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MLA सिद्धार्थ युवती को लेकर फरार, जदयू ने कहा कार्रवाई करे कांग्रेस


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पैंट्रीकर्मी पर यात्री का मोबाइल चुराने का आरोप, रेल मंत्री को ट्वीट होने पर हुआ एक्शन

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ISI एजेंट एजाज के बेटे की संदिग्ध स्थिति में मौत, 2 दिन पहले हुआ था जन्म

आसमां के बेटे की फाइल फोटो।
पटना. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट मो. एजाज के बेटे की गुरुवार रात को संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है। एजाज की पत्नी आसमां ने 27 जनवरी को आरा के संदेश अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे की मौत के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
पुलिस कर रही है पत्नी और ससुर से पूछताछ
- एजाज के बेटे की मौत के बाद पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस एजाज की पत्नी आसमां और ससुर शमशेर से पूछताछ कर रही है।
- शमशेर ने बताया कि बीमारी के कारण बच्चे की मौत हुई है। बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
आसमां ने कहा था- बेटे को दूंगी बाप का नाम
- बेटा होने के बाद आसमां ने कहा था कि बच्चे को जीने के लिए बाप का नाम देना जरूरी है।
- यह अपने बाप की तरह नहीं बनेगा। मैं इसे पढ़ा लिखाकर एक अच्छा आदमी बनाऊंगी। अपने बेटे को मैं देशभक्त बनाऊंगी।
पहले कहा था- फेर लूंगी अपने बच्चे से मुंह
- 28 नवंबर 2015 को हुई एजाज की गिरफ्तारी के बाद आसमां ने कहा था कि वह कोख में पल रहे बच्चे को नहीं चाहती।
- जिसके पैदा होने से पहले हजारों सपने बुने थे, अब उस बच्चे को मैं अपना नाम नहीं दूंगी।
- बच्चे को जन्म दूंगी, लेकिन उसके बाद ताउम्र मुंह फेर लूंगी। क्योंकि उसकी रगों में गद्दार का खून दौड़ रहा होगा।
आसमां के पिता ने कहा था-बच्चा गद्दार की याद दिलाएगा
- आसमां के पिता ने कहा था कि कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि एजाज हमें मोहरा बनाकर हमारे मुल्क से गद्दारी करने आया है।
- मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत करे।
- एक ऐसी जगह जहां, न तो एजाज हो और न वो बच्चा, जो हमेशा उस गद्दार की याद दिलाए।
अजिमाबाद में रहती है एजाज की पत्नी आसमां
- आरा जिले के अजिमाबाद में एजाज की पत्नी आसमां अपने पिता के साथ रहती है।
- पिता मो. शमशेर मंसूरी कपड़ा दुकान पर काम करते हैं।
- आसमां की शादी अक्टूबर 2014 में मो. एजाज के साथ हुई थी।
- कोलकाता में रहने वाले उसके चचेरे भाई बाबर ने उसकी शादी कराई थी।
- आईएसआई एजेंट मो. एजाज अक्सर ससुराल आया करता था।
मेरठ से हुई थी एजाज की गिरफ्तारी
- पाकिस्तानी जासूस एजाज को यूपी एसटीएफ की टीम ने 28 नवंबर को मेरठ के कैंट स्टेशन से गिरफ्तार किया था।
- उसके पास से इंडियन आर्मी के खुफिया दस्तावेज बरामद किए गए थे।
- वह सारी जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजता था।
- उसने बताया था कि आईएसआई जासूसी के लिए 5 लाख 8 हजार रुपए दे चुकी है।
- पाकिस्तान में उसके परिवार को हर महीने 50 हजार रुपए दिए जाते हैं।

कुर्क होगी रजनीश-राहुल की संपत्ति, होटल प्रशासन पर पुलिस की नजरें टेढ़ी

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UP को गवर्नर का नया प्रोटोकॉल नामंजूर, आजम बोले- ये राजशाही नहीं

गवर्नर राम नाईक (फाइल फोटो)।
लखनऊ. यूपी विधानमंडल का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है। इस बीच अपोजिशन पार्टियों ने गवर्नर के अभिभाषण के लिए जारी किए गए नए प्रोटोकॉल को मानने से इनकार कर दिया है। बीजेपी को छोड़कर सभी पार्टियों ने मिलकर यह तय किया है कि गवर्नर के लिए अब तक जो प्रोटोकॉल अपनाया जाता रहा है, उसे शुक्रवार से शुरू विधानमंडल सत्र में भी अपनाया जाएगा। इस बारे में यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, "ये कोई राजशाही नहीं है कि गवर्नर बैंड-बाजे के साथ जुलूस के रूप में राजा की तरह आएं।"
क्या है गवर्नर के नए प्रोटोकॉल में?
- नए प्रोटोकॉल के तहत गवर्नर का स्वागत पोर्टिको में होना था।
- गवर्नर को बैंड-बाजे के साथ विधानसभा तक ले जाना था।
- उनके साथ सीएम, मिनिस्टर ऑफ पार्लियामेंट्री अफेयर्स और चीफ जस्टिस को मौजूद रहना था।
- सीएम पहली बार राज्यपाल का स्वागत पोर्टिको में करते और उन्हें विदा करने भी पोर्टिको तक आते।
नए प्रोटोकॉल को क्यों नहीं मिली मंजूरी?
- विधानसभा सेक्रेटेरिएट ने प्रेसिडेंट की ओर से सभी राज्यों के लिए भेजे गए नए प्रोटोकॉल को फॉलो करने के लिए सभी तैयारियां कर रखीं थीं। 
- सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को ऑल पार्टी मीटिंग में सपा, अपोजिशन पार्टी बीएसपी, कांग्रेस और आरएलडी की राय बनी कि प्रेसिडेंट के निर्देश मानने के लिए विधानसभा बाध्य नहीं है। इसकी अपनी संप्रभुता है जो किसी के अधीन नहीं।
-ऑल पार्टी मीटिंग में तय किया गया है कि इस प्रपोजल को दोबारा पार्लियामेंट्री कमिटी में विचार के लिए भेजा जाएगा।
सीएम ने कहा- नया प्रोटोकॉल जरूरी नहीं
- सभी पार्टियों की ओर से नए प्रोटोकॉल पर आपत्ति जताए जाने के बाद सीएम ने कहा, "नया प्रोटोकॉल जरूरी नहीं है। ये सिर्फ एक सुझाव है। इस पर विधानसभा स्पीकर माता प्रसाद पांडेय को फैसला करना चाहिए।"
बीएसपी ने कहा- अंग्रेजों की परंपरा को न बढ़ाएं
अपोजिशन लीडर स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि गवर्नर को अंग्रेजों की परंपरा को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। वे प्रेसिडेंट के सामन प्रोटोकॉल पाना चाहते हैं। ये भी चाहते हैं कि सदस्य शांति के साथ पार्लियामेंट की तरह उनकी बात सुनें। डेमोक्रेसी के लिए ये ठीक नहीं है।

अब आगे क्या होगा?

- नए प्रोटोकॉल पर सहमति नहीं बनने के चलते अब पुराने प्रोटोकॉल को ही फॉलो किया जाएगा।
- सूत्रों का कहना है कि विधानसभा स्पीकर ने गवर्नर को ऑल पार्टी मीटिंग के मिनट्स भेज दिए हैं।
- मिनट्स पढ़ने के बाद गवर्नर ये तय करेंगे कि उन्हें किस परंपरा के मुताबिक अभिभाषण देना है।
विधानसभा में रखे जाएंगे कौन से मुद्दे?
कांग्रेस ने तय किया है कि विधानसभा में बुंदेलखंड की समस्या, गन्ना किसानों की समस्या और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया जाएगा।

मुलायम ने कहा- दल में नहीं पर मेरे दिल में हैं अमर सिंह, दूर तक रहेगा साथ

लखनऊ के एक प्रोग्राम में अमर सिंह औ मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)।
इटावा (यूपी). मुलायम ने एक बार फिर अपना 'अमर प्रेम' दिखाया है। गुरुवार को इटावा में उन्होंने कहा, "अमर सिंह भले ही दल में नहीं हैं, लेकिन वह मेरे दिल में बसे हैं। पार्टी से तो उन्हें निकाल दिया था, लेकिन दिल से कभी नहीं निकाला है।" सपा प्रमुख ने कहा कि उन दोनों के रिश्ते कभी खराब नहीं हुए। आज भी हम पहले जैसे ही हैं। हमारा साथ काफी दूर तक रहेगा। बता दें, 2007 में अमर सिंह को सपा से बाहर कर दिया गया था।
मुलायम ने अमर के हाथ से खाया था बर्थडे केक का पहला टुकड़ा...
- पार्टी से निकाले जाने के बाद भी मुलायम का अमर प्रेम कई मौकों पर देखा गया है। बीते साल 22 नवंबर को मुलायम ने सैफई में अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया था।
- पार्टी में अमर सिंह को खास तौर पर बुलाया गया था। मुलायम अपने दोस्त का हाथ पकड़कर ही स्टेज पर पहुंचे थे।
- केक काटने के बाद अमर सिंह ने ही उन्हें पहला टुकड़ा खिलाया था।
- पूरे प्रोग्राम के दौरान दोनों एक साथ ही बैठे हुए थे।

जब अमर के लिए अखिलेश ने छोड़ दी थी कुर्सी...
- इसके पहले लखनऊ में एक प्रोग्राम के दौरान सपा सुप्रीमो और अमर के बीच अर्से बाद पहले वाली नजदीकी देखी गई थी। 
- प्रोग्राम में इनके बीच खूब हंसी-मजाक भी हुआ। 
- अखिलेश खुद हाथ पकड़कर अमर को स्टेज पर ले गए थे और मुलायम के बगल में उस चेयर पर बैठाया, जिस पर वे खुद बैठने वाले थे।
- बता दें कि ऐसे प्रोग्राम में अखिलेश आम तौर पर मुलायम के ठीक बगल में बैठते हैं। लेकिन, तब उन्होंने अमर सिंह के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी थी। 
- इस प्रोग्राम में लखनऊ के अंसल गोल्‍फ सिटी में मेदांता अवध हॉस्पिटल की बुनियाद रखी गई थी।
-इसके पहले दोनों को जनेश्वर मिश्रा पार्क के उद्घाटन पर भी देखा गया था।
सपा से क्यों निकाले गए थे अमर?
- 2007 में सपा की हार के लिए पार्टी के सीनियर नेताओं ने अमर को जिम्मेदार ठहराया था।
-अमर के खिलाफ आजम के अलावा रामगोपाल यादव और मोहन सिंह ने विरोध की अगुआई की थी।
- बीमार होने पर अमर सिंगापुर अपना इलाज कराने गए। 2009 में दूरियां इतनी बढ़ीं कि अमर ने सिंगापुर से ही सपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। अमर का आरोप था कि उन्हें हॉस्पिटल में यादव परिवार से कोई देखने नहीं गया था।
सपा में वापसी को लेकर अमर ने क्या कहा था?
- अमर सिंह ने यूपी विधानसभा चुनाव-2017 के बाद सपा में अपनी वापसी की अटकलों से इनकार किया था।
- उन्होंने कहा था- "सपा को अगर अमर सिंह को घर में रखना ही होता, तो निकाला क्यों जाता? उन्होंने मुझे मेरे बर्थडे के दिन ही पार्टी से निकाल दिया।"

महामना एक्सप्रेस के स्लीपर कोच से चोरी हो गईं टोटियां-टॉयलेट किट

फर्स्ट एसी में ऊपर वाली बर्थ पर जाने के लिए बनी सीढ़ियां।
वाराणसी. इंडिया की सबसे मॉर्डन ट्रेन महामना एक्सप्रेस में चोरी का मामला सामने आया है। ट्रेन के स्लीपर कोच से टोटियां और टॉयलेट किट चोरी हो गई हैं। कुछ और सामान भी गायब हैं। इस ट्रेन को मोदी ने 22 जनवरी को वाराणसी से फ्लैग ऑफ किया था।
कैसे हुई चोरी की जानकारी?
गुरुवार को ये ट्रेन दूसरी बार दिल्ली से वाराणसी आई। जब साफ-सफाई के लिए ट्रेन यार्ड पहुंची, तो कर्मचारियों को कई टोटियां और साबुन किट गायब मिले। पैसेंजर्स महामना एक्सप्रेस में लगे सामानों को निकाल कर ले जा रहे हैं।
कब-कब चलती है ये ट्रेन?

- महामना एक्सप्रेस वाराणसी से हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलती है।
- वाराणसी से ये ट्रेन शाम 6 बजकर 35 मिनट पर रवाना होती है।
- लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर रात 11:50 पर आकर 11:58 पर पहुंचती है।
- ये ट्रेन दूसरे दिन सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचाती है।
- नई दिल्ली से महामना एक्सप्रेस हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती है।
क्यों खास है महामना एक्सप्रेस?

- महामना एक्सप्रेस की सभी बोगियां फायर प्रूफ हैं।
- बाहर आग अगर लगी भी, तो अंदर तक ये नहीं पहुंचेगी।
- पैसेंजर्स की सुविधा के लिए जर्कलेस बर्थ बनाए गए हैं।
- ट्रेन में एलईडी लाइटिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
- पैसेंजर्स के लिए बायो टॉयलेट और एक्जॉस्ट फैन भी होंगे।
- हर बर्थ पर मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग प्वॉइंट भी दिए गए हैं।
- बुजुर्ग लोगों के लिए बोगियों में घर जैसी सीढ़ियां बनाई गई हैं।
- ट्रेन लेट होने की जानकारी भी इस पर आसानी से मिल जाएगी। 
- हर कोच में कैलेंडर लगा है।
- गेट की सीढ़ी पर सेंसर लाइट लगाई गई है, ताकि रात में पैसेंजर को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में दिक्कत न हो।
- केबिन में फायर सिस्टम (सिलेंडर) लगे हैं।
- हर सीट पर आसानी से खुलने वाला स्नैक्स टेबल भी दिया गया है।
मॉडर्न पेंट्रीकार

- पहली बार मॉर्डन पेंट्रीकार में इलेक्ट्रॉनिक चिमनी (एक्जॉस्ट) लगाई गई है। 
- पेंट्रीकार, लोको पायलट और गार्ड के पास इमरजेंसी के लिए एनाउंसमेंट टूल्स लगे हैं।
- पानी के लिए आरो (RO) सिस्टम लगाया गया है।
- कर्मचारियों के आराम करने के लिए कंफर्ट केबिन बनाया गया है।

विधानसभा में लगे गवर्नर गो बैक के नारे, 7 फरवरी तक कार्यवाही स्थगित

विधानसभा में हंगामा करते बीएसपी के विधायक।
लखनऊ. यूपी विधानसभा में बजट सेशन के पहले दिन अपोजिशन पार्टियों ने जमकर हंगामा किया। गवर्नर राम नाईक के अभिभाषण को बीएसपी ने झूठ का पुलिंदा बताते हुए गवर्नर गो बैक के नारे लगाए। खराब लॉ एंड ऑर्डर और किसान मुद्दों को लेकर कांग्रेस और आरएलडी के विधायकों ने पोस्टर-बैनर लहराएं। हंगामे की वजह से गवर्नर अपना अभिभाषण भी पूरा नहीं पढ़ सके। उन्होंने बस पहला और आखिरी पन्ना पढ़ा। इसके बाद विधानसभा 7 फरवरी तक स्थगित कर दी गई।
बीएसपी और कांग्रेस ने क्या कहा?
- बीएसपी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सपा सरकार लूट खसोट कर रही है। बुंदेलखंड में लोग भूख से मर रहे हैं। सरकार की चीनी मिल मालिकों से सांठगांठ है। मायावती की सरकार सपा के कुशासन का अंत करेगी।
- कांग्रेस की ओर से प्रदीप माथुर ने कहा कि बीजेपी और सपा दोनों पार्टियां मिली हुई हैं। दोनों पार्टियां ही यूपी में दंगा कराना चाहती है।
लौटाए गए कई बिल

विधानसभा में हंगामे के चलते इंडियन मेडिसिन अमेंडमेंड बिल, राम मनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी बिल, इंडियन स्टाम्प अमेंडमेंड बिल, एरा यूनिवर्सिटी बिल सहित 6 बिल वापस लौटा दिए गए।
कब तक चलेगी कार्यवाही?
विधानसभा की कार्यवाही 11 मार्च तक चलेगी। 12 फरवरी को सीएम साल 2016-17 का आम बजट पेश करेंगे।
गवर्नर के लिए नया प्रोटोकॉल भी नामंजूर
इसके पहले अपोजिशन पार्टियों ने गवर्नर के अभिभाषण के लिए जारी किए गए नए प्रोटोकॉल को मानने से इनकार कर दिया था। बीजेपी को छोड़कर सभी पार्टियों ने मिलकर यह तय किया था कि गवर्नर के लिए अब तक जो प्रोटोकॉल अपनाया जाता रहा है, उसे जारी रखा जाएगा। इस बारे में यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "ये कोई राजशाही नहीं है कि गवर्नर बैंड-बाजे के साथ जुलूस के रूप में राजा की तरह आएं।"
क्या था नए प्रोटोकॉल में?
- नए प्रोटोकॉल के तहत गवर्नर का स्वागत पोर्टिको में होना था।
- गवर्नर को बैंड-बाजे के साथ विधानसभा तक ले जाना था।
- उनके साथ सीएम, मिनिस्टर ऑफ पार्लियामेंट्री अफेयर्स और चीफ जस्टिस को मौजूद रहना था।
- सीएम पहली बार राज्यपाल का स्वागत पोर्टिको में करते और उन्हें विदा करने भी पोर्टिको तक आते।

हजरत निजामुद्दीन की दरगाह पर राहुल गांधी ने चढ़ाई चादर, मांगी दुआ

गुरूवार रात दरगाह में मौजूद राहुल गांधी।
नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुरूवार रात दिल्ली की हज़रत निज़ामुद्दीन की दरगाह पर पहुंचे। वहां आजकल निज़ामुद्दीन औलिया का सालाना उर्स चल रहा है।
राहुल ने दरगाह में क्या किया?
-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सबसे पहले राहुल उर्स महल गए। उर्स महल में उस वक्त कव्वाली का प्राग्राम चल रहा था।
-ख्वाजा सईद अहमद निजामी समेत कई लोगों के साथ राहुल मंच पर बैठे और कव्वाली सुनी।
-उर्स महल में राहुल के सिर पर हरे रंग का साफा बांधा गया और गले में गुलाबी रंग का दुपट्टा डाला गया।
-इसके बाद राहुल हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह की तरफ गए।
-राहुल ने दरगाह पर चादर और फूल चढ़ाकर दुआ मांगी।
-दरगाह पर राहुल करीब 30 मिनट तक रहे।
कई देशों के लोग पहुंचे हैं उर्स में
-30 जनवरी तक चलने वाले 712वें उर्स की शुरूआत बुधवार से हुई है।
-इसमें शामिल होने के लिए पाकिस्तान समेत कई देशों से लोग यहां पहुंचे हैं।
-उर्स को लेकर दरगाह को विशेष तौर पर सजाया गया है।

बेटी के लिए दूल्हा नहीं खोज पाने से निराश पिता ने लगाई घर में आग, फांसी पर झूले

नई दिल्ली। नार्थ दिल्ली के अशोक विहार इलाके में 70 साल के एक शख्स ने अपनी बेटी (38) के लिए दूल्हा खोजने में नाकाम रहने की वजह गुरूवार को अपने अपार्टमेंट को आग लगा दी और खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया, मृतक की पहचान बृज मोहन सबरवाल के रूप में हुई है।
क्या कहना है बेटी का ?
-उनकी बेटी योगिता ने बताया कि वह जब पांच बजे उठीं तो घर धुए से भरा हुआ था और फर्नीचर में आग लगी हुई थी।
-योगिता ने पुलिस को बताया कि उसके लिए करीब दस साल तक तलाश करने के बाद भी दूल्हा नहीं खोज पाने की वजह से उसके पिता बुधवार रात बहुत दुखी थे।
दहेज और मंहगी शादी की डिमांड थी शादी न होने की वजह
-अंग्रेजी अखबार एचटी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सबरवाल सब्जी मंडी में एक कमीशन एजेंट के तौर पर काम करते थे लेकिन पत्नी की मौत के बाद उन्होंने काम छोड़ दिया था और पेंशन से ही घर चल रहा था।
-पुलिस के मुताबिक सुनिता ने बताया है कि दहेज और महंगी शादी की डिमांड के चलते उसे हर बार रिजेक्ट कर दिया जाता था।
-पुलिस ने बताया कि सबरबाल दिल के मरीज थे और उनकी बेटी ने उन्हें बहुत समझाया की वह उसकी शादी न होने की वजह से स्ट्रेस नहीं लें, लेकिन वह डिप्रेस रहते थे।

