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सात मोड़ पर दो कारों की टक्कर में कई घायल

ऋषिकेश। ऋषिकेश-देहरादून मार्ग पर दो कारों की टक्कर में नौ लोग घायल हो गए। रविवार को दून मार्ग पर सात मोड़ के समीप दो कारें आपस में टकरा गईं। घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार को करीब सवा ग्यारह बजे देहरादून-ऋषिकेश मार्ग पर सात मोड़ के पास काली मंदिर के समीप दो कारें आमने-सामने से टकरा गईं। इससे दोनों कारों में सवार नौ लोग घायल हो गए। दून से आ रही कार में एक ड्राइवर और एक परिवार के छह सदस्य थे। वहीं दून की ओर जा रही कार में दो लोग सवार थे। इन्हें 108 सेवा से राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया।
घायलों में सचिन (22) पुत्र भरत, पदमा (34) पत्नी संजय, सुधांशु (11) पुत्र संजय, इशिता (6) पुत्री संजय, मोनू (22) पुत्र इच्छाराम जोशी, सनीफ (30) पुत्र अशोक जायसवाल, पप्पु (32) निवासी आराघर देहरादून और सुधीर (40), मनोज (32) पुत्र राजीव निवासी बड़ोत जिला बागपत शामिल हैं। देहरादून से आ रही कार में सभी पारिवारिक सदस्य सवार थे, जो धारी देवी घूमने जा रहे थे। दुर्घटना के दौरान दून मार्ग पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा।
 

पुरोहित परिवारों को एक मंच पर आने का आह्वान

 देहरादून। पुरोहित जन कल्याण भ्रातृ समिति की वार्षिक बैठक रविवार को गांधी पार्क में आयोजित की गई। अध्यक्षता आचार्य जगदंबा प्रसाद पुरोहित ने की।
बैठक में पुरोहित परिवारों को एक मंच पर लाने के प्रति बल दिया गया।
साथ ही सांस्कृति और रचानात्मक कार्य कर परिचय समारोह आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। आगामी बैठकों में अधिक से अधिक पुरोहित परिवारों को आमंत्रित कर उनसे सुझाव लेने पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर समिति को नई दिशा देने, इसे विश्वसनीय बनाने और नई प्रेरणा देने पर भी विचार व्यक्त किए गए। बैठक में आचार्य राकेश पुरोहित, एनडी पुरोहित, हीरामणि पुरोहित, प्रेमवल्लभ, कालिका प्रसाद, गिरीश चंद्र, भूपेंद्र पुरोहित, हरि प्रसाद पुरोहित आदि मौजूद रहे।
 

गुलदार ने युवक को मार डाला

ऋषिके श । रायवाला गांव में गंगा नदी के किनारे एक युवक को गुलदार ने मार डाला। युवक शनिवार शाम से लापता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। बोक्सा बस्ती निवासी 32 वर्षीय सुनील पुत्र खेम सिंह शनिवार रात घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने पड़ोसियों को साथ लेकर आस पास तलाश की। लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। रविवार सुबह परिजन स्थानीय लोगों के साथ गंगा नदी की ओर तलाश करते हुए पहुंचे। काफी तलाश करने के बाद उन्हें चीला रेंज की मंझाणा बीट में एक क्षत विक्षत शव दिखाई दिया।
इसकी शिनाख्त सुनील के रूप में हुई। युवक की मौत गुलदार के हमले में हुई है। युवक मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। वह अपने पीछे पत्नी और एक बच्चे को छोड़ गया। घटना की सूचना के बाद घर में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पार्क अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। एसओ रायवाला महेश जोशी का कहना है कि रायवाला गांव में एक व्यक्ति को गुलदार ने मार डाला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कोट--गंगा किनारे एक व्यक्ति का शव मिला है। शव को गुलदार ने क्षत विक्षत किया है। परिजनों को शीघ्र मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। अनिल पैन्यूली, रेंजर चीला रेंज।नहीं थम रहा गुलदार का आतंकरायवाला। रायवाला और आस पास के क्षेत्रों में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी गुलदार के हमलों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते तीन वर्षों में गुलदार ने 14 लोगों को मार डाला। मार्च 2014 को मां बसंती मंदिर के समीप घर के बाहर से मासूम को गुलदार उठा ले गया था। तब से गुलदार के हमले की घटनायें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बीती 19 दिसंबर को ही खाण्ड गांव पुलिया के समीप एक युवक को गुलदार ने मार डाला था। इसकी अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। विभाग ने गुलदार को पकडऩे और भगाने के लिए तमाम प्रयास किए, लेकिन सब नाकाम साबित हुए। इसके लिए सीसीटीवी, पिंजरे और हाथियों की भी मदद ली गई। लेकिन आदमखोर गुलदार अभी भी खुला घूम रहा है। रेंजर मोतीचूर विकास रावत ने बताया कि विभाग ने कुल 11 गुलदारों को पकडऩे में सफलता पाई है। आदमखोर को पकडऩे के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।ये सावधानियां बरतें- दिन ढलने के बाद सुनसान इलाके में अकेले न जाएं।- गंगा एवं जंगल से सटे इलाके में ही आ रहा है गुलदार।- सुबह मार्निंग वॉक करते समय सावधानी बरतें।
 

