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नया यातायात प्लान लागू

ऋषिकेश। शहर में कोतवाली पुलिस ने नया यातायात प्लान लागू कर दिया है। इस प्लान के तहत सुबह आठ बजे से लेकर रात दस बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश शहर में पूरी तरह से वार्जित होगा। बावजूद इसके यदि कोई वाहन शहर में पाया जाता है तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाही करने के साथ ही वाहन को सीज तक भी कर सकती है। साथ ही छोटा हाथी, मैक्स व सूमो आदि वाहन अब सडक़ों पर खड़े न होकर चन्द्रभागा पुल के समीप बनी नई अस्थाई पार्किंग में खड़े होंगे। पुलिस द्वारा यह प्लान बुधवार से लागू कर दिया गया है। उधर इस सम्बंध में जानकारी देते हुए एसएसआई हरिओम राज चौहान ने बताया कि भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर मनाही है। सुबह आठ से पहले और रात दस बजे के बाद उक्त वाहन सामान शहर में ला सकते है।
 

महिला सुरक्षा सेल का नंबर न चलने से उठे सवाल

ऋषिकेश। महिला सुरक्षा सेल के लिए पुलिस कप्तान द्वारा जारी किया गया अभी चल ही नही पाया है जबकि कप्तान साहब ने उक्त नम्बर मंगलवार की देर शाम तक सुचारू होने की बात क्षेत्र के लोगों से कही थी। महिलाओं के लिए ऋषिकेश, रायवाला व रानीपोखरी में यह नम्बर फिलहाल न के बराबर ही साबित हो पाया है। शहर में बीते मंगलवार को कोतवाली में निरिक्षण के दौरान पुलिस कप्तान देहरादून केवल खुराना द्वारा महिला सुरक्षा सेल का शुभारम्भ किया गया था और बाकायदा किसी भी वक्त अप्रिय घटना की सूचना महिलाओं द्वारा पुलिस को दिये जाने को लेकर ९४११११४८६० नम्बर भी जारी कर दिया गया था।

पहले तो कप्तान ने क्षेत्र के लोगों को गलत ही नम्बर उपलब्ध कर दिया। जिसके बाद आनन-फानन में कोतवाली पुलिस ने दोबारा सही नम्बर को डिस्प्ले किया। और हद तो तब हो गयी जब कप्तान साहब ने लोगों से कहा था कि उक्त नम्बर देर शाम से सुचारू हो जाएगा और क्षेत्र की महिलाएं व युवतियां अपनी शिकायत सीधे महिला दरोगा व कास्टेबल के पास दर्ज करा सकेंगी, लेकिन कप्तान साहब की यह बात कोरी साबित होती नजर आ रही है। आलम यह है कि उक्त नम्बर अभी तक भी नही चल पाया है, जिससे पुलिस द्वारा महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए किये जा रहे दावों व प्रयासों के साथ ही कार्यो की पोल खुल रही है। साथ ही पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है इसका अंदाजा भी इसी बात से लगाया जा सकता है कि उक्त नम्बर अभी तक भी नही सुचारू हो पाया है।

 

दून में बनेगा सिटी ग्रीन पार्क

देहरादून। देहरादून में सिटी ग्रीन पार्क बनाया जायेगा। इसके लिए सहस्त्रधारा रोड पर आईटी पार्क के पास 34 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। इसके अलावा एमडीडीए भी अपनी भूमि पर ग्रीन पार्क बनायेगा। दोनों पार्कों को मार्ग से जोड़ा जायेगा। यह निर्णय मुख्य सचिव आलोक कुमार जैन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में लिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पार्क को प्राकृतिक रूप से हरा भरा बनाया जाय। एक वर्ष में पार्क विकसित कर लिया जाय।
 

बैठक में तय किया गया कि एक हफ्ते में जिलाधिकारी देहरादून प्रस्ताव देंगे। भूमि उद्योग विभाग को ट्रांसफर की जायेगी। उद्योग विभाग सिडकुल को कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत पार्क को विकसित करेगा। पार्क में जन सुविधाओं के साथ-साथ पार्किंग की भी व्यवस्था की जायेगी। मार्निंग वाक के लिए पाथ वेज बनाये जायेंगे। हरियाली और प्राकृतिक वातावरण का पूरा ध्यान रखा जायेगा। बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव राजस्व ओम प्रकाश, सचिव वित्त एमसी जोशी, जिलाधिकारी देहरादून बीवीआरसी पुरूषोत्तम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 

प्राथमिक विद्यालय से राशन व सामान चोरी

गोपेश्वर। मंगलवार की रात चोरों ने प्राथमिक विद्यालय सिरों का ताला तोडक़र वहां से राशन व अन्य सामान चोरी किया है। प्रधानाध्यापिका ने इसकी तहरीर गोपेश्वर थाने में दी है। दशोली विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सिरों की प्रधानाध्यापिका चंद्रमती रावत ने आरएनएस को बताया कि मंगलवार को स्कूल संचालन के बाद स्टाफ समेत वह अपने घरों को गए थे। बुधवार की सुबह जब वे स्कूल पहुंचे तो वहां विद्यालय का ताला टूटा हुआ मिला। उन्होंने विद्यालय के कमरे का निरीक्षण किया तो वहां से मिड डे मील की सारा राशन गायब मिला। उन्होंने बताया कि चोरों ने कमरे में रखी आलमारी का ताला तोडक़र भी दस्तावेजों को इधर उधर किया गया है।
 

छह महीनों से बिना दिहाड़ी काम कर रहे मनरेगा में मजदूर

पौड़ी गढ़वाल।  पिछले छह महीनों से मनरेगा मजदूर बिना दिहाड़ी के ही तसला ढ़ो रहे हैं। तपती गर्मी में पत्थरों को ढ़ोते और कड़ाके की ठंड में गांव के विकास की बुनियाद रखते मजदूर अब सरकारी उदासीनता व जनप्रतिनिधियों के वायदों से उकताने लगे हैं। अकेले कल्जीखाल ब्लॉक की 87 ग्रामसभाओं में सरकार पर मजदूरों की 65 लाख रुपये की उधारी हो चुकी है। मनरेगा का बजट आवंटित न होने से अधिकारी भी आफत में हैं। ग्राम प्रधान हर हफ्ते बजट की जानकारी लेने ब्लॉक मुख्यालय पहुंच रहे हैं, और बजट न मिलने की सूचना पाकर बैरंग लौट रहे हैं।

ग्राम प्रधान किसी तरह मनरेगा मजदूरों को तसल्ली बंधा सरकार की योजनाओं का लक्ष्य पूरा कर रहे हैं। टंगरोली गांव के रमेश सिंह का कहना है कि वह पिछले छह माह से मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं लेकिन अभी तक पिछले कार्यो का पैसा नहीं मिल पाया है। मजदूरी के अभाव में मजदूरों के सामने भुखमरी का संकट तो गहरा ही गया है, मजदूर कर्जे में भी डूब गए हैं। नानसू के सुरेंद्र रावत कहते हैं कि सरकार ने मजदूरों को काम देने के लिए योजना तो बनाई लेकिन मजदूरी समय रहते नहीं दे पा रही है। खंड विकास अधिकारी विक्रम लाल शाह ने आरएनएस को बताया कि 87 ग्राम सभाओं में 65 लाख के कार्य पूरे हो चुके हैं लेकिन अभी मनरेगा के तहत ब्लाक को धन आवंटित नहीं हुआ है।

साथ ही कहा कि एक करोड़ 3० लाख के नए वर्क आर्डर भी हो चुके हैं, लेकिन कार्डधारक अब पुरानी मजदूरी लिए बगैर काम करने को राजी नहीं हैं। इससे सरकारी योजनाओं को पूरा कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा ने आरएनएस को बताया कि मनरेगा के कार्यो का मजदूरों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है जिससे मजदूर में रोष है। उम्मीद है जल्द मजदूरों को पैसा मिल सकेगा। कनिष्ठ प्रमुख अनिल कुमार ने आरएनएस को बताया कि छह महीनों से मजदूरों को पैसा नहीं मिला है, ऐसे में नए कार्यो के लिए मनरेगा मजदूरों को ढूंढने में दिक्कतें तो आ ही रही हैं, जनप्रतिनिधियों को भी मजदूरों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है।
 

सैक्स रैकेट के 21 लोग गिरफ्तार

देहरादून। राजधानी दून में परवान चढ रहा सैक्स रैकेट का धंधा एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में बसंत विहार पुलिस ने देह व्यापार की सगरना स्टेला एवं उसके पुत्र डेविड को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बावजूद इसके राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में देह व्यापार का धंधा खूब फलफूल रहा है। नेहरू कॉलोनी पुलिस ने ऐसे एक गिरोह का बुधवार को पर्दाफाश किया जिसमें कुल २१ लोगो को गिरफ्तार किया गया है। इनमें नौ लड़कियां हैं जबकि ११ युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एजेंटों से लेकर ग्राहक तक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े कुछ खास लोगों के बारे में अभी छानबीन की जा रही है जो कि फरार चल रहे हैं।
 

नेहरू कॉलोनी क्षेत्र डिफेंस कॉलोनी में लंबे समय से एक मकान में चल रही संदिग्ध गतिविधियां यहां के लोगों को खटक रहीं थीं। आए दिन किराए के इस मकान में नए-नए चेहरे देखे जा रहे थे। महंगी गाडिय़ां एवं युवकों की आवाजाही कहीं न कहीं इस मकान में अनैतिक धधें की ओर इशारा कर रही थी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस को इस पूरी कहानी से अवगत कराया तो नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मकान में चल रही गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। जल्द ही पूरा राज खुल कर सामने आ गया। पता लगा कि यह मकान देह व्यापार की गतिविधियों में प्रयोग किया जा रहा था और नियमित तौर पर यहां ऑन डिमांड बाहरी क्षेत्रों से लड़कियों को मंगाया जाता था। पूरी तैयारी के साथ पुलिस ने इस मकान में छापा मारा तो यहां मौजूद लोगों में हडक़ंप मच गया। कुल नौ लड़कियों केा इस मकान से बरामद किया गया जबकि ११ युवक भी इन युवतियां के ग्राहकों एवं एजेंटो के रूप मेंं धरे गए।
 

नेहरू कालोनी पुलिस व एसओजी की टीम ने डिफेंस कॉलोनी में एक रिटायर्ड मेजर के घर पर छापा मारकर अंतर्राष्ट्रीय हाईटेक गैंग की ९ कॉलगर्ल के साथ ११ ग्राहक व एक सरगना को दबोचा। इन लोगों के पास से चार गाडिय़ां, लैपटॉप व ७५ हजार रुपये भी बरामद किए है। यह पूरा काम इंटरनेट एवं वेबसाईट के माध्यम से किया जा रहा था। डील फाईनल होने से पहले लड़कियों की तस्वीरें तक बकायदा मेल आईडी या फिर एमएमएस के माध्यम से ग्राहकों को भेजी जाती थीं। पकडे गए लोगों में दून का एक चार्टड एकाउंटेंट भी है। राजधानी के तेज तर्रार पुलिस कप्तान केवल खुराना ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए बताया कि राजधानी में चल रहे सैक्स रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के सीओ, एसओजी व डालनवाला के सीओ को लगाया गया था।

पुलिस को सूचना मिली थी कि डिफेंस कालोनी में एक रिटायर्ड मेजर की कोठी में हाईप्रोफाइल सैक्स रैकेट चल रहा है। जिसमें नेपाल, वेस्ट बंगाल, सहित कई प्रदेशों की कॉलगर्ल अपने धंधे को अंजाम दे रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने कोठी में छापा मारकर ९ कॉलगर्ल व १२ युवकों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि यह रैकेट इंटरनेट के माध्यम से संचालित हो रहा था। उन्होंने बताया कि इसका सरगना माधो विहार सहारनपुर निवासी कमल अग्रवाल है जो इंटरनेट के माध्यम से पूरे सैक्स रैकेट को संचालित कर रहा था।  पुलिस ने उनके पास से आपत्ति जनक सामग्री, २० मोबाइल, चार गाडियां, आईपैड, एक लैपटॉप व  ७५ हजार रुपये भी बरामद किये है। पुलिस कप्तान ने बताया कि इस सैक्स रैकेट का सरगना कमल अग्रवाल इंटरनेट व  वेबसाइट के माध्यम से पूरे गिरोह को संचालित कर रहा था। २०१० में कमल देह व्यापार के मामले में जेल भी जा चुका है।

पुलिस कप्तान ने बताया कि सैक्स रैकेट का यह अंतर्राष्ट्रीय गिरोह है। जो विभिन्न राज्यों से लोगों को बुलाकर इसमें शामिल करता था। पकड़ी गयी युवती और महिलाओं में नेपाल की तानिया, पुत्री आपता बहादुर जो हाल में पर्यावरण बिहार दिल्ली की रहने वाली है इसके अलावा मधु विहार कॉलोनी की पायल अग्रवाल, पंजाब की मनप्रीत कौर, उत्तरप्रदेश की प्रिया शर्मा, दिल्ली की गौरी बिष्ट सोनिया, वेस्ट बंगाल की प्रिया सरकार, देहरादून की संजू चौधरी पत्नी बाबू राम चौधरी, शिवानी सिंह पुत्री भगत निवासी  पटेलनगर देहरादून। जिन पुरूषों को पुलिस ने गिरफ्तार किया उसमें कमल अग्रवाल के अलावा ड ्राइवर दीपक इंद्रकॉलोनी, केतन, जतिन कुमार, हरेन्द्र कुमार, नीरज शर्मा,  निवासी सहारनपुर संजय यादव, विनय, रजनीश कुमार भूपेन्द्र गिरी, योगेश शर्मा निवासी गाजियाबाद पुलिस ने आंंनद चौक निवासी सतनाम को भी गिरफ्तार है जो फाइनेंस का काम करता था। एसएसपी केवल खुराना ने जानकारी देते हुए बताया कि रिटायर्ड मेजर की कोठी सील कर दी गई है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी क्योंकि उन्होंने दो माह से यह कोठी २५ हजार रूपये में किराए पर दे रखी थी और कोठी लेने वाले का पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया गया था। उधर इस गिरोह का सरगना कमल पहले भी राजपुर थाना क्षेत्र से देह व्यापार के धंधे में जेल जा चुका है। एसएसपी ने बताया कि सभी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
 

आईआईटी रूडकी के भू विज्ञान के प्रोफेसर को वनस्पति विज्ञान संस्थान का निदेशक चुना

रुडक़ी। आईआईटी रूडकी के भू विज्ञान के प्रो. डा. सुनील बाजपयी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के अधीन लखनऊ में स्थापित स्वायत्तशासी निकाय प्रसिद्ध बीरबल साहनी पुरा वनस्पति विज्ञान संस्थान का निदेशक नियुक्त किया है। जहां उन्होंने कार्य भार ग्रहण कर लिया है।

प्रो. बाजपयी ने पंजाब विश्व विद्यालय से जीवाश्म विज्ञान में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की, २००७ में भारतीय विज्ञान अकादमी तथा २००८ में राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी का फैलो चुना गया। वर्ष २००८ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा उन्हें रमन्ना फैलोशिप भी प्रदान की जा चुकी है। बाजपयी का शोध कार्य नेचर और साईंस प्रकााशित हो चुके हैं।
 

नसबंदी शिविर का आयोजन

हरिद्वार। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लक्सर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज एक नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उदघाटन एसडीएम लक्सर मुहम्मद नासिर ने करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से देश में जहां जनसंख्या वृद्धि में कमी आती है वहीं छोटा परिवार सुखी परिवार का नारा भी सही साबित होता है। और सरकार ऐसे लोगों को शिविर में प्रोत्साहित भी कर रही है।

जो लोग भी नसबंदी शिविर में आये हैं वह पहले ही कई-कई बच्चों के पिता है। डिप्टी सीएमओ अनिल वर्मा ने बताया कि आज नसबंदी शिविर में ७० लोगों की नसबंदी की गयी और उन्हें प्रोत्साहन के लिए १५००-१५०० रूपये भी दिये गये। वहीं नसबंदी के लिए प्रेरित करने वाली आशाओं को भी ६००-६०० रूपये की राशि दी गयी और साथ ही उनकी देखरेख व खर्चा भी सरकार द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर क्षेत्र की आशाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
 

तहसीलदार ने किया प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण

हरिद्वार। लक्सर तहसीलदार सोहन सिंह ने आज सुल्तानपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करने के साथ आंगनबाडी केन्द्रों का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर व्यवस्थाएं सही न मिलने व स्टाफ व आंगनबाडी न मिलने पर कडी फटकार लगाई और रिपोर्ट आलाधिकारियों को भेज दी।

तहसीलदार सोहन सिंह आज सुबह प्राथमिक विद्यालयों में पहुंचे और वहां पर मिडडे मील व शिक्षकों का उपस्थित रजिस्टर आदि चैक किया। जहां व्यवस्था ठीक नहीं मिली उन्हें फटकार लगाई और अध्यापकों को समय से आने की हिदायत दी। वहीं आंगनबाडी केन्द्रों का भी निरीक्षण किया जिन केन्द्रों पर कार्यकत्री नहीं मिली उनके खिलाफ रिपोर्ट आलाधिकारियों को भेजी।
 

बस पर हाईटेंशन लाइन की तार टूटकर गिरने से लगी आग

डोईवाला। माजरीग्रांट ग्राम सभा के शेरगढ़ गांव में मंगलवार की रात हाईटेंशन (एचटी) लाइन अचानक टूटकर एक बस के ऊपर गिर गई, जिससे बस में आग लग गई। किसी तरह विद्युत आपूर्ति को काटकर आग पर काबू पाया गया। माजरीग्रांट के शेरगढ़ में तरणजीत सिंह पुत्र भोला सिंह का मकान है। देर रात 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन का तार टूट और तार तरणजीत सिंह के आंगन में खड़ी बस के ऊपर गिर गया। इससे बस में आग लग गई।

ग्राम प्रधान माजरीग्रांट राजकुमार ने बताया कि घटना की सूचना पर लालतप्पड़ पुलिस भी पहुंची। शेरगढ़ स्थित विद्युत स्टेशन से विद्युत आपूर्ति को बंद किया गया और आग पर काबू पाया गया।

 

आरटीआई कार्यकर्ताओं का धरना जारी

देहरादून। प्रदेश सरकार द्वारा सूचना का अधिकार कानून को कमजोर करने एवं आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश प्रसाद चौहान हत्याकांड की जांच सीबीआई को न सौंपे जाने के विरोध में आरटीआई क्लब के कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया और सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को तेज करने का आव्हान किया। गांधी पार्क में आरटीआई क्लब के कार्यकर्ता इकठठा हुए और वहां पर उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन किया।

इस दोरान वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार चाहे तो आरटीआई क्लब एक मॉडल नियमावली प्रस्तुत कर सकता है जिसमें सूचना का अधिकार से संबंधित सभी पक्षों की भावनाओं और चिंताओं का समावेश व निदान हो, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है और सूचना अधिकार को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उनका कहना है कि देश में सरकारी कामकाज में गोपनीयता की आड में पनप रहे भ्रष्टाचार व अनियमितताओं पर से पर्दा हटाने के लिए भारत सरकार ने वर्ष २००५ में सूचना का अधिकार कानून पारित किया और इस कानून के बनने से आम नागरिकों को सरकार के क्रियाकलापों की जानकारी हासिल करने का अधिकार मिला है।

इस अधिनियम के लागू होने से देशभर में बडे पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ, और यहां उत्तराखंड में भी कई सरकारी भ्रष्टाचार उजागर हुए और हरिद्वार के आरटीआई कार्यकर्ता स्वर्गीय गजदीश प्रसाद चौहान को व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर अपनी जान गंवानी पड़ी। उनका कहना है कि इस निर्मम हत्या की जांच में राज्य पुलिस अत्यंत उदासीन है। हत्या के एक वर्ष बाद भी हत्यारों को पकड नहीं पाई है और सूचना अधिकार अधिनियम की धारा २७ के अंतर्गत राज्य सरकार को इस कानून के सुचारू क्रियान्वयन के लिए नियम बनाने का अधिकार दिया गया है लेकिन यह अधिकार अत्यंत सीमित है, इसमें अधिनियम के उददेश्यों व मूल भावना के विपरीत नियम व कानून बनाने की मनाही है। जन सेवकों की इच्छा के अनुसार आचरण करने की परम्परा को फिर से स्थापित करने का प्रयास किया गया है।  उनका  कहना है कि इस माह मुख्यमंत्री से भेंट करते हुए स्वर्गीय जगदीश प्रसाद चौहान की हत्या की जांच सीबीआई को न सौंपने का विरोध कर ज्ञापन सौंपा गया लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गई है जो चिंता का विषय है, सरकार से इस दिशा में त्वरित कार्यवाही किये जाने की मांग की गई है। धरने व प्रदर्शन में डा. बी पी मैठाणी, अमर सिंह धुना, सुरेन्द्र सिंह, शांति प्रसाद भटट, सुधीर सिंह, जय प्रकाश, चन्द्र सिंह, गुल बहादुर, राम गोपाल आदि मौजूद थे
 

आशाएं टीबी से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए भी तैयार

ऋ षिकेश।  अब आशाएं टीबी से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए भी तैयार रहेंगी। राजकीय चिकित्सालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आशाओं को टीबी रोग के बारे में जानकारी देने के साथ ही उन्हें मरीज की देखभाल व दवाओं के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बुधवार को ऋ षिकेश राजकीय चिकित्सालय में आशा कार्यकत्रियों को टीबी रोग की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

इस दौरान डॉ. अभिषेक गुप्ता ने आशाओं को टीबी रोग के कारण एवं इसके फैलने के विषय में विस्तार से जानकारी दी। क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. गुप्ता ने बताया कि टीबी माइक्रोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से फैलता है, जो शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। लेकिन फेफड़ों पर यह अधिक हमला करता है। टीबी पीडि़त रोगी के खांसने या थूकने से इसका जीवाणु अन्य लोगों में फैलता है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि रोगी अपनी दवा तय समय के अंतराल पर ले। टीबी अभियान के जिला अधिकारी अनिल सती ने आशाओं को टीबी पीडि़त रोगी को दवा देने की नियमावली के विषय में जानकारी दी। इस दौरान बृहस्पति कोठियाल, हेमलता सहित कई आशा कार्यकत्रियां मौजूद थीं।
 

दून लिटिल चैम्पस का आयोजन 17 अप्रैल को

देहरादून। गोर्खाली सुधार सभा के तत्वावधान में आगामी १७ अप्रैल को प्लेटिनम जुबली के अवसर पर दून लिटिल चैम्पस का आयोजन गढ़ी कैंट में किया जायेगा। गोर्खाली सुधार सभा के प्रबंधक विरेन्द्र थापा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में जनपद के १४ वर्ष तक प्रतिभागी शामिल हो सकते है ।

प्रतियोगिता से पूर्व प्रतिभागियों का आडिशन किया जायेगा, जिसमें चयनित ५० प्रतिभागियों का चयन किया जायेगा। उनका कहना है कि यह प्रतियोगिता दो चरणों में पूर्ण की जायेगी और इसके लिए फार्म गोर्खाली सुधाार सभा के कार्यालय के सथ ही अन्य शाखा अध्यक्षों एवं कार्यालय गढी कैंट में १० बजे से दो बजे तक प्राप्त किये जा सकते है।

 

डीएवी पीजी कालेज में गुरू व शिष्य फिर हो सकते है आमने सामने

देहरादून। प्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कालेज में अब एक बार फिर से गुरू व शिष्य आमने सामने हो सकते है, क्योंकि कालेज की आम सभा ने प्राचार्य डा. देवेन्द्र भसीन को आरोपी छात्रों को रस्टीकेट करने के पूरे अधिकार दे दिये है और अब गेंद पूरी तरह से प्राचार्य के पाले में आ गई है और वहीं दूसरी ओर छात्रो  संघ, एबीवीपी सहित अन्य छात्र संगठनो के कार्यकर्ताओं ने कालेज परिसर में धरना देकर छात्र नेताओं पर लगाये गये झूठे मुकदमों को वापस लेने के लिए धरना आरंभ कर दिया गया है।

छात्रों का कहना है कि छात्र नेताओं पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जायेगा। कालेज के प्रवेश द्वार से लेकर प्राचार्य कार्यालय तक पुलिस छावनी में तब्दील किया गया, लेकिन इसके बाद भी कालेज में खौफ का माहौल व्याप्त रहा और महिला शिक्षिकायें भी प्राचार्य के घटित घटना से भयभीत है और वहीं शिक्षकों ने कहा कि अब बार-बार कालेज को बंद नहीं होने दिया जायेगा। डीएवी कालेज के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में शिक्षकों की आम सभा हुई और जिसमें सभी ने एकजुटता का परिचय देते हुए नामजद सभी आरोपियों को कालेज से रस्टीकेट करने का अधिकार कालेज के प्राचार्य को दिया गया है। शिक्षकों ने कहा कि बीते दिनों कालेज के प्राचार्य के साथ जिस प्रकार से छात्र नेताओं ने दुव्र्यवहार किया है इस घटना की जितनी निंदा की जाये वह कम है और लगातार इस प्रकार शिक्षकों पर हमलों को सहन नहीं किया जायेगा।

अब शिक्षकों को भी इसके लिए हर समय तैयार रहना होगा। शिक्षकों का कहना है कि पुलिस में घ्शिक्षकों, कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता, प्राचार्य को दिया अधिकार फिर हो सकते है शिक्षक व छात्र आमने-सामने घ्आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर भडक़े शिक्षक घ्छात्र संघ, एबीवीपी व अन्य संगठनों का धरना प्रदर्शन एफआईआर दर्ज की गई है लेकिन काफी समय व्यतीत होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार तक नहीं किया गया है और पुलिस पर ऐसा कौन सा दवाब है जिससे वह इन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पा रही है। कालेज में उपद्रवी छात्रों का चिन्हिकरण किये जाने की आवश्यकता है और जो बार-बार कालेज को बंद कराकर शैक्षणिक माहौल को खराब कररहे है ऐसे छात्रों के खिलाफ कार्यवाही  की जानी चाहिए।