फाइल फोटो - प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल।

20 स्मार्ट सिटी की लिस्ट में यूपी नहीं: हमने 11 शहरों में जाना आखिर कहां हुई चूक

लखनऊ के चारबाग स्टेशन की फाइल फोटो।
लखनऊ. स्मार्ट सिटी की पहली लिस्ट में यूपी के एक भी शहर के शामिल न होने से इनमें रहने वालों को निराशा हाथ लगी है। कई शहरों को अच्छे-खासे अंक भी मिले थे। बावजूद इसके ये शहर टॉप 20 में अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करा सके। हमने जाना कि आखिर किन वजहों से ये शहर स्मार्ट सिटी की रेस में पिछड़ गए। आगे पढ़िए, लखनऊ के शामिल न होने की क्या रही वजह...
1. लखनऊ
- मेयर दिनेश शर्मा का कहना है कि नगर निगम ने बहुत अच्छी तैयारी की थी।
- सभी सुविधाएं सर्वे एजेंसी की नजर में अच्छी थीं और उसने तारीफ भी की।
- दूसरे विभागों ने न अच्छी कार्ययोजना बनाई और न ही नगर निगम को जानकारी दी।
- स्पेशल राउंड में जगह मिलने की खुशी है।
- नगर आयुक्त उदयराज सिंह ने कहा कि हम फिर से कंपीटिशन में जाएंगे और शहर को स्मार्ट बनाएंगे।
लोगों का क्या है कहना?
- छात्रा स्मृति पांडेय ने कहा कि किसी पर आरोप लगाने की जगह खुद को इतना अच्छा बनाएं कि शहर स्मार्ट सिटी बन सके।
- स्मृति ने कहा कि व्यवस्था में खामियों को सुधारना होगा।
- सामाजिक कार्यकर्ता सपना उपाध्याय ने कहा कि शहर में सफाई और सुरक्षा की कमी मानकों पर खरी नहीं उतरी।
- व्यापारी नेता हरीश ने कहा कि सफाई व्यवस्था और संचार के मानकों पर शहर का ग्राफ नीचे रहा।

पुलिस ने AAP विधायक महेंद्र यादव को गिरफ्तार किया

फाइल फोटो - प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने आप विधायक महेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। यादव पर आरोप है कि शुक्रवार को एक प्रोटेस्ट के दौरान उन्होंने लोगों को भड़काया साथ ही उन पर एक सरकारी कर्माचारी के साथ बदसलूकी का भी आरोप है।महेंद्र यादव विकासपुरी से विधायक हैं।
क्या आरोप है पुलिस के?
-पुलिस के मुताबिक निहाल पुर इलाके में एक बच्ची के रेप के बाद हुए प्रोटेस्ट में यादव और उनके सपोटरों ने हंगामा खड़ा कर दिया।
-पुलिस का आरोप है कि यादव ने भीड़ को भड़काया जिससे पहले से ही मौजूद नाराज भीड़ और गुस्सा हो गई और हालात दंगे जैसे हो गए।
आप ने जताया विरोध
-आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पांडे ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में महिला सुरक्षा के इंतजाम करने के बजाए दिल्ली पुलिस एक बार फिर से आप एमएलए को गिरफ्तार करने में बिजी है।
-अपने अगले ट्वीट में उन्होंने कहा कि एमएलए महेंद्र यादव को किसलिए गिरफ्तार किया गया है। वह वहां मौजूद थे जहां जनता एक बच्ची के साथ हुए रेप के विरोध में प्रोटेस्ट कर रही थी। क्या इंसाफ मांगना गलत है।
पहले गिरफ्तार हो चुके हैं AAP के पांच एमएलए
- फर्जी डिग्री के मामले में जितेंद्र सिंह तोमर अरेस्ट हुए थे। इस विवाद के चलते तोमर ने केजरीवाल सरकार में कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
- सोमनाथ भारती भी पत्‍नी से मारपीट के मामले में अरेस्ट हो चुके हैं।
- दिल्ली की कोंडली सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के एमएलए मनोज कुमार धोखाधड़ी (धारा 420) के आरोप में अरेस्ट हो चुके हैं।
- AAP के एमएलए सुरेंद्र सिंह पर एनडीएमसी के एक कर्मचारी से मारपीट करने और बुरा बर्ताव करने के आरोप में अरेस्ट हो चुके हैं।
- नवंबर 2015 में अखिलेश त्रिपाठी को 2013 दंगा भड़काने के मामले में अरेस्ट किया गया।
'आप' के 23 विधायकों पर है क्रिमिनल केस
दिल्ली में 'आप' के एक-तिहाई से ज्यादा विधायक दागी हैं। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म के आंकड़ों के मुताबिक, 'आप' के 67 विधायकों में 23 (34 पर्सेंट) ने चुनावी एफिडेविट में अपने खिलाफ क्रिमिनल मामले घोषित किए हैं।

पीलिया पर लापरवाही ने बरते विवि प्रशासन

शिमला। सीपीआई(एम) की लोकल कमेटी शिमला ने पीलियाग्रस्त वार्डों में पिछले तीन महीने के पानी के बिलों को माफ करने के नगर निगम शिमला के निर्णय का स्वागत किया है। पार्टी ने नगर निगम शिमला के उस निर्णय की भी प्रशंसा की है जिसमें उसने कहा है कि जब तक पीलिया के संक्रमण पर रोक नहीं लगती तब तक अश्वनी खड्ड से पानी सप्लाई नहीं ली जाएगी।
पार्टी सचिव विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि नगर निगम शिमला के पानी के बिल माफ करने से लगभग 12 हजार लोगों अथवा उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी जोकि पीलिया प्रभावित क्षेत्रों विकासनगर, छोटा शिमला, बीसीएस, खलीणी, न्यू शिमला, कसुम्पटी तथा पंथाघाटी आदि में रह रहे हैँ।
पार्टी ने कहा है कि शहर में अश्वनी खड्ड से पानी की रोक लगने से होने वाली पानी की कमी को मध्य नजर रखते हुए प्रदेश सरकार को गिरी गुम्मा परियोजना से अतिरिक्त पानी देना चाहिए। साथ ही कोटी और बरांडी परियोजना को जल्द तैयार किया जाए ताकि जनता को परेशानी का सामना करना पड़े। पार्टी ने कहा है कि नगर निगम शिमला के इस अनुरोध को तुरंत स्वीकार कर प्रदेश सरकार आईपीएच विभाग को पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए ताकि शहर के लोगों को पानी की दिक्कत झेली पड़े।

पुलिस ने हरियाणा के युवक से बरामद की दो किलो चरस

शिमला। मंडी पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान के तहत नशे का कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ धरपकड़ अभियान तेज कर दिया है। मंडी शहरी पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई राम लाल के नेतृत्व में गठित टीम एचसी इंद्र सिंह, एचएचसी नरपत, कॉन्स्बेटल प्रदीप, विशाल ने पुलघराट के पास नाका लगाया हुआ था।

इस दौरान कुल्लू से हरिद्वार जा रही एचआरटीसी की बस को तलाशी के लिए रोका तो बस की 34 नंबर सीट पर बैठे हरियाणा के युवक से पिट्ठू बैग से 2 किलो चरस बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और चरस कहां से लाई और कहां पर ले जाई जा रही थी, इस बारे में गहनता से छानबीन शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान जसवंत शर्मा उर्फ पंडित निवासी महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के रूप में हुई है। शहरी पुलिस चौकी मंडी के प्रभारी एएसआई रामलाल ने बताया कि आरोपी युवक को सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से आरोपी को कोर्ट ने 3 तीन के पुलिस पर भेज दिया है।

शिक्षा निदेशालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने का किया विरोध

 

 

निजी शिक्षण संस्थान में इनकम टैक्स का छापा

निजी शिक्षण संस्थान में इनकम टैक्स का छापा

ऊना-चंडीगढ़ रूट पर मनमानी, अन्य बसों में 13 रुपए कम किराया, अधिकारी मौन

ऊना-चंडीगढ़ रूट पर मनमानी, अन्य बसों में 13 रुपए कम किराया, अधिकारी मौन

कांगड़ा में घमासान, वीरभद्र-धूमल ने जुटाया समर्थन

कांगड़ा में घमासान, वीरभद्र-धूमल ने जुटाया समर्थन
धर्मशाला । प्रदेश की सबसे बड़ी जिला परिषद कांगड़ा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह वीरवार को कुनिहार का प्रस्तावित दौरे को रद्द कर अचानक धर्मशाला पहुंचना पड़ा। कांगड़ा जिला जिला परिषद में 55 सदस्य हैं। 23 जनवरी को शपथ ग्रहण समारोह के बाद भाजपा नेताओं ने 28 सदस्यों का समर्थन जताते हुए अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर दावा जताया था।

भाजपा के धाम में 28 सदस्याें के शामिल होने से कांग्रेस में हड़कंप मच गया। कांगड़ा से तीन मंत्रियों से भी जब स्थिति नहीं संभली तो मुख्यमंत्री को स्वयं धर्मशाला पहुंचना पड़ा। हालांकि मुख्यमंत्री के समक्ष 15 जिला पार्षद ही शामिल हो पाए। कल रात तक सीएम का कार्यक्रम सोलन के कुनिहार जाने का था, लेकिन उन्होंने इस कार्यक्रम में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री को भेजा और स्वयं स्थिति को देखते हुए धर्मशाला पहुंचे।

धर्मशाला सर्किट हाउस में वीरभद्र सिंह के समक्ष कांग्रेस समर्थित नवनिर्वाचित 15 सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। बाकि सदस्यों का इंतजार होता रहा, लेकिन वह धर्मशाला नहीं पहुंचे। जिला परिषद कांगड़ा में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चयनित करने के लिए शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा के अतिरिक्त कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया, प्रो. चंद्र कुमार, पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू को इस सारे प्रकरण का जिम्मा सौंपा गया है।

भाजपा समर्थित अनिल व अनुराधा भी पहुंचे सर्किट हाउस : बैठक के बीच कांगड़ा के विधायक पवन काजल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलाने के लिए झिकली इच्छी जिला परिषद वार्ड से विजयी सदस्य अनिल कुमार व खोली वार्ड से विजयी रही अनुराधा को साथ लेकर पहुंचे। अनिल कुमार ने अपने कांग्रेस समर्थित दो प्रत्याशियों को हराकर जीत हासिल की थी और उन्हें भाजपा समर्थित माना जाता है। 23 जनवरी को धर्मशाला में जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के दिन अनुराधा व अनिल ने भी भाजपा समर्थित सदस्यों के लिए आयोजित दोपहर के भोजन में हिस्सा लिया था। जिसके चलते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता व देहरा के विधायक रविंद्र रवि ने जिला परिषद में भाजपा समर्थित 28 सदस्यों का दावा जताया था। जिला परिषद भत्तला वार्ड से विजयी रहे गगन सिंह अकेले ही सर्किट हाउस पहुंचे। उन्हें नूरपुर के विधायक अजय महाजन ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलवाया।
जिला परिषद बणी वार्ड से निर्वाचित हुई पार्षद रितु पराशर के पति गगन पराशर ने भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात कर 23 जनवरी को मीडिया को दिए गए बयान के संबंध में अपना स्पष्टीकरण दिया। रितु पराशर व गगन पराशर ने जिला कांग्रेस महासचिव व पीरसलूही पंचायत के प्रधान वीरेंद्र राणा, कोल्हापुर पंचायत के उपप्रधान वीरेंद्र ठाकुर के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के रक्कड़ दौरे पर नाराजगी जाहिर की थी। वीरभद्र सिंह के धर्मशाला पहुंचने पर कांगड़ा जिला से संबंधित चार मंत्री भी पहुंचे। इनमें बृज विहारी बुटेल, सुधीर शर्मा, परिवहन मंत्री जीएस बाली, कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया शामिल थे।

घर में घुस दर्जनभर बदमाशों ने बरसाई गोलियां, तोड़फोड़ के बाद फरार

रेवाड़ी में घर में तोड़फोड़ और फायरिंग के मामले की जांच करती पुलिस।
रेवाड़ी। रेवाड़ी शहर के मोहल्ला संघी का बांस में दर्जनभर बदमाश एक घर में घुस गए। बदमाशों ने परिवार के लोगों से मारपीट की और अंधाधुंध हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने इस मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
रात 9 बजे जमकर मचाया बदमाशों ने उत्पात
 
मोहल्ला संघी का बांस निवासी हरिराम गुरुवार रात को अपनी पत्नी के साथ घर पर ही मौजूद था। रात करीब 9 बजे 10-12 बदमाश उसके घर में घुसे। सभी 25 से 30 साल के नौजवान थे। बदमाशों के हाथ में लाठी-डंडे थे। हरिराम के घर में घुसकर बदमाशों ने जमकर तोड़फोड़ की। घर में रखा पलंग, शीशा और यहां तक की वाशिंग मशीन तक को तोड़ डाला। बदमाशों ने हरिराम व उसकी पत्नी से भी मारपीट की। घर के लोगों पर ईंटें बरसाई। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग एकत्रित हुए तो बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए।
एक जिंदा रौंद और एक खाली कारतूस बरामद
घटना के बारे में तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गोकलगेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौका मुआयना किया। हरिराम ने पुलिस को शिकायत दे दी, जिसके बाद मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित ने कुछ युवकों पर इस घटना को लेकर संदेह भी जताया है, लेकिन उनके नाम फिलहाल बताए नहीं जा रहे। मामला आपसी रंजिश का ही माना जा रहा है। पुलिस को अपनी जांच के दौरान मौके से एक जिंदा रौंद और एक खाली कारतूस मिला है। गोकल गेट चौकी प्रभारी रामसिंह का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर दर्जनभर बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होगी।

लुधियाणा होगा स्मार्ट सिटी: एसपीवी के जिम्मे होगा पूरा प्रोजेक्ट

लुधियाणा होगा स्मार्ट सिटी: एसपीवी के जिम्मे होगा पूरा प्रोजेक्ट
लुधियाना। देश के पहले 20 शहरों को स्मार्ट बनाने की लिस्ट में लुधियाना सिटी का 19वां नंबर आ गया है। नार्थ इंडिया में लुधियाना पहला एेसा शहर है जोकि स्मार्ट सिटी में शामिल हो गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत लुधियाना में एरिया बेस कॉन्सेप्ट और पैन सिटी प्रोजेक्ट के तहत अगले पांच सालों में 1000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
इसमें केंद्र सरकार अगले चार सालों में 500 करोड़ और इतनी ही राशि स्टेट गवर्नमेंट को अगले चार सालों में देनी होगी। एरिया बेस डेवलपमेंट कॉन्सेप्ट में घुमारमंडी, सराभा नगर मेन मार्केट, फिरोजपुर रोड सिधवां कनाल के आसपास का करीब 700 एकड़ एरिया को रेट्रो फिटिंग के जरिए स्मार्ट बनाया जाएगा। वहीं पैन सिटी प्रोजेक्ट में शहर का प्रदूषण कम करने को डीजल ऑटो की जगह जीपीएस से लैस ई-रिक्शा को लाया जाएगा।

इसके साथ साथ पैन सिटी में ही नगर निगम के रेवेन्यू की रिकवरी बढ़ाने के लिए जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम(जीआईएस) बेस सिस्टम डेवलप किया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए शुक्रवार से काम शुरू होने जा रहा है। इसमें सबसे पहले नगर निगम अफसर सेंट्रल गवर्नमेंट के कैबिनेट सेक्रेटरी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस होगी। इसी में स्मार्ट सिटी के स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को बनाने का काम होगा। एसपीवी को स्मार्ट सिटी को फंड मिलेगा और एसपीवी की देखरेख में प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा।

पब्लिक वोटिंग में नंबर वन रहा था घुमारमंडी व सराभा नगर का इलाका : स्मार्ट सिटी प्रपोजल में एरिया बेस डेवलपमेंट के लिए कुल तीन एरिया लिए गए थे। इनमें घुमारमंडी व सराभा नगर के अलावा जवाहर नगर कैंप को री डेवलप और चौड़ा बाजार, रेलवे स्टेशन और ओल्ड सिटी को रेट्रो फिटिंग में लिया गया था। लेकिन ये चुनाव पब्लिक वोटिंग के आधार पर होना था, इसलिए जवाहर नगर कैंप और चौड़ा बाजार का एरिया वोटिंग में पिछड़ गया। घुमारमंडी व सराभा नगर मार्केट के लिए सबसे अधिक वोटिंग रही।

रीट में परीक्षा केंद्र चयन पर उठे सवाल, प्रवेशपत्र भी जारी नहीं कर पा रहा बोर्ड

शिक्षा संकुल।
जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से सात फरवरी को होने वाली रीट परीक्षा में केंद्र चयन पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगे हैं कि जयपुर में आर्थिक फायदा पहुंचाने के लिए निजी स्कूलों को अधिक संख्या में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जयपुर में बड़े सरकारी स्कूलों को परीक्षा केंद्र के लिए ही अयोग्य मान लिया गया।
अभ्यर्थी प्रवेश पत्रों का इंतजार कर रहे हैं ....
उधर, परीक्षा देने वाले आठ लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रवेश पत्रों का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड ने दावा किया था कि 23 जनवरी से वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड किए जा सकते हैं, लेकिन अब तक बोर्ड ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है कि प्रवेश पत्र कब जारी होंगे।

जयपुर शहर में बड़े सरकारी स्कूलों को रीट परीक्षा का केंद्र नहीं बनाने का विरोध शुरू हो गया है। यहां बने 263 केंद्रों में से केवल 24 ही सरकारी स्कूल हैं। इनमें भी शहर के बड़े सरकारी स्कूल बनीपार्क, पोद्दार, सोडाला, सांगानेर सहित अन्य इलाकों में स्थित बड़े सीनियर सेकंडरी स्कूल शामिल नहीं है।
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन शर्मा ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों से मिलीभगत करके वहां अधिक केंद्र बनाए गए हैं क्योंकि परीक्षा आयोजन के लिए बोर्ड बड़ी राशि का भुगतान करता है। केंद्र चयन के लिए कॉलेज के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने केवल निजी स्कूलों पर ही ध्यान दिया और उन्हें ही परीक्षा केंद्र बनाया क्योंकि बोर्ड इसके लिए अच्छी राशि का भुगतान करता है। अगर सरकारी स्कूलों में केंद्र बनता तो यह पैसा स्कूल को मिलता। जो स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के लिए सुविधाएं विकसित करने के काम आता लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

ट्रेन में इनएक्टिव बम के साथ मिला लेटर, रेल मंत्री से किश्तों में मांगे 10 करोड़

ट्रेन में टॉयलेट के पास थैले में रखा बम।
भोपाल  28 जनवरी(एन.एन.आई)।। मप्र के सतना जिले से करीब 100 किमी दूर यूपी के मानिकपुर स्टेशन के पास बनारस से मुंबई जा रही 11094 महानगरी एक्सप्रेस में गुरुवार शाम एक इनएक्टिव (निष्क्रिय) बम मिला। उसे देर रात विस्फोट करके नष्ट किया गया। ट्रेन में ही सवार अशोक यादव ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। इसके साथ एक लेटर भी मिला है। इसमें किश्तों में रेल मंत्री से 10 करोड़ रुपए की डिमांड की गई है। इसके साथ रातभर ट्रेनों चेकिंग चलती रही। जानिए पूरा मामला..
क्या है पूरा मामला...
- पुलिस ने बताया कि मानिकपुर स्टेशन के पहले ट्रेन की एस-3 बोगी के टॉयलेट में एक यात्री ने संदिग्ध थैला देखा। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर मानिकपुर स्टेशन पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ), जीआरपी बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ तैनात हो गई।
- ट्रेन के मानिकपुर स्टेशन पर पहुंचते ही बम स्क्वॉड ने संदिग्ध थैला उतार कर उसकी तलाशी ली तो उसे बम मिला। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि थैला किसने ट्रेन में रखा था। इसके अलावा सभी स्टेशनों पर ट्रेनों की गहराई से छानबीन की गई।
- रात करीब 2 बजकर 40 मिनिट पर बॉम्ब डिस्पोजल स्कवॉड ने बम का डिफ्यूज किया। इस दौरान तेज धमाका भी हुआ। जीआरपी के मुताबिक धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज करीब तीन किमी तक सुनाई दी गई।
- यदि ट्रेन में यह बम फट जाता, तो इससे तीन बोगियां क्षतिग्रस्त हो सकती थी। इसमें एलईडी का इस्तेमाल किया गया था इसलिए यह सोची समझी साजिश लगती है।
'अंग्रेजी का अच्छा है जानकार'
- लेटर में लिख राइटिंग को देख कर पुलिस अनुमान लगा रही है लिखने वाला अंग्रेजी का अच्छा जानकार है। उसने लिखा है कि रेल हादसे के बाद किसी को सही मुआवजा नहीं मिलता है। यदि रेल मंत्री रुपए देने के लिए तैयार हैं तो वे इसी ट्रेन की एस4 और एस5 कोच में मोदी का पोस्टर लगा दें।
- मुंबई पुलिस स्टेशन में आपको एक पर्स मिलेगा, उसमें आपको आगे क्या करना है उस बारे पता चल जाएगा।
एमपी और यूपी पुलिस संपर्क में
आईजी लॉ एंड ऑर्डर मकरंद देउस्कर का कहना है कि एमपी की पुलिस यूपी पुलिस के संपर्क में है। प्रदेश के सभी स्टेशनों पर सभी ट्रेनों की अच्छी तरह तलाशी ली जा रही है।

रिपब्लिक डे पर हमले की साजिश नाकामः IS के 2 शख्स अरेस्ट, NIA करेगी पूछताछ

प्रतीकात्मक फोटो।
नई दिल्ली 27 जनवरी(एन.एन.आई)।आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में दो और लोगों को अरेस्ट किया गया। रिपब्लिक डे से पहले 30 सस्पेक्ट को अरेस्ट किया गया था। 26 जनवरी को विदेशी नागरिक इनके निशाने पर थे।
कहां से पकड़े गए आतंकी, क्या था इनका मकसद...