धूमधाम से मनाया ल्होसर पर्व

देहरादून। रविवार को राज रानी फार्म, सेवलाकलां, चंद्रबनी, देहरादून में तमु (गुरुंग सामाज) समिति द्वारा गोरखा समुदाय के गुरुंग उपजाति का नव वर्ष तमु ल्होसर पर्व धूमधाम से मनाया गया। गुरुंग व अन्य गोरखा समुदाय के लोगों ने साथ मिल कर च्य ल्हो (पक्षी वर्ष) को विदा तथा खि ल्हो (कुत्ता वर्ष) का स्वागत करते हुए विभिन्न सांस्तिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। आयोजन में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। आयोजन के मुख्य अतिथि मेघ बहादूर थापा (महाप्रबंधक जल निगम) ने कहा कि गुरूंग अपनी भाषा में स्वयं को तमु कहते हैं जो मूलत: नेपाल के मय-पश्चिम हिमालयी क्षेत्र के निवासी हैं। 
    आज उनमें से बड़ी संख्या में भारत और विश्व के विभिन्न देशों में रह रहे हैं। तमु ल्होसर को तमु संव अथवा गुरुङ पंचाग आरम्भ होने के दिन के रुप में मनाते हैं। प्रत्येक वर्ष विक्रमी संवत् पौष माह के 15 तारीख को गुरुङ समुदाय तोला ल्होसर के रुप में अपने इस उत्सव मनाते हैं। इस दिन पूरे देहरादून के गुरुङ व गोरखा समुदाय के अन्य सभी उपजातियाँ एक जगह में एकत्र हो कर तमु ल्होसर गुरुङ  नव वर्ष के रुप में खुशी और उत्साह के साथ विभिन्न सांस्तिक कार्यक्रम, प्रिति भोज व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं। गुरुङ  समुदाय समय चक्र को 12 वर्षों में विभाजित करते हैं जिसे ल्होकोर कहते हैं, प्रत्येक वर्ष को एक विशेष नाम दिया जाता है जिसे वर्ग ल्हो के नाम से जाता है। गुरुङ भाषा में ल्होसार का शाब्दिक अर्थ है नये वर्ष का आगमन । ल्हो का अर्थ है वर्ष तथा सार का अर्थ है नया। जिस प्रकार से हिन्दू ज्योतिष शास्त्र मे 12 जन्म राशियाँ होती है उसी प्रका गुरुङ ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 12 ल्हो होते हैं। इस प्रकार प्रत्येक वर्ष को एक विशेष जानवर के नाम से जाना जाता हैं तथा इन सभी को एक क्रमबद्घ तरिके से रखा गया है जिससे सभी एक एक करके प्रत्येक 12 वर्ष के अन्तराल में अपने क्रम में आते रहते हैं। प्राचीन समय में जब पंचाग नही था तो गुरुङ जाति इसी ल्होकोर पद्घति को आयु गणना के लिए प्रयोग करते थे। इस वर्ष 30 दिसंबर से 2017 से खि ल्हो कुत्ता वर्ष का आगमन हो रहा है। गुरुङ ार्म शास्त्रों के अनुसार जिस ल्हो वर्ष में जिस शिशु का जन्म होता है उसका ल्हो च्च्वर्गज्ज् वही होगा। विश्वास किया जाता है कि जिस व्यक्ति का जो ल्हो होगा उसके जीवन में उस ल्हो के प्रतीक पशु पक्षी के प्रति का प्रभाव पाया जाता है। गुरुङ जाति विवाह, मृत्यु व अन्य ाार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते समय ल्हो की सहायता से ही शुभ-अशुभ लगन की गणना करते हैं।
 