शिक्षकों का कहना है कि कालेज को राजनीति का अखाडा बनाया जा रहा है और आये दिन कालेज बंद करना तथा प्राचार्य से दुव्र्यवहार करना, मारपीट आदि घटनाओं से शिक्षक एवं कर्मचारी परेशान है। इस दौरान आम सभा में आरोपी सभी पांच छात्रों को कालेज से रस्टीकेट करने का अधिकार प्राचार्य को सौंप दिया गया है और अब प्राचार्य इस मामले पर क्या कार्यवाही करते है यह भविष्य के गर्भ में है। दूसरी ओर छात्र संघ, एबीवीपी सहित अन्य छात्र संगठनों ने कालेज परिसर में झूठे मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर धरना आरंभ कर दिया। छात्रों का कहना है कि जब तक यह मुकदमा वापस नहीं होता है तब तक आंदोलन को जारी रखा जायेगा। धरने में पूर्व अध्यक्ष आशीष बहुगुणा, अंशुल चावला, नितिन चौहान, राकेश बिष्ट, भगवती प्रसाद, करन कुमार, मुन्ना सिंह चौहान, हिमांशु शर्मा सहित अन्य छात्र संगठनों से जुड़े हुए छात्र मौजूद थे। वहीं डीएवी कालेज की घटना को लेकर चारों तरफ पुलिस ही पुलिस दिखाई दी।
 

जौनसार बावर संस्कृति महोत्सव दो व तीन फरवरी को

देहरादून। जौनसार बावर सेवावृत कर्मचारी मंडल के तत्वावधान में जौनसार बावर संस्कृति महोत्सव आगामी दो व तीन फरवरी को कौलागढ़ रोड़ स्थित डा. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित किया जायेगा। पत्रकारों से रूबरू होते हुए मंडल  के अध्यक्ष तुलसी सिंह तोमर ने कहा कि विलुप्त होती जा रही संस्कृति पलायन के कारण नई पीढ़ी भूलती जा रही है और संस्कृति को जीवंत रखने के लिए जौनसार बावर कर्मचारी मंडल इसके लिए हर वर्ष  सार्थक प्रयास करता आ रहा है।

उनका कहना है कि इस महोत्सव में ठोउडे, जंगबाजी, झैता, ढोल दमऊ एवं रणसिंगा की ताल पर लोगों का इस महोत्सव में मनोरंजन किया जायेगा। उनका कहना है कि जौनसार बावर में मनाये जाने वाले पर्वो के अवसर पर बिस्सू, दीपावली, जागडा, जातरा, मौण आदि की झलकियों की विशेष रूप से प्रदर्शित की जायेगी। इस दौरान जौनसार वेशभूषा तथा रूचिकर व्यंजनों के रसास्वादन द्वारा जौनसार बावर की लोक संस्कृति को नजदीक से जानने का भी अवसर मिलेगा। उनका कहना है कि इस महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा करेंगे, इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान आदि उपस्थित रहेंगे। वार्ता में माया राम जोशी, काशी राम जोशी, शांति चौहान, विशन सिंह नेगी, प्रताप सिंह चौहान, रूप सिंह राणा, बिरेन्द्र सिंह तोमर, चतर सिंह तोमर, राजवीर सिंह चौहान, चंदन सिंह पंवार, चमन सिंह राठौर सैन सिंह चौहान आदि मौजुूद थे।
 
 

रौतेली फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन

पौड़ी गढ़वाल। वीरांगना वीरबाला तीलू रौतेली फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में कठूड़ ए ने कठूड़ बी को 24-13 से शिकस्त देकर ट्राफी पर कब्जा किया। प्रत्येक वर्ष 3० जनवरी को वीरांगना वीरबाला तीलू रौतेली के नाम पर विकासखंड बीरोंखाल के कांडा मल्ला में आयोजित होने वाली फुटबॉल प्रतियोगिता में इस वर्ष कठूड़ ए ने बाजी मारी। एक दिन की इस फुटबॉल प्रतियोगिता में क्षेत्र की दस टीमों ने प्रतिभाग किया।

पहला मुकाबला कांडा मल्ला व कठूड़ ए के बीच खेला गया जिसमें कठूड़ ए ने 24-15 से जीत दर्ज की। दूसरा मुकाबला कंडूली बी व कांडा बी के मध्य खेला गया जिसमें कंडूली बी ने 24-17 से जीत दर्ज की। तीसरे मुकाबले में लैंगल ने गोदिया को 24-18 से जबकि चौथे मुकाबले में कठूड़ ए ने काडा बी को 24-14 से शिकस्त दी। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में कठूड़ ए ने कठूड़ बी को 24-13 से करारी शिकस्त देकर विजेता ट्राफी पर कब्जा किया। इससे पूर्व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्कर जोशी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर अनेक योजनाएं संचालित कर रही है लेकिन कांडा मल्ला में तीलू रौतेली की मूर्ति को आज तक छत नसीब नहीं हुई। गांव को आज तक सडक़ से नहीं जोड़ा गया और न ही गांव में अभी तक इंटर कालेज की स्थापना हो सकी है। इस अवसर पर विजेता टीम को छह हजार रूपये नगद व ट्राफी जबकि उप-विजेता टीम को तीन हजार रूपये व ट्राफी से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अनिल सिंह रावत, चित्र सिंह नेगी, प्रीतम सिंह रावत, धनेश्वरी देवी, हरीश सिंह आदि मौजूद थे।

 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने की आंदोलनकारियों से वार्ता

कोटद्वार। स्थानीय नदियों को चुगान के लिए खोलने के मसले पर राजनीतिक रस्साकशी शुरू हो गई है। बुधवार को जहां स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने तहसील परिसर में धरने पर बैठे खनन व्यवसायियों से मुलाकात कर शीघ्र उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बुधवार को तहसील परिसर में पहुंचकर पिछले एक सप्ताह से धरने पर डटे आंदोलनकारियों से वार्ता की। रेत-बजरी व्यवसायी एवं मजदूर संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री से नदियों को चुगान के लिए अविलंब खोलने की मांग की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से वार्ता कराने व नदियों को चुगान को खुलाने के लिए हरसंभव प्रयास का भरोसा दिलाया। खनन व्यवसायियों ने खनन करते पकड़े जाने पर टै्रक्टर ट्रॉली संचालक से वसूले जाने वाले जुर्माने की राशि में कमी की मांग भी की।

उधर, भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में जिलाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान ने क्षेत्रीय नदियों को चुगान के लिए खोलने के मसले पर कांग्रेस पर क्षेत्र के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, कांग्रेस के जिला महामंत्री प्रवेश रावत ने स्थानीय नदियों को खनन के लिए खोलने की मांग को रेत-बजरी व्यवसायी एवं मजदूर संगठन और जनहति में बताया। उन्होंने कहा कि चुगान की शीघ्र अनुमति न मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता भी आंदोलन को बाध्य होंगे।

 

सहायक शिक्षकों की पदोन्नति की मांग की

नई टिहरी। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा भिलंगना की बैठक में प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत सहायक शिक्षकों की पदोन्नति की मांग की गई है। घनसाली के सेमली में हुई बैठक में संघ के अध्यक्ष चंद्रवीर नेगी एवं मंत्री रामानुज बहुगुणा ने कहा कि शिक्षा अधिकार अधिनियम में सहायक शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखा जाए।

अधिनियम के तहत प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकोंका पद उन्हीं विद्यालयों में होगा जहां 15० से अधिक छात्रसंख्या होगी। छात्र मानक के अनुसार जिले में जितने भी प्रधानाध्यापक हैं वह अधिक हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि सहायक अध्यापक प्राथमिक के सभी पदोन्नति के रास्ते बंद हो गए हैं। जिले से लेकर प्रदेश तक संगठन को इसमें अहम भूमिका निभानी होगी। प्रदेश संगठन को सरकार के साथ वार्ता के समय सहायक अध्यापक एवं प्राथमिक प्रधानाध्यापकों के हितों को ध्यान में रखना होगा।

संगठन ने कहा कि प्रदेश शिक्षक भवन में ब्लाक पदाधिकारियों के लिए नि:शुल्क रहने की व्यवस्था होना जरूरी है। उन्होंने विभाग से विद्यालयों को अवकाश सूची शीघ्र जारी करने व वर्तमान में सहायक अध्यापकों के वेतन विसंगति को दूर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संगठन के चुनाव में आम अध्यापक को मत का अधिकार होना चाहिए। बैठक में विजय सिंह सजवाण, अरविंद बडोनी, मनोज मलासी, किशोर सिंह रावत, मनोज नौटियाल, खुशीराम कुकरेती, विजयराम जोशी, प्रमोद भट्ट आदि मौजूद थे।

 

1०4 परिवारों का तीन माह के अंदर पुनर्वास करने के आदेश

नई टिहरी। सुप्रीम कोर्ट ने क्षतिपूर्ति नीति के तहत बांध प्रभावित 1०4 परिवारों का तीन माह के अंदर पुनर्वास करने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट की डबल बैंच में टिहरी बांध विस्थापितों की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्णय दिया गया। अधिवक्ता शांति भट्ट ने बताया कि टिहरी बांध की झील के आरएल 835 से ऊपर खड़े ढाल पर बसे गांवों का विस्थापन होना था

 यह गांव भू-धंसाव व भूस्खलन से प्रभावित हैं। इन गांवों के विस्थापन से संबंधित जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी। पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय की ओर से शांति भट्ट सहित दो अन्य अधिवक्ताओं ने विस्थापितों की ओर से इस मामले में पैरवी की जिस पर कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए बांध प्रभावित 1०4 प्रभावित परिवारों को तीन माह के अंदर पुनर्वास करने को कहा है। अधिवक्ता शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि यह अंतरिम निर्णय है इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।
 

परिसर निर्माण के लिए 12 नाली भूमि का दाननामा रजिस्टर्ड

श्रीनगर गढ़वाल। सुमाड़ी में एनआइटी के स्थायी परिसर के निर्माण कार्य की मांग को लेकर क्षेत्रीय लोग लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। अब वही ग्रामीण आगे आकर स्थायी परिसर के लिए भूमि दान कर रहे हैं। बुधवार को परिसर निर्माण के लिए 12 नाली भूमि का दाननामा रजिस्टर्ड किया। बुधवार को उपजिलाधिकारी श्रीनगर रजा अब्बास ने सुमाड़ी में ही लगाए गए विशेष कैंप में 12 नाली भूमि का दाननामा रजिस्टर्ड किया।

दान में भूमि देने वाले सुमाड़ी के अधिकांश लोग श्रीनगर एवं अन्य शहरों में रहते हैं। जिनकी सुविधा के लिए एसडीएम ने अब श्रीनगर नगरपालिका परिसर में स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में भूमि दाननामा रजिस्टर्ड करवाने की व्यवस्था की है। एनआइटी के लिए सुमाड़ी, नयालगढ़, चड़ीगांव, सुपाणा, खालू, नकोट, बगवान आदि गांवों से कुल 3० हेक्टेयर जमीन ग्रामीणों से दान में मिलनी है। इन जमीनों का दाननामा रजिस्टर्ड हो जाने के बाद भूमि उपलब्धता का प्रस्ताव प्रदेश सरकार की ओर से केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।

बुधवार को सुमाड़ी में गांव समिति के नाम की ०.०38 हेक्टेयर जमीन समिति के अध्यक्ष ने एनआइटी के लिए दान में देते हुए उसे रजिस्टर्ड करवाई। इसके बाद कल्पेश्वर दत्त ने अपनी ०.187 हेक्टेयर जमीन का दाननामा रजिस्टर्ड कराया। सुमाड़ी से लगभग 2० हेक्टेयर और अन्य गांवों से शेष 1० हेक्टेयर जमीन का दाननामा रजिस्टर्ड होना है।

 

लोगों ने विस्फोटों को रोकने की मांग की

गोपेश्वर।  टीएचडीसी की विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्य के लिए रात्रि को किए जा रहे विस्फोटों पर प्रभावित हरसारी गांव के लोगों ने आपत्ति दर्ज की है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से विस्फोटों को रोकने की मांग की है। परियोजना प्रभावित गांव हरसारी के लोगों का कहना है कि टीएचडीसी रात्रि को बार-बार विस्फोट कर रहा है जिससे उनके गांव को खतरा पैदा हो गया है।

ग्रामीणों ने तत्काल इन विस्फोटों को बंद करने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि परियोजना निर्माण कार्य के दौरान उनकी फसलों को काफी क्षति हुई। सुरंग निर्माण से उनके जल स्रोत भी सूख गए हैं। साथ ही कई आवासीय भवनों पर दरारें आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएचडीसी ने आज तक उनके नुक्सान की भरपाई नहीं की है। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से टीएचडीसी से परियोजना निर्माण से जीवन और आजीविका पर कोई असर न पडऩे की गांरटी मांगी है।

ग्रामीणों ने समझौते के पालन के लिए एक निगरानी समिति बनाने की मांग की है, जिसमें ग्रामीणों के अलावा प्रशासन व टीएचडीसी का प्रतिनिधि हो। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में हुई बैठक में बनी सहमति पर आज तक टीएचडीसी ने कोई काम नहीं किया। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र पोखरियाल, दीपक पोखरियाल, भुवनेश्वरी देवी, सुमति देवी, जशोदा देवी, बिंदी देवी, हेमलता, विनीता, जयंती, पार्वती देवी आदि शामिल थे।
 

विद्युत व दूरसंचार निगम के पोल हटाने की कार्रवाई

रुद्रप्रयाग। नगर क्षेत्र में जगह-जगह लगे विद्युत व दूरसंचार निगम के पोल हटाने की कार्रवाई चल रही है। सडक़ पर अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन के सख्त रुख के चलते ही यह संभव हो सका। रुद्रप्रयाग शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन की मुहिम अब रंग लाने लगी है।

पहले व्यापारियों ने स्वयं जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में अपनी दुकानों व नालियों के ऊपर से अतिक्रमण हटाया, और अब ऊर्जा निगम व दूरसंचार निगम हाईवे से सट कर लगाए गए पोल हटा रहा है। इस कार्यवाई से शहर में अतिक्रमण पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। शहर में चार दर्शन से अधिक पोल विद्युत व दूरसंचार निगम ने कई साल पहले लगाए हैं। कई बार इन्हें हटाने की कवायद प्रशासन ने की लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके। प्रशासन की सख्ती के आगे आखिरकार दोनो निगमों को हाईवे से सट कर लगाए गए पोलों के हटाना पड़ा। वहीं मुख्य बाजार, बेलणी, संगम, सचिदानंदनगर, सुविधानगर में विद्युत पोलों को वर्तमान में हटाया जा रहा है।
 

एसआइ दिनेश रावत की मौत

रुद्रप्रयाग। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पेशकार के पद पर तैनात दिनेश रावत का बुधवार की सुबह अचानक मौत हो गई। अलकनंदा-मंदाकिनी के तट पर पुलिस सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। बुधवार सुबह एसआइ दिनेश रावत निवासी गौचर जिला-चमोली की अचानक तबियत खराब हो गई, जिसके बाद वह स्वयं जिला चिकित्सालय पहुंचे, वहीं उनकी हृदय गति रुकने से आकस्मिक मौत हो गई।

वह अभी लगभग 52 वर्ष के थे। बुधवार शाम लगभग चार बजे उनके शव को अलकनंदा-मंदाकिनी के संगम उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर एसपी बरिंदरजीत सिंह, कोतवाली प्रभारी जेएस नेगी, एसएसआइ हिमेंद्र रावत, व्यापार संघ अध्यक्ष लक्ष्मीकांत सेमवाल समेत कई पुलिस कर्मी उपस्थित थे।
 

अवैध रूप से चल रहे लीसे के व्यापार का खुलासा

रामनगर। अवैध रूप से चल रहे लीसे के व्यापार का खुलासा हुआ है। पर्वतीय क्षेत्र से आता लीसे से भरा ट्रक कार्बेट टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों के हत्थे चढ़ गया। ट्रक में लीसे के 16० कनस्तर रखे थे। इसकी बाजार कीमत तीन लाख रुपये से अधिक बताई गई है। चालक-हेल्पर ट्रक छोडक़र मौके से फरार हो गए। मामले में वन अपराध दर्ज किया गया है।
 

सीटीआर के वन दारोगा रमेश चंद्र जोशी, आनंद सिंह नेगी, दीवान सिंह व चमनलाल आमडंडा के विभागीय बैरियर पर तैनात थे। बुधवार प्रात: तीन बजे एलपी ट्रक यूके-०1-सीए-००98 पहाड़ से रामनगर की ओर आता दिखा। ट्रक रोकने पर वन कर्मियों ने टॉर्च की रोशनी में तलाशी ली तो ट्रक खाली पाया। ट्रक की सतह ऊंची होने पर वन कर्मियों को शक हुआ। सतह के नीचे लीसे के कनस्तर छिपाकर रखे थे। कनस्तर इस तरह रखे थे कि सरसरी निगाह से देखने पर किसी को शक न हो। वन कर्मियों ने कनस्तर कब्जे में ले लिए। इस बीच पकड़े जाने के डर से चालक-हेल्पर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। सूचना पाकर पार्क वार्डन एससी उपाध्याय, बिजरानी रेंजर राकेश भट्ट व कोसी रेंजर आनंद सिंह रावत मौके पर पहुंचे।

उन्होंने ट्रक को कब्जे में ले लिया। गिनती करने पर ट्रक में 16० कनस्तर रखे मिले। प्रत्येक कनस्तर में लगभग 2० किलो लीसा भरा था। इस हिसाब से लीसे की बाजार कीमत तीन लाख रुपये से अधिक बताई गई है। पार्क वार्डन उपाध्याय ने बताया कि ट्रक को सीज कर मामले में 26 फारेस्ट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जो भी ट्रक पर दावा करने आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लीसे के अवैध व्यापार का यह खेल लंबे समय से चल रहा था। जिस तरीके से लीसा छिपाकर लाया जा रहा था, उससे कोई भी शक नहीं कर सकता। पहाड़ से चोरी-छिपे लीसा बाहर पहुंचाया जा रहा था। ऐसे न जाने कितने ट्रक अवैध लीसा बाहर पहुंचा दिया गया होगा। इस सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि रास्ते में कई वन व पुलिस चौकियां पड़ती हैं। इसके बावजूद ट्रक वहां से आराम से निकलने में कामयाब हो गया।
 

वाहन चैंकिग अभियान चलाया

हरिद्वार। नये वर्ष के साथ ही हरिद्वार पुलिस द्वारा चलाये जा रहे चैंकिग वाहन चैंकिग अभियान के दौरान १९ लाख २६ हजार २५० रूपये वसूले गये। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पीआरओ शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरूण मोहन जोशी द्वारा नये साल के साथ ही जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानान्र्गत वाहन चैंिकग कर बिना हैलमेट लगाकर एवं काली फिल्म लगाकर चलने वाले वाहनों के विरूद्ध एम०बी० एक्ट के अन्तर्गत आवश्यक कार्यवाही किये जाने के लिये निर्देशित किया गया था।

आदेशों के अनुपालन में जनपद पुलिस द्वारा चलाये गये अभियान के २८ दिनों में कुल १०८३८ वाहनों के चालान किये गये तथा १७६ वाहन सीज किया गया। जिसके शुल्क वसूली के रूप में १२ लाख ८२ हजार ८०० रूपये तथा बिना हैलमेट पहनकर वाहन चालकों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए ऐसे ५५९६ वाहनों के चालान किये गये जिसके अन्र्तगत शुल्क वसूली के रूप में ५ लाख ११ हजार ३०० रूपये तथा काले फिल्म लगे वाहनों के विरूद्ध ऐसे ८०७ वाहनों का चालान कर उन पर लगी काली फिल्म उतारी गई तथा संयोजन शुल्क के रूप में १३२१५० रूपये नकद वसूला गया।

इस प्रकार २८ दिन में जनपद के विभिन्न थाना प्रभारियों द्वारा एमबी एक्ट के तहत किये गये चालानों द्वारा सरकारी कोष में १९ लाख २६ हजार २५० रूपये जमा किये गये। विदित हो कि पुलिस द्वारा शुरूआत की गई इस कार्यवाही का शुरू में भाजपा व व्यापारियों द्वारा विरोध किया गया। इतना ही नहीं हरिद्वार के जीरो जोन में भी इसका विरोध देखने को मिला। लेकिन पुलिस विभाग द्वारा यातायात व्यवस्था व व्यक्तियों की व्यक्तिगत सुरक्षा के चलते उठाये गये इस कदम को पीछे ना हटाते हुए अभियान को जारी रखा। जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। जिसके कारण ज्यादा से ज्यादा लोग दुपहिया वाहनों पर हैलमेट लगाकर चलते हुए दिखते हैं।
 

व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग के छापे

हरिद्वार। धर्मनगरी में आयकर विभाग के कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हरिद्वार सहित बाहर के अधिकारियों के नेतृत्व में ताबड़तोड़ छापेमारी की कार्यवाही की गई। जिससे व्यापारी जगत में हडक़ंप मच गया। इतना ही नहीं आयकर के छापे की सूचना मिलते ही व्यापार मण्डल भी सजग दिखा। प्राप्त जानकारी के अनुसार धर्मनगरी के चोपड़ा ग्लास एण्ड प्लाईवुड व ननकानी जूट हाऊस के प्रतिष्ठानों पर हरिद्वार सहित षिकेश व देहरादून की टीम द्वारा स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की कार्यवाही की।

आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की कार्यवाही के दौरान जहां व्यापारिक प्रतिष्ठानों के कम्प्यूटर सहित संस्थान से सम्बन्धित तमाम फाइलेें व लेखा जोखा को टटोला वहीं भारी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच पत्रकारों और व्यापार मण्डल सहित ग्राहकों को भी अंदर घुसने की मनाई कर दी गई। वहीं व्यापार मण्डल नेता कैलाश केसरवानी का कहना था कि आयकर विभाग द्वारा स्टॉक चैकिंग सहित तमाम जानकारियों के लिये गोदामों को खंगाला। केसरवानी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि आयकर विभाग द्वारा छापेमारी की कार्यवाही नहीं है।

यदि आयकर विभाग व्यापार मण्डल के साथ सहयोग करता है तो विभाग को व्यापार मण्डल पूर्ण सहयोग देगा। आयकर विभाग द्वारा किसी भी व्यापारी का उत्पीडऩ को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। वहीं में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयकर विभाग की टीम द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आय व्यय के लेखे जोखे घंटों खंगाले गये। खबर लिखे जाने तक आयकर विभाग की छापेमारी की कार्यवाही जारी थी।
 

सत्यापन शिवर में 63 लोगो का सत्यापन हुआ

कर्णप्रयाग। जनपद चमोली समाज कल्याण विभाग के सौजन्य से आयोजित सत्यापन शिवर में 63 लोगो का सत्यापन किया गया। नगर पंचायत सभागार में आयोजित शिवर में वृद्घा विकलांग वविधवा पेंशन के लाभार्थियों  का सत्यापन किया गया जिसमें सहायक समाज कल्याण अधिकारी  मोहन सिंह भण्डारी  ने जानकारी देते हुये लाभार्थियो को राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खेलने की सलाह दी ।
 

निकाय की बैठक एक फरवरी को

रूद्रपुर। परियोजना निदेशक डीआरडीए बालकृष्ण ने बताया है कि जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की शासी निकाय की बैठक ०1 फरवरी(शुक्रवार) को 11 बजे से विकास भवन सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष सुशीला गंगवार की अध्यक्षता में आहूत होगी ।

जिसमें स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना, इन्दिरा आवास, प्रधान मंत्री ग्राम सडक योजना आदि कार्यक्रमों की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने सम्ब्न्धित अधिकारियों से पिछली बैठक की परिपालन आख्या के साथ बैठक में अद्यावधिक जानकारी के साथ उपस्थित रहने को कहा है।
 

जिला योजना अन्तर्गत डी श्रेणी में चल रहे कार्य पर डीएम निराशा

रूद्रपुर। जिलाधिकारी बृजेश कुमार संत सभी जिला स्तरीय अधिकारियों,उप जिलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देष दिये कि चालू वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय अल्प बचत योजना के अन्तर्गत जिले को 5० करोड धनराशि जमा कराने का लक्ष्य निर्धारित है किन्तु दिसम्बर माह की प्रगति से ज्ञात हुआ है कि जिला योजनाअन्तर्गत डी श्रेणी में चल रहा है जो कि काफी निराशजनक है।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देष दिये है कि वित्तीय वर्ष की समान्ति तक अपने आबंटित लक्ष्यों की प्रान्ति के लिये ठोस प्रयास कर लें। जिलाधिकारी ने निर्देष दिये कि कार्मिकों में बचत की प्रवृत्ति हेतु वेतन बचत समूह का गठन कर डाकघर आवर्ती जमा खाता खोलने हेतु प्रेरित करें तथा सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के एरियर/पेंंषनश् लाभों को राष्ट्रीय बचत की दीर्घकालीन प्रतिभूतियों में निवेष हेत ुप्रेरित करेें एवं जमानत की धनराषि को एनएससी मेंजमा करायेंं । उन्होंने अधिकारियों को निर्देष दिये है कि वहे क्षेत्र के भ्रमण के दौरान अपने क्षेत्रीय अधिकारियों को आबंटित लक्ष्य की समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्यों को अनिवार्य रूप से हासिल करना सुनिश्चित करें।
 

