थाओं का राज्य सरकार पूरा सहयोग करने को तत्पर है। देवभूमि उŸाराखण्ड पर प्रकृति की विशेष कृपा रही है। सरकार यहां के प्राकृतिक व धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास कर देश विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करने की दिशा में कार्य कर रही है। टिहरी झील क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है जिसमें केंद्र सरकार का भी सहयोग मिला है। सितारगंज में सिडकुल फेज-दो विकसित कर औद्योगिक विकास को तीव्र गति दी जाएगी।
इस अवसर पर दून स्कूल के बोर्ड आफ डायरेक्टर के चेयरमैन सरदार अनलजीत सिंह, प्राचार्य डा. पीटर, स्कूल के अध्यापकगण, छात्र-छात्राएं व अन्य विशिष्टगण उपस्थित थे। 
 

लोगों के घरों में घुस अपराधियों को खोज कर खानापूर्ति में जुटी मित्र पुलिस

देहरादून। लीजिए राजपुर पुलिस ने अपने क्षेत्र के सारे बदमाशों, अपराधियों एवं चोरों को जाखन चौकी में एक ही दिन में बंद कर दिया। अब यह अलग बात है कि कईयों को ठोक पीटने के बाद भी किसी भी पुरानी चोरी का खुलासा करने में एसएसपी की आंखो के तारे एसओ को सफलता नहीं मिल पाई। क्षेत्र में चलाए गए सत्यापन अभियान के तहत 'दबोचे' गए इन लोगों से कड़ी पूछताछ के बाद भी किसी चोरी को खोलने का प्रपंच मूर्त लेता नहीं दिखा। वहीं पुलिस के इस सत्यापन अभियान से क्षेत्र के लोग भी खासे नाराज दिखे। लोगों का कहना था कि पुलिस उनके घरों में ऐसे घुसी जैसे उनके घरों में ही राजपुर मे हुए अपराधों के कसूरवार छिपे हुए हों। वहीं दून विहार के लोग लंबे समय बाद अपनी कॉलोनी में पुलिस को देख कर उत्साहित दिखे। उनका कहना था कि ऐसा विलक्षण दृश्य कम ही देखने को मिलता है जब राजपुर पुलिस क्षेत्र में गश्त करने के लिए आती है।
 
आरएनएस को मिली जानकारी के अनुसार दून पुलिस के कुछ खास अधिकारियों की आंखों की तारा बनी राजपुर पुलिस ने अपने क्षेत्र में सत्यसापन अभियान चलाया। पिछले छ: महिने से दून की जनता को बदमाशों के हाथों लुटवा पिटवा कर दून पुलिस अब अपनी फजीहत मिटान के लिए सत्यापन कराने का ढोंग रचने में लग गयी है। राजपुर थाना पुलिस ने बुधवार की सुबह से ही क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाया और कुछ बिहारियों को पकड़ कर जाखन चौकी में बंद कर दिया। राजपुर पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र के लोगों में उपहास का केंद्र बनी रही, क्योंकि जिन लोगों को राजपुर पुलिस ने चौकी में उठा कर बंद किया उनमें अधिकांश लोग ठेकेदारों के साथ लंबे समय से काम करते आ रहे थे। पुलिस ने सत्यापन अभियान के तहत लोगों के घरों में दबिशें दी जिसका कुछ लोगों ने विरोध भी किया। बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए पुलिस ने लोगों को पंपलैट भी बांटे।
 
राजपुर में चोरियों की वारदातें भले ही न खुलें लेकिन पुलिस अब खाकी धौंस गरीबों एवं मेहनत मजदूरी करने वालों पर दिखाने में लग गयी है। राजधानी में अपराधों की अति होने के बाद अब सत्यापन की सुध हो आई हैै। रात ही रात पुलिस ने सत्यापन संबंधी पंपलैट भी छपवा लिए। बुधवार सुबह पुलिस ने राजपुर थाना क्षेत्र में अभियान चलाया जिसके तहत कई अस्थाई कॉलोनियों में रहने वाले मजदूरों को लाईन में खड़ा कर दिया गया। इनमें से अधिकांश लोग बिना सत्यापन के ही रह रहे थे। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई के बारे में लोगों का कहना था कि राजपुर सत्यापन तो कर रही है लेकिन शायद ही कोई दिन ऐसा रहा हो जब यहां थाना पुलिस की ओर से अपने स्तर पर कभ सत्यापन का कार्य किया गया हो। अधिकारियों केा गुमराह एवं अपना गुड वर्क दिखाने के लिए राजपुर ने कई बिहारी मजदूरों केा जाखन चौकी में बिठाए रखा। उधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर अलग-अलग थाना क्षेत्रों पर सत्यापन अभियान चलाया जाता रहा है। 
 