मुख्यमंत्री दी प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की दृष्टि से उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो इसके लिये राज्यहित में अनेक नीतिगत निर्णय लिये गये हैं। हमारा प्रयास योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन का है। समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो, इसके लिये समेकित प्रयास किये जा रहे है। गैरसैण हमारे लिये राज्य की अस्मिता से जुड़ा प्रश्न है। गैरसैण में पहली बार विधानसभा का शीतकालीन सत्र का आयोजन कर राज्य के समग्र विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाये है। 
केदारनाथ के पुननिर्माण के लिये केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट का गठन किया गया है। इससे इस क्षेत्र के विकास में और तेजी आयेगी, पर्वतीय क्षेत्रों से होने वाला पलायन हमारे लिये चिन्ता का विषय है, इसके लिये पलायन आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि लोक सेवकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता लाने और सरकारी मशीनरी को सुदृढ़ करने के लिये ट्रान्सफर एक्ट बनाया गया है। पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरों टालरेंस नीति अपनाई गई। मानचित्र स्वीकृत कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने में एम$डी$डी$ए$ देहरादून में ऑनलाईन भवन मानचित्र स्वीकृत प्रणाली आरम्भ की गई है। सरकारी कार्यो में गतिशीलता व पारदर्शिता लाये जाने तथा आम जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिये सी0एम0 डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसमें जनसेवाओं को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी, इसमें सभी विभागों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। 
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में कृषि एवं ग्राम्य विकास के लिये किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषकों को 02 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रूपये तक का ऋण उपलब्ध कराने हेतु दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना शुरू की गई है। अब तक लगभग एक लाख किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये भी प्रभावी प्रयास किये जा रहे है। 13 जिलों में 13 नये पर्यटन गंतव्य बनाये जा रहे है। वर्ष 2017 में लगभग 22 लाख से अधिक पर्यटक चारधाम यात्रा में आये। प्रदेश में अधिक से अधिक पर्यटक आये इसके लिये केदारनाथ व बदरीनाथ के सौन्दर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोटद्वार में, कोटद्वार इको टूरिज्म सर्किट विकास एवं सफारी वाहनों का संचालन शुरू किया गया है। ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड की लंबित 33 जल विद्युत परियोजनाओं के संचालन में केन्द्रीय ऊर्जा और जल संसाधन मंत्री द्वारा सकारात्मक सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में 25000 मेगावाट विद्युत उत्सर्जन क्षमता है, किन्तु अभी हम 4000 मेगावाट का ही उत्पादन कर पा रहे है। उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिये हमारे प्रयास जारी है। एलईडी बल्बों का सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में उपयोग अनिवार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी पहल करते हुए राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में ई-हैल्थ सेंटर की शुरूआत के लिये राज्य सरकार द्वारा देश की प्रमुख आई0टी0 कम्पनी के साथ एमओयू किया गया। राज्य के 35 अस्पतालों में टेली रेडियोलॉजी एवं टेली मेडिसिन योजना प्रारम्भ की गई है। सभी जिला चिकित्सालयों मे न्यूनतम 2 बैड के आई0सी0यू0 की स्थापना का निर्णय लिया गया है। बड़ी संख्या में डाक्टरों व नर्सो की तैनाती पर्वतीय क्षेत्रों में की जा रही है। जल संरक्षण के लिये देहरादून में रिस्पना नदी व अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु अभियान प्रारंभ किया गया है। आगामी 5 वर्षों हमने 5 हजार प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा है। रिस्पना के पुनर्जीवीकरण के लिए एक दिन में उद्गम से संगम तक वृक्षारोपण और साफ-सफाई अभियान का भी हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में आगामी तीन वर्षो में एक लाख से अधिक युवाओं को स्किल्ड बनाने की दिशा में हमने कदम बढ़ाये हैं। इसके लिये 02 आवासीय कौशल विकास केन्द्र स्थापित किये जा रहे है। उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार आई0टी0आई0 और पॉलिटेक््िरक में नये ट्रेड का प्रशिक्षण एवं राज्य कौशल योजना को पुर्नगठित कर, पण्डित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कौशन योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया है। राज्य में सॉफ्टवेयर पार्क ऑफ इण्डिया की स्थापना के साथ ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत स्टेट कम्पोनेंट में देश का प्रथम प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड में शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौचमुक्त करने में उत्तराखण्ड देश का चौथा राज्य बन गया है। 2018 तक 92 शहरी निकायों को ओ0डी0एफ0 का हमारा लक्ष्य है। मार्च 2018 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख लक्ष्य के अनुपात में आवास निर्माण योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को प्रगतिशील बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है। उन्होने इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए प्रदेशवासियों से सहयोग की भी अपील की है। 
 