सडक़ दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 13 हुई

उत्तरकाशी। मोरी ब्लाक में जखोल नैटवाड़ मोटर मार्ग पर घुइयां घाटी में हुई सडक़ दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 13 हो गई है, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। जखोल से सवारी भरकर चले इस वाहन से कुछ लोग पांवतल्ला में ही उतर गए थे और कुछ ने वाहन के पलटते वक्त कूद कर अपनी जान बचाई। जिला प्रशासन ने प्रत्येक मृतक आश्रित परिवार को पचास व घायल को तीस हजार रुपये मुआवजा के तौर पर दिए हैं।
 

बीते मंगलवार को जखोल में मेले से लौट रहे लोगों को लेकर नैटवाड़ की ओर जा रही जीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे के बाद घायलों और मृतकों की तलाश बुधवार की सुबह तक जारी रही। घटना में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन ने मोरी अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। रात को ही मोरी से देहरादून रेफर किए गए पांच में से एक घायल सुनीता पुत्री रामलाल निवासी सिदरी ने नौगांव के पास ही दम तोड़ा। जिला प्रशासन व स्थानीय लोगों ने देर रात तक बचाव व तलाशी अभियान जारी रखा। सभी 13 शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
 

बताया जा रहा है कि जखोल से करीब 29 लोगों को लेकर चले इस वाहन की छत में भी लोग सवार थे और कुछ पीछे लटके हुए थे। इनमें से कुछ पांवतल्ला में उतर गए, जबकि कुछ लोग वाहन के खाई में गिरते वक्त कूद गए थे। प्रभारी जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि वाहन दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। मृतकों के परिजनों व घायलों को मौके पर ही मुआवजे की राशि बांट दी गई है।
 

आईस स्केटिंग के खेलों को बढ़वा देने को कोशिशे जारी

देहरादून। राज्य में आईस स्केटिंग के खेलों को बढ़वा देने के लिए आईस स्केटिंग एसोसियेशन ऑफ उत्तराखण्ड पूरे जोर से कोशिशों में लगी है। इस प्रक्रिया में विगत दिवस 29 जनवरी, 2०13 को आईस स्केटिंग एसोसियेशन ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष शिव पैन्यूली ने संस्था के अन्य पदाधिकारियों के साथ मसूरी के लिए प्रस्तावित आईस स्केटिंग रिंक स्थल का भ्रमण किया और नगर पालिका अध्यक्ष ओ$पी$ उनियाल से मिलकर चयनित स्थल को राज्य सरकार के खेल विभाग को आवंटित करने का आग्रह किया।

विदित हो कि पिछले माह स्वयं सचिव खेल डॉ$ अजय प्रद्योत के साथ नगर पालिका अध्यक्ष मसूरी ओ$पी$उनियाल सहित कई सभासदों और आईस स्केटिंग एसोसियेशन ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष शिव पैन्यूली ने आईस स्केटिंग रिंक के लिए प्रस्तावित स्थल का भ्रमण कर अपनी मौखिक सहमति दे दी थी। 29 जनवरी, 2०13 को मसूरी नगर पालिका बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से उक्त भूखण्ड को खेल विभाग को लीज पर देने की सहमति ने आईस स्केटिंग के खिलाडीयों के चेहरों पर रौनक बढ़ा दी है।

उन्हें उम्मीद हो चुकी है कि अब शीइा्र ही प्रस्तावित रिंक में राज्य के मेधावी खिलाडियों को तराशा जा सकेगा। मसूरी नगर पालिका की इस स्वीकृति पर हर्ष का अनुमोदन करते हुए आईस स्केटिंग एसोसियेशन ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष शिव पैन्यूली ने पालिका अध्यक्ष सहित सभी सभासदों का धन्यवाद प्रेषित कर उम्मीद जताई है कि आगामी वर्षों में प्रस्तावित रिक पर राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की आईस स्केटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी और इससे मसूरी में पर्यटकों को भी बढ़ावा मिलेगा।
 

बापू को उनकी 66वीं पुण्यतिथि पर श्रद्घांजलि अर्पित की

देहरादून। राजभवन उत्तराखण्ड में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 66वीं पुण्य तिथि के अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर पूणर््ा मनोभाव से उन्हें श्रद्घांजलि अर्पित की गई। गाँधी जी के शहीद दिवस पर आयोजित श्रद्घांजलि सभा में सत्य, अहिंसा, सहिष्णुता तथा मानवता के प्रति सम्मान के, उनके अनुकरणीय, प्रेरक व चिर-प्रासंगिक पाठ को व्यावहारिक जीवन में अपनाने का संकल्प दोहराया गया। 

वही उत्तराखण्ड के राज्यपाल डॉ० अज़ीज़ कुरैशी ने विगत दिवस उत्तरकाशी जनपद के पुरोला क्षेत्र में नैटवाड़ा से जखोल जाते समय यात्रियों से भरे एक मैक्स वाहन के पॉव गाँव के समीप गहरी खाई में गिरने से हुई लोगों की मृत्यु तथा घायल होने की घटना को अत्यन्त दर्दनाक हादसा बताया है। उन्होंने घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। राज्यपाल ने मृतकों एवं घायलों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस दु:ख को सहन करने के लिए धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।
 

दून पहुंचा अवनीश का पार्थिव शरीर

देहरादून। दून के लाल अवनीश पेटवाल का शव बुधवार को लंबी प्रतीक्षा के बाद उनके घर पर पहुंचा। शव के पहुंचने के साथ ही घर में कोहराम मच गया। लगभग सात दिन पूर्व जहाज में हुई एक दुर्घटना के तहत अवनीश की मौत हो गयी थी। तभी से उसके परिजन शव को भारत लाने की प्रक्रिया में लगे हुए थे। परिजन भी अवनीश के अंतिम दर्शन की आस में आंखे नम किए हुए थे।
 

नेहरू कालोनी स्थित अजबपुर के सरस्वती विहार निवासी अवनीश पेटवाल का शव आज दिल्ली से विशेष विमान द्वारा जालीग्रांट स्थित एयरपोर्ट पहुंचा। एयरपोर्ट से सडक़ मार्ग द्वारा एक शिपिंग कंपनी में चीफ अफसर अवनीश का शव सरस्वती विहार स्थित उसके घर पहुंचा। जैसे ही शव घर पहुंचा लंबी प्रतीक्षा में लगे परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के रूदन से पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया। शायद ही मौहल्ले का कोई ऐसा परिवार था जो कि इस गमजदा माहौल में शामिल न रहा हो। स्थानीय लोगों का कहना था कि अवनीश पेटवाल बेहद मधुर स्वभाव का था और सभी लोगों से उसके बेहद मिलनसार संबंध थे। सिंगापुर में रहने के दौरान भी वह फोन पर अपने संबंधियों एवं परिचितयों की कुशल क्षेम पूछा करता था।

अवनीश के अंतिम दर्शन के लिए  रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, सिटी मजिस्टे्रट हरक सिंह रावत, भाजपा नेता जुगरान, सहित अन्य कुछ स्थानीय नेतागण भी मृतक अवनीश की अंतिम विदाई में पहुंचे थे। करीब आठ बजे अवनीश का शव यहां सरस्वती विहार पहुंचा। मालूम हो कि बीती २३ जनवरी को कोलकाता से सिंगापुर जा रहे शिप में सवार अवनीश पेटवाल की शिप के कैबिन में गैस रिसाव की चपेट में आने से मृत्यु होना बताया गया। गमगीन माहौल में शिप के चीफ अधिकारी अवनीश का शव हरिद्वार में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। हरिद्वार में ही नम आंखों के बीच अवनीश के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
 

ग्राफिक एरा में एम$बी$ए$ के 17 छात्रों का प्लेसमेण्ट

देहरादून। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय तथा ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय में आयोजित मैनेजमेण्ट प्लेसमेण्ट वीक के दौरान एम$बी$ए$ के 17 और छात्र-छात्राओं का प्लेसमेण्ट हो गया। देश भर में विख्यात इन्फोएजॅ समूह की ऑल चेक डील्स तथा 99एकरस् डॉट कॉम ने ग्राफिक एरा के 1० छात्रों का चयन कर लिया। इन छात्रों को 2$5 लाख रूपये सालाना का पैकेज ऑफर किया गया।
 

इसके साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के समूह ’जॉरो एजुकेशन’ ने अपनी रिक्रुटमेण्ट प्रक्रिया के दौरान ग्राफिक एरा के तीन छात्रों को 4$26 लाख रूपये सालाना पैकेज पर नियुक्ति प्रदान की। देश ही नहीं अपितु समुचे एषिया महाद्विप में अपने विशाल बैकिंग नेटवर्क की धाक जमाने वाले स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया की बीमा कम्पनी एस$बी$आई$ लाईफ ने भी 2$5 लाख के सालाना पैकेज पर विश्वविद्यालय के चार छात्रों का चयन किया।

एक हफ्ते के इस अभियान में प्रतिष्ठित कम्पनियों में प्लेसमेण्ट पाने वाले इन छात्र-छात्राओं में रजत अरोड़ा, अजितेश शर्मा, शिवराज सावन, शिखा रजावत, माधुरी रावत, निकिता त्यागी, हिमानी गुन्ता, संजय चौहान, सागर कजालिया, रोहित धीमान, चांद बाली, तनय श्रीवास्तव, शिखा खेरा, अनूप कुमार पाल, मीना भट्ट, विपिन रावत, रवि ठाकुर शामिल हैं। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो$ कमल घनशाला ने प्लेसमेण्ट वीक के दौरान मिली इस सफलता को छात्रों के कठिन परिश्रम तथा विश्वविद्यालय में प्रदान की जाने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम बताते हुए छात्रों को नित नई ऊंचाईयां छूने की शुभकामनाएं दी।
 

ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय एवं ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय में वर्ष 2०13 में पास आउट होने वाले एम$बी$ए$ बैच के कुल 13० छात्र-छात्राओं को अब तक कैम्पस प्लेसमेण्ट के माध्यम से नियुक्तियां प्राप्त हो चुकी हैं जिसमें 11 छात्रों की विदेश नियुक्तियां भी शामिल हैं। इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक सालाना पैकेज क्रमश: 7$62 लाख, 6 लाख तथा 4$26 लाख रहा है, अभी और कम्पनियां कैम्पस हेतु ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आएंगी तथा शत प्रतिशत छात्रों को प्लेसमेण्ट प्रदान करने की मुहिम इसी तरह जारी रहेगी।
 

मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

देहरादून। बग्वान ग्रामाद्योग समिति द्वारा उमेदपुर वाया प्रेमनगर में राष्ट्रीय कृषि एंव ग्रामीण विकास बैंक देहरादून के सहयोग से दो 13 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि देहरादून के जिला पंचायत अध्यक्ष शिव प्रसाद देवली, अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता एवं अम्बीवाला के पूर्व प्रधान  सुरेन्द्र सिह नेगी, भारतीय जीवन बीमा निगम के शूक्ष्म जीवन बीमा विभाग के प्रबन्धक एस०डी० जोशी एवं बग्वान ग्रामोद्योग समिति के संस्थापक श्री बिष्ट जी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में संस्था संस्थापक  बिष्ट के द्वारा संस्था का परिचय करवाते हुए संस्था द्वारा संचालित कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम की खेती के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में भारतीय जीवन बीमा निगम के सूक्ष्म जीवन बीमा विभाग के प्रबन्धक श्री जोशी जी के द्वारा आम आदमी की देश के विकास में भागीदारी के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बीमा का जीवन में महत्व की विस्तार से जानकारी दी। इसी क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुरेन्द्र सिह नेगी जी के द्वारा लोगों को प्रेरित करते हुए विभिन्न मल्टी कम्पनियों के विकास के बारे में जानकारी दी गयी साथ ही जानकारी दी गयी कि जागरूकता, लगन एवं मेहनत की जरूरत है लक्ष्य स्वयं मिल जाता है।

कार्यक्रम के अन्त में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवली जी के द्वारा लोगों को सम्बोधित करते हुए प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनायें दी और विभिन्न जगहों के उन्नत कास्तकारों के विकास के सम्बन्ध में उदाहरण देते हुए चीन की कार्यप्रणाली व उभरते विश्वशक्ति के राज की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन संस्था के समन्वयक ज्ञानेन्द्र पंवार जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी प्रतिभागियों को संस्था द्वारा मल्टीनेशनल कम्पनी व बिग बाजार के भ्रमण पर ले गये कार्यक्रम में संस्था के समन्वयक गजेन्द्र वत्र्वाल, अम्बिका सहित, पीताम्बरपुर, उमेदपुर, देवीपुर आदि गॉव के स्वयं सहायता समूह के प्रशिक्षणार्थी व गांव के काश्तकार एवं गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।
 

ट्रामा सेन्टर शुरू करने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन शुरू

रानीखेत। नागरिक चिकित्सालय रानीखेत में महिला चिकित्सक ओर चिकित्सालय में ट्रामा सेन्टर शुरू करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय मानवाधिकार संघ से जुड़े लोगों ने मंगलवार से चिकित्सालय परिसर में क्रमिक अनशन प्रारम्भ कर दिया है। पहले दिन संघ के जिलाध्यक्ष पूरन जोशी अनशन पर बैठे जबकि अनेक लोगों ने आन्दोलन के समर्थन में धरना दिया।

रानीखेत चिकित्सालय करीब पिछले एक साल से एलएमओ(महिला मेडिकल आफीसर) विहीन चल रहा है जिससे गर्भवती महिलाओं और अन्य महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिला उत्पीडऩ से जुड़े मामलों का कानूनी मेडिकल के लिए भी पीडि़तों को अल्मोड़ा भेजा जा रहा है इसी ज्वलन्त मांग को लेकर मानवाधिकार संघ ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत क्रमिक अनशन प्रारम्भ कर दिया।

धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सालय में एलएमओ की व्यवस्था करने और डाक्टरों के अभाव में शो पीस पड़े ट्रामा सेन्टर को सुचारू रूप से संचालित करने की मांग की। आरोप लगाया कि मशीने विशेषज्ञों के अभाव में जंक खा रही है। और जनता के धन की बर्बादी हो रही है और जरूरत मन्दों को बेहतर उपचार के लिए दरदर भटकना पड़ रहा है।  सकारात्मक कदम नहीं उठाये जाने पर आन्दोलन को और उग्र रूप देने की चेतावनी दी। इस अवसर पर संघ के सचिव दीपक जोशी, पूर्व जिपं सदस्य राजेन्द्र सिंह बिष्ट, किशन सिंह, अंकित नेगी, विजय रावत सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।
 

व्यासी परियोजना के लिए भूमि हस्तान्तरण को स्वीकृति प्राप्त

देहरादून। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणाके अथक प्रयासों से यमुना नदी पर स्थित 12० मेगावाट क्षमता की व्यासी परियोजना के निर्माण हेतु भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा वन भूमि हस्तान्तरण के प्रथम चरण की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। मुख्यमंत्री बहुगणा ने कहा है कि व्यासी जल विद्युत परियोजना पर शीइा्र ही कार्य शुरू होने से राज्य ऊर्जा उत्पादन में आत्म निर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि ब्यासी जल विद्युत परियोजनाओं सरकार की प्राथमिकता में है।
 

पूर्व में उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग द्वारा 42० मेगावाट की लखवाड व्यासी बहुउद्वेशीय परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 1987 में प्रारम्भ किया गया। अपरिहार्य कारणों से वर्ष 1992 में परियोजना का कार्य रोक दिया गया। उत्तराखण्ड राज्य बनने के उपरान्त 2००8 में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा लखवाड-व्यासी परियोजना यूजेवीएन लिमिटेड को आवंटित कर दी गयी। प्रथम चरण के अंतर्गत 12० मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना को पूर्ण करने का निर्णय लिया गया। यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा व्यासी जल विद्युत परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पुनरीक्षित कर केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण को जुलाई 2०1० में प्रेषित की गयी जिसकी टैक््रोइकॉनॉमिक स्वीकृति अक्टूबर 2०11 में प्राप्त हुई।
 

उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक जी$पी$पटेल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सितंबर 2००7 में व्यासी जल विद्युत परियोजना को प्रदत्त पर्यावरणीय स्वीकृति अप्रैल 2०1० में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा यूजेवीएन लिमिटेड के नाम हस्तान्तरित कर दी गयी। वन अधिनियम के अन्तर्गत वन भूमि के हस्तान्तरण की स्वीकृति जो कि पूर्व में सिंचाई विभाग के पक्ष में थी, का नामान्तरण यूजेवीएन लिमिटेड के पक्ष में होना आवश्यक था। अत: व्यासी परियोजना क्षेत्र के अन्तर्गत 99$93 हेक्टेयर वन भूमि का नामान्तरण प्रस्ताव यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा वृक्षों की वर्तमान गणना सहित वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को जून 2०12 में प्रेषित किया गया। अगस्त 2०12 में यूजेवीएन लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की वन सलाहकार समिति की बैठक में परियोजना के प्रस्ताव के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया।

यूजेवीएन लिमिटेड के प्रस्ताव को वन सलाहकार समिति द्वारा सैद्घान्तिक सहमति प्रदान की गयी। वन एवं पर्यावरण द्वारा परियोजनाओं की औपचारिक प्रथम चरण की स्वीति वन एवं पर्यावरण मंत्री के अनुमोदन के उपरान्त दी जाती है। इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री द्वारा भारत सरकार मेें केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री को सहमति जारी करने हेतु अनुरोध किया गया, जिसके क्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा परियोजना की प्रथम चरण की स्वीकृति प्रदान की गयी। राज्य के लिए अति महत्वपूर्ण व्यासी जल विद्युत परियोजना का कार्य वर्ष 2०16 तक पूर्ण कर लिया जाना प्रस्तावित है, जिसके उपरांत परियोजना द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 375$24 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होगा, जो कि राज्य की प्रगति में एक मील का पत्थर साबित होगा।
 

मनरेगा में ग्रामीण क्षेत्रों में काम को मिलेगी गति

विकासनगर। सरकार द्वारा मनरेगा में ग्रामीण क्षेत्रों अन्य कई काम जोड़ लिये जाने से अब मनरेगा से जुड़ मजदूरों व ग्रामीणों में उत्साह की लहर देखी जा सकती है। और शासन द्वारा इस संबंध में ग्राम पंचायतों को इस संबंध में पत्र जारी होने के बाद इस काम ने गति पकड़ ली है। जिसका साफ उदाहरण सहसपुर ब्लॉक की राष्ट्रीय पुरूस्कार विजेता ग्राम पंचायत छरबा में देखने को मिल रहा है।

जहां शासन द्वारा जारी पत्र के पहुंचने के दो दिन में ही 3०० से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा कर उसे मनरेगा के तहत काम करने के लिये पास भी कर दिया गया है। गोरतलब है कि मनरेगा योजना अंतर्गत सचिव उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास विभाग द्वारा सभी ग्राम पंचायतों व पंवायत सचिवों को स्थानीय ग्रामीणों को मनरेगा योजना में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराये जाने के लिये नये कई कार्यो को जोडऩे के लिये दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। जिससे अब मनरेगा से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी खासा उत्साहित हैं।

जिसके बारे में छरबा के ग्राम प्रधान रूमीराम जसवाल का कहना है कि मनरेगा योजना अब सभी मायनों में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने में सार्र्थक रूप लेने जा रही है। क्योकि पहले जहां मनरेगा के कुछ ही कार्यो तक सीमित होने के कारण सही रूप  नहीं ले पाई थी, अब मनरेगा से सूखा रोध के लिये नवरोपण और वृक्षारोपण, लधु एवं सूक्ष्म सिंचाई नहरें, पारम्परिक जल निकायों के नवीनीकरण कार्य, भूमि विकास, ग्रामीण संयोजकता के तहत पुलियों व सडक़ों के निर्माण जैसे अन्य कई कार्य जुड़ जाने से ग्रामीणों को रोजगार के कई साधन उपलब्ध हो पायेगें। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब व जरूरतमंद लोगों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो पायेगा।
 

अग्निकांड पीडितों को दी राहत सामग्री

विकासनगर। शॉट सर्किट के कारण अग्निकांड से पीडित गरीब परिवार का मदद के लिये पछवादून विकास मंच ने एक सार्थक पहल करते हुये उन्हें राहत सामग्री वितरित की और सरकार से पीडि़त परिवार को आर्थिक मदद दिये जाने की मांग की। गौरतलब है कि बीती 28 जनवरी सोमवार को ढकरानी गांव में  रहने वाले एक गरीब परिवार का मकान शॉर्ट सर्किट के कारण अग्रिकांड की भेंट चढ़ गया था।

जिसमें राजाराम व उसके परिवार का सभी सामान व कपड़े आदि जलकर खाक हो गये थे। जिसकी मदद को हाथ आगे बढ़ाते हुये क्षेत्र की सामजिक संस्था पछवादून विकास मंच इस गरीब व मजबूर पीडि़त परिवार को इस सर्द भरे मौसम में राहत पहुंचाने के लिये कपड़े, कंबल व कुछ रोजमर्रा की जरूरी सामग्री दी। ताकि उक्त गरीब पीडि़त परिवार को कुछ राहत मिल सके। इस दौरान मंच के संयोजक अतुल शर्मा ने कहा कि इस तरह के वक्त व आपदा आदि में सभी को हाथ बटाते हुये पीडि़त लोगों की मदद के लिये आगे आने चाहिए। इस मौके पर अतुल शर्मा सहित मंच के अन्य कई लोग भी मौजूद रहे।
 

मलबा हटाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे

उत्तरकाशी। पिछले वर्ष उत्तरकाशी में अस्सीगंगा में आई बाढ़ से गंगा भागीरथी में आया भारी मात्रा में मलबा हटाने के लिए प्रशासन के केंद्र सरकार को भेजे प्रस्ताव पर पर्यावरणीय प्रभाव आकलन रिपोर्ट न लगाने से फिलहाल केंद्र में अटक गया है। जिला प्रशासन अपने स्तर से मलबा हटाने की तैयारी कर रहा था पर इसके लिए भी अभी तक धनराशि न मिलने से प्रशासन भी असमंजस में है।
 

बीते साल की बाढ़ ने उत्तरकाशी नगर के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। बाढ़ के चलते असी गंगा व भागीरथी नदियों का तल पांच से दस मीटर तक बढ़ा हुआ है। नगर की सुरक्षा के लिए मलबे को हटाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से तैयार एक प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा है। इसके मुताबिक नदी के दोनों तटों पर पंद्रह-पंद्रह फीसदी मलबा छोडक़र बीच में सत्तर फीसदी मलबे को बड़ी मशीनें लगाकर मलबा हटाने की रूपरेखा बनाई गई है, लेकिन केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से फिलहाल इसके लिए स्वीकृति नहीं मिल सकी है।

प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक मलबा हटाने के काम के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन रिपोर्ट के आधार पर ही स्वीकृति मिल सकेगी। इसमें काफी वक्त लगने के आसार हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने खुद ही मलबा हटाने की कवायद शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए एडीएम व सीडीओ की अध्यक्षता वाली समितियां गठित की गई हैं। इसमें एक समिति वन व दूसरी सिविल भूमि से संबंधित मलबा निस्तारण का अध्ययन करेगी। फिलहाल कुछ स्थानों को मलबा निस्तारण के लिए चिन्हित भी किया गया है,

लेकिन अभी बजट का इंतजाम, मलबा डंपिंग जोन व खनन से संबंधित विभिन्न पहलुओं को लेकर असमंजस बना हुआ है। खान विभाग व आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दोनों नदियों में मलबे की स्थिति का परीक्षण भी कर लिया गया है। शासन को दी गई रिपोर्ट में मलबे को भविष्य के लिए बेहद खतरनाक बताने के साथ ही समय पर हटाए जाने की संस्तुति की है। रिपोर्ट में दोनों नदियों से आठ स्थानों को चिन्हित कर इन स्थानों को संवेदनशील बताया गया है। एसडीएम एसके बर्नवाल ने आरएनएस को बताया कि मलबा निस्तारण के लिए जिला स्तर पर कवायद चल रही है शीघ्र ही इसके लिए गठित समितियों की बैठक में बजट सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के बाद काम शुरू किया जाएगा
 

भूतपूर्व छात्रों की वार्षिक परीक्षा दो अप्रैल से होंगी शुरू

श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्नातक और स्नातकोत्तर संस्थागत, व्यक्तिगत और भूतपूर्व छात्रों की वार्षिक परीक्षा दो अप्रैल 2०13 से शुरू की जाएंगी। यह वार्षिक परीक्षाएं मई अंतिम सप्ताह तक चलने की संभावना है। परीक्षा का कार्यक्रम जल्द ही संबन्धित प्राचार्यो और श्रीनगर, पौड़ी, टिहरी विवि परिसरों के निदेशकों को भेज दी जाएगी।
 

मंगलवार को कुलपति प्रो.श्रीकृष्ण सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे पूर्व वार्षिक परीक्षा 24 मार्च से शुरू कराए जाने पर विचार किया जा रहा था लेकिन होली अवकाश को देखते हुए परीक्षाएं दो अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया। कुलपति प्रो. श्रीकृष्ण सिंह ने निर्धारित कार्यक्रमानुसार समय से परीक्षाएं संपादित करने के निर्देश दिए। गढ़वाल विवि के विशेष कार्याधिकारी परीक्षा प्रो.एलजे सिंह ने कहा कि सभी महाविद्यालयों और संस्थानों के प्राचार्यो को विवि द्वारा परीक्षा स्कीम दो-तीन दिनों में प्रेषित कर दी जाएगी।