- इस ग्रुप के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखते हुए सिक्युरिटी एजेंसियों ने एक शख्स को हैदराबाद और दूसरे को महाराष्ट्र से अरेस्ट किया है।
- जानकारी के मुताबिक दोनों को बुधवार को एनआईए को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इन दोनों से खुफिया एजेंसियों पूछताछ कर चुकी हैं। 
- एनआईए ने अभी तक 30 लोगों को अरेस्ट किया है जिनके ताल्लुकात 'जैनूद-उल-खलीफा-ए-हिंद' (आर्मी ऑफ द खलीफा इंडिया) से है। यह आईएसआईएस की एक विंग है। 
- इन्हें आतंकियों घटनाओं की साजिश रचने के आरोप में देश के तमाम हिस्सों से पकड़ा गया है। 
कैसे थे संपर्क में?
- एनआईए का दावा है कि आरोपी स्काइप, सिगनल, ट्रिलियन जैसी साइट्स के जरिए सीरिया में आतंकी संगठन से लगातार संपर्क में थे। 
- ये अपने साथ लड़कों को शामिल करने के लिए उन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए मोटिवेट करते थे।
शेख को बगदादी से मिलते हैं ऑर्डर

- जिन्हें अरेस्ट किया गया है उनमें 'अमीर' नाम के ग्रुप का मेंबर मुद्दबिर मुश्ताक शेख भी शामिल है। 
- अफसरों के मुताबिक, वह भारत और भारत के बाहर भी आईएस की मदद कर रहा था। 
- बताया जाता है कि शेख को बगदादी खुद ऑर्डर देता था। 
- आतंकी ग्रुप को बढ़ाने का मकसद यहां भी बगदादी के संगठन को बढ़ावा देना था।

बजट के बाद !

बजट के बाद !

राजस्थान: बॉर्डर पार से आए दो संदिग्ध गुब्बारों को एयरफोर्स ने मार गिराया

बाड़मेर के एक गांव में गुब्बारे पर मिसाइल दागे जाने के बाद जांच करती पुलिस।
नई दिल्ली 27 जनवरी(एन.एन.आई)। सीमा पार से जासूसी करने आए दो संदिग्ध गुब्बारों को वायुसेना ने मार गिराया। एक गुब्बारे को सुखोई विमान ने बाड़मेर जिले में मिसाइल से मार गिराया। सुखोई प्लेन ने इस पर 5 मिसाइलें दागीं। बाड़मेर के गुगड़ी गांव में मिसाइल के टुकड़े गिरे हैं। जबकि दूसरे गुब्बारे को हेलिकॉप्टर से पाली जिले में निशाना बनाया गया। इन गुब्बारों पर कैमरे और ट्रांसमीटर समेत अन्य इंस्ट्रूमेंट्स लगे हुए है। इसी वजह ये गुब्बारे रडार की पकड़ में आ गए। दोनों गुब्बारों में मिले इंस्ट्रूमेंट्स की एयरफोर्स जोधपुर में जांच कर रही है। पाकिस्तान की तरफ से आए गुब्बारे पर शक है कि उसके जरिए जासूसी करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये गुब्बारे मौसम विभाग के भी हो सकते हैं।
एयरबेस के फोटोज लेने की कोशिश...
- एयरफोर्स के विंग कमांडर पीसी अग्रवाल ने मुताबिक ये बॉर्डर पार से एयरबेस के फोटो लेने की कोशिश हो सकती है।
- उन्होंने बताया कि ऐसे गुब्बारे में कैमरे लगाकर एयरबेस के फोटोज लिए जा सकते हैं। यह ऐसी ही एक कोशिश लगती है।
एयरफोर्स ने कैसे दिया ऑपरेशन को अंजाम...
- रडार पर गुब्बारा नजर आने के बाद एयरफोर्स ने इसे मार गिराने का फैसला लिया।
- इसके बाद फाइटर प्लेन सुखोई से गुब्बारे पर 5 मिसाइलें दागी गईं। 
पुलिस ने क्या कहा?
- बम धमाके के इन्फॉर्मेशन मिलते ही पुलिस मौके पर जांच कर रही है। एयरफोर्स का कहना है कि यह एरिया 26 जनवरी को नो फ्लाइंग जोन था।

67th रिपब्लिक डे: स्टाइलिश साफे में दिखे मोदी, सिर्फ डेढ़ घंटे की थी सेरेमनी

स्टाइलिश साफे में नजर आए पीएम मोदी।
नई दिल्ली 27 जनवरी(एन.एन.आई)। 67th रिपब्लिक डे परेड के दौरान मोदी पीले रंग के लंबे साफे में नजर आए। उन्होंने बंद गले का लाइट ब्राउन सूट पहना था। इससे पहले 2014 और 2015 की 15 अगस्त और पिछली 26 जनवरी को भी उन्होंने साफा पहना था। इस बार चीफ गेस्ट फ्रांस के प्रेसिडेंट फ्रांस्वा ओलांद थे। आतंकी हमलों के खतरे के चलते परेड की टाइमिंग सिर्फ 90 मिनट की रखी गई।

पहले कितनी लंबी होती थी परेड...

- रिपब्लिक डे के मौके पर टेररिस्ट हमले के खतरे को देखते हुए ऑफिशियल प्रोग्राम की टाइमिंग में कटौती की गई।
- इस साल सेरेमनी 90 मिनट की थी, जबकि पिछले साल यह 115 मिनट की थी।
- इस बार इसकी टाइमिंग में 25 मिनट की कटौती की गई है।
- इससे पहले 2005 में सेरेमनी का वक्त 145 मिनट से घटाकर 115 मिनट किया गया था।
पहली बार परेड में शामिल हुआ एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव

- इंडिया में ही डिजाइन और डेवलप किया एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर रुद्र पहली बार रिपब्लिक डे परेड में शामिल हुआ।
- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने इसे डेवलप किया है। इंडियन आर्मी इस हेलिकॉप्टर को फरवरी 2013 से यूज कर रही है।
- 2016 में इसे पहली बार राजपथ पर होने वाली परेड में शामिल किया गया।
पहली बार विदेशी सैनिक टुकड़ी परेड में शामिल
- राजपथ पर 7 लेयर सिक्युरिटी कवर के साथ देश के इतिहास में पहली बार फ्रांस की आर्मी यूनिट परेड में शामिल हुई।
- 123 फ्रेंच सोल्जर्स के ट्रूप ने इंडियन सोल्जर्स के साथ परेड में हिस्सा लिया। यह फ्रांस की 35th इन्फैंट्री रेजिमेंट का ग्रुप था। फ्रेंच आर्मी के बैंड ने भी परेड में हिस्सा लिया।
- रिपब्लिक डे परेड में इसे एक नई परंपरा की शुरुआत माना जा रहा है। 
- दरअसल, फ्रांस ने 2009 में भारत को सम्मान देते हुए अपनी परेड में इंडियन आर्मी की मराठा लाइट इन्फ्रैंट्री को मौका दिया था। इसलिए भारत ने भी इस बार फ्रांस को न्योता दिया।
- फ्रांस की जो 35th इन्फैंट्री रेजिमेंट परेड में आई, उसका पुराना इतिहास है। पिछली बार यह रेजीमेंट 1781 से 1784 के बीच भारत में थी।
- तब इस रेजीमेंट ने टीपू सुल्तान के सपोर्ट में अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी थी। हालांकि, फ्रेंच आर्मी यह जंग नहीं जीत पाई थी। 
- इस जंग में टीपू सुल्तान के घुड़सवारों की टुकड़ी ने हिस्सा लिया था जो दशकों बाद जाकर मैसूर लांसर कहलाने लगी। 
- दिलचस्प बात यह है कि मैसूर लांसर की ही एक टुकड़ी मंगलवार को फ्रेंच आर्मी के तुरंत बाद राजपथ से गुजरी।
विदेशी मेहमानों को बारिश से बचाने बनी ग्लास रूफ
- 2015 में रिपब्लिक डे पर अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा चीफ गेस्ट थे। उस समय सुबह के दौरान हुई हल्की बारिश से परेड में शामिल हुए फॉरेन गेस्ट को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
- इस बार भी बारिश की संभावना को देखते हुए विदेशी मेहमानों को ग्लास रूफ पर वाले शेड में बिठाया गया था।
पहली बार निकली पूर्व सैनिकों की झांकी
- वन रैंक वन पेंशन लागू करने के बाद इस बार पहली वेटरन सैनिकों की झांकी भी राजपथ पर दिखाई दी।
- अबतक सिर्फ इंडियन आर्मी के पूर्व सैनिक ही परेड में मार्च करते थे।
- पहली बार पूर्व सैनिकों के सम्मान में तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिकों का सम्मान करती हुई झांकी परेड में शामिल की गई।

ओडिशा: खुद को इराकी बताने वाले चार लोग लापता, हाईअलर्ट जारी

सिम्बाॅलिक इमेज।
भुवनेश्वर 27 जनवरी(एन.एन.आई)। दिल्ली रजिस्ट्रेशन वाली कार से आए चार लोगों के अचानक लापता होने के बाद ओडिशा हाई अलर्ट पर है। ये चारों लोग सोमवार देर रात भुवनेश्वर के एक होटल में पहुंचे थे। जब होटल स्टाफ ने इनसे आईडेंटिटी प्रूफ मांगे तो ये लोग वहां से भाग गए।
जिस कार में आए उसका क्या हुआ....
- राज्य के डीजीपी केबी. सिंह ने खुद इन लोगों के लापता होने की पुष्टि की है।
- सिंह ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि लापता हुए चारों लोग जिस कार में आए थे, उस पर दिल्ली का नंबर था। जांच में यह नंबर भी फर्जी साबित हुआ।
- सिंह ने कहा कि सोमवार देर रात जैसे ही यह लोग होटल आर्य महल पहुंचे। तो स्टाफ ने आईडेंटिटी प्रूफ मांगा। इन लोगों ने स्टाफ से बहस की और वहां से भाग गए।
- होटल स्टाफ ने पुलिस को इन्फॉर्म किया, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही यह लोग निकल चुके थे।
- हालात को देखते हुए पुलिस ने आईजी की अगुआई में एक एसआईटी बना दी है।
होटल मैनेजर ने क्या कहा?
- होटल मैनेजर शिव नारायण महापात्र ने बताया कि चार में से केवल एक आदमी रिसेप्शन डेस्क पर आया था। बाकी तीन लोग कार में ही बैठे रहे। सीसीटीवी में इनकी फुटेज रिकॉर्ड है।
- बताया जाता है कि जो आदमी स्टाफ से बात कर रहा था, उसे हिंदी और अंग्रेजी आती थी।
पुलिस भी वहां मौजूद थी
- कुछ दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जिस वक्त यह लोग होटल पहुंचे, तब वहां एक पुलिस इंस्पेक्टर भी मौजूद था।
- उसने भी इन लोगों से आईडेंटिटी प्रूफ या पासपोर्ट दिखाने को कहा। इन लोगों ने पांच हजार रुपए में दो रूम बुक कर लिए थे।
- इंस्पेक्टर ने जैसे ही प्रूफ मांगे तो उस आदमी ने कहा, कार से निकालकर देता हूं। इसके बाद वह बाहर निकला और चारों कार में बैठकर फरार हो गए।
- कार का नंबर DL4C9645 था। ये जांच में फर्जी निकला।

एयर इंडिया ने क्रू मेंबर्स से कहा- सख्ती से फॉलो करें ड्रेस कोड, लंबे बाल नहीं चलेंगे

सिम्बाॅलिक इमेज।
नई दिल्ली 27 जनवरी(एन.एन.आई)। ड्रेस कोड को फॉलो न करने को लेकर आ रही शिकायतों पर एयर इंडिया मैनेजमेन्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इसके लिए 16 जनवरी को क्रू मेंबर्स और पायलट्स को एक लेटर जारी किया गया है।
क्या कहा गया है लेटर में....
- एयरलाइन्स के चीफ ऑफ ऑपरेशन्स कैप्टन अरविंद कठपालिया ने यह लेटर जारी किया है।
- इसमें कहा गया है, “आप जानते होंगे कि पिछले कुछ वक्त में यूनिफॉर्म स्टैंडर्ड्स नीचे आए हैं। एयर इंडिया के क्रू मेंबर्स की यूनिफॉर्म को दूसरी किसी भी एयरलाइन्स के कम्पेरिजन में बेहतर होना चाहिए।”
क्यों लिया गया एक्शन?
- सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें पता लगा कि ऑपरेशनल मैन्युअल और रूल बुक को फॉलो नहीं किया गया। इसकी वजह से दिक्कतें हुईं।
- मिसाल के तौर पर, मेल क्रू मेंबर्स को लंबे बाल और लंबी कलम रखने की इजाजत नहीं है। दाढ़ी को लेकर भी रूल्स हैं। पोनीटेल, कान और नाक में रिंग पहनने पर भी रोक है।
- इसके बावजूद इन रूल्स को फॉलो न करने के कई मामले सामने आए। इतना ही नहीं, कई बार तो ड्रेस कोड फॉलो न करने की वजह से फ्लाइट भी कैंसल हुईं।
- कुछ दिनों पहले एक इंटरनेशनल फ्लाइट केवल इसलिए एक घंटा लेट हुई, क्योंकि पायलट ने ईयररिंग्स उतारने से इनकार कर दिया था।
टाई भी एक जैसी ही पहनें
- एयर इंडिया के एक सीनियर अफसर ने कहा, “ये नहीं चल सकता कि कुछ पायलट ब्लैक टाई पहनकर आएं। कंपनी ने उन्हें ब्लू टाई इश्यू की हुई है। दूसरी एयरलाइन्स ड्रेस कोड को लेकर बहुत सख्त हैं।”
कौन कराता है ड्रेस कोड फॉलो
- ड्रेस कोड को फॉलो कराने की जिम्मेदारी कैप्टंस और केबिन क्रू इन्चार्ज की होती है। अब एयर इंडिया मैनेजमेंट ने इन लोगों से कहा है कि रूल्स को सख्ती से फॉलो कराएं।
- एयरलाइन्स मैनुअल के मुताबिक, क्रू मेंबर्स विदेशों में भारत को रिप्रेजेन्ट करते हैं। इसलिए उनका ड्रेस कोड सही होना चाहिए। शर्ट के बटन तरीके से लगे होने चाहिए। स्लीव्स पूरी हों और कैप सिर पर लगा हो। जबकि कई पायलट्स कैप हाथ में रखते हैं।

दुनिया ने देखी हमारी ताकत, 232 साल बाद भारत में थी फ्रेंच आर्मी

नई दिल्ली 27 जनवरी(एन.एन.आई)। राजपथ पर मंगलवार को 67th रिपब्लिक डे सेरेमनी हुई। फ्रांस की फौज इस सेरेमनी में हिस्सा लेने वाली पहली फॉरेन आर्मी बनी। परेड में शामिल फ्रेंच रेजीमेंट का भारत में 1784 में टीपू सुल्तान के सपोर्ट में जंग लड़ने का इतिहास रहा है। राजपथ पर 26 साल बाद आर्मी डॉग स्क्वॉड भी नजर आया। 11 दिन में 10 आतंकियों को मारकर शहीद हुए लान्स नायक मोहन नाथ गोस्वामी को अशोक चक्र दिया गया। उनकी पत्नी ने प्रेसिडेंट के हाथों यह सम्मान लिया।
अंग्रेजों से हार गई थी 12 हजार जवानों की फ्रेंच आर्मी
- 1950 से राजपथ पर परेड हो रही है। लेकिन 66 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार यहां फॉरेन आर्मी ने हिस्सा लिया।
- चीफ गेस्ट फ्रांस के प्रेसिडेंट फ्रांस्वा ओलांद की मौजूदगी में उनकी आर्मी ने मार्च पास्ट किया।
- फ्रांस की जो 35th इन्फ्रेंट्री रेजीमेंट परेड में आई, उसका पुराना इतिहास है। पिछली बार यह रेजीमेंट 1781 से 1784 के बीच भारत में थी। 
- तब इस रेजीमेंट ने टीपू सुल्तान के सपोर्ट में अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी थी। हालांकि, फ्रेंच आर्मी यह जंग नहीं जीत पाई थी।
- जंग कर्नाटक के कुड्डालूर में हुई थी। फ्रांस की 12000 जवानों की आर्मी थी। टीपू सुल्तान के पास 2000 घुड़सवार थे।
- इस 14000 की फौज का सामना अंग्रेजों की 11 हजार की फौज से था।
- इससे पहले 1781 से चल रही जंग के दौरान टीपू के पिता हैदर अली मारे गए थे। कुड्डालूर की जंग के बाद टीपू को पीछे हटना पड़ा था।
- इस जंग में टीपू सुल्तान के घुड़सवारों की टुकड़ी ने हिस्सा लिया था जो दशकों बाद जाकर मैसूर लांसर कहलाने लगी। 
- दिलचस्प बात यह है कि मैसूर लांसर की ही एक टुकड़ी मंगलवार को फ्रेंच आर्मी के तुरंत बाद राजपथ से गुजरी।
डॉग स्क्वॉड नजर आया, कम हुआ परेड का वक्त
- आर्मी डॉग स्क्वॉड 26 साल बाद रिपब्लिक डे परेड में शामिल हुआ। इसमें 1200 डॉग्स हैं।
- इनमें लेब्राडोर, बेल्जियन शेफर्ड्स, जर्मन शेफर्ड्स जैसी नस्ल शामिल हैं। रिपब्लिक डे परेड के लिए 36 डॉग्स सिलेक्ट किए गए थे।
- पहली बार इलेक्शन कमीशन की भी झांकी नजर अाई।
- हर बार परेड आमतौर पर 115 मिनट की होती है। इस बार यह 90 मिनट की थी।
दुनिया ने देखी हमारी वुमन पावर

- परेड के दौरान दुनिया ने भारत की वुमन पावर भी देखी।
- कैप्टन अर्चना सिंह ने आर्मी के कोर ऑफ सिग्नल्स के इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन इलेक्ट्रानिक डिफेंस सिस्टम की टुकड़ी को लीड किया।
- लेफ्टिनेंट कमांडर अनिल रैना के अगुवाई में नेवी का 144 जवानों का मार्चिंग दस्ता राजपथ से गुजरा।इसमें तीन महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर चेतना सोनसाले, लेफ्टिनेंट मनीषा के तक्षक और लेफ्टिनेंट प्रियंका चंद शामिल थीं।
- एयरफोर्स की मार्चिंग टुकड़ी में फ्लाइट लेफ्टिनेंट शशिकला शेषाद्री मैत्रेय, फ्लाइट लेफ्टिनेंट डेनिस जॉन और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिल्पा बाटला जैसी महिला अफसर शामिल थीं।
- कोस्टगार्ड में असिस्टेंड कंमाडर रितिका चौधरी और विश्रुति यादव थीं।
- सीआरपीएफ में महिला बटालियन का पूरा दस्ता अलग से था। इसकी अगुआई असिस्टेंट कमांडेंट मीनाक्षी सिंह ने की।
- इसके साथ ही एससीसी और एनएसएस के मार्चिंग दस्तों में भी बड़ी संख्या में महिला कैडेट शामिल थीं।
सुखाई से लेकर टी-90 टैंक तक, राजपथ पर नजर आई फौजी ताकत
- सुखोई-30 ने 900 किमी/घंटा की स्पीड से करतब दिखाए। सुखोई ट्विन इंजन टू सीटर फाइटर प्लेन हैं।
- सी 17 ग्लोबमास्टर 500 किमी/घंटा की स्पीड से स्टंट किया। 
- 300 किमी/घंटा की स्पीड से सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस हेलिकॉप्टर ने भी हवा में करतब दिखाए।
- 3 एमआई हेलिकॉप्टर 240 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से स्टंट करके फ्लाई पास्ट की शुरुआत की।
- आकाश मिसाइल,टैंक टी-90 भीष्म और स्मर्च मल्टिपल रॉकेट लॉन्चर भी परेड में शामिल हुए।
11 दिन में 10 आतंकियों को मार गिराने वाले शहीद को अशोक चक्र
- लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा गया है।
- उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 11 दिन में 10 आतंकियों को मार गिराया था। 
- प्रणब मुखर्जी ने उनकी पत्नी भावना गोस्वामी को ये सम्मान दिया।
- प्रेसिडेंट ने 365 जवानों-अफसरों को वीरता मेडल के लिए चुना गया।
झांकियों में दिखे गिर के सिंह से जयपुर के हवामहल तक
- परेड में 23 झाकियां थीं। इनमें 16 राज्यों और 7 केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट्स और मिनिस्ट्री की थीं।
- गुजरात की झांकी में गिर का सिंह नजर आया, तो मध्य प्रदेश की झांकी में सफेद बाघ दिखा।
- राजस्थान की झांकी में हवामहल था तो असम की झांकी में कल्चरल डांस बीहू करती महिलाएं।
मोदी का स्टाइल भी रहा चर्चा में
- मुखर्जी के साथ ओलांद राजपथ पर पहुंचे तो नरेन्द्र मोदी ने दोनों का स्वागत किया।
- उन्होंने एक बार फिर बेहद अट्रैक्टिव साफा पहन रखा था।
- इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक इंडिया गेट जाकर अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। 
- मोदी ने प्रेसिडेंट से पहले हामिद अंसारी तथा उनकी पत्नी सलमा अंसारी का स्वागत किया। 
- डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर और तीनों सेना प्रमुखों के अलावा अन्य लोगों से ओलांद का परिचय कराया गया।
- प्रेसिडेंट की ओर से शहीदों को मिले परमवीर चक्र से उनके परिजनों को सम्मानित करने के बाद पारंपरिक परेड शुरू की गई।
ओबामा से ज्यादा सिक्युरिटी ओलांद-मोदी के लिए
- पिछले साल ओबामा अपने साथ 440 एजेंट और 1600 अमेरिकी जवान लेकर आए थे।
- इस बार ओलांद की पर्सनल सिक्युरिटी फोर्स ओबामा जितनी नहीं थी, लेकिन भारत ने उन्हें ओबामा से ज्यादा सिक्युरिटी दी।
- ऐसा इसलिए क्योंकि ओलांद आईएसआईएस के टारगेट पर हैं। उनकी सिक्युरिटी के लिए दिल्ली में 100 कंपनियां तैनात की गई।
- पिछले साल रिपब्लिक डे पर ओबामा के लिए 95 कंपनियां तैनात हुई थीं।
- इस बार 50 हजार जवान रिपब्लिक डे की सिक्युरिटी में थे। दिल्ली में राजपथ के आसपास की 71 हाई राइज बिल्डिंग्स को बंद कर दिया था।
- 400 और बिल्डिंग्स पर नजर रखी गई।