जीवन रूपी पुस्तक में नए 'अध्याय' का सृजन करते हैं 'सद्गुरू': जाह्नवी भारती

देहरादून। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के सत्संग कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए आशुतोष महाराज की शिष्या तथा देहरादून आश्रम की प्रचारिका साध्वी विदुषी जाह्नवी भारती ने कहा कि मनुष्य यदि अपने जीवन की पुस्तक के पन्नों को पलट कर देखे तो अनेक पन्ने कालिमा से कलुषित नजऱ आएंगें। मनुष्य का जीवन अनेक ताने-बाने में उलझकर अनेक प्रकार के कर्म-संस्कारों में आबद्घ होता चला जाता है। कर्मों का लेखा उसकी जीवन रूपी पुस्तक में अनेक स्याह विषयों का सूत्रपात्र करते जाता है। इन सबसे मनुष्य सर्वथा अनभिज्ञ रहते हुए जीवन रूपी गाड़ी को खींचता रहता है। जीवन की अंतिम बेला जब सामने आन खड़ी होती है तब इस पुस्तक का अनावरण हुआ करता है, तब मनुष्य को अपने कालिमा भरे इतिहास के साथ सामना करना पड़ता है।
इस अंतिम अवस्था में उसके पास सुधार करने का कोई अवसर उपलब्ध नहीं रहता है। यह पुस्तक उसके जीवन के अगले क्रिया-कलापों के निर्धारण में अहम् भूमिका निभाती है। यदि मनुष्य के जीवन में उसके जीते जी किसी पूर्ण महापुरूष का आगमन हो जाए तो उनके माध्यम से वह अपनी जीवन पुस्तक में कलुषित पन्नों को समान्त करते हुए नवीन पुष्ठों का समावेश कर सकता है। वास्तव में ही जीवन रूपी पुस्तक में नए अध्याय का सृजन पूर्ण गुरू ही किया करते हैं, साथ ही वे पुराने पुष्ठों को भी फाड़कर नष्ट कर देने की अद्वितीय क्षमता रखते हैं। गुरू पापों की रेखा के समानान्तर महान पुण्यों की बड़ी रेखा खींच दिया करते हंै जिससे पाप रेखा स्वयं ही छोटी पड़ जाती है। सद्गुरू का मिलना आवागमन का छूट जाना हुआ करता है। ईश्वर से मिलाने का सामथ्र्य केवल और केवल पूर्ण सद्गुरू में ही हुआ करता है। पूर्ण गुरू अपने शरणागत् शिष्य को सनातन वैदिक 'ब्रह्म्ज्ञान' प्रदान कर उसे ईश्वर के संग मिला दिया करते हंै। ईश्वर की शाश्वत् भक्ति जीवन में आते ही शिष्य की जीवन रूपी पुस्तक एक महान शास्त्र के रूप में परिवर्तित होने लगती है। जाह्नवी भारती ने बताया कि लक्ष्य को हासिल कर जब शिष्य पूर्ण गुरू की सेवा में सलंग्र होता है तो भक्त का जीवन भी पूर्णता को प्रान्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्म्लोक तथा विष्णुलोक और शिवलोक के साथ-साथ स्वर्गलोक और यहां तक की बैकुण्ठलोक से भी महान होता है गुरूलोक। गुरूलोक एक एैसा स्थान है जहां पर मनुष्य लोक का सर्वाधिक सम्पूर्ण लक्ष्य पूरा हो जाया करता है। इसी प्रकार शिवलोक की महिमा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि देवाधिदेव महादेव भगवान आशुतोष के शिवलोक में जो महामंत्र सदैव गुंजाएमान रहता है, वह मानव मात्र के परम कल्याण में विशिष्ट भूमिका निभाता है, और वह महामंत्र है- ऊं श्री आशुतोषाय नम:। साधु की संगत अर्थात सत्संग को दुर्लभता की संज्ञा दी गई है क्योंकि साधु की संगत केवल मनुष्य लोक में ही उपलब्ध हुआ करती है और सत्संग ही एक एैसा माध्यम है जिसके द्वारा ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग मनुष्य को प्रान्त हुआ करता है, यह सुविधा स्वर्गलोक में भी उपलब्ध नहीं है। 
 

अहंकार को मिटाकर मन को सुमन बनाएं: मन्जू

देहरादून। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवाकेन्द्र सुभाषनगर में आयोजित, रविवारीय सत्संग में राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी मन्जू बहन ने राजयोग से प्रान्तियाँ विषय पर बतलाया कि भारत देश प्राचीन काल से ही योग तथा आध्यात्म के क्षेत्र में विशेष जाना जाता है। अनेक प्रकार के योगों में राजयोग सर्वश्रेष्ठ है जोकि परमपिता से मिला हुआ सबसे बड़ा वरदान है।  उन्होंने कहा - राजयोग अर्थात स्वयं की खोज। यह अपने भीतर जाने का मार्ग दिखता है, श्रेष्ठ विचारों की उत्पत्ति, शुभ संकल्पों का प्रवाह, मन पर नियन्त्रण तथा कर्मेंन्द्रियों पर राज्य सम्भव है। संसार के तमाम दुख, दर्द, परेशानियाँ, लोभ, मोह, क्रोध, अहंकार आदि को मिटाकर मन को सुमन बनाने का यह सरल एवं आनंदायी उपाय हैं। राजयोग हमें सिखाता है कि बुरे संकल्पों के प्रवाह में बहना नहीं। मजबूत आन्तरिक स्थिति से बुरे को अच्छे में परिवर्तन करना है। सुख, शान्ति आदि सभी गुण आत्मा में सुषुन्त अवस्था में होते हैं, जरूरत होती है इन्हें जागृत करने की। राजयोग ऐसा प्रकाश स्तंभ है जिसकी रोशनी में यह सभी गुण जागृत हो जाते हैं।
बहन जी ने कहा राजयोग आत्म विश्लेषण की प्रयोगशाला है। यह बाहर के संसार से आन्तरिक संसार की ओर जाने का सुगम पथ है। अत: घर परिवार में रहते हुए अपने कर्तव्य पूर्ण करते हुए राजयोग के द्वारा अपनी कर्मेंन्द्रियों के अधिकारी बनने का लक्ष्य अवश्य हासिल करें। कार्यक्रम में राजेश, गंगा भाई, सुरेन्द्र, निधि, पुष्पा बिष्ट, रेनू तथा अन्य मौजूद रहे।
 