वार्षिक परीक्षा के लिए गढ़वाल विवि की ओर से 119 परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इस वर्ष होने वाली परीक्षा में लगभग एक लाख 4० हजार परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। स्नातक प्रथम और स्नातकोत्तर प्रथम प्राइवेट परीक्षा श्रीदेव सुमन विवि टिहरी में होने से इस वर्ष गढ़वाल विवि में परीक्षार्थियों की संख्या लगभग 3० हजार कम रहेगी। कुलसचिव प्रो.पीएस राणा, परीक्षा नियंत्रक प्रो.जेएस बिष्ट बैठक में मौजूद रहे।
 

आश्रमों पर खाकी की पैनी नजर

ऋषिकेश। धर्मनगरी में बसे सैंकड़ों आश्रमों पर अब खाकी की पैनी नजर होगी। इसके लिए राजधानी के पुलिस कप्तान ने थाने की पुलिस को निर्देश दिया है कि  इन आश्रमों में कौन कौन लोग रह रहे है,वह इसकी जांच पड़ताल करें और इस बात की भी जांच करें कि इन आश्रमों की आड़ मे अपराधी निवास तो नहीं कर रहे। आज ऋषिकेश कोतवाली में राजधानी के पुलिस कप्तान केवल खुराना ने इलाके के जनप्रतिनिधि यों के साथ एक बैठक की।

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कप्तान के सामने अपनी कई समस्याएं रखी। इलाके के लोगो ने कप्तान के सामने समस्या रखी कि अक्सर छोटी-छोटी गलियों में भी वाहन आड़े तिरछे खड़े हो जाते है जिस कारण वहां से लोगो का निकलना भी दुभर हो जाता है। उन्होंने कहा कि इन वाहनों को ऐसे स्थानों पर खड़ा करने की समय सीमा होनी चाहिए इसके अलावा कप्तान को बताया गया कि इलाके में शराबी नशेडिय़ों की वजह से लोगो का निकलने दुभर हो जाता है। कप्तान ने तत्काल प्रभाव से महिलाओं की सुरक्षा के लिए थाने में महिला सुरक्षा सेल का गठन करने के आदेश दिए।

इसके साथ साथ उन्होंने मेडिकल की दुकानें चलाने वालों को चेतावनी दी है कि वह नशेडिय़ों को नशे के इंजेक्शन व गोलियां न दे। इतना ही नहीं उन्होंने मादक पदार्थों की बिक्री के लिए जल्द नारकोटिक सेल का गठन करने का भी आश्वासन दिया है। कप्तान ने ऋषिकेश पुलिस को निर्देश दिए कि वह अपने इलाके में स्थित सभी आश्रमों की सूची बनाए और उसमें रह रहे लोगो को वह सत्यापन कराए कि कहीं साधु संत की आड़ में अपराधी आश्रमों में तो नहीं ठहरे हुए है। उन्होंने इलाके में होटल व धर्मशालाओं में भी जांच पड़ताल करने के आदेश दिए है, जिससे कि अपराधी ऐसे स्थानों पर रूककर वारदात करने में सफल न हो पाए। बैठक में एसपी देहात गिरीश चंद ध्यानी, सीओ  अमित श्रीवास्तव, एसडीएम, नगर पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा, राजेश खत्री, राजकुमार, अमरदीप, विनोद शर्मा, जयदत्त शर्मा, दिनेश अग्रवाल, विनय उनियाल, जगमोहन सकलानी सहित काफी लोग मौजूद थे।
 

राजभवन में तैनात सिपाही ने खुद को मारी गोली, मौत

देहरादून। राजभवन में तैनात एक सिपाही ने मंगलवार को खुद को गोली मार ली। मौके पर ही सिपाही ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि सिपाही अपने खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाईयोंं के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है। उधर इस घटना के बाद से राजभवन में सनसनी फैली रही, तो वहीं राजभवन जैसे स्थानों पर तैनात रहने वाले सुरक्षाकर्मियों की मनोदशा को लेकर भी प्रश्न चिन्ह खड़े होने लगे हैं।
 

उत्तराखंड के राजभवन में  मंगलवार को गोलियों की आवाज से हडक़ंप मच गया। शाम लगभग चार बजे राजभवन के वॉच टॉवर से दो गोलियां चलने की आवाज आने पर राजभवन में तैनात कर्मचारी टॉवर की ओर चढे। वहां पहुंचने पर वॉच टॉवर में तैनात सिपाही कमल सिंह मेहरा मृत अवस्था में पड़ा हुआ मिला। कमल की कनपटी पर गोली लगी थी और पूरे टॉवर पर खून के छींटे लगे हुए थे। कर्मचारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले एक गोली चली थी। कारण जानने के लिए जब तक लोग उपर जाते तब तक दूसरी गोली की भी आवाज आई जो कमल सिंह ने अपनी एलएलआर से अपनी कनपटी को निशाना बना कर चलाई थी। माना जा रहा है कि पहला फायर मिस होने के कारण कमल ने दूसरी गोली चलाई थी।
 

कमल सिंह मेहरा द्वारा खुद को गोली मारने के कारणों के पीछे उसके खिलाफ चल रही विभागीय जांच को कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वर्ष २०११ एवं २०१२ में उसे निलंबित किया जा चुका है। पूर्व में उच्च न्यायालय में ड्यूटी के दौरान कमल को शराब के नशे में पाया गया था। उसके खिलाफ बर्खास्तगीकी कार्रवाई भी चल रही थी जिस कारण वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इन्हीं कारणों से आज ४६वीं पीएसी के जवान २८ वर्षीय रामनगर नैनीताल निवासी कमल सिंह मेहरा ने अपनी ही राईफल से खुद की जान ले ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उसके परिजनों को सूचित कर दिया है।
 

रेजगारी वितरण कैंप का आयोजन

देहरादून। ओरियण्टल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रायोजित रेजगारी वितरण कैंप का आयोजन किया गया। मंगलवार को राजपुर रोड स्थित ओरियण्टल बैंक ऑफ कॉमर्स में इस शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक के महाप्रबंाक आर$एल$ शर्मा ने व्यापारियों व आम जनता को रेजगारी वितरित की।

यह शिविर रिजर्व बैंक द्वारा प्रायोजित था जिसमें सिक्कों का वितरण किया गया। इस एक दिवसीय शिविर में मंगलवार दोपहर तक लगभग 85 हजार सिक्कों का वितरण किया गया था। बैंक के अनुसार व्यापारियों से रेजगारी ओबीसी में लगा रेजगारी वितरण कैंप व्यापारियों व आम जनता को वितरित किये सिक्के न मिलने के कारण जहां आम जनता को परेशानी होती है वहीं व्यापारियों के लिए भी समस्या खड़ी हो जाती है। ऐसे में बैंक द्वारा रेजगारी का वितरण किया जा रहा है। जिससे कि व्यापारियों के साथ ही आम जनता भी इस शिविर का लाभ उठा सके और उन्हें भविष्य में किसी तरह की कोई परेशानी न हो। इस अवसर पर ओबीसी के उप महाप्रबंाक एस$के$ ढल सहित बैंक के कर्मचारी भी मौजूद थे।
 

छोटी ग्राम पंचायतों के गठन की मांग उठाई

कोटद्वार। क्षेत्र पंचायत संगठन पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष जयकृत सिंह राणा, जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता हयात सिंह मेहरा व वरिष्ठ अधिवक्ता कुंवर सिंह गुसांई ने पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए छोटी ग्राम पंचायतों के गठन की मांग उठाई है। उन्होंने जारी बयान में कहा कि ग्राम पंचायतों के गठन के लिए शासन द्वारा निर्धारित जनसंख्या का मानक पर्वतीय क्षेत्रों में सफल नहीं हो सकता है।

पर्वतीय क्षेत्रों में कई राजस्व तोक व ग्राम बेहद जटिल व विषम भोगेलिक क्षेत्रफल से संलग्नित है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए जनसंख्या को मानक मानने के बजाए भौगोलिक क्षेत्रफल को ग्राम पंचायतों के गठन के लिए मानक के रूप में निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक़, यातायात, पेयजल, विद्युतीकरण आदि मूलभूत सुविधाओं का आभाव है और विकास के आभाव में पर्वतीय क्षेत्र से पलायन लगातार जारी है।

विकासखंड दुगड्डा के कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा विकासखंड की ६७ पर्वतीय ग्राम पंचायतों के अस्तित्व में होने के कारण ही दुगड्डा व यमकेश्वर प्रखंड के ग्राम पंचायतों को मिलाकर महाबगढ़ के नाम से नया विकासखंड सृजित करने की मांग उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए नए विकासखंड सृजित किए जाने आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में बढ़ते आपराधिक ग्राफ पर अंकुश लगाने के लिए आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही भी होनी चाहिए। साथ ही अपराध रोकने में नाकाम राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
 

आर्य समाज के पूर्व प्रधान बलोदी का निधन

कोटद्वार। आर्य समाज की स्थानीय इकाई के पूर्व प्रधान सालिगराम बलोदी का निधन हो गया है। वे १०५ वर्ष के थे। वह अपने पीछे छह पुत्र व चार पुत्रियां छोड़ गए हैं। उन्होंने अपने मझले पुत्र के गोरखपुर स्थित सरकारी आवास में अंतिम सांस ली। स्व. बलोदी बाल्याकाल से ही महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों से प्रभावित हुए और उन्होंने आर्यसमाज से जुडक़र जाति-पांति, सामाजिक एवं धामिर्कक कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की थी ।

पशुबलि को वह अभिशाप समझते थे, लिए लिए उन्होंने कई आंदोलन किए। वे वैदिक परंपरा को ही मानव कल्याण की चाबी मानते थे। बंगाल पुलिस में डीएसपी के पद रहते हुए सरकार ने भी उनके कार्यो से प्रभावित होकर २०० बीघा जमीन दी, जिसे उन्होंने भूमिहीनों को बांटकर आर्यत्व का परिचय दिया। उन्हें जीवन में बहुत सम्मान भी मिला। महर्षि दयानंद सरस्वती सम्मान व डा. अंबेडकर राष्ट्रीय फैलोशिप सम्मान २०११ प्रमुख हैं। १९९४ में पत्नी की मृत्यु के पश्चात भी वे दृढ़ता के साथ सामाजिक कुरीतियों के खात्मे के लिए लड़ते रहे। वे अपना भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। आर्य समाज के उप प्रधान आशुतोष वर्मा, आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान व सामाजिक कार्यकत्र्ता सुरेंद्र लाल आर्य ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार बुद्धवार को यहां मुक्तिधाम में प्रात: दस बजे किया जाएगा।
 

सतपाल महाराज १३ को कोटद्वार भ्रमण पर

कोटद्वार। गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज १३ फरवरी को एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत कोटद्वार क्षेत्र का भ्रमण करने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के संगठन मंत्री लोकपाल सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज १३ फरवरी को सात बजे कोटद्वार पहुंचेगे।

इस मौके पर वह कोटद्वार तहसील प्रांगण में बाररूम का उद्घाटन करेंगे। तदुपरांत वे कण्वाश्रम में तीन दिवसीय बसंत पंचमी मेले का उद्घाटन करेंगे। तत्पश्चात शाम पांच बजे वे मालगोदाम रोड़ स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बीईएल कर्मचारियों के साथ बैठक करेने के बाद शाम सात बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

 

नदियों को चुगान के लिए खोलने की मांग की

कोटद्वार। क्षेत्र की खेाह, मालन, सुखरौ, कोल्हू, सनेह आदि नदियो को खनन के लिये खोलने की मांग को लेकर रेता बजरी व्यवसायी एंव मजदूर संगठनों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। इस मोके पर उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। वहीं पूर्व विधाायक शैलेंद्र रावत ने भी रेता बजरी व्यवसायीयों को अपना समर्थन दिया। यहां तहसील पसिर में आयोजित सभा में पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान समय में नदियो में खनन पर प्रतिबंध होने के कारण ट्रैक्टर ट्रालियों का टैक्स देना भी मुश्किल हो गया है।

साथ ही रेत, बजरी व्यवसाय से जुड़े कई व्यवसायी व मजदूर बेरोजगार हो गये हैं और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि नदियो से रेत, बजरी, पत्थर के चुगान की अनुमति से जहां हजारों बेरोजगार लोगो को रोजगार मिल सकेगा, वहीं सरकार को करोड़ो रूपये का राजस्व भी प्राप्त होगा। इस मौके पर अपनी मांग को लेकर आंदोलनरत रेत, बजरी व्यवसायी जिलाधिाकारी गढ़वाल चंद्रेश कुमार यादव से मिले और उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। जिलाधिकारी ने उन्हें उनकी मांगो के निस्तारण के लिये जल्द ही उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया और कहा कि इस मामले में कार्यवाही चल रही है जल्द से जल्द खनन को खोलने के लिये प्रयास किये जायेगें।

रेता, बजरी  व्यवसायी विगत २३ जनवरी से क्षेत्र की नदियों को चुगान के लिये खुलवाने को लेकर आन्दोलनरत् है। लेकिन शासन प्रशासन क्षेत्र के रेता बजरी व्यापारी व मजदूर वर्ग की समस्याओं के लिये चिन्तित नहीं है। आंदोलनरत रेता, बजरी व्यवसायियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, नागरिक मंच के अध्यक्ष शशिधर भट्ट , जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री प्रवेश रावत, संगठन के अध्यक्ष भाष्कर बड़थ्वाल, महेन्द्र पाल प्रजापति, रामगोपाल, किरण कुमार, ताजवर सिंह भंडारी, केके प्रजापति, अनिल रावत, रिंकू गुसांई, पूरन अधिकारी आदि शामिल रहे।
 

गायत्री परिवार एक आदर्श

नई टिहरी। सांसद माला राज्ये लक्ष्मी शाह ने कहा कि गायत्री परिवार समाज को संस्कारवान बनाने के साथ ही नई दिशा देने का काम भी कर रहा है। गायत्री परिवार से हर व्यक्ति को सीख लेनी चाहिए। मंगलवार को गायत्री शक्तिपीठ की ओर से आयोजित नवयुग दिपोत्सव महापर्व का टिहरी संसदीय क्षेत्र की सांसद माले राज्ये लक्ष्मी शाह ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार परिवार समाज हित के कार्यो में लगा रहता है। वह लोगों को अपनी संस्कृति व संस्कारों के प्रति जागरूक करता है। गायत्री परिवार का कार्य प्रेरणादायी होती हैं। इस अवसर पर सांसद ने कहा कि लोगों की जो भी समस्याएं होंगी उनके त्वरित निराकरण का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना।

इससे पूर्व गायत्री परिवार की ओर से सांसद का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद सुयाल, दिनेश डोभाल, जीतराम भटट, विद्यादत्त तिवाड़ी, राजेंद्र प्रसाद पांडे, खेम सिंह चौहान, धन सिंह नेगी, मोहन सिंह कुमांई, उमेश चरण गुसांई, अजयपाल नेगी, राजेश डयूंडी, अंकिता कंडियाल, मीना सेमवाल, सरोज बहुगुणा, उर्मिला महर, शीला रावत, दर्शनी भट्ट और गीतांजली सजवाण आदि लोग मौजूद थे।
 

यूथ पुलिस क्लब का गठन

उत्तरकाशी। थाना कोतवाली में मंगलवार को यूथ पुलिस क्लब का गठन किया गया। इस क्लब का काम अपराध व अवांछित गतिविधियों की बजाए युवाओं का ध्यान रचनात्मक गतिविधियों की ओर खींचना है। क्लब का उद्घाटन करते हुए एसपी राजीव स्वरूप ने जिले का कोई युवा बाहरी राज्यों या राज्य के अन्य जिलों में कार्य कर रहा है और संबंधित थाना उसके प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई नहीं कर रहा तो वह युवा क्लब से संपर्क करेगा तो उसे मदद मुहैया कराई जाएगी।

इसके अलावा युवा क्लब की ओर से युवाओं के लिए कैरियर काउंसलिंग व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसी गतिविधिया भी आयोजित की जाएंगी। ट्रैकिंग, राफ्टिंग, रॉक क्लाइंबिंग सहित आपदा प्रबंधन के गुर भी सिखाए जाएंगे। युवा क्लब में पुस्तकों का संकलन और इंडोर व आउटडोर खेलों की व्यवस्था भी रहेगी। यूथ क्लब का मकसद इन गतिविधियों के जरिए युवाओं में सकारात्मक सोच पैदा करना है। उद्घाटन अवसर पर थाना प्रभारी दिनेश कुमार, एलआइयू इंस्पेक्टर आजाद सिंह नेगी, भास्कर थपलियाल, कमल कोरंगा, पूरण नगरकोटी मौजूद रहे।
 

बीडीसी की बैठक में हंगामा

श्रीनगर गढ़वाल। जिला स्तरीय अधिकारियों के बीडीसी की बैठक में न पहुंचने व सरकार की ओर से राज्य वित्त की धनराशि को बंद करने पर सदन में जनप्रतिनिधियों ने रोष प्रकट किया। हंगामा बढ़ते देख प्रमुख ने बैठक स्थगित कर दी। प्रखंड मुख्यालय में मंगलवार को क्षेत्र पंचायत की बैठक शुरू होने से पहले ही दूर दराज क्षेत्रों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया जिसके बाद ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश शाह को बीडीसी की बैठक स्थगित करनी पड़ी।

प्रमुख सहित सदन में मौजूद जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि सदन की बैठक में लघु सिंचाई के अलावा किसी भी विभाग का जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद नही है जिस कारण जन प्रतिनिधियों की क्षेत्रीय समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा सरकार के राज्य वित्त को बंद किये जाने से कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर मे हैं। प्रमुख ने कहा कि राज्य वित्त के तहत कई योजनाओं पर आधा काम हो चुका है किन्तु राज्य वित्त की दूसरी किश्त न मिलने से यह योजनाएं अधूरी छूट गयी है जिससे लोगों को योजना का लाभ नही मिल पा रहा है।

प्रमुख ने कहा कि वित्त के तहत जिन योजनाओं पर कार्य करवाया गया उनकी बीस लाख की देनदारी है। सदन की बैठक शुरू होने से पहले पूर्व प्रमुख रणबीर कठैत की पत्नी के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। चौरास क्षेत्र में विगत कई महीनों से व्याप्त पेयजल समस्या व विभागीय अधिकारियों को योजना की पूर्ण जानकारी न होने को लेकर हंगामा शुरू हुआ जिसने बाद बीडीसी की बैठक स्थगित की गयी। इस मौके पर एसडीएम बृजेश कुमार तिवाड़ी, खण्ड विकास अधिकारी बसंती अग्रवाल, ज्येष्ठ प्रमुख विनोद रावत, कनिष्ठ प्रमुख संजय लाल शाह, शूरवीर पुंडीर, महाबीर घिल्डियाल, मीना पुंडीर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
 

किशोरी मेले का आयोजन

मसूरी। महिला सामाख्या जौनपुर की ओर मंगलवार को किशोरी मेला का आयोजन किया गया। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम व खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पहले दिन हुई कुर्सी दौड़ में ऋतु प्रथम रही। मंगलवार को विकास खंड थत्यूड़ में महिला समाख्या जौनपुर टिहरी की ओर से बाल किशोरी मेला आयोजित किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी वेद प्रकाश ने किया दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम में प्रखंड के दूर-दराज क्षेत्रों से भारी संख्या में किशोरियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। महिला सामाख्या की ब्लाक समन्वयक गुड्डी रावत व पुष्पा ने कहा कि इस तरह के मेले के आयोजन सीखने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि किशोरियों को जागरूकता करना ही मेले का मुख्य उद्देश्य है। इस मौके पर आयोजित कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता के शीनियर वर्ग ऋतु अरोड़ा प्रथम, सुनैना द्वितीय, मोनका तृतीय स्थान पर रही। जूनियर वर्ग प्रथम प्रथम मनीषा ,द्वितीय सुनीता व तृतीय स्थान पर है। इस मौके पर जिला पंचायत भरत सिंह चौहान, प्रधान मुस्सी देवी, बबीता, संतोषी, पिंकी, जमुना, मेघना, ममता आदि उपस्थित थे।
 

शिविर अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न

गोपेश्वर। जिला चिकित्सालय में आयोजित सात दिवसीय शिविर अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हो गया। आखिरी दिन भी शिविर में आए मरीज डॉक्टरों के इंतजार में परेशान इधर-उधर घूमते देखे गए। वहीं शिविर आयोजक 2878 मरीजों के इलाज का दावा कर रहा है। जिला चिकित्सालय में दूरस्थ क्षेत्र व गरीब बीमार मरीजों के इलाज के उद्देश्य से सात दिनों का स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।

हालांकि यह शिविर खुद बीमार पड़ गया। शिविर में अव्यवस्थाएं हावी रही। पहले दिन व्यापाक प्रचार-प्रसार के चलते भारी संख्या में मरीज तो पहुंचे, लेकिन समुचित व्यवस्था और चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। आयोजकों का कहना है कि शिविर में 2०1 मरीजों को भर्ती किया गया। इनमें से 136 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। 44 मरीजों के गुर्दे की पथरी, पित्त की थैली, हार्निया, हाइड्रोसिल आदि के ऑपरेशन किए गए। 54 मोतियाबिंद के नेत्र ऑपरेशन, 26 महिला तथा 1० पुरुष नसबंदी व दो एमटीपी भी किए गए हैं।

शिविर के समापन अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ.अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों का हालचाल पूछा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के शिविरों के आयोजन किया जाएगा। इस दौरान डॉ.एच पात्रा, डॉ.सलीम अहमद, डॉ.मैनाज परवीन, डॉ.बीके मिश्रा को मुख्य अतिथि के हाथों स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सीएमओ डॉ.अजीत गैरोला, सीएमएस डॉ.शैलेंद्र, सर्जन डॉ.सतीश, डॉ.कुसुमा, डॉ.गौरव नैथानी मौजूद रहे
 

भवन स्वामियों की अर्जी पर चुगान अनुमति की सम्भावना

कोटद्वार। क्षेत्र की नदियों को खनन के लिए खोले जाने के लिए शासन स्तर पर नीतिगत निर्णय होने तक प्रशासन हक-हकूक के तहत चुगान के लिए कुछ चिह्नित स्थलों पर भवन स्वामियों की अर्जी पर चुगान की अनुमति दे सकता है। मंगलवार को जिलाधिकारी ने रेत-बजरी, पत्थर व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल से हुई वार्ता के उपरांत यह आश्वासन दिया।

उन्होंने चुगान में शिथिलता प्रदान करने के लिए पीडी व्यवस्था के तहत चुगान के लिए शीघ्र निरीक्षण कराने का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल ने खनन बंद होने से टै्रक्टर स्वामियों, भवन निर्माण करने वाले, खनन कारोबार से जुड़े मजदूरों को हो रहे नुकसान का हवाला देते हुए स्थानीय नदियों को खनन के लिए खोलने के लिए कार्रवाई की मांग की। वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों को चुगान के लिए खोलने के संबंध में पहले ही शासन में प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

पीडी के जरिए चुगान की अनुमति को लेकर उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों के वार्ता के बाद यदि ऐसा संभावना बनती है तो भवन स्वामियों के आवेदन पर अनुमति दी जा सकती है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, जिला सहकारी बैंक के प्रशासक अर्जुन सिंह बिष्ट, शशिधर भट्ट, प्रवेश रावत, भाष्कर बड़थ्वाल आदि मौजूद रहे।  खनन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने मंगलवार को भी तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन कारियों ने नदियों को खनन के लिए न खोले जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। दूसरी ओर बसपा कार्यकर्ताओं की बैठक में नदियों को खनन के लिए खोलने के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई गई।
 

एक पात्र को बांट दी दो पेंशन

रुद्रप्रयाग। समाज कल्याण विभाग में हमेशा ही कारनामों के लिए चर्चा में रहता आया है। इस बार विभाग की लापरवाही से एक ही पात्र को दो पेंशन बांट दी गई। अब समाज कल्याण विभाग की सत्यापन टीम ने जब गांव पहुंचकर सत्यापन किया तो प्रकरण का खुलासा हुआ। राज्य सरकार से निराश्रितों व वृद्ध लोगों को आजीविका चलाने के लिए पेंशन देती है, लेकिन जखोली ब्लाक के दरमोड़ा गांव की साठ वर्षीय सुरमा देवी पत्नी अमरा लाल को समाज कल्याण विभाग एक ही महिला को दो-दो पेशन के चेक भेज दिए।

दरअसल सुरमा देवी ने पति की मृत्यु के बाद विधवा पेंशन के लिए समाज कल्याण विभाग में आवेदन किया, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी विधवा पेंशन नहीं लग पाई। इस बीच सुरमा की उम्र साठ हो चुकी थी। विधवा पेंशन की उम्मीद छोड़ सुरमा ने वृद्ध पेंशन के लिए आवेदन किया। अब विभाग ने इस वर्ष सूरमा देवी की विधवा व वृद्ध पेंशन दोनो पेंशन एक साथ जारी कर पात्र को चेक भेज दिए। वर्तमान में वृद्ध व विधवा को प्रतिमाह सरकार की ओर से चार सौ रुपये पेंशन दी जाती है।