उधर दो दिन पूर्व नागल हटनाला में एक ही रात में तीन मकानों के ताले टूटने की घटना का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। यहां चोरों ने तीन मकानों के ताले तोडे थे जिनमें जब्बार हसन के घर से लगभग दो लाख रूपए के जेवरात चोरी कर  लिए गए थे। राजपुर क्षेत्र में ताबड़तोड़ चोरियों को रोक पाने में मुंह की खाए बैठी राजपुर ने दिखावे के तौर पर सत्यापन अभियान चलाया लेकिन तमाम प्रपंचों के बावजूद भी ऐसी किसी भी चोरी के प्रकरण का खुलासा करने में कामयाबी मिलने के आसार नहंी दिखे। राजपुर की जनता अभी भी बदमाशों की हरकतों एवं पुलिस की निष्क्रियता के चलते दहशत में देखी जा रही है। खासतौर पर ऐसे क्षेत्र जहां घरों में वरिष्ठ नागरिक रहते हैं या फिर ऐसे घर जो कि लंबे समय से बंद पड़े हुए हैं।
 

दून बंद का आगाज : एसएसपी को हटाने को दी चेतावनी

देहरादून। बदमाशों के हाथों में खेल रही राजधानी दून को गुरूवार को बंद कराने की तैयारियां चल रही है। दून की एसएसपी को हटाने सहित कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था के सवाल पर वकीलों एवं अन्य संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। पुष्पा सकलानी हत्याकांड में पुलिस के हाथ अब तक कुछ नहीं लग पाया है। वहीं वकीलों ने बुधवार को कार्य बहिष्कार किया और दून की एसएसपी को अगले चौबीस घंटों में हटाने की चेतावनी दी। इसके लिए बार एसोसिएशन की ओर से एक पत्र मुख्यमंत्री को भेजा गया है जिसमें कप्तान को न हटाने जाने की सूरत में १८ अक्टॅूबर को दून बंद करने की चेतावनी दी गयी है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं जिसके आधार पर बदमाशों की तलाश की जा रही है। फिलहाल हत्या में कोई पारिवारिक या पुराने विवाद की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस हर बिंदू से मामले की जांच कर रही है।
 
महज चौबीस घंटों में लूट एवं हत्या की दो वारदातों के बाद अब दून पुलिस के सभी पद महज शोपीस ही नजर आने लगे हैं। कोतवाली क्षेत्र पार्क रोड में हुए पुष्पा सकलानी हत्याकांड में दून पुलिस पूरी तरह से बैक फुट पर आ गयी है। वकीलों ने बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी सकलानी की पत्नी पुष्पा सकलानी की हत्या पर दुख जताया एवं कार्य से विरक्त रहे। बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष सुरेंद्र सिेंह पुंडीर की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है जिसमें दून की एसएसपी नीरू गर्ग को जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर लगाम कसने में पूरी तरह से नाकाम बताते हुए उन्हें अगले चौबीस घंटों में हटाने की मांग की गयी है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस चेतावनी पर अमल नहंी हुआ तो कल १८ अक्टूबर को दून बंद कराया  जाएगा। उधर आज सवेरे पुष्पा सकलानी का लक्खीबाग शमशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके गले की नस के कटने की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी वारदात का शिकार बने परिवार से मुलाकात की।
 
हत्याकांड के विरोध में बुधवार को सुबह से ही कचहरी में सन्नाटा पसरा रहा। वकीलों ने घटना के विरोध में मंगलवार को ही कार्य से विरक्त रहने का ऐलान कर दिया था। उधर कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले में अभी लकीर की फकीर ही बनी हुई है। ताबड़तोड़ अपराधों के बीच दून पुलिस से लोगों का भरोस पूरी तरह से उठ गया है। हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एसटीएफ, एसओजी एवं अन्य थानों की पुलिस को भी  लगाया गया है।
 