At Home: पत्नी संग पहुंचे केजरीवाल, मोदी-आडवाणी के बीच में बैठे मनमोहन

एट होम में पत्नी संग पहुंचे केजरीवाल ने राजनाथ को किया नमस्ते, मोदी के पास बैठे मनमोहन (नीचे)
नई दिल्ली 27 जनवरी(एन.एन.आई)। 67वें रिपब्लिक डे के मौके पर राष्ट्रपति भवन में मंगलवार शाम एट होम सेरेमनी हुई। इसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पत्नी सुनीता के साथ पहुंचे। इस दौरान जब केजरीवाल का सामना अरुण जेटली, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज से हुआ तो उन्होंने हाथ जोड़कर नमस्ते किया। एट होम में कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, एलजी नजीब जंग समेत कई नेता मौजूद थे। नरेंद्र मोदी, प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी ने चीफ गेस्ट फ्रांस्वा ओलांद के साथ लोगों का अभिवादन किया।
क्या होता है एट होम...
रिपब्लिक डे परेड के बाद प्रेसिडेंट की ओर से 26 जनवरी की शाम को चीफ गेस्ट को धन्यवाद देने के लिए एट होम सेरेमनी होती है। इसे थैंक्स गिविंग भी कहा जाता है। पीएम, वाइस प्रेसिडेंट के अलवा सरकार और विपक्ष के बड़े नेताओं को भी इसमें बुलाया जाता है।

शिंगणापुर विवाद: भूमाता ब्रिगेड के सपोर्ट में आईं मुस्लिम महिलाएं, CM बोले- दिलाऊंगा हक

शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के पूजा करने के एलान के बाद तनाव।
मुंबई (महाराष्ट्र) 27 जनवरी(एन.एन.आई)।शनि शिंगणापुर मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा तोड़ने के लिए आंदोलन कर रही महिलाओं को नेताओं और धर्म गुरुओं का सपोर्ट मिला है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडण्वीस ने भी महिलाओं को शनि देव की पूजा का हक दिलाने की बात कही है। भूमाता ब्रिगेड की करीब 700 महिलाएं 26 जनवरी को शनि देव को तेल चढ़ाने के लिए पुणे से शिंगणापुर जा रही थीं। इसी दौरान पुलिस ने उनके काफिले को अहमदनगर से पहले ही रोक दिया और कैंपेन की लीडर तृप्ति देसाई को हिरासत में ले लिया था। हालांकि अब उनको छोड़ दिया है।
महिला ब्रिगेड के सपोर्ट में किसने क्या कहा?
- सीएम देवेंद्र फण्डवीस ने कहा, '' महिलाओं को शनि देव की पूजा हक दिलाऊंगा। पूजा में भेदभाव हमारी संस्कृति नहीं है। शिंगणापुर ट्रस्ट को आंदोलन कर रही महिलाओं से बात कर बीच का रास्ता निकालना चाहिए।''
- पद्म विभूषण श्रीश्री रविशंकर ने कहा, '' महिलाओं के पूजा करने से शनि देव नाराज नहीं हो जाते हैं। किसी भी धर्म में महिलाओं के साथ भेदभाव ठीक नहीं है।''
- आप नेता आशुतोष ने कहा है कि सालों से मंदिरों में महिलाओं को पूजा करने का हक मिला हुआ है। शनि मंदिर में उन्हें पूजा से रोकना गलत है। 
- राष्ट्रीय अखाड़ा परिषद् के प्रेसिडेंट महंत नरेंद्र गिरि ने भी महिलाओं का सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शनि देव की पूजा का हक मिलना चाहिए। 
- बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यन स्वामी भी शनि शिंगणापुर मंदिर में पूजा के लिए आंदोलन कर रही महिलाओं के सपोर्ट में आ गए हैं। 
- भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की को-फाउंडर जाकिया सोमन और नूरजहां साफिया नियाज ने भी भूमाता ब्रिगेड का सपोर्ट किया है। 
- उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई किसी भी धर्म में महिलाओं को पूजा या इवादत करने से रोकना सही नहीं है।
मंदिर में पूजा को लेकर क्या है विवाद?
- परंपरा के मुताबिक, शनि मंदिर में 400 साल से किसी महिला को शनि देव के चबूतरे पर जाकर तेल चढ़ाने या पूजन करने की इजाजत नहीं है। ट्रस्ट की मानें तो बॉम्बे हाईकोर्ट भी इसे सही ठहरा चुका है।
- 29 नबंवर, 2015 को एक महिला के शनिदेव के चबूतरे पर जाकर पूजा करने के बाद काफी विवाद हुआ। शिंगणापुर में पंचायत हुई और मंदिर का शुद्धिकरण किया गया था।
- वहीं, भूमाता ब्रिगेड और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मेंबर रंजना गवांदे ने इसे शनि मंदिर में क्रांतिकारी घटना बताकर स्वागत किया था।
- 15 साल पहले भी शनि मंदिर पूजा को लेकर महिलाओं ने आवाज बुलंद की थी। तब जाने-माने रंगकर्मी डॉ. श्रीराम लागू इस मुहिम से जुड़े थे।
ग्राम पंचायत ने क्या कहा?
- मंदिर में पूजा के एलान के बाद गांव के लोगों ने मीटिंग बुलाई। भूमाता ब्रिगेड को रोकने के लिए गांव की महिलाओं ने भी मोर्चा खोल दिया था।
- ग्राम प्रधान बालासाहेब बानकर ने कहा, ''अगर भूमाता ब्रिगेड की महिलाएं परंपरा तोड़ती हैं, तो इसके लिए एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस जिम्मेदार होगी।''
- बानकर के मुताबिक, ''शिंगणापुर मंदिर के चबूतरे पर महिलाओं के नहीं जाने की परंपरा सदियों पुरानी है। ये उनका अपमान नहीं शास्त्रों के मुताबिक है।''
मंदिर के आसपास धारा 144 लगी
- अहमदनगर के एसपी सौरभ त्रिपाठी ने कहा है कि तनाव को देखते हुए मंदिर के आसपास धारा 144 लगाई है।
- शिंगणापुर में एक जगह पर महिलाएं जमा नहीं हो सकती हैं, इसके चलते ज्यादा पुलिस फोर्स तैनात की गई।
शनि देव ट्रस्ट की दादागिरी नहीं चलेगी: देसाई
- समाज में महिला अधिकारों के लिए लड़ रहे ऑर्गेनाइजेशन भूमाता रनरागिनी ब्रिगेड की लीडर तृप्ति देसाई ने कहा था, '' महिलाएं 26 जनवरी को परंपरा तोड़कर शनि देव को तेल चढ़ाएंगी और पूजा करेंगी। ट्रस्ट की दादागिरी और नहीं चलेगी।''
- उन्होंने कहा, ''अगर उन्हें रोका गया तो महिलाएं हेलिकॉप्टर से मंदिर में घुसेंगी। हमने इसका भी इंतजाम कर लिया है।''
- 21वीं सदी में महिलाओं के साथ ऐसा भेदभाव बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। मंदिर ट्रस्ट को भी लेटर लिखकर बता दिया है कि अब इसे और बर्दास्त नहीं करेंगे।
- तृप्ति देसाई का कहना है कि शनि मंदिर के बाद देश के दूसरे धर्म स्थानों पर भी भूमाता ब्रिगेड ऐसी मुहिम चलाकर महिलाओं को पूजा का हक दिलाएगी।
मंदिर में क्या है इंतजाम?
- मंदिर में शनि महाराज की शिला खुले में रखी गई है। वहां दूर से दर्शन होते हैं। चबूतरे के पास तक सिर्फ पुरुष जा सकते हैं।
- शनि शिंगणापुर कस्बे के किसी भी घर में दरवाजे (गेट) नहीं हैं। यहां तक कि एक बैंक की ब्रांच में भी ताला नहीं लगता है।

R'DAY: ओलांद के साथ ऐश्वर्या का लंच, ऐट होम में मोदी से हाथ मिलाने की मची होड़

ओलांद (बाएं) के साथ स्पेशल लंच में ऐश्वर्या स्वाति एंड सुनैना की डिजाइनर बनारसी साड़ी में नजर आईं।
नई दिल्ली 27 जनवरी(एन.एन.आई)।  रिपब्लिक डे परेड के बाद मंगलवार को फ्रांस के प्रेसिडेंट फ्रांस्वा ओलांद ने चुनिंदा लोगों को लंच दिया। इसमें एेश्वर्या राय बच्चन और सुहैल सेठ जैसी हस्तियां शामिल हुईं। उधर, राष्ट्रपति भवन में शाम को प्रणब मुखर्जी की मेजबानी में 'ऐट होम' हुआ। यह सेरेमनी ओलांद के सम्मान में रखी गई थी। यहां आए मेहमान मोदी से मिलने के लिए उमड़ पड़े।
ओलांद ने ऐश्वर्या से क्या की बात... और कौन शामिल हुआ लंच में...
- दिल्ली में ओलांद के सम्मान में फ्रांस के एम्बेसडर फ्रांसिओस रिशिए ने प्राइवेट पार्टी दी थी।
- लाल रंग की डिजाइनर बनारसी साड़ी पहने 42 साल की ऐश्वर्या जैसे ही लंच में पहुंचीं, सबकी निगाहें उनकी तरफ हो गईं।
- ऐश्वर्या की यह साड़ी स्वाति एंड सुनैना ने डिजाइन की थी। सिल्क और जरी में चांदी और सोने के धागों से बुनी इस साड़ी में बूटे बने थे। इसे मेहराब पैटर्न भी कहा जाता है।
- एक्ट्रेस ने पोल्की ज्वेलरी पहनी थी और सादी बिंदी लगाई थी।
- अपनी नई फिल्म 'सरबजीत' की शूटिंग में बिजी होने के बावजूद ऐश्वर्या वहां पहुंची थीं।
- लंच के दौरान ओलांद ने फिल्मों पर भी डिस्कशन किया।
- इस दौरान सेलिब्रिटी राइटर सुहैल सेठ, फ्रांस के एक बड़े सिविलयन अवॉर्ड से नवाजी जा चुकीं फैशन डिजाइनर रितु बेरी और मनीष अरोरा भी मौजूद थे।
ओलांद की पार्टी में किसे क्यों बुलाया गया?

1. ऐश्वर्या राय बच्चन
- ऐश्वर्या पिछले कई साल से फ्रांस में होने वाले कान्स फिल्म फेस्टिवल में शामिल होती रही हैं।
- उन्हें 2012 में फ्रांस ने 'नाइट ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स' सम्मान दिया था।
- फ्रांस सरकार का ये सिविलियन अवॉर्ड पाने वालीं वो अकेली इंडियन एक्ट्रेस हैं।
2. रितु बेरी
- फैशन डिजाइनर रितु बेरी फ्रांस के एक बड़े सिविलयन अवॉर्ड से नवाजी जा चुकीं हैं।
- उन्हें 'शेवेलियर डेस आर्ट्स एट डेस लेटर अवॉर्ड' भारत-फ्रांस के कल्चरल रिलेशन में योगदान के लिए मिला था।
3. मनीष अरोड़ा
- फैशन डिजाइनर मनीष अरोड़ा के कलेक्शन कई बार पेरिस फैशन वीक का हिस्सा रह चुके हैं।
- अक्टूबर 2015 में भी उनका कलेक्शन पेरिस के समर वुमन्स रेडी टू वियर फैशन शो का हिस्सा था।
- अपने कलेक्शन के कारण मनीष पेरिस के लोगों के बीच जाना-माना नाम बन चुके हैं।
4. कल्ली कोचलिन को भी मिला था एनविटेशन
- फ्रेंच मूल की कल्की को भी लंच पर एनवाइट किया गया था पर वो शूटिंग में बिजी होने के चलते नहीं आ सकीं।
- कल्की ने ट्वीट करके बताया कि उन्हें लंच में शामिल नहीं होने का दुख है।
ऐट होम में और कौन हुआ शामिल...
- प्रेसिडेंट मुखर्जी और मोदी के साथ ही वाइस प्रेसिडेंट हामिद अंसारी, बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग भी शामिल हुए।

102 पुल से होकर निकलती है यहां ट्रेन, 113 साल पहले हुई शुरुआत

फाइल फोटो: कालका-शिमला लाइन पर बना चार मंजिला पुल।
शिमला 26 जनवरी(एन.एन.आई)।यह रेलवे ट्रैक टूरिस्ट के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रहा है। इसमें रोजाना हजारों पर्यटक प्रकृति के सुंदर नजारों का लुत्फ उठाते हुए हिल्स क्वीन शिमला पहुंचते हैं।
टूरिस्ट की पहली पसंद...
102 पुल और चार मंजिला स्टोन आर्च पुल व मनमोहक घाटियों से होता हुआ जाने वाला कालका-शिमला हेरीटेज ट्रैक यहां आने वाले दुनियाभर के टूरिस्ट को आकर्षित करता है।
ये है इतिहास
कालका-शिमला रेलवे ट्रैक का निर्माण 1898 में शुरू हुआ। इसके निर्माण कार्य के लिए 86 लाख 78 हजार पांच सौ रुपए बजट रखा था। निर्माण पूरा होते वक्त बजट दोगुना हो गया। इसकी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी चीफ इंजीनियर एचएस हेरलींगटन को थी। ट्रैक को 9 नवंबर, 1903 को वायसराय लार्ड कर्जन ने शुरू किया।
- इसे यूनेस्को की वर्ल्ड हेरीटेज साइट की सूची में 2006 में शामिल किया गया।
- कालका शिमला रेल ट्रैक समुद्र तल से 2075 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
- इस मार्ग की लंबाई लगभग 96 किलोमीटर है। सर्दी हो या गर्मी का मौसम टॉय ट्रेन हमेशा फुल रहती है।
- यह रेल मार्ग 102 पुल और चार मंजिला स्टोन आर्च पुल व मनमोहक घाटियों से होता हुआ शिमला पहुंचा जाता है।
- ट्रेन से शिमला जाने में सड़क मार्ग से अधिक समय लगने के बावजूद भी सैलानी रेल सफर को प्राथमिकता देते है।
शिमला में बाबा भलखू रेल संग्रहालय भी
इस रेलवे टै्रक के निर्माण में सोलन के निवासी भलखू राम का अहम योगदान रहा है। जब इस रेलवे ट्रैक लिए सर्वे किया जा रहा था, तो भलखू राम ने ही चीफ इंजीनियर के साथ चलते हुए इसकी आउटलाइन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाबा भलखू के रेलवे ट्रैक के निर्माण में अहम भूमिका निभाने के लिए उनके नाम से शिमला में पुराना बस स्टैंड के पास बाबा भलखू रेल संग्रहालय भी बनाया गया है।

नेशनल फ्लैग का भी होता है अंतिम संस्कार, पवित्र नदी में होता है विर्सजन

शिमला। देशभर में गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर हम बता रहे हैं तिरंगे से जुड़ी ये अहम बातें, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
क्या होता है शहीदों के शवों पर लिपटे तिरंगे का...
शहीदों व देश की महान शख्सियतों के शवों पर भी उन्हें सम्मान देने के लिए ध्वज को लपेटा जाता है। इस दौरान केसरिया पट्टी सिर की तरफ एवं हरी पट्टी पैरों की तरफ होती है। शहीद या विशिष्ट व्यक्ति के शव के साथ ध्वज को जलाया या दफनाया नहीं जाता, बल्कि मुखाग्नि क्रिया से पहले या कब्र में शरीर रखने से पहले ध्वज को हटा लिया जाता है।indian flag indian flag indian flag indian flag indian flagindian flag – Rajiv's Motivation Zone
कैसे निभाई जाती है रस्म
जब तिरंगा अमानक, बदरंग कटी-फटी स्थिति में हो तो झंडे का यह स्वरूप फहराने योग्य नहीं होता। जब कभी ध्वज ऐसी स्थिति में हो तो गोपनीय तरीके से सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। या फिर वजन बांधकर पवित्र नदी में जल विर्सजित कर दिया जाता है। यही प्रकिया शहीदों के पार्थिव शरीरों पर से उतारे गए ध्वजों के साथ भी होती है।

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हनीमून से लौटी गौतम गंभीर की बहन, ससुराल में ऐसे किया गृहप्रवेश

राधिका को गृहप्रवेश करातीं उनकी सास।
शिमला 25 जनवरी(एन.एन.आई)।क्रिकेटर गौतम गंभीर की बहन राधिका गंभीर हनीमून से लौट आई है। शुक्रवार को वह मंडी जिले में स्थित अपने ससुराल पहुंची। यहां पहाड़ी शैली में नाटी के साथ उनका स्वागत किया गया।
सात दिसंबर को हुई थी शादी...
- गौतम गंभीर की चेचेरी बहन राधिका की शादी आश्रय शर्मा के साथ 7 दिसंबर को हुई थी। इसके बाद ये दोनों हनीमून पर चले गए थे।
- राधिका सलमान खान की बहन अर्पिता खान की जेठानी हैं।
- अर्पिता की शादी पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के पोते आयुष से हुई है और अब गौतम गंभीर की बहन राधिका गंभीर की शादी आयुष के बड़े भाई आश्रय शर्मा से हुई है।
राधिका ने किया गृहप्रवेश
राधिका का हिमाचली रीति रिवाज के साथ गृह प्रवेश कराया गया। इसके लिए घर में विशेष पूजा पाठ भी करवाया गया। अभी कुछ दिन तक राधिका अपने ससुराल में ही रहेंगी। आश्रय के पिता अनिल शर्मा हिमाचल कैबिनेट में पंचायती राज मंत्री हैं। आश्रय अपना बिजनेस संभालते हैं। इस मौके पर आश्रय और रा‌धिका ने केक भी काटा। राधिका ने अपने सास ससुर के साथ पहाड़ी नाटी भी डाली।

यहां समय की कहानी कह रही हैं अप्सराएं और राजकुमारियां

अजंता गुफा में अप्सरा और राजकुमारी का रॉक पेंटिंग्स।
मुंबई 25 जनवरी(एन.एन.आई)। विश्वप्रसिद्ध अंजता-एलोरा की गुफाएं हमेशा से ही जिज्ञासा और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही हैं। 1819 में इन गुफाओं की खोज इस इलाके में शिकार खेलने आए अंग्रेज अफसर ने की थी।
इस तरह हुई दुनिया में प्रसिद्ध...
यहां की सुंदर चित्रकारी व मूर्तियां कलाप्रेमियों के लिए स्वर्ग से कम नहीं हैं। ये धरोहर अपने उस काल की कहानी खामोशी से कहती नजर आती हैं। गुफाओं की खोज आर्मी ऑफिसर जॉन स्मिथ व उनके दल ने 1819 में की थी। वे यहां शिकार करने आए थे। तभी उन्हें 29 गुफाएं नजर आई। इसके बाद ही ये गुफाएं पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गईं।
- गुफाएं महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के समीप स्थित हैं। गुफाएं बड़ी-बड़ी चट्टानों को काटकर बनाई गई हैं।
- 29 गुफाएं अजंता में तथा 34 गुफाएं एलोरा में हैं। अब इन गुफाओं को 1983 में वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल की जा चुकी हैं।
- पहाडिय़ों पर स्थित इन 30 गुफाओं में लगभग 5 प्रार्थना भवन और 25 बौद्ध मठ हैं। घोड़े की नाल के आकार में निर्मित ये गुफाओं में 200 ईसा पूर्व से 650 ईसा तक बौद्ध धर्म व संस्कृति का चित्रण है।
अजंता की गुफाएं
अजंता की गुफाओं में दीवारों पर खूबसूरत अप्सराओं व राजकुमारियों की विभिन्न मुद्राओं में चित्र उकेरे गए हैं। गुफाओं को दो भागों में बांटा जा सकता है। एक भाग में बौद्ध धर्म के हीनयान और दूसरे भाग में महायान संप्रदाय की झलक देखने को मिलती है। हीनयान वाले भाग में 2 चैत्य हॉल (प्रार्थना हॉल) और 4 विहार (बौद्ध भिक्षुओं के रहने के स्थान) हैं तथा महायान वाले भाग में 3 चैत्य हॉल और 11 विहार हैं। ये 19वीं शताब्दी की गुफाएं हैं। जिनमें बौद्ध भिक्षुओं की मूर्तियां व चित्र हैं। हथौड़े और छेनी की सहायता से तराशी गई ये मूर्तियां अपने आप में अप्रतिम सुंदरता समेटे हैं।
एलोरा की गुफाएं
एलोरा में 34 गुफाएं हैं। ये गुफाएं बेसाल्टिक की पहाड़ी के किनारे-किनारे बनी हुई हैं। इन गुफाओं में हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों के प्रति आस्था दर्शाई गई है। ये गुफाएं 350 से 700 ई. के दौरान अस्तित्व में आईं। दक्षिण की ओर 12 गुफाएं बौद्ध धर्म (महायान संप्रदाय पर आधारित), मध्य की 17 गुफाएं हिंदू धर्म और उत्तर की 5 गुफाएं जैन धर्म पर आधारित हैं। बौद्ध धर्म पर आधारित गुफाओं की मूर्तियों में बुद्ध की जीवनशैली की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। इन्हें देखकर तो यही लगता है कि मानो ध्यान मुद्रा में बैठे बुद्ध आज भी हमें शांति, सद्भाव व एकता का संदेश दे रहे हों।

पद्म पुरस्कारों का एलान: सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आए अनुपम खेर