 

मनुष्य एक गलतियों का पुतला: हरदेव

देहरादून। मानव एक गलतियों का पुतला है, जिससे जाने-अनजाने में गलतियां होती रहती हैं। एक महान व्यक्ति वही कहलाता है, जो अपनी गलती मानकर सामने वाले से क्षमा मांग लें। ऐसे ही भाव आज निरंकारी सत्संग भवन, रेस्टकैम्प, देहरादून में क्षमा याचना दिवस पर आयोजित सत्संग कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सन्त निरंकारी मण्डल, दिल्ली से पधारे विवेक मौजी ने सद्गुरू माता सविन्द्र हरदेव महाराज के पावन सन्देश को देते हुए व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि गुरूसिख सदैव गुरू का आधार लेता है। अपने अनुभव से ही हमें ज्ञान पर चलने की सिख मिलती है। गुरू के वचनों को केवल सुनना ही, बल्कि उन्हें अपने जीवन व आचरण में उतारना ही भक्ति है। ज्ञान प्रान्ति से पूर्व हमारा जीवन कैसा था और ज्ञान प्रान्ति के पश्चात हमारा जीवन कैसा है, यह विचार करने का विषय है। अगर गुरूसिख को ऐसा लगता है कि मेरे अच्छे कर्मो से ही मुझे ज्ञान प्रान्त हुआ, तो यह उनके मन की भूल है, बल्कि गुरू ने हम पर दया करके हमें इस ज्ञान से जोड़ा है। गुरूसिख जब खुद (अंहकार) से मुक्त हो गया, वही खुदा हो गया अर्थात उसी ने ही प्रभु परमात्मा को पा लिया। परमात्मा के अलावा सभी वस्तुयें जो हमें दिखायी देती है या जिन्हें हम महसूस करते है, वे सभी परिवर्तनशील और नाशवान है। यदि हम इन भौतिक वस्तुओं की ओर जुडाव रखेगे, तो इस निराकार से दूर हो जायेगें, परन्तु दुनियावी चीजों से जुड़े रहकर भी भक्ति कैसे की जाये, यही ज्ञान हमें गुरू ने प्रदान किया है। हमारी आत्मा को गुरू ने परमात्मा से जोड़ दिया है। गुरू कहता है कि तुम शरीर नही हो, लेकिन तुम शरीर में हो। दुनिया के भीतर रहकर ही इस निराकार का आसरा बना रहेगा, तो हमारे जीवन में सन्तुलन बना रहेगा। संसार का हिस्सा बनकर भी हमें इस निरंकार का हिस्सा बने रहते है। यह अवस्था तभी प्रान्त होगी, जब हमें गुरू से ज्ञान मिल जाये। सत्संग समापन से पूर्व अनेकों संतों, भक्तों ने अपनी-अपनी भाषा का सहारा लेकर सत्संग को निहाल किया। मंच संचालन भगवत प्रसाद जोशी ने किया।
 
 