इन दिनों विभागीय स्तर पर पेंशनधारियों की पेंशन का सत्यापन चल रहा है, जब जांच टीम इस महिला के घर दरमोड़ा में पहुंचे तो परिजनों के बताने पर यह बात टीम को बताई। जखेली ब्लाक के ग्राम दरमोला सूरमा देवी ने आरएनएस को बताया कि पूर्व में विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन पेंशन न मिलने पर दो वर्ष बाद साठ उम्र होने पर वृद्ध पेंशन के लिए आवेदन किया। अब दोनो पेंशन के चेक विभाग ने भेजे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी बीएस रावत ने आरएनएस को बताया कि एक पात्र दो पेंशन नहीं ले सकता है। जनपद में सर्वे का कार्य करवाया जा रहा है। इनकी रिपोर्ट उनके पास 31 जनवरी तक उपलब्ध हो जाएगी। मामले की जांच की जाएगी। गलत है तो उनके विरूद्ध कार्रवाही कर राजस्व विभाग के माध्यम से रिकवरी की जाएगी।
 

आम आदमी पार्टी की जिला कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न

श्रीनगर गढ़वाल। आम आदमी पार्टी की जिला कार्यकारिणी की बैठक प्रेम काला की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विकासखण्ड स्तर की कमेटियां गठित करने के साथ-साथ नगर की कमेटियों को गठित  करने का निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि पार्टी के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।

वहीं कैप्टन ललित मोहन बलोदी को जिला मीडिया प्रभारी का पद सौंपा गया। पार्टी कार्यकर्ताओं नें विचार व्यक्त करते हुए पार्टी के उद्देश्यां एवं आगामी रणनीतियों पर चर्चा की। आप के जिला संयोजक डॉ० राकेश नेगी ने कहा कि पार्टी से अधिक से अधिक लोग जुड़े इसके लिए प्रचार-प्रसार तेज किया जाएगा। बैठक में अनूप घिल्डियाल, प्रेमलाल पाण्डे,  केएस सजवाण, सुरेश नेगी, राजेंद्र डोभाल,  धनीराम पुरी, सुरजीत बिष्ट, रामकृष्ण पुरी, टीका प्रसाद उनियाल आदि मौजूद थे।
 

वैज्ञानिकों नें छात्र-छात्राओं को रसायन विज्ञान की दी जानकारी

श्रीनगर गढ़वाल। ‘सोसाइटी ऑफ पॉल्यूशन इनवायरनमेंटल कंजरवेजशन सांइटिस्ट’  स्पैक्स  संस्था के तत्वाधान में चौरास में चल रहे तीन दिवसीय रसायन मेले के दूसरे दिन  चिल्ड्रन एकेडमी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संस्था के वैज्ञानिकों नें छात्र-छात्राओं को रसायन विज्ञान से संबंधित अनेक जानकारियां दी। रसायन मेले के अंतर्गत विद्यार्थियों के बीच कठपुतलियों के माध्यम से विज्ञान के संचार तौर तरीके प्रदर्शित किए गए।

देवी शंकर ने कठपुतलियों के माध्यम से विज्ञान नाटिका प्रस्तुत की। इस अवसर पर संस्था के वैज्ञानिक योगेश भट्ट नें चमत्कारों के पीछे के वैज्ञानिक सच से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने मुंह मे आग जलाकर, अग्नि भोज, चाकू से चांवल भरा लोटा उठाना, लोटे में पानी गायब करना, रस्सी से गांठ गायब करना जैसे जादू किए व  विद्यार्थियों के उसके पीछे के वैज्ञानिक  कारणों से रूबरू करवाया। मेले में विद्यार्थियों को मौसम व जलवायु विज्ञान से संबंधित उपकरणों जैसे वर्षामापी, तापमापी, दाबमापी आदि यंत्रों की जानकारी भी दी गई।

दसवीं कक्षा के बच्चों नें वर्ष में स्कूल कैंपस मे गिरने वाले बारिश के पानी की मात्रा को लीटर में नापना सीखा। छात्र-छात्राओं को जल संरक्षण के अनेक तरीके भी बताये गए। वहीं खाद्य पदाथों मे हो रही मिलावट की जांच के घरेलू तरीकों से भी अवगत कराया। इस अवसर पर संस्था के अजय जोशी, नरेश उप्रेती, बी० शंकर, मंजू चमोली, रक्षा नेगी व शशि कुकशाल, चेतना भट्ट आदि मौजूद थे।  
 

प्लेसमेंट के नाम पर छात्रों को गुमराह न करे विवि

श्रीनगर गढ़वाल। हेनब गढ़वाल केंद्रीय विवि के प्लेसमेंट सेल की निष्क्रियता पर छात्रमहासंघ अध्यक्ष शैलेस मलासी ने सेल को छात्रों को गुमराह न करने की बात कही है। प्रैस विज्ञप्ति मे मलासी ने कहा कि प्रत्येक साल एचएम व एमबीए टूरिज्म के छात्रों का प्लेसमेंट किया जाता है लेकिन अन्य डिपार्टमेंटों में प्लेसमेंट की कोई सूचना नहीं मिलती और न ही प्लेसमेंट होते हैं। उन्होने प्लेसमेंट सेल को आगाह करते हुए कहा कि विवि प्लेसमेंट की झूठी शाक बताना बंद करे।
 

ठेली एसोसिएशन की बैठक

हरिद्वार। खोखा पटरी ठेली एसोसिएशन की एक बैठक ललतारौ पुल के समीप सम्पन्न हुई। जिसकी अयक्षता मुकन्दीलाल कुकरेती व संचालन विमल कुमार ने किया। इस बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ललतारौ पुल खोखा लगभग 1986 से लगातार संघर्ष करता चला आ रहा है। जबकि हरिद्वार नगर पालिका बोर्ड की बैठक 31 नवम्बर 1992 के प्रस्ताव सं०-131० के मायम से ललतारौ पुल के साथ-साथ गंगा के पुल के पास जहां पर नगर पालिका के शौचालय हैं

वहां पर मकर वाहिनी के बाहर बनी दुकानों की तर्ज पर 25 और 12 फीट सडक़ दोनों ओर छोड़ते हुये दुकानें इन खोखाधारकों अपने व्यय से बनवा ले। तथा इन खोखोंधारकों को ही मासिक किराये पर आवंटित कर दी जाए। उक्त प्रस्ताव के तहत ही मौका मुआयना नगर पालिका के अवर अभियन्ता एमएन अग्रवाल व सरजू सिंह पाण्डे ने उक्त स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया तथा उक्त प्रस्ताव का अनुमोदन कर ऐसा करने के लिए अपनी सहमति दी। लेकिन अभी तक कोई किसी प्रकार का समाधान नहीं हो पाया।

जबकि शासन को भी कई बार पत्र द्वारा यहां के बारे में अवगत कराया। बैठक में  मुकन्दीलाल कुकरेती, संगीता रानी, सुनील कुमार कुकरेती, विमल कुमार सलाहाकार आरम डोभाल, महेन्द्र सिंह वर्मा, विजयपाल ठाकुर, मनोज कुमार, संजू, बाबूराम ;पालद्घ, अहमद, गजेन्द्र सिंह, कमल, फूलसिंह, देवेन्द्र कुमार, हिमांशु राजपूत, किरन देवी, कमला देवी, मुन्नी देवी, सुदामा कश्यप, रेखा देवी, नानकचन्द, ममता देवी, अमरनाथ, बलवीर सिंह, पुष्पा देवी, चम्पा देवी, किरनपाल, रिंकु, दुर्गा देवी, राजू आदि ने भाग लिया।
 

भाजपा की बैठक में चुनाव पर चर्चा

हरिद्वार। भाजपा की एक बैठक ब्रह्मपुरी में मास्टर शीशराम के निवास स्थान पर हुई। बैठक का संचालन चन्द्रकान्त पाण्डे व अध्यक्षता भाजपा की पूर्व वार्ड अध्यक्ष गिरिश डंडरियाल ने किया।  बैठक में सुनील कोरी ने कहा कि आने वाले नगर निगम के चुनाव में पार्षद का टिकट जमीन से जुड़े ईमानदार व्यक्ति को ही दिया जाए। गलत टिकट बंटवारा और गलत प्रत्याशी चयन करने से ही कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है और जिस कारण पार्टी हार जाती है।
 

उन्होंने कहा कि जल्द ही वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधि मण्डल वार्ड-6 का इस विषय पर अपने पार्टी के पदाधिकारियों से मिलेगा और वार्ड में हो रहे गुटबाजी के विषय पर भी चर्चा की जाएगी। टिकट उसी को दिया जाए जो वार्ड की जनता और कार्यकर्ताओं की सुने। पूर्व वार्ड अध्यक्ष ने कहा कि सभी कार्यकर्ता भाजपा के वफादार सिपाही है।  इसलिए जमीन से जुड़े एवं साफ छवि वाले ईमानदार कार्यकर्ता को टिकट वितरित किए जाएं। बैठक में पूर्व वार्ड अध्यक्ष सुनील कोरी, पूर्व वार्ड अध्यक्ष गिरिश, सुशान्त, श्याम सिंह, संजू, गोपाल कोरी, रवि कोरी, अभीजित बनर्जी, शम्भू पासवान, अजीत कुमार, चन्द्रकान्त पाण्डे, पवन पाण्डे, सुरेश कोरी, सहदेव, संजीत, गणेश बनर्जी, अमित कोरी, राजू भाई, हरीश मेहता, नरेश छिब्बर, यशपाल, मनोज, दिनेश मेहता, राहुल पाल, सुमित, गणेश किशन, अरूण मोहन, केशव दत्त, राहुल, सोनी पाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
 

कटान के लिए ले जा रहे बैल से भरे ट्रक को पुलिस ने पकड़ा

हरिद्वार। पुलिस ने मंगलवार को चैंकिग के दौरान कटान के लिए ले जा रहे बैल से भरे ट्रक को पकड़ा है। जिसमेंं करीब डेढ़ दर्जन बैल बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। आरएनएस को  प्राप्त जानकारी के अनुसार रोड़ीबेलवाला चौकी पुलिस दोपहर करीब 12 बजे चैंकिग में जुटी थी । तभी एक ट्रक यूपी 17 टी- ०566 तेज गति से आता नजर आया ।

जब पुलिस टीम ने उसको रोकने का इशारा किया तो ट्रक चालक ने ट्रक रोकने के बजाय वाहन को दौड़ा दिया। पुलिस को शक होने पर उसका पीछा करते हुए उसको कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया और तलाशी लेने पर ट्रक से 19 बैल पुलिस ने बरामद करते हुए चालक नफीस पुत्र बीरू निवासी बढ़ेडी राजपूतना हरिद्वार को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी चालक ने बताया कि वह बैल रूद्रप्रयाग से लेकर मुज्जफ्फरनगर बेचने के लिए ले जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेजते हुए बैलों को कांजी हाउस भेजने की तैयारी शुरू कर दी।
 

हादसों को न्यौता दे रहा क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग

रुद्रप्रयाग। गुप्तकाशी जाल मल्ला मोटर मार्ग की दयनीय स्थिति के चलते राहगीरों तथा वाहन चालकों को आवाजाही करने में खाशी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं, आलम यह है कि यह संकीर्ण तथा क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग कभी भी बड़े हादसों को न्यौता दे सकता है। कावल्ठा से पचास मीटर की दूरी पर स्थित मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से इस घातक स्थान पर  गत एक वर्ष के अन्तर्गत दो बड़ी घटनायें घट चुकी हैं, जिसमें दो व्यक्तियों की मौत हो चुकी हैं।

दरअसल गत वर्ष क्षेत्र में हुयी भयंकर भूस्खलन के कारण यह मोटर मार्ग जगह जगह क्षतिग्रस्त हुआ था, हांला कि कार्यदायी संस्था लोनिवि द्वारा इस मार्ग पर जगह- जगह मरम्मत का कार्य तो किया गया है लेकिन कावल्ठा के निकट मोटर मार्ग के आधा धंस जाने से यह जानलेवा बना है। स्थानीय लोगों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार इस स्थान के सुधारीकरण के लिए लोनिवि को अवगत कराये जाने के बाद विभागीय अधिकारी आंखे मूंद कर बैठे है। ज्ञात हो कि इसी मार्ग पर प्रसिद्घ सिद्घपीठ कालीमठ,कालीशिला,रूच्छमहादेव,चामुंडा माई सहित प्रसिद्घ खाम मनणी बुग्यालों क़ी सैर तथा दर्शन करने के लिये प्रतिदिन भक्तों की आवाजाही होती रहती है, साथ ही केदारनाथ कपाट खुलने के बाद इन स्थानो ंके दर्शन करने के लिये प्रतिदिन सैकड़ो की तादात में तीर्थयात्री तथा सैलानी  आते हैॅं, लेकिन मोटर मार्ग की दुखद स्थिति के चलते इस मार्ग पर सफर करना बड़ा कष्टप्रद हो रहा है।

कावल्ठा गांव से आगे जाल मल्ला तक का सफर दुखदायी बना है, आलम यह है कि वाहन चालक हिचकोले खाकर अपना सफर तय करते हैं। गुप्तकाशी जाल मल्ला मोटर मार्ग पर यात्रा करके सिद्घपीठ कालीमठ के दर पर मत्था टेकने के लिये प्रदेश के कई प्रतिष्ठित मुख्यमंत्री ,मंत्री, ंविधायक, आईएएस , पीसीएस अधिकारियेा ंसहित कई नामचीन हस्तियां लगातार आकर पुण्य अर्जित कर चुके हैं। लेकिन इस मोटर मार्ग के सुधारीकरण करने की दिशा में कोई पहल न किये जाने से क्षेत्रीय ग्रामीणों में रोष पनपने लगा है, जो कभी भी सडक़ पर फूट सकता है। जिपंस विन्दु देवी, क्षेपस कृपाल सिंह, प्रधान कालीमठ अव्वल सिंह , रामचन्द्र सिंह, पुष्कर सिंह, प्रेमा देवी, लक्ष्मणसिंह सत्कारी  सामाजिक कार्यकर्ता मदन तिंदोरी, पं० रमेश वेदपाठी , सुरेशानंद गौड़ आदि ने कहा कि लोनिवि यदि शीघ्र ही मोटर मार्ग के दुरूस्तीकरण की दिशा में कार्य नहीं करता है तो ंनिकट भविष्य में विभाग के विरूद्घ मोर्चा खोला जायेगा।
 

राज्य आंदोलनकारी की भूखहडताल जारी

रुद्रप्रयाग। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर वयोवृद्घ राज्य आंदोलनकारी जगतराम सेमवाल की भूखहडताल पांचवे दिन भी जारी रही। भूखहडताल के चलते उनके स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक उनकी भूखहडताल जारी रहेगी। विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत देवल के शिवालय मंदिर में भूखहडताल पर बैठे 84 वर्षीय वयोवृद्घ राज्य आंदोलनकारी जगतराम सेमवाल ने कहा कि जब तक उनकी आठ सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं हो जाता है, तब तक वे अपनी भूखहडताल जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा कर रही है और जो शासनादेश सरकार ने जारी किया था, उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें शीघ्र ही सरकार से न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह करने के लि मजबूर हो जाएंगे। धरना स्थल पर दयाराम सेमवाल, जितेन्द्र प्रसाद ममगाईं, जगदीश प्रसाद ममगाईं, शंभू प्रसाद उनियाल, पुरूषोत्तम दत्त उनियाल समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।
 

दो वर्ष से नही हो पाई सफाई कर्मचारी की तैनाती

रुद्रप्रयाग। तुंगनाथ यात्रा के मुख्य पडाव और तीस ग्राम सभाओं के केन्द्र बिन्दु चोपता बाजार में दो वर्ष से सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाई है। सफाई कर्मचारी की तैनाती न होने और बाजार में गंद्गी के अंबार लगे होने से बाजार की स्थिति दिन ब दिन बिगडती जा रही है और महामारी की संभावना बनी हुई है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए तुंगेश्वर व्यापार संघ और स्थानीय जनता ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र ही चोपता बाजार में सफाई कर्मचारी की तैनाती करने की मांग की है।
 

विदित हो कि चोपता बाजार में हजारों तीर्थ यात्री भगवान तुंगनाथ के दर्शन करने और सैनानी चोपता दुगलविटटा की हसीन वादियों में बर्फबारी का आनंद लेने जाते हैं, लेकिन चोपता बाजार में फैली गंद्गी से तीर्थ यात्रियों और सैनानियों को भारी दिक्कतों से जूझना पडता है। पूर्व में चोपता बाजार में जिला पंचायत ने सफाई कर्मचारी की तैनाती की थी, लेकिन दो वर्ष पूर्व जिला पंचायत ने बाजार से सफाई कर्मचारी हटा दिया। तब से आज तक चोपता में सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाई है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जिला पंचायत और स्वास्थ्य विभाग को बार-बार अवगत कराने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है और दोनों विभाग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे बाजार में गंद्गी के अंबार लगे हुए हैं। तीर्थ यात्रियों सैनानियों, स्थानीय व्यापारियों और जनता जनता का चलना चोपता बाजार में मुश्किल हो गया है। व्यापारियों  ने कहा कि यदि शीघ्र ही चोपता बाजार में सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाती है तो स्थानीय व्यापारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम करेंगे। ज्ञापन में अशोक कुमार, यसपाल, सुरेश, नवीन प्रकाश, दीपक समेत कईयों के हस्ताक्षर मौजूद थे।
 

छठी आर्थिक गणना को सम्पन्न कराने को अधिकारियों के सहयोग जरूरत

रूद्रप्रयाग। छठी आर्थिक गणना को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने में प्रगणकों, सुपरवाइजरों और चार्ज अधिकारियों का सजग रूप से सक्रिय सहयोग जरूरी हैं। यह बात जिला सभागार में आयोजित जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी जिलाधिकारी डॉ० ललित नारायण मिश्र ने कहीं, उन्होंने कहा कि आर्थिक गणना के अंतर्गत कृषि एवं बागवानी को छोडकर अन्य सभी आर्थिक गतिविधियों की गणना की जानी हैं। उन्होंने बताया कि सभी खण्ड विकास अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी नगरपालिका चार्ज अधिकारी शासन स्तर से नामित किए गए हैं।
 

अर्थ एवं संख्याधिकारी अनुपम द्विवेदी ने कहा कि आर्थिक गणना से आशय एक इकाई/प्रतिष्ठान से है जो एक स्थान विशेष पर अवस्थित हों और आर्थिक गतिविधि का संचालन करते हुए कुछ भाग का विक्रय भी करते हैं। यह कार्य संपूर्ण देश में जून,2०13 तक पूर्ण किया जाना हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक गणना विकास को स्थायी गति व दिशा देने, योजनाओं को निर्माण हेतु वैज्ञानिक आधार प्रस्तुत करने, सरकारी एवं निजी क्षेत्र के उद्यमों हेतु नवनीतियों का निर्धारण करने तथा विकास कार्यक्रमों की जन-जन पहुंच तक को मापने का एक आधार प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि रूदप्रयाग में कुल 777 प्रगणक खण्ड हैं जिनके लिए 259 प्रगणकों की नियुक्ति की गई हैं। इसके सापेक्ष 13० सुपरवाइजर तथा ०4 चार्ज अधिकारी नामित हैं। इनमें अगस्त्यमुनि में 328 प्रगणक खण्डों के सापेक्ष 1०9 प्रगणक एवं 54 सुपरवाइजर तथा ऊखीमठ में 277 प्रगणक खण्डों में से 92 प्रगणक व 46 सुपरवाइजर जबकि जखोली में 153 प्रगणक खण्ड के सापेक्ष 51 प्रगणक व 26 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, साथ ही नगर पालिका रूद्रप्रयाग एवं केदारनाथ में 19 प्रगणक खण्डों से ०7 प्रगणक व ०4 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। 
 

प्रशिक्षण में डॉ$ अमित शुक्ला ने बताया कि आर्थिक गणना द्वारा सरकारी, अद्र्घसरकारी एवं निजि क्षेत्र में कार्यरत इकाइयों की संख्या तथा उनके द्वारा सृजित रोजगार, निवेश आदि से संबंधित आंकडो का संग्रह किया जाएगा जो भविष्य की नीतियों का आधार बनेगा। इसके माध्यम से सरकार जहां एक ओर प्रभावी नीतियों का निर्धारण करने में अग्रसर होगी वहीं दूसरी ओर इसका उपयोग आर्थिक नियोजन हेतु भी किया जा सकेगा। अर्थ एवं संख्याधिकारी निर्मल कुमार शाह ने कहा कि आर्थिक गणना हेतु प्रगणकों का कार्य बेरोजगार युवाओं के माध्यम से कराया जा रहा हैं, जिसके लिए उन्हें ग्रामीण क्षेत्र 15००/-रू व शहरी क्षेत्र हेतु 21००/-रू मानदेय प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही 13वें विता के अंतर्गत बिजनेंस रजिस्टर का भी सर्वेक्षण कार्य कराया जा रहा हैं। मुख्य विकास अधिकारी पी०सी० तिवारी ने नागरिको से अनुरोध करते हुए कहा हैं कि वे प्रगणकों को अपने उद्यम का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराते हुए वांछित सूचनांए देकर राष्ट्रीय महत्व के कार्यं में सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर सभी चार्ज अधिकारी व इससे जुडे कार्मिक उपस्थित थे।
 

कौथिग का समापन

रुद्रप्रयाग। मायानगरी मुम्बई में आयोजित पांच दिवसीय कौथिग का कमलव्यूह मंचन के साथ समापन हो गया है। इस मौके पर श्रीनगर गढ़वाल की शैलनट संस्था के कमलव्यूह और नंदा देवी राजजात की प्रस्तुति का प्रवासियों ने देर रात तक लुत्फ उठाया। साथ ही उत्तराखंडी लोकगीतों पर प्रवासी थिरकने पर मजबूर हो गए। मुम्बई के नेरूल रामलीला ग्राउंड में आयोजित कौथिग के समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरीष दुर्गापाल, विधायक सुबोध उनियाल और बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेष गोदियाल ने अपने उैोधन में पहाड़ की संस्कृति को जीवंत रखने में प्रवासियों के योगदान की सराहना की।

विधायकों ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रवासियों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रवासी अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं, जो सबसे बड़ी बात है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष माणिक राव ठाकरे, पालक मंत्री गणेष नाईक ने भी समारोह में षिरकत की। उन्होंने कौथिग समिति से इस वर्ष उत्तराखं में आयोजित होने वाली नंदा देवी राजजात में शामिल होने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि प्रवासियों की सहायता के लिए वे हमेषा तत्पर रहेंगे। इस मौके पर पर्यटन मंत्री अमृता रावत के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे चंदन सिंह बिष्ट ने कौथिग के लिए पर्यटन मंत्री की ओर से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
 

आर्ट डायरेक्टर गणेष सनवाल ने कैबिनेट मंत्री अमृता रावत का घोषणा पत्र पढ़ा और कहा कि राज्य सरकार ने प्रवासियों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष व्यापक स्तर पर कौथिग का आयोजन किया जाएगा। श्री सनवाल ने कहा कि प्रवासी अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं। पहाड़ में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों से प्रवासियों को रूबरू कराना ही कौथिग समिति का मकसद है। इस मौके पर ाफल्म अभिनेता सुधीर पांडे, कौथिग समिति के अध्यक्ष योगेष्वर शर्मा, महासचिव केषर सिंह बिष्ट, उद्योगपति मोहन काला एवं केएस पंवार समेत बड़ी संख्या मेें प्रवासी मौजूद थे।
 

अंतरिक्ष प्रौद्यौगिकी कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने शिरकत की

रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष उपयोग केन्द्र विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी विभाग के तत्वाधान में राइका गुप्तकाशी में आयोजित एक दिवसीय विकेन्द्रीकृत नियोजन हेतुु अंतरिक्ष प्रौद्यौगिकी कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने शिरकत करके विज्ञान की उपलब्धियोंं के बारे में अवगत किया। कार्यशाला की मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक शैला रावत ने कहा कि क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के मध्यनजर नीति नियंताओं को चाहिये कि एसी कमरो ंमें बैठकर वे योजनाओं का क्रियान्वनयन तथा संचालन न करें, ूल्कि जिस क्षेत्र के लिये वे योजनाये ंतैयार कर रहे हैं क्षेत्र की वस्तुस्थिति के मध्यनजर क्षेत्र का निरीक्षण करके ही संचालित करें।

श्रीमती रावत ने कहा कि क्षेत्रीय संसाधनो को सुनियोजित तरीके से नियोजित करके उनका लाभ अर्जन करना चाहिये। कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे लाभकारी कार्यशालाओं का समय समय पर आयोजन करना चाहिये। इस दौरान श्रीमती रावत ने विद्यालय के फर्नीचर के लिये एक लाख रूपये देने की घोषणा भी की। विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी विभाग के निदेशक डां0 एमएन किमोठी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति के चलते यहां पर समय समय पर भूकम्प तथा भूस्खलन से पहाडि़यां दरकती रहती हेैं, उन्होने कहा कि सेटेलाइट से ली गयी विकासखंड उखीमठ की तश्वीर का गणितीय आंकलन करने के बाद यह सिद्घ होता है, कि यहां की पहाडि़यां कमजोर हैं।

वैज्ञानिक संभावित भूस्खलन तथा भूकम्प के खतरो से आगाह करने सम्बन्धी उपकरणों को ईजाद कर रहे हैं। इसरो के वैज्ञानिक डां0 प्रमोद कुमार, डां0 पीयुष गुन्ता ,डां0 स्तुति ,डां0 सुषमा गैरोला, प्रशासनिक अधिकारी अनुराग मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नामित नोडल एजेंंसी है, जिसमें प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आपदा प्रबन्धन ग्राम्य विकास एवं ई गर्वेनेन्स आदि के क्षेत्र में में राज्य को समृद्घ एवं विकसित बनाये जाने के उददेश्य से केन्द्र की स्थापना की गयी है। कहा कि केन्द्र द्वारा समन्वयित प्रयासों से प्रदेश के विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों संबंन्धी समुचित आंकड़ो का सृजन करना है, कहा कि प्रदेश की जल सम्पदा, खनिज, वन एवं कृषि सम्पदा, मृदा भू उपयोगिता एवं नगरीय संरचना सम्बन्धी अध्ययन किया जा रहा है। उन्होने छात्रों को भी वैज्ञानिक बनने के लिये सम्बन्धित शिक्षा पर भी जोर दिया।