अनुपम खेर को पद्म भूषण पुरस्कार के एलान के बाद ट्विटर पर यूजर्स ने उनके दो ट्वीट पोस्ट किए। पहला ट्वीट 2010 का है जिसमें उन्होंने पुरस्कारों पर सवाल उठाया था। दूसरा ट्वीट सोमवार का है, जिसमें वे केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।
नई दिल्ली 25 जनवरी(एन.एन.आई)। पद्म पुरस्कारों का सोमवार को एलान हो गया। इसके लिए 112 हस्तियों को चुना गया है। रजनीकांत समेत 8 को पद्म विभूषण से नवाजा जाएगा। धीरूभाई अंबानी को मरणोपरांत इस सम्मान के लिए चुना गया है। इस बीच, पद्म भूषण के लिए चुने गए अनुपम खेर सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए। उनके सिलेक्शन को सोशल मीडिया यूजर्स ने अवॉर्ड वापसी के खिलाफ उनके हालिया मार्च से जोड़ दिया।
पद्म पुरस्कारों में क्या खास...
- पुरस्कार के लिए चुनी गई हस्तियों में एक फॉरेन सिटीजन भी हैं। भारत में अमेरिका के एंबेसेडर रहे रॉबर्ट ब्लैकविल को पद्म भूषण के लिए चुना गया है।
- मुंबई हमलों के गुनहगार पाकिस्तानी आतंकी कसाब को फांसी दिलाने में अहम रोल रखने वाले वकील उज्ज्वल निकम पद्मश्री से नवाजे जाएंगे।
किसे कौन-सा अवॉर्ड?
पद्म विभूषण
1. धीरूभाई अंबानी रिलायंस ग्रुप के फाउंडर (मरणोपरांत पद्मविभूषण के लिए चुने गए)
2. रजनीकांत साउथ के सुपर स्टार
3. गिरिजा देवी क्लासिकल सिंगल
4. रामोजी राव लिटरेचर और एजुकेशन (जर्नलिज्म)
5. यामिनी कृष्णमूर्ति क्लासिकल डांसर
6. डॉ. विश्वनाथन शांता मेडिसिन फील्ड में योगदान
7. श्री श्री रविशंकर आध्यात्मिक गुरु
8. जगमोहन जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर, पूर्व केंद्रीय मंत्री
9. डॉ. वी. के. अत्रे साइंस एंड इंजीनियरिंग फील्ड में मशहूर
10. अविनाश दीक्षित इंडियन-अमेरिकन इकॉनमिस्ट
पद्म भूषण
1. अनुपम खेर एक्टर
2. उदित नारायण प्लेबैक सिंगर
3. राम वी. सुतार मूर्तिकार
4. एच. कन्हैयालाल थिएटर
5. विनोद राय सिविल सर्विसेस (पूर्व CAG चीफ)
6. वाई. लक्ष्मी लिटरेचर और एजुकेशन
7. एन. एस. रामानुज टाटाचार्य लिटरेचर और एजुकेशन
8. बरजिंदर सिंह हमदर्द लिटरेचर और एजुकेशन
9. प्रोफेसर डी. नागेश्वर रेड्डी मेडिकल फैकल्टी
10. राबर्ट डी ब्लैकविल (विदेशी) भारत में अमेरिका के पूर्व एंबेसडर
11. स्वामी तेजोमयानंद आध्यात्म
12. साइना नेहवाल बैडमिंटन प्लेयर
13. सानिया मिर्जा टेनिस प्लेयर
14. इंदु जैन एक मीडिया ग्रुप की हेड
15. हफीज कॉन्ट्रैक्टर आर्किटेक्ट
16. आर.सी. भार्गव पब्लिक अफेयर्स
17. स्वामी दयानंद गिरि आध्यात्म
18. डॉ. वी.आर.आर. अल्ला साइंस एंड टेक्नॉलजी
19. पल्लोनजी शापूरजी मिस्त्री ट्रेंड एंड इंडस्ट्री
पद्म श्री
1. अजय देवगन एक्टर
2. प्रियंका चोपड़ा एक्ट्रेस
3. एस.एस. राजामौली फिल्म डायरेक्टर (बाहुबली)
4. मालिनी अवस्थी फोक सिंगर (लोक गायिका)
5. उज्ज्वल निकम मुंबई के सीनियर एडवोकेट
6. मधुर भंडारकर फिल्म डायरेक्टर
7. पुष्पेश पंत लिटरेचर, एजूकेशन और जर्नलिज्म
8. पीयूष पांडेय एडवर्टाइजिंग
9. दीपिका कुमारी आर्चरी प्लेयर
10. सुशील दोषी स्पोर्ट्स कमेंटेटर
11. सईद जाफरी एक्टर
12. अजय पाल सिंह बंगा ट्रेड एंड इंडस्ट्री (मास्टरकार्ड के सीईओ)
सोशल मीडिया पर क्या आईं रिएक्शंस?
- विनोद राय को पद्म अवॉर्ड इसलिए मिला है क्योंकि उन्होंने 2जी घोटाले में जीरो नेशनल लॉस की हवा निकालने का बेहतरीन काम किया था। - ‏@vinaydokania 
- जगमोहन को किसलिए पद्म अवॉर्ड मिला है, कश्मीरी पंडितों को बाहर करने के लिए? - @vikeel_reddy 
- अंबानी मोदी के करीबी रहे हैं। अजय देवगन बीजेपी के लिए कैम्पेन कर चुके हैं। उदित नारायण ने ही ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ गाया था। - @retheeshraj10 
- #PadmaAward4Bhakts की लिस्ट में अनुपम खेर ने टॉप किया है। उनके मार्च फॉर टॉलरेन्स में लोगों और एक जर्नलिस्ट तक को बेइज्जत किया गया था। अब उन्हें सरकार ने नवाजा है। - @ravinitesh 
- अनुपम खेर को क्या उनके #Tolerance मार्च के लिए पद्म पुरस्कार मिला है? - @iambeingkunal
- अगर नरेंद्र मोदी कश्मीरी पंडितों की दिक्कतें नहीं सुलझाते हैं तो क्या अनुपम खेर अपना अवॉर्ड लौटा देंगे? - @BilalAhmedNgp

चीन पर निगाह? वियतनाम में भारत बनाएगा सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम

सिम्बॉलिक फोटो।
नई दिल्ली/हांगकांग 25 जनवरी(एन.एन.आई)। भारत वियतनाम में सैटेलाइट ट्रैकिंग एंड इमेजिंग सेंटर बनाने जा रहा है। इससे भारत के साथ चीन के सैटेलाइट्स पर नजर रखी जा सकेगी।
इंटेलिजेंस, सर्विलांस में मिलेगी मदद...
- सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम से अर्थ सैटेलाइट को ट्रैक किया जाता है। अर्थ सैटेलाइट एग्रीकल्चर, साइंटिफिक और एनवायरमेंटल इन्फॉर्मेशन देने में काम आते हैं।
- सिक्युरिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक इमेजिंग टेक्नीक के जरिए हासिल हुई तस्वीरें मिलिट्री परपज के लिए भी यूज हो सकती हैं। 
- हनोई में बनने वाले इस सिस्टम से इंटेलिजेंस, सर्विलांस (निगरानी) में मदद मिलेगी। चाइना सी को लेकर चीन पर भी नजर रखी जा सकेगी।
- इसरो के स्पोक्सपर्सन देवीप्रसाद कार्णिक के मुताबिक वियतनाम में सेंटर बनने से हमारी कैपेबिलिटीज कई गुना बढ़ जाएगी।
- सिंगापुर के एस राजारत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के एक्सपर्ट कॉलिन कोह के मुताबिक भारत और वियतनाम दोनों की मिलिट्री लिहाज से ये सेंटर अहम रोल निभाएगा। 
- 'इससे न केवल भारत की रेंज बढ़ेगी बल्कि वियतनाम की कमियां भी दूर होंगी।'
वियतनाम के लिए भी मददगार
- एक ऑफिशियल के मुताबिक वियतनाम भारत से बिना पूछे आईआरएस (इंडियन रिमोट सेंसिंग) से सीधे फोटोज ले सकेगा।
- इससे वियतनाम भी चीन के नेवल बेस समेत उसकी लॉन्चिंग, साउथ चाइना सी में मैन मेड आईलैंड पर नजर रख सकेगा।
चीन ने क्या कहा?
- चीन के मुताबिक भारत के वियतनाम में बनने वाला ट्रैकिंग सिस्टम मिलिट्री से जुड़ा इश्यू नहीं है।
- हालांकि, चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने तुरंत कोई कमेंट करने से इनकार कर दिया।
कितना आएगा खर्च?
- इस सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम के लिए इसरो ने करीब 155 करोड़ रुपए का फंड तय किया है।
- सैटेलाइट लॉन्चिंग पर निगाह रखने के लिए इसरो ने अंडमान-निकोबार आईलैंड के अलावा ब्रुनेई, ईस्टर्न इंडोनेशिया और मॉरिशस में ट्रैकिंग सेंटर बना रखे हैं।

राजस्थान: गांधीजी की प्रतिमा पर लिखा नजर आया IS जिंदाबाद, कल हमले की धमकी

दुदु में गांधीजी की मूर्ति पर आईएसआईएस और हमले की धमकी लिखी नजर आई।
जयपुर 25 जनवरी(एन.एन.आई)।यहां से 70 किलोमीटर दूर दुदु कस्बे के मौजमाबाद में सोमवार को गांधीजी की प्रतिमा पर ‘आईएसआईएस जिंदाबाद’ लिखा नजर आया। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई। राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर इस तरह का मैसेज लिखा होने से गुस्साए लोगों ने बाजार बंद कर दिया। इलाके में तनाव है।
नारों के साथ ब्लास्ट की धमकी...
- सुबह कुछ लोगों ने मूर्ति पर आईएसआईएस जिंदाबाद के नारे लिखे देखे।
- मूर्ति पर लिखा है, “26 जनवरी को तबाही का मंजर देखने को मिलेगा।”
- प्रतिमा के एक तरफ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का नाम भी लिखा है।
- हरकत से नाराज लोगों ने फौरन यहां के बाजार बंद करवा दिए।
- मामले की जानकारी मिलने के बाद लोग इकट्ठा हुए। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।
- जयपुर से जिला कलेक्टर और एफएसएल टीम पहुंची।
- बाद में गांधीजी की प्रतिमा साफ कराई गई।
- बता दें कि हाल ही में देशभर में एनआईए और एटीएस की कार्रवाई में आईएसआईएस से जुड़े 20 से ज्यादा सस्पेक्ट अरेस्ट हुए हैं।

 

हैंडलर ने ISIS के संदिग्ध आतंकी मुदब्बिर से भगत सिंह की तरह बनने के लिए कहा था

मुंबई के मुंब्रा में मुदब्बिर शेख को अरेस्ट करने के लिए उसके घर पर एनआईए की टीम ने रेड डाली थी।
मुंबई 25 जनवरी(एन.एन.आई)। एनआईए की गिरफ्त में आए आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी मुदब्बिर मुश्ताक शेख ने पूछताछ में बताया है कि उसके हैंडलर ने उसे भगत सिंह जैसा बनने के लिए कहा था। सूत्रों के मुताबिक हैंडलर ने उससे कहा था कि जैसे अंग्रेजों के खिलाफ भगत सिंह ने धमाके किए थे, वैसे तुम्हें भी करना है। बता दें कि गुरुवार को मुदब्बिर को मुंब्रा इलाके से अरेस्ट किया गया था।
मुदब्बिर ने एनआईए को और क्या बताया...
- इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट के जरिए लोगों को आतंकी बनाने की तैयारी चल रही थी।
- भारत के लिए इनके आउटफिट का नाम ‘जुनूद–उल-खलीफा-ए-हिंद’ या ‘सोल्जर्स ऑफ द इंडियन खलीफा’ था।
- यूसुफ नाम के हैंडलर ने मुदब्बिर से कहा था, 'भारत को अभी अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश चला रहे हैं। वे भारत में गरीबी को बढ़ावा दे रहे हैं और स्विस बैंक अकाउंट में रखे पैसे से कंट्रोल कर रहे हैं।'
- युसुफ कहता था, 'तुम्हारा काम शहीद भगत सिंह जैसा होगा, जिन्होंने देश के लिए बम धमाके किए और अंग्रेजों को भी मारा।'
- यूसुफ और लोगों को भी यही मिसाल देने को भी कहता था। साथ ही यंग लड़के और लड़कियों की भर्ती पर जोर देता था। वह कहता था बम बनाने के लिए जरूर सामान इकट्ठा करो। इसके बाद ब्रिटेन और अमेरिका के लोगों को निशाना बनाया जाएगा।
मुदब्बिर 2003 से यूसुफ के कॉन्टैक्ट में था
- युसूफ और मुदब्बिर 2003 से संपर्क में थे। दोनों सोशल मीडिया के जरिए बातचीत करते रहते थे।
- ऐसा कहा जा रहा है कि आठ महीने पहले आईएसआईएस के नए मॉडयूल को खड़ा करने के लिए लखनऊ में एक मीटिंग हुई थी।
- इसमें हरेक शख्स को एक टॉस्क दिया गया था। दो लोगों को हवाला के जरिए शेख ने 50,000 रुपए भी दिए थे।
कोर्ट ने एनआईए की कस्टडी में भेजा
- अरेस्ट किए गए आतंकी 26 जनवरी को देश में बड़े हमले की प्लानिंग कर रहे थे।
- सोमवार इन 19 लोगों में से 12 संदिग्धों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।
- कोर्ट ने सभी 5 फरवरी तक एनआईए की कस्टडी में भेज दिया।
कौन है मुदब्बिर?
- एनआईए के मुताबिक वह हैदराबाद और अहमदाबाद के यंगस्टर्स से अपने आइडियाज शेयर करता था।
- 33 साल के मुदब्बिर शेख के पास सॉफ्टवेयर में डिप्लोमा है।
- 4 साल पहले उसकी जॉब छूट गई थी। बेरोजगार रहने के दौरान वह आईएस के कॉन्टैक्ट में आया।
- 6 साल पहले उसकी उजमा नाम की लड़की से शादी हुई। मुदब्बिर की दो बेटियां हैं जिसमें से एक का जन्म कुछ ही दिन पहले हुआ है।
- यह भी कहा जा रहा है कि मुदब्बिर आईएस की 14 मेंबर की सेल का इंचार्ज था।

अरुणाचल प्रदेश में प्रेसिडेंट रूल, कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में की अपील

अरुणाचल प्रदेश के सीएम नबाम टुकी: फाइल फोटो।
नई दिल्ली 25 जनवरी(एन.एन.आई)। मोदी सरकार की सिफारिश पर अरुणाचल प्रदेश में प्रेसिडेंट रूल लागू हो गया है। इसके पहले रविवार को नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस पर चर्चा हुई थी। सरकार के इस फैसले का कांग्रेस और आप ने कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस ने इसके खिलाफ कोर्ट में अपील की है। उनका एक डेलिगेशन राष्ट्रपति से भी मिलेगा। सीएम नबाम टुकी आज सोनिया और राहुल से मिलेंगे।
अरुणाचल में क्यों लगा प्रेसिडेंट रूल...
- अरुणाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से राजनीतिक उठापटक चल रही है। कांग्रेस सरकार 42 में से 21 विधायक बागी हो गए हैं।
- 16-17 दिसंबर को सीएम नबाम टुकी के कुछ विधायकों ने बीजेपी के साथ नो कॉन्फिडेंस मोशन पेश किया और सरकार की हार हुई।
- सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस सरकार असेंबली भंग करने के मूड में नहीं थी और जोड़-तोड़ की तमाम कोशिशें करने में लगी हुई थी।
किसने क्या कहा?
- कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सरकार के फैसले को पॉलिटिकल इन्टॉलरेंस बताया। सिब्बल ने इसके खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही।
- कांग्रेस नेता नारायण सामी ने कहा, ''राजभवन बीजेपी हेडक्वार्टर बन गया है और गवर्नर बीजेपी एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।'' 
- सेंट्रल मिनिस्टर किरण रिजिजू गवर्नर रूल को सही बताते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में सियासी हालात बिगड़ चुके हैं और प्रदेश की जनता लंबे समय से इसे झेल रही थी।
- दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इसे 'संविधान की हत्या' करार दिया है। उन्होंने कहा, ''बीजेपी इलेक्शन हार गई तो अब पिछले दरवाजे से सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है।''
- बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अरुणाचल प्रदेश में प्रेसिडेंट रूल की निंदा की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट की कांस्टीट्यूशनल बैंच के पास है।
क्या है असेंबली का गणित?
- अरुणाचल असेंबली में कुल 60 सीटें हैं। 2014 में हुए इलेक्शन में कांग्रेस को 42 सीटें मिली थीं।
- बीजेपी के 11 और पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल प्रदेश (PPA) को पांच सीटें मिलीं। 
- पीपीए के 5 एमएलए कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद सरकार के पास कुल 47 एमएलए हो गए। 
- लेकिन मौजूदा हालात में सीएम टुकी के पास सिर्फ 26 विधायकों का ही सपोर्ट है।
- सरकार बचाने के लिए कांग्रेस को कम से कम 31 विधायकों का सपोर्ट चाहिए।
कांग्रेस ने गवर्नर को बताया बीजेपी का एजेंट
- पिछले साल दिसंबर में गहराए सियासी संकट के दौरान टुकी ने गवर्नर ज्योति प्रसाद राजखोवा को बीजेपी एजेंट बताया था।
- टुकी ने आरोप लगाया कि उन्होंने ही राज्य में सरकार गिराने के लिए कांग्रेस के विधायकों को साथ मिलाकर बगावत कराई।
- 14 जनवरी को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असेंबली के दिसंबर में बुलाए दो दिन के सेशन को ही रद्द कर दिया। 
- जिसमें सरकार के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस और स्पीकर के खिलाफ इम्पीचमेंट (महाभियोग) मोशन लाया गया था। 
- टुकी सरकार ने असेंबली को सील करा दिया। इसके बाद पार्टी के बागी विधायकों ने मीटिंग बुलाकर कैलिखो पॉल को नेता चुन लिया था।

अमित शाह की रैली के दौरान बीजेपी में शामिल हुए नेताजी के पड़पोते चंद्र बोस

हावड़ा में अमित शाह की रैली के दौरान चंद्रा बोस।
कोलकाता 25 जनवरी(एन.एन.आई)।नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पड़पोते चंद्र बोस सोमवार को बीजेपी में शामिल हो गए। पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टी ज्वाइन करने के बाद चंद्रा ने कहा कि बीजेपी एक नेशनल पार्टी है और उसके साथ काम करके मुझे बेहतर महसूस होगा।
शाह से हुई सीक्रेट मीटिंग...
- बीजेपी ज्वाइन करने के पहले बोस ने सोमवार दोपहर हावड़ा के गेस्ट हाउस में बीजेपी के प्रेसिडेंट अमित शाह से सीक्रेट मीटिंग की।
- जानकारी के मुताबिक, इस मीटिंग में चंद्र के बीजेपी ज्वॉइन करने पर मुहर लग गई थी।
- शाह की सोमवार को हावड़ा में अहम रैली है। इस रैली में चंद्र स्पीच भी दे सकते हैं। 

बीजेपी के लिए खास साबित हो सकते हैं चंद्र बोस
- चंद्र को नेताजी की फाइलें डिक्लासिफाइड कराने की मुहिम में अहम किरदार माना जाता है।
- उन्हें नरेंद्र मोदी का करीबी भी माना जाता है।
- पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पास स्टेट लेवल पर कोई बड़ा चेहरा नहीं है। ऐसे में चंद्र बोस पार्टी के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
- मोदी ने शनिवार को ही नेताजी से जुड़ी 100 फाइलें पब्लिक की थीं। चंद्र बोस भी उस दौरान मौजूद थे।