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक आयोजित

देहरादून। देहरादून मेे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तराखण्ड के कार्यकारी महामंत्री अरूण पाण्डे ने प्रेस विज्ञन्ति जारी का बताया कि आज परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2017 में राज्य कर्मियों को क्या मिला जैसे विषय पर चर्चा की गई। श्री पाण्डे ने बताया कि आज परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों ने एक बैठक कर इस बात का आंकलन किया कि प्रदेश कर्मियों को वर्ष 2017 में क्या प्रान्त हुआ। आंकलन के दौरान जहां एक ओर इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की गई कि इस वर्ष प्रदेश के कार्मिकों को सातवें वेतन आयोग की सुविधा प्रदान की गई। हांलाकि आतिथि तक एरियर एवं भत्ते लम्बित हैंं। वहीं दूसरी तरफ राज्य कर्मियों को पूर्व से प्रान्त हो रही ए0सी0पी0 के अन्तर्गत 10, 16 एवं 26 वर्ष पर पदोन्नति वेतनमान की सुविधा वापस कर ली गई।
इसके अतिरिक्त शासन द्वारा विभिन्न फील्ड कर्मचारियों से वाहन भत्ते की सुविधा की कटौती के आदेश भी कर दिये गये एवं तद्रुसार कटौती भी प्रारम्भ कर दी गई है। हांलाकि इस सम्बन्ध में प्रमुख सचिव, वित्त से वार्ता के दौरान पुर्नविचार का आश्वासन परिषद को मिला है। साथ ही मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन द्वारा सातवें वेतन आयोग के लम्बित भत्तें एवं एरियर के भुगतान के सम्बन्ध में भी शीइा्र कार्यवाही किये जाने का आश्वासन प्रान्त हुआ है। परिषद की मांग पर मुख्य सचिव महोदय के निर्देशानुसार ही छठे वेतन आयोग की लम्बित वेतन विसंगतियों पर वेतन समिति की रिपोर्ट भी सार्वजनिक कर दी गई है, जिसका अध्ययन कर प्रभावी संवर्गों के पदाधिकारी अपने संवर्ग की वेतन विसंगति के प्रकरण पुर्नविचार हेतु मुख्य सचिव के समक्ष प्रत्यावेदन दे सकेंगे। बैठक में इस बात पर भी सन्तोष व्यक्त किया गया कि विभिन्न निगमों एवं निकायों में भी सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जा चुका है।  श्री पाण्डे ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि परिषद वर्ष 2018 में राज्य के विकास हेतु अपना सकारात्मक एवं सक्रिय योगदान देते हुए राज्य सरकार एवं शासन के समक्ष अपनी लम्बित मांगों के समर्थन में आवाज उठायेगी। आज की बैठक में ठा0 प्रहलाद सिंह, प्रदीप कोहली, नन्द किशोर त्रिपाठी, अरूण पाण्डे, शक्तिप्रसाद भट्ट, श्रीमती अंजू बडोला, ओतवीर सिंह, पी0एल0 बडोनी, भोपाल सिंह आदि कर्मचारी नेताओं ने प्रतिभाग किया।  
 
 

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का आयोजन

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी द्वारा वार्ड 53, विजय पार्क, पार्क नंबर 3 मे  भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात चाय के साथ रखा गया।  विजय पार्क, पार्क नंबर 3 मे क्षेत्रवासियों के साथ मोदी की मन की बात का प्रोग्राम आज प्रात: 11 बजे वार्ड 53, विजय पार्क, पार्क नंबर 3 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यक्रम मन की बात चाय के साथ सुनने का आयोजन बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की महानगर सह -संयोजिका मधु जैन भाजपा के नेतृत्व में किया गया, जिसमे बड़ी संख्या में विजय पार्क निवासियों ने हिस्सा लिया।
जिसके मुख्य अतिथि केंट विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री हरबंस कपूर जी रहे। श्री हरबंस कपूर जी ने  कार्यक्रम संयोजक श्रीमती मधु जैन जी के कार्यक्रम कि सराहना करते हुए कहा कि सभी को अपने अपने बूथ पर ये कार्यक्रम करना चाहिए। जिसमे मधु जी ने कहा कि मन कि बात से हर जगह जागरूक किया जा रहा है जिससे सभी नागरिक मोदी जी के सुंदर विचारों को सुने मोदी जी के नेत्रत्व मे देश नए आयाम स्थापित कर रहा है ।हमे उनके विचार सुनकर ओर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों ओर योजनाओं मे उनके साथ कंधे से कंधा मिलकर चलना चाहिए। तत्पश्चात प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हमारा देश इस बार 26 जनवरी को विश्व के 10 महान नेता भारत मे आ रहे है उन्होने सभी देश वासियो को नव वर्ष की बधाई दी,मोदी जी ने मन की बात मे देश भर मे मनाई जाने वाली लोहड़ी के प्रोग्राम की भी चर्चा की मोदी जी ने आशियाँन देश को बधाई दी और बोले की आशियान देश 2017 मे  अपने 50 वर्ष पूरे किये, साथ ही भारत के  2017 मे साझेदारी को 25 वर्ष पूरे हुए। अल्पसंख्यक महिलाओ के लिए 3 तलाक के बारे मे बोले की ये बहुत ही  ऐतिहासिक फैसला है कार्यक्रम में मुख्यरूप से राजकुमार तिवारी जिला उपाध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा, महानगर सह संयोजक आई टी सेल सचिन जैन, राहुल चौहान, विजय पार्क जन कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री बी एल कोठियाल जी, श्री विनोद मेहेन, कर्नल आर एस बिष्ट जी, श्री गुलशन सहगल जी, उमा कोठियाल, मोहन सिंह नेगी जी,कुलदीप विनायक,उपेन्द्र अग्रवाल,नीरज मेहता ,मधुवी ,सतीश छाबरा,ओम प्रकाश अरोरा,कविता चौहान,आशीष शर्मा,अभिषेक शर्मा,सुमित पांडे, आदि मोजूद रहे।
 