पूर्व सदस्य पर्वतीय विकास परिषद डां0आशुतोष किमोठी ने कहा कि विभाग द्वारा कार्यशाला के ेिलये राइका गुप्तकाशी को ही चुना जाना सौभाग्यशाली है। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रमुख उखीमठ फतेसिंह रावत ने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की कार्यशाला का आयोजन होना क्षेत्र के लिये गैारव की बात है, उन्होने कहा कि विज्ञान तथा वैज्ञानिकों के द्वारा ही देश निरंतर विकास की ओर उन्मुख हो रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी एवं प्रधानाचार्य कलम सिंह राणा ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुये विद्यालय की उपलब्धियों के बारे में सभी को अवगत कराया , श्री राणा ने कहा कि विद्यालय के छात्रों द्वारा संस्कृत भाषा को बढावा देने के लिये संस्कृत भाषा में वाद विवाद किया जाता है। 

प्रधानाचार्य राइका फाटा पीएन पाण्डेय ने कहा कि छात्रों को अनुशासन में रहकर गुरूजनों के आदेशों का पालन करना चाहिये। इस अवसर पर जिपंस उर्मिला बहुगुणा, प्रधान संगठन के जिेलाध्यक्ष विक्रम नेगी, क्षेत्रीय अधिकारी वन पूरन असवाल पीटीए अध्यक्ष माधव कर्नाटकी, होली हिमालया की चैयरपर्सन सुश्री लता, रश्मि नेगी, गंगोत्री राणा, कुंवरी बत्र्वाल, प्रधानाचार्य नारायणकोटी डीएस जग्वाण, प्रेमपाल सिंह, पूर्णानंद पाण्डेय, केएस राणा, आर डिमरी, एस नेगी, डीएस नेगी, पंकज भटृ, पीके बगवाडी, सुशील खंडूड़ी, अशोक असवाल ,  कृष्णा राणा , निर्मला मैठाणी, सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे। कार्यशाला का शुभारम्भ बाल पंडित आयुष चौहान द्वारा 15 श्लोकी गीता पाठ किया गया। साथ ही अतिथियों ने दीपप्रज्जवलित करके कार्यशाला का प्रारम्भ किया।
 

रुद्रपुर भाजपा नगर मंडल का विस्तार

रुद्रपुर। भाजपा नगर मंडल अघ्यक्ष सत्यप्रकाश चौहान ने प्रदेश नेतृत्व की संस्तुति पर जिले एवं नगर के पदाधिाकारियों तथा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श एवं सहमति से नगर के सभी वर्गों और क्षेत्रें से कार्यकर्ताओं को लेकर भाजपा रूद्रपुर नगर कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गयी है। उन्होने राकेश गंभीर,चन्द्रसेन को महामंत्री, राकेश सिंह, तरूण दत्ता, राजीव साहनी, फुदेना साहनी को उपाधयक्ष, महेन्द्री शर्मा, मुन्नी देवी, श्रीमती देवी मण्डल, सुरेश शर्मा नगर मंत्र्ी तथा ताराचन्द्र अग्रवाल को कोषाधयक्ष बनाया गया है।

उन्होने बताया कि कार्यकारिणी में  सावित्र्ी देवी, दीनू साना, प्रेमपाल गंगवार, रविन्द्र राय, राकेश कुमार सिंह, मालदेई, मनीष गुप्ता, पिन्टू पाल, शकुन्तला देवी, आत्मा राम, महेश कोली, चन्द्रसेन चन्दा,भगवान देई, कमलेश पाल, बन्टी राजोरिया, रजनीश ग्रोवर, राजेश ग्रोवर, जितेन्द्र सागर, सावित्र्ी प्रजापति, राजेश रस्तोगी, पुष्ठपा साह, विमल राय, कमला सतवाल, नन्दलाल शर्मा, सुरजीत चौधरी, वीना राणा और आशा मुंजाल को शामिल किया है। विधायक राजकुमार ठुकराल , सुभाष चर्तुवेदी, केके दास, उत्तम दत्ता, डा. रणजीत सिंह गिल, चुन्नी लाल कोली, वेद ठुकराल, घनश्याम श्यामपुरिया, मधुराय, मुंशीराम गोयल को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। उन्होने बताया कि ललित लौहनी पहले ही जिला प्रतिनिधि चुन लिये गये है।
 

जुलूस-ए-मौहम्मदी इंतजामिया कमेटी ने शासन-प्रशासन का शुक्रिया अदा किया

काशीपुर। जुलूस-ए-मौहम्मदी इंतजामिया कमेटी ने शासन-प्रशासन   व नगर पालिका का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया है। जुलूस-ए-मौहम्मदी  के जनरल सैकेट्र्री शफीक अहमद अंसारी ने जुलूस में बढ़चढक़र हिस्सा लेने वाले सभी समुदाय व गणमान्य लोगों के साथ-साथ हर मुहल्ले की अंजुमनों कमेटियों का भी शुक्रिया अदा किया है।
 

ई-केयर सॉल्यूशन सिस्टम का शुभारंभ

रुद्रपुर। मॉडल कालोनी स्थित कोलम्बस पब्लिक स्कूल ने अपनी शिक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए विद्यालय में ई-केयर सॉल्यूशन सिस्टम का शुभारंभ विद्यालय के महानिदेशक केसरदास खेड़ा ने विधिवत रूप से किया। इस दौरान प्रधानाचार्य अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि गणवत्तायुक्त शिक्षा हेतु स्कूल के शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच मजबूत संवाद कायम करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया गया है।

इसका संचालन नोएडा की एक कंपनी फ्रांसिसकैन सॉल्यूशन सिस्टम के साथ विद्यालय ने करार किया है। जिसके तहत समस्त जानकारियों नियमित रूप से विद्यालय की नवसृजित वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट सीपीएसरुद्रपुर डॉट कॉम में उपलब्ध होगी। उन्होंने ने बताया कि इस नई तकनीक के तहत प्रत्येक क्लास के शिक्षण कार्य और होमवर्क को ऑनलाइन किया जा रहा है। साथ ई-केयर सॉल्यूशन सिस्टम के अंतर्गत विद्यालय में एम-एजुकेशन यानि मोबाइल की भी सहारा लिया जा सकता है। विद्यालय के निदेशक मोहन ने कहा कि आज के सूचना क्रांति के युग में विद्यालय में ई-केयर सॉल्यूशन सिस्टम अति महत्वपूर्ण है। कहा कि यह सेवा विद्यालय एवं शैक्षणिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

स्प्रिंग फैस्ट समारोह आयोजित

रुद्रपुर। दा आक्सफोर्ड अकादमीे में स्प्रिंग फैस्ट समारोह आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा सर्वप्रथम गणेशस विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

जिसमें गणेश वंदना के साथ उत्तराखण्ड, बंगाल एवं पंजाब सम्पूर्ण भारत की संस्कृति एवं कला को जीवंत बनाने हुए सीनियर कक्षा ९ एवं कक्षा ११ की छात्राओं ने बंगाली नृत्य किया एवं छोटे बच्चों ने कुमाऊंनी एवं गढ़वाली नृत्य प्रस्तुति द्वारा रंगमंच पर ही पर्वतीय सभयता का प्रतिबिम्ब प्रस्तुत किया। जिसे देखकर सभी मंत्रमुग्ध हुए। समस्त राज्यों के शास्त्रीय नृत्यों का प्रदर्शन कक्षा१० एवं १२ की छात्राओं द्वारा फील इण्डियश फयूजन नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा छात्राओं द्वारा रुद्रपुर की जान पंजाबी शान विषय को ध्यान में रखते हुए धमाकेदार पंजाबी गिद्दा एवं भांगड़ा छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किया।

वहीं विधायक राजकुमार ठुकराल ने सभी बच्चों को हौसला अफजाई करते हुए छात्र-छात्राओं समेत स्कूल प्रबंधन व शिक्षकों को कार्यक्रम की बधाई दी। साथ ही स्कूल में विभिन्न प्रकार के खाने पीने के स्टाल भी लगाये गये तथा लक्की ड्रा भी निकाले गये। इससे पूर्व प्रधानाचार्या स्वाती जोशी ने अतिथियों का बुकें भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान रोहताश बत्रा, एएल जिंदल, जीएस पांगती, डॉ. एके राणा, जेके बाम्बा, विकास बत्रा, मदन लाल जिंदल, डा. रविन्द्र आहुजा समेत अनेक लोग मौजूद थे।
 

अश्लील फोटो खींचने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग

रुद्रपुर। युवती को बहला फुसला कर ले जाने वालों व उसकी अश्लील फोटो खींचने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने एसएसपी का घेराव किया। इस दौरान उन्होने कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये। सोमवार को बार एसोसिएशन के अघ्यक्ष एमपी तिवारी के नेतृत्व में युवती के परिजन व अधिवक्तागढ़ एसएसपी कार्यालय पहुंचे।

जहां उन्होने एसएसपी अनंत शेकर ताकवाले का घेराच किया। युवती के परिजनो ने एसएसपी को बताया कि घटना के १५ दिन बाद भी पुलिस अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ है। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद है और खुले आम घूम रहे हैं। उन्होने एसएसपी को यह भी बताया कि जो कशिश नाम का युवक युवती को बैठाकर ले गया था। उसके बाद वहां पर मुकंद व सौरभ भी पहुंच गये थे। बाद में पवन व नवीन चाचू भी आ गया। उसने उसकी अश्लील फोटो भी खीची है। उनका कहना था कि पुलिस ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। उन्होने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई है। एसएसपी से मिलने वालों में भूपेन्द्र सिंह, आरडी मजुमदार,सपन सरकार,नवीन रजवार,दिवाकर पांडे,दलजीत सिंह,नवीन चंदोला,जयंत दास,प्रियजीत राय समेत कई लोग शामिल थे।
 

रानीखेत को जिला बनाये जाने को बैठक

रानीखेत। अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में आयोजित बैठक में घोषित रानीखेत जिले का गठन नहीं किए जाने पर कडा आक्रोश जताया गया। तय किया गया कि जिले के लिए पुन: आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिसमें क्षेत्र के समस्त जन संगठनों व क्षेत्रवासियों से सहयोग मांगा जाएगा। अधिवक्ता संघ कक्ष में आयोजित बैठक में विभिन्न जन संगठनों के सदस्यों व नागरिकों ने भाग लिया।

वक्ताओं ने जिले के लिए किए गए लंबे संघर्ष पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले क्षेत्रवासियों ने गत वर्ष आंदोलन चलाया था। जिसके बाद 15 अगस्त को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रानीखेत सहित चार नए जिलों की घोषणा की। लेकिन इसके बावजूद आज तक जिला अस्तित्व में नहीं आ सका। जिससे क्षेत्रवासी अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। बैठक में तय किया गया कि अब जिले के लिए पुन: आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिसमें क्षेत्र के सभी जन संगठनों व नागरिकों से सहयोग मांगा जाएगा। बैठक की अध्यक्षता प्रमोद पांडे व संचालन ललित पपनै ने किया। बैठक में छावनी परिषद उपाध्यक्ष हेम चंद्र चौधरी सहित नगर के कई लोग उपस्थित थे।
 

नदियों को चुगान के लिए खोलने की मांग

कोटद्वार। खोह, मालन व सुखरो नदियों को चुगान के लिए खोलने की मांग को लेकर आंदोलनरत रेत, बजरी व पत्थर व्यवसायी व मजदूर यूनियन ने सोमवार को नगर में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित कर क्षेत्र की समस्त नदियों को चुगान के लिए खोलने की मांग उठाई गई। रेत, बजरी व पत्थर व्यवसायी व मजदूर यूनियन से जुड़े क्षेत्र के समस्त रेत, बजरी व्यवसायी सोमवार को यहां मोटर नगर में एकत्र हुए, जहां से उन्होंने नगर में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया।

जुलूस नगर के मुख्य मार्गो नजीबाबाद चौक, झंडाचौक, बद्रीनाथ मार्ग होते हुए तहसील परिसर पहुंचकर सभा में तब्दील हुआ। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने मालन, सुखरो, खोह सहित क्षेत्र की अन्य नदियों को चुगान के लिए खोलने की मांग उठाई। कहा कि व्यसायी विगत लंबे समय से नदियों को चुगान के लिए खोलने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके शासन-प्रशासन स्तर से अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। इस मौके पर बाहरी क्षेत्र से वाहनों में मानक से अधिक रेत-बजरी लाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग भी उठाई गई। कहा गया कि चुगान पर प्रतिबंध के चलते रेत, बजरी व्यवसायियों का व्यवसाय चौपट हो गया है और उन्हें आर्थिक कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  इस मौके पर इस मौके पर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में क्षेत्र की समस्त नदियों को चुगान के लिए खोलने की मांग उठाई गई।

साथ ही १५ दिनों के भीतर मांग का निराकरण न होने की दशा में उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी गई।  संगठन के अध्यक्ष भाष्कर बड़थ्वाल के नेतृत्व में जुलूस प्रदर्शन करने वालों में संतोष कुमार, विक्रम सिंह, प्रमोद डोबरियाल, चंद्रमोहन सिंह नेगी, महेंद्रपाल प्रजापति, सर्वेश, अशोक कुमार, रामगोपाल प्रजापति, आशीष सुंद्रियाल, संदीप, राजेश कुमार, आलोक गढ़वाली, अशोक प्रजापति, संतोष डोबरियाल, राजकुमार, तोताराम, नितिन कुमार, हरिशंकर सहित बड़ी संख्या में खनन व्यवसायी शामिल रहे। वही राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस की नगर इकाई की बैठक में क्षेत्र के आंदोलनरत रेता, बजरी व्यापारियों के आंदोलन का समर्थन किया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जनहित में सरकार को नदियों को चुगान के लिए खोलना चाहिए। नगर अध्यक्ष संदीप गुसांई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष अनूप बिष्ट, नगर उपाध्यक्ष संजय काला, गढ़वाल सचिव पंकज भट्ट, नगर सचिव पंकज बहुखंडी आदि ने विचार रखे।
 

संरक्षण के अभाव में चोरा विलुप्ती के कगार में

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड हिमालय में उच्च शिखरीय भू-भागों व वन झालरों के आस-पास केदारनाथ, फूलों की घाटी व बद्रीनाथ जैसे स्थानों पर पाये जाने वाले चोरा(चोरू) संरक्षण के अभाव में अपने  प्राकृतिक वास से विलुप्त होने की कगार  पर है। मानव शरीर के अनेक रोगों व विकारों को दूर करने वाला यह औषधीय पादप अब देखना तक दूभर हो गया है। दयारा, बागची बुग्याल, पिंडारी, मुनिस्यारी नीति वैली में २७००-३४०० मी० की ऊंचाई पर यह औषधीय पादप  भोजपत्र वनों में नमी तथा छायादार ढलानों पर पाया जाता है।

बहुवर्षीय एवं   तीन से आठ फीट ऊंचे इस संगध पादप चोरा को व्यापार जगत में गंदरायन के नाम से तथा वनस्पति जगत में अंजलिका ग्लूका नाम से जाना जाता है। भारतीय हिमालयरी क्षेत्रों में इस बहुमूल्य औषधीय पादप की तीन प्रकार की प्रजातियां अंजलिका ग्लूका, आरचेनजीलिका तथा नूबीजीना ही पाई गई हैं जिनमें पहली प्रजाति सबसे ज्यादा उपयोगी तथा महत्वपूर्ण है। प्रकृति में इसके बीजों का कम जमाव होना, जड़ों का अत्यधिक दोहन  तथा कृषिकरण के अभाव मे चोरा के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। स्थानीय  बाजार में इसकी सूखी जड़ो की कीमत १००-१४० रूपये तक है। पहाड़ी क्षेत्रो के लोग इसे मसाले के घटक के रूप मे बाजार में बेचते हैं। औषधीय पादप आर्चा अनेक रोगो के निराकरण मे औषधी के काम आता है।

  इसकी जड़ें की पेट की बीमारियों में खासकर गैस्ट्रिक, अग्निमंदता, भूख न लगने कब्ज मिटाने के साथ-साथ घावों तथा जठर पीड़ा में दवाई के रूप में उपयोग की जाती है। इसके अलावा पिसी हुई जड़ों को पानी में मिलाकर बच्चों के उदर विकारों में पिलाया जाता है। साथ ही जड़ों का उपयोग मदिरा और मिठाई को सुगंधित करने के साथ-साथ केक सजावट हेतु मिश्री बनाए जाने हेतु किया जाता है। इसकी पत्तियां व तना भी उद्यीपन, उत्तेजक व उदर विकारों के लिए उपयोगी हैं। इसकी जड़ों में उडऩशील तेल, वेलेरिक अम्ल व एंजीलिसीन लीसा होता है। गढ़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप शोध केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ० विजयकांत पुरोहित ने आरएनएस को बताया कि चोरा के लार्ज स्केल प्रोपेगेशन, मल्टीलोकेशन, कृषिकरण ट्रायल तथा टिश्यूकल्चर तकनीक विकसित करने पर  शोध के साथ-साथ चोरा के अधिक से अधिक पौध तैयार किए जा रहे हैं जिससे कास्तकारों को इसकी पौधरोपण के लिए आसानी से उपलब्ध हो सके। चमोली जिले के घेष गांव के जड़ी-बूटी काश्तकार कैप्टन केशर सिंह बिष्ट कहते हैं कि पहले जंगलों में चोरा आसानी से मिल जाता था लेकिन अब अवैज्ञानिक तरीके से दोहन होने के कारण प्राकृतिक  बदलावों की वजह से चोरा उत्पादन में काफी कमी आ गई है। अभी तक उत्तराखण्ड के कुछ ही उच्च हिमालयी गांवों में चंद काश्तकारों द्वारा इसका आवश्यकतानुसार रोपण किया गया है।
 

पेयजल समस्या को लेकर अपर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

गोपेश्वर। चरबंग के ग्रामीणों ने पेयजल समस्या को लेकर अपर जिलाधिकारी संजय कुमार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि विकासखंड घाट के ग्राम पंचायत चरबंग की दो पेयजल योजनाएं 1995 में जल निगम की ओर से बनाई गई। इसका स्रोत ग्राम सभाल्वाणी के अंतर्गत किया गया।

उन्होंने बताया कि दिसंबर 2०12 तक इन योजनाओं पर सुचारु रूप से पानी भी चला, मगर दिसंबर में ल्वाणी के ग्रामीणों ने दोनों पेयजल योजनाओं को पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन से पहले भी शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद जल संस्थान व तहसील के अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों पेयजल योजनाओं को जोडक़र पानी सुचारु किया गया मगर 22 जनवरी 2०13 को फिर यह पेयजल योजनायें क्षतिग्रस्त कर दी गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पीने के पानी के लिए यह दो ही पेयजल योजना हैं। इसके अलावा कोई अन्य योजना गांव को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही क्षतिग्रस्त पेयजल योजनायें न सुधारी गई तो वह जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन दाताओं में जिला पंचायत सदस्य खिलाफ सिंह बिष्ट, प्रधान राकेश फस्र्वाण, रघुवीर सिंह, राय सिंह, दिगंबर सिंह, विक्रम सिंह, महिपाल सिंह, तीरथ सिंह, हीरा सिंह आदि शामिल थे।

आकाशवाणी केंद्र की आवासीय कालोनी की दीवार तोड़ अवैध तरीके से मकान बनाना शुरू

उत्तरकाशी। सरकारी भूमि पर ऊंची पहुंच वाले एक व्यक्ति का मन डोल गया है। उसने आकाशवाणी केंद्र की आवासीय कालोनी की दीवार तोड़ कर कालोनी के भीतर ही मकान बनाना शुरू कर दिया। करीब पंद्रह दिन के भीतर ही मकान का ढांचा तैयार किया गया है। आकाशवाणी केंद्र के कर्मचारी पहले ही इसकी सूचना पुलिस के साथ ही प्रशासन को भी दे चुके थे, लेकिन प्रशासन भी रुतबे के सामने मौन है।
 

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में लदाड़ी स्थित आकाशवाणी केंद्र की कालोनी में यह मामला सामने आया है। हुआ यह कि बीते कुछ दिनों से कालोनी में एक शख्स ने पहले एक ओर से सुरक्षा दीवार तोड़ डाली। उसके बाद दीवार के अंदर कालोनी की जमीन पर ईट, सरिया, सीमेंट, लकड़ी व पत्थर आदि पहुंचाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही नींव खोदकर मकान बनाना भी शुरू कर दिया। यह काम इतनी तेजी से किया गया कि मकान का पूरा ढांचा खड़ा कर लिया है। केंद्र के कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, लेकिन अतिक्रमणकारी ने ऊंचे रसूख का हवाला देते विरोध को अनदेखा कर दिया। जबकि स्थानीय प्रशासन भी इस मामले में पूरी तरह मौन है। आकाशवाणी केंद्र के सहायक अभियंता हेमंत द्विवेदी ने बताया कि विभाग की ओर से अतिक्रमण और बदसलूकी को लेकर पुलिस विभाग समेत जिला प्रशासन से भी गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन सुनवाई कोई नहीं कर रहा है। आकाशवाणी रेडियो कालोनी में रह रहे कर्मचारियों की मानें तो अतिक्रमण कर रहे लोगों के हौसले काफी बुलंद है और वे धड़ल्ले से टूटी हुई दीवार के रास्ते निर्माण कार्य जारी हैं।
 

लदाड़ी क्षेत्र में विकास भवन सहित अन्य सरकारी दफ्तरों व आवासीय व्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहित की गई है। कई मामलों में अब भी अधिग्रहण को लेकर स्थिति साफ न होने से विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। हालांकि आकाशवाणी केंद्र की कालोनी 25 वर्ष पहले बन चुकी थी। जो विकास भवन व अन्य सरकारी इमारतों से कहीं पुरानी है। पहले भी इस कालोनी में भूमि संबंधी विवाद नहीं देखा गया है। प्रभारी जिलाधिकारी  ललित मोहन रयाल ने आरएनएस को बताया कि आकाशवाणी केंद्र कालोनी के संबंध में स्थानीय पटवारी से रिपोर्ट मांगी जा रही है और अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
 

विनोग सेंचुरी के तहत ईको सेंसटिव पार्क जोन घोषित करने का विरोध

मसूरी। कैम्प्टी क्षेत्र के लगभग 15० गांव को सरकार ने विनोग सेंचुरी के तहत ईको सेंसटिव पार्क जोन घोषित किया है। सरकार के इस फैसले से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी। इस संबंध में कैम्पटी में स्थानीय ग्रामीणों ने बैठक की।

इसमें सरकार के कैम्प्टी क्षेत्र सहित अगलाड़ घाटी के लगभग 15० गांवों को वन विभाग के विनोग सेंचुरी के तहत ईको सेंसटिव पार्क जोन में घोषित किए जाने का विरोध किया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र को वन जीव विहार जैसे दायरे में लाये जाने से स्थानीय लोगों की कृषि, पशुपालन व अन्य गतिविधियों सहित आजीविका प्रभावित होगी। इस मौके पर क्षेत्र की जनता ने एक समिति का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष राजेश नौटियाल, उपाध्यक्ष आनंद सिंह, नरेश, गोविन्द सिंह, सचिव जयपाल राणा, अनिल नौटियाल, कमल सिंह, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह रावत, सिकंदर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद नौटियाल, संरक्षक जिला पंचायत सदस्य रेखा डंगवाल, किशन सिंह, महिपाल सिंह को चुना गया। नव निर्वाचित अध्यक्ष राजेश नौटियाल का कहना है कि पहले से क्षेत्र को प्राधिकरण में रखा गया और अब विनोग संच्चुरी के दायरे में लाए जाना जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
 

धस्माना का तीर्थनगरी में किया स्वागत

हरिद्वार। जयपुर में हुए कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद हरिद्वार पहुंचने पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष व समाजसेवी सूर्यकांत धस्माना का कांग्रेसियों ने राजकीय अतिथि गृह में स्वागत किया। इस अवसर पर धस्माना ने कहा कि राहुल गांधी के उपाध्यक्ष बनने के साथ ही सरकार सहित कांग्रेस कमेटियों में युवाओं की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा निर्धारित होगी।

चिंतन शिविर के दौरान राहुल गांधी के दिये गये अभिभाषण का स्वागत करते हुए धस्माना ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में आने वाले भविष्य में कांग्रेस और मजबूत होगी। क्योंकि कांग्रेस का भविष्य अब युवाओं के हाथों में निर्भर है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा केन्द्र के एक मंत्री को एक प्रदेश विधान सभा के एक मंत्री को एक जिले की जिम्मेदारी का कांग्रेस स्वागत करती हैं। इतना ही नहीं राहुल गांधी द्वारा प्रदेश व जिलाध्यक्षों द्वारा चुनाव न लडऩे तथा चुनाव लड़ाने व अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का फैसले का सभी कांग्रेसी स्वागत करते हैं और कांग्रेस आने वाले समय में इन नीतियों पर चलकर और मजबूत होगी। जिसका असर आने वाले २०१४ के लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।