मुंबई-दिल्ली में 60 हजार से ज्यादा हैं करोड़पति, 5 साल में 350% तक बढ़े

मुंबई-दिल्ली में 60 हजार से ज्यादा हैं करोड़पति, 5 साल में 350% तक बढ़े
नई दिल्ली/मुंबई 25 जनवरी(एन.एन.आई)। एशिया-पेसिफिक में करोड़पतियों के बड़े ठिकाने वाले टॉप-20 शहरों में मुंबई और दिल्ली भी शामिल हैं। देश की इकोनॉमिक कैपिटल मुंबई में 41,200 और दिल्ली में 20,600 करोड़पति हैं। टोक्यो के न्यू वर्ल्ड वेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने ‘एशिया पैसिफिक 2016 वेल्थ रिपोर्ट’ में यह खुलासा किया है।
कौन-सा शहर है टॉप पर, किस पोजिशन पर है मुंबई और दिल्ली...
- लिस्ट में टोक्यो 2.64 लाख करोड़पतियों के साथ टॉप पर है।
- मुंबई 12th और दिल्ली 20th स्थान पर है।
- 2000 से 2015 के दौरान मुंबई में 357%, दिल्ली में 335% करोड़पति बढ़े।
- यहां करोड़पति से मतलब उन लोगों से है जिनके पास कम से कम एक मिलियन डॉलर या 6.7 करोड़ रु. की दौलत है।
- करोड़पतियों की संख्या में ग्रोथ के लिहाज से मुंबई-दिल्ली शीर्ष पांच शहरों में शुमार हैं।
- इस मामले में जकार्ता, हांगझू और तियानजिन शीर्ष तीन शहर हैं।
- ग्रोथ के हिसाब से अगले 10 साल में मुंबई-दिल्ली टॉप 3 में रहेंगे।
बड़े अमीर हांगकांग में
- एक करोड़ डॉलर या 67 करोड़ रु. से ज्यादा नेटवर्थ वालों की संख्या सबसे ज्यादा हांगकांग में है। यहां 9,650 लोगों के पास इतनी दौलत है।
- मुंबई इस मामले में 2,690 लोगों के साथ 8th और 1,340 लोगों के साथ दिल्ली 14th रैंक पर है।
- कोलकाता में 560, हैदराबाद में 510, बंगलुरु में 430, चेन्नई में 390, पुणे में 240 और अहमदाबाद में 230 बड़े अमीर हैं।
- पूरी दुनिया में हाई नेटवर्थ वाले सबसे ज्यादा लोग लंदन में रहते हैं। इसके बाद टोक्यो, सिंगापुर और न्यूयॉर्क का नंबर है।
5 करोड़ डॉलर से ज्यादा दौलत वाले कितने?
- 335 करोड़ रु. (5करोड़ डॉलर) या इससे ज्यादा की वैल्थ वाले दुनिया में 1,23,838 लोग हैं। इनमें 58,855 या करीब 51% अकेले अमेरिका में हैं।
- चीन में 9,555, इंग्लैंड में 5,377, जापान में 2,468 और फ्रांस में 3,743 सुपर रिच हैं। भारत में ऐसे अमीरों की तादाद 2,082 है।
देश में अब 2 लाख 36 हजार करोड़पति, इनकम के मामले में पाकिस्तानी सबसे गरीब
अमीर-गरीबों के बीच दुनिया में कितना फर्क बढ़ चुका है, ये दुनिया की 3 बड़ी एजेंसियों की रिपोर्ट से पता चल रहा है। ऑक्सफैम, वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट और क्रेडिट सुइस के एनालिसिस के बाद देश और दुनिया के बारे में कई चौंकाने वाले फैक्ट्स सामने आए।
- वर्ल्ड वेल्थ की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सुपर रिच लोगों की संख्या 2 लाख 36 हजार हो गई है।
- पिछले साल ये आंकड़ा 1 लाख 98 हजार था। यानी एक साल में हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (एचएनआई) की आबादी 19.9 पर्सेंट बढ़ गई। 
62 लोगों के पास दुनिया की आधी आबादी से ज्यादा दौलत
दुनिया में अमीरों और गरीबों को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। इसके मुताबिक, दुनिया भर के आधे रिसोर्सेस और दौलत पर सिर्फ 62 लोगों का कब्जा है। 'एन इकोनॉमी फॉर द 1%' नाम से इस रिपोर्ट को ऑक्सफेम इंटरनेशनल ने जारी किया है।

- दुनिया की बड़ी आबादी रिसोर्सेस की कमी से जूझ रही है। दूसरी तरफ, सिर्फ 62 लोगों के पास इसकी भरमार है।
- दुनिया के 1 पर्सेंट अमीर लोगों के पास 99 पर्सेंट लोगों से ज्यादा दौलत है। 
- 2010 से गरीब आबादी की दौलत में 41 पर्सेंट यानी 10 खरब डॉलर (करीब 67 हजार करोड़ रुपए) की गिरावट आई।
- जबकि अमीरों की दौलत में 17.60 खरब डॉलर (11 लाख करोड़ रुपए) की बढ़ोत्तरी हुई।
- यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब मंगलवार से स्विट्जरलैंड के दावोस में 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' की मीटिंग की शुरुआत हो चुकी है।
- इस फोरम में वर्ल्ड की 40 बड़ी इकोनॉमी के लीडर शामिल हो रहे हैं। 
62 अमीरों में 4 भारत के
नाम कंपनी रैंकिंग नेटवर्थ
मुकेश अंबानी रिलायंस 39 1.41 लाख करोड़ रुपए
दिलीप संघवी सन फार्मा 44 1.34 लाख करोड़ रुपए
अजीम प्रेमजी विप्रो 48 1.28 लाख करोड़ रुपए
पल्लोनजी मिस्त्री टाटा 55 1.10 लाख करोड़ रुपए

दिल्ली से काठमांडू जाने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट में बम की धमकी

नई दिल्ली 25 जनवरी(एन.एन.आई)।दिल्ली से काठमांडू जाने वाले जेट एयरवेज की फ्लाइट नंबर 9W-260 में बम होने की धमकी के बाद इस फ्लाइट को टेक ऑफ करने से रोक दिया गया है। सभी पैसेंजर्स को बाहर निकालकर प्लेन की तलाशी ली जा रही है। हालांकि अभी ये पता नहीं लगा है कि ये धमकी कैसे मिली। सूत्रों के मुताबिक, प्लेन की सीट नंबर 80 पर बम रखे जाने की धमकी मिली थी।

पठानकोट हमला: PAK ने कहा- भारत को मसूद अजहर से पूछताछ नहीं करने देंगे

जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ प्रदर्शन। (फाइल फोटो)
लंदन/इस्लामाबाद 25 जनवरी(एन.एन.आई)। पाकिस्तान ने कहा है कि वह पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर से ज्वाइंट पूछताछ की भारत को इजाजत नहीं देगा। पाकिस्तान सरकार से जुड़े सूत्रों ने यह बात ऐसे वक्त कही है जब एक दिन पहले ही नवाज शरीफ ने पठानकोट हमले के गुनहगारों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
भारत की किस मांग पर पलटा पाकिस्तान...
- पाकिस्तानी अखबार ‘द नेशन’ ने पाक सरकार के सूत्रों के हवाले से सोमवार को यह खबर दी।
- खबर के मुताबिक, पाक सरकार के एक अफसर ने कहा, “भारत ने मसूद अजहर और उसके भाई से पूछताछ की इजाजत मांगी थी लेकिन हमने पोलाइटली इनकार कर दिया है।”
- अफसर ने कहा, “दरअसल, भारत मौलाना मसूद अजहर और हाफिज सईद को सौंपने का हम पर दबाव बना रहा है। हम कई बार इससे इनकार कर चुके हैं। अब वो अजहर से पूछताछ करना चाहते हैं लेकिन हम इसकी भी इजाजत नहीं दे सकते।”
- इस अफसर ने ये भी कहा कि जब हम भारत को इन लोगों के खिलाफ एक्शन लेने का भरोसा दे चुके हैं तो वहां से इस तरह की मांग क्यों की जा रही है?
रविवार को नवाज शरीफ ने क्या भरोसा दिलाया था?
- नवाज शरीफ ने रविवार को लंदन में कहा था कि उन्होंने नरेंद्र मोदी से बात की है। दोनों देश पठानकोट हमले के गुनगहारों पर आपसी मदद से कार्रवाई करेंगे।
- शरीफ ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान चाहता तो भारत के दिए एविडेंस की बात को छुपा सकता था, लेकिन हम साफ कह रहे हैं कि हमें भारत से कुछ नए सबूत मिले हैं।
- बता दें कि बराक ओबामा ने रविवार को ही पाकिस्तान से पठानकोट हमले के दोषियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
अब क्या कर रहा है पाकिस्तान...
- दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटते वक्त शरीफ ने कहा- भारत से मिले सबूतों की जांच की जा रही है। हम आरोपियों को कानून के दायरे में जरूर लाएंगे।
- शरीफ ने कहा, “हमने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम भी बनाई है। ये टीम भारत जाएगी और वहां से और सबूत जुटाएगी। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”
- पाक पीएम ने आगे कहा, “मैंने नरेंद्र मोदी से बात की है। मोदी ने भरोसा दिलाया है कि वो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में हर मुमकिन मदद करेंगे। हम सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। उम्मीद है कि दोषियों को सजा दिलाई जा सकेगी।”
- शरीफ ने ये भी कहा कि भारत ने पुख्ता और एक्शन लेने लायक इन्फॉर्मेशन दी है। बता दें कि पाकिस्तान के एनएसए नसीर खान जंजुआ और भारत के एनएसए अजीत डोभाल के बीच भी 5 जनवरी को इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी।
अजहर न अरेस्ट किया गया और न नजरबंद है
पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को पाकिस्तान ने न तो अरेस्ट किया और न ही नजरबंद। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के जिन तीन लोगों को पिछले दिनों लाहौर से पकड़ा गया, उनका हमले से कोई लेना-देना नहीं है।
भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों की रिपोर्ट में क्या हुआ था खुलासा...
- पाक ने अजहर या जैश के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया है। 
- जैश के जिन तीन लोगों को पकड़ा गया है, उन पर सिर्फ जिहादी लिटरेचर रखने का आरोप है। 
- अफसरों का कहना है कि मसूद को हिरासत में लेने की खबरें कुछ पाकिस्तानी एजेंसियों की झूठी पब्लिसिटी थी, ताकि भारत का ध्यान भटकाया जा सके।
- पंजाब के कानून मंत्री राणा सनउल्लाह ने भी कहा कि पठानकोट हमले की जांच के लिए बनी ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम का काम पूरा होने तक कोई भी इन्फॉर्मेशन पब्लिक नहीं होगी।
इससे पहले आई थी मसूद की गिरफ्तारी की खबरें
- पाक के लोकल मीडिया ने पिछले हफ्ते कहा था कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर अरेस्ट हो चुका है। 
- खुफिया एजेंसियों ने लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंस के स्टूडेंट उस्मान सरवर, साद मुगल और कासिफ को बीते बुधवार अरेस्ट किया था।
- भारत ने जो पांच मोबाइल नंबर पाकिस्तान को दिए थे, वे नंबर इन लोगों के बताए गए थे।
- पाकिस्तानी अफसरों ने 11 जनवरी को इस्लामाबाद के सेक्टर- G 10/4 में छापा मारा था। यह घर अजहर के ब्रदर-इन-लॉ अशफाक अहमद का है।
- पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, अजहर इसी घर में छिपा हुआ था। उसे पता था कि एजेंसियां उसे पेशावर, बहावलपुर और लाहौर में खोज रही हैं। इसलिए वह इस्लामाबाद में जा छिपा। लेकिन अब कहा जा रहा है कि अजहर की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कब हुआ पठानकोट हमला और इस केस में अब तक क्या हुआ...
- 2 जनवरी की सुबह 6 पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। इसमें 7 जवान शहीद हो गए।
- 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला।
- हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर है।
- अजहर को 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक केस में पैसेंजरों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।
- भारत ने आतंकियों की उनके हैंडलर्स से बातचीत की कॉल डिटेल्स और उनसे मिले पाकिस्तान में बने सामानों के सबूत पड़ोसी देश को सौंपे हैं।
- पाक मीडिया का दावा है कि मसूद अजहर को हिरासत में लिया जा चुका है। लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा है।
- इस बीच, भारत-पाक फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की 15 जनवरी को होने वाली बातचीत टल चुकी है।
किस हाईजैकिंग केस में छोड़ा गया था अजहर?
- अजहर वही आतंकी है, जिसे 16 साल पहले प्लेन हाईजैक किए जाने के बाद कंधार में छोड़ा गया था।
- 24 दिसंबर, 1999 को पांच हथियारबंद आतंकवादियों ने 178 पैसेंजरों के साथ इंडियन एयरलाइन्स के आईसी-814 प्लेन को काठमांडू से हाईजैक किया था।
- प्लेन को अमृतसर, लाहौर और दुबई के रास्ते अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट ले जाया गया था।
- आतंकियों ने भारत सरकार से 178 पैसेंजरों को छोड़ने के बदले तीन आतंकियों की रिहाई का सौदा किया।
- उस वक्त की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पैसेंजरों की जान बचाने के लिए तीनों आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया।
- भारत की जेलों में बंद आतंकी मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर और अहमद उमर सईद शेख को कंधार ले जाया गया था।
- इसी मसूद अजहर ने 2000 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद बनाया था।

ISIS के 30 सपोर्टर अरेस्ट, फॉरेनर्स और पुलिस पर कर रहे थे हमले की साजिश

सिम्बॉलिक फोटो।
नई दिल्ली 25 जनवरी(एन.एन.आई)।रिपब्लिक डे से ठीक पहले एनआईए ने आईएसआईएस की एक बड़ी प्लानिंग नाकाम कर दी। एनआईए ने मैसेज ‘7 कलश रख दो’ को डिकोड कर लिया। इंटेलिजेंस के मुताबिक इस कोड का मतलब 7 जगहों पर ब्लास्ट करना था। वहीं गुरुवार रात से अब तक कई शहरों से अब तक 30 सस्पेक्ट्स को पकड़ा गया है। इनका मकसद फॉरेनर्स और पुलिस को निशाना बनाना बताया जा रहा है।
सिक्युरिटी एजेंसियों ने कैसे इसे अंजाम दिया...
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएस एजेंसियों ने वेस्ट एशिया से आईएस के कम्प्यूटर्स और फोन को ट्रैक किया था। इसके बाद इंडियन एजेंसियों ने इस लीड पर काम करते हुए ये रेड मारी थीं।
- सूत्रों के मुताबिक, सीआईए पिछले कई दिनों से इन कम्प्यूटर्स और स्मार्ट फोन की आईपी एड्रेस पर नजर रख रही थी।
- ये आतंकी इन आईपी एड्रेस का इस्तेमाल फेसबुक खोलने के लिए यूज कर रहे थे।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार सुबह महाराष्ट्र के औरंगाबाद से आईएस के एक संदिग्ध को अरेस्ट किया गया। इसे एनआईए की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
- इनमें से एक आईपी एड्रेस का इस्तेमाल आईएस कमांडर शफी अरमार भी कर रहा था। शफी का कोड नेम यूसुफ अल हिंदी था।
- शफी भारत में अखलाक उर रहमान जैसे और कई लोगों के संपर्क में था। यह वही अखलाक है, जिसे एनआईए ने उसके तीन साथियों के साथ हरिद्वार से अरेस्ट किया है।
- सबसे बड़ी सफलता ये रही कि सिक्युरिटी एजेंसियां इनके बीच वॉट्सऐप और फेसबुक पर शेयर किए जा रहे मैसेज को भी इंटरसेप्ट करने में सफल रहीं।
'7 कलश रख दो' मैसेज से हुआ खुलासा
- इसी महीने अखलाक और यूसुफ के बीच ‘7 कलश रख दो’ मैसेज आपस में शेयर किया गया था।
- सूत्रों के मुताबिक, इसका मतलब देश में 7 जगह ब्लास्ट करना था। इसी कोड को अमेरिकी एजेंसी ने इंडियन एजेंसियों को शेयर किया। जिसे बाद में एसएसए अजीत डोभाल को ब्रीफ किया गया था।
- ये मैसेज शेयर होने के बाद भारत में ये सस्पेक्ट हरिद्वार से रुड़की शिफ्ट हो गए। बाद में ये रुड़की आ गए।
- इसी दौरान देश के कई इलाकों में आईएस के मॉडयूल्स हरकत में दिखे।
दिल्ली में बना कंट्रोल रूम
- पुख्ता इन्फॉर्मेशन मिलने के बाद एनआईए और अन्य सिक्युरिटी एजेंसियां इन पर नजर रख रही थीं।
- दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया गया। रुड़की और हरिद्वार में ज्यादा नजर रखी गई।

रुड़की: कट्टरपंथ पर रोक के लिए मदरसों में मोबाइल फोन-सोशल मीडिया पर बैन

पिछले दिनों हरिद्वार से अरेस्ट किए गए 4 संदिग्ध आतंकी। इनके आईएस से रिश्ते होने का शक है।
रुड़की (उत्तराखंड) 25 जनवरी(एन.एन.आई)। कट्टरपंथ पर शिकंजा कसने के लिए रुड़की के मदरसों ने स्टूडेंट्स के मोबाइल फोन रखने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है।
क्या कहा मदरसों ने बैन लगाने पर...
- मदरसों से जुड़े मौलाना नवाब अली ने एक बयान में कहा, “हमने पैरेंट्स से कहा है कि वे अपने बच्चों के सोशल मीडिया और सेल फोन के इस्तेमाल पर नजर रखें। ताकि ये बच्चे कट्टरपंथी लोगों के बहकावे में न आएं।”

क्यों उठाया ये कदम?
पिछले दिनों गिरफ्तार 4 संदिग्ध आतंकियों ने पूछताछ में बताया है कि इराक और सीरिया में बैठे आईएस के आतंकियों ने उन्हें दिल्ली के साथ ही हरिद्वार में चल रहे अर्द्धकुंभ को टारगेट करने का ऑर्डर दिया था। ये चारों रुड़की के ही रहने वाले हैं।
सीरिया से वॉट्सऐप के जरिए मिल रहे थे ऑर्डर...

- दिल्ली पुलिस ने जिन 4 संदिग्ध आतंकियों को पिछले दिनों हरिद्वार से अरेस्ट किया है, उनकी उम्र 19 से 23 साल के बीच है।
- ये लोग सीरिया और इराक में आईएस हैंडलर्स से वीओआईपी, वॉट्सऐप और फेसबुक के जरिए टच में थे।
- एक सस्पेक्ट अखलाक रुड़की के पॉलिटेक्निक कॉलेज में थर्ड ईयर का स्टूडेंट है।
- बाकी तीन लोगों के नाम मोहम्मद ओसामा, अजीज और मेहराज हैं। मोहम्मद ओसामा और अजीज रुड़की में बीए के स्टूडेंट हैं। मेहराज आयुर्वेद की पढ़ाई कर रहा था।
- चारों सस्पेक्ट को आईएसआईएस ने 26 जनवरी या उससे पहले दिल्ली-एनसीआर में सिटीवॉक, साकेत, डीएलएफ, वसंतकुंज और नोएडा के ग्रेट इंडिया प्लेस को निशाना बनाने का फरमान जारी किया था।
- अर्द्धकुंभ में 8 फरवरी को ब्लास्ट करने की साजिश थी।

गाजियाबाद: 100 से ज्यादा मेडल जीतने वाली नेशनल स्वीमर ने फांसी लगाकर जान दी

गाजियाबाद की नेशनल स्वीमर सायरा सिरोही: फाइल फोटो।
नई दिल्ली 25 जनवरी(एन.एन.आई)। यूपी के गाजियाबाद में एक नेशनल स्वीमर सायरा सिरोही (16) ने रविवार रात फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। स्वीमर ने यह कदम क्यों उठाया फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिली है। यहां के आरके पुरम में रहने वाली सायरा कई चैम्पियनशिप में 100 से ज्यादा मेडल जीत चुकी थीं।
कौन है सायरा सिरोही...
- गाजियाबाद के देहरादून पब्लिक स्कूल में 11वीं की स्टूडेंट सायरा सिरोही के पिता यूपी पुलिस में हैं।
- 2008 में सायरा ने स्कूल के स्वीमिंग पूल में लगातार 15 घंटे तैरकर 38 किलोमीटर की दूरी तय की थी।
- उसकी इच्छा कॉमन वेल्थ गेम्स और ओलंपिक में देश को रिप्रेजेंट करने की थी।
- कोच राजू चौधरी ने कहा कि फाइनल एग्जाम की तैयारी के चलते कुछ दिनों से सायरा ने प्रैक्टिस छोड़ दी थी।
नहीं मिला सुसाइड नोट
- पुलिस इंस्पेक्टर अशोक सिसौदिया ने बताया कि पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
- रविवार रात करीब 1.30 बजे सायरा की बहन ने उसे फंदे पर लटका देखा था। इस मामले में जांच जारी है।

सचिन बोले- PAK के खिलाफ मैच में राष्ट्रगान के वक्त सीना और चौड़ा होता था

मुंबई में स्पोर्ट्स हीरो वीडियो के लॉन्चिंग इवेंट में सचिन।
मुंबई 25 जनवरी(एन.एन.आई)। सचिन तेंडुलकर के जेहन में 2003 वर्ल्ड कप का पाकिस्तान के खिलाफ मैच और 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल की यादें अाज भी ताजा हैं। उन्होंने एक वीडियो लॉन्च इवेंट में कहा- ऐसे मैचों में ‘जन गण मन’ के वक्त सिर ऊंचा हो जाता है। लेकिन जब आप बीच मैदान में इसे गाते हैं... तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।’
सचिन के कानों में आज भी गूंजता है राष्ट्रगान...
- सचिन ने स्पोर्ट्स हीरो वीडियो को रविवार को मुंबई में लॉन्च किया। यह वीडियो यंगस्टर्स को स्पोर्ट्स से जुड़ने के लिए मोटिवेट करने के मकसद से बनाया गया है।
- इस मौके पर सचिन ने कहा- ''जब मुकाबला पाकिस्तान से हो तो मैदान और स्टेडियम का माहौल ही अलग होता है। 2003 वर्ल्डकप में (सेंचुरियन में) पाकिस्तान के खिलाफ मैच मुझे याद है। स्टेडियम में बैठे 60 हजार लोगों के साथ मैदान के बीच में खड़े होकर ‘जन गण मन’ गाना अलग ही अनुभव था।''
- सचिन ने कहा- ''2011 के वर्ल्डकप फाइनल में भी ऐसा ही हुआ। मैं इन्हें नहीं भूल सकता। पूरा स्टेडियम ‘जन गण मन’ गा रहा था। आज भी कानों में मैं वह आवाज महसूस कर रहा हूं। वह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा प्राउड मोमेंट था। हमने कई पर्सनल टारगेट्स हासिल किए। टीम ने भी कई मील के पत्थर हासिल किए। लेकिन जब मामला राष्ट्रगान का आता है तो हर बात पीछे हो जाती है।''
सचिन, सानिया, भूटिया जैसे खिलाड़ी
‘स्पोर्ट्स हीरो वीडियो’ को अभिजीत पानसे ने डायरेक्ट किया है। इसे इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट ने लॉन्च किया है। यह इंस्टीट्यूट पूर्व क्रिकेटर नीलेश कुलकर्णी का है। वीडियो में भारत रत्न सचिन समेत आठ खिलाड़ी ‘जन गण मन’ के साथ इस ऑर्डर में नजर आ रहे हैं...
1. सुनील गावसकर
2. धनराज पिल्लै
3. गगन नारंग
4. बाईचुंग भूटिया
5. सुशील कुमार
6. महेश भूपति
7. सानिया मिर्जा
8. सचिन तेंडुलकर
2003 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ सचिन का परफॉर्मेंस
रन 98
बॉल 75
चौका 12
छक्का 1
'लोग कहते थे- चाहे कुछ भी हो जाए, पाक के खिलाफ जीतना ही चाहिए'