पहाड़ की संस्कृति पर मंडरा रहे संकट के बादल

देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ों की संस्कृति हमेशा सुर्खियों में रहती है। देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति भी हमेशा से समृद्ध रही है। लेकिन, इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि खाली होते पहाड़ और तमाम कारणों से आज हमारी इस समृद्ध संस्कृति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस सबके बावजूद सरकारी एवं सामूहिक स्तर पर हो रहे प्रयास उम्मीद जगाते हैं। नई सरकार आने के बाद चार दिनों तक संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम में चली ढोल-दमाऊ कार्यशाला ने उम्मीदों को पंख तो जरूर लगाए, लेकिन आयोजन का उद्देश्य धरातल पर नहीं उतर पाया। बावजूद इसके लोग समझ रहे हैं कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति से ही होती है। 
यह भी कहा गया है कि अगर किसी समाज को खत्म करना हो तो सबसे पहले उसकी संस्कृति पर वार करो। इसलिए लोग इसकी अहमियत खूब समझ रहे हैं। तभी तो विभिन्न संस्थाओं की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी उत्साहवर्धन करती है।  संस्कृति किसी समाज में गहराई तक व्याप्त गुणों के समग्र रूप का नाम है। जो उस समाज के सोचने विचारने, कार्य करने, खाने-पीने, बोलने, नृत्य, गायन, साहित्य, कला आदि में परिलक्षित होती है। 
संस्थागत व व्यक्तिगत स्तर पर बोली-भाषा को लेकर भी कम प्रयास नहीं हुए। अब हमें इनको प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। इतना ही नहीं, लोक संस्कृति की सप्तरंगी छटा देश के कई शहरों के साथ विदेशी धरती पर भी बिखरी। गल्फ देशों के साथ कनाडा आदि कई देशों में प्रवासी उत्तराखंडियों ने आयोजन किया। साहित्य के क्षेत्र में उत्तराखंड की अपनी अलग पहचान रही है। इस वर्ष देहरादून में ही दो दर्जन से ज्यादा पुस्तकों का विमोचन हुआ।
इनमें से अधिकांश पहाड़ के दर्द यानी पलायन से लेकर कला संस्कृति समेत तमाम विषयों पर केंद्रित रहीं। इसके अतिरिक्त दून में आयोजित हुए पुस्तक मेले में देश-दुनिया के नामचीन साहित्यकारों की पुस्तकों के साथ उत्तराखंड के साहित्यकारों को भी स्थान मिला। वहीं, फिल्म विकास परिषद का गठन होने के बाद भले ही आंचलिक फिल्म निर्माण को अभी प्रोत्साहन न मिला हो, बावजूद इसके लोक संवाहकों के छोटे ही सही, पर प्रयास जारी हैै।
 

संघ के पदाधिकारियों को सम्मानित किया

 देहरादून। अशासकीय स्कूलों में तदर्थ हुए शिक्षकों ने माध्यमिक शिक्षा संघ के पदाधिकारियों को सम्मानित किया।
रविवार को गांधी इंटर कालेज में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें देहरादून जिले के अशासकीय स्कूलों में 60 से अधिक तदर्थ शिक्षकों ने संघ के पदाधिकारियों के बेहतर कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया। जिला मंत्री अनिल नौटियाल ने कहा कि संघ शिक्षकों के हित में पूर्व से ही कार्य कर रहा है। अब नियमितिकरण को लेकर लड़ाई लडी जाएगी। सम्मान समारोह के अंतर्गत जिलाध्यक्ष संजय बिजल्वाण,जिला मंत्री अनिल नौटियाल, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष अवधेश कौशिक, एलएम सकलानी, प्रदीप डबराल, जेपी बहुगुणा, ईवी कुमार को सम्मानित किया गया। इस दौरान तदर्थ शिक्षक अध्यक्ष योगेश मिश्रा, रश्मि काला, रविन्द्र सिंह, कुलदीप जोशी, राजेन्द्र प्रसाद ग्वाड़ी, गुंजन भट्ट, प्रकाश कौर, सीमाध् संध्या, मीना बहुगुणा, मनीष, नरेन्द्र, रंजना बिष्ट, दिलीप सिंह राणा आदि मौजूद रहे।
 
 