इतना ही २०१४ की केन्द्र सरकार में राहुल गांधी के नेतृत्व में भागीदारी होगी। वहीं भाजपा द्वारा नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पेश किये जाने की संभावनाओं से दरकिनार से दरकिनार करते हुए धस्माना ने कहा कि राहुल गांधी और नरेन्द्र मोदी का कोई मेल नहीं है। क्योंकि नरेन्द्र मोदी एक राज्य के नेता है। जबकि युवराज राहुल गांधी पूरे देश के नेता है। उनके कंधों पर देश की कमान है। जबकि नरेन्द्र मोदी प्रदेश की कमान भी सही ढंग से नहीं चला सकते। वहीं उत्तराखण्ड सरकार का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के विकास सहित हरिद्वार के उत्थान को लेकर उनके द्वारा जल्द ही मुख्यमंत्री से बातचीत की आशा हरिद्वार कांग्रेसियों को दी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के कांग्रेसी उत्तराखण्ड राजनीति में एक अहम भूमिका निभाते हैं। इतना ही नहीं हरिद्वार के तमाम कांग्रेसी नेताओं को प्रदेश कमेटी में भागीदारी निभा रहे है। स्वागत करने वालों में रामविशाल देव, ठाकुर रतन सिंह, ओ०पी० चौहान, संतोष चौहान, जगधीर सिंह, गुलबहार खान, आदि उपस्थित थे।
 

कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित

डोईवाला। राष्ट्रीय राजीव गांधी सेना द्वारा डोईवाला में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि की भूमिका  केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत ने निभायी। सम्मेलन में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन में भाजपा व बसपा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्या ग्रहण की। सम्मेलन में क्षेत्र के गरीब, असहाय लोगों को मुख्य अतिथि ने कम्बल वितरीत किए। इस अवसर पर श्री रावत ने कहा कि केंद्र सरकार गरीब व असहाय लोगों के विकास के लिए कटिबद्ध है।
 

डोईवाला स्थित शक्ति भवन में राष्ट्रीय राजीव गांधी सेना द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी ने की व संचालन विकास चौहान ने किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि की भूमिका केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत ने निभायी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि हरीश रावत ने अपने संबोधन में कहा कि गरीब व असहायो के उत्थान व विकास के लिए केंद्र सरकार संकल्पबद्ध है। सभी वर्गो व सभी जगाहों पर क्षेत्र में ही प्राथमिकता के आधार पर आम जनमानस का विकास होगा व सभी आवश्यकता के आधार पर राहत मुहैया करायी जायेगी। श्री रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सर्व हिताये के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कि है, जिसमें कार्यकर्ताओं कि जिम्मेदारी बनती है कि सरकार की नीतियों व उपलब्धियों को आम जनमानस तक पहुंचाकर उनको लाभ पहुंचाने का काम करें।

श्री रावत ने कहा कि सांसद प्रतिनिधि सुशील राठी क्षेत्र में गांव-गांव जाकर सबकी बात सुनकर क्षेत्र की जनता व उनके बीच संवाद बनाकर प्राथमिकता हर गांव बस्तियों समस्याओं का समाधान कराया जायेगा। श्री रावत ने आगे कहा कि यहां हरिद्वार संसदीय क्षेत्र में जो यह राजीव गांधी सेना के कार्यकर्ता जमीन से जुडक़र काम कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का काम कर रहे हंै वह सब प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी सहित बधाई के पात्र हैं। इसी क्रम में हरीश रावत के सांसद प्रतिनिधि एवं राजीव गांधी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी ने कहा कि यहां कार्यकर्ता सम्मेलन में हरिद्वार संसदीय क्षेत्र व डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के आम जनमानस ने जो उत्साह व मनोबल के साथ हजारो कि संख्या में घरो से निकलकर हरीश रावत का अतिथि सत्कार किया है यह इस बात का प्रतीक है कि लगातार कांग्रेस का जनाधार क्षेत्र में बढ़ रहा है लोगों के दिलो दिमाग में कांग्रेस का नाम ही बसा है।

श्री राठी ने आगे कहा कि आज सम्मेलन के दौरान डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के भाजपा व बीएसपी के नेताओं ने अपनी पार्टियों से नाता तोडक़र हरीश रावत के समक्ष कांग्रेस में विधिवत रूप से सदस्यता ली और अपने साथियों सहित कांग्रेस में शामिल हो गये जिनको हरीश रावत ने फूल मलाएं पहनाकर कांग्रेस में आने पर सबका स्वागत किया जिसके चलते कार्यकर्ताओं का मनोबल बुलंद हुआ है। इसी क्रम में प्रदेश संयोजक महिला मधु थापा ने कहा कि कांगे्रस पार्टी में ही सबका सम्मान होता है, महिलाओं को राजनैतिक व सामाजिक क्षेत्रों में कांग्रेस ने ही आगे बढ़ाया है।  कांग्रेस की ही देन है कि देश सेवा में भी महिलाओं आगे बढ़ रही हैं और डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में लोगों का हितो कि रक्षा के लिए कांग्रेस का कार्यकर्ता ही आगे आ रहा है और विकास कार्य भी कांगे्रस ही करा रही है। सम्मेलन में क्षेत्र के गरीब असहायक लोगों को कम्बल भी वितरीत किए गए। कार्यकर्ता सम्मेलन को मुख्य रूप से विकास चौहान, अमित राठी, चिरंजी लाल, वीरेंद्र तेजेश्वर, राजेश्वरी देवी, नीरज कुमार, एडवोकेट एसएस राना, सरजीत सिंह आदि शामिल थे।
 

बिजली कर्मचारियों का विभाग के खिलाफ धरना

देहरादून। उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर विद्युत वितरण खंड कार्यालय में धरना दिया। कर्मचारियों का आरोप था कि अधीक्षण अभियंता द्वारा द्विपक्षीय वार्ता के लिए समय दिए जाने के बावजूद वार्ता नहीं की गई। कर्मचारियों ने विद्युत वितरण मंडल प्रशासन पर संगठन को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
 

बिजली कर्मचारी सोमवार को संघ के अध्यक्ष बीएस कुमई के नेतृत्व में ईसी रोड स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय में एकत्रित हुए और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए धरना दिया। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि 33 केवी सब स्टेशनों में ब्रेकरों का मानक के अनुसार मरम्मत कार्य किया जाए। 11 केवी की विद्युत लाइनों की टीपीएमओ सही कराई जाए। आवासीय कॉलोनियों एंव विद्युत उपग्रहों का सिविल कार्य कराया जाए, खंंड कार्यालय की बिल्डिंग निर्माण के लिए धन की स्वीकृति के बाद भी निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पाया, निर्माण कार्य शीघ्र शुरु कराया जाए। कर्मचारियों के छठे वेतनमान निर्धारण खंडों से बनाकर भेजा जाए।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण समय पर पूरे नहीं किए जा रहे हैं। अवर अभियंता के रिक्त पदों को कर्मचारियों की पदोन्नति से भरा जाए। रामपुर डांडा, हरिपुर कला एवं लालतप्पड़ और उत्तरकाशी खंड अंतर्गत नवनिर्मित 33 केवी के सबस्टेशनों की आवासीय कालोनी में चहारदीवारी का निर्माण किया जाए। विभिन्न खंडों के अंतर्गत कार्यभार अनुसार कार्यालयों एवं लाइनों पर कार्य करने के लिए योग्यतानुसार संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। संविदा भर्ती में श्रमिकों से 33 केवी व 11 केवी लाइनों एवं ट्रांसफारमर के मरम्मत कार्य कराए जाएं। कर्मचारियों के पदों एवं प्रमाणपत्रों को कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में अंकित करने के आदेश खंड कार्यालयों को दिए जाएं।

सेवा पुस्तिकाएं मेंटेन न होने के कारण कर्मचारियों को पदोन्नति और वार्षिक वेतन वृद्घि व अन्य लाभों से वंचित रहना पड़ता हैै। ठेकेदार द्वारा कार्यों को अनुबंध के अनुसार पूरा न करने के बावजूद एमबी की जा रही हैं और भुगतान भी किया जा रहा है, इससे निगम को राजस्व हानि उठानी पड़ रही है। लाइनमैनों को जो टी एडं पी दी गई वह व्यवहारिक नहीं है। कर्मचारियों का कहना था कि मांगों के संबंध में अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल ग्रामीण द्वारा संगठन के पदाधिकारियों को वार्ता का न्योता दिया गया था लेकिन जब वार्ता के लिए गए तो वहां अधीक्षण अभियंता नहीं मिले। कर्मचारियों का कहना था कि अधीक्षण अभियंता द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा है। कर्मचारियों द्वारा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। धरना देने वालों में संघ के सचिव डीएस नौडियाल, रमेश गुन्ता, जगेंद्र सिंह ज्याड़ा, प्रदीप कंसल, बीएस गुसाईं, संजय कुमार, वीरेंद्र, आरसी शर्मा, प्रदीप डिमरी, पीएस राणा आदि मौजूद रहे।
 

नदियों को जोडऩे की प्रक्रिया को तेज करने का आह्वान

हरिद्वार। केन्द्रीय जल संसाध्र मंत्राी हरीश रावत ने डामकोठी में जानकारी देते हुए बताया नदियों को जोडऩे की प्रक्रिया को तेज किया जायेगा। उन्होंने कहा महत्वपूर्ण नदियों को जोडऩे का कार्य किया जा रहा है। सरकार इस ओर प्रयासरत हैं। नदियों को शुरूआती चरण में जोडऩे के लिये 4 छोटे लघु प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जिन क्षेत्राों में नदियों का आभाव व पानी की समस्या है।

उस कमी को भी परियोजनाओं द्वारा पूरा किया जायेगा। जल संचय करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होनें बताया भूगर्भ जल संचय को बढ़ाने के प्रयास तेज किये जा रहे हैं। ताकि देश के अन्दर जल अभाव की कमी को दूर किया जा सके। आवश्यकता है बरसाती जल को संचय कर उसको बचाये व जिन क्षेत्राों में जल की कमी है उन क्षेत्राों में जल की पूर्ति हो सके। आने वाले लोक सभा चुनाव 2०14 के बारे में जानकारी देते हुए उन्होनें बताया राजनाथ सिंह की ताजपोशी भाजपा के काम नहीं आने वाली है। भ्रष्टाचार के मुद्दों को बचाने के लिये भाजपा ताजपोशी में लगी हुई है।

उन्होंने कहा राहुल गांध्ी को उपायक्ष बनाना कांग्रेस के लिये संजीवनी साबित होगा। यूथ के लिये वह आईकन साबित होगें। युवा वर्ग कांग्रेस की ओर खींचेगा साथ ही महिला सशक्तिगतकरण की पैरोकार कर रही यूपीए अयक्ष श्रीमती सोनिया गांध्ी कांग्रेस को महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ महिलाओं को बल देने का काम कर रही है। महिलाओं का रूझान भी कांग्रेस की ओर ही बढ़ रहा है। 2०14 के चुनाव में कांग्रेस ही अपना परचम लहरायेगी। कांग्रेस भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रयास कर रही है। लोगों का विश्वास और ज्यादा कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है। उपस्थित लोगों ने राव अपफाक अली, राम विशाल देव, ठाकुर रतन सिंह, धर्मेन्द्र प्रधन, संदीप गौड़, गुलबहार खान आदि उपस्थित थे।
 

बैंको को दिये लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश

उत्तरकाशी। प्रभारी जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला परामशर््ादात्री एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक में सभी बैंकर्स को कहा कि वर्ष २०१२-१३ की वार्षिक ऋण योजना में जो लक्ष्य निर्धारित है उसे समय सीमा के अन्तर्गत हासिल करें। भारतीय रिर्जव बैंक के मानकों के अनुसार इस त्रैमास दिसंबर तक जो लक्ष्य निर्धारित था उसके अनुरूप किसी भी बैंकर्स ने लक्ष्य हासिल नही किया है।

इसमें तेजी लाने के निर्देश उनके द्वारा दिये गये। उन्होंने बैकर्स को कहा है कि गंभीरता से कार्य करें और प्रगति में सुधार लायें। उन्होंने सचेत किया कि इस वित्तिय वर्ष के मात्र दो माह शेष रह गये हैं और अब तक जितने लक्ष्यों से पीछे रह गये है उसे हासिल कर शतप्रतिशत लाभार्थियों को वित्त पोषित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं में लाभार्थियों को समय से वित्त पोषित किये जाने पर ही ऋण जमा अनुपात का लक्ष्य निर्धारित होता है, यदि इसमें बड़ी कार्य कुशलता और ईमानदारी से कार्य किया जाता है तो निश्चिित रूप से समयान्तर्गत लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

बैठक में अग्रणी जिला प्रबन्धक आर० के० पंत ने बताया कि वर्ष २०१२-१३ में वार्षिक ऋण लक्ष्य १२० करोड़ के सापेक्ष बैकों द्वारा दिसम्बर तक ७६.४१ करोड़ रुपये वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि जनपद में आयी दैवीय आपदा के कारण ऋण वितरण में रूकावट आयी है जिसके कारण भारतीय रिर्जव बैंक के मानक के अनुरुप लक्ष्य हासिल नही हो पाया। उन्होंने बताया कि वार्षिक ऋण योजना में स्टटे बैंक आफ पटियाला तथा जिला सहकारी बैंक का योगदान सराहनीय रहा है। इस मौके पर  परियोजना निदेशक डीआरडीए एस.एस.चौहान, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा. दिनेश चन्द्र बडोनी, सिहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक उपस्थित थे।
 

चुक्खुवाला क्षेत्र की सडक़ों के कार्यों का शुभारम्भ

देहरादून। क्षेत्र की कोई भी सडक़ क्षतिग्रस्त नहीं मिलेगी । राजपुर रोड़ क्षेत्र के विधायक राजकुमार चुक्खुवाला में सीसी सडक़ जो कि विधायक निधि से बनाई जा रही है कार्य के शुभारम्भ अवसर पर क्षेत्र की जनता को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगभग 5 लाख की सडक़ों के कार्य का उद्घाटन हो गया है और जल्दी ही क्षेत्र की बाकी सडक़ों के निर्माण के कार्य का शुभारम्भ भी किया जाएगा । और इसके साथ ही अन्य स्थानों पर भी काम शुरू होंगे । विकास कार्यों में धन की कमी नहीं होगी । क्षेत्र की सभी समस्याओं का निदान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है । अब क्षेत्र की बाकी सडक़ों को बनाने का कार्य षुरू किया जा रहा है । इस मौके पर अर्जुन सोनकर, विजयकांत थपलियाल, आशीष चौहान, बडोला जी, अशोक डोबरियाल, आषु रतुड़ी, प्रकाश नेगी, राहुल रावत, मोनू कपूर, राजू बिष्ट, भजन सिंह खत्री आदि उपस्थित थे ।
 

लम्बित वादों को निस्तारण के निर्देश

देहरादून। अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तराखण्ड सुभाष कुमार की अध्यक्षता में भण्डारी बांग में स्थित नल कूप खण्ड कार्यालय के सभाकक्ष में जनपद के राजस्व विभाग के सभी न्यायालयों में लम्बित वादों के सम्बन्ध में अपर जिलाधिकारी प्रशासन व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा सभी उप जिलाधिकारियों तथा तहसीलदारों के साथ बैठक आहूत की गई तथा लम्बित वादों को निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियोंं को दिये।
 

बैठक में राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष द्वारा सभी न्यायालयों के मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिये है कि उनके न्यायालय में जो 15 से 2० वर्षो से लम्बित राजस्व वाद है उनकी  न्यायालयवार 1०-1० पुराने वादों की सूची तैयार कर उन्हे 1 फरवरी तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाय तथा सभी मजिस्ट्रेट अपने अपने न्यायालयों से सम्बन्धित पुराने वादों को प्राथमिकता के साथ निस्तारण कराना सुनिश्चित करें ताकि  आम जन मानस को किसी प्रकार से कोई परेशानी न हो। उन्होने यह भी निर्देश दिये है कि जो भी सूचना उन्हे उपलब्ध कराई जानी है उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रारूप पर ही  प्रेषित किया जाय जिसमें यह भी सुनिश्चित किया जाय कि किस न्यायालय में वाद कब से कब का लम्बित है तथा किस अधिकारी के समय से लम्बित है।
 

उन्होने सभी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये है कि माह फरवरी 2०13 से सभी उप जिलाधिकारी यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगें कि ग्राम सभा में अनाधिकृत रूप से कब्जा किये जा रहे भूमि का लेखपाल द्वारा निरीक्ष किया जाय तथा उनसे यह भी प्रमाण पत्र लिया जाय की उनके क्षेत्र में कितनी भूमि बंजर है तथा कही कोई अनाधिकृत रूप से कोई कब्जा तो नही कर रहा है इसकी सूचना हर माह को तहसीलदार को प्रेषित करेगा तथा तहसीलदार उप जिलाधिकारी तथा उप जिलाधिकारी जिलाधिकारी को सूचना प्रेषित करेगे तथा जिलाधिकारी द्वारा इसकी सूचना से उन्हे अवगत कराया जायेगा। बैठक में उन्होने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदरों को निर्देश दिये है कि वे हर माह में ग्राम सभाओं में जाकर वहां की खतौनी को ग्राम वासियों के बीच पढेगें तथा किसी व्यक्ति की मृत्यु होने  पर उसकी खतौनी में दर्ज भूमि उनके पुत्रों के नाम दर्ज हो जानी चाहिए तथा किसी प्रकार की गडबडी के लिए उसकी समीक्षा कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होने यह भी निर्देेश दिये है गांव में संचालित योजनाओं की भी समीक्षा करें कि गांव में बिजली, पानी, सडक, स्वास्थ्य, खाद्ययान, की क्या स्थिति है उसकी भी समीक्षा कर उसकी समस्या से अवगत करायें।
 

बैठक में  उन्होने न्यायालयवार राजस्व वादों की समीक्षा की जिसमें जनपद देहरादून के विभिन्न न्यायालयों में कुल दायर वादों की संख्या 153०9 है जिसमें लम्बित वादोंं की संख्या 11916 है तथा माह में दायर वादों की संख्या 3393 है तथा निस्तारित वादों की सख्या 521० है तथा विभिन्न न्यायालयों में अवशेष वादों की संख्या 1००99 है। उन्होने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये है की उनके न्यायालयों में लम्बित वादों को त्वरित गति से निस्तारण करना सुनिश्चित करे तथा जिन न्यायालयों में ज्यादा वाद है उन्हे दूसरे न्यायालय में हस्तान्तरित करना सुनिश्चित करेें। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अर्चना गहरवार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व झरना कमठान,उप जिलाधिकारी सदर गिरीश चन्द्र गुणवन्त, अपर नगर मजिस्ट्रेट दीपेन्द्र सिंह नेगी, एमडीएम मसूरी एनएस डांगी, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश रामजी शरण,उप जिलाधिकारी विकासनगर अशोक कुमार पाण्डेय, उप जिलाधिकारी चकराता मोहन सिंह बर्निया, जहसीलदार सदर संगीता कन्नौजिया, तहसीलदार विकासनगर हरी गिरी सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।
 

राज्यपाल ने रेडक्रॉस के सदस्यों से प्रभावी भूमिका निभाने को कहा

 देहरादून। उत्तराखण्ड के राज्यपाल डॉ० अज़ीज़ कुरैशी ने प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में रेडक्रॉस के सदस्यों से प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वाहन किया है। उन्होंने  कहा कि राज्य स्तर पर ऐसा नेटवर्क तैयार किया जाए ताकि आम आदमी को जरूरत पडऩे पर तुरंत एम्बुलेंस सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में जहां पर स्वास्थ सुविधायें उपलब्ध नहीं हैं वहां की आबादी को कैसे यह सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए समेकित प्रयासों की उन्होंने आवश्यकता बतायी। उन्होंने कहा कि सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता से पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
 

राजभवन में भारतीय रेड क्रॉस समिति उत्तराखण्ड की आम सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो इसके लिए आजीवन सदस्यता के लिए अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस में 1०० लोगों को उनके द्वारा भी सदस्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है इसमें भी रेडक्रॉस के सदस्य अपना योगदान दें क्योंकि हमारा उद्देश्य जनसेवा है। उन्होंने जिला अधिकारियों से जनपदों में रेडक्रास के कार्यक्रमों को और बेहतर ढंग से संचालित करने की अपेक्षा के साथ ही सभी विद्यालयों में हेल्थ कैम्प आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को भारतीय रेड क्रॉस समिति राज्य शाखा उत्तराखण्ड का उपाध्यक्ष नामित करने एवं जिलाधिकारी देहरादून के इस सुझाव पर सहमति प्रदान की कि जन औषधि केन्द्रों का संचालन रेडक्रॉस समिति के माध्यम से किया जाए।
 

उत्तराखण्ड  रेडक्रास सोसायटी के महासचिव (अवै०) डा० आई$एस$पाल ने बैठक में विगत 26 नवंबर को सम्पन्न हुई आम सभा की बैठक के कार्यवृत्त एवं उनकी अनुपालन आख्या की पुष्टि के साथ ही वर्ष 2०11-12 मेें जनपदीय शाखाओं द्वारा किये गये कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया। राज्य के सभी 13 जनपदों में गठित भारतीय रेडक्रास जनपदीय समितियों एवं राज्य शाखा द्वारा अब तक किये गये कार्यों तथा भविष्य के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। रेडक्रास सोसाइटी की जनपदीय समितियों तथा राज्य शाखा द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों में 31 दिसम्बर, 2०12 तक हुये वास्तविक व्यय तथा ०1 जनवरी, 2०13 से 31 मार्च 2०13 तक अनुमानित आय-व्यय के प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किये गये। बैठक में चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा कई सुझाव भी दिेय गये। आम सभा की इस बैठक में प्रमुख सचिव राज्यपाल अशोक, अपर सचिव राज्यपाल डी० सेन्थिल पाण्डियन, निदेशक विद्यालयी शिक्षा चन्द्र सिंह ग्वाल सहित विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी व रेडक्रास समिति के सदस्य आदि उपस्थित थे।
भारतीय रेडक्रास प्रबन्धन समिति उत्तराखण्ड के अध्यक्ष रणजीत सिंह वर्मा द्वारा राज्यपाल सहित बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।
 

मुख्यमंत्री ने किया मेगा इण्डस्ट्रियल पॉलिसी पर विचार विमर्श

देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सोमवार को उत्तराखण्ड निवास में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित मेगा इण्डस्ट्रियल पॉलिसी पर विचार विमर्श किया। बैठक में सी०आई०आई०, पी०एच०डी० चैम्बर ऑफ कामर्स, टाटा समूह, हीरो मोटर्स, डाबर आदि औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव आलोक कुमार जैन, मुख्य स्थानिक आयुक्त एस०के० मुटटू औद्योगिक विकास आयुक्त राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री डी०के० कोटिया, अपर विनिवेश आयुक्त एस०डी० शर्मा भी उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि सरकार नई उद्योग नीति लाने से पूर्व उद्योग जगत के लोगों के साथ विचार विर्मष कर रही है। नई औद्योगिक नीति लाने का उद्देष्य प्रदेष मे स्थापित उद्योगो को मजबूत करने के साथ ही नये उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में औद्योगिक निवेष के लिये बेहद उपयुक्त वातावरण है। राज्य में अच्छी कानून व्यवस्था है। सरकार ने नये उद्यमियों के लिये सिंगल विण्डो सिस्टम भी लागू कर दिया है। प्रत्येक नये प्रोजेक्ट के लिये एक विषेश नोडल ऑफिसर की तैनाती की जायेगी।
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिये राज्य में बेहतर परिवहन सेवाएं और सडक़ एवं वायुमार्ग कनेक्टिविटी स्थापित की जा रही है। एक समग्र नीति के साथ ही उद्योगों को उनकी विषेश आवष्यकताओं के अनुरूप भी मदद दी जायेगी।उत्तराखण्ड में उद्योगों के लिये आवष्यक कुषल मानव संसाधन भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिडक़ी सुगमता और अनुज्ञापन विधेयक (सिंगल विण्डो सिस्टम) लागू कर दिया गया है। सितारगंज में सिडकुल फेज-2 को षुरू किया गया है। पंतनगर के निकट सिडकुल और कॉनकोर द्वारा लाजिस्टिक हब बनाया जा रहा है। सूक्ष्म एवं लघु उद्योग के लिये अलग से विभाग बनाया गया है। केन्द्र सरकार की सहायता से राज्य में टैक्सटाइल पार्क, स्पाईस पार्क और टूल रूम स्थापित किया जा रहा है।
 

मुख्यमंत्री के साथ बैठक में उद्यमियों ने खुलकर अपने विचार, सुझाव एवं मांगे रखी। उद्यमियों द्वारा भूमि उपलब्धता, बिजली की निर्वाध आपूर्ति, मजदूरों एवं कार्मिकों के लिये आवासीय व्यवस्था ्क्ररों में छूट आदि विभिन्न विशयों पर जिज्ञासा व्यक्त की गई, जिसका जवाब उपस्थित अधिकारियों द्वारा दिया गया।उद्यमियों द्वारा विनिर्माण, आटोमोबाइल, फार्मा के साथ ही स्वास्थ्य-पर्यटन  और आयुर्वेदिक दवाईयों तथा जड़ी बूटी क्षेत्र मे विषेश रूचि व्यक्त की गई।
 

पुलिस विवेचना में गुणात्मक सुधार के लिए कार्यशाला का आयोजन

देहरादून। सत्यव्रत पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा पुलिस के निरीक्षक/उपनिरीक्षकों हेतु ’’विवेचना में गुणात्मक सुधार’’ विषय पर  दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का अभिसूचना मुख्यालय, देहरादून के ऑडिटोरियम में उद्घाटन किया गया जिसमें जनपद/ईकाईयों से 9० निरीक्षक/उपनिरीक्षक सम्मिलित है। हाकिम राय, सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिथि व्याख्यानदाता हैं।
 