बाबा रामदेव ने सीबीआई पर किया पलटवार

हरिद्वार। बाबा रामदेव के गुरू स्वामी शंकर देव को लेकर रामदेव ने अब सीबीआई पर ही पलटवार कर दिया है। हालांकि यह पहले से ही अपेक्षित था कि वह ऐसा ही कुछ करेंगे लेकिन इन सब बयान बाजियों से फिलहाल उन्हेंं कोई लाभ मिलने वाला है नहीं। साफ तौर पर कांग्रेस सरकार ने इस बार ऐसा जाल बाबा रामदेव पर फेंका है जिससे बच पाने में बाबा रामदेव को कई घाव लग सकते हैं। वहीं पांच साल से लापता बाबा रामदेव के गुरु स्वामी शंकर देव को ढूंढने के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद शनिवार को बाबा रामदेव ने कहा कि भ्रष्टाचार और कालेधान के खिलाफ उनके द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
 
उत्तराखंड सरकार द्वारा बाबा शंकर देव गुमशुदगी प्रकरण को लेकर सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद बाबा रामदेव को जोर का झटका दे चुका है। इस संबंध मेंं शुक्रवार तक पतंजली योग पीठ में सन्नाटा पसरा हुआ था लेकिन शनिवार को बाबा रामदेव ने आरएनएस को बताया कि हमारे गुरु स्वामी शंकर देव जी को ढूंढने के बहाने मुझ पर निशाना साधाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर शक जताते हुए सुीम कोर्ट के जज से करण की जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि सीबीआई को इलाज की जरूरत है।
 
अपने स्वभाव के अनुसार ही बाबा ने प्रतिक्रिया जाहिर की। ऐसी उनसे उम्मीद भी की जा रही थी। बाबा रामदेव पहले से ही कें्रदे सरकार एवं सीबीआई को अपने घेरे में लपटते हुए आए हैं। राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद  बाबा रामदेव ने अपना पक्ष रखते हुए सीबीआई पर ही सवाल खडे कर दिए और सीबीआई को बीमार संस्था बता दिया। आरएनएस को बताते हुए बाबा ने कहा कि कांग्रेस पतंजली योग पीठ को शुरूआत से निशाना बनाए हुए है जिसका कारण उनकी भ्रष्टाचार एवं कालेधन के प्रति चल रही जंग है। कहा कि स्वामी रामदेव ने भ्रष्टाचार को लेकर सरकार हमला बोलते हुए रॉबर्ट वाड्रा और सलमान खुर्शीद के खिलाफ भी जांच की मांग की।
 
वहीं सीबीआई जांच की संस्तुति की चिंता भी बाबा के चेहरे पर साफ देखी गयी जिसे बाबा ने कालेधनए भ्रष्टाचारए षडय़ंत्र जैसे शब्दों के बीच छिपाने का प्रयास किया। पांच साल से बाबा शंकर देव का मामला बाबा के कद के आगे बौना साबित हो रहा था। कनखल पुलिस ने तो पूरे मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा कर अपनी कर्तव्यों को इतिश्री कर ली थी। एक सिद्ध पुरूष के संदिग्ध तौर पर लापता होने के मामले में खुद पतंजली योग पीठ की निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही थी और अब उम्मीद की जा रही है कि सीबीआई इस सनसनीखेज मामले की तहों को खोलेगी तो कई सिद्ध महानुभावों के कारनामे भी सामने आ सकेंगे।
 
 
 

BJP wins Tehri Lok Sabha Elections

Dehradun : The Tehri Lok Sabha by-election was necessitated after the Chief Minister resigned from the seat following his victory from Sitarganj Assembly constituency and the polling for which was done on Oct 10th.The elections were won by BJP.

 
The Congress party candidate Saket Bahguna lost to BJP’s Mala Rajlakshmi Shah by an overwhelming margin of over 23,000 votes, in the Tehri Lok Sabha by-election, counting for which concluded just a few minutes ago. This defeat is being seen as a major hit to the Congress governement in Uttarakhand.
 
The Tehri parliamentary segment was earlier represented by Vijay Bahuguna, father of Saket Bahuguna and is spread over three districts of Tehri, Uttarkashi and Dehra Dun. The Congress candidate was up by 3500 votes in Uttarkashi district and over 750 votes in Tehri district, however, he lost in Dehra Dun district by over 24,700 votes.