वल्र्ड पीस मिशन का शुभारंभ करेंगे विपिन

देहरादून। संस्कार परिवार के संस्थापक योगाचार्य बिपिन जोशी आगामी आंग्ल नववर्ष पर मलेशिया से वल्र्ड पीस मिशन का शुभारंभ करेंगे। वह 12 जनवरी से दो फरवरी तक मलेशिया में भारतीय समुदाय के लोगों से मिलेंगे।
अभियान की शुरुआत से पूर्व रविवार को हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी और ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में विशेष पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर जोशी ने कहा कि वह वह अपने साथ शांति चिन्ह यानी सिंबल ऑफ पीस भी ले जा रहे हैं। साथ ही गंगोत्री के गोमुख से लाया गया गंगाजल भी वह मलेशिया में रहने वाले भारतियों के लिए ले जाएंगे। जोशी ने कहा कि वह मलेशिया के भारतियों को उत्तराखंड में चार धाम यात्रा करने का भी निमंत्रण देंगे। साथ ही मलेशिया में 26 से 28 जनवरी तक आयोजित वल्र्ड योग चैंपियनशिप में बतौर अतिथि शिरकत करेंगे।
 

पूर्व विधायक राजकुमार ने दी आंदोलन की चेतावनी

देहरादून। राजपुर रोड विधानसभा के पूर्व विधायक राजकुमार ने शहरी विकास सचिव से शहर में बचे हुए एवं अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने का आग्रह किया है और इसके लिए उन्होंने उन्हें ज्ञापन प्रेषित किया है। उनका कहना है कि इस ओर जल्द ही कार्य नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर जनांदोलन करेगी।
यहां जारी एक बयान में राजपुर रोड विधानसभा के पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा है कि आज करनपुर, डालनवाला, फालतू लाईन, मोहनी रोड, कांवली, खुडबुडा सहित अनेक स्थानों पर सड़के टूटी हुई है और सीवर कार्य पूर्ण होने के बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि शीघ्र ही इस प्रकार की अव्यवस्थाओं को सुधारा जाना चाहिए।
उनका कहना है कि शहर के कुछ क्षेत्रों जिनमें डालनवाला, अग्रसैन चैक, घंटाघर, खुडबुडा, कांवली रोड, रेसकार्स, करनपुर के लिए ड्रेनेज प्लान बना हुआ था लेकिन इस पर कोई कार्य नहीं किया गया है जो चिंता का विषय है और इसी प्रकार शहर के कुछ ही स्थानों पर ही रोशनी व बहुत आर्कषक दिखने वाले फव्वारों की कोई सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है और न ही उन्हें चलाया जा रहा है जिनमें लैंसडाउन चैक, पटेल पार्क, बुद्धा चैक, नेहरू कालोनी प्रमुख है।
उनका कहना है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में अभी तक स्ट्रीट लाईटों की व्यवस्था पर भी किसी भी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ओर कई जगहों पर लाईट टूटी हुई है और कई स्थानों पर खराब है उन्हें बदला नहीं जा रहा है और जिससे वहां पर दुर्घटनायें घटित हो रही है। उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत किये गये म्यूनरल प्यूरी फायर का कार्य शहर के अनेक स्थानों पर लगाया जाना था जिसका कार्य अभी तक आरंभ भी नहीं हो पाया है, इस कार्य को त्वरित गति से किये जाने की जरूरत है। उनका कहना है कि गरीब निर्धन व सामान्य वर्ग के लोगों को आमवाला, सहस्त्रधारा रोड पर आवास योजना के अंतर्गत जो भवन आवंटित होने थे उनका कार्य भी शीघ्र आरंभ कराया जाये और एमडीडीए काम्पलैक्स में अधूरा कार्य शीघ्र ही पूर्ण किया जाना चाहिए और वहां पर की सफाई व्यवस्था का भी पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए और म्यूनरल वॉटर को बनाने का कर आम जन से लिया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई कार्य आरंभ नहीं हो पाया है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि शहर में बने हुए अवैध मोबाईल टॉवरों को सील किया जाये और राजीव गांधी काम्पलैक्स में स्थित राजीव गांधी की मूर्ति व इंदिरा मार्केट में स्थित स्वर्गीय इंदिरा गांधी की मूर्ति पर स्टील की सीढ़ी का निर्माण कराकर लगवाया जाये जिससे की मूर्ति की साफ सफाई का ध्यान रखा जा सके। उनका कहना है कि इसी प्रकार से राजीव गांधी काम्पलैक्स में अक्सर साफ सफाई की व्यवस्था चरमराई रही है जिस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और वहां की लिफ्ट का भी ध्यान रखा जाये और शीघ्र ही साफ सफाई की उचित व्यवस्था किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही इन बिन्दुओं पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर जनांदोलन करेगी।
 

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