डीजीपी सत्यव्रत ने इस अवसर पर कहा कि राज्य पुलिस में विवेचना का स्तर अच्छा होगा परन्तु कुछ अभियोगों से सम्बन्धित पत्रावलियों का अवलोकन करने पर ज्ञात हुआ कि विवेचकों द्वारा विवेचना के दोरान कई मूल भूत बातों का पालन नही किया जा रहा है जिससे न्यायालय में अभियोगों में अपराधियों को लाभ मिल जाता है। इसके अतिरिक्त कुछ माननीय न्यायाधीशों व अभियोजन अधिकारीयों द्वारा भी मुझे बताया गया कि राज्य में विवेचना का स्तर बहुत अच्छा नही है। इस कारण मैने राज्य पुलिस के निरीक्षको/उपनिरीक्षको के लिए इस कार्यशाला को कराये जाने का निर्णय लिया इस कार्यशाला के माध्यम से विवेचना करने के तरीकों, साक्ष्य संकलन, अधिनियमों के पालन आदि के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की जायेगी।

साथ ही साथ इस कार्यशाला में सम्मिलित होने वाले सभी निरीक्षको/उपनिरीक्षकों का एक डाटा बैंक भी बनाया जायेगा तथा भविष्य में उनके द्वारा की गई विवेचनाओं की गुणवत्ता का आकलन भी किया जायेगा जिससे हमे यह पता लगेगा कि इस प्रकार की कार्यशाला के आयोजन से विवेचकों को कितना लाभ हुआ है। उन्होने कहा कि विवेचकों का कार्य केवल विवेचना तक ही सीमित नही है बल्कि अभियोगों की पैरवी भी इसी का एक अंग है। उन्होने कहा कि 3० जनवरी को को राज्य के 5० पुलिस उपाधीक्षकों को भी इस कार्यशाला में बुलाया जा रहा है जिसमें उन्हे विवेचको के कार्यो का पर्यवेक्षण करने के सम्बन्ध में अवगत कराया जायेगा। जिससे वे अपने अधीनस्थ विवेचकों का सही प्रकार से मार्गदर्शन कर सके। उन्होने इस कार्यशाला में व्याख्यान देने के लिए सहमति प्रदान करने के लिए हाकिम राय का भी धन्यवाद किया।
 

वही हाकिम राय ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से विवेचकों को पुलिस विवेचना के दौरान आने वाली चुनौतियों, विवेचना के सिद्घांत एवं वैधानिक उपबन्धों, साक्ष्य संकलन, साक्ष्य संकलन के वैज्ञानिक तरीकों, अभियुक्तों से पूछताछ, विवेचकों द्वारा विवेचना के दौरान होने वाली कमियो, अभियुक्तो की जमानत का विरोध, रिमाण्ड, सीआरपीसी, पुलिस रेग्यूलेशन, साक्ष्य अधिनियम के उपबन्धों के सम्बन्ध मेंं विस्तृत रूप से अवगत कराया जायेगा। उन्होने कहा कि अच्छी विवेचना होने पर न्यायालय में अपराधियों को सफलता पूर्वक दण्डित कराया जा सकता है जिससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलती है।
उक्त अवसर पर अनिल के० रतूडी अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना/सुरक्षा, रामसिंह मीना, पुलिस महानिरीक्षक अ० एवं का० व्यवस्था, दीपम सेठ, पुलिस महानिरीक्षक पीएसी, संजय गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक देहरादून परिक्षेत्र, पुष्पक ज्योति, पुलिस अधीक्षक सुरक्षा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विम्मी सचदेवा पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था द्वारा किया गया।
 

गुस्साएं लोगो ने महाप्रबंधक का किया घेराव

ऋषिकेश। आए दिन बिजली कटौती से गुस्साए आईडीपीएल कालोनी वासियो ने फैक्ट्री के महाप्रबंधक के निवास पर घेराव किया। आक्रोशित लोगो ने कहा कि बच्चो की परीक्षाएं करीब है। वहीं विद्युत कटोैती से आए दिन पठन पाठन प्रभावित हो रहा हेै। आईडीपीएल मे बिजली गुल होने से कालोनी वासियो में गुस्सा भडक गया।

आईडीपीएल इंटर कालेज के पास एकत्रित हुए लोग जुलूस की शक्ल मे फैक्ट्री महाप्रबंधक के आवास पर आ धमके। उन्होने बिजली कटौती पर आक्रोश जताया। कहा  कि बच्चो की परीक्षाएं नजदीक हैं ऐसे मे कटोती के चलते बच्चो का पठन पाठन प्रभावित हो रहा हैे। लोगो ने कालोनी की दूसरी मंजिल के खाली आवास को नीचे रहने वालेा को आवंटित करने की मांग उठाई। महाप्रबंधक जीएस बेदी ने उचित कार्यवाही का आश्वासन देकर लोगो को शंात कियां प्रदर्शन मे रमेश चंद शर्मा, वायुराज ,पुनीत कुमार, एके मजूमदार, सुनील कुटलेहेडिया, बीना चौधरी, किशन शर्मा, गुडडू आदि शािमल थे।
 

नन्दी के बयान की निन्दा

ऋषिकेश। वाल्मीकि युवा शक्तिदल की बैठक मे जयपुर मे आयोजित साहित्य सम्मेलन के दौरान समाजशास्त्री आशीष नन्दी के भ्रष्टाचार विषय पर दिये बयान की निन्दा की गयी जिसमे कहा गया कि देश मे व्यान्त भ्रष्टाचार के लिए दलित व पिछडे समाज को दोषी ठहराया गया जबकि यह समाज आज तक उपेक्षित रहा हैे और आज भी देश की अर्थव्यवस्था , राजनैतिक व्यवस्था का केन्द्र बिन्दु तक नहीं बन सका है तो फिर आर्थिक व राजनैतिक भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार कैसे हो सकता है।

बा0पु0शद के अध्यक्ष जोगेन्द्र द्रविड़ ने कहा कि उक्त समाजशास्त्री आशीष नन्दी का यह बयान निराधार एवं दलित व पिछडा समाज के प्रति उनकी द्वेष भावना का द्यौतक है जिसके लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए। बैठक मे संजय बाल्मीकि , अशोक ढींगरा, रणवीर ,राजू कालरा, आनन्द सौदाई ,राजेश कालरा ,राकेश पारछा  आदि उपस्थित थे।

 

राजमिस्त्री व मजदूर सडक़ो पर उतरे

कोटद्वार। क्षेत्र की नदियों को खनन के लिए खोलने की मांग को लेकर भवन निर्माण व्यवसाय से जुड़े राजमिस्त्री व स्थानीय मजदूर सोमवार को सडक़ों पर उतर आए। रेत बजरी व्यवसायी व मजदूर संगठन के बैनर तले उन्होंने सोमवार को तहसील में प्रदर्शन किया। साथ ही इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई न होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
 

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र रेत-बजरी व्यवसायी, भवन निर्माण व्यवसाय से जुड़े स्थानीय मजदूर व राज मिस्त्री जुलूस लेकर तहसील परिसर में पहुंचे। वहां उन्होंने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर हुई सभा में वक्ताओं ने स्थानीय नदियों को खनन के लिए न खोलने की नीति पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षो से स्थानीय नदियों को खोलने की मांग करते आ रहे है, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी जायज मांग सुनने को तैयार नहीं। जिससे खनन व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों सहित सैकड़ों मजदूरों के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है।

संगठन की ओर से उपजिलाधिकारी अनिल गब्र्याल के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में दो सप्ताह में एक सूत्रीय मांग को लेकर उचित कार्रवाई न होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष भाष्कर बड़थ्वाल, प्रमोद डोबरियाल, नरेश कुमार, रामगोपाल, महेंद्र पाल प्रजापति, अशोक कुमार, संतोष, महाराज आदि ने शिरकत की। उधर, राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस की स्थानीय शाखा की बैठक में रेत बजरी व्यापारियों की मांग को जायज बताते उनके आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया। दूसरी ओर, पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने भी आंदोलन का समर्थन करते प्रदेश सरकार से नदियों को तत्काल चुगान के लिए खोलने की मांग की।
 

सिंगल इनसीजन लैप्रोस्कोपी सर्जरी से लैस होगा बेस अस्पताल

श्रीनगर गढ़वाल। लैप्रोस्कोपी सर्जरी (दूरबीन विधि) की अत्याधुनिक तकनीक सिंगल इनसीजन लैप्रोस्कोपी सर्जरी (सिल्स) से अब बेस अस्पताल भी लैस हो गया। बेस अस्पताल में पहली बार इस नई तकनीकी से सर्जन डॉ. अभय कुमार ने अब तक अपेंडिक्स के आठ और हर्निया के दो ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर लिए हैं। इसके साथ ही बेस उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में इस तकनीक को अपनाने वाला पहला अस्पताल बन गया है।
 

लैप्रोस्कोपी सर्जरी (दूरबीन विधि) से किए जाने वाले ऑपरेशन में सामान्यत: रोगी के पेट में दूरबीन और अन्य उपकरणों को ले जाने के लिए तीन से चार छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जबकि सिंगल इनसीजन लैप्रोस्कोपी सर्जरी (सिल्स) में दूरबीन और उपकरण के लिए रोगी के पेट में ले जाने के लिए एक ही छोटा चीरा लगाया जाता है। सर्जन डॉ. अभय कुमार ने इस नई तकनीक का सफलतापूर्वक प्रयोग कर रोगियों को राहत दी है। डॉ. अभय का कहना है कि चार की जगह एक ही चीरा लगने से मरीज को दर्द बहुत कम महसूस होता है। चीरे का चिह्न भी छोटा होता है। विदेशी सिल्स तकनीक उपकरण लगभग दो लाख रुपये का है। डॉ. अभय ने ऑपरेशन के लिए सिल्स लैप्रोस्कोपी के भारतीय मॉडिफिकेशन को उपयोग किया। उनका प्रयास है कि गॉलब्लैडर का ऑपरेशन भी इस नई तकनीक से बेस अस्पताल में शुरू किया जाए।
 

जंगलांे को गंदा करती रेल

देहरादून। सरकार शहर का कचरा तो साफ कर रही है पर जंगलो की अंदेखी कर उसे कचरादान बनाने में लगी है। रेलवे तो इस मामले में सबसे आगे ही निकल गई । रेल कर्मचारी चलती ट्रन से कचरा फेक जंगलो को गंदा कर रहे है , हरीद्वार से देहरादून के बीच रेलगाड़ी की सफाई उस समय की जाती है जब रेलगाड़ी जंगलों से गुजर रही हो , रेलवे सफाई कर्मचारी जंगलो से गुजरते समय वहां पर रेल में मैजूद सभी जैविक , अजैविक कचरा जंगलो में फेक रहे है ,ये सरकार और रेलवे की अंदेखी है या मंजूरी पर जंगलों को इससे नुकशान तो हो ही रहा है।
 

स्कूली छात्रों ने लोनिवि के खिलाफ खोला मोर्चा

पौड़ी गढ़वाल। बस अड्डे की धीमी निर्माण गति को लेकर अब स्कूली छात्रों ने भी लोनिवि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय लोगों के साथ मिलकर स्कूली छात्रों ने लोनिवि के प्रांतीय खंड पर प्रदर्शन कर बस अड्डे का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग की। सोमवार को सरस्वती विद्या मंदिर विकास मार्ग के छात्रों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर निर्माणाधीन बस अड्डे की धीमी गति पर रोष व्यक्त करते लोनिवि प्रांतीय खंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

लोनिवि के अधिशासी अभियंता को सौंपे ज्ञापन में स्थानीय लोगों व स्कूली छात्रों का कहना था कि निर्माण कार्य के दौरान मलबा सडक़ के दोनों ओर गिरने से नालियां बंद हो गई हैं और नालियों का पानी मिट्टी के साथ सडक़ पर बह रहा है इससे छात्रों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ पर पानी व मलबा बहने से दुपहिया वाहन सवार कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि 26 दिसंबर को जिलाधिकारी को समस्या से अवगत कराया गया था इस पर उन्होंने विभाग के अधिकारियों को स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

बावजूद इसके अभी तक विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की। सभाषद संगीता रावत व पूर्व सभाषद धर्मवीर सिंह रावत ने कहा कि यदि लोनिवि ने बस अड्डे का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा नहीं किया और सडक़ पर बह रहे पानी को शीघ्र रोककर मार्ग दुरूस्त नहीं किया तो स्थानीय लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में मनमोहन सिंह राणा, राजीव नेगी, पूर्ण सिंह, दीपक कुकशाल, बसंत रावत, सतीश पोखरियाल, तेजपाल रावत, संदीप कंडवाल, मदन अग्रवाल, वचन सिंह रावत समेत अनेक स्थानीय लोग शामिल थे।
 

छात्रों को नशा परोसने वाला युवक धरा

देहरादून। दून में नशे के कारोबार को हवा दे रहे एक कैमिस्ट को पुलिस ने  रंगे हाथों दबोच लिया। स्कूली छात्रों को नशा बेचने वाला यह व्यक्ति आज भी एक बडी खेप लेकर रायपुर थाना क्षेत्र में पहुंचा था लेकिन इससे पहले कि वह अपने मिशन में कामयाब होता पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके पास से भारी मात्रा में टैबलेट एवं इंजक्सन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
 

हाल के ही दिनों में दून पुलिस ने नशे का कारोबार करने वाले कुछ लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा था लेकिन बावजूद इसके नशे के कारोबायिों की हरकतें कम नहंी हुईं। लगातार स्कूली एवं कालेज के छात्रों को अलग-अलग तरह का नशा उपलब्ध कराने वाले अपने कारोबार को हवा दे रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में रायपुर पुलिस ने एक कैमिस्ट को गिरफ्तार करते हुए इसके पास से भारी मात्रा में नशे की टैबलेट एवं कैप्सूल बरामद किए हैं। रायपुर थाना प्रभारी राजीव रोथाण ने जानकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर एकता विहार तिराहे से एक युवक को गिरफ्तार किया गया।

तलाशी लेने पर इसके पास से ८४० नशे के टैबलेट एवं पचास इंजैक्सन बरामद किए गए। पूछताछ करने पर इसने अपना नाम सुंदरपुर सहारनपुर निवासी महिपाल पुत्र संतोष बताया। थाना प्रभारी श्री रौथाण ने आरएनएस को बताया कि महिपाल की सुंदरपुर सहारपुर में कैमिस्ट की दुकान है और वहीं से वह यह सारा नशे का सामान लेकर दून आता-जाता रहता है। उसके ग्राहकों में छात्रों की संख्या ही अधिक है। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। महिपाल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है।
 

जाम से राजधानीवासी हलकान

देहरादून। जिद पर अड़े पुलिस अफसरों का तुगलकी फरमान सुभाष रोड पर आज से लागू हो गया। इससे किसे लाभ हुआ यह तो शाम होने तक पता नहंी चल पाया है लेकिन हां दिन भर इस नई हिटलरशाही से हजारो वाहन चालक परेशान जरूर नजर आए। दिन भर यहां पुलिस एक दरोगा और हैड कांस्टेबिल अपने पुलिस अधिकारियों की मनमानी को लागू कराते रहे और इस मनमानी में पिसते रहे स्कूली बच्चे, उनके अभिभावक व अन्य लोग।

सचिवालय की ओर से नीचे आने वाले अधिकारी भी पुलिस के इस नए प्रयोग को लेकर अचंभित थे, लेकिन जिला पुलिस का यह नया फार्मूला किसी के भी गले नहीं उतरा। वहीं वाहन स्वामियों ने पुलिस के इस कदम की खुल कर आलोचना भी की। सुभाष रोड का पूरा लोड अब राजपुर रोड और ईसी रोड पर डाल दिया गया है। आज से सुभाष रोड पर बेनी बाजार से कनक चौक तक आने में प्रतिबंध लग गया है। ऐसा किन कारणों से किया गया है यह अब तक रहस्य ही बना हुआ है, क्योंकि इस मार्ग पर कम से कम पुलिस अधिकारी जाम की समस्या का रोना तो नहीं रो सकते। आज से यहां एकल मार्गीय व्यवस्था शुरू कर दी गयी है जिसने दून वासियों को दिन भर रूलाया।

यानी कि अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेने आए लोगों को चंद कदमों की दूरी पर कनक चौक तक नहीं आने दिया गया और इन लोगों को जानवरों की तरह बेनी बाजार की ओर हंाक दिया गया। कुछ लोग अंजाने में अपने वाहनों केा नीचे की ओर ही निकाल ले गए तो यहांं तैनात यातायात दरोगा वाहन चालकों को उनके वाहन सीज करने की धमकी देता रहा। आम तौर पर इस मार्ग पर कभी जाम की समस्या नजर नहीं आती, सिवाए उन चंद क्षणों के जब यहां स्थित सेंट जोजेफ स्कूल की छुट्टी होती है। आज इस वनवे का शिकार बनने वाले लोगों ने तो पुलिस पर यहां तक आरोप लगाए कि स्कूल को छुट्टी के समय सुविधा देने के लिए पुलिस अधिकारियों ने इस स्कूल में पढने वाले अधिकारियों के बच्चों की सहूलियत के लिए पूरी व्यवस्था शुरू की है।

उधर आज सुबह से ही पुलिस यहां मोर्चा तान कर खड़ी हो गयी थी। दैनिक तौर पर इस मार्ग का प्रयोग करने वालीे तुगलकी फरमान से अंजान अपनी दिनचर्या के तहत यहां से गुजरे लेकिन कटु अनुभव लेकर वापस लौटे। उधर अजीबो गरीब फरमान को लेकर आज सचिवालय में भी अफसरों के बीच नाराजनगी बनी रही। यानी कि यदि सचिवालय से यदि कनक चौक पर आना है तो बेनी बाजार से ही जाया जाएगा यानी कि यहां अब लाल बत्ती के सिगनल पर जाम के लिए भी तैयार रहिए। इसके अलावा ईसी रोड से जो वाहन अब तक आसानी से गुजर जाते थे उनका लोड जिला पुलिस ने ईसी रोड एवं राजपुर रोड पर डाल दिया है। यानी हर तरफ से परेशानी ही परेशानी। इसके ठीक विपरीत पूरे शहर में आज जाम की समस्या से वाहन स्ेह्लामी जूझते रहे। न तो जिले के मुखिया एवं और न ही यातायात पुलिस को जाम से जूझते मार्गों की व्यवस्था को ठीक कराने में कोई दिलचस्पी नजर आईं
 

तीन साल से बंद पड़े टिहरी-मदननेगी रोपवे का पुनर्संचालन हुआ

नई टिहरी। बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर के लिये विगत तीन साल से बंद पड़े टिहरी-मदननेगी रोपवे का विधायक विक्रम सिंह नेगी ने गणतंत्र दिवस पर पुनर्सचालन किया। अब इस रोपवे को सिडकुल चलायेगा। बताया गया कि यह रोपवे अनवरत चलेगा जिससे प्रतापनगर, जाखणीधार, ढुगमंदार एंव उत्तरकाशी के गाजणा पट्टी के लोगो को आवागमन मे खासी सुविधा मिलेगी।
  

विदित हो कि बांध प्रभावित क्षेत्र विधानसभा प्रतापनगर के लिये इस रज्जु मार्ग को वर्ष २००६ मे कांग्रेस सरकार ने स्वीकृत किया था। इसके बाद भाजपा सरकार के कार्यकाल मे तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने इसका विधिवत उदघाटन किया था। लेकिन बीच मे कार्यदायी संस्था ने इसके संचालन करने से हाथ पीछ़े खीच लिये थे। इस रोपवे से प्रतापनगर की दूरी करीब ३० किमी कम हो जाती है। विधायक विक्रम सिंह नेगी के प्रयासो से गणतंत्र दिवस को इस रोपवे का दुबारा संचालन शुरू हो गया। इस मौके पर श्री नेगी ने क्षेत्रीय जनता से वादा किया कि अब मदननेगी-टिहरी रोपवे लगातार संचालित होता रहेगा। उन्होने सीएम विजय बहुगुणा सहित प्रभारी हरक सिंह रावत के प्रयासो से यह संभव हो पाया।

इसके बाद रोपवे का जिम्मा सिडकुल को दिया गया है। सिडकुल टिहरी के क्षेत्रीय प्रबंधक गणपति सिंह रावत का कहना है कि बांध प्रभावित क्षेत्रो के विकास कमे लिये उनका विभाग एक कार्य योजना बना रहा है। जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सबके सामने होगें। शुभारंभ के मौके पर कांग्रेस नेता लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, आंनद रावत, खुशीलाल, कुलदीप पंवार, अरंविन्द खरोला, विजय गुनसोला, एनएसयूआई अध्यक्ष लखवीर सिंह  चौहान, अजय पेटेह्लाल, वैभव पंवार, अनूप रतूड़ी, एसओ ऐश्वर्य पाल, अनूप बिष्ट, संजय रावत सहित भारी संख्या मे क्षेत्रीय लोग मौजूद थे।

 

आइडी के आधार पर होगा अल्ट्रासाउंड

हल्द्वानी। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गर्भवतियों के लिए परिचयपत्र की अनिवार्यता अब मुसीबत बनती जा रही है। निजी अस्पतालों से इन्कार करने पर दर्द से कराहती महिला को सरकारी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। संचालकों का तर्क है कि नियमों में बंधकर कार्य करना पड़ेगा तो ऐसी स्थिति होगी। एक महिला ने बताया कि उसके पांच माह का गर्भ है। उसे चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी।
 

वह एक के बाद एक अस्पतालों के अल्ट्रासाउंड सेंटरों में गईं, सभी ने आइडी न होने पर मना कर दिया। फिर वह एसटीएच पहुंची, तो वहां इंतजार करती रहीं, लेकिन नंबर ही नहीं आया। दूसरे दिन जैसे-तैसे अल्ट्रासाउंड कराया। यही हाल अल्मोड़ा से पहुंचीं पार्वती देवी का हुआ। वह जल्दबाजी में आइडी लाना भूल गईं। जबकि उसके परिजन के पास आइडी थी। जनवरी प्रथम सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अल्ट्रासाउंड सेटरों पर शिकंजा कसने के लिए निरीक्षण किया। कमियां निकाली और दूर करने के निर्देश दिए थे। इस पर अब नई समस्या ही पैदा हो गई है।
 

फेज फोर की गणना प्रारंभ

देहरादून। कार्बेट टाईगर रिजर्व में बाघों की संख्या का अनुमान लगाने के लिए फेज फोर की गणना प्रारंभ हो गई है। इसके तहत सीटीआर को 68 बीटों में बांटा गया है। प्रत्येक बीट में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कार्बेट में बीटों में लगे इन कैमरों के माध्यम से बाघों की संख्या का अनुमान लगाया जाएगा।

वन कर्मी प्रतिदिन बाघों के पदचिह्नें को देखकर भी उनकी संख्या का अनुमान लगाएंगे। इंप्रेशन पैड से भी बाघों के पदचिह्न् लिए जाएंगे। बाघों के वास स्थलों का डाटा भी वन कर्मी एकत्र करेंगे। इस कार्य में लगे वन कर्मियों को एक प्रपत्र दिया गया है, जिसे भरकर उनको देना है। उसी आधार पर बाघों की संख्या का भी अनुमान लगाया जा सकेगा। इस कार्य के लिए पहले से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पहले प्रत्येक चार साल में बाघों की गणना राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) कराता रहा है। अब चार साल में बाघों की गणना एनटीसीए तो कराएगा ही, हर साल टाइगर रिजर्व भी अपने क्षेत्र में बाघों की संख्या का आकलन करेगा।
 

वन्यजीवों को जंगल से बाहर निकालने को दिया नमक का लालच

देहरादून। कार्बेट नेशनल पार्क से सटे क्षेत्र में संरक्षित वन्यजीवों को जंगल से बाहर निकालने के लिए उन्हें नमक का लालच दिया जा रही है। रिसॉर्ट संचालक अपने रिसॉटरें के आसपास व कोसी नदी के किनारे नमक की सिल्लियां रख रहे हैं, ताकि नमक चाटने की लालच में वन्यजीव जंगल से खिंचे चले आएं और पर्यटकों को आसानी से वन्यजीवों का दीदार कराया जा सके।
 

कार्बेट नेशनल पार्क से बाहर बने रिसॉटरें में ठहरने वाले पर्यटकों को कार्बेट पार्क फुल होने की दशा में जंगल सफारी की अनुमति नहीं मिल पाती। ऐसे में रिसॉर्ट संचालक आसपास के जंगलों में पर्यटकों को घुमाते हैं। जहां संयोग से ही वन्यजीवों के दीदार पर्यटक कर पाते हैं। यही कारण है कि वन्यजीवों को नमक की लालच दी जा रही है। कोसी नदी के आसपास से पिछले दिनों नमक की दो सिल्लियां स्थानीय वन कर्मियों को मिली थी। मामले की सूचना अधिकारियों को देने के बजाए गश्ती दलों ने नजदीकी रिसॉर्ट संचालकों पर रौब गालिब कर अपना उल्लू सीधा कर लिया।
 

वन्यजीव विशेषज्ञों ने आरएनएस को बताया कि इंसानों की तरह जानवरों को भी शरीर में नमक की पूर्ति करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए जंगल में कई तरह की वनस्पतियां भी हैं और मिट्टी मिश्रित शिलाओं में भी नमक के अंश मिल जाते हैं, जिसे चाट कर वन्यजीव नमक की कमी दूर करते हैं। ऐसे में अगर उन्हें कहीं नमक मिलने लगे तो उस स्थान पर आने का मोह वे नहीं छोड़ पाते।
 

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