टिहरी उपचुनाव में 41 फिसदी हुआ मतदान; election news

देहरादून/गढ़वाल। उत्तराखण्ड  की टिहरी लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव बुधवार को शंातिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। इस चुनाव में तमाम दलो ंकी आशा के विपरीत कुल  41 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया । जहां से सीएम विजय बहुगुणा के पुत्र साकेत बहुगुणा तथा भाजपा प्रत्याशी राजशाही परिवार की बहु महारानी राजलक्ष्मी सहित कुल 14 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद कर दी गयी । हालांकि मतदान का प्रतिशत शुरू से ही काफी धीमा रहा । चुनाव में वो उमंग वो उत्साह नही दिखा जैसा की उम्मीद की जा रही थी । 
 
राज्य की मुख्य निवार्चन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया कि मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़ बाकी शांतिपूर्ण रहा । पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे । पल - पल की खबरों के लिए दो हैलिकॉप्टर की व्यवस्था की गयी थी । मालूम हो कि टिहरी लोकसभा उपचुनाव में तीन जिलो के मतदाता मतदान भाग लिये है । कुल 14 विधानसभा है और 1197822 मतदाता है । उपचुनाव में  मात्र 41 प्रतिशत ही जनता ने अपने मताधिकार का न्रयोग किया । जबकि पूरे प्रदेश की नजर इस उपचुनाव पर टिकी हुयी थी । हालाकि की मतदान का प्रतिशत शुरू से ही काफी धीमा रहा । इसे देखते सीमए ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की । लेकिन वो उत्साह नही दिखा जो दिखना चाहिए । 
 
उत्तरकाशी से आरएनएस संवददाता के अनुसार टिहरी लोकसभा के उप चुनाव में उत्तरकाशी जिले की तीनों विधानसभाओं में लगभग 41 फीसदी मत पड़े। इस बार मतदाताओं में वोट देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई दी। पिछले चुनाव में जिस तरह से मतदाताओं की कतारें दिखती थी, वे इस बार किसी भी मतदान केंद्र में नहीं दिखाई दी। 
 
इतने कम प्रतिशत चुनाव में राष्ट्रीय दलों को इस बात चिंता सताने लगी है आखिर मतदाता मतदाता वोट के लिए बाहर क्यों नहीं निकला। दोहपर 12 बजे तक 5 से 10 प्रतिशत मतदान ने यह जरूर संदेश दिया कि लोगों में किसी न किसी बात को लेकर गुस्सा जरूर है, वहीं पहाड़ के मतदान केंद्रों में यह भी चर्चा रही कि खेतबाड़ी के काम की वजह से मतदान कम हुआ। उत्तरकाशी में गंगोत्री, यमुनोत्री व पुरोला में विधानसभा के 443 मतदान केंद्रों में मतदान बहुत धीमी गति से हुआ। तीन मतदान केंद्रों पोखरी, सूरी व जखोरी के लोगों ने अपनी उपेक्षा के चलते चुनाव का बहिष्कार किया था। इस कारण वहां मत का प्रतिशत ना के बराबर रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि चुनाव बहिष्कार का कारण गांवों में विकास कार्य न होना है। जबकि शेष सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आर राजेश कुमार ने बताया कि जिले के एक मात्र पोलिंग बुथ जखोरी में पूर्णत: बहिष्कार रहा। जबकि सूरी और पोखरी में न्यूनतम मतदान अन्तत: हुआ। 
 
इस दौरान जिल में फर्जी मतदान का मामला भी सामने आया। एक महिला व उसके पुत्र के नाम से किसी ने पहले ही वोट डाल दिए। इस अनुचित मतदान पर भडक़ी महिला और उसके पुत्र ने मतदान केंद्र पर खूब हंगामा भी काटा। बाद में टेंडर वोट के जरिये उनसे मतदान कराया गया।
 
नगर क्षेत्र में संस्कृतमहाविद्यालय के बूथ संख्या 88 पर उत्तरकाशी उज्जैली निवासी आभा नौटियाल अपने बेटे के साथ दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जब मतदान को पहुंची, तो उसे बताया गया कि दोनों वोट डाल चुके हैं। इस पर महिला व उसके बेटे ने पोलिंग बूथ पर हंगामा काटना शुरू कर दिया। सेक्टर मजिस्ट्रेट भी बूथ पर पहुंच गए तो महिला ने उनके सामने भी अपना रोष प्रकट किया। बाद में सेक्टर मजिस्ट्रेट व रिटर्निग अफसर ने महिला से टेंडर वोट जरिये मतदान करवाया। इस संबंध में एसडीएम व सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी देव मूर्ति यादव ने बताया कि अनुचित तरीके से वोट किए जाने के मामले में महिला से टेंडर वोट कराया गया है। 
 