- सचिन ने 2009 में भी एक प्रोग्राम में पाकिस्तान के खिलाफ मैच का जिक्र किया था।
- सचिन ने कहा था- ‘मुझे 2003 में जब हम साउथ अफ्रीका में वर्ल्ड कप खेल रहे थे। पाकिस्तान से मैच के पहले ही हमें यह रिस्पॉन्स मिल रहा था कि चाहे कुछ भी हो जाए, वो मैच आपको जीतना ही चाहिए। जब मैच जीत गए तो पत्नी अंजलि ने मुझे फोन किया। वो फोन काे गैलरी में ले गईं और कहा कि कैसे पटाखे फूट रहे हैं, इनकी आवाज सुनो।’
- ‘हमें इस बात पर गर्व हुआ कि हमने भारत को खुशी का पल दिया है। लोगों के सेलिब्रेशन को देखकर हमारा मन भर आया।’
वीडियो के बारे में बाकी प्लेयर्स ने क्या कहा...
'भारत से सानिया मिर्जा...'
‘मेडल या ट्रॉफी जीतने पर राष्ट्रगान सुनना हर बार नया अनुभव होता है। टेक्निकली भले ही हम व्यक्तिगत रूप से खेल रहे हो, लेकिन हमेशा तिरंगे के लिए खेलते हैं। हर बार यही कहा जाता है- ‘भारत से सानिया मिर्जा’। किसी भी व्यक्ति या खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा प्राउड की बात होती है अपने देश को रिप्रेजेंट करना।’ - सानिया मिर्जा, टेनिस स्टार
'राष्ट्रगान को लेकर भावनाएं शब्दों में नहीं बता सकता'
‘हमारे ऊपर सबसे ज्यादा जिम्मेदारी होती है। ओलिम्पिक, कॉमनवेल्थ में हमारा राष्ट्रगान बार-बार बजे, यह हमारी जिम्मेदारी होती है। जब भी राष्ट्रगान बजता है तो मेरी भावनाएं क्या होती हैं, यह मैं बोलकर नहीं बता सकता। जब तिरंगा आपके हाथ में होता है, जब आप कोई मेडल जीतते हैं, तो वह फीलिंग ही अलग होती है।’- सुशील कुमार, पहलवान
'1998 का एशियन गेम्स'
‘मुझे याद है कि 1998 एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने पर राष्ट्रगान बज रहा था... सब खिलाड़ी बहुत ही खुश थे। ऐसा लग रहा था कि हमने दुनिया की सबसे बड़ी खुशी हासिल कर ली है। अभिनव बिंद्रा ने जब ओलिंपिक का स्वर्ण जीता, तब वहां हर एक हिंदुस्तानी खुश था।’ - धनराज पिल्लै, पूर्व हॉकी खिलाड़ी

100 मी. नदी तैरकर बच्चों को पढ़ाने जाते हैं ये टीचर, एक दिन भी नहीं किया मिस

केरल के मलप्पुरम में नदी पार करते अब्दुल मलिक।
तिरुवनंतपुरम (केरल) 25  जनवरी(एन.एन.आई)। यहां के मलप्पुरम जिले के एक टीचर हैं अब्दुल मलिक। अपनी नौकरी के प्रति उनकी लगन अब सुर्खियों में है। स्कूल जाने के लिए वह रोजाना 100 मीटर नदी तैरकर पार करते हैं। खास बात यह है कि 19 साल में उन्होंने एक बार भी ड्यूटी मिस नहीं की।
शॉर्ट कट के चक्कर में पार करने लगे नदी...
- 40 वर्षीय अब्दुल पडिंजत्तेमुरी में प्राइमरी टीचर हैं। वे बताते हैं, "नौकरी लगने के बाद मैं दो-तीन साल तक सड़क के रास्ते स्कूल गया। लेकिन इसमें 24 किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती थी। तीन बसें बदलनी पड़तीं और घर से भी जल्दी निकलना होता था। एक दिन सहकर्मी बापुत्ती की सलाह पर मैंने तैरकर स्कूल जाना शुरू किया। परिवार वाले कुछ डरे, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था। मैं कपड़े, टॉवेल और किताबें पॉलिथिन में बांधकर अपने साथ ले जाता हूं। नदी के उस पार पहुंचकर कपड़े बदल लेता हूं।'
- अब्दुल को नदी पार करते समय स्कूल के छात्र उत्सुकता से देखते थे। ऐसे में उन्होंने उनकी उत्सुकता को अभ्यास में बदलने का फैसला किया। पहले एक-दो बच्चों ने तैरना शुरू किया, आज अब्दुल कई बच्चों को तैरने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अब्दुल सर ने उन्हें सेहतमंद रहना भी सिखाया है। नदी से वर्षों पुराना नाता रहा तो उन्होंने इसे साफ रखने का भी फैसला किया। अब्दुल अपने छात्रों के साथ स्कूल आते-जाते नदी से कचरा-पॉलिथिन भी साफ करते हैं। लोगों को भी ऐसा करने का संदेश देते हैं।
- अब्दुल ने राजनेताओं का ध्यान भी अपनी ओर खींचा। उन्हें सम्मानित भी किया, लेकिन वे इस नदी पर पुल बना पाने में अपनी मजबूरी बताते हैं। स्थानीय पंचायत का कहना है कि इस नदी पर पहले ही तीन पुल हैं। जिस रास्ते से अब्दुल जाते हैं वहां से ज्यादा आवाजाही नहीं है। ऐसे में नया पुल बनाना फिलहाल मुमकिन नहीं है।
1000 घंटे पानी में
- 2029 में अब्दुल नौकरी से रिटायर होंगे। उनका अनुमान है कि तब तक वे करीब 1000 घंटे पानी में बिता चुके होंगे।
- 35 साल की नौकरी में करीब 700 किलोमीटर की दूरी तैर कर पार कर चुके होंगे। जो इंग्लैंड और फ्रांस के बीच इंग्लिश चैन की दूरी के बराबर होगा।
- तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं।

DB SPECIAL: अमित के फिर 'शाह' बनने पर BJP हेडक्वार्टर्स में था सहमा-सा सेलिब्रेशन

रविवार को बीजेपी हेडक्वार्टर्स में शाह को बीजेपी प्रेसिडेंट चुना गया।
नई दिल्ली 25  जनवरी(एन.एन.आई)।  पहली नजर में देखकर कोई भी कहेगा कि रविवार को अमित शाह के दोबारा बीजेपी प्रेसिडेंट बनने पर दिल्ली के अशोका रोड पर शादी-सा जश्न था। नाच-गाना, खाना, आतिशबाजी सबकुछ था। लेकिन असलियत में ये मुंह दिखाई रस्म थी। दस्तूर के मुताबिक शाह दोबारा बिना विरोध प्रेसिडेंट चुने जाने थे। इसलिए इस धूम धड़ाके के बीच भी ऐसा लग रहा था मानों दूल्हे या दुल्हन में से एक राजी न हो और जबरन शादी करवाई जा रही हो।
एक गाना बजा और आडवाणी-जोशी की चर्चा होने लगी...
- कभी कभार इस दफ्तर का रुख करने वाले कई सारे वीवीआईपी यहां आने थे। रेड कारपेट पर अवॉर्ड फंक्शन सी एंट्री हो रही थी। बाहर सोकॉल्ड कार्यकर्ता थे। और कुछ डांस ट्रूप भी।
- किसी ने चुटकी भी ली "ये वही डांस ट्रूप है न जिसे बिहार चुनाव नतीजों वाले दिन के लिए बुक किया था? "बाहर दफ्तर के आंगन में एक बड़ा सा स्टेज बनाया गया था।
- दफ्तर के पिछले दरवाजे और अहाते के बीच एक माइक पार्टी के झंडे वाले पोडियम के साथ लगाया गया था।
- वहां कुछ नेता आकर बोले भी लेकिन ढोल के शोर में वो बोल कम ही सुनाई दिए। भीतर वेरी वेरी इम्पॉर्टेंन्ट लोग ही जा पा रहे थे। पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य, मंत्री, मुख्यमंत्री और कुछ स्टार नेता।
- अंदर का सीन कुछ ऐसा था, ब्रीफिंग रूम में स्टेज पर इलेक्शन ऑफिसर अपनी टीम के साथ बैठे थे। उनके पास हाजिरी लगाने वालों में देश के गृहमंत्री-रक्षामंत्री तक शामिल थे।
- फिर हर राज्य के प्रस्तावक अपने लवाजमे के साथ दिखे। इनमें कुछ को लीड करने वाले मुख्यमंत्री भी थे।
- बारी-बारी राज्यों की नुमाइंदगी दिखती रही। गुजरात, महाराष्ट्र से होते हुए जम्मू-कश्मीर तक। जे एंड के की बारी आई तो बीजेपी का जम्मू वाला नारा ‘जहां बलिदान हुए मुखर्जी, वो कश्मीर हमारा है’ भी लगाया गया।
- अब स्क्रीन पर बाहर बने स्टेज का वीडियो आउटपुट दिखाया जाने लगा। और पीछे से गाना बजा..."कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आए।"
- गाने के मतलब निकाले जाने लगे। भीड़ से होंठ फड़फड़ाए तो उसमें आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का लिपसिंक दिखा।
- अचानक गाने को दो लाइनों के बाद बंद करवा दिया गया। स्थिति संभली तो याद आया भाजपा के मार्गदर्शक मंडल में से राजनाथ के अलावा कोई इस समारोह का भागीदार नहीं बना।
दबी जबानों में लगे नारे...
- तभी स्टेज से शंखनाद हुआ। भगवा कपड़े पहने नॉर्थ ईस्ट के बच्चों ने शंखध्वनि की। और इसी बीच इलेक्शन ऑफिसर अविनाश खन्ना ने अमित शाह के दोबारा अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। 13th पार्टी प्रेसिडेंट।
- सड़क से हलकी फुलकी आतिशबाजी की आवाजें आईं। भीतर गिने चुने नारे लगे। दबी जबानों से। कुछ लोग पिछले गेट से लौटने लगे।
- लौटने वालों में सबसे पहले पहचाना सा चेहरा मेनका गांधी का था। प्रोग्राम में वित्तमंत्री जेटली नहीं थे। सेल्फी सिखाने वाले मोदीजी नहीं थे।
- सबसे ज्यादा फैन संबित पात्रा के साथ सेल्फी लेते नजर आए।
- मेंबरशिप भले अमित शाह के पिछले कार्यकाल के बाद से पांच गुना बढ़ी हो उत्साह और लोकप्रियता दुगुनी घटी है। ये हम नहीं वहां मौजूद जुबानें कह रहीं थीं।
तीन साल के लिए चुने गए हैं अमित शाह
- मोदी, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, वेंकैया नायडू सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने शाह के नाम का प्रपोजल रखा।
- बीजेपी के जिन मुख्यमंत्रियों ने उनके नाम का प्रपोजल रखा उनमें वसुंधरा राजे सिंधिया, रघुबर दास, शिवराज सिंह चौहान शामिल थे।
- हालांकि, इस दौरान लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी नजर नहीं आए। जो चर्चा का विषय बना रहा।
- शाह की यह नई पारी तीन साल की होगी। 2017 में होने वाले उत्तर प्रदेश असेम्बली इलेक्शन उनके इस कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती माने जा रहे हैं।
संघ को शाह पर भरोसा क्यों?

- संघ मानता है कि शाह ने बीजेपी को लोकसभा के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में सीधी जीत दिलाई। 
- जम्मू-कश्मीर में भी पार्टी अच्छा प्रदर्शन कर पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार बनाने में सफल रही।
- इसके अलावा मणिपुर, केरल और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में पार्टी का असर पहली बार दिखा। यह आने वाले वक्त के लिए बेहतर संकेत हैं।
- संघ को मोदी और शाह की जोड़ी पर भरोसा है।
शाह का रिपोर्ट कार्ड
अमित शाह जुलाई 2014 में पार्टी अध्यक्ष बने थे। इसके बाद बीजेपी ने छह राज्यों में चुनाव लड़े। चार में उसकी सरकार बनी। दो में वह चुनाव हार गई। हालांकि, इससे पहले शाह को लोकसभा चुनाव में यूपी की जिम्मेदारी दी गई थी। वहां पर एनडीए को 80 में से 73 लोकसभा सीटें मिली थीं।
राज्य
चुनाव
कैंडिडेट
नतीजा
सीटें
नफा/नुकसान
बिहार
2015
कोई नहीं
हार
53
- 38
दिल्ली
2015
किरण बेदी
हार
3
-28
महाराष्ट्र
2014
कोई नहीं
जीत
122
+76
हरियाणा
2014
कोई नहीं
जीत
47
+43
जम्मू-कश्मीर
2014
कोई नहीं
जीत
25
+14
झारखंड
2014
कोई नहीं
जीत
37
+19
अगले दो साल में कहां होंगे चुनाव?
- आने वाला समय बीजेपी के लिए मुश्किल भरा है। यह शाह की दूसरी पारी पर भी दिखेगा। अगले दो साल में 10 राज्यों में चुनाव होने हैं। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुड्डुचेरी, तमिलनाडु में 2016 में चुनाव होंगे। यूपी, पंजाब, गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड में 2017 में चुनाव होंगे।
राज्य वर्ष
असम 2016
केरल 2016
पुड्डुचेरी 2016
तमिलनाडु 2016
पश्चिम बंगाल 2016
गोवा 2017
मणिपुर 2017
पंजाब 2017
उत्तराखंड 2017
उत्तर प्रदेश 2017
बीजेपी-एनडीए के पास देश के 11 राज्यों में सत्ता
राज्य जहां बीजेपी-एनडीए सत्ता में देश के जीडीपी में हिस्सेदारी
महाराष्ट्र 16.26%
गुजरात 7.69%
राजस्थान 4.26%
मध्य प्रदेश 4.21%
हरियाणा 3.58%
छत्तीसगढ़ 1.49%
झारखंड 1.65%
जम्मू कश्मीर 0.84%
पंजाब 3.03%
गोवा 0.47%
आंध्र प्रदेश 4.43%

पहाड़ों की बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकपी, दिल्ली में चार दिनों में 11 लोगों की मौत

कोहरे से ट्रेन हुईं प्रभावित
नई दिल्ली 25 जनवरी(एन.एन.आई)। पहाड़ाें पर बर्फबारी के साथ वहां से चल रही बर्फीली हवाओं का असर मैदानी क्षेत्रों पर नजर आ रहा है। सुबह के समय क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। दिल्ली में लगातार सड़कों पर चार दिनों में 11 लोगों की ठंड से मौत होने की खबर है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले लगातार दो दिन न्यूनतम तापमान 4.2 और 4.6 डिग्री रहने के कारण रविवार को भी लोग ठंड हवाओं से कंपकंपी के कारण रजाई में दुबके रहे।
वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर आ गया है, इससे जमीन में गर्मी के कारण निकलने वाली भाप से कोहरा और धुंध ज्यादा बढ़ गए। लेकिन तेज धूप निकलने से धीरे-धीरे कोहरा छंट गया।
कोहरे से ट्रेन हुईं प्रभावित
उत्तरी रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को 18 ट्रेनों को परिचालन कोहरे के कारण रद्द कर दिया गया और 20 ट्रनों के परिचालन में तय समय से देरी से हुआ। सात ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। मौसम विभाग ने कोहरा का प्रकोप बने रहने की संभावना व्यक्त की है और कुछ इलाकों में घना कोहरा छाने की आशंका व्यक्त की गई है। अभी मौसम अगले दो दिन ऐसा ही रहने का अनुमान है।
ये ट्रेनें चल रही लेट
मगध एक्सप्रेस 8 घंटे, विक्रमशिला एक्सप्रेस 4 घंटे, स्वतंत्रता सेनानी 5 घंटे, शताब्दी एक्सप्रेस 24 घंटे, गोंडवाना एक घंटा, गरीबरथ 5 घंटे, फारूखाबाद 4 घंटे, श्रीधाम सुपरफास्ट 1 घंटे की देरी से चलीं।

रद्द हुई रेलगाडि़यां
रद्द हुई ट्रेन में उत्तर संपर्क क्रांति, बीकानेर दिल्ली, मालवा एक्सप्रेस, जयपुर डबल डेकर, आनंद विहार जनसाधारण एक्सप्रेस, लिच्छावी एक्सप्रेस, होशियारपुर-दिल्ली एक्सप्रेस, आगरा कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस, दिल्ली रोहतक इंटरसिंटी एक्सप्रेस, अम्रपाली एक्सप्रेस, मुंबई फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस और मेरठ सिटी ट्रेन शामिल हैं।
कैट इक्विपमेंट की मदद से चलाए गए 165 विमान

रविवार को आईजीआई एयरपोर्ट से विमानों का परिचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहा। रविवार सुबह घने कोहरे के बावजूद कैट उपकरणों के बिना एयरपोर्ट पहुंचे चार विमानों को समीपवर्ती एयरपोर्ट के लिए डाइवर्ट कर दिया गया। डाइवर्ट की गई फ्लाइटों में शंघाई से आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-349, दुबई से आई एयर इंडिया की एआई-996 और स्पाइस जेट की एसजी-012 सहित बैंगलूरू से आने वाली एआई-804 शामिल है।
इन फ्लाइटों में एआई-349 और एआई-996 को मुंबई, एसजी-012 को जयपुर और एआई-804 को लखनऊ के लिए डाइवर्ट किया गया था। एयरपोर्ट प्रवक्ता के अनुसार घने कोहरे के चलते रविवार को एयरपोर्ट से 165 फ्लाइटों का परिचालन कैट उपकरणों की मदद से किया गया। जिसमें 30 फ्लाइटें कैट वन, 18 फ्लाइटें कैट टू, 45 फ्लाइटें कैट थ्री-ए और 33 फ्लाइटें कैट थ्री-बी उपकरणों के मदद से आवागमन कर सकीं। 39 फ्लाइटों का परिचालन लो विजिबिलिटी प्रोसीजर के दौरान हुआ। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार रविवार को एयरपोर्ट से 42 फ्लाइटों का आवागमन देरी से हो सका।
देश के प्रमुख शहरों का टेम्परेचर (डिग्री सेल्सियस में)
शहर मिनिमम मैक्सिमम
नई दिल्ली 7.5 16.3
चंडीगढ़ 2.1 13.7
भोपाल 8.3 26.7
जयपुर 6.4 25.5
इंदौर 8.9 27.6
जोधपुर 10.4 26.0
रांची 23.5 34.5
रायपुर 10.4 27.1
पानीपत 5.0 10.0
शिमला 3.1 14.1
पटना 6.0 21.7
- टेम्परेचर रविवार का है।

नेताजी ने ऑस्ट्रिया में की थी शादी, देखें उनकी लाइफ की रेयर PHOTOS

ऑस्ट्रिया में नेताजी की पत्नी एमिली और बेटी अनीता बोस: फाइल फोटो।
नई दिल्ली. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 119वीं जयंती शनिवार को मनाई गई। उनकी मौत कैसे हुई इस पर अब भी सस्पेंस बरकरार है। हाल ही में एक ब्रिटिश वेबसाइट में दावा किया है कि नेताजी की मौत 18 अगस्त, 1945 में ताइपेई में एक प्लेन क्रैश में हुई थी। लेकिन 1945 के बाद भी कई बार उनके जिंदा होने के दावे किए गए। हालांकि मोदी सरकार ने नेताजी से जुड़ी 100 फाइलों को डिक्लासिफाइड किया है।वर्ल्ड वॉर के दौरान जापान में बंदी बनाए गए भारतीय सैनिकों के साथ नेताजी: फाइल फोटो।
नेताजी की लाइफ के अहम FACTS...
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था।
- बचपन से ही वह काफी ब्रिलिएंट स्टूडेंट थे। 1913 के मैट्रिक एग्जाम में दूसरी पोजिशन पर रहे।
- ग्रेजुएशन करने के बाद वह पिताजी से किया वादा पूरा करने के लिए इंग्लैंड चले गए।वर्ल्ड वॉर के दौरान जापान में बंदी बनाए गए भारतीय सैनिकों के साथ नेताजी: फाइल फोटो।
- इंडियन सिविल सर्विस एग्जाम में उनकी चौथी रैंक थी। जलियावाला बाग कांड के बाद 1921 में इंटर्नशिप के दौरान नौकरी छोड़ी।
- 1938 और 39 में वह दो बार कांग्रेस के प्रेसिडेंट चुने गए थे।
- 1937 में नेताजी ने ऑस्ट्रिया में एमिली नाम की महिला से शादी की। 29 नवंबर, 1942 को विएना में एमिली ने बेटी अनीता बोस को जन्म दिया था।
- बोस ने जानते थे कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। इसीलिए वह भारत की आजादी के लिए मदद मांगने जर्मनी और जापान जैसे देशों के पास गए।जर्मनी में एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते नेताजी: फाइल फोटो।
- जापान में आजाद हिंद फौज बनाई और अंडमान निकोबार को आजाद कराने के बाद मणिपुर के रास्ते आजाद हिंद फौज के साथ चढ़ाई कर दी।
- महात्मा गांधी उनके कायल थे, उन्हें देशभक्तों का देशभक्त कहते थे।यूरोप में नेताजी ने खुद भारत की आजादी के लड़ने वाला राजदूत बताया था: फाइल फोटो।जर्मनी से लौटने के बाद जापान पहुंचे थे नेताजी: फाइल फोटो।यूरोप में खास दोस्तों के साथ नेताजी: फाइल फोटो।कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में नेताजी (सबसे दाएं):फाइल फोटो।

यहां सुबह 4 बजे होता है सूर्योदय और चार बजे हो जाती है रात

फाइल फोटो- अरुणाचल प्रदेश की डोंग वैली की देवांग घाटी में सुबह करीब चार बजे होता सूर्योदय।
नई दिल्ली/ ईटानगर 24 जनवरी(एन.एन.आई)। ये नजारा है अरुणाचल प्रदेश की डोंग वैली की खतरनाक देवांग घाटी का। चाइना-म्यांमार बॉर्डर पर मौजूद ये भारत की ऐसी जगह है, जहां करीब ढाई घंटे पहले ही सूरज निकल जाता है। देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले यहां दिन-रात का चक्र बिलकुल अलग है।
दिल्ली में दोपहर तो यहां हो जाती है रात...
नए साल पर देशभर के टूरिस्ट यहां सूरज की पहली किरण देखने पहुंचते हैं। दिल्ली में जब दोपहर के चार बजते हैं, वो वक्त यहां रात का है। सूरज निकलने से पहले रात तीन बजे से ही उसकी लालिमा दिखने लगती है। यहां शाम का हाल भी करीब-करीब ऐसा ही है।
इसलिए कहते हैं सूरज की भूमि
- इस प्रदेश को "उगते सूरज की भूमि" भी कहा जाता है क्योंकि (अरूण+आंचल = अरूणाचल - जिसमें अरूण का अर्थ है सूर्य तथा चल का अर्थ है उदय होना या आगे बढ़ना)। भारत की भूमि पर इसी राज्य में सूरज की पहली किरण पङती है।
- देश के पूरब में अरुणाचल में पहली और पश्चिम में गुजरात पर सबसे अंतिम किरण पड़ती है।
- ये घाटी लोहित जिले के मैकमोहन लाइन के करीब है। बता दें कि समुद्रतल से इसकी ऊंचाई 2655 मीटर है।

ऐसे जा सकते हैं 340 कमरों वाला प्रेसिडेंट हाउस देखने, जानिए क्या है प्रोसेस

नई दिल्ली 24 जनवरी(एन.एन.आई)।  इंडियन प्रेसिडेंट हाउस की पूरी इमारत में 340 कमरे हैं। यह दुनिया के किसी भी प्रेसिडेंट के आवास से बड़ा है। हर साल प्रेसिडेंट हाउस देखने के लिए देश-विदेश से टूरिस्ट आते हैं।
कैसे बना था भारत का प्रेसिडेंट हाउस, जानें फैक्ट्स...

- प्रेसिडेंट हाउस कभी वायसराय हाउस के नाम से जाना जाता था।
- करीब दो लाख स्क्वेयर फीट में ये भवन आजादी से पहले तक ब्रिटिश वायसराय का गवर्नमेंट रेसिडेंस था। 
- इसका कंस्ट्रक्शन 1912 में शुरू हुआ और 1929 में कम्पलीट हुआ।
- यह बिल्डिंग चार मंजिला है, जिसमें 340 कमरे हैं।
- इस बिल्डिंग के चीफ आर्किटेक्ट थे एडविन लैंडसोर लुटियंस। 
- बताया जाता है कि उस वक्त प्रेसिडेंट हाउस का काम केवल डेढ़ करोड़ रुपए की कम लागत से 17 वर्षों में पूरा किया गया।
- बिल्डिंग में करीब 70 करोड़ ईंटें और 30 लाख क्यूबिक फीट पत्थर यूज किया गया है।

NetajiFiles हुईं पब्लिक: नेहरू के जिक्र पर कांग्रेस बोली-मोदी के इरादे ठीक नहीं

नेताजी से जुड़ी फाइलों को पब्लिक करने से पहले नेशनल आर्काइव्स में मोदी।
नई दिल्ली 24 जनवरी(एन.एन.आई)।  सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी 100 सीक्रेट फाइलें शनिवार को पब्लिक कर दी गईं। बोस फैमिली की मौजूदगी में नरेंद्र मोदी ने नेशनल आर्काइव्स में इन्हें जारी किया। अब हर महीने 25-25 फाइलों को डिक्लासिफाई किया जाएगा। नेताजी पर एक पोर्टल भी लॉन्च हुआ। इस बीच, कांग्रेस ने कहा- जिस तरह मोदी ने फाइलों का खुलासा किया है, उससे उनके इरादे ठीक नजर नहीं आ रहे।
फाइलें सामने आने के बाद हुए चार बड़े डेवलपमेंट... नेहरू की एक चिट्ठी को लेकर कांग्रेस में बेचैनी...
1. जो चिट्ठी बताई थी, उसी का होता रहा जिक्र
- जवाहरलाल नेहरू ने 27 दिसंबर 1945 को इंग्लैंड के तब के पीएम क्लीमेंट एटली को लेटर लिखा था। 'भास्कर' के पास यह लेटर पहले से मौजूद है।
- लेटर के मुताबिक, नेहरू ने एटली से कहा था- "मुझे अपने भरोसेमंद सूत्र से पता चला है कि सुभाषचंद्र बोस, जो आपके वॉर क्रिमिनल हैं, उन्हें स्टालिन ने रूसी सीमा में दाखिल होने की मंजूरी दे दी है।"
- "यह रूस का धोखा है, क्योंकि रूस ब्रिटिश-अमेरिकन अलायन्स का सपोर्टर है। रूस को ऐसा नहीं करना चाहिए था। आप इस पर ध्यान दें और जो सही लगे वो एक्शन लें।"
- इस लेटर के नीचे नेहरू का सिर्फ नाम लिखा है। उनका सिग्नेचर नहीं है।
2. अपनी ही सरकार के वक्त बनी फाइलों पर कांग्रेस ने उठा दिए सवाल
- नेताजी से जुड़ी फाइल्स डिक्लासिफाई होने के बाद इसी चिट्ठी की राजनीतिक खेमों में चर्चा होती रही।
- कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि यह चिट्ठी जाली है। इसे सर्कुलेट कराया जा रहा है। यह नेहरू को बदनाम करने की साजिश है।
- उन्होंने कहा कि जिस तरह मोदी ने यह सब (फाइल्स को डिक्लासिफाई) किया, उससे सरकार के इरादों पर शक होता है। देश को यह समझना चाहिए। सरकार जानबूझकर विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है। नेहरू के ब्रिटिश पीएम एटली को लिखे कथित लेटर को कांग्रेस जाली मानती है। पार्टी लेटर से छेड़छाड़ करने वालों को एक्सपोज करेगी।
- बता दें कि कांग्रेस जिस लेटर पर सवाल उठा रही है, वह उन्हीं फाइलों से लिया गया है जो केंद्र में कांग्रेस की सरकार के वक्त तैयार हुई थी।
3. कांग्रेस रिएक्शन पर क्या बोले बोस के परिजन?
- कांग्रेस के रिएक्शन पर बोस के बड़े भाई संजयचंद्र बोस के पोते सुभाष ने बताया- ये रिसर्च का सब्जेक्ट है, जो दोषी होगा वो एक्सपोज होगा।
- उनका कहना था कि कांग्रेस ओवर रिएक्ट कर रही है, उसे इस बात का जवाब देना चाहिए कि नेताजी की फाइलें 70 साल तक क्यों दबा कर रखीं?
4. नेताजी पर किताब लिखने वाले लेखक ने क्या कहा?
- नेताजी पर किताब लिख चुके रिसर्चर अनुज धर ने बताया- नेहरू का जो लेटर फाइलों के साथ डिस्पले किया गया है उससे यही सामने आता है कि सरकार तब तक इस बात पर कन्फर्म नहीं थी नेताजी की डेथ प्लेन क्रेश में हुई है या नहीं। 
- सरकार के पास उनकी मौत से जुड़ा कोई सबूत नहीं था। 
- लेटर में लिखा है कि पार्लियामेंट में नेहरू ने जानकारी दी थी उसमें यही लिखा था, 'हालात देखकर मैं ये मानता हूं कि नेताजी की डेथ हो चुकी है।' 
- उन्होंने कहा कि जब नेहरू के मुताबिक 1945 में ही नेताजी की मौत हो चुकी थी, फिर उनके परिवार की और नेताजी से जुड़े लोगों की जासूसी क्यों कराई जा रही थी।
- इसका मतलब सरकार भी नेताजी की मौत को लेकर कन्फ्यूज थी।
5. नेताजी से जुड़ीं फाइलें सामने आने के बाद और क्या हुए खुलासे...
(a) नेताजी की बेटी को कांग्रेस से मिलती थी 6000 रुपए की पेंशन
- नेताजी की बेटी को 1964 में कांग्रेस की तरफ से हर साल 6000 रुपए पेंशन मिलती थी। 1964 में नेताजी की बेटी की शादी हो जाने तक मिलती रही पेंशन।
- 7 जुलाई 1965 को विएना से विदेश मंत्रालय को सीक्रेट टेलिग्राम कर अनिता बोस की शादी के बारे में बताया गया था। उसके बाद अनिता की पेंशन बंद कर दी गई थी।
- नेताजी की पत्नी एमिली ने किसी भी तरह की मदद लेने से इनकार कर दिया था।
(b) ताइवान सरकार के पास नहीं था प्लेन क्रैश का रिकॉर्ड।
(c) मॉस्को के अखबार में छपे एक आर्टिकल में नेताजी और ब्रिटिश इंटेलिजेंस एजेंसी MI-6 के बीच रिश्तों का जिक्र किया गया था। इस आर्टिकल में नेताजी को MI-6 का एजेंट बताया गया था।
(d) जापान के रेंकोजी मंदिर में रखी नेताजी की अस्थियों को लेकर भी भ्रम फैलाए जाने की बात सामने आई। जापान ने इस संबंध में इंडियन एंबेसी को रिपोर्ट देते हुए बताया था कि रेंकोजी मंदिर के चीफ प्रीस्ट के पॉपुलर होने के चक्कर में झूठ बोलने की भी संभावना है। नेताजी के डेथ सर्टिफिकेट पर भी उठे थे सवाल।
(e) भाई को नहीं था क्रैश थ्योरी पर यकीन

- 1956 में नेताजी की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए शाहनवाज खान कमेटी बनाई गई।
- इस कमेटी ने मेजॉरिटी के आधार पर कहा कि नेताजी की मौत 1945 में प्लेन क्रैश में ही हुई थी।
- खास बात यह है कि इस कमेटी में नेताजी के भाई शिशिरचंद्र बोस भी थे। शिशिर ने प्लेन क्रैश में नेताजी की मौत से इनकार कर दिया था।
(f) बेटी ने पूछा था क्यों नहीं दिया भारत रत्न?
- नेताजी की बेटी अनिता फाफ ने 1992 में भारत सरकार को एक लेटर लिखा। इसमें अनिता ने कहा कि नेताजी को 1950 में ही भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए था।
- अनिता ने लिखा, “नेताजी की महानता ही है जो उन्हें आज तक याद किया जाता है, उन्हें भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया।”
(g) इंदिरा गांधी ने भिजवाए थे दो पैकेट : 1966 का एक ऑफिशियल कम्युनिकेशन कहता है कि इंदिरा गांधी को दो पैकट मिले थे। ये पैकेट नेताजी की बेटी को वॉशिंगटन में मौजूद इंडियन एंबेसी के जरिए डिलिवर कराए गए थे।
(h) अनिता से मिलना चाहती थीं इंदिरा : 26 फरवरी 1966 का इंदिरा गांधी का लिखा लेटर कहता है, ‘मैं अनिता से दोबारा मिलना चाहती हूं। लेकिन मुझे लगता है कि मेरे यूएस दौरे का शेड्यूल ऐसा है कि मैं उनसे मिल नहीं पाऊंगी।’
कितनी फाइलों में है नेताजी से जुड़ा राज?
- कुल 100 फाइलें क्लासिफाइड थीं, जो रिलीज हो रही हैं।
- 3000 फाइलें नेशनल आर्काइव्स के पास हैं। इनमें से 100 रिलीज हो रही हैं।
- 41 सीक्रेट फाइलें पीएमओ में हैं। इनमें से 33 ही पब्लिक हो रही हैं।
- फरवरी से हर महीने 25 फाइलें डिक्लासिफाई होंगी।
- पश्चिम बंगाल में 64 फाइलें थीं, जो बीते सितंबर में पब्लिक कर दी गईं।
पीएमओ कितनी फाइलें पब्लिक करने को राजी हुआ?
- नेताजी से जुड़ी 41 में से 5 फाइलें इतनी सीक्रेट हैं कि पीएमओ उनका सब्जेक्ट बताने को भी राजी नहीं हुआ।
- तीन और फाइलें पब्लिक नहीं हुईं। माना जाता है कि ये नेताजी की पत्नी और बेटी से जुड़ी हैं।
- 33 फाइलें ही पब्लिक होंगी। 
- 14 फाइलें शाह नवाज कमेटी, खोसला कमेटी और जस्टिस मुखर्जी कमीशन से जुड़ी हैं।
- 10 फाइलों में नेताजी के लापता होने का जिक्र है।
कब और किस प्लेन क्रैश में मानी जाती है नेताजी की मौत
- 1945 में सेकंड वर्ल्ड वॉर के वक्त जापान ने अलाइड फोर्सेस के आगे घुटने टेक दिए।
- नेताजी की फौज के 40 हजार जवानों को सरेंडर करना पड़ा। 
- अगस्त 1945 में नेताजी रंगून से खजाना लेकर पहले बैंकॉक फिर सिंगापुर, फिर वियतनाम गए।
- वियतनाम के सायगॉन में उन्होंने खजाने का बड़ा हिस्सा छोड़ दिया।
- वहां से वे ताइवान के लिए प्लेन में रवाना हुए। दावा किया जाता है कि रास्ते में प्लेन क्रैश में उनकी मौत हो गई।

सुसाइड बॉम्बर के निशाने पर मोदी, 12 से 15 साल तक के बच्चों को ट्रेनिंग दे रहा ISIS

इंडिपेंडेंस डे पर स्पीच देने के बाद पीएम बच्चों के बीच।
नई दिल्ली 24 जनवरी(एन.एन.आई)। रिपब्लिक डे पर आईएसआईएस नरेंद्र मोदी को निशाना बना सकता है। इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए आईएसआईएस 12 से 15 साल के बच्चे को बॉम्बर के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है। इस बीच दरगाह में रह रहे 5 सस्पेक्ट अरेस्ट किए गए है। मुंबई एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
2-3 बच्चे हो सकते हैं सुसाइड स्क्वॉड में...
- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इंटेलिजेंस की रिपोर्ट पर शुक्रवार से एसपीजी समेत सभी सिक्युरिटी एजेंसियां (एनएसजी, आईबी, दिल्ली पुलिस) अलर्ट पर हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक आईएसआईएस मोदी पर फिदायीन हमला करने का प्लान कर रहा है।
- आईएसआईएस के इस सुसाइड स्क्वॉड में 2-3 बच्चे हो सकते हैं।
- इसके लिए वह 12 से 15 साल के बच्चों को वेपन्स और एक्सप्लोसिव की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
- बता दें कि पीएम की सिक्युरिटी की रिस्पॉन्सिबिलिटी एसपीजी की होती है।
सिक्युरिटी को लेकर एसपीजी तैयार कर रही प्लान

- 2015 में लाल किले पर सिक्युरिटी घेरा तोड़कर मोदी बच्चों से मिलने चले गए थे। 
- इस बार एनएसए अजीत डोभाल और एसपीजी ने पीएम से अपील की है कि वे सिक्युरिटी घेरा न तोड़ें।
- दिल्ली पुलिस से भी कहा गया है कि वे रिपब्लिक डे के मौके पर सस्पेक्ट्स पर कड़ी नजर रखें।
- स्पेशल सेल से भी सर्च ऑपरेशन चलाने के लिए कहा गया है।
एजेंसियों को कहां से पता चला?
- आईएसआईएस ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है जिसमें बच्चों को मशीन गन और रॉकेट लॉन्चर चलाने की ट्रेनिंग लेते दिखाया गया है।
- पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान-अफगानिस्तान रीजन (अफ-पाक) के आतंकी गुट बच्चों को इस तरह की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
- इन्हीं में से एक गुट अंसार-उद-तौहीद (एयूटी) है। यही ग्रुप भारत में आईएसआईएस का नेटवर्क बढ़ाने में मदद कर रहा है।

नॉर्थ इंडिया में कड़ाके की ठंड, कोहरे के कारण 219 ट्रेनें हुईं कैंसल

हरियाणा के कई शहरों में विजिबिलिटी 0 से 25 मीटर तक रही।
नई दिल्ली. नॉर्थ इंडिया में कोहरा और कड़ाके की ठंड जारी है। इसके चलते 219 ट्रेने कैंसल कर दी गई हैं। दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे दिन मिनिमम टेम्परेचर 5 डिग्री से कम रहा। शीतलहर की वजह पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी है।
पुअर विजिबिलिटी के कारण नहीं लैंड कर पाया फ्रांस डेलिगेशन...
- रविवार को फ्रांस के प्रेसिडेंट फ्रांस्वा ओलांद के चंडीगढ़ दौरे के तहत डेलिगेशन यहां आ रहा था।
- फ्रांसीसी डेलिगेशन को ला रहे स्विटजरलैंड के बोइंग 737 को एयरपोर्ट पर शनिवार रात 8 बजे लैंड होना था।
- इसके लिए रातों-रात अरेंजमेंट भी किया गया था। एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी डाउन हो चुकी थी।
- कई चक्कर लगाने के बावजूद विजिबिलिटी इंप्रूव नहीं हुई तो एटीसी ने फ्लाइट दिल्ली डायवर्ट कर दिया।
- बोइंग 737 में करीब 200 पैसेंजर बैठ सकते हैं लेकिन इसमें कितने और कौन पैसेंजर थे, इस बारे में कुछ पता नहीं चला है।
ये ट्रेनें हुई कैंसल
Sr. No. ट्रेन नं. नाम स्टार्ट डेट टाइप सोर्स डेस्टिनेशन
1
4805
अलवर खैरथल स्पेशल 24 जन. स्पेशल AWR KRH
2 4806 खैरथल अलवर स्पेशल 24 जन. स्पेशल KRH AWR
3 11072 कामायनी एक्स 24 जन. मेल एक्सप्रेस BSB LTT
4 11109 झांसी लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस 24 जन. मेल एक्सप्रेस JHS LJN
5 12205 नईदिल्ली देहरादून एसी एक्सप्रेस 24 जन. सुपरफ़ास्ट NDLS DDN
6 12232 चंडीगढ़लखनऊ एक्स 24 जन. सुपरफ़ास्ट CDG LKO
7 12445 उत्तरसंपर्कक्रांति 24 जन. सुपरफ़ास्ट NDLS SVDK
8 12488 आनंद विहार टर्मिनसजोगबानी सुपरफास्ट 24 जन. सुपरफ़ास्ट ANVT JBN
9 12531 गोरखपुरलखनऊइंटरसिटी 24 जन. सुपरफ़ास्ट GKP LJN
10 12532 लखनऊगोरखपुरइंटरसिटी 24 जन. सुपरफ़ास्ट LJN GKP
11 12567 सहरसा-पटना राज्यरानी एक्स. 24 जन. सुपरफ़ास्ट SHC PNBE
12 12568 पटना-सहरसा राज्यरानी एक्स. 24 जन. सुपरफ़ास्ट PNBE SHC
13 12920 मालवाएक्सप्रेस 24 जन. सुपरफ़ास्ट JAT INDB
14 12925 पश्चिम एक्स. 24 जन. सुपरफ़ास्ट BDTS ASR
15 12985 जयपुर दिल्लीसरायरोहिल्ला वाता0 डबलडेकर 24 जन. सुपरफ़ास्ट JP DEE
16 12986 दिल्लीसरायरोहिल्ला जयपुर वाता0डबलडेकर 24 जन. सुपरफ़ास्ट DEE JP
17 13007 उद्यान आभा तूफान एक्स्प्रेस 24 जन. मेल एक्सप्रेस HWH SGNR
18 13009 दून एक्स. 24 जन. मेल एक्सप्रेस HWH DDN
19 13050 अमृतसर हावड़ा एक्सप्रेस 24 जन. मेल एक्सप्रेस ASR HWH
20 13257 जनसाधारण एक्सप्रेस 24 जन. मेल एक्सप्रेस DNR ANVT
21 13258 जनसाधारण एक्सप्रेस 24 जन. मेल एक्सप्रेस ANVT DNR
22 13307 गंगासतलुज एक्स. 24 जन. मेल एक्सप्रेस DHN FZR
23 14006 लिच्छवी एक्सप्रेस 24 जन. मेल एक्सप्रेस ANVT SMI
24 14033 जम्मू मेल 24 जन. मेल एक्सप्रेस DLI SVDK
25 14056 ब्रह्मपुत्र मेल 24 जन. मेल एक्सप्रेस DLI DBRG
26 14123 प्रतापगढ़-कानपुर सें. इ. एक्स. 24 जन. मेल एक्सप्रेस PBH CNB
27 14124 कानपुर सें.-प्रतापगढ़ इ. एक्स. 24 जन. मेल एक्सप्रेस CNB PBH
28 14201 जौनपुर-राय बरेली एक्स. 24 जन. मेल एक्सप्रेस JNU RBL
29 14202 राय बरेली-जौनपुर एक्स. 24 जन. मेल एक्सप्रेस RBL JNU
30 14207 पदमावत एक्स 24 जन. मेल एक्सप्रेस PBH DLI
31 14210 लखनऊ इलाहाबाद इंटरसिटी 24 जन. मेल एक्सप्रेस LKO PRG
32 14211 इंटरसिटीएक्स 24 जन.