टिहरी से आरएनएस संवाददाता के अनुसार  व्यापक सुरक्षा इंतजाम के बीच टिहरी जनपद में लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्वक ढंग से सम्पन्न हो गया। जिले की चार विधान सभा क्षेत्रों में घनसाली, प्रतापनगर, धनोल्टी व टिहरी में कुल 36.20 फीसदी मतदान हुआ। ईवीएम में छिटपुट गड़बडिय़ों के अलावा कहीं से कोई अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला है। आचार संहिता उल्लंघन का भी कोई मामला सामने नहीं आया है।
बुधवार को सुबह आठ बजे से जिले के एक बूथ को छोड़ बाकी 528 केंद्रों पर मतदान शुरू हुआ। घनसाली विधान सभा के पिपोला गांव में ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। शेष सभी बूथों पर मतदान सुचारू ढंग से चलता रहा। हालांकि सुबह 8 बजे से लेकर 12 बजे तक मतदान का प्रतिशत कम रहा, लेकिन दोपहर दो से चार बजे तक मतदान में तेजी आई।
 
जिले की चार विधान सभा में हुए मतदान में सबसे अधिक धनोल्टी विधान सभा में 30324 और सबसे कम मतदान घनसाली विधान सभा में 22848 हुआ। मतदान के दौरान आचार संहिता उल्लंघन की कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली है। घनसाली विधान सभा के कोट बूथ पर देर से मतदान शुरू हुआ। गांव में एक महिला की मौत के कारण देर से ग्रामीण मतदान को पहुंचे। ईवीएम में बुधवार को जिले के तीन स्थानों प्रतापनगर, घनसाली व धनोल्टी में कुछ देर के लिए मतदान रुका फिर तुरंत ही मशीन की समस्या दूर कर मतदान शुरू कराया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि पिपोला में ग्रामीणों के बहिष्कार की घटना के अलावा अन्य स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। इधर, एसपी जन्मेजय खंडूड़ी ने बताया कि जिले के किसी भी हिस्से से कोई अप्रिय घटना नहीं मिली है। सभी जगहों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ।
 
मतदान का प्रतिशत इस प्रकार जिलावार है  
उत्तरकाशी में कुल 42 फिसदी मतदान हुआ । जो इस प्रकार है विधानसभवार पुरोला में 45 फिसदी , यमुनोत्री में 40 तथा गंगोत्री में 40 प्रतिशत कुल मतदान हुआ है । टिहरी में कुल 36 प्रतिशत हुआ है । टिहरी विधानसभावार घनसाली 30 प्रतिशत प्रतापनगर 36 फिसदी, टिहरी 34 प्रतिशत, धनौल्टी 45 प्रतिशत मतदान हुआ है । देहरादून में 45 प्रतिशत मतदान हुआ है । दून विधानसभावार मसूरी 43 फिसदी, सहसपुर 48 प्रतिशत तथा विकासनगर 52 फिसदी, रायपुर में 44 प्रतिशत, देेहरादून कैंटोमेंट में 40 राजपुर में 39 चकराता में 51 प्रतिशत मतदान का प्रयोग किया गया है । 
 

 

भाजपा प्रत्याशी राज्यलक्ष्मी नहीं डाल पायी वोट

नई टिहरी। कभी आपने सुना है कि जो प्रत्याशी चुनावी मैदान में वह अपना ही वोट नहीं दे पाया। जी हां ऐसा ही हुआ इस बार उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के साथ । मिली जानकारी के अनुसार टिहरी लोक सभा उपचुनाव में भातीय जनता पार्टी की प्रत्याशी महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह अपने वोट से ही वंचित रही।
 
भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह का नाम पौड़ी संसदीय क्षेत्र की नरेन्द्रनगर विधानसभा में पंजीकृत होने से माला राज्यलक्ष्मी शाह अपने मताधिकार का प्रयोग नही कर पाई। बताते चलें कि परिसीमन के पश्चात नरेन्द्रनगर विधानसभा सीट पौड़ी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
 

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